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भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है: पीएम मोदी

नई दिल्ली 75वें संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यक्रम में पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है. दंड आधारित व्यवस्था अब न्याय आधारित व्यवस्था में बदल चुकी है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया. पीएम मोदी ने कहा, “हमारा संविधान देश की हर अपेक्षा और जरूरत पर खरा उतरा है. संविधान की ताकत के कारण ही आज बाबा साहब का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो पाया है. पहली बार जम्मू-कश्मीर में संविधान दिवस मनाया गया. आज भारत परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है और भारत का संविधान हमें रास्ता दिखा रहा है. यह हमारे लिए एक मार्गदर्शक बन गया है.” संविधान निर्माताओं की तारीफ कर क्या बोले पीएम मोदी सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे संविधान निर्माता ये जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे. वो जानते थे कि आजाद भारत की और भारत के नागरिकों की जरूरतें बदलेंगी, चुनौतियां बदलेंगी. इसलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानून की एक किताब बनाकर नहीं छोड़ा. बल्कि इसको एक जीवंत, निरंतर प्रवाहमान धारा बनाया.” 26/11 हमले को भी किया याद 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व का जब हम स्मरण कर रहे हैं, तब ये भी नहीं भूल सकते कि आज के ही दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले की भी बरसी है. इस हमले में जिन व्यक्तियों का निधन हुआ, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं. मैं देश का यह संकल्प भी दोहराता हूं कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.”

आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी मिली, परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है। पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस में टेक्नोलॉजी बेस्ड बदलाव लाना है और इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। परियोजना के साथ बेहतर गुणवत्ता के साथ आसान पहुंच और सर्विस की तेज डिलिवरी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह डेटा और सत्यापन का सिंगल सोर्स होगा। यह परियोजना पैन कार्ड के इको-फ्रेंडली प्रॉसेस और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के साथ सिक्योरिटी को लेकर महत्वपूर्ण है। कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार, “यह टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस के बिजनेस प्रॉसेस को दोबारा से तैयार करने के लिए एक ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट है, जो कि पैन और टैन सर्विस के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर के डिजिटल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। यह मौजूदा पैन/टैन 1.0 इकोसिस्टम का अपग्रेड होगा, जो कि मुख्य और गैर-मुख्य पैन/टैन एक्टिविटीज के साथ-साथ पैन वेरिफिकेशन सर्विस से जुड़ा होगा।” सीसीईए ने आगे कहा कि पैन 2.0 परियोजना सरकारी एजेंसियों के सभी डिजिटल सिस्टम के लिए एक सामान्य पहचानकर्ता के रूप में पैन के इस्तेमाल को आसान बनाना है, जो कि सरकार के डिजिटल इंडिया विजन को लेकर महत्वपूर्ण है। इस बीच, आयकर विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित 22.07 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को पार करने की उम्मीद है। सीबीडीटी के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, “चालू वित्त वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें कॉरपोरेट कर और व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं, 15.4 प्रतिशत बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये हो गया।” चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर से और 11.87 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर, गैर-कॉरपोरेट कर और अन्य करों से जुटाए जाएंगे।

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकली संविधान दिवस पदयात्रा

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारे देश का संविधान ही धर्मग्रन्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साधुवाद करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आज संविधान दिवस पर पद यात्रा का आयोजन कर हम सबको प्रेरणा दी है कि लोकतंत्र में आज हम आजाद हिन्दुस्तानी के नाते जी रहे है। मंत्री श्री सारंग शौर्य स्मारक में संविधान दिवस पद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्षों की गुलामी के बाद हजारों क्रांतिकारियों की कुर्बानी के बाद से हमें आजादी मिली है। आजादी के बाद किस व्यवस्था के तहत कार्य होगा। हमारा संविधान, नियम, कायदें क्या होंगे इसको लेकर गहन चिंतन हुआ और बाबा साहेब के नेतृत्व में संविधान सभा में संविधान बनाया गया। मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता और नमन करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान बनाया। आज के ही दिन वर्ष 1949 में यह संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। आज हम सब संविधान भावनाओं को संकल्प के रूम में ग्रहण करके आजाद हिन्दुस्तान को शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने के संकल्प के साथ पद यात्रा में शामिल हो रहे है। यह शौर्य स्मारक शूरवीर की शाहदत का प्रतीक है। बाबा साहेब के विचारों को करें आत्मसात मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व निछावर किया। मंत्री श्री सारंग ने युवाओं का आहवान किया कि भारत माता के लिये पूरी सिद्दत के साथ उन्हीं के लिये जीएंगे और जरूरत पड़ने पर तैयार रहेंगे। यह हिन्दुस्तान एक बार फिर विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो। यहीं हमारा कर्त्तव्य ओर संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रिकार्डेड संदेश भी सुनवाया गया। साथ ही संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान भी हुआ। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, भारत माता एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। संविधान की प्रतिकृति को नमन कर संविधान दिवस पदयात्रा की शुरूआत की गई। संविधान दिवस पदयात्रा शौर्य स्मारक से आरंभ होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर जी की प्रतिमा की परिक्रमा और नमन के साथ माल्यार्पण कर पुन: शौर्य स्मारक पर आगमन के साथ समाप्त हुई। यह रहे आकर्षण का केन्द्र देश के संविधान की प्रतिकृति वाहन में पद यात्रा के दौरान साथ रहीं। पुलिस बैंड की धुन पर पदयात्रा अग्रसर होती रही। पारम्परिक वेशभूषा में संस्कृति की झलक दिखलाते हुए स्कूली बच्चें भी पद यात्रा में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में खिलाड़ी कपिल परमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह, आर्शी चौकसे, साक्षी भारद्वाज, पर्वतारोही भगवान सिंह, ज्योति रात्रे भी शामिल हुई। पदयात्रा शुरू होने के दौरान पदयात्रा रोककर एम्बुलेंस को प्राथमिकता देकर निकलवाया गया। पद यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। पद यात्रा वन्दे मातरम्, हमारा संविधान-हमारी शान, भारत माता के जयकारों के साथ पूर्ण अनुशासन में निकाली गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, ओलम्पिक खिलाड़ी सहित पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी और 15 हजार से अधिक युवा शामिल हुए। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की निकाली गई। इसमें खेल, स्कूल, उच्च, तनकीनी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण विभाग राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों ने भी भागीदारी की। अंत में संयुक्त संचालक खेल श्री बीएल यादव ने आभार माना।  

साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई फैसले, हाउसिंग बोर्ड के फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखंडों पर नहीं लगेगा शुल्क

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. छत्तीसगढ़ के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया. इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया. हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है. इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. मंत्रिपरिषद ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है. कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया. इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है.  

मोदी सरकार ने दी सौगात, MP रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिली

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 7927 करोड़ रुपये है. यह परियोजनाएं महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए मंजूर की गई हैं. यह 3 प्रोजेक्ट्स रेल मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे और इनसे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 639 किलोमीटर का इजाफा होने की उम्मीद है. जिन 3 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है वह इस प्रकार हैं- जलगांव-मनमाड चौथी लाइन, बुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज-माणिकपुर तीसरी लाइन. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बेहतर और यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाना है. श्रद्धालुओं के लिए तोहफा केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इन प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के तहत मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों को चलाकर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा. इससे नासिक में ज्योतिर्लिंग, खंडवा में ओमकारेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. इसके अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जाने वाले तीर्थ यात्रियों का सफर भी सुगम होगा.” सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट्स खजुराहो, अजंता एलोरा की गुफाएं, देवगिरी फोर्ट, असिरगढ़ फोर्ट, रेवा फोर्ट, यवल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी, क्योटी और पूर्वा फॉल्स जैसे टूरिस्ट अट्रेक्शन पर भी पर्यटन को बढ़ावा देंगे. व्यापार को बढ़ावा इन रूट्स पर कृषि उत्पाद, फर्टिलाइजर, कोयला, स्टील, सीमेंट और कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा. सरकार ने कहा है कि यात्रा व ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे एक एनवायरमेंट फ्रेंडली साधन है जिससे लॉजिस्टिक कॉस्ट तो घटेगी ही पर्यावरण लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी. कृषि प्रोजेक्ट को भी मंजूरी इस बीच, सरकार ने अगले दो वर्षों में ₹2,481 करोड़ के खर्च के साथ 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की है. ये परियोजनाएं हैं जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी) भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) प्रयागराज (इरादतगंज)-मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) प्रस्तावित मल्टी-ट्रैक परियोजनाओं से परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे मुंबई और प्रयागराज के बीच सबसे व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक अवसंरचना का विकास होगा. तीर्थयात्रियों को मिलेगा लाभ प्रस्तावित परियोजनाएं अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर परिवहन सुविधा बढ़ाएंगी, जिससे नासिक (त्र्यंबकेश्वर), खंडवा (ओंकारेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) स्थित ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अतिरिक्त, परियोजनाएं खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अजंता और एलोरा गुफाएं यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, असीरगढ़ किला, रीवा किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केओटी जलप्रपात और पुरवा जलप्रपात जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देंगी. हो सकेगी अतिरिक्त माल ढुलाई ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 51 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का साधन है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन (271 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद मिलेगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने से पर्यावरण को होने वाले लाभ के बराबर है.

रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने रेलवे की तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मिली मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का माना आभार रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

संभल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा अभी तो ये 20% हैं तो पत्थरबाजी, 50 हुए तो उठा ले जाएंगे बेटियां

छतरपुर मध्य प्रदेश में इन दिनों ‘हिंदू एकता यात्रा’ पर निकले बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई घटना को लेकर मुसलमानों पर विवादित बयान दिया है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि अभी वे 20 फीसदी हैं तो पत्थरबाजी कर रहे हैं, 50 पर्सेंट हो गए तो बेटियों को उठा ले जाएंगे। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। यात्रा के दौरान   बाबा बागेश्वर से जब संभल की घटना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘अभी तो हमारी एकता पर फोकस है। यदि तो हम हिंदुओं को बताना चाहते हैं कि 20 पर्सेंट में वो पत्थरबाजी कर रहे हैं 50 हो जाएंगे तो तुम्हारे घरों की बेटियों को उठा ले जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि संभल के उपद्रवियों को जेलर के हाथ सौंपने की आवश्यकता है। बाबा ने यह भी कहा कि देश में 100 करोड़ हिंदू हैं, एक करोड़ को सड़क पर आना चाहिए नहीं तो आने वाले समय में वे घरों में कब्जा कर लेंगे। जाति का भेदभाव मिटाने के उद्देश्य से निकाली जा रही यात्रा के दौरान सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश नहीं बनाना चाहते तो तो जात-पात से ऊपर उठ जाओ। बॉलिवुड अभिनेता संजय दत्त भी उनकी यात्रा में शामिल हुए। बाबा बागेश्वर की यह यात्रा 29 नवंबर को पूरी होगी। छतरपुर के अपने आश्रम से वह ओरछा के राम राजा दरबार तक यह यात्रा निकाल रहे हैं। बागेश्वर बाबा की यात्रा में भारी भीड़ उमड़ रही है। क्या हुआ संभल में? एक स्थानीय अदालत के आदेश पर पिछले मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था। रविवार को दोबारा टीम सर्वेक्षण के लिए पहुंची तो हिंसा भड़क उठी। पत्थराव और गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई तो कई लोग जख्मी हो गए। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद पूर्व में हरिहर मंदिर था।

उप मुख्यमंत्री “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमंते तत्र देवता” के आदर्श वाक्य को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। “लाड़ली लक्ष्मी योजना,” “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,” और “वन स्टॉप सेंटर” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक पवित्र मिशन है। केवल शासकीय प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल में कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ आने वाली चुनौतियों के प्रति हमें सतर्क रहना होगा। विकास को सार्थक बनाने के लिए एकजुट होकर महिलाओं को सशक्त और समाज को सुरक्षित बनाना ज़रूरी है। समाज को नशा-मुक्त बनाकर युवाओं की ऊर्जा को सही राह में लगाकर देश को विश्व गुरु बनाना है तो हम सबको मिलकर इस मिशन को सफल बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण आवश्यक है। यह हमारी गौरवशाली परंपरा रही है, विकृतियों को दूर करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि “समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।” उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के इस संग्राम में किसी को भी तटस्थ रहने का अधिकार नहीं है। यह लड़ाई हर व्यक्ति की है, और इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि जेंडर आधारित हिंसा का एक बड़ा कारण नशा भी है। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से समाज को इस बुराई से मुक्त करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में जेंडर समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम सह आयोजक “स्काई सोशल” के प्रयास की सराहना की। 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक “हम होंगे कामयाब” अभियान से प्रदेशवासियों को किया जाएगा जागरूक “हम होंगे कामयाब” पखवाड़ा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है, बल्कि पुरुषों की मानसिकता में बदलाव लाकर एक नए समाज की नींव रखना भी है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सूफिया फारूकी वली, “स्काई सोशल” की फाउंडर सुसृष्टि प्रगट सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू, रामनिवास रावत का इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रखा

भोपाल विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत द्वारा दिया गया इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रख लिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय होगा। उसके पहले रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर मौजूदा चार मंत्रियों और 12 से अधिक विधायकों की नजर है। इन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।  हालांकि रावत जनवरी 2025 के पहले सप्ताह तक मंत्री बने रह सकते हैं, क्योंकि कानूनी रूप से रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। तब भी छह महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है, इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। सरकार के पास विभाग बंटवारे के ये तीन विकल्प 1.विदेश से लौटने के बाद सीएम यदि रावत का इस्तीफा मंजूर करते हैं तो वन और पर्यावरण विभाग के बंटवारे को लेकर सरकार दो विकल्प में से किसी एक को अपना सकती है। जानकारों के मुताबिक जो विभाग किसी के पास नहीं होते वे स्वत: राज्य के मुख्यमंत्री के हो जाते हैं, इसी तरह वन व पर्यावरण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे। 2.सीएम चाहें तो ये दोनों विभाग मंत्रिमंडल का विस्तार किए बिना किसी भी मौजूदा मंत्रियों को दे सकते हैं। 3.सरकार चाहे तो किसी नए विधायक को विभाग दे सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए सरकार को राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना देनी होगी। चर्चा… ये मंत्री रावत के विभाग पाने के इच्छुक नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग है। पूर्व में वन व पर्यावरण इन्हीं के पास था। इन्हीं से लेकर रावत को दिया था। राकेश शुक्ला: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है। चर्चा है कि ये बड़ा विभाग चाहते हैं। गौतम टेटवाल, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी मंत्री हैं। कृष्णा गौर: राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौर के पास  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण व विमुक्त घुमन्तु और अद्र्धघुमंतु कल्याण विभाग है। राजधानी में रहने वाली एकमात्र महिला राज्यमंत्री हैं। ‘मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला’ भोपाल. मंत्री रामनिवास रावत के विजयपुर से चुनाव हारने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सोमवार को चर्चा रही कि रावत भाजपा छोड़ सकते है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने अपनी हार के पीछे जनता का फैसला और खुद की किस्मत को बताया। भाजपा छोडऩे के सवाल पर कहा, मुझे नहीं पता ये अफवाह कौन उड़ा रहा है। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं। वहीं इस्तीफे को लेकर कहा कि चुनाव हारते ही मैंने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया था। भितरघात को लेकर इतना ही कहा कि अभी तक सत्ता और संगठन की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। अगर पूछा जाता है तो मैं जरूर रिपोर्ट दूंगा।

राज्यमंत्री टेटवाल भाषण देते-देते रुक गए , लोगों में मचा कौतुहल… वजह पता चली तो तालियों से गूंज गया हॉल

राजगढ़  मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल का एक विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस विडियो में मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान के लिए अपना भाषण रोक दिया। राज्य मंत्री का ये विडियो रविवार को उप स्वास्थ्य केन्द्र के भूमि पूजन कार्यक्रम का बताया जा रहा है। दरअसल राज्य मंत्री गौतम टेटवाल रविवार को अपने ग्रह नगर राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के म‌ऊ गांव में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र और 49 लाख की लागत से होने वाले अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन करने गए थे। मंत्री बोले- वसधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति मंत्री कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शाम 7.15 बजे (ईशा) की अजान शुरू होने पर उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया। फिर मंच से ही कहा- उससे डरो, वह एक है। नेक काम करो। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्। संपूर्ण भूमि गोपाल की है। वसुधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति है। हमारी संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे मंत्री गौतम टेटवाल ने बाद में कहा- गौ माता का सम्मान करें। गंगा जी का सम्मान करें। सनातन हिंदू समाज के स्वाभिमान के मान बिंदु हैं, उनका सम्मान करें। हमारी उपासना पद्धति का सम्मान करें। मंत्री ने कहा- अगर हम मुस्लिम धर्म का सम्मान करते हैं। अजान का हमने इसलिए सम्मान किया, ठीक है, अजान हो रही है, तुम पांच टाइम नमाज पढ़ों, लेकिन उसका मतलब यह नहीं कि तुम हमारे मान बिंदु, हमारी संस्कृति के बिंदुओं को अपमानित करो। इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम सब धर्म का सम्मान करते हैं। मंत्री ने कहा- सबका ईश्वर एक है। सभी नदियां और नाले मिलकर समुद्र में विलीन हो जाते हैं, फिर भी उसमें पवित्रता होती है। इसी तरह ईश्वर एक है, इसी तरह सारे धर्म मिलकर सनातन धर्म में विलीन हो जाते हैं। क्या है पूरा मामला जब वह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी राज्य मंत्री को मस्जिद में होने वाली नमाज की आवाज सुनाई दी। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अपना भाषण रोक दिया। कुछ देर तक तो‌ लोगों को कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब लोगों को अजान की आवाज सुनाई दी तो वह मामला समझ ग‌ए। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान पूरी होने बाद वापस अपना भाषण शुरू किया। भाषण में क्या बोले मंत्री टेटवाल इस दौरान मंत्री ने कहा कि उससे डरो वो एक है, नेक काम करो, और संस्कृत में सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत श्लोक का उच्चारण किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सब लोग सुखी रहें, निरोगी रहें, शांति से रहे, ये वो भी कह रहा है और हम भी कह रहे हैं। लेकिन सुनने वाले सुन नहीं रहे हैं। राज्यमंत्री गौतम टेटवाल का अजान को‌ लेकर भाषण रोकने का ये विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शुरूआत में पहले यात्रियों को सौपें बोर्डिंग पास

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति और विकास से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है। विंध्य क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हवाई सेवा रीवा को राज्य और देश के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। इससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही यह क्षेत्र के सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर “फ्लाई बिग” कंपनी के टिकट काउंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे गए। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भोपाल के निदेशक रामजी अवस्थी, “फ्लाई बिग” कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनते हुए यात्रियों ने अपनी खुशी और उत्साह व्यक्त किया। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन रहेगी उपलब्ध एयरपोर्ट निदेशक अवस्थी ने बताया कि रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) मंगलवार से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपये में उड़ान योजना अन्तर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्रॉइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। हमें विश्वास है कि यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन उपलब्ध रहेगी। भोपाल से रीवा की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-514) मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। भोपाल एयरपोर्ट से फ्लाइट सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी और रीवा एयरपोर्ट पर सुबह 10:20 बजे पहुंचेगी। रीवा से भोपाल की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-515) सोमवार, मंगलवार, बुधवार, और गुरुवार को संचालित होगी। रीवा एयरपोर्ट से यह फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे प्रस्थान करेगी और भोपाल एयरपोर्ट पर 3:45 बजे पहुंचेगी। भोपाल से रीवा के लिए फ्लाइट शुरू हो गई है। सप्ताह में 4 दिन फ्लाइट उड़ेगी। प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 8.15 बजे भोपाल से फ्लाइट टेक ऑफ यानी, उड़ान भरेगी, जबकि 2 घंटे में सुबह 10.20 बजे रीवा लैंड करेगी। भी पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के तहत सप्ताह में 6 दिन उड़ान जरूर भरी जा रही है, लेकिन प्लेन सिर्फ छह सीटर है। वहीं, किराया भी अधिक है। इसलिए पूरे यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। अब नियमित फ्लाइट शुरू की गई है। मंगलवार सुबह डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। व्यापार, पर्यटन-उद्योग को ऊंचाई तक ले जाएगा डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि, रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस शुरू एयरपोर्ट डायरेक्टर अवस्थी ने बताया, रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) आज से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपए में उड़ान योजना अंतर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।  

निगम कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर, एक जनवरी से सातवें वेतनमान पर महंगाई भत्ता में वृद्धि होगी

ग्वालियर 1 जनवरी से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। बीते दिन मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की अध्यक्षता में बाल भवन र्हुई।बैठक में एमआईसी सदस्यों ने राज्य शासन के कर्मचारियों की भांति निगम कर्मचारियों को एक जनवरी से सातवें वेतनमान पर महंगाई भत्ता में वृद्धि मिलेगी। साथ ही छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ता में वृद्धि और मध्य प्रदेश राज्य के पेंशनरों को पेंशन पर महंगाई राहत स्वीकृत किए जाने के प्रस्तावों पर मंजूरी दी। दिया गया था प्रस्ताव साथ ही 16 नवंबर से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति शुरू करने के मामले में एमआईसी से स्वीकृति नहीं लेने पर आपत्ति जताई। इस पर आयुक्त ने कहा कि जलसंसाधन विभाग ने पूर्व में ही प्रस्ताव दिया था और जिला जल उपयोगिता समिति की अध्यक्ष कलेक्टर हैं और पानी को लेकर महापौर से फोन पर भी चर्चा कर ली गई थी। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य अवधेश कौरव, अपर आयुक्त विजय राज, मुनीष सिंह सिकरवार, वित्त रजनी शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में इन बिंदुओं को दी गई स्वीकृति -आउटसोर्स मैन पावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी राज सिक्योरिटी फोर्स भोपाल की कार्य अवधि एक नवंबर से आगामी चार माह या नवीन निविदा स्वीकृत होने तक की अवधि वृद्धि के साथ-साथ उस पर होने वाले व्यय की स्वीकृति के प्रस्ताव को परिषद की ओर भेज दिया गया। -आउटसोर्स अकुशल सफाई श्रमिक उपलब्ध कराने जाने वाली एजेंसी सेंगर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड की कार्य अवधि 30 सितंबर से अगले तीन माह या नवीन निविदा स्वीकृत होने तक की अवधि वृद्धि के साथ-साथ उस पर होने वाले व्यय की स्वीकृति के प्रतिवेदन पर चर्चा के बाद इसे 28 फरवरी 2025 या निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने तक की स्वीकृति प्रदान की।

अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों में आपदा न्यूनीकरण परियोजनाओं के लिए 1115 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की

नई दिल्ली केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में इस राशि को मंजूरी दी गयी। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष की सदस्यता वाली समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 15 राज्यों में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के प्रस्ताव के वित्त पोषण और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के फंडिंग विंडो से तैयारी और क्षमता निर्माण के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया। उच्चस्तरीय समिति ने 15 राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 1000 करोड़ रुपये की कुल लागत से राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण परियोजना को मंजूरी दी है। समिति ने उत्तराखंड के लिए 139 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 139 करोड़ रुपये, पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के लिए 378 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र के लिए 100 करोड़ रुपये, कर्नाटक के लिए 72 करोड़ रुपये, केरल के लिए 72 करोड़ रुपए, तमिलनाडु के लिए 50 करोड़ और पश्चिम बंगाल के लिए 50 करोड़ रुपए को मंज़ूरी दी। उच्चस्तरीय समिति ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए 115.67 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली एक अन्य परियोजना को भी मंजूरी दी है। इससे पहले, समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से सात शहरों में 3075.65 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली शहरी बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं और 4 राज्यों में 150 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। गृह मंत्रालय ने देश में आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं। भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रणाली को मजबूत करके आपदाओं के दौरान जान-माल को होने वाले किसी भी बड़े नुकसान को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष राज्यों को 21,476 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इसमें राज्य आपदा मोचन निधि से 26 राज्यों को 14,878.40 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से 15 राज्यों को 4,637.66 करोड़ रुपये, राज्य आपदा शमन निधि से 11 राज्यों को 1,385.45 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 6 राज्यों को 574.93 करोड़ रुपये शामिल हैं।  

संविधान के प्रति जन-जागरूकता के लिये 26 नवम्बर से “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” आज से प्रदेश भर में शुरू

भोपाल देश में 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद तैयार किया गया संविधान 26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया था। इसके बाद देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था। संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने पर संविधान की जानकारी के प्रति जन-जागरूकता के लिये 26 नवम्बर 2024 से वर्ष भर चलने वाला “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” आज से प्रदेश भर में शुरू हो गया है। अभियान की शुरूआत में अभियान के दौरान जन-सामान्य को संविधान की प्रस्तावना, संविधान का निर्माण और देश के संविधान पर गर्व करने जैसे बिन्दुओं पर जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्य रूप से जानकारी दी गई। प्रदेश की विभिन्न विभूतियों का स्मरण किया गया, जिनका संविधान निर्माण में उल्लेखनीय योगदान रहा। इस मौके पर संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन किया। इसमें शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों को भी सहभागिता रही। वर्ष भर की गतिविधियों को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के लिये वेबसाइट constitution75.com भी तैयार की गई है। वेबसाइट में गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड किये जा सकेंगे। इस अभियान में युवाओं और स्कूल के बच्चों को अधिक से अधिक जोड़ने के लिये एक अन्य वेबसाइट https://www.mygov.in: पर संविधान विषय पर निबंध, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर प्रतियोगिता की तस्वीरें साझा की जा सकती हैं। वर्ष भर चलने वाले “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” जन-जागरूकता अभियान के दौरान प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाओं में विशेष आयोजन होंगे। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग ने शासन के समस्त विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त और कलेक्टर्स को पत्र जारी कर निर्देश दिये है। अभियान के दौरान प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों में भी सामुहिक रूप से संविधान प्रस्तावना का वाचन किया जायेगा। ग्राम पंचायतों को बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के योगदान का प्रचार करने के लिये मायभारत स्वयं सेवकों के माध्यम से संविधान स्वाभिमान यात्राएं आयोजित की जायेगी। यह यात्राएं अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति घनत्व वाली आबादी में विशेष रूप से होंगी। यात्रा के दौरान बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की जायेगी। ग्राम सभाओं में संविधान के अनुच्छेद-51(ए) में नागरिकों के मौलिक कर्त्तव्यों को पढ़कर सुनाया जायेगा।  

भोपाल में​ रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सर्दी अब पचमढ़ी तक गई है, सोमवार को रात का तापमान 5.6 डिग्री पर आ गया

भोपाल जैसे जैसे नवंबर का महीना खत्म होने को है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर बढ़ता ही जा रहा है।सोमवार को प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वही 49 साल बाद नवंबर के महीने में भोपाल में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नवंबर महीने में लगातार चार दिन तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहना भोपाल के लिए नया रिकॉर्ड है। भाेपाल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 0.2 डिग्री की गिरावट हुई। भोपाल में लगातार 4 दिन से पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यहां 49 साल बाद ऐसी नौबत आई। भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 7 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। एमपी मौसम विभाग ने इस हफ्ते शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की है। हवाओं का रुख उत्तरी होने से अगले 48 घंटों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों पर बर्फबारी और जेट स्ट्रीम के असर से मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। MP Meteorological Department का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरे कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है।हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। पश्चिम विक्षोभ के असर से भी उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। भोपाल: पारा 10 डिग्री के आसपास बना रहेगा     मौसम केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि पहाड़ी इलाकों से सीधी बर्फीली हवा आ रही है। इसका ज्यादा असर मप्र के मध्य और पूर्वी हिस्से में पड़ रहा है।     भोपाल संभाग, जबलपुर संभाग सहित मध्य प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्से के शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

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