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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की शहडोल सिंचाई काम्प्लेक्स की घोषणा

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

सीधी में महिला पर हुई जानलेवा प्रहार, लाठी-घूंसे और धक्कों से घायल

सीधी मध्यप्रदेश में एक शख्स ने एक महिला के साथ बर्बरता की। उसने महिला को खूब मारा, उस पर ला​ठी बरसाई। महिला के बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात घूंसे भी बरसाए। प्रदेश के सीधी जिले में यह वारदात हुई। युवक महिला को मारता रहा। इस दौरान कई लोग आसपास थे पर किसी ने महिला को बचाने की कोशिश नहीं की। घटना का किसी ने वीडियो बना लिया जोकि अब वायरल हो रहा है। मध्यप्रदेश के सीधी जिले के एक गांव बहरी में महिला के साथ मारपीट की यह घटना हुई। वायरल वीडियो में युवक संतोष पाठक महिला के साथ बर्बरता से मारपीट करता नजर आ रहा है। महिला उसके कब्जे से छूटने से कोशिश करती रही लेकिन पाठक उसे कभी लाठी से मारता रहा तो कभी लात घूंसे बरसाता रहा। महिला की सरेआम पिटाई की बहरी बाजार में एक महिला के साथ युवक द्वारा मारपीट करने का वीडियो रविवार सुबह सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल हुआ। वायरल वीडियो में यह बताया जा रहा था कि मारपीट करने वाला युवक संतोष पाठक भाजपा का पदाधिकारी है और लाडली बहना के साथ बेरहमी के साथ सार्वजनिक स्थल में मारपीट कर रहा है।   वायरल वीडियो पर बहरी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मारपीट करने वाले युवक संतोष पाठक पिता दिवाशंकर पाठक निवासी ग्राम सिहौलिया के विरूद्ध गाली गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी संबंधी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपी युवक की तलाश भी की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि संतोष पाठक भाजपा का  पदाधिकारी नहीं है बल्कि एक यूट्यूबर व व्यापारी है। बहरी बाजार के तिराहे में एक गुमटी को हटाने को लेकर महिला से विवाद हुआ था, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया, प्रथम दृष्टया वायरल वीडियो के आधार पर युवक के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। पता चला है कि वीडियो को कट करके सोशल मीडिया में डाला गया है, पूरा वीडियो देखने पर स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी। पूरे मामले की जांच की जा रही है और युवक की तलाश भी जारी है।

भागवत की चेतावनी: अगर 1.25 करोड़ हिंदू खड़े हों, बांग्लादेश को भुगतना पड़ेगा

मुंबई बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश के सवा करोड़ हिंदू अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खुद खड़े होने का निर्णय लेते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू उनके साथ मजबूती से खड़े होंगे। मुंबई में आयोजित संघ की दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘नए क्षितिज’ के दूसरे दिन संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा, “बांग्लादेश में करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे वहां रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का फैसला करते हैं, तो पूरी दुनिया के हिंदू उनकी मदद करेंगे।” ‘मैं आपको गारंटी देता हूं…’ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हुई घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, “बांग्लादेश में जो घटनाएं हुई हैं… वहां आज भी करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं तो वहां की राजनीतिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने हित में, अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनका एकजुट होना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इस बार उन्होंने यह तय किया है कि वे भागेंगे नहीं, बल्कि वहीं रहकर संघर्ष करेंगे। अब अगर संघर्ष करना है, तो एकता सबसे जरूरी होगी। जितनी जल्दी वे एकजुट होंगे, उतना ही बेहतर होगा। बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा संख्या के साथ वे अपनी स्थिति में बड़ा सुधार ला सकते हैं। और इस दिशा में हम यहां अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए, और दुनिया भर में जहां-जहां हिंदू हैं, वहां से उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसकी मैं आपको गारंटी देता हूं।”   इस कार्यक्रम का आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में किया गया है। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। हालात उस समय और बिगड़ गए जब भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। इसके बाद अगस्त 2024 में हुए तथाकथित विद्रोह के तहत छात्र आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़कर देश से भागना पड़ा।   इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हिंसक भीड़ ने कई इलाकों में हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया। इन हमलों में व्यापारी, मजदूर और छात्र समेत कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे संगठित हमलों में बदल गए, जिनका सीधा असर हिंदू समुदाय पर पड़ा। मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। उनके इस संदेश को संघ और अन्य हिंदू संगठनों के बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन और एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सेशेल्स के राष्ट्रपति भारत पहुंचे, मुंबई और चेन्नई की यात्रा पूरी कर नई दिल्ली में राजकीय बैठकें

नई दिल्ली सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी रविवार को दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। हर्मिनी इससे पहले मुंबई और चेन्नई में आयोजित कुछ बिजनेस इवेंट्स में शामिल होने गए थे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर तस्वीरों संग इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया: “सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी चेन्नई और मुंबई में अहम कार्यक्रमों को संपन्न कर यहां पहुंचे। वहां उन्होंने शासन, उद्योग, तटीय प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र सहित अहम स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात की।” उन्होंने आगे कहा, “एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका गर्मजोशी से विधिवत स्वागत किया। सेशेल्स भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और भारत के विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।” एमईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, हर्मिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पांच दिवसीय (5-10 फरवरी) राजकीय यात्रा पर गुरुवार को भारत पहुंचे। दिल्ली यात्रा के दौरान, वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने और पीएम मोदी के साथ आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं। मुंबई में उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, और दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, खासकर पोर्ट-आधारित विकास, कोस्टल मैनेजमेंट, और महाराष्ट्र और सेशेल्स के बीच बेहतर सहयोग को लेकर वार्ता की गई। सीएम फडणवीस ने एक्स पोस्ट में अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “महाराष्ट्र सेशेल्स का स्वागत करता है! मुंबई के ताज महल पैलेस में खूबसूरत देश सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी और मंत्रियों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हुई। मैंने उन्हें और सेशेल्स के लोगों को स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं!” उन्होंने राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता को शानदार बताया। कहा, “विभिन्न विषयों पर शानदार बातचीत हुई, खासकर पोर्ट-आधारित विकास, तटीय प्रबंधन और महाराष्ट्र और सेशेल्स के बीच बेहतर सहयोग को लेकर। मैं माननीय मंत्रियों विदेश मंत्री बैरी फॉरे, वित्त मंत्री पियरे लापोर्टे, परिवहन मंत्री वेरोनिक लापोर्टे और पर्यटन और संस्कृति मंत्री अमांडा बर्नस्टीन का भी स्वागत करता हूं।” 6 फरवरी को, हर्मिनी ने चेन्नई में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित भारत-सेशेल्स बिजनेस फोरम में भाग लिया। इसे लेकर फिक्की ने एक्स पर एक बयान जारी किया। फिक्की ने कहा, “फोरम के हिस्से के रूप में, एक खास सीईओ राउंडटेबल भी आयोजित की गई, जहां भारत के प्रमुख उद्योगपतियों ने माननीय राष्ट्रपति और सेशेल्स से आए मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधे बातचीत की।”

छोटी सी चिप, बड़ा सपना: अश्विनी वैष्णव की 2nm चिप और भारत की तकदीर का सवाल

नई दिल्ली द‍िग्‍गज कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने भारतीय केंद्रों में 2nm च‍िप के ड‍िजाइन को व‍िकसि‍त क‍िया है। केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्‍णव ने इस कामयाबी को देखा। यह उपलब्‍ध‍ि भारत को सेमीकंडक्‍टर के क्षेत्र में बहुत आगे ले जा सकती है। 2nm बेहद एडवांस्‍ड च‍िप है, ज‍िस एआई से लेकर गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल क‍िया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव की दो उंगलियों के बीच आपको एक छोटी सी चीज दिख रही होगी। यह 2nm (नैनोमीटर) चिप है। इस चिप को बड़ी अमेरिकी कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में विकसित किया है, जो भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है। शनिवार को कंपनी ने इस चिप के डिजाइन के सफल टेप-आउट (डिजाइन के अंति‍म चरण) का ऐलान क‍िया। क्‍या 2nm चिप भारत की तकदीर को बदल सकती है? इसका जवाब है हां, क्‍योंकि यह सबसे एडवांस्‍ड चिप है जिसे आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस से लेकर हमारे गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल करने की तैयारी है। क्‍यों खास है 2nm (नैनोमीटर) चिप? 2nm (नैनोमीटर) चिप को नेक्‍स्‍ट-जेनरेशन सेमीकंडक्‍टर टेक्‍नोलॉजी कहा जाता है। इसकी ट्रांजिस्‍टर डे‍ंसिटी बहुत अधिक है। इस चिप का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन इस साल शुरू होने की उम्‍मीद है। दावा है कि इस चिप का इस्‍तेमाल शुरू होने के बाद किसी भी गैजेट या अन्‍य इस्‍तेमाल वाली चीज में ऊर्जा की खपत 45 फीसदी कम हो जाएगी। दावा है कि यह मौजूदा 3nm और 5nm चिपसेट से बेहतर परफॉर्मेंस देगी। इस चिप को आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस सर्वरों, स्‍मार्टफोन्‍स, IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। स्‍मार्टफोन्‍स की बात करें तो सबसे पहले यह चिप प्रीमियम स्‍मार्टफोन्‍स में देखने को मिल सकती है। इनमें iphone 18 सीरीज और Google की अपकमिंग पिक्‍सल स्‍मार्टफोन सीरीज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। Samsung S26 सीरीज में भी आ सकती है चिप कहा जाता है कि 2nm चिप तकनीक को सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी एस26 सीरीज के स्‍मार्टफोन्‍स में लाया जा सकता है। ऐसी अफवाहें हैं कि Exynos 2600 प्रोसेसर में 2एनएम प्रोसेस का इस्‍तेमाल किया गया है। इसके अलावा, एआई सर्वरों, डेटा सेंटरों और उन एआई ऐप्‍ल‍िकेशंस के लिए भी यह चिप कारगर होने वाली है, जो बहुत ज्‍यादा बिजली इस्‍तेमाल करते हैं। क्‍या सिर्फ क्‍वाॅलकॉम ये चिप बना रही या अन्‍य कंपनियां भी? 2nm (नैनोमीटर) चिप पर काम करने वाली क्‍वॉलकॉम अकेली नहीं है। TSMC (N2 process), सैमसंग, इंटेल, आईबीएम जैसी कंपनियां इसे तैयार कर रही हैं। भारत के लिए यह उपलब्‍ध‍ि अहम क्‍यों? क्‍वॉलकॉम का बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में 2nm चिप को विकस‍ित करना भारत के लिए बड़ी उपलब्‍ध‍ि है। कंपनी ने खुद कहा है कि अमेरिका के बाहर यह उसका सबसे बड़ा इंजीनियर‍िंग टैलंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव के अनुसार, इस तरह की उपलब्‍ध‍ियां यह बताती हैं कि भारत का डिजाइन इकोसिस्‍टम कितना आगे निकल गया है। दुनिया में सेमीकंडक्‍टर को लेकर जो मुकाबला चल रहा है, उसमें हमारी तैयारी भी काफी मजबूत है। खबर में जिस टेप-आउट का जिक्र हमने शुरू में किया था, उसका मतलब होता है चिप डिजाइनिंग की फाइनल स्‍टेज। कैसे बदल सकती है भारत की तकदीर? भारत मैन्‍युफैक्‍चरिंग का दुनिया में बड़ा हब बनता जा रहा है। इस कामयाबी के बाद वह प्रोडक्‍ट डिजाइनिंग का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में सेमीकंडक्‍टर का क्षेत्र आने वाले समय में काफी अहम होने वाला है। अगर भारत सेमीकंडक्‍टर के विकास में आगे निकलता है तो वह अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा होकर दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। इससे भारतीय टैलंट की साख और मजबूत होगी।

भारतीय नेतृत्व पर पीएम मोदी का भरोसा, मलेशिया में नेताओं से की महत्वपूर्ण चर्चा

कुआलालंपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया में मंत्रियों और सीनेटरों समेत भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात की और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियों की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “जाने-माने मंत्रियों और सीनेटरों समेत पीआईओ नेताओं के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। भारत के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव साफ दिख रहा था। सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां सभी के लिए बहुत गर्व की बात हैं।” बता दें, इससे पहले पीएम मोदी ने कुआलालंपुर में आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने सैनिकों के ऐतिहासिक योगदान और साउथ-ईस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों के बीच इसकी विरासत को लेकर चर्चा की। आजाद हिंद फौज को इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के नाम से भी जाना जाता है। एक्स पर जयराज राजा राव के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनए और इसके फाउंडर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आईएनए के अनुभवी जयराज राजा राव से मिलना बहुत खास था। उनका जीवन बहुत हिम्मत और त्याग से भरा है। उनके अनुभव सुनना बहुत प्रेरणा देने वाला था। हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आईएनए की बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा कर्जदार रहेंगे, जिनकी बहादुरी ने भारत की किस्मत बनाने में मदद की।” पीएम मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ उनके आधिकारिक आवास सेरी परदाना में भी मीटिंग की। दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अलग-अलग सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की और सुरक्षा, रक्षा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। पीएम इब्राहिम से मुलाकात को लेकर भारत के प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आज सेरी परदाना में पीएम अनवर इब्राहिम के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है। हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की। हम सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर के फील्ड में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।”

शहडोल को विकास की सौगात, जैतपुर नगर परिषद घोषित, धनपुरी वाटर पार्क का उद्घाटन

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में धनपुरी वाटर पार्क का फीता काटकर शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि इससे क्षेत्र के पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जैतपुर नगर को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा की। सीएम ने कहा- बहनों को आगे बढाना है। विधायक जी ने कुछ मांगा है तो हम मना कैसे कर सकते हैं। 2300 करोड़ की सिंचाई योजना देने की घोषणा करता हूं। जैतपुर में महाविद्यालय का भवन बनेगा। शहडोल में नए महाविद्यालय की शुरूआत किया जाएगा। अब अगली बार भी आना है शेष बात हम बाद में करेंगे। सीएम ने लोगों की मांग पर जैतपुर को नगर पंचायत देने की घोषणा करता हूं।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे धनपुरी के अंदर इतना बढिया स्विमिंग पुल देखकर इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े नगर की याद आ गई। जब मैं जय जयकार कराता हूं तो कांग्रेस वालों की पार्टी पर सांप लोट जाते हैं। हम भगवान श्रीराम की जयकार करने वाले लोग हैं। माता शबरी ने वर्षों तक राम का इंतजार किया। भगवान राम प्रेम के वशीभूत होकर शबरी माता के पास पहुंचे। श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खाए। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम यह है सनातन संस्कृति की विशेषता। हम जब पूरे शहडोल की तरफ देखते हैं तो देखते हैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कितना काम यहां हुआ है। किसानों के हित का पूरा ध्यान रखा। मोदी जी का पूरा जीवन देश के विकास के लिए ही है। भारत का मान सम्मान बढाने के लिए सशक्त बनाने के लिए हम देश के प्रधानमंत्री का जोरदार अभिनंदन करें। धनपुरी धन्य हो गई आज धनपुरी में जो सौगात मिली है वह जंगल में मंगल हो गया है। धनपुरी धन्य हो गई। नगरपालिका अध्यक्ष को बधाई इतनी अच्छी सौगात इस क्षेत्र को मिली है। सभी क्षेत्र में काम करते हुए आज मप्र सबसे आगे बढ रहा है। हम लगातार काम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण का काम किया गया है। बहुत जल्दी युवाओं को सभी तरह के कल कारखाने की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की ओर ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकारों के काम करने का तरीका ही अलग है। सांसद बोलीं, मुख्यमंत्री जी छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे शहडोल में हुए कार्यक्रम मंच से नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष रविंद्र कौर छाबड़ा ने विकास कार्य का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। क्षेत्रीय विधायक जयसिंह मरावी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मांग पत्र पढ़कर सुनाया। सांसद हिमाद्रि सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मंच भरा पूरा है और समय की सीमा है। आप सबको राम राम करती हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश विकास कर रहा है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आपके समक्ष जो मांगें विधायक जयसिंह मरावी ने रखी हैं, उनको पूरा करेंगे और छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे। माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण इसके बाद मुख्यमंत्री गंधिया जनपद पंचायत जयसिंह नगर के लिए प्रस्थान कर स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता निभाएंगे। वह यहां पर सीतामढ़ी धाम में स्थापित की गई माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रवास के दौरान शहडोल जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन एवं योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे।  

भारत-मलेशिया संबंधों को मिली नई दिशा: PM मोदी से वार्ता के बाद अनवर का बयान, 11 समझौते फाइनल

मलेशिया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। मोदी इस समय मलेशिया के दो-दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें वे कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। कुआलालंपुर में दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की और 11 दस्तावेजों सहित कई समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर का साक्षी बने। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने कहा कि भारत-मलेशिया के संबंध 1957 से चले आ रहे हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी मौजूद है। अनवर ने आगे कहा कि भविष्य में दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन पहलों को तेजी से लागू करने के लिए दोनों सरकारों और विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता है। वार्ता के परिणामों पर अनवर ने बताया कि 11 दस्तावेजों के हस्ताक्षर किए गए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल था। उन्होंने कहा कि ये समझौते पारंपरिक द्विपक्षीय समझौतों से आगे हैं और इनमें से कई क्षेत्र—जैसे सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग-शांतिरक्षा (peacekeeping) जैसी पहलें भी शामिल हैं।   इससे पहले, अनवर ने मोदी का औपचारिक स्वागत किया और दोनों देशों के मजबूत संबंधों और इस दौरे की व्यक्तिगत अहमियत पर जोर दिया। इस यात्रा की शुरुआत पर पुत्राजया में प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर और अन्य औपचारिक सम्मान दिए गए। मोदी ने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि मलेशिया ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल का बहुत ही गरिमामय और खूबसूरत स्वागत किया। मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस स्वागत के कुछ पल साझा किए और कहा कि भारत और मलेशिया का साझेदारी विश्वास, मित्रता और साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। यह मोदी का मलेशिया का तीसरा दौरा है और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों के “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में उन्नयन के बाद यह पहला दौरा है। इस दौरे के दौरान मोदी CEOs और व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और भारत-मलेशिया के व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे। दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का एक बड़ा कारण मलेशिया में भारतीय मूल की लगभग 2.9 मिलियन आबादी है, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्रवासी भारतीय समुदाय मानी जाती है।

मुंबई मंच से मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश— आरएसएस प्रमुख जाति से ऊपर, केवल हिंदू

मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख कौन बन सकता है, इस बात को लेकर बड़ा बयान दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय या अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है, केवल एक शर्त है, जो बने वह हिंदू होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर पद का चयन नहीं किया जाता, केवल हिन्दू होने की शर्त जरूरी है। बता दें कि मोहन भागतव ने मुंबई में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कही। इस मौके पर कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि जाति से नहीं बल्कि हिंदू होने से ही इस पद के लिए पात्रता तय होती है। अपने पद को लेकर भी बोले भागवत इस दौरान मोहन भागवत ने उनकी उम्र 75 साल हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संघ ने उनसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि संघ में पद छोड़ने का फैसला संगठन करता है, न कि कोई व्यक्ति खुद। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख का कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्र और प्रांत के प्रमुख मिलकर सरसंघचालक का चयन करते हैं। आम तौर पर कहा जाता है कि 75 साल के बाद बिना पद के काम करना चाहिए। मैंने अपनी उम्र के बारे में संघ को बताया, लेकिन संगठन ने मुझसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब भी आरएसएस कहेगा, मैं पद छोड़ दूंगा, लेकिन काम से रिटायर होना कभी नहीं होगा। ‘परिस्थितियों पर ज्यादा नहीं, समाधान पर ध्यान देने की जरूरत’ मोहन भागवत ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां अनुकूल भी हो सकती हैं और कठिन भी, लेकिन उन पर जरूरत से ज्यादा सोचने की बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, भ्रम बना रहता है। इसके साथ ही हल्के-फुल्के अंदाज में भागवत ने कहा कि आरएसएस अपने स्वयंसेवकों से खून की आखिरी बूंद तक काम लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी को जबरन रिटायर किया गया हो। प्रचार नहीं, संस्कार देना संघ का काम आरएसएस प्रमुख ने साफ किया कि संघ का काम चुनावी प्रचार या आत्म-प्रचार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपने काम का ज्यादा प्रचार नहीं करते। जरूरत से ज्यादा प्रचार से अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए, समय पर और उतना ही जितना जरूरी हो। ‘आरएसएस में अंग्रेजी नहीं, लेकिन विरोध भी नहीं’ इसके साथ ही भागवत ने भाषा को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होने कहा कि आरएसएस के कामकाज में अंग्रेजी माध्यम नहीं होगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जहां जरूरत होगी, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाएगा। हमें इससे कोई परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को अंग्रेजी इस तरह बोलनी चाहिए कि अंग्रेजी बोलने वाले भी सुनना चाहें, लेकिन मातृभाषा को भूलना नहीं चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने दक्षिण भारत और विदेश का कुछ अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जब वे बंगलूरू में एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत के कई लोग हिंदी नहीं समझ पाए, तो उन्होंने अंग्रेजी में जवाब दिए। वहीं विदेशों में रहने वाले भारतीयों से बातचीत के दौरान वह हिंदी या उनकी मातृभाषा में संवाद करते हैं।

यात्रियों को राहत: राजधानी की सड़कों पर उतरीं 500 ई-बसें, दिल्ली–पानीपत बस सेवा शुरू

नई दिल्ली दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आज रामलीला मैदान से डीटीस की 500 नई ईवी बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह समेत तमाम मंत्री और भाजपा विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंच से इन इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी : नितिन नबीन इस दौरान रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज के दिन 8 फरवरी को ही दिल्ली का मैंडेट आया था और दिल्ली की जनता ने कमल खिलाने का काम किया था। आज के दिन आपने दिल्ली की जनता को जो 500 ईवी बसों का तोहफा देने का काम किया है, यह निश्चित रूप से आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पिछली सरकार के झूठे वादे से दिल्ली की जनता त्रस्त हो गई थी। पिछली सरकारों ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया था। यूं कहें तो पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी, लेकिन आज भाजपा की सरकार दिल्ली की जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यहां तेजी से विकास के कार्य कर रही है। इसके लिए मैं दिल्ली की भाजपा सरकार को बहुत बहुत बधाई देता हूं। 11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही : रेखा गुप्ता इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही। दिल्ली के लोगों की उम्मीदें और सपने खत्म हो गए। दिल्ली ने विकास के सपने देखना बंद कर दिया। दिल्ली के लोग पानी-सीवेज और हेल्थकेयर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए तरसते रह गए। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोगों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो खुद को दिल्ली का मालिक समझते थे।” रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को बताया घमंडी उन्होंने कहा कि घमंडी केजरीवाल कहता था, “मुझे हराने के लिए तुम्हें दोबारा जन्म लेना पड़ेगा”, लेकिन दिल्ली के लोगों ने इसी जन्म में इसी रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार बनाकर दिल्ली का माहौल बदल दिया। दिल्ली के लोगों ने दिखा दिया कि अगर वे किसी को प्यार और स्नेह से सत्ता की कुर्सी पर बिठा सकते हैं, तो उसे नीचे गिराना भी जानते हैं।” रविवार को भाजपा द्वारा दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के एक वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा जल्द ही दिल्लीवासियों को कई और तोहफे देने की योजना है। 20 फरवरी को दिल्ली सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं। दिल्ली के लोगों से किए वादों को पूरा करने की अधिक खुशी : पंकज सिंह दिल्ली के मंत्री पंकज सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो गया है। इसी दिन मैं विधायक बना था। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि हम दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। हम दिल्ली और पानीपत के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मैं खुश हूं कि हमारा काम दिन-ब-दिन आगे बढ़ रहा है। वहीं, दिल्ली से बीजेपी विधायक अनिल गोयल ने भी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह जश्न दिल्ली के लिए और दिल्ली के पर्यावरण को ठीक करने के लिए है। दिल्ली की प्रदूषित हवा को ठीक करने के लिए, आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 500 ईवी बसों का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री पंकज सिंह और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद देता हूं।  

आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक ‘विशेष संबंध’ साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ”आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।’ पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ”भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।” मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ”कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।’प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ”हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।  

ग्वालियर में हवा में आलू की खेती, वैज्ञानिकों ने 1KG बीज से 400 किलो आलू उगाया, बीमारी मुक्त खेती का कारनामा

ग्वालियर  राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ने 2 साल पहले रिसर्च के लिए खेती की एक नई तकनीक शुरू की थी. ये ऐरोपोनिक तकनीक थी, जिसके जरिए वैज्ञानिकों ने हवा में आलू उगाने का प्रयास शुरू किया था. ये प्रयास अब रंग ला चुका है और दो साल की शोध के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने आलू के ऐसे बीज तैयार कर लिए हैं जो ना सिर्फ रोग रहित हैं बल्कि इसका प्रोडक्शन 50 गुना तक है. इनसे पैदा होने वाली आलू की फसल 400 गुना तक मिलती है. ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कमाल देश में कृषि क्षेत्र रिसर्च के बलबूते नए आयाम स्थापित करने में जुटा हुआ है. किसान की लागत कैसे बढ़े और कैसे नवाचार का फायदा किसानों को मिले, इस ओर ग्वालियर का राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय भी अपना योगदान दे रहा है. कृषि यूनिवर्सिटी ने अपनी ऐरोपोनिक्स यूनिट में पानी के जरिए हवा में आलू उगाये जा रहे हैं. जो जल्द ही किसानों की किस्मत बदलने को तैयार हो जायेंगे. असल में ये आलू ऐरोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उगाए गए हैं. या कहें आलू के बीज तैयार किये गए हैं. कृषि वैज्ञानिकों की भाषा में इस यूनिट में आलू के 20 वेराइटी के मिनी ट्यूबर तैयार किए जा रहे हैं, जो प्रोसेस होने के बाद किसानों के खेतों में फसल बनकर फायदा देंगे. टिशू कल्चर तकनीक से लैब में तैयार होता है पौधा एरोपोनिक प्रोजेक्ट की इंचार्ज डॉ. सुषमा तिवारी ने बातचीत में बताया कि, ”एयरोपौनिक तकनीक में पौधे टिशू कल्चर के माध्यम से लैब में तैयार किए जाते हैं, जब ये पौधे एरोपोनिक यूनिट में ट्रांसप्लांट करने होते हैं तब एक महीने पहले इन पौधों की हार्डनिंग की जाती है. इसके बाद इन्हें ट्रांसप्लांट किया जाता है. पूरे मध्य प्रदेश में ये पहल राजमाता कृषि विश्व विद्यालय द्वारा की गई है.” रोग फ्री होता है एरोपोनिक तकनीक से उगा बीज इन पौधों में न्यूट्रिएंट देने के लिए फोगिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है. ऐसे में जो आलू के बीज यानी मिनी ट्यूबर बनते हैं वे उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं और रोग मुक्त होते हैं. जिसका मतलब है खेत में उगने वाले आलू में रोग या वायरस का असर फसल पर पड़ता है, लेकिन इन आलुओं में ऐसी कोई बीमारी नहीं होती. एरोपोनिक में तैयार पौधे बीमारी फ्री होते हैं. ये हेल्दी पौधे होते हैं जिसकी वजह बीज अच्छी क्वालिटी का बनता है और प्रोडक्शन भी कई गुना ज़्यादा होता है.”  उद्देश्य के अनुसार मिलेगा आलू, किसानों के पास होंगे विकल्प मध्य प्रदेश की इस शोध यूनिट का बड़ा फायदा किसानों को भी मिलने वाला है, क्योंकि जब अच्छी गुणवत्ता का बीज किसानों को मिलेगा, जब बीज में कोई बीमारी नहीं होगी तो उनका प्रोडक्शन भी अच्छा होगा. ऊपर से अभी जब किसान आलू के बीज लेते हैं तो उनके पास ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं. लेकिन विश्वविद्यालय 20 प्रजातियों के बीज तैयार कर रहा है, जिसमें किसानों के उद्देश्य के अनुसार वे आलू उगा सकेंगे. उदाहरण के लिए फ्रेंच फ्राई के लिए फ़्राइओम है, चिप्स के लिए चिपसोना आलू है. इस तरह उनके पास जरूरत के हिसाब से विकल्प भी होंगे.  ऐरोपोनिक से बीज की कितनी उत्पादकता? डॉ. सुषमा तिवारी ने बताया कि, ”एरोपोनिक तकनीक से उगाए गए बीज का वजन बेहद कम होता है. ये मिनी ट्यूबर 2-3 ग्राम वजन का होता है. दो साल पहले जब इसकी शुरुआत के समय डेमॉन्स्ट्रेशन यूनिट लगायी थी तब एक किलो बीज पैदा किया था. जिससे 400 किलो नार्मल आलू मिला था. लेकिन ये किसानों को जी-2 प्रोसेस के बाद ही दिए जाते हैं. जिससे वे इन्हें फील्ड में उगा सके. दो साल पहले जो प्रोसेस शुरू हुआ था उसका बीज अब तैयार हो चुका है और जल्द ही इनमें से कुछ बीज किसानों को जल्द मिलेंगे.”  किसान से पहले 3 चरणों से गुजरता है बीज एरोपोनिक तकनीक में बीज तीन चरणों में तैयार होता है. सबसे पहले चरण को जी-जीरो कहा जाता है. जिसमे कल्चर प्रोसेस से बीज को बोकर लैब में तैयार किया जाता है. इसके बाद ऐरोपोनिक यूनिट में मिनी ट्यूबर उगाए जाते हैं. दूसरा चरण जी-1 कहलाता है जिसमें ये मिनी ट्यूबर नेट हाउस यानी खास ग्रीन हाउस में लगाये जाते हैं. यह प्रोसेस पूरा होने के बाद जी-2 चरण शुरू होता है. जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा तैयार फील्ड में इन बीजों की बोवनी कर इनसे सॉइल बेस्ड बीज तैयार किए जाते हैं, जो किसानों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार होते हैं.  2 साल बाद बड़े स्तर पर तैयार होंगे बीज कृषि विज्ञानी सुषमा तिवारी कहती हैं कि, ”हम किसानों को बीज उपलब्ध कराने वाले हैं क्योंकि पुरानी खेप तैयार है हालांकि ये सीमित हैं, लेकिन अब से दो साल बाद हमारे पास बहुतायत में अलग अलग वेराइटी के बीज उपलब्ध होंगे और ये किसानों के लिए तैयार होंगे.” पोषक तत्वों के लिए अलग से होती व्यवस्था पोषक तत्वों की कमी इन बीजों में ना हो इसके लिए एरोपोनिक यूनिट में दो टैंक बनाये गए हैं. जिनमें माइक्रो न्यूट्रिएंट्स घोले जाते हैं, इसका इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी मेंटेन किया जाता है, जितना मात्र में इसे दिया जाना है. टैंक में बड़े बड़े पाइप लगाए गए हैं. साथ ही फोगिंग सिस्टम लगाया गया है. इनके जरिए कंट्रोल पैनल में इसकी प्रोग्रामोंग सेट की जाती है, इसमें जरूरत के अनुसार, तीस सेकंड तक फोग चलाया जाता है और इसी के जरिए पौधों को पोषक तत्व मिलते हैं. किसानों के लिए व्यवसायिक विकल्प बन सकती है एरोपोनिक यूनिट किसानों के लिए भी एरोपोनिक तकनीक फायदे का सौदा है क्योंकि यह यूनिट महज 70 से 75 लाख रुपये में तैयार हो जाती है. ये उनके लिए व्यावसायिक रास्ते भी खोलता है क्योंकि किसान अपनी यूनिट तैयार कर ख़ुद उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार कर सकते है और फिर उन बीज को बेच सकते हैं. एक बार यूनिट लगने के बाद इसे 5 से 7 साल तक उपयोग में लिया जा सकता है. इसमें छोटी मोटी रिपेयर मेंटेनेस होती है लेकिन फायदा भी बड़ा होता है. पंजाब हिमाचल के कुछ किसान इसका उपयोग कर भी रहे हैं.

मुख्यमंत्री का शहडोल दौरा आज, कमिश्नर और कलेक्टर ने की व्यवस्थाओं की जांच

शहडोल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 8 फरवरी को शहडोल जिले के धनपुरी और गधिया क्षेत्र का दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संभागायुक्त शहडोल सुरभि गुप्ता ने लालपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लालपुर हवाई पट्टी पर उतरेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से धनपुरी के लिए रवाना होंगे। संभागायुक्त ने हवाई पट्टी पर सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और आपात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जयसिंहनगर के गधिया पहुंचकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले धनपुरी पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे गधिया के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस विभाग भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, एसडीएम सोहागपुर अमृता गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने में जुटे हुए हैं।   

सिंहस्थ महाकुंभ के लिए फूलों की खेती: 4200 हेक्टेयर में बनेगा विशेष क्लस्टर, केंद्र से मंजूरी की उम्मीद

उज्जैन  उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण धार्मिक दृष्टि से अहम इंदौर जिले में अब फूलों की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी है। राज्य सरकार ने इंदौर सहित कुछ जिलों को चिह्नित करते हुए पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना बनाई है। इस योजना के तहत इंदौर जिले में 110 हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। 110 हेक्टेयर में सिर्फ गुलाब की खेती का लक्ष्य योजना के पहले चरण में 83.87 हेक्टेयर भूमि पर 142 हितग्राही किसानों को चयनित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक पूरे 110 हेक्टेयर क्षेत्र में केवल गुलाब की खेती की जाए। इससे धार्मिक आयोजनों में फूलों की बढ़ती मांग को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकेगा। मुख्य सचिव करेंगे प्रोजेक्ट की निगरानी इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव अनुराग जैन करेंगे। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इस योजना पर चर्चा के बाद उद्यानिकी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप संचालक उद्यान को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन के लिए बड़ा प्लान सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले के लिए भी बड़ी योजना बनाई गई है। यहां 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती के क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत सरकार से विशेष प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ मेले के दौरान बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होगी। इंदौर में रोज 8 से 12 टन फूलों की आवक इंदौर फूल बाजार एसोसिएशन के अनुसार शहर में प्रतिदिन 8 से 12 टन फूलों की आवक होती है। त्योहारी और पीक सीजन में यह मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। नवरात्रि, दीपावली और विवाह आयोजनों के दौरान आवक 30 से 70 टन तक पहुंच जाती है। बाजार में मुख्य रूप से गेंदा, गुलाब और सेवंती की आपूर्ति होती है। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही फूलों की खेती प्रदेश में फूलों की खेती लगातार बढ़ रही है और मध्यप्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। गेंदा सबसे अधिक क्षेत्र में उगाया जाता है, इसके बाद गुलाब, क्रिसैंथेमम, ग्लैडियोलस, ट्यूबरोज और अन्य मौसमी फूलों की खेती होती है। राज्य में लगभग 43 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 5.12 लाख टन से अधिक फूलों का उत्पादन हुआ। धार्मिक स्थलों के कारण बढ़ी मांग उज्जैन, ओंकारेश्वर के अलावा देवास, सलकनपुर, नीमच, मंदसौर, महेश्वर, नलखेड़ा, परशुराम लोक सहित कई धार्मिक और तीर्थ स्थल इस क्षेत्र में स्थित हैं। इसी वजह से यहां फूलों की खेती पर विशेष फोकस किया जा रहा है। मंत्री बोले, बाहर से फूल मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने हाल ही में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उज्जैन और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर साल भर फूलों की भारी मांग रहती है। सिंहस्थ मेले के दौरान यह मांग कई गुना बढ़ जाती है। सरकार की योजना है कि स्थानीय किसानों से ही फूलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।   

‘विक्रमोत्सव’ का भव्य आगाज 12 फरवरी से, उज्जैन में 139 दिनों तक चलेगा, महानाट्य और विज्ञान का संगम

उज्जैन  उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून तक 139 दिन का विक्रमोत्सव होगा। इसमें कलश यात्रा, नाटक मंचन, वैचारिक समागम, शोध संगोष्ठी, फिल्मों के प्रदर्शन, वेद अंताक्षरी और सूर्योपासना के आयोजन होंगे। प्रदेश के नगरों में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन व शिक्षण संस्थाओं में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता की जाएंगी। 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के वैज्ञानिक पक्ष को भी प्रचारित किया जाएगा। विज्ञान सम्मत कार्यों के संबंध में विज्ञान महाविद्यालयों, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और पालिटेक्निक को जोड़कर अभिनव कार्यक्रम किए जाएंगे। 15 फरवरी को प्रदेश में महादेव की कलाओं के शिवार्चन, कलश यात्रा, बैंड प्रस्तुति, शिवनाद और विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होगा। 16 से 20 फरवरी तक शिव पुराण, 16 से 25 फरवरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियां और 26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम, पुतुल समारोह और अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी जैसी गतिविधियां होंगी। कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर कार्यक्रम वैचारिक समागम, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न भाषाओं और बोलियों में लोकरंजन के तहत कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर उज्जैन के रामघाट (दत्त अखाड़ा) पर सूर्य उपासना का कार्यक्रम होगा। उज्जयिनी गौरव दिवस अंतर्गत शिप्रा तट पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा। महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य और पार्श्व गायकों द्वाराT सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। 15 फरवरी को शुभारंभ, 25 फरवरी तक नाट्य प्रस्तुतियां सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, विक्रमोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी को शिवरात्रि मेलों, भव्य कलश यात्रा और कलाकारों के समूह द्वारा प्रस्तुत ‘शिवोहम’ संगीतमय प्रस्तुति के उद्घाटन के साथ किया जाएगा. इसके बाद विक्रम थिएटर महोत्सव के अंतर्गत 16 से 25 फरवरी के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित नाट्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नाटक होंगे. कठपुतली महोत्सव, बौद्धिक सम्मेलन और फिर कवि सम्मेलन 26 से 28 फरवरी के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय इतिहास सम्मेलन, कठपुतली महोत्सव और अनुसंधान संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है. वहीं, सम्राट विक्रमादित्य के युग में न्याय व्यवस्था और शासन प्रणाली पर केंद्रित एक बौद्धिक सम्मेलन 28 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. इसके पश्चात 7 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध कवि भाग लेंगे. पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव विक्रमोत्सव के तहत अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में 20 से अधिक देशों की प्रविष्टियों के साथ पौराणिक फिल्मों का एक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव, वेद अंताक्षरी तथा गुड़ी पड़वा के अवसर पर रामघाट और दत्त अखाड़ा में सूर्योदय पूजा शामिल हैं. यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा. कार्यक्रम के अंतिम दिन, 19 मार्च को, वर्ष प्रतिपदा और सृष्टि आरंभ दिवस के अवसर पर ‘उज्जयिनी गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. सरकार के अनुसार, इस दिन शिप्रा नदी के तट पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पुरस्कार का वितरण, विक्रम पंचांग 2082-83 का विमोचन, ‘अर्शा भारत’ के दूसरे संस्करण का लोकार्पण तथा नृत्य-नाट्य प्रस्तुति ‘महादेव की नदी कथा’ प्रमुख आकर्षण होंगे. CM मोहन यादव का अधिकारियों को निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विक्रमोत्सव में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और कृतित्व के सभी आयामों की प्रभावी और व्यापक प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक निरंतरता को सशक्त बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है. सीएम मोहन यादव ने यह भी निर्देश दिए कि विज्ञान महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को विक्रमोत्सव से जोड़ा जाए, ताकि सम्राट विक्रमादित्य के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कालगणना, खगोल विज्ञान तथा प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को उजागर करने वाले विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें.   

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