LATEST NEWS

केरल कांग्रेस ने जी7 में पोप – मोदी की मुलाकात का मजाक उड़ाया

नई दिल्ली केरल कांग्रेस ने पोप फ्रांसिस और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर तंज कसा था। जब कांग्रेस को यह मजाक भारी पड़ गया तो उसने पोप से माफी मांगी है। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस के कमेंट पर आपत्ति जताई थी और फटकार लगाई थी। मामला यूं है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी। मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा था- आखिरकार पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल ही गया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था- मुझे विश्वास है कि मुझे भगवान ने भेजा है। इसे लेकर कांग्रेस ने यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने फिर एक पोस्ट में माफी मांगी है और कहा है कि किसी धर्म का तिरस्कार करना उसकी परंपरा नहीं है। लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभालने के बाद पीएम मोदी ने पहली विदेश यात्रा के लिए इटली का दौरा किया था। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी इटली पीएम मेलोनी के आमंत्रण पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने दुनियाभर के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी की पोप फ्रांसिस संग भी मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केरल कांग्रेस ने तंज कसा था। केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोप फ्रांसिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “आखिरकार पोप की भगवान से मुलाकात हो गई।” कांग्रेस की इस पोस्ट पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी को फटकार लगाई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने और उनकी आस्था का उपहास करने के बाद कांग्रेस में इस्लामवादी-मार्क्सवादी गठजोड़ अब ईसाइयों का अपमान करने पर उतर आया है। यह तब है, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी खुद कैथोलिक हैं। उसे माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को फटकार लगाने वालों में सिर्फ मालवीय ही नहीं, के सुंदरन, हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अनिल एंटनी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन जैसे नेता भी थे। कुरियन ने कहा कि ययह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। चौतरफा घिरने और आलोचना झेलने के बाद केरल कांग्रेस की तरफ से माफीनामा भी आया। कांग्रेस ने मांगी माफी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने अगले पोस्ट में लिखा, “इस देश की पूरी जनता जानती है कि किसी भी धर्म, धार्मिक पुजारियों और मूर्तियों का अपमान और तिरस्कार करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कांग्रेस एक ऐसा आंदोलन है जो सभी धर्मों और आस्थाओं को एकजुट करता है और मैत्रीपूर्ण माहौल में लोगों को आगे बढ़ाता है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनिया भर के ईसाइयों के भगवान के समान मानते हैं। हालांकि, कांग्रेस को नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाने में कोई गुरेज नहीं है, जो यह कहते हैं कि वह भगवान हैं। देशवासी नरेंद्र मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल को पोप के अपमान के रूप में चित्रित करने की कोशिश करने वालों को समझेंगे। यदि मोदी और उनके साथियों को ईसाई समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है तो मणिपुर में जलाए गए चर्च पर वे चुप क्यों रहे? पहले उन्हें ईसाई समुदाय से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि इस पोस्ट से ईसाइयों को कोई दुख हुआ हो तो हम क्षमा मांगते हैं।”  

PM Modi 18 जून को आएंगे वाराणसी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

The Forest Department organized a program titled One Tree in the Name of Mother.

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के पीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली अपने 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  जाएंगे. उनके वाराणसी दौरा का शेड्यूल भी जारी हो गया है. पीएम 18 जून को शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में  भी शामिल होंगे. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 18 जून को उत्तर प्रदेश और 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे. लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आने वाले हैं. शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वाराणसी में ही रुकेंगे पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम शाम सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और शाम सात बजे दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे. और रात में वाराणसी में ही रुकेंगे. cm ने किया कार्यक्रम स्थल का दौरा वहीं, पीएम के दौरे से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. वाराणसी के दौरे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आगले दिन 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे, जहां पीएम सुबह दस बजे नालंदा यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे. G-7 समिट में बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘इस समिट में निमंत्रण के लिए मैं प्रधानमंत्री मेलोनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मैं चांसलर शोल्ज़ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. G-7 समिट का ये आयोजन विशेष भी है और ऐतिहासिक भी है. G-7 के सभी साथियों को इस समूह की पचासवीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह आप में से कई मित्र, यूरोपियन पार्लियामेंट के चुनावों में व्यस्त थे. कुछ मित्र आने वाले समय में चुनावों की सरगर्मी से गुजरेंगे.भारत में भी पीछे कुछ महीने चुनाव का समय था. भारत के चुनाव की विशेषता और विशालता कुछ आकड़ों से समझी जा सकती है.   2600 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, 1 मिलियन से ज्यादा पोलिंग बूथ, 5 मिलियन से ज्यादा ईवीएम, 15 मिलियन पोलिंग स्टाफ और लगभग 970 मिलियन वोटर्स, जिनमें से 640 मिलियन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.’  

PM मोदी ने जी7 सम्मेलन में राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री ट्रूडो से अलग-अलग बातचीत की

Press Conference: BJP is anti-village and anti-farmer, took loan and indulged in corruption: Jeetu Patwari

अपुलिया जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे से भारत के लिए रवाना हो गए हैं. जी7 शिखर सम्मेलन के इतर इटली में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और कनाडा के समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से हुई उनकी मुलाकात काफी चर्चा में रही. बाइडेन के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बाइडेन से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है. भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “जी7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की.” मुलाकात के दौरान मोदी और ट्रूडो दोनों एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन करते देखे गए. हालांकि तुरंत यह पता नहीं चल पाया है कि मोदी और ट्रूडो के बीच क्या बातचीत हुई. विदेश सचिव का बयान विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बुधवार को कहा था कि कनाडा के साथ भारत का मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा चरमपंथ और हिंसा की वकालत करने वाले भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक पनाह प्रदान करना रहा है. उन्होंने कहा कि भारत लगातार कनाडा को अपनी “गहरी चिंताओं” से अवगत कराते रहा है. और नई दिल्ली को उम्मीद है कि ट्रूडो सरकार उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी. दोनों देशों के रिश्तों में इस वजह से आई खटास पिछले साल सितंबर में ट्रूडो द्वारा ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे. नई दिल्ली ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया था. भारत कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा कनाडा की धरती से संचालित खालिस्तान समर्थक तत्वों को बेखौफ जगह दे रहा है.  भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए निज्जर की पिछले साल 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) द्वारा की जा रही है. ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए आरोपों के कुछ दिनों बाद, भारत ने कनाडा से देश में अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने के लिए कहा ताकि समानता सुनिश्चित की जा सके. इसके बाद कनाडा ने भारत से 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था. जेलेंस्की से भी मिले पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि शांति का रास्ता “बातचीत और कूटनीति” से होकर जाता है. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने और पीएम मोदी ने शांति शिखर सम्मेलन और इसके एजेंडे के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने इसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. जापान और फ्रांसीसी पीएम से भी मिले मोदी पीएम मोदी ने भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ भी चर्चा की. इसके अलावा पीएम मोदी ने इटली के अपुलिया में जी -7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापानी पीएम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत में लक्षित पांच ट्रिलियन येन के निवेश के साथ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर चर्चा की. पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘अपुलिया में जी7 शिखर सम्मेलन में बहुत ही उपयोगी दिन रहा. वैश्विक नेताओं से बातचीत की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जिससे वैश्विक समुदाय को लाभ हो और भावी पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो. मैं इटली के लोगों और सरकार को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं.’

आतंकी हमलों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डल झील किनारे योग दिवस मनाएंगे PM मोदी

River blocked the way, Kudmur river in spate due to heavy rains

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बीते करीब एक सप्ताह से आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ गई। वैष्णो देवी के पास तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला हुआ तो उसके बाद तीन और अटैक हुए थे। इन आतंकी हमलों के बाद हालात की समीक्षा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग भी की थी। इस बीच खबर है कि 21 जून यानी योग दिवस के मौके पर वह श्रीनगर में डल झील के किनारे आयोजन में शामिल होंगे। पीएम के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद नरेंद्र मोदी का यह पहला कश्मीर दौरा होगा। अब तक पीएम मोदी की विजिट की आधिकारिक सूचना नहीं है। 20 जून को श्रीनगर पहुंचेंगे पीएम एक अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री 20 जून को श्रीनगर आने वाले हैं ताकि 21 जून की सुबह योग दिवस कार्यक्रम में भाग ले सकें। इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतिभागियों के रहने की उम्मीद है। योग दिवस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज किया जाएगा और एसपीजी की एक टीम इस हफ्ते के आखिर में श्रीनगर पहुंचेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाए। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम के लिए एथलीटों और खिलाड़ियों को लाएं। सूत्रों का कहना है कि डल झील के किनारे आयोजन की तैयारियां होने लगी हैं। अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आयोजन के इंतजाम तक में जुटे हुए हैं। डल झील के पास ही बने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पीएम मोदी आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। एक अधिकारी ने बताया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी 20 जून की शाम को ही श्रीनगर पहुंच जाएंगे। इसके बाद वह 21 तारीख को सुबह योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। हमें उम्मीद है कि इसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। पीएम मोदी की मौजूदगी के चलते यह हाईप्रोफाइल इवेंट है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।’ इसी सप्ताह एसपीजी की टीम श्रीनगर पहुंचेगी और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था चेक की जाएगी। एलजी मनोज सिन्हा ने प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था चौक-चौबंद रखने का आदेश दिया है। इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ बड़े खिलाड़ी और एथलीट भी शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन के लिहाज से भाजपा भी तैयारियों में जुटी है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि पीएम मोदी कश्मीर में योग दिवस में शामिल होंगे। बता दें कि इस साल मार्च में भी पीएम मोदी श्रीनगर गए थे, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक रैली को संबोधित किया था। क्यों अहम है योग दिवस पर पीएम मोदी का कश्मीर जाना पीएम नरेंद्र मोदी के श्रीनगर में योग दिवस मनाने के प्लान को एक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। वह कश्मीर में आयोजन का हिस्सा बनकर यह संदेश देंगे कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आतंकवादी हमलों का कोई खास असर नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों में कश्मीर की बजाय जम्मू से लगते इलाकों को आतंकियों ने निशाना बनाया है। इस ट्रेंड पर संसदीय कार्य़ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि यह आतंकवादियों की बौखलाहट है क्योंकि कश्मीर में वह कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। क्यों अहम है PM मोदी का कश्मीर दौरा? 21 जून को योग दिवस पर प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के जरिए मोदी जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक संदेश देना चाह रहे हैं कि घाटी मोदी राज में सुरक्षित है। पीएम कार्यक्रम में हिस्सा लेकर ये संदेश देंगे कि कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौंबद है। वहीं आतंकियों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि भारत आतंकी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। मोदी का ये दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पिछले कुछ दिनों में जम्मू के इलाकों में कई आतंकी हमले हुए। यहां गौर करने वाली बात ये है कि आतंकी अब जम्मू के इलाकों में एक्टिव दिख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि आतंकियों की बौखलाहट है क्योंकि वे कश्मीर में कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर राज्य में कई पर्यटक स्थल हैं। लेकिन आतंकी गतिविधियों के चलते जम्मू-कश्मीर का पर्यटन प्रभावित होता रहा है। अब मोदी सरकार फिर से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति बना रही है। डल झील के पास बड़े स्तर पर योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पिछले साल बॉटनिकल गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें एलजी मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बार खुद पीएम मोदी यहां पहुंचेंगे। जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने भी शुरू की तैयारियां कश्मीर में बीजेपी इकाई ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के मुहम्मद आरिफ ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक विशेष अवसर और सम्मान की बात है कि हम कश्मीर में पीएम मोदी की मेजबानी कर रहे हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।’ मोदी की आखिरी यात्रा इस साल मार्च में श्रीनगर हुई थी, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी भी थे।  

इटली में PM मोदी का पहुंचते ही जोरदार स्वागत, G-7 समिट में करेंगे शिरकत

रोम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपुलिया में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में भाग लेने इटली पहुंच गए हैं. अपुलिया के ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर इटली में भारत के राजदूत वाणी राव और अन्य अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंचा. विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और उज्जवल भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है.” प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर आज जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे. इस दौरान पीएम कई विश्व नेताओं से मुलाकात भी करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान अमेरिका खालिस्तानी  गुरपतवंत सिंह पन्नू  का मुद्दा उठा सकता है. जी7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं. इटली जी-7 (सात देशों के समूह) शिखर सम्मेलन की वर्तमान में अध्यक्षता और मेजबानी कर रहा है. भारत के अलावा इटली ने अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों के नेताओं को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि, यूरोपीय संघ जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन यह वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेता है.  मोदी ने कहा कि मैं 2021 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी इटली यात्रा को गर्मजोशी से याद करता हूं. पिछले साल प्रधानमंत्री मेलोनी की भारत की दो यात्राएं हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में गति और गहराई लाने में सहायक रहीं. हम भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिन्द-प्रशांत एवं भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने कहा, ”आउटरीच सत्र’ में चर्चा के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, अफ्रीका एवं भूमध्यसागर पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा. यह भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन तथा आगामी जी7 शिखर सम्मेलन के परिणामों के बीच व्यापक तालमेल लाने और उन मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर होगा, जो ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए महत्वपूर्ण हैं. मैं इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं.”

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी वर्मोन्ट/वाशिंगटन  वर्मोंन्ट में 53 वर्ष पहले पांच लोगों को ले जा रहा एक निजी विमान लापता हो गया था, जिसका मलबा चैम्पलेन झील से बरामद किया गया है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। यह वाणिज्यिक विमान 27 जनवरी 1971 को बर्लिंगटन हवाई अड्डे से रोड आइलैंड के प्रोविडेंस के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। विमान में जॉर्जिया विकास कंपनी कजन प्रॉपर्टीज के तीन कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। कंपनी के कर्मचारी बर्लिंगटन में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे। शुरुआत में जब खोज की गयी तो 10 सीट वाले इस विमान का मलबा नहीं मिला और विमान के लापता होने के बाद चार दिनों तक झील जमी रही। विमान का पता लगाने के लिए कम से कम 17 बार खोज अभियान चलाया गया। खोजकर्ता गैरी कोजाक और एक टीम ने पिछले महीने पानी के भीतर एक रिमोट से संचालित वाहन का उपयोग कर झील में उसी जगह विमान का मलबा पाया, जहां रेडियो कंट्रोल टॉवर ने विमान के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार ट्रैक किया था। जूनिपर द्वीप के निकट 200 फुट (60 मीटर) पानी में मिले विमान के मलबे की सोनार तस्वीरें ली गईं। कोजाक ने सोमवार को कहा, ”इन सभी सबूतों के साथ, हम 99 फीसदी पूरी तरह से आश्वस्त हो चुके हैं।” उन्होंने कहा कि विमान का मलबा मिलने से पीड़ित लोगों के परिवारों को थोड़ी राहत और उनके कई सवालों के जवाब मिलेंगे। पायलट जॉर्ज निकिता की संबंधी बारबरा निकिता ने मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”विमान का मलबा मिलना एक सुखद अहसास है लेकिन यह उतना ही दिल को झकझोर कर रख देने वाला अहसास भी है| हम जानते हैं कि क्या हुआ था। हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं।”     अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा  रूस के शक्तिशाली हमलों से जूझ रहे उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र में जवाबी हमलों के लिए हवाई सुरक्षा संबंधी मदद मांग रहे यूक्रेन को अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली देगा। दो अमेरिकी अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली यह दूसरी पैट्रियट प्रणाली होगी। इस निर्णय की हालांकि सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। इस निर्णय के बारे में सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने के अंत में अमेरिका से पैट्रियट प्रणाली मांगी थी। मिसाइल प्रणाली भेजने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों के रक्षा विभाग से जुड़े नेता यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपनी मासिक बैठक की तैयारी में जुटे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में बैठक की मेजबानी करेंगे।   यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी  नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देते हुए अमेरिका के एक प्रमुख भारत-केंद्रित व्यापार समूह ने मंगलवार को कहा कि मंत्रियों को सौंपे गये नये विभागों से ऐसा प्रतीत होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही जारी रहने वाला है। मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अगुवाई करते हुए रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने और राजग सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों के भीतर शपथ ग्रहण से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्द ही काम शुरू करने वाली है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार होने के बावजूद, जिस तरह से विभागों का बंटवारा किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही दजारी रहने वाला है। उन्होंने कहा, ”इससे न केवल निवेशकों का डर कम होगा बल्कि उनमें निवेश की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।”    

अगले महीने कजाकिस्तान में पीएम मोदी और शहबाज शरीफ होंगे आमने-सामने

नई दिल्ली  दिसम्बर 2015की उस घटना को लगभग एक दशक होने वाले हैं जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान अचानक लाहौर में उतरा था। उस समय मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा ने तब विश्लेषकों को हैरान कर दिया था। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों की सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था लेकिन 2015 से 2024 का एक बड़ा वक्त गुजरा और दोनों देशों के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए। 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद खत्म होने के बाद से तो यह बिल्कुल बंद ही हैं। अब नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान की तरफ से रिश्तों को फिर से शुरू करने की कोशिश हुई है। सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को बधाई दी, लेकिन सबका ध्यान खींचा उनके बड़े भाई और पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के एक्स पर लिखे संदेश ने, जिसमें उन्होंने भारत के साथ दोस्ती का साफ संदेश भेजा। नवाज शरीफ ने लिखा, ‘मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मैं गर्मजोशी से बधाई पेश करता हूं। हाल के चुनावों में आपके जीत आपके नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाती है।’ नवाज ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ नवाज शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम क्षेत्र में नफरत को उम्मीद से बदलकर यहां बसने वाले दो अरब लोगों के भविष्य को संवारें।’ इसके जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, ‘आपके बधाई संदेश के लिए शुक्रिया। भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। अपने लोगों का कल्याण और सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पाकिस्तान ने हाल के दिनों में भारत के संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसी साल मार्च में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली का संकेत दिया था। डार ने कहा था कि पाकिस्तान इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है। दोनों नेताओं के बीच संदेशों के मायने पीएम मोदी और नवाज शरीफ के एक दूसरे को भेजे संदेशों ने एक नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान से आए प्रेम के संदेश को इसलिए भी खास समझा जाना चाहिए कि शहबाज शरीफ भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं लेकिन पीएमएल-एन के सबसे बड़े नेता आज भी नवाज शरीफ ही हैं। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इसे प्रेम का संदेश नहीं मानते। आसिफ ने जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा कि ‘नरेंद्र मोदी को बधाई देना एक औपचारिक संदेश था और कूटनीतिक स्तर पर ऐसा किया जाता है। शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने भी हमें मुबारकबाद दी थी।’ आसिफ ने कहा कि ‘हमने कौन सा उन्हें मोहब्बतनामा लिख दिया?’ भारत-पाकिस्तान में बन सकती है बात हालांकि, कुछ लोग इसके उलट मानते हैं। पत्रकार सुधींद्र कुलकर्णी ने बीबीसी से बात में नवाज शरीफ और पीएम मोदी के बीच संदेशों की अदला-बदली को एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। कुलकर्णी ने कहा कि नवाज शरीफ ने मोदी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। इसके साथ ही वे दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों की भी याद दिलाते हैं। मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को न्योता भेजा था, जिसमें बतौर पाकिस्तान पीएम वह शामिल भी हुए थे। पाकिस्तान में भी दोनों नेताओं की बातचीत को लेकर तमाम लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने में समय लग सकता है। कजाकिस्तान में दोनों पीएम होंगे आमने-सामने भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोगों का मानना है कि पड़ोसी देशों के बीच सबसे बड़ी रुकावट कश्मीर की समस्या है। हालांकि, यह भी कहना है कि सीधे संबंध शुरू करने से पहले दोनों देशों में उच्चायुक्तों की तैनाती और अफगानिस्तान ट्रांजिट खोलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही अभी यह नहीं पता है कि पाकिस्तान की सेना इस बारे में क्या सोचती है, क्योंकि पीएम शहबाज ने बधाई संदेश को बहुत ठंडा रखा था। भाई नवाज के उलट शहबाज शरीफ की छवि पाकिस्तानी सेना से संबंध बनाकर रखने वाली है। फिलहाल विश्लेषकों की नजर जुलाई में कजाकिस्तान में होने वाली शंघाई ओऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक हैं, जहां मोदी और शहबाज शरीफ आमने-सामने होने वाले हैं। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि यह पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल है और वह इतिहास में ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाना चाहेंगे जिसने पाकिस्तान से समस्या को लेकर खास प्रयास किया था। ऐसे में मोदी इस दिशा में कुछ ठोस करने की कोशिश जरूर करेंगे।

देश में आजादी के बाद पहली बार, मुस्लिम मंत्री के बिना भारत सरकार; पर 5 अल्पसंख्यक मंत्रियों को प्रभार

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद के तौर पर लगातार तीसरी बार शपथ लेकर एक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इसके साथ ही देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू की बराबरी कर ली है। यही नहीं उनकी इस तीसरी सरकार में एक और तथ्य की खूब चर्चा हो रही है। वह यह कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। आमतौर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी मुस्लिम नेता को ही मिलती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी इस बार किरेन रिजिजू को मिली है, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। यह भी एक तरह का रिकॉर्ड ही है कि देश में पहली बार किसी बौद्ध नेता को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। यही नहीं उनके साथ एक राज्यमंत्री के तौर पर केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन जिम्मेदारी संभालेंगे। वह खुद ईसाई धर्म से ताल्लुक रखते हैं। जॉर्ज कुरियन तो किसी सदन के सदस्य भी नहीं हैं। पहले भाजपा की सरकारों में भी किसी मुस्लिम नेता को ही अल्पसंख्यक मंत्रालय मिलता था, लेकिन यह सिलसिला 2022 में तब खत्म हुआ, जब मुख्तार अब्बास नकवी से इस्तीफा ले लिया गया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा। उसके बाद यह विभाग स्मृति इरानी को दे दिया गया था। स्मृति इरानी मूल रूप से हिंदू हैं, लेकिन उनकी शादी पारसी से हुई है। वहीं उनके साथ काम करने वाले राज्य मंत्री जॉन बार्ला ईसाई समुदाय के थे। यही नहीं इन दिनों राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य भी इकबाल सिंह लालपुरिया हैं, जो एक सिख हैं। उनकी नियुक्ति के साथ भारत सरकार ने इस परंपरा को भी तोड़ा था, जिसके तहत किसी मुसलमान को ही अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी दी जाती थी। बता दें कि एनडीए के ज्यादातर दलों से कोई मुस्लिम नेता चुनकर सदन में नहीं पहुंचा है। इस बार पूरे देश से कुल 28 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं। कुल 5 अल्पसंख्यक नेता बने हैं मोदी सरकार में मंत्री हालांकि एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि मोदी मंत्री परिषद में कुल 5 नेता अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। इन नेताओं में हरदीप सिंह पुरी और रवनीत सिंह बिट्टू हैं, जो सिख समुदाय से आते हैं। इसके अलावा रामदास आठवले और किरेन रिजिजू बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। वहीं केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन ईसाई समुदाय के हैं। बता दें कि इन मंत्रियों में से रवनीत सिंह बिट्टू किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वह लोकसभी चुनाव में हार गए थे। वहीं जॉर्ज कुरियन ने चुनाव ही नहीं लड़ा था। माना जा रहा है कि पार्टी अब उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजेगी। वह केरल में भाजपा के महासचिव भी हैं।

प्रधानमंत्री बनने के बाद 18 जून को काशी आएंगे पीएम मोदी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

 वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी आएंगे। इस दिन वो किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि केंद्र में तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। काशी क्षेत्र के भाजपा मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने कहा कि अभी तय नहीं है कि ये कार्यक्रम वाराणसी में कहां आयोजित होगा। किसान सम्मेलन के लिए भाजपा जगह की तलाश कर रही है। कार्यक्रम रोहनिया या सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों पर चर्चा के लिए गुलाब बाग स्थित पार्टी कार्यालय में वाराणसी भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। पटेल ने कहा कि किसान सम्मेलन को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी बाबा काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही किसान सम्मान निधि की राशि जारी की है। राष्ट्रपति भवन में रविवार शाम पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने वाले पीएम मोदी ने सोमवार सुबह करीब 9.3 करोड़ पात्र किसानों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की राशि जारी करने से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर किये। किसान सम्मान निधि के तहत हर किसान को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपये की किस्त दी जाती है। केंद्र सरकार ने योजना की 16वीं किस्त चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले 28 फरवरी को जारी की थी।

भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहले, पाकिस्तान को भारत की शर्त पर ही मिलेगा दोस्ती का हाथ

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने पीएम मोदी को तीसरी बार शपथ लेने पर बधाई तो भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी नेता को साफ कर दिया कि भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहले है। वैसे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पीएम मोदी को बधाई संदेश भेजा था, लेकिन उनके बड़े भाई नवाज शरीफ के संदेश में गर्माहट ज्यादा थी। पीएमएल-एन मुखिया नवाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, ‘तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मोदी जी को मेरी हार्दिक बधाई। हाल के चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दिखाती है।’ इसके साथ ही उन्होंने भारत से दोस्ती की पहल भी की। शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम नफरत की जगह उम्मीद को लाएं और इस अवसर का लाभ उठाते हुए दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों का भविष्य संवारें।’ पीएम मोदी ने नवाज शरीफ के संदेश की तारीफ की तो भारत का रुख भी साफ कर दिया। पीएम मोदी ने लिखा, ‘भारत के लोग हमेशा शांति और सुरक्षा तथा प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पीएम मोदी ने दिया साफ संदेश पीएम मोदी का संदेश साफ बताता है कि मोदी 3.0 में भी भारत का रुख यही रहने वाला है कि पाकिस्तान को अगर भारत से दोस्ती करनी है तो उसे पहले आतंकवाद और आतंकवादियों को पालना बंद करना होगा। भारत ने पहले भी कहा है कि पाकिस्तान से बात तब ही हो सकती है जब यह भरोसा दिलाए कि वह भारत के खिलाफ अपने जहरीले मंसूबों को रोकना चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि मोदी ने अपने संदेश ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा पार से आतंकवाद को समाप्त करने की शर्त को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है। नवाज शरीफ ने मानी थी पाकिस्तान की गलती नवाज शरीफ भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के पक्षधर रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के साथ दोस्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। नवाज शरीफ के दूसरे कार्यकाल के दौरान ही भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, जहां दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों को बातचीत से हल करने पर सहमति जताई थी लेकिन इसके कुछ महीनों बाद ही पाकिस्तान ने धोखा देते हुए कारगिल में घुसपैठ की जिसने पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया।

सिंगापुर के पीएम ने दी बधाई ‘PM मोदी उल्लेखनीय परिवर्तनों के नेतृत्वकर्ता हैं’

संयुक्त राष्ट्र,  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी और वह उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “भारत की जनता और सरकार को इस बड़े पैमाने पर चुनाव आयोजित करने के लिए बधाई, जो दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया है। देश भर में लगभग 1.1 करोड़ मतदान कर्मचारियों द्वारा संचालित लगभग 10 लाख पोलिंग स्टेशनों पर करीब 64.2 करोड़ नागरिकों ने वोट डाला था। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में उल्लेखनीय परिवर्तनों का नेतृत्वकर्ता बनाया है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक पत्र में पीएम वॉन्ग लिखते हैं, मुझे पूरा भरोसा है कि पीएम मोदी आपके नेतृत्व में भारत तेजी से समृद्ध और विकसित होगा। उन्होंने भारत-सिंगापुर के बहुआयामी एवं मधुर संबंधों का जिक्र करते हुए लिखा, अगले वर्ष हमारे राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ है। हम इस मौके पर साझेदारी को बढ़ाने डिजिटलीकरण, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देंगे। वॉन्ग पिछले महीने ही सिंगापुर के प्रधानमंत्री बने हैं। उन्हें ली सीन लूंग से सत्ता मिली है, जिन्हें नरेंद्र मोदी के करीबी मित्रों में एक माना जाता है। और मजबूत होगी भारत-द. अफ्रीका के बीच साझेदारी : रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई। मोदी भारत के लोगों के प्रति उनके समर्पण के लिए भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने भारत की जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भी बधाई दी। साथ ही कहा, भारत-दक्षिण अफ्रीका एक रणनीतिक साझेदार हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस साझेदारी के और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत से हुए समझौतों की समीक्षा कर रही मालदीव की संसद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु जब भारत में पीएम मोदी के शपथ समारोह में शामिल हो रहे थे, उसी दौरान मालदीव की संसद ने 2018 से 2023 के बीच दोनों देशों में हुए चार समझौतों की जांच शुरू कर दी। इनमें 2018-2023 के बीच हाइड्रोग्राफी संधि, उत्तरी थिलाफाल्हू में सैन्य डॉकयार्ड संधि, डोर्नियर विमान व हेलिकॉप्टर संधि की जांच शुरू की है।   सियासी, आर्थिक स्थिरता का संदेश है मोदी-3.0 कार्यकाल : यूएसआईबीसी भारत-अमेरिकी व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल भू-रणनीतिक अनिश्चितता के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का एक मजबूत संदेश दे रहा है। परिषद के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा, मोदी का यह कार्यकाल इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व स्तर पर कट्टरपंथ के बीच भारतीय वोटरों ने विकास का समर्थन किया है। यह समर्थन भारत को समृद्धि और तकनीकी नवाचार के आधार के साथ अमेरिका का अहम भागीदार भी बना रहा है।

Modi 3.0: मोदी सरकार 3.0 का गठन हो चुका, कुछ हारे हुए नेताओं को भी दिया गया मंत्री पद

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन गए हैं। रविवार को उन्होंने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी के साथ ही 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री हैं। ज्यादातर पुराने चेहरों को ही नई सरकार में जगह मिली। लेकिन मोदी सरकार 3.0 में एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में मौका मिला है। वहीं नए मंत्रिमंडल में लगभग हर राज्य का प्रतिनिधित्व है। केरल से दो मंत्रियों को बनाया गया है, पंजाब से भी मंत्री बनाए गए हैं। ये बताता है कि सरकार का केरल और पंजाब पर फोकस है, और हो भी क्यों न पहली बार केरल में कमल खिला है। वहीं पंजाब में बीजेपी का वोट शेयर 9 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। सबका साथ: मोदी मंत्रिमंडल में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल मोदी सरकार 3.0 में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल रखा गया। प्रधानमंत्री के बाद सबसे पहले राजनाथ सिंह ने फिर अमित शाह, फिर नितिन गडकरी और फिर जेपी नड्डा ने शपथ ली। नड्डा के बाद शिवराज सिंह चौहान, फिर निर्मला सीतारमण, फिर एस जयशंकर और उनके बाद मनोहर लाल खट्टर ने शपथ ली। सहयोगी दलों में से सबसे पहले जेडीएस के एचडी कुमार स्वामी ने शपथ ली। एनडीए सरकार में जिन 71 मंत्रियों ने शपथ ली उनमें 27 ओबीसी, 10 एससी, 5 एसटी और 5 माइनॉरिटी से हैं। हालांकि कोई भी मुस्लिम मंत्री नहीं बना है। मोदी सरकार 3.0 में महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा। कैबिनेट मंत्री के तौर पर 2 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसमें झारखंड से सांसद अन्नपूर्णा देवी और राज्यसभा सांसद निर्मला सीतारण शामिल हैं। वहीं राज्य मंत्री में 4 महिलाएं हैं। इसमें अपना दल की अनुप्रिया पटेल, बीजेपी की शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे और सावित्री ठाकुर, नीमूबेन बंभानिया शामिल हैं। गठबंधन के बोझ तले नहीं है मोदी 3.0 मोदी सरकार 3.0 के मंत्रिमंडल ने ये संदेश दिया है कि सरकार पर गठबंधन की कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं है। मोदी के 71 मंत्रियों में से 60 से ज्यादा बीजेपी के ही हैं। इसके अलावा सरकार के टॉप-4 मंत्रिमंडल भी बीजेपी को ही मिलने के आसार हैं। एनसीपी को सरकार की ओर से एक मंत्री पद की पेशकश की गई, लेकिन एनसीपी के भीतर भी खींचतान के चलते इसका फैसला नहीं हो पाया। बीजेपी ने भी इस पर बहुत फोकस नहीं किया। यही हाल जेडीयू और टीडीपी का दिखा। भले ही खबरों में आया कि गठबंधन को बड़े मंत्री पद देने होंगे, लेकिन ऐसा नहीं दिखा।   इधर कांग्रेस ने भी तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि ‘अबकी बार बैसाखी सरकार’। लेकिन मोदी 3.0 ने साफ कर दिया कि नई सरकार में उनका पुराना अंदाज कायम रहेगा।   तीसरे टर्म में आजमाए नामों पर भरोसा मोदी सरकार 3.0 में कई आजमाए नामों पर ही भरोसा रखा गया है। पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि अपने तीसरे टर्म में नरेंद्र मोदी पूरी तरह नई टीम बना सकते हैं। सरकार के स्तर पर नई टीम दे सकते हैं। मगर, 71 मंत्रियों के शपथ में राजनीतिक मजबूरी दिखी। 10 वर्षों के शासन में मात्र 14 ऐसे मंत्री रहे जो पीएम मोदी के तीनों कार्यकाल में मंत्री बने रहे। जो नाम तीनों टर्म में कॉमन रहे वे हैं- राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, जितेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह, मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू, सर्वानंद सोनेवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, अनुप्रिया पटेल, हरदीप पुरी और धर्मेंद्र प्रधान। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि BJP के अंदर क्या मंत्रियों को उनके पुराने मंत्रालय ही रिपीट होंगे।   चुनाव में हार के बाद भी बनाया मंत्री नई सरकार में पीएम मोदी ने कुछ ऐसे मंत्रियों को भी शामिल किया है, जो लोकसभा चुनाव हार गए थे। सबसे हैरतअंगेज रहे नामों में पंजाब के लुधियाना से ‌BJP उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू और तमिलनाडु के नीलगिरी के उम्मीदवार एल. मुरुगन माने जा रहे हैं। पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा था। वहीं मोदी सरकार में राज्यमंत्री रहे एल. मुरुगन DMK के ए. राजा से हारे थे। मोदी ने इन दोनों को मंत्रिमंडल में जगह देकर पंजाब और साउथ के राज्यों को संदेश दिया है। माना जा रहा है कि BJP ने भावी राजनीति को ध्यान में रखते हुए हारने के बावजूद पंजाब में एक जट सिख चेहरे पर दांव लगाया है, ये कदम बीजेपी को पंजाब में फायदा दिला सकता है।   कौन-कौन ड्रॉप हुए? अब तक केंद्रीय मंत्री रहे अनुराग ठाकुर, स्मृति इरानी, अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे, नारायण राणे, पुरुषोत्तम रूपाला, आरके सिंह को इस बार जगह नहीं मिला। अनुराग ठाकुर हिमाचल से, नारायण राणे महाराष्ट्र से और पुरुषोत्तम रूपाला गुजरात से चुनाव जीते हैं। चुनाव के दौरान रुपाला के एक बयान को लेकर खासा विवाद हुआ था और राजपूत संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। स्मृति इरानी ने जहां 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को अमेठी से हराया था, वहीं इस बार वह अमेठी से चुनाव हार गई हैं। अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे और आरके सिंह भी चुनाव नहीं जीत पाए। पिछली सरकार में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को भी सरकार में जगह नहीं मिली। उन्होंने केरल से कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन करीबी मुकाबले में हार गए। मंत्रिमंडल की औसत उम्र 59 साल मोदी सरकार 3.0 की औसत उम्र 59 साल है। पिछली बार यह औसत उम्र 61 साल थी, हालांकि 2021 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में यह घटकर 58 साल रह गई थी। इस बार सबसे उम्रदराज मंत्रियों में 79 साल के जीतनराम मांझी हैं तो वहीं सबसे कमउम्र के टीडीपी के 36 वर्षीय के राममोहन नायडू और बीजेपी की 37 वर्षीया रक्षा खड़से हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को मिलाकर उनकी सरकार में लगभग एक दर्जन चेहरे 70 साल या उससे ज्यादा के हैं। सरकार में महिला और युवा चेहरे मोदी सरकार में इस बार युवा और महिलाओं का एक संतुलन दिखा। हालांकि महिलाओं को … Read more

PM मोदी के मंत्रिमंडल में 7 महिलाएं शामिल, निर्मला सीतारमण-रक्षा खडसे समेत इनको मिला मौका

नईदिल्ली नई केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कुल 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें 2 कैबिनेट मंत्री बनाई गई हैं। वहीं, 5 जून को भंग की जा चुकी पिछली मंत्रिपरिषद में कुल 10 महिला मंत्री थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, ​​राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार, साध्वी निरंजन ज्योति, दर्शना जरदोश, मीनाक्षी लेखी और प्रतिमा भौमिक को 18वीं लोकसभा की मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिली। नई मंत्रिपरिषद में पूर्व केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा सांसद अन्नपूर्णा देवी, शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे, सावित्री ठाकुर और निमुबेन बांभनिया और अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल को शामिल किया गया है। सीतारमण और अन्नपूर्णा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि शेष ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। लोकसभा चुनाव में इरानी, पवार और ज्योति अपनी मौजूदा सीटों क्रमश: अमेठी डंडोरी और फतेहपुर से हार गईं। वहीं, जरदोश, लेखी और भौमिक को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। आम चुनाव में 74 महिला उम्मीदवादों ने जीत दर्ज की और यह संख्या 2019 में निर्वाचित 78 महिला प्रत्याशियों की तुलना में कुछ कम है। मालूम हो कि रविवार शाम को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की और उनकी मंत्रिपरिषद के 71 सदस्यों ने शपथ ली। मंत्रियों की टीम युवा और अनुभवी लोगों का मिश्रण: मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने नए केंद्रीय मंत्रिपरिषद को युवाओं और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं 140 करोड़ भारतीयों की सेवा करने और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मंत्रिपरिषद के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं।’ नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘मंत्रियों की यह टीम युवा और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण है। हम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए विदेशी गणमान्य व्यक्तियों का भी आभार जताया।  

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live