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रतलाम का वन विभाग सैलाना वन क्षेत्र में प्रदेश का पहला कैक्टस गार्डन तैयार करने जा रहा

रतलाम मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में वन विभाग एक नया आयाम स्थापित कर रहा है। सैलाना वन क्षेत्र में प्रदेश का पहला और एकमात्र कैक्टस गार्डन तैयार किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा बल्कि शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए भी एक ज्ञानवर्धक केंद्र साबित होगा। एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी रतलाम जिले के सैलाना में बना हुआ है। लेकिन मध्य प्रदेश में वन विभाग का यह पहला कैक्टस गार्डन बन रहा है जिसमें 100 से ज्यादा प्रजातियां के कैक्टस पौधे लगाए जाएंगे इसके साथ ही यहां पर गार्डन और अन्य सुविधाएं भी मिलेगी। 100 से अधिक प्रजातियों के कैक्टस पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग की योजना के तहत इस गार्डन में 100 से ज्यादा प्रजातियों के कैक्टस का रोपण किया जाएगा। कैक्टस के पौधे मध्य प्रदेश सहित गुजरात से भी लाए जाएंगे। डीएफओ एन. के. दोहरे ने बताया कि यह परियोजना कैक्टस जैसे विशेष पौधों के संरक्षण के साथ-साथ उनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगी। आखिर कैसे हुआ चयन रतलाम जिले में सैलाना वन परिक्षेत्र 10 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। वन विभाग द्वारा कैक्टस गार्डन का तीन माह पूर्व प्रपोजल तैयार किया। शासन स्तर पर पहले प्रपोजल भोपाल भेजा। वहां से केंद्र सरकार के पास पहुंचा। पीएम नरेंद्र मोदी की ‘सेंट्रल ग्रीन इंडिया मिशन योजना’ में इस प्रपोजल को शामिल किया। केंद्र से पूरे देश में 10 से 15 नगर वाटिका (गार्डन), नगर वन व स्माल नगर वाटिका को स्वीकृत किया। स्माल नगर वाटिका में प्रदेश में मात्र रतलाम के सैलाना वन परिक्षेत्र का चयन किया। इसके बाद से वन परिक्षेत्र में कैक्टस गार्डन के लिए कार्य शुरू हो चुका है। वन परिक्षेत्र की सफाई की जा रही है। जिस जगह गार्डन बनेगा उस जगह को समतल कर गड्‌डे खोदने का काम किया जा रहा है। कैक्टस ही नहीं बहुत कुछ देखने को मिलेगा अगर आप सोच रहे है कि सैलाना के वन परिक्षेत्र में केवल कैक्टस गार्डन ही देखने को मिलेगा। तो ऐसा नहीं है, कैक्टस गार्डन के साथ ही वन परिक्षेत्र में ऑक्सीजन पार्क, बटरफ्लाए पार्क, फ्लावर पार्क, किड्स पार्क झूलों के साथ यहां भ्रमण के लिए एक स्थान में सब कुछ आपको मिलेगा। इसके साथ ही नाम राशि अनुसार राशि वन व नौ ग्रह के नाम से नक्षत्र वन भी तैयार किया जाएगा। जिसमें नाम व नक्षत्र के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। स्टेच्यू पर दिखेगा मेडिसनल गार्डन पीएम नरेंद्र मोदी के सेंट्रल ग्रीन इंडिया मिशन योजना के तहत मेडिसनल गार्डन (औषध मानव) का ह्यूमन स्ट्रेक्चर खड़ा किया जाएगा। इस स्ट्रेक्टर पर मेडिसीन लगाई जाएगी। शरीर से जुड़ी बीमारी के लिए कौन सी दवा जरुरी है वह इस मेडिसीन ह्यूमन स्ट्रेक्चर के माध्यम से पता चलेगा। यह भी होगा     आयुर्वेदिक त्रिफला वन के साथ टीग सागवान (सागौन) वन भी बनेगा। इसमें सेल्फी पाइंट बनाया जाएगा। 40 लाख का प्रोजेक्ट, एक साल में होगा तैयार डीएफओ नरेश कुमार दोहरे ने बताया कैक्टस गार्डन समेत अन्य सुविधाओं को विकसीत करने के लिए केंद्र सरकार से राशि दी जाएगी। पूरा प्रोजेक्ट 40 लाख रुपए का है। पहले फेस में वन विभाग को 27.50 लाख राशि मिल चुकी है। हमने काम भी शुरू कर दिया है। इन जगहों से लाएंगे पौधे कैक्टस गार्डन के लिए गुजरात, भोपाल व इंदौर से कैक्टस के पौधे लाए जाएंगे। जिस जगह गार्डन बनेगा उस वन परिक्षेत्र में सैलाना के कैक्टस गार्डन से पौधे लाकर लगा रखे है। बस इस वन परिक्षेत्र को संवारने की जरूरत है। पौधों पर लगेंगे क्यूआर कोड कैक्टस गार्डन में लगाए जाने वालो पौधों की जानकारी के लिए तकनीकी का भी सहारा लिया जाएगा। प्रत्येक पौधों के आगे उनके नाम व प्रजाति के बारे में लिखा जाएगा। इसके साथ पौधों के आगे क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे। जिससे गार्डन में आने वालों को उस पौधों की जानकारी सरलता से मिल जाए। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही पौधों की सारी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी। डीएफओ नरेश कुमार दोहरे के अनुसार गार्डन के विकसित होने के बाद सैलाना और रतलाम क्षेत्र में पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी अत्यधिक उपयोगी साबित होगा। सैलाना में पहले से है एक गार्डन सैलाना में एशिया का पहला कैक्टस गार्डन है। इस गार्डन को सैलाना के महाराजा ने अपनी निजी जगह पर सालों पहले लगाया था। छोटे से लेकर बड़े कैक्टस के पौधों कई प्रजातियों के यहां पर लगे हुए है। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में रतलाम जिले के अलावा अन्य राज्यों से भी पर्यटक पहुंचते है। पर्यटन के रूप में जाना जाता है सैलाना रतलाम से सैलाना करीब 18 किमी दूर रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित है। सैलाना पर्यटन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यहां पर पहाड़ियों के बीच शिवगढ़ मार्ग पर कल्याण केदारेश्वर तो बांसवाड़ा रोड पर भी पहाड़ों के अंदर भगवान भोलेनाथ विराजित है। बारिश व सावन माह में हजारों की संख्या में लोग इन दोनों स्थानों पर पहुंचते है। बारिश में बहते हुए झरने व चारों तरफ हरियाली आकर्षण का केंद्र रहती है। सैलाना का वन परिक्षेत्र भी रतलाम से जाते समय सैलाना में इंटर करते ही मुख्य रोड पर है। सैलाना की और पहचान बढ़ेगी सैलाना के पार्षद ईश्वर डिंडोर का कहना है कि कैक्टस का नया गार्डन बनने से सैलाना की और पहचान बढ़ेगी। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आएंगे। कमलेश राठौर ने बताया सैलाना में कैक्टस गार्डन बनने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे यहां के लोगों के व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। 10 हेक्टेयर क्षेत्र में बॉटनिकल गार्डन का विस्तार कैक्टस गार्डन सैलाना वन क्षेत्र के 10 हेक्टेयर एरिया में विकसित किया जा रहा है। इस बॉटनिकल गार्डन में 150 प्रकार के वृक्ष लगाए जाएंगे, जिनमें से कुछ दुर्लभ और विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियां भी शामिल होंगी। तकनीकी नवाचार के माध्यम से गार्डन में लगाए गए वृक्षों के बारे में जानकारी प्राप्त करना भी सरल बनाया गया है। हर वृक्ष पर एक क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसे स्कैन करने पर उस वृक्ष की विस्तृत जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। कैक्टस गार्डन के विकास पर लगभग 50 … Read more

मध्‍य प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी होगी तैयार, सस्ती दर पर मिलेगी जमीन, एक प्रतिशत से भी कम स्टांप शुल्क

भोपाल  शहरों को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू की है। अन्य योजनाओं को मिलाकर इसमें काम होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी तैयार कर लागू करेगी। इस नीति के तहत मकान बनाने के लिए सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में पंजीकृत आवासों के लिए एक प्रतिशत से कम स्टांप शुल्क लिया जाएगा। ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए निर्मित क्षेत्र में परियोजना के समग्र फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में शामिल नहीं किया जाएगा। 31 दिसंबर तक का है समय नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना को लागू करने के लिए 31 दिसंबर, 2024 से पहले प्रदेश को केंद्र सरकार को सहमति प्रेषित करनी होगी। साथ ही अन्य सुधार 30 जून, 2025 तक पूर्ण कर लागू करने होंगे। 12 नवंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार योजना पर सहमति भेज रही है। लक्ष्य यह रखा गया है कि पांच वर्ष में इस योजना के माध्यम से प्रदेश में दस लाख आवास निर्मित किए जाएं। जारी रहेगी ढाई लाख की सब्सिडी     स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा।     प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश वर्ष 2015 से वर्ष 2023 तक पहले या दूसरे स्थान पर रहता आया है। अभी तक इसमें साढ़े नौ लाख हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है।     अब शहरों को झुग्गी मुक्त करने और आवास की आवश्यकता की पूर्ति के लिए तीन स्तर पर एक साथ काम होगा।     इसमें प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत पंजीकृत आवासों (60 वर्गमीटर तक) के लिए एक प्रतिशत या उससे भी कम स्टांप या पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।     आवास निर्माण के लिए ऐसे हितग्राही जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें सस्ती दर पर पट्टे दिए जाएंगे। इन्हें मिलेगी योजना में प्राथमिकता     प्रधानमंत्री आवास योजना में उन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कहीं भी पक्का आवास नहीं है।     नौ लाख रुपये तक की वार्षिक आय और राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना में लाभ ले चुके व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होंगे।     कल्याणी (विधवा), दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग, सफाई कर्मी, पथ विक्रेता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, निर्माण श्रमिक, मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।     ऐसे व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो और उनके पास स्वयं का भूखंड हो उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से ढाई लाख रुपये की मदद की जाएगी।     यह राशि तीन किस्तों में देय होगी। इसी तरह सरकारी या निजी एजेंसी की परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 30 से 45 वर्ग मीटर का फ्लैट दिलाया जाएगा।     इसके लिए भी ढाई लाख रुपये तक की सहायता केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देगी।  

सरकार ने इंदौर में नए ESIC मेडिकल कॉलेज बनने की दी मंजूरी, साढ़े तीन सौ करोड़ की लागत आएगी

इंदौर इंदौर में एक और नया मेडिकल काॅलेज खुलने जा रहा है। इसका निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम करेगा। इसके सहमति सरकार से मिल चुकी है। नंदानगर स्थित ईएसआईसी परिसर में काॅलेज बिल्डिंग का निर्माण अगले साल शुरू होगा। यह बिल्डिंग 40 साल पहले अस्पताल के लिए बनाई बिल्डिंग को तोड़कर बनाया जाएगा। बीमा निगम के अफसरों के अनुसार यह मेडिकल काॅलेज जबलपुर मेडिकल विश्व विद्यालय से संबद्ध रहेगा। भविष्य में परिसर में नर्सिंग काॅलेज भी खुल सकता है। इंदौर में नया मेडिकल काॅलेज खोलने की योजना दस साल पहले बनी थी, लेकिन तब मेडिकल काॅलेज के लिए 50 एकड़ से ज्यादा की जमीन का नियम था और काॅलेज के छात्रों को प्रैक्टिस के लिए बड़े और आधुनिक अस्पताल की जरुरत भी होती है। इस कारण मामला ठंडे बस्ते में रहा। अब ईएसआईसी ने 500 बेड का अस्पताल बना लिया है। इसका निर्माण 350 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। हाल ही में इसका लोकार्पण वर्चुअली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस अस्पताल में तीन आपरेशन थिएटर, एक्सरे रुम, एमआरआई रुम, सोनाग्राफी, पैथलाॅजी सहित अन्य सुविधाएं भी है। इंदौर संभाग से यहां बीमा निगम से जुड़े कर्मचारी इलाज के लिए अाते है। इस कारण मेडिकल छात्रों को प्रैक्टिस में भी आसानी होगी। अगले माह से टूटने लगेगी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग बीमा अस्पताल के नाम से पहचानी जाने वाली 40 साल पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने का काम अगले माह से शुरू होगा। इस बिल्डिंग का मुआयना केंद्र से आए अफसर कर चुके है। बिल्डिंग के कई हिस्से खतरनाक भी हो चुके है। तोड़ने में चार से छह माह का समय लगेगा। इसके बाद मेडिकल काॅलेज की नई बिल्डिंग का काम शुरू होगा। इस काॅलेज में विभाग यह भी कोशिश कर रहा है कि बीमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी चयन का कुछ कोटा रहे। इंदौर में अभी एक सरकारी और दो निजी मेडिकल काॅलेज है। अब चौथा मेडिकल काॅलेज खुलेगा। 350 करोड़ रुपये की लागत पुराना बीमा अस्पताल 40 साल पहले बना था और अब उसकी स्थिति खतरनाक हो गई है। केंद्र से आए अधिकारियों ने इसका मुआयना किया और इसे तोड़ने का फैसला लिया। इसे तोड़ने में चार से छह महीने का समय लगेगा, जिसके बाद नई मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग का निर्माण शुरू होगा। यह मेडिकल कॉलेज जबलपुर मेडिकल विश्वविद्यालय से संबद्ध रहेगा। इसके साथ ही भविष्य में परिसर में नर्सिंग कॉलेज खोलने की भी योजना है। वर्तमान में ईएसआईसी ने 500 बेड का आधुनिक अस्पताल बनवाया है, जिसकी लागत 350 करोड़ रुपये आई है। इस अस्पताल का लोकार्पण हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था। अस्पताल में तीन ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, एमआरआई, सोनोग्राफी और पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज में छात्रों को प्रैक्टिस के लिए इस अस्पताल का लाभ मिलेगा। साथ ही बीमा निगम यह प्रयास कर रहा है कि बीमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए चयन में कुछ कोटा तय किया जाए। खुलेगा चौथा मेडिकल कॉलेज इंदौर में पहले से एक सरकारी और दो निजी मेडिकल कॉलेज हैं। यह चौथा मेडिकल कॉलेज होगा, जो शहर की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा। ईएसआईसी देशभर में दस नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें इंदौर के अलावा बिहार, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले साल इन कॉलेजों की घोषणा की थी। देशभर में खुलेंगे दस नए मेडिकल काॅलेज देश में दस नए ईएआईसी अस्पताल कर्मचारी राज्य बीमा निगम खोलेगा। इनमें इंदौर शहर भी शामिल है। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले साल दस काॅलेजों के निर्माण की घोषणा की थी। बीमा निगम के काॅलेज बिहार, दिल्ली, हरियाणा,कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और बंगाल में है।

चीनियों ने जिनपिंग से कहा उन्‍हें सुरक्षा के लिए अब पाकिस्‍तानी सैनिकों पर भरोसा नहीं

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान और चीन के बीच बलूचों के हमलों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। बलूच व‍िद्रोही चाइना पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) को बनाने में लगे चीनी इंजीनियरों पर लगातार खूनी हमले कर रहे हैं। यही नहीं चीनी बिजनसमैन को भी पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के अंदर न‍िशाना बनाया जा रहा है। इससे उनके अंदर दहशत का माहौल है। चीनियों ने साफ तौर पर शी जिनपिंग की सरकार को बोल दिया है कि उन्‍हें सुरक्षा के लिए अब पाकिस्‍तानी सैनिकों पर भरोसा नहीं है। हम चीनी सैनिकों को प्राथमिकता देंगे। इन हमलों की वजह से कई चीनी बिजनसमैन पाकिस्‍तान छोड़ना चाहते हैं और उन्‍हें पाकिस्‍तान के अंदर अपना कोई भविष्‍य नहीं दिख रहा है। इससे राष्‍ट्रपति जिनपिंग अब चीनी सेना को तैनात करने को लेकर भारी दबाव में हैं। चीन अगर पाकिस्‍तान में सेना को तैनात करता है तो इसका पाकिस्‍तान और भारत पर क्‍या असर होगा? आइए समझते हैं चीन सरकार पर यह दबाव तब बढ़ गया है जब पिछले महीने दोनों चीनी इंजीनियरों की बलूचों के हमले में मौत हो गई। चीन ने सीपीईसी परियोजना पर अब तक 62 अरब डॉलर का निवेश किया है। सीपीईसी चीन के बीआरआई के सबसे बड़े प्राजेक्‍ट में से एक है। बीआरआई चीनी राष्‍ट्रपति का ड्रीम प्राजेक्‍ट है और सीपीईसी को इसका मुखौटा करार दिया जाता है। चीन के इस प्राजेक्‍ट का बलूच‍िस्‍तान में कड़ा विरोध हो रहा है और बलूचिस्‍तान लिबरेशन आर्मी ने चीनी लोगों को वापस जाने के लिए अल्‍टीमेटम दे रखा है। चीनियों की सुरक्षा में तैनात हैं 15 हजार पाक‍िस्‍तानी सैनिक चीनी निवेशकों को अब तक पाकिस्‍तानी सेना और चीन की निजी सुरक्षा एजेंसियों से सुरक्षा मिली हुई है। हालांकि बाद में पाकिस्‍तान ने विदेशी सुरक्षा एजेंसियों पर प्रतिबंध लगा दिया। बीआरआई मामलों के विशेषज्ञ अलेसांद्रो अरदुइनो ने फाइनेंशियल टाइम्‍स से कहा कि मैं समझता हूं कि यह मुद्दा अब अहम मोड़ पर पहुंच चुका है और सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर चीन पाकिस्‍तान से और ज्‍यादा डिमांड कर रहा है। पाकिस्‍तान में चीनी सुरक्षा एजेंसियां करेंगी, वह पूरी दुनिया के लिए एक लिटमस टेस्‍ट होगा। इससे पता चलेगा कि चीन अपने नागरिकों की पूरी दुनिया में कैसे सुरक्षा करेगा। पाकिस्‍तानी सेना ने चीनियों की सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार जवानों को तैनात किया है, इसके अलावा एक नौसैनिक यूनिट को ग्‍वादर में रखा है जहां चीन नौसैनिक अड्डा बना रहा है। इन सैनिकों की तैनाती का पूरा खर्च चीन के रक्षा मंत्रालय को वहन करना पड़ रहा है। बलूच विद्रोहियों ने ग्‍वादर पोर्ट को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था जहां बड़ी संख्‍या में चीनी नागरिक काम करते हैं। बलूच 26 मार्च को पाकिस्‍तानी वायुसेना के पीएनएस सिद्दीक एयरबेस को भी निशाना बना चुके हैं। इन हमलों को रोकने में पाकिस्‍तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्‍तानी सेना की दुनिया में उड़ेगी खिल्‍ली चीनियों में खौफ की वजह एक यह है कि हाल ही में पाकिस्‍तानी सुरक्षा गार्ड ने दो चीनी वर्कर्स को गोली मार दी थी जिसमें वे बुरी तरह से घायल हो गए थे। इन सब वजहों से चीन पाकिस्‍तान में अपने सुरक्षाकर्मी तैनात करना चाहता है। चीन के सैनिक तैनात होना पाकिस्‍तान की संप्रभुता का खुला उल्‍लंघन होगा और दुनियाभर में पाकिस्‍तानी सेना की जो खिल्‍ली उड़ेगी, वह अलग से होगी। इसी वजह से पाकिस्‍तानी सेना चाह रही है कि चीन जासूसी और निगरानी करने में मदद करे। वहीं चीन के आर्थिक गुलाम बन चुके पाकिस्‍तान में अगर चीनी सेना आती है तो इसका भारत पर भी असर होगा। चीन की सेना पाकिस्‍तान पहुंची तो भारत को खतरा! यह वजह है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है। चीन अगर पाकिस्‍तान में अपनी सेना को तैनात करता है तो वे पीओके में भी आएंगे। पीओके से ही होकर सीपीईसी परियोजना जाती है। भारत इसका कड़ा विरोध करता रहा है। भारत ने साफ कहा है कि पीओके उसका हिस्‍सा है और मानता है कि अगर कोई भी विदेशी मौजूदगी नई दिल्‍ली की संप्रभुता का उल्‍लंघन है। भारत ने बार-बार पड़ोसी देशों श्रीलंका, नेपाल और बांग्‍लादेश को चेतावनी दी है कि वे बीआरआई से पैदा होने वाले खतरे से सजग रहें। बीआरआई आज दुनिया में कर्ज के जाल के रूप में देखा जा रहा है। वहीं अगर चीनी सेना पीओके में मौजूदगी बनाने में कामयाब हो जाती है तो इससे भारत के उत्‍तरी सीमा पर उसका प्रभाव काफी बढ़ जाएगा। इससे दोनों देशों से एक साथ निपटने की भारत की रणनीति और जटिल हो जाएगी।

अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई

भोपाल मध्य प्रदेश में स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों के लिए रेलवे विभाग की ओर से ‘मेरी सहेली ऑपरेशन’ चलाया जा रहा है. रेलवे की ओर से इस अभियान का उद्देश्य महिला यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सहायता पहुंचाना है. ऑपरेशन मेरी सहेली से अभी तक रेलवे ने 38 हजार 188 महिला यात्रियों की सहायता की है. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बल ने ऑपरेशन मेरी सहेली की पहल की है. इस ऑपरेशन का उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करता है और किसी भी तरह की मुसीबत से उनकी रक्षा करनी है. इस अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने कई तरह के विशेष प्रबंध भी किए हैं, ताकि महिला यात्री यात्रा के दौरान किसी भी तरह से असहज महसूस न करें. इसके अतिरिक्त आरपीएफ ने महिला यात्रियों को सुरक्षा के उपायों और जागरूकता के बारे में भी जानकारी दी है, ताकि उनपर किसी भी तरह का कोई संकट न आए. 38 हजार महिला यात्रियों की मदद ऑपरेशन मेरी सहेली अभियान से लगातार महिला यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है. कोई भी महिला किसी भी संकट से बचने के लिए इस अभियान का में हिस्सा ले सकती है. यही कारण है कि इस अभियान के जरिए महिला यात्री जागरूक हुई हैं और अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई है. मददगार है ‘मेरी सहेली ऑपरेशन’     विशेष सुरक्षा प्रबंध- रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों को विशेष सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है. रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों के लिए महिला आरपीएफ कर्मी भी तैनात किए गए हैं और ट्रेन में महिला गार्ड की व्यवस्था की गई है.     जागरूकता और प्रशिक्षण- महिला यात्री को सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को बताया जा रहा है. इसके अलावा आरपीएफ कर्मी महिलाओं को सुरक्षा उपायों, जैसे कि चोरी, छेड़छाड़ और आपातकालीन स्थिति में किस तरह से मदद प्राप्त करनी है, इन सभी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है.     तत्काल समाधान और सहायता- महिला यात्रियों को किसी भी तरह की मुसीबत में तत्काल और त्वरित समाधान सुनिश्चित कराई जाती है. आरपीएफ ने यात्रियों की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला एक विशेष नंबर भी जारी किया है, ताकि कोई भी यात्री किसी भी तरह की मुसीबत में हेल्पलाइन नंबर पर सहायता मांगे.     आपातकालीन संपर्क- आरपीएफ की ओर से महिला यात्रियों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. जिसमें यात्री किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें.     परिवार को सूचना देना- महिला यात्री को इस अभियान में यह भी सलाह दी जाती है कि किसी भी यात्रा के दौरान यात्रा की जानकारी परिवार के सदस्य के साथ भी साझा करनी चाहिए, ताकि अप्रत्याशित स्थिति में घरवालों से सूचित किया जा सके. आरपीएफ की अपील रेलवे सुरक्षा बल ने महिला यात्रियों से अपील की है वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहें और किसी भी समस्या में आरपीएफ से तुरंत संपर्क करें. आरपीएफ की विशेष हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों का सही उपयोग करके महिला यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित करें और किसी भी तरह की स्थिति में अपना आत्मविश्वास न खोएं. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान महिला यात्री अपने सामान और स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान दें. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सावधान रहें. किसी भी तरह की समस्या होने पर आरपीएफ या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जानकारी दें.

गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही : PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी आर्थिक नीतियों एवं सुशासन के बल पर जनता का आत्म विश्वास बढ़ाया है और गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही है। मोदी ने यहां देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का जो मंत्र दिया है, उससे लोगों का जीवन आसान हुआ और उनमें सम्मान एवं स्वाभिमान का भाव पैदा हुआ जिसने देश एवं समाज के विकास को भी गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक भारत की राजनीति और नीतियों को देखा है। उन्हें पहले एक जुमला अक्सर सुनाई देता था- अच्छी आर्थिकी इज बुरी राजनीति। विशेषज्ञ कहे जाने वाले लोग इसे खूब बढ़ावा देते थे। लेकिन इससे पहले की सरकारों को हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने का बहाना मिल जाता था। यह एक तरह से कुशासन को, अक्षमता को छिपाने का माध्यम बन गया था। पहले सरकार इसलिए चलाई जाती थी कि बस अगला चुनाव जीत लिया जाए। चुनाव जीतने के लिए एक वोट बैंक बनाया जाता था और फिर उस वोट बैंक को खुश करने के लिए योजनाएं बनती थी। इस प्रकार की राजनीति ने सबसे बड़ा नुकसान यह किया कि देश में असंतुलित असमानता इसका दायरा बहुत बढ़ता गया। कहने को विकास बोर्ड लग जाता था दिखता नहीं था। असंतुलित अवस्था ने, इस मॉडल ने जनता का सरकारों के प्रति विश्वास तोड़ दिया। उन्होंने कहा, “हम आज इस विश्वास को वापस लाए हैं। हमने सरकार का एक उद्देश्य तय किया है। ये उद्देश्य वोटबैंक वाली जो राजनीति होती है ना उससे हजारों मील दूर है। हमारी सरकार का उद्देश्य एक बड़ा है, विराट है, व्यापक है। हम, जनता का विकास, जनता द्वारा विकास एवं जनता के लिए विकास के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। हमारा उद्देश्य नया भारत बनाने का है, भारत को विकसित बनाने का है। और जब हम इस विराट लक्ष्य को लेकर निकल पड़े हैं तो भारत की जनता ने भी हमें अपने विश्वास की पूंजी सौंपी है। आप कल्पना कर सकते हैं सोशल मीडिया के इस जमाने में भ्रामक प्रचार दुष्प्रचार सब कुछ चारों तरफ अपने पैर जमा करके बैठा है। इतने सारे अखबार हैं, इतने सारे चैनल हैं, उस दौर में भारत के नागरिक का विश्वास हम पर है, हमारी सरकार पर है।” उन्होंने कहा कि जब जनता का विश्वास बढ़ता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तो देश के विकास पर एक अलग ही प्रभाव दिखता है। पुरानी विकसित सभ्यताओं से लेकर आज के विकसित देशों तक एक चीज हमेशा से आम रही है, ये आम चीज है जोखिम उठाने की संस्कृति। एक समय था जब हमारा देश पूरे विश्व के कारोबार और संस्कृति का हॉटस्पॉट था। हमारे व्यापारी एवं नाविक एक तरफ दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ काम कर रहे थे, तो दूसरी ओर अरब, अफ्रीका और रोमन साम्राज्य से भी उनका गहरा नाता जुड़ता था। उस समय के लोगों ने जोखिम लिया और इसलिए भारत के उत्पाद एवं सेवाएं सागर के दूसरे छोर तक पहुंच पाए। आजादी के बाद हमें जोखिम लेने की इस संस्कृति को और आगे बढ़ाना था। लेकिन आजादी के बाद की सरकारों ने तब के नागरिकों को वो हौसला ही नहीं दिया, इसका परिणाम ये हुआ कि कई पीढ़ियां एक कदम आगे बढ़ाने और दो कदम पीछे खींचने में ही गुजर गई। अब बीते 10 सालों में देश में जो परिवर्तन आए हैं उन्होंने भारत के नागरिकों में जोखिम उठाने की संस्कृति को फिर से नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा, “आज हमारा युवा हर क्षेत्र में जोखिम उठाने लगा है। कभी एक कंपनी शुरू करना जोखिम माना जाता था, 10 साल पहले तक मुश्किल से किसी स्टार्टअप का नाम सुनते थे…आज देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या सवा लाख से ज्यादा हो गई है। एक जमाना था कि खेलों में और खेलों को पेशे के रूप में अपनाने में भी जोखिम था, लेकिन आज हमारे छोटे शहरों के नौजवान भी ये जोखिम उठाकर दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का भी उदाहरण है। आज देश में करीब एक करोड़ लखपति दीदी बनी हैं। ये गांव-गांव में उद्यमी बनकर अपना कुछ बिजनेस चला रही हैं। मुझे कुछ समय पहले एक ग्रामीण महिला से संवाद करने का अवसर आया, उस महिला ने मुझे बताया था कि कैसे उसने एक ट्रैक्टर खरीदा और अपनी कमाई से पूरे परिवार की आय बढ़ा दी। एक महिला ने एक जोखिम लिया और अपने पूरे परिवार का जीवन बदल डाला। जब देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग जोखिम लेना शुरू कर दें तब बदलाव सही मायने में दिखने लगता है। यही हम भारत में आज होते देख रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत का समाज अभूतपूर्व आकांक्षाओं से भरा हुआ है। इन आकांक्षाओं को हमने अपनी नीतियों का बड़ा आधार बनाया है। हमारी सरकार ने देशवासियों को एक बहुत अनूठा पैकेज दिया है…ये कॉम्बो, निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का है। हम विकास का ऐसा मॉडल लेकर चल रहे हैं जहां निवेश हो, निवेश से रोज़गार सृजित हो, विकास हो और वो विकास भारत के नागरिकों की गरिमा बढ़ाएं, गरिमा सुनिश्चित करें। अब जैसे देश में शाैचालय बनाने का एक उदाहरण है। मैं छोटी चीजें इसलिए बता रहा हूं कि कभी-कभी हमें लगता है इसका कोई मूल्य ही नहीं है…लेकिन इसकी कितनी बड़ी ताकत होती है, इसका एक उदाहरण है कि हमारे देश में हमने एक मिशन लिया शाैचालय बनाने का, देश की बहुत बड़ी आबादी के लिए ये सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और गरिमा का भी माध्यम है।” उन्होंने कहा कि इस योजना की जब बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि इतने करोड़ शौचालय बने हैं… ठीक है बन गए होंगे। लेकिन ये जो शौचालय बने हैं ना उनको बनाने में ईटें लगी हैं, लोहा लगा है, सीमेंट लगा है, काम करने वाले लोग हैं। और ये सारा सामान किसी दुकान से … Read more

इसरो अगले सप्ताह जीसैट-20 की लॉन्चिंग करेगा, इसमें स्पेसएक्स के रॉकेट का इस्तेमाल होगा

नई दिल्ली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की है। दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं। अगले सप्ताह स्पेसएक्स के Falcom 9 रॉकेट की लॉन्चिग हो सकती है। पहली बार है जब कि इसरो और स्पेसएक्स आपसी सहयोग से इस तरह की लॉन्चिंग कर रहा है। बता दें कि यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप एलन मस्क के खास दोस्त हैं। वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद ही इस डील को भी अंतिम रूप मिला है। GSAT-20 सैटलाइट 4700 किलो का है और भारत के रॉकेट के लिए इसे ले जाना काफी मुश्किल है। ऐसे में इस लॉन्चिंग के लिए स्पेसएक्स का सहारा लिया जा रहा है। यह लॉन्चिंग अमेरिका केप कैनावराल से होगी। यह सैटलाइट अगले 14 साल तक काम करता रहेगा। इससे पहले लॉन्चिंग सर्विस के लिए इसरो फ्रांस की कमर्शल लॉन्च कंपनी का सहारा लेता था। भारी सैटलाइट्स की लॉन्चिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ती थी। हालांकि कंपनी के पास अब कोई भी ऑपरेशनल रॉकेट नहीं है। यूक्रेन से चल रहे संघर्ष के बीच रूस लॉन्चिंग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में स्पेसएक्स फायदा भी उठा रहा है। यह सैटलाइट पूरे भारत में सेवा देगा। रिमोट इलाकों में इंटरनेट के लिए सैटलाइट उपलब्ध रहेगा। इसरो के चेयरमैन राधाकृष्णन दुराइराज ने कहा, इस लॉन्चिंग की लगभग लागत 60 से 70 मिलियन डॉलर है। बता दें कि कम कीमत में लॉन्चिंग के मामले में भारत और स्पेसएक्स की स्पर्धा भी चल रही है। वहीं एलन मस्क यह भी चाहते हैं कि भारत में उनकी स्पेसएक्स स्टारलिंक सैटलाइट सर्विस के इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल जाए। अभी सुरक्षा कारणों से भारत में इसे इजाजत नहीं मिली है। भारत ने अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस तक भेजने के लिए भी स्पेसएक्स के साथ डील की है। राष्ट्रपति चुनाव से पहले की डील अंतरिक्ष प्रक्षेपण की दृष्टि और समय बिल्कुल सही है। हालांकि, संयोग से ये डील अमेरिकी चुनाव रिजल्ट से पहले की है। इसलिए वाशिंगटन डीसी या नई दिल्ली के आलोचक ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ का मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। यह स्पेसएक्स के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई वाणिज्यिक जुड़ावों में से पहला है। जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसरो और स्पेसएक्स कम लागत वाले प्रक्षेपणों के लिए प्रतिस्पर्धी हैं। हालांकि ग्लोबल कमर्शियल स्पेस मार्केट में किसी को भी संदेह नहीं है कि स्पेसएक्स बहुत आगे है। यह सभी जानते है कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत अच्छा रिश्ता है। दोनों नेता एक दूसरे को ‘अपना दोस्त’ कहते हैं। अमेरिका से क्यों हो रही लॉन्चिंग जीसैट-एन2 को अमेरिका के केप कैनावेरल से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो की तरफ से निर्मित 4,700 किलोग्राम का यह उपग्रह भारतीय रॉकेटों के लिए बहुत भारी था। इसलिए इसे विदेशी कमर्शियल प्रक्षेपण के लिए भेजा गया। भारत का अपना रॉकेट ‘बाहुबली’ या लॉन्च व्हीकल मार्क-3 अधिकतम 4,000-4,100 किलोग्राम वजन को भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा में ले जा सकता था। इस मिशन की लाइफ 14 साल है। भारत अब तक अपने भारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए एरियनस्पेस पर निर्भर था। हालांकि, वर्तमान में उसके पास कोई भी चालू रॉकेट नहीं है। भारत के पास एकमात्र विश्वसनीय विकल्प स्पेसएक्स के साथ जाना था। चीनी रॉकेट भारत के लिए अनुपयुक्त हैं। वहीं, यूक्रेन में संघर्ष के कारण रूस कमर्शियल लॉन्चिंग के लिए अपने रॉकेट की पेशकश करने में सक्षम नहीं है। क्या कह रहा इसरो इसरो की बेंगलुरु स्थित कमर्शियल ब्रांच न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और एमडी राधाकृष्णन दुरईराज ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि स्पेसएक्स के साथ इस पहली लॉन्चिंग पर हमें अच्छी डील मिली। उन्होंने कहा कि इस स्पेशल सैटेलाइट को लॉन्च करने की कीमत… टेक्निकल अनुकूलता और कमर्शियल डील… मैं कहूंगा कि स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर इतने भारी उपग्रह को लॉन्च करना हमारे लिए अच्छा सौदा था।

ग्वालियर निगम ने पानी सप्लाई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 50 दिन बाद तिघरा जलाशय का पानी एक दिन छोड़कर दिया जाएगा

ग्वालियर ग्वालियर शहर के लोगों को अब एक दिन छोड़कर ही जल प्रदाय होगा। इसकी शुरुआत शनिवार (16 नवंबर) से हो गई है। शनिवार को आधे शहर में पानी नहीं आया है। जबकि इस बार अच्छी बारिश से ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा लबालब हो गया था। जानकारी के अनुसार ग्वालियर नगर निगम ने रोज पानी सप्लाई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। 50 दिन बाद अब शहर वासियों को तिघरा जलाशय का पानी एक दिन छोड़कर दिया जाएगा। निगम के जिम्मेदारों का दावा है कि सर्दी के मौसम में पानी की बचत कर मई-जून में रोज सप्लाई की जाएगी। 16 नवंबर को 58 पानी की टंकियों से 36 वार्डों के विभिन्न मोहल्ले-कॉलोनियों में सप्लाई की गई है। इसमें पांच स्थानों पर डायरेक्ट पानी सप्लाई भी शामिल है। दूसरे दिन 17 नवंबर को 56 पानी की टंकियों से सप्लाई होगी। 33 वार्डों के कॉलोनी मोहल्लों में पानी की सप्लाई का दिन रहेगा। इसी तरह एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई होगा। अच्छी बारिश के दौरान तिघरा जलाशय लबालब भर गया था। उस दौरान जल संसाधन विभाग ने 15 नवंबर तक रोज पानी सप्लाई देने का फैसला लिया था। उस फैसले के तहत रोज पानी सप्लाई हो रहा था। अब नई व्यवस्था के तहत 16 नवंबर से 30 अप्रैल 2025 तक एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा और 1 मई 2025 से 31 अगस्त तक फिर से रोज पानी सप्लाई होगी। आज (शनिवार) यहां हुई पेयजल सप्लाई रक्कास टैंक, सागर ताल डायरेक्ट सप्लाई, लक्ष्मीबाई कालोनी, लक्ष्मण तलैया, शिंदे की छावनी क्षेत्र खल्लासीपुरा में डायरेक्ट, दाल बाजार-लोहिया बाजार-नया बाजार और ओल्ड हाईकोर्ट क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाई, बीएसएफ कालोनी टंकी, शताब्दीपुरम टंकी, पिंटो पार्क टंकी, महाराजपुरा पहाड़ी, महाराजा काम्पलेक्स डीडी नगर, डीडी नगर के सेक्टर-1, सेक्टर-जी की टंकी, रेलवे कालोनी, एमिटी पहाड़ी, जड़ेरूआ पानी की टंकी, कुंज विहार, अमलताश कालोनी, शिव कालोनी, नारायण विहार, थाटीपुर बजरिया, शारदा विहार, कर्मचारी आवास कालोनी, दर्पण कालोनी, डाइट, तुलसी नगर, न्यू कलेक्ट्रेट, आरकेबीएम, हुरावली, गुप्तेश्वर पहाड़ी, हनुमान पहाड़ी पुरानी टंकी, हेम सिंह की परेड, समाधिया कॉलोनी, गुड़ी पाएगा, जवाहर कालोनी, सिकंदर कंपू, डांग वाले बाबा, अवाड़ापुरा पार्क, अवाड़पुरा पहाड़ी टंकी से क्षेत्रों सप्लाई की गई है। रविवार (17 नवंबर) को यहां आएगा पानी ट्रांसपोर्ट नगर लक्ष्मीपुरम, रक्कास टैंक, इस्लामपुरा, शंकरपुर, हीरा भूमिया- 1, हीरा भूमिया-2, माता मंदिर, सत्यनारायण की टेकरी, विनय नगर सेक्टर-3 और 4, 12 बीघा मोहित गार्डन, 24 बीघा चंदन नगर, इंद्रा कालोनी, आनंद नगर ए और बी ब्लॉक की टंकी, जगनापुरा, पीएचई कालोनी, झलकारी बाई, कोटेश्वर टैंक, एवीएम कॉन्वेंट स्कूल किलागेट, तानसेन नगर, नूरगंज, रेशम मिल, कांच मिल, साकेत नगर, गांधी नगर, द्वारकापुरी, हुजरात कोतवाली, जेएएच अस्पताल, मांढरे की माता संपवै, आम खो पानी की टंकी, मुड़िया पहाड़, इंदरगंज, पंचवटी वस्त्र नगर, चेतकपुरी, माधव नगर, मानसिंह कालेज, गड्ढेवाला मोहल्ला, कृष्णा पहाड़ी मोतीझील, गोला का मंदिर, न्यू शांति नगर, निंबा जी की खो, गोरखी न्यू, गोरखी पुरानी, गजराराजा टैंक, संजय नगर, राजा गैस गोदाम, ब्रिगेड लक्कड़खाना, हाथी खाना, पंचमुखी हनुमान संपवेल आदि शामिल है। नई व्यवस्था से 31 अगस्त तक का पानी तिघरा जलाशय से रोज पानी की सप्लाई व्यवस्था के तहत 12-13 एमसीएफटी पानी लिया जा रहा है। अब एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई व्यवस्था में 8 एमसीएफटी पानी लिया जाएगा। इससे रोज 4-5 एमसीएफटी पानी की बचत होगी। इससे तिघरा में 31 अगस्त तक पानी का स्टोरेज रहेगा।

अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर चुनौती देते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। आतंकवादी अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, विकास और उनकी सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले की रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा, “आज मैंने एक प्रदर्शनी में 26/11 के हमले से जुड़ी रिपोर्टें देखीं। उस समय आतंकवाद भारतवासियों के लिए एक बड़ा खतरा था और लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थितियां बदल चुकी हैं, “अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते।” वोट-बैंक राजनीति से दूर, विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है और वोट-बैंक राजनीति से दूर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है’लोगों के लिए, लोगों द्वारा विकास’। हम केवल जनहित की दिशा में काम कर रहे हैं।” भारत को विकसित बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाना है। भारतीयों ने हमें अपना विश्वास दिया है और हम उस विश्वास को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।” उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए फैल रही गलत जानकारी और अफवाहों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार दृढ़ और अडिग है। युवाओं में जोखिम उठाने की क्षमता का विकास प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्वीकार किया कि स्वतंत्रता के बाद भारत में युवाओं में जोखिम उठाने की भावना का अभाव था, लेकिन पिछले 10 वर्षों में यह पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने कहा, “आज भारत में 1.25 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और हमारे युवा देश को गर्व महसूस कराने के लिए तत्पर हैं।” रोजगार सृजन में सरकार की योजनाएं प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की स्वच्छता और रोजगार सृजन योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हमारे देश में शौचालय बनाने का अभियान शुरू किया गया था। यह योजना केवल स्वच्छता सुधारने में नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में मददगार रही है। यह योजना सम्मान और सुरक्षा प्रदान करती है।” गैस कनेक्शन से लेकर टॉयलेट निर्माण तक प्रधानमंत्री मोदी ने एलपीजी गैस कनेक्शन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “कभी गैस कनेक्शन सिर्फ एक सपना था। इस पर बहस होती थी। लेकिन हमारी सरकार ने हर घर में गैस कनेक्शन देने का कार्य प्राथमिकता से किया। 2014 में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे आज 30 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन हैं। अब कभी गैस की कमी की बात नहीं सुनाई देती।” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने देश को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा।

जनजाति समाज की सेकडीबाई को बाग प्रिंट के लिए मिला सम्मान

कुक्षी जनजाति समाज के विगत  2011  से बाग प्रिंट का कार्य मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के सहयोग से कर रही है सेेकडी बाई पति अमन मुजाल्दा ग्राम रामपुरा विकासखंड कुक्षी में बाग प्रिंट का कार्य स्वयं द्वारा किया जाता है तथा विभिन्न मेलों में एवं है बाजारों में अपने बाग प्रिंट शिल्प कला के वस्त्रों को विक्रय हेतु एवं निशुल्क बाग प्रिंट का प्रशिक्षण देने वाली जनजाति महिला सेकडी बाई को सम्मान मिलने से कुक्षी क्षेत्र का गौरव बढ़ाया उनके पति अमन मुजाल्दा  को 2013,को भोपाल मे मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित सृजन मेले मे सम्मानित किया जा चुका है इस कार्य मे पुरा परिवार अपना व कई परिवारो को ग्राम मे ही रोजगार उपलब्ध करा रहा है जनजाति गौरव  दिवस धार मे  महामहिम राज्यपाल मंगूभाई जी पटेल  व माननीय मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर द्वारा सम्मानित किया गया। पहली बार बाग हस्तकला प्रिंट को लेकर जनजाति महिला को मिला सम्मान यूं तो बाग प्रिंट हस्त कला विश्व भर में प्रसिद्ध है जो मूल रूप से इस कला में पारंगत हैं वर्षों से इस कार्य को कर है वे शासन के सम्मान से दुर थे किंतू एक लंबे समय बाद ही सही जनजाति गौरव दिवस पर बाग प्रिंट के लिए वास्तविक कार्य करने वाली जनजाति महिला का सम्मान करना ही जनजाति गौरव दिवस मनाने का कार्य सार्थक हुआ

2028 सिंहस्थ में दर्शन व्यवस्था के लिए तैयार होगा विशेष रोडमैप, आईआईएम इंदौर रोड मैप करेगा तैयार, टीम ने महाकाल मंदिर का किया निरीक्षण

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. ऐसे में बेहतर क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए IIM इंदौर एक लॉन्ग रन रोडमैप तैयार करेगा. यह योजना आने वाले 20 सालों तक प्रभावी रहेगी. खासतौर पर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी खास इंतजाम किए जाएंगे. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय के नेतृत्व में प्रोफेसर हंस मिश्रा, सौरभ चंद्र और अमित वत्स की टीम ने मंदिर क्षेत्र और शहर के प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया. टीम ने कलेक्टर नीरज सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर मौजूदा भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था का मैप देखा. IIM इंदौर तैयार करेगा रोडमैप उज्जैन IIM की टीम ने महाकाल में श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स, जूते और मोबाइल रखने की व्यवस्था तथा दर्शन के दौरान लगने वाले समय का विश्लेषण किया. निरीक्षण में यह पाया गया है कि श्रद्धालु जिस जगह जूते और मोबाइल जमा करते हैं. उन्हें वही लौटने पर अपनी सामग्री लेनी पड़ती है, जिससे एक ही रूट पर दबाव बढ़ता है. IIM की टीम ने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर जूते और मोबाइल को लिफ्ट कर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए ताकि श्रद्धालु बाहर निकलते ही अपनी सामग्री आसानी से प्राप्त कर सकें. IM इंदौर करेगा मैनेजमेंट प्लान तैयार IIM इंदौर के विशेषज्ञों की टीम, जिसमें निदेशक हिमांशु राय, प्रोफेसर हंस मिश्रा, प्रोफेसर सौरभ चंद्र और प्रोफेसर अमित वत्स शामिल हैं, ने महाकाल मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पहलुओं का गहन अध्ययन किया। दीर्घकालिक योजना पर जोर टीम ने स्पष्ट किया कि 2028 सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए, एक दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी। यह योजना 15-20 वर्षों तक की संभावनाओं को कवर करेगी और महाकाल मंदिर समेत पूरे उज्जैन शहर में क्राउड और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू बनाएगी। रोडमैप में शामिल होंगे ये मुख्य बिंदु: 1 श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट व्यवस्था: महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए समय कम करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। ट्रैफिक प्रबंधन हरी फाटक और अन्य मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या को हल करने के लिए वैकल्पिक रास्तों और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पांच ई मॉडल: टीम शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, आपातकालीन सेवाओं और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत योजना बनाएगी। महाशिवरात्रि, श्रावण माह और सिंहस्थ महाकुंभ जैसे अवसरों पर भीड़ नियंत्रण के विशेष उपाय लागू किए जाएंगे। तीन से चार महीनों में तैयार होगा रोडमैप IIM इंदौर की टीम ने बताया कि वे अगले तीन से चार महीनों में मंदिर और शहर के लिए विस्तृत योजना बनाकर प्रशासन को सौंप देंगे। यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में आसानी होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी।IIM इंदौर के निदेशक हिमांशु राय ने कहा,”हमने मंदिर क्षेत्र और शहर की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण किया है। हमारा उद्देश्य 2028 सिंहस्थ महाकुंभ को सफल बनाने के लिए एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जो दीर्घकालिक रूप से प्रभावी हो।”यह पहल न केवल सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारी को सुगम बनाएगी बल्कि उज्जैन को आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी। इसके अलावा हरि फाटक ब्रिज और मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए भी एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी. टीम ने समझाया कि ट्रैफिक का समाधान होने से दर्शन व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल सकेगी. IIM इंदौर ने कलेक्टर से आवश्यक प्रपोजल मांगा है. अगले कुछ महीनों में ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन को सौंपने का वादा किया है.

ICC का बड़ा ऐलान, भारत आएगी चैंपियंस ट्रॉफी, शेड्यूल जारी

मुंबई आईसीसी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पहले ट्रॉफी टूर जारी कर दिया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की आपत्ति के बाद चैपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नहीं जाएगी. आईसीसी ने पीओके का प्लान पाकिस्तान से कैंसिल करवा दिया है. चैंपियंस ट्रॉफी का टूर 16 नवंबर से इस्लामाबाद से शुरू होगा. वहीं इसका आखिरी शेड्यूल भारत के लिए ही रखा गया है. इसके बाद ट्रॉफी फिर से पाकिस्तान चली जाएगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी को पीओके में भी ले जाना चाहता था. लेकिन बीसीसीआई की आपत्ति के बाद उसके मंसूबों पर पानी फिर गया. अब आईसीसी ने ट्रॉफी टूर का नया शेड्यूल जारी किया है. इसका आगाज 16 नवंबर से होगा और यह 26 जनवरी तक चलेगा. ट्रॉफी 26 जनवरी के मौके पर भारत में ही रहेगी. भारत के लिए 26 जनवरी का दिन काफी अहम होता है. यह इस दिन गणतंत्र दिवस होता है. भारत में कब पहुंचेगी चैंपियंस ट्रॉफी – चैंपियंस ट्रॉफी का टूर भारत के लिए भी फिक्स हुआ है. यह भारत में 15 जनवरी को आएगी और यह 26 जनवरी तक रहेगी. आईसीसी ने इसका पूरा शेड्यूल जारी किया है. चैंपियंस ट्रॉफी का टूर पाकिस्तान में 16 नवंबर से 25 नवंबर तक चलेगा. ट्रॉफी इस्लामाबाद के बाद एबटाबाद, मुर्री, नथिया गली और कराची में जाएगी. इसके बाद यह 26 से 28 नवंबर तक अफगानिस्तान में रहेगी. बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड समेत इन देशों में भी होगा चैंपियंस ट्रॉफी टूर – अफगानिस्तान के बाद चैंपियंस ट्रॉफी बांग्लादेश जाएगी. यह 10 से 13 दिसंबर तक रहेगी. इसके बाद 15 से 22 दिसंबर के लिए दक्षिण अफ्रीका का शेड्यूल रखा गया है. ट्रॉफी 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया में रहेगी. इसके बाद 6 से 11 जनवरी तक न्यूजीलैंड में रहेगी. ट्रॉफी इंग्लैंड में 12 से 14 जनवरी तक रहेगी. इसके बाद भारत पहुंचेगी. पाकिस्तान के इन शहरों में जाएगी ट्रॉफी भारत को पाकिस्तान का ये फैसला पसंद नहीं आया। जिसके बाद बीसीसीआई ने आपत्ति जताई और आईसीसी ने इस पर तुरंत एक्शन ले लिया है। अब चैंपियंस ट्रॉफी का टूर PoK में नहीं जाएगा। इसके लिए आईसीसी ने नए शहरों का चुनाव किया है। जिसमें ट्रॉफी 16 नवंबर को इस्लामाबाद, 17 नवंबर को तक्षशिला और खानपुर, 18 नवंबर को एबटाबाद, 19 नवंबर को मुरी, 20 नवंबर को नथिया गली, और 22 से 25 नवंबर तक कराची का टूर करेगी। इसके बाद ट्रॉफी को अफगानिस्तान ले जाए जाएगा। आईसीसी ने जिन नए शहरों के चुनाव किया है उसमें PoK का कोई भी शहर इस बार शामिल नहीं है। ट्रॉफी टूर का पूरा शेड्यूल :     16 नवंबर – इस्लामाबाद, पाकिस्तान     17 नवंबर – तक्षशिला और खानपुर, पाकिस्तान     18 नवंबर – एबटाबाद, पाकिस्तान     19 नवंबर- मुर्री, पाकिस्तान     20 नवंबर- नथिया गली, पाकिस्तान     22 – 25 नवंबर – कराची, पाकिस्तान     26 – 28 नवंबर – अफगानिस्तान     10 – 13 दिसंबर – बांग्लादेश     15 – 22 दिसंबर – दक्षिण अफ्रीका     25 दिसंबर – 5 जनवरी – ऑस्ट्रेलिया     6 – 11 जनवरी – न्यूजीलैंड     12 – 14 जनवरी – इंग्लैंड     15 – 26 जनवरी – भारत     27 जनवरी – टूर्नामेंट स्टार्टिंग प्लेस – पाकिस्तान  

मध्य प्रदेश में गीता जयंती भव्य रूप में मनाई जाएगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा है कि प्रदेश में अनेक त्योहार जैसे जन्माष्टमी, विजयादशमी और गोवर्धन पूजा आदि सरकार और समाज ने मिलकर मनाए हैं. इसी क्रम में राज्य सरकार पूरे प्रदेश में भव्य रूप में गीता जयंती (Geeta Jayanti) मनाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर (Patel Nagar Iskcon Mandir) में श्री राधावल्लभ जी के श्रीविग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा और दीपदान महोत्सव में हिस्सा लिया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भक्त गण को बधाई दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से लगभग 20 वर्ष पूर्व उज्जैन (Ujjain) में इस्कॉन मंदिर प्रारंभ होने पर उन्होंने स्वामी भक्त निवास जी के सानिध्य में कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. आज पुनः उनके साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला है जहां-जहां श्री कृष्ण के चरण पड़े…-सीएम मोहन यादव इस्कॉन मंदिर के दिव्य प्रांगण से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘मध्य प्रदेश सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ स्थल बनाएगी, जहां भगवान श्री कृष्ण के चरण पड़े हैं.’ मुख्यमंत्री ने कार्तिक पूर्णिमा पर हुए इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी. इस दौरान डॉ. मोहन यादव ने इस्कॉन मंदिर परिसर में भक्ति में लीन एक साढ़े पांच वर्ष के बालक कृष्णप्रेम को गोद में उठाकर स्नेह दुलार भी किया. आयोजित होगी खास शिक्षा प्रतियोगिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित श्रीमद् भगवत गीता के जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. स्कूल शिक्षा एवं इस्कॉन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से गीता की अमूल्य शिक्षा और जीवन मूल्यों को गहराई से समझने और उन्हें आत्मसात करने का अद्भुत अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की महान कला सिखाने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ भी है. दीपदान महोत्सव में पहुंचे सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. यादव ने कहा, ”आज से लगभग 20 वर्ष पूर्व उज्जैन में इस्कॉन मंदिर शुरू होने पर उन्होंने स्वामी भक्त निवास जी के सानिध्य में कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. आज फिर उनके साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला है. वे कृपा पूर्वक इंग्लैंड से यहां पधारे हैं. भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थान बनेंगे तीर्थ स्थल- सीएम मोहन यादव उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को लेकर बड़ी बात कही. सीएम ने कहा, ”मध्य प्रदेश सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ स्थल बनाएगी, जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं.” मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्तिक पूर्णिमा पर हुए इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए आयोजकों को भी बधाई दी. उन्होंने इस्कॉन मंदिर परिसर में भक्ति में लीन साढ़े पांच वर्ष के बालक कृष्णप्रेम को गोद में उठाकर स्नेह और दुलार किया.

अबूझमाड़ क्षेत्र में जवानों ने 5 नक्सलियों किया ढेर, दो जवान घायल

कांकेर बस्तर में सुरक्षा बलों को फिर बड़ी कामयाबी मिली है. उत्तर अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है. वहीं दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट से रायपुर लाया गया है. सर्चिंग में अब तक 5 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वहीं बड़ी मात्रा में नक्सलियों के कब्जे से हथियार भी बरामद किया गया है. मुठभेड़ अभी भी जारी है. पुलिस के मुताबिक, उत्तर अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी गई थी. सर्चिंग के दौरान आज सुबह 8 बजे से लगातार डीआरजी, एसटीएफ और बीएसएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है. सर्चिंग में अब तक 5 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किया गया है. मुठभेड़ अभी भी जारी है. जवानों की स्थिति खतरे से बाहर मुठभेड़ में 2 जवान कास्टेबल हीरामन यादव 23 वर्ष और हेड कास्टेबल खिलेश्वर गावड़े 35 वर्ष घायल हुए हैं. दोनों घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है. बताया जा रहा कि रुक रुक कर फायरिंग अभी भी जारी है. सर्च अभियान जारी है.

बीजेपी के 2 पार्षद 6 साल के लिए निष्कासित, अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद कारवाई

छिंदवाड़ा  भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने भाजपा के पार्षदों समेत 4 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। नगर निगम चुनाव में अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद भाजपा दफ्तर में चार पार्षदों ने अभद्रता की थी। इन चारों पार्षदों को भाजपा जिलाध्यक्ष ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें भाजपा नेता संतोष राय, शिव मालवी और पार्षद किरण हरिओम सोनी और पूर्णिमा मालवी शामिल हैं। सारा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब 8 अक्टूबर को नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, ये प्रस्ताव गिर गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ये कारवाई की गई अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद आरोप लगाया गया था कि है कि इन पार्षदों ने पार्षदों से गली गालोच की और कार्यकर्ताओं के लिए गद्दार और दोगले जैसे अपशब्दों का प्रयोग किया था। इस अनुशासनहीनता के लिए पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसके बाद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ये कारवाई की गई। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के मौजूदगी में गुप्त वोटिंग हुई     8 अक्टूबर को छिंदवाड़ा नगर निगम में हुआ था घमासान।     अध्यक्ष सोनू मागो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।     कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के मौजूदगी में गुप्त वोटिंग हुई है।     कांग्रेस के निगम अध्यक्ष सोनू मांगो के पक्ष में 21 वोट पडे़     वोटिंग में विपक्ष महापौर सहित 27 पार्षदों ने मत दिए थे। सावनेर विधानसभा चुनाव भाजपा प्रत्याशी की सौसर थाने में शिकायत वहीं सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य में विधानसभा चुनाव आगामी 20 नवंबर को है। इस चुनाव में सौसर क्षेत्र के बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सावनेर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सौसर ने सौसर थाना में सावनेर भाजपा प्रत्याशी की शिकायत की है कहा- क्षेत्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमकाने तथा जान से मारने की धमकी मिली है। चुनावी सभा में सीधे कार्यकर्ताओं को धमकी दी सौसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा है कि, विधानसभा चुनाव प्रचार में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा हिस्सा लिया जा रहा है। इस दौरान 15 नवंबर को ग्राम बडेगांव में भाजपा प्रत्याशी की चुनावी सभा थी। उनने सीधे कार्यकर्ताओं को धमकी दी गई। चुनावी आचार सहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया जाए किसी जिम्मेदार दल के प्रत्याशी द्वारा कार्यकर्ताओं को धमकाना निंदनीय है। हमारी मांग है कि, संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। साथ ही चुनावी आचार सहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया जाए। इस अवसर पर ब्लाॅक अध्यक्ष डाॅ राजेन्द्र याम्दे, पूनाराम बाविस्टाले भागवत महाजन, केशव बोढे, संजय ठाकरे, विठठल गायकवाड, अरविंद डहाके, दिलीप गुर्वे, ज्ञानेश्वर गावंढे, पंकज दातारकर, विलास बुले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। भाजपा की गुटबाजी उभरकर सामने आई थी भाजपा को पहले ही गुटबाजी का अंदाजा था। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव के पहले पार्षदों को एकजुट करने में बीजेपी नेता जुटे रहे थे। भाजपा प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी ने मोर्चा संभालते हुए भाजपा कार्यालय में पार्षदों से अलग-अलग चर्चा भी की थी। सबनानी पार्षद दिवाकर सदारंग के घर भी पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान के गुट के पार्षदों से भी बात की थी। हालांकि इन सबके बाद भी हाउस में गुटबाजी नजर आई, क्योंकि वोटिंग के दौरान विपक्ष के 7 पार्षदों ने कांग्रेस अध्यक्ष के पक्ष में वोट डाले थे।

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