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शराब घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को अंतरिम जमानत, कांग्रेस में हलचल

रायपुर  छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. कवासी को ED और EOW मामले में अंतरिम जमानत दी गई है. हालांकि जमानत के लिए बेल बॉन्ड निचली अदालत तय करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कवासी लखमा अंतरिम जमानत के दौरान छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे.  शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद उन्हें जमानत देने का आदेश जारी किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कवासी लखमा को इसी वर्ष 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर थे। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य थे और उनके निर्देशों पर ही पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि लखमा ने शराब नीति में बदलाव और लाइसेंस प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाई थी। ईडी ने अदालत में दलील दी थी कि आबकारी विभाग में हो रही अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि इस कथित घोटाले के दौरान कवासी लखमा को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये मिलते थे। ईडी के अनुसार, 36 महीनों में उन्हें कुल 72 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसका उपयोग उनके बेटे के मकान और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण में किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस सिंडिकेट के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाते हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच वर्तमान में ईडी के साथ-साथ राज्य की एसीबी भी कर रही है। इस मामले में तत्कालीन सरकार के कई अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कवासी लखमा की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। क्या आप इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत के लिए रखी गई शर्तों या शराब घोटाले से जुड़ी एसीबी की आगामी कार्यवाही के बारे में जानना चाहेंगे?

फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान

लखनऊ  भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा: सीएम योगी ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आभारी हैं, जिन्होंने रोलबैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। यह पहले भी हुआ है और आगे भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकसित भारत और बढ़ते भारत की यात्रा का प्रमाण है, जहां भारत एक जिम्मेदार और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि भारत की इस बढ़ती ताकत से कुछ लोग सशंकित भी हैं, इसलिए देश को विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ते हुए सतर्कता और विवेक के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपना नियंता बन रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि आज देश वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बीच आत्मविश्वास, नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब हम लोग सत्ता में आए थे, उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं जमीन ढूंढते हुए नहीं बनती थी। कोई लैंड नहीं मिल पाती थी, क्योंकि उस पर लैंड माफिया ने कब्जा कर रखा था। हमने भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की और मैंने कहा, 24 घंटे का समय दे रहा हूं। उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर जिस भू माफिया ने कब्जा किया है, उसको तत्काल छोड़ दे। 24 घंटे के बाद जब हम कारवाई करेंगे तो उसको जमीन तो छोड़नी ही पड़ेगी, लेकिन साथ-साथ उसने जो कमाई की होगी, उसकी ब्याज सहित वसूली करेंगे। आप आश्चर्य करेंगे कि हमारी 65000 एकड़ लैंड खाली हुई थी। यह हमारा लैंड बैंक बना था। उस लैंड बैंक में हमने निवेश भी करवाए। इनसेट-3 फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान *‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10  हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति बनी है, जिसमें औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का आज मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा व बायोजेंटा लाइफ साइंसेज ने 1,250-1,250 करोड़ रुपये, शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स ने 737 करोड़, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज ने 590 करोड़, झानविका लैब्स ने 553 करोड़, कोरो हेल्थ ने 418 करोड़, मार्क लेबोरेटरीज ने 300 करोड़, हाई ग्लांस लैबोरेटरीज ने 120 करोड़, रासपा फार्मा ने 107 करोड़, रोमसंस मेडवर्ल्ड ने 100 करोड़ और कोटक हेल्थकेयर ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे उत्तर प्रदेश के फार्मा निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को मजबूती मिली है। इन निवेश प्रस्तावों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।

रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है। अराजकता से विश्वास तक का सफर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी। जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है। डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। 14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है। फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे। लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में … Read more

डकैती और चोरी के मामलों में मध्यप्रदेश पुलिस को अहम कामयाबी

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, ‘डायल-112’ की सतर्कता रही निर्णायक विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्‍यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है। खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्‍वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्‍त की है। ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां ‘डायल-112’ और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका। मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।  

अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज, मध्यप्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध निरंतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। श्योपुर एवं कटनी जिलों में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई कर 67 लाख 34 हजार रूपये की शराब एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्योपुर जिले में की गई कार्रवाई के तहत थाना देहात पुलिस ने राजस्थान–श्योपुर सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक से अंग्रेजी शराब की 635 पेटियां, कुल 4863 बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई, जिसे ट्रक सहित जब्‍त किया गया। जब्‍त की गई शराब और ट्रक की अनुमानित कीमत 58 लाख 90 हजार रूपए है। प्रकरण में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कटनी जिले में मुखबिर से सूचना प्राप्‍त हुई कि एक कार से कुछ व्‍यक्ति अवैध शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी टोला पर वाहन चेकिंग लगाई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक द्वारा वाहन को तेज गति से बायपास रोड मैहर की ओर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर आरोपी वाहन को खड़ा करके फरार हो गए। मौके पर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें देशी मदिरा की 24 पेटियां, कुल 216बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई। जिसे कार सहित (अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजाररूपए), जब्‍त किया गया। विवेचना के दौरान 01 आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों मामलों में अवैध शराब की आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।  

युवाओं के आत्मनिर्भर बनने की कुंजी है कौशल उन्नयन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर. कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गेहूँ उपार्जन योजना: समर्थन मूल्य पंजीयन 7 फरवरी से, खाद्य मंत्री राजपूत का ऐलान

7 फरवरी से शुरू होगा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान-पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

मानहानि विवाद समाप्त: शिवराज सिंह चौहान और विवेक तन्खा के बीच हुआ समझौता

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिल गई है. शिवराज चौहान के खिलाफ मानहानि के मामले वापस लिए जाएंगे. यानी कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा चौहान के खिलाफ मानहानि के मुकदमे वापस लेंगे. तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मुद्दे पर उनका चौहान से समझौता हो गया है. इसके तहत वो शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपराधिक मानहानि व सिविल सूट वापस ले रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर सुनवाई बंद कर दी. कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.  इसी मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज  समेत तीनों नेताओं को निचली अदालत मे पेशी से छूट दे दी थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इनकी गुहार ठुकराते हुए पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के अलावा वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तन्खा का आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने मीडिया मे उनके खिलाफ बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तंखा ने स्पष्ट किया कि उनका चौहान के साथ समझौता हो गया है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निस्तारण कर दिया. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कार्यवाही इससे पहले, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि: इस चरण पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, IPC की धारा 499 के तहत सद्भावना और सार्वजनिक हित जैसे अपवादों से जुड़े प्रश्नों का निर्णय ट्रायल के दौरान ही हो सकता है, मजिस्ट्रेट को संज्ञान के स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी जमानती वारंट से शिवराज सिंह चौहान को राहत दी थी, बशर्ते वे कार्यवाही में सहयोग करें। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली चौहान की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें हाईकोर्ट ने शिकायत को रद्द करने से इनकार किया था। अब, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के चलते, सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया और आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो गई।

रायसेन अपराध केस: रेप की कोशिश के बाद हत्या, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पीटा, अस्पताल में दम तोड़ा

रायसेन  रायसेन जिले में एक युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म के प्रयास में विफल रहने के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी. घटना के चंद घंटों बाद ही आरोपी युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया गया. इसके बाद यह मामला उलझ गया, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.  जानकारी के अनुसार, यह घटना रायसेन जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सुल्तानपुर थानांतर्गत भरतीपुर गांव में सोमवार 2 फरवरी 2026 को हुई. सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि 20 वर्षीय शिवानी रोजाना की तरह अपने पिता को खाना देने खेत पर जा रही थी. इस दौरान 25 वर्षीय आरोपी प्रकाश सिंह भिलाडा ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.  उन्होंने बताया कि युवती के विरोध करने पर आरोपी प्रकाश ने ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया. युवती की हत्या की खबर मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में गुस्साए लोग आरोपी की तलाश करने लगे.  पुलिस ने भी आरोपी की तलाश शुरू की, इसी बीच शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी का शव घोघरा नदी के पास बरामद किया गया.  भाई के लिए खाना लेकर निकली थी युवती पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती सोमवार दोपहर अपने भाई के लिए खेत पर खाना लेकर घर से निकली थी। रास्ते में गांव का ही प्रकाश सिंह भिलाड़ा उसे मिला, जिसने उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। जबरदस्ती की कोशिश, विरोध पर हमला युवती ने इसका कड़ा विरोध किया तो आरोपी ने धारदार हथियार बका से उसके जबड़े और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी लड़की को घसीटते हुए खेत के अंदर ले गया। मौके पर युवती के शरीर के निचले कपड़े नहीं थे, जिससे उसके साथ रेप की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपी मौके से फरार, ग्रामीणों ने पकड़ लिया वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी की तलाश में निकल पड़े और कुछ ही दूरी पर कमरोरा क्षेत्र की घोघरा नदी के पास आरोपी घायल हालत में मिला। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घायल हालत में अस्पताल भिजवाया गया। इलाज के दौरान आरोपी की भी मौत अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात आरोपी युवक प्रकाश सिंह भिलाड़ा ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि मृतक युवती और आरोपी युवक के घर आमने-सामने स्थित हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने इस मामले में युवती के परिजन की ओर से हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं आरोपी युवक की मौत के मामले में भी परिजन की शिकायत पर अलग से जांच की जा रही है। 6 लोग हिरासत में, पुलिस पूछताछ कर रही पुलिस ने घटना से जुड़े मामले में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनता देख पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों के घर आमने-सामने, पहले से पहचान थी बताया जा रहा है युवती कुछ साल पहले बाड़ी में रहकर पढ़ाई करती थी। इस दौरान युवक के संपर्क में आई थी। दोनों के घर भी आमने-सामने हैं। गांव में पुलिस बल तैनात  सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.  

युवाओं के दम पर बनेगा विकसित भारत: मंत्री सारंग

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा संवाद- बजट 2026 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। मंत्रीसारंग ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं केंद्रीय बजट वर्ष 2026–27 के प्रमुख प्रावधानों, सरकार की दूरदृष्टि और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री सारंग ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला है। इसमें ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। यह बजट GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है जो युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला, किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला तथा मध्यम और गरीब वर्ग को सशक्त करने वाला है। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्षश्याम टेलर, जिला अध्यक्षरविंद्र यति, जेएलयू के वॉइस चांसलर डॉ. विवेक खरे सहित बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं के लिए अवसर सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता और नेतृत्व को केंद्रित किया गया है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन है। यही कारण है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। यह बजट इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना और हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट है। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। केंद्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि इस बजट को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं।  

न्‍यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंटरबरी के डेलीगेट़स से किया वन-टू-वन संवाद

भोपाल. गोवा में आयोजित क्यूएस इंडिया समिट-2026 में मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती से रखा। अपर मुख्य सचिव (एसीएस), उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने इस समिट न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के डेलीगेट्स से वन-टू-वन संवाद कर शोध, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की। एसीएस राजन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्यप्रदेश को उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान बेहद आवश्यक हैं। समिट में सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च-ओरिएंटेड लर्निंग और नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 1873 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी न्यूजीलैंड की अग्रणी रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह विश्व की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में शामिल है। कला, वाणिज्य, कानून, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विषयों में इसकी वैश्विक पहचान है। तीन दिवसीय क्यूएस इंडिया समिट-2026 में एसीएस राजन की सक्रिय सहभागिता से मध्यप्रदेश ने फॉरेन यूनिवर्सिटीस के साथ सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण को लेकर अपनी ठोस रणनीति प्रस्तुत की। यह पहल प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। समिट में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी डॉ. सुनील सिंह, राकेशवास्तव, मनोज अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

भारत की सैन्य ताकत को बढ़ावा, डीआरडीओ की एयर-टू-एयर मिसाइल में बड़ी सफलता

नई दिल्ली डीआरडीओ ने एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है। ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण किया गया। इस तकनीक की मदद से अब देश लंबी दूरी की एयर-टू-एयर में मार करने वाली मिसाइलें विकसित कर सकेगा, जिससे दुश्मनों पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी। इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक मौजूद है। डीआरडीओ के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परीक्षण मंगलवार सुबह 10.45 बजे हुआ। परीक्षण के दौरान मिसाइल को पहले जमीन से लगाए गए बूस्टर की मदद से तेज रफ्तार दी गई। इसके बाद उसके सभी अहम हिस्सों ने बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक काम किया। इसमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोल सिस्टम शामिल थे। पूरी उड़ान के दौरान मिले आंकड़ों से यह साफ हुआ कि सिस्टम ने सही तरीके से काम किया। इस परीक्षण पर बंगाल की खाड़ी के किनारे तैनात कई आधुनिक उपकरणों से लगातार नजर रखी गई। इस लॉन्च को डीआरडीओ की अलग-अलग प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने देखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ और इससे जुड़े उद्योगों की तारीफ की। वहीं, डीआरडीओ प्रमुख और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी पूरी टीम को इस सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। यह परीक्षण भारत की रक्षा तकनीक को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले इसी माह हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की चुका थी। यह उपलब्धि डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) की सहायता से हासिल की गई थी। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक निर्णायक और आधारभूत कदम माना जा रहा है। डीआरडीएल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित अग्रणी प्रयोगशाला है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया था। यह महत्वपूर्ण परीक्षण 9 जनवरी को डीआरडीएल की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसने स्क्रैमजेट दहनकक्ष ने 12 मिनट से अधिक समय तक निरंतर और स्थिर संचालन प्रदर्शित किया। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक, अर्थात 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है।

मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, युमनाम खेमचंद सिंह संभालेंगे कमान

इंफाल. मणिपुर विधायक दल की बैठक में भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही खेमचंद के मणिपुर के नए सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। मणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था। इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी। केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया। इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे। मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे। मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था। बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था। इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं

स्टेट टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर आमजन को दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक करने में सहयोग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आम जन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, जनसंपर्क, वन, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास और आवास सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। नागरिक वितरित दवाओं का अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) चक्र-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षायें एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि एमडीए 2026 में मध्यप्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉक में एम.डी.ए अभियान का संचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एमडीए 2025 में मध्य प्रदेश के 9 जिलों के 23 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया था। एमडीए 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न विभागों से ज़मीनी सहयोग प्राप्त करने के लिए विभागवार अपेक्षाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त धनराजु एस, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। नवीन नीति अनुसार चिन्हित जिलों में इन दो दवाओं के साथ आईवरमेक्टिन दवा का भी उपयोग किया जा रहा है जिसे आईडीए का नाम दिया गया है।  

उधमपुर गूंजा गोलियों से: सुरक्षाबलों की कार्रवाई में जैश आतंकी खत्म, जंगलों में तलाशी तेज

उधमपुर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मजलता इलाके के बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया है। फिलहाल इलाके में 2-3 अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके चलते ऑपरेशन अभी भी जारी है। खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ जॉइंट ऑपरेशन सुरक्षाबलों को उधमपुर के चिगला बलोता और बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।     मुठभेड़ की शुरुआत: मंगलवार शाम करीब 4 बजे जब जवानों ने आतंकियों को घेरा, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।     घेराबंदी: सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और ड्रोन व आधुनिक उपकरणों की मदद से अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही है। सेना और व्हाइट नाइट कॉर्प्स का बयान सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा की। सेना के अनुसार, यह एक ‘इंटेलिजेंस आधारित जॉइंट ऑपरेशन’ है। बसंतगढ़ के दुर्गम इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है।   बढ़ाई गई सुरक्षा और सतर्कता उधमपुर के जोफड़ और आसपास के जंगली इलाकों में पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। रविवार रात से ही इलाके में अलर्ट जारी था। ताजा मुठभेड़ के बाद पूरे उधमपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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