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इमाम का विरोध: वंदे मातरम् अनिवार्य होने पर उज्जैन के बच्चों को बाहर निकालने की अपील

 उज्जैन  शहर के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने वंदे मातरम की अनिवार्यता पर (Vande Mataram is compulsory) कहा कि हमारा मुल्क जम्हूरी मुल्क है, लोकतांत्रिक मुल्क है और यहां पर सब धर्मों के लोगों को अपने मजहब पर प्रैक्टिस की पूरी आजादी है। उन्होंने कहा कि हमारा इस्लाम हमें यह सिखाता है कि एक खुदा के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकते। लिहाजा हम न किसी और इंसान को मान सकते हैं, न किसी देवी-देवताओं को मान सकते हैं। उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस आदेश को इस्लाम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- यह आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। वंदे मातरम् में कहा गया है कि हिंदुस्तान की भूमि की हम पूजा करते हैं, लेकिन मुसलमान के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है कि वह अल्लाह के साथ किसी और को शरीक कर अपनी पूजा में शामिल करे। हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से सभी मुसलमान अपने बच्चों को निकाल लें। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते कि वह इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की इबादत करे। यह फैसला कानून के खिलाफ है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि अपना फैसला वापस ले। इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता उन्होंने कहा कि हम किसी जमीन, चाहे वह हिंदुस्तान की भूमि क्यों न हो या मक्का-मदीना की भूमि क्यों न हो, उसको पूजा में नहीं ला सकते। हमारा मजहब इस्लाम है और वह हमें एकेश्वरवाद, यानी एक खुदा को मानने की तालीम देता है। लिहाजा हम किसी और को खुदा में शामिल नहीं कर सकते। ऐसा करना हमारे लिए सबसे बड़ा गुनाह है, शिर्के अजीम है और गुनाह-ए-कबीरा है। इस्लाम इसी पर आधारित है। मुफ्ती नासिर अली नदवी ने कहा कि इस्लाम में अगर कोई शख्स मुसलमान रहते हुए किसी और को कबूल करता है या पूजा में शामिल करता है तो वह इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता है। हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी भी शैक्षणिक संस्था, धारा या डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट कंपलसरी करती है कि वंदेमातरम कहना होगा, यानी धरती की पूजा करनी होगी, तो ऐसी जगहों पर हम अपने बच्चों को अलाउ नहीं करेंगे और न किसी और को अलाउ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अलग संस्था बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने हुकूमत से अनुरोध किया कि वह अपने इस फैसले को वापस ले। उन्होंने कहा कि यह मजहबी आजादी के खिलाफ है और हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ है। कानून सबके लिए एक लेकिन धर्म कभी नहीं उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक हो सकता है, लेकिन धर्म कभी भी सबके लिए एक नहीं हो सकता। धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह है कि किसी पर जबरदस्ती न की जाए कि वह एक से ज्यादा को कबूल करे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान शुरू से रहते आए हैं और यहाँ अलग-अलग समुदायों की अपनी-अपनी मजहबी आजादियां हैं। कानून मुसलमानों को एक खुदा को मानने की मजहबी आजादी देता है, लिहाजा उन्हें यह कंपलसरी नहीं किया जा सकता कि वे धरती को भी पूजा में शामिल करें। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी जता चुके विरोध इससे पहले भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जता चुके हैं। मसूद ने 12 फरवरी को कहा था- भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। हमें संविधान के आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला हुआ है। वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। विवाद केवल वंदे मातरम् की कुछ लाइनों को लेकर है, जो हमारी मजहबी आजादी पर अंकुश लगाती हैं। जो लोग आज वंदे मातरम् पर बहस कर रहे हैं, वही सबसे ज्यादा संविधान का मजाक उड़ाते हैं। मसूद ने कहा- हमने पहले भी वंदे मातरम् की कुछ लाइनों पर एतराज जताया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस नए कानून की स्टडी कर रहा है। जब तक बोर्ड अपनी राय नहीं बना लेता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं लेंगे। कांग्रेस विधायक के इस बयान पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जो भी राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून मानना ही होगा। चाहे मदरसा हो या कोई अन्य स्कूल, सभी को वंदे मातरम् का गायन करना होगा। वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम समुदाय की आपत्ति अब तक वंदे मातरम् का केवल पहला हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पूरे 6 छंदों को अनिवार्य किया है। मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं का तर्क है कि बाद के छंदों में मातृभूमि की वंदना जिस स्वरूप में की गई है, वह उनके मजहबी सिद्धांतों (एकेश्वरवाद) के खिलाफ है।

भारत-पाकिस्तान मुकाबले ने मचाया धमाल, एड रेट्स और ट्रैवल कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

 कोलंबो आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार (15 फरवरी) को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला होना है. इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले विज्ञापन बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. कंपनियां इस मैच की भारी व्यूअरशिप का फायदा उठाने के लिए एड स्लॉट्स पर जमकर पैसा खर्च कर रही हैं, जबकि फैन्स की भीड़ के कारण फ्लाइट और होटल के दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार इस हाई-वोल्टेज मैच के लिए 10 सेकंड का टीवी एड स्लॉट 30-40 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जो आमतौर पर बड़े वर्ल्ड कप मैचों में 20-25 लाख रुपये होता है. आखिरी समय के एड स्लॉट्स की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है और मैच के दौरान हर सेकंड का स्लॉट बिक जाएगा. ब्रॉडकास्टर जियोस्टार को पूरे टूर्नामेंट से लगभग 2000 करोड़ रुपये तक की एड कमाई होने का अनुमान है. डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी एड रेट्स में भारी उछाल देखने को मिला है. यहां 10 सेकंड का एड स्लॉट 15-20 लाख रुपये तक पहुंच गया है. ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, फाइनेंस, इंश्योरेंस और रियल एस्टेट कंपनियां एड स्पेस के लिए सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही हैं. इस टी20 वर्ल्ड कप में विज्ञापन देने वाली कंपनियों में एमिरेट्स, अमूल, OpenAI, Hyundai, Mahindra & Mahindra, Britannia और कई बड़ी ब्रांड्स शामिल हैं. मार्केटिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत-पाकिस्तान मैच के एड रेट्स की तुलना सोने-चांदी की कीमतों से की जा रही है. भारत से कोलंबो जाने वाले क्रिकेट फैन्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ट्रैवल प्लेटफॉर्म EaseMyTrip के अनुसार राउंड-ट्रिप एयरफेयर सामान्य दिनों की तुलना में 45 से 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं. MakeMyTrip ने बताया कि 15 फरवरी वाले वीकेंड के लिए कोलंबो की बुकिंग पिछले तीन दिनों में दोगुनी हो गई है. वहीं Cleartrip के मुताबिक भारत-पाकिस्तान मुकाबले के कारण कोलंबो के लिए बुकिंग में करीब 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खासकर बड़े भारतीय शहरों से फैंस तेजी से टिकट बुक कर रहे हैं. कोलंबो में होटल सर्च और बुकिंग में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है. शहर के मध्य में मौजूद चार और पांच सितारा होटलों की मांग सबसे ज्यादा है प्रीमियम होटलों के कमरे सामान्य सीजन के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं. होटल इंडस्ट्री के अनुसार मैच विंडो के दौरान लगभग सभी प्रमुख प्रॉपर्टीज फुल होने के करीब हैं.

सीमा के करीब पीएम मोदी की मौजूदगी, चीन को संकेत; नई आपात लैंडिंग सुविधा शुरू

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने डिब्रूगढ़ में मोरन बाइपास पर आपातकाली लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया। उनका विमान इसी हाइवे पर उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका विमान चीन की सीमा के पास असम के डिब्रूगढ़ में बने पहले इमर्जेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक दिवसीय दौरे के दौरान मोरन बाइपास के पास आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। चीन के लिए कड़ा संदेश यह पिछले तीन महीने में मोदी का तीसरा असम दौरा है। राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थित में मोरन बाईपास पर फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमानों के साथ ही हेलिकॉप्टर ने हवाई प्रदर्शन किए। पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में यह इमरजेंसी लैंडिंग की पहली सुविधा है। इसपर सेना और नागरिक विमान दोनों को टेकऑफ और लैंडिंग की सुविधा मिलेगी। ऐसे में इसे चीन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। इस लैंडिंग सुविधा को इंडियन एयरफोर्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए मजबूत तैयारी करना है। प्राकृतिक आपदाओं या फिर पड़ोसी से तनाव की स्थिति में उसका उपयोग रणनीतिक तौर पर किया जा सकेगा। यह फैसिलिटी 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए बनाया गया है। अन्य पांच जगहों पर भी है ऐसी सुविधा डिब्रूगढ़ में इमर्जेंसी लैंडिग फैसिलिटी पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी तरह की पहली सुविधा है। हालांकि उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वाांचल एक्सप्रेस-वे पर भी ऐसी सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा ओडिशा के बालासोर और आध्र प्रदेश के नेल्लोर मे फैसिलिटी है। हालांकि डिब्रूगढञ में बनाया गया ईएलएफ ज्यादा मायने रखता है क्योंकि यह चीन की सीमा के पास है। प्रधानमंत्री गुवाहाटी में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे जो गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ेगा। छह लेन वाला यह पुल गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराएगा, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा, भूकंपीय सुरक्षा को बेहतर बनाएगा और राज्य राजधानी क्षेत्र में विकास को गति देगा। मोदी निकटवर्ती लचित घाट से भारतीय प्रबंधन संस्थान-गुवाहाटी (आईआईएम-गुवाहाटी) के अस्थायी परिसर और कृत्रिम मेधा (एआई) सक्षम ‘हाइपरस्केल डेटा’ केंद्र का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा था कि आईआईएम-गुवाहाटी के उद्घाटन से असम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाएगा और उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनमें अगली पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने के लिए आईआईटी, आईआईएम, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य सभी अग्रणी संस्थान होंगे। प्रधानमंत्री इसी स्थल से गुवाहाटी के लिए 100 विद्युत वाहन (ईवी) को भी रवाना करेंगे।  

CM योगी बोले- गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर कार्रवाई, पीड़ितों की सहायता में शिथिलता अक्षम्य

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।  सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।  मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

ओमान टी20 WC से बाहर हुई, Ireland ने कराई शिकस्त

 कोलंबो आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच नंबर-22 में शनिवार (14 फरवरी) को आयरलैंड का सामना ओमान से हुआ. दोनों टीमों के बीच ग्रुप-बी का यह मुकाबला कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया. मुकाबले में आयरलैंड ने ओमान को 96 रनों से पराजित किया. आयरलैंड ने ओमान को जीत के लिए 236 रनों का टारगेट दिया था. इसका पीछा करते हुए ओमानी टीम 18 ओवर में 139 रनों पर सिमट गई. इसके साथ ही ओमान मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-स्टेज में ही बाहर होने वाली पहली टीम बन गई. आयरलैंड को अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका ने 20 रनों से हरा दिया था. फिर उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों 67 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. उधर ओमानी टीम को अपने पहले मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. इसके बाद ओमान को श्रीलंका ने 105 रनों से करारी हार दी थी. रनचेज में ओमान के लिए आमिर कलीम और हम्माद मिर्जा ही संघर्ष कर पाए. आमिर ने 5 चौके और दो छक्के की मदद से 29 बॉल पर 50 रन बनाए. वहीं हम्माद ने 6 चौके और एक सिक्स की मदद से 37 गेंदों पर 46 रनों का योगदान दिया. आयरलैंड की तरफ से जोश लिटिल ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. बैरी मैकार्थी और मैथ्यू हम्फ्रीज को भी दो-दो सफलताएं हासिल हुईं. ऐसी रही आयरलैंड की इनिंग्स मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए आयरलैंड ने 5 विकेट पर 235 रन बनाए. मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में ये किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर रहा. साथ ही टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का ये दूसरा बेस्ट स्कोर भी है. आयरलैंड के लिए कप्तान लोर्कन टकर ने 51 गेदों का सामना करते हुए नाबाद 94 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और चार छक्के शामिल रहे. वहीं गैरेथ डेलानी ने 4 छक्के और तीन चौके की मदद से 30 बॉल पर 56 रनों का योगदान दिया. जॉर्ज डॉरेल ने तो सिर्फ 9 गेंदों पर नाबाद 35 रन बना डाले, जिसमें 5 छक्के शामिल रहे. ओमान की तरफ से शकील अहमद ने तीन खिलाड़ियों को आउट किया. आमिर कलीम और शाह फैसल ने एक-एक सफलता हासिल की. मुकाबले में ओमान की प्लेइंग इलेवन: आमिर कलीम, जतिंदर सिंह (कप्तान), हम्माद मिर्जा, आशीष ओडेदरा, मोहम्मद नदीम, जितेन रामानंदी, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), सुफयान महमूद, नदीम खान, शाह फैसल और शकील अहमद. मुकाबले में आयरलैंड की प्लेइंग इलेवन: टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (कप्तान/विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज और जोश लिटिल आयरलैंड के नियमित कप्तान पॉल स्टर्लिंग घुटने में चोट लगने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए. ऐसे में उप-कप्तान लोर्कन टकर बाकी मैचों में टीम की कप्तानी कर रहे हैं.  आयरलैंड और ओमान बीच अब तक 6 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान आयरिश टीम ने चार मैचों में जीत हासिल की. जबकि ओमान दो मुकाबलों में विजयी रहा. अक्तूबर 2019 के बाद से आयरलैंड की टीम ओमान के खिलाफ अजेय रही है. टी20 वर्ल्ड कप में ओमान का फुल स्क्वॉड: आमिर कलीम, जतिंदर सिंह (कप्तान), हम्माद मिर्जा, मोहम्मद नदीम, वसीम अली, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), जितेन रामानंदी, नदीम खान, सुफयान महमूद, शाह फैसल, जय ओडेदरा, शकील अहमद, करण सोनावाले, आशीष ओडेदरा और शफीक जान. टी20 वर्ल्ड कप में आयरलैंड का फुल स्क्वॉड: रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (कप्तान/विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, टिम टेक्टर, जोश लिटिल, बेंजामिन व्हाइट, क्रेग यंग और सैम टॉपिंग.

16 फरवरी के बाद MP में मौसम का नया रुख, दिन में गर्मी और रात में पचमढ़ी-खजुराहो सबसे ठंडे

भोपाल  मध्य प्रदेश में सर्दी अब विदाई की ओर है और गर्मी ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। दिन के समय तेज धूप लोगों को चुभने लगी है, वहीं रातें अभी भी हल्की ठंड का अहसास करा रही हैं। तापमान के इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया है कि, फरवरी का मौसम अब ट्रांजिशन मोड में आ चुका है। वहीं 16 फरवरी के बाद एक बार फिर से मौसम के बदलने की संभावना जताई गई है।  30 डिग्री के पार पहुंचा पारा, खंडवा सबसे गर्म राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है। सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री तक पहुंच गया। इन शहरों में 30°C से ज्यादा रहा दिन का तापमान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर और सिवनी। दोपहर के वक्त तेज धूप के कारण लोग अब गर्म कपड़े छोड़ने लगे हैं और पंखों-कूलर की जरूरत महसूस होने लगी है। रातें अभी भी ठंडी, पहाड़ी इलाकों में कंपकंपी हालांकि दिन गर्म हो रहे हैं, लेकिन रात के तापमान में अब भी ठंड बनी हुई है। शुक्रवार-शनिवार की रात सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी और खजुराहो सबसे सर्द न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी और खजुराहो सबसे ठंडे बने हुए हैं। यहां रात का पारा 8-9 डिग्री के आसपास दर्ज हो रहा है। साथ ही, मंदसौर, कटनी, रीवा और राजगढ़ जैसे जिलों में भी न्यूनतम तापमान 9-11 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, वर्तमान में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से कुछ जिलों में हल्के बादल हैं। वहीं, 16 फरवरी से नया सिस्टम पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से प्रदेश में बादल रह सकते हैं। इस वजह से दो दिन के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। अब हल्की सर्दी का ही दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। इन शहरों में बढ़ा पारा शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार रहा। सबसे ज्यादा 33.5 डिग्री तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। रात में ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री से ज्यादा ही है। शुक्रवार-शनिवार की रात की बात करें तो कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान 8.9 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंदसौर में 10.7 डिग्री, नौगांव-रीवा में 10.8 डिग्री और उमरिया में पारा 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी में तापमान इससे ज्यादा ही रहा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     15 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     16 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल जरूर छाए रहेंगे।   भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। 16 फरवरी से बदलेगा मौसम 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा छाने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अदिकतर क्षेत्रों में दिन के समय बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप की तीव्रता कम होगी। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है, जिसका सीमित प्रभाव प्रदेश में दिखेगा।

स्कॉटलैंड से भिड़ंत में इंग्लैंड को चाहिए बड़ी जीत, अभियान बचाने की चुनौती

कोलकाता अब तक अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रही इंग्लैंड की टीम को अगर सुपर आठ में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखना है तो उसे स्कॉटलैंड के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के ग्रुप सी के मैच में बड़ी जीत हासिल करनी होगी। वेस्टइंडीज लगातार दो जीत के साथ इस ग्रुप में शीर्ष पर है, जबकि स्कॉटलैंड, इटली और इंग्लैंड तीनों ने एक-एक जीत हासिल की है। नेट रन रेट के आधार पर स्कॉटलैंड ने इटली पर मिली बड़ी जीत से दूसरा स्थान हासिल किया है। इसलिए शनिवार को होना वाला मैच दूसरे स्थान की दौड़ में किसी भी टीम को निर्णायक बढ़त दिला सकता है क्योंकि इन दोनों टीम से अपने अंतिम ग्रुप मैच जीत हासिल करने की उम्मीद है। अपने अंतिम लीग मैच में स्कॉटलैंड का सामना नेपाल से और इंग्लैंड का इटली से होगा। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच प्रतिद्वंद्विता लंबे समय से चली आ रही है। स्कॉटलैंड ने कुछ अवसरों पर इंग्लैंड को हराया भी है और उसकी टीम इस मैच में अपने उस प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी। स्कॉटलैंड के सलामी बल्लेबाज जॉर्ज मुन्सी और माइकल जोन्स ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था। इन दोनों बल्लेबाजों ने तब इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर आदिल रशीद के दो ओवर में 26 रन बनाए थे और उनका मुकाबला एक बार फिर से देखने लायक होगा। पूर्व चैंपियन इंग्लैंड पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 30 रन की हार के बाद दबाव बढ़ गया है। इससे हैरी ब्रुक के नेतृत्व वाली टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई है। नेपाल के खिलाफ अपने शुरुआती मैच में भी उसकी टीम हार के कगार पर पहुंच गई थी लेकिन आखिर में वह चार रन से जीत हासिल करने में सफल रही। वानखेड़े की पिच पर मिली हार ने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ इंग्लैंड की लगातार बढ़ती कमजोरी को भी उजागर कर दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ 197 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम बीच के ओवरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई और आखिर में 19 ओवर में 166 रन पर आउट हो गई। इंग्लैंड का कम रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं है। उसने टी20 विश्व कप में निचली रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ नौ मैच खेले हैं, जिनमें से चार में जीत हासिल की है और तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा है। उसे दो बार नीदरलैंड से और एक बार आयरलैंड से हार मिली। बांग्लादेश के भारत में खेलने से इनकार करने के बाद विश्व कप में नाटकीय रूप से देर से प्रवेश करने के बावजूद स्कॉटलैंड ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। उसे पहले मैच में वेस्टइंडीज से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन दूसरे मैच में उसने इटली को हराकर अच्छी वापसी की। इस मैच में उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। टीम अपनी इस लय को बरकरार रखने के लिए उत्साहित होगी। टीम इस प्रकार हैं: इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करेन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल रशीद, फिल साल्ट, जोश टोंग और ल्यूक वुड। स्कॉटलैंड: रिची बेरिंगटन (कप्तान), टॉम ब्रूस, मैथ्यू क्रॉस, ब्रैडली क्यूरी, ओलिवर डेविडसन, क्रिस ग्रीव्स, ज़ैनुल्लाह इहसान, माइकल जोन्स, माइकल लीस्क, फिनले मैकक्रीथ, ब्रैंडन मैकमुलन, जॉर्ज मुन्सी, सफ्यान शरीफ, मार्क वाट और ब्रैड व्हील। मैच शुरू होने का समय: भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे ।  

भोपाल में वैलेंटाइन डे को लेकर पार्क के बाहर पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वैलेंटाइन-डे के मौके पर शुक्रवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता हाथों में लट्ठ (डंडे) लेकर सड़कों पर उतर आए. चिनार पार्क के बाहर जमा हुए इन कार्यकर्ताओं ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर ‘मर्यादा’ का उल्लंघन करने वाले जोड़ों का ‘मुंडन’ करने की सीधी चेतावनी भी दे डाली. प्रशासन की सतर्कता स्थिति को देखते हुए शहर के प्रमुख पार्कों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के विवाद से बचें और कानून का पालन करें। पार्क के बाहर पुलिस तैनात स्थिति को देखते हुए पार्क के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था की गई है और किसी भी तरह की अवैध या हिंसक कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि वैलेंटाइन डे को लेकर शहर में विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बजरंग दल की चेतावनी: मुंह काला करेंगे राष्ट्रीय बजरंग दल ने सार्वजनिक रूप से सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वैलेंटाइन डे के नाम पर किसी भी तरह की अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि कोई युवक-युवती सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक स्थिति में मिले, “बाबू-सोना” करते दिखाई दें, तो उनका सिर मुंडवाकर मुंह काला किया जाएगा और सड़कों पर जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं भी अश्लीलता करते पाए गए, वहां “शरीर का कोना-कोना तोड़ देंगे।” संगठन का आरोप है कि वैलेंटाइन डे के बहाने शहर में योजनाबद्ध तरीके से अशोभनीय गतिविधियां बढ़ाई जाती हैं, जिसका राष्ट्रीय बजरंग दल विरोध करेगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 15 निगरानी दस्ते गठित वैलेंटाइन डे पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का विरोध करते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं संस्कृति बचाओ मंच ने शहरभर में 15 निगरानी दस्ते गठित कर होटल, मॉल और पार्कों पर नजर रखने की घोषणा की है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को हिंदू परिषद और बजरंग दल ने ‘दंड पूजन’ कर विरोध दर्ज कराया। संगठन के प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम मर्यादा और सम्मान से जुड़ा है, लेकिन पश्चिमी प्रभाव में सार्वजनिक अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसे भोपाल में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सच्चे प्रेम या पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक मर्यादा भंग करने वालों के विरोध में हैं। बजरंग दल की एक दर्जन टीमें रहेंगी तैनात संगठनों ने ऐलान किया है कि 14 फरवरी को राष्ट्रीय बजरंग दल की करीब एक दर्जन टीमें शहर के प्रमुख पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगी। किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया जाएगा। विशेष आयोजन न करें होटल संचालक उधर, संस्कृति बचाओ मंच ने होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि वैलेंटाइन डे पर विशेष आयोजन न करें। मंच पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार देश की पहचान हैं। युवाओं से अपील की गई है कि वे वैलेंटाइन डे के बजाय अगले दिन पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें। संगठनों की घोषणाएं कुछ संगठनों ने दावा किया कि उन्होंने शहरभर में निगरानी टीमें गठित की हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखेंगी। वहीं होटल संचालकों से अपील की गई कि वे 14 फरवरी को विशेष आयोजन न करें। सांस्कृतिक बहस तेज वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल की तरह इस बार भी शहर में सांस्कृतिक बहस देखने को मिली। एक पक्ष इसे निजी अभिव्यक्ति और उत्सव का दिन मानता है, जबकि विरोध करने वाले इसे भारतीय परंपराओं के विपरीत बताते हैं। प्रशासन ने दोहराया है कि सभी नागरिकों को कानून के दायरे में रहते हुए अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसक या जबरन कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शक्ति प्रदर्शन: ‘दंड पूजन’ के बाद मैदान में उतरे दस्ते राजधानी में विरोध की लहर एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी, जब संगठनों ने ‘दंड पूजन’ कर अपनी रणनीति साफ कर दी थी. निगरानी दस्ते: संस्कृति बचाओ मंच ने शहर के होटलों, मॉल्स और पार्कों पर नजर रखने के लिए 15 विशेष निगरानी दस्ते गठित किए हैं. संस्कृति का तर्क: संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे प्रेम के खिलाफ नहीं, बल्कि पाश्चात्य संस्कृति के नाम पर परोसी जा रही ‘अश्लीलता’ के विरुद्ध हैं. महाशिवरात्रि की अपील: युवाओं से अपील की गई है कि वे विदेशी त्योहार के बजाय अगले दिन आने वाली महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती की पूजा करें. प्रशासन अलर्ट: पुलिस का सख्त घेरा हंगामे की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस ने चिनार पार्क और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. सुरक्षा चक्र: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने या हिंसक कार्रवाई करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. होटलों को हिदायत: दक्षिणपंथी संगठनों ने होटल संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे वैलेंटाइन-डे पर किसी भी तरह का विशेष आयोजन न करें.

आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और रोजगार सृजन पर विस्तार से रखा पक्ष एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किएः मुख्यमंत्री  आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत आते हैं। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा के ढांचे को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रत्येक जनपद के दो आईटीआई को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है, ताकि एक केंद्रीय संस्थान से जुड़े अन्य संस्थानों को तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाए। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से युवाओं को जोड़ा गया मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी उन्नयन को नई दिशा मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है। माध्यमिक शिक्षा के तहत प्रत्येक जनपद के राजकीय कॉलेजों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों को डेटा उपयोग, इंटरनेट सुविधा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1,10,000 युवाओं को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के साथ ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में चयन और प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि युवा सफल उद्यमी बन सकें। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए भी विशेष योजना लागू करने की बात कही गई। साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के माध्यम से युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टार्टअप और निवेश में वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी पहलों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। 76 इनक्यूबेटर, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न राज्य में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश से पलायन रोजगार के अभाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण होता था। अब कानून-व्यवस्था में सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते रोजगार के अवसर बढ़े हैं और निवेश में वृद्धि हुई है। डेटा सेंटर और एआई पर फोकस मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित यूपी डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना को भविष्य की जरूरत बताया। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा आवश्यक है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की फैब यूनिट स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा का संकेत है। बेरोजगारी दर 19 से 2.24 प्रतिशत पर आई मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय लगभग 19 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने इसे नीतिगत सुधार, निवेश वृद्धि और कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर अविश्वास की स्थिति उसी मानसिकता को दर्शाती है, जो सीमित दृष्टिकोण से बाहर नहीं निकल पाती। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पिछले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखा है और सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीक, नवाचार और युवा शक्ति के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।

सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है

उत्तर प्रदेश ने तय की है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन और कर्फ्यू से कानून के राज की यात्राः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणामः मुख्यमंत्री राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारीः सीएम योगी लखनऊ  राज्यपाल के अभिभाषण पर शुक्रवार को विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है। कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है। उपद्रव से उत्सव की यात्रा है। समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है। अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।  विपक्ष का आचरण संवैधानिक प्रमुख और मातृशक्ति का अपमान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों का सदन में आचरण अनुचित था। नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े हुए करते हुए सीएम ने कहा कि संभवतः इसीलिए आप सदन में उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य आपके नियंत्रण से बाहर रहे होंगे। यही वह आचरण था, जिससे बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए गालिब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गालिब ने कहा था ‘उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।’ समाजवादी पार्टी के और मुख्य विपक्षी दलों के इस आचरण के कारण पूरा सदन अपने आप को आहत महसूस कर रहा था।  ‘परसेप्शन’ और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की छवि अचानक खराब नहीं हुई थी, बल्कि वर्षों तक चले अव्यवस्थित आचरण और अपराध के वातावरण ने उसे प्रभावित किया था। बेटियां भयभीत थीं, व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर थे और दंगे-कर्फ्यू आम बात थे। 2017 के बाद से प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की गई है। 2017 से पहले नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता का माहौल था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हुआ है। 2017 के बाद से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह आंकड़ा नीति आयोग के अनुसार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी से बाहर आने का अर्थ यह नहीं कि लाभार्थियों को अन्य योजनाओं से वंचित किया जाएगा। राशन, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और अन्य सुविधाएं जारी रहेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का घर उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। निःशुल्क राशन की व्यवस्था जारी है। वृद्ध, निराश्रित और दिव्यांगजन को 12,000 रुपये वार्षिक पेंशन दी जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। पुलिस सुधार और आधुनिक सुरक्षा तंत्र मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 10,000 से बढ़कर आज 44,000 हो गई है। 2017 से पहले हमारी प्रशिक्षण क्षमता 3,000 भी नहीं थी। आज यह स्थिति है कि हाल में 60,200 से अधिक पुलिस भर्ती की गईं, जिसके सभी चयनितों को प्रदेश में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी 75 जिलों में साइबर थाने की स्थापना के साथ-साथ प्रदेश के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी हुई है। बीमारू से विकास की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है। पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया, जो “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने इसे अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ता प्रदेश बताया, जहां पहले उपद्रव की खबरें सुर्खियां बनती थीं, अब निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण की खबरें प्रमुखता पा रही हैं।  उत्तर प्रदेश आज ट्रिपल-टी की त्रिवेणी बनकर उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 9 वर्ष की जो यात्रा है, ये अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है, कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है, उपद्रव से उत्सव की यात्रा है, समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। यानी ये यात्रा केवल एक सत्ता प्राप्त करने की होड़ नहीं है, इसको प्राप्त करने के लिए सरकार की स्पष्ट नीति थी, साफ नीयत थी, दृढ़ इच्छाशक्ति थी और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम लोगों ने जब सामूहिक रूप से प्रयास किया, हर व्यक्ति के मन में विश्वास भरा,  हां यूपी भी कर सकता है, यूपी से भी परिणाम दिए जा सकते हैं और वही आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, आज यह ट्रिपल-टी का एक प्रतीक बना है। ट्रिपल टी मतलब टेक्नोलॉजी, ट्र्स्ट और ट्रांसफॉर्मेशन। यानी एक त्रिवेणी बनकर के उभरा है।  2017 के पहले केंद्र सरकार की योजनाओं का बॉटलनेक था उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री … Read more

डिब्रूगढ़ में बना नया इतिहास: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, क्या है आपात लैंडिंग सिस्टम?

डिब्रूगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे के तहत डिब्रूगढ़ पहुंच गए हैं. उनके दौरे की शुरुआत बेहद रणनीतिक रही, जब उनका विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरा. यह पहली बार है कि पीएम का विमान नेशनल हाइवे पर उतरा. पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे. ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर का पहला ‘एक्स्ट्राडोज्ड’ पुल है. इस आधुनिक पुल की मदद से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर जो घंटों में तय होता था, अब मात्र 7 मिनट में सिमट जाएगा. इसमें भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी (IIM Guwahati) का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा के मानक बदलेगा. साथ ही, कामरूप जिले में राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का शुभारंभ होगा. 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह केंद्र पूर्वोत्तर की सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाएगा. शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें से 100 बसें अकेले गुवाहाटी के लिए होंगी, जबकि बाकी नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के लिए रवाना की जाएंगी. क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी. यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है.  ELF क्या है और डिब्रूगढ़ में क्यों खास? इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है.     भारतीय वायुसेना (IAF) को अगर मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो वैकल्पिक जगह देगी.     विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा.     पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की गहराई और जीवित रहने की क्षमता बढ़ाएगी. पहले ही सफल रिहर्सल हो चुकी है इस ELF की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हाल ही में पूर्ण पैमाने ‘रिहर्सल’ की गई…     राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमान.     C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट.     डोर्नियर सर्विलांस विमान.     एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH). ये सभी विमान हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. ‘टच एंड गो’ मैन्यूवर्स और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग भी की गई. हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) का अभ्यास भी हुआ. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी. प्रधानमंत्री मोदी खुद IAF के C-130J विमान से इस स्ट्रिप पर उतरे. यह 2021 में उत्तर प्रदेश में बने इसी तरह के स्ट्रिप की तरह होगा, जहां भी उन्होंने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है. देशभर में ELF का नेटवर्क डिब्रूगढ़ ELF अकेला नहीं है. सड़क परिवहन मंत्रालय और IAF मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं. असम में ही 5 ELF बन रहे हैं. कई पहले से ऑपरेशनल हैं. सभी IAF एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है. पूर्वोत्तर में अन्य रणनीतिक प्रोजेक्ट्स यह सुविधा पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग – नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच तेज आवाजाही. कई स्ट्रैटेजिक टनल और ऑल-वेदर रोड – बरसात या आपदा में भी कनेक्टिविटी बनी रहे. ये प्रोजेक्ट्स सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) पर निर्भरता कम करेंगे. सेना की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे. क्यों जरूरी है यह सब? पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील सीमाओं (चीन, म्यांमार, बांग्लादेश) के पास है. यहां का इलाका मुश्किल है – नदियां, पहाड़, बाढ़. ये प्रोजेक्ट्स… प्राकृतिक आपदाओं और दुश्मन हमले दोनों से बचाव देंगे. सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स देंगे. रक्षा के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी और विकास लाएंगे. डिब्रूगढ़ ELF पूर्वोत्तर की रक्षा रीढ़ को मजबूत करने वाला मील का पत्थर है. यह भारत की रणनीतिक सोच को दर्शाता है – भूगोल की चुनौतियों को ताकत में बदलना. आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पूर्वोत्तर को और सुरक्षित और विकसित बनाएंगे.

तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं का महिमामंडन समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया हैः योगी

गिरगिट भी पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया तो समाजवादी पार्टी को आईना भी दिखाया तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं का महिमामंडन समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया हैः योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सदस्यों से कहा कि मैंने राजू पाल और उमेश पाल की हत्या का मुद्दा इसलिए उठाया, क्योंकि आप लोगों ने माफिया को गले लगाया था। उन माफिया ने हमें आंखें दिखाने का प्रयास किया, तो दुष्परिणाम भी भुगता। हर गरीब को जीने का अधिकार, बिना भेदभाव के उनका हक मिलना चाहिए। जातीय वैमनस्यता समाज, देश हित में नहीं है। देश गुलाम भी जातीय वैमनस्यता के कारण हुआ। तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं को महिमामंडन करना समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया है। यह कब रंग बदल दें, कोई भरोसा नहीं। सीएम ने तंज कसा कि गिरगिट भी आज पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गए हैं। संपत्ति और संतति का प्रतीक बन गया है समाजवादी सीएम ने कहा कि समाजवाद के आदर्श जेपी-लोहिया ने देश में बराबरी और सामाजिक न्याय की वकालत की थी, लेकिन आज संपत्ति और संतति समाजवादी के प्रतीक बन गए हैं। जो समाजवाद त्याग, संघर्ष, नैतिक आदर्शों का आह्वान करता था, आज वह इन लोगों के लिए वंशवाद, सुविधावाद और निजी साम्राज्य खड़ा करने की सीढ़ी बन गई है। लोहिया और जेपी की परंपरा ने कभी शोषण के विरुद्ध संघर्ष का उद्घोष किया था, लेकिन आज वही समाजवाद जातीय वैमनस्यता पैदा करने का माध्यम बन गया है। प्रयास होना चाहिए कि किसी वर्ग विशेष या जाति विशेष को जातीय संबोधन करने से बचें।  सीएम का कटाक्ष- समाजवादी पार्टी और विकास सीएम ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह लोग विकास के बारे में क्या बात करेंगे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के गोमती रिवर फ्रंट, जेपीएनआईसी व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के भ्रष्टाचार को भी गिनाया। बोले कि सरकार आने के बाद बैठक में हमने 110 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे को 120 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा। सीएम ने यह भी कहा कि प्रस्तावित सेमी बुलेट ट्रेन हम वहीं से चलाएंगे। देश के अंदर जो नए कॉरिडोर बनने जा रहे हैं, उनके लिए हमारी तैयारी उस दृष्टि से चल रही है। वाराणसी से इसे जोड़ने के लिए लैंड राज्य उपलब्ध कराएगा।  चार बार में सपा उतना नहीं कर पाई, जितना खेल मंत्री गिरीश यादव ने आधे समय में कर दिया  सीएम ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार शहर से गांव तक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है। हमारे खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ही हैं। समाजवादी पार्टी चार बार में जितना नहीं कर पाई, उन्होंने आधे समय में इतना कर दिया कि पूरी सपा उसमें डूब जाएगी। सरकार ने तय किया है कि 2030 के कॉमनवेल्थ और 2036 में भारत के ओलंपिक की दावेदारी को ध्यान में रखकर हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोट्रस कॉलेज होगा। हर कॉलेज के पास किसी एक खेल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा।  खेल के लिए पर्याप्त बजट, पैसे की कमी नहीं   सीएम ने कहा कि वाराणसी- गाजीपुर के नौजवान हॉकी में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल इसकी देन है। बीच में विपक्षी सदस्य ने टोका कि गाजीपुर का स्टेडियम सपा ने दिया है तो सीएम ने इस पर कहा कि पैसा गिरीश यादव (हमारी सरकार) ने दिया है। हमने प्राइवेट एकेडमी को भी धनराशि देनी प्रारंभ की है। पश्चिम यूपी में प्राइवेट एकेडमी अच्छा काम कर रही है। वहां से अच्छे खिलाड़ी निकलकर ओलंपिक में मेडल जीते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व एशियाड में मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता के साथ डिप्टी एसपी, तहसीलदार व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी गई। खेल के लिए पर्याप्त बजट है।  इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की सीएम ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की है। देश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफेक्चरिंग की यूनिट यूपी में प्रारंभ हो चुकी है, यहां बस निर्माण की कार्रवाई चल रही है। राष्ट्रीय बाजार में यूपी की उपस्थिति 19 फीसदी है। तिपहिया ईवी में 40 प्रतिशत भागीदारी यूपी की है। एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन व प्रदेश में 700 ईवी बसों का संचालन हो रहा है।

सरकार का बड़ा फैसला: IAS अधिकारियों के तबादले, दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त पद मिला

भोपाल  राज्य सरकार ने शुक्रवार आधी रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 11 आईएएस और 4 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. नई लिस्ट के अनुसार, कई अहम विभागों में शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ है. 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया है, जबकि अब तक जनसंपर्क की कमान संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को आबकारी आयुक्त ग्वालियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्वास्थ्य और वन विभाग में अदला-बदली अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को वन विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग की कमान सौंपी गई है. उनके पास पर्यावरण विभाग पहले की तरह बना रहेगा, इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी वर्णवाल को दी गई है. वहीं प्रमुख सचिव संदीप यादव को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर वन विभाग का मुखिया बनाया गया है. उन्हें प्रवासी भारतीय विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.   MP में 11 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर IAS अधिकारी वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना IAS अशोक बर्णवाल (1991) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग एवं पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को (अतिरिक्त प्रभार) (1) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा (2) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग तथा पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) IAS संदीप यादव (2000) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) (1) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा (2) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग (अतिरिक्त प्रभार) IAS अजय गुप्ता (2009) संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर IAS मनीष सिंह (2009) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, जेल विभाग तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) (1) आयुक्त, जनसंपर्क मध्य प्रदेश, भोपाल तथा (2) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) IAS अभिजीत अग्रवाल (2010) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल IAS दीपक कुमार सक्सेना (2010) आयुक्त, जनसंपर्क मध्यप्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर IAS उमाशंकर भार्गव (2011) राज्यपाल के अपर सचिव, राजभवन, भोपाल संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल IAS सुनील दुबे (2016) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भिंड राज्यपाल के उप सचिव, राजभवन, भोपाल IAS संघमित्रा गौतम (2016) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अलीराजपुर IAS नंदा भलावे कुशरे (2019) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर मालवा अपर परियोजना संचालक, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल IAS कमल सोलंकी (2019) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायसेन 3 SAS अधिकारियों का भी तबादला अधिकारी शिवशेखर शुक्ला, भाप्रसे (1994), अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, गृह विभाग तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान एवं न्यासी सचिव, भारत भवन तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जेल विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है. अधिकारी अजय गुप्ता, भाप्रसे (2009) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर अधिकारी विशेष गढ़पाले, भाप्रसे (2008) प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर तथा सचिव, मध्य प्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे. अधिकारी अभिजीत अग्रवाल, भाप्रसे (2010) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री कुमार पुरुषोत्तम, भाप्रसे (2012) प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त, मण्डी, मध्य प्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे. मनीष सिंह फिर संभालेंगे जनसंपर्क सरकार ने 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क विभाग की कमान दी है. वे पहले भी इस विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके पास परिवहन और जेल विभाग पूर्ववत रहेंगे. साथ ही मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम और इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. जनसंपर्क संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को अहम जिम्मेदारी देते हुए आबकारी आयुक्त ग्वालियर बनाया गया है. लंबे समय से आबकारी देख रहे अभिजीत अग्रवाल को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल का प्रबंध संचालक बनाकर वापस बुलाया गया है. कृषि वर्ष से पहले अहम बदलाव किसान कल्याण एवं कृषि विभाग से अजय गुप्ता को हटाकर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है. राज्यपाल के अपर सचिव रहे उमाशंकर भार्गव को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का संचालक बनाया गया है. यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है. ऐसे में कृषि विभाग में नई प्रशासनिक रणनीति के संकेत माने जा रहे हैं. इसके साथ ही भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव बनाया गया है. जबकि … Read more

रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक: भारत ने चार बड़ी ताकतों के साथ संतुलन बनाकर दुनिया को चौंकाया

नई दिल्ली भारत के रक्षा मंत्रालय ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी. इससे पहले बीते कुछ महीनों में कई अन्य प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. भारत ऐसा अपनी रक्षा तैयारियों को आधुनिक बनाने के लिए कर रहा है. लेकिन, भारत ने अपनी इन रक्षा तैयारियों में अपनी पारंपरिक नीति से अलग एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है. वह अब किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर नहीं है. उसने अपनी विदेश नीति की तरह ही रक्षा खरीद नीति में मल्टीपोलर बना दिया है. बीते कुछ महीनों के डेवलपमेंट को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि भारत ने इस नीति में रूस के साथ-साथ अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे सुपरपावर्स को साधने का काम किया है. तकनीकी रूप से जर्मनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है लेकिन वह एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति और सैन्य शक्ति है. भारत की इस रणनीति का उद्देश्य किसी एक वैश्विक पावर पर अत्यधिक निर्भरता से बचते हुए पूर्व और पश्चिम दोनों से सर्वश्रेष्ठ तकनीक हासिल करने की है. हाल के महीनों में रूस, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के साथ बड़े सौदों ने न केवल इन देशों को साधने का काम किया है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत किया है. रूस के साथ मजबूत रणनीतिक रिश्ते रूस भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद रक्षा साझेदार बना हुआ है. वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद रूस मौजूदा वक्त में सैन्य हार्डवेयर का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का संयुक्त उद्यम इसका प्रमुख उदाहरण है. S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की दो स्क्वाड्रन इसी साल डिलीवर होने वाले थहैं. इतना ही नहीं गुरुवार को ही रक्षा मंत्रालय ने रूस से 10 हजार करोड़ में एस-400 सिस्टम की मिसाइलें खरीद फैसला किया. इसी तरह रूस के साथ मिलकर ही यूपी के अमेठी में 6 लाख से अधिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का स्वदेशी उत्पादन चल रहा है. सरकारी कंपनी एचएएल में Su-30MKI इंजनों का निर्माण भी रूस के सहयोग से चल रहा है. ये सौदे रूस को भारत में स्थायी बाजार देते हैं, जबकि भारत को सस्ती और विश्वसनीय तकनीक मिलती है. अमेरिका से मिलेगा हाईटेक तकनीक अमेरिका के साथ संबंध खरीदार-विक्रेता से व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच चुके हैं. GE-F414 जेट इंजन सौदा सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू है, जिसमें HAL के साथ 80 फीसदी तकनीक ट्रांसफर की बात चल रही है. यह सुविधा पहले केवल NATO सहयोगियों को मिलती थी. यह सौदा मार्च 2026 तक फाइनल होने की उम्मीद है, जो तेजस MkII और AMCA जैसे स्वदेशी फाइटर को पावर देगा. इसके अलावा, 31 MQ-9B सी गार्जियन ड्रोन और 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमानों की खरीद हिंद महासागर में अभूतपूर्व निगरानी प्रदान करेगी. अमेरिका को भारत एक पसंदीदा सुरक्षा भागीदार मिलता है, जबकि भारत को ‘सबमरीन हंटर’ जैसी उन्नत क्षमता मिलती है. रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल खरीदने को मंजूरी दे दी है. फ्रांस बना एक सबसे भरोसेमंद साझेदार फ्रांस भारत का सबसे भरोसेमंद पश्चिमी साथी साबित हुआ है, जहां तकनीक साझा करने में कोई शर्त नहीं लगाई जाती. 36 राफेल फाइटर की सफल खरीद के बाद रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने गुरुवार को 114 राफेल जेट्स की मंजूरी दी है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा है. इनमें से ज्यादातर भारत में निर्मित होंगे, जिसमें 50 फीसदी स्वदेशी सामग्री होगी. नौसेना के लिए 26 राफेल-एम (मरीन) पहले ही क्लियर हैं. स्कॉर्पीन (कलवरी-क्लास) सबमरीन पर सहयोग जारी है, जहां मझगांव डॉक अतिरिक्त यूनिट बना रहा है. फ्रांस को भारत में बड़ा बाजार और सह-उत्पादन मिलता है, जबकि भारत को हाई-परफॉर्मेंस फाइटर और जर्मनी के साथ सबमरीन डील जर्मनी भारत की अंडरवाटर डोमिनेंस में प्रमुख भूमिका निभा रहा है. प्रोजेक्ट-75(I) के तहत थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के साथ 6 एडवांस्ड कन्वेंशनल सबमरीन का सौदा करीब $8-10 बिलियन (70,000-90,000 करोड़) का है. जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यात्रा के दौरान सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए और मार्च तक यह सौदा फाइनल होने की उम्मीद है. ये सबमरीन मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में बनेंगी, जिसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा. ये सबमरीन लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकेंगी.

21,500 करोड़ रुपये का निवेश, बदनावर के पीएम मित्र पार्क से जुड़े 55 हजार नए रोजगार

बदनावर  मध्य प्रदेश के इंदौर में बदनावर स्थित पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park) में उद्योग स्थापित करने को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए शासन ने पार्क के विकास का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में 13 कंपनियों को 320 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिनके माध्यम से लगभग 7,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे 16 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने का दावा किया गया है। पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पहले चरण में ही कई बड़ी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव देकर जमीन प्राप्त कर ली थी। उद्योगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए मप्र औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने दूसरे चरण की आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। दूसरे चरण के पूरा होने के साथ ही पीएम मित्रा पार्क में 38 कंपनियों से प्राप्त कुल निवेश प्रस्ताव 21,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं। इस निवेश से बदनवार क्षेत्र में लगभग 55,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब तक कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और तीसरे चरण का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। वर्तमान में, एमपीआईडीसी पट्टा विलेख और भूखंड पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी से काम कर रही है। दूसरे चरण में, भीलोसा इंडस्ट्रीज ने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए 200 एकड़ भूमि आवंटित की जा रही है। इस इकाई से 3,500 नए रोजगार सृजित होंगे। मानव निर्मित फाइबर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भीलोसा इंडस्ट्रीज का राज्य में आगमन, एमएमएफ उद्योग के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि मध्य प्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 30-31 जनवरी को चेन्नई में आयोजित चिंतन शिविर में औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग के प्रधान सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रोड शो और सम्मेलनों की अन्य पीएम मित्र राज्यों में सराहना की गई। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि अगला लक्ष्य पीएम मित्र पार्क के आसपास सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है, जिसमें स्कूल, कॉलेज, खेल के मैदान, अस्पताल, मनोरंजन केंद्र और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक आवास शामिल हैं। सभी आय वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवास की योजना बनाई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क को अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्योगों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 20 एमएलडी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र और नियमों के अनुसार हरित क्षेत्र और जलाशयों का विकास शामिल है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, पार्क में बॉयलर में कोयले के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव एमपीआइडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति के अनुसार, दूसरे चरण की पूर्णता के साथ ही पीएम मित्र पार्क में अब तक कुल 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर बदनावर और आसपास के क्षेत्र में लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अब तक पार्क में कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। तीसरे चरण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी। वर्तमान में लीज डीड और प्लॉट आधिपत्य से संबंधित कार्यवाही लगातार जारी है। 4,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 200 एकड़ भूमि आवंटित दूसरे चरण के प्रमुख निवेशकों में भिलोसा इंडस्ट्रीज शामिल है, जिसने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस इकाई से लगभग 3,500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित वस्त्र मंत्रालय के चिंतन शिविर में मध्यप्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल का प्रस्तुतिकरण प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेंद्र कुमार सिंह ने किया, जिसमें राज्य के औद्योगिक विकास और पीएम मित्र पार्क की प्रगति को प्रमुखता से रखा गया।

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