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भारत में बड़ी बैठक के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बातचीत, क्या हुई चर्चा?

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नई दिल्ली ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। इस दौरान उन्होंने युद्ध रोकने की अपील की है। इससे पहले उन्होंने UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन से भी बात की थी। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को साझा रूप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा, ‘पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की और मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता पर जोर दिया। भारत ने जल्द से जल्द युद्ध रुकवाने की जरूरत की बात दोहराई है।’ UAE से भी की बात पीएम मोदी ने रविवार रात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। मोदी ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया और कहा कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।’ मोदी ने लिखा, ‘हमने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।’ अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि पिछले दो दिन में संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमलों के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है और एक भारतीय नागरिक समेत 58 लोग घायल हो गए हैं। सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई पीएम मोदी ने  सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। यह बैठक अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। CCS देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। पीटीआई भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई।

केंद्र सरकार ने PMGKAY योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण रोका, न्यूट्रिशन में कमी की वजह से लिया फैसला

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नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ‘फोर्टिफाइड चावल’ के वितरण को फिलहाल रोक दिया है. सरकार ने यह कदम चावल के लंबे समय तक भंडारण के दौरान पोषक तत्वों के खराब होने की चिंताओं के बीच उठाया है. क्यों लिया गया यह फैसला? खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईटी खड़गपुर को एक विशेष अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस स्टडी में यह जांचना था कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में फोर्टिफाइड चावल के दाने कितने समय तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं. रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. अध्ययन के अनुसार, नमी, तापमान और गोदामों में रखने के तरीके का चावल की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि लंबे समय तक रखे रहने और सामान्य रखरखाव के दौरान इन चावलों में मौजूद जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे जिस मकसद के लिए चावल में पोषण मिलाया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है. भंडारण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती भारत के सरकारी गोदामों में चावल की उपलब्धता जरूरत से कहीं ज्यादा है. आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में लगभग 674 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जबकि सालाना जरूरत सिर्फ 372 लाख मीट्रिक टन की है. इस कारण चावल को गोदामों में 2 से 3 साल तक रखा जाता है. इतने लंबे समय तक फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए विटामिन और आयरन अपनी शक्ति खो देते हैं. आम जनता पर क्या होगा असर? सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज की मात्रा में कोई कमी नहीं आएगी.     राशन मिलता रहेगा: लाभार्थियों को उनके हक का पूरा चावल मिलेगा, बस वह अब फोर्टिफाइड (मिश्रित) नहीं होगा.     इन योजनाओं पर असर: यह फैसला PDS (राशन दुकान), आंगनवाड़ी (ICDS) और स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (PM POSHAN) पर लागू होगा.     राज्यों को छूट: खरीफ सीजन 2025-26 के लिए राज्यों को छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार फोर्टिफाइड या सामान्य चावल बांट सकते हैं. क्या है फोर्टिफाइड चावल? बता दें कि कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं. इसे 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और मार्च 2024 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया था. आगे क्या? खाद्य मंत्रालय के अनुसार, यह रोक स्थायी नहीं है. सरकार अब एक ऐसी नई तकनीक या सिस्टम पर काम कर रही है जिससे चावल के पोषक तत्व लंबे समय तक खराब न हों. जैसे ही कोई बेहतर तरीका मिल जाएगा, इस योजना को फिर से शुरू किया जा सकता है.

मोदी ने बताया AI समिट का मकसद, साथ ही दुनिया को दी ह्यूमन सेंट्रिक AI अपनाने की चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

3.25 लाख करोड़ की राफेल डील समझें: भारत क्यों बुला रहा है फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को

नई दिल्ली  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आ चुके हैं. इमैनुएल मैक्रों आज यानी मंगलवार को मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी मुलाकात और बैठक होगी. इमैनुएल मैक्रों और मोदी की मुलाकात से रक्षा और तकनीक की दुनिया में हलचल मचने वाली है. इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इसका मुख्य मकसद भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. मगर उनकी यात्रा सबसे बड़ा फोकस है 3.25 लाख करोड़ रुपये की महाडील. जी हां, भारत और फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ रुपए की राफेल वाली मेगा डिफेंस डील होने वाली है. यह डील भारतीय वायुसेना को 114 आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों से लैस करेगी. इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा न केवल डिप्लोमेसी का प्रतीक है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम को गति देने वाली सौगात भी है. अब सवाल है कि आखिर यह डील इतनी बड़ी क्यों है, और ‘F-5 वाला राफेल’ क्या बला है? इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का बैकग्राउंड देखें तो भारत और फ्रांस के रिश्ते पहले से ही मजबूत हैं. 2016 में 36 राफेल जेट्स की पहली डील के बाद दोनों देशों ने कई प्रोजेक्ट्स पर हाथ मिलाया. मसलन स्कॉर्पीन पनडुब्बियां. अब 2026 में यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि चीन की बढ़ती आक्रामकता और पाकिस्तान की हरकतों के बीच भारत अपनी हवाई ताकत को दोगुना करना चाहता है. इमैनुएल मैक्रों भी मानते हैं कि भारत फ्रांस का सबसे बड़ा साझेदार है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत राफेल की ताकत का सबूत देख चुका है. यही कारण है कि इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का मुख्य फोकस राफेल डील ही है. यह डील न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-फ्रांस साझेदारी की गारंटी भी बनेगी. भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डील यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी हथियार खरीद है. रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में राफेल डील को हरी झंडी दी. डील के तहत फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदे जाएंगे. इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘ऑफ-द-शेल्फ’ खरीदे जाएंगे यानी तैयार माल की तरह. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इसकी कुल लागत करीब 30 अरब यूरो (लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये) है. इसमें विमानों के अलावा रखरखाव, ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे स्कैल्प भी शामिल हैं. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को 50 फीसदी तक बढ़ा देगी, क्योंकि वर्तमान में 36 राफेल ही हैं. राफेल डील में क्या अहम? इस डील में एक चीज सबसे अहम है, वह है राफेल का एफ-5 वर्जन. जी हां, राफेल एक फ्रेंच लड़ाकू विमान है. यह ‘मल्टी-रोल’ वाला विमान है. जल, थल और नभ तीनों जगह कारगर. राफेल के अलग-अलग वर्जन हैं. जैसे F3, F4. अब नई डील में F4 और F5 वेरिएंट्स आ रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे. इन एडवांस्ड जेट को ही F-5 वर्जन कहा जा रहा है. अभी भारत के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट के हैं. ये राफेल 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं. अभी जो डील होने जा रही है, इनमें ज्यादातर राफेल F-4 वर्जन के होंगे. यह अधिक एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे. जबकि F-5 राफेल एक ‘सुपर अपग्रेड वर्जन’ है. यह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसा होगा. क्या है एफ-5 वाला राफेल? इसमें एडवांस्ड सेंसर, स्टील्थ फीचर्स (जो रडार से छिप जाएं), AI-बेस्ड ऑटोनॉमी (खुद फैसले लेना) और ‘किल-वेब’ तकनीक है, जो कई विमानों को एक साथ जोड़कर दुश्मन को निशाना बनाती है. F5 में नए इंजन, बेहतर मिसाइलें और ड्रोन इंटीग्रेशन होगा. भारत को 24 ‘सुपर राफेल’ भी मिलेंगे, जो F5 के प्रोटोटाइप हैं. फ्रांस इसे 2030 तक डिलीवर करेगा. यह डील सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है. भारत को राफेल डील के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलेगा, जिससे हम खुद राफेल जैसे विमान बना सकेंगे. आज क्या-क्या होगा?     भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 फरवरी 2026 को मुंबई जा रहे हैं. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे. पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17-19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर हैं. वे भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.     17 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे. इस मीटिंग के दौरान, वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे.     शाम करीब 5:15 बजे, दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे. मैक्रों के दौरे पर क्या-क्या होगा? इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है. दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे. इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. और क्या-क्या होने की संभावना?     मोदी और मैक्रो की द्विपक्षीय बैठक के बाद करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना     रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में होगा समझौता     मुंबई में दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का संयुक्त उद्घाटन करेंगे, जो 2026 तक दोनों देशों में मनाया जाएगा.     भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा     भारत सरकार ने हाल ही में फ्रांस से … Read more

असम रैली में पीएम मोदी का बयान, कांग्रेस पर बोला तीखा प्रहार

गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस की तुलना ‘जहर’ से करते हुए कहा कि सत्ता से 10 साल दूर रहने के कारण यह पार्टी और भी ज्यादा खतरनाक हो गई है. उन्होंने जनता को आगाह किया कि कांग्रेस असम की शांति और संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा है. वह शनिवार को गुवाहाटी में कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा में बोल रहे थे. पीएम मोदी ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी असम को फिर से पुराने दौर में ले जाना चाहती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है. पीएम मोदी ने सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए असम को ‘घुसपैठियों के हवाले’ करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस का एजेंडा असम की असली पहचान और संस्कृति को मिटाना है. पीएम मोदी ने कांग्रेस की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा, “10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है.” उनका इशारा था कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है, चाहे इसके लिए राज्य की सुरक्षा से समझौता ही क्यों न करना पड़े. ‘कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती’ कांग्रेस पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो… जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती. आज की कांग्रेस हर उस विचार… हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है… जो देश का बुरा सोचता है. जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं… जो लोग, नॉर्थईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं… वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं.” बजट में रखा गया नॉर्थ-ईस्ट का ध्यान पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे. अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपये मिल रहे हैं. अगर पिछले 11 वर्ष की बात करें तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं. बजट में बहुत अधिक फोकस नॉर्थ-ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. इस बार असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था. वो आपको भलीभांति याद होगा.” अगले 5 साल गेम-चेंजर: पीएम मोदी विपक्ष पर हमले के बाद पीएम मोदी ने असम के विकास का रोडमैप भी रखा. उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल असम के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं, जो असम की ग्रोथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. पीएम ने जनता से अपील की कि विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए यहां ‘डबल इंजन’ (केंद्र और राज्य में भाजपा) की सरकार फिर एक बार बहुत जरूरी है. ‘नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी की तरह’ पीएम मोदी ने आगे कहा, “अभी कुछ दिन पहले ही देश का बजट आया है. बजट के बाद असम का और नार्थईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है. जिस नार्थईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया, हम उस नार्थईस्ट की भक्तिभाव से सेवा कर रहे हैं. नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी है. इस वर्ष का बजट… अष्टलक्ष्मी के लिए BJP-NDA के vision को और मजबूती देने वाला है.” भाजपा कार्यकर्ताओं की तारीफ भाजपा के कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भाजपा जहां पहुंची है, उसका श्रेय अगर किसी को मिलता है, तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को जाता है. हमारा विश्वास संगठन में है. हम राष्ट्रजीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं. इसलिए, इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं के दर्शन करना बहुत बड़ा सौभाग्य है. हम लोग एक ही मंत्र को लेकर जिए हैं, हम लोग एक ही मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं.”

डिब्रूगढ़ में बना नया इतिहास: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, क्या है आपात लैंडिंग सिस्टम?

डिब्रूगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे के तहत डिब्रूगढ़ पहुंच गए हैं. उनके दौरे की शुरुआत बेहद रणनीतिक रही, जब उनका विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरा. यह पहली बार है कि पीएम का विमान नेशनल हाइवे पर उतरा. पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे. ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर का पहला ‘एक्स्ट्राडोज्ड’ पुल है. इस आधुनिक पुल की मदद से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर जो घंटों में तय होता था, अब मात्र 7 मिनट में सिमट जाएगा. इसमें भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी (IIM Guwahati) का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा के मानक बदलेगा. साथ ही, कामरूप जिले में राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का शुभारंभ होगा. 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह केंद्र पूर्वोत्तर की सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाएगा. शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें से 100 बसें अकेले गुवाहाटी के लिए होंगी, जबकि बाकी नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के लिए रवाना की जाएंगी. क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी. यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है.  ELF क्या है और डिब्रूगढ़ में क्यों खास? इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है.     भारतीय वायुसेना (IAF) को अगर मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो वैकल्पिक जगह देगी.     विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा.     पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की गहराई और जीवित रहने की क्षमता बढ़ाएगी. पहले ही सफल रिहर्सल हो चुकी है इस ELF की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हाल ही में पूर्ण पैमाने ‘रिहर्सल’ की गई…     राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमान.     C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट.     डोर्नियर सर्विलांस विमान.     एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH). ये सभी विमान हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. ‘टच एंड गो’ मैन्यूवर्स और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग भी की गई. हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) का अभ्यास भी हुआ. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी. प्रधानमंत्री मोदी खुद IAF के C-130J विमान से इस स्ट्रिप पर उतरे. यह 2021 में उत्तर प्रदेश में बने इसी तरह के स्ट्रिप की तरह होगा, जहां भी उन्होंने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है. देशभर में ELF का नेटवर्क डिब्रूगढ़ ELF अकेला नहीं है. सड़क परिवहन मंत्रालय और IAF मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं. असम में ही 5 ELF बन रहे हैं. कई पहले से ऑपरेशनल हैं. सभी IAF एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है. पूर्वोत्तर में अन्य रणनीतिक प्रोजेक्ट्स यह सुविधा पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग – नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच तेज आवाजाही. कई स्ट्रैटेजिक टनल और ऑल-वेदर रोड – बरसात या आपदा में भी कनेक्टिविटी बनी रहे. ये प्रोजेक्ट्स सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) पर निर्भरता कम करेंगे. सेना की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे. क्यों जरूरी है यह सब? पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील सीमाओं (चीन, म्यांमार, बांग्लादेश) के पास है. यहां का इलाका मुश्किल है – नदियां, पहाड़, बाढ़. ये प्रोजेक्ट्स… प्राकृतिक आपदाओं और दुश्मन हमले दोनों से बचाव देंगे. सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स देंगे. रक्षा के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी और विकास लाएंगे. डिब्रूगढ़ ELF पूर्वोत्तर की रक्षा रीढ़ को मजबूत करने वाला मील का पत्थर है. यह भारत की रणनीतिक सोच को दर्शाता है – भूगोल की चुनौतियों को ताकत में बदलना. आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पूर्वोत्तर को और सुरक्षित और विकसित बनाएंगे.

प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

पीएम मोदी का बयान: भारत-मलेशिया संबंध मजबूत, मलेशिया पहुंचने पर बोले- ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा

नई दिल्ली/ कुआलालंपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिनों के दौरे पर हैं. वह शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मलेशिया में भारत के लिए प्यार और सम्मान है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पिछले साल आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने मेरे दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा और जैसा वादा किया था मैं यहां हूं. ये 2026 की मेरी पहले विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रति मलेशिया का प्यार दिखा है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. मलेशिया में भारतीय संगीत और सिनेमा लोकप्रिय है. मलेशिया के 500 स्कूलों में भारतीय भाषाओं की पढ़ाई हो रही है. दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आई है..  पीएम मोदी ने कहा कि आज हम प्रगति में एक दूसरे के साथ हैं. भारत और मलेशिया की साझा विरासत है. मलेशिया में विवेकानंद को काफी लोग मानते हैं. मैंने मन की बात में भी मलेशिया का जिक्र किया था. हम एक दूसरे के साझेदार देश हैं. भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है.  यूपीआई मलेशिया में भी जल्द लॉन्च होगा. एक दशक में बड़े सुधार हुए हैं.  भारत और मलेशिया के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना हो चुके हैं. इस यात्रा से पहले पीएम मोदी ने साफ संकेत दिए कि भारत अब मलेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और बीते कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है. उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत बातचीत को लेकर उत्साहित हैं. पीएम मोदी के मुताबिक, दोनों देश अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर फोकस करेंगे. इसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. साथ ही दोनों देश नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे. मलेशिया रवाना होने का वीडियो आया सामने पीएम नरेंद्र मोदी का मलेशिया से रवाना होने का वीडियो सामने आया है. इसमें वह हमेशा की तरह एक सफेद कुर्ते में हैं और उनके दाहिने कंधे पर शॉल रखा है. रवाने होने के दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की. मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है. कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे. आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है. रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी. 2047 तक बनेगा विकसित भारत : PM Modi पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि ‘भारत के लोग 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे’. उन्होंने कहा इस जर्नी में भारतीय प्रवासी अहम पार्टनर हैं. ‘भारत का UPI जल्द आएगा मलेशिया’: PM Modi प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के लोगों से एक बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा भारत का UPI जल्द मलेशिया में आएगा. पीएम मोदी ने भारत की बेहतरीन डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को दुनिया के सामने रखा. ‘हम टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’: PM Modi पीएम मोदी ने मलेशिया के लोगों को भारत आने का न्योता दिया और इसके साथ ही अपने दोस्तों को साथ लाने के लिए भी कहा. उन्होंने भारत की सफलताएं गिनाते हुए कहा कि अब हम ‘टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’. ‘MGR के गाने सुनते हैं मलेशिया के प्रधानमंत्री’ : पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री बहुत अच्छे सिंगर हैं और भारतीय म्यूजिक के बहुत बड़े फैन हैं. मलेशिया पीएम तमिल अभिनेता, फिल्म निर्माता एमजीआर के गाने सुनते हैं. ‘ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’: पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कि कैसे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रोटोकॉल की सीमाओं को तोड़कर एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें अपनी ही कार में साथ बिठाया. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘उन्होंने अपनी कार ही नहीं, बल्कि अपनी सीट भी साझा की’. पीएम ने कहा कि ‘मैंने वादा किया था और मैं आ गया. ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’.

PM मोदी का मलेशिया दौरा: भारत के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ सेक्टर में होगा बड़ा बूस्ट

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से दो दिन के लिए (7-8 फरवरी 2026) मलेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए दरवाजे खोलने का काम करेगी. हाल ही में यूनियन बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर्स की घोषणा के बाद यह यात्रा और भी खास हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी, नौकरियां बढ़ेंगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) कई बार कह चुके हैं कि कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से सेल्फ-रिलायंस बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. मलेशिया के साथ टेक्नोलॉजी शेयरिंग से यह आसान होगा. बता दें कि वैष्णव क्रिटिकल मिनरल्स पर काम कर रहे हैं. बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) में रेयर अर्थ एक्सपर्ट और रिसर्च मैनेजर नेहा मुखर्जी (Neha Mukherjee) ने भारत की नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की तारीफ की है और कहा है कि मलेशिया जैसे पार्टनर्स से डाइवर्सिफिकेशन तेज होगा, जिससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. कितना महत्वपूर्ण है मलेशिया? पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के केंद्र में अन्य मुद्दों के साथ सेमीकंडक्टर पर गहरा सहयोग भी होगा. मलेशिया सेमीकंडक्टर का बड़ा हब है, जहां दुनिया की 12-15 फीसदी REE प्रोसेसिंग होती है. भारत यहां से तकनीक और निवेश ले सकता है. बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ है, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा. इससे भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटेरियल और फुल स्टैक आईपी डेवलप होगा. मलेशिया रेयर अर्थ पर भी बड़ा जोर देता है. मलेशिया में लिनास प्लांट दुनिया का बड़ा REE प्रोसेसर है. 2025 में लिनास में पहली बार भारी REE (जैसे डिस्प्रोसियम ऑक्साइड) का कमर्शियल उत्पादन शुरू किया, जो चीन के बाहर पहला ऐसा प्लांट है. भारत के आम बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु में डेडिकेटेड REE कॉरिडोर्स बनाने का प्लान है. यह माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा. लक्ष्य है 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष REE परमानेंट मैग्नेट बनाना, जो EV, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस में इस्तेमाल होंगे. गौरतलब है कि यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका नाम REPM है. इसे नवंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, और कुल ₹7,280 करोड़ का बजट रखा गया है. भारत को कितना फायदा?     सप्लाई चेन मजबूत: मलेशिया से REE और सेमीकंडक्टर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे. इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता 20-30 फीसदी कम हो सकती है.     निवेश और टेक्नोलॉजी: मलेशिया के साथ JV से 3 अरब डॉलर का राजस्व और 24,800 नौकरियां पैदा होंगी. सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर पहुंचेगा.     EV और क्लीन एनर्जी: REE से EV बैटरी और मोटर सस्ते होंगे. मलेशिया 2030 तक EV प्रोडक्शन 15% बढ़ाना चाहता है, जिसमें भारत मदद कर सकता है.     ट्रेड बूस्ट: दोनों देशों का व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. MICECA समझौते की समीक्षा से निर्यात बढ़ेगा.     स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रक्षा, डिजिटल टेक और हेल्थ में सहयोग बढ़ेगा, जो भारत को ASEAN में मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल प्ले करेगी. 2030 तक REE से 3 अरब डॉलर राजस्व और 6.5 अरब डॉलर की आर्थिक ग्रोथ हो सकती है. भारत और मलेशिया में कितना व्यापार? 2025 में भारत-मलेशिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18-20 अरब डॉलर के आसपास रहा. भारत मलेशिया से मुख्य रूप से पाम ऑयल (करीब 2.8-3 अरब डॉलर का), इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य वनस्पति तेल आयात करता है. वहीं भारत मलेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम (रिफाइंड पेट्रोलियम, करीब 2.3 अरब डॉलर), कृषि उत्पाद जैसे बफेलो मीट, और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्यात करता है. कैसे हैं दोनों देशों में ऐतिहासिक संबंध? दोनों देशों के बीच मजबूत नींव है. 2010 में MICECA (मलेशिया-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) ने व्यापार को आसान बनाया. 2015 में संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला, और 2024 में इसे अपग्रेड करके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना दिया गया. ये समझौते टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता खोलते हैं. भारत-मलेशिया: भविष्य के प्लान क्या हैं? दोनों देश AITIGA (ASEAN-इंडिया ट्रेड इन गुड्स एग्रीमेंट) की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि टैरिफ और मार्केट एक्सेस बेहतर हो. फोकस डिजिटल फाइनेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और EV जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर है. मलेशिया में अनुमानित 16.2 मिलियन टन रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) के रिजर्व हैं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर है. ये रिजर्व भारत के साथ JV या टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए इस्तेमाल हो सकते हैं, खासकर REE प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में. व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है. क्या चुनौतियां हैं सामने? ट्रेड बैलेंस अभी असंतुलित है. मलेशिया का सरप्लस ज्यादा है, इसलिए भारत नए निर्यात सेक्टर (जैसे सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग) ढूंढ रहा है. पर्यावरणीय मुद्दे भी बड़े हैं, खासकर पाम ऑयल की खेती से जुड़े जंगल कटाई और सस्टेनेबिलिटी के सवाल. REE माइनिंग में भी पर्यावरण सुरक्षा जरूरी है, ताकि प्रदूषण न फैले. दोनों देश इन मुद्दों पर बात करके बैलेंस्ड और ग्रीन ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं. भारत-मलेशिया में ग्लोबल कनेक्शन? मलेशिया ने अमेरिका के साथ REE सप्लाई चेन पर MoU साइन किया है. भारत भी इंडो-US ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के जरिए काम कर रहा है. इससे REE और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी, और दोनों देश ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर पोजिशन पा सकेंगे. कुल मिलाकर, ये रिश्ते सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का मजबूत आधार बन रहे हैं. मोदी की मलेशिया यात्रा कब है? 7-8 फरवरी 2026 को. यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर बात होगी. मलेशिया से सेमीकंडक्टर में भारत को क्या फायदा? मलेशिया से टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से 40,000 करोड़ रुपये लगेंगे, जो जॉब्स और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. रेयर अर्थ एलीमेंट्स क्या हैं और क्यों जरूरी? REE विशेष … Read more

‘PM मोदी ने यूक्रेन पर परमाणु हमले को रोका’, किसने खोला राज? पुतिन को दी ये समझाइश

नई दिल्ली पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अहम हस्तक्षेप करते हुए हालात को और बिगड़ने से रोका था. IANS से बातचीत में बार्टोशेव्स्की ने दावा किया कि वर्ष 2022 के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत की थी. इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में टैक्टिकल परमाणु हथियार के इस्तेमाल को लेकर रूस को पीछे हटने के लिए राजी किया. पोलैंड के उप विदेश मंत्री के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहद सकारात्मक और जिम्मेदार वैश्विक भूमिका का उदाहरण है. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में जिस तरह की भूमिका निभा रहा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पोलैंड भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद अहम मानता है और भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. भारत के साथ पोलैंड के सौहार्दपूर्ण रिश्तों की चर्चा करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और हम दुनिया में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हैं.’ क्या यूक्रेन पर होने वाला था परमाणु हमला? फिर उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग में भारतीय प्रधानमंत्री की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘जैसा कि मैंने नई दिल्ली में अपने एक इंटरव्यू में बताया था, प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर डिवाइस का इस्तेमाल करने की कोशिश करने से रोका था. यह एक सकारात्मक भूमिका थी जो प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई और जो भारत दुनिया के मामलों में निभाता है, और मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा.’ 45 साल बाद पोलैंड की यात्रा पर गए थे पीएम मोदी पीएम मोदी के पोलैंड दौरे को याद करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमने 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. तब वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पोलैंड आए थे; 45 साल में हमारे देश आने वाले वो भारत के पहले पीएम थे. यह एक बहुत अच्छी यात्रा थी, और अब हमने ईयू के साथ विदेश व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, हम भी इसका हिस्सा हैं. मैं अभी विदेश मंत्रालय से लौटा हूं, जहां हमने सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग सहयोग, सुरक्षा मुद्दे, हाई-टेक में आईटी निवेश, अंतरिक्ष में सहयोग और अन्य चीजों से जुड़े कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका के साथ ज्यादा फायदेमंद ट्रेड डील की है, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है. आप अब दुनिया में जीडीपी के मामले में चौथे नंबर पर हैं, और प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि आपका लक्ष्य बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनना है. भारत एक बहुत बड़ा बाजार है; लगभग डेढ़ अरब लोग यहां रहते हैं, और इस वजह से भी यह एक बहुत ही उन्नत बाजार है. इतनी क्षमता वाले देश को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है.’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या कहा? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पोलैंड के डिप्टी विदेश मंत्री बोले, ‘ट्रेड डील न होने के बजाय ट्रेड डील होना बेहतर है, क्योंकि आम तौर पर टैरिफ खुशहाली की गारंटी नहीं हैं. अगर आप किसी चीज पर टैरिफ लगाते हैं, तो ये टैरिफ आमतौर पर, आखिर में, कंज्यूमर ही चुकाता है इसलिए मुझे लगता है कि टैरिफ जितने कम होंगे, उतना ही अच्छा होगा. यह अच्छी बात है कि भारत और अमेरिका एक ऐसे समझौते पर पहुंचे जिससे टैरिफ में भारी कटौती की गई.’

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा मंत्र

लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें प्रधानमंत्री  मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र प्रदेश के विद्यालयों में हुआ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, शासकीय सुभाष स्कूल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र  आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री  मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 2018 से लगातार हो रहा आयोजन प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री  सिंह परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री  सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं। शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण  केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक  एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे। प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी। 9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री  मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  

PM मोदी का मजेदार जवाब: “आप 75 के हो गए, अभी तो 25 बाकी हैं” और चाय वाले को चाय पर दिया ये संदेश

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से संवाद में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि किसी को भी बीते वक्त का हिसाब लगाने की बजाय भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के एक वाकये का जिक्र किया और कहा, ‘एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया था। 17 सितंबर को फोन करके मुझसे कहा कि आपके 75 हो गए हैं। इस पर मैंने कहा कि अभी 25 बाकी हैं। मैं बीते हुए को गिनता नहीं हूं, जो बचा है, उसकी गिनती करता हूं।’ इसी को लेकर उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इसलिए मैं आप लोगों से भी कहता हूं कि बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद मत कीजिए। जो बचा है, उसे जीने के बारे में सोचिए। यह बात प्रधानमंत्री ने तब कही, जब पूर्वोत्तर की एक छात्रा ने उनसे कहा कि मेरा जन्मदिन भी 17 सितंबर को ही होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार अखबारों में छपता है कि इस बार परीक्षा काफी कठिन रही। आखिर इसका क्या कारण होता है? पेपर तो सिलेबस से बाहर का नहीं होता है। फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि परीक्षा कठिन थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को शॉर्ट में पढ़ने की आदत होती जा रही है। पहले स्योर सजेशन दिए जाते थे। फिर मॉडल पेपर बढ़े जाने लगे और अंत में यह हुआ कि बीते 10 सालों के प्रश्न पत्र आने लगे। परीक्षा में चर्चा में स्टूडेंट को पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा? परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एग्जाम के मुद्दे पर बात की बल्कि छात्रों के साथ हंसी-मजाक भी की. उन्होंने स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के साथ ही कई विषयों पर टिप्स दिए हैं. लेकिन इस दौरान एक वाक्या को लोग बार-बार देख रहे हैं और खूब हंस रहे हैं.  वहां पर मौजूद बच्चों ने पीएम मोदी को अपने-अपने देश की यूनिक चीजें गिफ्ट की. इस दौरान वहां पर मौजूद एक छात्रा ने उन्हें चाय की पत्ति गिफ्ट किया.  इसे देखकर पीएम ने कहा कि चाय वाले को चाय… यह सुनते वहां का माहौल पूरा बदल गया और सारे छात्र हंसने लगे. फिर छात्रा उन्हें बताती है कि ये आर्गेनिक चाय है. पीएम ने उस छात्रा को ये भी कहा कि तुम कविता अच्छा लिखती हो, लिखना जारी रखना. अब जो छात्र बीते 10 साल के पेपर ही पढ़कर पहुंचे हैं और यदि उनसे अलग सिलेबस की कोई और चीज पूछ ली गई तो उन्हें परीक्षा कठिन लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बीमारी तब भी थी, जब मैं पढ़ता था। इस बीमारी को फैलाने का कम कुछ टीचर भी फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मेरी क्लास का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहे। इसलिए वही चीज पढ़ाते हैं, जिससे नंबर मिलें। लेकिन अच्छे अध्यापक सर्वांगीण विकास की बात करते हैं और पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं। इस दौरान उन्होंने एक गेंदबाज का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह अपने कंधे को ही मजबूत करता रहे तो क्या अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा। पीएम ने लाइट किया छात्रों का मूड  प्रधानमंत्री का यह भाव हल्के‑फुल्के अंदाज में छात्रों को जोड़ने और माहौल को सहज बनाने का तरीका था. पीएम मोदी अक्सर अपनी निजी यात्रा और जीवन की शुरुआत का जिक्र करते हैं, जब वे रोज रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले “चाय वाले” की भूमिका भी निभा रहे थे. यह उदाहरण उन्होंने साधारण जीवन के अनुभव और मेहनत का संदेश देने के लिए कई बार इस्तेमाल किया है.  इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से उनके पढ़ाई, मार्क्स, AI, टीचर्स समेत कई विषयों पर संवाद किया है.  जो पढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं… कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पूछा गया कि अक्सर ही ऐसा होता है कि हम जो भी पढ़ते हैं, वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं. इसके जवाब में पीएम ने छात्रों से कहा कि आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा क्योंकि आप इसमें पूरी तरह से इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद को कम होशियार बताएं और ज्यादा होशियारी से बात करें या राय लें.   मार्क्स बन गई है बीमारी  इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें ये भी बताया कि उन्हें केवल मार्क्स के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्होंने मार्क्स को बीमारी बताया है. ऐसे में अपने मन को नंबर से जोड़ने के बजाय जीवन में कहां जाएं, इसपर ध्यान देने की जरूरत है.  PM मोदी बोले- पढ़ाई एक माध्यम है, उसके लिए जिंदगी नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके लिए यह जरूरी है कि पूरा शरीर मजबूत हो। मानसिक रूप से सक्षम हो। इसी तरह परीक्षा के लिए पूरी जिंदगी नहीं है। यह जिंदगी को संवारने का एक माध्यम है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अंतिम लक्ष्य यह है कि संपूर्ण जिंदगी बेहतर बने। हमें 10 सालों के पेपर पढ़ने जैसी सोच के साथ खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। जिंदगी सबसे उत्तम बने, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों से कल करेंगे परीक्षा पे चर्चा 6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृाष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा की कन्या स्कूल में होंगे शामिल भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 6 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान कर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेंगे। परीक्षा पे चर्चा का राष्‍ट्रीय आयोजन 6 फरवरी को होगा। शुक्रवार 6 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखण्ड के ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहकर कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम में परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रात: 10 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई के साथ ही विभिन्‍न रेडियों चैनल्‍स, नेटफ्लिक्‍स, जीओ हॉट स्‍टार एवं अमेजन प्राइम वीडियो आदि से भी सीधा प्रसारण होगा। अन्य निजी चैनल भी कार्यकम का सीधा प्रसारण करेगें। परीक्षा पे चर्चा का राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशिष्‍ट जन, वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अभिभावकगण विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रदेश में “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विगत 1 दिसम्‍बर से 11 जनवरी तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई थी। इसमें मध्‍यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित 24 लाख 41 हजार 390 व्‍यक्तियों ने सहभागिता की। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार मध्‍यप्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को समारोहपर्वूक आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की जा रही है। आयोजन की सुचारू व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में समस्‍त कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को संचालक लोक शिक्षण द्वारा निर्देश भी जारी किये गये है।  

राष्‍ट्रपति के भाषण पर PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

लोकसभा में कामकाज प्रभावित, पीएम मोदी का भाषण हुआ टला, कार्यवाही कल तक स्थगित

नईदिल्ली  आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका। संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और पीएम का संबोधन टल गया. हंगामे के कारण पीठासीन संध्या राय ने शाम पांच बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पीपी चौधरी से बोलने के लिए कहा. विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के शोर में पीठासीन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. राज्यसभा में पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर स्टेटमेंट दिया. विपक्ष ने इस पर आपत्ति की और एक दिन पहले संसद के बाहर उनके बयान को लेकर सवाल उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने का मुद्दा उठाया.  इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या: वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी।” उन्होंने आगे कहा, “आज राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं; मैं बस बोलना चाहता हूं।’ इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया; एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।” सपा सांसद राजीव राय ने सरकार के कदम की आलोचना की, जानें क्या कहा सपा सांसद राजीव राय ने कहा, “सदन में नहरू जी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार, गद्दार कहा गया लेकिन माइक एक बार भी बंद नहीं हुआ अगर राहुल गांधी , अखिलेश यादव या विपक्ष का कोई भी नेता कुछ बोलता है तो एक सेकंड में माइक बंद किया जाता है। बिना उनकी मर्जी के माइक नहीं चलता है और लगातार निशिकांत दुबे को बोलने दिया गया। अगर यही लोकतंत्र है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं।” सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही-प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें(निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।” लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस सूत्रों ने बताया कि आज लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी दल और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई है। देश की जनता सब देखती है- केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा, “सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है, यह देश की जनता सब देखती है…यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है…”

टैरिफ राहत के बाद PM मोदी का प्रेरक संदेश, श्लोक के जरिए दिया आत्मविश्वास का मंत्र

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नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!

प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की यात्रा की पूरी, दिल्ली लौटे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की पांच दिवसीय यात्रा से गुरुवार को दिल्ली वापस लौट आए. पीएम मोदी बुधवार को अपनी यात्रा पूरी कर क्रोएशिया से भारत के लिए रवाना हुए. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सबसे पहले साइप्रस पहुंचे. उसके बाद पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा पहुंचे, आखिर में पीएम मोदी ने क्रोएशिया की यात्रा की. पीएम मोदी की तीनों देशों का यात्रा सफल रही. पीएम पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने क्रोएशिया की राजकीय यात्रा की. पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा को खास बनाने के लिए क्रोएशिया और साइप्रस के राष्ट्राध्यक्षों को गिफ्ट भी दिए. ये उपहार भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प के थे. पीएम मोदी ने किसे क्या दिया गिफ्ट प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में क्रोएशिया पहुंचे थे. जहां पीएम मोदी ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति को ओडिशा की पट्टचित्र पेंटिंग तोहफे में दी. जबकि पीएम मोदी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री को राजस्थान की सिल्वर कैंडल स्टैंड भेंट की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तोहफों को उपहार में देकर भारतीय कला और संस्कृति को एक नई पहचान देने का काम किया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा में मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम पार्डो को एक वारली पेंटिंग भेंट की. बता दें कि ये वारली पेंटिंग महाराष्ट्र के वारली समुदाय की एक पारंपरिक आदिवासी कला है. जो भारतीय लोक कला के सबसे पुराने एवं सरल रूपों में से एक है. इसमें मिट्टी की दीवारों या पृष्ठभूमि पर सफेद चावल के पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है. इस पेंटिंग में रोज़मर्रा की ज़िंदगी का नजारा देखने  को मिलता है. जिसमें खेती किसानी, मछली पकड़ना, नृत्य करना और गांव के उत्सव आदि शामिल होते हैं. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तोहफे में दी मधुबनी पेंटिंग पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग को मधुबनी पेंटिंग भेंट की. बता दें कि मधुबनी पेंटिंग को मिथिला कला भी कहा जाता है. जो बिहार की प्रसिद्ध पारंपरिक कला है. जिसे ज़्यादातर महिलाओं बनातीहैं. इस रंगीन पेंटिंग को मुख्यरूप से त्योहारों और शादियों के मौके पर मिट्टी की दीवारों पर उकेरा जाता है. क्रोएशिया के राष्ट्रपति को गिफ्ट में दी पट्टचित्र पेंटिंगइसके साथ ही पीएम मोदी ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच को ओडिशा की एक पारंपरिक पट्टचित्र पेंटिंग तोहफे में दी.  जो ओडिशा की एक  पारंपरिक कला है. इस पेंटिंग को कपड़े पर बनाया जाता है. इसी लिए इसका नाम पट्टा यानी कपड़े से मिलकर बना है. ये पेंटिंग मुख्यरूप से भगवान कृष्ण और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ी कहानियां को दर्शाती हैं. PM मोदी के 4 बड़े बयान…. 1. भारत और क्रोएशिया दोनों लोकतंत्र जैसे मूल्यों से जुड़े हैं प्रधानमंत्री मोदी ने क्रोएशिया की पहली यात्रा पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए वहां की सरकार और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और क्रोएशिया लोकतंत्र, कानून और विविधता जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हैं। 2. दोनों देशों के बीच डिफेंस, डिजिटल में साझेदारी बढ़ेगी दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से बढ़ाने का निर्णय लिया। रक्षा सहयोग योजना, व्यापार, फार्मा, कृषि, आईटी, डिजिटल व स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाई जाएगी। 3. संस्कृति, शिक्षा और सहयोग को मजबूत किया जाएगा भारत-क्रोएशिया के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। हिंदी चेयर की टाइमलाइन 2030 तक बढ़ाई गई है, 5 साल का सांस्कृतिक कार्यक्रम तय हुआ है और लोगों की आवाजाही के लिए मोबिलिटी समझौता जल्द होगा। 4. भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे PM मोदी ने कहा कि क्रोएशिया में भले ही यह यात्रा छोटी है, लेकिन मुझे आपके शहर की संस्कृति, जीवनशैली और यहां के लोगों की गर्मजोशी का अनुभव हुआ। यहां मुझे अपनेपन का एहसास हुआ। हमने बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने के रास्ते खोलेंगे। क्रोएशिया 1991 में बगावत कर अलग हुआ था क्रोएशिया ने 25 जून 1991 को आधिकारिक रूप से यूगोस्लाविया से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। इससे पहले, यह देश सोशलिस्ट फेडरल रिपब्लिक ऑफ यूगोस्लाविया का हिस्सा था, जिसमें कुल छह गणराज्य शामिल थे। 1990 में क्रोएशिया में बहुदलीय चुनाव हुए और राष्ट्रवादी नेता फ्रांजो तुजमान की पार्टी सत्ता में आई। जून 1991 में संसद ने स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। यूगोस्लाव सरकार और वहां की सेना ने इसका विरोध किया, जिससे क्रोएशिया युद्ध शुरू हुआ। युद्ध करीब चार साल (1991-1995) तक चला, जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों बेघर हुए। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के दबाव और मध्यस्थता से शांति स्थापित हुई। क्रोएशिया को 15 जनवरी 1992 को यूरोपीय देशों द्वारा औपचारिक मान्यता मिली और बाद में संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे सदस्यता दी। कनाडा-साइप्रस-क्रोएशिया में पीएम मोदी ने दिए खास तोहफे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की यात्रा पूरी हो गई है। पीएम मोदी ने साइप्रस में राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस से मुलाकात की। इसके बाद कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इसके बाद पीएम मोदी क्रोएशिया पहुंचे और वहां राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच से मुलाकात की। अपने दौरे पर पीएम मोदी देश के पारंपरिक उपहार लेकर गए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने साइप्रस, कनाडा के जी-7 शिखर सम्मेलन और क्रोएशिया में जिन-जिन नेताओं से मुलाकात की, सभी को उपहार भेंट किए। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने किस देश के नेता को कौन सा उपहार दिया और उसकी खासियत क्या है? क्रोएशिया के राष्ट्रपति को भेंट किया पट्टचित्र क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच को ओडिशा की एक पट्टचित्र पेंटिंग उपहार में दी। पट्टचित्र ओडिशा की पारंपरिक कला रूप है। यह कपड़े पर अपनी विस्तृत और रंगीन पेंटिंग के लिए जाना जाता है। इसका नाम पट्टा यानि कपड़ा और चित्र से आया है। ये कलाकृतियां आमतौर पर भारतीय पौराणिक कथाओं, खासकर भगवान कृष्ण और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ी हैं। कलाकार बोल्ड लाइन और विस्तृत दृश्य बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों और हस्तनिर्मित ब्रश का उपयोग करते हैं। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री को उपहार में दिया सिल्वर कैंडल स्टैंड प्रधानमंत्री मोदी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच को सिल्वर कैंडल स्टैंड उपहार में दिया। राजस्थान … Read more

‘मेरा भारत किसी मध्यस्थता को नहीं मानता, न पहले, न अब’, जानिए मोदी और ट्रंप की 35 मिनट की बातचीत में क्या-क्या हुआ?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से साफ शब्दों में कहा है कि भारत किसी भी सूरत में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता। न पहले की, न अब करता है और न ही भविष्य में ऐसा होगा। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यह संदेश सीधे तौर पर ट्रंप को फोन पर दिया गया, क्योंकि कार्यक्रम के अनुसार तय आमने-सामने की मुलाकात इजरायल-ईरान संकट के चलते संभव नहीं हो सकी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि फोन पर यह बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर हुई, जो लगभग 35 मिनट तक चली। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि कश्मीर या पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों में भारत का रुख हमेशा से यही रहा है कि यह द्विपक्षीय मामला है और किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार्य नहीं है। 35 मिनट चली बातचीत प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 समिट के दौरान होनी तय थी लेकिन ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिस कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई. इसके बाद, ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई. यह बातचीत लगभग 35 मिनट चली. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी और आतंक के खिलाफ समर्थन व्यक्त किया था. उसके बाद से दोनों नेताओं की यह पहली बातचीत थी. ऑपरेशन सिंदूर पर हुई विस्तार से चर्चा प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था. भारत की कार्रवाई बहुत ही ‘संतुलित, सटीक और तनाव बढ़ाने से बचने वाली’ थी. जेडी वेंस ने किया था पीएम मोदी को फोन विक्रम मिस्री ने बताया, ‘भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा. 9 मई की रात को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था. उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा. 9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया.’ ‘सीजफायर या ट्रेड डील पर कभी बात नहीं हुई’ उन्होंने बताया, ‘भारत ने पाकिस्तान के मिलिट्री एयरबेसस को निष्क्रिय कर दिया था. भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका की ओर से भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी. सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं के मौजूदा चैनलों के माध्यम से हुई थी और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी.’ ‘अभी भी जारी है ऑपरेशन सिंदूर’ प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है और न ही कभी करेगा. इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनीतिक एकमत है. राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री की ओर से विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को प्रॉक्सी वॉर नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. पीएम मोदी ने दिया भारत आने का निमंत्रण राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वह कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं. पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की. दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की. रूस-यूक्रेन तनाव पर दोनों ने सहमति जताई कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किए. और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया. QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया. राष्ट्रपति ट्रंप ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव पर स्थिति की स्पष्ट बातचीत में प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच जो सैन्य तनाव देखा गया, उसमें अमेरिका या किसी अन्य देश की मध्यस्थता नहीं हुई। सीमावर्ती सैन्य कार्रवाई रोकने से जुड़ी जो बातचीत हुई, वह दोनों देशों की सेनाओं के बीच पहले से मौजूद सैन्य चैनलों के ज़रिए हुई थी, और वह भी पाकिस्तान की पहल पर। इस बातचीत में पीएम मोदी ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की जानकारी भी राष्ट्रपति ट्रंप को दी। यह वही ऑपरेशन था जिसमें भारत ने सीमापार आतंकवाद को जवाब देने के लिए ठोस सैन्य कार्रवाई की थी। इस मुद्दे पर भी ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा की और पहले की तरह भारत को आतंकवाद के खिलाफ समर्थन का भरोसा दिया। विदेश सचिव ने बताया कि पीएम मोदी ने इस दौरान ट्रंप को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। हालांकि यात्रा की तिथि और स्वरूप को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है। यह वार्ता ऐसे समय हुई जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर नई चर्चाएं चल रही हैं और दक्षिण एशिया में भारत की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक समीकरण तेज हो रहे हैं। ऐसे में पीएम मोदी की … Read more

पीएम मोदी ने वैश्विक समुदाय को दोहरे मापदंड छोड़ने की नसीहत दी, किसी भी प्रकार की लापरवाही या तटस्थता अब बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली  जी-7 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, व्यापार और विकास जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत की। कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी-7 आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराया और इस वैश्विक खतरे के खिलाफ एकजुट होकर निर्णायक कार्रवाई की मांग की। “आतंक समर्थक देशों को इसकी कीमत चुकानी होगी” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए हमारी सोच और नीति स्पष्ट होनी चाहिए- यदि कोई देश आतंकवाद का समर्थन करता है, तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कार्रवाई में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा, “एक ओर हम अपनी पसंद के अनुसार विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध जल्दी से लगा देते हैं, वहीं दूसरी ओर जो देश खुलेआम आतंकवाद का समर्थन करते हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। यह दोहरी नीति बंद होनी चाहिए।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराया और पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की निंदा करने के लिए नेताओं का आभार जताया। उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा देने और समर्थन देने वालों के खिलाफ सख्त वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।” पीएम मोदी ने जी-7 मंच से ग्लोबल साउथ के मुद्दे भी उठाए गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। प्रधानमंत्री ने जी-7 नेताओं के साथ अपनी बातचीत को “उत्पादक” बताया और कहा कि चर्चा वैश्विक चुनौतियों और बेहतर भविष्य की आशाओं पर केंद्रित रही। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ की चिंताओं और प्राथमिकताओं पर ध्यान दिए जाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को वैश्विक मंच पर पहुंचाना अपनी जिम्मेदारी समझता है। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों के संदर्भ में किया जाता है। ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (जी-7) दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं – फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा तथा यूरोपीय संघ का एक अनौपचारिक समूह है। इसके सदस्य वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हर साल जी-7 शिखर सम्मेलन में मिलते हैं। शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने कई द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज के साथ मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापारिक सहयोग, निवेश बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा हुई। इन मुद्दों पर भी बोले पीएम मोदी मोदी ने कहा, ‘‘उपलब्धता, पहुंच, सामर्थ्य, स्वीकार्यता के मूलभूत सिद्धांतों पर आगे बढ़ते हुए भारत ने समावेशी विकास का मार्ग चुना है।’’ जायसवाल ने बताया कि मोदी ने अपने संबोधन में एक स्थायी एवं हरित मार्ग के माध्यम से सभी के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और इस उद्देश्य की दिशा में भारत की वैश्विक पहलों जैसे कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन के बारे में विस्तार से बताया। मोदी ने कहा, ‘‘एआई (कृत्रिम मेधा) अपने आप में एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जिसके लिए बहुत ऊर्जा की आवश्यकता है। अगर प्रौद्योगिकी-संचालित समाज की ऊर्जा आवश्यकताओं को स्थायी रूप से पूरा करने का कोई तरीका है तो वह नवीनीकृत ऊर्जा के माध्यम से ही है।’’ उन्होंने कहा कि पिछली सदी में ऊर्जा के लिए प्रतिस्पर्धा थी लेकिन इस सदी में ‘‘हमें प्रौद्योगिकी के लिए सहयोग करना होगा।’’ मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘डीप-फेक’ बड़ी चिंता का विषय है इसलिए एआई की मदद से बनाई गई सामग्री पर स्पष्ट घोषणा अंकित होनी चाहिए कि यह कृत्रिम मेधा की मदद से बनाई गई है। तस्वीर या वीडियो में किसी व्यक्ति के चेहरे या शरीर को डिजिटल रूप से बदलने की प्रौद्योगिकी को ‘डीपफेक’ कहते हैं। ‘मशीन लर्निंग’ और एआई से बने ये वीडियो और तस्वीरें असली जैसी नजर आती हैं और कोई भी व्यक्ति इन्हें देखकर धोखा खा सकता है। कनाडा से सुधरेंगे रिश्ते भारत और कनाडा के बीच कुछ समय से चले आ रहे राजनयिक तनाव को समाप्त करने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल हुई। दोनों देशों ने नए उच्चायुक्तों की नियुक्ति पर सहमति जताई, जिससे वीजा, वाणिज्य और अन्य सेवाएं सामान्य हो सकेंगी। जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है, जहां भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और विकासशील देशों की आवाज को बुलंद किया।

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप से से मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को साइप्रस से कनाडा रवाना हुए . भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पीएम मोदी का पहला विदेशी दौरा है, जहां वह वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे. इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कनाडा पहुंच चुके हैं.    एक मंच पर होंगे मोदी-ट्रंप  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के न्योते पर पीएम मोदी 16-17 जून को G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से उनकी मुलाकात भी हो सकती है. हालांकि फिलहाल विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन फिर भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और अमरेका के बीच बदले हुए घटनाक्रम में दोनों नेताओं की मुलाकात काफी अहम हो सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा करते हुए खुद को सीजफायर कराने का श्रेय दिया था. पाकिस्तान ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत भी किया. लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की दखल को खारिज कर दिया था. भारत का कहना है कि पाकिस्तान की गुहार के बाद भारत सीजफायर के लिए सहमत हुआ. खास बात यह है कि ट्रंप ने भारत के किसी भी आधिकारिक बयान से पहले ही सोशल मीडिया पर दोनों देशों के बीच सीजफायर का ऐलान कर दिया था. सीजफायर पर ट्रंप की बयानबाजी भारत-पाकिस्तान सीजफायर का लेकर ट्रंप की बयानबाजी अब भी जारी है. उन्होंने इजरायल और ईरान तनाव के बीच भी इस बयान को दोहराया और कहा कि जिस तरह भारत-पाक के बीच सीजफायर कराया, उसी तरह इजरायल-ईरान के बीच भी सीजफायर कराऊंगा. उनका दावा है कि कारोबार का दबाव डालकर उन्होंने भारत और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए राजी किया था. ऐसे में G-7 जैसे वैश्विक मंच पर पीएम मोदी दुनिया के सामने सीजफायर को लेकर भारत का पक्ष रख सकते हैं. साथ ही उनकी बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर का भी जिक्र हो सकता है. भारत ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला होता है तो उसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार माना जाएगा. साथ ही भारत अब इसे प्रॉक्सी वॉर नहीं बल्कि जंग मानेगा और इसका जवाब भी उसी तरह दिया जाएगा. किसी तीसरे की मध्यस्थता मंजूर नहीं कनाडा में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने भारत का रुख साफ कर सकते हैं. क्योंकि भारत कश्मीर के मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता कभी स्वीकार नहीं करता है. साथ ही इस बार भारत ने साफ कर दिया है कि कश्मीर बातचीत का मुद्दा ही नहीं है और अब पाकिस्तान से सिर्फ पीओके वापस लौटाने के मुद्दे पर बातचीत होगी.  दोनों नेताओं की मुलाकात भारत की संप्रभुता और विदेश नीति को हाईलाइट करने का एक मौका हो सकती है. खासकर तब, जब ट्रंप ने कश्मीर और सीजफायर के मुद्दे पर बिना मांगे मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है. भारत यह बता सकता है कि सीजफायर पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी और भारत की जवाबी कार्रवाई का नतीजा था और इसमें अमेरिकी का कोई रोल नहीं है.  हथियार और टैरिफ का मुद्दा जी-7 समिट का मंच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तकनीकी और सैन्य क्षमता के बारे में दुनिया को बताने का भी मौका होगा, ताकि भीतर से पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों को आईना दिखाया जा सके. इसके अलावा भविष्य में हथियारों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मुद्दे पर भी वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी की बातचीत संभव है. अमेरिका के साथ खास तौर पर टैरिफ विवाद बातचीत का एक अहम बिंदु हो सकता है, क्योंकि ट्रंप ने भारत के हाई टैरिफ की आलोचना करते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का ऐलान किया है. इसके बाद भारत ने जवाब में कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट पर टैरिफ घटाए हैं. लेकिन फिर भी इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है.  

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस में मिला सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय साइप्रस के दौरे पर हैं, जहां साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने सोमवार को पीएम मोदी को साइप्रस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. पीएम ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी जताई है. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ये अवॉर्ड 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने खुशी जताई है. पीएम ने एक्स पर लिखा, साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ का सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं. मैं इसे हमारे देशों के बीच मित्रता को समर्पित करता हूं. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मान के लिए आपका, साइप्रस सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान मेरा अकेले नहीं है, बल्कि ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ PM ने आगे कहा,  ‘मैं ये अवॉर्ड भारत और साइप्रस के मैत्रीपूर्ण संबंधों, हमारे साझा मूल्यों और हमारी पारंपरिक समझ को समर्पित करता हूं. मैं सभी भारतीयों की ओर से इस सम्मान को कृज्ञता से स्वीकार करता हूं. ये अवॉर्ड शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है.’  इससे पहले पीएम मोदी ने भारत-साइप्रस व्यापार गोलमेज बैठक को संबोधित किया और साइप्रस के राष्ट्रपति का आभार जताया. पीआईबी के अनुसार पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘सबसे पहले मैं राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आज वो स्वयं एयरपोर्ट पर मुझे रिसीव करने के लिए आए थे. बिजनेस लीडर के साथ इतना बड़ा राउंड टेबल उन्होंने ऑर्गेनाइज किया, मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं. उन्होंने मेरे लिए और हमारी पार्टनरशिप के लिए जो सकारात्मक विचार रखे हैं, मैं इसके लिए भी आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.’ 23 सालों बाद भारत के PM का साइप्रस दौरा PM ने कहा कि 23 वर्षों के बाद भारत के प्रधानमंत्री का साइप्रस में आना हुआ है और सबसे पहला कार्यक्रम बिज़नेस राउंड टेबल का हो रहा है. ये एक संकेत है कि भारत और साइप्रस के संबंधों में आर्थिक जगत से जुड़े लोगों का कितना महत्व है. आपके विचारों को मैंने बहुत गौर से सुना है. भारत साइप्रस आर्थिक संबंधों के लिए आपके प्रतिबद्धता को मैंने महसूस किया है. आपके विचारों में सिर्फ संभावना ही नहीं, संकल्प को भी मैं महसूस कर रहा हूं. यह स्पष्ट है कि हमारे संबंधों में आगे बढ़ने की अपार-अपार संभावनाएं हैं.  

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बार फिर विदेश यात्रा प्रस्तावित है. वे 5 दिन में 3 देशों की यात्रा करेंगे. पीएम मोदी सबसे पहले साइप्रस जाएंगे. वहां दो दिन (15-16 जून) विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उसके बाद कनाडा पहुंचेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देंगे. कनाडा में भी पीएम मोदी की दो दिन (16-17 जून) की यात्रा है. पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया जाएंगे और 19 जून को भारत लौट आएंगे. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 से 19 जून तक विदेश यात्रा पर रहेंगे और साइप्रस गणराज्य, कनाडा और क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे. यह दौरा तीन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और यूरोपीय संघ और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को और ज्यादा सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी आज साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी।  निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी।  साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी. कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी. यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।     यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी। क्रोएशिया यात्रा: 18 जून यात्रा के अंतिम चरण में, पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया पहुंचेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर होगी। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में पीएम मोदी उनके साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भी मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा भारत के यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। क्रोएशिया, अपनी समुद्री सुविधाओं और एड्रियाटिक सागर पर बंदरगाहों के कारण, IMEC परियोजनाओं के लिए आकर्षक है। यह यात्रा व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। सरकारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और क्रोएशिया के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। भारत और क्रोएशिया के बीच पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क में वृद्धि हुई है।  

कल से तीन देशों की यात्रा पर निकलेंगे पीएम मोदी , G20 में भी लेंगे हिस्सा…

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी कल साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी।  निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी।  साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी. कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी.   यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।     यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी ने किया अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट का निरीक्षण, घायलों से मिलने पहुंचे अस्पताल

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश में 265 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। इसमें यात्री और क्रू मेंबर्स के अलावा उस हॉस्टल के ट्रेनी डॉक्टर भी शामिल हैं, जिस पर एयर इंडिया का विमान गिरा था। हादसे के अगले दिन यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू भी हैं। अहमदाबाद पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सीधे घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद वह अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री हादसे में बचने वाले इकलौते शख्स रमेश विश्वास कुमार से भी मुलाकात कर सकते हैं। फिलहाल रमेश का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आज ही इस हादसे को लेकर समीक्षा बैठक भी करेंगे। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर विधि चौधरी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 265 पहुंच गई है। रेस्क्यू टीम को मौके से प्लेन का एक ब्लैक बॉक्स भी मिला है। 4 बार गुजरात के सीएम रहे हैं मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम है। गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है। वह 2001 से लेकर 2014 तक लगातार 4 बार गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए। गुजरात में लगातार मिली राजनीति सफलता के कारण ही नरेंद्र मोदी को 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना गया था। प्रधानमंत्री के गृह राज्य में हुए इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूर्व सीएम की भी हादसे में मौत बता दें कि गुरुवार को अहमदाबाद में हुई इस विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व सीएम और राज्य में बीजेपी के दिग्गज नेता विजय रूपाणी की भी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट A171 दुर्घटना में सर्वाधिक गुजरात के आणंद में रहने वाले 33 लोगों की जान गई है। आणंद के कलक्टर प्रवीण चौधरी ने बताया कि लिस्ट की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मरने वालों में 12 राजस्थान के हैं। इस हादसे में बांसवाड़ा के रहने वाले डॉ दीपक, उनकी पत्नी, बेटी और दो जुड़वां बेटे भी मारे गए।  पीएम न राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की अस्पताल में दौरे के बाद पीएम मोदी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की. पीएम ने एयरपोर्ट ही ये अहम बैठक की. इससे पहले उन्होंने अस्पतालों का दौरा किया जहां घायलों का इलाज चल रहा है.  डीजीसीए ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया  अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया है.  अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी, घायलों से की मुलाकात एयर इंडिया विमान हादसे के बाद पीएम मोदी शुक्रवार सुबह में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इस हादसे में मेडिकल कॉलेज के घायल छात्रों और अन्य लोगों से मुलाकात की. विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे में एक यात्री की जान बच गई. उससे भी पीएम मोदी मुलाकात करेंगे. परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देगा टाटा समूह अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को टाटा समूह एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देगा. एयर इंडिया टाटा समूह की कंपनी है. कुछ साल पहले ही टाटा समूह ने इस एयरलाइंस को भारत सरकार से खरीदा था. टाटा समूह के लिए यह हादसा एक बहुत बड़ा झटका है. एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट में भी गड़बड़ी, विमान को सुरक्षित उतारा गया  एक दिन पहले गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग विमान हादसे के बाद अगले दिन शुक्रवार को मुंबई से लंदन की एक दूसरी फ्लाइट में गड़बड़ी की सूचना है. यह फ्लाइट भी एयर इंडिया थी. आज सुबह में मुंबई से विमान ने टेकऑफ किया था. फिर बीच रास्ते में गड़बड़ी के संकेत मिले. उसके बाद विमान को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया. उसे मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से लैंड करवा लिया गया है.   

प्रधानमंत्री मोदी 6 जून को करेंगे जम्मू-कश्मीर का दौरा, चिनाब ब्रिज का करेंगे उद्घाटन, चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षाबलों की नजर

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जम्मू  जम्मू-कश्मीर में आर्थिक-सामाजिक विकास के इंजन को गति देने के लिए प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार छह जून को प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क को ही सुनिश्चित नहीं बनाएगा बल्कि जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। कटड़ा से श्रीनगर वंदेभारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने सहित प्रधानमंत्री कुल 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने वाले हैं। साथ ही कटड़ा में 350 करोड़ की लागत वाले श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की आधारशिला भी रखेंगे। बता दें कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क की राह में कटड़ा-बनिहाल रेल लिंक ही अवरोधक थी। जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरा देश इस रेल लिंक पर ट्रेन परिचालन का इंतजार कर रहा था। ट्रैक का निर्माण दिसंबर 2024 में पूरा कर लिया गया था और उसके बाद तकनीकी ट्रायल जारी थे। चिनाब और अंजी रेल पुल नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा. पुल पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के जरिए कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में सिर्फ 3 घंटे लगेंगे, जिससे मौजूदा यात्रा समय में 2-3 घंटे कम हो जाएंगे. वहीं अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है जो चुनौतीपूर्ण इलाके में देश की सेवा करेगा. पीएम मोदी 6 जून को करेंगे जम्मू-कश्मीर का दौरा, चिनाब ब्रिज का करेंगे उद्घाटन नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा.     चिनाब और अंजी रेल पुल नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा. पुल पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के जरिए कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में सिर्फ 3 घंटे लगेंगे, जिससे मौजूदा यात्रा समय में 2-3 घंटे कम हो जाएंगे. वहीं अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है जो चुनौतीपूर्ण इलाके में देश की सेवा करेगा. कनेक्टिविटी परियोजनाएं और अन्य विकास कार्य प्रधानमंत्री उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. 272 किलोमीटर लंबी USBRL परियोजना, जिसका निर्माण लगभग 43,780 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, में 36 सुरंगें (119 किलोमीटर तक फैली हुई) और 943 पुल शामिल हैं. यह परियोजना कश्मीर घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच सभी मौसमों में निर्बाध रेल संपर्क स्थापित करती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय गतिशीलता को बदलना और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री मोदी माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर और वापस जाने वाली दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. ये ट्रेनें निवासियों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों के लिए एक तेज, आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा का ऑप्शन देंगी. पीएम मोदी विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में अंतिम मील तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. वह राष्ट्रीय राजमार्ग-701 पर राफियाबाद से कुपवाड़ा तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना और एनएच-444 पर शोपियां बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 1,952 करोड़ रुपये से अधिक होगी. वह श्रीनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर संग्राम जंक्शन और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बेमिना जंक्शन पर दो फ्लाईओवर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इन परियोजनाओं से यातायात की भीड़ कम होगी और यात्रियों के लिए यातायात प्रवाह में सुधार होगा. इसके साथ ही वह कटरा में 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की आधारशिला भी रखेंगे. यह रियासी जिले का पहला मेडिकल कॉलेज होगा जो इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान देगा. अप्रैल में भी उद्घाटन तय था पर मौसम के कारण यह कार्यक्रम टल गया। उसके बाद पहलगाम हमले के बाद लोकार्पण नहीं हो सकता था। अब यह इंतजार समाप्त हो रहा है, प्रधानमंत्री छह जून को कटड़ा पहुंच ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां रेल-परिचालन शुरू होने से बाद जम्मू से श्रीनगर के बीच सदाबहार संपर्क बरकरार रहेगा और भूस्खलन और मौसम के कारण राजमार्ग प्रभावित होने के बाद ट्रेन के माध्यम से आवागमन संभव हो सकेगा। जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनरोद्धार के चलते कश्मीर से दिल्ली या देश के अन्य हिस्सों में जाने वाले यात्रियों को कटड़ा से ट्रेन बदलनी होगी। फिलहाल विशेष तौर पर डिजाइन की गई वंदेभारत को इस ट्रैक पर चलाया जा रहा है। भविष्य में और भी ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। सात जून से कटड़ा-श्रीनगर के बीच नियमित परिचालन होगा। एक दिन दो वंदे भारत कटड़ा से श्रीनगर और दो श्रीनगर से कटड़ा आएंगी। वीरवार सुबह दस बजे के करीब शुरू होने वाले ड्राई रन के दौरान काफिले में सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी हर उस जगह तय समय पर पहुंचेंगे यहां पर पी छह जून को पीमए को जाना है। इस दौरान दौरे को लेकर हर प्रकार की चुनौती का बारीकी से आंकलन कर उसका समाधान तलाशा जाएगा। दिल्ली से उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन में पहुंचने के बाद पीएम सभी जगहों पर हेलीकॉप्टर से पहुंचेगे। लेकिन इसके बाद ही टीमें सड़क यात्रा को लेकर रिहर्सल करेंगी। च्च पदस्थ के अनुसार बुधवार को एसपीजी, जम्मू कश्मीर पुलिस, सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने पीएम दौरे की सुरक्षा के हर पहलू पर बारीकी से गौर किया। दौरे की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उनका सामना करने के लिए आकास्मिक योजना भी बनाई गई है। प्रधानमंत्री के दौरे … Read more

PM मोदी भोपाल से ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान से सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। प्रधानमंत्री मोदी 83.39 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे का भी भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही कालियादेह स्टॉप डैम के 1.39 करोड़ रूपए लागत के मरम्मत कार्य भी शुरू होंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक कुल 29.21 किलोमीटर लम्बाई में घाट निर्माण कार्य किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिये आवश्यक जल स्तर और आवागमन बनाए रखने के लिये वेटेड कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी को अविरल एवं प्रवाहमान बनाए रखने के लिये क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण एवं स्टॉप डैम का मरम्मत कार्य भी किया जाएगा। बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे निर्माण मंत्री सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग देवास द्वारा 2.53 करोड़ रुपए की लागत से गाजनोद खेडा बैराज ,3.23 करोड़ रूपए की लागत से दखनाखेड़ी बैराज, 3.15 करोड़ रूपए की लागत से पटाड़ा बैराज कम कॉजवे, 3.79 करोड़ रुपए की लागत से रनायर बैराज, 4.73 करोड रुपए की लागत से टिगरियागोगा बैराज, 6.74 करोड रूपए की लागत से सिरोंज बैराज कम कॉजवे और 2.57 करोड़ रूपए की लागत से बरोदपिपलिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन के द्वारा क्षिप्रा नदी पर 8.71 करोड़ रुपए की लागत से किट्ठोदाराव स्टॉप डैम तथा कान्ह नदी पर 5.74 करोड़ रुपए की लागत से पंथपिपलई स्टॉप डैम, 4.56 करोड़ रुपए की लागत से जमालपुरा स्टॉप डैम, 6.24 करोड़ रूपए की लागत से गोठड़ा स्टॉप डैम, 5.06 करोड़ रूपए की लागत से पिपलियाराघौ क्रमांक 02 बैराज और 6.34 करोड़ रूपए की लागत से रामवासा क्रमांक 02 बैराज का निर्माण किया जाएगा। जल संसाधन विभाग इंदौर द्वारा 2.69 करोड़ रुपए की लागत से ब्राम्हणपिपलिया स्टॉप डैम, 2.64 करोड़ रुपए की लागत से दर्जीकराड़िया स्टॉप डैम, 1.96 करोड़ रूपए की लागत से कुडाना स्टॉप डैम, 3.43 करोड़ रूपए की लागत से कायस्थ्खेड़ी स्टॉप डैम, 4.32 करोड़ रूपए की लागत से साहदा स्टॉप डैम, 0.53 करोड़ रूपए की लागत से लालखेडी स्टॉप डैम मरम्मत कार्य और 4.43 करोड़ रुपए की लागत से मेलकलमा बैराज सहपुलिया का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका निगम उज्जैन द्वारा 1.39 करोड़ रुपए की लागत से कालियादेह स्टाप डैम का मरम्मत कार्य किया जाएगा। कान्ह नदी पर उज्जैन जिले में 5 बैराज एवं इंदौर जिले में 6 बैराज, इस प्रकार कुल 11 वैराजों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार क्षिप्रा एवं कान्ह नदीं पर कुल 21 बैराजों/स्टाप डैम का निर्माण किया जावेगा।  

मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को करेंगे दतिया और सतना एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण दतिया और सतना को मिलेगी हवाई उड़ान की सुविधा, विकास को मिलेगी रफ्तार मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट   भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रारंभ से ही प्रदेश के प्रमुख शहरों को हवाई सुविधा से जोड़ने में जुटे हुये हैं। दतिया औऱ सतना शहर धार्मिक , औद्योगिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां एयरपोर्ट्स की सुविधा आ जाने से तीर्थ यात्रियों को दतिया की मां पीतांबरा पीठ, सतना की मैहर वाली मां शारदा और श्रीराम के वनवास के साक्षी चित्रकूट धाम पहुंचने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस सुविधा से तीर्थ यात्रा सुगम हो जाएगी, साथ ही दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी। दतिया को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा की नगरी दतिया अब हवाई सेवा से देश से और भी बेहतर रूप से जुड़ सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी के एयपरपोर्ट लोकार्पण के बाद 60 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 124 एकड़ में फैले एयरपोर्ट पर प्रारंभिक चरण में 19 सीटर एयरक्राफ्ट उतर सकेंगे। नया एयरपोर्ट पर 1.81 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है। एयरपोर्ट की पार्किंग में लगभग 50 कारों की पार्किंग व्यवस्था है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर दो चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं। यह एयरपोर्ट ATR 72 विमानों की क्षमता वाला है। यहां फ्लाई बिग एयरलाइन्स की उड़ानें सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी। यह एयरपोर्ट दतिया वासियों के साथ-साथ देशभर से मां पीतांबरा के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक सुविधाजनक साधन बनेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। सतना एयरपोर्ट से विन्ध्य को मिलेगी नई पहचान विन्ध्य क्षेत्र की औद्योगिक राजधानी सतना में भी नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। 37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एयरपोर्ट पूर्व निर्मित हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण कर आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (AAI) ने निर्माण कार्य को रिकॉर्ड समय में 31 अक्टूबर 2024 को पूर्ण कर लिया था और DGCA द्वारा 20 दिसंबर 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। इस एयरपोर्ट पर  12 सौ मीटर लंबा रनवे, 750 वर्गमीटर में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग, और एक समय में दो एयरक्राफ्ट पार्किंग की व्यवस्था है। यह एयरपोर्ट अब 19 सीटर विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरपोर्ट में सभी आधुनिक सुविधाएं – एटीसी टावर, फायर स्टेशन, वीआईपी लाउंज, दिव्यांग और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, ट्रांसफार्मर, डीजी सेट, एम्बुलेंस और सुरक्षा व्यवस्थाएं – छोटे स्वरूप में उपलब्ध कराई गई हैं। यह एयरपोर्ट सतना ही नहीं, बल्कि पूरे विन्ध्य क्षेत्र के उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाएगा। सतना के एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से देश और दुनिया में प्रसिद्ध मैहर की शारदा देवी, भगवान राम की वनस्थली चित्रकूट और ज्ञान के तीर्थ के रूप में विकसित नानाजी देशमुख ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट आने वालों के लिए बड़ी सुविधा मिल जाएगी। सतना और आसपास का क्षेत्र खनिजों के साथ सीमेंट आदि कारखानों के लिए आने वाले उद्योगपतियों के लिए भी सुविधाजनक हवाई सफर सुनिश्चित हो सकेगा। सतना के एयरपोर्ट्स तीर्थ यात्रियों के आवागमन के लिए नए द्वार खोल रहा है। इससे प्रधानमंत्री मोदी का ‘नये भारत’ का वह विजन भी साकार हो रहा है, जिसमें छोटे शहरों को भी बड़ी उड़ान सुविधा दिये जाने का सपना संजोया गया है।  

सौगात : भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे, प्रदेश में अब आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल आ रहे हैं। वे इस दौरान बड़ी सौगात देने वाले हैं। बता दें कि वे महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहीं से दतिया और सतना एयरपोर्ट व इंदौर मेट्रो का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।लोकार्पण वाले दिन सतना से हवाई सेवा शुरू करने पर कवायद तेज हो गई है। अभी लाइट के संचालन व किराया तय नहीं हुआ है। इसी तरह इंदौर के लोगों को दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सेवाएं मिलने लगेंगी। हो जाएंगे आठ एयरपोर्ट मध्यप्रदेश में छह एयरपोर्ट कार्यरत हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, खजुराहो और ग्वालियर शामिल हैं। सतना, दतिया एयरपोर्टका लोकार्पण होने के बाद प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे। इंदौर मध्यप्रदेश का पहला मेट्रो रेल वाला शहर बनेगा। मोदी महिला सम्मेलन से ही करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। शिप्रा नदी के दोनों किनारों को मिलाकर 29 किलोमीटर में घाट निर्माण होना है। आधारशिला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही रखेंगे। इंदौर को मेट्रो की सौगात इंदौर अब मेट्रो शहर बनने जा रहा है. पीएम मोदी के इस दौरे पर इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया जाएगा. इंदौरवासियों को जल्द ही दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या को राहत मिलेगी और आवाजाही भी आसान हो जाएगी. मेट्रो परियोजना के साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर लगभग 29 किलोमीटर तक सुंदर घाटों का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री ही रखेंगे. उड़ेगा आम आदमी उड़ान योजना के तहत दतिया से हवाई सेवा शुरू करने का जिमा बिग चार्टर एयरलाइंस कंपनी को दिया गया है। लोकार्पण वाले दिन दतिया-भोपाल-दतिया हवाई सेवा शुरू होगी। कंपनी 2 जून से नियमित सेवा शुरू करेगी, जो सोम, मंगल, बुध और गुरुवार को मिलेगी। बिग चार्टर एयरलाइंस ये चार दिन भोपाल से रीवा, रीवा से भोपाल, भोपाल से दतिया, दतिया से खजुराहो, खजुराहो से दतिया और दतिया से भोपाल के बीच लाइट सेवा देगी। सिर्फ 999 रुपए में यात्री भर सकेंगे उड़ान भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे। बाकी के शहरों का किराया भी कुछ इसी तरह का होगा, लेकिन इसका लाभ पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर मिलेगा। यानी 50% सीटें ही 999 में मिलेंगी। बाकी पर लेक्सी फेयर सिस्टम के तहत 2500 से 3500 रुपए किराया लगेगा। ऐनवक्त पर मामूली बदलाव हो सकता है। रीवा को यह जरूरत डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से भेंट की। उन्होंने रीवा से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली एवं प्रयागराज के लिए एटीआर-72 विमानों से उड़ानों की आवश्यकतासे मंत्री को अवगत कराया।  

भारत अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा

नई दिल्ली भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम 25 मई 2025 को लुटियन दिल्ली में एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठकर पत्रकारों के सामने जब यह ऐलान कर रहे थे, तब नरेंद्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के तौर पर 4018 दिन गुजर चुके थे। मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 26 मई 2025 है यानी पीएम के तौर उनके कार्यकाल का आज 4019वां दिन है। इनमें 1148 वीकेंड, 122 हॉलीडेज और 2747 कामकाजी दिन शामिल हैं। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सुब्रह्मण्यम 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा, “मैं जब बोल रहा हूं, तब हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 4 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी हैं और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ का डेटा है। आज भारत जापान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था है।” उन्होंने बताया, “केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं और जो योजना बनाई जा रही है, अगर हम उसी पर टिके रहते हैं, तो भारत अगले 2, 2.5 से 3 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।” मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाना है…और अगर अर्थव्यवस्था के हिसाब-किताब की नजर में प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल के दिनों को देखा जाए तो पीएम मोदी अब तक जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद सबसे ज़्यादा समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी मुख्यमंत्री नहीं थे। लेकिन वे 6,130 और 5,829 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। 26 मई 2025 तक मोदी PM के तौर पर 4018 दिनों से ज़्यादा समय पूरा कर चुके हैं। इस लिस्ट में वह तीसरे पायदान पर पहुंच चुके हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी हैं। मनमोहन सिंह तीसरे पायदान से खिसकर चौथे स्थान पर जा चुके हैं। जिस सड़क पर अर्थव्यवस्था दौड़ रही है, उसी रास्ते पर पीएम मोदी का कार्यकाल भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा कि 2.5-3 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, और यह भी संयोग देखिए कि नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए, मोदी को मार्च 2031 तक प्रधानमंत्री बने रहना होगा। सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने मोदी 17 सितंबर 2024 को नई दिल्ली स्थिति नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस याद कीजिए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित की गई थी। यह वह दिन भी था जब 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी 74 वर्ष के हुए थे। उस दिन अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी के के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था… पीएम मोदी के 8 बड़े काम प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने कई फैसले लिए जिसमें आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा को प्राथमिकता दी गई। 1. आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा विकास: मोदी सरकार ने 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया, जिससे पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था बनी। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला और विदेशी निवेश आकर्षित किया गया। ‘स्टार्टअप इंडिया’ के जरिए नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया गया। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर पर सड़कें बनाई गईं और ‘भारतमाला’ व ‘सागरमाला’ जैसी योजनाएं शुरू की गईं। मेट्रो नेटवर्क भी देश के कई शहरों में तेजी से फैला। 2. जनकल्याण और सामाजिक योजनाएं: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए जिससे वित्तीय समावेशन को बल मिला। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 9 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों लोगों को घर मिले और आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया गया। 3. डिजिटल और तकनीकी प्रगति: डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिला, ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचा और ऑनलाइन सरकारी सेवाएं आसान हुईं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई। देश में 5G सेवा की शुरुआत हुई और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम भी उठाए गए। 4. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा: 2016 और 2019 में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया — तेजस लड़ाकू विमान, INS विक्रांत, अग्नि-V मिसाइल जैसे कई प्लेटफॉर्म विकसित हुए। माइनस्वीपर युद्धपोतों की योजना को फिर से शुरू किया गया ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला किया जा सके। 5. विदेश नीति और वैश्विक पहचान: ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक रणनीति’ के तहत भारत ने चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में काम किया। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के साथ संबंध मजबूत किए। भारत ने 2023 में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की। 6. शासन और संरचनात्मक सुधार: 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, जिससे राज्य को विशेष दर्जा समाप्त हुआ। तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया गया। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना से प्रवासी मजदूरों को देश के किसी भी हिस्से में राशन मिलना संभव हुआ। 7. कृषि और ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को सीधे खातों में आर्थिक सहायता दी गई। ‘सौभाग्य योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ से गांवों में बिजली और सड़कें पहुंचीं। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य लिया गया। 8. क्राइसिस मैनेजमेंट: कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने … Read more

हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं: प्रधानमंत्री हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री आदिवासी समाज के विकास के लिए पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं: प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हम भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है: प्रधानमंत्री दाहोद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने गुजरात के लोगों के अटूट समर्थन और आशीर्वाद को स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें देश का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस विश्वास और प्रोत्साहन ने दिन-रात देश की सेवा के लिए उनके समर्पण को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय निर्णय लिए हैं, जो दशकों पुरानी बाधाओं से मुक्त हुए हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा, “आज देश निराशा और अंधकार के युग से निकलकर आत्मविश्वास और आशावाद के नए युग में प्रवेश कर चुका है।”                      मोदी ने कहा, “140 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के निर्माण में एकजुट हैं”, उन्होंने भारत के भीतर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत अब स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, खिलौने, रक्षा उपकरण और दवाओं सहित कई तरह के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल रेल और मेट्रो तकनीक का निर्माण कर रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर निर्यात भी कर रहा है। इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण दाहोद को बताते हुए, जहां हजारों करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया, मोदी ने दाहोद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उजागर किया। उन्होंने तीन साल पहले इसकी आधारशिला रखने को याद किया और गर्व व्यक्त किया कि अब पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक निर्मित किया गया है। उन्होंने लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि गुजरात ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, इसे एक उल्लेखनीय मील का पत्थर बताया और इस उपलब्धि के लिए गुजरात के लोगों को बधाई दी। दाहोद के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस क्षेत्र से जुड़ी कई यादों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दशकों से दाहोद आते रहे हैं और अपने शुरुआती वर्षों में वे अक्सर साइकिल से इस क्षेत्र का भ्रमण करते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन अनुभवों से उन्हें दाहोद की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को समझने का मौका मिला। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी वे कई बार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे और इसके मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दाहोद में हर विकास पहल से उन्हें अपार संतुष्टि मिलती है और आज का दिन उनके लिए एक और सार्थक दिन है।    पिछले 10-11 वर्षों में भारत के रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरूआत पर जोर दिया, जिससे पूरे देश में कनेक्टिविटी बदल रही है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें अब लगभग 70 मार्गों पर चल रही हैं, जो भारत के परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अहमदाबाद और वेरावल के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की घोषणा की। मोदी ने आगे कहा कि भारत में आधुनिक ट्रेनों का उदय देश की प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच और लोकोमोटिव अब घरेलू स्तर पर निर्मित होते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है। मोदी ने कहा, “भारत रेलवे उपकरणों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है”, उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और इंग्लैंड, सऊदी अरब और फ्रांस को ट्रेन कोच निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली भी भारत से रेलवे से संबंधित घटक आयात करते हैं। मोदी ने आगे कहा कि भारतीय यात्री कोच मोजाम्बिक और श्रीलंका में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और ‘मेड इन इंडिया’ लोकोमोटिव कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के निरंतर विस्तार को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करता है।                              प्रधानमंत्री ने कहा, “एक मजबूत रेलवे नेटवर्क सुविधा को बढ़ाता है और उद्योगों और कृषि को बढ़ावा देता है”, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई क्षेत्रों को पिछले दशक में पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में पहले केवल छोटी, धीमी गति वाली ट्रेनें थीं, लेकिन अब कई नैरो-गेज मार्गों का विस्तार किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई रेलवे मार्गों के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, जिससे आदिवासी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि कारखाने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दाहोद की रेल फैक्ट्री 9,000 हॉर्स पावर के इंजनों का निर्माण करेगी, जिससे भारत की ट्रेनों की शक्ति और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, उन्होंने कहा कि दाहोद में बनने वाले हर इंजन पर शहर का नाम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों इंजन बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के … Read more

आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी

दाहोद पीएम नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जहां उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया. इस दौरान 30 हजार महिलाएं पीएम का स्वागत किया. रोड शो के बाद पीएम दाहोद के लिए रवाना हो गए हैं, जहां पीएम लोको निर्माण शॉप-रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का उद्घाटन किया और कर्मचारियों से मुलाकात भी की . आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी गुजरात के दाहोद में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्य कार्रवाई नहीं है. ये हम भारतीयों के संस्कारों, हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है. आतंक फैलाने वालों ने सपने में भी सोचा नहीं होगा कि मोदी से मुकाबला करना कितना मुश्किल होता है. बाल-बच्चों के सामने पिता को गोली मार दी. आज भी वो तस्वीरें देखते हैं तो खून खौल जाता है. ये 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी इसलिए मोदी ने वही किया, जिसके लिए देशवासियों ने आपने मुझे प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी. मोदी जी अपनी तीनों सेनाओं को खुली छूट दी और हमारी सेना ने वो कर दिखाया जो दुनिया ने पिछले कई दशकों से नहीं देखा था. हमने सीमा पार चल रहे आतंक के नौ सबसे बड़े आतंकी ठिकाने, उन्हें ढूंढ निकाला. हिसाब-किताब पक्का कर लिया और 22 तारीख को जो खेल खेला गया था, छह तारीख की रात को 22 मिनट में हमने उन्हें मिट्टी में मिला दिया. लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने दुस्साहस दिखाया तो हमारी सेना ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटा दी. देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर चीज देश के अंदर बनाने की जरूरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं. दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इससे पहले पीएम मोदी ने रोड शो निकाला. पीएम मोदी ने दाहोद में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन 2014 में पहली बार उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. गुजरात के लोगों ने उन्हें सबसे पहले आशीर्वाद दिया, फिर करोड़ों भारतीयों ने मुझे आशीर्वाद दिया. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हाल के वर्षों में देश ने ऐसे निर्णय लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व थे. देश ने दशकों पुरानी बेड़ियां तोड़ दी. 140 करोड़ भारतीय देश को विकसित बनाने की दिशा में लगे हैं. यह समय की मांग है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के भीतर हर चीज बनाई जाए. भारत विनिर्माण की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में भारतीय रेलवे के लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. वहीं, उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया जिसमें लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र घरेलू उद्देश्यों और निर्यात के लिए 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. ये इंजन भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगे. पीएम मोदी का रोड शो में जोरदार स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिनों के दौरे पर आज वडोदरा पहुंचे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका यह पहला गुजरात दौरा है. यहां रोड शो के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. सड़क किनारे भारी सख्या में मौजूद लोगों ने उनके ऊपर फूल बरसाकर खुशी का इजहार किया. पीएम मोदी वडोदरा से दाहोद जाएंगे. बता दें कि पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडोदरा में रोड शो के दौरान भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार के सदस्यों ने पुष्प वर्षा की. कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना भी पहुंची पीएम मोदी के रोड शो पर कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना सुनसारा ने कहा, ‘पीएम मोदी से मिलकर हमें अच्छा लगा. पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. सोफिया मेरी जुड़वां बहन है. जब आपकी बहन देश के लिए कुछ करती है, तो यह न केवल मुझे बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती है. वह अब सिर्फ मेरी बहन नहीं बल्कि देश की बहन भी है.’ कर्नल सोफिया की बहिन के अलावा उनके भाई संजय कुरैशी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी यहां आए तो यह एक शानदार पल था. हम उन्हें पहली बार देख पाए. इशारों से उन्होंने हमारा अभिवादन किया. मैं अपने रक्षा बलों और भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी बहन को यह मौका दिया. एक महिला उन महिलाओं का बदला ले रही है जिन्होंने इतना कुछ सहा है, इससे बेहतर क्या हो सकता है? वहीं, रोड शो में अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए.          पीएम मोदी का थोड़ी देर में एक लोकोमोटिव निर्माण संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम है. इसके साथ ही एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी भी दिखाएंगे. इसके बाद वे दाहोद में करीब 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री भुज जाएंगे और शाम करीब 4 बजे भुज में 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री गांधीनगर जाएंगे और 27 मई को सुबह करीब 11 बजे गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेंगे और शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे. गुजरात में पूरा रेल नेटवर्क का हुआ 100% विद्युतीकृत: पीएम मोदी PM ने कहा, ‘आज दाहोद में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया. इनमें सबसे उल्लेखनीय दाहोद में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री है. तीन साल पहले मुझे इसकी आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था. अब इस फैक्ट्री से पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक बनाया गया है. एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि गुजरात में पूरा रेलवे नेटवर्क अब 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो गया है. इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता … Read more

आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया देखेगी: प्रधानमंत्री मोदी

बीकानेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में आतंकवाद पर एक बार फिर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों की मांग का सिंदूर उजाड़ दिया था. वो गोलियां पहलगाम में चली थी लेकिन उन गोलियों से 140 करोड़ देशवासियों का सीना छलनी हुआ था. इसके बाद हर देशवासी ने एकजुट होकर संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे. उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा देंगे. आज आपके आशीर्वाद से देश की सेना के शौर्य से हम सब उस प्रण पर खरे उतरे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी थी और तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया. ये वीर धरा हमें सिखाती है कि देश और देशवासियों से बड़ा और कुछ नहीं. 22 तारीख के हमले के जवाब में हमने 22 मिनट में आतंकियों के नौ सबसे बड़े ठिकाने तबाह कर दिए. उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों से कहता हूं जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है. जो हिंदुस्तान का लहू बहाते थे, आज कतरे-कतरे का हिसाब चुकाया है. जो सोचते थे कि भारत चुप रहेगा. आज वो घरों में दुबके पड़े हैं. जो अपने हथियारों पर घमंड करते हैं, आज वो मलबे के ढेर में दबे हुए है. मेरे प्यारे देशवासियों, ये शोध-प्रतिशोध का खेल नहीं, ये न्याय का नया स्वरूप है. ये ऑपरेशन सिंदूर है. ये सिर्फ आक्रोश नहीं है. ये समस्त भारत का रौद्र रूप है. ये भारत का नया स्वरूप है. पहले घर में घुसकर किया था वार. अब सीधा सीने पर किया प्रहार है. आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, यही रीति है. यही भारत है, नया भारत है. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने भी देख लिया कि जब सिंदूर, बारूद बन जाता है तो नतीजा क्या होता है. मैं जब एयरस्ट्राइक के बाद आया था, तब मैंने कहा था कि सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा. मैं देश नहीं झुकने दूंगा. आज मैं राजस्थान की धरती से देशवासियों से बड़ी नम्रता के साथ कहना चाहता हूं कि देश के कोने-कोने में जो तिरंगा यात्राओं का हुजूम चल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि एटम बम की गीदड़ भभकियों से भारत डरने वाला नहीं है. हम आतंक के आकाओं और आतंकी सरपरस्त सरकार को अलग-अलग नहीं देखेंगे. उन्हें एक ही मानेंगे. पाकिस्तान का ये स्टेट और नॉन स्टेट एक्टर वाला खेल अब नहीं चलेगा. आपने देखा होगा, पूरी दुनिया में पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए हमारे देश के सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल विश्वभर में पहुंच रहे हैं. इसमें देश के समस्त राजनीतिक दलों के लोग हैं. अब पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा. पाकिस्तान भारत से कभी सीधी लड़ाई जीत भी नहीं सकता. जब भी सीधी लड़ाई होती है, तो बार-बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ती है. इसलिए पाकिस्तान ने आतंकवाद को भारत के खिलाफ लड़ाई का हथियार बनाया है. आजादी के बाद पिछले कई दशकों से यही चला आ रहा है. पाकिस्तान आतंक फैलाता था, निर्दोष लोगों की हत्या करता था. भारत में डर का माहौल बनाता था लेकिन पाकिस्तान एक बात भूल गया. अब मां भारती का सेवक मोदी यहां सीना तानकर खड़ा है. मोदी का दिमाग ठंडा है, ठंडा रहता है लेकिन लहू गर्म बहता है. अब तो मोदी की नसों में लहू नहीं गर्म सिंदूर बह रहा है. उन्होंने कहा कि हर आतंकी हमले की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पडे़गी और ये कीमत पाकिस्तान की सेना चुकाएगी, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चुकाएगी. जब मैं दिल्ली से यहां आया तो बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर उतरा. पाकिस्तान ने इस एयरबेस को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी लेकिन वो इस एयरबेस को रत्तीभर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाया और वहीं यहां से कुछ ही दूर सीमापार पाकिस्तान का रहीमयार खान एयबेस है, पता नहीं कम खुलेगा. आईसीयू में पड़ा है. पाकिस्तान के साथ ना ट्रेड होगा, ना टॉक. अगर बात होगी तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की. पाकिस्तान को भारत के हक का पानी मिलेगा. भारतीयों के खून से खेलना, पाकिस्तान को भारी पड़ेगा. ये भारत का संकल्प है कि दुनिया की कोई ताकत हमें इस संकल्प से डिगा नहीं सकती. मुख्य बिंदु  ‘PAK से ना ट्रेड, ना टॉक होगा’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा  ‘मोदी का दिमाग ठंडा, लहू गर्म रहता है’, बोले प्रधानमंत्री मोदी ‘मोदी की रगों में लहू नहीं गर्म सिंदूर बह रहा है’, बोले PM मोदी ‘पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया देखेगी’, बीकानेर में PM मोदी ने कहा ‘आतंक का फन कुचलने की यही नीति है’, बीकानेर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘आतंकी और सरपरस्त सरकार को एक जैसा देखेंगे’, बीकानेर में बोले पीएम मोदी ये शोध प्रतिशोध नहीं न्याय का नया स्वरूप है- पीएम नरेंद्र मोदी सिंदूर मिटाने वाले मिट्टी में मिला दिए गए- पीएम नरेंद्र मोदी दुश्मनों ने सिंदूर को बारूद बनते देखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘हमने 22 मिनट में आतंक के ठिकाने तबाह किए’, पीएम मोदी ने कहा ‘आतंकियों ने धर्म पूछकर सिंदूर उजाड़े’, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारे लोगों को मारा’, बोले पीएम मोदी ‘राजस्थान रिफाइनरी का काम अंतिम चरण में’, बोले प्रधानमंत्री मोदी  ‘विकसित भारत की दिशा में अग्रसर’, बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  अभी देश में 70 रूट पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं- पीएम मोदी      

पीएम मोदी ने MP के 6 रेलवे स्टेशन का वर्चुअली लोकार्पण किया : 86 करोड़ से उपलब्ध कराईं आधुनिक सुविधाएं

 भोपाल  भारतीय रेल के लिए आज दिन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के बीकानेर से वर्चुअली जुड़कर अब तक रिडेवलप किए गए 100 से ज्यादा अमृत स्टेशनों का उद्घाटन किया। देश में कुल 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में मध्य प्रदेश के 6 अमृत स्टेशन शामिल हैं। शाजापुर स्टेशन के साथ ही इसमें कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, सिवनी और ओरछा स्टेशन शामिल है। देश के ‘विकास का प्रवेश द्वार’ सिद्ध होने जा रहे ये सभी स्टेशन न सिर्फ यात्रियों को सुगम, सुरक्षित व आनंददायक यात्रा का अनुभव देंगे, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे। कटनी साउथ स्टेशन का उद्घाटन कटनी साउथ स्टेशन के नए स्वरूप के उद्घाटन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा सहित डीआरएम व स्थानीय विधायक मौजूद हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा- ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। सीएम ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई भारत की ताकत सीएम ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। शाजापुर स्टेशन के लिए 13 करोड़ रुपये हुए खर्च शाजापुर स्टेशन के माध्यम से जिले के व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसका पुनर्विकास 13 करोड़ रुपये खर्च कर किया गया है। इस स्टेशन का सम्पूर्ण ढांचा अब यात्रियों की सुविधाओं को सर्वोपरि रखते हुए आधुनिक मानकों पर आधारित है। स्टेशन के बाहरी एरिया पर शाजापुर की पारंपरिक कलाओं और स्थापत्य की झलक मिलती है, स्टेशन परिसर में निर्मित ‘आर्ट एंड कल्चर जोन’ 140 वर्ग मीटर में फैला है, जो स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगा। हाईमास्ट लाइट, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, रैंप इन 103 अमृत स्टेशन को एबीएसएस के तहत 1100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्यप्रदेश दौरे की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 मई को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा, सुरक्षा, यातायात, जनसंपर्क एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, समुचित और प्रभावी रूप से पूरी की जाएं ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर का योगदान न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि पूरे भारत में धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अद्वितीय रहा है। उनकी स्मृति में यह आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश की धरती पर पधार रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाए। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं की प्रभावी योजना तैयार करने के लिए विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  

पीएम मोदी 25 मई को आ रहे गुजरात, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला दौरा

अहमदाबाद पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से आतंकवादियों के आकाओं को कड़ा जवाब देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर आएंगे। पीएम मोदी के अहमदाबाद, दाहोद और कच्छ के भुज जाने की संभावना है। पीएम मोदी कच्छ के भुज में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार जल्द ही पीएम मोदी का आधिकारिक कार्यक्रम रिलीज हो जाएगा। इसे अंतिम तौर पर फाइनल किया जा रहा है। पीएम मोदी पिछले साल दिवाली पर कच्छ पहुंचे थे तब उन्होंने सरक्रीक के पास हरामी नाला के नजदीक सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते भुज एयरबेस का दौरा किया था। सीमावर्ती जिलों में हुए थे हमले पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पर राष्ट्र को संबोधित किया था। इसके बाद वह जाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे। वहां से पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था। अब पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे सकते हैं। गुजरात में कच्छ-बनासकांठा और पाटण जिले पाकिस्ता की सीमा वाले जिले हैं। सैन्य संघर्ष के दौरान इन जिलों पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला किया था। जिसका भारत ने बखूबी जवाब दिया था और सभी हमलों को नाकाम कर दिया था। पहलगाम आतंकी हमले में गुजरात के तीन लोग मारे गए थे। इनमें दो भावनगर और एक व्यक्ति सूरत के रहने वाले थे। कच्छ में तैयारियां जोरों पर सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बाद 25 मई से 26 मई तक गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कच्छ के भुज, दाहोद और अहमदाबाद में रहने की उम्मीद है। पीएम मोदी अपने दौरे में कच्छ के भुज शहर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह पीएम मोदी का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहला गुजरात में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। गुजरात दौरे पर के बाद पीएम मोदी पूर्वोत्तर के दौरे पर जाएंगे।

महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में महिला सम्मेलन को करेंगे संबोधित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष को समर्पित होगा सम्मेलन लोकमाता देवी अहिल्या को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं महिलाएं संभालेंगी सम्मेलन की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 31 मई को भोपाल आगमन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष के शुभारंभ का प्रतीक यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन को समर्पित होगा। सम्मेलन में लगभग एक लाख महिलाएं भाग लेंगी। कार्यक्रम का संयोजन प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है, इसमें भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय भी सहयोग करेगा। कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन ही राज्य शासन का मिशन है। उन्होंने ज्ञान के कल्याण के अंतर्गत गरीब-युवा-किसान और नारी सशक्तिकरण के लिए मिशन आरंभ किए हैं। प्रदेश में नारी सशक्तिकरण के लिए संचालित सभी प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों को महिला सम्मेलन में प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन में स्व सहायता समूहों के नवाचारों, उद्योग-रोजगार और स्टार्ट-अप में महिलाओं द्वारा की जा रही पहल, सेव सिटी प्रोजेक्ट सहित विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर केंद्रित स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, नगरीय निकायों- पंचायतों, शासकीय सेवाओं और स्व सहायता समूहों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इंजीनियरिंग, चिकित्सा और शिक्षण सहित सभी विशेषज्ञतापूर्ण गतिविधियों में भी महिलाओं का योगदान बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में हो रहे महिला सम्मेलन के अंतर्गत मंच संचालन, क्रॉउड मैनेजमेंट, यातायात प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन और सुरक्षा सहित सम्पूर्ण व्यवस्था की कमान महिलाओं को सौंपी जाए। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधार रहीं महिलाओं के सुगम आगमन-प्रस्थान, उचित बैठक व्यवस्था के साथ ही पेयजल और खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  

20 मई को चलेगी प्रदेश की पहली मेट्रो, लेकिन सफर रहेगा बिल्कुल फ्री, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

इंदौर  इंदौर मेट्रो के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को बड़ी अच्छी खबर मिलने वाली है। 20 मई से मेट्रो शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। शुरुआत में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने का मौका मिलेगा। बाद में टिकट पर छूट भी मिलेगी। मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इसका किराया 20 रुपये से शुरू होगा। खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश में यह पहली मेट्रो होगी जो अपना चलना शुरू करेगी। भोपाल मेट्रो को पूरा करने का काम भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। इंदौर मेट्रो को शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसके लिए काम कर रहा है। अभी तक कॉमर्शियल रन की तारीख आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुई है, लेकिन यह तय हो गया है कि पीएम मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी दिखांएगे हरी झंडी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी 20 मई को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। कयास हैं कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सरकार ने अभी तक इस बारे में बात स्पष्ट नहीं की है। पहले सात दिन इंदौर मेट्रो फ्री मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को लुभाने के लिए खास योजना बना रहा है। शुरू में टिकट पर छूट दी जाएगी। पहले हफ्ते में यात्रा मुफ्त रहेगी। दूसरे हफ्ते में टिकट पर 70 प्रतिशत छूट मिलेगी। तीसरे हफ्ते में यह छूट 50 प्रतिशत होगी। चौथे हफ्ते से अगले 3 महीनों तक टिकट पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। बता दें कि सी एमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने पिछले दिनों ही इंदौर मेट्रो को हरी झंडी दिखाते हुए अपनी ओके रिपोर्ट दे दी थी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इस दौरान मेट्रो दोनों तरफ़ से 25-25 फेरे लगाएगी, यानी की मेट्रो दोनों तरफ के मिलाकर कुल 50 फेरे लगाएगी। इंदौर मेट्रो दोनों तरफ से एक साथ चलना शुरू होगी यानी गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ चलेगी। इंदौर मेट्रो दोनों स्टेशन से सुबह 8 बजे से चलना शुरू होगी और आखिरी फेरा रात 8 बजे लगाएगी। मेट्रो के कॉमर्शियल रन के दौरान हर 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर इस समय को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। 20 रुपए रहेगा किराया मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इंदौर मेट्रो का किराया 5 जोन में बांटा है। इस 5 जोन के तहत इंदौर मेट्रो के 28 स्टेशन आएंगे। न्यूनतम किराया 20 रुपए रहेगा। जबकि अधिकतम किराया 80 रुपए रखा गया है। वहीं, शुरुआती प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो इसका न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए रहेगा। कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 से 5 मिनट लगेंगे इंदौर में यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 5.9 किमी का है। इसमें 5 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट के अंदर पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन मेट्रो डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के आगे तक टेस्टिंग हो रही है, जो दिन और रात दोनों समय की जा रही है। बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल रन के दौरान जब इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो वह हर 2 से 5 मिनट में एक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। 24-25 मार्च को किया था फाइनल निरीक्षण सीएमआरएस ने 24-25 मार्च को ही मेट्रो का तीसरा और अंतिम निरीक्षण किया था। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6 किमी हिस्से में मेट्रो दौड़ेगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3, 4, 5 और 6 कुल पांच स्टेशन आएंगे। इनमें इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्कलेटर सहित सभी सुविधाएं जुटाई जा चुकी हैं। ट्रेन को न्यूनतम व अधिकतम गति से चलाकर देखा जा चुका है। हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम ने मेट्रो को हरी झंडी दिखा दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे सुरक्षित बताया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इंदौर मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। मेट्रो दोनों तरफ से 25-25 चक्कर लगाएगी। इस तरह कुल 50 चक्कर लगेंगे। मेट्रो गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ शुरू होगी। मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक मेट्रो मिलेगी। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, तो समय कम किया जा सकता है। इतना होगा किराया मेट्रो का किराया अलग-अलग जोन के हिसाब से होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए को 5 जोन में बांटा है। इन 5 जोन में मेट्रो के 28 स्टेशन होंगे। सबसे कम किराया 20 रुपये होगा। सबसे ज्यादा किराया 80 रुपये होगा। शुरुआती रूट पर सबसे कम किराया 20 रुपये और सबसे ज्यादा किराया 30 रुपये होगा।

केंद्र सरकार केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे

भोपाल एमपी सरकार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पीएम आवास के लिए इस साल 4300 करोड़ रुपए देगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में गरीबों के लिए आवास बनाने का काम तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दो हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। पीएम ई-बस सेवा और मेट्रो के लिए 186 करोड़ रुपए इस साल मोहन यादव सरकार को मिलेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से संचालित योजनाओं के साथ अलग-अलग विभागों को केंद्र सरकार द्वारा इस साल मोहन सरकार को 44255 करोड़ रुपए देने वाली है। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के संयुक्त क्रियान्वयन के लिए कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का फैसला किया गया है। इसमें 44255.33 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी जबकि 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के रूप में शामिल होंगे। जो राशि एमपी को देने के लिए तय की गई है। उसमें स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क के साथ अन्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर फोकस किया है। इस राशि से प्रदेश के तेज विकास ढांचे को मजबूती देने का काम किया जा सकेगा।     योजनाओं में केंद्र से मिलेगी इतनी राशि स्वास्थ्य सेक्टर के लिए… उप स्वास्थ्य केंद्र 668.17 करोड़ नए नर्सिंग काॅलेज निर्माण 37.50 करोड़ जिला स्तरीय अमला 87.72 करोड़ एमबीबीएस सीट्स वृद्धि 90 करोड़ आयुष्मान भारत 765.96 करोड़ नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना 250 करोड़ आवास के लिए… पीएम आवास योजना अर्बन एएचपी 150 करोड़ पीएम आवास योजना अर्बन बीएलसी 600 करोड़ हाउसिंग फॉर ऑल 250.86 करोड़ पीएम जनमन आवास ग्रामीण 660 करोड़ पीएम आवास ग्रामीण 2640 करोड़ सड़क निर्माण के लिए पीएम ग्राम सड़क 810 करोड़ पीएम जनमन सड़क 633.60 करोड़ केंद्रीय सड़क निधि 1150 करोड़ अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं… पुलिस बल आधुनिकीकरण 15 करोड़ वन्य जीव पर्यावास का समन्वित विकास 86.91 करोड़ राष्ट्रीय वनीकरण ग्रीन इंडिया 48.27 करोड़ राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों का रहवास कार्यक्रम 15.22 करोड़ परंपरागत कृषि विकास योजना 29.95 करोड़ पीएम ई बस सेवा 65.99 करोड़ मेट्रो रेल 120 करोड़ शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 120 करोड़ न्यायालय भवन निर्माण 180 करोड़ केन बेतवा लिंक परियोजना 630 करोड़ बांध तथा अन्य कार्य 290 करोड़ जल जीवन मिशन 8561.22 करोड़ पीएम कौशल विकास योजना 86.56 करोड़ आंगनबाड़ी सेवाएं 3263.59 करोड़ ओबीसी को 11वीं, 12वीं, कालेज स्कॉलरशिप 200.20 करोड़ एससी स्टूडेंट्स को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 461 करोड़ मनरेगा 3220 करोड़

‘ घर में घुसकर मारेंगे हम, बचने का मौका भी नहीं देंगे…’, आदमपुर में जवानों से बोले PM मोदी

आदमपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंगलवार सुबह अचानक पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे, तो एक तस्वीर सबसे अलग दिखी, जिसने पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को एक झटके में ध्वस्त कर दिया. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय वायुसेना के जवानों की ओर हाथ हिलाते हुए दिख रहे थे, जबकि उनके पीछे मिग-29 जेट और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम बिल्कुल सही सलामत खड़े थे. इस तस्वीर का संदेश दोतरफा था- इसने न केवल पाकिस्तान के इस दावे को खारिज किया कि उसके जेएफ-17 लड़ाकू विमान से दागी गई मिसाइलों ने आदमपुर में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की अटूट प्रतिबद्धता का भी संकेत दिया. हम घर में घुसकर मारेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आपने पाकिस्तानी फौज को भी बता दिया कि पाकिस्तान में ऐसा कोई ठिकाना नहीं है जहां बैठकर आतंकवादी चैन की सांस ले सकेंगे। हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका तक नहीं देंगे। और हमारे ड्रोन्स हमारी मिसाइलें उनके बारे में तो सोचकर पाकिस्तान को कई दिन तक नींद नहीं आएगी। कौशल दिखलाया चालों में उड़ गया भयानक भावों में निर्विक गया ढालों में सपरट दौड़ा करवालों में ये पंक्तियां महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई थी, लेकिन ये पंक्तियां आज के आधुनिक भारतीय हथियारों पर भी फिट बैठती है साथियों ऑपरेशन सिंदूर से आपने देश का आत्मबल बढ़ाया है। सेना ने जो किया, अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है और अद्भुत है प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा कि देश को एकता के सूत्र में बांधा है और आपने भारत की सीमाओं की रक्षा की है, भारत के स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है। आपने वो किया है अभूतपूर्व है अकल्पनीय है और अद्भुत है, हमारी एयरफोर्स ने पाकिस्तान में इतना डीप आतंक को अड्डों को टारगेट किया सिर्फ 20-25 मिनट के भीतर सीमा पार लक्ष्यों को भेदना बिल्कुल पिन प्वाइंट टारगेट को हिट करना ये सिर्फ एक मॉडर्न टेक्नॉलजी से लैस प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है। सावधानी के साथ पाकिस्तान को जवाब दिया पीएम मोदी ने कहा कि दुश्मन को पता ही नहीं चला कि कब उसका सीना छलनी हो गया, हमारा लक्ष्य पाकिस्तान के अंदर टेटर हेडक्वॉर्टर को हिट करने का था आतंकियों को हिट करने का था लेकिन पाकिस्तान ने अपने यात्री विमानों को सामने करके जो साजिश रची मैं कल्पना कर सकता हूं कि वो पल कितना कठिन होगा जब नागरिक एयरक्रॉफ्ट दिख रहा है। मुझे गर्व है कि आपने बहुत सावधानी से बहुत सर्तकता से नागरिक एयरक्रॉफ्ट को नुकसान किए बिना कमाल करके दिखाया उसका जवाब दे दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि आप सभी अपने लक्ष्यों पर बिल्कुल खरे उतरे हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और उनके एयरबेस ही तबाह नहीं हुए बल्कि उनके नापाक इरादे और उनका दुस्साहस दोनों की हार हुई। आपको ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए दुश्मन ने इस एयरबेस के साथ साथ हमारे अनेक एयरबेस पर हमला करने की कई बार कोशिश की बार बार हमें टारगेट किया, लेकिन पाक के नापाक इरादे हर बार नाकाम हो गए। पीएम ने भारतीय सेना की तारीफ पाकिस्तान के ड्रोन्स पाकिस्तान के एयरक्रॉफ्ट और उसकी मिसाइलें हमारे सशक्त एयर डिफेंस के सामने सबके सब ढेर हो गए। मैं देश के सभी एयरबेस के लीडरशिप की भारतीय वायुसेना के हर एयर वॉरियर की हृदय से सराहना करता हूं आपने वाकई बहुत शानदार काम किया। आतंक के विरूद्ध भारत की लक्ष्मण रेखा अब एकदम साफ है। अब फिर कोई टेरर अटैक हुआ तो भारत जवाब देगा, पक्का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल आतंकवादियों को बल्कि उन्हें समर्थन देने वाली पाकिस्तानी सेना को भी कड़ा जवाब देकर अपनी ताकत दिखाई है. पंजाब के आदमपुर एयरबेस में इंडियन एयर फोर्स के वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जिस पाकिस्तानी सेना के भरोसे ये आतंकवादी बैठे थे, भारतीय सेना, भारत की वायु सेना और भारतीयों ने उस पाकिस्तानी सेना को भी धूल चटा दी है. भारत की सेनाओं ने पाकिस्तानी सेना को यह भी दिखा दिया है कि पाकिस्तान में अब कोई जगह नहीं बची है जहां आतंकवादी बैठकर चैन की सांस ले सकें. हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका तक नहीं देंगे.’ उन्होंने भारत की आधुनिक सैन्य क्षमता की तारीफ की और पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, ‘हमारे ड्रोन, हमारी मिसाइलें- इनके बारे में सोचने मात्र से ही पाकिस्तान की कई दिनों तक नींद उड़ जाएगी.’ नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भारत के सैनिक मां भारती की जय बोलते हैं, तो दुश्मन के कलेजे कांप जाते हैं। जब हमारे ड्रोन दुश्मन के किले की दीवारों को ढहा देते हैं, जब हमारी मिसाइलें सनसनाती हुई निशाने पर पहुंचती हैं, तो दुश्मन को सुनाई देता है – भारत माता की जय…। उन्होंने कहा कि जब हमारी फौजें न्यूक्लियर ब्लैकमेल की धमकी की हवा निकाल देती हैं, तो आकाश से पाताल तक एक ही बात गूंजती है – भारत माता की जय…। उन्होंने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी ने वाकई कोटि-कोटि भारतीयों का सीना चौड़ा कर दिया है। हर भारतीय का माथा गर्व से ऊंचा कर दिया है। आपने इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से घबराकर दुश्मन ने इस एयरबेस और हमारे कई अन्य एयरबेसों पर कई बार हमला करने की कोशिश की। उन्होंने हमें बार-बार निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान के नापाक मंसूबे हर बार नाकाम हो गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के ड्रोन, उनके यूएवी, विमान और मिसाइलें – ये सभी हमारी सक्षम वायु रक्षा के सामने विफल हो गए। मैं देश के सभी एयर बेस के नेतृत्व और भारतीय वायुसेना के हर वायु योद्धा की दिल से सराहना करता हूं। आपने वाकई शानदार काम किया है। मोदी ने कहा कि जब वीरों के पैर धरती पर पड़ते हैं, तो धरती धन्य हो जाती है। जब वीरों के दर्शन का अवसर मिलता है, तो जीवन धन्य हो जाता है। इसलिए मैं आज सुबह-सुबह ही आपके दर्शन करने के लिए यहां पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि आज से अनेक दशक बाद भी जब भारत के इस पराक्रम की चर्चा होगी, तो … Read more

पीएम मोदी का रात आठ बजे देश के नाम संबोधन, क्या पाकिस्तान तनाव पर बोलेंगे?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं। ऐसे में मानाज रहा है कि वह भारत-पाकिस्तान तनाव पर बोल सकते हैं। पाकिस्तान के साथ शुरू हुए तनाव के बीच पीएम मोदी काफी दिनों से खुद पाकिस्तान की हरकत पर नजर रख रहे थे। पाकिस्तान के साथ जारी संघर्ष के दौरान भी पीएम तीनों सेनाओं के प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, मंत्रियों और विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों से लगातार बैठकें कर रहे थे। दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई की रात भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इन ठिकानों में रहने वाले कई आतंकी भी मारे गए थे। भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तान ने पलटवार करने की कोशिश की थी, जिसमें उसने ड्रोन हमले के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में भारी फायरिंग की थी। पाकिस्तान ने भारत के आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। नूर खान सहित कई एयरबेस को बनाया निशाना पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकत के बाद भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत ने पाकिस्तान के नूर खान, सहित कई एयरबेस पर हमला किया था। भारत के जवाब के बाद कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं थीं, जिसमें पाकिस्तान के एयरबेस पर मिसाइल हमले के बाद आग की लपटें जलती हुई नजर आ रही थीं। दोनों देशों ने अचानक की संघर्ष विराम की घोषणा दोनों देशों के बीच संघर्ष के दौरान कल (10 मई) की शाम 5 बजे अचानक दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा कर दी गई। इस ऐलान के दौरान बकायद भारत और पाकिस्तान दोनों की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस की गई थी। इसमें बताया गया था कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही संघर्ष विराम के लिए फिलहाल तैयार हो गए हैं। संघर्ष विराम के ऐलान के बाद लोग पीएम मोदी के संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस बीच आज यह जानकारी सामने आई है कि पीएम मोदी रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे।

पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी: भारत

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नई दिल्ली  भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी. सरकारी सूत्रों ने कहा कि कश्मीर पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है, अब केवल एक ही मुद्दा बचा है- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी. इसके अलावा बात करने के लिए कुछ नहीं है. सूत्रों ने कहा कि अगर वे आतंकवादियों को सौंपने की बात करते हैं, तो हम बात कर सकते हैं. हमारा किसी अन्य विषय पर कोई इरादा नहीं है. हम नहीं चाहते कि कोई मध्यस्थता करे. हमें किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है.” पीएम मोदी के स्पष्ट निर्देश सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगर पाकिस्तान से गोली चले तो भारत से गोला चलाया जाए. उन्होंने कहा कि एयरबेस पर हमले निर्णायक मोड़ थे. सूत्र ने कहा कि बहावलपुर (पाकिस्तान) में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा. यह भारत का एक महत्वपूर्ण संदेश था. सूत्रों के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और विदेश मंत्रियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच ही बातचीत हुई. सूत्र के अनुसार हर दौर में पाकिस्तान के लिए स्थिति खराब होती गई. वे लड़ाई के हर दौर में भारत से हार गए. पाकिस्तान के हवाई ठिकानों पर हमारे हमलों के बाद पाकिस्तान को एहसास हो गया है कि वे इस लीग में नहीं हैं. भारत की ओर से साफ संदेश दिया गया कि कोई भी सुरक्षित नहीं है. सूत्रों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने तीनों उद्देश्य हासिल किए. 1. सैन्य उद्देश्य- पीएम मोदी ने कहा ‘मिट्टी में मिला देंगे, बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद कैंप को मिट्टी में मिला दिया.’ 2. राजनीतिक उद्देश्य- सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है. जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी. 3. मनोवैज्ञानिक उद्देश्य- ‘घुस के मारेंगे’, हमने उनके दिल में गहरी चोट पहुंचाई. हम बहुत सफल रहे. पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कहा कि अगर पाकिस्तान कुछ करता है तो उसका जवाब और भी विनाशकारी और कड़ा होगा. उसी रात पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया और भारत ने भी इसका जोरदार जवाब दिया. उनके ठिकानों पर हमले किए गए. भारत ने कड़ा संदेश दिया सूत्रों ने बताया कि आईएसआई से करीबी संबंध रखने वाले मुरीदके, बहावलपुर के आतंकी शिविरों पर हमला करके भारत ने कड़ा संदेश दिया है कि हम अंधे नहीं है और हम आपको मुख्यालय पर ही निशाना बनाएंगे. हम छोटे शिविरों पर हमला नहीं करेंगें. सूत्रों ने कहा कि तकनीकी और सैन्य उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत बड़ा अंतर था, पाकिस्तान को एहसास हुआ कि वे उस कैटेगरी में नहीं हैं. भारत ने अपनी मर्जी से हमला किया और पाकिस्तान के ज़्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया गया. पाकिस्तान को कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

पाकिस्तान से जंग ना करने की ‘इल्तिजा’, मुफ्ती ने PM मोदी से की अपील, विनाश के कगार पर…

श्रीनगर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच अघोषित युद्ध जैसे हालात हैं. भारत ने पहलगाम हमले में 27 पर्यटकों की मौत का बदला पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर लिया. भारत की इस सैन्य कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने पिछले दो रात में दो दर्जन से अधिक शहरों पर मिसाइल, ड्रोन अटैक की नाकाम कोशिश की है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया है, मुंहतोड़ जवाब दिया है. उधर पाकिस्तान जंग पर उतारू है, इधर महबूबा मुफ्ती शांति का राग अलापने लगी हैं. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया को कहते हैं कि युद्ध मत करो. यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि यह युग युद्ध का नहीं, डायलॉग का है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तब कहा था कि पॉलिटिकल डायलॉग की जरूरत है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी को फोन उठाकर शहबाज शरीफ (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) से बात करनी चाहिए. उन्होंने दोनों देशों की लीडरशिप की शांति और बातचीत की अपील की और कहा कि खून बहना बंद होना चाहिए. जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम ने आम नागरिकों के मारे जाने का जिक्र किया और कहा कि इन हालात में महिलाओं और बच्चों का क्या कसूर है. महिलाओं और मासूम बच्चों को क्यों टार्गेट किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री एक्शन कभी बीमारी की जड़ तक नहीं पहुंच पाता है. पाकिस्तान के हालात भी ठीक नहीं है. इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप होना चाहिए. महबूबा मुफ्ती ने युद्ध तुरंत रोकने की अपील करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हुआ था. उससे क्या हुआ? उन्होंने कहा कि भारत ने कहा है कि हमने नौ आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया है, मकसद पूरा हुआ. पाकिस्तान भी भारत के फाइटर जेट मार गिराने, पूंछ में सेना के मुख्यालय को तबाह करने के दावे कर रहा है. महबूबा ने कहा कि दोनों ही देशों के नेतृत्व से अपील करना चाहता हूं कि आपका मकसद जब पूरा हो चुका है, तो फिर हमारा खून क्यों बहाया जा रहा है. यह लड़ाई बंद होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न देश हैं. खुदा न खास्ता परमाणु हथियारों का उपयोग हुआ तो इस रीजन में कोई नहीं बचेगा. भारत-PAK टेंशन पर महबूबा मुफ्ती की PM मोदी से खास अपील पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच इस टेंशन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरी चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से की अपील न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शांति और संवाद के जरिए मामले को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके. महबूबा मुफ्ती ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ’22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण हमले ने भारत-पाक संबंधों को ‘विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की दुखद मौतें और मानवीय कीमत दिल तोड़ देने वाली है. हर पल बढ़ते तनाव के साथ और अधिक जानें खतरे में पड़ती जा रही हैं.’ उन्होंने दो टूक कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और इससे केवल और अधिक पीड़ा ही बढ़ेगी. महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को अपनाने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘मैं विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं कि वो बातचीत का रास्ता अपनाएं और इस टेंशन को समाप्त करें. आज, पहले से कहीं अधिक, शांति और बातचीत ही हमारा एकमात्र उपाय होना चाहिए.’ भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल ‘ईमानदार और निरंतर प्रयासों से ही हम तनाव कम कर सकते हैं और शांति बहाल करने के कठिन कार्य की शुरुआत कर सकते हैं.’ बता दें कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने बुधवार की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है. यह कार्रवाई रात डेढ़ बजे के आसपास की गई थी जिसमें कई आतंकी मारे गए हैं.    

एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम, 10 नई परियोजनाओं पर विचार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पनबिजली परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी में है। पहलगाम हमले को देखते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले हफ्ते हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को समय सीमा कम करने के लिए कहा गया है। सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। लगभग 10 नई परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है। पांच को मंजूरी मिल चुकी है। 240 मेगावाट की उरी-1 स्टेज-II पनबिजली परियोजना के लिए टेंडर इस हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की तैयारी ET की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार उन पनबिजली परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी विचार कर रही है जो अभी शुरू नहीं हुई हैं। सरकार चाहती है कि ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से फायदेमंद हों और इनकी कीमतें भी प्रतिस्पर्धी हों। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के समय में 3-4 महीने कम किए जाएंगे। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) और अन्य एजेंसियां मिलकर उन पनबिजली परियोजनाओं की सूची बना रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। उरी-1 स्टेज II झेलम नदी पर बन रही मौजूदा परियोजना का विस्तार है। इसका उद्देश्य किशनगंगा नदी से आने वाले पानी का इस्तेमाल करना है। इस परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय से दो महीने पहले मंजूरी मिल गई थी। अब इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। किन प्रोजेक्ट को मिल चुकी CEA से मंजूरी CEA से मंजूरी पाने वाली अन्य परियोजनाएं हैं: सिंध नाला पर न्यू गांदरबल परियोजना, चिनाब नदी पर किश्तवाड़ में किर्थई-II, रामबन और उधमपुर जिलों में सावलकोट। अधिकारियों का कहना है कि उरी-1, स्टेज II के साथ ये चारों परियोजनाएं मिलकर 3,100 मेगावाट बिजली पैदा करेंगी। हालांकि, इन परियोजनाओं को अभी केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कई तरह की मंजूरी लेनी बाकी है। इसलिए, सभी मंत्रालयों और जम्मू-कश्मीर के विभागों को इन मंजूरियों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। 10 नई परियोजनाओं पर विचार बैठक में परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी विचार किया गया। मुश्किल इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। सरकार नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन और जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियों को धन देने, आसान ऋण देने, जल कर माफ करने और निर्माण के दौरान मुफ्त बिजली देने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। CEA को नई परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा गया है। CEA की शॉर्टलिस्ट में लगभग 10 ऐसी परियोजनाएं हैं। इनमें डोडा में बिचलारी और बारिनियम/शौस, अनंतनाग में चंदनवारी लारीपुरा, किश्तवाड़ में लोअर कलनई और वार्डवान बर्सर, रियासी में अंस-1, गांदरबल में गंगबल और बांदीपोरा में किशनगंगा-II शामिल हैं। इनसे लगभग 1,000 मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर,लद्दाख में बिजली आपूर्ति बढ़ाने पर जोर केंद्र सरकार ने एजेंसियों से चिनाब नदी से रावी नदी में पानी मोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी कहा है। इसके लिए एक स्टडी शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि पाकल दुल, किरू, परनई और क्वार परियोजनाओं में 3-4 महीने की कमी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली की आपूर्ति बढ़ाई जाए। एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम कई एक्सपर्ट पहले बता चुके हैं कि सिंधु जल समझौता अगर पूरी तरह से रद्द हो जाता है और भारत इसके पानी को अपनी जरूरतों के इस्तेमाल करने के लिए जमा रखने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लेता है, तो केंद्र शासित प्रदेश में बिजली की कमी तो नहीं ही रहेगी, देश के कई राज्यों में पानी की कोई कमी नहीं रह जाएगी। दरअसल भारत, सिंधु जल संधि पर जितनी जल्दी पाकिस्तान की नकेल कसने में कामयाब होता दिख रहा है, वह इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि इसकी तैयारी वर्षों से चल रही है।

पीएम मोदी ने दिया था ऑपरेशन सिंदूर नाम, पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को दिलाया इंसाफ

नई दिल्ली 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को तड़के 1:44 बजे “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों से अंजाम दिया गया, जिसकी निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस कार्रवाई के बाद पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और पीड़ितों के परिजनों ने भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना की और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी, अस्वरी जगदाले, जब इस ऑपरेशन की खबर से रूबरू हुईं, तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। एएनआई से बात करते हुए असवरी ने कहा, “हम खुशी से रो पड़े। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने बदला लिया है और जिस तरह से इस ऑपरेशन का नाम रखा गया – ‘सिंदूर’, उससे हमारी आंखों से आंसू रुक ही नहीं रहे। जिन बहनों का सिंदूर आतंकियों ने छीन लिया था, आज भारत ने उनका जवाब 9 जगहों पर दिया है। ये भाव अलग हैं, और हमारी आंखों से खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।” “सरकार पर विश्वास जगा” हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता, संजय द्विवेदी, ने कहा कि इस ऑपरेशन से देश की सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं लगातार खबरें देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने देश के लोगों के दर्द को सुना। मैं सेना का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया। ये खबर सुनकर हमारे पूरे परिवार का दिल हल्का हो गया है।” “ये असली श्रद्धांजलि है” शुभम द्विवेदी के एक अन्य रिश्तेदार मनोज द्विवेदी ने कहा, “22 अप्रैल को जब हमारा बच्चा शहीद हुआ, हमने कहा था कि हमारे देश में अब एक क्रांति आने वाली है। हमें पूरा विश्वास था कि पीएम मोदी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबसे सख्त कदम उठाएंगे। आज सेना ने हमारे बेटे को असली श्रद्धांजलि दी है, इसके लिए हम तहेदिल से शुक्रगुजार हैं।” पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर को अपने दुख का बदला लेने वाला कदम बताया। उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं ने पूरे देश को छू लिया। शुभम द्विवेदी की विधवा ने कहा, “आज मेरे पति का बदला पूरा हुआ। मैं भारतीय सेना को सलाम करती हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। आज मेरे पति की आत्मा को शांति मिलेगी।” महाराष्ट्र के कौस्तुभ गणबोते भी हमले में शहीद हुए थे। उनकी विधवा संगीता गणबोते ने कहा, “सेना का यह कदम सराहनीय है। ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर मैं भावुक हो गई। यह महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया। आतंक का खात्मा हो!” शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता का रिएक्शन पहलगाम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने इस कार्रवाई की सराहना की है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जब भी मीडिया ने मुझसे पूछा कि मैं भारत सरकार से क्या चाहता हूं, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे उन पर भरोसा है और वे अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “और अब वह दिन आ गया है, जब काम पूरा हो गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, वे उन्हें वापस नहीं पा सके, लेकिन हम ऐसी कार्रवाई चाहते थे, जो एक बड़ा संदेश दे। मुझे लगता है कि वे (पाकिस्तान) इस कार्रवाई को कभी नहीं भूलेंगे।” नरवाल ने ऑपरेशन “सिंदूर” की भी सराहना की और कहा कि इससे 26 महिलाओं को निश्चित रूप से सांत्वना मिलेगी, जिन्होंने अपने पुरुषों को खो दिया है। उन्होंने सशस्त्र बलों को धन्यवाद दिया और कहा कि हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए, इससे उनका मनोबल बना रहता है। “बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया” पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा, “मेरा पूरा परिवार मोदी साहब के साथ है, जिन्होंने आज बदला लिया है। मैं सशस्त्र बलों के जवानों से कहना चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें। आज उन सभी को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।” पहलगाम आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी मंजूनाथ राव की मां सुमति ने कहा, “मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया… हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी उचित कार्रवाई करेंगे और उन्होंने ऐसा किया।” जम्मू में गूंजे ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ के नारे इस ऑपरेशन के बाद जम्मू में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। लोगों ने खुले दिल से सेना और सरकार की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने एएनआई से कहा, “पाकिस्तान की ओर से हुए हमले का जवाब देना बेहद जरूरी था। हम सरकार और भारतीय सेना के आभारी हैं कि उन्होंने सटीक और प्रभावी कार्रवाई की।” ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ करारा जवाब भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन को “नॉन-एस्केलेटरी” और “कैलिब्रेटेड” बताया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया। भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, “न्याय हुआ। जय हिंद!” इस ऑपरेशन को पहलगाम हमले के जवाब में एक मजबूत कदम माना गया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को भी दिखाया है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की रातभर निगरानी की। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जाती थी।” इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित … Read more

पीएम मोदी पहलगाम हमले पर बोले-हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ ठोस एक्शन लेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ़ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि, “हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मैं पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला को धन्यवाद देता हूं।” इससे पहले, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि राज्य के सभी पांच करोड़ लोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अमरावती के निर्माण कार्यों की फिर से शुरुआत किये जाने के दौरान यह बात कही। नायडू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम वचन देते हैं कि हम आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के हर कदम के साथ खड़े रहेंगे।” नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोग और पूरा देश उनके साथ हैं। बाद में, नायडू द्वारा लगाये गए ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से जनसभा गूंज उठी। आतंकियों के पनाहगारों को कड़ी चेतावनी आतंकियों के मददगारों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन देने के लिए हम अंगोला का धन्यवाद करते हैं.’पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्रपति लोरेंसू और अंगोला की संवेदनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया. अंगोला को मदद करने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है. रक्षा प्लेटफॉर्म्स के repair और overhaul और सप्लाई पर भी बात हुई है.अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी’ अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐतिहासिक पल अंगोला के राष्ट्रपति भारत दौरे पर हैं। शनिवार को अंगोला के राष्ट्रपति के साथ साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं राष्ट्रपति लोरेंसू और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूं। यह एक ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों के बाद, अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है। उनकी इस यात्रा से, न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा और गति मिल रही है, बल्कि भारत और अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इस वर्ष, भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन हमारे संबंध, उससे भी बहुत पुराने हैं, बहुत गहरे हैं। जब अंगोला आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो भारत भी पूरी आस्था और मित्रतापूर्ण संबंधों के साथ अंगोला के साथ खड़ा था।’ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और अंगोला प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है। रक्षा प्लेटफॉर्म्स की मरम्मत और बदलाव और सप्लाई पर भी बात हुई है। अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस तकनीक, क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अंगोला के साथ अपनी क्षमताएं साझा करेंगे। हम स्वास्थ्य, डायमंड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर और अहम खनिज क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत करेंगे।’

महासचिव गुटेरेस ने जयशंकर और PAK पीएम शहबाज को किया फोन, ‘पहलगाम हमले में हमारा कोई हाथ नहीं…

इस्लामाबाद पाकिस्तान के नेता देश की जनता के सामने भारत को चुनौती दे रहे हैं। पाकिस्तान के नेता देश की संसद में बाबरी मस्जिद की बुनियाद की ईंट रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की सरकार भारत के हमले से डरकर यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद ‘भारत को सलाह’ देने की अपील की है। शहबाज शरीफ ने यूएन सेक्रेटरी से उस वक्त बात की है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की छूट दे दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अगले 24 से 48 घंटे में भारतीय हमले की आशंका जता रहे हैं। पाकिस्तान के नेता अपने अवाम के सामने सीना फुलाकर खड़ी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सामने देश की सरकार छाती पीट रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के नेता बार बार इसलिए भाकत से हमले की आशंका जता रहे हैं, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संगठन हस्तक्षेप करे और भारत को हमले से रोके। कई इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध में पैसों के लिए पाकिस्तान ने भारी मात्रा में हथियार बेच डाले हैं, लिहाजा पाकिस्तान के पास ज्यादा दिनों तक लड़ने के लिए गोला-बारूद ही नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान की कोशिश देश की अवाम के सामने खुद को मजबूत दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थता के लिए राजी करना है। एंटोनियो गुटेरेस ने एस जयशंकर से भी बात की  यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर UN ने चिंता जताई महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसे टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपना सहयोग देने की पेशकश की. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले के संबंध में पाकिस्तान के खिलाफ अपने आरोपों के लिए एक भी सबूत नहीं दिया है. बौखलाए पाक आधिकारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने में भारत का हाथ है. यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रहा पाकिस्तान मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गये एक बयान में कहा गया है कि “शहबाज शरीफ ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार कर दिया है।” इसके अलावा शहबाज शरीफ के कार्यालय ने कहा है कि “प्रधानमंत्री इस बात पर जोर देते हुए, कि भारत द्वारा किसी भी दुस्साहस की स्थिति में पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूरी ताकत से रक्षा करेगा, प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भारत को जिम्मेदारी से काम करने और संयम बरतने की सलाह देने की अपील की है।” इसके बाद यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी टोनियो गुटेरेस ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन करके दोनों पक्षों से तनाव कम करने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा है कि “उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं।” इसके अलावा उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए अपने ऑफिस से मदद का ऑफर दिया है। लेकिन दूसरी तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की आजादी दे दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक “प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर फैसला लेने का पूरा ऑपरेशनल फ्रीडम है।” उन्होंने भारतीय सेना के सामने भारत के ‘आतंकवाद को कुचलने के लिए राष्ट्रीय संकल्प’ बताया है। इसके अलावा आज प्रधानमंत्री मोदी एक के बाद एक चार बड़ी बैठकें करने वाले हैं। जिनमें पहली बड़ी बैठक कैबिनेट की सुरक्षा कमेटी की होगी। ये बैठक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और संभावना है कि यहीं से पाकिस्तान के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना है, उसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

कांग्रेस ने किया ‘गायब’ वाला पोस्ट, मच गया सियासी घमासान, बीजेपी का पलटवार ‘सर तन से जुदा’ कमेंट कर सुना दिया

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सियासी घमासान तेज होने लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इसी बीच कांग्रेस की ओर से ‘एक्स’ पर ऐसा पोस्ट किया गया, जिसे लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया। दरअसल कांग्रेस ने अपने पोस्ट एक तस्वीर शेयर करते हुए सिर्फ इतना लिखा- जिम्मेदारी के समय गायब। कांग्रेस ने इस पोस्ट के जरिए कहीं न कहीं पीएम मोदी को टारगेट करने की कोशिश की। इस पर बीजेपी ने पलटवार किया है। कांग्रेस की पोस्ट पर अमित मालवीय का पलटवार कांग्रेस की ओर से ‘एक्स’ पर जिस तरह से ‘गायब’ वाला पोस्ट किया गया उस पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सवाल उठाए। उन्होंने एक्स पर रिएक्ट करते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने ‘सर तन से जुदा’ वाली तस्वीर का इस्तेमाल किया, इसमें अब कोई संदेह नहीं रह गया कि यह महज एक राजनीतिक बयान नहीं है। यह मुस्लिम वोट बैंक को पाने की कोशिश है। ये प्रधानमंत्री के खिलाफ एक छिपी हुई उकसावेबाजी है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है। बीजेपी सांसद ने कहा कि कांग्रेस और उनके नेताओं की क्या मजबूरी है, कि पाकिस्तान के बोल बोलने जरूरी है? वे पाकिस्तान का समर्थन क्यों कर रहे हैं? जब भारतीयों का खून बहता है तो क्या उन्हें ये देखकर गुस्सा नहीं आता? उनके नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सैफुद्दीन सोज ने हमसे कहा कि हम पाकिस्तान की सुने और पाकिस्तान को पानी नहीं रोके. कांग्रेस किसके साथ खड़ी है? भारत के या पाकिस्तान के? जब पाकिस्तान पर भारत सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो काग्रेस सवाल उठाती है. अब कांग्रेस का प्रो-पाकिस्तान चेहरा एक्सपोज हो गया है. वही, बीजेपी नेता अमित मालीवय ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने ‘सर तन से जुदा’ वाली तस्वीर का इस्तेमाल किया है, इसमें अब कोई संदेह नहीं रह गया कि यह महज एक राजनीतिक बयान नहीं है. यह मुस्लिम वोट बैंक को पाने की कोशिश है. ये प्रधानमंत्री के खिलाफ एक छिपी हुई उकसावेबाजी है. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने ऑर्डर पाकिस्तान से ले रही है. कांग्रेस पार्टी के ट्वीट को पाकिस्तान के पूर्व मंत्री कोट करते हैं. तो आज देश के सामने ये स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस, पाकिस्तान के आतंक के डीपस्टेट की जुगलबंदी चल रही है. कांग्रेस के अलग-अलग नेता फिर चाहे वे सिद्धारमैया हो या कांग्रेस के जम्मू कश्मीर के चीफ हो गए, जो कह रहे हैं कि हमें पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए. अगर कांग्रेस का चाल-चरित्र और नीति आज पाकिस्तान समर्थक टेरर पार्टी की है. इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी का चाल और चरित्र वही है जो एंटी नेशनल पार्टी का होता है. राहुल गांधी को भी बीजेपी नेता ने सुना दिया अमित मालवीय ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ लोगों को उकसाया और हिंसा को उचित ठहराया है। फिर भी कांग्रेस कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि प्रधानमंत्री को लाखों भारतीयों का प्यार और आशीर्वाद प्राप्त है। इसके विपरीत, कहावत के अनुसार, अगर किसी की गर्दन कटी है, तो वह कांग्रेस है। आज कांग्रेस बिना सिर वाली एक ऐसी पार्टी बन गई है, जिसे कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या करना है। वे दिशाहीन होकर भटक रहे हैं। कांग्रेस ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग वहीं पहलगाम हमले को लेकर कांग्रेस की ओर से विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि हमने कई विपक्षी दलों से बातचीत की और उसके बाद ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले पर विशेष सत्र बुलाने और चर्चा कराने की मांग की। जयराम रमेश ने क्या कहा जानिए जयराम रमेश ने आगे कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया को यह सामूहिक संकल्प दिखाना है कि हम एक हैं। यह एकता का समय है, ध्रुवीकरण का नहीं। मौजूदा हालात को देखते हुए एकता और एकजुटता जरूरी है। एकता और सामूहिक संकल्प दिखाने के लिए राज्यसभा और लोकसभा के विशेष सत्र बुलाए जाने चाहिए। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री संसद का विशेष सत्र बुलाएंगे और उसमें मौजूद रहेंगे।

पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा आज से आपकी नई जिम्मेदारी शुरू हो रही, काम के प्रति आप जितने ईमानदार होंगे

ग्वालियर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 15वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए। इन युवाओं को सरकार के विभिन्न विभागों और संगठनों में नियुक्तियां मिली हैं। पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज से आपकी नई जिम्मेदारी शुरू हो रही है। काम के प्रति आप जितने ईमानदार होंगे, उतना ही विकसित भारत की यात्रा में सहायक होंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, भारतीय युवाओं के विकास में सबसे सराहनीय बात उनकी समावेशिता है। विकास की इस यात्रा में हमारी बेटियां दो कदम आगे हैं। हाल ही में आए यूपीएससी के नतीजों का जिक्र करते हुए बताया कि देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में बेटियों ने शीर्ष दो स्थान हासिल किए हैं। शीर्ष पांच में तीन बेटियां हैं शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत ने जल परिवहन में नई उपलब्धि हासिल की है। 2014 से पहले जल परिवहन के जरिए 18 मिलियन टन माल ढुलाई होती थी। जो बढ़कर 145 मिलियन टन से अधिक हो गई है। भारत ने इस संबंध में निरंतर नीतियां बनाई हैं। पहले, सिर्फ पांच राष्ट्रीय जलमार्ग थे। जो बढ़ाकर 110 से अधिक हो गए। जलमार्गों की परिचालन लंबाई भी 2700 किमी से बढ़कर 5 हजार किमी हो गई है। वहीं, ग्वालियर के रोजगार मेले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ऊर्जा मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर शामिल हुए हैं जहां, अलग-अलग सेक्टर के 368 लोगों को नियुक्ति के प्रमाण पत्र दिए गए हैं। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम की शरुआत से पहले, पहलगाम आंतकी हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही कहा है…. ये हमला भारत माता की आत्म पर प्रहार है, वो लोग सोचते हैं, भारत माता झुकेंगी, लेकिन मां उठेगी, उन्हें नष्ट करेंगी, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, ग्वालियर से संदेश देना चाहते हैं। हम इस शोक की घड़ी में उनके साथ हैं, जो घायल हैं, वो जल्द स्वस्थ हों, भारत नई शक्ति के साथ आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही सिंधिया ने ये भी कहा कि रोजगार मेला नौजवानों के सपनों को पंख देने के लिए ये कदम है। हम मोबाइल मार्केट में दूसरे स्थान पर है, ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर, आसमान पर भी तिरंगा गाड़ दिया है। पांच देशों में सबसे बड़े अर्थिक शक्ति के रूप में जाना जाता है। हम जर्मनी और जापान को पीछे रखकर तीसरे नम्बर पर आने की कोशिश है। वहीं युवा नियुक्ति पत्र मिलने के बाद बेहद खुश नजर आएं।  

बारामूला में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, सेना ने ढेर किए 2 आतंकी, जारी है ऑपरेशन

नईदिल्ली /पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा बीच में ही खत्म कर बुधवार सुबह दिल्ली लौट आए हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर ही NSA अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव ने पहलगाम अटैक को लेकर उनको ब्रीफिंग दी. पीएम के स्वदेश लौटने के बाद से दिल्ली में हाई लेवल मीटिंगों का दौर जारी है तो दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में ग्राउंड जीरो पर हालातों का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने मंगलवार देर रात एक बजे तक जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग की. उन्होंने अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.  बारामूला में LoC के पास घुसपैठ की बड़ी कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. सुरक्षाबलों की टीम ने आतंकियों के पास से दो राइफल और एक आईईडी बरामद किया है. सुरक्षाबलों ने जानकारी देते हुए बताया कि बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है. टीम ने आतंकियों के पास से 2 AK सीरीज की राइफलें और एक IED बम बरामद किया है. इस बारे में जानकारी देते हुए आर्मी के चिनार कॉप्स ने बताया कि बुधवार को 2-3 यूआई आतंकवादियों ने उरी नाला, बारामूला के सामान्य क्षेत्र से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. तभी नियंत्रण रेखा पर सतर्क TPS ने उन्हें रोक लिया इसके बाद आतंकियों ने सुरक्षाबल की टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षाबल की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शुरू किया और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है, चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. आतंकवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद किए गए हैं. बता दें कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हलमें में 28 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे जो छुट्टियां बिताने यहां आए थे. घटनास्थल जाएंगे अमित शाह बताया जा रहे कि अमित शाह अब से कुछ देर पर पहलगाम में घटना स्थल पर जाएंगे, लेकिन इससे पहले वह अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे, जहां वह मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वह दिल्ली लौटेंगे और CCS बैठक में शामिल होंगे. गृह मंत्री के निर्देश के बाद सुरक्षाबलों की कई टीमों ने इलाके को घेरते हुए मंगलवार को ही बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को सऊदी से ही कश्मीर की स्थिति का आकलन किया था.पीएम मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को लेकर बातचीत भी हुई. मोहम्मद बिन सलमान ने आतंकवादी हमले की निंदा की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी परिषद की सह-अध्यक्षता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करना है. मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर जेद्दा पहुंचे PM मोदी ने कश्मीर की स्थिति का आकलन करने के लिए क्राउन प्रिंस के साथ अपनी निर्धारित बैठक में करीब दो घंटे की देरी की. पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. यह हमला 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है. रात्रिभोज में नहीं शामिल हुए PM मोदी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की लेकिन आधिकारिक रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए और अपनी यात्रा को छोटा करने और मंगलवार रात को स्वदेश लौटने का फैसला किया. प्रधानमंत्री दो दिनों के दौरे के लिए सऊदी गए थे. बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में प्रधानमंत्री शामिल होंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में हाई-लेवल मीटिंग की. आतंकियों ने पर्यटकों के एक ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें करीब 26 लोगों की मौत की आशंका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की हमले की निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह हमले की निंदा करते हैं. उन्होंने लिखा, जो लोग इस जघन्य कृत्य के पीछे हैं, उन्हें कठघरे में लाया जाएगा और बख्शा नहीं जाएगा. आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है. डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि मुश्किल समय में हम भारत के साथ हैं. आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है.  

आतंकी ने पूछा मुस्लिम हो? फिर गोली मार दी’, पहलगाम आतंकी हमले के चश्मदीदों ने बयां किया मंजर

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों के ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें 12 लोग घायल हो गए हैं. घायलों में चार की हालत क्रिटिकल है. एक पर्यटक की मौत हो गई है. इस हमले में न केवल इंसान बल्कि कुछ घोड़े भी घायल हुए हैं, जिनको गोलियां लगी हैं. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सीआरपीएफ (CRPF) की अतिरिक्त क्विक रिएक्शन टीम (QAT) घटनास्थल के लिए भेजा गया है. दरअसल, कश्मीर में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां पर आतंकवाद नजर नहीं आता, पहलगाम उसमें से एक ऐसा हिस्सा है. यहां पर पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. मार्च में हुई बर्फबारी के बाद सैकड़ों की तदाद में पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे हैं. पहलगाम के एक पहाड़ के टॉप पर ट्रैकिंग के लिए पर्यटक जाते हैं. वहां पर ये आतंकी हमला हुआ. पर्यटकों पर वहां छुपे आतंकियों ने गोलीबारी की. भेलपूरी खा रहे थे और आतंकी ने पति को गोली मार दी पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक महिला के पति को गोली मार दी गई. सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों के माध्यम से जो वीडियो सामने आई है उसमें एक महिला ने दुःख भरे शब्दों में बताया कि आतंकियों ने उनके पति को केवल इस वजह से गोली मार दी क्योंकि उन्होंने कहा था कि ये मुस्लिम नहीं है. मेरे पति को बचा लो – महिला की अपील पहलगाम से आई ताजा तस्वीर में एक महिला लोगों से अपने पति को बचाने की अपील कर रही हैं. इस भावुक अपील ने पूरे देश में सहानुभूति की लहर पैदा कर दी है. चश्मदीदों का कहना है कि आतंकियों ने पहले नाम पूछे और फिर उनपर गोलियां चलाई गईं. घटनास्थल पर क्या हैं ताजा हालात?     पहगलाम में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह से फोन पर बात की है. प्रधानमंत्री ने शाह से उचित कदम उठाने को कहा है. प्रधानमंत्री ने शाह को घटनास्थल का दौरा करने के लिए कहा है.     पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई है. बैठक में आईबी के गृह सचिव और गृह मंत्रालय के दूसरे अधिकारी मौजूद हैं. जम्मू-कश्मीर के लोग और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी वर्चुअली इस मीटिंग में जुड़ रहे हैं.     जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम में हुए हमले को लेकर कहा कि वह स्तब्ध हैं. पर्यटकों पर किया गया हमला बेहद घृणित है. इस हमले के अपराधी दरिंदे हैं, अमानवीय हैं और तिरस्कार के पात्र हैं. श्रीनगर से लौट रहा हूं. घायल लोगों की निगरानी करने के लिए मेरे सहयोगि अस्पताल पहुंच चुके हैं.     घायलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. घायलों की संख्या अब 12 पहुंच गई है. जिसमें से चार की हालत गंभीर है. एक पर्यटक की मौत हो गई है.     बीजेपी नेता रविंदर रैना ने पहलगाम में हुआ आतंकी हमला को कायराना बताया है. रविंदर ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी भारतीय सुरक्षाबलों का सामना नहीं कर सकते, इसलिए निहत्थे और मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया.     इस आतंकी हमले में एक शख्स की मौत हो गई है. घायलों का इलाज किया जा रहा है.     जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की. महबूबा ने कहा कि हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है.     खुफिया सुरक्षा एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में TRF के आतंकी तंजीम का हाथ है. दो से तीन हमलावर पुलिस/आर्मी यूनिफॉर्म में थे.     हमले के बाद आई तस्वीर में पर्यटक घबराए हुए दिख रहे हैं. वह अपने होटल की ओर तेजी से भागते नजर आए.     पहलगाम से आए ताजा तस्वीर में एक महिला रोते हुए नजर आ रही हैं. महिला रो-रोकर बता रही हैं कि उनके बेटे को गोली लगी है. आसपास खड़े लोग उन्हें दिलासा दे रहे हैं.     आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. सुरक्षाबलों ने पर्यटकों से नहीं घबराने की अपील की है. वहीं, पहलगाम से आई ताजा तस्वीर में नजर आ रहा है कि कई स्थानीय लोग अपनी दुकान को बंद कर दिया. J&K के पूर्व DGP एसपी वैद ने हमले को लेकर क्या कहा? पहलगाम में हुए आतंकी हमला चिंताजनक खबर है. कुछ समय में अमरनाथ यात्रा भी आने वाली है और पहलगाम में ही बेस कैंप है. प्रदेश में टूरिज्म अभी पीक पर है. क्योंकि भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. ज्यादातर आतंकी टूरिस्ट पर हमला नहीं करते है. क्योंकि इसे स्थानीय लोगों के व्यापार पर असर पड़ेगा. ये पर्यटक जहां पहुंचे थे वो पहाड़ की ऊंचाई थी, सभी जगह पुलिसवाले नहीं पहुंच सकते. आतंकी को मौका मिला और उन्होंने पर्यटकों को टारगेट किया. कश्मीर घाटी और जम्मू के क्षेत्र में 90 फीसदी जो अभी आतंकी मौजूद हैं वह पाकिस्तान से इन्फिलिटरेट होकर अंदर आए हैं. लोकल आतंकी को सेंसिटिविटी रहती है, उनकी संख्या बेहद ही कम है.  

40 साल में पहली बार भारतीय पीएम की जेद्दा यात्रा पर, आसमान में ही PM मोदी का भव्य स्वागत, F-15 लड़ाकू विमानों ने जेद्दा तक किया एस्कॉर्ट

जेद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर सऊदी अरब के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को जेद्दा पहुंचे. पीएम मोदी का विमान जब सऊदी हवाई क्षेत्र में पहुंचा तो उनका विशेष स्वागत किया गया. रॉयल सऊदी एयर फोर्स के एफ-15 लड़ाकू विमानों ने जेद्दा तक प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया. यह प्रधानमंत्री की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा है, जबकि वह पहली बार जेद्दा गए हैं. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी की जेद्दाह यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब कम से कम छह समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर करने वाले हैं, जबकि कुछ और समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ भारत-सऊदी अरब स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की दूसरी बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे. सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, ‘भारत सऊदी अरब के साथ अपने दीर्घकालिक और ऐतिहासिक संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है. हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में रणनीतिक गहराई और गति आई है. दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों सहित पारस्परिक रूप से लाभकारी और ठोस साझेदारी विकसित की है.’ प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर अब तक, सऊदी अरब और खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों की दिशा बदली है. साल 2016 और 2019 में पहले की यात्राओं के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की खाड़ी क्षेत्र के किसी देश की 15वीं यात्रा है. सऊदी अरब में भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान ने प्रधानमंत्री की यात्रा पर कहा, ‘भारत और सऊदी अरब के बीच संपर्क के मामले में जेद्दा एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर है, क्योंकि सदियों से जेद्दा दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए बंदरगाह था और यह मक्का का प्रवेश द्वार भी है. इसलिए जो कोई भी उमराह और हज के लिए आता है, वह जेद्दा में उतरता है और फिर मक्का जाता है.’ समाचार एजेंसी पीटीआई ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी शाम को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ अपनी बैठक के दौरान भारतीय हज यात्रियों के लिए कोटा सहित हज यात्रा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं. भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान ने कहा, ‘हज एक बहुत ही महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है और भारत सरकार इसे बहुत महत्व देती है. अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है. द्विपक्षीय वार्ता में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई है. हज यात्रा को लेकर सऊदी सरकार और भारत के बीच हमेशा से बहुत अच्छा समन्वय रहा है.’      

श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल, PM मोदी ने दी शुभकामनाये

नई दिल्ली  श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर (Memory of the World Register) में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। यूनेस्को ने गुरुवार को जिन 74 नई प्रविष्टियों को इस रजिस्टर में जोड़ा है, उनमें ये दोनों महत्वपूर्ण ग्रंथ भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस रजिस्टर में कुल 570 संग्रह हो गए हैं। पीएम मोदी बोले- हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, श्रीमद्भगवद्गीता और नाट्यशास्त्र का यूनेस्को में शामिल होना हमारी शाश्वत परंपरा, गहन ज्ञान और समृद्ध संस्कृति की वैश्विक मान्यता है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आगे कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र ने सदियों से मानव सभ्यता, चेतना और सांस्कृतिक विकास को दिशा दी है। इनकी शिक्षाएं आज भी दुनियाभर के लोगों को प्रेरणा देती हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, भारत की सांस्कृतिक धरोहर को यह वैश्विक सम्मान मिलना अत्यंत गौरवपूर्ण है। अब यूनेस्को के विश्व स्मृति रजिस्टर में भारत के 14 अभिलेख दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन, कलात्मकता और सभ्यता के स्तंभ हैं।  यूनेस्को की इस सूची में जिन अन्य 74 संग्रहों को स्थान मिला है, उनमें दासता, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महिलाओं से जुड़ी सामग्री, जिनेवा कन्वेंशन (1864–1949), और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज भी शामिल हैं। इनमें से 14 संग्रहों को वैज्ञानिक दस्तावेजी धरोहर के रूप में मान्यता दी गई है। यह फैसला न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ग्वालियर-चंबल के दौरे पर आ रहे, सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट बनाई

 ग्वालियर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ग्वालियर-चंबल के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी आज शुक्रवार 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित आनंदपुर धाम में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान उनका ट्रांजिट स्टे ग्वालियर में रहेगा, जहां वे आने और जाने में दोनों बार सिर्फ 5-5 मिनट के लिए रुकेंगे। पीएम मोदी दोपहर 2 बजे ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचेंगे और यहां से सेना के हेलिकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। कार्यक्रम के बाद वे शाम करीब 6 बजे वापस ग्वालियर लौटेंगे और यहां से दिल्ली रवाना होंगे।   12 से शुरू होगा बैसाखी मेला दरअसल, ईसागढ़ तहसील स्थित आनंदपुर धाम में 12 अप्रैल से वार्षिक बैसाखी मेले का आयोजन शुरू हो रहा है। जिसमें देश-विदेश के श्रद्धालु शामिल होंगे और आनंद सरोवर में स्नान कर गुरु महाराज के समक्ष मत्था टेकेंगे। बैसाखी मेले की शुरुआत से पहले  आज 11 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी आनंदपुर धाम पहुंचेंगे और श्रद्धा निवेदन करेंगे। मेले की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा पहले ही निरीक्षण कर चुके हैं। आनंदपुर धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए आनंदपुर धाम को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर को फूलों, झालरों और रोशनी से सजाया गया है। चारों तरफ उत्सव का माहौल है, लेकिन आमजन के लिए प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केवल कुछ चुनिंदा जिला स्तरीय पदाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को ही कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। 2700 पुलिसकर्मियों की तैनाती पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। सेना के हेलीकॉप्टरों ने बुधवार को दो बार रिहर्सल की। पीएम के मंदिर तक पहुंचने की संपूर्ण प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। एसपीजी के वाहन पहले ही आनंदपुर पहुंच चुके हैं। भोपाल से चलकर सुरक्षा से लैस वाहन ईसागढ़ होते हुए स्थल पर पहुंचे, जिनका वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा। मीडिया और आमजन को कार्यक्रम से बाहर रखा गया इस कार्यक्रम में स्थानीय मीडिया और आमजन को बाहर रखा गया है, जिससे नाराजगी भी देखी जा रही है। जिले के मीडियाकर्मियों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाते हैं और स्थानीय नेताओं के कार्यक्रमों की नियमित कवरेज करते हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से उन्हें बाहर रखा जाना उनके अधिकारों का हनन है। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द जिले के कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए हैं। अन्य जिलों से भी पुलिसबल मंगवाया गया है। कुल मिलाकर आनंदपुर धाम को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है, जहां हर कोना सुरक्षा की निगरानी में है। पीएम का स्वागत तैयारियों की कसौटी पर पीएम मोदी का यह दौरा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी दोनों है। तैयारियों में कोई कमी न रहे, इसके लिए जिला प्रशासन दिन-रात एक किए हुए है। अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत और आनंदपुर धाम में उनके प्रवास पर टिकी हैं। नो-फ्लाइंग जोन रहेगा प्रधानमंत्री मोदी की ट्रांजिट विजिट को लेकर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ट्रांजिट विजिट के दौरान ग्वालियर में नो-फ्लाइंग जोन रहेगा। एयरफोर्स स्टेशन से तीन किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह की हवाई गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस और एयरफोर्स के बीच बैठके भी हुई है। सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट बनाई जा रही पीएम मोदी के लिए ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर ग्रीन रूम, सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट तैयार की जा रही है। इन व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारिया सौंप दी गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी हेलिकॉप्टर से अशोकनगर जाएंगे। लेकिन, खराब मौसम होने की स्थिति में उनके लिए सड़क मार्ग का भी विकल्प तैयार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने रूट का निरीक्षण भी किया है, जिससे आपात हालात में सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सके। पुलिस कर रही होटलों की जांच पीएम की ट्रांजिट विजिट को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। पुलिस की टीमों ने शहर के होटलों की चेकिंग, एंट्री रजिस्टरों की जांच और बाहर से आए मेहमानों की डिटेल्स खंगालनी शुरू कर दी हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 

वाराणसी के 50वें दौरे पर पीएम, भाजपा कार्यकर्ताओं नें स्वागत को लेकर की खास

वाराणसी  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने जा रहे हैं. इस दिन वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचेंगे, जो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है. ये संयोग और भी खास हो जाता है क्योंकि पीएम मोदी अपने कार्यकाल के 11वें साल में11 अप्रैल को सुबह 11 बजे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. इसे बीजेपी ने एक ‘शुभ योग’ और ‘गौरव का क्षण’बताया है. काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आएंगे और अपने इस दौरे में 3884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 50वें दौरे को खास बनाने की तैयारी, 50 हजार की भीड़ का लक्ष्य बीजेपी इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी ने पीएम मोदी की जनसभा में 50,000 लोगों को लाने का लक्ष्य रखा है. काशी क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि यह दौरा बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी को काशीवासियों से कितना गहरा लगाव और आत्मीय संबंध है. शहरभर को पार्टी के झंडोंऔर बैनरों झालरों से सजाया जा रहा है. पूरे जिले में 1000 से अधिक होर्डिंग्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता जुलूस, दोपहिया व चारपहिया वाहनों के काफिलों के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम के आगमन से पहले विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. पीएम मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी इस बार शहर से बाहर मेहंदीगंज में जनसभा को संबोधित करेंगे. यहां उनके लगभग ढाई से तीन घंटे रुकने का कार्यक्रम है. पार्टी का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे. इसके लिए मंडल और बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है. आसपास के 16 गांवों में कार्यकर्ता और विधायक लोगों से संपर्क कर रहे हैं. पीएम मोदी के स्वागत के लिए वाराणसी के चौराहों को सजाया जा रहा है. झंडे, कपड़े और ढोल-नगाड़ों से पीएम मोदी का भव्य स्वागत होगा. दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी एयरपोर्ट से सीधे मेहंदीगंज जनसभा स्थल पहुंचेंगे. वहां से वापस एयरपोर्ट आकर दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. दुग्ध उत्पादकों को देंगे 106 करोड़ का बोनस मेंहदीगंज में जनसभा को संबोधित करने से पहले वह 3884.18 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी देंगे। बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान उन्होंने बताया कि बढ़ती गर्मी का असर जनसभा पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पीएम मोदी की सभा में लोग मौसम की परवाह नहीं करते. यह दौरा सिर्फ पीएम मोदी की हाजिरी नहीं है, बल्कि वाराणसी के विकास की नई सौगात भी है. 3884 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान 3884.18 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं** का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 19 परियोजनाएं (1629.13 करोड़ रुपये)का लोकार्पण. 25 परियोजनाएं (2255.05 करोड़ रुपये) का शिलान्यास. सबसे अहम है जल जीवन मिशन के अंतर्गत 345.12 करोड़ रुपये की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का उद्घाटन, जिससे हजारों गांवों को शुद्ध जल मिलेगा. इसके अलावा पीएम मोदी बनास डेयरी से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी ट्रांसफर करेंगे. ट्रैफिक की समस्या होगी कम नए फ्लाईओवर और टनल का शिलान्यास शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीएम जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. बाबतपुर एयरपोर्ट के पास NH-31 पर अंडरपास टनल. भिखारीपुर तिराहा और मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण. इन योजनाओं से वाराणसी की जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री के आनंदपुर धाम दौरे से पहले सुरक्षा सख्त, 1930 से सक्रिय ट्रस्ट बना सामाजिक सरोकारों का केंद्र

भोपाल /अशोकनगर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जाएंगे।  मोदी वाराणसी में सवेरे 11 बजे 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार जिले के बदनावर से प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे  मोदी इसके बाद मध्य प्रदेश जाएंगे और लगभग 3:15 बजे, ईसागढ़ में गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा, लगभग 4:15 बजे, आनंदपुर धाम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।  मोदी इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री वाराणसी में 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी अवसंरचना के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप इस क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल, भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच -31 पर 980 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक राजमार्ग अंडरपास सड़क सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री विद्युत अवसंरचना को प्रोत्साहन देते हुए, वाराणसी मंडल के जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर जिलों के दो 400 केवी और एक 220 केवी पारेषण उपकेंद्र और संबंधित पारेषण लाइनों का उद्घाटन करेंगे। इनकी लागत 1,045 करोड़ रुपये से अधिक है। श्री मोदी वाराणसी के चौकाघाट में 220 केवी पारेषण उपकेंद्र, गाजीपुर में 132 केवी पारेषण उपकेंद्र और वाराणसी नगर विद्युत वितरण प्रणाली की आधारशिला भी रखेंगे। इनकी लागत लगभग 775 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री सुरक्षा कर्मियों के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल और पीएसी रामनगर परिसर में बैरकों का उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी पुलिस लाइन में विभिन्न पुलिस थानों में नए प्रशासनिक भवनों और एक आवासीय छात्रावास की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, पिंडरा में एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बड़की गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालयों और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के नवीनीकरण और वाराणसी के चोलापुर में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री शहर में खेल अवसंरचना को प्रोत्साहन देने के लिए उदय प्रताप कॉलेज में फ्लडलाइट और दर्शक दीर्घा के साथ सिंथेटिक हॉकी टर्फ तथा शिवपुर में एक मिनी स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री गंगा नदी में सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, 345 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला प्रतिष्ठानों का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी में कारीगरों के लिए एमएसएमई यूनिटी मॉल, मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अवसंरचना विकास कार्यों, डब्ल्यूटीपी भेलूपुर में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक हॉल और विभिन्न पार्कों के सौंदर्यीकरण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पहली बार आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी वितरित करेंगे। श्री मोदी तबला, पेंटिंग, ठंडाई, तिरंगा बर्फी सहित विभिन्न स्थानीय वस्तुओं और उत्पादों को भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस भी हस्तांतरित करेंगे। 1930 में की गई थी धाम की स्थापना आनंदपुर धाम की स्थापना 1930 में की गई। इसके बाद 1954 में श्री आनंदपुर ट्रस्ट की स्थापना की गई। आनंदपुर धाम पिछले कुछ वर्षों में अपने सामाजिक और सार्वजनिक कल्याण कार्यों के लिए चर्चा में रहा है। यह सामाजिक कार्यों का केंद्र बन चुका है। ट्रस्ट कृषि, अस्पताल, स्कूल, प्रिंटिंग प्रेस और गौशाला का संचालन करने में सक्रिय है। ट्रस्ट की संपत्तियां ग्वालियर, इंदौर समेत कई प्रमुख शहरों में है, जो ट्रस्ट ने खरीदी है। आनंदपुर धाम से जुड़े श्रद्धालु पंजाबी और सिंधी समुदाय के अनेक लोग हैं, जो यहां के धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर आनंदपुर धाम में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। अशोकनगर और अन्य जिलों से पुलिस बल के साथ एनएसजी और एसपीजी के जवान तैनात किए गए हैं। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया है। जिला प्रशासन ने आनंदपुर धाम को नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित किया है। आनंदपुर धाम के 10 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ानें और संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। आश्रम प्रबंधन ने 11 अप्रैल को केवल आधार कार्डधारकों को प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, जिनके पास ऑनलाइन पास होंगे, उन्हें भी एंट्री दी जाएगी। प्रधानमंत्री के मध्य प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में ईसागढ़ तहसील के आनंदपुर धाम जाएंगे। श्री मोदी गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिर परिसर का भ्रमण भी करेंगे। आनंदपुर धाम की स्थापना आध्यात्मिक और परोपकारी उद्देश्यों के लिए की गई है। 315 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में 500 से अधिक गायों के साथ एक आधुनिक गौशाला है और श्री आनंदपुर ट्रस्ट परिसर के अंतर्गत कृषि गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ट्रस्ट सुखपुर गांव में चैरिटेबल अस्पताल, सुखपुर और आनंदपुर में स्कूल और देश भर में विभिन्न सत्संग केंद्रों का संचालन कर रहा है। PM मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित, लंगर भी चखेंगे प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री  मोदी श्री आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे. मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर … Read more

हाउस ऑफ पुचका रायपुर की संस्थापक ईशा पटेल ने पीएम मोदी को बताई अपनी बिजनेस जर्नी

रायपुर पीएम नरेंद्र मोदी ने रायपुर की युवा उद्यमी से बातचीत की है। इसका वीडियो सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर पोस्ट किया है। सीएम ने लिखा कि आसमान की कोई सीमा नहीं होती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रायपुर की एक युवा उद्यमी और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक से बातचीत की। इन्होंने घर पर खाना पकाने से लेकर एक सफल कैफे व्यवसाय स्थापित करने तक की अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। ईशा का रायपुर में गोलगप्पे (गुपचुप) का कैफे है। हाउस ऑफ पुचका नाम का ये स्टार्टअप हाल ही में ईशा ने शुरू किया है। बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कर चुकीं ईशा मुंबई की एक कंपनी में 6 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर काम कर रही थीं। कॉर्पोरेट कंपनी में काम से उब चुकीं 23 साल की ईशा ने, अपना बिजनेस शुरू करने का सोचा। दोस्तों और परिवार के लोगों से मिले सपोर्ट के बाद उन्होंने इसे शुरू किया। 6 लाख रुपए का मुद्रा लोन लिया। फंडिंग एजेंसियों ने शुरू में नहीं जताया भरोसा ईशा बताती हैं जब मैंने फंडिंग के बारे सोचा तो लोन चाहिए था। तब मेरी उम्र 22 थी, इस उम्र में बैंक लोन दें और ये पैसे कैसे वापस बैंक को हम लौटाएंगे, इसे लेकर फंडिंग एजेंसी भरोसा नहीं जता पा रही थीं। ऐसे में मैंने रिसर्च किया तो सरकारी योजना के बारे पता चला और हमें मदद मिली। हर महीने की 50 हजार की सैलरी छोड़ना रिस्क था PM नरेंद्र मोदी ने ईशा से मुलाकात में कहा कि आपने इतना रिस्क लिया। आपके दोस्त इसपर क्या सोचते हैं, ईशा ने जवाब में बताया कि प्रॉपर रिसर्च के साथ काम करें तो रिजल्ट मिलते हैं। दैनिक भास्कर से चर्चा में ईशा ने कहा कि अच्छी सैलरी छोड़ कर आना रिस्क तो था ही मगर काम करने के दौरान कुछ सेविंग की और कैफे बिजनेस के बारे में लगातार दोस्तों से बात की। स्टडी किया तो समझ आया कि कैसे प्रॉफिट जनरेट किया जाए। इसके बाद काम शुरू किया, आज रिस्पॉन्स अच्छा है। अहमदाबाद से ली मशीन ईशा ने बताया कि हम 5 तरह के चटपटे पानी के साथ गोलगप्पे सर्व करते हैं। कोलकाता वाला पानी खूब पसंद किया जाता है। इसलिए हमनें अपने स्टार्टअप का नाम हाउस ऑफ पुचकास रखा। इसके लिए हमनें अहमदाबाद से मशीनें मंगवाई हैं, जो हाइजीन के साथ गोलगप्पे तैयार करती है। ईशा ने बताया कि उनका परिवार रायपुर के खमतराई में रहता है। पिता नवीन पटेल बिजनेसमैन और मां रश्मि होममेकर हैं। PM Mudra Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंटरप्रेन्योर ईशा पटेल की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक ईशा पटेल के बीच बातचीत इस प्रकार है… लाभार्थी ईशा पटेल– सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते हैं। मुसीबतें होंगी और मुश्किलें भी आएंगी, जो संघर्ष करेगा, वही सफलता पाएगा। ईशा पटेल– I am the founder of हाउस ऑफ़पुचका. घर पर खाना-वाना बनाते थे तो हाथों में टेस्ट अच्छा था, तो सबने सजेस्ट किया कि आप कैफे फील्ड में जाओ। फिर उसमें रिसर्च करके पता चला कि प्रॉफिट मार्जिन वगैरा भी अच्छा है, तो फूड कॉस्ट वगैरा मैनेज करेंगे, तो आप एक सक्सेसफुल बिजनेस रन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी– एक यूथ, एक जनरेशन है, कुछ पढ़ाई की तो उनको लगता है कि नहीं-नहीं मैं तो कहीं नौकरी करके सेटल हो जाऊंगा, रिस्क नहीं लूंगा। आप में रिस्क टेकिंग कैपेसिटी है। ईशा पटेल– जी। प्रधानमंत्री मोदी– तो आपके रायपुर के भी दोस्त होंगे और corporate वर्ल्ड के दोस्त होंगे, स्टूडेंट दोस्त भी होंगे। उन सब में इसकी क्या चर्चा है? क्या सवाल पूछते हैं? उनको क्या लगता है? ऐसा कर सकते हैं? करना चाहिए, उनको भी आगे आने का मन करता है? ईशा पटेल– सर, मैं जैसे कि अभी मेरी ऐज 23 ईयर्स है, तो मेरे पास अभी रिस्क टेकिंग एबिलिटी भी है, और टाइम भी है, तो यही समय होता है, मैं ना यूथ को लगता है कि हमारे पास फंडिंग नहीं है, बट वह गवर्नमेंट स्कीम्स के बारे में अवेयर नहीं है, तो मैं अपनी साइड से यहीं उन्हें सजेशन देना चाहूंगी, आप थोड़ा रिसर्च करो, जैसे मुद्रा लोन भी है, वैसे पीएम ईजीपी लोन भी है, कई लोन जो आपको विदाउट mortgage मिल रहे हैं, तो अगर आप में पोटेंशियल है तो आप जब ड्रॉप करो, क्योंकि sky has no limits for you, तो आप बिजनेस करिए और जितना चाहे उतना grow कर सकते हैं। PM मोदी ने किया स्टार्टअप के लिए इंस्पायर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर ये मिट-अप किया। प्रधानमंत्री ने यूथ को स्टार्टअप के लिए इंस्पायर करते हुए बताया कि मुद्रा लोन से वो ये काम कर सकते हैं। शुरुआत में 50,000 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक के लोन का दायरा था। अब इसे बढ़ाकर अब 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इस योजना के तहत 52 करोड़ का लोन अब तक दिया गया है। आप भी ले सकते हैं लोन और शुरू करें स्टार्टअप 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर छोटे कारोबार को बिना किसी जमानत के लोन मुहैया कराना है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन ले सकता है।     इस योजना की सबसे अच्छी बात ये है कि इसके तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है। इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है।     लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाले खर्चों का पेमेंट उससे कर सकता है।     ये लोन वाणिज्यिक (कमर्शियल) बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे फाइनेंस बैंकों, सहकारी बैंकों, माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में आवेदन देकर पाया जा सकता है।

पीएम मोदी ने वक्फ बोर्ड ऐक्ट बनने को लेकर कहा कि इससे पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और गरीबों के हित में काम होगा

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने वक्फ बोर्ड ऐक्ट बनने को लेकर कहा कि इससे पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और गरीबों के हित में काम होगा। उन्होंने कहा कि देश अब तक तुष्टिकरण की राजनीति से चलाया आया और उसका हमें खामियाजा भी भुगतना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति कोई नहीं है। इसका बीज स्वतंत्रता संग्राम के समय ही बो दिया गया था। उन्होंने न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘भारत कई देशों के साथ ही आजाद हुआ था, लेकिन किसकी स्वतंत्रता की शर्त विभाजन थी। भारत के साथ ही ऐसा क्यों हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय राष्ट्र हित से ऊपर सत्ता का मोह हो गया। विभाजन सभी मुस्लिमों का काम नहीं था बल्कि कांग्रेस समर्थित कट्टरपंथियों का काम था।’ उन्होंने कहा कि इसी तुष्टिकरण की राजनीति का शिकार तो पसमांदा मुस्लिम हुए और महिलाएं भी हैं। कांग्रेस ने इसे वोटबैंक की राजनीति का हथियार बना लिया। 2013 में वक्फ बोर्ड में किया गया संशोधन कट्टरपंथियों और भूमाफियाओं को खुश करने का कानून था। वक्फ कानून ने संविधान को भी कमतर कर दिया। हाल यह हो गया कि भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हो गए। केरल में ईसाई समुदाय के लोगों की जमीनों पर दावा, हरियाणा में गुरुद्वारों की जमीन पर विवाद हो गया। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक का भी एक मामला बताया। मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा, खेत और सरकारी जमीन हो, किसी को यह भरोसा नहीं रह गया था कि उनकी जमीन उनकी ही रहेगी। बस एक नोटिस आता था और लोग अपने ही घर के कागज ढूंढने लग जाते थे। आखिर यह कैसा कानून था, जिसने डर पैदा किया था। अब एक शानदार कानून बना है। यह देश और मुस्लिम समाज के हित में है। इससे वक्फ की पवित्र भावना की भी रक्षा होगी। इसके अलावा गरीब, पसमांदा मुस्लिम और उनके बच्चों के हित सुरक्षित रहेंगे। वक्फ पर हुई डिबेट दूसरी सबसे लंबी बहस थी। इसे सदन में दोबारा लाने से पहले जेपीसी की 38 बैठकें हुई थीं। यह दिखाता है कि भारत में लोकतंत्र कितना प्रभावी है। पीएम मोदी ने कहा कि वक्फ बोर्ड की ताकत इतनी थी कि हर कोई डरा रहता था कि कब नोटिस न आ जाए। नोटिस आया नहीं कि लोग कानूनी लड़ाई में उलझ जाते थे। वह भी उस जमीन के लिए जो उनकी अपनी हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हमने वक्फ बोर्ड ऐक्ट लाकर न्याय किया है और इससे सारी विसंगतियां दूर हो जाएंगी।

प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से वैशाखी का वार्षिक मेला बनेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री बनेंगे आनंदपुर धाम के सेवा कार्यों के साक्षी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर धाम जैसा केन्द्र, एक बार जरूर देखना चाहिए मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री की मध्यप्रदेश यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेन्स द्वारा ग्वालियर संभाग के कमिश्नर, आईजी सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर, एसपी अशोक नगर से चर्चा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 11 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं गरिमामयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके पहले गत 4 अप्रैल को आनंदपुर धाम पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की तैयारियों को लेकर किये गये प्रबंधों का अवलोकन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी आगामी 11 अप्रैल को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी परमहंस अद्वैत मत के प्रमुख गुरू महाराज, महात्मा शब्द प्रेमानंद जी और अन्य संतगण से भेंट कर आनंदपुर धाम के सेवा प्रकल्पों की जानकारी लेंगे। धाम में वैशाखी मेले में लगभग 20 हजार श्रद्धालु भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कार्यक्रम के स्वरूप और अन्य तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर लिए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक और सेवा संस्थानों में से एक अशोकनगर के आनंदपुर धाम में प्रतिवर्ष वैशाखी पर वार्षिक मेला लगता है। इस समागम में धाम से जुड़े हजारों देशी-विदेशी अनुयायी पधारते हैं। इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से यह मेला अविस्मरणीय बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आनंदपुर धाम जैसे स्थान आस्था के केंद्र होने के साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के भी बड़े केंद्र हैं। इसे जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को एक बार जरूर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर स्थित चारों मंदिरों को देखेंगे। वे विशाल सत्संग हॉल में मंचीय कार्यक्रम में वैशाखी के वार्षिक मेला आयोजन में नागरिकों और इस धाम से जुड़े देश-विदेश के अनुयायियों को संबोधित करेंगे। वे लंगर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगे।  

एक दशक में दूसरी बार भारतीय प्रधानमंत्री ने यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया

नई दिल्ली  श्रीलंका की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत लौट आए हैं। थाईलैंड के बाद श्रीलंका पहुंचे पीएम मोदी का जोरदार स्‍वागत किया गया। इस दौरान श्रीलंका के राष्‍ट्रपति अनूरा कुमार दशनायके ने शनिवार को पीएम मोदी को देश का सर्वोच्‍च नागर‍िक सम्‍मान ‘श्रीलंका मित्र व‍िभूषण’ दिया। पीएम मोदी ने बौद्ध धर्मस्‍थलों का भी दौरा किया जिनका भारत से करीबी नाता रहा है। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान एक दुर्लभ घटना घटी। पीएम मोदी ने श्रीलंका में अनुराधापुरम की अपनी यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के बेहद शक्तिशाली हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया। एक दशक में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब भारतीय प्रधानमंत्री ने श्रीलंका के अंदर यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया। बताया जा रहा है कि कभी तमिल विद्रोही गुट लिट्टे का गढ़ रहे श्रीलंका में सुरक्षा कारणों से पीएम मोदी के लिए यह फैसला लिया गया। यही नहीं पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका के अंदर कई आतंकी हमले भी हो चुके हैं। इसी खतरे को देखते हुए पीएम मोदी के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया गया। पीएम मोदी ने अनुराधापुरम में भारत के वित्‍तपोषण वाले कई रेलवे प्राजेक्‍ट का उद्घाटन किया। इसमें माहो- ओमानथाई लाइन और हाल ही में बनाया गया माहो- अनुराधापुरम खंड शामिल है। इसके अलावा माहो- अनुराधापुरम खंड के सिग्‍नल को भी दुरुस्‍त किया गया। पीएम मोदी ने क‍िया वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल वरिष्‍ठ पत्रकार येशी सेली ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि सुरक्षा कारणों से भारतीय हेलिकॉप्‍टर इस्‍तेमाल करने का यह फैसला लिया गया था। एक सूत्र ने कहा, ‘यह किसी राष्‍ट्राध्‍यक्ष के लिए ऐसी जगहों पर जिन्‍हें सुरक्षित नहीं माना जाता है, वहां पर अपनी सेना के हेलिकॉप्‍टर या विमान का इस्‍तेमाल करने में कुछ भी असामान्‍य नहीं है। इसके लिए काफी पहले ही हवाई क्लियरेंस ले लिया जाता है।’ उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से भारतीय प्रधानमंत्री के इस हेलिकॉप्‍टर के लिए पहले ही मंजूरी ले ली गई होगी। दुनियाभर में हाल के वर्षों में राष्‍ट्राध्‍यक्षों के साथ कई ऐसी घटनाएं हुई हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से भी पीएम मोदी को किसी खतरे से बचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया गया। प‍िछले साल 19 मई को ईरानी एयरफोर्स का एक हेलिकॉप्‍टर अजरबैजान की सीमा के पास क्रैश हो गया था और इसमें ईरान के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई थी। सूत्र ने कहा, ‘श्रीलंका में हालांकि हालात सुधर गए हैं लेकिन फिर भी हम खतरा नहीं उठा सकते हैं।’ माना जा रहा है कि उनका इशारा श्रीलंका के गृहयुद्ध की ओर था जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। पीएम मोदी ने एसपीजी के साथ अपनी लैंड रोवर में क‍िया सफर लिट्टे नेता प्रभाकरण की मौत के बाद तमिल हिंसक आंदोलन खत्‍म हो गया। लिट्टे के ही आत्‍मघाती हमले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई थी। इससे पहले साल 2015 में जब पीएम मोदी श्रीलंका के अनुराधापुरम, जाफना और तलाईमनार की यात्रा पर गए थे तब उन्‍होंने भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया था। पीएम मोदी की यात्रा को देखते हुए श्रीलंका की सरकार ने कुछ समय के लिए अनुराधापुरम के एयरफोर्स बेस को रविवार को इंटरनैशनल एयरपोर्ट घोषित कर दिया था ताकि भारतीय प्रधानमंत्री यहां से आसानी से स्‍वदेश रवाना हो सकें। पीएम मोदी अपनी खास लैंडरोवर कार से इस एयरपोर्ट पर पहुंचे थे जिसे खासतौर पर श्रीलंका पहुंचाई गई थी। पूरी सुरक्षा का जिम्‍मा एसपीजी कमांडो के हवाले था। यह शक्तिशाली कार हर तरह के हमले झेल सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम आयेंगे

PM Modi will visit Anandpur Dham in Ashok Nagar district on April 11 केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस माह दो बार आएंगे मध्यप्रदेशकेंद्रीय मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का बदनावर (धार) से करेंगे लोकार्पण और भूमि-पूजननई दिल्ली में 12-13-14 अप्रैल को होगी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुतिकेन्द्र सरकार ने ग्वालियर पश्चिमी बायपास और सागर बायपास सहित प्रदेश की 4 सड़क परियोजनाओं को दी स्वीकृतिकेंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय ने दी 4 हजार 303 करोड़ रुपए की सौगातप्रदेश में समर्थन मूल्य पर फसलों का उपार्जन जारीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम पधार रहे हैं। केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का भोपाल में 13 अप्रैल को और 17 अप्रैल को नीमच में आगमन हो रहा है। उनकी उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और दुग्ध संघ के बीच रवीन्द्र भवन में अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे, साथ ही प्रदेश में जारी सहकारिता गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी। इसी प्रकार 17 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नीमच दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी धार जिले के बदनावर से 10 अप्रैल को प्रदेश की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 12-13-14 अप्रैल को दिल्ली के लाल किला प्रांगण में आयोजित विक्रमोत्सव के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रि-परिषद के साथी इस कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 4 हजार 303 करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत 4 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 1227 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बायपास, 1426 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला संदलपुर- नसरूल्लागंज बायपास, 330 करोड़ रुपए लागत का राहतगढ़ बरखेड़ी बायपास और 688 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला सागर बायपास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंदसौर, दमोह, मुरैना और नरसिंहपुर में इस वर्ष एग्रोविजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, कृषि विश्वविद्यालय, दुग्ध महासंघ, सहकारिता, पशुपालन और पंचयत एवं ग्रामीण विभाग सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनके उपार्जन का सही दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। चना, मसूर, सरसों, तुअर और गेहूं का उपार्जन आरंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य व बोनस मिलाकर 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 21.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है और 2 लाख 49 हजार किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं का उपार्जन 5 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी।

PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सप्ताहभर में करेंगे प्रदेश दौरा, सियासी सरगर्मी तेज

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे से मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रेल को मध्य प्रदेश के ग्वालियर और अशोक नगर पहुंचेंगे. वहीं गृह मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को आएंगे. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मध्य प्रदेश के दौरे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है. मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम की विजिट को लेकर ग्वालियर के अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए हैं. 11 अप्रेल को अशोकनगर पहुंचेंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे. यहां वे कुछ समय रुकने के बाद अशोकनगर के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी अशोकनगर के ईसागढ़ में स्थित आनंदपुर ट्रस्ट में होने जा रहे कार्यक्रम में शामिल होंगे. पीएम मोदी आनंदपुर धाम में परमहंस अद्वैत मत श्री आनंत शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन और श्री आनंद सरोवर के दर्शन करेंगे. बैसाखी पर आनंदपुर धाम में हर साल मेला भी लगता है. पीएम मोदी की यात्रा के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहदन यादव यहां का दौरा कर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं. 13 अप्रैल को गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में पीएम मोदी की यात्रा को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है. आनंदपुर धाम ईसागढ़ के दस किलोमीटर के दायरे को नो फ्लाइंग जोन बना दिया गया है. यहां बुधवार 9 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल की रात तक कोई ड्रोन भी नहीं उड़ा सकेगा. उधर, 13 अप्रैल को गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचने वाले हैं. वे भोपाल के रवीन्द्र भवन में होने वाले राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. इस सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह के सामने मध्यप्रदेश के सांची दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच कोलेबोरेशन एग्रीमेंट होगा. दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर बोनस इसके साथ ही मध्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर का बोनस का लाभ देना शुरू होगा. हालांकि किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत दूध उत्पादक संघ से जुड़ना होगा. योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो संगठित दुग्ध सहकारी समितियों से जरिए बूध बेचते हैं.

मुद्रा योजना के10 साल, लाभार्थियों में 68% महिलाएं, मोदी बोले- योजना ने लोगों के सपनों को हकीकत बनाया

नई दिल्ली मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत की. इस दौरान कुछ ऐसे मौके भी आए, जब पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में लोगों से बात की. प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना मोदी के लिए नहीं है. यह जरूरतमंदों के लिए है. भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है. लाभार्थियों की यात्रा प्रेरणा देने वाली है. मुद्रा योजना देश के नौजवानों के लिए है. नौजवानों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए है. इस दौरान पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे. इस पर सभी ठहाका लगाकर हंसने लगे.. ‘मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला’ पीएम मोदी ने लिखा, ‘आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है। इस दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है। ऐसे लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया था। यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है!’ पीएम ने आगे कहा, भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, 33 लाख करोड़ देश के लोगों को बिना गारंटी दिए गए, इससे जीवन बदला है, सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आई हैं। क लाभार्थी ने बताया कि मुद्रा लोन से अपना बिजनेस सेट-अप करके घर भी खरीदा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले उनका सालाना टर्नओवर 12 लाख था, वो अब 50 लाख हो चुका है। उन्होंने पीएम मोदी को इसके लिए थैंक्यू कहा। एक ने कहा मुद्रा योजना से पहले वो 20 हजार रुपए महीना कमाता था, आज उसकी इनकम दोगुनी हो गई है। पहली बार फ्लाइट में बैठी महिला एक लाभार्थी ने बताया कि वह बहुत गरीबी में थीं। उन्होंने बताया कि वह पहली बार दिल्ली आईं और पहली बार ही फ्लाइट में बैठीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लोन कैसे मिला। उन्होंने बताया कि वे एक महीने का 60 हजार रुपये इनकम कर रही हैं। पीएम मोदी ने लाभार्थी की सराहना की और उन्हें बधाई दी। नहीं आएंगे इनकम टैक्स वाले इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि आपकी आय कितनी है? पीएम मोदी के इस सवाल से लाभार्थी झिझक गया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। पीएम मोदी का इस तरह तंज कसने पर सभी लाभार्थी हंस पड़े।  ये योजना मोदी की तारीफ के लिए नहीं, लाभार्थियों से बोले पीएम लाभार्थियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी की तारीफी के लिए नहीं है। यह योजना मेरे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देने के लिए है। पीएम मोदी से बात करते हुए मध्य प्रदेश के भोपाल के लाभार्थी लवकुश मेहरा ने कहा, ‘पहले मैं किसी के यहां काम करता था, नौकर था, लेकिन आपने मुद्रा लोन के ज़रिए हमारी गारंटी ली और आज हम मालिक बन गए हैं।’ 50 लाख से ज्यादा का हुआ टर्नओवर इसके साथ ही लवकुश ने कहा, ‘मैंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और मैंने बैंक से संपर्क किया, उन्होंने मुझे 5 लाख रुपये की लोन लिमिट दी। मुझे डर था कि मैं पहली बार इतना बड़ा लोन ले रहा हूं। मैं इसे चुका पाऊंगा या नहीं। आज मेरा मुद्रा लोन 5 लाख रुपये से बढ़कर 9.5 लाख रुपये हो गया है। मेरा पहले साल का टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।’ क्या है मुद्रा योजना? मालूम हो कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम मोदी की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य वित्तपोषित सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषित करना है। पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है। इस योजना में 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एमनागराजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने उन लोगों के लिए यह व्यवसाय योजना शुरू की है जो बिना किसी गारंटी के ऋण चाहते हैं। हमने पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है और कुल 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया है। इनमें से 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं, और 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े समुदायों से हैं। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।’ ‘देश के नौजवानों के लिए है योजना’ पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी के लिए नहीं है, बल्कि देश के नौजवानों के लिए है।  पीएम मोदी ने कहा- हमारे देश में बहुत कम लोग हैं, जिन्हें पता है साइलेंटली कैसे रिवॉल्योशन हो रहा है। ‘सालाना टर्नओवर 12 से 50 लाख पहुंचा’ पीएम मोदी को लोगों ने अपने अनुभव बताया, एक ने कहा मुद्रा लोन के बाद हमने पेट को लेकर सुविधा शुरू की। अब मुझे इसे बहुत फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। बता दें कि मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इससे हर साल मुद्रा योजना 5.14 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ है. इस योजना के तहत सरकार ने दस साल में 53 लाख करोड़ का लोन दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर मैंने देशभर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था. लाभार्थियों ने हमें बताया कि किस तरह यह योजना उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है.

तमिलनाडु को रामनवमी पर मिलेगी बड़ी सौगात! PM Modi करेंगे नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन

 रामेश्वरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल, रामनवमी को तमिलनाडु के दौरे पर जा रहे हैं. रामनवमी के अवसर पर दोपहर करीब 12 बजे वे भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल – नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे और सड़क पुल से एक ट्रेन और एक जहाज को रवाना करेंगे तथा पुल के संचालन को देखेंगे. इसके बाद दोपहर करीब 12:45 बजे वे रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. रामेश्वरम में दोपहर करीब 1:30 बजे वे तमिलनाडु में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन करेंगे और रामेश्वरम-तांबरम (चेन्नई) नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे. रामायण में वर्णित अख्यान के अनुसार रामेश्वरम के पास राम सेतु का निर्माण धनुषकोडी से शुरू हुआ था. वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल का पीएम करेंगे उद्घाटन रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह पुल वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में खड़ा है. इसे 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है. इसकी लंबाई 2.08 किमी है, इसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है जो 17 मीटर की ऊंचाई तक उठता है. स्टेनलेस स्टील सुदृढीकरण, उच्च श्रेणी के सुरक्षात्मक पेंट और पूरी तरह से वेल्डेड जोड़ों के साथ निर्मित, पुल में अधिक स्थायित्व और कम रखरखाव की आवश्यकता है. भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए इसे दोहरी रेल पटरियों के लिए डिज़ाइन किया गया है. एक विशेष पॉलीसिलोक्सेन कोटिंग इसे जंग से बचाती है, जिससे कठोर समुद्री वातावरण में दीर्घायु सुनिश्चित होती है. 8300 करोड़ की परियोजना की देंगे सौगात प्रधानमंत्री तमिलनाडु दौरे के दौरान राज्य में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न सड़क और रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंग. इन परियोजनाओं में एनएच-332 के 29 किलोमीटर लंबे विलुप्पुरम-पुडुचेरी खंड को चार लेन का बनाने का काम, एनएच-40 के 28 किलोमीटर लंबे वालाजापेट-रानीपेट खंड को चार लेन का बनाने का शिलान्यास और एनएच-32 के 57 किलोमीटर लंबे पूंडियनकुप्पम-सत्तनाथपुरम खंड और एनएच-36 के 48 किलोमीटर लंबे चोलापुरम-तंजावुर खंड को राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है. ये राजमार्ग कई तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों को जोड़ेंगे, शहरों के बीच की दूरी कम करेंगे और मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, बंदरगाहों तक तेजी से पहुंच को सक्षम करेंगे, इसके अलावा स्थानीय किसानों को कृषि उत्पादों को नजदीकी बाजारों तक पहुंचाने और स्थानीय चमड़ा और लघु उद्योगों की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने में सशक्त बनाएंगे. पहला वर्टिकल लिफ्ट रेल पुल है पंबन यह नया पुल 2,078 मीटर लंबा और पुराने पुल की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और मजबूत बनाया गया है. यह देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेल पुल है, जो समुद्री यातायात को सुगम बनाने के लिए ऊपर उठ सकता है. इसका निर्माण बेहतर सुरक्षा और अधिक भार सहन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे यह भविष्य में तेज रफ्तार ट्रेनों को भी सुचारू रूप से संचालित करने में सक्षम होगा. 1914 में बना था पुराना पंबन पुल इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, “1914 में निर्मित पुराने पंबन रेल पुल ने 105 वर्षों तक मुख्य भूमि को रामेश्वरम से जोड़ा. दिसंबर 2022 में जंग लगने के कारण इसे बंद कर दिया गया, जिसने आधुनिक नए पंबन पुल के लिए मार्ग प्रशस्त किया, जो कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत करेगा!” इस पुल के चालू होने से रामेश्वरम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी. साथ ही, यह पुल दक्षिण भारत के रेलवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत करेगा. इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन राम नवमी जैसे शुभ दिन पर किया जाना इसे और भी खास बना देता है.

पीएम मोदी श्रीलंका के प्रतिष्ठित मित्र विभूषण पदक से किया सम्मानित, पूरी दुनिया में बज रहा भारत का डंका

कोलंबो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने के उनके असाधारण प्रयासों के सम्मान में श्रीलंका सरकार द्वारा प्रतिष्ठित मिथ्रा विभूषण पदक प्रदान किया गया। यह किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया 22वां अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार है। असाधारण वैश्विक मित्रता को मान्यता देने के लिए विशेष रूप से स्थापित यह पदक भारत-श्रीलंका संबंधों की गहराई और गर्मजोशी को दर्शाता है। आज शनिवार को पीएम मोदी ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को करते हुए कहा, राष्ट्रपति दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है. पीएम मोदी को किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रदान किया गया 22वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. यह भी कहा कि यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है. हमने एक सच्चे पड़ोसी मित्र का कर्तव्य निभाया है. 2019 का आतंकी हमला, कोविड महामारी, श्रीलंका आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए कहा, भारत हर कठिन परिस्थिति में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा रहा है. बता दें कि पीएम मोदी को किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रदान किया गया 22वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है. असाधारण वैश्विक मित्रता को मान्यता देने के लिए विशेष रूप से स्थापित यह पदक भारत-श्रीलंका संबंधों की गहराई और गर्मजोशी को दर्शाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘आज राष्ट्रपति दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है. ये सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है. भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है. चाहे 2019 का आतंकी हमला हो, कोविड महामारी हो, या हाल में आया आर्थिक संकट, भारत हर कठिन परिस्थिति में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा रहा है.’ भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने संबंध: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा- हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ और विजन ‘महासागर’, दोनों में श्रीलंका का विशेष स्थान है. भारत ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के विजन को अपनाया है. हम अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं. पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक राशि के लोन को ग्रांट में बदला है. हमारे ऋण पुनर्गठन समझौते से श्रीलंका के लोगों को तत्काल राहत मिलेगी और हमने ब्याज दरों को कम करने का भी फैसला किया है. यह दर्शाता है कि आज भी भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और आत्मीयता भरे संबंध हैं. मुझे यह बताते हुए अत्यन्त खुशी है कि 1960 में गुजरात के अरावली में मिले भगवान बुद्ध के अवशेष को श्रीलंका में दर्शन के लिए भेजा जा रहा है. त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के जीर्णोद्धार में भारत सहयोग देगा. अनुराधापुरा महाबोधी मंदिर परिसर में पवित्र शहर, और नुरेलिया में ‘सीता एलिया’ मंदिर के निर्माण में भी भारत सहयोग करेगा. भारत-श्रीलंका के सुरक्षा हित एक दूसरे से जुड़े हैं: PM मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति के साथ बैठक में हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी बात की. हम सहमत हैं कि हमें इस मामले में एक मानवीय अप्रोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए. हमने मछुआरों को तुरंत रिहा किये जाने और उनकी बोट्स को वापस भेजने पर भी बल दिया. भारत और श्रीलंका का संबंध आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित है. श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए 10,000 घरों का निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा. इसके अलावा, 700 श्रीलंकाई कर्मचारियों को भारत में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें सांसद, उद्यमी और युवा नेता शामिल हैं. भारत का मानना ​​है कि दोनों देशों के सुरक्षा हित एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. हमारी सुरक्षा एक दूसरे पर निर्भर है. श्रीलंका में भी आधार जैसा प्रोजेक्ट, भारत ने दिए 300 करोड़ श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी से श्रीलंका के इस रुख की पुष्टि की कि वह अपने क्षेत्र का उपयोग भारत की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए किसी भी तरह से हानिकारक तरीके से नहीं होने देगा. श्रीलंका विकास, नवाचार और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल अर्थव्यवस्था विकसित करने के महत्व को पहचानता है. इस नीतिगत पहल को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री मोदी और मैंने कई क्षेत्रों में डिजिटलीकरण में संभावित सहयोग पर चर्चा की. मैं श्रीलंका की यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए 300 करोड़ रुपये के वित्तीय अनुदान के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं.’ बौद्ध धर्म भारत से मिला सबसे अनमोल उपहार: दिसानायके श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, ‘बौद्ध धर्म हमें भारत से मिला सबसे अनमोल उपहार है…मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहूंगा कि भारत का समर्थन निश्चित रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है. प्रधानमंत्री मोदी की सबका साथ सबका विकास की अवधारणा समय की महत्ता की अवधारणा है. उन्होंने हमेशा श्रीलंका और देश के लोगों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. हमें आज श्रीलंका और भारत के बीच ऊर्जा, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य क्षेत्र, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और ऋण पुनर्गठन के क्षेत्रों से संबंधित द्विपक्षीय समझौते के आदान-प्रदान से प्रसन्नता हो रही है.’ मोदी शुक्रवार शाम थाईलैंड की दो दिन की यात्रा पूरी कर श्रीलंका पहुंचे जान लें कि प्रधानमंत्री मोदी कल शुक्रवार शाम थाईलैंड की दो दिन की यात्रा पूरी कर श्रीलंका पहुंचे. कोलंबो के भंडारनायके हवाई अड्डे पर श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिसा, मत्स्य पालन मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर और दो अन्य ने उनका भव्य स्वागत किया. बता दें कि पीएम मोदी यह 2019 के बाद पहली श्रीलंका यात्रा है. कोलंबो के इंडिपेंडेंस स्क्वायर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उन्होंने यहां राष्ट्रपति अनुरा … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आ रहे, यह उनका 11 वर्षों में सबसे छोटा दौरा होगा

 काशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को करीब ढाई घंटे तक काशी में रहेंगे। 2600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही रैली के जरिये काशी की जनता से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिली मौखिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे मेंहदीगंज जाएंगे। वहीं से विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही रैली को संबोधित करेंगे। फिलहाल शहर में किसी अन्य आयोजन में उनके शामिल होने की संभावना नहीं है। अभी तक पीएमओ से आधिकारिक ब्योरा भी नहीं आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। 11 से पहले मुख्यमंत्री एक बार और आ सकते हैं। इस बार काशीवासियों को सड़कों और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात ज्यादा मिलनी है। 9 हेक्टेयर भूमि पर पीएम मोदी का कार्यक्रम प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी का कार्यक्रम करीब 9 हेक्टेयर भूमि पर होगा। इसके लिए 26 काश्तकारों की भूमि ली गई है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि रैली के लिए भूमि आम सहमति से ली गई है। पीएम कर सकते हैं लालपुर स्टेडियम के छात्रावास और दर्शक दीर्घा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में नवनिर्मित छात्रावास और दर्शक दीर्घा का उद्घाटन कर सकते हैं। यहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा किया जा रहा है। बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के लिए 100-100 बेड का छात्रावास और दर्शक दीघा बनकर तैयार है। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि यहां सभी काम पूरे हो चुके हैं, केवल टर्फ का काम चल रहा है। छात्रावास के अलावा पीएम मोदी हॉकी टर्फ भी खिलाड़ियों को सौंप सकते हैं। 2013 में बिछाया टर्फ सात वर्ष देरी से बिछाया जा रहा है। एक टर्फ की आयु सीमा पांच वर्ष होती है। यहां नीले रंग के टर्फ को बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं। वहीं, करीब 12 करोड़ की लागत से बालक-बालिका का अलग-अलग 100-100 बेड का छात्रावास बनकर तैयार है। इस छात्रावास में फिलहाल एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल के खिलाड़ी रहेंगे। पुराने छात्रावास का प्रयोग मैच ऑफिशियल और बाहर से यहां खेलने आने वाली टीमों को ठहराने में होगा। छात्रावास खुल जाने के बाद दूसरे मंडलों से आने वाली टीमों को स्टेडियम के बाहर नहीं ठहराया जाएगा। 15 ब्लॉक में बैठेंगे 30 हजार से ज्यादा लोग मेंहदीगंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए जर्मन हैंगर पंडाल लगाए जा रहे हैं। 15 बीघा के खेत की गेहूं की फसल कटने के बाद शुक्रवार को जमीन के समतलीकरण का काम किया गया। प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने के लिए पंडाल के 15 ब्लॉक में 30 हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहेंगे। जनसभा स्थल पर निगरानी और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है। मेंहदीगंज में जनसभा स्थल पर पंडाल, मंच, सेफ हाउस सहित अन्य निर्माण कार्य के लिए मुजफ्फरनगर से दीपक जैन अपनी टीम के साथ आए हैं। उन्होंने बताया कि पंडाल में प्रधानमंत्री का मंच 64 गुणा 32 फीट का रहेगा। मंच के सामने डी एरिया के बाद आमजन के बैठने के लिए 15 ब्लॉक बनाए जाएंगे। जनसभा में 30 हजार से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। उसी के आधार पर पंडाल का स्वरूप तैयार किया जाएगा। पंडाल में गर्मी से बचाव के लिए कूलर और पंखे की व्यवस्था रहेगी। वहीं, पंडाल के पूर्वी छोर पर पीडब्ल्यूडी द्वारा तीन हेलिपैड के लिए भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जनसभा स्थल और उसके इर्द-गिर्द सफाई कर्मियों ने साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया है। जनसभा में आने वालों के लिए पीने के पानी और मोबाइल टॉयलेट की भी व्यवस्था रहेगी।    

मोहम्मद यूनुस से पीएम मोदी ने की बेमन से मुलाकात? तस्वीरों और वीडियो में दिखी तल्‍खी, पहले किया था मिलने से मना

बैंकॉक  बैंकॉक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात हुई है। पहले संभावना जताई गई थी मुलाकात नहीं हो सकती है, लेकिन बांग्लादेश ने बार बार इस द्विपक्षीय बैठक के लिए आग्रह किया था। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान दोनों नेताओं के बीच शेख हसीना, चिकन नेक, चीन से दोस्‍ती को लेकर बातचीत की गई है। ये मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली है। दोनों नेताओं की मुलाकात उस वक्त हुई है जब बांग्लादेश और भारत के बीच के संबंध तनावपूर्ण हो चुके हैं। वहीं मोहम्मद यूनुस ने हाल ही में चीन का दौरा किया था, जहां बीजिंग में उन्होंने बांग्लादेश को ‘समंदर का गार्जियन’ बताया था। जिसका जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि बंगाल की खाड़ी में सबसे ज्यादा तटरेखा भारत की है। बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। क्योंकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले लगातार हमलों और शेख हसीना के भारत में रहने को लेकर ढाका और दिल्ली के बीच महीनों से तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के अनुरोध पर प्रधानमंत्री मोदी, मोहम्मद यूनुस से मिलने के लिए तैयार हुए थे। इससे पहले मोहम्मद यूनुस ने पिछले साल दिसंबर में नई दिल्ली आने के लिए अनुरोध भेजा था, लेकिन भारत की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। प्रधानमंत्री मोदी और मोहम्मद यूनुस में मुलाकात बीजिंग की यात्रा के दौरान मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र और भूटान, नेपाल और बांग्लादेश में “चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार” की बात की थी, जिसने दिल्ली को आक्रोश में भर दिया है। नई दिल्ली को बांग्लादेश के एंटी इंडिया रूख से चिंता है और भारत को मोहम्मद यूनुस के रवैये पर गहरा शक है। इस मुलाकात के दौरान आई तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि द्विपक्षीय वार्ता के लिए बैठने से पहले दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया। गुरुवार रात बिम्सटेक नेताओं के रात्रिभोज में भी मोदी और यूनुस एक दूसरे के बगल में बैठे देखे गए थे, जिससे दोनों नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थी। इस मुलाकात को भारत और बांग्लादेश संबंधों में मौजूदा तनावपूर्ण दौर के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है. इससे पहले दोनों नेताओं को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनवात्रा की ओर से आयोजित डिनर में एक-साथ देखा गया था. दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब मोहम्मद यूनुस अपने चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वार्ता को लेकर विवादों में रहे हैं. चीन दौरे पर गए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन की धरती पर कहा था कि इस क्षेत्र के समंदर का एक मात्र गार्जियन ढाका है. चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियां गिनाई थी और चीन को लुभाते हुए कहा था कि उसके पास बांग्लादेश में बिजनेस का बड़ा मौका है. मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है. वे चारों ओर से भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का लैंड लॉक्ड क्षेत्र हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस पूरे क्षेत्र में जो समंदर है उसका एक मात्र गार्जियन बांग्लादेश है. हालांकि, पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता को लेकर दोनों ही देशों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है. अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ा. भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर बार-बार चिंता जताई है. बता दें कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात  पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद पहली बार हुई है. बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद शेख हसीना तभी से भारत में रह रही हैं.

सौगात ए मोदी–सौजन्य सौहार्द सद्भाव का संदेश

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 नीरज मनजीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार ईद के मुबारक मौके पर 32 हजार मस्जिदों में 32 लाख ग़रीब पसमांदा मुस्लिम परिवारों को “सौगात-ए-मोदी” की किट भेजी है। इस किट में खाने-पीने की चीज़ों के अलावा कपड़े, ख़जूर, ड्राई फ्रूट्स, दूध और चीनी रखी गई थी। महिलाओं के लिए सूट का कपड़ा और पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा रखा गया था। भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीक़ी के मुताबिक़ “रमज़ान का पाक महीना चल रहा था और हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईद के पवित्र त्यौहार पर “सौगात-ए-मोदी” का मीठा उपहार देकर देश के तमाम मुसलमानों को प्यार का संदेश दिया है कि वे भारत के समूचे 140 करोड़ वासियों के प्रधानमंत्री हैं। जमाल सिद्दीक़ी ने आगे और बताया कि ईद के बाद इस योजना के तहत सिख और ईसाई समुदाय के त्यौहारों के मौके पर भी जरूरतमंद लोगों तक सौगात की ऐसी किट भिजवाई जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्ष के बहुत से नेताओं ने इसे नेगेटिव नज़रिए से देखते हुए छलावा बताकर अपने-अपने तरीक़े से मोदी की काफी आलोचना की है। विपक्ष के हिमायती और मोदी के अंध विरोधी इकोसिस्टम के कुछ लोगों ने तो यहाँ तक कह दिया था कि मुसलमानों को यह किट लेनी ही नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं, जो कुछ भड़काऊ मजहबी नेताओं के साथ मिलकर मुसलमानों का ब्रेनवॉश करते रहते हैं और उन्हें भारत की मुख्यधारा से दूर रखने की तमाम कोशिशें करते रहते हैं। इन्हें मुसलमानों की दशा सुधारने, उन्हें आगे ले जाने, उन्हें तरक़्क़ी के रास्ते पर डालने में कोई रूचि नहीं है। वे केवल यही चाहते हैं कि मुसलमान हर क़ीमत पर भारतीय जनता पार्टी की ख़िलाफ़त करते रहें और मोदी के विरुद्ध विपक्षी पार्टियों को वोट देते रहें। ये वही इकोसिस्टम है, जिसने सीएए के ख़िलाफ़ मुस्लिम समुदाय को भड़काकर यह असत्य नैरेटिव खड़ा कर दिया था कि इस कानून के लागू हो जाने के बाद मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। नतीजा यह निकला था कि शाहीन बाग में कई महीनों तक प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली वासियों को सांसत में डालकर रखा था। आज हम अच्छी तरह देख रहे हैं कि सीएए के बाद किसी भी मुसलमान की नागरिकता नहीं छीनी गई है। यही लोग ख़ुद को  मुसलमानों का हितैषी बताकर औरंगज़ेब जैसे क्रूर शख़्स को अकबर से भी बड़ा और महान बादशाह बता देते हैं। तुष्टीकरण की घातक नीति पर चलकर मुस्लिम वोटबैंक का चैंपियन बनने की होड़ इस क़दर जारी है कि विपक्ष के कुछ नेता तो सारी हदें पार करके अपने ही पुरखों और अपने ही सनातन धर्म को गालियाँ देने लगते हैं। ऐसे नेताओं के प्रति मुसलमानों के दिल में कितनी इज़्ज़त होगी, इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। ऐसे नेताओं और दलों को समझना होगा कि आज़ादी के बाद, जब न्याय और समानता की जरूरत थी, तुष्टीकरण की भयावह नीति ने देश और देश के बहुसंख्यक समुदाय का कितना नुक़सान किया है। इस नीति ने मुस्लिम समुदाय का भी भला नहीं किया है। ये वही इकोसिस्टम है जो आज वक़्फ़ संशोधन बिल को लेकर मुस्लिम समुदाय को भड़काकर सड़क पर उतारना चाहता है। असदुद्दीन ओवैसी जैसे कुछ नेता इनके साथ मिलकर यह नैरेटिव सेट कर रहे हैं कि वक़्फ़ बिल के पास होने के बाद मुस्लिम समुदाय से उनकी मस्जिदें, मजारें और कब्रिस्तान छिन जाएँगे। यह नैरेटिव भी पूरी तरह असत्य की बुनियाद पर खड़ा किया गया है। कितनी बड़ी विडंबना है कि ओवैसी और विपक्ष के नेता इस संशोधन बिल को असंवैधानिक बता रहे हैं। जबकि सच तो यह है कि वक़्फ़ बोर्ड को जिस तरह से असीमित अधिकार दे दिए गए हैं, वे ही अपने-आप में संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ है। कोई भी संस्था जिसे सुप्रीम कोर्ट से भी ज़्यादा अधिकार दे दिए गए हों, जो सेक्युलरिज्म की मूल अवधारणा के विरुद्ध असमानता की बुनियाद पर खड़ी हो, उसे संवैधानिक कैसे माना जा सकता है? ओवैसी और विपक्ष के कुछ नेता इस बिल की पेशकदमी को भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए में विभाजन का एक अवसर भी मान रहे थे। वे लगातार नीतीश कुमार और चन्द्रबाबू नायडू पर दबाव डाल रहे थे कि वक़्फ़ बिल के ख़िलाफ़ उनकी पार्टियों–जनता दल यूनाइटेड और तेलुगू देशम पार्टी–को भाजपा से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। मगर नीतीश और चन्द्रबाबू ने भाजपा और मोदी के साथ पूरी दृढ़ता से खड़े होकर ओवैसी और विपक्ष की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। सच कहा जाए तो नीतीश और चन्द्रबाबू ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए विपक्ष के छद्म धर्म निरपेक्षता के तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसके अलावा यह भी साफ़ हो गया है कि  प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार अपना पाँच साल का कार्यकाल अवश्यमेव पूरा करेगी। दरअसल वक़्फ़ बिल की ख़िलाफ़त करते हुए कुछ मुस्लिम नेताओं और मौलानाओं ने बड़ा ही आक्रामक रवैया अपनाकर पूरे देश में मुस्लिम समुदाय को सड़कों पर उतारने की पूरी कोशिश की थी। शुक्र है कि मुसलमानों का एक बहुत बड़ा तबका और बहुत से मौलाना इस बिल के पक्ष में खड़े हैं। लगता है कि मुस्लिम समुदाय को धीरे-धीरे समझ में आने लगा है कि कौन उनका वास्तविक हितैषी है और कौन उन्हें सिर्फ़ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने समन्वय और सौजन्य की नीति पर चलते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र को धरातल पर उतारा है। मोदी सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा समान रूप से हर समुदाय के हितग्राही तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी सामाजिक समरसता बढ़ाने के उद्देश्य से पसमांदा मुसलमानों के सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं। “सौगात-ए-मोदी” इसी दिशा में सद्भाव सौजन्य समन्वय सौहार्द कायम रखने का एक छोटा सा प्रयास है।

पीएम मोदी थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा करेंगे, बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में करेंगे शिरकत

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नई दिल्ली बंगाल इनिशिएटिव फॉर सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकॉनोमिक कोऑपरेशन (BIMSTEC) का छठा शिखर सम्मेलन 4 अप्रैल को बैंकॉक में आयोजित होने जा रहा है. इस सम्मेलन से पहले दो अप्रैल को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और 3 अप्रैल को विदेश मंत्रियों की बैठक होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए गुरुवार को बैंकॉक के लिए रवाना होंगे. बैंकॉक में छठा शिखर सम्मेलन कोलंबो में हुए पिछले शिखर सम्मेलन (30 मार्च, 2022) के तीन साल बाद आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का विषय ‘समृद्ध, लचीला और खुला बिम्सटेक’ तय किया गया है, जो क्षेत्रीय एकीकरण और आर्थिक सहयोग के लिए इस मंच की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. एक व्यापक एजेंडे के साथ, शिखर सम्मेलन का मसकद साझा सुरक्षा और विकास संबंधी चुनौतियों को हल करके सात सदस्य देशों, यानी बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के बीच सहयोग को मजबूत करना है. शिखर सम्मेलन की मुख्य विशेषताओं में 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन घोषणापत्र को अपनाना शामिल है, जो नेताओं के दृष्टिकोण और निर्देशों को हाईलाइट करेगा. साथ ही ऐतिहासिक बैंकॉक विजन 2030, भविष्य के सहयोग को बढ़ाने के लिए पहला रणनीतिक रोडमैप होगा. क्षेत्रीय संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सभी देशों के नेता समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे, जिसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में व्यापार और यात्रा का विस्तार करना है. बिम्सटेक का क्या मकसद बढ़ती भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से बंगाल की खाड़ी में सहयोग के लिए प्राथमिक क्षेत्रीय मंच के तौर पर संगठन की भूमिका को मजबूत करने की उम्मीद है. पांच दक्षिण एशियाई और दो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ, बिम्सटेक क्षेत्रीय मामलों में एक अधिक गतिशील और प्रभावशाली खिलाड़ी बनने के लिए तैयार है. साल 1997 में अपनी स्थापना के बाद से बिम्सटेक ने पांच शिखर सम्मेलन आयोजित किए हैं. बैंकॉक (2004), नई दिल्ली (2008), नेपीडॉ (2014), काठमांडू (2018) और कोलंबो (2022). संगठन सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है जिनमें कृषि और खाद्य सुरक्षा, कनेक्टिविटी, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, लोगों से लोगों का संपर्क, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, व्यापार और निवेश, साथ ही आठ उप-क्षेत्र, जिनमें ब्लू इकोनॉमी, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य शामिल हैं. भारत सबसे प्रभावशाली सदस्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिम्सटेक का यह शिखर सम्मेलन इसकी रणनीतिक दिशा को आकार देने में मददगार साबित होगा. साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि यह बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक विकास, सुरक्षा सहयोग और सतत विकास के लिए एक यह मंच महत्वपूर्ण ताकत बना रहे. भारत, बिम्सटेक के चार संस्थापक सदस्यों में से एक है, जो सुरक्षा, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग का नेतृत्व करता है. बिम्सटेक सचिवालय के बजट में सबसे बड़ा योगदानकर्ता (32 प्रतिशत) होने के नाते, भारत दो बिम्सटेक केंद्रों की मेजबानी करता है. नोएडा, उत्तर प्रदेश में बिम्सटेक मौसम और जलवायु केंद्र और बेंगलुरु में बिम्सटेक ऊर्जा केंद्र. साथ ही कृषि, आपदा प्रबंधन और समुद्री परिवहन में उत्कृष्टता के तीन और नए केंद्रों का प्रस्ताव दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक के पीछे सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति रहे हैं, उन्होंने गोवा में बिम्सटेक नेताओं की रिट्रीट (2016) की मेज़बानी की और संस्थागत क्षमता को मज़बूत करने के लिए 5वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में एक मिलियन डॉलर के वित्तीय अनुदान की घोषणा की थी. भारत ने जुलाई 2024 में दूसरे बिम्सटेक विदेश मंत्रियों की रिट्रीट की मेज़बानी की, जिसमें नए केंद्रों, अंतरिक्ष सहयोग और लोगों के बीच आदान-प्रदान को लेकर पहल की गई थी. साथ ही भारत ने न्यूयॉर्क में 79वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में बिम्सटेक विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक की अध्यक्षता भी की. चीन को चुनौती देने की तैयारी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन, बिम्सटेक देशों के साथ भारत के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाते हैं. बंगाल की खाड़ी क्षेत्र एक चौराहे पर खड़ा है, भारत की प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करती है कि बिम्सटेक एक एक्टिव फोरम के तौर पर विकसित हो, जो साझा-समृद्ध भविष्य के लिए संस्कृतियों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच सामंजस्य स्थापित कर सके. भारत ने सार्क को पीछे छोड़ते हुए अब अपना फोकस बिम्सटेक की तरफ मोड़ लिया है. सार्क सदस्यों में पाकिस्तान के शामिल होने की वजह से लगातार बाधाएं पैदा होती थीं और साल 2016 में उरी हमले के बाद सार्क का कोई भी सम्मेलन आयोजित नहीं हुआ है. ऐसे में अब सार्क को एक तरह से निष्क्रिय मंच माना जा रहा है. उधर, बंगाल की खाड़ी से सटे देशों पर चीन का प्रभुत्व खत्म करने और उसके विस्तारवाद को चुनौती देने के मकसद से भी भारत बिम्सटेक को प्राथमिकता दे रहा है. अगर भारत इस मंच का नेतृत्व अच्छी तरह से करता है तो सदस्य देशों को चीन का साथ देने में मुश्किल होगी और ऐसे में भारत न सिर्फ बिम्सटेक बल्कि एशिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है. सदस्य देशों के साथ मजबूत संबंध भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और बिम्सटेक में सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है. ऐसे में बिम्सटेक के मंच का इस्तेमाल करके सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने से भारत अपनी पूर्वी सीमा से सटे इन देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर सकता है जिससे चीन को कड़ी चुनौती मिलेगी. अगर इन देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत होंगे तो ये सदस्य देश भी भारत के हितों को चीन से ऊपर रखेंगे और वहां ड्रैगन के किसी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले अपने रिश्तों के बारे में जरूर विचार करेंगे. 2015 के बाद से मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका का दौरा किया था। यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत और श्रींलका के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा गरम है। इस कारण से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कई बार विदेश मत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मुद्दे के स्थायी हल निकालने के लिए काम करने को कह चुके हैं। इस साल करीब 150 से … Read more

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इन लोगों को मिलेगा 5 लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड

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नईदिल्ली नए फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे नियम लागू होंगे, जो बजट में लागू हुए थे। बीते एक फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें से एक ऐलान- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का है। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की लिमिट को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। किस तरह की जरूरतों के लिए मददगार बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड एक बैंकिंग उत्पाद है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने में मददगार है। इसके साथ ही फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए समय पर और किफायती क्रेडिट प्रदान करता है। 2019 में केसीसी योजना को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। बता दें कि चालू किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों के तहत राशि 31 दिसंबर, 2024 तक 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। इससे 7.72 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। मार्च, 2014 में चालू केसीसी की राशि 4.26 लाख करोड़ रुपये थी। बजट में कटौती बीते एक फरवरी को पेश बजट में सरकार ने कृषि क्षेत्र के बजट में कटौती की थी। केंद्र सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि मंत्रालय का बजट आवंटन 2.75 प्रतिशत घटाकर 1.37 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस कमी की भरपाई संबद्ध क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए आवंटन से हुई है, जिसमें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए आवंटन को 37 प्रतिशत बढ़ाकर 7,544 करोड़ रुपये और खाद्य प्रसंस्करण के लिए आवंटन को 56 प्रतिशत बढ़ाकर 4,364 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और खाद्य प्रसंस्करण के लिए कुल बजट आवंटन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। नई योजनाओं के लिए आवंटन विस्तृत होने के बाद इसके चालू वर्ष के संशोधित अनुमान 1.47 लाख करोड़ रुपये को पार करने की उम्मीद है।

निधि तिवारी बनीं पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी, क्या है बनारस से कनेक्शन?

वाराणसी वाराणसी की रहने वाली IFS अधिकारी निधि तिवारी को पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने इस नियुक्ति की सूचना जारी की है। निधि तिवारी 2014 बैच की विदेश सेवा की अधिकारी हैं। वह इससे पहले भी पीएमओ में ही डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात थीं। 29 मार्च को ही उन्हें पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर नियु्क्त करने का आदेश दे दिया गया था। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्त किमेटी ने आईएफएस अधिकारी निधि तिवारी जो कि प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव के तौर पर नियुक्त करने को मंजूरी दी है। निधि तिवारी को 2022 में पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए काम कर रही थीं। निजी सचिव के तौर पर निधि तिवारी का काम बेहद अहम होने वाला है। वह पीएम मोदी के कार्यक्रमों का समन्वयन, बैठकों का आयोजन और सरकारी विभागों के साथ संपर्क से संबंधित कामकाज देखेंगी। आदेश के मुताबिक निधि तिवारी का वेतन पे मैट्रिक्स स्तर 12 के मुताबिक निर्धारित होगा। पीएमओ में पहले भी कई महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। वहीं निधि तिवारी को प्रधानमंत्री की निजी सचिव के रूप में पदोन्नत करना का एक संदेश महिला सशक्तीकरण को लेकर भी है। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आती हैं। निधि तिवारी के सराहनीय काम को देखते हुए उन्हें प्रमोशन दिया गया है। जानिए कौन हैं निधि तिवारी? निधि तिवारी इससे पहले नवंबर 2022 से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर चुकी हैं। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय के निरस्त्रीकरण (Disarmament) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों (International Security Affairs Division) के प्रभाग में अवर सचिव के पद पर कार्यरत थीं। बता दें कि निधि तिवारी साल 2014 बैच की IFS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने अब तक के करियर में विदेश मंत्रालय के कई अहम विभागों में काम किया है। प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता को देखते हुए उनकी पदोन्नति प्रधानमंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर हुई है। इस पद पर रहते हुए निधि तिवारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज संभालेंगी। पीएम की बैठकें, विदेशी दौरों की तैयारी और नीतिगत निर्णयों के समन्वय (Coordination) में अहम भूमिका निभाएंगी। धर्म नगरी वाराणसी की हैं निधि तिवारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निधि तिवारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में पास की थी। इसमें उनकी 96वीं रैंक थी। वो मूल रूप से वाराणसी के महमूरगंज की रहने वाली हैं। पीएम मोदी भी वाराणसी से लोकसभा सांसद हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा परीक्षा पास करने से पहले वह वाराणसी में ही असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) थी। इस दौरान वो तैयारी करती रहीं और फिर नई जॉब हासिल की।

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 19 अप्रैल को होगा, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, घाटी के लिए स्पेशल डिजाइन की गई है ट्रेन

श्रीनगर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी जम्मू रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है। इसलिए वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत कटरा से होगी। यह व्यवस्था कुछ समय के लिए ही है। 23 जनवरी को भारतीय रेलवे ने ट्रायल वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल किया था। यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) रेलवे स्टेशन से श्रीनगर रेलवे स्टेशन तक चलाई गई थी। यह भारत के पहले केबल पुल अंजी खाद ब्रिज से होकर गुजरेगी। साथ ही यह चेनाब ब्रिज से भी गुजरेगी जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। यह ट्रेन कश्मीर घाटी की ठंडी जलवायु को ध्यान में रखकर बनाई गई है। देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू की गई थी। अभी देश में 50 से अधिक वंदे भारत चल रही हैं। जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत से 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो जाएगी। इस ट्रेन से जम्मू और श्रीनगर के बीच का सफर आसान हो जाएगा और लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इस ट्रेन सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट 1997 में शुरू हुआ था और पिछले महीने ही पूरा हुआ है। इसे पूरा करने में कई मुश्किलें आईं। इसमें भूगर्भीय और भौगोलिक दिक्कतें भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इस वजह से ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। कटरा- श्रीनगर पर ट्रेन का ट्रायल 25 जनवरी को किया गया था, जो सफल रहा था। ट्रेन सुबह 8 बजे कटरा से रवाना हुई और 11 बजे कश्मीर के अंतिम स्टेशन श्रीनगर पहुंची। यानी 160 किलोमीटर का सफर 3 घंटे में पूरा किया। जम्मू-कश्मीर में चलने वाली यह ट्रेन खास तौर पर कश्मीर के मौसम के हिसाब से डिजाइन की गई है। बर्फबारी में भी यह आसानी से चलेगी। ट्रेन में लगा हीटिंग सिस्टम पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट को जमने से रोकेगा। ड्राइवर का विंडशील्ड और एयर ब्रेक माइनस टेंपरेचर में भी काम करेगा। 11 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक प्रोजेक्ट सपना सच होने जैसा है। वंदे भारत एक्सप्रेस को कश्मीर के मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस ट्रेन में एंटी-फ्रीजिंग फीचर हैं। मतलब यह ट्रेन -20°C तक के तापमान में भी चल सकती है। इससे यह ट्रेन पूरे साल बिना किसी परेशानी के हर मौसम में चलेगी। यह ट्रेन भूकंप को मापने वाले यंत्रों से भी लैस है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील है। ये यंत्र हिमालय के इलाके में होने वाले झटकों को कम करते हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा. इसके अलावा ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है। इससे विंडशील्ड पर कोहरा या बर्फ नहीं जमेगी। ट्रेन के पाइप और बायो-टॉयलेट में हीटिंग एलिमेंट लगे हैं। इससे वे ठंड में भी ठीक से काम करेंगे। इस प्रोजेक्ट में 38 सुरंगें हैं। इनमें 12.75 किलोमीटर लंबी सुरंग T-49 भी शामिल है जो भारत की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल है। इस रूट पर 927 पुल भी हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर है। इनमें चिनाब ब्रिज सबसे खास है। यह पुल नदी के तल से 359 मीटर ऊपर है और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च रेलवे पुल है। यह एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से चलेगी और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचेगी. अधिकारियों के अनुसार, रेल लिंक परियोजना पिछले महीने पूरी हो गई थी. कटरा-बारामुल्ला मार्ग पर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जनवरी में कटरा और कश्मीर के बीच ट्रेन सेवा को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र के लिए एक आधुनिक और कुशल रेल सेवा उपलब्ध होगी.  इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। है। जम्मू से नहीं, कटरा से क्यों शुरू होगी सेवा? जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। PM मोदी का कार्यक्रम प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को सबसे पहले उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि  हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है।  उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है। 2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। आदिवासी विकास में विशेष योगदान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।   मुख्यमंत्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

PM मोदी आज 30 मार्च को दिखाएंगे हरी झंडी, मिलेगी ये सुविधाएं

बिलासपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  30 मार्च को बिलासपुर का दौरा करने वाले हैं। वे यहां एक घंटे के लिए रहेंगे। इस दौरान वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां कर ली हैं। सभा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना जांच के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। लोगों को सभास्थल पर पहुंचने के लिए घर से दो से तीन घंटे पहले निकलने की हिदायत दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश भर से करीब 3 हजार जवान बिलासपुर पहुंचे हैं। बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। सभास्थल और आसपास के इलाकों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सीएम से लेकर कलेक्टर तक सब अलर्ट मोड पर गुरुवार को कलेक्टर अवनीश शरण ने एक मीटिंग की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि लोगों के बैठने और वाहन पार्किंग के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इससे गर्मी में लोगों को सभास्थल तक आने के लिए ज्यादा दूर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अफसर भी बिलासपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में देर शाम जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभास्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन इस बात का ध्यान रख रहा है कि लोगों को गर्मी में किसी तरह की परेशानी न हो। नेत्रालय का शिलान्यास और सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की सुविधा का उद्घाटन करेंगे. वहीं छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. पीएम के इस दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश भी होगा. पीएम मोदी 30 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के अवसर पर नागपुर के रेशिमबाग स्थित ‘स्मृति मंदिर’ में आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर के स्मारक स्मृति मंदिर में स्थित हैं. इसके साथ ही वह दीक्षाभूमि में डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे, जहां वो 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. पीएम मोदी का महाराष्ट में कार्यक्रम पीएम मोदी 30 मार्च को सुबह करीब 9 बजे नागपुर में स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद दीक्षाभूमि जाएंगे. इसके बाद वह सुबह करीब 10 बजे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे. यह माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान और अनुसंधान केंद्र का एक नया विस्तार भवन है. इसकी स्थापना गुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी. इस योजना के तहत 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे. वहीं, पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की गोला-बारूद सुविधा का दौरा करेंगे. जहां वह यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा काउद्घाटन करेंगे. यह 1250 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी है. यह लोइटरिंग म्यूनिशन और अन्य युद्ध सामग्री का परीक्षण करने के लिए लाइव म्यूनिशन और वारहेड परीक्षण सुविधा है. छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक कई कार्यक्रम पीएम मोदी महाराष्ट्र के बाद सीधे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए रवाना होंगे. जहां वह दोपहर करीब 3:30 बजे कई विकास परियोजनाओं का आधारशिला रखेंगे ,साथ ही 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वे बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1x800MW) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपए से अधिक है. पीएम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) की शुरूआत करेंगे. इसकी लागत 15,800 करोड़ रुपय से अधिक है. इसके अलावा वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (WRES) के तहत 560 करोड़ से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी वहां ओयजित एक रेली को भी संबोधित करेंगे. इस दौरान धानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PAMY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा. पीएम मोदी इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे. इसके अलवा प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल समर्पित करेंगे. छत्तीसगढ़ को पीएम मोदी देंगे ये सौगात     कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना की आधारशिला रखेंगे.     हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (VRPL) परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी.     विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल और सड़क परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.     पीएम 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखेंगे.  

पीएम आज 30 मार्च को संघ के संस्थापक हेडगेवार के स्मारक जाएंगे, पीएम1987 में संघ से बीजेपी में आए थे

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय जाएंगे.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी आज 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 5 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और अन्य एजेंसियों के जवान तैनात रहेंगे। ऐतिहासिक है PM मोदी का दौरा गुड़ी पड़वा के मौके पर नागपुर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की बीजेपी ने जोरदार तैयारी की है। जिस 30 किमी के मार्ग और 47 चौराहों से वह गुजरेंगे, उन्हें सजाया जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा बेहद खास है, क्योंकि 12 साल बाद वह आरएसएस मुख्यालय का दौरा करने वाले हैं। इससे पहले 16 सितंबर 2012 को नरेंद्र मोदी ‘स्मृति मंदिर’ आए थे। तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक केएस सुदर्शन के अंतिम दर्शन के लिए आए थे। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है।

यात्रियों को 31 मार्च से नवा रायपुर के लिये नियमित रूप से ट्रेन की सुविधा मिलनी शुरू हो जायेगी, PM 30 को दिखाएंगे हरी झंडी

 रायपुर नए कलर लुक में तैयार की गई ये ट्रेन रायपुर से अभनपुर के बीच चलेगी। सिर्फ 10 रुपए की टिकट में ये ट्रेन लोगों को आधे घंटे में रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर पहुंचा देगी। इस ट्रेन को 30 मार्च के दिन PM नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, PM मोदी 30 मार्च की दोपहर रायपुर आएंगे। यहां से बिलासपुर के मोहभाठा में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के लिए 33 हजार 700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और भूमिपूजन करेंगे, इसी कड़ी में इस रेलवे के प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में इस ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानि स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। बता दें कि नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक निरीक्षण वैन से यात्रा कर रेलवे ट्रैक और अन्य सुविधाओं की पूरी तरह से जांच की। कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अधिनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिये पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है। ये हैं ट्रेन का स्टॉपेज नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन रायपुर आरवी ब्लॉक हाट से शुरू होकर , मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर रेलवे स्टेशन तक जायेगी। इस सिलसिले में नया रायपुर अटल नगर में तैयार किए गए सीबीडी रेलवे स्टेशन में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।  स्टेशन के आसपास ये सुविधाएं इस स्टेशन के आस-पास 5.3 किलोमीटर में स्मार्ट सड़क, दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर 35.25 करोड़ की लागत से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 100 बस, 148 कार, टैक्सी और लगभग 250 दोपहिया गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा 23.12 करोड़ की लागत से डेवलप की गई है। वर्चुअली उद्घाटन करेंगे PM मोदी बिलासपुर से प्रधानमंत्री वर्चुअली रायपुर के रेलवे प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 3.30 बजे PM मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां PM 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वहीं, 2,690 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। कलेक्टर SSP इंस्पेक्शन ट्रेन में हुए सवार शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और SSP लाल उमेद सिंह ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक इंस्पेक्शन वैन से यात्रा की। अफसरों ने स्टेशन पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानी स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। इसे नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। ऐसा होगा ट्रेन का शैड्यूल 30 मार्च को गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर – रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल 8 कोच के साथ अभनपुर से 15:30 बजे रवाना होगी। केंद्री, 15:38 बजे, सीबीडी 15:52 बजे, मंदिर हसौद 16:10 बजे, रायपुर 16.55 बजे पहुंचेगी। 31 मार्च से रायपुर अभनपुर रायपुर के बीच सुबह और शाम को 2 मेमो स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। (1) 68760/ 68761 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68760 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 9:00 बजे रवाना होकर 9:18 बजे मंदिर हसोद 9:32 बजे सीबीडी 9:50 बजे केंद्रीय 10:10 बजे अभनपुर पहुंचेगी। यह गाड़ी वापसी में गाड़ी संख्या 68761 अभनपुर रायपुर पैसेंजर अभनपुर से 10:20 बजे रवाना होकर केंद्री 10:28 बजे सीबीडी, 10:42 बजे मंदिर हसौद 11:00 बजे रायपुर 11:45 बजे पहुंचेगी। (2) 68762/68763 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68762 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 16:20 बजे रवाना होकर 16:38 बजे मंदिर हसौद,16.52 बजे सीबीडी, 17:10 बजे केंद्री, 17:30 बजे अभनपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 68763 अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर अभनपुर से 18:10 बजे रवाना होकर 18:18 केंद्री, 18:32 बजे सीबीडी, 18:45 बजे मंदिर हसौद, 19:20 बजे रायपुर पहुंचेगी।

मध्यप्रदेश की तीन होनहार लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगी

इंदौर मध्यप्रदेश की तीन मेधावी लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देने का अवसर प्राप्त करेंगी। इनका चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में हुआ है, जिसे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित थी, जिसमें प्रदेशभर के युवा शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी का चयन हुआ है, जिनको संसद में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।   इंदौर, भिण्ड और सतना की होनहार बेटिया इंदौर की सजल जैन, भिण्ड की यति सिंह सिसोदिया और सतना की राशि त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश विधान सभा में जीत का परचम लहराया है। अब ये तीनों दिल्ली स्थित संसद भवन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सजल जैन ने अपने भाषण में कही ये बात बता दें कि इंदौर की सजल जैन ने राष्ट्रीय स्त्तर पर प्रथम स्थान किया है। सजल जैन ने अपने भाषण में अधिकार और कर्तव्य के संतुलन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अधिकारों को दौड़ में हम आगे निकल गए है लेकिन कर्तव्य कही पिछे छूट गए है।’ बेटी ने बढ़ाया मान एकेएस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविका राशि त्रिपाठी का चयन राष्ट्र स्तरीय ’विकसित भारत युवा संसद’ दिल्ली के लिए हुआ है। वहां वह विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। दिल्ली युवा संसद में स्वयंसेविका के चयन पर जिला संगठक अधिकारी डॉ. क्रांति मिश्रा, अनंत कुमार सोनी, डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, महेंद्र तिवारी ने शुभकामनाएं दी हैं। फर्स्ट आई सजल जैन बोलीं  हजारों किलोमीटर तीर्थ करते हैं 500 मीटर वोट डालने नहीं जाते सजल जैन ने कहा- मैंने जो बात अलग कही थी वे दो बातें थीं। पहली- संशोधन की थी। 75 सालों में संविधान वो संविधान नहीं रहा जो उस समय गढ़ा गया था। वर्तमान का संविधान उस समय से बहुत अलग है। लेकिन, जो हमारी भावनाएं, इच्छाएं हैं। जो हमें आवश्यकताएं हैं उसके अनुरुप उस संविधान में संशोधन होते गए। और आज संविधान हमारे अनुकूल है। मैंने दूसरी बात रखी थी वो मुख्यत: कर्तव्य की थी। कि हम हजारों किलोमीटर पैदल चलकर तीर्थ यात्रा तो कर लेते हैं। लेकिन, वर्तमान में 500 मीटर की दूसरी तय करके मतदान केन्द्र जाकर मतदान नहीं करते तब हमारे अधिकार तो आगे बढ़ जाते हैं लेकिन, हमारे कर्तव्य पीछे रह जाते हैं। यति सिसोदिया बोलीं जिस भिंड की पहचान डाकुओं से थी वो प्रोग्रेस कर रहा सेकेंड रैंक पर सिलेक्ट हुई यति सिंह सिसोदिया पुरस्कार लेकर सभागार से दौड़कर बाहर आईं और मां को फोन किया। यति की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। भरे हुए गले से मां को बताया – मैं सेकेंड आई हूं। अब मैं जाऊंगी दिल्ली और वहां कॉम्पटीशन में भाग लूंगी। मोदी जी के सामने जाऊंगी मुझे यकीन नहीं हो रहा। ठीक है बाय। यति सिंह सिसोदिया ने बताया- मैं मप्र के चंबल क्षेत्र हूं, जो बहुत ज्यादा ही फेमस है अपने डाकुओं के लिए। आज मैं पूरे देश को ये संदेश देना चाहती हूं कि वो क्षेत्र जो कभी डकैती के लिए जाना जाता था। आज प्रगति के लिए जाना जा रहा है। इतने छोटे से भिंड शहर से मप्र की विधानसभा में दूसरा स्थान पाकर भिंड शहर की छोटी सी लड़की यहां खड़ी है। राशि बोलीं- पहली बार इतने बडे़ मंच पर बोली, भरोसा नहीं हो रहा तीसरे नंबर पर सिलेक्ट हुई सतना की राशि त्रिपाठी ने बताया- मैं बहुत खुश हूं कि मेरी थर्ड रैंक लग गई। मैंने संविधान की 75 साल की यात्रा के बारे में बताया था। हम किस तरह प्रोग्रेस कर पा रहे हैं जब से हमारा संविधान लागू हुआ तो हम और हमारा देश किस तरह तरक्की कर रहा है। मुझे अभी भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरी पोजिशन लग गई है। ये मेरा पहला स्टेट चैंपियनशिप था। इतने बडे़ मंच पर इससे पहले कभी नहीं बोला। मैं दिल्ली के लिए सिलेक्ट हो गई मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कोई और नहीं हो सकती। मेरे सिलेक्शन के बाद मुझे ये महसूस हुआ कि मैं बहुत आगे जा सकती हूं।

PM मोदी ने अपने पत्र में शेख मुजीबुर्रहमान की विरासत को मिटाने की कोशिश की का किया जिक्र

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की राह देख रहे बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक खास चिट्ठी मिली है. ये चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर लिखी है. बांग्लादेश अपना स्वतंत्रता दिवस 26 मार्च को मनाता है. यह दिन 1971 में उस ऐतिहासिक क्षण को बताता है, जब भारत की सैन्य सहायता के बदौलत बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बना था. पीएम मोदी ने इस चिट्ठी में इतिहास का जिक्र किया और 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की अटूट भावना को भारत-बांग्लादेश के मजबूत संबंधों की नींव बताया, और सूक्ष्म रूप से बांग्लादेश को उसकी स्थापना में भारत की भूमिका की याद दिलाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का जिक्र उस समय किया है जब भारत के इस पड़ोसी देश में बंग बंधु शेख मुजीबुर्रहमान की विरासत को मिटाने की कोशिश की जा रही है. बांग्लादेश में पिछले साल 5 अगस्त को कथित क्रांति के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद शेख मुजीबुर्रहमान से जुड़े प्रतीकों, चिह्नों पर हमले हुए हैं. बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा किये गए संदेश में PM मोदी ने बांग्लादेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा है, “यह दिन हमारे साझा इतिहास और बलिदान का प्रमाण है, जिसने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव रखी है.” दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को स्वीकार करते हुए उन्होंने आगे कहा, “बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना हमारे संबंधों के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है, जो कई क्षेत्रों में फली-फूली है और हमारे लोगों को ठोस लाभ पहुंचा रही है. हम शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अपनी साझा आकांक्षाओं और एक-दूसरे के हितों और चिंताओं के प्रति पारस्परिक संवेदनशीलता के आधार पर इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” गौरतलब है कि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारत ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के लोगों को सैन्य, राजनयिक और मानवीय सहायता प्रदान की. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ युद्ध लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तान की हार हुई और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया. बता दें कि यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के राजनीतिक वापसी की चर्चा जोर पकड़ रही है. 1971 के मुक्ति संग्राम का जिक्र कर पीएम मोदी ने बांग्लादेश को संदेश दिया है कि बांग्लादेश के निर्माण में भारत का रोल दोनों देशों के बीच रिश्तों का रेफरेंस प्वाइंट है. गौरतलब है कि शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद बांग्लादेश के नए शासन ने भारत से टकराव वाला रुख अपनाया है. लेकिन भारत पर कई चीजों के लिए निर्भर रहने वाला बांग्लादेश अब घुटनों पर आ रहा है. बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जताई है और इस बाबत भारत को अपना संदेश भेजा है. चर्चाएं हैं कि बैंकॉक में 3-4 अप्रैल को होने वाले बिमस्टेक शिखर सम्मेलन के दौरान यूनुस प्रधानमंत्री मोदी से मिल सकते हैं. लेकिन पीएम मोदी मोहम्मद यूनुस से मिलेंगे या नहीं इस मुद्दे पर नई दिल्ली ने अबतक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.   विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले एक संसदीय समिति को बताया था कि बांग्लादेश के अनुरोध पर विचार किया जा रहा है. सरकारी सूत्रों ने  बताया कि कार्यक्रम के दौरान मोदी की द्विपक्षीय बैठकों की घोषणा बाद में की जाएगी. बता दें कि शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश बॉर्डर पर भारत की ओर से किए जा रहे बाड़ेबंदी, बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा समेत अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर ढाका का व्यवहार लीक से हटकर और भारत की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है. इसलिए भारत बांग्लादेश के साथ रिश्तों को आगे ले जाने पर सतर्क रहा है. 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिन पर PM मोदी ने दी हार्दिक शुभकामनाएं

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिन पर उन्हें आज बधाई दी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि वह उन्हें जनसेवा करने के लिए दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें। एक्स पर लिखा शुभकामना संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह एक्स पर प्रेषित शुभकामना संदेश में कहा, ”मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने मध्य प्रदेश के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। ईश्वर उन्हें जनता की सेवा करते हुए दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दीर्घायु की कामना की 25 मार्च,1965 को उज्जैन जिले में जन्मे यादव वर्ष 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव रहे हैं। वर्ष 1988 में उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्य प्रदेश के सह मंत्री बनाया गया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। 2013 में वह पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए।  

CM यादव ने कहा PM मोदी ने प्रदेश के छोटे से गांव के उभरते खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए उनकी तुलना ब्राजील से कर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश के शहडोल जिले के छोटे से गांव के उभरते फुटबाल खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए उनकी तुलना ब्राजील से कर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के मध्यप्रदेश के प्रति विशेष स्नेह का प्रकटीकरण है। यह भाव “एमपी के मन में मोदी” को भी चरितार्थ करता है। प्रदेश के चीता प्रोजेक्ट से लेकर कई परियोजनाओं में प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान का शुभारंभ कर विश्व को प्राकृतिक संसाधनों का श्रेष्ठतम प्रबंधन करने का संदेश दिया। उनके आशीर्वाद से प्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रदेश और प्रदेशवासियों को निरंतर प्रोत्साहन के लिए हम सब उनके आभारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमेन के साथ बातचीत में शहडोल जिले के दौरे की स्मृतियों को साझा करते हुए जनजातीय बाहुल्य गांव विचारपुर के निवासियों में फुटबाल के प्रति जबर्दस्त जुनून की चर्चा की थी। उल्लेखनीय है कि दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का प्रमुख देश ब्राजील फुटबाल के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता और अनेक बार फुटबाल का फीफा विश्व कप जीतने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है।  

पीएम मोदी ने अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को लिखा पत्र, विलियम्स की सकुशल वापसी की कामना

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर भारत आने का न्योता दिया है। सुनीता विलियम्स अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर नौ महीने बिताने के बाद बुधवार को पृथ्वी पर लौटने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स के नाम एक भावपूर्ण पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी की कामना की है। पीएम मोदी की ओर से एक मार्च को ये पत्र लिखा गया, जिसे नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के माध्यम से सुनीता विलियम्स को भेजा गया है। इस पत्र को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। सुनीता विलियम्स को पीएम मोदी का पत्र नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर करीब नौ महीने तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर ‘फंसे’ रहने के बाद आखिरकार धरती पर लौट रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स के नाम एक भावपूर्ण पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी की कामना की है। एक मार्च को प्रधानमंत्री ने लिखा था ये लेटर प्रधानमंत्री की ओर से 1 मार्च को लिखा गया यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। इसमें पीएम मोदी ने लिखा है, ‘पूरी दुनिया सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इस महत्वपूर्ण क्षण में पीएम मोदी ने भारत की इस गौरवशाली बेटी के लिए अपनी चिंता और शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।’ हम भारत में आपसे मिलने को उत्सुक हैं- पीएम प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, ‘भले ही आप हजारों मील दूर हैं, लेकिन आप हमारे दिलों के बेहद करीब हैं। भारत के लोग आपके अच्छे स्वास्थ्य और आपके मिशन की सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। आपकी वापसी के बाद हम भारत में आपसे मिलने को उत्सुक हैं। भारत के लिए अपनी सबसे प्रतिभाशाली बेटियों में से एक की मेजबानी करना खुशी की बात होगी।’ पीएम मोदी ने 2016 में विलियम्स से मुलाकात को किया याद पीएम मोदी ने 2016 में अमेरिका यात्रा के दौरान सुनीता विलियम्स और उनके दिवंगत पिता दीपक पंड्या से हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात मैसिमिनो से हुई थी और बातचीत के दौरान विलियम्स का जिक्र हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी बातचीत के दौरान आपका नाम आया और हमने चर्चा की कि हमें आप पर और आपके काम पर कितना गर्व है। इस बातचीत के बाद, मैं खुद को आपको पत्र लिखने से नहीं रोक सका।’ ‘विलियम्स की उपलब्धियों पर हमेशा गर्व’ पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके पूर्ववर्ती जो बाइडेन से मुलाकात के दौरान सुनीता विलियम्स का कुशलक्षेम पूछा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों को विलियम्स की उपलब्धियों पर हमेशा गर्व रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर आपके प्रेरणादायी धैर्य और दृढ़ता को दर्शाया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शेयर किया पीएम का लेटर जितेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से मुलाकात की थी। उनके माध्यम से यह पत्र सुनीता विलियम्स तक पहुंचाने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि सुनीता विलियम्स इस भावनात्मक संदेश से बेहद प्रभावित हुईं और उन्होंने पीएम मोदी और भारत के प्रति अपना आभार प्रकट किया। पीएम मोदी ने कहा कि विलियम्स की मां बोनी पंड्या उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही होंगी और उन्हें यकीन है कि ‘दीपकभाई’ (विलियम्स के पिता) का आशीर्वाद भी उनके साथ है। प्रधानमंत्री ने पत्र में विलियम्स के पति माइकल विलियम्स को भी अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं।

PM मोदी ने पॉडकास्टर में शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से जाना जाता

शहडोल  जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल जिले का दौरा किया था, और ये दौरा उन्हें इतना भा गया कि शहडोल जिले के एक छोटे से आदिवासी गांव की तारीफ वे एक बार नहीं बल्कि कई बार कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने शहडोल जिले के इस मिनी ब्राजील की चर्चा अमेरिकन पॉडकास्टर से की है, जो सुर्खियों में है. अमेरिका तक शहडोल के मिनी ब्राजील की गूंज हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत की, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दौरे को भी याद किया. पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से जाना जाता है, उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम था और वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं.” अमेरिकन पॉडकास्ट में मोदी ने शहडोल को किया याद अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा, ” हमारे यहां मध्य प्रदेश एक स्टेट है, सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में. वहां शहडोल करके एक जिला है, वहां बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं. वहां ट्राइबल वुमन के स्वसहायता समूह चलते हैं, उनसे मैं बातचीत कर रहा था. उनसे बातचीत करना मुझे पसंद आता है, ऐसे लोगों से बातचीत करने मिलने गया था, वहीं पर मैंने देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 70 से 80 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे, स्वाभाविक है मैं उनके पास गया. मैंने पूछा कि आप लोग कहां से हैं, तो सभी ने कहा कि हम ‘मिनी ब्राजील से हैं’. विचारपुर गांव को कहते हैं मिनी ब्राजील पीएम ने आगे कहा, ” मैंने कहा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो वो बोले कि हमारे गांव को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं, तो मैंने बोला कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? तो बोले हमारे गांव में हर परिवार में लगभग चार-चार पीढ़ी से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं, और नेशनल प्लेयर 80 के करीब हमारे गांव से निकले हैं, पूरा गांव फुटबॉल को समर्पित है, और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं, तो भारत में जो फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए इसे शुभ संकेत मानता हूं. यह टीम स्पिरिट भी पैदा करता है. मिनी ब्राजील विचारपुर के बारे में गौरतलब है कि मिनी ब्राजील के नाम से पहचान रखने वाला यह गांव शहडोल जिला मुख्यालय से लगा हुआ विचारपुर गांव है, और ये आदिवासी बाहुल्य गांव है. यहां पर फुटबॉल के प्रति लोगों में गजब का क्रेज है. बच्चे हों, बड़े हों, बुजुर्ग हों या लड़के-लड़कियां सभी में फुटबॉल के प्रति जुनून है. क्रिकेट के इस दौर में भी विचारपुर गांव में फुटबॉल का एक अलग ही क्रेज देखने मिलता है. ठंडी हो या बरसात, यहां बच्चे हमेशा फुटबॉल खेलते आपको मिल जाएंगे. विचारपुर में खेलो इंडिया सेंटर करीब डेढ़ साल पहले विचारपुर में ही फुटबॉल के लिए साईं का खेलो इंडिया सेंटर भी खोला गया. यहां विचारपुर की ही फुटबॉल प्लेयर 9 नेशनल खेल चुकीं लक्ष्मी सहीस को सेंटर का कोच बनाया गया है, जो सेंटर में लगातार सुबह-शाम कोचिंग देती हैं. लक्ष्मी बताती हैं कि केंद्र में 20 लड़के और 20 लड़कियां हैं, बाकी गांव के भी बच्चे आते हैं. कुल मिलाकर 50-60 बच्चे हो जाते हैं. हर दूसरे घर में नेशनल प्लेयर विचारपुर के ही रहने वाले और खुद नेशनल खेल चुके प्लेयर अनिल सिंह गोंड बताते हैं, ” विचारपुर में कई पीढियों से लोग फुटबॉल खेल रहे हैं, और फुटबॉल के प्रति इनका गजब क्रेज है. यही वजह है कि इस गांव के हर दूसरे घर में आपको फुटबॉल के नेशनल प्लेयर मिल जाएंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां लड़कों से ज्यादा लड़कियां नेशनल खेली हुई हैं. कुछ लड़कियां तो ऐसी हैं कि अकेले ही 8 से 9 नेशनल गेम्स फुटबॉल में खेल चुकी हैं.”

भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट रिलीज हो चुका है। पॉडकास्ट के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर भी बात की। डोनाल्ड ट्रंप की ‘विनम्रता’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके दिमाग में एक स्पष्ट रोडमैप है, जिनमें से प्रत्येक उन्हें उनके लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि ट्रंप ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ के पक्षधर हैं जबकि ‘मैं इंडिया फ़र्स्ट’ के पक्ष में हूं। हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप ने ऐसा क्या किया? राष्ट्रपति ट्रंप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप और मैं दोनों वहां थे और पूरा स्टेडियम पूरी तरह से भरा हुआ था। हम दोनों ने भाषण दिया और वह नीचे बैठे, मेरी बातें सुनते रहे। अब यह उनकी विनम्रता है। जब मैं मंच से बोल रहा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति दर्शकों में बैठे थे, यह उनकी ओर से एक इशारा था। भाषण के बाद मैंने ट्रंप को स्टेडियम का चक्कर लगाने के लिए कहा और बिना किसी हिचकिचाहट के वह सहमत हो गए और मेरे साथ चलने लगे। उनकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था चौंक गई, लेकिन मेरे लिए वह क्षण वास्तव में दिल को छू लेने वाला था। इसने मुझे दिखाया कि इस आदमी में साहस है। वह अपने फैसले खुद लेता है। यह आपसी विश्वास की भावना थी, हमारे बीच एक मजबूत बंधन था जिसे मैंने उस दिन वास्तव में देखा और जिस तरह से मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को उस दिन सुरक्षाकर्मियों से पूछे बिना हजारों की भीड़ में चलते हुए देखा, वह वास्तव में आश्चर्यजनक था।” ‘जब ट्रंप पर हुआ हमला’ पिछले साल जुलाई में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने उसी दृढ़ निश्चयी और दृढ़निश्चयी राष्ट्रपति ट्रंप को देखा, जो उस स्टेडियम में मेरे साथ हाथ में हाथ डालकर चल रहे थे। गोली लगने के बाद भी वे अमेरिका के प्रति अडिग रहे। उनका जीवन उनके राष्ट्र के लिए है। उनमे अमेरिका फर्स्ट भावना दिखाई दी, ठीक वैसे ही जैसे मैं नेशन फर्स्ट में विश्वास करता हूं। मैं इंडिया फर्स्ट के लिए खड़ा हूं और यही कारण है कि हम इतने अच्छे से जुड़ते हैं।” अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिस क्षण मैंने व्हाइट हाउस में कदम रखा, उन्होंने तुरंत सभी औपचारिक प्रोटोकॉल तोड़ दिए। फिर, वे व्यक्तिगत रूप से मुझे व्हाइट हाउस के दौरे पर ले गए। जब ​​उन्होंने मुझे चारों ओर दिखाया, तो मैंने एक खास बात देखी, उनके हाथ में कोई नोट या क्यू कार्ड नहीं था, न ही उनकी सहायता के लिए कोई उनके साथ था। उन्होंने खुद ही चीजों को दिखाया। मुझे यह अविश्वसनीय रूप से प्रभावशाली लगा। इससे पता चलता है कि वे राष्ट्रपति पद का कितना सम्मान करते थे और अमेरिका के इतिहास से कितने सम्मानजनक और गहरे जुड़े हुए थे। बाइडेन शासन के दौरान जब भी हम दोनों को जानने वाला कोई व्यक्ति उनसे (ट्रंप) मिलता था और ऐसा दर्जनों बार हुआ होगा, तो वे कहते थे, मोदी मेरे मित्र हैं, मेरा अभिवादन कहना। इस तरह का इशारा दुर्लभ है। भले ही हम वर्षों तक शारीरिक रूप से नहीं मिले, लेकिन हमारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कम्युनिकेशन, हमारी निकटता और हमारे बीच का विश्वास अडिग रहा।” चीन के साथ रिश्तों को लेकर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने चीन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “यह सच है कि हमारे बीच सीमा विवाद चल रहे हैं। 2020 में सीमा पर हुई घटनाओं ने हमारे देशों के बीच काफी तनाव पैदा किया। हालांकि राष्ट्रपति शी के साथ मेरी हालिया बैठक के बाद, हमने सीमा पर सामान्य स्थिति की वापसी देखी है। अब हम 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से विश्वास, उत्साह और ऊर्जा वापस आ जाएगी। लेकिन निश्चित रूप से इसमें कुछ समय लगेगा, क्योंकि पांच साल का अंतराल रहा है। हमारा सहयोग न केवल फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है। चूंकि 21वीं सदी एशिया की सदी है, इसलिए हम चाहते हैं कि भारत और चीन स्वस्थ और स्वाभाविक तरीके से प्रतिस्पर्धा करें। प्रतिस्पर्धा कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन इसे कभी भी संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “देखिए भारत और चीन के बीच संबंध कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों की संस्कृति और सभ्यताएं प्राचीन हैं। आधुनिक दुनिया में भी, वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप ऐतिहासिक रिकॉर्ड देखें, तो सदियों से भारत और चीन एक-दूसरे से सीखते आए हैं। साथ मिलकर उन्होंने हमेशा किसी न किसी तरह से वैश्विक भलाई में योगदान दिया है। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि एक समय में भारत और चीन अकेले दुनिया के GDP का 50% से अधिक हिस्सा थे। भारत का योगदान इतना बड़ा था।” पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि हमारे संबंध बहुत मजबूत रहे हैं, गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ। उन्होंने कहा, “अगर हम सदियों पीछे देखें, तो हमारे बीच संघर्ष का कोई वास्तविक इतिहास नहीं है। यह हमेशा एक-दूसरे से सीखने और एक-दूसरे को समझने के बारे में रहा है। एक समय में बौद्ध धर्म का चीन में गहरा प्रभाव था, और वह दर्शन मूल रूप से यहीं से आया था। हमारे रिश्ते भविष्य में भी उतने ही मजबूत रहने चाहिए। इसे आगे बढ़ना जारी रखना चाहिए। बेशक, मतभेद स्वाभाविक हैं। जब दो पड़ोसी देश होते हैं, तो कभी-कभी असहमति होना लाजिमी है। यहां तक ​​कि एक परिवार के भीतर भी सब कुछ हमेशा सही नहीं होता है। लेकिन हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि ये मतभेद विवाद में न बदल जाएं। हम इसी दिशा में सक्रिय रूप से काम करते हैं। मतभेद के बजाय हम संवाद पर जोर देते हैं, क्योंकि केवल संवाद के माध्यम से ही हम एक स्थिर संबंध 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पीएम मोदी ने हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा की शानदार जीत को सराहा

नई दिल्ली पीएम मोदी ने हरियाणा के लोगों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में भारी जीत पर बधाई देते हुए कहा कि यह जीत राज्य में नायब सिंह सैनी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में “लोगों के अटूट विश्वास” की अभिव्यक्ति है। पीएम मोदी ने जताया आभार पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “हरियाणा निकाय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के लिए मैं हरियाणा में अपने परिवार के सदस्यों का बहुत आभारी हूं।” उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए “कोई कसर नहीं छोड़ेगी”। पीएम ने कहा, “यह जीत राज्य में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में लोगों के अटूट विश्वास की अभिव्यक्ति है। मैं राज्य के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हम उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद दिया और कहा, “पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत ने इस महान जीत में बड़ी भूमिका निभाई है, जिसके लिए मैं उनका तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं।” सीएम ने कहा कि ट्रिपल इंजन वाली सरकार पर “मंजूरी” इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्थानीय निकाय सरकार और राज्य स्तर पर ट्रिपल इंजन वाली सरकार विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। सीएम सैनी ने कहा, “हमारी स्थानीय निकाय सरकार और यह ट्रिपल इंजन वाली सरकार पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।” उन्होंने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे हरियाणा की ट्रिपल इंजन वाली सरकार पर “मंजूरी” हैं। सीएम सैनी ने कहा, “आज आए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों में हरियाणा की जनता ने ट्रिपल इंजन वाली सरकार पर अपनी मुहर लगाई है। मैं हरियाणा की जनता का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मैं चुनाव आयोग और सभी अधिकारियों का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।” गृह मंत्री ने हरियाणा की जनता का जताया आभार बुधवार को संपन्न हुए हरियाणा स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आभार व्यक्त किया। गृह मंत्री शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हरियाणा को केवल मोदी जी पर भरोसा है। उन्होंने एक्स पर कहा, “हरियाणा विधानसभा चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मैं नगर निगम और नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा को अपना आशीर्वाद देने के लिए हरियाणा की जनता का बहुत आभारी हूं। मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा वार्ड से लेकर विधानसभा और पंचायत से लेकर संसद तक लोगों की पहली पसंद बन गई है।” शाह ने कहा, “मैं इस जीत के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जी, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई देता हूं।” बता दें कि हरियाणा शहरी निकाय चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 10 में से नौ नगर निगमों में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। मानेसर नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवार डॉ इंदरजीत यादव ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया। बीजेपी के उम्मीदवारों ने रोहतक, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, हिसार और करनाल सहित नौ स्थानों पर महापौर पद पर जीत हासिल की है। मतदान 2 मार्च को हुआ था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लड़े गए शहरी निकाय चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों ने कांग्रेस उम्मीदवारों को हराकर नगर निगमों और नगर परिषदों में कमल का फूल खिलाया है। पिछले साल 12 मार्च को ही नायब सैनी ने प्रदेश में बतौर मुख्यमंत्री कमान संभाली थी। राज्य के किसी भी शहरी निकाय में कांग्रेस जीत के करीब तक भी नहीं पहुंच पाई। पांचों नगर परिषदों पर भी भाजपा का कब्जा रहा। 23 नगर पालिकाओं में आठ उम्मीदवार भाजपा के जीते, जबकि 15 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। राज्य के फरीदाबाद में प्रवीण बत्रा जोशी तीन लाख 16 हजार 852 मतों से चुनाव जीती हैं, जो कि सबसे बड़ी जीत का अंतर है। पहले यह रिकॉर्ड गाजियाबाद की भाजपा की मेयर सुनीता दयाल के नाम था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले रोहतक नगर निगम में भाजपा के राम अवतार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा यहां अपनी पार्टी के सूरजमल किलोई को चुनाव नहीं जितवा सके। नगर निगमः विजेता उम्मीदवार – पराजित उम्मीदवार – जीत का अंतर अंबालाः सैलजा सचदेवा – अमीषा चावला – 020487 फरीदाबादः प्रवीन जोशी – लता रानी – 316852 गुरुग्रामः राज रानी – सीमा पाहुजा – 179485 मानेसरः इंद्रजीत यादव – सुंदर लाल सरपंच – 002293 यमुनानगरः सुमन बहमनी – किरणा देवी – 063266 सोनीपतः राजीव जैन – कमल दीवान – 034749 रोहतकः राव अवतार – सूरजमल किलोई- 045198 हिसारः प्रवीण पोपली- कृष्ण टीटू सिंगला- 064456 करनालः रेणु बाला गुप्ता – मनोज वधवा – 025359 पानीपतः कोमल सैनी – सविता संजय गर्ग – 123170 ———————————— नगर परिषदः विजेता उम्मीदवार – पराजित उम्मीदवार – जीत का अंतर अंबालाः सदर स्वर्ण कौर – मनदीप कौर बबयाल – 26923 पटौदीः प्रवीण ठाकरिया – राजरानी सुधीर चौधरी – 01891 थानेसरः माफी देवी – सुनीता कुमारी – 32577 सिरसाः शांति स्वरूप – जसविंंद्र कौर – 12379 सोहनाः प्रीति ललिता – 04504  

PM मोदी ने कहा, ‘भारत और मॉरीशस का संबंध सिर्फ हिंद महासागर ही नहीं, बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा

पोर्ट लुइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इसके बाद दोनों की मौजूदगी में भारत और मॉरीशस के बीच अहम समझौते भी किए गए। दोनों देशों ने आज 8 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों नोताओं ने संयुक्त बयान भी जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘140 करोड़ भारतीयों की ओर से मैं मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं देता हूं। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर फिर से आने का अवसर मिला है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत और मॉरीशस का संबंध सिर्फ हिंद महासागर ही नहीं, बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है। हम आर्थिक और सामाजिक प्रकृति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं। प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा, हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मॉरीशस में गति के लिए मेट्रो एक्सप्रेस, न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट भवन, सुखद प्रवास के लिए सोशल हाउसिंग, अच्छे स्वास्थ्य के लिए ईएनटी अस्पताल, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए UPI और RUPAY कार्ड, सस्ती और बेहतर गुणवत्ता वाली दवाओं के लिए जन औषधि केंद्र, ऐसी अनेक जन केंद्रित पहल हैं, जिन्हें हमने समयबद्ध तरीके से पूरा किया है।’ पीएम मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं और यह 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जो उन्हें किसी अन्य देश द्वारा प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम ने कहा कि मोदी पांचवे विदेशी नागरिक हैं, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है। ये भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान  मॉरीशस के पोर्ट लुईस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं मॉरीशस आता हूं, तो ऐसा लगता है कि अपनों के बीच ही तो आया हूं। यहां की हवा में, यहां की मिट्टी में, यहां के पानी में अपनेपन का एहसास है। यहां की मिट्टी में हमारे पूर्वजों का खून और पसीना मिला हुआ है। मॉरीशस के लोगों ने, यहां की सरकार ने, मुझे अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का फैसला लिया है। मैं आपके निर्णय को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। ये भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कही ये बातें… पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे याद है, साल 1998 में अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन के लिए मुझे यहां आने का अवसर मिला था। तब मैं किसी सरकारी पद पर भी नहीं था। एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में यहां आया था। संयोग देखिए, नवीन रामगुलाम उस समय भी प्रधानमंत्री थे। जब मैं प्रधानमंत्री बना तो नवीन रामगुलाम मेरे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे। प्रभु राम और रामायण के प्रति जो आस्था, भावना मैंने जो सालों पहले महसूस की थी, वह आज भी अनुभव करता हूं। भारत और मॉरीशस के बीच आस्था का संबंध हमारी मित्रता का बहुत बड़ा आधार हमारे पूर्वज भारत के विभिन्न क्षेत्रों से यहां लाए गए थे। जब हम भाषा, बोली और खानपान की आदतों में विविधता पर विचार करते हैं, तो यह स्थान वास्तव में एक छोटा हिंदुस्तान, एक लघु भारत का प्रतिनिधित्व करता है। जब अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ, हमारा 500 साल का इंतजार खत्म हुआ, तो भारत में जो उत्साह और उत्सव था, यहां मॉरीशस में भी उतना ही बड़ा महोत्सव हमने देखा। उस दौरान मॉरीशस ने आधे दिन की छुट्टी भी घोषित की थी। भारत और मॉरीशस के बीच आस्था का ये संबंध हमारी मित्रता का बहुत बड़ा आधार है। मां गंगा की कृपा से मॉरीशस समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं जानता हूं कि मॉरीशस के अनेक परिवार अभी-अभी महाकुंभ में भी होकर आए हैं। दुनिया को आश्चर्य हो रहा है कि मानव इतिहास का, विश्व का, ये सबसे बड़ा समागम था और उसमें मॉरीशस के लोग भी गए थे। लेकिन मुझे ये भी पता है कि मॉरीशस के मेरे अनेक परिवारजन चाहते हुए भी एकता के इस महाकुंभ में नहीं जा पाए। मुझे आपकी भावनाओं का ध्यान है, इसलिए मैं आपके लिए पवित्र संगम का और महाकुंभ के उसी समय का पवित्र जल साथ लेकर आया हूं। इस पवित्र जल को कल गंगा तालाब को अर्पित किया जाएगा। मेरी प्रार्थना है कि मां गंगा की कृपा से मॉरीशस समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए। मॉरीशस में, प्रवासी भारतीयों की सातवीं पीढ़ी को ओसीआई कार्ड की पात्रता प्रदान करने का लिया निर्णय  पीएम मोदी ने कहा कि मॉरीशस में, प्रवासी भारतीयों की सातवीं पीढ़ी को ओसीआई (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड की पात्रता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मुझे मॉरीशस के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को ओसीआई कार्ड प्रदान करने का सौभाग्य मिला। साथ ही मुझे मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को भी यह सम्मान प्रदान करते हुए खुशी हो रही है। मॉरीशस सिर्फ एक साझेदार देश नहीं है। हमारे लिए मॉरीशस एक परिवार है। यह भारत और ग्लोबल साउथ के बीच एक सेतु है। यह रिश्ता इतिहास, विरासत और मानवीय भावना में गहरा और मजबूत है। बिहार के साथ मॉरीशस का भावुक संबंध  पीएम मोदी ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के साथ आपका भावुक संबंध भी मैं समझता हूं। दुनिया के अनेक हिस्से जब पढ़ाई-लिखाई से कोसों दूर थे, तब नालंदा जैसा ग्लोबल इंस्टीट्यूट भारत में था, बिहार में था। हमारी सरकार ने फिर से नालंदा यूनिवर्सिटी को और नालंदा स्पिरिट को रिवाइव किया है। बिहार का मखाना, ये आज भारत में बहुत चर्चा में है। आप देखेंगे कि वो दिन दूर नहीं, बिहार का ये मखाना, दुनिया भर में स्नैक्स मैन्यू का हिस्सा होगा। संकट के समय में भारत हमेशा मॉरीशस के साथ खड़ा रहा संकट के समय में भारत हमेशा मॉरीशस के साथ खड़ा रहा है। कोविड-19 के दौरान, भारत एक लाख वैक्सीन और ज़रूरी दवाइयां पहुंचाने वाला पहला देश था। जब मॉरीशस संकट का सामना करता है, तो भारत … Read more

PM मोदी दो दिवसीय यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

पोर्ट लुइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को मॉरीशस पहुंचे। पीएम मोदी का मॉरीशस के सर सीवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। बता दें कि पीएम मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं और वह राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान कई द्विपक्षीय समझौते भी होने हैं। प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया गया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री, मॉरीशस के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल असेंबली के स्पीकर, विपक्ष के नेता, विदेश मंत्री, कैबिनेट सचिव, ग्रैंड पोर्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष और कई अन्य लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय मॉरीशस दौरे से पहले कहा कि उनकी यात्रा दो देशों की दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। पीएम मोदी ने अपनी यात्रा को लेकर सोमवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कल से मैं मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं, जहां मैं उनके 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लूंगा। मैं अपने मित्र और प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मिलने के लिए उत्सुक हूं। मैं वहां भारतीय समुदाय से बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं।” 10 साल बाद दौरा यात्रा के दौरान पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। साथ ही वह भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी 10 साल बाद मॉरीशस पहुंचे हैं। इसके पहले उन्होंने 2015 में देश का दौरा किया था। सागर विजन के तहत पीएम मोदी का दौरा मॉरीशस रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा, ‘मैं अपने ‘सागर विजन’ के तहत, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्रे में सुरक्षा और विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूं।’ ‘सागर’ से आशय ‘सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ (क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा और विकास) से है। मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस में दिखेगी भारत की ताकत भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की आकाश गंगा ‘स्काईडाइविंग टीम’ (मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस) समारोह में भाग ले रही हैं। मोदी ने कहा, टहिंद महासागर में मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, एक प्रमुख साझेदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गहरा आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास और अपनी विविधता पर गर्व हमारी ताकत है।ट प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ एवं ऐतिहासिक संबंध साझा गौरव का स्रोत हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी और हिंद महासागर का एक प्रमुख साझेदार है। हम साझा मूल्यों और गहरे सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं। मेरी यात्रा हमारी दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी और भारत-मॉरीशस संबंधों में एक उज्जवल अध्याय जोड़ेगी।” बता दें कि यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। पिछले महीने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने देश की संसद को प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे सदन को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरे निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने पर सहमति व्यक्त की है।” मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह वास्तव में हमारे देश के लिए एक विशेष सम्मान की बात है कि हम ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की मेजबानी कर रहे हैं, जो अपने व्यस्त कार्यक्रम और हाल ही में पेरिस और अमेरिका की यात्रा के बावजूद हमें यह सम्मान दे रहे हैं। वह हमारे विशेष अतिथि के रूप में यहां आने के लिए सहमत हुए हैं। पीएम मोदी की यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण है।

बारबाडोस ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान : ‘ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ से हुए सम्मानित

ब्रिजटाउन कैरेबियाई देश बारबाडोस ने कोविड-19 महामारी के दौरान रणनीतिक नेतृत्व और बहुमूल्य सहायता के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ से सम्मानित किया। विदेश राज्यमंत्री मार्गेरिटा ने पीएम मोदी की ओर से पुरस्कार किया ग्रहण विदेश मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि बारबाडोस के ब्रिजटाउन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पुरस्कार भारत के विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने ग्रहण किया। बाराडोस की प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा बयान के अनुसार, 20 नवंबर 2024 को गुयाना के जॉर्जटाउन में दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटले और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई थी। इस दौरान बाराडोस की प्रधानमंत्री मोटले ने कोविड-19 महामारी की विकट परिस्थिति में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समर्थन को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहते हुए उन्हें ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस देने की घोषणा की थी। भारत और बारबाडोस के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को रेखांकित करता है यह सम्मान विदेश राज्यमंत्री मार्गेरिटा ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रतिनिधित्व करना और उनकी ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार स्वीकार करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। यह सम्मान भारत और बारबाडोस के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को रेखांकित करता है साथ ही विशेष रूप से संकट के समय में सहयोग और विकास के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता का प्रतीक वर्ष 1966 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से भारत और बारबाडोस ने निरंतर जुड़ाव और विकास पहलों द्वारा एक मजबूत साझेदारी को बढ़ावा दिया है। यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता का प्रतीक है।  

मध्यप्रदेश समेत देश भर में खुले जन औषधि केंद्र नागरिकों के निरोगी जीवन और उत्तम स्वास्थ्य के लिए वरदान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश समेत देश भर में खुले जन औषधि केंद्र नागरिकों के निरोगी जीवन और उत्तम स्वास्थ्य के लिए वरदान हैं। इन केन्द्रों से गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को कम दामों पर जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने शुक्रवार 7 मार्च को जन औषधि दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई दूरदर्शी पहल के लिए उनका आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘दाम कम- दवाई उत्तम’ विजन का परिणाम है कि वर्तमान समय में गरीब नागरिकों को जन औषधि केंद्रों पर 50% से 80% सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में 15 हजार जन औषधि केंन्द्रों के माध्यम से देश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण दवाईयां उपलब्ध हो रही हैं। सस्ते दामों पर मिल रही दवाईयों ने न केवल नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार किया, अपितु उनकी घरेलू बचत को भी बढ़ाया है। मध्यप्रदेश सरकार गरीबों को उचित स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  

उत्तराखंड के हर्षिल में बोले पीएम मोदी- मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…

हर्षिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे, जहां उन्होंने मुखबा गांव में मां गंगा की पूजा-अर्चना की और हर्षिल में लोगों को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मां गंगा के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ.  उन्होंने कहा, “मां गंगा की कृपा से मैं आज उनके मायके मुखबा गांव आया हूं. यह उनका दुलार और स्नेह है कि मैं उनके इस बच्चे के रूप में यहां खड़ा हूं.  पीएम ने यह भी दोहराया कि काशी में उन्होंने कहा था, “मुझे मां गंगा ने बुलाया है. फिर साबित हुए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड केे लिए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकार्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए। शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.     कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.      कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए बाबा के चरणों में गया था, तो बाबा के दर्शन के बाद मेरे मुंह से कुछ भाव प्रकट हुए थे, और मैं बोल पड़ा था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा. वे शब्द मेरे थे, भाव मेरे थे, लेकिन उनके पीछे सामर्थ्य देने की शक्ति स्वयं बाबा केदारनाथ ने दी थी. आखिरी गांव नहीं प्रथम गांव: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि 1962 में जब चीन ने भारत पर हमला किया तो जादूंग गांव को खाली करवा दिया गया था.  तब से यह गांव खाली थी. हमने इन गांवों को फिर से बसाने और टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने का अभियान चलाया है. पहले सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव कहा जाता था. हमने यह सोच बदल दी. हमने कहा यह हमारे आखिरी गांव नहीं है, अब यह हमारे प्रथम गांव हैं. हमने वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की है. हर साल 50 लाख यात्री पहुंच रहे हैं उत्तराखंड पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले हर साल औसतन 18 लाख यात्री आते थे अब हर साल 50 लाख यात्री आते थे. 50 नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन को विकसित किया जाएगा. उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों को भी पर्यटन का विशेष लाभ देना है. उत्तराखंड में कोई भी सीजन… ऑफ सीजन ना हो: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि अभी कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.  केदारनाथ रोपवे बनने के बाद जो यात्रा 8 से 9 घंटे में पूरी होती है, अब उसे लगभग 30 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा. इससे बुजुर्गों, बच्चों के लिए केदारनाथ यात्रा और सुगम हो जाएगी. उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है. चारधाम All Weather Road, आधुनिक एक्सप्रेस वे, राज्य में रेलवे, विमान और हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तेजी से हुआ है.

PM ने महिलाओं को अपनी प्रेरणादायक जीवन यात्रा साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया, सौंपेंगे अपने सोशल मीडिया अकाउंट

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुछ चुनिंदा महिलाओं को एक दिन के लिए उनके डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने का अवसर मिलेगा। कल सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं नमो ऐप ओपन फोरम पर बहुत ही प्रेरणादायक जीवन यात्राएं साझा होते देख रहा हूं, जिसमें से कुछ महिलाओं को 8 मार्च को महिला दिवस पर मेरे डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने के लिए चुना जाएगा। मैं ऐसी और भी जीवन यात्राएं साझा करने का अनुरोध करता हूं।” इससे पहले 23 फरवरी को ‘मन की बात’ की 119वीं कड़ी में पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा, “अगले महीने 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ है। यह हमारी नारी-शक्ति को नमन करने का एक विशेष अवसर होता है। देवी माहात्म्य में कहा गया है – विद्या: समस्ता: तव देवि भेदा: स्त्रीय: समस्ता: सकला जगत्सु। अर्थात सभी विद्याएं, देवी के ही विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति हैं और जगत की समस्त नारी-शक्ति में भी उनका ही प्रतिरूप है। हमारी संस्कृति में बेटियों का सम्मान सर्वोपरि रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “आप किसी भी क्षेत्र पर नजर डालें तो पाएंगे कि महिलाओं का योगदान कितना व्यापक है। साथियो, इस बार महिला दिवस पर मैं एक ऐसी पहल करने जा रहा हूँ, जो हमारी नारी-शक्ति को समर्पित होगी। इस विशेष अवसर पर मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे एक्स, इंस्टाग्राम के एकाउंट्स को देश की कुछ प्रेरणादायी महिलाओं को, एक दिन के लिए सौंपने जा रहा हूँ। ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, नवाचार किया है, अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 8 मार्च को, वो, अपने कार्य और अनुभवों को देशवासियों के साथ साझा करेंगी।” उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म भले ही मेरा होगा, लेकिन वहां उनके अनुभव, उनकी चुनौतियाँ और उनकी उपलब्धियों की बात होगी। यदि आप चाहती हैं कि ये अवसर आपको मिले, तो, नमो ऐप पर बनाए गए विशेष फोरम के माध्यम से, इस प्रयोग का हिस्सा बनें और मेरे एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट से, पूरी दुनिया तक, अपनी बात पहुंचाएँ, तो आइए, इस बार महिला दिवस पर हम सब मिलकर अदम्य नारी-शक्ति का जश्न मनाएं, सम्मान करें, नमन करें।  

एक fit और Healthy Nation बनने के लिए हमें Obesity की समस्या से निपटना ही होगा : पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई थी। मोटापा सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी है। ग्लोबल ओबेसिटी ऑब्जर्वेटरी के अनुसार 2019 में भारत में मोटापे का आर्थिक बोझ लगभग 28.95 अरब डॉलर था जो देश की GDP का 1% है। अगर यही हाल रहा तो इस साल इसके 81.53 अरब डॉलर होने की आशंका है जो GDP का 1.57% होगा। माना जा रहा है कि साल 2060 तक मोटापे से देश की इकॉनमी को 838.6 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। यह देश की GDP का करीब 2.5% है। पिछले साल जुलाई में जारी हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में चेतावनी दी गई थी कि अगर भारतीय फिट नहीं रहेंगे तो देश को डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी युवा आबादी का पूरा फायदा नहीं मिलेगा। यानी हमारी आबादी स्वस्थ नहीं होगी तो इसका असर देश के विकास पर पड़ेगा। सर्वे के मुताबिक अगर भारत को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का फायदा उठाना है, तो इसके लिए यह जरूरी है कि उसके लोगों के स्वास्थ्य मानकों में संतुलित और विविध आहार की ओर बदलाव हो। सर्वे में मोटापे को एक प्रमुख स्वास्थ्य चुनौती बताया गया था। सर्वे के मुताबिक भारत की वयस्क आबादी में मोटापा एक गंभीर चिंता का विषय बन रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 के अनुसार 18-69 आयु वर्ग के पुरुषों में मोटापे का प्रतिशत 22.9% हो गया है जो पिछले सर्वे में 18.9% था। महिलाओं में मोटापा 20.6% से बढ़कर 24.0% हो गया है। कम शारीरिक गतिविधि इसका एक बड़ा कारण हो सकता है। साथ ही लोगों की खानपान की आदत में भी बदलाव आया है। पैकेट बंद और प्रोसेस्ड खाना खाने से मोटापा बढ़ता है। आपकी थाली में क्या है? आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड पर चिंता जताई है। इसमें चीनी, नमक और अनहेल्दी फैट पर सख्त नियम बनाने की बात कही गई है। इसमें खाने के पैकेट पर चेतावनी लेबल लगाने और जंक फूड के विज्ञापन पर, खासकर बच्चों के लिए, रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक जगहों पर ऐसे खाने को हटाने और मिलेट्स, फल और सब्जियों जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाने को सस्ता करने की बात भी कही गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध परिषद (ICRIER) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य क्षेत्र में 2011 से 2021 तक खुदरा बिक्री मूल्य में सालाना 13.37% की तेजी रही है। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2022-23 के आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रामीण परिवार अपने खाद्य बजट का लगभग 9.6% प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर खर्च करते हैं जबकि शहरी परिवार लगभग 10.64% खर्च करते हैं। नेशनल वेट-लॉस प्लान? इन सब चेतावनियों के बावजूद भारत में मोटापे से निपटने के लिए कोई ठोस राष्ट्रीय रणनीति नहीं है। हालांकि बच्चों और कमजोर वर्गों के पोषण के लिए नीतियां हैं लेकिन सभी आयु वर्ग के लोगों में मोटापे से निपटने के लिए कोई व्यापक योजना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक बोझ बहुत बढ़ जाएगा। राष्ट्रीय पोषण संस्थान में काम कर चुके वैज्ञानिक ए लक्ष्मैया ने बताया कि मोटापे का आर्थिक प्रभाव सिर्फ इलाज की लागत तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘रोजगार का नुकसान, अवसरों की कमी और सोशल सपोर्ट की कमी के कारण भावनात्मक तनाव भी इस आर्थिक बोझ में काफी योगदान करते हैं।’ आगे का रास्ता मोटापा सिर्फ व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय समृद्धि से भी जुड़ा है। अगर भारत अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का पूरा फायदा उठाना चाहता है, तो उसके पास एक स्वस्थ और उत्पादक वर्कफोर्स होना बहुत जरूरी है। आर्थिक सर्वेक्षण साफ कहता है कि अगर हमने अभी मोटापे पर नियंत्रण नहीं किया तो हम अपनी आर्थिक क्षमता का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगे। तो अगली बार जब आप चिप्स का एक और पैकेट खाने के लिए हाथ बढ़ाएं या व्यायाम छोड़ने का फैसला करें, तो याद रखें कि यह सिर्फ आपके स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का भी सवाल है।

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की दिल्ली वाली तस्वीर की चर्चाएं महाराष्ट्र की सियासत में खूब …..

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की दिल्ली वाली तस्वीर की चर्चाएं महाराष्ट्र की सियासत में खूब हो रही हैं. इस बीच, राज्य की पॉलिटिक्स में दो बड़े अपडेट देखने को मिले हैं. पहला, शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत के सुर बदले नजर आए हैं. उन्होंने सरकार के फैसलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खुलकर तारीफ की है. दूसरा, शरद पवार की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की है. इस मीटिंग के बाद पाटिल के राजनीतिक रुख पर अटकलें तेज हो गई हैं. दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21 फरवरी को 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. शरद पवार कार्यक्रम के आयोजक मंडल में शामिल थे. पीएम मोदी जब दीप प्रज्ज्वलन करने पहुंचे तो उन्होंने शरद पवार से आगे आने का अनुरोध किया. उसके बाद जब पवार अपना संबोधन खत्म करके सीट की तरफ लौट रहे थे तो PM मोदी ने सीट पर बैठने में मदद की और उनको पानी का गिलास भरकर दिया. सोशल मीडिया पर इस वीडियो की खूब तारीफ की गई. ‘बैठक में राजनीति पर चर्चा नहीं हुई’ इस बीच, अब खबर है कि महाराष्ट्र NCP (SP) अध्यक्ष जयंत पाटिल और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के बीच बैठक हुई है. हालांकि, पाटिल ने सफाई में कहा कि मुंबई में बैठक के दौरान राजनीति पर चर्चा नहीं हुई. पाटिल ने कहा, हमने सांगली जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कार्यों को लेकर सोमवार शाम बावनकुले से मुलाकात की. पूर्व मंत्री पाटिल को NCP (SP) प्रमुख शरद पवार का बेहद करीबी माना जाता है. पाटिल ने कहा, हां, मैं बावनकुले से मिला. मैंने अपने क्षेत्र से संबंधित काम के लिए उनसे मुलाकात की. मेरे साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी था और 25 मिनट की बैठक के दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. हमने सिर्फ स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की. ‘एक दर्जन मांगें सामने रखीं’ पाटिल ने बैठक में सांगली जिले के मुद्दों से संबंधित कम से कम एक दर्जन मांगें रखीं और भूमि रिकॉर्ड की ऑनलाइन प्रोसेसिंग के संबंध में बात की. पाटिल ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे मैंने बावनकुले के ध्यान में लाया. उन्होंने कहा, भूमि अधिग्रहण से संबंधित कई मामलों को हल करने की जरूरत है. गडकरी के साथ भी मंच साझा कर चुके पाटिल बावनकुले ने कहा कि राज्य मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल भी बैठक में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा, करीब 400 से 500 लोग भी मौजूद थे. बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. पाटिल ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद नितिन गडकरी के साथ मंच साझा किया था. पाटिल इस्लामपुर से विधायक हैं. राउत ने फडणवीस की तारीफ में क्या कहा? इधर, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ‘फिक्सर’ को मंत्रियों का ओएसडी या पीएस नहीं बनने देने के लिए सीएम फडणवीस की तारीफ की है. राउत ने कहा, जिन लोगों को पदों के लिए नजरअंदाज किया गया, उनमें से अधिकांश शिवसेना (शिंदे) के मंत्री थे. उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट मंत्रियों के 16 निजी सचिवों (पीएस) या विशेष कर्तव्य अधिकारियों (ओएसडी) की नियुक्ति को फडणवीस ने मंजूरी नहीं दी, उनमें से 13 शिवसेना के मंत्री थे. ‘सख्त फैसले ले रहे हैं फडणवीस’ पत्रकारों से बातचीत में राउत ने ‘फिक्सरों’ की नियुक्ति को रोकने के लिए गृह विभाग रखने वाले फडणवीस की सराहना की. राउत ने कहा, मेरे पास 16 पीएस के नाम हैं, जिनमें से 13 शिंदे के हैं और बाकी अजित पवार खेमे के हैं. वो (फडणवीस) सख्त फैसले ले रहे हैं. हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम राज्य के हित में लिए गए फैसलों का समर्थन करते हैं. ‘फडणवीस ने लूट रोक दी’ उन्होंने कहा कि फडणवीस ने महाराष्ट्र के खजाने की लूट रोक दी है. राउत का कहना था कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे (जून 2022-नवंबर 2024) और जिन परियोजनाओं की लागत बढ़ा दी गई थी, उन स्वीकृत प्रोजेक्ट पर काम सस्पेंड करके फडणवीस ने राज्य की लूट को रोक दिया है. ‘फिक्सर’ के नामों को मंजूरी नहीं फडणवीस ने सोमवार को कहा, हमने पीएस या ओएसडी के रूप में नियुक्ति के लिए कैबिनेट मंत्रियों द्वारा भेजे गए 125 नामों में से 109 को मंजूरी दे दी, लेकिन अन्य को मंजूरी नहीं दी क्योंकि वे या तो पूछताछ का सामना कर रहे हैं या फिक्सर के रूप में जाने जाते हैं. फडणवीस ने कहा, शेष (16) के नामों को मंजूरी नहीं देने के पीछे या तो उन अधिकारियों के खिलाफ कोई जांच चल रही है या उन्हें प्रशासनिक हलकों में फिक्सर के रूप में जाना जाता है.  

मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत भेजेगा अमेरिका, मोदी के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने किया एलान

नई दिल्ली अमेरीका मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार तहव्वुर हुसैन राणा को भारत भेजने के लिए राजी हो गया है. व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद अमेरिका राष्ट्रपित डोनॉल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका प्रशासन ने साल 2008 के मुंबई हमले के गुनहगार तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण (Extradition) को भारत में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के लिए मंजूरी दे दी है. पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा फिलहाल लॉस एंजिलिस के एक मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है. माना जाता है कि वह मुंबई के 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा है. अमेरिका की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने दुनिया के सबसे बुरे इंसानों में से एक और मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक को भारत में न्याय का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है. इसलिए, वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है.’’ जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की समीक्षा याचिका खारिज कर दी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. भारत ने पिछले महीने कहा था कि वह राणा के शीघ्र प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ काम कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘‘अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 21 जनवरी को आरोपी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. हम अब मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी को शीघ्र भारत प्रत्यर्पित करने के लिए प्रक्रियागत मुद्दों पर अमेरिका के साथ काम कर रहे हैं.’’ PM मोदी ने ट्रम्प का दिया धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस फैसले की सराहना की और राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया है. मोदी ने कहा कि मुंबई हमले का एक आरोपी भारत आ रहा है, जहां उस पर मुकदमा चलेगा. मैं राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया.” डेविड हेडली ने दी थी राणा के खिलाफ गवाही पाकिस्तानी मूल के कारोबारी तहव्वुर हुसैन राणा 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में दोषी पाया गया था. अब यहां भारतीय एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी और उस पर मुकदमा चलेगा. राणा को पहले से ही मुंबई हमले की जानकारी थी और वह पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के संपर्क में था. इस साजिश में उसके साथ शामिल लोगों में डेविड कोलमैन हेडली भी था. हेडली ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था और राणा के खिलाफ गवाही दी थी. आईएसआई से करीबी संबंध रखता था तहव्वुर राणा राणा पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Inter-Services Intelligence) से करीबी संबंध रखने का भी आरोप है. मुंबई पुलिस की 400 से अधिक पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक तहव्वुर हुसैन राणा 11 नवंबर 2008 को भारत आया था और 21 नवंबर तक यहां रुका था. इस दौरान उसने दो दिन मुंबई के पवई इलाके के रेनेसांस होटल में बिताए थे. मुंबई हमले में मारे गए थे इतने लोग पाकिस्तान के 10 आतंकवादियों के एक समूह ने 26 नवंबर 2008 को अरब सागर के रास्ते मुंबई में घुसने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो आलीशान होटलों और एक यहूदी केंद्र पर समन्वित हमला किया. लगभग 60 घंटे तक जारी रहे इस हमले में 166 लोग मारे गए थे, इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और यहां तक ​​कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति भी बन गई थी. नवंबर 2012 में पाकिस्तान आतंकवादी समूह के एकमात्र जीवित आतंकी अजमल आमिर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था. भारत इस नृशंस हमले में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है, लेकिन हमले के आरोपियों के खिलाफ अब तक मुकदमे की कार्रवाई बहुत आगे नहीं बढ़ पाई है.  

भारत के प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य, हुए 9 अहम् समझौते

नई दिल्ली/वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुंबई में 26 नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण किये जाने, भारतीय वायु सेना के लिए एफ 35 युद्धक विमान की खरीद का मार्ग प्रशस्त करने तथा भारत को तेल एवं गैस की आपूर्ति के एक समझौते की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चार घंटे तक चली बैठकों के बाद ये घोषणाएं की तथा संकेत दिया कि वह भारत द्वारा खालिस्तानी आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की दिशा में कदम उठाने वाले हैं। उन्होंने बंगलादेश के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को समुचित कदम उठाने की भी सलाह दी। व्यापार समझौतों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि वह किसी को हराना नहीं बल्कि अमेरिका के हितों की रक्षा करने के हक में हैं। मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचने पर ट्रंप ने बहुत गर्मजोशी स्वागत करते हुए गले मिले। ट्रंप ने कहा, “हमने आप याद आए, हमने आपको बहुत याद किया। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करके मुझे बहुत खुशी हुई। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” दोनों नेताओं के बीच ओवल आफिस में एकांत में मुलाकात हुई और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बात हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री को एक पुस्तक “हमारी यात्रा एक साथ” उपहार में दी। उन्हें हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम से संबंधित कई तस्वीरें तथा कई अन्य तस्वीरें दिखाईं। ट्रम्प ने पुस्तक पर हस्ताक्षर के साथ लिखा, “श्रीमान प्रधानमंत्री आप महान हैं।” बाद में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का स्वागत करके रोमांचित हूं। हम यहां और भारत में भी काफी समय बिताते हैं। हमने 5 साल पहले आपके खूबसूरत देश की यात्रा की थी… यह एक अविश्वसनीय समय था। अमेरिका और भारत के बीच एक विशेष संबंध है – दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र का। ” उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी का यहां आना बहुत सम्मान की बात है। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारा एक अद्भुत संबंध रहा है और हमने अपने 4 साल की अवधि के दौरान रिश्ते को बनाए रखा… हमने अभी फिर से शुरुआत की है। मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए कुछ बहुत बड़ी चीजें हैं। वे हमारे बहुत सारे तेल और गैस खरीदने जा रहे हैं। हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक तेल और गैस है। उन्हें इसकी आवश्यकता है, और हमारे पास है। हम व्यापार के बारे में बात करने जा रहे हैं। हम कई चीजों के बारे में बात करने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि किसी और चीज से ज्यादा, हमारे और हमारे देशों के बीच में महान एकता है, हमारी बहुत अच्छी दोस्ती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम देशों के रूप में एकजुट रहें। हम दोस्त हैं और हम इस तरह से रहेंगे। ट्रंप ने कहा,“… लोगों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह राष्ट्रपति पद की शुरुआत के लिए सबसे अच्छे तीन हफ्तों में से एक थे। ऐसा कभी नहीं हुआ। जब आप देखते हैं कि हम तीन सप्ताह में क्या करने में सक्षम हैं, तो लोग वास्तव में आश्चर्यचकित हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसका उल्लेख किया। मुझे लगता है कि अन्य देश इसे देख रहे हैं, लेकिन मैं यहां आने के लिए सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। ये (मोदी) एक अद्भुत व्यक्ति है। हम भारत और अमेरिका के लिए कुछ अद्भुत व्यापार सौदे करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ आज, प्रधानमंत्री और मैं संबंधों को और मजबूत करने के लिए ढांचे की घोषणा कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 2008 के भयानक मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक (तहव्वुर राणा) और दुनिया के बहुत बुरे लोगों में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है, जिसका भारत में न्याय का सामना करना है। वह आतंकवादी हमले से संबंध में न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।” ट्रंप ने कहा, “इस साल से हम भारत को सैन्य बिक्री में अरबों डॉलर की वृद्धि करेंगे। हम अंततः भारत को एफ 35, युद्धक विमान प्रदान करने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री और मैं ऊर्जा पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी पहुंचे जो अमेरिका को भारत को तेल और प्राकृतिक गैस का अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनना सुनिश्चित करेगा। उम्मीद है कि अमेरिका नंबर 1 आपूर्तिकर्ता होगा। अमेरिकी परमाणु उद्योग के लिए अभूतपूर्व विकास की दिशा में, भारत अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का स्वागत करने के लिए कानूनों में भी सुधार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में हमारी परमाणु प्रौद्योगिकी की उच्चतम स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करेगा। आईएमईसी (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे) का उल्लेख करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा,“हम इतिहास के सभी में सबसे महान व्यापार मार्गों में से एक बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। यह भारत से इजरायल से इटली और आगे अमेरिका तक चलेगा, हमारे भागीदारों को सड़कों, रेलवे और समुद्र के नीचे के के केबलों के माध्यम से जोड़ेगा। यह एक बड़ा विकास है।” मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, सबसे पहले मैं अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प को गर्मजोशी से स्वागत और महान आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने नेतृत्व के माध्यम से भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को संजोया है और इसे जीवंत बनाया है। उनके पहले कार्यकाल के दौरान, हमने एक साथ काम किया, वही उत्साह, ऊर्जा और समर्पण, मैंने आज भी अनुभव किया। आज की चर्चा में हमने उनके पहले कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों और गहरे आपसी विश्वास के बारे में बात की और नए लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प भी था। भारत और अमेरिका मिलकर एक बेहतर दुनिया को आकार दे सकते हैं। मोदी ने कहा, “मैं आपको व्हाइट हाउस में वापस देखकर खुश हूं मैं आपको भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से बधाई देता हूं… भारत के लोगों ने मुझे तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया… इस कार्यकाल में, मुझे अगले 4 … Read more

ट्रंप की पीएम मोदी से आज होगी मुलाकात, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

 वॉशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय अमेरिकी दौरे पर हैं, जहां वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली वार्ता में विशेष रूप से व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. इसके अलावा आतंकवाद, भारत-प्रशांत क्षेत्र, चीन, H1B वीजा और गैंगस्टर जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है. वह गुरुवार तड़के वॉशिंगटन पहुंचे जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. आज रात पीएम मोदी की ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात होगी. दोनों एक साथ डिनर भी करेंगे. पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति के गेस्ट हाउस ब्लेयर हाउस में ठहरे हुए हैं. व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं की द्विपक्षीय वार्ता होगी. इस बैठक में दोनों नेता ट्रेड, निवेश, एनर्जी, डिफेंस और इमिग्रेशन पर चर्चा करेंगे. पीएम मोदी के डेलीगेशन की कुल 6 बैठकें होंगी. पीएम मोदी का अमेरिकी दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब अमेरिका में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. लेकिन बर्फबारी के बावजूद पीएम मोदी के दौरे को लेकर भारतीय समुदाय के लोगों का उत्साह बना हुआ है. वॉशिंगटन पहुंचने पर पीएम मोदी ने कहा कि कड़ाके की ठंड में गर्मजोशी भरा स्वागत. ठंड के मौसम के बावजूद वॉशिंगटन डीसी के भारतीय समुदाय ने मेरा विशेष स्वागत किया. मैं उनके प्रति आभारी हूं. व्हाइट हाउस में जब मिलेंगे ट्रंप और मोदी आज रात पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता होगी. डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है. पीएम मोदी चौथे ऐसे विदेशी नेता हैं, जो ट्रंप से मुलाकात करेंगे. इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जापान के प्रधानमंत्री और जॉर्डन के किंग अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुके हैं. पीएम मोदी ने वॉशिंगटन पहुंचने पर कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात और भारत-अमेरिका ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को लेकर आशान्वित हैं. हमारे लोगों की भलाई और हमारी पृथ्वी की बेहतर भविष्य के लिए हम मिलकर काम करते रहेंगे. पीएम मोदी आज ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. इसके अलावा वे कई बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. पीएम मोदी का ट्रंप संग प्राइवेट डिनर राष्ट्रपति ट्रंप की मेजबानी में व्हाइट हाउस में प्राइवेट डिनर का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे. मीटिंग से पहले और बाद में दोनों नेता ओवल ऑफिस में मीडिया को संबोधित करेंगे. एलॉन मस्क समेत अमेरिकी कारोबारियों से पीएम मोदी की मुलाकातों पर भी सभी की नजरें रहेंगी. बता दें कि पीएम मोदी का ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका ने हाल ही में 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस भेजा दिया था.

फरवरी में VIP मूवमेंट का बड़ा दौर, पीएम मोदी, अमित शाह और राष्ट्रपति मुर्मु पहुंचेंगे प्रदेश

छतरपुर भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे. इसके लिए पीएम 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे. जहां पीएम बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे. वहीं राष्ट्रपति 26 फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित  251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में आ सकती हैं. 26 को आएंगी राष्ट्रपति वहीं, महाशिवरात्रि पर्व पर बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आ सकती हैं. जिन कन्याओं का विवाह होना है, उनमें 108 कन्याएं आदिवासी वर्ग की हैं. इसलिए माना जा रहा है कि राष्ट्रपति नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद देने के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विशेष आग्रह पर आ रही हैं. कैंसर अस्पताल की पीएम रखेंगे आधारशिला 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का पीएम नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करेंगे. बीते दिनों धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी. उन्होंने बताया था कि पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार होगा. जानकारी के अनुसार, अस्पताल के उद्घाटन के लिए धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को कैंसर हॉस्पिटल के भूम पूजन का निमंत्रण दिया था.   तैयारियां हुई तेज दो महीने के अंतराल में छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री का यह दूसरा दौरा होगा. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए छतरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. इसको लेकर कलेक्टर ने एक आदेश भी जारी किया है.   PM मोदी का दौरा: 23 फरवरी को MP पहुंचेंगे, 24 को GIS का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को ही मध्यप्रदेश पहुंच जाएंगे और छतरपुर के बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।  23 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – कैंसर अस्पताल की आधारशिला  24 फरवरी: भोपाल – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2025) का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को पहुंचेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को भोपाल में GIS 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर देश-विदेश के निवेशकों के साथ उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।  25 फरवरी: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संभावित दौरा – 26 फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 26 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम में प्रवास प्रस्तावित है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।   26 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – राष्ट्रपति का दौरा संभावित छतरपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि 11 से 26 फरवरी तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर नहीं रहेगा। VIP दौरों को लेकर सुरक्षा और तैयारियों का जायजा इन हाई-प्रोफाइल दौरों को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। भोपाल और छतरपुर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए गए हैं।

‘पीएम मोदी को हटाना चाहता था US, रची थी बड़ी साजिश’, पूर्व विदेश विभाग अधिकारी के दावे से मची खलबली

नई दिल्ली/ वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व विदेश विभाग के अधिकारी माइक बेंज (Mike Benz) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने भारत के आंतरिक राजनीति में दखल दिया है। इतना ही नहीं अमेरिका ने बांग्लादेश की राजनीति में भी दखल देने की कोशिश की है।उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ने मीडिया प्रभाव, सोशल मीडिया सेंसरशिप और विपक्षी आंदोलनों को वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत की राजनीति को प्रभाव डालने की कोशिश की है। एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने अमेरिकी संस्था ‘यूएसएड’ (USAID) द्वारा भारत को विभाजित करने के लिए विभिन्न संस्थाओं को धन दिए जाने का दावा किया था। उन्होंने सोमवार को अपनी सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में जांच कराई जाए और दोषी पाए गए लोगों को जेल में डाला जाए। अब दुबे के दावे को अमेरिका के एक पूर्व अधिकारी के खुलासे से और बल मिलेगा। दरअसल अमेरिका के पूर्व विदेश विभाग अधिकारी माइक बेंज ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने भारत और बांग्लादेश सहित कई देशों की आंतरिक राजनीति में दखल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मीडिया प्रभाव, सोशल मीडिया सेंसरशिप और विपक्षी आंदोलनों को वित्तीय सहायता के माध्यम से इन देशों की राजनीति को प्रभावित किया। बेंज का दावा है कि अमेरिकी सरकार से जुड़ी संस्थाओं ने ‘लोकतंत्र को बढ़ावा देने’ की आड़ में चुनावों को प्रभावित करने, सरकारों को अस्थिर करने और अपने रणनीतिक हितों के अनुरूप विदेशी सरकार बनाने का काम किया। 2019 के भारतीय आम चुनाव में दखल का आरोप एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंज ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े इस कांड में यूएसएड, थिंक टैंक और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। इन्होंने भारत के 2019 के आम चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इन समूहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ चुनावी नैरेटिव तैयार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संगठनों ने इस धारणा को बढ़ावा दिया कि मोदी की राजनीतिक सफलता गलत सूचनाओं की वजह से है। इसके आधार पर व्यापक सेंसरशिप का वातावरण तैयार किया गया। सोशल मीडिया पर दबाव का आरोप बेंज का कहना है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने फेसबुक, वॉट्सऐप, यूट्यूब और ट्विटर जैसी बड़ी टेक कंपनियों पर प्रभाव डालते हुए मोदी समर्थक कंटेंट पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। वॉट्सऐप की जनवरी 2019 में मैसेज फॉरवर्डिंग की सीमा को कम करने की नीति को भाजपा की डिजिटल पहुंच रोकने का एक सटीक उदाहरण बताया गया। बेंज के अनुसार, अमेरिका समर्थित संस्थाओं ने भारत के डिजिटल स्पेस में हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए मोदी के समर्थकों को ऑनलाइन फर्जी खबरें फैलाने के लिए रणनीतिक रूप से फंसाया। उनका दावा है कि यूएसएड से जुड़े संगठनों सहित कई अन्य संगठनों ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया और डिजिटल फोरेंसिक समूहों के साथ मिलकर ऐसी रिपोर्टें बनाईं, जिनमें भारत को गलत सूचना के गंभीर संकट से जूझते हुए दिखाया गया। उनका तर्क है कि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोदी समर्थक बयानों को दबाने का एक बहाना बन गया। बेंज का दावा है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने मोदी समर्थक कंटेंट को रोकने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और ट्विटर जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों पर दबाव डाला। ‘यूएसएड’ ने संस्थाओं को पैसा दिया- भाजपा सांसद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अमेरिका में नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘यूएसएड’ संस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है क्योंकि यह वर्षों से विभिन्न सरकारों को गिराने के लिए पैसा खर्च कर रही थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए, ‘‘क्या यूएसएड ने जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन को पांच हजार करोड़ रुपये भारत को विभाजित करने के लिए दिये या नहीं। उसने राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा दिया या नहीं।’’ दुबे ने सवाल उठाया कि क्या ‘यूएसएड’ ने तालिबान को पैसा दिया था? उन्होंने कहा कि इस अमेरिकी संस्था ने आतंकवादी और नक्सलवादी गतिविधिया बढ़ाने वाले कुछ संगठनों को पैसा दिया या नहीं, विपक्ष यह बताए। भाजपा सांसद ने देश में मानवाधिकार के नाम पर और ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च’ के नाम पर विभिन्न संस्थाओं को ‘यूएसएड’ द्वारा पैसा दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से अनुरोध किया कि इनकी जांच हो और जिन्होंने देश को नुकसान पहुंचाने के लिए पैसा लिया, उन्हें जेल में डाला जाए। दुबे के इन आरोपों पर कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी की। कुछ सदस्य इस संबंध में व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाह रहे थे। हालांकि, पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा कि शून्यकाल में व्यवस्था का प्रश्न नहीं होता। भाजपा सांसद दुबे पहले भी सदन में इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। बांग्लादेश में भी अमेरिकी हस्तक्षेप वहीं बेंज ने दावा किया कि अमेरिका ने बांग्लादेश की राजनीति को भी प्रभावित करने की कोशिश की, खासकर प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को कमजोर करने के लिए यूएसएड का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम बांग्लादेश और चीन के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के कारण उठाया गया। उनके अनुसार, अमेरिकी संगठनों ने सांस्कृतिक और जातीय तनावों का उपयोग करते हुए विभाजन पैदा करने और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ावा देने की योजना बनाई। रैप संगीत के जरिए सरकार विरोधी माहौल एक दिलचस्प आरोप में बेंज ने कहा कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल बांग्लादेश में ऐसे रैप संगीत को फंड करने के लिए किया गया, जो सरकार विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देता था। बेंज ने इन गतिविधियों को अमेरिका की वैश्विक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य लोकतंत्र को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि चीन के प्रभाव का मुकाबला करना, सैन्य ठिकाने सुरक्षित करना और आर्थिक पहुंच बनाए रखना है। बेंज का कहना है कि ये गतिविधियां अक्सर अमेरिकी प्रशासन की अनुमति के बिना विदेश नीति प्रतिष्ठान के कुछ गुटों द्वारा की जाती हैं। उनके अनुसार, ट्रंप प्रशासन के दौरान भी इन गतिविधियों को अंजाम दिया गया, जबकि ट्रंप और मोदी के बीच अच्छे संबंध थे। बेंज ने अपनी रिसर्च के आधार पर यह दावा किया कि यह सिर्फ भारत और बांग्लादेश तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका ने वेनेजुएला, यूक्रेन, मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका जैसे कई देशों में भी … Read more

‘पीएम मोदी के विमान पर आतंकी हमला कर सकते हैं’,पुलिस ने धमकी देने वाले व्यक्ति को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान पर उनके दो दिवसीय अमेरिकी दौरे से पहले आतंकी हमले की धमकी मिली है। मुंबई पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। कॉल करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने मुंबई पुलिस के हवाले से बताया कि 11 फरवरी को मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आया जिसमें चेतावनी दी गई थी कि आतंकवादी प्रधानमंत्री मोदी के विमान पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि वह आधिकारिक विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। चेंबूर से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अन्य एजेंसियों को सूचित किया और जांच शुरू की। पुलिस ने कहा कि मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को धमकी भरा कॉल करने वाले व्यक्ति को चेंबूर इलाके से हिरासत में ले लिया गया है। वह मानसिक रूप से बीमार है। पीएम मोदी सोमवार को फ्रांस और अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। बुधवार को उनकी दो दिवसीय अमेरिकी यात्रा शुरू होने वाली है। पहले भी मिली थी धमकी हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मुंबई पुलिस को पीएम मोदी की जान को खतरा होने की धमकी मिली हो। अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन पर एक धमकी भेजी गई थी। इसमें दो कथित आईएसआई एजेंटों से जुड़े बम की साजिश का दावा किया गया था। इसके अलावा, पिछले साल प्रधानमंत्री की जान को खतरा होने के आरोप में 34 वर्षीय कांदिवली निवासी शीतल चव्हाण को गिरफ्तार किया गया था। चव्हाण ने कथित तौर पर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके दावा किया था कि उसके पास हथियार तैयार हैं।

बागेश्वर धाम आएंगे पीएम मोदी, धीरेंद्र शास्त्री ने कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे

छतरपुर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे। जहां पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन करेंगे। इसको लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे पीएम नरेंद्र मोदी मोहन सरकार द्वारा आयोजित कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। जिसके बाद सीएम डॉ मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वह कल दिल्ली जा रहा हैं। जहां राजदूतों के साथ बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे। कैंसर हॉस्पिटल का होगा भूमिपूजन 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन होगा। बीते दिनों पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार किया जाएगा। उद्धाटन के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल के भूमि पूजन का निमंत्रण दिया था। दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण करा रहे हैं। पहले चरण में 100 बिस्तर का सभी सुविधाओं वाला अस्पताल बनकर तैयार होगा। इसके बाद इसका विस्तार किया जाएगा। अस्पताल के शिलान्यास का कार्यक्रम 23 फरवरी को होने जा रहा है। इसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री बागेश्वर धाम जाते हैं तो वह अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद भोपाल आएंगे। जहां, राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके अगले दिन 24 फरवरी को सुबह 10 बजे जीआईएस का शुभारंभ करेंगे।  30 देशों के राजदूत और काउंसलर आएंगे राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित हो रही जीआईएस में 30 देशों के राजदूत और काउंसलर ने आने की सहमति दी है। इसमें कई देशों के निवेश और उद्योगपति भी शामिल होंगे। साथ ही केंद्र सरकार में मंत्री अविश्वनी वैष्णव, पीयूष गोयल, नितिन गडकरी, जीकिशन रेड्डों को भी निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मंत्री और उद्योगपति मुलाकात कर सकते है। इसके बाद प्रधानमंत्री 12 बजे भोपाल से रवाना हो जाएंगे।

वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा : राष्ट्रपति मैक्रों

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दो दिवसीय दौरे पर हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने एलिसी पैलेस में उनका जोरदार स्वागत किया. पीएम मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति मैक्रों ने डिनर की मेजबानी भी की. इस बीच आज पीएम मोदी AI Action Summit में हिस्सा लेंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के नेतृ्त्व में आज एआई समिट का आयोजन होगा. इस बार पीएम मोदी को एआई समिट की सह अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया गया है. लेकिन इस आयोजन की सह अध्यक्षता के लिए मोदी को ही क्यों आमंत्रित किया गया? राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह पीएम मोदी के साथ मिलकर टेक संप्रभुता को बढ़ावा देना चाहते हैं. वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा है. मैक्रों ने कहा कि हम दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि भारत और फ्रांस दो सशक्त देश हैं और हमारा संबंध बहुत घनिष्ठ हैं. हम अमेरिका और चीन के साथ काम करना चाहते हैं लेकिन किसी पर निर्भर नहीं होना चाहते. भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और यह हर साल दस लाख इंजीनियर प्रोड्यूस करता है जो कि संयुक्त रूप से यूरोप और अमेरिका से भी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से आत्मनिर्भरता चाहते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमें अलग-थलग रहना चाहते हैं. हमें ऐसे पार्टनर्स की जरूरत है जिन पर हम बिना किसी निर्भरता के भरोसा कर सकें. AI खतरा नहीं मददगार बनेगा मैक्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस दो अग्रणी देश हैं लेकिन एआई के मामले में अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. इनके बाद फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और जर्मनी है. इसलिए हम एआई पर मिलकर काम करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के सामने भी यही चुनौती है कि एआई मार्केट में अमेरिका की पकड़ है और चीन की कुछ कंपनियों की भी यहां सशक्त मौजूदगी है. ऐसे में पीएम मोदी चाहते हैं कि इस नई तकनीक से भारत को लाभ हो. राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत के साथ मिलकर हम टेक्नोलॉजी संप्रभुता विकसित करेंगे. हम यहां लोगों को ट्रेनिंग देंगे. हम भारत और फ्रांस में डेटा सेंटर तैयार करेंगे और हमारी भाषाओं में लैंग्वेज मॉडल तैयार करेंगे. हम अमेरिका या चीन के मॉडल पर निर्भरता नहीं चाहते. इस दिशा में ग्लोबल साउथ बड़ा बाजार होगा. भारत के साथ थर्ड फ्रंट बनाएंगे मैक्रों! राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि तकनीक की इस प्रतिस्पर्धा में भारत और फ्रांस मिलकर थर्ड फ्रंट का खाका तैयार कर सकते हैं ताकि अमेरिका और चीन को टक्कर दी जा सके. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एआई ही भविष्य है. इसलिए मैंने 2018 में इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी शुरू की थी. मैं चाहता हूं की हमारी भावी पीढ़ियां हमसे बेहतर एक बेहतर जिंदगी जी सके. बता दें कि पीएम मोदी का यह फ्रांस का सातवां दौरा है. वह आखिरी बार 2023 में फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इससे पहले यह समिट 2024 में दक्षिण कोरिया और 2023 में ब्रिटेन में हुआ था.  

प्रधानमंत्री मोदी विद्यार्थियों से आज करेंगे परीक्षा पे चर्चा

प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीयन कर की सहभागिता भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 10 फरवरी को प्रात: 11 बजे देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम सोमवार 10 फरवरी को नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने अपना पंजीयन कर सहभागिता की है। कार्यक्रम का संचार माध्‍यमों पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया एवं ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट, mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई से भी कार्यक्रम का प्रसारण होगा। कार्यकम का प्रसारण अन्य निजी चैनल भी करेगें। कार्यक्रम को ऑनलाइन देखे जाने के लिये यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/watch?v=G5UhdwmEEls भी जारी की गई है। कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं शिक्षक तथा अभिभावक उक्त लिंक के माध्यम से सहभागिता कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सहित अधिकारी भी होंगे शामिल स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्‍कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और स्कूल शिक्षा विभाग में अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय से विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। आयुक्‍त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता ने बताया कि प्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में हाई और हायर सेकेण्डरी स्‍कूलों में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर लैपटॉप/मोबाइल इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की व्यवस्था संभव नहीं होगी, वहां रेडियो/ट्रांजिस्टर की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। समस्‍त जि़ला कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकों की सामूहिक रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इस कार्यक्रम का पहला संस्करण वर्ष 2018 में हुआ था। इस वर्ष इस कार्यक्रम का आठवाँ संस्करण है।  

पीएम मोदी फ्रांस से सीधा अमेरिका जाएंगे , जानें राष्ट्रपति ट्रंप से किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी तक फ्रांस की यात्रा करेंगे। पीएम मोदी पेरिस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद वाशिंगटन डीसी जाएंगे। वहीं फ्रांस की यात्रा के तुरंत बाद पीएम मोदी 12 फरवरी से अमेरिका की 2 दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा होगी।बता दें कि ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के कुछ ही सप्ताह के भीतर वाशिंगटन डीसी जाने वाले मोदी कुछ चुनिंदा विदेशी नेताओं में शामिल होंगे। सामने आई ये जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी से अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा के दौरान, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत बनाएगी और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को नई गति और दिशा देगी। बता दें कि बता दें कि पीएम मोदी का अमेरिका दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने बेड़ियों से जकड़ कर 104 अप्रवासियों को अमेरिका से भारत भेजा है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले, वह 10-12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे, जहां वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे। मिसरी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी कैडारैचे अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर का दौरा करेंगे, इसमें भारत भी एक भागीदार है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस आयोजन का मकसद वैश्विक वैश्विक स्तर पर एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके उपयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी 2025 तक फ्रांस की यात्रा पर रहेंगे। एआई एक्शन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी विक्रम मिस्री ने बताया कि 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे. इस आयोजन का मकसद वैश्विक स्तर पर एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके उपयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है. इनके अलावा, यह शिखर सम्मेलन एआई प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और उसकी नैतिकता पर भी विचार-विमर्श करेगा. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि यह तीसरा उच्च-स्तरीय एआई शिखर सम्मेलन है. इससे पहले 2023 में यूके और 2024 में दक्षिण कोरिया में इसी तरह के सम्मेलन आयोजित किए गए थे. इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से भारत और फ्रांस के बीच टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूती मिलेगी.

फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स को भी अब मिलेगी पेंशन! बजट में हुआ बड़ा ऐलान

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया। इसके तहत गिग वर्कर्स को हेल्थ बेनिफिट समेत कई बड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। दरअसल, लेबर मिनिस्ट्री ने कहा है कि जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े एक करोड़ गिग श्रमिकों के लिए पेंशन योजना लाने को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मांगेगा। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत हर लेनदेन से हुई आय से सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान दिया जाएगा। क्या है प्लान  कहा कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसके तहत जोमैटो, स्विगी के अलावा ओला, उबर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इन श्रमिकों की आय पर हर लेनदेन पर प्रतिशत के रूप में सामाजिक सुरक्षा अंशदान काट लेंगे। सूत्र के मुताबिक इस योजना के तहत श्रमिकों को रिटायरमेंट के समय दो विकल्प दिए जा सकते हैं, जब उनकी पेंशन तय हो जाएगी। वे जमा पर ब्याज को पेंशन के रूप में निकाल सकते हैं या संचित धन को निर्धारित अवधि के लिए बराबर किस्तों में विभाजित कर सकते हैं। हालांकि, सूत्र ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए योगदान की जाने वाली राशि अभी तय नहीं की गई है। गिग श्रमिक एक साथ दो या अधिक प्लेटफॉर्म के लिए काम कर सकते हैं। बजट में हुआ बड़ा ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार ई-श्रम प्लेटफॉर्म पर गिग कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करेगी। साथ ही उन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी। बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सर्विसेज प्रोवाइड करने वाले कर्मचारी आदि ‘गिग’ कर्मियों की श्रेणी में आते हैं। व्यव सचिव ने कही थी ये बात बीते दिनों व्यय सचिव मनोज गोविल ने कहा कि श्रम मंत्रालय और संबंधित अन्य मंत्रालयों के साथ परामर्श कर योजना के मापदंडों तथा विवरणों पर काम किया जा रहा है। गोविल ने कहा कि ‘गिग’ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना या तो 100 प्रतिशत केंद्रीय क्षेत्र की योजना हो सकती है या केंद्र प्रायोजित योजना हो सकती है, जहां लागत केंद्र व राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी।

बागेश्वर धाम आ सकते हैं पीएम मोदी, धीरेंद्र शास्त्री ने भेजा निमंत्रण; एक साथ करेंगे दो बड़े काम

 छतरपुर  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम जा सकते हैं. पीएम मोदी बागेश्वर धाम ट्रस्ट द्वारा बनाए जा रहे बड़े कैंसर हॉस्पिटल की आधारशिला रखेंगे. कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आएंगे और मध्य प्रदेश राज भवन में रात्रि विश्राम करेंगे. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, ”कैंसर हॉस्पिटल के भूमि पूजन का निमंत्रण प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया है.” हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय से अभी तक पीएम मोदी के छतरपुर जाने की अधिकृत मंजूरी नहीं आई है. राज्य सरकार तैयारी में जुटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश प्रवास को लेकर राज्य सरकार तैयारी में जुटी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर सबमिट के उद्घाटन सत्र में 24 फरवरी को शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जाएंगे और इसके बाद भोपाल आएंगे. 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट में शामिल होंगे. अडानी, गोदरेज सहित बड़े बिजनेसमैन का आना तय इन्वेस्टर समिट में देश के बड़े उद्योग समूह अडानी समूह, गोदरेज, जेके सीमेंट के राघव पाठ सिंघानिया, आईटीसी लिमिटेड के संजीव पुरी कुमार, मंगलम बिड़ला सहित 100 से ज्यादा कंपनियों के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर शामिल होंगे. इसके अलावा कनाडा, जर्मनी, जापान, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, थाईलैंड, इटली, यूके सहित देश के हाई कमिश्नर एम्बेसडर ने भी इन्वेस्टर सबमिट में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है. इन्वेस्टर समिट में देश और विदेश के 10 हजार निवेशक शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. 3 लाख करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए वहीं, इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश में निवेश की बड़ी राह खुलने की उम्मीद जताई जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार को देश और विदेश के निवेशकों से अभी तक 3 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मिल चुके हैं. यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा शुरू किए गए इन्वेस्ट पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं. निवेशकों ने मध्य प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर सेक्टर, खनिज टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में निवेश को लेकर अपनी रुचि जताई है. वहीं, इसके पहले मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रीजनल इन्वेस्टर समिट भी की थी. इसमें भी मध्य प्रदेश सरकार को चार लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे. राज्य सरकार सरल बना रही नीति उधर, राज्य सरकार प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए लगातार नीतियों को सरल बना रही है. इसके लिए सरकार नीतियों में लगातार बदलाव कर रही है. राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में की गई रीजनल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों से चर्चा के दौरान निवेश की राह में रोड़ा बनने वाली नीतियों को लेकर कई सुझाव मिले थे. इसके आधार पर सरकार नीतियों में लगातार बदलाव कर रही है और ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले कई नीतियों में बदलाव करने जा रही है. सरकार को उम्मीद है कि प्रदेश में बड़ा निवेश आने से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के मामले में बड़े रास्ते खुलेंगे. वहीं आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी. Global Investor Summit, 24 और 25 फरवरी ● 250 एकड़ क्षेत्र में मानव संग्रहालय में तैयारियां जोरों पर ● 30 से अधिक देशों के निवेशक जिनमें जापान, जर्मनी, अमेरिका और इंग्लैंड शामिल ● 50 से अधिक देश के बड़े उद्योगपतियों को भेजा गया आमंत्रण पत्र ● 23 की रात को भोपाल पहुंचेंगे पीमए मोदी राजभवन में करेंगे रात्रि विश्राम ● 23 को बागेश्वर धाम(Bageshwar Dham) भी जा सकते हैं पीएम मोदी ● 24 की सुबह मानव संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल ● 25 जेट विमानों की पार्किंग की जगह बनाई गई एयरपोर्ट पर ● 250 एकड़ में डोम, अस्थाई कक्ष, कैंप के साथ लाइव एग्जीबिशन

प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी की रात भोपाल में ही रुकेंगे, 24 को सुबह 10 बजे करेंगे समिट का शुभारंभ

भोपाल भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। समिट में शामिल होने के लिए अब तक 30 देशों के राजदूत व काउंसलर ने सहमति दे दी है। कई देशों के उद्योगपति भी इसमें शामिल हगि। टूरिज्म, एनर्जी, माइनिंग, आईटी, एमएसएमई-स्टार्टअप और अर्बन के केंद्रीय मंत्री व केंद्रीय सचिव भी मौजूद रहेंगे। मुख्य समिट के बाद विभागों का अलग से शिखर सम्मेलन होगा। इसे लेकर राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 250 एकड़ में डोम, अस्थाई कक्ष, कैंप के साथ लाइव एग्जीबिशन लगेगी। इसमें टेक्सटाइल से जुड़ी सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो व ऑटो मोबिलिटी एक्सपो के साथ कला-संस्कृति से जुड़ी विलेज थीम (एमपी लेगेसी पवेलियन) होगी। एक्सपो में मप्र बॉन्ड के कपड़ों के साथ ऑटो की नई गाड़ियों और बाइक की प्रदर्शनी होगी। विलेज थीम में जिन गांवों की कला है, वहीं के लोग उसका प्रदर्शन करेंगे। इतना ही नहीं, दो दिन तक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का पूरा आयोजन कार्बन फ्री रहेगा। सोलर से बिजली की सप्लाई होगी और जांचने के लिए एक्यूआई भी लगेगा। उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों के भव्य स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर भी बड़ी तैयारी हो रही है। करीब 25 जेट विमानों की पार्किंग वहां की जाएगी। इसके एक तरफ निवेश फ्रेंडली 19 नई नीतियों को एक-एक करके लागू किया जा रहा हैं, वहीं हर बड़े उद्योगपति के साथ वॉलेंटियर के तौर पर एक सीनियर अफसर को तैनात किया जा रहा है। बताया गया है कि समिट में तकरीबन 20 हजार निवेश (छोटे-बड़े) पहुंचने का अनुमान है। पीएम के साथ ये मंत्री भी… मोदी के आने का प्रारंभिक कार्यक्रम तय हो गया है। वे समिट से एक दिन पहले 23 फरवरी को भोपाल पहुंच सकते हैं। रात्रि विश्राम राजभवन में करेंगे। अगले दिन 24 को राजभवन से ही सीधे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। सीएम, मुख्यमंत्रियों के अलावा कुछ उद्योगपति भी उनसे मिल सकते हैं। समिट के उद्घाटन के बाद मोदी दोपहर 12 बजे से पहले भोपाल से रवाना हो जाएंगे। पीएम के अलावा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, पियूष गोयल, नितिन गडकरी, माइनिंग मंत्री जीकिशन रेड्डी को भी निमंत्रण भेजा गया है। इन उद्योगपतियों को निमंत्रण, 1000 विदेशी मेहमान रिलायंस के मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के गौतम अडानी, टाटा के एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा, विप्रो लिमिटेड के अजीम प्रेमजी, महिंद्रा के आनंद महिंद्रा, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल, आईटीसी के संजीव पुरी, बजाज फिनसर्व के संजीव बजाज, डॉ. रेड्डी लैब के सतीश रेड्डी की ओर से प्रारंभिक सहमति मिल चुकी है। समिट के लिए अब तक लगभग 10 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। मेहमानों को खास अनुभव देने के लिए भोपाल के आसपास 40-50 होम स्टे भी होंगे। साथ में एक टेंट सिटी भी डेवलप करने का प्लान है। कई देशों से मप्र में निवेश की उम्मीद कनाडा, जिम्बाब्वे, जर्मनी, मलेशिया, जापान, यूके, मोरोक्को, सेशल्स सहित 30 देशों के प्रतिनिधि आयोजन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही टोगो, स्लोवेनिया, पोलैंड, पलाउ, रोमानिया, बुल्गारिया, म्यांमार, श्रीलंका सहित कई देशों के राजनयिक भी आएंगे। कई देशों की निवेश एजेंसी जैसे इन्वेस्ट ओटावा (कनाडा), टीआआईटीआर (ताइवान), एमए ट्रेड (मलेशिया), इटालियन ट्रेड, जेट्रो (जापान) भी आएंगे। साथ ही वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसीज, पोलैंड डिप्लोमेटिक मिशन, इंटरनेशनल ट्रेड-इंवेस्टमेंट मिनिस्ट्री मलेशिया भी आयोजन का हिस्सा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को करेंगे प्रयागराज का दौरा, महाकुंभ में पवित्र स्नान, जानिए क्या है पूरा शेड्यूल

प्रयागराज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ मेले में भाग लेते हुए संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक विशाल और पवित्र आयोजन है, जो हर बार करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा खासतौर पर महाकुंभ मेले के धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए होगा। पीएम मोदी पांच फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वह प्रयागराज एयरपोर्ट से से डीपीएस हैलीपैड पहुंचेंगे, जहां से वह 10.45 पर अरेल घाट जाएंगे. वह अरेल घाट पर नाव के जरिए महाकुंभ पहुंचेंगे. प्रयागराज में संगम पर सुबह 11 बजे वह पवित्र स्नान करेंगे. महाकुंभ मेले में 11 से 11.30 बजे का समय प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित है. पीएम मोदी पवित्र स्नान के बाद 11.45 पर बोट के जरिए अरेल घाट लौटेंगे. यहा ंसे वह डीपीएस हैलीपैड होते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम पूरी तरह से निर्धारित है और उनकी यात्रा में कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं। मोदी सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर द्वारा डीपीएस हैलीपैड तक जाएंगे। इसके बाद, वह अरेल घाट के लिए रवाना होंगे, जहां वह नाव के जरिए संगम के पवित्र स्थल तक पहुंचेंगे। संगम, जहां गंगा, यमुन और सरस्वती नदियां मिलती हैं, को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है और यह स्थल महाकुंभ मेले का प्रमुख आकर्षण है। प्रधानमंत्री मोदी का पवित्र स्नान सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक होगा। इस समय को खासतौर पर प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित किया गया है। इस दौरान वह संगम में स्नान करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। महाकुंभ में यह समय प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा। स्नान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी नाव के जरिए अरेल घाट वापस लौटेंगे, जहां से वह डीपीएस हैलीपैड के लिए रवाना होंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री प्रयागराज एयरपोर्ट जाएंगे, और वहां से वह दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और उनकी यात्रा का शेड्यूल बहुत ही सटीक तरीके से पालन किया जाएगा। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को स्पष्ट करता है। साथ ही, यह यात्रा महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के बीच सरकार के समर्थन और भागीदारी को भी प्रदर्शित करती है। PM मोदी का महाकुंभ में पूरा शेड्यूल     पीएम मोदी 5 फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे     पीएम मोदी वायुयान के विशेष विमान से बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे     एयरपोर्ट से पीएम मोदी सीधी डीपीएल हैलीपैड पहुंचेंगे     पीएम मोदी यहां से कार से वीआइपी जेटी जाएंगे     पीएम मोदी 10.45 मिनट पर अरेल घाट जाएंगे।     अरेल घाट से पीएम मोदी क्रूज से संगम में डुबकी लगाने जाएंगे।     संगम में डुबकी के बाद पीएम मोदी गंगा की पूजा व आरती करेंगे।     एक घंटे बाद पीएम मोदी महाकुंभ मेला क्षेत्र से प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए लौट जाएंगे। सीएम योगी पहुंचे प्रयागराज पीएम मोदी के अगुवाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वह अखाड़ों, आचार्यवाड़ा, दंडीवाड़ा व खाकचौक के प्रतिनिधियों से भेंट वार्ता भी कर सकते हैं। पीएम के दौरे से पहले सुरक्षा का जायजा लेने सीएम योगी मंगलवार को ही प्रयागराज पहुंच गए हैं।    

मुस्लिम शायर डॉ. अंजुम बाराबंकवी ने प्रभु श्रीराम पर लिखी ऐसी गजल, तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए पीएम मोदी

भोपाल अयोध्या में भगवान श्रीराम की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने की खुशी और उत्साह हर तरफ छाया हुआ है। इसी उमंग को साहित्य में भी खूबसूरत अंदाज में परोसा जा रहा है। राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी ने भी इस संदर्भ में एक गजल लिखी है। उन्होंने अपनी यह गजल पीएम नरेंद्र मोदी के अवलोकन के लिए भेजी थी। जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय से पीएम मोदी के हस्ताक्षरित पत्र डॉ अंजुम बाराबंकवी के नाम आया है। पीएम मोदी ने शायर की भगवान राम के लिए भावनाओं को सराहनीय बताया है। साथ ही कहा है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह लिखा चिट्ठी में नेहपूर्ण पत्र के माध्यम से अपने विचारों को मुझसे साझा करने के लिए आभार। अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने पर अपनी प्रसन्नता को ‘राम ग़ज़ल’ लिखकर अभिव्यक्त करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। ‘राम ग़ज़ल’ में प्रभु श्री राम के प्रति अपने प्रेम को आपने बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया है। कहा भी गया है- ‘रामो विग्रहवान् धर्मः’ अर्थात् प्रभु श्री राम साक्षात् धर्म के, यानि कर्तव्य के सजीव स्वरूप हैं। हमारी संस्कृति के आधार प्रभु श्री राम से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, दृढता, साहस, सत्यनिष्ठा और समभाव रखते हुए जीवन में आगे बढ़ने की सीख मिलती है। यह देखना सुखद है कि अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में उनके दर्शन के लिए देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आस्था और अध्यात्म के केन्द्रों के रूप में अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी व विन्ध्याचल सहित हमारे विभिन्न पावन स्थल स्थानीय अर्थव्यवस्था व रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व के भाव के साथ अमृत काल में एक भव्य व विकसित भारत के निर्माण की दिशा में हम अग्रसर हैं। मुझे विश्वास है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह है डॉ अंजुम बाराबंकवी की राम गजल दूर लगते हैं मगर पास हैं दशरथ नन्दन मेरी हर साँस का विश्वास हैं दशरथ नन्दन दिल के काग़ज़ पे कई बार लिखा है मैंने इक महकता हुआ अहसास हैं दशरथ नन्दन दूसरे लोगों के बारे में नहीं जानता हूँ मेरे जीवन में बहुत ख़ास हैं दशरथ नन्दन और कुछ दिन में समझ जाएगी छोटी दुनिया हम ग़रीबों की बड़ी आस हैं दशरथ नन्दन आप इस तरह समझ लीजिए मेरी अपनी ज़िन्दगी के लिए मधुमास हैं दशरथ नन्दन ये जो दौलत है मेरे सामने मिट्टी भी नहीं मेरी क़िस्मत के मेरे पास हैं दशरथ नन्दन मेरी ये बात भी जो चाहे परख सकता है सच के हर रूप के अक्कास हैं दशरथ नन्दन  

गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है- किरणसिंहदेव

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इस बजट से तय हो गया भारत विश्व का नेतृत्व करेगा :किरण सिंहदेव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास को मिली एक ऊंची उड़ान-किरण देव गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है-श्री किरणसिंहदेव रायपुर  केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि  श्री नरेंद्र मोदी जी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर देशवासियों को बजट के माध्यम से पूरे देश को एक बड़ी सौगात दी है। यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की अवधारणा से पूरिपूर्ण समावेशी और विकास को एक ऊंची उड़ान देने वाला और क्रांतिकारी बदलाव के साथ एक सुदृढ़ और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने वाला है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मध्यम वर्ग को जहां 12 लाख की सालाना आय को टैक्स मुक्त करते हुए किसानों को 5 लाख रुपए तक के लोन में छूट दी है। कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पीएम धन-धान्य योजना के दायरे को बढ़ा दिया है। इससे खेती-किसानी में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। साथ किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। एक करोड़ 70 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा। श्री सिंह देव ने कहा श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है। इस बजट में सबका साथ सबका विकास की अवधाराणा का एक वृहद स्वरूप है। जिसमें समाज के सभी वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें शामिल है। श्री किरणदेव सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने यहां डबल इंजन की सरकार बनाकर प्रदेश को विकास के पथ ला दिया है। केंद्रीय बजट में पीएम मोदी की सरकार ने कई बड़ी सौगात दी है, इससे छत्तीसगढ़ के विकास को और रफ्तार मिलेगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हमारे प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। श्री देव ने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के चलते छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में निर्बाध और उत्तरोत्तर तेज गति से विकास कर रहा है। केंद्रीय बजट हुई घोषणाओं से छत्तीसगढ़ के विकास में और तेजी आएगी।  कहा कि  केंद्रीय बजट से किसान, युवा और उद्यमियों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में सभी वर्गों और क्षेत्र का ख्याल रखा गया है और एक विकासोन्मुखी का समावेश है। श्री किरण सिंहदेव  ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों और मजदूरों की सबसे बड़ी हितैषी है। आज छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य के अलावा देशभर के किसानों को उनके फसलों का वाजिब दाम और उनकी आय को बढ़ाने के कार्य किसी क्रांति से कम नहीं है। किसानों से मोटे आनाज को केंद्र सरकार तीन गुना अधिक दामों पर खरीद रही है। साथ ही खरीफ और रबी की फसलों में एमएसपी में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा 109 प्रकार की उन्नत किस्म किसानों को प्रदान की गई हैं। खाद्य तेल, तेंदूपत्ता उत्पादन और प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की विष्णुदेव साय की सरकार में आदिवासी समाज के लिए केंद्र की सरकार ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इससे आदिवासी समाज को संबल मिला हैं। आज आदिवासी हर क्षेत्र में सामर्थवान होने के साथ ही आर्थिक रूप से सबल हुए हैं। केंद्रीय बजट से इनके विकास में और तेजी आएगी। केंद्रीय बजट और सरकार की योजनाओं से दलित, वंचित और आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और एक  विकसित राष्ट्र की स्थापना होगी। इस बजट ने बता दिया है कि अब भारत को विश्व का नेतृत्व करने से कोई नहीं रोक सकता।यह बजट देश के लोगो के लिए नई खुशहाली लेकर आयेगा।

मोदी सरकार की योजना 3 करोड़ महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’, जानिए क्या है; कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

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नईदिल्ली लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए सरकार महिलाओं को फाइनेंशियली सपोर्ट करती है. सरकार की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की योजना में बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है. ये योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है. इस ग्रुप में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं. सेल्फ हेल्प ग्रुपों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं. लखपति दीदी योजना एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इसके जरिए देश की सभी दीदियों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है. ताकी वो खुद पैसे कमा सकें. लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। योजना के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है। यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है। जिसमें बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी जैसी महिलाएं शामिल हैं। लखपति दीदी योजना क्या है? यह एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जिसमें महिलाओं को तरह-तरह की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे खुद कमाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की शुरुआत लखपति दीदी योजना 15 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसका मकसद देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। योजना के लिए जरूरी शर्तें 1. योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। यदि वेरिफिकेशन के दौरान परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता पाया गया, तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। 2. यह योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम है। यदि परिवार की आय 3 लाख से ज्यादा है, तो वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन कैसे करें? 1. योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को पहले सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से एक बिजनेस प्लान बनाना होगा। 2. यह प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जहां अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। 3. अगर आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इन दो शर्तों को करना होगा पूरा लखपति दीदी योजना के लिए अप्लाई करने के लिए महिलाओं के लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन भी दी गई हैं. इस योजना में जो सबसे जरूरी शर्त है कि कोई भी महिला अगर इस योजना के लिए अप्लाई करती है तो उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए. अगर उस महिला के घर में वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी सदस्य सरकरी नौकरी वाला मिलता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. इसके अलावा इस योजना के लिए केवल वही महिला अप्लाई कर सकती है जिसकी फैमिली ईयरली इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है. 3 लाख रुपये से ज्यादा ईयरली इनकम वाली महिलाएं योजना का हिस्सा नहीं बन सकती हैं. ऐसे करें अप्लाई लखपति दीदी योजना में अप्लाई करने के लिए महिलाओं को एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. जब उनका बिजनेस प्लान बन जाएगा तो उस प्लान को सरकार को भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार के अधिकारी एप्लीकेशन को अच्छी तरह से रिव्यू करेंगे. अगर एप्लीकेशन एक्सेप्ट हो जाता है तो योजना का बेनिफिट दिया जाएगा. इसके साथ 5 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. क्या है पात्रता? अगर आप भी लखपति दीदी बनना चाहता हैं और योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो पहले जान लें कि इसके लिए एलिजिबिलीटी क्या होगी। योजना का फायदा वहीं महिलाएं उठा सकती हैं, जो प्रदेश की स्थाई नागरिक हो। इसके अलावा महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, महिला की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उस महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ पाने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके लिए आधार कार्ड राशन कार्ड बैंक खाता पासबुक, स्वयं सहायता समूह का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। योजना के तहत स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को चुना जाता है, जिनकी सालाना आमदनी कम होती है। इसके बाद उन्‍हें 1-5 लाख रुपये तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज दिया जाता है। ऐसे करें आवेदन इसके लिए आपको स्वयं सहायता के कार्यालय जाना होगा। यहां आपकी एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान तैयार होगा। दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान स्वयं सहायता कार्यालय में जमा कर दें। यहां आपकी एप्लीकेशन रिव्यू होगी और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार रिव्यू करेगी। अप्रूव होने के बाद लोन के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।    

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘पूर्वोदय मिशन’ के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह अशोक विहार के स्वाभिमान अपार्टमेंट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र और सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टरों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे और नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी सभी के लिए आवास की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 3 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के अशोक विहार स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी (जेजे) समूहों के निवासियों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों का दौरा करेंगे। इसके बाद करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे आपको बता दें अशोक विहार में पीएम मोदी झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। वह लाभार्थियों को स्वाभिमान अपार्टमेंट की चाबियां भी सौंपेंगे। नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा दूसरी सफल इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना को पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों को उचित सुख-सुविधाओं से सुसज्जित बेहतर और स्वस्थ परिवेश प्रदान करना है। सरकार द्वारा फ्लैट के निर्माण पर खर्च किए गए प्रत्येक 25 लाख रुपये के लिए, पात्र लाभार्थी कुल राशि का 7 प्रतिशत से भी कम भुगतान करते हैं, जिसमें 1.42 लाख रुपये का नाममात्र योगदान और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। नौरोजी नगर और सरोजिनी नगर में टाइप-II क्वार्टर का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र (डब्ल्यूटीसी) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों में बदला नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों से बदलकर इस क्षेत्र का कायाकल्‍प कर दिया है। इससे उन्नत सुविधाओं के साथ लगभग 34 लाख वर्ग फ़ीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्‍थल उपलब्‍ध हुआ है। सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2,500 से अधिक आवासीय इकाइयां हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं और स्‍थल का कुशल उपयोग किया गया हैं। परियोजना के डिजाइन में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कॉम्पैक्टर शामिल हैं जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जनजीवन को प्रोत्साहित करते हैं। द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे इसके अलावा प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें कार्यालय, ऑडिटोरियम, उन्नत डेटा सेंटर, व्यापक जल प्रबंधन प्रणाली आदि शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस इमारत का निर्माण उच्च पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया गया है और इसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के प्लेटिनम रेटिंग मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये की 3 नई परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला शुक्रवार को पीएम मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक और द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक शामिल है। इसमें नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन भी शामिल है, जिसमें शिक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल, 50 हजार से अधिक आबादी भूमि के रहवासियों को मिलेेंगे भूमि संबंधी रिकार्डस

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के साथ रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वामित्व योजना के तहत पूरे देश में 57 लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड का वितरण करेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 17 जिलों के 50 हजार से अधिक सम्पत्ति मालिकों के भूमि संबंधी रिकार्डस शामिल हैं। स्वामित्व योजना में मालिकाना हक के साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान करने के लिए जिलों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। इन जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा, उपमुख्यमत्री विजय शर्मा दुर्ग, कृषि मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री केदार कश्यप राजनांदगांव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बलौदाबाजार-भाटापारा, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सरगुजा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अलावा 7 अन्य जिलों कोण्डागांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती में भी स्वामित्व कार्डों का वितरण होगा। स्वामित्व योजना के हैं कई लाभ स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है। इस योजना में ड्रोन सर्वे और जीआईएस मानचित्रों की सहायता से भूमि रिकार्डस को सटीक बनाया जाएगा। भूमि संबंधी सर्टिफिकेट मिलने से भूमि संबंधी विवादों मे कमी आएगी। सम्पत्ति की खरीदी बिक्री और हस्तान्तरण आसान हो जाएगा। भूमि मालिकों को बैंकऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।   योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 से स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हुई थी। देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है।

डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे जमीन के पट्टे, पीएम मोदी करेंगे शिरकत

नई दिल्ली  केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से दस राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों के 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरणआज  शुक्रवार को होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्ड का ई-तिरण करेंगे। वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई केन्द्रीय मंत्री अलग-अलग शहरों में कार्ड वितरण समारोह में शामिल होंगे।  पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से गांवों की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे व उनके स्वामित्व संपत्ति कार्ड बनाने का कार्यक्रम पिछले चार साल से चला रखा है। इसके तहत अब तक 31 राज्यों के 3 लाख 17 हजार से अधिक गांवों में करीब 2.19 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड बन चुके हैं। इसके तहत शुक्रवार को देश भर में लगभग 20 हजार स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे। मोदी के साथ केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज मौजूद रहेंगे। समारोह में प्रदेशो के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। 6 केन्द्रीय मंत्री कल राजस्थान में रहेंगे केन्द्र सरकार की ओर से 13 केन्द्रीय मंत्रियों को राज्यों में जाकर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 6 मंत्री राजस्थान के शहरों में रहेंगे। इनमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा जयपुर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जोधपुर, वन व पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव अलवर, महिला बाल विकास मंत्री अनपूर्णा देवी कोटा, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अजमेर में रहकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सियोनी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री धामतारी में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कहां कितने कार्ड तैयार प्रदेश     गांवों की संख्या     कार्ड संख्या (लाखों में) मध्यप्रदेश     43014                 32.53 राजस्थान          36312                7.18 छत्तीसगढ़     15791              1.84   राजस्थान के 1.50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना के तहत जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। 27 दिसंबर को राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली शामिल होकर लाभार्थियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जहां लाभार्थियों को बुलाकर उनके नाम संपत्ति कार्ड सौंपे जाएंगे। जानकारी के अनुसार, राजस्थान की 3526 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 7522 गांवों के निवासियों को ये पट्टे वितरित किए जाएंगे। 27 दिसंबर को केंद्र सरकार की पहल पर देशभर की 29,127 ग्राम पंचायतों के 46,251 गांवों में कुल 58 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे। इनमें से राजस्थान के 1,50,778 लाभार्थियों को भी संपत्ति कार्ड मिलेंगे। राजस्थान में यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 33 जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगा। हालांकि, अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में बने नए जिलों की समीक्षा प्रक्रिया अभी जारी है। स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2020 को की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक से करना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड) प्रदान किया जाता है। इन कार्ड्स का उपयोग ग्रामीण परिवार बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। इससे उनकी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में मान्यता मिलेगी। अब तक इस योजना के तहत देशभर में 1.37 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

केन बेतवा लिंक परियोजना : पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, बुंदेलखंड में रचा इतिहास

खजुराहो  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखी। यह राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति के तहत पहली परियोजना है। इससे मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। इस परियोजना की लागत लगभग 44,605 करोड़ रुपये है। इससे 2,000 गांवों के 7.18 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा। साथ ही, 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी बनेगी। यह परियोजना बुंदेलखंड का कायाकल्प करेगी। बुंदेलखंडी बोली से भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में बुंदेलखंडी बोली में किया, उन्होंने कहा- वीरों की धरती बुंदेलखंड में रहबे वाले, सबई जनन को हमारी तरफ से हाथ जोड़कर राम-राम पहुंचे। सीएम मोहन यादव की सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस एक साल में एमपी में विकास को एक नई गति मिली है। यहां आज हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजना की शुरुआत हुई है। सुशासन पर लोगों को भरोसा है पीएम ने कहा हमारे लिए सुशासन दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। यह भाजपा सरकारों की पहुंचान है। देश की जनता ने तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई। एमपी में आप सभी लगातार भाजपा को चुन रहे हैं। इसलिए क्योंकि सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। हमारी सरकार ने विकास में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं विद्वानों से आग्रह करुंगा कि देश की आजादी से अब तक किसकी सरकार ने क्या काम किया। मैं दावे से कहता हूं, देश में जब-जब भाजपा को जहां-जहां भी सेवा करने का मौका मिला है, हमने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनहित के कार्यों में सफलता पाई है। आजादी के बाद सबसे पहले नदी जल का महत्व बाबा साहब आंबेडकर ने समझा पीएम ने कहा भारत के लिए नदी जल का महत्व सबसे पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समझा। भारत में जो नदी घाटी परियोजनाएं बनीं, इसके पीछे उन्हीं का विजन था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उनके इस योगदान के लिए किसी को पता नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बीच नदी जल को लेकर विवाद चल रहा है। जिस समय कांग्रेस की सकरार थी वो इस विवाद को सुलझा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अटलजी की सरकार ने पानी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार जाते ही कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां नदियों को जोड़ने की दो परियोजनाएं चल रही हैं। 21वीं सदी में वहीं देश आगे बढ़ पाएगा जिसके पास पर्याप्त जल होगा। पानी होगा तभी खेत-खलिहान होंगे। पानी होगा तभी उद्योग-धंधे होंगे। इसलिए खास है यह परियोजना     केन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध बनाया जाएगा।     2 टनल का निर्माण कर बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जाएगा।     केन नदी पर दौधन बांध से 221 किमी लंबी लिंक नहर के द्वारा एमपी यूपी राज्यों के 14 जिलों को लाभ मिल सकेगा।     मध्य प्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया के 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।     केन- बेतवा परियोजना से उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। जिससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।     परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख एवं उत्तर प्रदेशकी 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।     परियोजना के अंतर्गत चंदेल कालीन तालाबों को सहेजने का कार्य होगा। मध्य प्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों में चंदेल कालीन 42 तालाबों का मरम्मत जीर्णोधार किया जाएगा।     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में परियोजना के कियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मध्य 22 मार्च 2021 को त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।     केन बेतवा लिंक परियोजना की लागत राशि 44 हजार 605 करोड़ रूपये है।     परियोजना का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत के अनुपात में रहेगा।     परियोजना से 8.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी, 02 हजार ग्रामों के लगभग 7 लाख 18 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। परियोजना से मिटेगा सूखा और पलायन का कलंक बुंदेलखंड का सूखा और पलायन लोगों की कमर तोड़ता रहा है। परिवारों को पलायन करने पर यह सूखा मजबूर करता रहा है। लेकिन केन बेतवा परियोजना बुंदेलखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। क्योंकि दौधन बांध से लेकर केन बेतवा तक परियोजना आकार लेगी और बुंलेखंड का सूखा मिटाएगी। सूखाग्रस्त बुंदेलखण्ड क्षेत्र में भूजल स्तर की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्याटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पीएम मोदी ‘भागीरथ’ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के शिलान्यास समारोह में पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘सरकार, समाज और व्यवस्था’ पर ध्यान देने के लिए आदर्श बताया। उन्होंने पीएम मोदी के जयपुर वाले बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को दूसरे देशों के लिए आदर्श बनना चाहिए। सीएम यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राज्यों के बीच समन्वय नहीं बनाया और बुंदेलखंड की तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘वे कभी बुंदेलखंड का भला नहीं सोचते हैं। जो हो रहा है यह सिर्फ मोदीजी ही कर सकते हैं।’ रैली में पहले पहुंचे सीएम यादव कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शिरकत की। उनके साथ कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा भी शामिल हुए। कई कैबिनेट मंत्री जैसे प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, तुलसी सिलावट और … Read more

PM मोदी और अमित शाह ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए सदैव अटल स्मारक पहुंचे

नई दिल्ली देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 100वीं जयंती है. पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें याद किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत एनडीए के शीर्ष नेता पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए सदैव अटल स्मारक पहुंचे हैं. पूर्व पीएम वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर केंद्र सरकार विभिन्न स्तरों पर समारोहों का आयोजन कर रही है. इस बीच पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी सदैव अटल स्मारक पहुंचकर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने पोस्ट कर कहा कि आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के साथ जिस प्रकार देश को एक नई दिशा और गति दी, उसका प्रभाव हमेशा अटल रहेगा. यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनका भरपूर सान्निध्य और आशीर्वाद मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पूर्व पीएम को याद करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अटल जी ने विचारधारा के प्रति समर्पण और मूल्य आधारित राजनीति से देश में विकास और सुशासन के नए युग की शुरुआत की. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को कार्य संस्कृति बनाने वाले वाजपेयी जी ने देश की सुरक्षा और जनकल्याण को सदैव सर्वोपरि रखा. राजनीतिक जीवन में शुचिता और आत्मसंयम से उन्होंने भाजपा को जनप्रिय बनाया. अटल जी ध्रुवतारे के समान अनंत काल तक देशवासियों को राष्ट्रसेवा के पथ पर दिशा दिखाते रहेंगे. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी इस मौके पर मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे. यहां खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. केन बेतवा परियोजना के शिलान्यास होने के साथ अटल बिहारी वाजपेजी का सपना साकार होगा.  

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कल मध्य प्रदेश जायेंगे और खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के दृष्टिकोण से देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से रोजगार के कई अवसरों का सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। वह 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों की आधारशिला भी रखेंगे। ये भवन स्थानीय स्तर पर सुशासन के लिए ग्राम पंचायतों के कार्य और जिम्मेदारियों के व्यावहारिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के सरकार के मिशन में योगदान देगी। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी मदद करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी आज खजुराहो आएंगे, केन बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन करेंगे

 खजुराहो  देश की प्रथम नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास आज 25 दिसंबर बुधवार को खजुराहो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 44 हजार 605 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लगभग 11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मप्र के 10 जिले और उत्तर प्रदेश के चार जिलों में पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। परियोजना में होने वाले व्यय का 90 प्रतिशत भार केंद्र सरकार उठाएगी। प्रदेश के ऊपर वित्तीय भार मात्र 10 प्रतिशत आएगा। इस परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसका पूरा लाभ मध्य प्रदेश को मिलेगा। बुंदेलखंड का आर्थिक व सामाजिक विकास होगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना के प्रति लोगों को किया जा रहा जागरूक     इस बीच, प्रभावित जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को परियोजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने कहा कि यह बुंदेलखंड अंचल के लिए महत्वाकांक्षी योजना है।     उन्होंने कहा, ‘बुंदेलखंड की दो दशक पुरानी आस अब पूरी हो रही है। 18 साल से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ क्षेत्र की प्यास के बुझने के साथ ही जीवन बदलने का ऐतिहासिक पड़ाव भी है।’     ‘चार दशके से बुंदेलखंड की जनता को जिस दिन का बेसब्री से इंतजार था, वह दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़संकल्प से आ गया है। साथ ही भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना पूरा हुआ।’     लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से कलश यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है एवं कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। सभी जगह ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।     इस योजना को लेकर सभी गावों में दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं नुक्कड़ नाटक और गीत संगीत के माध्यम से भी लोगों में केन बेतवा लिंक परियोजना के बारे में बताया जा रहा है। खजुराहो पुलिस ने जारी किया रूट प्लान पीएम मोदी के आगमन को लेकर छतरपुर पुलिस द्वारा यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए पार्किंग व्यवस्था एवं डायवर्सन प्लान बनाया गया है, जिसका रूट चार्ट जारी किया जा रहा है। डायवर्सन प्लान के तहत छतरपुर, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी से कार्यक्रम में आने वाले वाहन की मंजू नगर रोड में फेस्टिवल ग्राउंड, लालगांव, प्रेम गिरी मंदिर, एएसआई ग्राउंड में पार्किंग रहेगी। महोबा, राजनगर, चंदला, गौरीहार, लवकुशनगर की तरफ से कार्यक्रम में आने वाले वाहन बलवंत सिंह महाविद्यालय परिसर पार्किंग, एमपीटी पार्किंग विवेकानंद चौराहा, टूरिस्ट ग्राउंड, आदिवर्त पार्किंग में पार्क करेंगे, जिला दमोह तरफ से आने वाली जो बसे छतरपुर होकर आएंगी वह गंज से राजनगर रोड एवं पन्ना तरफ से आने वाली बसें टोरिया टेक से डायवर्ट होकर आएंगी। पन्ना, चंद्रनगर तरफ से कार्यक्रम में आने वाले समस्त वाहन टोरिया टेक से सूरजपुरा रनेह फॉल, अचनार बाईपास से होते हुवे पायल तिराहा तक आएंगे, विक्रमपुर तरफ से आने वाले वाहन गोकुल धाम होते हुए खजुराहो आएंगे, रानेहफॉल चंद्रनगर से आने वाले वाहन अचनार बाईपास से पायल तिराहा तक आएंगे। पुलिस ने जारी की प्रतिबंधित सामग्री की सूची शिलान्यस समारोह हेतु सभास्थल, मार्ग एवं क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की दृष्टि से छतरपुर पुलिस द्वारा व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसामान्य की सुविधा हेतु छतरपुर पुलिस द्वारा कई घेरे की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन अथवा ड्रोन कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम धन्यवाद पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम छतरपुर जिले के जनपदों एवं ग्राम पंचायतों की जनता ने केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात के लिए 443 धन्यवाद पत्र दिए हैं। छतरपुर जिले में आगामी 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100 वीं जयंती पर केन बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन के लिए बुन्देलखण्ड की धरती पर खजुराहो में स्वयं पधार रहे हैं। यह परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिससे बुन्देलखंड के लोगों की पानी की समस्या का निदान होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को खजुराहो में करेंगे देश की पहली केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश को देंगे अनेक सौगातें प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन और प्रथम किश्त का करेंगे वितरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का करेंगे जारी भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश के खजुराहो में देश की पहली महत्वाकांक्षी और बहुउद्देशीय केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण और 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का भी जारी करेंगे। देश को नदी जोड़ो की परिकल्पना देने वाले युगदृष्टा स्व. वाजपेयी की जयंती पर यह मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दोपहर 12:10 बजे खजुराहो आयेंगे और दोपहर 2:20 बजे दिल्ली के लिये रवाना होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना के शिलान्यास के साथ ही स्व. वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मूर्त रूप लेगा। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के द्वितीय चरण की 240 मेगावॉट क्षमता के लिये एमपीपीएसीए से आवश्यक सहमति उपरांत चयनित विकासक “सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड” से अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाना प्रस्तावित है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के ऊपर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रदेश की जनता को समर्पित करना प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति सरकार के सतत प्रयासों को प्रदर्शित करता है। अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन कर प्रथम किश्त का वितरण भी करेंगे। प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में से भवन विहीन, जीर्ण-शीर्ण भवन और अनुपयोगी 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति के लिये चिन्हित किया गया है। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों के लिये 437.62 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का मत था कि पंचायत भवन, ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसरंचना है। इन भवनों की ग्राम पंचायतों के व्यवहारिक रूप से कार्य एवं दायित्वों के संवहन और कार्य संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों को सशक्त करने के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं क्लस्टर स्तर पर क्लस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है।  

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जल संरक्षण एवं जल समृद्धि की दिशा में एक नया अध्याय लिखने वाला होगा – विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल      मध्यप्रदेश की पुण्यभूमि, जो अपनी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक गौरव के लिए प्रसिद्ध है, अब एक और ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रही है। 25 दिसंबर 2024 को मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यानस यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से होगा। यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए विकास, जल संरक्षण एवं जल समृद्धि की दिशा में एक नया अध्याय लिखने वाला होगा, साथ ही यह भारत की जल क्रांति की नई गाथा लिखने का भी प्रतीक बनेगा। शुभ योग यह है कि परियोजना का भूमिपूजन आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती के दिन हो रहा है, जिन्होंने भारत के विकास के लिए अनेक सपने देखे थे, उनमें नदियों को जोड़ना विशेष रूप से शामिल था। उन्होंने इस दिशा में प्रारंभिक कदम भी उठाए थे। प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी अब स्वप्न दृष्टा वाजपेयी जी के सपने साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। यह परियोजना प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता, मध्यप्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह और अटलजी के विचारों के प्रति समर्पण का एक और प्रमाण है, जो मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी।      प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं में गंगा की धरा पर उपस्थिति का श्रेय राजा भागीरथ को दिया जाता है। राजा भागीरथ के तप और साधना से गंगा धरती पर अवतरित हुईं, जिसकी उपस्थिति से भारत का भू-भाग समृद्ध हुआ, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी आधुनिक भागीरथ हैं। मोदीजी ने भी जल संकट से जूझते भारत के लिए एक नई जल क्रांति की शुरुआत की है। जल संसाधनों को भारत की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाया है। उनके नेतृत्व में जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य और विकास का आधार बन गया है। गुजरात में जब वे मुख्यमंत्री थे, तब उनकी जल नीतियों ने सूखे और जल संकट से जूझते गुजरात को जलसमृद्धि का अनूठा उदाहरण बनाया। गुजरात, जो कभी सूखे और जल संकट का प्रतीक था, आज नर्मदा नदी के जल से आच्छादित है। उनकी दूरदृष्टि और अदम्य साहस ने नर्मदा नदी के जल को सही दिशा में मोड़ते हुए गुजरात की प्यास बुझाई, कृषि क्षेत्र को समृद्ध किया और नर्मदा के जल से साबरमती नदी को भी नया जीवन दिया। यह उनकी नीतियों और इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि गुजरात में जल के अभाव का स्थान जल के सदुपयोग और समृद्धि ने ले लिया। गुजरात में उनका काम जल संकट से जूझ रहे राज्यों के लिए आदर्श बन चुका है।      माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी नीति तक ही सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बनाया। उनके अनुसार, जल का प्रबंधन एक पुण्य कर्म है, जिसमें वर्तमान की जरूरतें और भविष्य की पीढ़ियों का उत्तरदायित्व दोनों निहित हैं। उनका यह कथन इस सोच को सार्थक रूप देता है कि जल का सवाल केवल संसाधनों का नहीं, बल्कि मानवता के अस्तित्व का है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आधुनिक राजाभोज कहना न्याय संगत है। राजा भोज ने जल संरक्षण के लिए ऐसी संरचनाएं बनाईं, जो सदियों बाद भी जल प्रबंधन की उत्कृष्ट मिसाल बनी हुई हैं। भोपाल का ऐतिहासिक बड़ा तालाब राजा भोज की जल संरक्षण क्षमता का अद्भुत उदाहरण है,जो सदियों बीत जाने के बाद भी लाखों लोगों की प्यास बुझा रहा है। दो नदियों के संगम से बनाए गए इस तालाब ने यह सिद्ध कर दिया हैकि जल संरक्षण केवल उस समय की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि उसे पीढ़ियों के लिए उपहार के रूप में संरक्षित किया जाता है।      प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी का दृष्टिकोण भी ऐसा ही है। मोदी जी भी जल संरचनाओं के जनक राजाभोज की परंपरा को आधुनिकता के साथ मानवता के अस्तित्व के लिए आगे बढ़ा रहे हैं।      माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि जल का संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है-“जल संचय केवल एक प्रयास नहीं, यह एक पुण्य है। इसमें उदारता और उत्तरदायित्व दोनों निहित हैं। आने वाली पीढ़ियां जब हमारा आकलन करेंगी, तो यह केवल हमारी आर्थिक उपलब्धियों या भौतिक विकास पर आधारित नहीं होगा। उनका पहला प्रश्न यही होगा कि हमने जल के प्रति क्या दृष्टिकोण अपनाया। जल का संरक्षण, प्रबंधन और इसके प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही भविष्य में हमारी पहचान बनेगी।” यह विचार न केवल जल संरक्षण के महत्व को दर्शाता है इसीलिये उनकी जलनीतियां दीर्घकालिक हैं, जो न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करती हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी टिकाऊ मार्ग प्रस्तुत करती हैं। माननीय मोदी जी के नेतृत्व में शुरू हुए “जल शक्ति अभियान” और “हर घर जल” और कैच द रैन जैसे अभियानों ने करोड़ों भारतीयों के जीवन को परिवर्तित कर दिया है। उनकी योजनाएं यह सिद्ध करती हैं कि जल प्रबंधन में उनका दृष्टिकोण कितना प्रभावशाली और स्थायी है।      मध्यप्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विशेष लगाव समय-समय पर उनकी योजनाओं और निर्णयों से स्पष्ट होता है। उन्होंने हमेशा मध्यप्रदेश को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। उनके प्रयासों से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अब केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मध्यप्रदेश के विकास में नई ईबारत लिखने जा रही है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, जिस भूमि पर बन रही है, वह शौर्य, सम्मान और जनकल्याण के प्रतीक बुंदेलखंड की भूमि है, बुंदेलखंड की पवित्र भूमि ने ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है, जिन्होंने लोकहित को सर्वोपरि रखा। राजा छत्रसाल ने अपनी नीतियों और नेतृत्व से बुंदेलखंड के लोगों के कल्याण के लिए जो काम किए, उनकी गूंज आज भी सुनाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व भी राजा छत्रसाल के दृष्टिकोण का आधुनिक संस्करण है। उनकी योजनाएं और प्रयास बुंदेलखंड को जल संकट से उबारने और यहां की सूखी धरती को फिर से हराभरा बनाने के लिए समर्पित हैं।      प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी जी के संकल्प का फल है कि 44,605 हजार करोड़ रूपये की केन-बेतवा लिंक जैसी बहुप्रतीक्षित परियोजना आज जमीन पर उतर रही है और … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है, आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है

नई दिल्ली देशभर में 45 जगहों पर आयोजित किए गए रोजगार मेले में 71 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने पिछले एक या डेढ़ साल में लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, यह एक रिकॉर्ड है। पीएम मोदी ने कहा कि चयनित सभी युवा नई सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जिसे युवा पा ना सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है। युवाओं को हर सेक्टर में आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। ग्रामीण भारत में रोजगार देने के लिए बैंक सखी जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य और प्रतिभा का भरपूर उपयोग उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘रोजगार मेलों के जरिए हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में सरकारी नौकरी देने का अभियान चल रहा है। आज भी 71,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।’ यह रोजगार मेला देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जाएगा। इनमें गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा शामिल हैं। रोजगार मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को हुई थी। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बताया था कि रोजगार मेले के जरिए अब तक कई लाख युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट शामिल

भोपाल भोपाल में फरवरी 2025 में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का आयोजन । जीआईएस-2025 समिट का उद्देश्य निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा देश के विभिन्न शहरों में इन्टरेक्टिव सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 10 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा है, “25 दिसंबर को नदी जोड़ो परियोजना का खाका देने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee 100th Birth Anniversary) है। इस उपलक्ष में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक राज्य सरकार जन कल्याण पर्व मना रही है। सरकार हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएगी।” रोजगार के बेहतर अवसर पर बल मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही. निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है. औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं. नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है. मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे.इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा. निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है. प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है.

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

पूर्व सीएम भैरो सिंह शेखावत, वसुंधरा राजे का जिक्र, जयपुर पहुंचे मोदी ने दिया राजस्थान के विकास और राजनीति का दिया संदेश

जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजस्थान के जयपुर में 46,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जो राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। लेकिन इस कार्यक्रम के पीछे केवल विकास का ही संदेश नहीं था, बल्कि मोदी ने अपनी सरकार के राजनीतिक एजेंडे को भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उनकी ये परियोजनाएं केवल राजस्थान के विकास के लिए नहीं, बल्कि आगामी चुनावी मुकाबले में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने के लिए भी रणनीतिक कदम प्रतीत होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में अपनी स्पीच के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत, वसुंधरा राजे और जसवंत सिंह के किस्सों को याद किया, जो एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा सकता है। मोदी का यह बयान न केवल राजस्थान की राजनीतिक पृष्ठभूमि को उजागर करता है, बल्कि उनके द्वारा इन नेताओं को सम्मानित करने का उद्देश्य भाजपा के पुराने नेताओं और उनके योगदान को जनता के बीच फिर से प्रस्तुत करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस भावनात्मक अंदाज में भैरोंसिंह शेखावत और जसवंत सिंह के किस्से सुनाए, उसमें उनके नेतृत्व की क्षमता और राजस्थान के लिए उनके समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मोदी ने इन नेताओं की नर्मदा जल को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया का उल्लेख किया, जिसमें शेखावत और सिंह ने गुजरात के नर्मदा पानी को राजस्थान को देने के मोदी के कदम को सराहा था। यह केवल विकास की बात नहीं थी, बल्कि यह कांग्रेस की विफलताओं और राजस्थान में जल संकट पर भाजपा के प्रयासों की ओर इशारा करता था। मोदी ने अपने भाषण में कहा, “उनकी आंखों में आंसू थे,” इस वाक्य के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि भाजपा और उनके नेतृत्व में दिल से काम करने का एक भावुक पहलू है, जो कांग्रेस की राजनीति से अलग है। वसुंधरा राजे का उल्लेख भाजपा के महिला नेतृत्व को मजबूती देने की दिशा में एक राजनीतिक संकेत हो सकता है। राजे की राजनीति राजस्थान में भाजपा की मजबूत चेहरा रही हैं और उनका नाम लेकर मोदी ने महिला सशक्तिकरण के पक्ष में अपनी पार्टी का रुख साफ किया। यह कदम महिला वोटरों को ध्यान में रखते हुए उनकी भूमिका को न केवल पहचान दिलाता है, बल्कि इसे भाजपा के विकासात्मक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। मोदी का यह प्रयास महिलाओं के बीच भाजपा का समर्थन बढ़ाने के लिए एक सूक्ष्म रणनीति हो सकती है। 1. विकास के साथ राजनीतिक संदेश मोदी का जयपुर दौरा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक सूक्ष्म राजनीतिक संदेश भी था। प्रधानमंत्री ने राजस्थान की भाजपा सरकार के एक वर्ष की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने भाजपा सरकार की पारदर्शिता और विकास कार्यों की दिशा को उजागर किया, जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में एक stark contrast के रूप में प्रस्तुत किया गया। मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर रखते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक और भर्तियों के मामले कांग्रेस के शासनकाल की छवि बने थे, जबकि भाजपा सरकार ने बम्पर भर्तियां निकाली और पारदर्शी परीक्षाएं करवाई। यह बयान एक राजनीतिक इशारा था, जिसका उद्देश्य भाजपा की सत्ता में लौटने की संभावनाओं को मजबूत करना था। 2. महिलाओं को सशक्त बनाने की रणनीति प्रधानमंत्री ने अपनी योजनाओं में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रमुखता दी, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है। “नमो ड्रोन दीजिए योजना” और “बीमा सखी स्कीम” जैसी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को नए कौशल से लैस करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस कदम के जरिए मोदी ने उन महिला वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया है, जो पारंपरिक रूप से भाजपा से दूर रही हैं। यह योजनाएं न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें वित्तीय निर्णयों में भी सक्षम बनाती हैं। 3. जल संकट पर जोर और राजनीतिक तंज जल संकट और नदियों को जोड़ने की योजना पर मोदी ने जो बयान दिए, वे स्पष्ट रूप से कांग्रेस सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए भाजपा के विकासात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने का एक तरीका थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई के नदियों को जोड़ने के विजन का हवाला देते हुए यह दर्शाया कि कैसे भाजपा सरकार जल संकट के समाधान की दिशा में काम कर रही है, जबकि कांग्रेस ने कभी इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए। मोदी का यह बयान केवल कांग्रेस पर आरोप लगाने का तरीका नहीं था, बल्कि यह भाजपा की जल नीति को एक प्रभावी राजनीतिक तर्क के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास था, जिससे ग्रामीण और किसान समुदाय को भाजपा के पक्ष में खड़ा किया जा सके। 4. राजनीतिक एजेंडा और भाजपा की ‘विकासवादी’ छवि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भाजपा की विकासवादी छवि को और भी मजबूत किया, विशेष रूप से सौर ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में किए गए समझौतों का जिक्र करते हुए। उन्होंने राजस्थान में किसानों को दिन में बिजली देने की योजना का उल्लेख किया, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से मोदी ने यह संदेश दिया कि भाजपा सरकार किसानों के लिए वास्तविक कदम उठा रही है, जबकि कांग्रेस ने केवल बयानबाजी की है। यह बयान भाजपा के ‘किसान समर्थक’ एजेंडे को प्रमोट करने का एक राजनीतिक प्रयास था, जो आगामी चुनावों में किसानों के वोट को अपनी तरफ खींचने के उद्देश्य से था। 5. भ्रष्टाचार और विवादों के खिलाफ भाजपा की ‘परदर्शिता’ मोदी ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और नदियों के पानी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा की सरकार को विकास और समाधान के पक्ष में बताया। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत तथा जसवंत सिंह की चर्चा कर एक भावनात्मक एंगल भी जोड़ा, जो उनके समर्थकों को आकर्षित करने का एक तरीका था। उनका यह कदम कांग्रेस के खिलाफ एक ठोस राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें विपक्ष की कमजोरियों को उजागर करने के साथ भाजपा के विकासात्मक और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की छवि को प्रस्तुत किया गया। 6. विकास और सहयोग की राजनीति मोदी ने राज्य और केंद्र … Read more

प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे

शिवपुरी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश उनका देखा सपना साकार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छतरपुर में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखेंगे। इससे मप्रयूपी के जिलों में पानी आएगा, समृद्धि बढ़ेगी। मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे।  इससे गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर, मुरैना जैसे 11 जिलों में जल संकट दूर होगा। इस बीच मीडिया से गुरुवार को बातचीत करते सीएम और भाजपाध्यक्ष। सत्ता-संगठन ने सरकार के एक वर्ष के काम का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, डिह्रश्वटी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद थे।  

मोदी के विकसित भारत की उड़ान भरता मोहन का मध्यप्रदेश

नरेन्द्र शिवाजी पटेल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, तकनीकी विकास और गुणवत्ता सुधार के प्रति प्रतिबद्धता के साथ भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में राज्य ने लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां एक ओर प्रदेश में वर्ष- 2003 तक सिर्फ 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। अब 17 मेडिकल कॉलेज संचालित है। हाल ही में 3 नये मेडिकल कॉलेज नीमच, मंदसौर, सिवनी का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से संपन्न हुआ है। आगामी 2 वर्षों 8 शासकीय और 12 मेडिकल कॉलेज PPP मोड पर प्रारंभ करने की योजना प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार प्रत्येक जिले के लिए एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की दूरदर्शिता और दृढ़-संकल्प ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी और एक नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 592.30 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। 13 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना के लिए स्वीकृति दी है। स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 46,491 नए पद सृजित किए गए हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। प्रदेश में दो वर्षों से लंबित लगभग एक लाख नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षा इस वर्ष आयोजित की गई, जिससे उनके भविष्य को लेकर उपजे संदेह का निराकरण हुआ है। प्रदेश के हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता रही है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष से अधिक के नागरिकों को योजना में लाभ की पात्रता प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री जी ने “पीएमएयर एंबुलेंस सेवा” के माध्यम से राज्य के गंभीर रोगियों और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और उच्च चिकित्सा सहायता प्रदान की है। हेली एंबुलेंस और फिक्स्ड विंग फ्लाइंग एंबुलेंस की सेवाएं राज्य के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत 4.02 करोड़ कार्ड जारी किए गए हैं। लगभग 5599 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र भी खोले गए हैं, जिससे न्यूनतम दर पर मरीजों को दवा उपलब्ध हो सकेगी। सरकार ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के बाल चिकित्सा विभाग में अपना पहला राज्य नवजात और बाल चिकित्सा संसाधन केंद्र स्थापित किया। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाया गया है। पीएम-जनमन अभियान के तहत 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित की गईं, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसी क्रम में देश में पहली बार किसी शासकीय चिकित्सालय में ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए CAR- T-Cell Therapy की सुविधा इंदौर के महाराजा यशवंतराव होल्कर चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध करवाई है। तो वहीं हृदय रोग की आधुनिक उपचार सेवा हेतु भोपाल के जय प्रकाश जिला चिकित्सालय में 30 बिस्तरीय कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की जा रही है। यह भी महत्वपूर्ण पहल है कि एम.आर.आई. सेवाओं को व्यवस्थित करते हुए प्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों के जिला चिकित्सालयों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन) में एम.आर.आई. मशीनों की स्थापना की जा रही है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग में दूसरे स्थान पर है और इसी रोग से ग्रसित वयस्क मरीजों को गंभीर संक्रमणों से बचाने के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। गर्भवती महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए राज्य सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत उन जिलों में जहाँ गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध नहीं थी, अब निजी सोनोग्राफी सेंटरों के माध्यम से निःशुल्क सोनोग्राफी प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए प्रदेश को नई दिशा दी है। उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हुई हैं, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचने में भी सक्षम हो रही हैं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कदम से कदम मिलाते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए जो कार्य किए हैं, वे आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।  

मोदी सरकार के वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को कैबिनेट से मिली मंजूरी

 नई दिल्ली एक देश, एक चुनाव के विधेयक को गुरुवार को मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है. सूत्रों का कहना है कि अब सरकार इस बिल को सदन के पटल पर रख सकती है. ये विधेयक अगले सप्ताह इसी शीतकालीन सत्र में लाए जाने की संभावना है. सबसे पहले जेपीसी की कमेटी का गठन किया जाएगा और सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे. अंत में यह विधेयक संसद में बिल लाया जाएगा और इसे पास करवाया जाएगा. इससे पहले रामनाथ कोविंद की कमेटी ने सरकार को एक देश, एक चुनाव से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. राजनीतिक दलों से चर्चा करेगी जेपीसी सूत्रों का कहना है कि लंबी चर्चा और आम सहमति बनाने के लिए सरकार इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की योजना बना रही है. जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा करेगी और इस प्रस्ताव पर सामूहिक सहमति की जरूरत पर जोर देगी. देश में अभी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं. यह विधेयक कानून बनने के बाद देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की तैयारी है. हालांकि, इस सरकार के इस कदम का कांग्रेस और AAP जैसी कई इंडिया ब्लॉक की पार्टियों ने विरोध किया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इससे केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होगा. नीतीश कुमार की जेडी(यू) और चिराग पासवान जैसे प्रमुख NDA सहयोगियों ने एक साथ चुनाव कराए जाने का समर्थन किया है. क्या है सरकार की तैयारी? सूत्रों ने बताया कि सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों को बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और सिविल सोसायटी के सदस्यों के साथ अपने विचार साझा करने के लिए कहा जाएगा. इसके अतिरिक्त, आम जनता से भी सुझाव मांगे जाएंगे, जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में समावेशिता और पारदर्शिता को बढ़ाएंगे. विधेयक के प्रमुख पहलुओं में इसके लाभ और देशभर में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया जाएगा. संभावित चुनौतियों का समाधान किया जाएगा और विविध दृष्टिकोणों को एकत्रित किया जाएगा. ‘एक देश, एक चुनाव’ को बार-बार होने वाले चुनावों से जुड़ी लागत और व्यवधानों को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि सरकार चाहती है कि इस विधेयक को लेकर व्यापक समर्थन हासिल किया जाए. हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस भी बढ़ सकती है. विपक्षी दल इसकी व्यवहार्यता के बारे में सवाल उठा सकते हैं.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यों से कराया अवगत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल में फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यों से अवगत कराकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसम्बर 2024 से 2 महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ कर रही है। पहला कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक आयोजित होगा। यह प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित रहेगा। दूसरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकास के प्रमुख 4 स्तंभ युवा, नारी, किसान और गरीब के सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए चिन्हित योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। अभियान में आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित आवेदकों की समस्याओं का निराकरण भी किया जायेगा।  

प्रधानमंत्री मोदी को दो राष्ट्रों से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बारबाडोस और डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बारबाडोस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस” से सम्मानित किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गगन में जय-जय भारत का नारा गूंज रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर निरंतर नए आयामों को छू रहा है। यह बदलते और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित होने पर कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम के ध्येय मंत्र पर अग्रसर नया भारत आज विश्व के लिए प्रेरणापुंज की तरह है।  

PM मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर” से सम्मानित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर” से सम्मानित होने पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मान केवल 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का ही क्षण नहीं, अपितु वैश्विक परिदृश्य में भारत के बढ़ते वर्चस्व का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी ने एक और कीर्तिमान, एक और वैश्विक सम्मान प्राप्त कर पूरे विश्व में माँ भारतीय का गौरव बढ़ाया है।  

गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही : PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी आर्थिक नीतियों एवं सुशासन के बल पर जनता का आत्म विश्वास बढ़ाया है और गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही है। मोदी ने यहां देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का जो मंत्र दिया है, उससे लोगों का जीवन आसान हुआ और उनमें सम्मान एवं स्वाभिमान का भाव पैदा हुआ जिसने देश एवं समाज के विकास को भी गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक भारत की राजनीति और नीतियों को देखा है। उन्हें पहले एक जुमला अक्सर सुनाई देता था- अच्छी आर्थिकी इज बुरी राजनीति। विशेषज्ञ कहे जाने वाले लोग इसे खूब बढ़ावा देते थे। लेकिन इससे पहले की सरकारों को हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने का बहाना मिल जाता था। यह एक तरह से कुशासन को, अक्षमता को छिपाने का माध्यम बन गया था। पहले सरकार इसलिए चलाई जाती थी कि बस अगला चुनाव जीत लिया जाए। चुनाव जीतने के लिए एक वोट बैंक बनाया जाता था और फिर उस वोट बैंक को खुश करने के लिए योजनाएं बनती थी। इस प्रकार की राजनीति ने सबसे बड़ा नुकसान यह किया कि देश में असंतुलित असमानता इसका दायरा बहुत बढ़ता गया। कहने को विकास बोर्ड लग जाता था दिखता नहीं था। असंतुलित अवस्था ने, इस मॉडल ने जनता का सरकारों के प्रति विश्वास तोड़ दिया। उन्होंने कहा, “हम आज इस विश्वास को वापस लाए हैं। हमने सरकार का एक उद्देश्य तय किया है। ये उद्देश्य वोटबैंक वाली जो राजनीति होती है ना उससे हजारों मील दूर है। हमारी सरकार का उद्देश्य एक बड़ा है, विराट है, व्यापक है। हम, जनता का विकास, जनता द्वारा विकास एवं जनता के लिए विकास के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। हमारा उद्देश्य नया भारत बनाने का है, भारत को विकसित बनाने का है। और जब हम इस विराट लक्ष्य को लेकर निकल पड़े हैं तो भारत की जनता ने भी हमें अपने विश्वास की पूंजी सौंपी है। आप कल्पना कर सकते हैं सोशल मीडिया के इस जमाने में भ्रामक प्रचार दुष्प्रचार सब कुछ चारों तरफ अपने पैर जमा करके बैठा है। इतने सारे अखबार हैं, इतने सारे चैनल हैं, उस दौर में भारत के नागरिक का विश्वास हम पर है, हमारी सरकार पर है।” उन्होंने कहा कि जब जनता का विश्वास बढ़ता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तो देश के विकास पर एक अलग ही प्रभाव दिखता है। पुरानी विकसित सभ्यताओं से लेकर आज के विकसित देशों तक एक चीज हमेशा से आम रही है, ये आम चीज है जोखिम उठाने की संस्कृति। एक समय था जब हमारा देश पूरे विश्व के कारोबार और संस्कृति का हॉटस्पॉट था। हमारे व्यापारी एवं नाविक एक तरफ दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ काम कर रहे थे, तो दूसरी ओर अरब, अफ्रीका और रोमन साम्राज्य से भी उनका गहरा नाता जुड़ता था। उस समय के लोगों ने जोखिम लिया और इसलिए भारत के उत्पाद एवं सेवाएं सागर के दूसरे छोर तक पहुंच पाए। आजादी के बाद हमें जोखिम लेने की इस संस्कृति को और आगे बढ़ाना था। लेकिन आजादी के बाद की सरकारों ने तब के नागरिकों को वो हौसला ही नहीं दिया, इसका परिणाम ये हुआ कि कई पीढ़ियां एक कदम आगे बढ़ाने और दो कदम पीछे खींचने में ही गुजर गई। अब बीते 10 सालों में देश में जो परिवर्तन आए हैं उन्होंने भारत के नागरिकों में जोखिम उठाने की संस्कृति को फिर से नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा, “आज हमारा युवा हर क्षेत्र में जोखिम उठाने लगा है। कभी एक कंपनी शुरू करना जोखिम माना जाता था, 10 साल पहले तक मुश्किल से किसी स्टार्टअप का नाम सुनते थे…आज देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या सवा लाख से ज्यादा हो गई है। एक जमाना था कि खेलों में और खेलों को पेशे के रूप में अपनाने में भी जोखिम था, लेकिन आज हमारे छोटे शहरों के नौजवान भी ये जोखिम उठाकर दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का भी उदाहरण है। आज देश में करीब एक करोड़ लखपति दीदी बनी हैं। ये गांव-गांव में उद्यमी बनकर अपना कुछ बिजनेस चला रही हैं। मुझे कुछ समय पहले एक ग्रामीण महिला से संवाद करने का अवसर आया, उस महिला ने मुझे बताया था कि कैसे उसने एक ट्रैक्टर खरीदा और अपनी कमाई से पूरे परिवार की आय बढ़ा दी। एक महिला ने एक जोखिम लिया और अपने पूरे परिवार का जीवन बदल डाला। जब देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग जोखिम लेना शुरू कर दें तब बदलाव सही मायने में दिखने लगता है। यही हम भारत में आज होते देख रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत का समाज अभूतपूर्व आकांक्षाओं से भरा हुआ है। इन आकांक्षाओं को हमने अपनी नीतियों का बड़ा आधार बनाया है। हमारी सरकार ने देशवासियों को एक बहुत अनूठा पैकेज दिया है…ये कॉम्बो, निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का है। हम विकास का ऐसा मॉडल लेकर चल रहे हैं जहां निवेश हो, निवेश से रोज़गार सृजित हो, विकास हो और वो विकास भारत के नागरिकों की गरिमा बढ़ाएं, गरिमा सुनिश्चित करें। अब जैसे देश में शाैचालय बनाने का एक उदाहरण है। मैं छोटी चीजें इसलिए बता रहा हूं कि कभी-कभी हमें लगता है इसका कोई मूल्य ही नहीं है…लेकिन इसकी कितनी बड़ी ताकत होती है, इसका एक उदाहरण है कि हमारे देश में हमने एक मिशन लिया शाैचालय बनाने का, देश की बहुत बड़ी आबादी के लिए ये सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और गरिमा का भी माध्यम है।” उन्होंने कहा कि इस योजना की जब बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि इतने करोड़ शौचालय बने हैं… ठीक है बन गए होंगे। लेकिन ये जो शौचालय बने हैं ना उनको बनाने में ईटें लगी हैं, लोहा लगा है, सीमेंट लगा है, काम करने वाले लोग हैं। और ये सारा सामान किसी दुकान से … Read more

अफ्रीकी देश डोमिनिका PM मोदी को देगा अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, अवार्ड देने के पीछे की वजह जान लीजिए

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका यात्रा से पहले अफ्रीकी देश डोमिनिका ने पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण के सम्मान में डोमिनिका पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगा। गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह ऐलान किया गया है कि डोमिनिका के राष्ट्रमंडल की अध्यक्ष सिल्वेनी बर्टन आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाला है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 16 से 21 नवंबर तक के लिए अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। डोमिनिका के प्रधानमंत्री स्केरिट ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी डोमिनिका के सच्चे साथी रहे हैं। खासकर वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच हमारी जरूरत के समय में। उनके समर्थन के लिए हमारी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में उन्हें डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करना सम्मान की बात है। हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और अपने साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” भारत नें भिजवाईं थी वैक्सीन की 70,000 खुराकें कोरोना महामारी के दौरान फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराकें भिजवाईं थी। डोमिनिका ने कहा है कि इससे उन्हें अपने साथ साथ पड़ोसी कैरेबियाई देशों की मदद का भी अवसर मिला। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में डोमिनिका के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी मान्यता देता है। क्या है ये अवार्ड जानिए कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका ने अपने लिखे पत्र में कहा कि डोमिनिका का राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेगा। यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण को मान्यता देता है। यह पुरस्कार गुयाना में आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन की ओर से प्रदान किया जाएगा। भारत ने दी थी वैक्सीन पत्र में आगे कहा बताया गया कि फरवरी 2021 में, भारत ने उदारतापूर्वक डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराक दी थी, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ था। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन-निर्माण पहल(Climate Resilience Building) में डोमिनिका के लिए भारत के समर्थन को भी स्वीकार करता है। कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के पीएम ने जताया आभार प्रधानमंत्री स्केरिट ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उनकी एकजुटता के लिए डोमिनिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम पुरस्कार की पेशकश को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में डोमिनिका और कैरिबियन देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की बात को दोहराया भी है। पीएम मोदी डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के साथ भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जो भारत और कैरिकॉम सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक मंच है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने इन मुद्दों से निपटने में डोमिनिका और कैरेबियाई देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन और प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट दोनों साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और भारत और कैरिकॉम के सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे.

कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों से OBC समाज का प्रधानमंत्री इन्हें बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे।” विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के लिए विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है। कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने से रोकती है ताकि सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी इनका कब्जा बना रहा है इसलिए कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रही है।” सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाविकास अघाड़ी वालों ने महाराष्ट्र के परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा है लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी वाले हमेशा हाथ पर हाथ धरे रहें। हमारी सरकार में पहली बार सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की।” 20 नवंबर को होंगे महाराष्ट्र में चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है और सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के प्रयास कर रहे हैं। मतदान 20 नवंबर को होना है और मतगणना 23 नवंबर को होगी। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए ने 48 में से 30 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि महायुति केवल 17 सीटें जीत सकी।

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में “जंगल सत्याग्रह” के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।  

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। पीएम मोदी ने चिमूर की रैली आई भीड़ को संबोधित करते हुए केहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आप लोगों ने आज ही दिखा दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत से सरकार बनने जा रही है। पीएम मोदी ने सभा में कांग्रेस के 1984 के विवादित विज्ञापन के मुद्दे को भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के एक विज्ञापन को कोटा की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया था। संकल्प पत्र की तारीफ की पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज महाराष्ट्र बीजेपी को भी बधाई दूंगा, जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लाड़की बहनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, युवाशक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार, यानी विकास की डबल रफ्तार। महाराष्ट्र के लोगों पिछले 2.5 वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाने, लटकाने और भटकाने में कांग्रेस वाले तो डबल पीएचडी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी।’ उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों को जाति के आधार पर बांट रही है। हमें एक रहना होगा ताकि समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में 10 फीसदी आबादी आदिवासियों की है, जबकि कांग्रेस इन्हें जातियों में बांटना चाहती है ताकि उन्हें कमजोर कर सके। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय बंट गया तो फिर ये लोग उनकी पहचान को ही खत्म कर देंगे। कांग्रेस के युवराज ने विदेश में यह बात कही थी। हमें कांग्रेस की साजिश से बचना है और एकजुट रहना होगा। इस तरह बंटोगे तो कटोगे और एक हैं तो सेफ हैं का नारा देने के बाद भाजपा ने एक और गियर चेंज किया है। अब भाजपा ने एकजुटता की बात करते हुए आरक्षण वाला कार्ड चल दिया है कि यदि एकजुटता टूटी तो फिर कोटा ही छिन जाएगा। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के दलित और आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए भाजपा ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हरियाणा में भाजपा को जीत मिल चुकी है और इसके पीछे दलित वर्ग का समर्थन माना जा रहा है। ऐसे में वही रणनीति अब भाजपा महाराष्ट्र में चलने की कोशिश में है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब लगभग एक सप्ताह का ही चुनाव प्रचार है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सक्रियता बढ़ गई है और भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि एकता के नारे का असर भी दिख रहा है। इस बीच आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भी साथ लेने की कोशिश की गई है। धारा 370 कांग्रेस की देन थी पीएम मोदी ने कहा कि हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया। हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया। कांग्रेस बांटना चाहती है पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 फीसदी के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए। आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।

कांग्रेस OBC नाम सुनते ही चिढ़ जाती है… PM मोदी ने क्यों किया आंबेडकर के पंचतीर्थ का जिक्र, किसे दी चुनौती

अकोला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जिस किसी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, वह राज्य पार्टी के ‘शाही परिवार’ के लिए एटीएम बन जाता है। मोदी ने 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अकोला में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र को कांग्रेस का एटीएम नहीं बनने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के शाही परिवार को चुनौती देता हूं कि वे साबित करें कि उन्होंने कभी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पंचतीर्थ का दौरा किया है।’’ मोदी ने आंबेडकर के जन्म स्थान महू, ब्रिटेन में अध्ययन के दौरान लंदन में उनके रहने की जगह, नागपुर में उनके बौद्ध धर्म अपनाने से संबंधित दीक्षा भूमि, दिल्ली में उनके ‘महापरिनिर्वाण स्थल’ और मुंबई में ‘चैत्य भूमि’ को दर्शाने के लिए ‘पंचतीर्थ’ शब्द का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ मंत्र का पालन करते हुए कांग्रेस की साजिश विफल कर दी। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को पता है कि जब देश कमजोर होगा, वह सिर्फ तभी मजबूत हो पाएगी। उस पार्टी की नीति एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर देना है।’’ उन्होंने अकोला में कहा, “कांग्रेस पार्टी जानती है, देश जितना कमजोर होगा, कांग्रेस उतनी मजबूत होगी. इसीलिए अलग-अलग जातियों को लड़ाना, यही कांग्रेस की फितरत है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने कभी हमारे दलित समाज को एकजुट नहीं होने दिया, कांग्रेस ने हमारे ST समाज को भी अलग अलग जातियों में बांटकर रखा. OBC नाम सुनते ही कांग्रेस चिढ़ जाती है, OBC समाज की अलग से पहचान न बनें, इसलिए कांग्रेस ने तरह-तरह के खेल खेले हैं.”  

ट्रंंप 2.0 के साथ समझौतें ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच बड़े समझौतों की तैयारी है। 20 जनवरी, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के बाद, मोदी सरकार सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े सौदे कर सकती है। यह ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रोजगार पैदा होंगे, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा और अमेरिकी व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। कोविड महामारी और अमेरिका-चीन संबंधों में खटास के बाद, कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में अपने कारखाने स्थापित किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यहां निर्माण क्षेत्र में और अधिक संभावनाएं हैं। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के जानकार एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने बताया कि ट्रंप 2.0 के शुरुआती दौर में ही भारत को कुछ बड़े सौदों को अंतिम रूप देने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छी केमिस्ट्री को देखते हुए यह सही समय होगा। कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (CUTS) के महासचिव प्रदीप मेहता ने भारत-अमेरिका संबंधों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेहता ने विनिर्माण क्षेत्र में अमेरिका की ताकत का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका भारत में उत्कृष्टता केंद्र और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोल सकेगा। एक्सपर्ट ने क्या सुझाव? मेहता ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद यह संदेश देना चाहिए कि भारत कोई संरक्षणवादी देश नहीं है जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंची दरें लगाता है। 2020 में, ट्रंप ने आयातित मोटरसाइकिलों, खासकर हार्ले-डेविडसन पर ऊंची दरों को लेकर भारत पर हमला किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत में शायद दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ हैं और हार्ले-डेविडसन को भारत में भारी टैरिफ का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने मार्च 2017 में अमेरिकी कांग्रेस को अपने संबोधन में पहली बार इस मुद्दे का उल्लेख किया था। ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से भारत को होगा नुकसान? ट्रंप के फिर से अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से भारत के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो रही हैं। भारत से जाने वाले सामानों पर ज्यादा टैक्स लग सकता है, खासकर गाड़ियों, कपड़ों और दवाइयों पर। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति में यकीन रखते हैं। लेकिन, एक अच्छी खबर यह है कि ट्रंप समझौता भी कर लेते हैं। भारत, ट्रंप की टीम से बात कर रहा है ताकि उनकी आर्थिक नीतियों को समझा जा सके और कोई रास्ता निकाला जा सके।

बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में’बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। ‘युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए’, यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

उपचुनावों में पूरी तरह योगी की चल रही, मोदी-नड्डा से मुलाकात, मोहन भागवत संग बंद कमरे में चर्चा

लखनऊ  लोकसभा चुनाव 2024 में झटका खाने वाली बीजेपी के लिए यूपी का उपचुनाव प्रतिष्‍ठा का सवाल बन चुका है। 9 सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ स्‍वयं उपचुनाव को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस बार बीजेपी आलाकमान ने योगी आदित्‍यनाथ को खुली छूट दी है। प्रत्‍याशियों के चयन से लेकर तमाम अहम रणनीतिक फैसले योगी के मुताबिक लिए गए हैं। ऐसे में ये उपचुनाव असल मायने में मुख्‍यमंत्री योगी के लिए भी अग्नि परीक्षा जैसी होगी। अचानक दिल्‍ली पहुंच मोदी और नड्डा से मिले एक दिन पहले योगी आदित्‍यनाथ अचानक दिल्‍ली पहुंचे। वह यहां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिले। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक उपचुनाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होती रही। इसके बाद योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब एक घंटे की बातचीत में चुनावी चर्चा के अलावा महाकुंभ 2025 और 69 हजार शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। संघ के शीर्ष नेताओं से 45 मिनट तक चली बैठक इससे पहले पिछले हफ्ते मथुरा में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ यहां संघ के शीर्ष नेताओं से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक इनके बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। हरियाणा विधानसभा चुनावों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संघ ने यूपी उपचुनावों को लेकर भी योगी को कई सुझाव दिए। मोहन भागवत से इन मुद्दों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उपचुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने, बूथ प्रबंधन सभी वर्गों के वोटरों को एकजुट करने सहित कई मुद्दों पर दोनों के बीच वार्ता हुई है। लोकसभा चुनाव में अनुकूल प्रदर्शन होने के बाद हरियाणा की सफलता में संघ की अहम भूमिका रही। वहां छोटे समूहों में बैठकें कर लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाई। साथ ही बूथ प्रबंधन में संघ ने अहम भूमिका निभाई। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाया। अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह का कुछ माहौल यूपी में बनाने को लेकर चर्चा हुई। इन 9 सीटों पर होने हैं उपचुनाव करहल, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर में 13 नवंबर को उपचुनाव हैं। अयोध्‍या की मिल्‍कीपुर सीट पर भी उपचुनाव होना है, लेकिन अभी उसकी डेट नहीं घोषित की गई है। इन 10 सीटों में पांच पर सपा का कब्‍जा था। तीन बीजेपी के पास थी। एक निषाद पार्टी और एक रालोद के पास थी। लोकसभा की 80 में मात्र 33 सीटें जीत पाई थी बीजेपी इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 में से केवल 33 सीटें जीत पाई। साथ ही उसका वोट शेयर भी घटकर 41 फीसदी तक रह गया। ऐसे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के सामने उपचुनाव जीतने को लेकर बड़ी चुनौतियां हैं। जिस तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है, इससे उपचुनाव में भी उसका दावा मजबूत माना जा रहा है।

धनतेरस पर प्रधानमंत्री मोदी करेंगे मध्य प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन, किसानों को मिलेगी कल्याण निधि

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Prime Minister Modi will inaugurate three new medical colleges of Madhya Pradesh on Dhanteras, farmers will get welfare fund मंदसौर। धनतेरस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे और प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन मंदसौर में रखा गया है। इन तीनों नए मेडिकल कॉलेजों में मंदसौर, नीमच और सिवनी का मेडिकल कॉलेज शामिल है। इन कॉलेजों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, और इसी सत्र से छात्रों का प्रवेश भी आरंभ हो गया है। प्रधानमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन के साथ ही ये तीनों मेडिकल कॉलेज आधिकारिक रूप से कार्यरत हो जाएंगे, जिससे क्षेत्र के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। किसान कल्याण निधि की सौगात इस मौके पर 80 लाख किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 1624 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित की जाएगी। किसान कल्याण निधि के इस वितरण को लेकर मुख्य कार्यक्रम मंदसौर में आयोजित किया गया है, जिससे किसानों में काफी उत्साह है। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में 512 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदसौर के लिए कुछ अतिरिक्त घोषणाएं भी कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए ये योजनाएं प्रदेश के नागरिकों और किसानों के लिए दीपावली पर विशेष उपहार के रूप में हैं, जो राज्य के विकास और कल्याण में अहम भूमिका निभाएंगी।

पुतिन से बोले PM मोदी, यूक्रेन संघर्ष सुलझाने में भारत पूरा सहयोग करने को है तैयार

कज़ान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (22 अक्टूबर) को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर कजान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठक की। पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपकी मित्रता और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। इस शहर के साथ भारत के गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। कजान में भारत के नए कांसुलेट खुलने से ये संबंध और मजबूत होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 3 महीनों में मेरा दो बार रूस आना हमारे करीबी समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में BRICS की सफल आवश्यकता के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। 15 वर्षों में BRICS ने अपनी विशेष पहचान बनाई है और अब विश्व के सफल देश इससे जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कल (23 अक्टूबर) मैं BRICS सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हूं। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के शहर कजान में आयोजित किया जा रहा है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के विषय पर हम लगातार संपर्क रहे हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा है, हमारा मानना ​​है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाली का पूरा समर्थन करते हैं। हमारे सभी प्रयास मानवता को प्राथमिकता देते हैं। भारत आने वाले समय में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। वहीं, इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अंतर सरकारी आयोग की अगली बैठक 12 दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। हमारी परियोजनाएं लगातार विकसित हो रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी ने कहा कि आपने कजान में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है। हम इसका स्वागत करते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की नीतियों से हमारे सहयोग को फायदा होगा। हमें आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल को रूस में देखकर बहुत खुशी हुई। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, “हमारे ऐसे रिश्ते हैं कि मुझे ऐसा लगा कि आपको किसी अनुवाद की जरूरत नहीं है।” पुतिन की बात पर पीएम मोदी ठहाका लगाकर हंसने लगे। पीएम मोदी का मेगा स्वागत प्रधानमंत्री मोदी 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को कजान पहुंचे। पीएम मोदी ने मॉस्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में स्थित कजान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान जारी कर कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नए सदस्यों को जोड़कर ब्रिक्स का विस्तार करने से इसकी समावेशिता बढ़ी है जिससे वैश्विक भलाई होगी। पीएम मोदी ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। रूस द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच गैर-पश्चिमी देशों द्वारा अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने भारतीय तिरंगा थामकर नारे लगाए और संस्कृत में एक स्वागत गीत गाया। पारंपरिक भारतीय परिधान पहने रूसी कलाकारों के एक समूह ने रूसी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे मोदी ने बड़ी दिलचस्पी से देखा। पीएम मोदी द्वारा ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी बैठक सहित कई द्विपक्षीय बैठकें किए जाने की संभावना है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मूल सदस्य हैं। इसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी शामिल कर इस समूह का विस्तार किया गया है।

पीएम मोदी क लक्ष्य अगले 30 सालों का, 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पब्लिक लाइफ में कई बार लोग सवाल करते हैं कि जब तीन बार सरकार बन गई, इतने सुधार कर लिए तो इतनी दौड़ धूप क्यों करते हैं? उन्होंने कहा, हमने जो सपने देखे हैं, उनको पूरा किए बिना ना चैन है ना आराम।  वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल में 125 दिन में किए गए कामों की लिस्ट गिनाई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 30 सालों का है 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना है। पीएम मोदी ने कहा, हमने 70 साल से अधिक के बुजुर्गों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। 125 दिनों में 5 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 90 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। 125 दिनों में 12 नए इंडस्ट्रियल नॉट्स को मंजूरी दी है। निफ्टी और सेंसेक्स में ग्रोथ हुई है। हमारी विदेशी मुद्रा बढ़ी है। भारत की उपलब्धियों की लिस्ट बहुत लंबी है। मैं सिर्फ 125 दिनों की बात कर रहा हूं। 125 दिनों में दुनिया भारत में किन विषयों पर चर्चा करने आई, कौन से ग्लोबल इवेंट हुए। उन्होंने कहा, भारत में टेलिकॉम और डिजिटल फ्यूचर पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ। भारत मे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत में हुआ। यह भारत के साथ जुड़ी उम्मीदों की लिस्ट है। इससे भारत की दिशा और दुनिया की आशा दोनों समझ में आती हैं। ये वो विष्य हैं जो आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेगी। इसी लिए आज दुनिया भारत आ रही है। आज भारत में इतना कुछ हो रहा है कि तीसरे टर्म में जो गति भारत ने पकड़ी है उसे देखकर बहुत सी रेटिंग एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दिया है। भारत को सबसे ज्यादा जो प्यार करते हैं, ऐसे पारखी एक्सपर्ट यहां मौजूद हैं। वे जिस प्रकार भारत के निवेश को लेकर उत्साहित हैं, उसका बहुत महत्व है। वे ग्लोबल फंड्स् को कहते हैं कि 50 पर्सेंट फंड भारत के शेयर मार्केट में इनवेस्ट करें तो इसका बहुत बड़ा मतलब है। भारत एक विकासशील देश भी है और उभरती हुई शक्ति भी है। हम गरीबी की चुनौतियां भी समझते हैं और प्रगति का रास्ता भी जानते हैं। हमारी सरकार तेजी से नीतियां बना रही है। निर्णय ले रही है और नए सुधार कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, पब्लिक लाइफ में भांति-भांति के लोग मिलते हैं। कुछ लोग कहते हैं क मोदी जी तीन बार सरकार तो बना ली तो इतनी दौड़-धूप क्यों करते रहते हो। दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए। इतने सुधार कर लिए। अब इतने मेहनत की जरूरत क्या है। लेकिन जो सपने हमने देखे हैं, जो संकल्प लेकर हम चले हैं उसमें ना चैन है ना आराम है। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, 12 करोड़ शौचालय बने. 16 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन बने। मेडिकल कॉलेज और नए एम्स बने। पिछले 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने। 8 करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर अपना काम शुरू किया। इतना पूरा नहीं है। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकता है। इसके लिए हमें बहुत कुछ बहुत तेजी से करना है। आज भारत की सोच और अप्रोच में जो बदलाव आया है। उसे आप भी देख रहे होंगे। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पीएम ने कहा, आम तौर पर परंपरा रही है और स्वाभाविक भी है कि हर सराकर, पिछली सरकार के काम से तुलना करती है। इससे संतोष भी मान लेती है कि पिछली सरकार से बेहतर किया। हम भी कभी इस रास्ते पर चलते थे। लेकिन अब हमें वह रास्ता रास नहीं आ रहा है। अब हम बीते हुए कल और आज की तुलना करके आराम फरमाने वाले लोग नहीं हैं। अब सफलता का मापदंड ये नहीं कि हमने क्या पाया। अब आगे का लक्ष्य है कि हमें कहां पहुंचना है। हम उस ओर देख रहे हैं कि कितना बाकी है और कब तक पहुंचेंगे। मैं नया अप्रोच लेकर पूरी सरकारी मशीनरी से काम ले रहा हूं। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। हम देखते हैं कि विकसित भारत का हमारा संकल्प, उसकी सिद्धि के लिए कहां तक पहुंचे हैं। हमें और कितना करना है। ऐसा नहीं है कि यह सरकार ने तय कर दिया और टारगेट सेट हो गया। विकसित भारत के संकल्प से आज 140 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। यह जनभागेदारी का अभियान ही नहीं बल्कि भारक के आत्मविश्वास का आंदोलन बन चुका है। जब सरकार ने विकसित भारत के विजन डॉक्युमेंट पर काम करना शुरू किया तो लाखों लोगों ने अपने सुझाव भेजे। उनके आधार पर भारत ने अगले तीस साल के लक्ष्य तय किए। इस विषय पर चर्चा हमारी चैतन्य का हिस्सा बन चुका है। जन शक्ति से राष्ट्र शक्ति के निर्माण का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारे पास डबल एआईः पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, भारत को एक चीज का और फायदा मिल रहा। आप जानते हैं कि यह एआई का दौर है। दुनिया का वर्तमान और भविष्य एआई से जुड़ा है। लेकिन भारत के पास डबल एआई की शक्ति है। अब लोग सोचते हैं कि मोदी के पास दो एआई कहां से है। दुनिया के पास एक ही एआई है वह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेकिन हमारे पास दूसरी एआई है ऐस्पिरेशनल इंडिया। जब इनकी ताकत मिलती है तब विकास की गति भी तेज होनी स्वाभाविक है। हमारे लिए यह कोई तकनीक नहीं है बल्कि भारत के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है। इसी साल भारत ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। भारत हर सेक्टर में एआई का उपयोग बढ़ा रहा है। हम दुनिया को भी बेहतर एआई सल्यूशन देने में भी जुटे हैं। वॉर के स्तर पर भी भारत ने भी कई कदम उठाए हैं। भारत दूसरे एआई को लेकर भी उतना ही गंभीर है। भारत के सामान्य जन, क्वालिटी ऑफ लाइफ, छोटे उद्यमी, … Read more

20 अक्टूबर को वाराणसी जाएंगे PM मोदी, 1400 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की देंगे सौगात

काशी हरियाणा विजय और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 20 अक्टूबर को काशी आ रहे हैं। वैसे उनका यह दौरा पहले से तय है। वह काशी में करीब साढ़े पांच घंटे के प्रवास के दौरान दो सभा को संबोधित करेंगे। इसे लेकर प्रशासन व भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सारनाथ में हुए अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम नए निर्माण के साथ-साथ अपने सुनहरे अतीत को भी सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री 1,300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान दो जनसभाओं को भी संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है. वाराणसी में क्या है पीएम का कार्यक्रम? प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वाराणसी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे. बीजेपी की काशी इकाई के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि संभावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां उतरने के बाद रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और करीब 1,000 लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सिगरा स्थित सम्पूर्णनानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंच कर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे. पीएम ने इस स्टेडियम का उद्घाटन जुलाई 2023 को किया था. प्रधानमंत्री यहां कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे दिल्ली वापसी करेंगे. शंकरा नेत्र अस्पताल से सबको मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के संबंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल के शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर बाबतपुर हवाई अड्डा टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं सहित करीब 1,400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होना है. पीएम मोदी की यात्रा पर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं. व्यवस्था ऐसी की जा रही है जिससे आम जनता को तकलीफ ना हो और सुरक्षा भी दुरुस्त हो. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है. इस दौरान 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी. इस दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को ‘कर्मयोगी सप्ताह’ यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकसित करने की दिशा में नए सिरे से प्रोत्साहन देने की कवायद की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ की शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी और तब से इसने पर्याप्त प्रगति की है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा की कल्पना की गई है। बयान में कहा गया राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा। पीएमओ ने कहा कि यह पहल सीखने और विकास के लिए एक नई प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य ‘एक सरकार’ का संदेश देना, सभी को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना और आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों और संगठनों द्वारा जुड़ाव के विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा। इस दौरान, प्रत्येक ‘कर्मयोगी’ कम से कम चार घंटे की योग्यता से जुड़े गुर सीखने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा आईजीओटी, वेबिनार (सार्वजनिक व्याख्यान या नीति विशेषज्ञों की कक्षाएं) पर व्यक्तिगत भूमिका-आधारित मॉड्यूल के संयोजन के माध्यम से लक्षित घंटों को पूरा कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि सप्ताह के दौरान, प्रख्यात वक्ता अपनी विशेषज्ञता के विषय पर व्याख्यान देंगे और कर्मयोगियों को अधिक प्रभावी तरीके से नागरिक-केंद्रित वितरण की दिशा में काम करने में मदद करेंगे। सप्ताह के दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सम्मेलन और कार्यशालाएं भी आयोजित करेंगे।    

कांग्रेस जनता को गुमराह करती है, उनकी सोच बांटो और राज करो की रही है : पीएम मोदी

चंडीगढ़ कांग्रेस जनता को गुमराह करती है। उनकी सोच बांटो और राज करो की रही है। जब कांग्रेस खतरे में आती है तो वो संविधान खतरे में होने का शोर मचाती है। यह बात चंडीगढ़ में एनडीए के मुख्यमंत्रियों की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कही। परिवारवाद के मुद्दे पर भी पीएम ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि वहां एक घराना पार्टी तंत्र चलाना है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि हमने संविधान निर्माताओं की सोच को आगे रखा। संविधान की रक्षा का संकल्प जनता तक पहुंचाएंगे। भारत का संविधान सुरक्षित है। संविधान के खतरे में होने की बात कहने वाले खुद खतरे में रहते हैं। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनकी आदत फूट डालो और राज करो की है। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल लगाकर और राजीव गांधी शाहबानो मामले में संविधान को कुचलने का काम किया। पीएम मोदी ने धारा 370 समेत कई मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पब्लिक सब देख रही है। कांग्रेस के बहकावे में, उनके फूट डालो-राज करो वाली नीति पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। हरियाणा चुनाव को लेकर मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बीजेपी का लोगों ने समर्थन किया। हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार शानदार जीत से पार्टी पूरे जोश में है। अब उनकी निगाहें महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव पर है। यही वजह है कि बीजेपी ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस को घेरने के लिए खास रणनीति तैयार की है। बीजेपी नेतृत्व ने तय किया है कि वो आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ मनाएगी, कैसे कांग्रेस ने संविधान की धज्जियां उड़ाई उसे लोगों के बीच लेकर जाएंगे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि चंडीगढ़ में एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। इस पर ध्यान केंद्रित कर हम इसको आगे बढ़ाएं।  

शिवराज के घर जल्द बजेगी शहनाई, पीएम मोदी केंद्रीय मंत्री के बेटों की शादी में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी जल्द ही होने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्होंने शादी का न्योता दिया है। शादी में आमंत्रित करने शिवराज अपनी पत्नी साधना सिंह और दोनों बेटे कार्तिकेय-कुणाल के साथ पहुंचे थे। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल की जल्द ही शादी होने वाली है। शिवराज सिंह चौहान के बड़े समधी अनुपम आर बंसल देश की जानी-मानी कंपनी लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा भी वे कई कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे समधी भोपाल के बड़े डॉक्टर हैं। शादी का न्योता देने की जानकारी खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। तस्वीरों में शिवराज पीएम मोदी को फूलों का गुलदस्ता और गणेश प्रतिमा भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा परिवार साथ है। शिवराज ने जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। कौन हैं कार्तिकेय और अमानत? कार्तिकेय चौहान पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। कार्तिकेय को पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। 2013 से कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिता शिवराज के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया था। इसकी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में कार्तिकेय खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, शिवराज सिंह की होने वाली बड़ी बहू अमानत बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक और कारोबारी अनुपम आर बंसल की बेटी हैं। अमानत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, उन्होंने मनोवैज्ञानिक शोध में एमएससी किया है। बताया जाता है कि अमानत को शास्त्रीय नृत्य का भी बहुत शौक है। अमानत की मां रुचिता बंसल ‘इजहार’ नाम की एक संस्था चलाती है। कौन हैं कुणाल और रिद्धी? कुणाल चौहान शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। कुणाल का राजनीति से कोई नाता नहीं है, उनका पूरा फोकस अपने कारोबार पर ही रहता है। वे मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। उनकी डेयरी से दूध, घी, पनीर, लस्सी, दही और पानी भी भोपाल व आसपास के जिलों में सप्लाई किया जााता है। इससे पहले कुणाल ने भोपाल में फूलों की दुकान भी खोली थी। शिवराज की छोटी बहू रिद्धी जैन परिवार से आती हैं। उनके पिता संदीप जैन हैं, जो भोपाल में बड़े डॉक्टर हैं। रिद्धी के दादा इंदरमल जैन भी डॉक्टर हैं। डॉ. इंदरमल जैन का निवास भोपाल के 74 बंगले के पास निषाद कॉलोनी में है। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कुणाल और रिद्धी एक दूसरे से मिले थे। दोनों करीब दो साल से दोस्त रहे, इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों का रोका कार्यक्रम हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, लेकिन जैन परिवार की ओर से रोका कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दी गईं, जिससे यह जानकारी सामने आ गई।  

दिवाली से पहले मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा! 6 रबी फसलों की बढ़ाई MSP

नईदिल्ली किसानों को मोदी सरकार ने दिवाली पर बड़ा गिफ्ट दिया है. सरकार ने रबी फसलों की MSP बढ़ा दी है. केंद्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए रबी की 6 फसलों का न्यूनतम  समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस फैसले के तहत अलग-अलग फसलों के MSP में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे. कैबिनेट में चने का MSP 210 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने का फैसला किया गया है। चने का नया MSP अब 5,650 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जो पहले 5440 रुपए प्रति क्विंटल था। वहीं सरसों की MSP 300 रुपए प्रति क्विटंल बढ़ाया गया है। सरसों का मौजूद MSP अभी 5650 रुपए प्रति क्विंटल था। जबकि नया भाव अब 5950 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। गेहूं की MSP में भी 150 रुपए प्रति क्विटंल का इजाफा किया गया है। इसकी MSP 2275 रुपए प्रति क्विटंल से बढ़कर 2425 रुपए प्रति क्विटंल हो चुकी है। रबी फसल का सीजन अक्टूबर-नवंबर से लेकर मार्च-अप्रैल तक रहता है। इन फसलों में गेहूं, जौ, सरसों, चना आदि की खेती शामिल हैं। MSP के मायने उस रेट से होता है जिस पर सरकार किसानों से खरीदारी करती है। आज रबी फसल की MSP तय हो सकती है। नए अधिसूचना के अनुसार:     गेहूं का MSP ₹2,425 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹2,275 था।     जौ का MSP ₹1,980 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹1,850 था।     चना का MSP ₹5,650 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,440 था।     मसूर (लेंस) का MSP ₹6,700 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹6,425 था।     सरसों का MSP ₹5,950 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,650 था।     कुसुम (सफ्लॉवर) का MSP ₹5,940 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,800 था। सरकार का यह कदम किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य दिलाने के मकसद से उठाया गया है.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से आयोजित किए जाने वाली विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया। इसके अलावा पीएम ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन किया। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में कई लेटेस्ट इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और 6जी डेवलपमेंट के अपडेट आदि की जानकारी मिलेगी। इस दौरान टेलीकॉम स्टेकहोल्डर्स भी मौजूद थे। डब्ल्यूटीएसए दुनिया भर के दूरसंचार मानकों को तय करने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक है। यह अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के मुख्य सम्मेलनों में से एक है, जिसे हर चार साल में आयोजित किया जाता है। भारत और एशिया-प्रशांत में पहली बार आईटीयू-डब्ल्यूटीएसए का आयोजन किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रम है जो 190 से अधिक देशों के 3,000 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने जा रहा है। डब्ल्यूटीएसए 2024 देशों को 6जी, एआई, आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि जैसी अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के मानकों के भविष्य पर चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी से देश के वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इसके जरिए भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक अनिवार्य पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन संबंधी इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, इसमें अग्रणी दूरसंचार कंपनियां और इनोवेटर क्वांटम तकनीक और सर्कुलर इकोनॉमी में प्रगति को उजागर करेंगे। साथ ही, 6जी, 5जी यूज-केस शोकेस, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर भी प्रकाश डालेंगे। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस उद्योग जगत, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी समेत दूरसंचार क्षेत्र के इकोसिस्टम में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।    

पीएम मोदी से मिलीं मुख्यमंत्री आतिशी, CM बनने के बाद पहली बार मुलाकात

 नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोंनों नेताओं के बीच यह शिष्टाचार भेंट थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद आतिशी पहली बार पीएम मोदी से मिली हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तस्वीर साझा करते हुए दोनों नेताओं की मुलाकात की जानकारी दी गई। दिल्ली सरकार की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि आतिशी की प्रधानमंत्री से क्या बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह एक औपचारिक, शिष्टाचार मुलाकात थी। कथित शराब घोटाले में कई महीने जेल में रहने के बाद बाहर आकर अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। इससे पहले आतिशी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की थी। दरअसल, आतिशी ने 21 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी. शपथ लेने के साथ ही वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई थीं. एक खास बात यह भी है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में सीएम पद संभालने वाली तीनों महिला मुख्यमंत्रियों में से सबसे कम उम्र की महिला सीएम हैं. आतिशी को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी. आतिशी की नई मंत्रिपरिषद में सबसे पहले सौरभ भारद्वाज ने शपथ ली थी, उसके बाद गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और दिल्ली कैबिनेट में नए सदस्य मुकेश अहलावत ने शपथ ली थी. हालांकि, आतिशी का कार्यकाल संक्षिप्त होगा, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. जमानत मिलने के बाद केजरीवाल ने दिया था इस्तीफा बता दें कि कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के 2 दिन बाद यानी 15 सितंबर को केजरीवाल आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय पहुंचे थे. तब केजरीवाल ने दो दिन बाद इस्तीफे का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला नहीं सुना देती कि केजरीवाल ईमानदार हैं. केजरीवाल ने शपथ लेकर किया था आतिशी के नाम का ऐलान AAP के चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा था,’मैं हर घर और गली में जाऊंगा और जब तक जनता का फैसला नहीं मिल जाता, तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा. इसके बाद सीएम पद के लिए आतिशी के नाम का ऐलान हुआ था. पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में आतिशी को सीएम बनाने का फैसला लिया गया था.’  

PM मोदी के पास वैश्विक राजनेता बनने का मौका, Russia Ukraine War को शांत कराने में सक्षम – फरीद जकारिया

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध पर विदेश नीति के जानकार फरीद जकारिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन जंग भारत के लिए बड़ा मौका है। भारत को शांतिदूत बनकर अपनी कूटनीतिक ताकत दिखानी चाहिए। जकारिया ने पीएम मोदी की वैश्विक छवि की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। ‘मोदी निभा सकते हैं बड़ी भूमिका’ एक न्यूज चैनल से बात करते हुए जकारिया ने कहा कि दुनिया में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो रूस और यूक्रेन दोनों से प्रभावी ढंग से बात कर सकते हैं। उन्होंने सिर्फ दो नाम लिए, पहला तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन और दूसरा प्रधानमंत्री मोदी। जकारिया ने कहा कि यूक्रेन में जंग थमी हुई है। बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनके पास दोनों पक्षों से बात करने की विश्वसनीयता है… अगर प्रधानमंत्री मोदी खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करते हैं, तो मुझे लगता है कि वह बहुत रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं… मेरा मानना है कि एर्दोगन से भी ज्यादा मोदी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। ‘वैश्विक राजनेता बनने का मौका’ जकारिया ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता करना पीएम मोदी के लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है। उन्होंने माना कि भारत पारंपरिक रूप से विदेश नीति के मामलों में तटस्थ रहता है। लेकिन, अगर भारत चाहे तो वह एक बहुत ही व्यावहारिक और रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। ‘भारत की छवि होगी मजबूत’ जकारिया के अनुसार, ऐसा कदम न केवल वैश्विक कूटनीति के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को भी ऊंचा उठाएगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए पीएम मोदी को दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी होगी, जो अक्सर मुश्किलों और आलोचनाओं से भरी होती है। जकारिया ने कहा, ‘अगर मोदी चाहें तो यह उनके लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है।’ उन्होंने शांति की तलाश में भारतीय नेता के कूटनीतिक कौशल और उनके मंच को महत्वपूर्ण बताया। रूस और यूक्रेन दोनों में अच्छी साख जकारिया के बयान से साफ है कि भारत के पास रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में अहम भूमिका निभाने की क्षमता है। पीएम मोदी की रूस और यूक्रेन दोनों से अच्छी साख है। ऐसे में, वह शांति वार्ता शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह देखना होगा कि भारत इस चुनौती को स्वीकार करता है या नहीं। अगर भारत मध्यस्थता करने का फैसला करता है, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा। इससे ना सिर्फ युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि भी मजबूत होगी।

दुनिया में संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं बल्कि संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान से होगा -पीएम मोदी

वियेनतिएन/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं बल्कि संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करके किया जा सकता है। पीएम मोदी ने यह बात 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) के अपने संबोधन में कही। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “ग्लोबल साउथ के देश, दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव झेल रहे हैं। हर कोई जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली चाहता है, चाहे वह यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया।” प्रधानमंत्री ने कहा: “हमारा दृष्टिकोण विकासवादी होना चाहिए न कि विस्तारवादी।” सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें मेजबान और इनकमिग चेयर के बाद पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को संबोधित करने के लिए कहा गया। आसियान में भारत की भूमिका और महत्व को मान्यता देते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। वे वहां मौजूद एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने सबसे अधिक संख्या में ईएएस (19 में से नौ) में भाग लिया था। टाइफून यागी के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमने ऑपरेशन सद्भाव के माध्यम से मानवीय मदद प्रदान की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दक्षिण चीन सागर की शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हित में है। समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के तहत समुद्री गतिविधियों की वकालत करते हुए उन्होंने एक मजबूत और प्रभावी आचार संहिता का सुझाव दिया जो क्षेत्रीय देशों की विदेश नीति पर प्रतिबंध नहीं लगाए। म्यांमार की स्थिति पर उन्होंने कहा कि भारत म्यांमार की स्थिति के प्रति आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक पड़ोसी देश के रूप में, “हम अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करना जारी रखेंगे।” उन्होंने लोकतंत्र को बहाल करने के लिए मानवीय सहायता और उचित कदम उठाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि इसके लिए म्यांमार को शामिल किया जाना चाहिए, अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।” प्रधानमंत्री मोदी ने साइबर, समुद्र और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की भी मांग की। पीएम मोदी ने सम्मेलन में शामिल देशों को नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की जानकारी दी। साथ ही इन देशों को जून में नालंदा में आयोजित होने वाले उच्च शिक्षा प्रमुखों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। अगला पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन मलेशिया में आयोजित किया जाएगा। मोदी ने सैन्य संघर्षों के कारण ग्लोबल साउथ पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोप और पश्चिमी एशिया में चल रहे सैन्य संघर्षों के कारण ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने शुक्रवार को दोहराया कि समस्याओं का समाधान रणभूमि से नहीं निकल सकता है इसलिए मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए, संवाद एवं कूटनीति के रास्ते पर आना होगा। मोदी ने यहां 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में विस्तारवाद की नीति पर भी कड़ा प्रहार करते हुए इस बात पर जोर दिया कि समस्याओं के समाधान के प्रयासों में संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अन्तर्राष्ट्रीय कानूनों का आदर करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में, “टाइफून यागी” से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और कहा कि इस कठिन घड़ी में, ऑपरेशन सद्भाव के माध्यम से भारत ने मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव आसियान एकता और केंद्रीयता का समर्थन किया है। भारत के हिन्द प्रशांत विज़न और क्वाड सहयोग के केंद्र में भी आसियान है। भारत के “हिन्द प्रशांत महासागरीय पहल” और “हिन्द प्रशांत पर आसियान के दृष्टिकोण” के बीच गहरी समानताएं हैं। एक स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी, समृद्ध और नियम आधारित हिन्द प्रशांत, पूरे क्षेत्र की शांति और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण चीन सागर की शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे हिन्द प्रशांत क्षेत्र के हित में है। मोदी ने कहा, हमारा मानना है कि समुद्री गतिविधियाँ यूएनक्लोस के अंतर्गत संचालित होनी चाहिए। नौवहन और हवाई परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है।एक ठोस और प्रभावी आचार संहिता बनायी जानी चाहिए। और इसमें क्षेत्रीय देशों की विदेश नीति पर अंकुश नहीं लगाए जाने चाहिए। हमारा रुख विकासवाद का होना चाहिए, न कि विस्तारवाद का। उन्होंने कहा कि म्यांमार की स्थिति पर हम आसियान दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। हम पांच सूत्रीय सहमति का भी समर्थन करते हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि मानवीय सहायता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।और लोकतंत्र की बहाली के लिए उपयुक्त कदम भी उठाए जाने चाहिए। हमारा मत है कि, इसके लिए, म्यांमार को अलग थलग नहीं, बल्कि साथ में रखना होगा। एक पड़ोसी देश के नाते, भारत अपना दायित्व निभाता रहेगा। मोदी ने कहा, विश्व के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों का सबसे नकारात्मक प्रभाव ग्लोबल साउथ के देशों पर हो रहा है।सभी चाहते हैं कि चाहे यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली हो।” उन्होंने कहा,” मैं बुद्ध की धरती से आता हूँ, और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान रणभूमि से नहीं निकल सकता। संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अन्तर्राष्ट्रीय कानूनों का आदर करना आवश्यक है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए, संवाद एवं कूटनीति को प्रमुखता देनी होगी। विश्वबंधु के दायित्व को निभाते हुए, भारत इस दिशा में हर संभव योगदान करता रहेगा।” प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इसका सामना करने के लिए, मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को एकजुट होकर काम करना ही होगा। और, साइबर, समुद्र और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बल भी देना होगा। उन्होंने कहा कि नालंदा का पुनरुद्धार, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में दी गयी हमारी प्रतिबद्धता थी।इस वर्ष जून में, नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करके हमने इसे पूरा किया है। वह, यहाँ उपस्थित सभी देशों को नालंदा में होने वाले उच्च शिक्षा के प्रमुखों के सम्मेलन के लिए आमंत्रित करते हैं।    

एशिया शिखर सम्मेलन एक मुक्त, खुला, समावेशी, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने का मंच है- PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाओस की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन(EAS) को संबोधित करते हुए हिंद प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मंच से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर काफी जोर दिया। इससे पहले 4 नवंबर, 2019 की बात है, जब इसी अंतरराष्ट्रीय मंच से पीएम मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभर रहे मतभेदों पर बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एक मुक्त, खुला, समावेशी, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने का तार्किक मंच है, जहां संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री कानूनों के पालन पर जोर दिया जाता है। उस वक्त पीएम ने’इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव (IPOI)’ का प्रस्ताव दिया था, जिससे हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित, भयमुक्त और स्थिर बनाया जा सके और इसके लिए इच्छुक राष्ट्रों के बीच सहयोगी ढांचा बनाया जा सके। जानते हैं मोदी के उसी भयमुक्त समुद्री क्षेत्र के विजन के बारे में, यह इतना जरूरी क्यों है। यह भी जानेंगे कि आखिर ये मंच किस तरह का है। समुद्री सुरक्षा को लेकर क्या हैं मोदी के 7 सूत्र राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि 4 नवंबर, 2019 को भारत ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में अपने प्रस्ताव में समुद्री सहयोग और सहभागिता के 7 मूल पहलुओं की पहचान की थी, जो रणनीतिक रूप से मोदी के 7 तीर भी हैं। ये हैं-समुद्री सुरक्षा, समुद् इकोसिस्टम, समुद्री रिसोर्स, क्षमता निर्माण और संसाधनों का बंटवारा, आपदा जोखिम में कमी और मेनेजमेंट, विज्ञान, प्रौद्योगिकी सहयोग और कारोबारी कनेक्टिविटी व समुद्री परिवहन। पीएम मोदी के यही सूत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को दबदबे को कम कर सकते हैं। क्या है पूर्वी एशिया-शिखर सम्मेलन पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का गठन 2005 में किया गया था। यह हिंद प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों पर रणनीतिक बातचीत और सहयोग के लिए 18 देशों का एक मंच है। इस मंच का विचार सबसे पहले 1991 में तत्कालीन मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर बिन मुहम्मद ने दिया था। उन्होंने उस वक्त पूर्वी एशिया समूह बनाने की बात की थी। पहला पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन 14 दिसंबर, 2005 को कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित किया गया था। भारत इस मंच के फाउंडर मेंबर में शामिल भारत पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन (ASEAN) के 10 सदस्य देश शामिल हैं-ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के साथ ही 8 सदस्य देश ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, भारत, न्यूज़ीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका है। दुनिया की जीडीपी में 58 फीसदी हिस्सेदारी डॉ. राजीव रंजन गिरि के अनुसार, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के सदस्य विश्व की लगभग 54% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इनकी 58% भागीदारी है। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एक आसियान केंद्रित मंच है। इसकी अध्यक्षता केवल एक आसियान सदस्य द्वारा की जा सकती है। पूर्वी एशिया-शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कौन करता है ASEAN का अध्यक्ष EAS का भी अध्यक्ष होता है तथा प्रतिवर्ष 10 ASEAN सदस्य देशों के मध्य बारी-बारी से इसकी अध्यक्ष की जाती है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं-पर्यावरण और ऊर्जा, शिक्षा, वित्त, वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, आसियान देशों के मध्य संपर्क, आर्थिक व्यापार और सहयोग, खाद्य सुरक्षा और समुद्री सहयोग। क्या यह अमेरिका-यूरोप के बाद तीसरा ध्रुव भारतीय वैश्विक परिषद में रिसर्चर रहे डॉ. टेम्जेनमरेन एओ के एक लेख ‘हिंद-प्रशांत और भू-राजनीतिक क्षेत्र में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की भूमिका’ में कहा गया है कि 2021 में EAS सदस्यों ने दुनिया की करीब 54% आबादी का प्रतिनिधित्व किया। इसके सदस्य देशों ने अनुमानित रूप से 57.2 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का कारोबार किया, जो वैश्विक जीडीपी का 59.5% है। यह मज़बूत और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं वाला क्षेत्र है। इसे अमेरिका और यूरोप के बाद विश्व अर्थव्यवस्था का तीसरा ध्रुव माना जाता है। भारत, जापान, चीन और कोरिया वर्ल्ड इकोनॉमी में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में 4 प्रमुख आर्थिक भागीदार देश जापान, चीन, भारत और कोरिया 12 उच्च रैंकिंग वाली वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। EAS देशों के बीच वित्तीय और मौद्रिक सहयोग इतना ज्यादा है कि उनका संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार 3 ट्रिलियन डॉलर के पार जा चुका है। समंदर पर है चीन की टेढ़ी नजर, भारत से दुश्मनी भारत-जापान समेत चीन का हिंद प्रशांत क्षेत्र में तकरीबन हर देश के साथ कुछ न कुछ विवाद बना हुआ है। दरअसल, चीन के मंसूबे नापाक हैं। उसकी दक्षिण चीन सागर से लेकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की टेढ़ी नजर है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में चीन कारोबार और निवेश के क्षेत्र में भी भारत को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है। समुद्री सुरक्षा समेत मुक्त कारोबार पर भी जोर डॉ. टेम्जेनमरेन एओ कहते हैं कि EAS का मकसद समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ समंदर में मुक्त कारोबारी क्षेत्र विकसित करना भी है। यही वजह है कि पीएम मोदी समंदर को भयमुक्त बनाना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि समुद्री सुरक्षा होने से हिंद-प्रशांत देशों के बीच समुद्री कारोबार ज्यादा बढ़ेगा। दरअसल, इस इलाके में क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सैन्य बजट में बढ़ोतरी शांति, सुरक्षा और समृद्धि के व्यापक मकसद को कमजोर करता है। भारत के लिये EAS की क्या अहमियत है? भारत के लिए EAS इसके तेजी से बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक ताकत को मान्यता देने वाला मंच है। ASEAN और अन्य बहुपक्षीय देशों के साथ बहुआयामी संबंध बनाने और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिये भारत ने अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policies) पर बल दिया है जिसके लिये EAS महत्त्वपूर्ण साबित होगा। मुद्री क्षेत्र में भारत बन सकता है बड़ा पॉवर दक्षिण चीन सागर में चीन की दबंगई और उसके बढ़ते निवेश की प्रकृति ने आसियन देशों में भारत को एक ऐसी संभावित शक्ति के रूप में देखने के लिये प्रेरित किया है जो चीन को संतुलित कर सकता है। भारत समुद्री क्षेत्र में बड़ा पॉवर बन सकता है। भारत की शक्ति सेवा क्षेत्र और सूचना-प्रौद्योगिकी में है, वहीं जापान के पास एक मजबूत पूंजी आधार भी है।

बांग्लादेश में यशोरेश्वरी काली मंदिर से देवी का मुकुट हुआ चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, घटना पर भारत सख्त

ढाका बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से मां काली का मुकुट चोरी हो गया है। चांदी का बना सोने की परत वाला यह मुकुट भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने मंदिर को गिफ्ट किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2021 में जब बांग्लादेश गए थे तो उन्होंने जेशोरेश्वरी मंदिर का दौरा भी किया था। इस दौरान उन्होंने ये मुकुट भेंट किया था। उपहार में दिया गया देवी काली का ये मुकुट कथित तौर पर चोरी हो गया है। इस घटना पर भारत ने सख्त रुख दिखाया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी करते हुए इस पर चिंता जताई है। उच्चायोग ने मुकुट को बरामद करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, मंदिर के पुजारी और सफाई कर्मचारियों ने पाया कि देवी काली के सिर से मुकुट गायब है। बांग्लादेशी पुलिस ने चोरी की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपराधी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और जल्दी ही चोर को पकड़ लिया जाएगा। जेशोरेश्वरी मंदिर की हिन्दुओं में मान्यता पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में जेशोरेश्वरी मंदिर को मुकुट भेंट करते हुए मंदिर में एक बहुउद्देश्यीय सामुदायिक हॉल का निर्माण करने का भी ऐलान किया था। जेशोरेश्वरी मंदिर की बांग्लादेश के अलावा भारत और दूसरे पड़ोसी देशों में भी काफी मान्यता है। ये भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक के रूप में प्रतिष्ठित है। यह मंदिर, भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल, ईश्वरीपुर, सतखिरा में स्थित है। माना जाता है कि इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा पर सवाल बांग्लादेश में देवी का मुकुट चोरी होने का ये मामला ऐसे समय हुआ है, जब देश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। इस साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक श्रंखला देखी गई है। हालांकि मौजूदा चोरी में अभी तक इस तरह के किसी एंगल की बात पुलिस ने नहीं की है। 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है जेशोरेश्वरी मंदिर पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार के सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि यह मुकुट चांदी से बना था और इस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। चोरी हुआ मुकुट भक्तों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में, जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैली 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।   ऐसा है मंदिर का इतिहास माना जाता है कि सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अनारी नामक ब्राह्मण ने करवाया था। उन्होंने जशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला मंदिर बनवाया था। बाद में 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और अंततः राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मंदिर में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण कराएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा और साथ ही, यह चक्रवात जैसी आपदाओं के समय सभी के लिए आश्रय का काम भी करेगा।

फॉर्टिफाइड चावल स्‍कीम के लिए 17,082 करोड़ रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार

नई दिल्‍ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए 17,082 करोड़ रुपये की लागत वाली एक स्‍कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 2019 से 2021 के बीच एनीमिया भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सभी को प्रभावित करता है। आयरन की कमी के अलावा, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड जैसी अन्य विटामिन और खनिज की कमी भी बनी रहती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर असर पड़ता है। दुनिया भर में एनीमिया और कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य पदार्थों को फोर्टिफाइड किया जाता है। भारत में 65% लोग चावल खाते हैं। ऐसे में पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए चावल एक आदर्श माध्यम है। चावल फोर्टिफिकेशन में FSSAI की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12) से समृद्ध फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) को सामान्य चावल में मिलाया जाता है। इसके अलावा कैबिनेट ने दो और महत्‍वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें गुजरात में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स का विकास और राजस्थान तथा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हैं। नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स के विकास को हरी झंडी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के लोथल में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स (NMHC) के विकास को मंजूरी दे दी है। यह दो चरणों में पूरा होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण (1A) में 1,238.05 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रमुख बंदरगाह, रक्षा मंत्रालय (भारतीय नौसेना) और संस्कृति मंत्रालय का योगदान होगा। मंत्रिमंडल ने चरण 1B और चरण 2 के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनके लिए धन स्वैच्छिक संसाधनों से जुटाया जाएगा। चरण 1B में 266.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइट हाउस संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके लिए धन लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशालय की ओर से दिया जाएगा। इस परियोजना से 15,000 प्रत्यक्ष और 7,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों, शिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों, पर्यावरण समूहों और व्यवसायों को लाभ होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किमी सड़क का निर्माण इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसमें 4,406 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना, यात्रा में सुधार करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। यह पहल इन सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर सड़कों, दूरसंचार संपर्क, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं वाले जीवंत गांवों में बदलने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

पीएम मोदी 10-11 अक्तूबर को करेंगे लाओस का दौरा; 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 11 अक्टूबर तक लाओस की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और इस दौरान वह 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यह जानकारी दी। लाओस, दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का वर्तमान अध्यक्ष देश है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस के अपने समकक्ष सोनेक्से सिफानदोन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 10-11 अक्टूबर को लाओस की राजधानी विएंतियाने का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान मोदी लाओस की मेजबानी में होने जा रहे 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, दोनों शिखर सम्मेलनों के दौरान मोदी के द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में इस वर्ष ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक दशक पूरा हो रहा है। आसियान के साथ संबंध ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हमारे हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि आसियान-भारत शिखर सम्मेलन ‘‘हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी’’ के माध्यम से भारत-आसियान संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेगा और सहयोग की खातिर भविष्य की दिशा तय करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दक्षिणी एशिया और पूर्वी एशिया के कुछ देशों का मंच पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) क्षेत्र में रणनीतिक विश्वास का माहौल बनाने में योगदान देता है। यह भारत सहित ईएएस में भाग लेने वाले देशों के नेताओं को क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है।’’  

राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई

माले  मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई है। मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारत से सैनिकों को निकालने को कहा था, अब कुछ ही महीने के बाद उनकी सरकार ने भारत के रेडार को देश में लगाने की मंजूरी दी है। समझौते के तहत भारत मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की निगरानी क्षमता को बढ़ाने में भी माले की सहायता करेगा। इसके लिए नई दिल्ली से माले को ‘रेडार सिस्टम और अन्य उपकरण’ दिए जाएंगे। सोमवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की मुलाकात के बाद, भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट और कर्ज चुकौती से उबारने में मदद देने के लिए भी सहमति जताई। मोदी-मुइज्जू में रक्षा सहयोग पर चर्चा दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत मालदीव की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि उसके विशाल एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र को समुद्री सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने और मुइज्जू ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की है। ‘हम मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अपना सहयोग जारी रखेंगे।’ भारत का चीन को संदेश मालदीव में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे चीन को भी भारत ने संदेश दे दिया है। पीएम मोदी ने कहा, ‘हम हाइड्रोग्राफी और आपदा प्रतिक्रिया में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।’ दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ‘रक्षा प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के प्रावधान’ के साथ-साथ मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने में माले की सहायता करेगी। भारतीय सैनिकों की वापसी का मामला मुइज्जू ने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव से पहले मालदीव में इंडिया आउट अभियान चलाया था। दरअसल भारत ने मालदीव को डोर्नियर विमान और दो एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर दिए थे। इनके संचालन के लिए भारत ने कुछ सैन्य कर्मियों को तैनात किया था। मुइज्जू ने चुनाव में वादा किया था कि वे भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने को कहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत को इस साल 10 मई तक भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहा, जिसके बाद भारत ने नागरिक कर्मियों की तैनाती की थी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता ने आशीर्वाद दिया: विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति से हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। असल में यह विधानसभा चुनाव कांग्रेस का नहीं, राहुल गांधी के फेल होने का चुनाव था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है। हरियाणा में भाजपा की जीत और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने बता दिया कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराने के साथ आतिशबाजी कर जश्न मनाया। जनता विकास को पसंद करती है, भाजपा के विकास कार्यों पर जनता को भरोसा-डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की हरियाणा सरकार ने 10 सालों में बहुत अच्छा कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति का ही परिणाम है कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। मैं सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं। मैंने खुद भी हरियाणा चुनाव प्रचार में पहुंचा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि असल में यह चुनाव कांग्रेस का नहीं था, बल्कि राहुल गांधी के फेल होने का था। भाजपा ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। हम सब मिलकर विकास की बात करते हैं। जनता भी विकास की बात को ही पसंद करती है और इसलिए हरियाणा में कमल खिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर जनता ने भरोसा जताया है। गरीब कल्याण के कार्यों को जनता ने आशीर्वाद दिया है – श्री विष्णुदत्त शर्मा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज का दिन भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को जनता ने आशीर्वाद दिया है। भाजपा के बूथ-बूथ के कार्यकर्ताओं ने सजग प्रहरी की तरह कार्य किया, इसी का परिणाम है कि हम हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी का आभार व्यक्त करते हुए मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं की ओर से हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के सभी कार्यकर्ताओं व पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। हरियाणा की जनता ने विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भाजपा पर विश्वास व्यक्त किया है। हरियाणा के चुनाव परिणाम और जम्मू-कश्मीर में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से स्पष्ट हो गया कि जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करीब कल्याण के कार्यों को अपना आशीर्वाद दिया है। देश की जनता प्रधानमंत्री जी के साथ है।   प्रदेश कार्यालय में मुंह मीठा कर की गई आतिशबाजी हरियाणा में भाजपा की ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को पार्टी के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता श्री शैलेन्द्र शर्मा, प्रदेश मंत्री श्री रजनीश अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री अजय धवले सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संवैधानिक पद पर प्रधानमंत्री Modi के 23 साल हुए पूरे अमित शाह ने दी बधाई

भोपाल संवैधानिक पद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और  CM मोहन यादव व उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई दी। सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में बिना थके, बिना रुके, बिना डिगे आपकी 23 वर्षों की लोक साधना में आस्था, अस्मिता, आधुनिकता, अंत्योदय और अर्थव्यवस्था को संरक्षण और संवर्धन मिलने के साथ ही हर स्तर पर वंचित को वरीयता प्राप्त हुई है। मां भारती को परम वैभव तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते 23 वर्षों की यशस्वी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई। बता दें कि नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वह 13 साल तक गुजरात के सीएम रहे। साल 2014 में लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसी साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में तीसरी बार चुनाव जीतकर नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्नदृष्टा, 140 करोड़ देश वासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए अविराम साधनारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां भारती की सेवा और लोक-कल्याण को समर्पित गौरवशाली 23 वर्ष आज पूर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में बिना थके, बिना रुके, बिना डिगे आपकी 23 वर्षों की लोक साधना में आस्था, अस्मिता, आधुनिकता, अंत्योदय और अर्थव्यवस्था को संरक्षण और संवर्धन मिलने के साथ ही हर स्तर पर वंचित को वरीयता प्राप्त हुई है। उनकी प्रत्येक नीति और हर योजना ने वंचितों और गरीबों के समग्र उत्थान को नए आयाम प्रदान किए हैं।” उन्होंने आगे लिखा,”स्वामी समर्थ रामदास की ‘उपभोग शून्य स्वामी’ की संकल्पना और चाणक्य नीति सूत्र के ‘राजा प्रथमोसेवक’ की परिभाषा को साकार कर रहे प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज वैश्विक महाशक्ति बनने के मार्ग पर सतत अग्रसर है। वे सच्चे अर्थों में आधुनिक भारत में ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के वास्तुकार हैं। उनका जीवन लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला है। सेवा, सुशासन और सुरक्षा को समर्पित प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायक 23 वर्ष हर जनप्रतिनिधि के लिए उत्कृष्ट मार्गदर्शक और पाथेय हैं। मां भारती को परम वैभव तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते 23 वर्षों की यशस्वी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री जी को हार्दिक बधाई।” सीएम धामी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, ”आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 23 वर्षों की यात्रा पूरी हुई है। इस समयावधि के दौरान मुख्यमंत्री के रूप में उनके दृष्टिकोण और प्रधानमंत्री के रूप में जन कल्याणकारी निर्णयों से करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आपके सशक्त नेतृत्व में हमने न केवल आर्थिक विकास के नए आयाम देखे हैं अपितु सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्र ने नए सोपान गढ़े हैं। मुझे विश्वास है कि आपके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हमारा देश ‘विकसित राष्ट्र’ की संकल्पना को अवश्य साकार करेगा।”    

ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, “भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।” ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, “यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।” ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।” बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे।

प्रधानमंत्री ने वर्चुअली रूप से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की अंतरित

शहडोल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअली रूप से कृषि विज्ञान केंद्र शहडोल के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रही है और किसानो को खेती करने के लिए  ऋण भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान कृषि को व्यापारिक रूप से लाभ का धंधा बनाए। उन्होंने कहा कि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है, जिससे किसान नई तकनीकों की फसल लगा सके और खेती को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, यदि किसान खेती न करे तो जीवन यापन करना संभव नही है। उन्होंने कहा की एग्रीकल्चर के विद्यार्थी, किसानों को अच्छी पैदावार वाली फसलों, कम भूमि में अधिक पैदावार की फैसले जैसे अन्य कृषि कार्य के लिए जानकारी दे।          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान  पीएम-किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त के तहत 9.4 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के खातों में 20 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने  मध्यप्रदेश के 𝟖𝟏 लाख से अधिक किसानो के लिए 𝟏𝟔𝟖𝟐.𝟗 करोड़ रुपए की राशि एवं शहडोल जिले के 112116 किसानों के लिए 22.42 करोड़ रुपए की राशि वर्चुअली रूप से अंतरित की।         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम को कलेक्टर डॉ.केदार सिंह, उप संचालक कृषि आर पी झरिया, किसान व एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने वर्चुअली रूप से देखा एवं सुना।

PM मोदी वाशिम पहुंचे, पोहरादेवी मंदिर में की पूजा-अर्चना, शीश झुकाया, आरती की, नगाड़ा बजाया…

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के वाशिम जिला के पोहरादेवी स्थित जगदम्बा मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने पोहरादेवी में ही स्थित संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार सुबह नांदेड़ हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अशोक चव्हाण ने किया। इसके बाद मोदी हेलीकॉप्टर से पोहरादेवी के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय महाराष्ट्र दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने बजाया नगाड़ा पूजा के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर प्रांगण में मौजूद नगाड़ा भी बजाया. यह मंदिर बंजारा समुदाय के लोगों के लिए खास है और उनकी माता पोहरादेवी वाली जगदंबा माता में बहुत आस्था है. देवी की विशेष पूजा और आरती में नगाड़ा बजाना एक आवश्यक रीति है और जब लोगों की मनोकामना मंदिर में पूरी होती है तो भी वह नगाड़ा बजाकर बधाई भरते हैं. पीएम मोदी, महाराष्ट्र के दौरे पर हैं और शनिवार को वह 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने वाले हैं. महाराष्ट्र में उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है. पीएम मोदी सबसे पहले वाशिम पहुंचे, यहां वह बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करने वाले हैं. इसी क्रम में वह पोहरादेवी में जगदंबा माता मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे और यहां से संत सेवालाल महाराज तथा संत रामराव महाराज की समाधियों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए. यहां से निकलकर वह ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वाशिम के बाद मोदी का ठाणे और मुंबई जाने का कार्यक्रम हैं। जहां पर वह कई आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। आज 5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 18वीं किस्त जारी होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के वाशिम में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत रूप से इस किस्त की घोषणा करेंगे। इस योजना के तहत केंद्र सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करती है, जिससे देशभर के लाखों लोगों को फायदा होता है। प्रत्येक वर्ष, पात्र किसानों को कुल ₹6,000 मिलते हैं, जो ₹2,000 प्रत्येक की तीन किस्तों में वितरित किए जाते हैं। मोदी वाशिम में करीब 23,300 करोड़ रुपए की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत करेंगे। ठाणे में 32,800 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद PM मुंबई में लगभग 14,120 करोड़ रुपए की लागत वाली मुंबई मेट्रो लाइन- 3 के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से आरे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। मोदी BKC और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में सवारी भी करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे और वहां वाशिम, ठाणे और मुंबई में विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी। विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी वाशिम में आज  लगभग 23,300 करोड़ रुपये की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न पहलों का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री वहां बंजारा समुदाय की समृद्ध विरासत की झांकी प्रस्तुत करने के लिए , पीएम बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। महाराष्ट्र के इस दौरे में प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना शामिल है। प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो लाइन 3 चरण-1 के आरे जेवीएलआर से बीकेसी को जोड़ने वाले खंड का कल उद्घाटन करेंगे। वह ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना और एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री नवी मुंबई हवाईअड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (एनए आईएनए) परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी आज  पहले वाशिम पहुंच कर पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे पोहरादेवी स्थित जगदंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। वह वाशिम में संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे श्री मोदी वहां कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी करीब 23,300 करोड़ रुपये की कई पहलों की शुरुआत करेंगे। शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाम करीब चार बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद शाम करीब छह बजे बीकेसी मेट्रो स्टेशन से वह बीकेसी से आरे जेवीएलआर, मुंबई तक चलने वाली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वह बीकेसी और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में यात्रा भी करेंगे।    

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक, PM संबोधित करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हरित बदलाव, भू-आर्थिक विखंडन और विकास के निहितार्थ, और प्रतिरोध क्षमता बनाए रखने के लिए नीतिगत कार्रवाई के सिद्धांतों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। पीएमओ ने कहा कि भारत के साथ ही दुनिया भर के विद्वान भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन वित्त मंत्रालय के साथ साझेदारी में आर्थिक विकास संस्थान द्वारा किया जा रहा है।    

Jamaica के PM Andrew Holness से PM Modi की मुलाकात, गेल रहे मौजूद

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी और जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस के बीच खास मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि नई दिल्ली में जमैका उच्चायोग के सामने की सड़क का नाम ‘जमैका मार्ग’ रखा गया है, जो भारत-जमैका के मजबूत संबंधों को दर्शाता है। साथ ही पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को उसेन बोल्ट से जोड़ते हुए कहा कि उनकी रफ्तार से भी तेजी से बढ़ेंगे। इस मुलकाता के दौरान पीएम मोदी से क्रिकेट की दुनिया के यूनिवर्स बॉस यानी क्रिस गेल ने भी मुलाकात की। उन्होंने तस्वीरें और वीडियोज शेयर करते हुए लिखा- भारत के पीएम मोदी से मिलना सम्मान की बात है। जमैका से भारत, प्यार..। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोगों का क्रिकेटरों से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- क्रिकेट-प्रेमी देशों के रूप में खेल हमारे संबंधों में बहुत मजबूत और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत के लोगों का क्रिकेटरों से विशेष लगाव है। हमने खेलों में अपने सहयोग को और गहरा करने पर भी चर्चा की। मुझे विश्वास है कि आज की चर्चा के परिणाम हमारे संबंधों को उसेन बोल्ट से भी अधिक तेजी से आगे बढ़ाएंगे और हम नई ऊंचाइयों को छूते रहेंगे। मोदी ने जमैका में रहने वाले भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि करीब 180 साल पहले भारत से जमैका गए लोगों ने हमारे ‘पीपल टू पीपुल’ संबंधों की मजबूत नींव रखी। जमैका को अपना घर मानने वाले भारतीय मूल के लगभग 70,000 लोग हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण हैं। मैं प्रधानमंत्री होलनेस और उनकी सरकार को उनका ख्याल रखने के लिए धन्यवाद देता हूं…आज आयोजित हो रहा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम हमारे आपसी संबंधों को और मजबूत करेगा। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने टीम इंडिया का साइन किया हुआ बल्ला जमैका के पीएम को गिफ्ट किया, जबकि जमैका के पीएम ने क्रिस गेल का साइन किया हुआ बल्ला गिफ्ट किया।

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

कीव में प्रधानमंत्री पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत ,भारत माता की जय के नारे

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai पीएम मोदी का यह यूक्रेन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।

भारत और ऑस्ट्रिया का साझा घोषणापत्र हुआ जारी, दोनों देशों में राजनयिक और सांस्कृतिक संबंध

वियना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया।अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ बातचीत करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1983 के बाद पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है.मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने 1983 में प्रधानमंत्री के रूप में ऑस्ट्रिया गई थीं.इसके बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर फ्रेड सिनोवाट्ज 1984 में भारत आए थे.पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे.पीएम मोदी का ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन और चांसलर कार्ल नेहमर से बातचीत का कार्यक्रम है. भारत और ऑस्ट्रिया के सांस्कृतिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक समृद्ध इतिहास है.वियना विश्वविद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई 1845 में ही शुरू हो गई थी.वहीं रवींद्रनाथ टैगोर ने 1920 के दशक में वियना की यात्रा की थी. उनकी इस यात्रा ने दोनों देशों में सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ का सदस्य तो है, लेकिन नैटो का हिस्सा नहीं है. उसकी तटस्थता की यह नीति द्विपक्षीय संबंधों में एक दिलचस्प आयाम जोड़ती है. भारत ने 1953 में ऑस्ट्रिया की सोवियत संघ के साथ समझौता वार्ता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी के बाद 1955 में ऑस्ट्रिया को आजादी मिली थी.भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संबंध 10 नवंबर 1949 को स्थापित हुए थे.इस तरह 2024 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं. भारत-ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संपर्क का एक लंबा इतिहास रहा है. भारत-ऑस्ट्रिया ने 1983 में संयुक्त आर्थिक आयोग की स्थापना की थी. इस आयोग ने इस्पात, निर्माण प्रौद्योगिकी, रेलवे और धातुकर्म जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम स्थापित करने में सहयोग किया है.भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ा, जूते और मशीनरी जैसे चीजों का निर्यात करता है. वहीं ऑस्ट्रिया मशीनरी, रेलवे पार्ट्स और स्टील का आयात भारत से करता है.दोनों देशों के बीच 2023 में 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ था.दोनों देशों ने फरवरी 2024 में भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत की थी. यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी. भारत ने 2013 में पीएसएलवी-सी20 के जरिए ऑस्ट्रिया के पहले दो उपग्रहों TUGSAT-1/BRITE और UniBRITE का प्रक्षेपण किया था.यह दोनों देशों का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत थी. ऑस्ट्रिया में 30 हजार से अधिक भारतीय रहते हैं.ये भारतीय वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में काम करते हैं या व्यापार करते हैं या वहां पढ़ने गए हैं.  इनमें से अधिकांश पंजाब और केरल के रहने वाले हैं. ये भारतीय दोनों देशों में सास्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाते हैं. भारतीय नेताओं का ऑस्ट्रिया दौरा पीएम मोदी की यात्रा से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में थी. अपनी यात्रा में जयशंकर ने ऑस्ट्रिया के प्रमुख नेताओं से बात की थी. उनकी यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे.नवंबर 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. वहीं तत्कालीन ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति हेंज फिशर ने फरवरी 2005 में भारत की यात्रा पर आए थे. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील अक्टूबर, 2011 में चार दिन की यात्रा पर ऑस्ट्रिया गई थीं.पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार ऑस्ट्रिया जा रहे हैं, लेकिन वह वहां जाने से पहले ऑस्ट्रिया के नेताओं से मुलाकातें कर चुके हैं. पीएम मोदी अपने पहले कार्यकाल में जून, 2017 में इंटरनेशनल इकोनामिक फोरम में हिस्सा लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग गए थे.वहां उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन केर्न के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी. अपने दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी अक्टूबर, 2021 में स्काटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) में भाग लेने गए थे.इससे इतर उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से मुलाकात की थी.पीएम मोदी ने 26 मई, 2020 को ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से टेलीफोन पर बातचीत की थी.ऑस्ट्रिया यात्रा से पहले पीएम मोदी ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला था, जो भारत- ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों को रेखांकित करते हैं. उन्होंने कहा,”मैं हमारे देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा को लेकर उत्सुक हूं.” राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ पीएम मोदी का स्वागत एयरपोर्ट से निकलने के बाद पीएम मोदी सीधे ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के होटल रिट्ज कार्लटन पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका अभिवादन किया। साथ ही ऑस्ट्रियाई कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में वंदे मातरम भी गाया। पोस्ट की मोदी के संग सेल्फी ऑस्ट्रिया चांसलर कार्ल नेहमर ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी पोस्ट करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। मैं आपकी यात्रा के दौरान हमारी राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं!’ पीएम मोदी से पहली बार मिले नेहमर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय साझेदारी के संबंध में चर्चा होगी।’’ एक तस्वीर में मोदी नेहमर को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में ऑस्ट्रियाई चांसलर प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। नेहमर ने भी मोदी के साथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। आपकी यात्रा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।’’ प्रधानमंत्री ने ‘‘गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए’’ ऑस्ट्रियाई चांसलर का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह ‘‘कल हमारे बीच होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्सुक हैं। हमारे देश पूरी दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’’ मोदी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में … Read more

राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की मजबूत दोस्ती, चाहे तो ख़त्म करवा सकते है युद्ध : अमेरिका

वाशिंगटन पीएम मोदी के रूस दौरे पर अमेरिका टकटकी लगाए बैठा रहा। अमेरिका ने यह तक कह दिया कि अगर कोई देश रूस से मिलता है तो उसे यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना होगा। इन सब के बाद अब अमेरिका का एक और रिएक्शन सामने आया है। वाइट हाउस ने अपने एक बयान में मंगलवार को कहा है कि रूस के साथ भारत के संबंध अच्छी स्थिति में है जिसका भारत को फायदा उठाना चाहिए। अमेरिका ने कहा है कि भारत चाहे तो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन में संघर्ष खत्म करने के लिए कह सकता है। यह बयान तब आया है जब पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत में है, युद्ध के मैदान में नहीं। एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करिन जीन-पियरे ने भारत को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार कहा है जिसके साथ वे स्पष्ट बातचीत करते हैं। पुतिन के साथ पीएम मोदी की बैठक के बारे में पूछे जाने पर जीन-पियरे ने कहा, “भारत एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं, जिसमें रूस के साथ उनके संबंध भी शामिल हैं और हमने इस बारे में पहले भी बात की है। इसलिए हमें लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत सहित सभी देश यूक्रेन के मामले में शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करें।” उन्होंने आगे कहा कि भारत चाहे तो यूक्रेन में युद्ध भी रुकवा सकता है। उन्होंने कहा, “हम यह भी मानते हैं कि रूस के साथ भारत के अच्छे संबंध उसे राष्ट्रपति पुतिन से अनुरोध करने की क्षमता देते हैं कि वे यूक्रेन में बिना कारण शुरू किए गए युद्ध को खत्म करें। इसे खत्म करना राष्ट्रपति पुतिन पर निर्भर है। राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध शुरू किया, और वे युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।” PM ने उठाया था युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा वाइट हाऊस ने यह बयान तब दिया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति तब दुखी होता है जब जान जाती है। यह बयान हाल ही में कीव में बच्चों के अस्पताल पर मिसाइल हमले के बाद आया है, जिसमें 37 बच्चे मारे गए थे। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “चाहे युद्ध हो, संघर्ष हो, आतंकी हमले हों – मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को जान जाने पर दुख होता है। लेकिन जब मासूम बच्चों की हत्या होती है, जब हम मासूम बच्चों को मरते हुए देखते हैं, तो यह दिल दहला देने वाला होता है। यह दर्द बहुत बड़ा है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता है और उन्होंने कहा कि बम, बंदूक और गोलियों के बीच शांति की बातचीत नहीं हो सकती है। ज़ेलेंस्की ने PM की यात्रा को बताया शांति प्रयासों के लिए झटका 2022 में मॉस्को और कीव के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा थी। इससे पहले मंगलवार को, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा पर निराशा व्यक्त की थी और उन्होंने इसे शांति प्रयासों के लिए झटका करार दिया था। पीएम मोदी 8-9 जुलाई को रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने मॉस्को में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।  

मोदी का पुतिन से मिलना शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए एक विनाशकारी घटना है: जेलेंस्की

कीव पीएम नरेंद्र मोदी फिलहाल रूस के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और गले लग गए। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस मुलाकात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई, जब रूस के हमले में 40 लोग मारे गए। इस हमले में कैंसर के मरीजों और बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी के रूस दौरे के वक्त ही यूक्रेन के एक बच्चों के अस्पताल पर हमला हुआ है। हमले के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ऐसे समय में जब रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है तब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का वहां जाकर दुनिया के सबसे बड़े अपराधी के साथ गले मिलना बहुत ही दुखद है। यह शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए एक विनाशकारी घटना है।’ दो दिवसीय दौरे पर हैं पीएम मोदी पीएम मोदी रूस में भारत और रूस के बीच होने वाली 22वीं वार्षिक समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस पहुंचे हुए हैं। रूस की तरफ से पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम को अपने आवास पर डिनर के लिए बुलाया, जहां पर दोनों नेताओं के बीच में अनौपचारिक बातचीत हुई। पुतिन ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए बधाई दी तो वहीं मोदी ने बातचीत के लिए रूस बुलाने पर राष्ट्रपति का धन्यवाद दिया। दो सालों से जारी है रूस यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। शुरुआत में दुनिया को लगा कि रूसी सेना के सामने यूक्रेन जल्दी ही घुटने टेक देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यूक्रेन लगातार रूस से टक्कर लेता रहा। इस युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों ने भी यूक्रेन की काफी मदद की। भारत ने शुरूआत से ही इससे दूरी बनाए रखी और दोनों देशों को डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने के लिए कहा। 2022 में SCO की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि यह “युद्ध का युग नहीं है।” पीएम मोदी की यह बात पश्चिमी देशों को खूब पसंद आई। भारत ने इस दौरान कभी भी रूस की तीखी आलोचना नहीं की। पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भी भारत लगातार रूस से अपने व्यापारिक संबंधों को बचाने में कामयाब रहा और पश्चिमी देशों को यह समझाने में कामयाब रहा कि रूस के साथ बेहतर संबंध भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।

पश्चिमी देश रूस के साथ भारत के बढ़ते संबंधों से असंतुष्ट, चीन दोनों के करीबी रिश्तों को खतरे के रूप में नहीं देखता – ग्लोबल टाइम्स

बीजिंग पीएम मोदी के रूस दौरे पर पड़ोसी चीन का बयान सामने आया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की इस रूस यात्रा को पश्चिमी देश  आशंका के साथ देख रहे हैं। वह यह उम्मीद कर रहे हैं कि चीन के साथ रूस के बढ़ते संबंध संभावित रूप से भारत और रूस के संबंधों में तनाव पैदा कर सकते हैं। इससे नई दिल्ली को लेकर पश्चिम का नजरिया उजागर हो रहा है। कुछ अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने इस संबंध में दावा किया है कि मोदी की रूस यात्रा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि रूस अब चीन के और करीब न जा पाए। रूस- भारत के करीबी रिश्तों को खतरे की तरह नहीं देखता चीन ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पश्चिम भारत के रूस के साथ गहरे होते संबंधों से अधिक चिंतित है, जबकि चीन, भारत और रूस के करीबी संबंधों को खतरे के रूप में नहीं देखता है, जबकि पश्चिमी देश रूस के साथ भारत के बढ़ते संबंधों से असंतुष्ट हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर चीन को अमेरिका और पश्चिम से दबाव और आलोचना का सामना करना पड़ा है तो उसके विपरीत भारत को रूस की निंदा न करने या प्रतिबंध न लगाने को लेकर कम आलोचना का सामना करना पड़ा। इसकी बजाय भारत ने रूस से संबंध बनाए रखे और रूस से तेल खरीदकर उसे यूरोपीय देशों को बेचकर खूब लाभ कमाया है। दबाव के बाद भी रूस आए पीएम मोदी टाइम्स ने लिखा कि पश्चिमी दबाव के बावजूद भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल को शुरू करने के बाद पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा के लिए रूस गए। विश्लेषकों के अनुसार, उनके इस कदम का उद्देश्य न केवल रूस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के दबाव से निपटने में भारत की ताकत को भी बढ़ाना है। भारत की विदेश नीति तारीफ के योग्य टाइम्स ने लिखा कि वर्तमान में पश्चिमी देश भारत, चीन और रूस के बीच कलह करवाने का प्रयास कर रहा है। पश्चिम और रूस दोनों के साथ भारत के संबंध एक जटिल अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को दर्शाते हैं, जो इस कठिन वैश्विक माहौल में संतुलन तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके साथ-साथ में अपने हितों को भी साधने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिम उम्मीद कर रहा था कि भारत उनके साथ गठबंधन करके रूस के खिलाफ खड़ा है लेकिन ऐसा नहीं है, इसके लिए पश्चिम ने भारत पर दबाव बनाने की भी कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। भारत की विदेश नीति किसी भी पक्ष में पूरी तरह न झुककर अपने हितों को साधने की है। यह दोनों तरफ संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है।  

पीएम मोदी ने कहा, ‘रूस शब्द सुनते ही, हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है- भारत के सुख-दुख का साथी, भारत का भरोसेमंद दोस्त

मास्को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस यात्रा के दूसरे दिन मास्को में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रूस को भारत के सुख-दुख का साथी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते हमेशा गर्मजोशी से भरे रहे हैं। पीएम मोदी ने रूसी भाषा में संबोधन के साथ भारतीय समुदाय के सामने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने साथ हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लेकर आया हूं।’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘अपने तीसरे कार्यकाल में मैंने प्रण किया था कि अपने तीसरे कार्यकाल में तीन गुनी ताकत से काम करूंगा।’ भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में रूस के साथ रिश्तों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘रूस शब्द सुनते ही, हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है- भारत के सुख-दुख का साथी, भारत का भरोसेमंद दोस्त। रूस में सर्दी के मौसम में तापमान कितना ही माइनस में नीचे क्यों न चला जाए, भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में रही है, गर्मजोशी भरी रही है। ये रिश्ता म्यूचुअल ट्रस्ट और म्यूचुअल रेस्पेक्ट पर बना है।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि वैश्विक समृद्धि को नई ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहां मौजूद आप सभी लोग भारत और रूस के संबंधों को नई ऊंचाई दे रहे हैं। आपने अपनी मेहनत और ईमानदारी से रूस के समाज में अपना योगदान दिया है।’ 10 साल में पुतिन से 17 बार मुलाकात भारत-रूस की दोस्ती के लिए पीएम मोदी ने अपने ‘परम मित्र रूस के राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व की सराहना’ की। पीएम मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा, ‘उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक इस पार्टनरशिप को मज़बूती देने के लिए शानदार काम किया है। बीते 10 सालों में मैं छठी बार रूस आया हूं और इन सालों मैं हम एक दूसरे से 17 बार मिले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ये सारी मुलाकात आपसी विश्वास और सम्मान बढ़ाने वाली रही है। जब हमारे छात्र संघर्ष के बीच फंसे थे, तो राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें वापस भारत पहुंचाने में हमारी मदद की थी। मैं रूस के लोगों का, मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन का इसके लिए भी फिर से आभार व्यक्त करता हूं।’ संबोधन के दौरान पीएम मोद ने भारत और रूस के संबंधों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के योगदान का जिक्र करते हुए राजकपूर और मिथुन का भी नाम लिया। पीएम मोदी ने राज कपूर पर फिल्माए गए श्री 420 फिल्म के सुपरहिट गीत मेरा जूता है जापानी की लाइनें.. सिर पर लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी सुनाकर भारतीय समुदाय के योगदान को सराहा।

रूसी सेना में फिलहाल 40 भारतीय सेवा दे रहे, जंग लड़ रहे भारतीयों को जल्द डिस्चार्ज करेगा रूस

मॉस्को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अमेरिका के दो दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. खबर है कि यूक्रेन जंग के लिए रूस की सेना में शामिल किए गए भारतीयों की अब सुरक्षित वापसी होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मॉस्को पहुंचने के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था. इसके बाद भारतीय सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में फिलहाल 30 से 40 भारतीय सेवा दे रहे हैं. इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ये भारतीय वतन लौटना चाहते हैं लेकिन रूसी सेना छोड़कर स्वदेश वापसी इनके लिए मुमकिन नहीं है. रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार ने कई तरह के राजनयिक प्रयास किए लेकिन रूस की ओर से किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया. ऐसे में पीएम मोदी के रूस दौरे के दौरान रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की सुरक्षित वापसी बड़ी प्राथमिकता थी. बता दें कि रूस और यूक्रेन जंग में दो भारतीयों की मौत हुई थी. इसके बाद भारत ने रूस से वहां की सेना में भर्ती भारतीयों को वापस भेजने की मांग की थी. मोदी को पुतिन ने बताया था परम मित्र दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपना ‘परम मित्र’ बताया था. पुतिन ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा था कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, परम मित्र आपका हार्दिक स्वागत है. आपको देखकर मुझे बड़ी खुशी हुई. (हमारे बीच) औपचारिक बातचीत कल होने वाली है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण भेजा था, जहां दोनों नेता मंगलवार को भारत-रूस के बीच 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में बैठक करेंगे. इस द्विपक्षीय बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है. इससे पहले आज जब दोनों नेता मिले तो उनकी करीबी दोस्ती भी साफ नजर आई. पुतिन के निमंत्रण पर रूस पहुंचे हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब पांच साल में पहली बार रूस पहुंचे हैं. यह तीसरे कार्यकाल की उनकी दूसरी विदेश यात्रा है. प्रधानमंत्री सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे मॉस्को पहुंचे थे. यहां वणुकोवो-II इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का रूस के प्रथम डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने स्वागत किया था. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आधिकारिक बातचीत आज होगी. इससे पहले भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि मौजूदा स्थिति का हल युद्ध के मैदान में नहीं निकाला जा सकता. यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी पीएम मोदी के प्रमुख एजेंडे में शामिल था.  

पुतिन ने भारत की प्रगति में मोदी के योगदान की खुलकर तारीफ की

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार रात नोवो-ओगारियोवो में अपने आधिकारिक आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. पुतिन ने पीएम मोदी को अपने आवास के चारों तरफ घुमाया. इलेक्ट्रिक कार की सवारी की और घोड़ों का अस्तबल भी दिखाया. इस दौरान दोनों नेताओं को हल्के-फुल्के अंदाज में देखा गया. ये बातचीत द्विभाषीय के जरिए हुई. पुतिन ने भारत की प्रगति में मोदी के योगदान की खुलकर तारीफ की. पुतिन ने पीएम मोदी को मॉस्को के बाहर निजी बातचीत के लिए सरकारी आवास बुलाया था. यहां पुतिन ने कहा, ”मैं आपको एक बार फिर प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं. मुझे नहीं लगता है कि यह कोई आकस्मिक जीत है, बल्कि आपके कई वर्षों के कामों का परिणाम है. आपके अपने विचार हैं. आप बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं. भारत और भारतीय लोगों के हित में नतीजे देने में सक्षम हैं. रिजल्ट स्पष्ट है.” ‘पूरा जीवन सेवा में समर्पित कर दिया’ सरकारी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक, पुतिन का कहना था कि भारत मजबूती से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और हम इसे महसूस कर सकते हैं. ‘देशवासियों ने मातृभूमि की सेवा का अवसर दिया’ दरअसल, जब दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने चाय पर अनौपचारिक चर्चा की तो मोदी ने भारत में हाल ही संपन्न हुए आम चुनावों का जिक्र किया और कहा, ‘भारत के लोगों ने उन्हें मातृभूमि की सेवा करने का मौका दिया है.’ इस पर पुतिन ने जवाब दिया, ‘आपने अपना पूरा जीवन भारतीय लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और वे इसे महसूस कर सकते हैं.’ ‘पुतिन ने खुद पीएम मोदी को इलेक्ट्रिक कार में घुमाया’ रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘आपका कहना सही है. मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य है. मेरा देश और मेरे देश के लोग.’ बाद में, राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने नोवो-ओगारियोवो में पुतिन के आवास के आसपास सैर की. पुतिन ने मोदी को आवास के चारों ओर घुमाया और उन्हें एक इलेक्ट्रिक कार में घुमाया. अधिकांश समय उन्होंने दुभाषियों के जरिए बात की. हालांकि, जब वे कार छोड़ कर बगीचे की ओर चल रहे थे तो उनके बीच अंग्रेजी में संक्षिप्त बातचीत भी हुई. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को अपना घोड़ों का अस्तबल भी दिखाया. यहां दोनों नेताओं ने टहलते हुए अपनी बातचीत जारी रखी. ‘दोस्त का बंधन और मजबूत होगा’ बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में किया और नोवो-ओगारियोवो में मेजबानी के लिए राष्ट्रपति पुतिन का आभार व्यक्त किया. मोदी ने कहा, कल भी हमें बातचीत का इंतजार है. ये बातचीत निश्चित रूप से भारत और रूस के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने में काफी मददगार साबित होगी. इससे पहले विदेश मंत्रालय ने निजी कार्यक्रम को दो करीबी दोस्तों और भरोसेमंद साझेदारों की मुलाकात बताया था. बैठक की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा गया, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने निजी बातचीत के लिए नोवो-ओगारियोवो में अपने आधिकारिक आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. यह दोनों नेताओं के लिए भारत-रूस मित्रता को संजोने और उसका जश्न मनाने का अवसर है. रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद पीएम मोदी की यह पहली मॉस्को यात्रा है. मंगलवार को मोदी-पुतिन के बीच शिखर वार्ता होने जा रही है. इससे पहले सोमवार को पीएम मोदी रूस पहुंचे तो वनुकोवो-द्वितीय एयरपोर्ट पर रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, हम भविष्य के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने के लिए उत्सुक हैं और भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों से हमारे लोगों को बहुत लाभ होगा. प्रधानमंत्री ने कहा, भारत एक शांतिपूर्ण और स्थिर क्षेत्र के लिए सहायक भूमिका निभाना चाहता है.  

पीएम नरेंद्र मोदी के सामने नायडू ने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए

नईदिल्ली आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से 20 मिनट की मुलाकात की। मीटिंग का वक्त भले ही कम था, लेकिन चंद्रबाबू नायडू की डिमांड लिस्ट बहुत लंबी थी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालय भी अपनी परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश को प्राथमिकता दें। इसी के तहत उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों से मुलाकात की। केंद्र की एनडीए सरकार में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले चंद्रबाबू नायडू इस बात का अहसास है कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता। ऐसे में उनकी मांग स्पेशल पैकेज पर आ गई है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पीएम मोदी से आंध्र पर 13 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का मुद्दा उठाया। नायडू ने कहा कि ऐसी स्थिति पहले की जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौर में बनी, जबकि राज्य में कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार नहीं हुआ है। नायडू ने इस मीटिंग में लंबी डिमांड लिस्ट रखते हुए कहा कि पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए भी मोदी सरकार रुके हुए फंड को जारी करे। उनकी एक बड़ी मांग यह भी थी कि अमरावती को राजधानी के तौर पर तैयार करना है। उसके लिए फंड की कमी है। इसलिए मोदी सरकार की ओर से यदि मदद मिल जाए तो यह काम तेजी से पूरा हो सकेगा। इसके अलावा राज्य में सड़कों, बांध, पुलों, सिंचाई परियोजनाओं के तेजी से विकास के लिए उन्होंने अलग से पैकेज की मांग की है। उनका कहना था कि बुंदेलखंड के लिए सरकार ने जिस तरह से अलग परियोजना तैयार की और स्पेशल पैकेज जारी किया गया। उसी तरह आंध्र प्रदेश को लेकर भी विचार किया जाए। गडकरी शिवराज को भी सौंप दिया मांग पत्र पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद नायडू ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने राज्य में हाईवेज के विकास के लिए फंड की मांग की। कई परियोजनाओं का खाका भी नितिन गडकरी के सामने पेश किया। यही नहीं इसके बाद उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बात की। कहा जा रहा है कि शुक्रवार को वह कुछ और मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह मांग करेंगे कि मंत्रालयों की ओर से आंध्र के लिए भी स्पेशल योजनाएं तैयार की जाएं।  

PM मोदी 13 जुलाई को मुंबई में करेंगे कई परियोजना का शिलान्यास

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 जुलाई को मुंबई में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास करने के वाले हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार मुंबई का दौरा करेंगे। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 13 जुलाई को मुंबई में प्रस्तावित गोरेगांव- मुलुंड लिंक रोड और बोरीवली- ठाणे लिंक रोड के सबवे की आधारशिला रखेंगे। मुंबई में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए 6,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री 1,170 करोड़ रुपये की प्रस्तावित ऑरेंज गेट टू ग्रांट रोड एलिवेटेड रोड परियोजना का भूमि पूजन भी करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी मुंबई नगर निगम की विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं का भी शिलान्यास करने वाले हैं। इनमें सड़क कंक्रीटिंग परियोजनाएं, सीवरेज योजनाएं शामिल हैं।      

‘हमारे 10 साल हुए, 20 अभी बाकी; इस भविष्यवाणी के लिए आपके मुंह में घी-शक्कर’, पीएम मोदी ने कसा तंज

नई दिल्ली  राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा, ‘कुछ लोग जानबूझकर जनादेश से अपना मुंह फेर कर बैठे रहे, कुछ लोगों को समझ नहीं आया और जिनको समझ आया उन्होंने हो-हल्ला कर देश की जनता के इस महत्वपूर्ण निर्णय पर छाया करने की कोशिश की। लेकिन मैं पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर पराजय भी स्वीकार हो रही है और दबे मन से विजय भी स्वीकार हो रही है। 10 साल के बाद किसी एक सरकार की लगातार फिर से वापसी हुई है और मैं जानता हूं कि भारत के लोकतंत्र में 6 दशक बाद हुई, ये घटना असामान्य है।’ हमारे 10 साल हुए अभी 20 साल बाकी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था, हालांकि उनकी पार्टी ही उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि जिन्होंने ये बार-बार ढोल पीटा था कि ये एक तिहाई सरकार है, उनके मुंह में घी शक्कर। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं, 20 और बाकी हैं। अभी एक तिहाई हुआ कार्यकाल हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। ‘जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज किया’ अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘संविधान हमारे लिए सिर्फ संविधान के अनुच्छेद भर नहीं हैं बल्कि इसकी भावना भी हमारे लिए अहम है। किसी भी परिस्थिति में संविधान हमारा मार्गदर्शन करता है। मैंने जब लोकसभा में हमारी सरकार की तरफ से कहा था कि हम 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाएंगे, तो मैं हैरान हूं कि जो लोग आज संविधान को लेकर घूमते हैं, उन्होंने उसका विरोध किया था। संविधान हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अब जब हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं तो हमने इसे जन उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है।’ ‘देश की जनता ने हमें जो तीसरी बार अवसर दिया है, वो अवसर विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को मजबूती देने के लिए, संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए देश को करोड़ों लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया। ये चुनाव 10 वर्षों की सिद्धि पर तो मुहर है ही, साथ ही भविष्य के संकल्पों पर भी मुहर है। देश की जनता का भरोसा हम पर है और इसी भरोसे पर जनता ने हमें फिर से मौका दिया है। देश ने पिछले 10 वर्षों में हमारे देश की अर्थव्यवस्था को दसवें नंबर से पांचवें नबर पर पहुंचते देखा है। देश की जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज कर परफॉर्मेंस को तरजीह दी है। इस बार देश की जनता ने हमें पांचवे नंबर से तीसरे नंबर पर पहुंचाने का जनादेश दिया है और हम इस संकल्प को पूरा करके रहेंगे।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी तंज कसा। दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को बहुमत नहीं मिला। इसके बाद से ही वे इस सरकार को एक तिहाई सरकार कह रहे थे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमें सत्ता में 10 साल तो हो गए और आपके हिसाब से अभी 20 साल बाकी हैं। आपके मुंह में घी-शक्कर। जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर तक पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है। कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था। उनकी पार्टी उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। मैं कहता हूं कि वह जो कहते थे, उनके मुंह में घी शक्कर। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि उन्होंने बार-बार ढोल पीटा था कि एक तिहाई सरकार। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं। 20 और बाकी हैं। एक तिहाई हुआ। एक तिहाई हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। जयराम रमेश ने क्या कहा था? इससे पहले जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव में पीएम मोदी ने खुद को मुद्दा बनाया और खुद को भगवान बताया। वह खुद अपनी सीट डेढ़ लाख वोट से ही बचा सके। उन्हें जनादेश भी नहीं मिला है। 2024 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की प्रचंड हार हुई है। 400 पार का नारा लगाया और उससे बहुत दूर रह गए। यह मोदी की हार है। वह पीएम नहीं, बल्कि एक तिहाई प्रधानमंत्री हैं। चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के सहारे प्रधानमंत्री हैं।

‘घोटाला करे AAP, शिकायत करे कांग्रेस, कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को’, विपक्षी एकता पर PM मोदी का प्रहार

नई दिल्ली  राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनना ऐतिहासिक है। स्वतंत्र भारत के इतिहास और संसदीय यात्रा में कई दशकों के बाद ऐसा हुआ है कि जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को जनादेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 60 साल के बाद ऐसा हुआ है कि सरकार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद वापस लौटी है। मैं समझता हूं कि यह कोई सामान्य बात नहीं है। कुछ लोगों ने जानबूझकर जनता द्वारा दिए गए इस फैसले को ब्लैकआउट करने की कोशिश की। हमारे देश के लोगों ने हमें अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर 5वें से तीसरे स्थान पर लाने का जनादेश दिया है, और मुझे पूरा विश्वास है कि हम भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में शीर्ष 3 में पहुंचा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हम देश की जनता की बुद्धिमता पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने दुष्प्रचार को पराजित किया। उन्होंने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने छल की राजनीति को खारिज किया और विश्वास की राजनीति पर विजय की मुहर लगाई। अगले पांच साल बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने और गरीबी के खिलाफ लड़ाई के लिए है। यह देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा और मैं यह पिछले दस वर्षों के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर होगा। संविधान का अनादर किया राज्यसभा के स्पीकर ने कहा,’नेता प्रतिपक्ष ने मेरा अनादर नहीं किया उस संविधान का अनादर किया है, जिसकी शपथ उन्होंने ली है. यह कैसे हो सकता है, ये अपर हाउस. हमें देश का मार्गदर्शन करना है. मैं उनके आचरण की भर्त्सना करता हूं. सदन का मतलब है कि आपने अपनी बात कर ली तो सत्ता पक्ष की भी बात सुनो.’ जनादेश को पचा नहीं पा रहे स्पीकर जगदीप धनखड़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष के वॉकआउट पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा,’नारेबाजी हो हल्ला और मैदान छोड़कर भाग जाना यही उनके (विपक्ष) नसीब में लिखा हुआ है.140 करोड़ देशवासियों ने जो जनादेश दिया है, उसको ये पचा नहीं पा रहे हैं. कर्तव्य से बंधा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी ने आगे कहा,’कल इनके सारे हथकंडे फेल हो गए. आज इनमें लड़ने का हौसला भी नहीं रहा. मैं तो कर्तव्य से बंधा हुआ है. देश का सेवक हूं. उन्होंने फर्टिलाइजर को लेकर कहा कि वैश्विक संकटों की वजह से कुछ समस्याएं उत्पन्न हुईं, लेकिन हमने 12 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया.’ पीएम मोदी ने कहा कि पहले हमारे देश में छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था, और बहुत कम किसानों तक इसकी पहुंच होती थी। आज हमारी नीतियों के कारण, संख्या में काफी वृद्धि हुई है। हमने किसानों को एक व्यापक भूमिका में देखा है, और किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को इसके लाभों के माध्यम से हमने उनके जीवन को सुविधाजनक बनाया है, इससे कृषि क्षेत्र मजबूत हुआ है और उनके काम के लिए मजबूत समर्थन प्रदान किया गया है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि झूठ फैलाने वालों में सच सुनने का भी साहस नहीं है। उनमें सच का सामना करने और इतनी चर्चा के बाद उठाए गए सवालों का जवाब देने का साहस नहीं है। वे उच्च सदन की महान परंपरा का अपमान कर रहे हैं। देश की जनता ने उन्हें हर तरह से हरा दिया है, उनके पास सड़कों पर नारे लगाने, हंगामा करने और मैदान छोड़कर भाग जाने के अलावा कुछ नहीं बचा है। हम दिल्ली में मोदी की वाहवाही कर सकते थे- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि जब जी-20 की मीटिंग हुई, हम दिल्ली में बहुत तामझाम के साथ मोदी की वाहवाही कर सकते थे लेकिन हम चाहते थे  कि विश्व राज्यों के बारे में जाने. हम फेडरलिज्म में विश्वास रखते हैं. कोरोना काल में जितने मुख्यमंत्रियों से संवाद हुआ, इतने कम समय में कभी नहीं हुआ. हम ऐसी स्थिति में हैं जहां से एक नई क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं. सेमी कंडक्टर को लेकर राज्यों को भी नीतियां बनानी चाहिए. राज्यों में प्रतिस्पर्धा हो, गुड गवर्नेंस के साथ हो. आज जब विश्व दस्तक दे रहा है, राज्यों से आग्रह करूंगा कि आगे आइए और फायदा उठाइए. रोजगार के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं होना चाहिए, युवाओं को फायदा मिलेगा. असम में सेमी कंडक्टर पर तेज गति से काम हो रहा है. इससे नॉर्थ ईस्ट को बहुत फायदा मिलने वाला है. यूएन ने 2023 को मिलेट्स ईयर के रूप में घोषित किया था. ये भारत की ताकत है. राज्य इसके लिए आगे आए. इससे किसान के लिए समृद्धि के नए द्वार खुल सकते हैं. दुनिया के लिए न्यूट्रिशियन मार्केट का सॉल्यूशन भी मिलेट में है. आरोग्य की दृष्टि से भी वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए राज्य आगे आएं. ईज ऑफ लिविंग सामान्य नागरिक का हक है. राज्य इसके लिए आगे आएं. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई है, इसे कई स्तर पर नीचे ले जाना पड़ेगा. राज्य अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ बीड़ा उठाएंगे तो हम बहुत तेजी से भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला पाएंगे. 21 वीं सदी को अगर भारत की सदी बनानी है तो एफिशिएंसी की दिशा में तेजी से काम करना होगा. मणिपुर में सौहार्द के लिए हर प्रयास कर रही है सरकार- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर में हालात सामान्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है. मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं. मणिपुर में भी स्कूल-कॉलेज संस्थान खुले हुए हैं. जैसे देश में परीक्षाएं हुईं, वहां भी परीक्षाएं हुई हैं. केंद्र सरकार सभी से बातचीत करके सौहार्द का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है. छोटे-छोटे ग्रुपों से बात की जा रही है. गृह मंत्री वहां जाकर कई दिन रहे हैं. अधिकारी भी लगातार जा रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए हर प्रकार से … Read more

लोकसभा में मोदी पर हमला करने वालों में टीएमसी और समाजवादी पार्टी आगे, PM ने उन्हें बख्शा

नई दिल्ली सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी को जमकर घेरा था. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसका जवाब देना था. देशवासी मंगलवार को सुबह से ही पीएम नरेंद्र मोदी का स्पीच सुनने के लिए बेकरार थे. क्योंकि पीएम मोदी लोकसभा में जब बोलते हैं तो कांग्रेस और विपक्ष को कुंडली खोल कर रख देते रहे हैं. जाहिर है कि कयास लगाए जा रहे थे कि आज पीएम मोदी कांग्रेस की जमकर धुलाई करेंगे. मोदी राहुल गांधी के जवाब में खूब बोले, करीब 2 घंटे से ऊपर (करीब 2 घंटा 17 मिनट) बोलते रहे. उन्होंने कांग्रेस , कांग्रेस नेताओं, नेहरू और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक के बारे में बोला. राहुल गांधी ने जिन खास बातों की चर्चा की थी उनमें से कुछ एक को छोड़कर अधिकतर मुद्दों पर उन्होंने अपने भाषण में शामिल किया. जाहिर अब इस बात पर बहस होगी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में किसने बेहतर बोला. आइए देखते हैं कि पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब देने कितना सफल साबित हुए. साथ ही पीएम मोदी के भाषण के मायने क्या रहे? मोदी का मेन फोकस पर कांग्रेस पर रहा, अखिलेश और ममता की चर्चा तक नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पूरी स्पीच के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को ही टार्गेट पर रखा. जबकि कल से ही उन पर टार्गेट करने वालों में तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल थे. पर पीएम मोदी का फोकस कहीं और नहीं था. उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी यहां तक राजीव गांधी की भी चर्चा की. मोदी की कोशिश यह साबित करने पर रही कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के लिए परजीवी की तरह है. शायद उन्हें लगता है कि उनकी स्पीच से समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आदि कांग्रेस से सजग होंगी.  मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने इस चुनाव का विश्लेषण किया है कि नहीं किया है. ये चुनाव इन साथियों के लिए भी एक संदेश है. अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी. 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है. कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है और इसीलिए कांग्रेस, परजीवी कांग्रेस बन चुकी है. यह तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं. आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं. जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है. लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है. कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि परजीवी कांग्रेस है. 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वोट शेयर गिर चुका है. गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और 64 में से सिर्फ दो सीट जीत पाई है. इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर के सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, न खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीटें जीत पाना भी बहुत मुश्किल था. राहुल गांधी पर पर्सनल अटैक, पप्पू की जगह ली बालक बुद्धि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भाषण के दौरान एक बार कहा कि अब जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा. राहुल गांधी ने जिस तरह अपने भाषण में कई बार पीएम पर पर्सनल अटैक किया उसका जवाब आज पीएम मोदी ने भी उससे भी कड़े अंदाज में दिया. अब तक राहुल गांधी के विरोधी उन्हें पप्पू कहकर संबोधित करते रहे हैं. पर आज पीएम ने अपने स्पीच के दौरान नाम लिये बिना कई बार उनका बालक बुद्धि कह कर मजाक उड़ाया. मोदी ने कहा कि जब उन पर बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है तो ये किसी के भी गले पड़ जाते हैं. ये हजारो करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर हैं, ओबीसी पर टिप्पणी के मामले में सजा पा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी पड़ी है. इन पर वीर सावरकर के अपमान का मुकदमा है. इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा है. इन पर कई अदालतों में झूठ बोलने के केस हैं. बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है ना व्यवहार का ठिकाना होता है. बालक बुद्धि जब पूरी तरह से सवार हो जाती है तो ये सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं. सदन में बैठकर भी आंखें मारते हैं. इनकी सच्चाई पूरा देश समझ गया है. इसलिए देश इनसे कह रहा है- तुमसे नहीं हो पाएगा. तुलसी दासजी कह गए हैं- जुठई लेना, जुठई देना, जुठई भोजन, जुठई चबेना. कांग्रेस ने जूठ को राजनीति का हथियार बनाया. कांग्रेस के मुंह जूठ लग गया है जैसे वो आदमखोर एनिमल होता है न जिसके मुंह पर लहु लग जाता है. वैसे कांग्रेस के मुंह जूठ का खून लग गया है. देश ने कल एक जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है. मोदी ने कहा कि आजकल सिम्पैथी गेन करने के लिए एक नई ड्रामेबाजी शुरू की गई है. नया खेल खेला जा रहा है. एक किस्सा सुनाता हूं. एक बच्चा स्कूल से आया और जोर-जोर से रोने लगा. उसकी मां भी डर गई क्या हो गया. वह कहने लगा मां मुझे स्कूल में मारा गया. आज उसने मारा, इसने मारा और रोने लगा. मां ने बात पूछी तो बता नहीं रहा था. बच्चा ये नहीं बता रहा था कि उस बच्चे ने किसी बच्चे को मां की गाली दी थी, किताबें फाड़ दी थी, टीचर … Read more

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया कहा, “चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया, तो ये लोग छटपटा रहे हैं

JABALPUR 2

भोपाल  लोकसभा के सत्र में राहुल गांधी ने सोमवार एक जुलाई को जो भाषण दिया, उससे सियासी महकमे में भयंकर हंगामा मच गया. राहुल गांधी के भाषण के एक हिस्से में हिन्दू समाज का जिक्र किया गया था, जिसके बाद सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने कांग्रेस को ‘हिन्दू विरोधी’ करार दे दिया है. अब इस मामले में दिग्विजय सिंह राहुल गांधी के समर्थन में आए हैं. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी के भाषण और इस पर किए जाने वाले बीजेपी के हमले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने ये अपने भाषण में ही साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और आरएसएस हिन्दूओं के प्रतीक नहीं हैं. इनका आचरण हिन्दू धर्म की सीख के खिलाफ है.” ‘भले चाय न बेची हो, लेकिन कई लोग पीएम बने’ वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया. दरअसल, मंगलवार को सदन की शुरुआत से पहले बीजेपी के संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया. उन्होंने कहा, “चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया, तो ये लोग छटपटा रहे हैं.” पीएम मोदी के इस बयान पर दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, “भले ही चाय ना बेची हो लेकिन कई लोग पीएम बने हैं. इस देश में किसी को भी प्रधानमंत्री बनने का हक है. बाबा साहब अंबेडकर के लिखे संविधान की बदौलत मोदी प्रधानमंत्री बने हैं.” क्या था पीएम मोदी का बयान? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के सदन में व्यवहार को गलत बताया और बीजेपी के सांसदों से अपील की कि उनके जैसा बर्ताव न करें और अच्छा आचरण रखें. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए यह असहनीय है कि एक चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया.

स्किल जनगणना कराई जाती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायड ने हाल ही में अपने राज्य में स्किल सेंसस कराने की बात कही है। चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की ज्यादा जरूरत है। अगर नायडू की यह योजना रंग लाती है तो इस तरह की जनगणना कराने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। यह जनगणना हमें हमारे वर्कफोर्स की कैपेसिटी और खामियों को उजागर कर सकेगी। माना जा रहा है कि नायडू की इस पहल से मानव संसाधान का भरपूर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर नायडू की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। ज्यादातर लोग इसे पूरे भारत में लागू करने की बात कर रहे हैं। दरअसल, आज जब हर ओर जब जाति जनगणना, धर्म आधारित जनगणना की बात हो रही है तो ऐसे में नायडू की यह पहल बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, नायडू की यह पहल इतनी अच्छी है कि यह पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। भारत में डिग्रीधारी बहुत, मगर नौकरियों के लिए फिट नहीं कौशल के मामले में भारत में मिली-जुली स्थिति है। भारत में आधी से ज़्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यह बहुत बड़ी संभावना है। हालांकि, भारतीय युवा बेरोजगारी और कम रोजगार के हाई रेट का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास डिग्री तो है, लेकिन उपलब्ध नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। आागे बढ़ने से पहले ग्राफिक से ये समझते हैं कि देश में बेरोजगारी की क्या स्थिति है। ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी चरम पर पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, 2022-23 के अनुसार, ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी की दर काफी ज्यादा है। इनमें 24 फीसदी के साथ आंध्र प्रदेश नंबर वन पर है। वहीं, बीमारू राज्यों में बेरोजगारी दर 16.6 फीसदी के साथ बिहार, 11 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, 9.3 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश और 23.1 फीसदी के साथ राजस्थान है। जरूरत के मुताबिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग स्किल सेंसस से हम सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि देश भर की अलग-अलग इंडस्ट्री में किस तरह के कौशल की कितनी कमी है। इसे हम ट्रेनिंग देकर पूरी कर सकते हैं। मान लीजिए- किसी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ट्रेंड लोगों की जरूरत है। ऐसे में हम ज्यादा लोगों को एआई की ट्रेनिंग देकर उस इंडस्ट्री की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले ये ग्राफिक देख लीजिए। वैश्विक कौशल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार स्किल सेंसस से वैश्विक स्तर पर किन स्किल्स की डिमांड ज्यादा है, इसका पता लगाया जा सकता है। इससे कोई भी देश अपने वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देकर इन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि के अनुसार, नायडू की इस पहल का पूरे देश में स्वागत होना चाहिए। पीएम मोदी को भी इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि भारत को अपने मानव संसाधन के बारे में सटीक जानकारी हो। यह भी जानकारी हो पाएगी कि यह मानव संसाधन कितना स्किलफुल है। जो स्किल चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करना स्किल जनगणना से प्रभावी ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप किया जा सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं, जो जरूरी स्किल्स को पूरी कर सके। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब स्किल सेंसस से इस बारे में पता लग सके कि कितने लोग स्किल से लैस हैं। दुनिया में फिनलैंड ज्यादा स्किल वाला देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ह्मून कैपिटल इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा स्किल आबादी वाला देश फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं, जो पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। इन देशों में प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था काफी अच्छी है। युवाओं की साक्षरता बेहद अच्छी है और ऐसी पढ़ाई या ट्रेनिंग दी जाती है, जो उन्हें हर तरह की स्किल के लिए तैयार करती है। प्रोफेसर गिरि के अनुसार, भारत भी अगर स्किल सेंसस कराए और अपनी आबादी को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करे तो यह स्विट्जरलैंड या नॉर्वे जैसा देश बन सकता है। जाति-धर्म आधारित जनगणना से जरूरी है स्किल सेंसस दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि आंध्र प्रदेश में स्किल सेंसस की पहल काफी अच्छी योजना है। इससे सिर्फ आंध्र ही नहीं, पूरे भारत की तस्वीर बदल सकती है। जब हमें यह पता होगा कि हमारा वर्कफोर्स कितनी तरह की स्किल से लैस है तो हम दुनिया के दूसरे देशों को मनमुताबिक मानव संसाधनों को लेकर तोल-मोल कर सकते हैं। तब यह वर्कफोर्स सिर्फ लेबर नहीं रह जाएगा। वह अपनी शर्तों पर काम कर पाएगा। पीएम मोदी को स्किल सेंसस पूरे भारत में करानी चाहिए। जो मौजूदा राजनीति में जाति-धर्म आधारित जनगणना से इतर एक अलग नजीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से आगे की बात प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।  

केरल कांग्रेस ने जी7 में पोप – मोदी की मुलाकात का मजाक उड़ाया

नई दिल्ली केरल कांग्रेस ने पोप फ्रांसिस और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर तंज कसा था। जब कांग्रेस को यह मजाक भारी पड़ गया तो उसने पोप से माफी मांगी है। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस के कमेंट पर आपत्ति जताई थी और फटकार लगाई थी। मामला यूं है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी। मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा था- आखिरकार पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल ही गया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था- मुझे विश्वास है कि मुझे भगवान ने भेजा है। इसे लेकर कांग्रेस ने यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने फिर एक पोस्ट में माफी मांगी है और कहा है कि किसी धर्म का तिरस्कार करना उसकी परंपरा नहीं है। लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभालने के बाद पीएम मोदी ने पहली विदेश यात्रा के लिए इटली का दौरा किया था। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी इटली पीएम मेलोनी के आमंत्रण पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने दुनियाभर के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी की पोप फ्रांसिस संग भी मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केरल कांग्रेस ने तंज कसा था। केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोप फ्रांसिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “आखिरकार पोप की भगवान से मुलाकात हो गई।” कांग्रेस की इस पोस्ट पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी को फटकार लगाई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने और उनकी आस्था का उपहास करने के बाद कांग्रेस में इस्लामवादी-मार्क्सवादी गठजोड़ अब ईसाइयों का अपमान करने पर उतर आया है। यह तब है, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी खुद कैथोलिक हैं। उसे माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को फटकार लगाने वालों में सिर्फ मालवीय ही नहीं, के सुंदरन, हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अनिल एंटनी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन जैसे नेता भी थे। कुरियन ने कहा कि ययह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। चौतरफा घिरने और आलोचना झेलने के बाद केरल कांग्रेस की तरफ से माफीनामा भी आया। कांग्रेस ने मांगी माफी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने अगले पोस्ट में लिखा, “इस देश की पूरी जनता जानती है कि किसी भी धर्म, धार्मिक पुजारियों और मूर्तियों का अपमान और तिरस्कार करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कांग्रेस एक ऐसा आंदोलन है जो सभी धर्मों और आस्थाओं को एकजुट करता है और मैत्रीपूर्ण माहौल में लोगों को आगे बढ़ाता है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनिया भर के ईसाइयों के भगवान के समान मानते हैं। हालांकि, कांग्रेस को नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाने में कोई गुरेज नहीं है, जो यह कहते हैं कि वह भगवान हैं। देशवासी नरेंद्र मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल को पोप के अपमान के रूप में चित्रित करने की कोशिश करने वालों को समझेंगे। यदि मोदी और उनके साथियों को ईसाई समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है तो मणिपुर में जलाए गए चर्च पर वे चुप क्यों रहे? पहले उन्हें ईसाई समुदाय से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि इस पोस्ट से ईसाइयों को कोई दुख हुआ हो तो हम क्षमा मांगते हैं।”  

PM Modi 18 जून को आएंगे वाराणसी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

The Forest Department organized a program titled One Tree in the Name of Mother.

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के पीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली अपने 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  जाएंगे. उनके वाराणसी दौरा का शेड्यूल भी जारी हो गया है. पीएम 18 जून को शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में  भी शामिल होंगे. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 18 जून को उत्तर प्रदेश और 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे. लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आने वाले हैं. शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वाराणसी में ही रुकेंगे पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम शाम सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और शाम सात बजे दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे. और रात में वाराणसी में ही रुकेंगे. cm ने किया कार्यक्रम स्थल का दौरा वहीं, पीएम के दौरे से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. वाराणसी के दौरे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आगले दिन 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे, जहां पीएम सुबह दस बजे नालंदा यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे. G-7 समिट में बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘इस समिट में निमंत्रण के लिए मैं प्रधानमंत्री मेलोनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मैं चांसलर शोल्ज़ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. G-7 समिट का ये आयोजन विशेष भी है और ऐतिहासिक भी है. G-7 के सभी साथियों को इस समूह की पचासवीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह आप में से कई मित्र, यूरोपियन पार्लियामेंट के चुनावों में व्यस्त थे. कुछ मित्र आने वाले समय में चुनावों की सरगर्मी से गुजरेंगे.भारत में भी पीछे कुछ महीने चुनाव का समय था. भारत के चुनाव की विशेषता और विशालता कुछ आकड़ों से समझी जा सकती है.   2600 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, 1 मिलियन से ज्यादा पोलिंग बूथ, 5 मिलियन से ज्यादा ईवीएम, 15 मिलियन पोलिंग स्टाफ और लगभग 970 मिलियन वोटर्स, जिनमें से 640 मिलियन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.’  

PM मोदी ने जी7 सम्मेलन में राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री ट्रूडो से अलग-अलग बातचीत की

Press Conference: BJP is anti-village and anti-farmer, took loan and indulged in corruption: Jeetu Patwari

अपुलिया जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे से भारत के लिए रवाना हो गए हैं. जी7 शिखर सम्मेलन के इतर इटली में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और कनाडा के समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से हुई उनकी मुलाकात काफी चर्चा में रही. बाइडेन के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बाइडेन से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है. भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “जी7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की.” मुलाकात के दौरान मोदी और ट्रूडो दोनों एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन करते देखे गए. हालांकि तुरंत यह पता नहीं चल पाया है कि मोदी और ट्रूडो के बीच क्या बातचीत हुई. विदेश सचिव का बयान विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बुधवार को कहा था कि कनाडा के साथ भारत का मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा चरमपंथ और हिंसा की वकालत करने वाले भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक पनाह प्रदान करना रहा है. उन्होंने कहा कि भारत लगातार कनाडा को अपनी “गहरी चिंताओं” से अवगत कराते रहा है. और नई दिल्ली को उम्मीद है कि ट्रूडो सरकार उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी. दोनों देशों के रिश्तों में इस वजह से आई खटास पिछले साल सितंबर में ट्रूडो द्वारा ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे. नई दिल्ली ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया था. भारत कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा कनाडा की धरती से संचालित खालिस्तान समर्थक तत्वों को बेखौफ जगह दे रहा है.  भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए निज्जर की पिछले साल 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) द्वारा की जा रही है. ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए आरोपों के कुछ दिनों बाद, भारत ने कनाडा से देश में अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने के लिए कहा ताकि समानता सुनिश्चित की जा सके. इसके बाद कनाडा ने भारत से 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था. जेलेंस्की से भी मिले पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि शांति का रास्ता “बातचीत और कूटनीति” से होकर जाता है. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने और पीएम मोदी ने शांति शिखर सम्मेलन और इसके एजेंडे के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने इसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. जापान और फ्रांसीसी पीएम से भी मिले मोदी पीएम मोदी ने भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ भी चर्चा की. इसके अलावा पीएम मोदी ने इटली के अपुलिया में जी -7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापानी पीएम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत में लक्षित पांच ट्रिलियन येन के निवेश के साथ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर चर्चा की. पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘अपुलिया में जी7 शिखर सम्मेलन में बहुत ही उपयोगी दिन रहा. वैश्विक नेताओं से बातचीत की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जिससे वैश्विक समुदाय को लाभ हो और भावी पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो. मैं इटली के लोगों और सरकार को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं.’

आतंकी हमलों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डल झील किनारे योग दिवस मनाएंगे PM मोदी

River blocked the way, Kudmur river in spate due to heavy rains

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बीते करीब एक सप्ताह से आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ गई। वैष्णो देवी के पास तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला हुआ तो उसके बाद तीन और अटैक हुए थे। इन आतंकी हमलों के बाद हालात की समीक्षा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग भी की थी। इस बीच खबर है कि 21 जून यानी योग दिवस के मौके पर वह श्रीनगर में डल झील के किनारे आयोजन में शामिल होंगे। पीएम के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद नरेंद्र मोदी का यह पहला कश्मीर दौरा होगा। अब तक पीएम मोदी की विजिट की आधिकारिक सूचना नहीं है। 20 जून को श्रीनगर पहुंचेंगे पीएम एक अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री 20 जून को श्रीनगर आने वाले हैं ताकि 21 जून की सुबह योग दिवस कार्यक्रम में भाग ले सकें। इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतिभागियों के रहने की उम्मीद है। योग दिवस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज किया जाएगा और एसपीजी की एक टीम इस हफ्ते के आखिर में श्रीनगर पहुंचेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाए। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम के लिए एथलीटों और खिलाड़ियों को लाएं। सूत्रों का कहना है कि डल झील के किनारे आयोजन की तैयारियां होने लगी हैं। अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आयोजन के इंतजाम तक में जुटे हुए हैं। डल झील के पास ही बने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पीएम मोदी आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। एक अधिकारी ने बताया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी 20 जून की शाम को ही श्रीनगर पहुंच जाएंगे। इसके बाद वह 21 तारीख को सुबह योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। हमें उम्मीद है कि इसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। पीएम मोदी की मौजूदगी के चलते यह हाईप्रोफाइल इवेंट है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।’ इसी सप्ताह एसपीजी की टीम श्रीनगर पहुंचेगी और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था चेक की जाएगी। एलजी मनोज सिन्हा ने प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था चौक-चौबंद रखने का आदेश दिया है। इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ बड़े खिलाड़ी और एथलीट भी शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन के लिहाज से भाजपा भी तैयारियों में जुटी है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि पीएम मोदी कश्मीर में योग दिवस में शामिल होंगे। बता दें कि इस साल मार्च में भी पीएम मोदी श्रीनगर गए थे, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक रैली को संबोधित किया था। क्यों अहम है योग दिवस पर पीएम मोदी का कश्मीर जाना पीएम नरेंद्र मोदी के श्रीनगर में योग दिवस मनाने के प्लान को एक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। वह कश्मीर में आयोजन का हिस्सा बनकर यह संदेश देंगे कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आतंकवादी हमलों का कोई खास असर नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों में कश्मीर की बजाय जम्मू से लगते इलाकों को आतंकियों ने निशाना बनाया है। इस ट्रेंड पर संसदीय कार्य़ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि यह आतंकवादियों की बौखलाहट है क्योंकि कश्मीर में वह कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। क्यों अहम है PM मोदी का कश्मीर दौरा? 21 जून को योग दिवस पर प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के जरिए मोदी जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक संदेश देना चाह रहे हैं कि घाटी मोदी राज में सुरक्षित है। पीएम कार्यक्रम में हिस्सा लेकर ये संदेश देंगे कि कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौंबद है। वहीं आतंकियों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि भारत आतंकी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। मोदी का ये दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पिछले कुछ दिनों में जम्मू के इलाकों में कई आतंकी हमले हुए। यहां गौर करने वाली बात ये है कि आतंकी अब जम्मू के इलाकों में एक्टिव दिख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि आतंकियों की बौखलाहट है क्योंकि वे कश्मीर में कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर राज्य में कई पर्यटक स्थल हैं। लेकिन आतंकी गतिविधियों के चलते जम्मू-कश्मीर का पर्यटन प्रभावित होता रहा है। अब मोदी सरकार फिर से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति बना रही है। डल झील के पास बड़े स्तर पर योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पिछले साल बॉटनिकल गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें एलजी मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बार खुद पीएम मोदी यहां पहुंचेंगे। जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने भी शुरू की तैयारियां कश्मीर में बीजेपी इकाई ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के मुहम्मद आरिफ ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक विशेष अवसर और सम्मान की बात है कि हम कश्मीर में पीएम मोदी की मेजबानी कर रहे हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।’ मोदी की आखिरी यात्रा इस साल मार्च में श्रीनगर हुई थी, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी भी थे।  

इटली में PM मोदी का पहुंचते ही जोरदार स्वागत, G-7 समिट में करेंगे शिरकत

रोम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपुलिया में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में भाग लेने इटली पहुंच गए हैं. अपुलिया के ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर इटली में भारत के राजदूत वाणी राव और अन्य अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंचा. विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और उज्जवल भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है.” प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर आज जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे. इस दौरान पीएम कई विश्व नेताओं से मुलाकात भी करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान अमेरिका खालिस्तानी  गुरपतवंत सिंह पन्नू  का मुद्दा उठा सकता है. जी7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं. इटली जी-7 (सात देशों के समूह) शिखर सम्मेलन की वर्तमान में अध्यक्षता और मेजबानी कर रहा है. भारत के अलावा इटली ने अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों के नेताओं को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि, यूरोपीय संघ जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन यह वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेता है.  मोदी ने कहा कि मैं 2021 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी इटली यात्रा को गर्मजोशी से याद करता हूं. पिछले साल प्रधानमंत्री मेलोनी की भारत की दो यात्राएं हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में गति और गहराई लाने में सहायक रहीं. हम भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिन्द-प्रशांत एवं भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने कहा, ”आउटरीच सत्र’ में चर्चा के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, अफ्रीका एवं भूमध्यसागर पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा. यह भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन तथा आगामी जी7 शिखर सम्मेलन के परिणामों के बीच व्यापक तालमेल लाने और उन मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर होगा, जो ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए महत्वपूर्ण हैं. मैं इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं.”

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी वर्मोन्ट/वाशिंगटन  वर्मोंन्ट में 53 वर्ष पहले पांच लोगों को ले जा रहा एक निजी विमान लापता हो गया था, जिसका मलबा चैम्पलेन झील से बरामद किया गया है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। यह वाणिज्यिक विमान 27 जनवरी 1971 को बर्लिंगटन हवाई अड्डे से रोड आइलैंड के प्रोविडेंस के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। विमान में जॉर्जिया विकास कंपनी कजन प्रॉपर्टीज के तीन कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। कंपनी के कर्मचारी बर्लिंगटन में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे। शुरुआत में जब खोज की गयी तो 10 सीट वाले इस विमान का मलबा नहीं मिला और विमान के लापता होने के बाद चार दिनों तक झील जमी रही। विमान का पता लगाने के लिए कम से कम 17 बार खोज अभियान चलाया गया। खोजकर्ता गैरी कोजाक और एक टीम ने पिछले महीने पानी के भीतर एक रिमोट से संचालित वाहन का उपयोग कर झील में उसी जगह विमान का मलबा पाया, जहां रेडियो कंट्रोल टॉवर ने विमान के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार ट्रैक किया था। जूनिपर द्वीप के निकट 200 फुट (60 मीटर) पानी में मिले विमान के मलबे की सोनार तस्वीरें ली गईं। कोजाक ने सोमवार को कहा, ”इन सभी सबूतों के साथ, हम 99 फीसदी पूरी तरह से आश्वस्त हो चुके हैं।” उन्होंने कहा कि विमान का मलबा मिलने से पीड़ित लोगों के परिवारों को थोड़ी राहत और उनके कई सवालों के जवाब मिलेंगे। पायलट जॉर्ज निकिता की संबंधी बारबरा निकिता ने मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”विमान का मलबा मिलना एक सुखद अहसास है लेकिन यह उतना ही दिल को झकझोर कर रख देने वाला अहसास भी है| हम जानते हैं कि क्या हुआ था। हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं।”     अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा  रूस के शक्तिशाली हमलों से जूझ रहे उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र में जवाबी हमलों के लिए हवाई सुरक्षा संबंधी मदद मांग रहे यूक्रेन को अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली देगा। दो अमेरिकी अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली यह दूसरी पैट्रियट प्रणाली होगी। इस निर्णय की हालांकि सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। इस निर्णय के बारे में सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने के अंत में अमेरिका से पैट्रियट प्रणाली मांगी थी। मिसाइल प्रणाली भेजने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों के रक्षा विभाग से जुड़े नेता यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपनी मासिक बैठक की तैयारी में जुटे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में बैठक की मेजबानी करेंगे।   यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी  नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देते हुए अमेरिका के एक प्रमुख भारत-केंद्रित व्यापार समूह ने मंगलवार को कहा कि मंत्रियों को सौंपे गये नये विभागों से ऐसा प्रतीत होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही जारी रहने वाला है। मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अगुवाई करते हुए रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने और राजग सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों के भीतर शपथ ग्रहण से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्द ही काम शुरू करने वाली है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार होने के बावजूद, जिस तरह से विभागों का बंटवारा किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही दजारी रहने वाला है। उन्होंने कहा, ”इससे न केवल निवेशकों का डर कम होगा बल्कि उनमें निवेश की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।”    

अगले महीने कजाकिस्तान में पीएम मोदी और शहबाज शरीफ होंगे आमने-सामने

नई दिल्ली  दिसम्बर 2015की उस घटना को लगभग एक दशक होने वाले हैं जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान अचानक लाहौर में उतरा था। उस समय मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा ने तब विश्लेषकों को हैरान कर दिया था। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों की सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था लेकिन 2015 से 2024 का एक बड़ा वक्त गुजरा और दोनों देशों के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए। 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद खत्म होने के बाद से तो यह बिल्कुल बंद ही हैं। अब नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान की तरफ से रिश्तों को फिर से शुरू करने की कोशिश हुई है। सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को बधाई दी, लेकिन सबका ध्यान खींचा उनके बड़े भाई और पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के एक्स पर लिखे संदेश ने, जिसमें उन्होंने भारत के साथ दोस्ती का साफ संदेश भेजा। नवाज शरीफ ने लिखा, ‘मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मैं गर्मजोशी से बधाई पेश करता हूं। हाल के चुनावों में आपके जीत आपके नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाती है।’ नवाज ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ नवाज शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम क्षेत्र में नफरत को उम्मीद से बदलकर यहां बसने वाले दो अरब लोगों के भविष्य को संवारें।’ इसके जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, ‘आपके बधाई संदेश के लिए शुक्रिया। भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। अपने लोगों का कल्याण और सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पाकिस्तान ने हाल के दिनों में भारत के संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसी साल मार्च में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली का संकेत दिया था। डार ने कहा था कि पाकिस्तान इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है। दोनों नेताओं के बीच संदेशों के मायने पीएम मोदी और नवाज शरीफ के एक दूसरे को भेजे संदेशों ने एक नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान से आए प्रेम के संदेश को इसलिए भी खास समझा जाना चाहिए कि शहबाज शरीफ भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं लेकिन पीएमएल-एन के सबसे बड़े नेता आज भी नवाज शरीफ ही हैं। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इसे प्रेम का संदेश नहीं मानते। आसिफ ने जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा कि ‘नरेंद्र मोदी को बधाई देना एक औपचारिक संदेश था और कूटनीतिक स्तर पर ऐसा किया जाता है। शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने भी हमें मुबारकबाद दी थी।’ आसिफ ने कहा कि ‘हमने कौन सा उन्हें मोहब्बतनामा लिख दिया?’ भारत-पाकिस्तान में बन सकती है बात हालांकि, कुछ लोग इसके उलट मानते हैं। पत्रकार सुधींद्र कुलकर्णी ने बीबीसी से बात में नवाज शरीफ और पीएम मोदी के बीच संदेशों की अदला-बदली को एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। कुलकर्णी ने कहा कि नवाज शरीफ ने मोदी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। इसके साथ ही वे दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों की भी याद दिलाते हैं। मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को न्योता भेजा था, जिसमें बतौर पाकिस्तान पीएम वह शामिल भी हुए थे। पाकिस्तान में भी दोनों नेताओं की बातचीत को लेकर तमाम लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने में समय लग सकता है। कजाकिस्तान में दोनों पीएम होंगे आमने-सामने भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोगों का मानना है कि पड़ोसी देशों के बीच सबसे बड़ी रुकावट कश्मीर की समस्या है। हालांकि, यह भी कहना है कि सीधे संबंध शुरू करने से पहले दोनों देशों में उच्चायुक्तों की तैनाती और अफगानिस्तान ट्रांजिट खोलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही अभी यह नहीं पता है कि पाकिस्तान की सेना इस बारे में क्या सोचती है, क्योंकि पीएम शहबाज ने बधाई संदेश को बहुत ठंडा रखा था। भाई नवाज के उलट शहबाज शरीफ की छवि पाकिस्तानी सेना से संबंध बनाकर रखने वाली है। फिलहाल विश्लेषकों की नजर जुलाई में कजाकिस्तान में होने वाली शंघाई ओऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक हैं, जहां मोदी और शहबाज शरीफ आमने-सामने होने वाले हैं। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि यह पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल है और वह इतिहास में ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाना चाहेंगे जिसने पाकिस्तान से समस्या को लेकर खास प्रयास किया था। ऐसे में मोदी इस दिशा में कुछ ठोस करने की कोशिश जरूर करेंगे।

देश में आजादी के बाद पहली बार, मुस्लिम मंत्री के बिना भारत सरकार; पर 5 अल्पसंख्यक मंत्रियों को प्रभार

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नई दिल्ली नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद के तौर पर लगातार तीसरी बार शपथ लेकर एक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इसके साथ ही देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू की बराबरी कर ली है। यही नहीं उनकी इस तीसरी सरकार में एक और तथ्य की खूब चर्चा हो रही है। वह यह कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। आमतौर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी मुस्लिम नेता को ही मिलती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी इस बार किरेन रिजिजू को मिली है, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। यह भी एक तरह का रिकॉर्ड ही है कि देश में पहली बार किसी बौद्ध नेता को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। यही नहीं उनके साथ एक राज्यमंत्री के तौर पर केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन जिम्मेदारी संभालेंगे। वह खुद ईसाई धर्म से ताल्लुक रखते हैं। जॉर्ज कुरियन तो किसी सदन के सदस्य भी नहीं हैं। पहले भाजपा की सरकारों में भी किसी मुस्लिम नेता को ही अल्पसंख्यक मंत्रालय मिलता था, लेकिन यह सिलसिला 2022 में तब खत्म हुआ, जब मुख्तार अब्बास नकवी से इस्तीफा ले लिया गया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा। उसके बाद यह विभाग स्मृति इरानी को दे दिया गया था। स्मृति इरानी मूल रूप से हिंदू हैं, लेकिन उनकी शादी पारसी से हुई है। वहीं उनके साथ काम करने वाले राज्य मंत्री जॉन बार्ला ईसाई समुदाय के थे। यही नहीं इन दिनों राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य भी इकबाल सिंह लालपुरिया हैं, जो एक सिख हैं। उनकी नियुक्ति के साथ भारत सरकार ने इस परंपरा को भी तोड़ा था, जिसके तहत किसी मुसलमान को ही अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी दी जाती थी। बता दें कि एनडीए के ज्यादातर दलों से कोई मुस्लिम नेता चुनकर सदन में नहीं पहुंचा है। इस बार पूरे देश से कुल 28 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं। कुल 5 अल्पसंख्यक नेता बने हैं मोदी सरकार में मंत्री हालांकि एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि मोदी मंत्री परिषद में कुल 5 नेता अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। इन नेताओं में हरदीप सिंह पुरी और रवनीत सिंह बिट्टू हैं, जो सिख समुदाय से आते हैं। इसके अलावा रामदास आठवले और किरेन रिजिजू बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। वहीं केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन ईसाई समुदाय के हैं। बता दें कि इन मंत्रियों में से रवनीत सिंह बिट्टू किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वह लोकसभी चुनाव में हार गए थे। वहीं जॉर्ज कुरियन ने चुनाव ही नहीं लड़ा था। माना जा रहा है कि पार्टी अब उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजेगी। वह केरल में भाजपा के महासचिव भी हैं।

प्रधानमंत्री बनने के बाद 18 जून को काशी आएंगे पीएम मोदी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

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 वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी आएंगे। इस दिन वो किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि केंद्र में तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। काशी क्षेत्र के भाजपा मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने कहा कि अभी तय नहीं है कि ये कार्यक्रम वाराणसी में कहां आयोजित होगा। किसान सम्मेलन के लिए भाजपा जगह की तलाश कर रही है। कार्यक्रम रोहनिया या सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों पर चर्चा के लिए गुलाब बाग स्थित पार्टी कार्यालय में वाराणसी भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। पटेल ने कहा कि किसान सम्मेलन को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी बाबा काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही किसान सम्मान निधि की राशि जारी की है। राष्ट्रपति भवन में रविवार शाम पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने वाले पीएम मोदी ने सोमवार सुबह करीब 9.3 करोड़ पात्र किसानों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की राशि जारी करने से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर किये। किसान सम्मान निधि के तहत हर किसान को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपये की किस्त दी जाती है। केंद्र सरकार ने योजना की 16वीं किस्त चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले 28 फरवरी को जारी की थी।

भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहले, पाकिस्तान को भारत की शर्त पर ही मिलेगा दोस्ती का हाथ

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इस्लामाबाद  पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने पीएम मोदी को तीसरी बार शपथ लेने पर बधाई तो भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी नेता को साफ कर दिया कि भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहले है। वैसे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पीएम मोदी को बधाई संदेश भेजा था, लेकिन उनके बड़े भाई नवाज शरीफ के संदेश में गर्माहट ज्यादा थी। पीएमएल-एन मुखिया नवाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, ‘तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मोदी जी को मेरी हार्दिक बधाई। हाल के चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दिखाती है।’ इसके साथ ही उन्होंने भारत से दोस्ती की पहल भी की। शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम नफरत की जगह उम्मीद को लाएं और इस अवसर का लाभ उठाते हुए दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों का भविष्य संवारें।’ पीएम मोदी ने नवाज शरीफ के संदेश की तारीफ की तो भारत का रुख भी साफ कर दिया। पीएम मोदी ने लिखा, ‘भारत के लोग हमेशा शांति और सुरक्षा तथा प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पीएम मोदी ने दिया साफ संदेश पीएम मोदी का संदेश साफ बताता है कि मोदी 3.0 में भी भारत का रुख यही रहने वाला है कि पाकिस्तान को अगर भारत से दोस्ती करनी है तो उसे पहले आतंकवाद और आतंकवादियों को पालना बंद करना होगा। भारत ने पहले भी कहा है कि पाकिस्तान से बात तब ही हो सकती है जब यह भरोसा दिलाए कि वह भारत के खिलाफ अपने जहरीले मंसूबों को रोकना चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि मोदी ने अपने संदेश ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा पार से आतंकवाद को समाप्त करने की शर्त को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है। नवाज शरीफ ने मानी थी पाकिस्तान की गलती नवाज शरीफ भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के पक्षधर रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के साथ दोस्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। नवाज शरीफ के दूसरे कार्यकाल के दौरान ही भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, जहां दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों को बातचीत से हल करने पर सहमति जताई थी लेकिन इसके कुछ महीनों बाद ही पाकिस्तान ने धोखा देते हुए कारगिल में घुसपैठ की जिसने पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया।

सिंगापुर के पीएम ने दी बधाई ‘PM मोदी उल्लेखनीय परिवर्तनों के नेतृत्वकर्ता हैं’

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संयुक्त राष्ट्र,  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी और वह उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “भारत की जनता और सरकार को इस बड़े पैमाने पर चुनाव आयोजित करने के लिए बधाई, जो दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया है। देश भर में लगभग 1.1 करोड़ मतदान कर्मचारियों द्वारा संचालित लगभग 10 लाख पोलिंग स्टेशनों पर करीब 64.2 करोड़ नागरिकों ने वोट डाला था। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में उल्लेखनीय परिवर्तनों का नेतृत्वकर्ता बनाया है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक पत्र में पीएम वॉन्ग लिखते हैं, मुझे पूरा भरोसा है कि पीएम मोदी आपके नेतृत्व में भारत तेजी से समृद्ध और विकसित होगा। उन्होंने भारत-सिंगापुर के बहुआयामी एवं मधुर संबंधों का जिक्र करते हुए लिखा, अगले वर्ष हमारे राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ है। हम इस मौके पर साझेदारी को बढ़ाने डिजिटलीकरण, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देंगे। वॉन्ग पिछले महीने ही सिंगापुर के प्रधानमंत्री बने हैं। उन्हें ली सीन लूंग से सत्ता मिली है, जिन्हें नरेंद्र मोदी के करीबी मित्रों में एक माना जाता है। और मजबूत होगी भारत-द. अफ्रीका के बीच साझेदारी : रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई। मोदी भारत के लोगों के प्रति उनके समर्पण के लिए भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने भारत की जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भी बधाई दी। साथ ही कहा, भारत-दक्षिण अफ्रीका एक रणनीतिक साझेदार हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस साझेदारी के और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत से हुए समझौतों की समीक्षा कर रही मालदीव की संसद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु जब भारत में पीएम मोदी के शपथ समारोह में शामिल हो रहे थे, उसी दौरान मालदीव की संसद ने 2018 से 2023 के बीच दोनों देशों में हुए चार समझौतों की जांच शुरू कर दी। इनमें 2018-2023 के बीच हाइड्रोग्राफी संधि, उत्तरी थिलाफाल्हू में सैन्य डॉकयार्ड संधि, डोर्नियर विमान व हेलिकॉप्टर संधि की जांच शुरू की है।   सियासी, आर्थिक स्थिरता का संदेश है मोदी-3.0 कार्यकाल : यूएसआईबीसी भारत-अमेरिकी व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल भू-रणनीतिक अनिश्चितता के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का एक मजबूत संदेश दे रहा है। परिषद के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा, मोदी का यह कार्यकाल इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व स्तर पर कट्टरपंथ के बीच भारतीय वोटरों ने विकास का समर्थन किया है। यह समर्थन भारत को समृद्धि और तकनीकी नवाचार के आधार के साथ अमेरिका का अहम भागीदार भी बना रहा है।

Modi 3.0: मोदी सरकार 3.0 का गठन हो चुका, कुछ हारे हुए नेताओं को भी दिया गया मंत्री पद

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नई दिल्ली नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन गए हैं। रविवार को उन्होंने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी के साथ ही 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री हैं। ज्यादातर पुराने चेहरों को ही नई सरकार में जगह मिली। लेकिन मोदी सरकार 3.0 में एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में मौका मिला है। वहीं नए मंत्रिमंडल में लगभग हर राज्य का प्रतिनिधित्व है। केरल से दो मंत्रियों को बनाया गया है, पंजाब से भी मंत्री बनाए गए हैं। ये बताता है कि सरकार का केरल और पंजाब पर फोकस है, और हो भी क्यों न पहली बार केरल में कमल खिला है। वहीं पंजाब में बीजेपी का वोट शेयर 9 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। सबका साथ: मोदी मंत्रिमंडल में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल मोदी सरकार 3.0 में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल रखा गया। प्रधानमंत्री के बाद सबसे पहले राजनाथ सिंह ने फिर अमित शाह, फिर नितिन गडकरी और फिर जेपी नड्डा ने शपथ ली। नड्डा के बाद शिवराज सिंह चौहान, फिर निर्मला सीतारमण, फिर एस जयशंकर और उनके बाद मनोहर लाल खट्टर ने शपथ ली। सहयोगी दलों में से सबसे पहले जेडीएस के एचडी कुमार स्वामी ने शपथ ली। एनडीए सरकार में जिन 71 मंत्रियों ने शपथ ली उनमें 27 ओबीसी, 10 एससी, 5 एसटी और 5 माइनॉरिटी से हैं। हालांकि कोई भी मुस्लिम मंत्री नहीं बना है। मोदी सरकार 3.0 में महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा। कैबिनेट मंत्री के तौर पर 2 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसमें झारखंड से सांसद अन्नपूर्णा देवी और राज्यसभा सांसद निर्मला सीतारण शामिल हैं। वहीं राज्य मंत्री में 4 महिलाएं हैं। इसमें अपना दल की अनुप्रिया पटेल, बीजेपी की शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे और सावित्री ठाकुर, नीमूबेन बंभानिया शामिल हैं। गठबंधन के बोझ तले नहीं है मोदी 3.0 मोदी सरकार 3.0 के मंत्रिमंडल ने ये संदेश दिया है कि सरकार पर गठबंधन की कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं है। मोदी के 71 मंत्रियों में से 60 से ज्यादा बीजेपी के ही हैं। इसके अलावा सरकार के टॉप-4 मंत्रिमंडल भी बीजेपी को ही मिलने के आसार हैं। एनसीपी को सरकार की ओर से एक मंत्री पद की पेशकश की गई, लेकिन एनसीपी के भीतर भी खींचतान के चलते इसका फैसला नहीं हो पाया। बीजेपी ने भी इस पर बहुत फोकस नहीं किया। यही हाल जेडीयू और टीडीपी का दिखा। भले ही खबरों में आया कि गठबंधन को बड़े मंत्री पद देने होंगे, लेकिन ऐसा नहीं दिखा।   इधर कांग्रेस ने भी तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि ‘अबकी बार बैसाखी सरकार’। लेकिन मोदी 3.0 ने साफ कर दिया कि नई सरकार में उनका पुराना अंदाज कायम रहेगा।   तीसरे टर्म में आजमाए नामों पर भरोसा मोदी सरकार 3.0 में कई आजमाए नामों पर ही भरोसा रखा गया है। पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि अपने तीसरे टर्म में नरेंद्र मोदी पूरी तरह नई टीम बना सकते हैं। सरकार के स्तर पर नई टीम दे सकते हैं। मगर, 71 मंत्रियों के शपथ में राजनीतिक मजबूरी दिखी। 10 वर्षों के शासन में मात्र 14 ऐसे मंत्री रहे जो पीएम मोदी के तीनों कार्यकाल में मंत्री बने रहे। जो नाम तीनों टर्म में कॉमन रहे वे हैं- राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, जितेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह, मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू, सर्वानंद सोनेवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, अनुप्रिया पटेल, हरदीप पुरी और धर्मेंद्र प्रधान। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि BJP के अंदर क्या मंत्रियों को उनके पुराने मंत्रालय ही रिपीट होंगे।   चुनाव में हार के बाद भी बनाया मंत्री नई सरकार में पीएम मोदी ने कुछ ऐसे मंत्रियों को भी शामिल किया है, जो लोकसभा चुनाव हार गए थे। सबसे हैरतअंगेज रहे नामों में पंजाब के लुधियाना से ‌BJP उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू और तमिलनाडु के नीलगिरी के उम्मीदवार एल. मुरुगन माने जा रहे हैं। पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा था। वहीं मोदी सरकार में राज्यमंत्री रहे एल. मुरुगन DMK के ए. राजा से हारे थे। मोदी ने इन दोनों को मंत्रिमंडल में जगह देकर पंजाब और साउथ के राज्यों को संदेश दिया है। माना जा रहा है कि BJP ने भावी राजनीति को ध्यान में रखते हुए हारने के बावजूद पंजाब में एक जट सिख चेहरे पर दांव लगाया है, ये कदम बीजेपी को पंजाब में फायदा दिला सकता है।   कौन-कौन ड्रॉप हुए? अब तक केंद्रीय मंत्री रहे अनुराग ठाकुर, स्मृति इरानी, अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे, नारायण राणे, पुरुषोत्तम रूपाला, आरके सिंह को इस बार जगह नहीं मिला। अनुराग ठाकुर हिमाचल से, नारायण राणे महाराष्ट्र से और पुरुषोत्तम रूपाला गुजरात से चुनाव जीते हैं। चुनाव के दौरान रुपाला के एक बयान को लेकर खासा विवाद हुआ था और राजपूत संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। स्मृति इरानी ने जहां 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को अमेठी से हराया था, वहीं इस बार वह अमेठी से चुनाव हार गई हैं। अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे और आरके सिंह भी चुनाव नहीं जीत पाए। पिछली सरकार में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को भी सरकार में जगह नहीं मिली। उन्होंने केरल से कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन करीबी मुकाबले में हार गए। मंत्रिमंडल की औसत उम्र 59 साल मोदी सरकार 3.0 की औसत उम्र 59 साल है। पिछली बार यह औसत उम्र 61 साल थी, हालांकि 2021 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में यह घटकर 58 साल रह गई थी। इस बार सबसे उम्रदराज मंत्रियों में 79 साल के जीतनराम मांझी हैं तो वहीं सबसे कमउम्र के टीडीपी के 36 वर्षीय के राममोहन नायडू और बीजेपी की 37 वर्षीया रक्षा खड़से हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को मिलाकर उनकी सरकार में लगभग एक दर्जन चेहरे 70 साल या उससे ज्यादा के हैं। सरकार में महिला और युवा चेहरे मोदी सरकार में इस बार युवा और महिलाओं का एक संतुलन दिखा। हालांकि महिलाओं को … Read more

PM मोदी के मंत्रिमंडल में 7 महिलाएं शामिल, निर्मला सीतारमण-रक्षा खडसे समेत इनको मिला मौका

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नईदिल्ली नई केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कुल 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें 2 कैबिनेट मंत्री बनाई गई हैं। वहीं, 5 जून को भंग की जा चुकी पिछली मंत्रिपरिषद में कुल 10 महिला मंत्री थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, ​​राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार, साध्वी निरंजन ज्योति, दर्शना जरदोश, मीनाक्षी लेखी और प्रतिमा भौमिक को 18वीं लोकसभा की मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिली। नई मंत्रिपरिषद में पूर्व केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा सांसद अन्नपूर्णा देवी, शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे, सावित्री ठाकुर और निमुबेन बांभनिया और अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल को शामिल किया गया है। सीतारमण और अन्नपूर्णा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि शेष ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। लोकसभा चुनाव में इरानी, पवार और ज्योति अपनी मौजूदा सीटों क्रमश: अमेठी डंडोरी और फतेहपुर से हार गईं। वहीं, जरदोश, लेखी और भौमिक को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। आम चुनाव में 74 महिला उम्मीदवादों ने जीत दर्ज की और यह संख्या 2019 में निर्वाचित 78 महिला प्रत्याशियों की तुलना में कुछ कम है। मालूम हो कि रविवार शाम को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की और उनकी मंत्रिपरिषद के 71 सदस्यों ने शपथ ली। मंत्रियों की टीम युवा और अनुभवी लोगों का मिश्रण: मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने नए केंद्रीय मंत्रिपरिषद को युवाओं और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं 140 करोड़ भारतीयों की सेवा करने और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मंत्रिपरिषद के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं।’ नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘मंत्रियों की यह टीम युवा और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण है। हम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए विदेशी गणमान्य व्यक्तियों का भी आभार जताया।  

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

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