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शीघ्र ही झाबुआ में मेडिकल कॉलेज आरंभ किया जाएगा, संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शीघ्र ही झाबुआ में मेडिकल कॉलेज आरंभ किया जाएगा। इसका संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुलगुरू प्रोफेसर डॉ. राकेश सिंघई ने इस संबंध में मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर चर्चा की। कुलगुरू डॉ. सिंघई ने बताया कि झाबुआ में आरंभ होने वाले मेडिकल कॉलेज का संचालन इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन में होगा और जिला चिकित्सालय झाबुआ को इससे संबद्ध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंधित आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कुलगुरू प्राफेसर डॉ. राकेश सिंघई ने उनकी स्वलिखित पुस्तक ‘वक्रोक्ति’ भेंट की।  

सीएम ने पुलिसकर्मियों को दी होली शुभकामनाएं, बरसाए फूल, टीआई-एसआई ने लगाए ठुमके

उज्जैन उज्जैन जिला पुलिस लाइन में शनिवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में टीआई और एसआई स्तर के अधिकारियों ने फिल्मी गानों और भजनों पर डांस किया। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी भी पीछे नहीं रहीं और अधिकारियों व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ झूमकर होली का आनंद लिया। समारोह में महाकाल थाना टीआई नरेंद्र परिहार, एसआई चंद्रभान सिंह, सीएसपी योगेंद्र यादव, एम.एस. परमार सहित कई पुलिस अधिकारी उल्लासपूर्ण माहौल में थिरकते नजर आए। सीएम ने पुलिसकर्मियों को दी शुभकामनाएं भोपाल रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पुलिसकर्मियों के साथ होली मनाई। उन्होंने पुष्प वर्षा कर सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सीएम ने कहा कि पुलिस जवानों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा, ताकि वे अपने घर का सपना पूरा कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छोटे कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए उनके लिए भी योजनाएं तैयार की जाए। नक्सली इलाकों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली इलाकों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। पुलिस बल को वाहनों की स्वीकृति दी जा रही है और नए थानों की मंजूरी भी मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज विरोधी ताकतों से निपटने के लिए पुलिस को हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस भर्ती और प्रमोशन को लेकर बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि होली के दूसरे दिन पुलिस और प्रशासन के साथ यह आयोजन सुखद अनुभव रहा। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस में नई भर्ती की जाएगी और अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाएगा। साथ ही, पुलिसकर्मियों के लिए नए आवास भी बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर ऐतिहासिक होली मिलन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री यादव ने खुलकर जनता को होली पर्व की बधाई दी

भोपाल  होली मिलन मुख्यमंत्री निवास बहुत ही जबरदस्त ऐतिहासिक कार्यक्रम की व्यवस्था आजादी के बाद पहली बार हिंदुस्तान के किसी राज्य में व्यवस्था पुख्ता मुख्यमंत्री निवास के सिक्योरिटी गार्ड एवं जनसंपर्क विभाग के हॉनर कर्मठ जुझारू लग्निशील वरिष्ठ अधिकारियों का जितना भी धन्यवाद करें कम.      मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित मुख्यमंत्री जी के साथ बीडी शर्मा प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रामेश्वर शर्मा विधायक कार्यालय मंत्री भगवानदास सबनानी बीजेपी की अनेक विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री निवास के कई अनेक वरिष्ठ अधिकारी संतोष शर्मा जी और जनसंपर्क के बहुत ही लग्नशील अधिकारी उपस्थित थे उन्हें भी पत्रकारों ने गले लगा कर मिलकर हर्षित मुद्रा में मीडिया सहयोगी ने बधाई दी        14 मार्च 2025 दिन शुक्रवार मुख्यमंत्री निवास में मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने खुलकर मध्य प्रदेश की जनता को होली पर्व की बधाई दी और अति उत्तम व्यवस्था रंगों से लेकर भोजन प्रसादी एवं बीजेपी कार्यकर्ता और मध्यप्रदेश के मीडिया जगत की हस्तियां पत्रकार चित्रकार लेखक को स्नेह इतना प्यार इतना प्रेम इतना समय दिया जिससे एमपी प्रेस क्लब एवं वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपादक विनोद सूर्यवंशी न्यू  भोजराज टाइम्स ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव जी को होली पर्व की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है कि पूरे भारत में इतना प्रेमी इतना संयम सिद्धांत ईमानदार और जनता के प्रति हकीकत कार्य करने वाले संगठन को मजबूत करने वाले और जनता से सीधे जुड़ने वाले मुख्यमंत्री कहानी है तो वह है मध्य प्रदेश राज्य के 8 करोड़ जनता भी उनको होली पर्व की बधाई देते हैं       इस पर्व पर उपस्थित बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा कार्यालय प्रभारी विधायक भगवानदास सबनानी एवं मुख्यमंत्री निवास के सिक्योरिटी गार्ड जनसंपर्क के सीनियर अधिकारी का जितना भी धन्यवाद करें वह काम है कभी यहां पर ऐसा भी देखा जाता था कार्यकर्ता के साथ भेदभाव वाली स्थिति रहा करती थी अब यह पता नहीं कहां से होता था अगर इस बार जितना जनसंपर्क में सीएम हाउस के वरिष्ठ सीनियर सुरक्षा गार्ड ने सिक्योरिटी गार्ड ने और अधिकारियों ने जो व्यवस्था बनाई है सचमुच में हम मध्यप्रदेश पुलिस को और भारत के गृहमंत्री अमित शाह को किसकी जिम्मेदारी मानते हुए उनको भी धन्यवाद के साथ होली पर्व की बधाई देते हुए हमें भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी आज होली पर्व की बधाई देने में बड़ी प्रसन्नता और खुशी हो रही है आज राजधानी में इतनी धूमधाम से होली पर रंगों का त्यौहार मनाया गया है     हर एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता को मीडिया से जुड़े जिम्मेदार ईमानदार लग्नशील पत्रकारों को जो जगदीश देवड़ा जी मध्यप्रदेश सरकार में बहुत ही जिम्मेदारी के साथ उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभाने वाले के निवास पर भी यही एकता प्रेम और स्नेह देखा गया हम जितनी भी सरकार के उपमुख्यमंत्री और हमारे बहुत ही प्रिया प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद बधाई देते हुए खुशी हो रही है जिन्होंने बीजेपी के युवा कार्यकर्ता महिला बहन बुजुर्ग लोग वृद्धि लोग गरीब किसान मजदूर व्यापारी उद्योगपति का ध्यान रखा है और साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्थाओं को बनाने में सहयोग देने में बीजेपी सरकार के इन मंत्रियों ने जो सहयोग दिया है भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता भी उपस्थित थे दुर्गेश केसवानी और हमारे वरिष्ठ पत्रकारों में राधेश्याम अग्रवाल जी राजेश राय जी अनिल सिंह हरीश गॉड हिमांशु सूर्यवंशी प्रियांशु सूर्यवंशी अनिल राय रवि चौरसिया होली के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री जी को बधाई दी और साथ ही मुख्यमंत्री जी ने भी प्रदेश के 8 करोड़ जनता को बधाई देते हुए उनके चेहरे पर जो खुशी थी और जो लग्न सिल्क भाव था प्रदेश की जनता के प्रति सचमुच में ऐसा लग रहा था कि मेरी जनता के लिए मैं क्या-क्या जरूरी काम और भी अच्छे से कर कर इस प्रदेश को भारत का सबसे विकसित राज्य बनाने में मध्य प्रदेश के लिए और क्या कर सकूं की प्रदेश की जनता को उन्होंने आज प्यार देकर अपना बनाया है अभी तक आजादी के बाद किसी ने भी अपनी जनता को इतना प्यार नहीं दिया थामैं उनका हृदय से धन्यवाद करते हुए उन्होंने जो बधाई दी है      प्रदेश के 8 करोड़ जनता को एमपी प्रेस क्लब वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते एवं एक पत्रकार संवाददाता न्यू भोजराज टाइम्स की ओर से में 8 करोड़ जनता की तरफ से उन्हें बधाई देता हूं डॉक्टर मोहन मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को इस रंगों के पर्व पर जिन्होंने इतना प्यार समय पत्रकारों को कार्यकर्ताओं को दिया आज पूरा मध्यप्रदेश प्रसन्न और खुश है     बहुत-बहुत शुभकामना के साथ बधाई धन्यवाद होली पर हमारे सभी मध्य प्रदेश जनसंपर्क के वरिष्ठ अधिकारी और सिक्योरिटी गार्ड के वरिष्ठ अधिकारी का भी व्यवस्था के लिए हम धन्यवाद करते हैं पत्रकार विनोद सूर्यवंशी भोपाल मध्यप्रदेश वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एमपी प्रेस क्लब एवं संपादक विनोद सूर्यवंशी ने शॉल श्रीफल माला मोमेंटो देकर मुख्यमंत्री जी का सीएम हाउस में तिलक लगाकर भव्य स्वागत भी किया

राजनीतिज्ञों, नागरिकों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारगणों ने मुख्यमंत्री के साथ मनाई होली, गाए होली गीत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को होली पर्व की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे त्यौहार सबका मंगल लेकर आते हैं, इसीलिए ऐसे पर्वों पर बधाई और मंगलकामनाएं दीं जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ये आनंद मनाने का पर्व है। खुश होकर, आनंद लेकर ही मनाये। उन्होंने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ सभी त्यौहार मनाने का आह्वान किया। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद खजुराहो वी.डी.शर्मा, समाजसेवी हितानंद शर्मा, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, सांसद नर्मदापुरम दर्शन सिंह चौधरी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, रविन्द्र यति, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, अधिकारी और कलाकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ होली मनाई। सभी ने बड़े हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति के रूप में सुघड़ कलाकारों ने ब्रज, बरसाने और महाकाल की होली का भव्य एवं मनोरम मंचन किया गया। पारम्परिक गीत-संगीत, नृत्य और रंगों की इस अनुपम छटा ने सभी को अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली भाईचारे, प्रेम और समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे पर्यावरण का संवेदनशीलतापूर्वक ध्यान रखते हुए होली मनाएं और जल संरक्षण का भी संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। उल्लास और उमंग से सराबोर इस होली मिलन समारोह में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर प्रस्तुती दे रहे कलाकारों और अतिथियों के साथ रंग बरसे भीगे….., होली के दिन दिल खिल-खिल…..,, दमादम मस्त कलंदर, भोले खेलें होली… जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी आगंतुकों पर पुष्प-वर्षा के साथ गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया।  

CM यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि है।उज्जैन में परमात्मा ने जन्म दिया उसके लिए हम सौभाग्यशाली है। बाबा महाकालेश्वर की उज्जयिनी नगरी आध्यात्म ,भारतीय दर्शन,धर्म, गणित,चिकित्सा, धनुर्विद्या और  शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में हमेशा से विख्यात रही है। भगवान कृष्ण ने उज्जैन में सांदीपनी गुरु से शिक्षा प्राप्त की और उसी ज्ञान से श्रीमद भगवतगीता का उपदेश विश्व को दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अग्रणी राष्ट्र बन रहा है। हम आध्यात्मिक नगरी अवंतिका को भारत का सिरमौर बना रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बातें उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा बड़नगर रोड़ स्थित, पंचायती निरंजनी अखाड़ा में आयोजित “होली के रंग – साधु संतो के संग” कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराब-बंदी की जा रही है। हम संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं को बढ़ावा दे रहे है। दूध उत्पादन पर बोनस भी दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन में “होली के रंग-साधु संतों के संग” कार्यक्रम में ढोल, डमरू, वेद ऋचाओं की गूंज के बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज ने गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दी। रविंद्र पूरी जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उज्जैन को संपूर्ण भारत की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लक्ष्य को पूर्ण करने में हम साधु-संत संपूर्ण रूप से साथ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज, महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर सुमन्नानन्द गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर प्रेमानंद पूरी जी महाराज,महंत डॉक्टर रामेश्वर दास जी महाराज,महंत देवगिरी जी महाराज,महंत शनि भारती जी महाराज,महंत सुरेशानंद पूरी जी महाराज आदि साधु,संत,महंतों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी होली की मंगलकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होली के पावन अवसर पर भोपालवासियों, प्रदेशवासियों, और सभी देशवासियों को मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि होली का यह रंगों भरा त्यौहार पूरे देश में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश दिनों-दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के जीवन में खुशहाली का रंग भरने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली पर मीडिया से चर्चा में कहा कि परमात्मा करे कि हम सबका परस्पर प्रेम और सौहार्द निरंतर यूं ही बढ़ता रहे।हम सभी एक-दूसरे के सुख-दुःख में साझेदारी करते हुए आनंदपूर्वक जीवन व्यतीत करें। होली हो, दीवाली हो या ईद.. हर त्यौहार का असली आनंद मिल-जुलकर मनाने में ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे आपसी भाईचारे को और मजबूत करें तथा सामाजिक समरसता को बनाए रखते हुए रंगों के इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाएं।  

मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए निवेश की बढ़ी संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यह प्रदेश उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के व्यापार मार्गों को सुविधाजनक रूप से जोड़ते हुए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में की जा रही रणनीतिक पहलों से मध्यप्रदेश अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूरे भारत की आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के हब के रूप में उभर रहा है। अपनी भौगोलिक स्थिति, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण यह प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। बेहतर सड़कों और कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का तेज़ी से विस्तार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण फ्रेट कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। इंदौर और भोपाल में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) व्यापार को आसान और लागत प्रभावी बना रहे हैं। हवाई मार्ग से निर्यात और उद्योग को नई गति प्रदेश के छह प्रमुख हवाई अड्डों पर एयर कार्गो सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी ताकत मिल रही है। रीवा हवाई अड्डे के चालू होने से व्यापार और औद्योगिक परिवहन को नई रफ्तार मिली है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और खाद्य प्र-संस्करण जैसे उद्योगों को अब कम समय में बेहतर लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। डिजिटल तकनीक से लॉजिस्टिक्स और बिजनेस में आई ट्रांसपेरेंसी प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रणाली व्यापारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से पारदर्शी और कुशल लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब में स्मार्ट वेयरहाउसिंग, ऑटोमैटेड ट्रैकिंग और डिजिटल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का गहरा तालमेल देखने को मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी आईआईटीवीयूएल जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 औद्योगिक गलियारे और 20 स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत नीति और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। निश्चित पूंजी निवेश पर 30% तक की वित्तीय सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए अनुदान जैसी योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आईजीबीसी प्रमाणन प्राप्त इकाइयों को अतिरिक्त रियायतें दे रही है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसरों का केंद्र प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, उन्नत तकनीक और उद्योग अनुकूल नीति इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल कर रही है। सरकार के स्पष्ट विजन और विकास रणनीति के चलते यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

मुख्यमंत्री ने ऑइल फील्डस बिल-2024 लोकसभा में पारित होने का किया स्वागत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑइल फील्ड्स (रेग्युलेशन एण्ड डेवलपमेंट) बिल 2024 के लोकसभा में पारित होने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला ऑइल फील्ड्स रेग्युलेशन एण्ड डेवलपमेंट बिल- 2024 भारत के ऊर्जा क्षेत्र को और भी अधिक मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बिल निश्चित ही रोजगार के नए अवसर के साथ ही देश की सतत् विकास यात्रा को एक नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं समृद्ध भारत की कहानी का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

सिंहस्थ – 2028 के लिए अभी से करें माइक्रो प्लानिंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 तक करें पूर्ण क्राउड मैनेजमेंट पर दें विशेष ध्यान महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के हिसाब से करें सिंहस्थ की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ – 2028 मध्यप्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आएंगे। किसी भी श्रद्धालु को स्नान व देव दर्शन में कोई कठिनाई हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। पुराने सिंहस्थ आयोजन से सीख लें और आगामी सिंहस्थ के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए अभी से माइक्रो प्लानिंग कर व्यवस्थाओं को अंजाम देना प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूर्व में सम्पन्न हुए सिंहस्थ में प्राप्त अनुभवों को केन्द्र में रखते हुए सिंहस्थ – 2028 के योजनाबद्ध आयोजन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि सिंहस्थ की व्यवस्थाओं और प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 के पहले ही पूरे कर लिए जाएं। इससे रह गई कमोबेशी को दुरुस्त करने या व्यवस्थाओं को और भी अधिक बेहतर करने का समय भी मिल सकेगा। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय‍विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ – 2028 की व्यवस्थाओं एवं प्रबंधन के लिए मंजूर किए गए सभी कार्य जून 2027 तक पूरे कर लिए जाएं। चल रहे कार्यों की मासिक प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा की जाए। प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। मंजूर किए गए सभी काम प्रारंभ हो जाएं और तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की दिनों-दिन बढ़ती संख्या के हिसाब से ही सिंहस्थ की तैयारी की जाए, क्योंकि जो श्रद्धालु सिंहस्थ में आएंगे, वे बाबा महाकाल सहित अन्य देव स्थलों पर भी अवश्य ही जाएंगे। भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रयास यह हो कि श्रद्धालुओं को ई-बस या ई-ऑटो से महाकाल मंदिर के नजदीक ही छोड़ा जाए, ताकि उन्हें महाकाल दर्शन के लिए अधिक पैदल न चलना पड़े और प्रबन्धन में भी आसानी हो। सिंहस्थ से पहले अंदरूनी गलियों का भी चौड़ीकरण करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन शहर में आएंगे। बड़े मार्गों के अलावा उज्जैन शहर की अंदरूनी गलियों व रास्तों का भी और अधिक चौड़ीकरण करें ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन का वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहे और वे आसानी से आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी व शहर के अंदर सिंहस्थ के लिए जितने भी सेतु निर्माण कार्य जरूरी हैं, वे अभी से प्रारंभ कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के देवदर्शन के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाए। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो रूद्र सागर में भी घाट बनाने पर विचार कर प्रारंभिक सर्वे भी कर लें। आपदा/अग्नि प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी-छोटी व्यवस्थागत कमियों की वजह से आयोजन के दौरान ही प्राकृतिक आपदा व अग्नि दुर्घटना से अप्रिय स्थिति निर्मित न हों। सिंहस्थ वर्ष 2028 में है, इसलिए किसी भी प्रकार की आपदा और अग्नि दुर्घटना प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये वॉलिंटियर्स को प्रापर ट्रेनिंग भी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए बेहतर से बेहतर प्लानिंग अमल में लाई जाए। विशेष ध्यान रहे कि कार्यों में विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन शहर पहुंचने वाले 7 प्रमुख मार्गों को फोरलेन और एक प्रमुख मार्ग सिक्स लेन रोड के रूप में मंजूरी दे दी गई है। इस पर तेजी से काम प्रारंभ किया जाए, ताकि समय रहते सभी मार्ग तैयार हो जाएं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी वर्ष 2016 के सिंहस्थ के व्यक्तिगत अनुभवों पर सिंहस्थ-2028 के लिए और अधिक बेहतर और व्यापक इंतजाम की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी काम अभी से प्रारंभ कर दिए जाएं, क्योंकि शाही स्नान के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं की एक ही वक्त में एक साथ एक ही स्थान पर मौजूदगी बनी रहने की संभावना रहती है। इसीलिये भीड़ प्रबंधन के‍लिए अत्याधुनिक प्रबंधन किए जाएं। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास शुक्ल ने बताया कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा सिंहस्थ – 2028 के लिए 7 प्रमुख विभागों द्वारा 7379.75 करोड़ रूपए की लागत से किए जाने वाले कुल 74 अधोसंरचना विकास कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 54 विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, 15 निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया में है और 5 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। सिंहस्थ – 2028 के पड़ाव क्षेत्र का टाउन प्लानिंग स्कीम (टी.पी.एस.) के माध्यम से विकास किया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र नगर विकास योजना 8,9,10,11 टी.पी.एस. (सम्मिलित रकबा 2378 हेक्टेयर) को राज्य शासन द्वारा 7 मार्च 2025 को मंजूरी दे दी गई है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। बैठक में सिंहस्थ – 2028 के दौरान यातायात प्रबंधन, पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण, आवास, विद्युत, जल प्रदाय एवं सीवरेज, स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई व्यवस्था, उपचार, स्नान, प्रचार-प्रसार, देव दर्शन की व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, आई.टी. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, सी.एस.आर. सेल, टूरिज्म सर्किट के निर्माण आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ के फील्ड विजिट … Read more

CM यादव ने राज्य नीति आयोग के विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राज्य नीति आयोग द्वारा बनाए जा रहे विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया। विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 के निर्माण में आम जन की भागीदारी और उनका अभिमत जानने के उद्देश्य से नागरिक सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस सर्वे के लिए वेबसाइट के साथ ही एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध करवाया गया है, जहां आमव्यक्ति भी नागरिक सर्वेक्षण में हिस्सा लेकर विभिन्न सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण में प्रदेश के सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। हमारा यह प्रयास है कि यह विज़न डॉक्यूमेंट केवल सरकार का दस्तावेज न होकर जनता का दस्तावेज बने। इसी उद्देश्य से इसके निर्माण की प्रक्रिया में विषय-विशेषज्ञों, हितधारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ व्यापक रूप से प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और सुझावों को सम्मिलित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य हमारे बच्चे हैं और उनकी आकांक्षाओं को इस विज़न में स्थान देने के लिए प्रदेश के विद्यालयों में विकसित मध्यप्रदेश @2047 विषय पर निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इसके साथ ही जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों से राय मांगी गई। इस प्रक्रिया में 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। इसी कड़ी में आज नागरिक सर्वेक्षण का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक नागरिकों का अभिमत प्राप्त किया जा सके। यह सर्वेक्षण हमें बताएगा कि मध्यप्रदेश की जनता 2047 का मध्यप्रदेश कैसा देखना चाहती है और किन महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सर्वेक्षण में भी प्रदेश के नागरिक उत्साह से भाग लेंगे। नागरिकों की भागीदारी से एक समावेशी, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा। नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका विकसित मध्यप्रदेश @2047 विज़न डॉक्यूमेंट को तैयार करने में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सर्वे में आयोग की वेबसाइट https://mprna.mp.gov.in/vision के माध्यम से भाग लिया जा सकता है। इसके लिए एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर वर्ष@2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और एक लोकतांत्रिक वैश्विक महाशक्ति बनने की परिकल्पना की गई है। अपने समृद्ध इतिहास, विविध संस्कृतियों, विशाल प्राकृतिक संसाधनों और केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के साथ मध्यप्रदेश भारत के भविष्य को आकार देने और@2047 में विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह ज़रूरी है कि मध्यप्रदेश के नागरिक, सामूहिक रूप से एक विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए एक विज़न को आकार दें- एक बड़ी और विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था विकसित हो जो सभी निवासियों को उच्चतम गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करे। इस सर्वे के जरिए नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए विज़न को आकार देने के लिए अपनी राय और विचारों को व्यक्त करें। इस विज़न के लिए नागरिकों के योगदान से मध्यप्रदेश में आने वाली पीढ़ियां लाभान्वित होंगी। नागरिक सर्वेक्षण के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (वित्त एवं वाणिज्यिक कर), मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास और योजना आर्थिक सांख्यिकी संजय शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  जल की बूंद-बूंद बचायें, जल से ही सुरक्षित होगा हमारा कल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च को गुड़ी पड़वा से होगा 90 दिवसीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभाग करेंगे सहभागिता अभियान में होगा 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण वर्षा जल भंडारण के लिए सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर दें विशेष ध्यान जल स्त्रोतों का रख-रखाव अब पंचायतें एवं स्थानीय जन करेंगे अभियान में प्रदेशभर में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत अभियान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण में तेजी लाने के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी से ही जिंदगानी है। हम सभी को जल की बूंद-बूंद बचाने की जरूरत है। जल से ही हम सबका आने वाला कल सुरक्षित है। जल गंगा जल संवर्धन अभियान में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक गतिविधियां चलाई जाएं। जन सामान्य में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की भागीदारी से जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। अभियान में वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई ‘जल गंगा जल संवर्धन अभियान’ की बैठक ये निर्देश दिए। जल गंगा संवर्धन अभियान गुड़ी पड़वा 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2025 तक तीन माह लगातार चलेगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अभियान से जुड़े अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान से प्रदेश में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जल संरक्षण के लिए उठाए जाएं ठोस कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय की विभिन्न गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण एवं जल स्रोतों का पुनर्जीवन, गांव-गांव में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यों के अलावा सामुदायिक सहभागिता के जरिए जल संरक्षण के प्रयास किए जाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सकारात्मक अभियान की शुरुआत की जाए। ग्रीष्मकाल में शासकीय स्कूलों में जल संरक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएं। बच्चों के लिए पीने के पानी की टंकी की साफ-सफाई कराई जाए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है। राज्य स्तरीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन से उज्जैन की क्षिप्रा नदी के तट से किया जाएगा। लगभग 90 दिन चलने वाले ‘जल गंगा जल संवर्धन अभियान’ का समापन 30 जून 2025 को होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेश व्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब बना जन आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण आबादी को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में लोगों को पेयजल एवं किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। साथ ही गर्मी के मौसम में वन्य जीवों को भी कोई परेशानी न हो और उन्हें पानी मिले, इसके लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं को पुनर्विकसित किया जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में – गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश की ऐसी सभी नदियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए, जहां जल धाराओं में मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुआ समेत अन्य जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि नर्मदा में डॉल्फिन मछली को छोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। इन सभी प्रयासों से नदियों और जलीय जीवों दोनों का संरक्षण होगा। 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। मंदिरों के निकट जल स्त्रोतों की सफाई में संतों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। विक्रम संवत् के पहले दिन वरुण पूजन और जलाभिषेक के साथ अभियान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर … Read more

राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट

मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना हमारा मुख्य लक्ष्य राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट वर्ष 2003-04 की तुलना में 21 गुना बड़ा है वर्ष 2025-26 का बजट बजट में कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही की गई है कोई कटौती वर्ष-2029 तक बजट के आकार एवं प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने का है लक्ष्य जेण्डर बजट, बाल बजट और कृषि संबंद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में हुई दोगुना से अधिक की वृद्धि सिंहस्थ-2028 के लिए 2 हजार 5 करोड़, गीता भवन और वृंदावन ग्राम योजना के लिये 100-100 करोड़ रूपये और श्रीकृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रदेश में बेहतर आवागमन के लिए मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत 100 करोड़ और सुगम परिवहन सेवा के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान मुख्यमंत्री ने सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट के लिए वित्त एवं उप मुख्य मंत्री देवड़ा का किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गांव, गरीब सहित सभी वर्गों के लिए व्यवस्थित योजना से मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। राज्य का बजट 2025-26 इसी संकल्प की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। बुधवार (12 मार्च) को राज्य सरकार ने पहली बार 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट प्रावधान विगत वर्ष 2024-25 की अपेक्षाकृत 15 प्रतिशत अधिक है। इतने बड़े बजट के बाद भी कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही कोई कटौती की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा में प्रस्तुत प्रदेश के वर्ष 2025-26 के बजट के संबंध में विधान सभा परिसर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई सरकार बनते ही अगले 5 साल में बजट को दोगुना करने का लक्ष्य तय कर लिया गया था। वर्ष 2025-26 का बजट इसी दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। इस बजट में राज्य के गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी (ज्ञान) सहित सभी वर्गों की बेहतरी के संकल्प को पूरा किया गया है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष- 1956 में मध्यप्रदेश का गठन हुआ, लेकिन वर्ष 2003-04 तक मात्र 20 हजार करोड़ रूपये का बजट था, अब हम इसे 21 गुना बढ़ाते हुए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए तक पहुंचे हैं। यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश, भारत के सभी राज्यों में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट प्रस्तुत कने के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्ष 2025 का यह बजट मध्यप्रदेश की आशाओं, आकांक्षाओं का बजट है। राज्य सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करने की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष@2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 250 लाख करोड़) बनाना है। यह केवल संख्यात्मक दस्तावेज नहीं, अपितु प्रदेश की जनता की जिंदगी बदलने वाला बजट है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों के आधार पर राज्य सरकार का यह दूरदर्शी बजट सशक्त-समृद्ध-शक्तिशाली और खुशहाल मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट जनकल्याण और सुशासन के साथ प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेगा। गरीबों को सशक्त बनाएगा और प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का सृजन करेगा। बजट में महिलाओं, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोककल्याणकारी बजट के लिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बजट में प्रमुख बिंदुओं के संबंध में जानकारी दी:-     यह बजट अनुमानित राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4 प्रतिशत अनुमानित रखते हुए वर्ष 2029-30 तक बजट के आकार एव प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने के लक्ष्य पर केन्द्रित है।     कुल विनियोग की राशि 4,21,032 करोड़ रुपए है, जो विगत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।     अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 2,90,879 करोड़ रुपए है, जिसमें राज्य के स्वयं के कर की राशि 1,09,157 करोड़ रुपए, केन्द्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ , करेत्तर राजस्व 21,399 करोड़ रुपए और केन्द्र से प्राप्त सहायता अनुदान 48,661 करोड़ रुपए शामिल हैं ।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में राज्य के कर राजस्व में 7 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में पूंजीगत परिव्यय में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की उपलब्धियां     नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक प्रतिवेदन में राज्य को व्यय की गुणवत्ता में प्रथम स्थान दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी रिपोर्ट में राज्य की इस उपलब्धि का उल्लेख किया है।     वर्ष 2025-26 के बजट में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले व्यय के प्रतिशत में सर्वाधिक 17 प्रतिशत अधोसंरचना क्षेत्र के लिए प्रावधान है। अधोसंरचना क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में विगत वर्ष 2024-25 की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की क्षेत्रवार उपलब्धियां     राज्य शासन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध है, 6 वर्षों में जेण्डर बजट का आकार दोगुना हुआ है।     कृषि और संबद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में दोगुना से अधिक की वृद्धि हुई है।     विगत 6 वर्षों में बाल-बजट का प्रावधान दोगुना से अधिक हुआ। नारी सशक्तिकरण     मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 18,669 करोड़ रुपए का प्रावधान है ।     लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 1,183 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता के अंतर्गत 720 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     जल जीवन मिशन नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन में 17,136 करोड़ रुपए का प्रावधान है। अन्नदाता (किसान) के लिए … Read more

वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा-किसली से माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व्स की 52 वर्ष की यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में आगे भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण है। विभिन्न सूचकांक प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रतीक हैं। प्रदेश की प्रगति में सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों के सहयोग सकारात्मक दृष्टिकोण का भी योगदान शामिल है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहाँ एक ओर वर्ष 2023-24 में प्रचलित भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 13 लाख 53 हजार 809 करोड़ रूपए था, वहीं इसमें 11.05% की वृद्धि हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद अब बढ़कर 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपए पहुँच गया है। यह प्रगति प्रदेश की सशक्त अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी दिशा में हमने वर्ष 2028-29 तक सकल घरेलू उत्‍पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता और समग्र प्रगति का द्योतक है। वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 6 लाख 71 हजार 636 करोड़ रूपए था, जो 6.05% की वृद्धि के साथ वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7 करोड़ 12 लाख 260 करोड़ रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नव शक्ति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण नागरिकों की समृद्धि को परिभाषित करने वाला है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय का उल्लेख करें तो यह वर्ष 2024-25 में प्रचलित भावों पर 1 लाख 52 हजार 615 रूपए हो गई है। स्थिर भाव पर भी वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय 70 हजार 434 रूपए है। प्रदेश सरकार आर्थिक समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण प्रदेश सरकार की सशक्त आर्थिक नीतियों और निरंतर विकासशील अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है। मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्यवर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। यह आंकड़े मध्यप्रदेश की संतुलित और निरंतर प्रगतिशील अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं, जहाँ सरकार के प्रयासों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में समुचित विकास हो रहा है।  

बजट में आज किसानों को गेहूं, धान, श्रीअन्न के उत्पादन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित, 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां

भोपाल आज 12 मार्च यानी बुधवार को विधानसभा में मोहन सरकार का दूसरा बजट प्रस्तुत होगा। जाहिर है कि मोदी सरकार के बजट की रोशनी में इसे तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान मंत्र पर आधारित रहेगा। ज्ञान यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी। इसके लिए चार मिशन भी लागू किए जा चुके हैं। अब बजट में पूर्व से संचालित योजनाओं में प्रावधान किए जाएंगे। वहीं, किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ करने की घोषणा हो सकती है। इसमें गेहूं, धान और श्रीअन्न के उत्पादन पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां     युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अगले दो वर्ष में ढाई लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती का रोडमैप भी प्रस्तुत किया जा सकता है। 2025-26 में एक लाख पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाएं कराकर भर्तियां की जाएंगी।     मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्र हैं। एक करोड़ से अधिक खातेदार कृषक हैं, जिनमें 67 प्रतिशत लघु और सीमांत हैं। किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से इतर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।     अब इसके लिए जितने भी प्रावधान होंगे, वे सब कृषक उन्नति योजना में किए जाएंगे। कैबिनेट योजना को मंजूरी दे चुकी है। इसके प्रविधान कृषि बजट में किए जाएंगे। उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक सिंचाई क्षमता का विस्तार सरकार की प्राथमिकता में है।     इसे ध्यान में रखते हुए केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो योजना के लिए राज्यांश बढ़ाएगी। उल्लेखनीय है कि दोनों नदी जोड़ो परियोजना का हिस्सा हैं, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।     सिंचाई क्षमता 50 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लिए जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट प्रावधान बढ़ाया जाएगा। अधोसंरचना विकास पर रहेगा जोर सरकार को जोर पिछले वर्षों की तरह इस बार भी अधोसंरचना विकास पर रहेगा। दरअसल, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए औद्योगिकीकरण आवश्यक है। इसके लिए नए औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे तो सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम होगा। नगरीय क्षेत्रों में डेढ़ हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग उन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बनाएगा, जो पूर्व से स्वीकृत हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी के साथ करने के लिए बजट आवंटित किया जाएगा। विभाग को दस हजार करोड़ रुपये से अधिक बजट मिल सकता है। इसी तरह स्कूल और कॉलेजों का बजट भी बढ़ाया जाएगा ताकि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। आवास के लिए पांच हजार करोड़ रुपये सूत्रों का कहना है कि आने वाले तीन वर्षों में 30 लाख से अधिक आवास शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में दस लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। इसके लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।

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