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मंत्री परमार ने, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध जर्नल का किया विमोचन

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, भोपाल स्थित निवास कार्यालय में मंगलवार को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा संकलित शोध पत्रों पर प्रकाशित शोध जर्नल (RJMLB) का विमोचन किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध पत्रों एवं उनकी गुणवत्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य महाविद्यालयों द्वारा भी इस प्रकार के शोध प्रकाशन किए जाना चाहिये। मंत्री परमार ने छात्र-छात्राओं को भी शोध पत्र लेखन के लिये प्रोत्साहित किये जाने को कहा। परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित आलेख का भी समुचित समावेश किये जाने पर जोर दिया ताकि नयी पीढी भारतीय समृद्ध पुरातन ज्ञान एवं संस्कृति से परिचित हो सकें। ज्ञातव्य है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा पर्यावरण से संबंधित राष्ट्रीय स्तर का वेबीनार का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 250 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुये थे। प्रतिभागियों की ओर से दिये गये शोध पत्रों की समीक्षा उपरांत चयनित शोध पत्र एवं महाविद्यालय द्वारा आमंत्रित अन्य शोध पत्रों का संकलन कर, महाविद्यालय द्वारा शोध जर्नल (RJMLB) प्रकाशित किया गया है। इस अवसर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. प्रवीण तामोट, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र डॉ. मीनल फडनीस एवं डॉ. संजय सिंह उपस्थित थे।  

राज्य सरकार सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने पर कर रही है विचार

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित “अन्नदाता सम्मान समारोह” में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राजनैतिक विषयों के स्थान पर वित्त आयोग के सुझावों को महत्व देना बजट की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से जनसामान्य को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कच्छ में आयोजित ‘रण उत्सव’ में टेंट सिटी के माध्यम से की गई ईको-सेंसेटिव आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के नवाचार सराहनीय हैं। उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर में सिंहों को देखने के लिए किए गए प्रयोगों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता बताई। 

देश के लिए खेलना सर्वोपरि: पद्म श्री सम्मान पर रोहित शर्मा की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने ‘पद्म श्री’ से सम्मानित होने पर आभार जताते हुए इसे अपने और परिवार के लिए एक खास पल बताया है। रोहित का कहना है कि वह भारत के लिए मैच जीतना जारी रखेंगे। ‘पद्म श्री’ से सम्मानित होने को रोहित शर्मा ने खास पल बताते हुए उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने क्रिकेट करियर में उनका साथ दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दूरदर्शन स्पोर्ट्स की ओर से शेयर किए गए वीडियो में रोहित ने कहा, “पद्म श्री मिलना मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत खास पल है। मैं इस सम्मान के लिए भारत सरकार का धन्यवाद करता हूं। मैं उन सभी लोगों का भी आभारी हूं, जिन्होंने मेरे करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने देश के लिए मैच और ट्रॉफियां जीतने की मेरी कोशिश हमेशा जारी रहेगी। धन्यवाद। जय हिंद।” रोहित शर्मा ने साल 2007 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। पिछले 19 वर्षों में वह तीनों फॉर्मेट में भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्होंने बतौर बल्लेबाज और कप्तान, भारतीय क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ट्रॉफी जीतकर सबसे छोटे फॉर्मेट में आईसीसी खिताब का लंबा इंतजार खत्म किया। अगले ही साल भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी जिताया। रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर में 67 मैच खेले, जिसकी 116 पारियों में 40.57 की औसत के साथ 4,301 रन बनाए। इस दौरान 12 शतक और 18 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा, उन्होंने 282 वनडे मुकाबलों में 48.84 की औसत से 11,577 रन बनाए। इस दौरान 33 शतक और 61 अर्धशतक लगाए। रोहित शर्मा भारत की तरफ से 159 टी20 मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 32 अर्धशतकों के साथ 4,321 रन जुटाए, जिससे वह इस फॉर्मेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बन गए हैं। भले ही रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं, लेकिन वह अभी भी वनडे में टीम के लिए शानदार रन बना रहे हैं। फैंस चाहते हैं कि रोहित वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलें।

राजस्व मंत्री वर्मा का ऐलान: प्रदेश के प्रभावित किसानों को नुकसान का पूरा भुगतान

प्रदेश के ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मिलेगा पूरा मुआवजा – राजस्व मंत्री  वर्मा राजस्व मंत्री ने देवास के ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ है। सरकार अत्यंत संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों, मकानों एवं मवेशियों की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कार्य निरंतर किया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी पात्र ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को उनकी क्षति का पूरा मुआवजा प्रदान किया जाएगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने देवास जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा के दौरान यह बात कही। राजस्व मंत्री  वर्मा ने देवास जिले के ओलावृष्टि प्रभावित ग्राम रमलखेड़ी, खजुरिया बीना एवं करनावद का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण उनकी फसलों को नुकसान हुआ है। मंत्री  वर्मा ने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी किसान छूटने ना पाए। प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान हाटपीपल्या विधायक  मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती लीला अटारिया, अपर कलेक्टर  संजीव जैन, बागली एसडीएम  शिवम यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें

चिकित्सकीय अधोसंरचनात्मक विकास में स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को करें शामिल: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रस्तावित निर्माण कार्यों, उपलब्ध अधोसंरचना और भविष्य की आवश्यकताओं पर गहन चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के विस्तार एवं उन्नयन कार्यों में चिकित्सकीय सुविधाओं का गुणवत्तापूर्ण, सुगम एवं समयबद्ध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा, सुरक्षा और सहज आवागमन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिससे अस्पतालों में बेहतर उपचार के साdथ मानवीय संवेदनशीलता भी परिलक्षित हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास के दौरान स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को शामिल करने पर बल देते हुए कहा कि भवन निर्माण, वार्ड व्यवस्था, ओपीडी, डायग्नोस्टिक सुविधाओं और अन्य सहायक सेवाओं में आधुनिक मानकों का पालन किया जाए। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए आवश्यक प्रावधानों को योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि रीवा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस, विभागीय अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सरकारी योजनाओं से श्रमिकों को लाभ, दो साल में 800 करोड़ से अधिक राशि वितरित

रायपुर. बीते दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिकों के खाते में हुई जमा छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के 9328 निर्माण श्रमिकों के खाते में 18.23 करोड़ की राशि अंतरित कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया। आज मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर, स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बोर्ड की बैठक श्रम मंत्रीलखन लाल देवांगन और बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह की विशेष उपस्थिति में हुई। इस अवसर पर श्रम मंत्रीलखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय दोनों के मंशा अनुरूप प्रदेश के श्रमिक भाई बहनों के साथ साथ उनके परिवार जनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा उपकरण, खेल प्रोत्साहन, सशक्तिकरण, आवास, पेंशन समेत सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वन कर समय सीमा में योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साय सरकार श्रमिक हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्रीसाय के निर्देश पर विगत दो वर्षों में अब तक श्रम विभाग के अधीन सभी मंडलों से 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिक भाई बहनों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। सिर्फ छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल से ही अब तक 11 लाख से अधिक श्रमिकों को 500 करोड़ से अधिक की राशि से लाभान्वित किया गया।  इस अवसर पर मंडल के अध्यक्षरामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा की छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। योजना वार लाभान्वित श्रमिकों एवं की गई डीबीटी की जानकारी  मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक 3555 राशि 71100000,  मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना श्रमिक 1098 राशि 4067595, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक 278 राशि 6248582, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता येाजना श्रमिक 6 राशि 120000, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना श्रमिक 747 राशि 1120500, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रात्साहन योजना श्रमिक 1 राशि 50000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना श्रमिक 318 राशि 32200000, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक 2673 राशि 53460000, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना श्रमिक 537 राशि    10740000, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना श्रमिक 23 राशि 2300000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना श्रमिक 84 राशि 126000, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना श्रमिक 8 राशि 800000 शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् ( केबिनेट ) की बैठक बुधवार को

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् ( केबिनेट ) की बैठक बुधवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय पहल और सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 10.93 करोड़ रुपए की लागत से महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संरक्षण को मजबूती, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार और आय के अवसर भी सृजित होंगे। सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान अंतर्गत बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य हेतु 4.94 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, इसी विकासखंड की कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 4.73 करोड़ रुपए, और विकासखंड ओड़गी  स्थित बसनारा जलाशय (तालाब) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 1.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण एवं विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पर्यटन के विस्तार से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास गति पकड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए राज्य सरकार एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

एनएचएआई की पहल से स्कूली बच्चों को राहत, 102 बच्चों को मिलेंगे मुफ्त चश्मे

रायपुर. एनएचएआई की पहल : 1500 स्कूली बच्चों की हुई नेत्र जांच, 102 को मिलेंगे मुफ्त चश्मे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और नेशनल हाईवे इन्फ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी) की संयुक्त पहल से रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना मार्ग पर स्थित विद्यालयों में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत कुल 1498 छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच की गई। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तरपोंगी, भोजपुरी एवं मुढ़ीपार टोल प्लाजा के समीप संचालित शासकीय विद्यालयों में ये शिविर लगाए गए थे, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की दृष्टि का बारीकी से परीक्षण किया। जांच के दौरान 102 विद्यार्थियों में दृष्टि दोष पाया गया, जिन्हें जल्दी ही निःशुल्क चश्मे प्रदान किए जाएंगे। रायपुर परियोजना निदेशक श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि एनएचएआई राजमार्गों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास निवास करने वाले समुदायों के सामाजिक और स्वास्थ्य कल्याण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन्हीं प्रतिबद्धताओं के चलते आज स्कूलों में नेत्र जांच शिविरों का आयोजन किया गया है।

गांव-गांव तक सुविधा: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने बदला सफर का अनुभव

रायपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सफर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में, ग्रामीणों को सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ अंचलों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस की पहुंच से राह हुई आसान  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि यह ग्रामीणों के समय, सुविधा और सपनों को सहेजने का माध्यम बन गई है। सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरगामी सोच और संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज सरगुजा जिले के उन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती थी।  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सुगम हुआ सफर, समय की हुई बचत  शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग पर यह पहली बस सेवा है। उन्होंने कहा कि, पहले ड्यूटी पर समय से पहुंचना और फिर सुरक्षित घर वापस आना एक बड़ी चिंता होती थी। लेकिन जब से यह बस शुरू हुई है, हमें बहुत सुविधा मिल रही है। अब हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और वक्त पर घर भी लौट आते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने बताया कि बांदा क्षेत्र से होने के कारण पहले आवागमन के साधन न के बराबर थे। बस सेवा शुरू होने से अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। वरदान साबित हो रही बस सेवा विद्यार्थियों के लिए        विद्यार्थियों के जीवन में इस योजना से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं कि पहले मुझे बस पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब बस मेरे घर के सामने से ही गुजरती है। इससे मैं पढ़ाई के लिए बहुत सहज महसूस करती हूँ। वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उसे बस पकड़ने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब सिदमा गाँव से ही बस मिलने के कारण वह सीधे गाँधी चौक तक का सफर बिना किसी परेशानी के तय कर रही है। सरगुजा जिले के सिदमा गाँव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बस सुविधा न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर तय करना पड़ता था। दिव्यांशु कहते हैं कि अब गाँव से ही बस चलने लगी है, जिससे मैं अपने स्कूल समय पर पहुँच जाता हूँ। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया। विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे सुदूर वनांचल के गाँव       मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक वाहन नहीं, बल्कि सुशासन का वह भरोसा है जिसने सुदूर क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। नियमित बस के संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती मुख्यमंत्री ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ रही हैं।

सरदार सरोवर प्रभावितों के लिए राहत: आवासीय भूखंडों का पंजीकरण अब बिना शुल्क

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय 6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। 10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

क्रिकेट का आर्थिक सच: IND vs PAK एक मैच ने ICC को किया भारी नुकसान, PCB की 7 साल की कमाई के बराबर

 नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत के साथ खेलने से इनकार किया है. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में ग्रुप स्टेज का मैच था. पाकिस्तान सरकार ने ये कदम वर्ल्ड कप शुरू होने के 5 दिन पहले उठाया है, जिसने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान के इस कदम से आईसीसी को भारी आर्थिक घाटा होगा. आईसीसी टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मुकाबला करीब 250 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपये से अधिक) का राजस्व पैदा करता है. कई रिपोर्ट्स में इस रेवन्यू को 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बताया गया है. ऐसे में अगर ये मैच नहीं होता है तो इसका खामियाजा सभी हितधारकों को भारी आर्थिक नुकसान के रूप में उठाना पड़ेगा. पाकिस्तान की सालाना कमाई से समझें नुकसान का गणित पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की साल भर की कमाई की बात करें तो वह 35-45 मिलियन डॉलर के बीच आती है. यानी 300 से 400 करोड़ रुपये की कमाई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सालाना है. इसमें आईसीसी से पाकिस्तान को मिलने वाले रेवन्यू, PSL की कमाई, सीरीज और टिकट की कीमत से लेकर स्पॉनसरशिप से मिलने वाली आमदनी का लेखा-जोखा है. हालांकि, पीसीबी की कमाई का मुख्य जरिया आईसीसी से मिलने वाला रेवन्यू शेयर है, जो उसकी कुल कमाई का 80 फीसदी से ज्यादा बताया जाता है. अब भारत-पाक मैच की कमाई जान लीजिए अब अगर भारत पाकिस्तान के एक आईसीसी मुकाबले की कमाई की बात करें तो ये 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा की है. कई बार इसे 3 हजार करोड़ से ज्यादा भी आंका गया है. यानी साफ है कि पाकिस्तान 7 साल में जितना पैसा कमाता है उतना रेवन्यू भारत-पाक के एक मैच से ही पैदा होता है.  ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया भारत-पाकिस्तान का मैच है. क्योंकि इसे पूरी दुनिया में लोग देखते हैं और कई करोड़ों का विज्ञापन भी मिलता है. यही कारण है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज न होने के बावजूद भी आईसीसी इन्हें मल्टी नेशनल्स टूर्नामेंट में एक ही ग्रुप में रखता है. ताकि दोनों के बीच टक्कर हो.   10 सेकेंड के स्लॉट की कीमत 40 लाख अगर वर्ल्ड कप में दोनों के बीच टक्कर नहीं हुई तो मेजबान ब्रॉडकास्टर को सिर्फ विज्ञापन से ही 200 से 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े मुकाबले में 10 सेकंड का विज्ञापन स्लॉट 40 लाख रुपये तक में बिकता है. ऐसे में ये तो साफ है कि अगर पाकिस्तान ने ये मैच बायकॉट करने की हिमाकत की तो आईसीसी को भारी नुकसान होगा. फिर आईसीसी इसकी भरपाई का आदेश पाकिस्तान को दे सकता है या उसपर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पूरी तरह से तबाह हो सकता है.  भारत को बिना खेले मिलेगा दो अंक अगर भारत-पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होता है तो टीम इंडिया को बिना खेले ही वॉक ओवर मिल जाएगा. उसे फ्री में दो अंक मिल जाएंगे और पाकिस्तान को नेट रन रेट का भी भारी नुकसान होगा. जिससे वर्ल्ड कप में उसकी आगे की राह खतरे में पड़ सकती है. पाकिस्तान ने तोड़ा है समझौता पाकिस्तान की ड्रामेबाजी पिछले कई दिनों से जारी है. एशिया कप में भी टीम ने टूर्नामेंट बहिष्कार की धमकी दी थी. लेकिन फिर खुद ही खेलने आ गया था. इस बार भी बांग्लादेश और भारत के क्रिकेट बोर्ड में चल रही तनातनी में वह बीच में कूद गया.  पाकिस्तान ने ही बांग्लादेश को भड़काया और आखिरकार उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. फिर उसके बाद पाकिस्तान ने भी बायकॉट की धमकी दी. और फिर खुद ही केवल भारत के साथ मैच को न खेलने की बात कहने लगा. पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाने की हिमाकत तब की है जब आईसीसी, पीसीबी और बीसीसीआई के बीच 2027 तक भारत-पाकिस्तान मैचों के लिए हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी हुई है. ये साफतौर पर सहमति है कि दोनों देश आईसीसी टूर्नामेंट्स में न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेंगे. ऐसे में पाकिस्तान बोर्ड के लिए इस तरह के चयनात्मक बहिष्कार को सही ठहराना आसान नहीं होगा. अब आईसीसी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक मीटिंग बुलाई है. कहा जा रहा है की पाकिस्तान पर कड़े  एक्शन को लेकर इसमें चर्चा हो सकती है.   संभावित आईसीसी प्रतिबंध क्या हो सकते हैं? * पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक, साथ ही लीग से अंतरराष्ट्रीय मान्यता और व्यावसायिक समर्थन वापस लेना. * आईसीसी के राजस्व पूल से पाकिस्तान को मिलने वाली राशि में भारी कटौती, जिस पर पीसीबी की आर्थिक निर्भरता काफी हद तक है. * भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से हुए भारी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए ब्रॉडकास्टर को मुआवजा देने का निर्देश. * एशिया कप से बाहर किया जाना * पाकिस्तान से जुड़ी सभी द्विपक्षीय सीरीज़ पर रोक.

आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा बयान, इन्सेंटिव वितरण को पारदर्शी बनाने के निर्देश

आयुष्मान भारत योजना की इन्सेंटिव वितरण प्रणाली को बनायें पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली इन्सेंटिव व्यवस्था की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि इंसेंटिव वितरण प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि पात्र चिकित्सकों एवं स्टॉफ को समय पर प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने डेटा एंट्री प्रक्रिया को सरलीकृत एवं सुगम बनाने तथा समयबद्ध डेटा एंट्री सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मैन पॉवर की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कुशल एवं दक्ष मैनपावर को प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनका मनोबल बना रहे और वे पूर्ण ऊर्जा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय कर सकें। इससे आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस एवं आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश भरसट उपस्थित रहे।  

दवाइयों की समय पर आपूर्ति की जाए सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी आवश्यक कार्रवाई

रायपुर. दवाइयों की समय पर आपूर्ति की जाए सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी आवश्यक कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री   श्याम बिहारी जायसवाल आज छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में राज्य में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देशित किया कि राज्य में किसी भी स्थिति में अतिआवश्यक दवाइयों की कमी नहीं होनी चाहिए तथा दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोक महत्व से जुड़े इस विषय में यह आवश्यक है कि आम नागरिकों को समय पर एवं गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने दवा आपूर्ति प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, स्टॉक एवं एक्सपायरी की रीयल टाइम जानकारी प्राप्त करने हेतु एक लाइव ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मांग एवं आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। बैठक में दवाइयों एवं मेडिकल उपकरणों के गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित सभी मापदंडों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों के लिए आवश्यक कंज्युमेबल सामग्री की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों द्वारा दवाइयों की मांग भेजे जाने के बावजूद उनका उठाव नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक सभी अत्यावश्यक मेडिकल उपकरणों की खरीदी पूर्ण करने तथा प्रयोगशालाओं के लिए रिएजेंट की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य अधोसंरचना के संबंध में मंत्री ने महासमुंद, कांकेर एवं कोरबा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य में 12 नवीन नर्सिंग कॉलेज एवं 6 नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेजों के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक की समाप्ति पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष   दीपक म्हस्के ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति में बैठक अत्यंत उपयोगी एवं सार्थक रही। उन्होंने बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों की शीघ्र समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

छात्रावास भवन का किया भूमिपूजन, सामाजिक भवन के बाउंड्रीवाल के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की

रायपुर. समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें :अरुण साव उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज जिला साहू संघ बालोद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सभी को नव दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीउ। उन्होंने इस अवसर पर समाज के विद्यार्थियों के हित में छात्रावास भवन के लिए भूमिपूजन किया। साथ ही सामाजिक भवन में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की।  साव ने कहा कि समाज ने शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसका लाभ समाज के बच्चों को होगा।  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए संकल्प लेने का दिन है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नेतृत्व में बालोद जिला साहू समाज निरंतर प्रगति करेगा। शिक्षा, कृषि, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने के मामले में बालोद जिले की हमेशा एक अलग पहचान रही है, जिसे आगे और सशक्त बनाने की जिम्मेदारी अब नए पदाधिकारियों के कंधों पर है।  साव ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक सहित सभी के लिए समाज का द्वार सदैव खुला रहना चाहिए। सामाजिक पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़े रहें, ताकि हर सदस्य यह महसूस करे कि समाज उसके साथ है। साथ ही वर्ष में कम से कम दो बार सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे समाज से उनका जुड़ाव मजबूत हो और वे समाज में अपने महत्व को समझ सकें। समारोह में साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू, पूर्व मंत्रीगण  ताम्रध्वज साहू एवं श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष  टहल सिंह साहू,  विपिन साहू,  दीपक साहू,  प्रीतम साहू, श्रीमती प्रतिभा चौधरी,  हलधर साहू और  वीरेंद्र साहू सहित नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष  महेंद्र साहू,  मदन साहू,  बंशीलाल साहू,  गणेश राम साहू,  राजेश साहू,  भागवत साहू एवं  सुनील साहू भी मौजूद थे।

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