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छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं को बढ़ावा, ₹7,470 करोड़ का बजट और ₹51,080 करोड़ की परियोजनाएँ प्रगति पर

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य में रेल अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को निरंतर गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान प्रदान किया गया है। इस अनुदान के माध्यम से राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास, रेल संरक्षा कार्य तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को निरंतर बल मिल रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाओं में  बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत ₹2,135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।  दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत ₹16,275.56 करोड़ है, के अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत ₹7,854 करोड़ है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।  सरदेगा–भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत ₹1,282 करोड़ है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।  रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत ₹3,513 करोड़ है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यात्री सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।  राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएँ ( बिलासपुर नागपुर बिलासपुर एवं दुर्ग विशाखापट्टनम दुर्ग ) तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए पिछले 10-11 वर्षों में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण तथा 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।  वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित रेल नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अग्नि-3 मिसाइल ने मचाई हलचल, बंगाल की खाड़ी कांपी, चीन-पाक के पास नहीं है इसका कोई समान

भुवनेश्वर  भारत ने  सुबह ओडिशा के तट से एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज ने सीमा पार बैठे दुश्मनों के बंकरों को हिला कर रख दिया है. भारत ने अपनी घातक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-3’ का सफल परीक्षण किया. इसकी सफलता ने चीन और पाकिस्तान को सीधा मैसेज भेजा है कि अगर आंख दिखाई, तो घर में घुसकर मारेंगे. इस मिसाइल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से जब स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने दागा. रक्षा सूत्रों ने बताया कि लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स 100% सटीक पाए गए. DRDO द्वारा तैयार किया गया यह ‘ब्रह्मास्त्र’ अब पूरी तरह से अपने शिकार को तबाह करने के लिए तैयार है. बीजिंग और रावलपिंडी की ‘डेथ रेंज’ में एंट्री- इस परीक्षण ने पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचा दी है. यह मिसाइल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसकी रेंज इतनी भयानक है कि पाकिस्तान का कोना-कोना इसकी जद में है. वहीं, अपनी विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन भी अब सुरक्षित नहीं है. अग्नि-3 की मारक क्षमता चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों तक तबाही मचाने का दम रखती है. मध्यम दूरी की मिसाइल स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया. रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया कि लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए. बताते चलें कि भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM – Intermediate Range Ballistic Missile) है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. अग्नि रेंज की मिसाइलों का लगातार परीक्षण हाल के दिनों में अग्नि सीरीज़ की दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इसमें इसके अपग्रेडेड वेरिएंट भी शामिल हैं, का टेस्ट-फायर किया गया है. बता दें कि इन सब परीक्षण के बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा ताकत में एक स्ट्रेटेजिक महत्व रखती है. यह मिसाइल दो-स्टेज वाला सिस्टम है जो सॉलिड फ्यूल से चलता है. पहला स्टेज जलने के बाद, दूसरा स्टेज जलता है ताकि मिसाइल अपने रास्ते पर आगे टारगेट की ओर बढ़े, जिससे स्टेबिलिटी और एक्यूरेसी पक्की होती है. अग्नि-3 का रेंज कितनी है अग्नि-3 दो-चरण की ठोस ईंधन वाली मिसाइल है. इसमें 1.5 टन तक का परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता है. साथ ही बताया गया कि इसकी अधिकतम रेंज 3,500 किलोमीटर होती है. हालांकि, अभी तक इसकी 3,000 से 3,200 किलोमीटर तक की रेंज में सफल परीक्षण हुआ है. इसकी विशेषताओं के बारे में बात करें तो-     लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 17 मीटर तक है.     वजन: अग्नि-3 का वजन लगभग 48-50 टन है.     गति: यह मैक 7-8 यानी कि ध्वनि की गति से 7 से 8 गुना उड़ान भरने की क्षमता रखती है.     लक्ष्य सटीकता:  इसकी Circular Error Probable 40 मीटर से कम बताया जाता रहा है. पड़ोसी देश के कई शहर जद में मिसाइल पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों और चीन के कई महत्वपूर्ण शहरों जैसे बीजिंग तक नहीं, लेकिन शंघाई, चोंगकिंग आदि तक को कवर कर सकती है. वहीं, इसके जद में पाकिस्तान के अधिकांश शहर हैं. बताते चलें कि अग्नि-3 को 2006 के बाद कई बार सफलतापूर्वक परीक्षिण किया गया है. हालांकि, यह अग्नि-4 और अग्नि-5 की तुलना में छोटी लेकिन बहुत प्रभावी मिसाइल है.

उज्जैन में 500 हेक्टेयर में बनेंगे वन्य जीव केंद्र और रेस्क्यू सेंटर, वनतारा की तर्ज पर

 उज्जैन   उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाइल्ड लाइफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर पूरा अनुभव दें। इस वाइल्ड लाइफ सेंटर को करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हेक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केंद्र में शामिल कर लिया जाए। यह एक अनोखा वन्य जीव केंद्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केंद्रों से भिन्न हो। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  वन विभाग की समीक्षा में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कंसल्टेंट भी नियुक्त किए डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में दो नए वन्य जीव केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष में उज्जैन के वन्य जीव केंद्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केंद्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फारेस्ट टूरिज्म स्पाट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। केंद्र ऐसे करें तैयार कि देशी और विदेशी सभी प्रजाति का दिन और रात कर विजिटर्स ले सकें आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केंद्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केंद्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव केंद्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केंद्र के रूप में तैयार किया जाए। देश-दुनिया के 11 जंगलों का कराया जाएगा अनुभव नियुक्त कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव केंद्र में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। वन्य जीव केंद्र का निर्माण कुल छह चरणों में किया जाएगा। इसमें दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केंद्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में कराया जाएगा।

जैश आतंकी का बड़ा खुलासा: मुनीर ने दिया था ‘गजवा-ए-हिंद’ का नारा, ऑपरेशन सिंदूर पर कबूलनामा

 नई दिल्ली / इस्लामबाद  जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है. आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है. पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया. कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है.  कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया. फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए. तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है. ये बुनयान अल मरसूस है.  ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी. इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया. इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा Motto जिहाद (आतंकवाद) है. उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है. हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे. बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था. मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी. 

अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर BCCI ने टीम इंडिया को दिया 7.5 करोड़ का इनाम, इंग्लैंड को हराया था

 नई दिल्ली भारत अपनी छठी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत का जश्न मना रहा है. इसी बीच बीसीसीआई (BCCI) ने चैंपियन बनी भारतीय टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया है. यह इनाम भारत की शानदार जीत के बाद घोषित किया गया. भारत ने 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराया. खास बात यह रही कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी. आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम की जीत के तुरंत बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस इनाम की पुष्टि की और टीम के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की. देवजीत सैकिया ने कहा, पूरा देश और बीसीसीआई हमारी अंडर-19 टीम की इस जीत पर गर्व महसूस कर रहा है. फाइनल में इंग्लैंड को जिस तरह हराया गया और पूरे टूर्नामेंट में टीम का अपराजित रहना, हम सभी के लिए गर्व की बात है. बीसीसीआई टीम को 7.5 करोड़ रुपये का नकद इनाम देगा. U19 वर्ल्ड कप 2026 में कैसा रहा भारत का सफर फाइनल में भारत की जीत की नींव शानदार बल्लेबाजी पर टिकी थी, जिसका नेतृत्व वैभव सूर्यवंशी ने किया. कप्तान अयुष म्हात्रे की अगुवाई में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रन बनाए. यह स्कोर इतना बड़ा था कि इंग्लैंड पर शुरुआत से ही दबाव बन गया. वैभव सूर्यवंशी इस मैच के सबसे बड़े सितारे रहे. उन्होंने 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिससे फाइनल एकतरफा हो गया. * सूर्यवंशी ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है * इससे पहले उन्होंने 32 गेंदों में अर्धशतक लगाया * इसके बाद अगली फिफ्टी उन्होंने महज 23 गेंदों में पूरी कर दी इंग्लैंड की कोशिश नाकाम 412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम कभी भी लय में नहीं आ सकी. हालांकि कालेब फाल्कनर ने संघर्ष करते हुए शतक लगाया, लेकिन बाकी बल्लेबाजों से उन्हें खास साथ नहीं मिला. भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाए और इंग्लैंड को कभी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 100 रन से फाइनल जीत लिया.

यूपी में बिजली महंगी होने की आशंका, 20% बढ़ोतरी के प्रस्ताव ने बढ़ाई चिंता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ महीने काफी हलचल भरे रहने वाले हैं. राज्य की बिजली कंपनियों ने घाटे की दुहाई देते हुए बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. बिजली नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दे दी है, जिस पर अब मार्च के महीने में अंतिम सुनवाई होगी. जनता के पास 21 दिन का समय नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को सख्त आदेश दिया है कि वे अगले 3 दिनों के भीतर अपना पूरा प्रस्ताव अखबारों में छपवाएं. इसके बाद आम उपभोक्ताओं को 21 दिन का समय दिया गया है ताकि वे इस प्रस्ताव को पढ़ सकें और अपनी आपत्तियां या सुझाव आयोग को भेज सकें. कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट में करीब 12,453 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है और इसी की भरपाई के लिए रेट बढ़ाने की मांग की है. स्मार्ट मीटर का खर्च भी ग्राहकों की जेब पर? इस प्रस्ताव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और उनके संचालन पर होने वाले 3,837 करोड़ रुपये के खर्च का बोझ भी जनता पर डालने की तैयारी की है. कंपनियों का कहना है कि इस रकम को बिजली दरों में ही जोड़ दिया जाए. हालांकि, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इन आंकड़ों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत करार दिया है. चोरी-छिपे वसूले गए 1400 करोड़ रुपये, अब होगी जांच गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 6 सालों से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं, लेकिन पर्दे के पीछे का खेल कुछ और ही है. खबर है कि पिछले 11 महीनों में अलग-अलग शुल्कों के नाम पर उपभोक्ताओं से करीब 1400 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूल लिए गए हैं. ताज़ा मामला फरवरी के बिल में 10% की अतिरिक्त वसूली का है, जिससे नियामक आयोग भी हैरान है. आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से इसकी पूरी गणना के कागजात मांगे हैं. माना जा रहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब तक हुई पूरी वसूली की बड़ी जांच हो सकती है. 12 फरवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान इसके बाद बिजली दरों के साथ-साथ ‘निजीकरण’ का मुद्दा भी फिर से गरमा गया है. विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है. अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी 12 फरवरी को बड़ा प्रदर्शन करेंगे. बिजली कर्मचारियों के इस आंदोलन को किसान संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिला है. कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

स्कूल शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, जल्द खोले जायेंगें बिलहरा और सुरखी में करोड़ों की लागत से नये सांदीपनि विद्यालय

भोपाल . सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में विकास की एक और नई इबारत लिखी गई, जहां 38 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिहवन मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह का आत्मीय स्वागत किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  सिंह ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छे बन रहे हैं, यह सब जनता जनार्दन के आर्शीवाद से ही संभव हुआ है।  सिंह ने कहा कि देश का नेतृत्व आज एक ऐसा राष्ट्र भक्त व्यक्ति के हाथों में है जिनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्पों से भारत विश्व में एक अलग पहचान बना चुका है। हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति के सर पर छत हो, जिसको लेकर उनका अभियान चल रहा है। उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार म.प्र. को उंचाईयों की ओर ले जा रहे हैं।  सिंह ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को मसीहा बताते हुए कहा कि सुरखी की जनता ने एक मजबूत जनप्रतिनिधि को चुना है, जिसने जनता की आवाज को मजबूती से सरकार के सामने रखा और सुरखी विधानसभा में विकास के नये आयाम बनाये हैं। उन्होंने कहा कि सुरखी के पास एक नहीं दो-दो जनप्रतिनिधि है यदि मंत्री  राजपूत भोपाल में होते हैं तो सुरखी के पास  हीरा सिंह राजपूत हमेशा उपस्थित रहते हैं। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मांग पर जल्द ही बिलहरा और सुरखी में करोड़ो के नये सांदीपनि विद्यालय खोले जायेंगें। अभी राहतगढ़ और जैसीनगर में आपके यहां यह विद्यालय खोले जा चुके हैं जिनमें प्राईवेट स्कूलों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं मिलेगी। जिसमें अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास, लैब, आने जाने के लिए बसें, डिजीटल लाजनिंग हब, पुस्तकालय, खेल परिसर, कोरीडोर, निःशुल्क कोचिंग, कैरियर काउंसिलिंग, इन्डोर, आउटडोर खेल की सुविधा, बाउंड्रीवाल, आधुनिक तकनीकि और सुरक्षा मानको से लैस यह सांदीपनि वि़द्यालय ग्रामीण क्षेत्र के लिए शिक्षा की संजीवनी होगा। प्रधानमंत्री की सोच को दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं मुख्यमंत्री:  राजपूत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री  राजपूत ने मंत्री उदय प्रताप सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का विशेष स्नेह है कि उनसे जो भी मांग की जाती है वह पूरी होती है, उनकी कार्य कुशलता के चलते शिक्षा एवं परिवहन विभाग में कई नवाचार हो रहे हैं, जिनका फायदा जनता को मिल रहा है।  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जनकल्याणकारी सोच और सपनों को हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में सुरखी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में चहुंओर विकास हो रहा है।  राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही है, जिन गांव की आबादी भले ही पचास परिवारों की है वह भी पक्की सड़कों से जोड़े जायेंगें। यह डबल इंजन की सरकार ही है जो हर व्यक्ति की छोटी-बड़ी समस्याओं का ध्यान रखकर जनहितैषी योजनाओं से लांभावित कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में हर मांग पूरी करना मेरा कर्तव्य सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भवनविहीन शास. माध्यमिक शाला जेरा, विशनपुर, बरखेरा महंत, धाउ, हड़ा एवं भवन निर्माण हेतु शास. हाईस्कूल विदवास, बरोदा सागर, मिडवासा, मसुरहाई, गेहूंरास बुजुर्ग, पड़रई, आदि के लिए मांग की गई थी। मंत्री  राजपूत द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी मांग मंत्री  राजपूत द्वारा की जायेगी वह पूरी होगी और शिक्षा के लिए हर मांग पूरी करना मेरा दायित्व है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि विकास करने वाली सरकार है जिसमें 80 प्रतिशत बजट केवल गांव के लिए आवंटित किया है, जिससे पता चलता है कि सरकार जमीनी स्तर से काम कर ही है।  

उत्तराखंड दौरा: मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) महाविद्यालय का निरीक्षण किया

पौड़ी गढ़वाल. उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) स्थित महाविद्यालय का किया निरीक्षण   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी (यमकेश्वर) का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर सेना की 127 गढ़वाल इन्फेंट्री बटालियन के जवानों ने भारत मां की जय के नारों से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने भी भारत माता के साथ-साथ सीएम योगी के समर्थन में नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अपने गुरु राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। विद्यालय परिवार की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।

अमित शाह का दावा: विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा देश

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

सड़क विकास को गति: किसानों की रज़ामंदी से भूमि अधिग्रहण का फैसला

भोपाल . गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सड़क रीवा एयरपोर्ट को सिलपरा-बेला रिंग रोड से जोड़ेगी। सड़क चौड़ीकरण में आने वाली जमीनों के लिए चोरहटा, रघुनाथपुर व खैरा गांव के किसानों ने अपनी सहमति दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के बन जाने से किसानों की शेष जमीनों का भी मूल्य बढ़ेगा। कलेक्ट्रेट रीवा के सभागार में बैठक में किसानों ने कहा कि हम सब रीवा के विकास में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के साथ हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाएगी और किसानों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा भी शीघ्र मिल जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर अतिशीघ्र प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिलपरा-बेला रिंग रोड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। आगामी अप्रैल माह में इसका लोकार्पण हो जाएगा। रिंग रोड के लोकार्पण से पूर्व ही गुरूकुल से खैरा होकर बनने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी पूरा करा लिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा शहर के उत्तरी छोर में निर्माणाधीन चोरहटा-रतहरा बायपास के सिक्स लेन चौड़ीकरण मार्ग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा का संभागीय मुख्यालय प्रदेश का पहला संभागीय मुख्यालय होगा जहाँ आगामी माह में शहर के चारों तरफ बायपास या रिंगरोड का निर्माण हो जाएगा। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 एवं 10 फरवरी को शिविर आयोजित कर किसानों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं जिससे शीघ्र ही जमीन का अधिग्रहण किया जाकर नियत समय में चौड़ीकरण कार्य किया जा सके। बैठक में ढेकहा तिराहा के चौड़ीकरण तथा एयरपोर्ट विस्तार कार्य पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर मती सपना त्रिपाठी सहित राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा संबंधित गांवों के किसान उपस्थित रहे।  

यूक्रेन में तबाही: रूस ने एक साथ 400 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं, साल का सबसे खतरनाक हमला

कीव     रूस ने यूक्रेन पर इस साल का अब तक सबसे घातक हमला किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि रूस ने बीती रात यूक्रेन पर 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं, जिनका मुख्य निशाना देश की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर रहा. खासतौर से बिजली उत्पादन इकाइयों, एनर्जी ग्रिड और वितरण सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. जेलेंस्की ने कहा कि वोलिन, इवानो-फ्रांकीव्स्क, लविव और रिव्ने क्षेत्रों में भी नुकसान के मामले सामने आए हैं, जहां रिव्ने में एक अपार्टमेंट भवन भी प्रभावित हुआ. वहीं, विनित्सिया क्षेत्र के लाडिज़िन शहर में ड्रोन हमले में एक सामान्य कॉलेज की प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाया गया. कीव और खार्किव क्षेत्रों में भी हमले जारी हैं और कई स्थानों पर एयर डिफेंस ऑपरेशन अभी तक खत्म नहीं हुए हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि मॉस्को हर दिन वास्तविक कूटनीति का विकल्प चुन सकता है, लेकिन वह निरंतर हमलों का रास्ता अपनाए हुए है. उन्होंने उन देशों पर जोर दिया जो त्रिपक्षीय बातचीत का समर्थन करते हैं, कि वे रूस की इस रणनीति पर सख्त प्रतिक्रिया दें. उन्होंने रूस को सर्दियों के दबाव को हथियार बनाने से रोकने पर भी बल दिया. इसके लिए यूक्रेन को पैट्रियट, NASAMS और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अधिक मिसाइलों की जरूरत है.  जेलेंस्की ने सभी इंटरनेशनल पार्टनर्स का धन्यवाद किया जो यूक्रेन की स्थिति को समझते हुए मदद प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर एक शिपमेंट यूक्रेन को इस कठिन सर्दी से लड़ने में मदद करता है.

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर चला, कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण ढहा, पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

अक्षरधाम मंदिर में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने की नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिये प्रार्थना

भोपाल उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने इंदौर में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में स्वामीनारायण की आरती कर नागरिकों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर इंदौर अतिसुंदर रूप में निर्मित हुआ है। मंदिर में आकर अत्यंत आत्मिक शांति मिली है। मंदिर से बड़ी संख्या में भक्त जुड़कर सफलतम जीवन की कामना करते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि यहां पहुंचकर स्वामीनारायण के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूर्व सांसद  कृष्णमुरारी मोघे ने भी स्वामीनारायण भगवान की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अतिथियों को मंदिर समिति के सेवादारों ने शॉल, फल एवं साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर  जे.पी. मूलचंदानी,  नीलेंद्र अजमेरा,  राकेश अजमेरा,  रमेश भाई पटेल,  गिरीश नीमा सहित सेवा मंडल के सदस्य उपस्थित थे।  

आरक्षक (जी.डी.) भर्ती 2025: द्वितीय चरण की शारीरिक परीक्षा की तिथियाँ घोषित

भोपाल. आरक्षक (जी.डी.) एवं आरक्षक (रेडियों) के कुल 7500 पदों पर भर्ती हेतु मध्‍यप्रदेश कर्मचारी मंडल भोपाल द्वारा ऑनलाईन परीक्षा दिनांक 30.10.2025 से 15.12.2025 तक आयोजित कराई गई थी। उक्त परीक्षा का परिणाम दिनांक 25.01.2026 को वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर घोषित किया जा चुका है। सफल उम्‍मीदवार को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा physical proficiency test (PPT) ली जाएगी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं 800 मीटर दौड़, लम्बी कूद एवं गोला फेंक मध्यप्रदेश के 10 स्थानों पर 23 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक प्रतिदिन प्रात: 6:00 बजे से आरंभ होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल उम्मीदवार म.प्र.कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर निर्धारित शारीरिक प्रवीणता परीक्षा स्थल पर पहुंचे। सभी उम्मीदवारों को उनकी निर्धारित दिनांक को ही पहुंचना आवश्यक है। उम्मीदवार को शारीरिक प्रवीणता के लिये जो दिनांक व स्थान सूचित किया जा रहा है उस दिनांक व स्थान में कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। इन जगहों पर होगा शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन भोपाल में लाल परेड ग्राउड भोपाल, इंदौर में माउण्टेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD) परिसर आरएपीटीसी इन्दौर, जबलपुर में परेड ग्राउण्ड 6वीं वाहिनी विसबल रांझी जबलपुर, ग्वालियर में परेड ग्राउण्ड 14वीं वाहिनी विसबल कम्पू ग्वालियर, उज्जैन में महानंदा एरीना ग्राउण्ड देवास रोड उज्जैन, सागर में शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज बहेरिया सागर, रीवा में परेड ग्राउण्ड 9वीं वाहिनी विसबल रीवा, बालाघाट में फुटबॉल/हॉकी ग्राउण्उ 36वीं वाहिनी विसबल बालाघाट, रतलाम में भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बस स्टैण्ड के पास जावरा रतलाम तथा मुरैना में परेड ग्राउण्ड 05वीं वाहिनी विसबल मुरैना में आयोजित होगी। शारीरिक दक्षता चयन के विभिन्न चरणों में आधार ई-केवायसी सत्यापन कराया जाएगा। अत: अभ्यार्थी अपना आधार कार्ड साथ लेकर आएं। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नम्बर उनके द्वारा लॉक न कर दिया गया हो। दस्तावेज परीक्षण हेतु उम्मीदवारों को समस्त मूल आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति (photocopy) साथ लेकर उपस्थित होना अनिवार्य है।  

अवैध पशु तस्करी पर शिकंजा: मध्यप्रदेश पुलिस की निर्णायक कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध गौवंश एवं पशु तस्करी के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्‍त की है। पुलिस की सक्रिय, समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप विगत 7 दिनों में 141 गौवंश एवं अन्‍य पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। छतरपुर (थाना नौगांव): हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी थाना नौगांव पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फोरलेन हाईवे पर एक संदिग्ध 16 चक्का ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में क्षमता से अधिक 45 मवेशी भरे पाए गए। इस कार्यवाही में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अनूपपुर (थाना कोतमा): अवैध हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार कोतमा पुलिस ने एक ट्रक से 22 नग भैंस/पाड़ा बरामद किए। इस कार्यवाही में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और 02 जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है। सिवनी (थाना कोतवाली): रात्रि गश्त के दौरान बड़ी सफलता सिवनी पुलिस ने एक कंटेनर वाहन को जब्त कर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे 27 गौवंश को मुक्त कराया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने एक वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 39 गौवंश को भी मुक्त कराया। खरगोन एवं उमरिया खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 04 गौवंश को मुक्त कराया। वहीं उमरिया पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त कर 04 मवेशियों (भैंस व पाड़ा) को तस्करों से मुक्त कराया। इन मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गौवंश एवं अन्य पशुओं की तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्यवाही जारी है। यह कार्यवाही न केवल गौवंश संरक्षण बल्कि पशु क्रूरता की रोकथाम एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

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