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मुख्यमंत्री ने किया यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 का वर्चुअल शुभारंभ उज्जैन में आरंभ हुआ तीन दिवसीय कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “वैश्विक चुनौतियों का समाधान युद्ध में नहीं बुद्ध में’’ मानते हैं। सनातन संस्कृति में कई सभ्यताओं के आविर्भाव से पहले ही वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी इसी भाव से विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास और विश्व के कल्याण में विश्वास रखती है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ युद्ध, आतंकवाद और संघर्ष ने पूरी दुनिया को तनावग्रस्त किया है, ऐसे में यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव जैसे आयोजन शांति, समरसता और मानवता की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए समाधान प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालिदास अकादमी उज्जैन में आरंभ यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 के तीन दिवसीय जीवन प्रबंधन कार्यशाला का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में महाकालेश्वर जलाभिषेक, पृथ्वी तत्व का आव्हान, पंचमहाभूत आव्हान और विशेष सांस्कृतिक संध्या जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन अनुष्ठानों से सम्पूर्ण विश्व के बीच एकता और समरसता को प्रकट करने के प्रयास होंगे। कुल 22 देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की नदियों के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक करेंगे। यह कॉन्क्लेव भारत की प्राचीन संस्कृति, योग और आध्यात्मिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। यह भारत की पॉवर को और अधिक सशक्त करेगा तथा विश्व, भारत की आध्यात्मिक शक्ति से लाभान्वित हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के सहभागियों से वैश्विक शांति की स्थापना और विश्व में प्रेम, सौहार्द्र तथा सकारात्मकता के प्रसार में हरसंभव योगदान देने संकल्प लेने का आव्हान किया। उज्जैन में आरंभ हुए इस कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन, कॉन्क्लेव के समन्वयक विक्रांत सिंह तोमर सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव में 22 देशों के विद्वान, संत, आध्यात्मिक शिक्षक और लाइफ कोच विचारक वैश्विक शांति और समरसता के लिए अपने विचार साझा करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जिला खनिज प्रतिष्ठान की बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य जिले, खनिज संपदा से सम्पन्न हैं। जिला खनिज प्रतिष्ठान के अंतर्गत विकास की गतिविधियों का संचालन इन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जिलों की आवश्यकता और परिस्थितियों को देखते हुए अधोसंरचना विकास का निर्धारण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा व आकस्मिकता की स्थितियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में एक हेलीकॉप्टर पट्टी विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जिन जिलों में स्टेडियम नहीं है, वहां खेल अधोसंरचना के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में जिला खनिज प्रतिष्ठान के संबंध में बैठक समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला खनिज प्रतिष्ठान में स्वास्थ्य की देखभाल, पेयजल, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जिलों के लिए सुनिश्चित विकास मॉडल बनाकर बेहतर पंचायत भवन, शिक्षण संस्थाओं के प्रांगण, मूलभूत सुविधाओं से युक्त अस्पताल परिसर विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। सभी विधानसभा क्षेत्रों के कॉन्सेप्ट प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यों के निर्धारण में विधायकगण की भागीदारी को भी बढ़ाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिला खनिज प्रतिष्ठान में उपलब्ध संसाधनों से सभी जिलों का संतुलित विकास हो। प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास से मुख्यमंत्री योगी ने भोजताल की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने उ.प्र. के मख्यमंत्री का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर व राजाभोज की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास कार्यालय कक्ष से उ. प्र. मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल की बड़ी झील (भोजताल) की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान बड़ी झील सदियों पुरानी है। यहां के तत्कालीन शासकों ने उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर इसे जल संग्रहण के लिए निर्मित कराया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मध्यप्रदेश में होने वाले सिंहस्थ की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष 2028 में उज्जैन शहर में सिंहस्थ का भव्य आयोजन होगा। सिहंस्थ आयोजन के प्रबंधों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए हमने मध्यप्रदेश से अधिकारियों का दल भी प्रयागराज भेजा है। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार में जल शक्ति तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, म.प्र. के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

उप राष्ट्रपति धनखड़ को राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विदाई

भोपाल उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड़ को राज्यपाल मंगुभाई पटेल औरमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की रात्रि पुराने एयरपोर्ट पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को प्रतीक चिन्ह भेंटकर दिल्ली के लिए विदाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप राष्ट्रपति के भोपाल आगमन पर आभार माना। इस मौके पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने सीएम सुझाव लेंगे, इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे

भोपाल राजधानी में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल और इंदौर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। आज शुक्रवार को भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शाम 7 बजे से चर्चा होगी। सीएम उद्योगपतियों को उद्योग नीतियों में किए संशोधन बताएंगे। औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने के सुझाव भी लेंगे। इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे।  संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के बड़े शहरों में इंटरेक्टिव सेशन किए गए हैं। सीएम ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान में भी रोड शो कर मप्र में निवेश की संभावनाएं और नीतियां बताई हैं। अब स्थानीय उद्योगपतियों सीएम सीधा संवाद करेंगे। मंडीदीप में भी 17 फरवरी को कार्यक्रम होगा। बैठकों के जरिए स्थानीय उद्योगपतियों को भी जीआइएस में आमंत्रण और सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योगों के विस्तार पर भी बात बैठक में उद्योग विभाग और एमपीआइडीसी के अधिकारी आइटी, फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग, पर्यटन आदि क्षेत्रों में सरकार से दी जा रही सुविधाएं, इंसेंटिव और नई नीतियों को बताएंगे। फिनलैंड की संस्था संवारेगी अपना पर्यटन भोपाल. फिनलैंड की संस्था वी रियल प्रदेश के पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर वर्चुअल टूर बनाएगी। मप्र टूरिज्म बोर्ड और वी रियल के बीच इसका करार हुआ है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव फिनलैंड के राजदूत किद्ब्रमो लाहदेविर्ता मौजूद रहे। ये वर्चुअल टूर जीवंत अनुभूति देंगे। इन टूर के जरिए पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले मप्र के इतिहास और संस्कृति से परिचित हो सकेंगे।

ग्वालियर के मुरैना मार्ग नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार होगा: मुख्यमंत्री मोहन यादव

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पवित्र सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह के नाम पर दाता बंदी छोड़ द्वार मुरैना के रास्ते पर रखने की हम घोषणा कर रहे हैं। ग्वालियर शहर ग्वालियर चंबल संभाग में सिख समुदाय का बड़ा प्राचीन गौरवशाली इतिहास रहा है। बड़ी संख्या में सिख परिवार इस क्षेत्र में निवास भी करते हैं। सिखों के छठवें गुरु परम पूज्य हरगोविंद सिंह महाराज साहब को ग्वालियर के किले में मुगल बादशाह जहांगीर ने कई वर्षों तक बंदी बनाए रखा था। गुरु गोविंद सिंह के साथ 52 अन्य हिंदू राजा भी उनकी कैद में थे। डॉ यादव ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि आज गर्व के साथ हम ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम सिख धर्म के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी के सम्मान में ‘दाता बंदी छोड़ द्वार’ रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शहर और चंबल संभाग सिख समुदाय के अद्वितीय इतिहास और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं। गुरु हरगोबिंद सिंह जी का साहस और बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। जब मुग़ल बादशाह ने गुरु हरगोविंद सिंह को रिहा करने का निर्णय लिया तो उन्होंने अपनी अकेली रिहाई से मना कर दिया था और 52 हिंदू राजाओं के साथ निकल के आने की इच्छा व्यक्त की थी। मुगल बादशाह ने मजबूर होकर 52 हिंदू राजाओं को भी हमारे छठवें सिख गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज साहब के साथ में रिहा किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार रखने की घोषणा करता हूं। सिख लोग पहले दीवाली नहीं मनाते थे, लेकिन ग्वालियर में एक ऐसा घटनाक़म घटा कि उसके बाद से उन्होंने दो दिन दिवाली मनाना शुरू कर दिया. इन दिनों उनके धार्मिक स्थल भी रोशनी से जगमगाते है. इसकी कहानी भी बड़ी रोमांचक और अविस्मरणीय है. क्या है कहानी? ग्वालियर के विश्व प्रसिद्ध दुर्ग के ही एक बड़े हिस्से व ऊंचाई पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा मौजूद है, जिसका नाम ‘दाता बंदी छोड़’ है. यह गुरुद्वारा सिख संगत में बड़े तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. दुनिया भर से सिख सपरिवार हर साल यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं. मान्यता है और इतिहास में उल्लेख भी कि मुगल काल के दौरान लोगों में सिख धर्म के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुगल शासक जहांगीर ने सिखों के छठे गुरु हरगोविंद साहिब को बंदी बना लिया था. गुरु हरगोविंद साहिब ने मुस्लिम शासकों की धार्मिक शर्तें मानने से इनकार कर दिया था. जहांगीर ने गुरु महाराज को बंदी बनाकर ग्वालियर के किले में कैद कर दिया था. मुगल उस समय इस किले को अपने राजनीतिक बंदियों की कैद के लिए उपयोग करते थे. इस किले में साहिब के आने से पहले से ही 52 हिंदू राजा कैद थे. गुरु हरगोविंद जी जब जेल में पहुंचे तो सभी राजाओं ने उनका स्वागत किया. जहांगीर ने गुरु हरगोविंद को 2 साल 3 महीने तक जेल से बाहर नहीं आने दिया. इस घटना के बाद रिहा हुए सिख गुरू उसी दौरान अचानक एक घटना घटी. जहांगीर की तबीयत खराब होने लगी. हकीम से लेकर वैद्य तक सब उपचार में जुटे थे, लेकिन उनकी तबियत बिगड़ती ही जा रही थी. तभी एक शाही पीर ने जहांगीर को बताया कि ग्वालियर किले पर नजरबंद गुरु हरगोविंद साहिब को मुक्त कर दो, तभी आप ठीक हो सकते हैं. जान जाने से भयभीत जहांगीर ने उनकी बात मान ली. इसके बाद गुरू हरगोविंद साहिब को रिहा करने के लिए जहांगीर तैयार हुआ. आखिरकार इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब की शर्त को स्वीकार करते हुए जहांगीर ने भी एक शर्त रखी. जहांगीर ने कहा कि कैद में गुरु जी के साथ सिर्फ वही राजा बाहर जा सकेंगे, जो गुरुजी का कोई कपड़ा पकड़े होंगे. इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब ने जहांगीर की शर्त को स्वीकार कर लिया. चालाकी पर भारी पड़ा चमत्कार जहांगीर की चालाकी को देखते हुए गुरु हरगोविंद साहिब ने एक 52 कलियों का चोंगा (कुर्ता) सिलवाया. इस तरह एक एक कली को पकड़ते हुए सभी 52 हिंदू राजा जहांगीर की कैद से आजाद हो गए. 52 हिंदू राजाओं को ग्वालियर के इसी किले से एक साथ छोड़ा गया था. इसलिए यहां बने इस स्थान का नाम दाताबन्दी छोड़ रखा गया था लेकिन कालांतर में यहां बने गुरुद्वारे का नाम ‘दाता बंदी छोड़’ के नाम से ही प्रसिद्ध हो गया. चूंकि यह रिहाई दीपावली के मौके पर हुई थी, इसलिए सिखों ने उनकी अगवानी के लिए घर घर दिए जलाए और तभी से सिख समाज भी अमावस्या और उसके एक दिन बाद तक घरों में दीपक जलाकर दीवाली मनाने लगा. ग्वालियर स्थित दाताबन्दी छोड़ गुरुद्वारे में भी दीपोत्सव होता है. यहां लाखों की तादात में सिख धर्म के अनुयाई अरदास करने आते हैं. यह पूरे विश्व में सिख समाज का छठवां सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है.    

सीएम मोहन यादव का दिल्ली में हुआ एक और घर, नए बंगले में जल्द करेंगे गृह प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजधानी दिल्ली के लुटियंस में एक घर होगा। सीएम को 14 अशोक रोड पर एक कोठी अलॉट हो गई है। इस बंगले में वर्षों से पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी रह रही थीं। हाल ही उन्होंने यह घर खाली किया था। अब यह कोठी मध्यप्रदेश के सीएम के नाम अलॉट हो गई है। बीते दिनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसका निरीक्षण भी किया है। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। सूत्रों का कहना है कि, सीएम ने दिल्ली में यह आवास इसलिए लिया है कि उनके प्रवास से जुड़ी गोपनीयता बनी रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने घर को अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करने के निर्देश भी दिए। हालांकि, इस बंगले को पूरा तैयार होने में करीब तीन से चार माह लगेंगे। इसके बाद सीएम शुभ मुहूर्त देखकर दिल्ली के नए घर में प्रवेश करेंगे। अभी सीएम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान चाणक्यपुरी स्थित न्यू मध्यप्रदेश भवन में ठहरते हैं। हालांकि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी दिल्ली में बंगला अलॉट नहीं करवाया था। वे मध्यप्रदेश भवन में ही आकर ठहरते थे और यहीं अधिकारियों की बैठक लेते थे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान को सफदरजंग रोड पर बंगला अलॉट हुआ है। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए कभी भी मध्यप्रदेश भवन का उपयोग ठहरने के लिए नहीं किया था। वे दिल्ली प्रवास के दौरान राजदूत मार्ग स्थित अपने घर पर ठहरते थे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली में लोधी स्टेट में सरकारी आवास अलॉट करवाया था। सूत्रों का कहना है कि, कुछ महीनों पहले मध्यप्रदेश के सीएम दिल्ली प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से मिलने तीन मूर्ति मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान सीएम यादव ने असम के सीएम से बंगला अलॉट होने की प्रक्रिया की जानकारी ली थी। इसके बाद सीएम के कार्यालय ने दिल्ली में मध्यप्रदेश के सीएम को बंगला अलॉट करने के संदर्भ में फाइल चलाई थी। सूत्रों का कहना है कि, अलॉट हुए 14 अशोक रोड के बंगले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के 27 कुत्ते उनकी देखभाल करने वाले के साथ हैं। वहीं, बंगले में मरम्मत ओर रंगरोगन सहित कई काम होने हैं। इसलिए इसे तैयार होने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ऑफिस कार्य के साथ रात्रि विश्राम भी कर सकें, ऐसी कुछ व्यवस्था भी बंगले में की जा रही हैं। इसके अलावा उनका परिवार भी रह सके इसके लिए भी तमाम सुविधाएं बंगले में जुटाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह बंगला उपयुक्त है। इस कोठी के आसपास ही सभी मंत्रालय और संसद भवन मौजूद हैं। एयरपोर्ट भी इस घर से 13 किमी की दूरी पर है। जबकि न्यू मध्यप्रदेश भवन भी 6 किमी दूर है।   दिल्ली के अलावा भोपाल-उज्जैन में भी है सीएम आवास मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का राजधानी भोपाल के अलावा उज्जैन में भी सीएम हाउस तैयार किया गया है। उज्जैन में कोठी रोड स्थित विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के बंगले को भी सीएम हाउस बनाया गया है। सीएम यहां से प्रशासनिक कार्यों को निपटा सके इसलिए इसे तैयार किया गया है। इसके अलावा उज्जैन के अब्दालपुर और फ्री गंज क्षेत्र में भी सीएम का घर है।  

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत मां के वीर सपूतों को कोटिश नमन एवं श्रद्धांजलि : CM यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित अपने वीर जवानों के बलिदान का यह राष्ट्र अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।     देश के लिए बलिदान होने वाले;     कभी मरते नहीं, अमर हो जाते हैं!     पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।     मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की… pic.twitter.com/C3eU1M30K0 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2025 बता दें कि 14 फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। घटना भले छह साल पुरानी है, लेकिन उसके जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमले के लिए चुना। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिससे कम से कम 39 जवान शहीद हो गये और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह दिन इतिहास में एक और वजह से भी दर्ज है।

मुख्यमंत्री ने 15 कला मनीषियों को प्रदान किए राज्य शिखर सम्मान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कलाएं स्वयं बोलती हैं। यह हमारे व्यवहार और भावनाओं से भी व्यक्त होती है। मध्यप्रदेश कला की धरती है। यहाँ से कई विश्व मान्य कला मनीषी हुए हैं। कलाओं और कलासाधकों से ही हमारी संस्कृति पोषित है, पल्लवित है। मध्यप्रदेश को विश्व में कला गौरव स्थल की पहचान दिलाने में भारत भवन की प्रमुख भूमिका है। हम सब भारत भवन के एक गौरवशाली अतीत के गवाह हैं। आज भारत भवन की 43वीं वर्षगांठ मनाते हुए हम बेहद गौरवान्वित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को भारत भवन के मुक्ताकाश मंच से राज्य शिखर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान देते हुए वर्ष 2022 एवं 2023 के राज्य शिखर सम्मान प्रदान किए। इस अवसर पर 15 कला मनीषियों को उनके अतिविशिष्ट योगदान के लिए शॉल, श्रीफल, सम्मान पट्टिका एवं दो लाख रूपए की सम्मान राशि देकर अलंकृत किया गया। समारोह में संगीत, नृत्य, नाटक, जनजातीय एवं लोक कला, साहित्य तथा रंगकर्म के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों, साहित्यकारों एवं रंगकर्मियों को शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शिखर सम्मान से सम्मानित सभी कला विभूतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। कलाकार हमारे समाज की आत्मा हैं और उनका सम्मान हमारी प्राथमिकता है। कला के सम्मान से हम स्वयं सम्मानित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत भवन के 43वें स्थापना दिवस को खास बनाते हुए यहां रंगमण्डल को पुनः प्रारंभ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगमण्डल की वापसी सिर्फ रंगमंच ही नहीं, बल्कि पूरे कला जगत के लिए एक नया आनंद लेकर आयेगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का सभी रंगमंच प्रेमियों और कलाकारों ने पुलकित होकर स्वागत किया क्योंकि रंगमण्डल की वापसी इनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। भारत भवन का रंगमण्डल वर्षों से प्रदेश के रंगकर्मियों और नाटक प्रेमियों के लिए एक प्रमुख मंच था, अब फिर से जीवंत होने जा रहा है। इसकी वापसी से युवा रंगकर्मियों को नए अवसर मिलेंगे और थिएटर को भी एक नई ऊर्जा मिलेगी। रंगमण्डल की पुनर्स्थापना से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और भी समृद्ध होगी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि भारत भवन हमारी कला आस्था का केन्द्र रहा है। इस भवन के जरिए कला और संस्कृति के पुनर्जागरण के साथ मध्यप्रदेश न केवल अपनी जड़ों को संजो रहा है, बल्कि भावी नई कला पीढ़ी को भी सशक्त बना रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित विभूतियों का अभिनंदन किया। भारत भवन के न्यासी अध्यक्ष वामन केंद्रे ने कहा कि भारत भवन सभी कला विधाओं का संगम है। सदियों से विभिन्न कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन यहां से होता रहा है। भोपाल को देश के प्रमुख सांस्कृतिक केन्द्र का दर्जा दिलाने में भारत भवन की भूमिका निरापद रूप से सराहनीय रही है। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन और भारत भवन के न्यासी सचिव शिवशेखर शुक्ला ने भारत भवन की 43 साल से चल रही कला साधना यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दिलों में कला और इसके प्रति प्रेम का संचार करने वाले कला विभूतियों का सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हैं। भारत भवन समेकित रूप से कलाओं का उत्कृष्ट केन्द्र है। कलाओं के संवर्धन और कलाकारों के प्रोत्साहन के क्षेत्र में यह देश का एक अनूठा और अनुपम कला केन्द्र है। संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने राज्य शिखर सम्मान से सम्मानित होने वाले सभी कला मनीषियों के प्रशस्ति वाचन किये। इस मौके पर भारत भवन के सभी न्यासी सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, रंगकर्मी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भारत भवन परिसर में आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। 9 विधाओं में 15 कला मनीषियों को मिला राज्‍य शिखर सम्‍मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न कला क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 कला मनीषियों को वर्ष 2022 एवं 2023 के राज्य शिखर सम्मान प्रदान किये। समारोह में डॉ. उर्मिला शिरीष (भोपाल) को हिन्‍दी साहित्‍य के लिए वर्ष 2022 का शिखर सम्मान दिया गया। महमूद अहमद सहर (उज्‍जैन) को उर्दू साहित्‍य के लिए वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। डॉ. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी (इंदौर) को संस्‍कृत साहित्‍य के लिए वर्ष 2022 का और डॉ. गोविंद दत्‍तात्रेय गंधे (उज्‍जैन) को संस्कृत साहित्य के लिए ही वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। इसी क्रम में विदुषी कल्‍पना झोकरकर (इंदौर) को शास्‍त्रीय संगीत के लिए वर्ष 2022 का और विदुषी शाश्‍वती मण्‍डल (दिल्‍ली) को शास्त्रीय संगीत के लिए ही वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। सुमोहिनी मोघे पूछवाले (जबलपुर) को शास्‍त्रीय नृत्य के लिए वर्ष 2022 का और विदुषी भारती होम्‍बल (भोपाल) को शास्‍त्रीय नृत्य के लिए ही वर्ष 2023 के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। रूपंकर कलाएं श्रेणी में ईश्‍वरी रावल (इंदौर) को वर्ष 2022 का और इसी श्रेणी में हरि भटनागर (जबलपुर) को वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। श्रीराम जोग (इंदौर) को नाट्य कला के लिए वर्ष 2022 का और इसी कला संवर्ग में सतीश दवे (उज्‍जैन) को वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। जनजातीय एवं लोक कलाएं श्रेणी में रामसिंह उर्वेती (पाटनगढ़) को वर्ष 2022 का एवं इसी श्रेणी में कैलाश सिसोदिया (धार) को वर्ष 2023 के राज्‍य शिखर सम्‍मान से अलंकृत किया गया। दुर्लभ वाद्य वादन श्रेणी में पंडित सुनील पावगी (ग्‍वालियर) को वर्ष 2023 के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।  

नए वित्त वर्ष के लिए योजना प्रस्तावों पर दिये समुचित निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में गुरूवार की सुबह शिवाय गुप्ता नामक बालक का अपहरण हो गया था। वह अपनी माता के साथ स्कूल जा रहा था। उन्होंने कहा‍कि अपहृत बालक सकुशल मिल गया है और उसकी माता-पिता से बात भी करा दी गई है। बच्चे को जल्द से जल्द माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्यप्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।  

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ”विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.”

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन

सीएम मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर रहेंगे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

नौरोजाबाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जो नगर के नागरिकों के लिए गौरव का विषय होगा। इसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। विकास कार्यों को मिलेगी गति मुख्यमंत्री के आगमन से नौरोजाबाद में विकास की नई धारा बहेगी। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम यादव के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाया जा सके। दौरे को लेकर तैयारियां जारी मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस दौरे से नौरोजाबाद को कई विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री यादव आएंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। सीएम यादव नौरोजाबाद में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे।  

एमपी टूरिज्म बोर्ड और वी रियल संस्था के बीच हुआ एमओयू,विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को एमपी टूरिज्म बोर्ड और फिनलैंड की संस्था वी रियल के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालयों पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वर्चुअल टूर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवंत अनुभूति देने वाले इन वर्चुअल टूर के माध्यम से अब पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रूचि रखने वाले व्यक्ति, अपने देश में रहते हुए मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों और एतिहासिक धरोहरों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी और विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविर्ता का शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को प्रदर्शित करती कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वी-रियल द्वारा इतिहास, संस्कृति, और धरोहर का उन्नत तकनीक के माध्यम से वीडियो निर्माण कर संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाता है। कंपनी इस वर्चुअल टूर को अपने प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराती है, जो वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित टूर और ट्रैवल संस्थानों सहित आम नागरिकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। आज हुए इस एमओयू से मध्यप्रदेश के इतिहास और संस्कृति की अद्यतन जानकारी वर्चुअल स्वरूप में वैश्विक स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी, वी रियल संस्था के सीईओ जोहानेस स्वॉर्डस्टॉर्म सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

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