LATEST NEWS

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल “नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति” “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।  

जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर है उन उपलब्धियों को सराहने का, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल हुई हैं। साथ ही, यह दिन हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। भारत जैसे देश में, जहाँ नारी को शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है, वहाँ जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। जनजातीय महिलाएँ अपनी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण जनजातीय वर्ग की महिलायें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस दूरी को समाप्त कर रही है। उद्देश्य यह नहीं कि वे केवल लाभार्थी बनें, बल्कि वे समाज की निर्णायक शक्ति बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करें। सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम सरकार की सोच यह नहीं कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें, अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में मजबूती से खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत जनजातीय महिलाओं को उनके द्वारा संग्रहीत वन उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित किया गया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे अब स्वयं का व्यवसाय भी कर रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे खुद के व्यवसाय की स्थापना कर सकें। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है। पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में राज्य सरकार महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना ने जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर घर जल योजना ने जल संकट से जूझ रही ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए राहत प्रदान की है, जिससे उनका दैनिक जीवन सरल हुआ है। पेसा अधिनियम ने ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती प्रदान की है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और जागरूक हो रही हैं। अब वे अपनी ग्राम सभाओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने समुदाय की नीतियाँ तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व तक का सफर मैं स्वयं एक जनजातीय महिला हूँ। जीवन में संघर्ष मेरे लिए नया नहीं है। बचपन में परिवार की मदद के लिए ईंट-भट्टों पर मजदूरी से लेकर सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और अब मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेरी पार्टी का संगठनात्मक सशक्तिकरण और मजबूत नेतृत्व ही है, जिसने मुझे और हमारे समाज की लाखों महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए। मेरी पार्टी ने सदैव जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी है। जब देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मिलीं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे जनजातीय समाज की उपलब्धि थी। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है। महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय लेने में भागीदार बनाना ही सही मायनों में सशक्तिकरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज, जब दुनिया नारी शक्ति का सम्मान कर रही है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग- जनजातीय और अनुसूचित जाति की महिलाएँ-विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मेरा सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह है कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो समाज और देश भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।  

मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियां, विकसित अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं राज्य को दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना रही हैं। जीआईएस-भोपाल में हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिटेक क्षेत्र की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उज्जैन में विकसित हो रहे 75 एकड़ के मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल पार्क को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ करार दिया। ‘मॉलिक्यूल टू मशीन’ अवधारणा से आगे बढ़ता मध्यप्रदेश जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘मॉलिक्यूल्स-टू-मशीन (हेल्थकेयर, फार्मा, मेडिटेक)’ सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने इस अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश दवा निर्माण से लेकर चिकित्सा उपकरण उत्पादन तक पूरे हेल्थकेयर इको सिस्टम को मजबूत कर रहा है। राज्य में फार्मास्युटिकल कंपनियों, एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण इकाइयों और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण में तेजी से वृद्धि हो रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में बढ़ता निवेश एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के समन्वयक श्री राजीव छिब्बर ने बताया कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योग नगरी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 23 विनिर्माताओं ने निवेश करने की पुष्टि की है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही रियायतों और सुविधाओं के कारण निवेशकों की इकाइयां स्थापित करने की लागत काफी कम हो रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। मेडिकल टेक्सटाइल में अपार संभावनाएं जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को ‘मेडिकल टेक्सटाइल्स’ का प्रमुख केंद्र बताया। सर्जिकल गाउन, मास्क, पीपीई किट, सैनिटरी नैपकिन और अन्य उत्पादों के निर्माण में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कोविड महामारी में भारत ने मास्क और पीपीई किट के उत्पादन में वैश्विक पहचान बनाई थी, जिसे मध्यप्रदेश आगे बढ़ा रहा है। ध्यप्रदेश, प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में से एक है। वर्तमान में प्रदेश में 270 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें से 80 से अधिक पीथमपुर में स्थित हैं। राज्य में निर्मित दवाइयां 160 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही हैं। प्रमुख निवेशकों में सनफार्मा, सिप्ला, लुपिन, एल्मेंबिक, टॉरेंट फार्मा और एल्केमिस्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। हरसंभव सहायता और तय समय में मंजूरियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार फार्मा और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में सुनिश्चित की जा रही हैं। 17 हजार करोड़ का निवेश और 49 हजार रोजगार सृजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण इस जीआईएस-भोपाल में निवेशकों ने इस सेक्टर में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इससे लगभग 49 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। प्रदेश के फार्मा उद्योग को मिली ग्लोबल पहचान जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश के फार्मा, हेल्थकेयर और चिकित्सा शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमताओं का परिचय देश-विदेश के निवेशकों को मिला है। इससे यहाँ निवेश संभावनाओं को ग्लोबल पहुंच मिली है। भविष्य में प्रदेश को भारत में ही नहीं विदेश में भी इस सेक्टर में आदर्श निवेश स्थल की पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, 270 से अधिक दवा निर्माता कंपनियां और 250 से अधिक फार्मेसी संस्थान सक्रिय हैं, 160 से अधिक देशों में दवाइयों का निर्यात किया जाता है, 39 एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं, राज्य के कुल निर्यात में 25% फार्मा उद्योग की हिस्सेदारी है और 5 वाणिज्यिक हवाई अड्डे और 6 अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो उद्योग समूहों की सुविधा के लिये उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ग्लोबल-इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी जीआईएस-भोपाल में 300 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक मंच पर आए, जहां भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में नवाचार और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत 1158 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना विकासखंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधु को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। विवाह के इस सामूहिक आयोजन से अपव्यय पर रोक लगती है और सामाजिक एकता का संदेश भी जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली शामिल हुए। पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी पंधाना में हुए कार्यक्रम में 1158 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। उन्होंने कहा कि परिवार में आ रही वधू का बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले की विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और खंडवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मार्च से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मार्च से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रश्नों और ध्यानाकर्षण आदि के जवाब तथ्यात्मक और तर्कपूर्ण ढंग से दिए जाएं। उन्होंने लंबित शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन और लोक लेखा समिति की सिफारिशों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पंद्रह दिवसीय सत्र में 9 बैठकें होंगी, इस सत्र में 5 विधेयक प्रस्तुत होना संभावित हैं। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया तथा विधि एवं विधायी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खदान में हुई तीन कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खदान में हुई तीन कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया बैतूल के पाथाखेड़ा में कोयला खदान की छत धंसकने से हुआ हादसा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के पाथाखेड़ा क्षेत्र में कोयले की खदान में कार्यरत 3 कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। यहां खदान की छत धंसकने से दु:खद हादसा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित माइनिंग कंपनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को मृतक कर्मचारियों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने का निर्देश दिये है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की एवं शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 मार्च को महिलाओं एवं बच्चों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को करेंगे सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री करेंगे लाड़ली बहनों के खातों में राशि की अंतरित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाज सेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रूपये की मासिक किश्त का अंतरण भी करेंगे। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिये राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला दिवस के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में माह मार्च 2025 की 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रूपये की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे।  

सरकार धार्मिक त्योहारों में बढ़ा रही है सक्रियता और सहभागिता, तीन राज्यों की सरकारें मिलकर करेंगे श्रीकृष्ण पाथेय का विकास

भोपाल देश में भगवान श्रीकृष्ण के पग जिस-जिस स्थान पर पड़े हैं, ऐसे स्थानों का विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सरकार इसके लिए कार्य योजना बना रही है। तीनों राज्यों की सरकारें मिलकर श्रीकृष्ण पाथेय का विकास कार्य करेंगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई श्रीकृष्ण पाथेय के संबंध में बैठक में लिया गया। गुरुवार को समत्व भवन में विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक में यह फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सभी समितियों को सक्रिय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरातत्वविदों, धर्माचार्यों एवं भगवान श्रीकृष्ण पर साहित्य के अच्छे लेखकों को भी समिति में जोड़ा जाएगा। राज्यों में बनेगा सकारात्मक माहौल बैठक में सीएम मोहन ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए भोपाल के अलावा उज्जैन, राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अथवा ब्रज या चौरासी कोस या अन्य किसी विशिष्ट स्थल पर समिति बैठकें आायोजित की जाएं। ऐसी पहल से दोनों राज्यों में श्रीकृष्ण पाथेय के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। धार्मिक त्योहारों में बढ़ी सरकार की सहभागिता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य में धार्मिक त्योहारों में सरकार की सहभागिता बढ़ी है। सरकार ने दशहरे में शस्त्र पूजा, दीपावली पर गोवर्धन पूजा और हाल ही में गीता जयंती भी मनाई है। प्रदेश के 17 पवित्र धार्मिक शहरों और 2 ग्रामों में हमने शराबबंदी लागू करने का निर्णय ले लिया है। इससे समाज में बेहतर संदेश का संचार हुआ है। श्रीकृष्ण पाथेय पर केंद्रित होकर काम होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रीकृष्ण पाथेय के लिए केंद्रित होकर काम करेगी। भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी अन्य लीलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा जाएगा।

अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना

केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी :मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना नदियों को जोड़कर विकास के लिए कर रहे पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय अगले तीन साल में हम 30 लाख किसानों को देंगे सोलर पम्प राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर की चर्चा, मेमोरेंडम भी सौंपा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक सोलहवें वित्त आयोग ने … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का किया जाएगा खात्मा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश सक्रिय भूमिका निभाएगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए उच्च स्तरीय बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश के लिए भी जिला स्तर और पुलिस मुख्यालय से लेकर राज्य शासन के स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक लेकर नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश इस दिशा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, दूरसंचार साधनों के विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सल तत्वों पर नियंत्रण में सफलता मिल रही है। विकास कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयास तेज किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में नक्सलवाद के उन्मूलन का अभियान चल रहा है। प्रदेश में नक्सलवाद के किसी भी कीमत पर पैर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ही केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ बैठक आयोजित कर गंभीर विचार-विमर्श किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प के अनुपालन में मध्यप्रदेश को पूरी तरह से नक्सल मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को प्रति पखवाड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए।  चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में हुई कार्रवाई की प्रशंसा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में हाल ही में चार नक्सलियों को मार गिराए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। मारे गए नक्सलियों से तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जप्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट वन क्षेत्र में पुलिस की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और स्थानीय पुलिस बल द्वारा यह साहसिक कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत वर्ष प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य निर्देश          नक्सल प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। समन्वित प्रयासों को बढ़ाया जाए।          संचार सुगमता के लिए मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें।          नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के लिए हॉक फोर्स बल में वृद्धि की स्वीकृति की कार्यवाही करें।          प्रदेश से माओवादी समस्या का उन्मूलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके दृष्टिगत समवेत प्रयास किए जाएं।          नक्सल प्रभावित जिलों में सुदूरवर्ती दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल, मध्यप्रदेश परिमंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया

महाकाल लोक परिसर की तरह एकात्म धाम का करें विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ओंकारेश्वर अंचल के समग्र विकास के लिए समय-सीमा में कार्य करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया। उनके दर्शन और शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक माना जाता है। सम्पूर्ण समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करने वाले आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा ओंकारेश्वर में स्थापित है। प्रतिमा स्थल सहित सम्पूर्ण ओंकारेश्वर के समग्र विकास के लिए सभी आवश्यक कार्य सम्पन्न किए जाएं। सिंहस्थ : 2028 तक ओंकारेश्वर भी उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र बने, इस दिशा में सभी प्रयास किए जाएं। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केन्द्र है। उन्होंने कहा कि एकात्म धाम ओंकारेश्वर में शिव पंचायतन मंदिर परिसर का विकास महाकाल लोक की तरह किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) के सभाकक्ष में एक बैठक में एकात्म धाम, ओंकारेश्वर के विकास के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग द्वारा तैयार प्रजेंटेशन भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर में सुविधाओं के विकास से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य पर्यटकों की संख्या निश्चित ही बढ़ेगी। नागरशैली में अयोध्या के राम मंदिर की तरह इस आस्था स्थल में मंदिर का निर्माण प्रदेश की विशेष पहचान में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम और क्षेत्र में आने-जाने के सुविधाजनक मार्गों के निर्माण और प्रस्तावित रोप-वे की व्यवस्था के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैयाराजा टी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा

माधव नेशनल पार्क होगा प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्यजीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नए टाइगर रिजर्व पार्क की सौगात मिलने जा रही है। शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र होगा, जो चंबल क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाघों का एक जोड़ा माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। चंबल रेंज में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। एशिया में पहली बार चीते भी चंबल के कूनो नेशनल पार्क में दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल एवं डॉल्फिन प्रोजेक्ट पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश आते हैं। बाघ संरक्षित क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए सभी नेशनल पार्कों में सीजन भर पर्यटकों का आवागमन रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण से प्राप्त उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस-भोपाल में देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश भी तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकांक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना है, जहां युवा उद्यमियों के आइडियाज को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ सेशन नें प्रदेश के स्टार्ट-अप्स इकोसिस्टम को पंख दे कर ग्लोबल बना दिया है। आधुनिक तकनीक के इस युग में देश के स्टार्ट-अप जगत में मध्यप्रदेश बहुत तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज चुका है। जीआईएस-भोपाल में 20 से अधिक यूनिकॉर्न के संस्थापकों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। स्टार्ट-अप पर फोकस्ड सेशन ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ में शामिल होने के लिए कुल 180 स्टार्ट-अप्स ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 25 हाईली पोटेंशियल स्टार्ट-अप्स ने प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के विश्लेषण के बाद उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और निवेश के अवसर भी मिले। इस सेशन में कुल 47 स्टार्ट-अप शामिल हुए थे। इनमें से 19 स्टार्ट-अप्स को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्राप्त हुए। आईआईसीई ने 4 स्टार्ट-अप्स में रुचि दिखाई, एसजीएसआईटीएस ने 3 स्टार्ट-अप्स में, सिल्वर नीडल वेंचर्स ने 3 स्टार्ट-अप्स में, आईटीआई ग्रोथ ने 3 स्टार्ट-अप्स में, ईज़ीसीड ने 7 स्टार्ट-अप्स में, सीफंड ने 3 स्टार्ट-अप्स में, वेंचर कैटालिस्ट्स ने 10 स्टार्ट-अप्स में, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स ने 4 स्टार्ट-अप्स में, एआईस-आरएनटीयू ने 5 स्टार्ट-अप्स में तथा इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स ने 5 स्टार्ट-अप्स में निवेश की अभिरुचि प्रदर्शित की। स्टार्ट-अप्स को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिये महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति के उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 18 फीसदी, अधिकतम 18 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत सहायता, अधिकतम 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ इन्क्यूबेटर विस्तार के लिए 5 लाख रुपये का एक मुश्त अनुदान, स्टार्ट-अप्स के ऑफिस किराए में 50 फीसदी राशि की वापसी (तीन वर्षों तक प्रतिमाह 5,000 रुपये) की भी व्यवस्था की गई है। नीति में पेटेंट कराने पर 5 लाख रुपये तक की सहायता और पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को विशेष प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में इस समय 4,900 से अधिक स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप्स महिलाओं द्वारा संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार की स्टार्ट-अप नीति और क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय मदद, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहायता और नीतिगत मदद मुहैया कराई जा रही है। नई स्टार्ट-अप नीति के तहत वित्तीय अनुदान के पात्र स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 फीसदी (अधिकतम 18 लाख रुपये) का अनुदान दिया जा रहा है। नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन, अधोसंरचना सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं।  

प्रदेश की मोहन सरकार ने फिर लिया 6 हजार करोड़ का कर्ज, 15 दिनों में दूसरी बार बाजार से उठाया लोन

भोपाल  राज्य सरकार ने 15 दिनों के भीतर दूसरी बार 6000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 18 फरवरी को भी सरकार ने इसी राशि का ऋण लिया था। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सरकार कुल 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। लगातार बढ़ रहा कर्ज राज्य सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। कर्ज सीमा के भीतर लेने का दावा वित्त विभाग ने बताया कि यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है। प्रदेश सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए कर्ज का उपयोग और भविष्य की योजना सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचे, बिजली क्षेत्र और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कर्ज की अदायगी की योजना भी बनाई जा रही है ताकि वित्तीय संतुलन बना रहे। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा     वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है।     वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है।     यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है।     आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है।     राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में)     06 अगस्त 2024- 5,000     27 अगस्त 2024- 5,000     24 सितंबर 2024- 5,000     08 अक्टूबर 2024-5,000     26 नवंबर 2024 – 5,000     24 दिसंबर 2024 -5,000     31 दिसंबर 2024 – 5,000     18 फरवरी 2025 -6,0000     4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet