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एमपी गजब: शराब पीकर क्लासरूम में सो गए मास्टर साहब, खतरे में बच्चों का भविष्य

MP Amazing: Master fell asleep in the classroom after drinking alcohol, children’s future in danger Sidhi News MP: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शिक्षा विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. वहां पर स्कूली शिक्षा के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीधी के एक सरकारी स्कूल के मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बदले शराब के नशे में टुल होकर क्लासरूम में ही सो गए. जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए. सीधी जिले के सरकारी स्कूलों में यह मामला सामने आने के बाद से शिक्षा विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना पर चिंता जता रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि छात्रों का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है. अगर इसी तरह शिक्षक और शिक्षा विभाग के अफसर लापरवाह बने रहे तो बच्चों का क्या होगा? ऐसे में तो बच्चों को स्कूल भेजना भी सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है. शराब के नशे में टीचर द्वारा बच्चों को पढ़ाना गंभीर मामला है. ऐसे हुआ खुलासा यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब मौके पर स्कूल पहुंचे किसी अभिभावक ने अपने मोबाइल में शिक्षक के करतूत को कैद कर लिया. फिर उसके बाद इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर की. उसके बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है. बता दें की एमपी के स्कूलों में शराब पीकर शिक्षकों के क्लासरूम में सोने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले रीवा के एक प्राइमरी स्कूल में भी हेडमास्टर साहब भी शराब के नशे में टुल होकर सोते नजर आए थे. 15 सितंबर को ऐसा ही मामला आया था सामने सीधी जिले के ही बमुरहा में ​15 सिंतबर 2024 को स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में छात्रों के बैग को तकिया बनाकर सोते नजर आये थे. मामला सामने आने के बाद मास्टर साहब के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे.

मध्य प्रदेश को मिलने वाला है नया प्रदेशाध्यक्ष जल्द , इस दिन आएगी सूची

Madhya Pradesh is going to get a new state president soon, the list will come on this day भाजपा जिला अध्यक्ष चुने जाने की मप्र भाजपा की अड़चनें शीर्ष नेतृत्व ने दूर कर दी है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही भाजपा को प्रदेश अध्यक्ष भी मिल जाएगा। इन बिंदुओं पर दिल्ली में शुरू हुई केंद्रीय भाजपा की बैठक में मंथन हुआ। इसमें मप्र भाजपा संगठन पदाधिकारियों का एक दल शामिल रहा। चुनाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत हुई। प्रदेश भाजपा ने किया था मंथन प्रदेश भाजपा खुद के स्तर पर मंथन कर रही थी, लेकिन जिला अध्यक्ष चुने जाने को लेकर एक राय नहीं बनी। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व की लाइन पर पार्टी बढ़ेगी। प्रत्येक जिले से तीन-तीन नामों का पैनल मंगवाया जाएगा। इसी में से एक नाम संगठन के संज्ञान में लाकर फाइनल किया जाएगा। बता दें कि अध्यक्षों की सूची पांच जनवरी तक आ जाएगी। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। बूथ व मंडल अध्यक्ष चुनने में अव्वल राष्ट्रीय बैठक में मप्र भाजपा द्वारा बूथ और मंडल अध्यक्ष चुने जाने को लेकर बरती गई पारदर्शिता व सक्रियता चर्चा का विषय रही। सूत्रों के मुताबिक अन्य राज्यों के संगठन को मप्र भाजपा के कामों से सीख लेने की सलाह दी गई। सक्रिय सदस्यता में भी अच्छा काम प्रदेश भाजपा ने सक्रिय सदस्य बनाने में भी अच्छा काम किया। मप्र भाजपा इसमें पहले स्थान पर रहा तो गुजरात को दूसरी व यूपी को तीसरी रैंक मिली। इस पर भी प्रदेश भाजपा संगठन को सरहाना मिली है। पूर्व संगठन मंत्री भी ठोक रहे ताल पार्टी के पूर्व संगठन मंत्री से लेकर पूर्व विधायक तक जिला अध्यक्ष के लिए ताल ठोक रहे हैं। क्षेत्रीय क्षत्रपों से समीकरण बैठाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई नेता पूर्व संगठन मंत्रियों के नाम की पुरजोर पैरवी भी कर रहे हैं। ऐसा होता है पार्टी में ही नई लकीर खींची जाएगी। भाजपा संगठन ने सितंबर 2021 में छह संभागीय संगठन मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी। शैलेंद्र बरूआ, जितेंद्र लिटोरिया, आशुतोष तिवारी, श्याम महाजन, जयपाल सिंह चावड़ा और केशव सिंह भदौरिया को पद से मुक्त करते हुए पूरी जिम्मेदारी संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दी गई थी। तीन फैक्टर हावी लंबे समय बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव हो रहे हैं। 75 फीसदी जिलों में मौजूदा अध्यक्ष भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 और सक्रिय सदस्यता बनाने में देशभर में बाजी मारी।जमीनी पदाधिकारी दावा ठोक रहे हैं कि वे लंबे समय से बिना पद के काम किए जा रहे हैं। उन्हें निगम मंडलों में जगह नहीं दी गई। कम से कम अब संगठन चुनाव में ही मौका मिल जाए।कई सांसद व भाजपा विधायक भी जोड़-तोड़ में लगे हैं कि उनके गुट का अध्यक्ष हो तो चुनाव लड़ने को लेकर थोड़ी मदद मिलेगी। इसके अलावा भी अध्यक्षों को लेकर कई फैक्टर प्रभावी हैं।

मनोज श्रीवास्तव बने नए एमपी राज्य निर्वाचन आयुक्त: सीएम सचिवालय में सबसे पावरफुल अफसर रहे; बीपी सिंह का कार्यकाल पूरा

Manoj Srivastava becomes new MP State Election Commissioner: He was the most powerful officer in CM Secretariat; BP Singh’s tenure ends भोपाल । रिटायर्ड अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश के नए राज्य निर्वाचन आयुक्त बन गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार शाम को आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले आयोग के आयुक्त रहे बसंत प्रताप सिंह का 6 माह का अतिरिक्त कार्यकाल 31 दिसंबर पूरा हुआ है। इसके चलते राज्य शासन ने आज ही राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नई नियुक्ति के आदेश जारी किए। श्रीवास्तव के पहले इस पद पर पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा और रिटायर्ड एसीएस मलय श्रीवास्तव की भी दावेदारी थी। वीरा राणा का आदेश ऐन मौके पर रुका थाइसके पहले 30 सितम्बर को पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा के रिटायरमेंट के दिन उन्हें नया राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाए जाने के आदेश जारी होने वाले थे। राज्य निर्वाचन आयोग में इसकी तैयारी भी कर ली गई थी और बीपी सिंह ने स्टाफ को हाई-टी देकर खुद को कार्यमुक्त भी बता दिया था। हालांकि अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाने का आदेश जारी होने के बाद समीकरण बदल गए। इसके बाद वीरा राणा काे राज्य निर्वाचन आयुक्त बनने का फैसला टल गया। 30 जून को खत्म हो गया था सिंह का कार्यकालइससे पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे बीपी सिंह का कार्यकाल 30 जून 2024 को खत्म हो गया था। तब सरकार ने किसी नए आयुक्त को नियुक्ति नहीं देते हुए बीपी सिंह को ही पद पर बने रहने के आदेश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद 6 माह तक पद पर बने रह सकते हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

Leader of Opposition Umang Singhar took a dig at CM Mohan: ‘State is in debt, Chief Minister’s wealth is increasing’ मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। प्रदेश पर भारी कर्ज़ का बोझ नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। ADR रिपोर्ट का खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। देश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। नेता प्रतिपक्ष के तंज उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। क्या कहते हैं आंकड़े? भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। सवालों के घेरे में सरकार विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी।

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

new year celebration in bhedaghatspectacular amidst marble valleys and sparkling waterfalls भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. read more: https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. धुआंधार जलप्रपातभेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. संगमरमर की वादियांभेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. बंदर कूदनीसंगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. चौंसठ योगिनी मंदिरयह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. त्रिपुर सुंदरी मंदिरभेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. कुंभेश्वर महादेव मंदिरलम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गयाइंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. लम्हेटा घाटयह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट की फिल्मी पहचानभेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल का जश्ननए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए.

आमला के शिक्षक हरिदास बड़ोदे(डाक्टर हरिप्रेम मेहरा) मथुरा मंच पर नवाजे गए ।

Amla’s teacher Haridas Barode (Dr. Hariprem Mehra) was honored on the Mathura stage. हरिप्रसाद गोहेआमला । बैतूल जिले के आमला निवासी शिक्षक हरिदास बड़ोदे ( डाक्टर हरीप्रेम मेहरा ) एक कुशल शिक्षक के साथ गीत संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र में भी बखूबी जाने एवं पहचाने जाते है। इन्होंने क्षेत्र सहित समूचे मध्यप्रदेश में साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाई है अब उन्हें उत्तरप्रदेश के मथुरा में आयोजित साहित्य सम्मान वर्ष 2024 से नवाजा गया बडौदे की उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है। उन्हें सभी ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है । गौरतलब हो की मथुरा : नव उदय पब्लिकेशन ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के द्वारा वर्ष 2024 के समाप्ति के अवसर पर तीन दिवस पूर्व दिनांक 29 दिसंबर 2024 को प्रभु श्री कृष्ण जी की पावन जन्मभूमि मथुरा (उत्तरप्रदेश) में स्थान- जी. एस. फार्म, गोवर्धन चौराहा, गोवर्धन रोड, मथुरा में राष्ट्रीय भव्य सम्मान समारोह के अंतर्गत विशाल कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ, कविता पाठ, गीत, गायन आदि विभिन्न श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसमे भारत वर्ष के प्रत्येक राज्य के अलावा विश्व स्तर के विद्वान, साहित्यकार, कवि, कवयित्री, लेखकों के सहित समाजसेवी, शिक्षाविदों, डॉक्टर, पर्यावरण प्रेमी, जनकल्याण के क्षेत्र में विभिन्न अभियान से जुड़े समाजसेवी, समाजसेवी संस्थाओं के संस्थापक आदि लगभग 250 विद्वानों को विशाल मंच पर एकत्रित कर सम्मानित किया गया है। उक्त कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह में शामिल होकर काव्य पाठ व गीत गायन करने का सुनहरा अवसर व आमंत्रण साहित्य के क्षेत्र में भूमिका बनाने वाले मध्यप्रदेश के बैतूल जिला के आमला निवासी- ‘डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा’ को प्राप्त हुआ। मथुरा विशाल कवि सम्मेलन में डॉ. हरिप्रेम मेहरा, धर्मपत्नी- श्रीमती आरती बड़ोदे एवं पुत्री- आंशी मेहरा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। सुबह 8 बजे से सायं 8 बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में प्रत्येक सहभागी को केवल पांच मिनट का समय दिया गया था। लेकिन काव्य पाठ के दौरान एवं श्री कृष्ण जी को समर्पित स्वलिखित गीत- तेरे चरणों की धूल…नामक मौलिक गीत की प्रस्तुति ने मंच ने अतिरिक्त समय देने के लिए मजबूर कर दिया और डॉ. हरिप्रेम मेहरा ने मंच के पूरे दस मिनट लेने के बावजूद जोरदार तालियों से समां बांधा। मंचासीन अतिथियों के द्वारा डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा को “महाकवि सूरदास नव उदय गीतकार व साहित्यकार सम्मान-2024” के सम्मान-पत्र सह मोमेंटो प्रदान करके गौरवांवित किया गया है। इस अवसर पर आयोजक समिति के द्वारा सम्मानित मंच पर सभी सम्मानित सदस्यों के फेमिली सदस्यों को प्रदेशवार मंच पर एक साथ बुलाकर अतिथियों के द्वारा अभिवादन किया गया। ये रहे अतिथि अद्वितीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- आदरणीय दर्शन सिंह चौधरी, लोकसभा सांसद, नर्मदापुरम (मध्यप्रदेश), बत्तीलाल मीणा सचिव- कृषि मंत्रालय, आगरा (उत्तरप्रदेश), अजीत कुमार (PCS, SDM) मथुरा, डॉ. बृजेश यादव (CPO-दीनदयाल उपाध्याय बेट्रीनरी कॉलेज) मथुरा, वेद प्रकाश राय (राष्ट्रीय सचिव, मीडिया प्रभारी-अखिल भारतीय भोजपुर समाज) लखनऊ, डॉ धर्मेंद्र कुंतल (डायरेक्टर- कुंतल मल्टीस्पेसिलिटी हॉस्पिटल) मथुरा, रवि चौधरी (डायरेक्टर- राइट वाइट् एग्रोफ़ूड) आगरा, राघवेश तिवारी (नायब तहसीलदार) मथुरा, डॉ हर्ष गुप्ता (MBBS, MD, MCh, यूरोलोजिस्ट, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन) मथुरा, जुगल किशोर प्रधान, भूपेंद्र कुमार (फाउंडर- MD ऑफ ऐफोरिया ग्रुप) नोएडा, कैप्टन डॉ. राजश्री (असोसिएट- NCC officer B.B.A. युनिवर्सिटी लखनऊ, मंच संचालक, विशेष अतिथि- कविश्रेष्ठ सत्यप्रकाश ‘सत्य’ देहरादून (उत्तराखंड), श्रीमती अर्चना द्विवेदी कवयित्री श्रृंगार रस अयोध्या, कवि अनूप कुमार नवोदयन लखनऊ, मंच संचालक, कवयित्री भारती शर्मा मथुरा, शेरसिंह मथुरा, नरेंद्र चौधरी मथुरा, कर्मवीर गुर्जर मथुरा, मोहित मानधन्या, भोपाल (मध्यप्रदेश), राज शेखर लखनऊ, अम्बरीष पांडेय (वरिष्ठ पत्रकार व सम्पादन ZEE न्यूज़) नोयडा, अविनाश कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष- नवोदय जनतांत्रिक पार्टी, MD ब्राम्हीह अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन), गरिमा श्रीवास्तव (न्यूज रीडर, एंकर जनतंत्र टीवी चैनल), रक्षा सिन्हा (मंच संचालक) गाज़ियाबाद, वर्तिका (पत्रकार ndtv न्यूज़ रीडर) मथुरा (उत्तरप्रदेश), कविश्रेष्ठ प्रभात कुमार ‘प्रभात’ मथुरा, मुख्य संचालिका- मैडम ऋतु अग्रवाल (संपादिका- नव उदय मासिक पत्रिका, एवं नव उदय पब्लिकेशन) ग्वालियर, संस्थापिका व आयोजिका- शिव्या जैन (नव उदय मासिक पत्रिका व नव उदय प्रकाशन) ग्वालियर (मध्यप्रदेश) आदि उपस्थित थे। किया आमला का नाम रोशन डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा, वर्तमान में शिक्षक, कवि, गीतकार, लेखक, साहित्यकार होने के साथ साथ कुशल व्यवहार, मृदुभाषी व मिलनसार है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश में जिला बैतूल की तहसील मुलताई में सूर्यपुत्री माँ ताप्ती देवी, उद्गम स्थल के समीप वटवृक्ष से शोभायमान पैतृक ग्राम बानूर जन्मभूमि के साधारण बड़ोदे परिवार व विशाल मेहरा समाज के सपूत और आमला शहर के मूलतः निवासी को इस उपलब्धि के लिए आमला शहर का नाम रोशन करने पर सभी ईष्ट मित्रों, रिश्तेदारों, परिवारजनों, नगरवासियों के द्वारा उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की है।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Dr. Mohan Yadav ranked 10th among the richest Chief Ministers of the country, latest report creates stir एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। डॉ. मोहन यादव के पास इतनी संपत्ति चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। देखें अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट

ढोलेवार कुंबी समाज एवं गुगनानी परिवार की पहल ने गौसेवा के नए आयाम रचे ।

The initiative of Dholewar Kumbi Samaj and Gugnani family created new dimensions of cow service. हरिप्रसाद गोहेआमला । गौसेवा और गौपूजा पीढ़ियों से सनातन संस्कृति की समृद्ध परम्पराओ का हिस्सा रहा है, आमला में इसी भाव को सहेजते हुए जनसहयोग से शहर की पहली गौशाला का निर्माण किया गया है। सहृदयी दानदाताओ व सहयोगियों के प्रयासों से यहां निरन्तर व्यवस्था को सुदृढ किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार का दिन भी श्री महावीर हनुमान गौशाला में उल्लेखनीय रहा। विस्तृत सांस्कृतिक विरासत,कृषि कार्यो से जुड़ाव एवं आधुनिक जगत से सामंजस्य बनाकर स्वयं की विशेष पहचान बनाने वाले ढोलेवार कुंबी समाज द्वारा रविवार को श्री महावीर हनुमान गौशाला,आमला में सेवा व सहयोग दिया गया। समाज के जिलाध्यक्ष,पदाधिकारीगण,वरिष्ठ जन एव युवा सदस्य उत्साह के साथ गौशाला पहुँचे, एवं अपना पूरा दिन गौसेवा को समर्पित किया, गौपूजा के साथ शुरुआत करते हुए उन्होंने गौमाताओं को हर चार खिलाया,व सफाई कार्यो में भी योगदान दिया। ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा के इस कार्य के प्रति जागरूकता दिखा कर एक उत्तम नवाचार किया है, जो कि इस बात का प्रमाण है कि ढोलेवार कुंबी समाज के मन मंदिर में कृषि, भूमि एवं गौमाताओं के प्रति कितनी अगाध श्रद्धा है। समाज के बुजुर्ग एवं युवा सदस्यों ने जिस उत्साह के साथ रविवार को गौसेवा के कार्य मे हाथ बटाया एवं आगे भी इसी तरह सहयोगी बनने का वचन दिया,वो अपने आप में बेहद अनुकरणीय है, अगर ढोलेवार कुंबी समाज की तरह ही अन्य समाज भी पहल करें तो गौसेवा का ये प्रकल्प बहुत जल्द एक नई ऊंचाई प्राप्त कर लेगा। इस नवाचार के लिए परोपकारी ढोलेवार कुंबी समाज वास्तविक प्रसंशा का हकदार है।इसके अलावा इस जागरूक समाज द्वारा 5100 रुपए की राशि भी सहयोग स्वरूप गौशाला को प्रदान की गई, एवं एक ट्राली गन्ने की बांड भी उनके द्वारा गौमाताओं के चारे के लिए लाई गई तथा आगे भी ऐसे ही सहयोग के साथ जुड़े रहने का संकल्प उनके द्वारा किया गया। जिस भाव से ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा का नया आयाम रचा उसी तरह एक परिवार द्वारा भी गौसेवा के साथ अपनत्व का मधुर संदेश दिया गया। जिले के प्रतिष्ठित गुगनानी परिवार का सहयोग भी आज बेहद प्रसंशनीय रहा, “नमन्ति फलिनो वृक्षा: , नमन्ति गुणिनो जना:” के विशुद्ध उदाहरण श्री दाताराम गुगनानी जी के परिवार के राजेश गुगनानी जी द्वारा आज उनकी ओर से स्वरूचि भोज का आयोजन गौशाला परिसर में किया गया, विनम्र, संवेदनशील, सरल हृदय व्यक्तित्व के धनी राजेश गुगनानी जी गौशाला के प्रारंभिक दौर से इस प्रकल्प के लिए सहयोग करते आ रहे है और काफी पहले उन्होंने वादा किया था कि गौशाला का संचालन जब सुव्यवस्थित रूप से शुरू हो जाएगा तब सभी सहयोगियों को उनके द्वारा भोजन करवाया जाएगा,एवं अपने वादे को पूर्ण करते हुए उन्होंने आज भोज का आयोजन किया,जिसमे लगभग 200 से अधिक गौसेवकों ने उनके द्वारा आयोजित भोज एवं उनके मधुर व्यवहार का स्वाद ग्रहण किया। गुगनानी परिवार के ही ज्येष्ठ पुत्र, कलम के धनी,एवं जिले में ही नही अपितु राष्ट्रीय स्तर पर अपने ज्ञान के बूते विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रवीण गुगनानी जी द्वारा गौशाला परिसर में गौमाताओ के लिए एवं विभिन्न उपयोग के लिए होने वाले बोर का सम्पूर्ण व्यय प्रदान करने की घोषणा की। सेवाभावी व्यक्तित्व से ओतप्रोत श्री प्रवीण गुगनानी जी को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अटल बिहारी साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया है एवं उनके व्यक्तित्व की विराटता ही है कि उन्होंने प्राप्त एक लाख रुपये की राशि को भी साहित्य परिषद को भेंट कर दिया है, अब यहां उनके माध्यम से होने वाले बोर से गौमाताओं को निर्मल जल लगातार प्राप्त होते रहेगा। स्वरूचि भोज का कार्य जिस प्रेम से पूर्ण हुआ उससे राजेश गुगनानी भाव विभोर हुए एवं उन्होंने कहा कि भोज के दौरान एक विशेष अनुभूति मुझे हुई,ऐसा लगा जैसे गौसेवक नही अपितु साक्षात गोविंद भोजन का आनंद ले रहे हों।इसलिए अब मन है कि स्वरूचि भोज का ये कार्यक्रम अब अगले वर्ष मैं और ज्यादा बड़े पैमाने पर करूंगा,ताकि गोविंद की कृपा का ऐसा ही पात्र बना रहूं। सहयोग की इस धारा में शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी पंजाबराव देशमुख जी द्वारा भी विशेष सहयोगी भाव दिखाया एवं गौशाला में होने वाले बोर के लिये अपनी ओर से मोटर प्रदान करने की घोषणा की।गौशाला परिवार के सदस्यों ने बताया कि दानदाताओं व सहयोगियों के प्रयास ही है जिससे गौशाला में लगातार व्यवस्थाओ में वृद्धि की जा रही है। भूसे की पर्याप्त व्यवस्था के साथ हरे चारे के लिए भी यहां व्यवस्था की गई है, साथ ही बीमार व घायल गौमाताओ के उपचार की भी व्यवस्था लगातार शानदार होते जा रही है, वहीं हाल ही में रोशनी के लिए विशेष तरह की एलईडी लाइट्स परिसर में लगवाई गयी है, साथ ही गौशाला परिवार ने आह्वान किया कि सभी नगरवासी गौशाला अवश्य पधारें एवं गौसेवा के इस कार्य मे अपना योगदान अवश्य दें।

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे

34 दागी आईएफएस 11 राज्य वन सेवा के अफसर की कुंडली मारकर बैठे हैं प्रमुख सचिव वन की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन

34 tainted IFS are sitting on the horoscope of 11 State Forest Service officers. Brainstorming on the issue of targeted officer in the meeting of the Chief Secretary Forest. उदित नारायणभोपाल। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल जंगल महकमे के सेवानिवृत्ति सहित 34 दागी आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के कुंडली मारकर बैठे हैं। यानी दागी अफसरों की जांच प्रतिवेदन अंतिम निर्णय के लिए अपर मुख्य सचिव वन के पास लंबित है। वे उस पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसके कारण उन पर लगे आरोप के मामले में अफसर दोषी है अथवा नहीं, इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी है। एसीएस को केवल एक लाइन का फैसला लेना है। इसके कारण सेवारत अधिकारी मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं तो वहीं रिटायर्ड होने के बाद अफसर कार्यालय की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से कुछ अवसर प्रमोशन की दहलीज पर खड़े हैं प्रशासन में बैठे अफसर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। टीएल की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन और निर्णय किया जाता है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला प्रताड़ना के आरोप में दोषी करार दिए गए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीणा का मामला जुलाई 23 से शासन के पास निर्णय के लिए बेचाराधीन है। पिछले दिनों बैतूल दौरे पर गए वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मोहन मीणा के मामले में शासन को कार्रवाई करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसपी बैतूल के मांगने पर वन विभाग से विपासा कमेटी कमेटी की रिपोर्ट उन्हें भेज दी है। इसी प्रकार बालाघाट सर्किल में पदस्थ एपीएस सेंगर पर वर्ष 2022 में आरोप है कि उन्होंने भंडारा क्रय नियम का उल्लंघन कर निम्न गुणवत्ता की सामग्री की खरीदी थी। आरोप का निराकरण किया बिना ही मैनेजमेंट कोटा से इन्हें बालाघाट सर्किल का मुखिया बना दिया गया। सेंगर ने स्वयं को बचाने के लिए टीकमगढ़ वन मंडल के बाबू और उनके ट्रांसफर के बाद प्रभार लेने वाले डीएफओ अनुराग कुमार को कसूरवार बता दिया है। उत्तर बैतूल वन मंडल में पदस्थ आईएफएस देवांशु शेखर की जांच प्रतिवेदन भी शासन के पास जून 24 से लंबित है। सूत्रों की माने तो जांच प्रतिवेदन में उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया है और शासन को सिर्फ निर्णय करना है। खंडवा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच प्रतिवेदन निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। वन मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल पर मैं 2006 में आरोप लगे थे। वन विभाग में 26 जून को निर्णय के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजे हैं पर निर्णय नहीं हो पाया। प्रदेश में सबसे सीनियर डीएफओ एवं 1994 बैच विश्वनाथ एस होतगी का प्रकरण भी अक्टूबर 23 से शासन के पास अनिर्णय की स्थिति में है। इसके अलावा बृजेंद्र श्रीवास्तव और नवीन गर्ग के मामले में राज्य शासन ऊहापोह में है।ये आईएफएस रिटायर्ड हो गएशासन द्वारा आरोपित अफसरों के मामले में टाइम लिमिट में निर्णय नहीं होने की स्थिति में अजीत श्रीवास्तव, आरपी राय, एम कालीदुरई, सुशील कुमार प्रजापति, इंदु सिंह गडरिया, ओपी उचाड़िया, आर एस सिकरवार, डीएस कनेश, निज़ाम कुरैशी, वीएस प्यासी और जीपी वर्मा सेवानिवृत हो गए।रावसे के 11 अफसरों के मामले भी विचाराधीनआईएफएस अफसर की तरह ही राज्य वन सेवा के करीब 11 अधिकारियों के मामले में शासन निर्णय नहीं कर पा रहा है। जबकि वन विभाग ने जांच करवा कर उसका प्रतिवेदन भी शासन को भेज दिया है। इनमें राज्य वन सेवा के कुछ अधिकारियों के मामले है, जो आईएफएस बनने की दहलीज पर खडे है। उनके प्रकरण में शासन द्वारा निराकरण नहीं किए जाने से उनका प्रशासनिक भाग्य के सूरज का उदय नहीं हो पा रहा है। दागी अफसर की सूची में शामिल राहुल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बगैर सामग्री प्राप्त किए सीधे प्रमाणक पर हस्ताक्षर कर दिए। वन विभाग ने 30 अप्रैल 24 को निर्णय के लिए शासन के पास भेजा तब से अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी प्रकार कैलाश वर्मा, आरएन द्विवेदी, श्रीमती मनीषा पुरवार, आरएस रावत, सुधीर कुमार पाठक, योगेंद्र पारधे, मनोज कटारिया, मणि शंकर मिश्रा, अजय कुमार अवस्थी और प्रियंका चौधरी के मामले भी शासन के पास निर्णय के लिए लंबित है। प्रियंका चौधरी पर आरोप है कि वरिष्ठ अफसर को मोबाइल पर अशब्द भरे मैसेज करना और टेलीफोन पर गाली-गलौज करना है।

MP में कई IAS को मिला नए साल का तोहफा : कोठारी, पी.नरहरि बने PS, 2009 और 2011 बैच के इन अफसरों को भी मिला प्रमोशन

Many IAS in MP got New Year gift: Kothari, P.Narhari became PS, these officers of 2009 and 2011 batch also got promotion. मध्यप्रदेश में 2025 से पहले कई आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अफसरों को वेतनमान (पे-मैट्रिक्स) के हिसाब से पदोन्नत किया गया है। इनमें सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि को प्रमुख सचिव बनाया गया है। इस तरह का प्रमोशन पाने वाले अन्य अधिकारियों में 2009 से 2011 बैच के अफसरों के साथ ही 2016 बैच के 26 अफसर भी शामिल हैं। डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत

सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या; सरकार मुहैया कराए सुरक्षा, जीतू पटवारी ने उठाई मांग

Saurabh Sharma may be murdered; Government should provide security, Jitu Patwari raised demand Saurabh Sharma Case: मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम खूब चर्चा में हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि उसके पकड़े जाने से कई बड़े चेहरों के नाम का खुलासा हो जाएगा। सरकार को उसे गिरफ्तारी देकर सुरक्षा देनी चाहिए साथ इस मामले का सच उजागर करना चाहिए। महाकाल मंदिर में घोटाला पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर में जिन लोगों को प्रशासक बना रखा है। उन्होंने 1-1.50 करोड़ के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए हैं। ये भ्रष्टाचार भोलेनाथ को भी नहीं छोड़ रहा है। पहले महाकाल लोक में करप्शन किया था। उसमें मुख्यमंत्री समेत कई लोगों पर उंगली उठी थी। इन्हें भगवान के दर्शन में भी पैसे चाहिए। ये भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। भोलेनाथ के ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए अलग से पैसे दो और अपनी जेब में डालकर परिवार का पालन-पोषण करेंगे। बंगले बनाएंगे और प्लॉट खरीदेंगे। ये हैं बीजेपी और आरएसस से जु़ड़े हुए लोगों के नैतिक दायित्व। रिश्वत नहीं पहुंची तो हत्या हुई आगे पटवारी ने कहा कि देवास के सतवास थाने में 35 साल का बेटा। जिसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बूढ़ी मां घर में अकेली है। एक 6 हजार की रिश्वत देने में देरी हुई तो इसमें हत्या कर दी। मैंने खुद ने जब इस पाठ का निरीक्षण किया तो कंधे बराबर जाली से लटके फांसी लेने का पुलिस का बयान आया या उन्होंने प्रचारित किया। जो सरासर गलत है। सीएम को मैंने कहा था कि पूरा थाना सस्पेंड करो मैसेज जाएगा कि अगर रक्षक भक्षक बनते हैं तो सरकार अलर्ट रहेगी। मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि 1 करोड़ रुपए परिवार को दो।पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि NCRB की रिपोर्ट के अनुसार दलितों परल अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश भारत में सबसे ऊपर है। यह स्थिति तब है। जब भाजपा प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता में हैं।

देवास पुलिस का ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’, 10 लाख के CCTV कैमरों से अपराध पर लगेगी लगाम

Dewas Police’s ‘Operation Trinetram’, crime will be controlled with CCTV cameras worth Rs 10 lakh मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्रम शुरू किया है. इस अभियान के तहत लोगों ने 10 लाख रुपए खर्च किए हैं. अभी भी अभियान जारी है. इस अभियान का उद्देश्य देवास जिले में अपराधों की रोकथाम करना है. एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि यह अभियान के जरिए पूरे जिले में 275 कैमरे लगाए गए हैं. देवास एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि देवास जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्रम के जरिए लोगों और व्यापारियों को सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी कड़ी में लगभग 10 लाख रुपए कीमत के 275 नए कैमरे पूरे जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में स्थापित किए गए. उन्होंने बताया कि कैमरा कानून व्यवस्था का पालन करने और अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है. कैमरा स्थापित करने के लिए लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. इसके अलावा जो इस अभियान में आगे बढ़कर कैमरा लगा रहे हैं, उन्हें पुलिस सम्मानित भी कर रही है. यह अभियान 1 नवंबर से शुरू किया गया था. वैज्ञानिक साक्षी के रूप में अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक में चर्चा के दौरान बताया कि सीसीटीवी कैमरा अपराध रोकने के साथ-साथ अपराध निराकरण एवं न्यायालयीन विचाराधीन प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है. पुलिस द्वारा प्रतिदिन चौपाल के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक कैमरा स्थापित करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर लोगों द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है. चोरी और गंभीर अपराधों पर नकेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी और गंभीर अपराधों में सीसीटीवी कैमरा लगने से कहीं ना कहीं कमी आती है. इसके अलावा जहां अपराध घटित होता है, वहां सबूत के रूप में कैमरे के फुटेज सामने आ जाते हैं, जिससे आरोपी को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती है. इसके अलावा इसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में न्यायालय भी काफी महत्व दे रही है, इसलिए लोगों को लगातार सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

Death of Dalit youth in police custody in Dewas, sharp attack by Congress’s Jitu Patwari, allegation of demanding money. देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। पैसे की मांग का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। सड़क पर उतरे लोग घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। न्याय की मांग मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं।

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