LATEST NEWS

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में दी जानकारी

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बुधवार को निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की जानकारी पेन ड्राइव में प्रदान की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि उप निर्वाचन होने के कारण प्रदेश के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रं.-2 विजयपुर एवं क्रं-156 बुधनी की मतदाता सूची के प्रारूप का प्रारंभिक प्रकाशन 27 नवम्बर को किया गया। इसी दिन से दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, वोटर आईडी कार्ड में संशोधन कराने और मृत मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक प्रारूप पर दावे-आपत्तियां 12 दिसम्बर तक प्राप्त की जायेंगी। आगामी 30 नवम्बर एवं 8 दिसम्बर 2024 को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कैम्प लगाकर नाम जुड़वाने, हटाने, संशोधन कराने के लिये विशेष अभियान चलाया जाएगा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों पर कार्यालयीन समय में बीएलओ उपस्थित रहेंगे। प्राप्त सभी दावे-आपत्तियों का 24 दिसम्बर तक निराकरण किया जाएगा। इसके उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी 2025 को किया जाएगा। बैठक में सीईओ सिंह ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों के लिये अपने-अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति अवश्य कर दें। यदि बीएलए नियुक्त हैं, तो उन्हें और अधिक सक्रिय होने के लिये निर्देशित करें। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे, विवेक श्रोतिय, भारतीय जनता पार्टी से एस.एस. उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जे.पी. धनोपिया, आम आदमी पार्टी से सुमित सिंह चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। एक जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने करें आवेदन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों के निवासी, जो युवा 1 जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। नये मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड स्पीड पोस्ट के जरिये आसानी से उनके घर तक पहुंच जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की नि:शुल्क सुविधाएं प्रदान की गई हैं। ऑनलाइन आवेदन वोटर हेल्पलाइन एप और https://voters.eci.gov.in/ के माध्यम से किया जा सकता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिये निर्वाचन हेल्पलाईन के टोल फ्री नं.-1950 में कार्यालयीन समय पर कॉल करके समाधान प्राप्त किया जा सकता है।  

इज्तिमा स्थल की तरफ भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

भोपाल  मुस्लिम समाज का धार्मिक सम्मेलन (इज्तिमा) का आयोजन राजधानी के ईंटखेड़ी में 29 नवंबर से शुरू होगा। दो दिसंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। इसी सिलसिले में यातायात पुलिस ने मार्ग परिवर्तन योजना जारी की है। इस कार्यक्रम में भोपाल-बैरसिया मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। साथ ही नरसिंहगढ़ और नजीराबाद की ओर से भोपाल आने वाले वाहन भी प्रभावित होंगे। उन्हें गांधीनगर क्षेत्र से होकर गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। मार्ग परिवर्तन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी ईंटखेडी थानांतर्गत ग्राम घासीपुरा में आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें पूरे देश भर से आने वाली हजारों जमातें सम्मिलित होंगी। विदेश से भी जमाती आएंगे। समापन दिवस पर दो दिसंबर को दुआ की नमाज अदा की जाएगी। जिसमें लाखों की संख्या मे मुस्लिम धर्मावलंबी सम्मिलित होंगे। जिसके चलते इज्तिमा स्थल के आसपास के मार्ग पर यातायात का काफी दबाव रहता है। जाम लगने की भी आशंका बनी रहती है। इस वजह से 29 नवंबर को सुबह 10 बजे से दो दिसंबर की रात आठ बजे तक इत्जिमा स्थल ईंटखेड़ी तक सभी प्रकार के भारी वाहनों एवं यात्री बसों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही एक दिसंबर की रात आठ बजे से दो दिसंबर की रात आठ बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इज्तिमा के दौरान इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन एवं बसें – इज्तिमा स्थल (घासीपुरा-ईटखेड़ी) की ओर आने वाले सवारी बसों का बैरसिया से ईटखेड़ी तक के मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल में मेट्रो की राह में रुकावट बन रहीं 18 दुकानें हटाईं, अब आरा मशीनों की होगी शिफ्टिंगभोपाल में मेट्रो की राह में रुकावट बन रहीं 18 दुकानें हटाईं, अब आरा मशीनों की होगी शिफ्टिंग – गुना-शिवपुरी अशोकनगर से बैरसिया होकर भोपाल आने वाली यात्री बसें मकसूदनगढ़-गुना ब्यावरा से होकर भोपाल आ-जा सकती हैं। इसी प्रकार नजीराबाद, सिरोंज, विदिशा से आने वाली बसें, भोजपुरा जोड़ से होकर अहमदपुर-दोराहा होकर परवलिया-मुबारकपुर से होकर से भोपाल जा आ सकती हैं। – भोपाल से गुना-शिवपुरी-अशोकनगर-बैरसिया होकर जाने वाली यात्री बसें मुबारकपुर-परवलिया-दोराहा-अहमदपुर-भोजपुरा जोड़ से आ-जा सकेंगी। – गुनगा, बैरसिया ईंटखेड़ी क्षेत्र के क्रेशरों व अन्य निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले डंपर, ट्रक और सभी व्यावसायी लोडिंग वाहन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे। शहर में स्टेशन/एयरपोर्ट के लिए यह रहेगा वैकल्पिक मार्ग     एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन भदभदा चौराहा, नीलबड़, रातीबड़, झागरिया रोड से खजूरी बायपास, मुबारकपुर बायपास होकर एयरपोर्ट जा सकेंगे।     भोपाल शहर से मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड 2, बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफॉर्म-1 की तरफ आ सकेंगे। शहर मे आने वाली यात्री बसों का डायवर्सन     सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी की ओर आवाजाही करेंगी। आईएसबीटी से आगे यात्री बसों का नादरा बस स्टैंड की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।     इंदौर से भोपाल आने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड का उपयोग करेंगी। इंदौर और उज्जैन की ओर से आने वाली बसें खजूरी बायपास, बैरागढ़ से हलालपुर बस स्टैंड पर अपनी यात्रा समाप्त करेंगी। हलालपुर बस स्टैंड से आगे लालघाटी की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।     गुना, राजगढ़ और ब्यावरा की ओर से आने वाली बसें श्यामपुर, परवलिया होते हुए मुबारकपुर बायपास से खजूरी रोड, बैरागढ़ होकर हलालपुर बस स्टैंड की ओर जा सकेंगी।     विदिशा की ओर से आने वाली बसें सूखीसेवानिया, चोपड़ा बायपास से भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी।     बैरसिया की ओर से आने वाली बसें गोलखेड़ी से तारासेवानिया, परवलिया रोड, मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी। 1 दिसंबर को भारी एवं अन्य वाहनो के लिए डायवर्सन व्यवस्था     1 दिसंबर रात 10 बजे से भोपाल के सीमावर्ती जिलों से शहर में सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।     इंदौर और सीहोर की ओर से आने वाले भारी मालवाहक वाहन भोपाल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें सीहोर जिले की सीमा पर रोका जाएगा या डायवर्ट कर दिया जाएगा।     गुना और राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को ब्यावरा पर रोककर श्यामपुर और सीहोर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।     रायसेन, सलामतपुर और मंडीदीप से आने वाले भारी वाहनों को मंडीदीप और रायसेन सीमा पर रोका जाएगा।     इंदौर की ओर से आने वाले हल्के वाहन, जो होशंगाबाद जाना चाहते हैं, वे सीहोर से झागरिया, भदभदा, डिपो चौराहा, माता मंदिर, लिंक रोड नंबर-2, बीजेपी कार्यालय और मानसरोवर होते हुए मिसरोद रोड की ओर जा सकेंगे।     बैरसिया से भोपाल की ओर आने वाले आम यात्री वाहन गोलखेड़ी, राताताल, तारासेवनिया और परवलिया होते हुए भोपाल में प्रवेश कर सकेंगे।     कार्यक्रम के दौरान मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्या नगर, रतनागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद, भोपाल टाकीज, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय के सड़कों पर होने के कारण इन स्थानों पर यातायात को आवश्यकतानुसार परिवर्तित मार्गों पर चलाया जाएगा। इज्तिमा में शिरकत करने वाले वाहनों के लिए मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था     विदिशा की ओर से आने वाले वाहन लाम्बाखेडा बाइपास चौराहा होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     सीहोर, राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहन मुबारकपुर चौराहा से मीना चौराहा बाइपास होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     भोपाल शहर की ओर से आने वाले वाहन लाम्बाखेडा बाइपास चैराहा होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     बैरसिया की ओर से आने वाले वाहन गोलखेडी जोड होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।

CM यादव ने निवेश आकर्षित करने UK में किया रोड-शो, कहा मध्यप्रदेश में देश का सबसे बड़ा लैंड बैंक

लंदन दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं- भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी से स्थापित और संचालित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कुशल मानव संसाधन भी इसकी ताकत है। प्रति वर्ष 2 लाख से अधिक स्नातक और एक सक्षम कार्यबल प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करते हैं। प्रदेश की 4600 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 1.4 करोड़ एमएसएमई इकाइयां यह साबित करती हैं कि मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता के लिए अपार संभावनाएं है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक गलियारों, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क्स और अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश निवेशकों को उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति और परिवहन की सुविधा प्रदान करता है।

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह फिर बने नंबर-1 टेस्ट बॉलर, यशस्वी जायसवाल को भी मिला बंपर फायदा

नई दिल्ली आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फायदा मिला है और पर्थ टेस्ट मैच में कुल आठ विकेट चटकाने के बाद वह एक बार फिर से नंबर-1 टेस्ट बॉलर बन गए हैं। वहीं टीम इंडिया के युवा सलामी बैटर यशस्वी जायसवाल को भी पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में 161 रनों की यादगार पारी खेलने का इनाम मिला है। जायसवाल आईसीसी टेस्ट बैटर्स की रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। यशस्वी को दो पायदान का फायदा मिला है और अब वह महज जो रूट से पीछे हैं। विराट कोहली ने भी पर्थ की दूसरी पारी में शतक लगाया था और इसका उन्हें रैंकिंग में भयंकर फायदा मिला है। विराट कोहली 9 पायदान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर आ गए हैं। केएल राहुल को भी पर्थ टेस्ट में पचासा ठोकने का फायदा रैंकिंग में मिला है। राहुल 13 पायदान की छलांग लगाकर 49वें पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं ऋषभ पंत छठे नंबर पर बने हुए हैं और वहीं पहला टेस्ट नहीं खेल पाने वाले शुभमन गिल को रैंकिंग में एक पायदान का नुकसान हुआ है। गिल 17वें नंबर पर फिसल गए हैं। वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे, उनको रैंकिंग में कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ा है। रोहित 26वें पायदान पर बने हुए हैं। गेंदबाजों की टेस्ट रैंकिंग की बात करें तो बुमराह एक बार फिर नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बन गए हैं। पर्थ टेस्ट की पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में बुमराह ने तीन विकेट चटकाए थे, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। साउथ अफ्रीका के कगीसो रबाडा दूसरे जबकि ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड तीसरे पायदान पर खिसक गए हैं। भारत के आर अश्विन को रैंकिंग में एक स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर आ गए हैं, हालांकि अश्विन पर्थ टेस्ट में नहीं खेले थे। रविंद्र जडेजा एक पायदान खिसकर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पर्थ टेस्ट में कुल पांच विकेट चटकाने वाले मोहम्मद सिराज को भी रैंकिंग में तीन स्थान का फायदा मिला है और वह 25वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

भोपाल से निवाड़ी जा रहा मंत्री सारंग का काफिला बीना में हुआ दुर्घटनाग्रस्त

बीना  प्रदेश के खेल व युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के काफिले के साथ बीना में हादसा हो गया। काफिले में शामिल कुछ गाड़ियां टकरा गईं। मंत्री सारंग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में शामिल होने भोपाल से निवाड़ी जा रहे थे। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई। हालांकि टक्कर की वजह से एक गाड़ी बेहद क्षतिग्रस्त हो गई, जिस कारण उसे वहीं छोड़ मंत्रीजी का काफिला आगे निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। भोपाल से निवाड़ी के लिए निकले थे मंत्री प्राप्त जानकारी अनुसार मंत्री विश्वास सारंग बुधवार सुबह भोपाल से निवाड़ी जाने के लिए निकले थे। उनका काफिला सुबह 8:00 बजे के लगभग बीना से होकर गुजर रहा था। तभी महावीर चौक से थोड़े आगे अचानक एक वाहन उनके काफिले के सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। सबसे आगे चल रहे वाहन के ब्रेक लगने से पीछे से आ रही गाड़ियां आकर आपस में टकरा गईं। एक गाड़ी ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई जिसे मौके पर छोड़ काफिला निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा पीछे की तरफ से आ रही गाड़ियों के साथ हुआ है। हादसे में मंत्री को किसी तरह की चोट नहीं आई है। इस मामले में बीना थाना प्रभारी अनूप यादव से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रही, ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को CM बनाने के विकल्प भी शामिल

मुंबई महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की सरकार के गठन में अभी कुछ समय लग सकता है। भाजपा नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जैसे ही नाम तय होगा, भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच, शिवसेना और एनसीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय भाजपा नेतृत्व पर छोड़ दिया है। दोनों दलों ने कहा है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दोनों घटक दलों के लिए मान्य होगा। महायुति की भारी जीत के बाद भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी तक इस पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है और अटकलें हैं कि भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रहा है। इनमें ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के विकल्प भी शामिल हैं। यह लगभग स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा, जबकि एनसीपी और शिवसेना से उपमुख्यमंत्री पद पर नेता होंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे थे। अब यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक केंद्रीय स्तर पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अपने विधायकों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे को राज्य के नेतृत्व में बनाए रखना चाहती है। शिंदे को केंद्र में भेजने से शिवसेना को नुकसान हो सकता है। इसलिए संभावना है कि शिंदे राज्य सरकार में भी शामिल रहें। इसके अलावा, एक फॉर्मूला यह भी चर्चा में है कि शिंदे को केंद्र में भेजा जाए और राज्य में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए। अब देखना यह है कि भाजपा और महायुति के अन्य घटक दलों के बीच इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय कब और कैसे लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी के अवसरों के विस्तार से अवगत कराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में निवेशकों और उद्योग जगत के अग्रणी लीडर्स के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स कर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को राज्य की व्यापार अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग और नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक क्षमता और इसके माध्यम से सतत विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी दूरदर्शी सोच साझा की, जिसकी निवेशकों ने सराहना की। मुख्यमंत्री. डॉ. यादव ने कहा “मध्यप्रदेश, निवेशकों के लिए न केवल अवसरों का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा साझेदार है, जो उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।” उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को सुगमता से स्थापित करने और संचालन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अधोसंरचना, कुशल कार्यबल और अन्य संसाधनों पर विशेष जोर दिया।  

नकल रोकने सीसीटीवी कैमरा और इंटरनेट जैसी सुविधाएं जरुरी : शिक्षा विभाग

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं 12वीं की परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू होने जा रही है इससे पहले शिक्षा विभाग स्कूलों में नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम कर रहा है। प्रदेश भर में करीब 4000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने इस बार अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि सभी सुविधाएं होने पर ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को दी गई है। इन सुविधाओं में मुख्य रूप से फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरों की सुविधा होना अनिवार्य बताया गया है। 25 फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड की परीक्षाएं   गौरतलब है कि 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं आगामी 25 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। इन परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 250 परीक्षार्थियों को ही शामिल करने के निर्देश दिये हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को केंद्र तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला शिक्षा अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के साथ प्रस्तावित केंद्रों में खुद जाकर सुविधाएं देखेंगे। उनके अनुमोदन के साथ यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद ही परीक्षा केंद्रों पर मुहर लगेगी। शिकायत के बाद बदली व्यवस्था शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार मंडल में शिकायत मिली है कि केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी होती है। वे एक साथ बैठ जाते हैं और नकल होने लगती है। बेंच व डेस्क पर जगह नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को नीचे बैठाया जाता था, जिससे समुचित निगरानी करना संभव नहीं हो पाती। इस कारण इस बार निजी स्कूलों में अधिक केंद्र बनाए जाएंगे। मंडल खुद करेगा उड़न दस्तों की निगरानी माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। बोर्ड एप के जरिए सीधे परीक्षा केदो और उड़ान दसों पर निगरानी करेगा। दअरसल अभी तक अलग-अलग स्तर पर उड़नदस्ते बनाए जाते थे। इनमें ब्लॉक लेवल, जिला स्तर पर डीईओ, संयुक्त संचालक सहित स्कूल शिक्षा के अन्य अधिकारी भी उड़नदस्ते में शामिल होते हैं। इनमें से सभी पर निगरानी मंडल लेवल पर नहीं हो पाती थी।  

वन्यजीव हमलों में होने वाली मौतों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये हुई

भोपाल वन्यजीव हमलों में होने वाली मौतों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। पहले यह राशि सिर्फ 8 लाख रुपये थी। नई व्यवस्था में पीड़ित परिवार को तुरंत 10 लाख रुपये मिलेंगे और बाकी 15 लाख रुपये की FD बनाई जाएगी। यह कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है। मध्य प्रदेश का मुआवजा अब महाराष्ट्र के बराबर हो गया है। दो किश्तों में जाएगी राशि यह महत्वपूर्ण बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद आया है। वन विभाग इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इससे पहले, वन्यजीव हमले में मौत पर मिलने वाला मुआवजा महाराष्ट्र के मुकाबले काफी कम था। अब बढ़ी हुई राशि से पीड़ित परिवारों को कुछ आर्थिक राहत मिल सकेगी। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त 10 लाख रुपये की तत्काल दी जाएगी। बाकी 15 लाख रुपये की FD की जाएगी। इस FD में से 10 लाख रुपये 5 साल बाद और 5 लाख रुपये 10 साल बाद मिलेंगे। यह राशि मृतक के वारिसों को ब्याज समेत मिलेगी। हर साल आते हैं 40 मामले वर्तमान में, वन विभाग के पास हर साल वन्यजीव हमलों में मौत के लगभग 40 मामले आते हैं। इसके लिए करीब 3 करोड़ रुपये का बजट रखा जाता है। नया प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होने के बाद इस बजट में भी इजाफा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में भी इसी तरह की व्यवस्था है, जहां वन्यजीव हमले में मौत पर 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मध्य प्रदेश में अभी तक मौत पर 8 लाख, इलाज पर खर्च की गई राशि और स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये दिए जाते थे। वहीं, छत्तीसगढ़ में 6 लाख, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। हैरान करने वाले हैं आंकड़े मध्य प्रदेश में बाघ, तेंदुए जैसे मांसाहारी जानवरों का रिहायशी इलाकों में आना बढ़ रहा है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। पिछले पांच सालों में वन्यजीव हमलों में 292 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में अक्टूबर तक वन्यजीव हमलों में मौत, घायल होने और पशुओं के नुकसान के मामलों में 15 करोड़ 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। यह आंकड़ा इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। एमपी से सटे प्रदेशों में भी अलग है राशि मध्य प्रदेश से सटे राज्यों में मुआवजा राशि अलग-अलग है। छत्तीसगढ़ में जनहानि पर 6 लाख रुपये मिलते हैं, लेकिन स्थायी अपंगता पर कोई मुआवजा नहीं है। उत्तर प्रदेश में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 4 लाख रुपये मिलते हैं। राजस्थान में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 3 लाख रुपये मिलते हैं। गुजरात में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये मिलते हैं। महाराष्ट्र में जनहानि पर 25 लाख और स्थायी अपंगता पर 7.5 लाख रुपये मिलते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से कहा यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा,सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं

छतरपुर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का बुधवार को 7 वा  दिन है। यह यात्रा आज झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंचे । पदयात्रा में शामिल लोगों में उत्साह बना हुआ है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। जिनमें संभल हिंसा, बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात और मुस्लिम आबादी का मुद्दा शामिल है। धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के हिंदुओं को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम अपने लिए नहीं लड़ रहे। बल्कि तुम्हारे भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर तुम नहीं जागोगे। तो तुम्हारे मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल दिए जाएंगे।” बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार की खबरें सामने आई हैं। इस बीच, चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास, जिन्हें चिन्मय प्रभु के नाम से जाना जाता है, को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिन्मय प्रभु ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी। शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली को संबोधित किया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि उनकी रैली में देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस मामले पर धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश के हिंदू सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। अपनी संस्कृति और अपने रक्षकों की रक्षा करें। यदि वे ऐसा नहीं करेंगे, तो उनके मंदिर खत्म हो जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो मारी जाएंगी या जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। भारत के हिंदुओं को भी इस बात को समझना होगा कि यह लड़ाई सबके भविष्य के लिए है।”  

प्रयागराज महाकुंभ में 13 जनवरी 2025 को प्रथम मुख्य स्नान पर्व के लिए तैयारी

 प्रयागराज प्रयागराज में महाकुंभ 2025 को भव्य दिव्य नव्य बनाने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू है। 13 जनवरी 2025 प्रथम मुख्य स्नान पर्व की तिथि 10 दिन पहले ही यह संपूर्ण कार्य पूरा करने की कोशिश जारी है। इसके लिए 24 घंटे दिन रात कार्य हो रहा है। लेबर टेक्नीशियन राजगीर कारीगर आदि स्विफ्ट वाइज काम कर रहे हैं। संगम और किला के मध्य स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा लगातार किया जा रहा है। बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर को जोधपुर पिंक स्टोन से सजाया संवारा जा रहा है। बता दें कि बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 11,589 स्क्वायर मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें 535 स्क्वायर मीटर में बड़े हनुमान मंदिर का भव्य गर्भगृह और परिक्रमा पथ बन रहा हैं। वहीं कॉरिडोर एरिया के लिए 2184 स्क्वायर मीटर भूमि निर्धारित है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना था। पैदल परिक्रमा पथ बनेगा हालांकि कम समय की वजह से कुछ कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। कॉरिडोर एरिया में पाथवे के अलावा पूजा-प्रसाद, फूलमाला की दुकानें और श्रद्धालुओं के लिए 6,176 स्क्वायर मीटर का खुला क्षेत्र डिवेलप किया जा रहा है। कॉरिडोर रोड के लिए 1,310 स्क्वायर मीटर और पैदल परिक्रमा पथ के लिए 760 स्क्वायर मीटर भूमि प्रस्तावित है। बजरंगबली से जुड़ी आकृतियां कॉरिडोर की दीवारों पर बजरंगबली के जीवन से जुड़ी आकृतियों को उकेरा जाएगा। कॉरिडोर में प्रसाद तैयार करने के लिए आधुनिक किचन का निर्माण होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के लिए स्थान और मेडिटेशन सेंटर भी होगा। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के आने और जाने के स्थान को भी चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में क्लाक रूम, आरओ वॉटर की सुविधा भी मिलेगी।

मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश में कमजोर जनजातीय समूह परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी

भोपाल केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी है। केंद्र ने ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान’ (पीएम-जनमन) के तहत इन परिवारों को सौगात दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने  ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हवाले से कहा- नरेन्द्र मोदी सरकार का ध्यान समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचने पर है। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि पीएम-जनमन योजना के तहत लक्ष्य (4.9 लाख घर) मार्च 2026 तक हासिल किया जाना है। केंद्र ने पीएम-जनमन के अंतर्गत आंध्र प्रदेश राज्‍य में 297.18 कि.मी लंबाई की 76 सड़कों की स्‍वीकृति भी प्रदान की है। इन 76 सड़कों की अनुमानित लागत 275.07 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्रीय अंश 163.39 करोड़ रुपये एवं राज्य अंश 111.68 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2023 में पीएम-जनमन पहल की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य कमजोर जनजातीय परिवारों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है, जिसमें सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के साथ-साथ बेहतर सड़क, दूरसंचार संपर्क और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना शामिल है।

मध्य प्रदेश सरकार 5000 करोड़ रुपए का नया कर्ज ई-ऑक्शन के जरिए स्टॉक गिरवी रखकर लिया जाएगा

भोपाल  पिछले एक वर्ष में 49000 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है. नए कर्ज को मिलाकर एक वर्ष मोहन सरकार कुल 54,000 करोड़ का कर्ज ले चुकी है, जिस पर अब विपक्षी पार्टियों से सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. मध्य प्रदेश सरकार 5000 करोड़ रुपए का नया कर्ज ई-ऑक्शन के जरिए स्टॉक गिरवी रखकर लिया जाएगा. सरकार 26 नवंबर को 5000 करोड़ कर्ज की राशि दो चरणों में क्रमशः 2500-2500 रुपए में लेगी. सूचना के मुताबिक यह राशि 27 नवंबर को सरकार के खाते में पहुंच जाएगी.    गौरतलब है मध्य प्रदेश सरकार एक साल में 54000 करोड़ रुपए कर्ज लेने पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल उठाए है. कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ कर रही, लाडली बहनों को 3000 देने का वादा था उन्हें भी नहीं दिया जा रहा. सरकार विकास की बात करती हैं लेकिन विकास हो कहां रहा है. एक साल में पांच बार 5000 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी सरकार अगर पिछले 11 महीनों में नजर डालें, तो मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने कुल 49,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. सरकार का कहना है कि धनराशि राज्य की विकास योजनाओं व अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई. हालांकि इससे जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता गया है, जो बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ हो चुका है. पिछली बार अक्टूबर में दो किश्तों में लिया था 5000 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश सरकार चौथी बार 5000 करोड़ रुपए का कर्ज RBI से 2500-2500 करोड़ रुपए के दो किश्तों में लेगी. 5000 करोड़ रुपए का कर्ज सरकार 11 और 19 साल के लिए लेगी. सरकार यह कर्ज प्रदेश में चल रहे विकास कार्य और अन्य योजनाओं को गति देने के लिए सरकार ले रही है.  पिछले 11 महीनों में मोहन सरकार कुल 49,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. सरकार का कहना है कि धनराशि राज्य की विकास योजनाओं व अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई. हालांकि इससे जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता गया है, जो बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ हो चुका है.  साल में 54, 000 करोड़ का कर्ज ले चुकी है मध्य प्रदेश सरकार उल्लेखनीय है अगस्त और सितंबर के महीने में सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का आंकड़ा 20 हजार करोड़ तक पहुंच गया था. अगस्त महीने में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, फिर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3,75,578 करोड़ का कर्ज लिया था.अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक सरकार ने 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था. मध्य प्रदेश सरकार पर है करीब 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज     अगस्त 2024 के शुरुआत में मध्य प्रदेश सरकार ने 2500-2500 करोड़ रुपए का कर्ज दो किश्तों में मध्य प्रदेश सरकार ने     5000 करोड़ का कर्ज लिया था. यह कर्ज भी 11 साल और 21 साल की अवधि के लिए लिया गया था.     22 अगस्त 2024 को 2500-2500 करोड़ रुपए के दो किश्तों में 5 हज़ार रुपए का कर्ज 14 और 21 साल की अवधि के लिए फिर लिया गया…     24 सितंबर को 2500-2500 करोड़ रुपए का कुल 5 हज़ार करोड़ का कर्ज सरकार ने लिया,यह कर्ज 12 साल और 19 साल की अवधि के लिए लिया गया.     अक्टूबर माह में सरकार ने आरबीआई से दो किश्तों में क्रमशः 2500-25000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था.

मोबाइल, रील की लत पारिवारिक रिश्तों पर पड़ रही है भारी, पत्नी रील बनाने में रहती है बिजी, तलाक के लिए कुटुंब न्यायालय में पहुंचे 2000 से अधिक मामले

भोपाल  इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने का शौक अब नशा बनता जा रहा है। यह नशा लोगों के दांपत्य जीवन में जहर घोल रहा है। कई मामलों तो यह तलाक की भी प्रमुख वजह बन रहा है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में पिछले साढ़े 10 महीनों में जो केस आए हैं, उनमें से अधिकतर में पारिवारिक बिखराव की यह चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। न्यायालय के आंकड़े बताते हैं कि एक जनवरी से 20 नवंबर तक विवाह विच्छेद के तीन हजार 349 मामले आए हैं। उनमें से दो हजार नौ मामलों में मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने के नशे को तलाक का आधार बताया गया है। यह संख्या कुल मामलों का 60 प्रतिशत है। कुटुंब न्यायालय में इस तरह की शिकायतों के आधार पर तलाक का आवेदन देने वाले दंपती को समझाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह तरीका अधिकांश मामलों में काम नहीं कर रहा है। इस साल ऐसे मामलों में से केवल 938 मामले ऐसे आए, जिनमें पति-पत्नी के बीच समझौता कराया जा सका। इस तरह बढ़ रही है कलह केस – 1 शादी के दो साल बाद एक पत्नी ने तलाक का आवेदन दिया। आरोप था कि उसके पति बैंक में पदस्थ हैं, लेकिन उसे खर्च के लिए पैसा नहीं देते हैं। उसे रील भी नहीं बनाने देते हैं और कहीं घुमाने भी नहीं ले जाते हैं। काउंसलिंग में पति ने कहा कि उसकी पत्नी प्राइवेट कंपनी में एग्जीक्यूटिव के पद पर है। वह रील बनाती है। टोका तो इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुझे ही ब्लाक कर दिया। मामले की काउंसलिंग चल रही है। केस – 2 एक सरकारी अधिकारी पति ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी रील के जूनून में इस कदर खो जाती है कि बच्चे की देखभाल नहीं करती। घर का हर काम प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि मुझे भी हमेशा तैयार रहने के लिए कहती है, ताकि उसके साथ वीडियो बनाने में उसका साथ दे सकूं। इससे बच्चे का स्कूल में परफार्मेंस खराब हो रहा है। मामले में किसी तरह समझौता कराया गया। केस – 3 सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत पति ने तलाक मांगा। आरोप है कि पत्नी लगातार रील बनाने में व्यस्त रहती है। पूरा समय वीडियो शूट करने और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने में ही बीत रहा है। उसके फालोअर्स भी बढ़ रहे हैं। हर रील में अलग दिखने के लिए वह रोज खरीदारी कर रही है। इस पर पत्नी का कहना है कि पति के पास बाहर घूमाने का समय नहीं है, वह केवल टाइम पास के लिए यह करती है। केस – 4 शादी के पांच साल बाद एक दंपती के बीच तलाक का मामला आया। पत्नी का कहना था कि पति घुमाने नहीं ले जाते हैं। कहते हैं कि टूरिंग जाब में हूं, बाहर भटक-भटककर थक गया हूं। वे खुद बाहर घूमते हैं और रील बनाते हैं। बीते दिनों जब उनके रील्स स्क्राल कर रही थी तो एक रील के बैकग्राउंड में पति अपनी सहकर्मी के साथ कुछ खाते और मस्ती करते नजर आए। उसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ। मामले में काउंसलिंग जारी है।

यूपी में अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी, योगी के निर्देश और 48 घंटे में भुगतान का असर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में धान खरीद का पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एजेंसियों द्वारा अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी है। इसे मुख्यमंत्री के निर्देशों और 48 घंटे में किसानों को भुगतान का असर माना जा रहा है। वर्ष 2023-24 में 25 नवंबर तक एजेंसियों द्वारा 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। पिछले साल से तुलना करें तो अब तक 1.49 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद हो चुकी है। किसानों को 1464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपदों के साथ खाद्य-रसद विभाग के आलाधिकारी क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान भी किया जा रहा है। इस वर्ष किसानों को अब तक 1464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। माना जा रहा है कि इसी का असर है कि खरीद का रिकॉर्ड टूटा है। अब तक 1.49 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की हो चुकी खरीद योगी सरकार के निर्देशन में धान खरीद तेजी से हो रही है। एजेंसियों द्वारा पिछले वर्ष 2023-24 तक 25 नवंबर की अवधि तक 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी, जो इस वर्ष 1.49 लाख मीट्रिक टन बढ़कर 7.28 लाख मीट्रिक टन अधिक हो चुकी है। इस वर्ष अब तक 105439 किसानों से खरीद हो चुकी है। पश्चिमी यूपी में धान खरीद 31 जनवरी व पूर्वी उप्र में 28 फरवरी तक होगी। सहायता के लिए 18001800150 पर संपर्क करें किसान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है। किसान इस पर संपर्क करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा वे जनपदों के खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर समस्या व शिकायत कर सकते हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet