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आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर अग्रसर – उन्होंने विश्व में बढ़ाया है भारतवासियों का मान बदलते दौर के भारत में मध्यप्रदेश ने विकास के सभी द्वार खोले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूँ, आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 की भोपाल ग्लोबल इंवेस्टर समिट में किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव, लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का दिल है, देश के सभी अंचलों के लोग यहां बसते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है, मध्यप्रदेश भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिन-दूनी-रात चौगुनी प्रोग्रेस कर रहा है। हेल्थ, टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, गारमेंट्स सहित हर क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधोसंरचना का क्षेत्र हो या अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए लैंड बैंक के मामले में मध्यप्रदेश ने देश के श्रेष्ठतम राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके यात्रा के दौरान लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” और प्रवासी समुदाय के साथ संवाद में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लंदन (यूके) में रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी समुदाय और “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता को दुनिया ने स्वीकारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और उनकी नेतृत्व क्षमता ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। दुनिया के देशों में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की स्वीकार्यता ने भारत और भारतवासियों का गर्व और मान विश्व में बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को प्राप्त मोदी के सशक्त और समर्थ नेतृत्व से भारतवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर डाला प्रकाश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष-2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में कुल 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सभी 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। खनन, टूरिज्म के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं हैं। गारमेंट्स क्षेत्र में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रति माह की दर से इंसेंटिव है, इसी प्रकार आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुविधाएं प्रदान करने और प्रोत्साहन की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है, निवेशक और उद्योग समूह निवेश करें, मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा और हम सब मिलकर देश की प्रगति में सहभागी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की गई, इस क्रम में उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर में कॉन्कलेव आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को फरवरी-2025 में भोपाल में पहली बार होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूं-“आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए”-विकास के मामले में मध्यप्रदेश ने विकास के सारे दरवाजे खोल दिए हैं”। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है कार्यक्रम को लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत और मध्यप्रदेश का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। भारत लंदन में सबसे बड़ा निवेशक है, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी यात्रा सफल और उद्देश्यपूर्ण हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के संस्थापक सदस्य तथा एनआरआई मनीष तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में केवल वहीं के लोग नहीं बसते, बल्कि एमपी एक छोटा भारत है। उन्होंने कहा कि लंदन में मध्यप्रदेश के लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से ही फ्रेंडस ऑफ एमपी का गठन किया। तिवारी ने भोपाल, जबलपुर, कान्हा-किसली सहित प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्यी से परिपूर्ण पर्यटन स्थलों की प्रशंसा की।  

राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन

संविधान के संरक्षक भारत के लोग : राज्यपाल श्री पटेल संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं-  : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन राज्यपाल, संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने संविधान के अंगीकरण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों का आवाहन किया है कि संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं। संकल्प करे कि नागरिक अपने आचरण और व्यवहार से संविधान से प्राप्त अधिकारों और सौंपे गए कर्तव्यों के पालन के लिए जन जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय योगदान देंगे। राज्यपाल श्री पटेल राज्य शासन द्वारा आयोजित संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजनेताओं, अधिकारियों और नागरिकों को हंस ध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में सहभागी जनों को संविधान प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा निर्मित वृत्त चित्र ग्लोरी ऑफ कंस्टीटूशन और प्रदेश के संसदीय कार्य विभाग द्वारा तैयार की गई लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान हम भारतीयों के लिए प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है, जो हम सबका मार्गदर्शक है। संविधान को देश के हर नागरिक ने अंगीकृत किया है, इसलिए संविधान के वास्तविक संरक्षक, हम भारत के लोग ही है। उन्होंने कहा कि संविधान किसी एक का नहीं, बल्कि सभी का संरक्षक है। इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। संविधान, जहॉ एक ओर नागरिकों को सशक्त करता है, वही दूसरी ओर नागरिक भी अपने आचरण, व्यवहार से संविधान का समर्थन और संरक्षण करते है। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक नागरिक समर्पित भाव से संविधान के उद्देश्यों, महत्व को समझे और समुचित पालन के द्वारा संविधान के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन करे। देश के हर वर्ग, हर समुदाय और हर नागरिक का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुपालन के लिए सजग और सक्रिय रहना आवश्यक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने का दिन हम सब भारतीयों के लिए गर्व और विश्वव्यापी मूल्यों की समझ का अवसर और उत्सव है। इस महत्वपूर्ण प्रसंग को “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। जरूरी है कि संविधान निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और आत्म-निर्भर राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए लम्बे संघर्ष और त्याग के बारे में भावी पीढ़ी को परिचित कराया जाए। संविधान दिवस को केवल शासन और राजनैतिक दलों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार के उत्सव के रूप में मनाया जाए। हम सबका दायित्व है कि संविधान के अनुसार जाति, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर भेदभाव किए बिना, एक सशक्त और समावेशी समाज बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के पावन प्रसंग पर भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी महान व्यक्तित्वों का पुण्य स्मरण किया। उन्हंत नमन करते हुए कहा कि उनकी अद्भुत दूरदृष्टि और प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। इसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई दी। संविधान, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमारा संविधान कानूनों का संग्रह नहीं, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है। “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें स्वाधीन जीवन जीने का अधिकार देने के साथ ही स्वतंत्रता की सीमा भी बताई है। श्री देवड़ा कहा कि हम सब सौभाग्यशाली है कि हमारे पास ऐसा संविधान है जो सभी को समानता, स्वतंत्रता और न्याय उपलब्ध कराता है। उन्होंने संविधान के निर्माता विभूतियों डॉ अम्बेडकर के चरणों में नमन करते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों से भावी पीढ़ी को परिचित कराना, हम सबका दायित्व है। 26 नवम्बर संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिय दिन है: मुख्य सचिव श्री जैन मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि भारतीय इतिहास में संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिम दिवस 26 नवंबर का दिन है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं के लगभग 3 वर्षों की कड़ी मेहनत से तैयार संविधान युगीन भावनाओं को प्रतिबिम्बित करने वाला सुदृढ़ जीवंत दस्तावेज है। हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। उन्होंने संविधान सभा के सदस्यों और बाबा साहेब अम्बेडकर का स्मरण करते हुए, उन्हें नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्विलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प-गुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक द्वय श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.सी. गुप्ता मंचासीन थे। विदेश में सीएस ने बताया था भारतीय संविधान का महत्व सीएस अनुराग जैन ने कहा- मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हमारा जीवित लोकतंत्र है उसका एक प्रमुख आधार संविधान है मुझे एक इंटरनेशनल लीडर्स प्रोग्राम में मेरा चयन हुआ था उसमें 25 देश के प्रत्येक ही आए थे और हर देश के प्रतिनिधि को यह बताना था कि आपके देश की सबसे बड़ी ताकत क्या है मैं वहां अपने संविधान की मोटी बात बात कर कहा था कि हमारे देश का लोकतंत्र यदि इतना सुदृढ़ है तो इसका प्रमुख आधार हमारा संविधान है। भारतीय संविधान फ्लेक्सिबल, अब तक 100 संशोधन हो चुके मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- यह संविधान फ्लेक्सिबल है जिसमें 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं। जिसका परिणाम यह है कि बदलते समय के साथ हमारा संविधान कदमताल कर देश की गवर्नेंस व्यवस्था को सुचारु रूप से चला रहा है। हम देखें तो त्रिस्तरीय व्यवस्था 73 में 74 में संशोधन के साथ जमीन पर उतारी गई। जिससे लोगों की जन भागीदारी का प्रतिबिंब बन रहा है। … Read more

मुंबई को हिलाकर रख देने वाले हमले को आज हुए 16 साल, एक हमलावर अजमल कसाब को पड़ा गया था जिंदा

मुंबई  आज से ठीक 16 साल पहले, साल 2008 को मुंबई में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। यह दिन भारत में आतंकवाद के सबसे बड़े हमलों में से एक के रूप में याद किया जाता है, इसे 26/11 के नाम से जानते हैं। इन हमलों ने मुंबई को 59 घंटे तक आतंकित किया और इन 59 घंटे में हुई घटनाओं ने पूरे देश को दहला दिया था। दरअसल, 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान के 10 आतंकवादी समुद्र मार्ग से मुंबई में प्रवेश किये। इन आतंकवादियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई के प्रमुख स्थलों पर हमला करने की योजना बनाई थी। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले इलाकों को अपने निशाने पर रखा था। रात के अंधेरे में यह आतंकवादी नौका के जरिए मुंबई के कोलाबा क्षेत्र के पास ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस में घुस गए थे। आतंकवादियों ने मुंबई में पहले ताज होटल और ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल पर कब्जा किया, जहां उन्होंने होटल के कर्मचारियों और मेहमानों को बंधक बना लिया। इसके बाद, उन्होंने कोलाबा इलाके के सीएसटी रेलवे स्टेशन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें कई निर्दोष मारे गए। इसी दौरान, नरीमन हाउस में भी आतंकवादियों ने घुसकर कई लोगों को बंधक बना लिया। आतंकवादियों के इन हमलों का उद्देश्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर आतंक फैलाना था, आतंकवादी पूरी तरह से प्रशिक्षित थे। वह आम नागरिकों को निशाना बनाने के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को भी अपना शिकार बना रहे थे। इसी बीच, मुंबई पुलिस, एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड), एनसीटीसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ आकर आतंकवादियों से लोहा लेना शुरू किया। हेमंत करकरे, विजय सालस्कर और अशोक कामटे जैसे मुंबई पुलिस के बहादुर जवान इस हमले में शहीद हो गए। एनएसजी की विशेष कमांडो टीम ने होटल्स और अन्य ठिकानों पर हमलावरों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में कुल 9 आतंकवादी मारे गए और एक आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया। कसाब को मुंबई पुलिस ने पकड़ने के बाद अदालत में पेश किया और 2012 में उसे फांसी दी गई। आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 164 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में भारतीय नागरिकों के अलावा कई विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और कड़ा किया। मुंबई हमलों ने देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता का एहसास दिलाया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की और कई आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तब से हर साल 26 नवंबर को मुंबई हमलों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। इस दिन को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की याद में मनाया जाता है और उन बहादुर लोगों की शहादत को सलाम किया जाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर इस हमले को रोकने की कोशिश की।  भारत ने मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान पर क्‍यों नहीं किया था अटैक  मुंबई में साल 2008 में 26 नवंबर को पाकिस्तान के आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लोगों ने हमला किया था। ये लोग समुद्र के रास्ते से आए थे और ताज होटल और छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनल जैसे स्थानों पर हमला किया था। आतंकियों ने मुंबई को दहलाते हुए 175 लोगों को मार डाला था और कम से कम 300 को घायल किया था। सुरक्षाबलों ने अजमल आमिर कसाब को जिंदा पकड़ा था और बाकी आतंकियों को मार गिराया था। कसाब को 2012 में फांसी दे दी गई थी। कसाब की गवाही और खुफिया जानकारी से साफ हो गया था कि हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। कसाब के अलावा जकीउर्रहमान लखवी और हाफिज सईद के इसके पीछे होने की बात सामने आई थी। उस समय काफी बहस के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया था। इस फैसले पर विवाद रहा है और फैसले के विरोधी लोगों ने इसे कमजोरी की तरह देखा है। भारत ने क्यों नहीं किया पाक पर हमला! पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन लश्कर तैयबा या पाकिस्तान पर हमला ना करने के भारत सरकार के उस समय के फैसले के तीन प्रमुख कारण मानते हैं। इसमें सबसे पहला है- अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति। मेनन का कहना है कि हमलों के बाद भारत को वैश्विक सहानुभूति मिली। भारत ने लश्कर-ए-तैयबा खिलाफ सैन्य हमले किए होते तो फिर दुनिया इसे भारत-पाक संघर्ष की एक और कड़ी के रूप में देखती। लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर हमलों में नागरिक भी हताहत होते और भारत की छवि धूमिल होती। मेनन इसकी दूसरी वजह पाकिस्तानी राजनीति को कहते हैं। मेनन के मुताबिक, उस समय पाकिस्तान ने नई नागरिक सरकार चुनी गई थी। आसिफ अली जरदारी के नेतृत्व वाली नई सरकार भारत के साथ बेहतर संबंध चाहती थी। भारत का हमला पाक सेना के पीछे देश को एकजुट करता और नागरिक सरकार कमजोर पड़ जाती। इससे भारत और पाकिस्तान के संबंधों को नुकसान होता। अर्थव्यवस्था पर भी होता असर मेनन का यह भी तर्क है कि लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर सीमित सैन्य हमले का बहुत कम प्रभाव पड़ता। लश्कर के कैंप कोई विशाल इमारते नहीं बल्कि टिन शेड की झोपड़ियां थीं। वह इन्हें आसानी से दोबारा बना लेते लेकिन पाकिस्तान के साथ युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था को पीछे धकेल देता। यही वजह रही कि भारत ने 26/11 के बाद पाकिस्तान पर हमला नहीं किया। मेनन ने ये भी कहा कि कोई भी भारतीय सरकार दोबारा वही विकल्प नहीं चुन सकेगी मुंबई हमले के लिए उस वक्त की विपक्षी पार्टी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ही नहीं कांग्रेस नेता मंत्री मनीष तिवारी ने भी उस फैसले की आलोचना की। तिवारी ने भारत से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लश्कर के शिविरों पर हमले को विचार जाहिर किया। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि इससे भारत को विश्व स्तर पर सहानुभूति नहीं मिलती। पाकिस्तान को संदेश देना जरूरी था मनीष तिवारी का तर्क है कि भारत के हमले से पाकिस्तान और दुनिया दोनों को एक संदेश जाता। वहीं देश में भी हमले से इनकार करके सरकार का आतंक पर नरम रुख … Read more

मंदिर की 100 करोड की सरकारी जमीन कराई मुक्त, ग्वालियर में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

ग्वालियर ग्वालियर शहर के मध्य स्थित तारागंज कोटा लश्कर में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल और अन्य अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस जमीन का निरीक्षण किया था। उन्होंने ट्रस्ट की जमीन पर पाई गई बाउंड्रीवॉल के मामले में प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर, नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल बना ली थी और प्लॉट बेचने की तैयारी कर रहा था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि लोगों को प्लॉट की जालसाजी में फंसने से भी बचा लिया। भू-माफियाओं ने मंदिर की इस जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी. इसी के साथ बड़े गेट लगाकर अपने कब्जे में ले लिया था. प्रशासन को जानकारी मिली थी कि माफिया इस जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने की तैयार कर रहे हैं. जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले की जांच की. इसके बाद ग्वालियर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसको लेकर एसडीएम नरेंद्र यादव के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से बाउंड्री वॉल और गेट को ध्वस्त कर दिया. जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पूरी भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया. आरोप है कि भू-माफिया ने यहां कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रखी थी. इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद थी. कार्रवाई के दौरान जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही भू-माफिया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है. प्रशासन ने इस भूमि को फिर से मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पूरे मामले को लेकर क्या बोले एडीएम? एसडीएम नरेंद्र यादव ने कहा कि ‘तारागंज में राम जानकी मंदिर की 9 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था. यहां कॉलोनी काटने की योजना बनाई जा रही थी. कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया गया है.’ प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई यह जमीन 100 करोड़ रुपये की बताई जा रही है. जिला प्रशासन का यह भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन है. सरकारी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है.

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, एकनाथ शिंदे ने दिया इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच रहे हैं। सीएम शिंदे ने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। इसी बीच शिंदे की एक पोस्ट ने भी चर्चाएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, शिंदे ने अपने समर्थकों से आवास के बाहर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। कहा जा रहा है कि महायुति की जीत के बाद सीएम पद की रेस में सबसे आगे फडणवीस चल रहे हैं। इधर, शिवसेना भी शिंदे का नाम आगे बढ़ा रही है। शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राज्य में एक बार फिर हमारी सरकार बनेगी। हमने एक महागठबंधन के रूप में मिलकर चुनाव लड़ा और हम आज भी साथ हैं।’ उन्होंने अपने समर्थकों से ‘वर्षा’ के बाहर या उनके समर्थन में किसी अन्य स्थान पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘मेरे प्रति प्रेम के कारण कुछ लोगों ने सभी से मुंबई आने और एकत्र होने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी मेरे समर्थन में इस तरह से एकत्र नहीं हो।’ नहीं बनी सहमति 23 नवंबर शनिवार को नतीजों के ऐलान के बाद महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। तब 132 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। वहीं, शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या NCP ने 41 सीटें अपने नाम की थीं। फडणवीस दिल्ली पहुंचे फडणवीस अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के लिए सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। फडणवीस यहां एक होटल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि के विवाह से संबंधित प्रीति भोज में शामिल हुए। फडणवीस के साथ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन की रूपरेखा पर चर्चा के लिए फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।

हिंदू एकता यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री पर हमला, मोबाइल फेंक कर मारा, गाल पर लगी चोट

झांसी एक दिन पहले मध्य प्रदेश से झांसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा मंगलवार को आगे बढ़ी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर यात्रा के दौरान ही किसी ने मोबाइल फेंक दिया. इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. बाबा बागेश्वर पर झांसी में फेंका गया मोबाइल बागेश्वर धाम से शुरू हुई यात्रा: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 160 किलोमीटर लंबी ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा निकाल रहे हैं. 21 नवंबर को यह पदयात्रा बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी, जो 29 नवंबर को मध्य प्रदेश के ओरछा धाम पहुंचेगी. यहां पर यात्रा का समापन हो जाएगा. झांसी में सोमवार को हिंदू एकता यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जुगलबंदी देखने को मिली थी. यात्रा में अभिनेता संजय दत्त शामिल हुए थे. यहां संजय दत्त और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाथ में हाथ मिलाए, कंधे पर हाथ रखकर साथ-साथ चलते दिखाई दिए. झांसी में संजय दत्त के साथ धीरेंद्र शास्त्री. संजय दत्त भी हुए थे शामिल: संजय दत्त ने कहा था कि बाबा मेरे गुरु और छोटे भाई हैं. मैं उनके साथ हमेशा हूं. वो जहां ले चलेंगे मैं उनके साथ जाऊंगा. यहां तक कि ऊपर भी साथ जाऊंगा. इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संभल जामा मस्जिद सर्वे को लेकर कहा कि जो सच है, वो सामने आना चाहिए. ऐसे उपद्रवियों को रोकने के लिए ऐसी यात्राएं होती हैं. झांसी में यात्रा में शामिल हुए खली. शास्त्री बोले- हिंदू सड़क पर, लेकिन पत्थर नहीं फेंक रहे: धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का यूपी में आज दूसरा दिन है. सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा मंगलवार को 17km चलेगी. सुबह 9 बजे धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर अपने लाखों अनुयाइयों के साथ यात्रा शुरू की. यात्रा की शुरुआत राष्ट्र ध्वज फैरा कर राष्ट्रगान के साथ हुई. यात्रा के दौरान झांसी में किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर हमला किया. फेंके मोबाइल को हाथ में लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसने भी फूलों के साथ इसे मुझ पर फेंका है, वह मोबाइल अब मेरे हाथ में है. हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. कहा कि कई राज्यों में तो आगामी समय में गृहयुद्ध से काफी नुकसान होने वाला है. 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा: इस यात्रा से अगर किसी को दर्द हो रहा है तो होने दो. उनकी यात्रा देश के 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा है. जिसमें वह अपने हिन्दू भाइयों को संस्कृति से जोड़ने और सनातन धर्म के साथ चलने का आग्रह करने के लिए सड़क पर निकले हैं. ऐसी यात्राएं नहीं होंगी तो देश में हालत और बिगड़ते जाएंगे और हमारी संस्कृति पर हमला होता रहेगा. बुलडोजर से बरसाए गए फूल: शाम तक यह पद यात्रा झांसी के घुघसी गांव में पहुंचेगी. यहीं वह रात्रि विश्राम रहेगा. सोमवार को बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए थे. बुलडोजर पर सवार होकर लोगों ने फूल बरसाए थे. यात्रा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, द ग्रेट खली ने शामिल होकर हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था.

राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 75 सालों में हमारा देश विश्व बंधु के रूप में उभरा, यह संविधान देश को मेधावी लोगों की देन

नई दिल्ली भारत का संविधान अब आप संस्कृत और मैथिली भाषा में भी पढ़ सकेंगे। संविधान निर्माण के 75 साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार को इन भाषाओं में प्रतियों का विमोचन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मौजूद थीं तो दोनों सदनों के स्पीकर, पीएम नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल गांधी भी थे। संविधान दिवस पर एक विशेष डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया गया है। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यह संविधान देश को मेधावी लोगों की देन है। इसने देश की विविधता को अभिव्यक्ति दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 75 सालों में हमारा देश विश्व बंधु के रूप में उभरा है। आज कृतज्ञ राष्ट्र अपने संविधान निर्माताओं को नमन करता है। हमने इस अवधि में काफी प्रगति की है और अब तो महिला सशक्तीकरण की ओर हम बढ़े हैं। इस दौरान राष्ट्रपति ने महिला सांसदों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जरूरी जनसुविधाओं पर फोकस किया है। हमारे संविधान का यही उद्देश्य है कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका मिलकर सामान्य लोगों के हितों के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हम सभी लोग एक साथ हैं और विविधता में एकता बनी हुई है। इस कार्यक्रम के दौरान पक्ष और विपक्ष एक दिखे। संविधान की मैथिली और संस्कृति प्रतियों के विमोचन के दौरान मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के साथ थे तो वहीं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे विपक्षी नेता भी मौजूद थे। इनके अलावा दोनों सदनों के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर भी मंच पर थे। 75वें संविधान दिवस के अवसर पर खास टिकट और सिक्के भी जारी किए गए। बता दें कि संविधान दिवस के मौके पर सदनों की सामान्य कार्यवाही नहीं हो रही है बल्कि दोनों का संयुक्त सत्र बुलाया गया है। इस मौके पर राष्ट्रपति ने सभी सदस्यों से संविधान की प्रस्तावना भी पढ़वाई।

संभल हिंसा : पुलिस वालों को आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए, हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे

संभल यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई. दर्जन भर से अधिक पुलिसवाले घायल हो गए. कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. हालात ऐसे हो गए कि शहर में इंटरनेट के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश देना पड़ा. फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस तैनात है. पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी हुई है. इस बीच संभल हिंसा मामले में दर्ज की गई पुलिस की एफआईआर से सनसनीखेज खुलासा हुआ है. एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने सोची समझी साजिश के तहत एक राय होकर पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की थी. इतना ही नहीं जान से मारने की नीयत से पुलिस पर गोली चलाई गई. दंगाई पुलिसकर्मी की 9 MM की मैगजीन तक लूट ले गए. पिस्टल छीनने की भी कोशिश हुई. संभल बवाल मामले में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसके मुताबिक, हिंसक भीड़ ने CCTV तोड़ डाला था ताकि उनकी करतूत रिकॉर्ड ना हो सके. भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिसवालों की पिस्टल छीनने की कोशिश की. आखिर में सरकारी 9 MM की मैगजीन लूट ले गए, जिसमें 10 राउंड गोलियां थीं.   जामा मस्जिद का सर्वे एफआईआर के अनुसार, संभल के नखासा चौक पर 150-200 लोगों की भीड़ ने दोपहर 12:35 पर CCTV सबसे पहले कैमरों को तोड़ा. फिर भीड़ ने हॉकी, डंडों और पत्थरों से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से हमला करना शुरू कर दिया. भीड़ में शामिल गुलबदीन, सुल्तान, हसन, मुन्ना पुत्र जब्बार, फैजान, समद आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में अज्ञात भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जान लेने की नीयत से हमला किया, फिर उनकी गाड़ी में आग लगा दी. उक्त भीड़ ने पुलिस की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, जब कामयाब नहीं हुई तो एक पुलिस वाले की पिस्टल की मैगजीन  यानि 10 राउंड कारतूस छीन कर फरार हो गए. इस इलाके में हुए हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. ‘हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे’ संभल हिंसा में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, भीड़ में से चिल्लाकर आवाज आई- ‘हसन, अजीम, सलीम, रिहान, हैदर, वसीम, अयान… इन पुलिस वालों से सारे हथियार कारतूस छीन लो, इनको आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे.’ ये सब बोलते हुए भीड़ पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से लगातार फायरिंग कर रही थी.   ये भीड़ सुबह तकरीबन 8:45 पर जामा मस्जिद की ढलान पर एकत्र हुई थी. जिसमें 800 से 900 लोग थे. भीड़ ने पहले नारेबाजी शुरू की और फिर पत्थरबाजी करने लगी. पुलिस ने बहुत समझाया लेकिन भीड़ नहीं मानी. एफआईआर में लिखा है कि भीड़ ने सब इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, सब इंस्पेक्टर ने पिस्टल नहीं छोड़ी तो पिस्टल की मैगजीन लूट कर भाग गए. इस बीच भीड़ लगातार पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से फायरिंग करती रही. वहीं, सर्वे टीम मस्जिद में फंसी हुई थी, जिसके साथ भीड़ कुछ भी कर सकती थी, इसलिए एक्स्ट्रा फोर्स बुलानी पड़ी. भीड़ ने आंसू गैस के गोले भी लूट ले गई. भीड़ से बोला सुहैल इकबाल- अपने मंसूबे पूरे करो, संभल FIR की डिटेल उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 25 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की हैं, आजतक के पास संभल हिंसा की FIR है. इसमें बड़ा खुलासा किया गया है. FIR में जिक्र है कि समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राजनीतिक लाभ के लिए भीड़ को भड़काया और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा. हिंसा से 2 दिन पहले सांसद बर्क प्रशासन की अनुमति के बिना जामा मस्जिद गए थे. संभल हिंसा की FIR में आरोपी नंबर 1- जियाउर्रहमान बर्क को बनाया गया है, जबकि आरोपी नंबर 2- सुहैल इकबाल को बनाया गया है. इसके साथ ही 700- 800 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था, तभी सुबह 9 बजे 700 से 800 अज्ञात लोगों की भीड़ घातक हथियारों से लैस होकर जामा मस्जिद के सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से आ गई. जियाउर्रहमान बर्क ने भड़काऊ बयानबाजी की FIR में जिक्र है कि 22 नवंबर को जियाउर्रहमान बर्क ने जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान बिना प्रशासन की अनुमति के भीड़ को जुटाया और भड़काऊ बयानबाजी की और राजनीतिक लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भीड़ को उग्र किया गया. सुहैल इकबाल भीड़ से बोले- अपने मंसूबे पूरे करो एफआईआर के मुताबिक 24 नवंबर को सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने आई भीड़ में सुहैल इकबाल मौजूद थे. सुहैल ने भीड़ को ये कहकर उकसाया कि जियाउर्रहमान बर्क हमारे साथ हैं, हम लोग तुम्हारे साथ हैं, कुछ नहीं होने देंगे. अपने मंसूबे पूरे करो, इतना सुनकर भीड़ और उग्र हो गई. उग्र भीड़ ने पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की पुलिस ने भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन उग्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू की और फिर पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की. इतना ही नहीं, पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा, गाड़ियों में आग लगा दी. भीड़ में से एक शख्स ने क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की, जिसमें अनुज के पैर में गोली लगी और वो घायल हो गए. हिंसा के बाद सियासत शुरू बता दें कि संभल में स्थानीय लोगों ने मुगलकालीन मस्जिद के सर्वे का विरोध किया था. स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई थी. हिंसा के एक दिन बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला किया. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर दंगा कराने का आरोप लगाया, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा कर रही है. भाजपा ने … Read more

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएँ से करवाया अवगत

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” घोषित किया है। इस पहल के तहत, द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम, “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025”, फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए, राष्ट्रीय और अंतर्राराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे राज्य में सफल क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों और मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु और कोलकाता सहित देश भर के प्रमुख शहरों में संवादात्मक-सत्रों के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी की छह दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य लोकल लीडर और इन्वेस्टर्स के साथ सहयोग को बढ़ावा देते हुए नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में एक उच्च स्तरीय टीम शामिल है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला शामिल है। पहले दिन लंदन पहुंचने पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के रूप में ब्रिटेन से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करना सौभाग्य की बात है। मैं इस यात्रा को प्रभावशाली बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए उच्चायोग टीम को धन्यवाद देता हूं।” दूसरे दिन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, ब्रिटिश संसद के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और किंग्स क्रॉस जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूके यात्रा ब्रिटिश संसद में एक प्रतिष्ठित स्वागत समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हो रही है, जिसमें मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। भारत (व्यापार और निवेश) पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष बैरोनेस वर्मा ने मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का वेस्टमिंस्टर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के बारे में बैरोनेस वर्मा के साथ उपयोगी चर्चा की। इस यात्रा में ऐतिहासिक संसद भवन का व्यापक दौरा शामिल था, जिसमें हाउस ऑफ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स दोनों में विशेष पहुँच थी। यह संसदीय यात्रा दोनों देशों द्वारा साझा किए गए गहरे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है और व्यापार और निवेश में भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक स्वर स्थापित करती है। ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति व्यापक भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत करने में राज्य स्तरीय कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्टमिंस्टर के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर जाकर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “भारत भर में हमारे रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को जबरदस्त सफलता मिली है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, “मैं” अंतर को पाटने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक सुगम मार्ग बनाने के लिए समर्पित हूं। हम अपने दृष्टिकोण को महात्मा गांधी के सभी के लिए एकता और प्रगति के आदर्शों के साथ जोड़ते हैं।” मध्यप्रदेश सरकार ने एक विशिष्ट दोपहर के भोजन की मेजबानी की, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और स्थिरता के लिए राज्य के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने भारत की नवकरणीय ऊर्जा क्रांति में अपने नेतृत्व पर जोर देते हुए हरित ऊर्जा के लिए मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। व्यापार करने में आसानी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है, जो पर्यटन, कृषि-व्यवसाय और कृषि-तकनीक जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी साझा किया “मध्यप्रदेश भारत के विकास में सबसे आगे है, जो कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के साथ सतत विकास को जोड़ता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर के भोजन के बाद लंदन में किंग्स क्रॉस स्टेशन का दौरा किया, जो एक प्रसिद्ध रेलवे हब है, जो अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और आधुनिक परिवहन के लिए जाना जाता है। हैरी पॉटर फिल्मों से प्लेटफ़ॉर्म 9¾ के रूप में प्रसिद्ध यह स्टेशन लंदन सेंट पैनक्रास और यूरोस्टार सहित प्रमुख मार्गों के लिए एक प्रमुख कनेक्शन बिंदु के रूप में कार्य करता है। वर्ष 1852 में निर्मित, किंग्स क्रॉस एक बड़ा ब्रिटिश रेल्वे सेन्टर है जिसका वर्ष 2012 में रेनोवेशन किया गया है। यह स्मार्ट परिवहन और बिल्डिंग टेक्नोलॉजी का उदाहरण है। यह स्टेशन यूरोप के कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस यात्रा में मध्यप्रदेश के लिए संभावित लाभों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में आधुनिक परिवहन नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए प्रेरणा शामिल है। विविध परिवहन प्रणालियों को एकीकृत करने और वाणिज्यिक केंद्र विकसित करने की भी संभावना है। यह यात्रा किंग्स क्रॉस स्टेशन से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश के लिए उन्नत शहरी विकास रणनीतियों को अपनाने के अवसरों को रेखांकित करती है। यू.के. में भारतीय प्रवासियों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ हुआ संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके में भारतीय प्रवासियों और फ्रेन्डस ऑफ एमपी के साथ संवाद कर मध्यप्रदेश में सतत विकास के लिए निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने “फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाले आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्यप्रदेश में भागीदार देश के रूप में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम को हार्दिक निमंत्रण भी दिया। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो निवेश और नवाचार के लिए राज्य की विशाल क्षमता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों, नीति निर्माताओं, भारतीय प्रवासियों के सदस्यों और भारतीय उच्चायोग को भी आमंत्रित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को ब्रिटिश … Read more

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत विनम्र एवं मिलनसार हैं : लॉर्ड रमिन्दर रेंजर मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है : लॉर्ड कुलवीर रेंजर मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूके यात्रा में ब्रिटिश सांसदों से हुई मुलाकात में उम्मीदों से अधिक प्रतिसाद मिल रहा है। सांसदों ने मध्यप्रदेश को एक उभरता हुआ राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व, विनम्रता और मिलनसारिता की मुक्त कँठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटिश सांसदों, निवेशकों और भारतवंशियों को आमंत्रित किया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रमिन्दर रेंजर ने कहा कि भारत जैसे देश के बड़े राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विनम्रता और मिलनसारिता ने हमें अत्यधिक प्रभावित किया है। उन्होंने हमें मध्यप्रदेश में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में बताया। हमनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि वे जिस प्रोजेक्ट के बारे में कहेंगे, हम उसमें निवेश करेंगे। वर्तमान समय में यूरोप और यूएसए की ग्रोथ की अपेक्षा भारत में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ मौजूद है। भारत में इन्वेस्ट किया गया धन सेफ है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रित देश हैं यहाँ रूल ऑफ लॉ होने के साथ ही हॉर्ट ऑफ गवर्नेंस मौजूद है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आयी प्रशासनिक टीम की भी सराहना की। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के एक अन्य सदस्य लॉर्ड कुलवीर रेंजर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई मुलाकात को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मध्यप्रदेश के भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बेसब्री से इंतजार है। मध्यप्रदेश को उन्होंने लंग्स ऑफ इण्डिया के रूप में और अधिक जानने-समझने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, ईको सिस्टम, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा के साथ ही कृषि और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत अवसर उपलब्ध हैं। लॉर्ड कुलवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से अवगत कराया और हमें यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है।  

सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ का बजट स्वीकृत, 9 अप्रैल से 8 मई तक तीन शाही स्नान और सात पर्व स्नान होंगे

उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 की तैयारी राज्य सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट प्रवधान भी किया गया है। मगर, सिंहस्थ के कार्यों में इससे अधिक व्यय होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत 18 विभागों ने 568 कार्यों का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। इन कार्यों में 15,567 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें नदियों पर घाटों का निर्माण, वहां सुरक्षा व्यवस्था, सड़क, पुल निर्माण, सिंहस्थ मेला क्षेत्र का विकास, परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं, तीन साल से अधिक अवधि के कार्यों को लेकर भी बजट निर्धारित किया जाएगा। केंद्र सरकार से मांगा जाएगा बजट इनमें से अधिकांश कार्यों के लिए केंद्र सरकार से भी बजट मांगा जाएगा। विभागों को केंद्र से सहायता प्राप्त करने के लिए कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इनमें जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। बताते चलें कि भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में हैं। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। भीड़ संभालने के लिए बनेगी कुशल यातायात प्रणाली हर 12 वर्ष में पवित्र शहर उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक विशेष स्थान रखता है। वहीं, सिंहस्थ में दुनिया भर से लगभग 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद की जा रही है। लिहाजा, इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन में एक कुशल यातायात प्रणाली भी बनाई जाएगी। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की वजह से जाम न लगे और लोगों को परेशानी न हो। प्रारंभिक कार्यों की यह परियोजनाएं स्वीकृत     29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का 778.91 करोड़ से निर्माण किया जाएगा और 1,024.95 करोड़ रुपये से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन किया जाएगा।     क्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण से जुड़ी एक सतत जल प्रवाह योजना के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 74.67 करोड़ रुपये से 14 और कान्ह नदी पर 43.51 करोड़ रुपये से 11 प्रस्तावित बैराज बनाए जाएंगे।     198 करोड़ के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन, 16.80 करोड़ की लागत से हाई-प्रेशर स्टेशन की क्षमता वृद्धि और 29.83 करोड़ की लागत से 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा।     4.50 करोड़ 33 केवी लाइन और इंटरकनेक्शन (10 किमी) के निर्माण के लिए अलग रखे गए हैं। 18.36 करोड़ 80 किमी तक फैले समान कार्यों के लिए और 10.08 करोड़ ओंकारेश्वर बजट के तहत भूमिगत केबल कार्य पर व्यय किए जाएंगे।  

एमपी में व्हाइट टॉपिंग तकनीक बनेगी, बढ़ेगी सड़कों की उम्र, चार महीनों के अंदर काम खत्म करने का रखा टारगेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में जल्द ही सड़कें और मजबूत बनेंगी। पीडब्ल्यूडी खराब सड़कों की समस्या से निपटने के लिए व्हाइट टॉपिंग तकनीक अपना रहा है। इस तकनीक से बनी सड़कें ज़्यादा टिकाऊ होती हैं और लंबे समय तक चलती हैं। शुरुआत में 21 जिलों की 41 सड़कों पर इस तकनीक का इस्तेमाल होगा। काम इसी महीने शुरू हो जाएगा और चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बारिश में सड़कों के उखड़ने की समस्या से निजात मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने खराब सड़कों की बढ़ती शिकायतों के बाद यह कदम उठाया है। बारिश में सड़कें टूटने से लोगों को काफी परेशानी होती है। व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनी सड़कें इस समस्या का समाधान करेंगी। इस तकनीक से करीब 108 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। प्रोजेक्ट नवंबर अंत तक शुरू होकर अगले चार महीनों में पूरा हो जाएगा। सड़क निर्माण में नई क्रांति व्हाइट टॉपिंग तकनीक सड़क निर्माण में एक नया मोड़ है। यह तकनीक सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाती है। इससे सड़कों का रखरखाव भी आसान हो जाता है। यह तकनीक लंबे समय में पैसा भी बचाती है। सरकार का यह कदम प्रदेश की सड़कों की दशा सुधारने में मददगार साबित होगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह तकनीक भविष्य में सड़क निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। यह सड़कों को गर्मी से बचाती है. इससे शहरों का तापमान भी कम रहता है। व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बेहतर सड़कें और बेहतर भविष्य की उम्मीद है। लोगों को मिलेगा बेहतर यात्रा का अनुभव भोपाल में वल्लभ भवन मार्ग और सीएम हाउस मार्ग समेत 14 सड़कों को चिह्नित किया गया है। PWD ने 15 अन्य जिलों में भी एक-एक सड़क पर इस तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इन जिलों में इंदौर, नर्मदापुरम, नीमच, बैतूल से लेकर मुरैना, रतलाम, रायसेन, रीवा, सतना,आगर मालवा, उमरिया, खंडवा, गुना, छतरपुर, देवास और हरदा शामिल हैं। इससे इन जिलों की सड़कों की हालत में सुधार होगा। लोगों को बेहतर यात्रा का अनुभव मिलेगा। जानें क्या है व्हाइट टॉपिंग तकनीक व्हाइट टॉपिंग तकनीक में पुरानी सड़क की ऊपरी परत हटाकर कंक्रीट की मोटी परत बिछाई जाती है। इसमें M-40 ग्रेड सीमेंट और फाइबर बुरादा का इस्तेमाल होता है। 6 से 8 इंच मोटी यह परत सड़क को मजबूत बनाती है। भारी ट्रैफ़िक और खराब मौसम का भी इस पर कम असर होता है। इससे सड़क की उम्र 20 से 25 साल तक बढ़ जाती है। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल भी है। कंक्रीट की सतह डामर से ज़्यादा ठंडी रहती है। इससे रखरखाव का खर्च भी कम आता है।

विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत प्रदेश में होगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकलेगी ‘संविधान दिवस पदयात्रा’- मंत्री  सारंग विकसित “भारत यंग लीडर” डायलॉग के तहत प्रदेश स्तर पर चयनित युवाओं को मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर- मंत्री सारंग विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत प्रदेश में होगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन युवा महोत्सव 2025 में युवाओं की प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से जिला एवं राज्य पर होंगे आयोजन भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने संविधान दिवस, विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग और 28वें युवा महोत्सव-2025 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इन कार्यक्रमों से युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर उनकी ऊर्जा और दृष्टिकोण को राष्ट्र निर्माण में समाहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत 2047 तक विश्व के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी हो। इसके लिए युवाओं को नई ऊर्जा के साथ जोड़ा जा रहा है। संविधान दिवस, विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग और युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। संविधान दिवस पदयात्रा – 75 वर्ष का उत्सव मंत्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान पर देश भर में संविधान दिवस के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की राजधानी में संविधान दिवस पदयात्रा निकाली जा रही हैं। भोपाल में भी 26 नवंबर 2024 को संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भोपाल में “संविधान दिवस पदयात्रा” निकलेगी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा शौर्य स्मारक से शाम 4 बजे शुरू होकर बोर्ड ऑफिस स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पुनः शौर्य स्मारक जाकर समाप्त होगी। मंत्री सारंग ने कहा कि इस आयोजन में लगभग 3000 युवा शामिल होंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की जाएगी, जिसमें शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों की भागीदारी होगी। विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग- युवाओं के विचारों को मंच मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत लीडर डायलॉग का उद्देश्य अधिक से अधिक प्रतिभावान युवा की पहचान कर उन की विशेषज्ञता में वृद्धि करना और विकसित भारत के लिए उन्हें अपने विचारों को शामिल करने का मंच प्रदान करना है। इसके तहत प्रदेश स्तर पर चयनित युवाओं को मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार विकसित भारत-2047 के अंतर्गत 4 चरणों में 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।     प्रथम चरण (विकसित भारत ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी)- यह डिजिटल क्विज दिनांक 25 नवंबर से 5 दिसंबर, 2024 तक “माय भारत” पोर्टल पर किया जायेगा। जिसमेंडिजिटल क्विज से विकसित भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों के प्रति जागरूकता का परीक्षण किया जायेगा।प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये “माय भारत” पोर्टल पर पंजीयन करवाया जाना अनिवार्य है। इसके परिणाम 6 दिसंबर को पोर्टल पर रैंक सूची के माध्यम से जारी किये जायेंगे।     द्वितीय चरण (निबंध और ब्लॉग लेखन)- प्रतियोगिता 8 से 15 दिसंबर 2024 तक “माय भारत” पोर्टल पर ऑनलाइन होगी। इसमें पिछले चरण के विजेता लगभग 10 चुने गए विषयों जैसे ‘विकसित भारत के लिए तकनीक’, ‘विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना’ आदि पर 1000 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक विषय से 100 चिन्हित युवाओं को तृतीय चरण राज्य स्तर के लिये चयनित किया जायेगा।इसके परिणाम 18 दिसंबर को घोषित किये जायेंगे।     तीसरा चरण (विकसित भारत विज़न पिच डेक – राज्य स्तरीय प्रस्तुतियां)- प्रतियोगिता 20 से 26 दिसंबर 2024 तक आयोजित की जायेगी, इसके दिशा-निर्देश पृथक से जारी किए जायेंगे। दूसरे चरण में चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर पर चुने हुए 10 विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगें। राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के ‍लिये प्रतिभागियों में से प्रत्येक विषय पर 4 युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागिता के लिये चिन्हित किया जायेगा।     चतुर्थ चरण (भारत मंडपम में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप)- विभिन्न थीम आधारित राज्य स्तरीय टीम 11 से 12 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रतिस्पर्धा में प्रत्येक राज्य से प्रत्येक विषय पर 4-4 युवाओं की प्रतिभागिता होगी। चयनित देश भर के 1500 युवा प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार प्रस्तुत करेंगे। 28वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव: युवा प्रतिभा को मंच मंत्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार पंच प्राण और आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजन किये जायेंगे। इसमें 12 से 16 जनवरी 2025 के मध्य राष्ट्रीय स्तर पर 28वां युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय युवा उत्सव का स्थान भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा। इस वर्ष 28वां युवा उत्सव का आयोजन इन विषयों पर किया जा रहा है। क्र. विषय विधा 01 विषयगत (Thematic) विज्ञान मेला (एकल एवं समूह) 02 संस्कृति समूह लोक नृत्य समूह लोक गायन 03 जीवन कौशल (Life Skills) कविता लेखन भाषण पेंटिंग फोटोग्राफी   मंत्री सारंग ने बताया कि 28वें युवा उत्सव का आयोजन राज्य शासन, नेहरू युवा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से किया जायेगा। इसके अन्तर्गत आयोजित होने वाले इवेन्ट युवा उत्सव के तहत विस्तृत योजनाबद्ध गतिविधियां और कार्यक्रम “माय भारत” पोर्टल पर अपलोड की जायेंगी तथा प्रतिभागियों का पंजीयन भी पोर्टल पर किया जाना अनिवार्य होगा।  

सीएम मोहन यादव ने अस्पतालों में एक्सपर्ट की कमी को देखते हुए फैसला लिया, अब कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से वापस नहीं हो सकेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उत्तम और विश्वस्तरीय इलाज मिलने की शुरुआत की जा रही है। अब किसी अस्पताल से मरीजों को अन्य अस्पतालों में सिर्फ इसलिए रेफर नहीं किया जा सकेगा कि वहां डॉक्टर नहीं हैं। इसका रास्ता मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने निकाल लिया है। प्रदेश के जिन अस्पतालों में सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर व अन्य संसाधन उपलब्ध हैं, वहां हर तरह के आपरेशन संभव होंगे। विशेषज्ञ की कमी के कारण सर्जरी नहीं रुकेगी। इसके लिए सरकार निजी डॉक्टर्स को अस्पताल बुलाएगी। सर्जरी और एनेस्थीसिया देने के लिए निजी डॉक्टरों की सेवाएं ली जा सकेंगी। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। डॉक्टर की कमी से नहीं रुकेगा इलाज सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया का लाभ यह होगा कि जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों की कमी से सर्जरी या अन्य इलाज नहीं रुकेगा। आपको बता दें कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने यह तरीका इजाद किया है। भुगतान की दरें भी निर्धारित हालांकि शुरुआत में यह व्यवस्था आयुष्मान रोगियों के लिए शुरू की गई है। बेहतर रिस्पांस मिलने के बाद अन्य रोगियों को भी इस सेवा का अवसर मिल पाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त तरुण राठी के अनुसार निजी सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के लिए भुगतान की दरें भी निर्धारित कर दी गई हैं। इन्हें भुगतान मासिक आधार पर किया जाएगा। ये रहेगी रेट लिस्ट सर्जिकल विशेषज्ञ डॉक्टर्स को संबंधित बीमारी में आयुष्मान योजना में निर्धारित पैकेज की कुल राशि का 21.6 प्रतिशत दिया जाएगा। जबकि एनेस्थीसिया यानि बेहोश करने वाले विशेषज्ञ को 10.8 प्रतिशत दिया जाएगा। सर्जरी करने वाले डॉक्टर की ऑपरेशन के पहले से लेकर फालोअप तक उपचार की संपूर्ण जिम्मेदारी होगी। गौरतलब है कि आयुष्मान योजना में आपरेशन के 99 प्रतिशत पैकेज में राशि दो हजार से अधिक है। सामान्य मानी जाने वाली गठान का आपरेशन पैकेज 2000 रुपये, साइनस की सर्जरी के 5000 रुपये, नसबंदी के दो हजार रुपये है। हालांकि निजी क्षेत्र के डॉक्टर्स मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना में कितनी रुचि लेते हैं? यह आने वाले समय में साफ हो पाएगा।

सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया, चावल की मात्रा में आधा किलो कम कर दी गई, जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली भारत सरकार की राशन योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत राशन कार्ड धारकों को कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अब सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया हैं। जो 1 जनवरी 2025 से लागू होंगे। राशन की मात्रा में बदलाव राशन कार्ड पर पहले एक यूनिट में 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलता था। वही अब इसे बदलकर 2.5 किलो चावल और 2 किलो गेहूं कर दिया गया है।इससे तात्पर्य है कि अब चावल की मात्रा आधा किलो कम कर दी गई है। जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई है। दरअसल सरकार ने अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए भी बदलाव किए गए हैं। पहले 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल मिलता था। अब यह बदलकर 17 किलो गेहूं और 18 किलो चावल कर दिया गया है। हालांकि, कुल मात्रा 35 किलो ही रहेगी। e-KYC अनिवार्य सभी राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर 1 जनवरी 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद फ्री राशन या कम कीमत पर मिलने वाली सुविधा बंद हो जाएगी। e-KYC की अंतिम तिथि पहले 1 अक्टूबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 1 नवंबर और फिर 1 दिसंबर 2024 कर दिया गया है। e-KYC कराने का तरीका सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। – ऑनलाइन: राशन कार्ड धारक अपने आधार कार्ड की जानकारी के साथ खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी राशन की दुकान पर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। – ऑफलाइन: राशन डीलर या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। महत्वपूर्ण तिथियां – e-KYC की आखिरी तारीख: 1 दिसंबर 2024 – बदलाव लागू होने की तिथि: 1 जनवरी 2025  

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