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मैच से पहले राजनीति: PAK की 3 शर्तों पर भारत से भिड़ंत, ICC का क्या होगा फैसला?

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

 मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा को लेकर बड़ी लकीर खींच दी है। 2024 के आम चुनाव के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम आरएसएस के बिना भी चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। इसे लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष देखा गया था। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भाजपा के ये ‘अच्छे दिन’ आरएसएस के चलते ही आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए आरएसएस ने प्रतिबद्धता दिखाई थी और जिसने इसका साथ दिया, उसे फायदा मिला। इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संघ के नेतृत्व में चले राम मंदिर आंदोलन का फायदा भाजपा को चुनावी राजनीति में भी मिला। इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के लिए आरएसएस का कितना महत्व है और वह भी उसका मातृ संगठन है। माना जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के मकसद से उन्होंने ऐसी बात कही है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व के लिए भी यह एक संदेश है कि भले ही दल का विस्तार हो गया है, लेकिन उसका वैचारिक आधार अब भी आरएसएस ही है। बता दें कि आरएसएस और भाजपा के संबंधों को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। आरएसएस की ओर से भाजपा में किसी भी फैसले लेने के दावों को खारिज किया जाता रहा है। उसका कहना है कि हम संघ के कार्यकर्ता देते हैं, लेकिन उसके फैसलों में हमारा कोई दखल नहीं रहता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग राजनीतिक पार्टी है भाजपा। उसमें बहुत से स्वयंसेवक हैं, लेकिन वह संघ की पार्टी नहीं है। उसमें स्वयंसेवक हैं और वे अपना काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों के पास कोई और काम करने के लिए समय नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माताओं-बहनों से आप बात करेंगे तो वे कहेंगे कि इन्हें घर पर भी ध्यान देने का समय नहीं है। आरएसएस का एक ही काम कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। इसके अतिरिक्त हमें कोई और काम नहीं करना है। हमारे विचार की बात करने से कुछ लोगों को मिलता है फायदा मोहन भागवत ने कहा कि फिर सवाल उठता है कि देश में और भी समस्याएं हैं। उनका क्या होगा। इस पर संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था कि संघ कुछ नहीं करेगा और स्वयंसेवक कुछ नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अहम कामों में संघ के कार्यकर्ता शामिल हैं, लेकिन वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम मनमर्जी से चलता है। इसमें नियंत्रण नहीं चलता है। स्वयंसेवकों के बीच एक सहयोग की भावना है। हमारे पास एक शक्ति है तो राष्ट्र के लिए भी एक विचार है और उसके अनुसार जो लोग बात करते हैं। उन्हें लाभ होता है। लेकिन हमारा काम किसी को लाभ पहुंचाना नहीं है।

विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया.  ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे.  मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल  Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया.  ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था.  अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

नई दिल्ली पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी। यह 10 दिन की यात्रा श्रद्धालुओं को वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को सुविधाजनक ट्रेन यात्रा के साथ पूजा स्थल भ्रमण और स्थानीय अनुभव का अवसर भी मिलेगा। IRCTC की साइट से टिकट बुकिंग कर पाएंगे यात्री दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 9 मार्च को रवाना होगी। इस यात्रा में लगभग 150 यात्रियों के जाने की व्यवस्था है। इच्छुक यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर सकते हैं। इस बार के टूर के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के प्रमुख दिव्य मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) शामिल हैं। यात्रा के दौरान न केवल मंदिरों बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी भ्रमण कराया जाएगा। IRCTC की यह पहल देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। 18 मार्च को सफदरजंग वापस लौटेगी गाड़ी इस 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा और साथ ही गंगा आरती का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता में यात्रियों को विक्टोरिया मेमोरियल, काली घाट और दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पुरी के जगन्नाथ मंदिर और झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की यात्रा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 18 मार्च को वहीं वापस लौटेगी। इस दौरान यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण कराए जाने की योजना है, जिससे यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक अनुभव दोनों के लिए यादगार बनेगी। पैकेज में क्या-क्या शामिल भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में एसी की तीनों श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। यात्रियों को इस पैकेज में शाकाहारी भोजन और सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त भी मिलेगा। किराया विवरण (प्रति यात्री) फर्स्ट एसी: ₹1,06,940, सेकंड एसी: ₹98,925, थर्ड एसी: ₹79,285 इस पैकेज में यात्रियों के होटल में ठहरने, खाने, एसी गाड़ी, यात्रा बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च शामिल है, जिससे श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर सकें।

यातायात में क्रांति! ₹2200 करोड़ की लागत से बन रहा भारत का सबसे लंबा फ्लाईओवर, कौन कर रहा निर्माण?

नई दिल्ली भारत में यातायात और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए फ्लाईओवर निर्माण में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वर्तमान में देश का सबसे लंबा फ्लाईओवर (Longest Flyover in India) बनने का गौरव केरल के अरूर-थुरावूर एलिवेटेड हाईवे को मिलने वाला है। नेशनल हाईवे 66 (NH 66) पर बन रहा यह अनोखा रास्ता न केवल यात्रा का समय बचाएगा, बल्कि वास्तुकला का भी बेजोड़ नमूना होगा। प्रोजेक्ट की खासियत और लागत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा निर्मित यह एलिवेटेड हाईवे 12.75 किलोमीटर लंबा और छह लेन चौड़ा है। लगभग 2,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट देश का सबसे लंबा ‘सिंगल-पिलर’ वाला स्काईवे है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और मई 2026 तक इसके पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर दक्षिण भारत के राज्यों के बीच व्यापार और परिवहन के नजरिए से गेम-चेंजर साबित होगा।     तेज सफर: यह तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।     कम होगा खर्च: बेहतर रास्ता मिलने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी कमी आएगी।     रिकॉर्ड निर्माण: प्रोजेक्ट के सभी 360 सपोर्टिंग पिलर और 3,000 गर्डर का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में गर्डर फिटिंग, एग्जिट रैंप और टोल प्लाजा पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। 2,500 मजदूरों का ‘डे-नाइट’ मिशन केरल के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने वाला है। इसे समय पर पूरा करने के लिए लगभग 2,500 मजदूर और 350 अत्याधुनिक मशीनें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। पूरा होने के बाद यह फ्लाईओवर न केवल नेशनल रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि NH 66 पर यातायात की तस्वीर भी बदल देगा। सफर के लिए देना होगा टोल इस हाई-टेक फ्लाईओवर से गुजरने वाले यात्रियों का कीमती समय तो बचेगा, लेकिन इस सुविधा के लिए उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी होगी। छह-लेन वाले इस एलिवेटेड स्ट्रेच का उपयोग करने वाले मोटर चालकों को अलग से टोल टैक्स चुकाना होगा।  

कलेक्टर का आदेश: एमपी के इस पवित्र स्थल पर होंगे नि:शुल्क वीआईपी दर्शन

खंडवा 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक में अब श्रद्धालु नि:शुल्क वीआइपी दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। मध्यप्रदेश में मौजूद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए इस पहल को शुरू किया गया है। बता दें कि, ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान करने पर नि:शुल्क वीआइपी दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए यहां एक स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट भी मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी। कलेक्टर ने दिए निर्देश खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इसके लिए श्रीजी मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन को इसके लिए एक माह में स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट तैयार करने के निर्देश जारी किए है।   लंबे समय से की जा रही थी मांग लंबे समय से जय महाराणा रक्तदान समूह भारत खंडवा द्वारा भी इसकी मांग की जा रही थी। भारत में तिरूपति आंध्रप्रदेश, शिर्डी महाराष्ट्र के मंदिरों में वीआइपी दर्शन के लिए रक्तदान की पात्रता है। इसी आधार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी रक्तदाताओं को वीआइपी दर्शन की मांग की जा रही थी। इन्हें मिलेगी मदद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने यह व्यवस्था आरंभ करने को कहा है। रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने बताया कि रक्तदान में मिले रक्त से गरीब और असहाय मरीजों की मदद की जा सकती है। थैलेसिमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों का जीवन बचया जा सकता है।

रुके हुए पैसे वापस पाने का मौका! लाडली बहनों के खाते में आएंगे 1500 रुपये, ऐसे करें दावा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने पात्र महिलाओं को बड़ी खुशखबरी देते हुए अपनी e-KYC में सुधार करने का फिर मौका दिया है। जिन महिलाओं ने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया सही से पूरी नहीं की है या जिनके आवेदन में जानकारी भरते समय कोई चूक हो गई थी, उन्हें सरकार ने सुधार का एक अंतिम मौका दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी है कि अब लाभार्थी महिलाएं 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी ई-केवाईसी संबंधी गलतियों को सुधार सकती हैं। यह कदम उन लाडली बहनों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जिनका लाभ तकनीकी त्रुटियों के कारण रुक गया था। गलत विकल्प से अटके 1500 रुपये मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) के कार्यान्वयन के दौरान यह देखा गया कि 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC करते समय कई महिलाओं ने अनजाने में गलत जानकारी दर्ज कर दी थी। विशेष रूप से e-KYC के दौरान परिवार के किसी सदस्य की सरकारी नौकरी या पेंशन से जुड़े विकल्प का गलत चयन करने के कारण कई पात्र महिलाओं के आवेदन अपात्र हो गए थे। और उनकी मासिक सहायता राशि रुक गई थी। ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बाद अब सरकार ने सुधार का एक और मौका दिया है।   31 मार्च के बाद नहीं मिलेगा मौका प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि e-KYC और जानकारी में सुधार करने का यह अंतिम मौका है। 31 मार्च 2026 के बाद इस प्रक्रिया के लिए कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसलिए जिन लाडली बहनों की e-KYC प्रक्रिया में किसी भी तरह की गलती रह गई है, वे तय समय सीमा के भीतर इसे जरूर ठीक करा लें।

टी20 वर्ल्ड कप विवाद: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार पर कर सकता है पुनर्विचार

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने संकेत दिया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पुनर्विचार करने के लिए अपनी सरकार से बातचीत करेगा। यह कदम श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के उस औपचारिक अनुरोध के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से कहा है कि भारत से मैच न खेलने के फैसले से सह-मेजबान होने के नाते उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टी20 विश्व कप में भाग लेने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साथ ही निर्देश दिया है कि टीम भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी। भारत–पाक मैच आईसीसी के लिए सबसे अधिक राजस्व देने वाला मुकाबला माना जाता है, जो प्रसारकों और आयोजकों के लिए भी बड़े आर्थिक लाभ का स्रोत होता है। पाकिस्तान के इस फैसले ने न सिर्फ टूर्नामेंट की वाणिज्यिक संभावनाओं पर असर डाला है, बल्कि क्रिकेट जगत में भी चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका क्रिकेट ने पीसीबी को ईमेल भेजकर साफ कहा है कि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें टिकट बिक्री, प्रसारण अधिकार और आतिथ्य सेवाओं से मिलने वाला बड़ा राजस्व नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा टूर्नामेंट की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को दुनिया भर में करोड़ों दर्शक देखते हैं। श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह-मेजबान है और पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो और पाल्लेकल में खेल रहा है, ऐसे में यह निर्णय मेजबान बोर्ड के लिए और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। पीसीबी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के क्रिकेट और सरकारी स्तर पर हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, इसलिए श्रीलंका क्रिकेट के इस अनुरोध को अनदेखा करना मुश्किल है। सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने पीसीबी प्रमुख मोहसिन नक़वी से सीधे संपर्क करके स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में श्रीलंका को पाकिस्तान के समर्थन की आवश्यकता है, क्योंकि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। अब गेंद पाकिस्तान सरकार के पाले में है कि वह इस संवेदनशील और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है। क्रिकेट जगत की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न सिर्फ वर्ल्ड कप के कार्यक्रम को प्रभावित करेगा, बल्कि एशियाई क्रिकेट कूटनीति पर भी बड़ा असर डाल सकता है।  

उज्जैन रेलवे स्टेशन में बड़ा बदलाव, 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले जाने से यात्री परेशान

उज्जैन रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आने वाली 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव किया है। 10 फरवरी से ट्रेनें बदले हुए प्लेटफार्म पर ठहरेगी। इसके तहत सात ट्रेनें अब आठ नंबर प्लेटफार्म से संचालित होंगी। जबकि चार ट्रेनें सात नंबर प्लेटफार्म पर आएंगी। इस बदलाव से श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होगी। उन्हें अब सात व आठ नंबर से एक नंबर की ओर पैदल आना पड़ेगा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन तथा सभी प्लेटफार्मों के समान उपयोग को करने के उद्देश्य से रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण सुधार किया गया है। इसके तहत स्टेशन पर 31 ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के प्लेटफार्म में परिवर्तन किया जा रहा है। यह बदलाव 10 फरवरी प्रभावी होगा।   इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्लेटफार्म क्रमांक एक पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्लेटफार्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। इस बदलाव से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन के अंतिम छोर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यात्री होंगे परेशान उज्जैन स्टेशन पर रोजाना 76 यात्री ट्रेनों को आवागमन होता है। इनमें अधिकांश यात्री उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। रेलवे ने 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले हैं। यात्रियों को महाकाल जाने के लिए इंदौरगेट व मुख्य स्टेशन की ओर आना होगा। जिससे प्लेटफार्म नंबर सात व आठ से एक नंबर तक अपना सामान उठाकर पैदल आना होगा। नागदा एंड की ओर लिफ्ट व एस्केलेटर की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी। इन ट्रेनों के प्लेटफार्म में किया बदलाव इंदौर शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, कामाख्या-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, नागपुर-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, प्रयागराज-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, गांधीधाम-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए पांच पर, इंदौर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार के बजाए आठ पर, इंदौर-आसरवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर आएगी। मन्नारगुड-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर, यशवंतपु-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार से अब आठ पर, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह से अब आठ पर, मदुरै-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, ग्वालियर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, तिरुवंतपुरम-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर आएगी एवं जाएगी। इनमें भी बदलाव इसके अलावा रेलवे ने 12 पैसेंजर ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले हैं। इनमें नागदा-उज्जैन पैसेंजर को प्लेटफार्म नंबर दो के बजाए छह पर, उज्जैन-रतलाम मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए दो पर, उज्जैन-इंदौर मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए आठ पर, उज्जैन-नागदा पैसेंजर पांच के बजाए छह पर, उज्जैन-इंदौर पैसेंजर आठ के बजाए सात पर, भोपाल-उज्जैन पैसेंजर पलेटफार्म नंबर दो के बजाए सात पर। इंदौर-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच से अब आठ पर, उज्जैन-भोपाल पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर आठ से सात पर, नागदा-उज्जैन पैसेंजर पांच से अब सात पर, रतलाम-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म पांच से दो तथा चित्तौड़गढ- उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर दो से आठ पर भेजा गया है।

Aadhaar Card Lost? घर बैठे 2 मिनट में मिलेगा नया आधार, जानिए सरकारी App का आसान तरीका

नई दिल्ली Aadhaar Card आज हर काम के लिए जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर Aadhaar Card अचानक खो जाए या जरूरी समय पर हाथ में न हो, तो परेशानी होना तय है। कई लोग ऐसे हालात में फोटो कॉपी ढूंढने लगते हैं या दोबारा Aadhaar निकालने की सोचते हैं, जो समय लेने वाला काम हो सकता है। लेकिन अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत सरकार की डिजिटल सेवा DigiLocker की मदद से आप सिर्फ 2 मिनट में अपना Aadhaar Card मोबाइल या लैपटॉप से डाउनलोड कर सकते हैं। न ही लंबी लाइन और न डॉक्यूमेंट इसके लिए न तो कहीं जाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। बस आपका मोबाइल नंबर Aadhaar से जुड़ा होना चाहिए। DigiLocker भारत सरकार की एक डिजिटल सुविधा है, जिसमें आप अपने जरूरी दस्तावेज जैसे Aadhaar Card, Driving License, PAN Card आदि सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन रख सकते हैं। जानिए DigiLocker से Aadhaar Card डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस। इसे इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है, ताकि आपको किसी तरह की दिक्कत न हो। DigiLocker से Aadhaar Card डाउनलोड करने से पहले क्या चाहिए? Aadhaar डाउनलोड करने से पहले आपके पास ये चीजें होनी चाहिए: Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर, स्मार्टफोन या कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, DigiLocker ऐप या वेबसाइट। DigiLocker से Aadhaar Card कैसे डाउनलोड करें? Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल में DigiLocker ऐप खोलें। चाहें तो वेबसाइट digilocker.gov.in भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब अपना वही मोबाइल नंबर डालें जो Aadhaar से जुड़ा हुआ है। OTP आएगा, उसे डालकर लॉगिन करें। Step 2: लॉगिन करने के बाद “Issued Documents” या “Get Documents” का ऑप्शन दिखेगा। यहां Aadhaar का विकल्प चुनें। अब अपना 12 अंकों का Aadhaar नंबर डालें और OTP से वेरिफिकेशन करें। Step 3: वेरिफिकेशन के बाद आपका Aadhaar Card DigiLocker में सेव हो जाएगा। यहां से आप इसे PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। लैपटॉप या कंप्यूटर से Aadhaar कैसे डाउनलोड करें? अगर आप मोबाइल नहीं बल्कि लैपटॉप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो भी प्रोसेस लगभग वही है। वेबसाइट खोलें, लॉगिन करें, Aadhaar लिंक करें और PDF डाउनलोड कर लें।

एमपी के कई हिस्सों में मौसम ने मारी करवट, 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना

भोपाल   मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोहरा छट रहा है ठंड के तीखे तेवर नजर आने लगे हैं। यानी आसमान साफ होते ही उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिराया है। आलम ये है कि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो कोहरा है, लेकिन जहां कोहरा नहीं, वो इलाका ठंड की चपेट में है। सबसे सर्द रात उमरिया और रीवा जिले में दर्ज हुई। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक मौसम शुष्क रहने और उसके बाद मावठी बारिश के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उमरिया, रीवा सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद खजुराहो में भी खासा ठंड रही। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पारा 11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि जबलपुर में ये 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी में भी पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया है। इन जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान, उज्जैन सबसे ज्यादा प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। इनमें खजुराहो 7.4 डिग्री, मंडला 7.9 डिग्री, नौगांव 8.8 डिग्री और सतना 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़, शिवपुरी, पचमढ़ी, दमोह और मलाजखंड में भी तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। उज्जैन में रात का पारा सबसे अधिक 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।   कई जिलों में कोहरे का असर रविवार सुबह प्रदेश के करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला और सतना में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोहरा छंटने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय सिहरन बनी रहेगी।   10 फरवरी से फिर ‘मावठा’ गिरने के आसार मौसम विभाग की मानें तो हिमालयी क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर 10 फरवरी तक एमपी में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा वाली बारिश हो सकती है। हालांकि, आज और कल बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन 10 फरवरी के बाद मौसम बदल सकता है।

शादी हुई सिर्फ 1 रुपये में, लेकिन पिता की शर्त पर लौटाए करोड़ों के तोहफे

भिंड मध्यप्रदेश के भिंड में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी का मंडप सजा चुका था, मेहमान मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। तभी एक वाक्या हुआ, जिसने पूरी शादी का माहौल बदल दिया। अनोज पाठक जो भिंड की एक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उन्होंने शादी में मिले दहेज के 51 लाख रूपये लौटा दिए। पाठक परिवार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया कि शादी किसी लेन-देन नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मेल है। अनोज पाठक ने दहेज के 51 लाख रूपये ठुकराकर केवल 1 रूपये और एक नारियल स्वीकार किया। दहेज लौटाया तो हैरानी में पड़ा परिवार शादी के दौरान जब लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को दहेज की राशि लौटाई तो वह हैरानी में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं किसी बात पर लड़की वाले बिफर तो नहीं गए, लेकिन अनोज पाठक और उनकी मनोरमा पाठक ने लड़की वालों को बताया कि यह फैसला नाराजगी में नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए लिया है। दहेज के कारण परिवारों योग्य रिश्ते नहीं मिलते दादा सुरेश पाठक ने कहा कि आज भी दहेज के कारण मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अच्छे रिश्ते नहीं मिल पाते हैं। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम अपने इंजीनियर पोते की शादी जानबूझकर मध्यवर्गीय परिवार में बिना दहेज के की है। हमारे समाज में जब तक बहू को घर में बेटी की तरह सम्मान नहीं मिलेगा। तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा।   दूल्हा है इंजीनियर दूल्हा आकर्ष पाठक छत्तीसगढ़ इंजीनियर है। उसके पिता अनोज पाठक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। पिता का कहना था कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। ये सालों पुराना संकल्प था। लड़के के पिता बोले- बेटी बोझ नहीं लड़के के पिता अनोज पाठक ने बताया कि बेटियां कोई बोझ नहीं है और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं है। दूल्हे के पिता ने मेरे दो बेटे हैं। मैं चाहता था कि अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लेकर आऊंगा। अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार संकोच में रहते हैं कि शादी में अगर ज्यादा दहेज नहीं देंगे। तो अच्छे घर में बेटियों की शादी नहीं होगी।

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