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विडियो कान्फ्रेस के माध्यम से संभाग के धान खरीदी के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को कमिश्नर ने दिए निर्देश

जगदलपुर कमिश्नर जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष से विडियो कान्फ्रेस के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि धान खरीदी में सतत निरीक्षण सहित राजस्व अधिकारी के नेतृत्व में प्रत्येक शनिवार को समिति की बैठक करवाकर ग्रामीणों की धान खरीदी से संबधित समस्याओं का निराकरण करवाएं। खरीदी केंद्रों में पीडीएस दुकानों से प्राप्त होने वाले बारदाना की उपलब्धता सुनिश्चित करवाएं। साथ ही संवेदनशील खरीदी केंद्रों में एसडीएम के माध्यम से निगरानी रखें। उन्होंने शहर के कांजी हाऊस में घुमंतुक पशुधन को रखने की क्षमता बढ़ाने या नए कांजी हाऊस स्वीकृत करने के निर्देश दिए। कांजी हाऊस पशुओं हेतु चारा, नैपियर घास की और पैरा व्यवस्था करने कहा। साथ ही जिलों में सीएसआर-डीएमएफटी मद से काऊ कैचर की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता बताई। पशुधन विकास विभाग के द्वारा गौशाला या कांजी हाऊस में नैपियर घास उगाने की पहल किया जा सकता है। उन्होंने शासन के निदेर्शानुसार जिलों में गौ अभ्यारण्य के लिए जमीन चिंहाकन जल्द करने के लिए कहा। मुख्य सड़क मार्गों में दुर्घटनाजन्य क्षेत्र में कांजी हाऊस का नोटीफिकेशन जरूर करवाएं। साथ ही एनएमडीसी के टाउनशीप एरिया में पशुओं के लिए गोठान बनाने के पहल करवाएं। रोड सेफ्टी के तहत हेलमेट जागरूकता रैली, नियमों का पालन करने वालों को सम्मानित करने जैसे नवाचार करें।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी होगी तैयार, सस्ती दर पर मिलेगी जमीन

भोपाल शहरों को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू की है। अन्य योजनाओं को मिलाकर इसमें काम होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी तैयार कर लागू करेगी। इस नीति के तहत मकान बनाने के लिए सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में पंजीकृत आवासों के लिए एक प्रतिशत से कम स्टांप शुल्क लिया जाएगा। ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए निर्मित क्षेत्र में परियोजना के समग्र फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में शामिल नहीं किया जाएगा। 31 दिसंबर तक का है समय नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना को लागू करने के लिए 31 दिसंबर, 2024 से पहले प्रदेश को केंद्र सरकार को सहमति प्रेषित करनी होगी। साथ ही अन्य सुधार 30 जून, 2025 तक पूर्ण कर लागू करने होंगे। 12 नवंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार योजना पर सहमति भेज रही है। लक्ष्य यह रखा गया है कि पांच वर्ष में इस योजना के माध्यम से प्रदेश में दस लाख आवास निर्मित किए जाएं। जारी रहेगी ढाई लाख की सब्सिडी स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश वर्ष 2015 से वर्ष 2023 तक पहले या दूसरे स्थान पर रहता आया है। अभी तक इसमें साढ़े नौ लाख हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। अब शहरों को झुग्गी मुक्त करने और आवास की आवश्यकता की पूर्ति के लिए तीन स्तर पर एक साथ काम होगा। इसमें प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत पंजीकृत आवासों (60 वर्गमीटर तक) के लिए एक प्रतिशत या उससे भी कम स्टांप या पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। आवास निर्माण के लिए ऐसे हितग्राही जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें सस्ती दर पर पट्टे दिए जाएंगे। इन्हें मिलेगी योजना में प्राथमिकता प्रधानमंत्री आवास योजना में उन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कहीं भी पक्का आवास नहीं है। नौ लाख रुपये तक की वार्षिक आय और राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना में लाभ ले चुके व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होंगे। कल्याणी (विधवा), दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग, सफाई कर्मी, पथ विक्रेता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, निर्माण श्रमिक, मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो और उनके पास स्वयं का भूखंड हो उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से ढाई लाख रुपये की मदद की जाएगी। यह राशि तीन किस्तों में देय होगी। इसी तरह सरकारी या निजी एजेंसी की परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 30 से 45 वर्ग मीटर का फ्लैट दिलाया जाएगा। इसके लिए भी ढाई लाख रुपये तक की सहायता केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देगी।  

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।  

जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल

जनजातीय गौरव दिवस, इतिहास के एक बड़े अन्याय को दूर करने का है ईमानदार प्रयास : प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिये अपना सर्वस्व बलिदान दिया प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के दो जनजातीय संग्रहालय राष्ट्र को किये समर्पित जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज आज भी हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे है देश में चल रहा है जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को समक्ष लाने का अभियान बाणसागर बांध से शहडोल जिले के लोगों को भी मिलेगा पानी शहडोल में बनाया जायेगा स्थाई हेलीपेड जनजातीय गौरव दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम शहडोल में हुआ आयोजित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया। जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का है मूल अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का मूल अधिकार है। इसे अंग्रेज उनसे छीनना चाहते थे। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार, अनाचार के खिलाफ जनजातीय समाज को खड़ा किया और अंग्रेजों के खिलाफ दो स्तरों पर लड़ाई लड़ी। एक ओर उन्होंने जनजातीय समाज के मूल अधिकार की रक्षा की और दूसरी ओर ईसाई मिशनरियों द्वारा हमारे धर्म के साथ छेड़छाड़ कर हमारे जनजातीय भाइयों को ईसाई बनाने के कुत्सित प्रयासों को ध्वस्त किया। आज हम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें हृदय से स्मरण और नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को देश के समक्ष लाने का अभियान चलाया है। उन्होंने प्रतिवर्ष देश भर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय मध्यप्रदेश में ही लिया। आज पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा जयंती मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा … Read more

लाहौर में सांस लेना भी हुआ मुहाल, AQI 1900 के पार; मंत्री ने भारत को लेकर दिया अजीबोगरीब तर्क

लाहौर पाकिस्तान का ऐतिहासिक शहर इन दिनों एक बड़ी परेशानी से गुजर रहा है. लाहौर में वायु प्रदूषण चरम सीमा पर पहुंच गया है. यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हाल ही में 1900 तक पहुंच गया है. लाहौर में रिकॉर्ड स्तर के वायु प्रदूषण ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है, जिससे अस्पतालों और प्राइवेट क्लिनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर लोगों ने मास्क नहीं पहना और प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किया, तो पूरे शहर में लॉकडाउन की स्थिति बन सकती हैं. ऑलामा इकबाल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल फैसल असगर नकी ने यहां की प्रदूषण की स्थिति को चिंताजनक बताया. वहीं, एक मरीज हसन अख्तर ने बताया कि उन्हें फ्लू और सीने में इंफेक्शन है. उनका मानना है कि इसकी वजह तेजी से घट रहे पेड़-पौधे और वाहनों से निकलता धुआं है. हसन ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार को हरियाली बढ़ाने, वाहन सुधारने और तकनीकी बदलाव लाने की जरूरत है. ये तो हो गई पाकिस्तान के अस्पतालों की हालत. अब जानेंगे कि आखिर पाकिस्तान में ये हालात कैसे पैदा हो गएं. लाहौर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लाहौर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लोगों की सेहत के लिए काफी खराब है. वहीं इसपर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ते प्रदूषण से अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, जो सांस संबंधी बीमारियों से काफी परेशान हैं. वहीं इस पर पंजाब सरकार ने लोगों को फेस मास्क पहनने, अनावश्यक बाहर न निकलने और बच्चों व बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. ग्रीन लॉकडाउन की स्थिति लाहौर में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, और वाहनों व निर्माण कार्यों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसके अलावा, सरकारी दफ्तरों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ‘ग्रीन लॉकडाउन’ के तहत घर से काम करने की अनुमति दी गई है. सरकार ने यह भी कहा है कि जो क्षेत्र “ग्रीन लॉकडाउन” का पालन नहीं करेंगे, वहां पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. क्या कह रहें विशेषज्ञ? वहीं विशेषज्ञों की मानें तो लाहौर का प्रदूषण स्तर इतनी तेजी से बढ़ने का कारण आसपास के इलाकों में होने वाली पराली जलाने की घटनाएं हैं. पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने इस पर कहा कि भारत से आने वाली हवाएं लाहौर में प्रदूषण के स्तर को बढ़ा रही हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय शहर अमृतसर और चंडीगढ़ की ओर से आने वाली हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और आने वाले कुछ दिनों तक यह स्थिति बने रहने की संभावना है. लाहौर प्रशासन उठा रहा ये कदम लाहौर प्रशासन ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए कृत्रिम वर्षा कराने की योजना पर भी विचार किया है ताकि वायु की गुणवत्ता में सुधार हो सके. साथ ही, पंजाब के मुख्यमंत्री ने भारत के पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर प्रदूषण की इस गंभीर समस्या पर चर्चा करने की योजना बनाई है. लाहौर को कभी हरियाली और बाग-बागीचों का शहर माना जाता था, लेकिन तेजी से शहरीकरण और हरियाली में गिरावट के कारण यहां वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन गया है. WHO के लिमिट से भी 122 गुना ज्यादा     कई दिनों से शहर के 1.4 करोड़ लोग धुंध से प्रभावित हैं। स्विस वायु गुणवत्ता मानीटर आइक्यूएयर घातक पीएम 2.5 प्रदूषकों के स्तर 613 पर पहुंच गया।     यह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा स्वास्थ्य के लिए खराब माने जाने वाले स्तर से 122.6 गुना अधिक है। अब हरकत में आई सरकार पंजाब की वरिष्ठ मंत्री मरियम औरंगजेब ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार ने एक सप्ताह के लिए प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया है और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि बच्चे मास्क पहनें, क्योंकि शहर में धुंध की मोटी चादर छाई हुई है। औरंगजेब ने कहा कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 50 फीसद कार्यालय कर्मचारी घर से काम करेंगे। लाहौर में वायु प्रदूषण का अब तक का रिकॉर्ड सरकार ने एक एडवाइजरी भी जारी की जिसमें लोगों से घर के अंदर रहने, दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने और जब तक आवश्यक न हो यात्रा करने और घर से बाहर जाने से बचने का आग्रह किया गया। भारत पर फोड़ा ठीकरा मंत्री औरंगजेब ने वायु प्रदूषण की इतनी खराब स्थिति का कारण पड़ोसी भारत को बताया। उन्होंने कहा कि इस वायु प्रदूषण का कारण भारत से आने वाली हवाएं हो सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत के साथ बातचीत के बिना इसे हल नहीं किया जा सकता है। प्रांतीय सरकार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के माध्यम से अपने बड़े पड़ोसी के साथ बातचीत शुरू करेगी।

BCCI की आपत्ति के बाद PCB के मंसूबों पर ICC ने डाला ठण्डा पानी, PoK नहीं जाएगी चैंपियंस ट्रॉफी

मुंबई चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन पाकिस्तान में होना है. आईसीसी ने इससे पहले ट्रॉफी को पाकिस्तान भेज दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ट्रॉफी के साथ टूर करना चाह रहा था. पीसीबी इसको लेकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी जाने के प्लान में था. लेकिन आईसीसी ने पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. अब पीसीबी ट्रॉफी के साथ पीओके नहीं जा सकेगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड 16 नवंबर से 24 नवंबर तक ट्रॉफी को पूरे देश में घुमना चाह रहा था. इसे दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी के2 पर भी ले जाने का प्लान है. इसके साथ ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के तीन शहर स्कार्दु, मुर्री और मुजफ्फराबाद में ले जाने का प्लान है. लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी. आईसीसी ने इस पर संज्ञान लिया है. आईसीसी ने पीसीबी को ट्रॉफी को पीओके न ले जाने के लिए कहा है. चैंपियंस ट्रॉफी पर मचा बवाल – चैंपियंस ट्रॉफी पर अब तक काफी बवाल हो चुका है. टीम इंडिया टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी. इसको लेकर पीसीबी में काफी हलचल मची हुई है. टूर्नामेंट का आयोजन अगले साल 19 फरवरी से 9 मार्च तक होगा. लेकिन अभी तक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है. हालांकि इससे पहले ही चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान पहुंच गई है.

मध्यप्रदेश के 73% सरकारी कर्मचारी हो रहे उम्रदराज, सरकार की बढ़ी टेंशन !

भोपाल मध्यप्रदेश के 73 फीसदी क्लास-वन अधिकारी और 53 फीसदी क्लास-टू अफसरों की उम्र 45 साल से ज्यादा है। इसके अनुपात में क्लास-वन युवा अफसरों की संख्या 27% तो क्लास टू कैटेगरी के अधिकारी 47% हैं।  प्रदेश के 73 फीसदी क्लास वन अधिकारी तो 53 फीसदी क्लास टू अधिकारियों की उम्र 45 साल से ज्यादा है। इसके अनुपात में क्लास वन युवा अधिकारियों की संख्या 27% तो क्लास टू कैटेगरी के अधिकारी 47% हैं। आने वाले 5 साल में सभी कैटेगरी के एक लाख से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं।इस स्थिति ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों से खाली पदों का ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद सीएम मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ इसी महीने बैठक करेंगे। क्यों बन रही ऐसी स्थिति ? जानकारों की मानें तो ऐसी स्थिति इसलिए बनी क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। इसका असर आने वाले समय में सरकार के कामकाज पर पड़ना तय है। जानकार ये भी मानते हैं कि युवाओं की भर्ती नहीं होने से आने वाले समय में नवाचार और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में कमी आएगी।मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ डॉक्टर्स की रिटायरमेंट उम्र 65 साल है। बाकी विभागों में 62 साल में कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।  क्लास वन अधिकारियों की बात की जाए तो इनकी कुल संख्या 8 हजार 49 हैं। इनमें से 2135 यानी 27 फीसदी अधिकारी 45 साल से कम उम्र के हैं। 46 से 61 साल से ज्यादा उम्र वाले अधिकारियों की संख्या 5 हजार 914 है, जो कुल अधिकारियों की संख्या का 73 फीसदी है।क्लास वन अधिकारी राजपत्रित अधिकारी होते हैं। प्रशासनिक मशीनरी को चलाने में इनका अहम रोल होता है। इस स्थिति ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों से खाली पदों का ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद सीएम मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ इसी महीने बैठक करेंगे। जानकारों की मानें तो ऐसी स्थिति इसलिए बनी क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। इसका असर आने वाले समय में सरकार के कामकाज पर पड़ना तय है। जानकार ये भी मानते हैं कि युवाओं की भर्ती नहीं होने से आने वाले समय में नवाचार और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में कमी आएगी। मध्यप्रदेश में लोकसेवा आयोग (पीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाने वाली सरकारी भर्ती में होने वाली देरी आने वाले समय में फजीहत की वजह बन सकती है। साथ ही युवाओं की घटती संख्या का असर सरकार की एफिशिएंसी पर भी पड़ रहा है।इन स्थितियों को देखते हुए अब मोहन सरकार इस ओर गंभीर हुई है और पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों के रिक्त पदों का ब्योरा विभाग प्रमुखों से मांगा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इसी माह सभी विभागों का रिक्त पदों का डिटेल आने के बाद सीएम के साथ बैठक करने की बात भी कही है। किस कैटेगरी में कितने अधिकारी युवा और कितने उम्रदराज प्रदेश सरकार की 31 मार्च 2023 को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में नियमित सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या कुल 5 लाख 90 हजार 550 है। मौजूदा साल में ये आंकड़ा और घट गया है, जिसकी रिपोर्ट इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद जारी की जाएगी। एमपी में 45 साल से कम उम्र वाले कुल अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या 3 लाख 7 हजार 315 है, जो कुल कर्मचारियों का 52 फीसदी है। 46 से 61 साल की उम्र के कर्मचारियों की संख्या 2 लाख 83 हजार 235 हैं, जो कुल कर्मचारियों का 48 फीसदी है। युवा और उम्रदराज कर्मचारियों के बीच केवल 4 फीसदी का अंतर है। जानकारों के मुताबिक, ये रेश्यो 60:40 का होना चाहिए यानी 60 फीसदी युवा और 40 फीसदी उम्रदराज कर्मचारी-अधिकारी होने चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल प्रांगण में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज इस पवित्र दिन सिख समुदाय के अपने भाइयों-बहनों के बीच आकर मैं बहुत खुशी का अनुभव कर रहा हूँ। गुरु नानक देव जी का जीवन न केवल सिख समुदाय के लिए प्रेरक है अपितु सभी भारतीयों के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है। गुरु नानक जी के वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक समतामूलक समाज के निर्माण पर जोर दिया। देश की आज़ादी में सिख समाज का बहुत बड़ा योगदान है। सिख समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध है। धर्म के प्रति समर्पण और सेवा की भावना सिख समाज की अभिन्न पहचान है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जब हम गुरु गोविंदसिंह जी का जीवन देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनके पुत्र साहेबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी पर धर्म बदलने का दबाव आया। उन्होंने शहादत कबूल की लेकिन धर्म नहीं बदला। ऐसा इतिहास सिख समाज का रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने साहेबजादों के शहादत दिवस 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया और हर साल हम गर्व के साथ यह दिन मनाते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री मनमोहन चावला व गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।

श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा गुरु नानक देव जी जात-पात और ऊंच-नीच में उलझे हुए समाज को एक नई दिशा देने का काम किया था

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि गुरु नानक देव जी संत परंपरा के एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने जात-पात और ऊंच-नीच में उलझे हुए समाज को एक नई दिशा देने का काम किया था। वे सनातन धर्म के सच्चे संस्थापक थे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर आज सोनागिरी कॉलोनी में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। इस दौरान उन्होंने शिव मंदिर सोनागिरी ए सेक्टर में 9 लाख 50 हजार की लागत से बनने वाले शेड निर्माण का भूमिपूजन भी किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर सिंधु सोशल सर्कल, भेल द्वारा हर वर्ष की तरह, इस वर्ष भी, श्रद्धा, आस्था, और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। श्रीमती गौर ने कहा कि 555 वर्ष पूर्व देश में मुगलों का शासन था, हम विचार करें, कितना कठिन समय रहा होगा, कितना मुश्किल भरा समय था, मुगलों के अत्याचारों और मुगलों की प्रताड़ना झेलते हुए कोई संत सनातन धर्म की बात कैसे कर सकता था, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में भी गुरु नानक देव जी ने सनातन धर्म की ध्वजा को हाथ में लेकर संपूर्ण समाज में सनातन धर्म की अलख जगाई। गुरु नानक देव जी के संदेश आज के समय में भी प्रासंगिक है। इस अवसर पर गिरीश शर्मा, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, प्रदीप लोधी, श्रीमती ममता मनोज विश्वकर्मा, श्रीमती मधु शिवनानी, मनोज विश्वकर्मा, संजय शिवनानी, डी डी मेघानी आदि मौजूद रहे।  

पीएम मोदी के विमान में आई खराबी, तकनीकी खराबी ठीक होने तक विमान को अब एयरपोर्ट पर ही रुकना होगा

देवघर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान में शुक्रवार को झारखंड के देवघर में तकनीकी खराबी आ गई। तकनीकी खराबी ठीक होने तक विमान को अब एयरपोर्ट पर ही रुकना होगा। दिल्ली से दूसरा विमान देवघर भेजा जा रहा है, जिससे पीएम के राजधानी लौटने में देरी हो रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली झारखंड के उलिहातू गांव का दौरा किया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मोदी भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु गांव का दौरा करने वाले प्रथम प्रधानमंत्री है। प्रधानमंत्री ने एक टवीट में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी के गांव उलिहातू में उन्हें शीश झुकाकर नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यहां आकर अनुभव हुआ कि इस पवित्र भूमि में कितनी ऊर्जा-शक्ति भरी है। इस मिट्टी का कण-कण देशभर के मेरे परिवारजनों को प्रेरित कर रहा है। उलिहातू का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री मोदी का स्थानीय लोगों ने ढोल और मांदर जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने बिरसा मुंडा के जन्मस्थान की मिट्टी को पवित्र बताते हुए उससे तिलक भी लगाया। प्रधानमंत्री ने आदिवासी प्रतीक बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 20 नवंबर को दूसरे दौर के मतदान से पहले शुक्रवार को झारखंड में दो रैलियों को संबोधित किया। अपनी रैलियों में पीएम मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के लोगों को कमजोर करने के लिए आरक्षण खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उधर, देवघर से 80 किलोमीटर दूर झारखंड के गोड्डा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर एटीसी से मंजूरी के इंतजार में 45 मिनट तक खड़ा रहा। कांग्रेस ने दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के कार्यक्रम को बाधित करने के लिए जानबूझकर देरी की गई थी। कांग्रेस ने देवघर के पास पीएम की रैली की ओर इशारा करते हुए सुझाव दिया था कि उनके कार्यक्रम को गांधी के कार्यक्रमों पर प्राथमिकता दी जा रही है। राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को 45 मिनट बाद उड़ान भरने की इजाजत दी गई।

धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बोले हमने बिल्कुल ठीक कहा है कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है, तुम हमारे यहां जाकर क्या करोगे

भोपाल  धीरेन्द्र शास्त्री बोले- हिन्दू मस्जिदों में घुसें तो जूते मारो “बंटेंगे तो कटेंगे” का किया समर्थन BCCI के फैसले पर कहा- भिखमंगा देश जाकर क्या करेंगे गजवा ए हिन्द वाले अपनी संख्या बढ़ा रहे 21 नवंबर से धीरेंद्र शास्त्री शुरू करेंगे पदयात्रा बीसीसीआई का फैसला सही, भिखमंगा देश जाकर क्या करेंगे कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने अरेरा कॉलोनी स्थित विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक के निवास पर मीडिया से चर्चा की। पं धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के “बंटेंगे तो कटेंगे” वाले बयान पर कहा- राजनीतिक दृष्टि से वह गलत है। लेकिन, सामाजिक दृष्टि से देखा जाए तो भारत के लोग अगर बंटेंगे तो चीन वाले काटेंगे। धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा- किसी भी राजनेता के ऊपर आज तक हमने टिप्पणियां नहीं की हैं। ना कोई जवाब दिया है। ये हमारे स्वभाव में है क्योंकि हमारा रास्ता आध्यात्मिक रास्ता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महात्मा होने और कट्टर हिंदू होने के नाते नारा दिया तो यह बहुत अच्छा दिया है। लोगों ने अपनी-अपनी दृष्टि से देखा, लेकिन हमने इसको ऐसे देखा कि अगर हम भारतीय आपस में बंटेंगे तो, चीन वाले हमको काटेंगे, पाकिस्तान वाले हम लोगों को काटेंगे। हम लोगों को विदेशी ताकते काटेंगी। भारत के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। अगर पॉलिटिकल बयान पर कहें तो इस पर हमारी कोई टिप्पणी नहीं है। लेकिन हिंदुस्तानी होने के नाते हमारी यह टिप्पणी हैं कि हम भारतीयों को बंटना नहीं है। अगर बंटेंगे तो सच में कटेंगे। बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण देने और सिलेंडर देने के ऐलान पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा इस देश में बहुत प्रायोजित तरीके से षड्यंत्र चल रहा है। विधर्मी लोग जिन्हें हिंदुत्व से बैर है, जिन्हें वंदे मातरम बोलने से दिक्कत है, जिन्हें राष्ट्रगान गाने से दिक्कत है। जिन्हें गजवा ए हिंद चाहिए। वह लोग अपनी संख्या बढ़ा रहे हैं। बच्चे भी ज्यादा पैदा कर रहे हैं और विदेशों में भी रहने वाले उनके इष्ट मित्र बांग्लादेश के रोहिंग्याओं को बुला-बुला कर भारतीय वोट बैंक को बढ़ाकर अपनी सत्ता जमाना चाहते हैं। इसलिए भारत की सरकार को, हमको और आपको इसी वक्त जागना पड़ेगा कि हम विदेशी शरणार्थियों को और देश विरोधियों को देश में पनाह नहीं देंगे। कुंभ में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा हमने बिल्कुल कहा है कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है। मक्का मदीना में हमें नहीं बुलाया जाता आप इतने ही उदारवादी गंगा- जमुनी वाले हो। तो मक्का मदीना में हमारी दुकान लगवा दो। हम भी गरीब ही हैं भैया। भारत में इतने हिंदू गरीब हैं तो आपकी मजारों के सामने हम लोगों की दुकान नहीं लगती तो मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है? आपको त्रिवेणी का ज्ञान नहीं, संगम का ज्ञान नहीं, संतों के मान का पता नहीं, कथा का पता नहीं। खालसा क्या होते हैं, पंथ क्या होता है इसके बारे में पता नहीं। तो तुम हमारे यहां जाकर क्या करोगे? धंधा करके मूत्र कांड करोगे? थूक कांड करोगे। इससे बेहतर यह है कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है ? हम तुम्हारी मस्जिदों में नहीं घुसते तुम हमारे यहां क्यों आओगे? हमारे हिंदू तुम्हारी मस्जिदों में घुसें तो जूते मारो। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- 21 नवंबर से 29 नवंबर तक हिंदू एकता पदयात्रा है। भारत के सनातनियों को जगाने के लिए, जाति-पांति, ऊंच- नीच, भेदभाव को मिटाने के लिए यह पदयात्रा होगी। क्योंकि भारत पर अब करो या मरो की बारी है। भारत पर संकट भारी है इसलिए हम पदयात्रा करेंगे। पं धीरेंद्र शास्त्री ने BCCI के पाकिस्तान टीम न भेजने पर कहा- उचित फैसला है। वो कंगाल देश है वहां जाकर क्या करेंगे? भिखमंगा देश है। आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान को मिली है। इसको लेकर बीसीसीआई ने टीम इंडिया को पाकिस्तान न भेजने का फैसला किया है। इस चैम्पियंस ट्रॉफी में आठ टीमों का टूर्नामेंट होना है। आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिख समुदाय की ओर से सरोपा पहनाकर पुष्पहार से स्वागत किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरू नानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका और सिख संगत को गुरू नानक जयंती की बधाईयां दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिख समुदाय की ओर से सरोपा पहनाकर पुष्पहार से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज में भाईचारे और सबकी चिन्ता करने वाले, सबको एक साथ लेकर चलने वाले और लोगों में समानता का भाव जगाने वाले गुरू नानक जी का जब हम स्मरण करते हैं तो मन प्रफुल्लित हो उठता है। सच्चे अर्थों में उनके संदेशों पर अमल करने वाले एवं उन्हें आत्मसात करने वाले लोग दुनिया के 200 से अधिक देशों में निवासरत हैं और उनकी अच्छाईयों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण मानवता के लिए समरसता एवं विश्व बंधुत्व का मार्ग प्रशस्त करने वाली उनकी शिक्षा और संदेश युगों-युगों तक हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरू नानक देव जी ने अत्याचार एवं समाज की कुरीतियों के खिलाफ बुलंद आवाज उठाई। गुरू नानक देव जी के संदेशों को लोगों ने अंगीकार किया। उन्होंने विशेष रूप से माताओं और बहनों को साथ लेकर चलने और विदेशी आक्रमण की बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को एक साथ खड़ा किया। निशान साहिब को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुग्रंथ दरबार से बाहर निकल कर गुरुद्वारा परिसर स्थित निशान साहिब को नमन किया। निशान साहिब ध्वज स्तंभ पर फूल माला अर्पित कर मत्था टेका। इस अवसर पर नरेन्द्र सलूजा, सुरेंद्र सिंह अरोरा, सुखवीर सिंह, राहुल कोठारी एवं महिला सेवा मंडल की ओर से सुइंद्रजीत कौर संधू, सुकमलजीत कौर सलूजा, सुगुरलीन खनूजा, सुप्रेमजीत कौर, सुजगमीत कौर एवं सिख समुदाय के लोग भी उपस्थित थे। प्रकाश पर्व पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गुरू नानक जयंती और प्रकाश पर्व पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व प्रदेश में धूमधाम और भव्यता के साथ आयोजित करें। मुख्यमंत्री ने प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समुदाय को 17 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पहले “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का किया लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा में प्रदेश के पहले शासकीय “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण केंद्र विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समूह के नागरिकों में रक्तजनित वंशानुगत विकारों के शोध, जांच एवं नैदानिक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए समर्पित रहेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र की स्थापना प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिससे रक्तजनित विकारों से प्रभावित विशेष समूहों को सटीक और समर्पित चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके। विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समुदायों में इन विकारों की व्यापकता को देखते हुए इस केन्द्र की आवश्यकता थी। यह केन्द्र रक्तजनित वंशानुगत विकारों का गहन अध्ययन करेगा और रोग की समय पर पहचान कर चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में गांधी स्मारक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश शीर्ष पर मध्यप्रदेश में सिकिल सेल एनीमिया नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास किए गये हैं। अब तक 80 लाख 67 हजार 135 लोगों की स्क्रीनिंग कर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के प्रथम चरण में 46 लाख से अधिक लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड वितरित किए गए हैं, जिसमें भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण के सफल पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर पूरे देश में “सिकिल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047” की शुरुआत की गई है, जिसमें 17 राज्य शामिल हैं।  

भोपाल को झुग्गी मुक्त करने कलस्टरों में विभाजित करने की योजना, पीपीपी माेड के तहत बनाए जाएंगे पक्के मकान

भोपाल  राजधानी को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।दरअसल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर शहर को नौ कलस्टरों में विभाजित करने की योजना बनाई है।इसके तहत सभी झुग्गी क्षेत्रों का सर्वे कर चिह्नांकन किया जाएगा और कुल कितनी शासकीय भूमि पर झुग्गी बनी हुई हैं इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इन सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली। जिसमें नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। जिसमें तय किया गया कि झुग्गी हटाने के पहले चरण की शुरूआत मंत्रालय वल्लभ भवन से की जाएगी। यहां करीब 39 हेक्टेयर भूमि में बनी नौ झुग्गी बस्तियों को हटाया जाएगा और रहवासियों को पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। बता दें कि नवदुनिया ने पूर्व में शासकीय भूमि पर झुग्गियों से संबंधित खबरें प्रकाशित की हैं। 12 हेक्टेयर में बनाए जाएंगे पक्के मकान पहले कलस्टर के प्रथम चरण में मंत्रालय के पास बनी नौ झुग्गी बस्तियों को चिह्नित किया गया है।इनमें ओम नगर, वल्लभ नगर, भीम नगर, दुर्गा नगर, अशोक सम्राट नगर, कुम्हार पुरा, झदा कॉलोनी और वल्लभ नगर दो के छह हजार 534 परिवारों को पक्के मकानों में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए अधिकारियों सर्वे पूरा कर लिया है और अब इसके आधार पर ही डीपीआर, डिजाइन, प्लानिंग पालिसी, एस्टीमेट और टेंडर तैयार किए जाएंगे। यह काम अधिकारियों को एक सप्ताह में पूरा करना है।यहां स्थित 39 हेक्टेयर भूमि में से 12 हेक्टेयर पर झुग्गीवासियों के लिए पीपीपी मोड पर पक्के मकान बनाए जाएंगे। बाकि 27 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सुराज अभियान और रिडेंसीफिकेशन नीति के तहत आवासीय परियोजनाओं में माल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलेपमेंट कार्य भी किए जाएंगे। दो महीने में करना है पूरी तैयारी जिले में साढ़े चार लाख मकान हैं,जिनमें से डेढ़ लाख झुग्गियां है।इन डेढ़ लाख झुग्गियों को शासकीय भूमि से हटाने के लिए दो महीने में पूरी तैयारी करनी है।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नौ कलस्टर के तहत झुग्गी हटाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिसे पहले सरकार को दिखाया जाएगा। सरकार से अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। पांच वर्ष का रखा गया है लक्ष्य शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए पांच वर्ष का लक्ष्य रखा गया है।अगले एक वर्ष में करीब 25 हजार झुग्गी हटाने का प्रयास जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।अधिकारियों ने दावा किया है कि दो महीने बाद ही पहले कलस्टर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।इसके तहत झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत भी पक्के मकान लोगों को दिए जाएंगे। फैक्ट फाइल शहर में कुल मकान – 450000 शहर में कुल झुग्गियां – 150000 हटाने के लिए बनाए कलस्टर – 09

भगवान बिरसा मुंडा हम सबके लिए जल, जंगल, जमीन का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष किया- मुख्यमंत्री मोहन यादव

 शहडोल आदिवासियों के अस्तित्व, जल , जंगल और जमीन के लिए अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले महान आदिवासी योद्धा भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती देश मना रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष दिन 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस नाम दिया है जिसका आयोजन उनकी मंशा के अनुसार पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, आज इसे लेकर मध्य प्रदेश में भी कई कार्यक्रम आयोजित किये गए, पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के दो आदिवासी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण भी किया। भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के शहडोल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए, सीएम ने कहा ये हमारा सौभाग्य है कि भगवान बिरसा मुंडा ने 1857के स्वतंत्रता संग्राम से  से पहले ही अंग्रेजों के षड्यंत्रों को समझ लिया था और हम सबके लिए जल, जंगल, जमीन का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए  संघर्ष किया, उन्होंने संघर्ष के लिए आदिवासियों को खड़ा किया इतना ही नहीं उन्होंने इसाई मिशनरीज के धर्मान्तरण के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी, ऐसे महापुरुष के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जनजातीय गौरव दिवस के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कही ये बड़ी बात   मुख्यमंत्री ने कहा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को देशवासी जानते तो थे लेकिन मानते नहीं थे 15 नवम्बर को  आदिवासियों के गौरव को सच्चे अर्थों में बनाने का काम किसी ने किया है तो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है उनके कारण ही आज देश की जनता बिरसा मुंडा के संघर्ष उनकी तपस्या और देश के लिए दिए योगदान को जान पाया है। राज्यपाल ने सिकल सेल को लेकर दिया सामाजिक सन्देश कार्यक्रम में शामिल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल पर विशेष जोर दिया, उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख लोगों की जाँच सरकार ने कराई है और जो रह गए है उनकी भी जल्दी ही जाँच कराई जाएगी, उन्होंने एक सामाजिक सन्देश देते हुए कहा कि यदि आप शादी कर रहे हैं दो लड़का लड़की दोनों की जाँच करवा लें यदि सिकल सेल है तो बिलकुल शादी नहीं करें वर्ना बच्चा भी पीड़ित पैदा होगा, इसलिए हमें सिकल सेल के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है, उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि सिकल सेल पर बहुत ध्यान देने की जरुरत है। PM Modi ने किया दो संग्रहालयों का उद्घाटन    इस विशेष कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के दो जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली उद्घाटन किया, इनमें से एक है श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा और दूसरा है राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर, इन संग्रहालयों में आदिवासी समाज की जीवन शैली, उनके संघर्ष, उनकी लोक परंपरा से जुडी च्जों को प्रदर्शित किया गया है जिससे नई पीढ़ी इसे जान पाए।

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