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महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से होने जा रही, प्रयागराज के लिए विशेष फ्लाइट्स का ऐलान किया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच स्पाइसजेट एयरलाइन्स ने भी भक्तों के लिए खुशखबरी दी है। खबर है कि कंपनी ने प्रयागराज के लिए विशेष फ्लाइट्स का ऐलान किया है, जो रोज उड़ान भरेंगी। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से होने जा रही है। स्पाइसजेट एयरलाइन्स ने जानकारी दी है कि खास महाकुंभ के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद से प्रयागराज तक स्पेशल फ्लाइट्स शुरू की जा रही हैं। ये उड़ानें 12 जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2025 तक संचालित होंगी। इनके चलते लाखों तीर्थयात्रियों को लाभ मिलने के आसार हैं। कंपनी ने कहा कि सिर्फ स्पाइसजेट ही अहमदाबाद से प्रयागराज तक नॉन स्टॉप फ्लाइट्स संचालित कर रही है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर देबोजो महर्षि ने कहा, ‘महाकुंभ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि आस्था, भक्ति और एकता का प्रतीक है। स्पाइसजेट में हम इस अविश्वसनीय यात्रा के लिए आसान कनेक्टिविटी और सुविधानजक यात्रा प्रदान कर गर्व महसूस कर रहे हैं। चार बड़े शहरों से प्रयागराज तक स्पेशल डेली फ्लाइट्स के जरिए हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देशभर से श्रद्धालु यात्रा की चिंता के बगैर इस पवित्र आयोजन में शामिल हो सकें।’ देख लें फ्लाइट्स का समय SG 655 अहमदाबाद से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 8 बजकर 10 मिनट, अराइवल सुबह 9 बजकर 55 मिनट) SG 656 प्रयागराज से मुंबई (डिपार्चर- सुबह 10 बजकर 30 मिनट, अराइवल दोपहर 12 बजकर 50 मिनट) SG 657 मुंबई से प्रयागराज (डिपार्चर- दोपहर 1 बजकर 40 मिनट, अराइवल दोपहर 3 बजकर 50 मिनट) SG 658 प्रयागराज से अहमदाबाद (डिपार्चर- दोपहर 4 बजकर 30 मिनट, अराइवल शाम 6 बजकर 45 मिनट) SG 661 बेंगलुरु से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 6 बजकर 25 मिनट, अराइवल सुबह 9 बजकर 15 मिनट) SG 662 प्रयागराज से दिल्ली (डिपार्चर- सुबह 9 बजकर 55 मिनट, अराइवल सुबह 11 बजकर 20 मिनट) SG 663 दिल्ली से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 11 बजकर 55 मिनट, अराइवल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट)

महाकुंभ में पावर सेंटर यानी नया कंट्रोल रूम भी बनकर तैयार, जहां शीर्ष अधिकारी बैठकर बनाएंगे रणनीति

प्रयागराज महाकुंभ में इस बार सुंदरता और सुरक्षा का अद्भुत संगम होने जा रहा है। देश विदेश के श्रद्धालु यहां नव्यता के साथ साथ भव्यता का भी आनंद लेने के लिए बस पहुंचने ही वाले हैं। इस पूरे मेले को संचालित करने वाला पावर सेंटर यानी नया कंट्रोल रूम भी बनकर तैयार हो गया है, जहां शीर्ष अधिकारी बैठकर रणनीति बनाएंगे। कंट्रोल रूम से ही मेले के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी। महाकुंभनगर में इस कंट्रोल रूम को बनाने में बॉलीवुड के प्रसिद्ध आर्ट डायरेक्टर और वास्तुकार पवन पांडे की मदद ली गई है। सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग सीएम योगी के निर्देश पर विश्व के इस सबसे बड़े मेले को सजाने संवारने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। महाकुंभनगर में बना यह कंट्रोल रूम मेले से पहले चल रही तैयारियों के साथ साथ मेले के दौरान सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करेगा। यहां कॉन्फ्रेंस हॉल में मेले को संचालित करने के लिए मीटिंग्स की जाएगी। मीडिया के स्पेशल ब्लॉक भी बनाए जा रहे हैं, जो संपूर्ण मेले की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाएंगे। महाकुंभ को भव्य बनाने की तैयारी महाकुंभनगर के अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार के महाकुंभ को लेकर बहुत उत्साहित हैं। उनकी मंशा है कि दुनिया के सामने महाकुंभ के माध्यम से ऐसा उदाहरण पेश किया जाए, जिससे लोग जानें कि आखिर उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश क्यों कहा जाता है। महाकुंभ की सुंदरता को संवारने के लिए देश के कोने-कोने से प्रसिद्ध कलाकारों की बड़ी महत्वपूर्ण टीमें यहां महाकुंभनगर की दीवारों में नवजीवन के रंग उकेरते देखी जा सकती हैं। अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि कंट्रोल रूम में श्रद्धालुओं को लेकर होने वाले जरूरी इंतजाम के लिए वीआईपी मीटिंग होंगी। साथ में कॉन्फ्रेंस हॉल और करोड़ों लोगों तक सही समय पर उचित जानकारी पहुंचाने के लिए मीडिया के  ब्लॉक भी बनाए जा रहे हैं। समयसीमा के अंदर बना कंट्रोल रूम इसी क्रम में मुंबई में कई फिल्मों और रियलिटी शो के अनुभवी आर्ट डायरेक्टर पवन पांडे ने महाकुंभ का पॉवर सेंटर समय सीमा से पहले तैयार कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप कंट्रोल रूम को अंतिम रूप दिया गया है। यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद मुफीद है। प्रयाग के प्रमुख मंदिरों और धर्मस्थलों की कलाकृतियों से इसे सजाया गया है। यहां एक साथ 100 से अधिक अफसरों की टीम काम करेगी। साथ ही महाकुंभ के दौरान हर गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी यहीं से की जाएगी। मेले के शीर्ष अधिकारी इसी कंट्रोल रूम से मेले के चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपडेट देंगे। सुरक्षा का विशेष इंतजाम कंट्रोल रूम में अफसरों के अलग-अलग प्रकार के केबिन बनाए जा रहे हैं। जिसमें सुरक्षा, प्रशासनिक कार्यों के साथ साथ चिकित्सा, पेयजल संबंधित सभी आवश्यक कार्यों की निगरानी की जाएगी। देश-विदेश से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न होने पाए, इसके लिए बाकायदा रणनीति बनाने का काम भी इसी कंट्रोल रूम से किया जाएगा। विभागीय समन्वय के लिए यहीं पर कॉन्फ्रेंस हॉल रहेंगे और जन सुविधाओं से संबंधित जानकारी के लिए मीडिया के ब्लॉक भी यहीं पर अलग से बनाए जा रहे हैं। सुविधा के लिहाज से इस सेंटर को एल शेप का आकर दिया जा रहा है। जिसमें अफसर से लेकर उनके स्टाफ तक के लिए हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

देश के चर्चित कलाकार महाकुंभ में कुंभ की गाथा सुनाएंगे

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने हेतु योगी सरकार अनेक तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना पर काम कर रही है। एक तरफ जहां बॉलीवुड के तमाम सितारे अपनी सुरीली आवाज में यहां श्रद्धालुओं को आध्यात्म और संस्कृति के रस से सराबोर करेंगे तो वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक संध्या में महाकुंभ से जुड़ी गाथाओं, रामलीला और महाभारत की लीलाओं का भी मंचन होगा। इन प्रस्तुतियों के लिए भी देश के दिग्गज और नामचीन सितारे महाकुंभ मेला क्षेत्र में पहुंचेंगे और श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा ‘हमारे राम’ पर अपनी प्रस्तुति देंगे तो अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी गंगा अवतरण का परिचय देंगी। महाभारत धारावाहिक के पुनीत इस्सर महाभारत की अपनी प्रस्तुति से लोगों को प्राचीन भारत में ले जाएंगे। यह सभी कार्यक्रम गंगा पंडाल में आयोजित किए जाएंगे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा इसका आयोजन किया जाएगा। अपनी अदाकारी से लोगों को रोमांचित करने वाले मशहूर बॉलीवुड स्टार आशुतोष राणा 25 जनवरी को गंगा पंडाल में हमारे राम की प्रस्तुति देंगे। नाट्य शो में वह रावण का किरदार निभाते हैं। वहीं 26 जनवरी को बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री और मथुरा सांसद हेमा मालिनी गंगा अवतरण नृत्य नाटिका पर प्रस्तुति देंगी। वहीं 8 फरवरी को भोजपुरी और बॉलीवुड सिनेमा गोरखपुर के सांसद रवि किशन शिव तांडव की प्रस्तुति देंगे, जबकि 21 फरवरी को पुनीत इस्सर महाभारत शो में दिखेंगे। सांस्कृतिक संध्या में कुंभ को लेकर विशेष आयोजन की तैयारी की गई है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी को कथक केंद्र संगीत नाटक अकादमी द्वारा कुंभ की थीम पर आधारित कथक नृत्य नाटिका से होगी। 23 जनवरी को लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी काकोरी महागाथा प्रस्तुत करेगी। वहीं, 1 फरवरी को कोरियोग्राफर मैत्रेय पहाड़ी द्वारा कुंभ का सफरनामा शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसी तरह 23 फरवरी को रिलायंस एंटरटेनमेंट एंड सोबो फिल्म कुम्भ गाथा प्रदर्शित करेगा। 10 जनवरी से प्रस्तावित इन कार्यक्रमों की श्रृंखला में सबसे पहले 11 जनवरी को ओडिशा का प्रिंस ग्रुप दशावतार नृत्य की अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को रोमांचित करेगा। 16 जनवरी को मथुरा का माधवा बैंड और आगरा का क्रेजी हॉपर्स, 17 जनवरी को रिकी केज, 19 जनवरी को कोलकाता की गोल्डेन गर्ल्स, 21 जनवरी को मणिपुर का बस्तर बैंड, 27 जनवरी को दिल्ली की श्रंखला डांस अकादमी, 7 फरवरी को इंडियन ओशन बैंड, 17 फरवरी को अग्नि बैंड, 19 फरवरी को मुंबई का माटी बानी बैंड, 20 फरवरी को सूफी बैंड थाई कुड़म ब्रिज और 22 फरवरी को मुंबई का कबीरा बैंड अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्र मुग्ध करेगा। गंगा पंडाल में भारत के साथ ही अन्य देशों की रामलीलाओं का भी मंचन किया जाएगा। 18 जनवरी और 14 फरवरी को आईसीसीआर के माध्यम से जहां अन्य देशों के लोकनृत्य के साथ रामलीलाओं का मंचन होगा तो वहीं, 15 और 16 फरवरी को श्रीराम भारती कला केंद्र के द्वारा रामलीला की प्रस्तुति होगी। 22 फरवरी को मध्य प्रदेश की शालिनी खरे कथक के जरिए रामायण की प्रस्तुति देंगी। 20 जनवरी को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के जाने माने कवि हिस्सा लेंगे। 21 जनवरी को राजेश प्रसन्ना द्वारा धरोहर दुर्लभ लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां होंगी। 24 जनवरी को विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। 18 फरवरी को प्रसिद्ध बांसुरी वादक राकेश चौरसिया बांसुरी वादन करेंगे।  

महाकुंभ: यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जनवरी माह में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए रोडवेज की बसों को भगवा रंग से रंगा जाना शुरू कर दिया गया है। इटावा रीजन की स्पेशल 410 बसें कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के लिए लगाई जायेंगी। इटावा रोडवेज परिक्षेत्र के प्रबंधक उमेश सीएस आर्य ने बताया कि इटावा रीजन में कुल 489 बसें हैं। जिसमें करीब 181 बसें पहले से ही भगवा रंग में रंगी हुई है। 50 अतिरिक्त नई बसें साधारण यात्रियों के लिए मुख्यालय से मांग की गई हैं। करीब 20 दिन चलने वाले महाकुंभ के लिए परिवहन निगम युद्ध स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का किया जा रहा रंग रोगन इटावा में परिवहन निगम जनवरी से होने वाले महाकुंभ के लिए कुंभ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया है। परिवहन विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का रंग रोगन किया जा रहा है। इटावा रीजन क्षेत्र में 181 बसे पहले से भगवा रंग में विभिन्न रूटों पर चलाई जा रहीं हैं। इसी के साथ 100 संविदा चालकों की भर्ती की जानी है। उन्होंने बताया कि इस महाकुंभ मेले में जिले से दूसरे चरण में 22 जनवरी से सात फरवरी तक 229 बसें सीधे प्रयागराज के लिए दौड़ेंगी। वर्तमान समय में सभी बसों पर कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं आपको बता दें कि इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं हैं। जिनका कायाकल्प दो चरण में किया जा रहा है। कायाकल्प के बाद सभी बसों का भगवा कलर में रंग-रोगन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा रीजन में 8 डिपो लगते हैं, इसमें इटावा समेत सैफई, मैनपुरी, बेबर, छिबरामऊ, फरुर्खाबाद, शिकोहाबाद फिरोजाबाद हैं। इन सभी डिपो से कुंभ मेले में आवश्यकता अनुसार बसें ली जाएगी। इससे अन्य रूटों पर बसों दिक्कत न हो। साथ ही कुंभ स्नान करने वाले इटावा जिले के साथ आसपास जिले के लोगों को सीधी प्रयागराज सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 100 अतिरिक्त संविदा चालकों की भी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए उनका साक्षात्कार करके उनको ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा जा रहा है।

प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे: योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में अगले साल जनवरी में शुरु होने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे। योगी ने कहा कि पहले कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व ऐसे लोगों को मिलता था, जिनके भीतर श्रद्धा तक नहीं थी। हम सबने कुंभ को गंदगी, भगदड़ व अव्यवस्था का पर्याय बना दिया था। कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व भी ऐसे लोगों को दिया जाता था, जिन लोगों में श्रद्धा, परंपरा, संस्कृति व विरासत के प्रति का सम्मान नहीं था, लेकिन हमने विरासत के प्रति सम्मान, श्रद्धा का भाव रखा। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्था को देखकर 2019 में यूनेस्को ने मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में कुंभ को मान्यता दी है।         13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभः योगी   सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान होगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का शाही स्नान होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी 3 फरवरी, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा व 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजन में से एक प्रयागराज कुंभ का आयोजन इस बार 45 दिन का होगा। योगी ने विकास, विरासत व महाकुंभ को लेकर हो रहे मीडिया समूह के इस कार्यक्रम को सकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उन्होंने महाकुंभ-2025 को लेकर सरकार की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। 2019 कुंभ में 23-24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार 45 दिन में 35-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वायु, रेल के साथ ही सड़क मार्ग के जरिए प्रयागराज फोर व सिक्स लेन से जुड़ सके। इसकी तैयारी भी युद्ध स्तर पर चल रही है। कुंभ के क्षेत्रफल में भी विस्तार किया गया है। महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगाः योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 कुंभ का क्षेत्रफल 3200 हेक्टेयर था, 2025 महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगा। इसे 25 सेक्टर में विभाजित किया है। इसके अलावा पाकिर्ंग की भी सुविधा होगी। सरकार इंतजाम कर रही है कि संगम तट तक पहुंचने के लिए डेढ़-दो किमी. से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। सरकार ने अलग-अलग रूट पर 1850 हेक्टेयर से अधिक में पाकिर्ंग स्थल चिन्हित किया है। यह स्थल संगम तट से दो से पांच किमी. के दायरे में होंगे। वहां से इलेक्ट्रॉनिक, परिवहन निगम के 7000 बस से कुंभ स्थल तक लाने की व्यवस्था होगी। 2019 कुंभ में 9 रोड फ्लाईओवर व 6 अंडरपास बनाए गए थे। इस बार 14 रोड ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। गत कुंभ में चार पक्के घाट थे, महाकुंभ में 9 पक्के स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। इन पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। 30 नवंबर तक इन कार्यों को संपन्न कर लिया जाएगा। रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो रहा है। इस बार 550 शटल बस लगाई जाएंगी। बस स्टैंड भी सात स्थान पर बनाए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण के द्दष्दिगत सिंगल लेन को डबल लेन, टू लेन की सड़क फोर, फोर लेन को सिक्स लेन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।     

महाकुंभ: मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी पर विशेष फोकस

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को सभी के लिए सुगम बनाने हेतु सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस महाआयोजन के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान है। इसको लेकर मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी की है। खासतौर पर पीक डेज (प्रमुख स्नान) के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण कहीं कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। आने-जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जबकि मोबिलिटी जारी रहे, इसकी भी व्यवस्था की गई है। रास्ता जाम न हो, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर जो योजना बनी है, उसके अनुसार, श्रद्धालुओं को पीक डेज में एक से 5 किमी. और सामान्य दिनों में एक किमी. से ज्यादा पैदल यात्रा नहीं करनी होगी। प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में सिर्फ प्रदेश और देश से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं का बड़ा जत्था प्रयागराज पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट को लेकर एक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान सर्वाधिक श्रृद्धालु सड़क मार्ग से प्रयागराज पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से सभी शहर के दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां वाहन खड़ा कर श्रद्धालु आगे का रास्ता तय करेंगे। मेला क्षेत्र में हमने आने और जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए हैं। आस्था की डुबकी लगाने वाले जिस रास्ते से जाएंगे, उस रास्ते से वापस नहीं लौटेंगे। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना होगा, ताकि कहीं भी श्रद्धालु आमने-सामने नहीं आ सकें। मंडलायुक्त ने बताया कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि श्रद्धालु कहीं एक साथ रुकें नहीं, वो चलते रहें। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर में भी श्रद्धालुओं की मोबिलिटी को बरकरार रखा जाए, ताकि स्नान और दर्शन आदि करने के बाद वो सीधे पार्किंग स्थल पहुंचें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। इसी तरह, रेलवे से भी रिक्वेस्ट की गई है कि वो समय पर और अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित करें, ताकि श्रद्धालु अपना समय गंवाए बिना यात्रा को बरकरार रख सकें। रेलवे की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉन्स भी मिला है और उन्होंने कई अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें संचालित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यदि श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करना चाहेंगे, तो उनके लिए कुछ होल्डिंग एरियाज भी चिह्नित किए गए हैं। महाकुंभ की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा। प्रमुख स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई करोड़ तक होगी। अनुमान है कि मौनी अमावस्या को सर्वाधिक 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम नगरी आ सकते हैं। इसकी भी तैयारी की गई है। विजय विश्वास पंत ने बताया कि मौनी अमावस्या सबसे डेंसिटी वाला दिन होने की संभावना है। इसमें भी सुबह 3 से दोपहर 12 बजे का समय बहुत क्रिटिकल होगा, जब श्रद्धालु संगम का रुख करेंगे। वहीं 12 बजे के बाद उनका लौटना शुरू हो जाएगा। हमारी कोशिश उन्हें सुगमता से संगम क्षेत्र तक पहुंचाने और फिर पार्किंग स्थल तक वापस आने की सुविधा प्रदान करने की है। संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद उन्हें तुरंत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने। उन्हें पार्किंग स्थल तक पहुंचाने के बाद गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा। हमारी विभिन्न ट्रैफिक स्कीम तैयार है, इससे न ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा और न ही मेला और शहर क्षेत्र में ट्रैफिक पैनिक की स्थिति होगी। मंडलायुक्त ने बताया कि इस महाकुंभ को स्वच्छ कुंभ बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। इनके रिप्लेसमेंट ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर इंदौर की बायो फ्रेंडली थैलियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर हम व्यापारियों से भी संवाद करने वाले हैं। साथ ही लोगों और अधिकारियों को प्लास्टिक की बजाय, विभिन्न प्रकार के झोलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर पूरा सरकारी अमला दिन रात काम में जुटा

प्रयागराज दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में पूरा सरकारी अमला दिन रात काम में जुटा हुआ है। अधिकारी दिन भर जहां कार्यालयों में महाकुंभ की तैयारियों से संबंधित अपने जरूरी काम निपटा रहे हैं तो वहीं देर रात तक विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा भी ले रहे हैं। यही नहीं, कहीं पर भी कोई अव्यवस्था होने पर तुरंत अधीनस्थ कर्मचारियों को व्यवस्था सही करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। गतिविधियों में आई इस तेजी से स्पष्ट है कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप मेला प्रशासन और जिला प्रशासन समस्त कार्यों को डेडलाइन से पहले ही पूर्ण कर महाकुंभ को श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव बनाने के प्रति तत्परता से कार्य कर रहा है। विकास कार्यों में दिखाई दे रही तेजी महाकुंभ 2025 की शुरुआत को अभी दो महीने से भी ज्यादा का समय बचा हुआ है। पूरे प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए तमाम तरह की व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज से लेकर सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य जारी है। थीमेटिक गेट्स से लेकर वॉल पेंटिंग की जा रही है। पार्कों का सौंदर्यीकरण चल रहा है। मंदिरों के जीर्णोद्धार से लेकर घाटों पर भी निर्माण कार्य समेत महाकुंभ क्षेत्र में तमाम विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। मेला प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी, नगर निगम, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, सेतु निगम समेत तमाम विभाग आपसी समन्वय के साथ इन परियोजनाओं को पूर्ण करने में लगे हुए हैं। विकास कार्यों की भौतिक प्रगति को देखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी देर रात निरीक्षण में जुट गए हैं। आधी रात को अधिकारियों के औचक निरीक्षण से काम की रफ्तार में भी तेजी आई है। स्थायी कार्यों पर है जोर बीते कुछ दिनों में पीडीए के वीसी और सचिव ने हाई कोर्ट रोड, छोटा बघाड़ा रोड, अरैल, कीडगंज, हटिया, नूरुल्लाह, झूंसी बस स्टैंड और लेटे हनुमान मंदिर में चल रहे विकास कार्यों का देर रात निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक सुधार निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का आधी रात निरीक्षण करने पहुंच गए और पानी से लेकर बिजली सप्लाई को लेकर विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया। देर रात अधिकारियों की सक्रियता से विभागीय कार्यों में तेजी देखने को मिल रही है। फोकस उन कार्यों पर है, जो विगत काफी दिनों से पेंडिंग चल रहे हैं। इसके साथ ही गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लंबे समय तक प्रयागवासी महाकुंभ के दौरान हुए विकास कार्यों का लाभ उठा सकें। ज्यादातर कार्य टेंपरेरी की बजाए पर्मानेंट बेसिस पर किए जा रहे हैं।  

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