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मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।  

प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.बी. लाइलाज बीमारी नहीं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोई भी प्रभावित व्यक्ति, जांच और इलाज से वंचित न रहे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का देश को टी.बी. मुक्त करने का संकल्प सबकी सहभागिता से ही होगा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टी.बी. (क्षय रोग) से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। लोगों की जिंदगी बचाने के प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान में सहभागिता कर हम सब उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। देश को टी.बी. मुक्त करने के लिए, देश के 347 जिलों में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इनमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। टी.बी. से मुक्ति के अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी की सक्रिय सहभागिता से कोई भी प्रभावित व्यक्ति टी.बी. की जांच और इलाज से वंचित नहीं रहेगा। टी.बी लाइलाज बीमारी नहीं है, टी.बी. का इलाज होता है, टी.बी. से डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब सक्रियता के साथ इस अभियान में भागीदारी करें। हमारे आसपास कोई भी टी.बी. की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति हो तो उसे इस अभियान का हिस्सा अवश्य बनाएं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों का जीवन बचाने के लिए आरंभ, इस अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है। हम सब मिलकर टी.बी. से प्रभावित व्यक्तियों को इस रोग से मुक्त कराने का प्रयास करें। सबके प्रयासों से देश को टी.बी. मुक्त कर, प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने में निश्चित ही सफलता मिलेगी।  

घातक रसायनों और पॉलीथीन से मृदा को बचाना जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घातक रसायनों और पॉलीथीन से मृदा को बचाना जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने विश्व मृदा दिवस पर दिया संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “विश्व मृदा दिवस” पर कहा है कि स्वस्थ मिट्टी हो, तो धरा की न केवल उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, बल्कि मानव का स्वास्थ्य भी उत्तम होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वस्थ और समृद्ध धरा के लिए मृदा को घातक रसायनों एवं पॉलीथीन से बचाने और धरती की सेवा और उसे पोषित करने के लिए स्वयं को समर्पित करने का आहवान किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प को मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिला कर चल रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि ‘टीबीमुक्त भारत’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प में राज्य भी कदम से कदम मिला कर चल रहा है और अगर कोई व्यक्ति टीबी से ग्रस्त है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में सभी मदद करें। डॉ यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प लिया था। मध्यप्रदेश भी उसमें कदम से कदम मिला कर चल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के दृष्टिकोण से देश भर के 347 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि क्षय उन्मूलन की दिशा में इन जिलों में सक्रियता के साथ काम होगा। साथ ही जनता भी इस अभियान में मददगार बनते हुए टीबी से ग्रस्त अगर कोई व्यक्ति है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में मदद करे।मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। इससे डरे नहीं। रोगी की पहचान कर राेगमुक्ति का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत

सोयाबीन एवं धान उपार्जन पर निगरानी के लिए मंत्री करें अपने-अपने क्षेत्र का दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अत्यधिक सार्थक रही विदेश यात्रा-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश के संदर्भ में की गई जर्मन एवं इंग्लैंड यात्रा अत्यधिक सार्थक और आशाओं से कहीं आगे साबित हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए लगभग 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। विदेशी निवेश प्राप्त करने के पहले हमने प्रदेश में रीजनल कॉन्क्लेव आयोजित किए। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अगली रीजनल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में 7 दिसम्बर को आयोजित करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम् कॉन्क्लेव के पूर्व ही हमें बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। जिससे नर्मदापुरम् रीजन में उद्योगों के लिए 250 हेक्टेयर से बढ़ाकर 750 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले आयोजनों और उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन और धान उपार्जन का काम जारी है। प्रदेश में 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन किया जा रहा है। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन किया गया है। प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन की आवक हो रही है। प्रदेश में 2 दिसम्बर से 1184 उपार्जन केन्द्रों पर धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर प्रारंभ है, जिसमें लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। मंत्रीगण अपने क्षेत्र में भ्रमण कर‌किसानों से उपार्जन प्रक्रिया एवं खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त करें। गीता जयंती, तानसेन शताब्दी समारोह तथा जन-कल्याण उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 8 से 11 दिसम्बर तक उज्जैन और 11 दिसम्बर को भोपाल एवं समस्त जिलों में गीता जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तानसेन शताब्दी समारोह 15 से 19 दिसम्बर तक ग्वालियर में आयोजित किया जायेगा। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण तथा विकास से जुड़े जन-कल्याण उत्सव प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबंधित विभागीय मंत्री पृथक-पृथक कमेटी बनाएं। राज्य शासन द्वारा इन वर्गों के लोगों के लिए किए गए कार्यों को आमजन के बीच में लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी अभयारण्य को प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व के रूप में स्वीकृति मिली है। विश्व में किसी भी राज्य की राजधानी से एकदम सटे एकमात्र टाइगर रिजर्व से न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राजधानी के पास स्थित टाइगर रिजर्व के जंगलों, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद देता हूँ हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 4100 मेगावाट के नवीन थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला आवंटन की स्वीकृत प्रदान की है। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रूपए के निवेश और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर इस प्लांट से सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो अभियान चंबल संभाग में पार्वती-कालीसिंध-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपनी सहमति प्रदान की है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से प्रदेश के 11 जिलों के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर सहमति से बुंदेलखंड अंचल में सिंचाई सहज और सुलभ होगी।  

प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेशवासियों को सस्ती व प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौर तथा पवन ऊर्जा को प्रदेश में हर संभवन प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सौर तथा पवन ऊर्जा सहित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के सभी स्रोतों को प्रदेश में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत की आपूर्ति नवकरणीय ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर तथा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से अधिक-से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नगरीय निकायों, रहवासी संघों तथा कृषकों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप , मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की ऊर्जा का 41 प्रतिशत उपभोग किसानों द्वारा किया जाता है। किसान दिन के समय बिजली का उपभोग कर सकें, इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने सभी शासकीय भवनों पर मिशन मोड में सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए समय- सीमा निर्धानित करते हुए समन्वित रूप से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय,स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग भवनों पर भी सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं। इससे इन विभागों की इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 14 गुना वृद्धि हुई बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में पिछले बारह वर्षों में 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में सौर ऊर्जा की प्रति उत्पादन दर प्रति यूनिट दो रुपए 50 पैसे लगभग आ रही है, जो कोयला आधारित ऊर्जा से तुलनात्मक रूप से किफायती है। सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुरैना, आगर, धार, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर इत्यादि में सौर पार्क स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगर, शाजापुर और नीमच की नवकरणीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा ओंकारेश्वर स्थित विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना तैयार हो चुकी हैं। मुरैना में हाई ब्रिड वृहद नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भी निर्माणाधीन है। इसके प्रथम चरण में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान प्रदेश को सुनिश्चित आपूर्ति के लिए 600 मेगावाट सोलर के साथ ही स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 2027 तक पूर्ण होगी। ऊर्जा भण्डारण के लिए भी जारी है पहल बैठक में कुसुम योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। साथ ही इंडो-जर्मन सोलर एनर्जी पार्टनरशीप-एनोवेटिव सोलर भी निष्पादित किया गया। प्रदेश में उज्जैन, आगर, धार, रतलाम और मंदसौर में पवन ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन और मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी का सहायोग लिया जा रहा है। ऊर्जा भण्डारण परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार पहल कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में प्राप्त स्वर्ण पदक किया भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को केबिनेट बैठक में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विगत दिनों नई दिल्ली में ‘भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2024’ में भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मण्डप को सब्जेक्टिव केटेगरी में प्राप्त स्वर्ण पदक और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री काश्यप और उनकी पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इस बार व्यापार मेले की थीम “विकसित भारत@2047 थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का नई दिल्ली में उद्घाटन किया था। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानीय उत्पादों सहित ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। मेले में स्थानीय कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। म.प्र. मण्डप को मेले में दर्शकों द्वारा सराहा गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है। आने-जाने के इस क्रम में महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा के लिए किया जाए। यह मनुष्य का सौभाग्य है कि इस धरती पर आदिकाल से परमात्मा की लीला देखने को मिलती रही है। हमारे 33 करोड़ देवी-देवताओं ने सदियों तक अपनी आभा बिखेरी है। इतनी कि इसके लिए हमारा अम्बर भी कम पड़ जाए। हमारे बीच देवता विभिन्न रूप में आते हैं। हम उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे हमारे बीच रहते हैं। ऐसे ही देवता नीब करौरी वाले बाबा हैं। इनको मानने वालों में देश- विदेश के करोड़ों लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाम रविन्द्र भवन बहिरंग में अनंत विभूषित बाबा नीब करौरी महाराज के 125वें प्राकट्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-महंत की अपनी महत्ता है। उनके जीवन के रहस्यों को जानना मुश्किल भी है। इनका जब मनुष्यों से साक्षात्कार होता है तो लोग अपने जीवन में परिवर्तन होते देखते हैं। निश्चित ही इससे आस्था की जड़ें गहरी हो जाती हैं। वास्तव में सारी सत्ताओं के ऊपर एक सत्ता है जो परम सत्ता है। जीवन के आरोह-अवरोह में हमें उमड़ते-घुमड़ते प्रश्नों का उत्तर भी मिल जाता है। ऐसी व्यवस्थाओं को जोड़कर सनातन धर्म की परम्परा राष्ट्र के गौरव में वृद्धि करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी जी के जीवन का वह पक्ष भी जानने योग्यव है जब वे बी.एससी. के विद्यार्थी थे और कभी इन व्यवस्थाओं पर विश्वास नहीं करते थे। उन्हें गुरू के रूप में रामकृष्ण परमहंस मिले, जिन्होंने उनका काली मां से सीधा परिचय करवा दिया। स्वामी विवेकानंद को सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी हुआ। इसी तरह जीवन में परिवर्तन का अनुभव नीब करौरी वाले बाबा और अन्य संतों के दर्शन के पश्चात लोगों में दिखाई देता है। सच्चे अर्थों में देवी देवताओं से मिलकर भक्ति की शक्ति मिल जाया करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कलाकारों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुंदर काण्ड की प्रस्तुति के लिए आए विजयेंद्र चौहान, शिव ताण्डव स्रोत प्रस्तुत करने वाले काली चरण जी, लोक प्रिय भजन गायक पंडित सुधीर व्यास, रासलीला प्रस्तुति के लिए भारतीय शर्मा और बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार राकेश अग्निहोत्री का इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों को बाबा नीब करौरी महाराज की लघु प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित सुधीर व्यास के स्वर में उनके अति लोकप्रिय भजन “तू है मोरा सजन….. ये चमक ये दमक ….. फूलवन मा महक …की” प्रस्तुति भी सुनी। खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम में बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र सहित उनकी पांच पीढ़ियां उपस्थित हैं। बाबा नीब करौरी महाराज ने पूरी दुनिया में ख्याति अर्जित की है। उनका आशीर्वाद भोपाल के नागरिकों को विशेष रूप से प्राप्त हुआ है। वर्तमान में बाबा के पौत्र भोपाल में ही अरेरा कालोनी में निवास करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज भोपाल आगमन पर नेवरी स्थित मंदिर में विश्राम किया करते थे। इस मंदिर में बाबा द्वारा सनातन धर्म परम्परा के निर्वाह की स्मृति को बनाए रखने के लिए नेवरी धाम पर बाबा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। आगामी 22 दिसम्बर को यह प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम है। इस अवसर पर रामलीला का प्रस्तुतिकरण भी होगा। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तरप्रदेश में जन्मे बाबा नीब करौरी महाराज ने जीवन में अनेक सेवा कार्यों का नेतृत्व किया। वे जीवन के अनेक वर्ष उत्तराखंड में रहे। उनके अनुयायियों में अनेक विश्व विख्यात लोग शामिल हैं। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के अलावा राहुल कोठारी एवं आशीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने देर रात्रि तक भजनों का आनंद लिया।  

संबल योजना में कुल 10 हजार 236 श्रमिक परिवार होंगे लाभान्वित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 दिसम्बर को संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता के 10 हजार 236 प्रकरणों में श्रमिकों के परिवारों को सहायता राशि 225 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना में दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करवायी जाती है। प्रदेश के लाखों श्रमिक एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना में लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश सरकार ने संबल योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संबल योजना में सभी योजनाओं जैसे अंत्येष्टी सहायता, मृत्यु अथवा दिव्यांगता पर अनुग्रह सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत, राशन पर्ची आदि का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जाती हैं इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 73 लाख श्रमिकों का संबल 2.0 योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जा चुका है।  

भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।  

सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों की जानकारी नागरिकों को मिले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हजारों आचार्य करेंगे गीता का सस्वर पाठ, बनेगा रिकार्ड सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा मुख्यमंत्री गीता जयंती कार्यक्रम में 9 दिसम्बर को जाएंगे हरियाणा तानसेन समारोह शताब्दी वर्ष में ग्वालियर सहित देश- विदेश में की जाएंगी समारोह गतिविधियां जापान, इजराइल,फ्रांस और इटली में भी तानसेन समारोह के होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 8 दिसम्बर को गीता जयंती और 8 से 11 दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सभी कार्यक्रम नागरिकों की सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक आयोजित किए जाएं। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए थे। इसी लिये प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गीता जयंती मनाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवत गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाने के लिए गीता जयंती के उपलक्ष में होने वाली गतिविधियों को अभिनव स्वरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गीता जयंती एवं तानसेन महोत्सव की तैयारियों की बैठक कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम किए जाने का अपना विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने न सिर्फ मध्यप्रदेश के उज्जैन बल्कि अन्य स्थानों पर भी जाकर उस दौर में मानव जीवन को सार्थक बनाने का अनमोल संदेश दिया। उन्होंने कर्म, अनुशासन और उस युग में भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन कर सम्पूर्ण समाज के लिए अनूठे दृष्टांत प्रस्तुत किए। अर्जुन एक प्रतीक थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जित शिक्षा और ज्ञान के आधार पर विभिन्न सिद्धांतों को पहले स्वयं आत्मसात किया, इसके बाद उनका प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने युद्ध में अपने पक्ष की अपूरणीय क्षति भी स्वीकार की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का जिन स्थानों पर आगमन हुआ था वे तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से संबंधित भगवान श्रीकृष्ण की समस्त स्मृतियों को बनाए रखने और जन-जन को उसकी जानकारी देने का यह विशेष अवसर है। गीता जयंती और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम अविस्मरणीय बन जाएं, ऐसी तैयारियाँ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस्कॉन संस्था के सहयोग से गीता के संदेशों का विद्यार्थियों में प्रचार और ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी सराहनीय है। शासकीय विभागों और स्थानीय प्रशासन द्वारा गीता जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तानसेन संगीत समारोह की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की और तानसेन के जीवन के भिन्न-भिन्न पहलुओं का विवरण भी मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में हो रहे तानसेन समारोह में देने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनेंगे विश्व रिकार्ड महाराज विक्रमादित्य शोध पीठ, प्रशासन के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 8 से 11 दिसम्बर, 2024 को उज्जैन में आयोजित करेगी। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 11 दिसम्बर को गीता का सस्वर पाठ करने के लिए हजारों आचार्य उपस्थित होंगे। गीता स्वर पाठ में शामिल होने वाले आचार्यों की संख्या का पूर्व का रिकार्ड 1350 आचार्यों द्वारा गीता पाठ करने का रहा है। मध्यप्रदेश इस रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाएगा। इस अवसर पर साधो बैण्ड, वृंदावन की संस्कृति की भी प्रस्तुति होगी। गौ एवं गोवर्धन आधारित और श्रीमद्भागवत गीता पुराण आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा कुरूक्षेत्र हरियाणा में आयोजित 3 दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 दिसम्बर को शामिल होंगे। उज्जैन में गीता संवाद में 8 दिसम्बर को प्रख्यात गीतकार मनोज मुन्तशिर शुक्ला का गीता संवाद और गुरू दक्षिणा के अंतर्गत श्रीकृष्ण और गुरू सांदीपनि पर केन्द्रित महानाट्य एवं डिजिटल प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में 9 दिसम्बर को श्रीकृष्ण आधारित महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। उज्जैन में ही 10 एवं 11 दिसम्बर को गीता संवाद के अंतर्गत स्वामी सरस्वती द्वारका पीठ सहित प्रमुख आध्यात्मिक विभूतियां भागीदारी करेंगी। अन्य देशों से इस्कॉन प्रतिनिधि और विभिन्न विद्वानों के व्याख्यान भी होंगे। उज्जैन में 10 दिसम्बर को प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली शास्त्रोक्त श्रीकृष्ण भजन प्रस्तुत करेंगी। कुमार शर्मा अपने साथी कलाकारों के साथ सांगीतिक प्रस्तुति देंगे। बुधवार 11 दिसम्बर को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शासकीय विश्राम गृह और निजी होटलों में गीता और रामायण की प्रतियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस अवसर पर उज्जैन में मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिन्द्रा का व्याख्यान और भारतीय परम्परा के विविध आयाम- शिवगीता, गणेश गीता, राम गीता सहित कुछ अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण भी होगा। अन्य देश और प्रदेशों में भी तानसेन समारोह की गूंज पहुंचेगी, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह का यह 100वाँ वर्ष है। वर्ष 1924 से शुरू हुआ यह समारोह इस वर्ष 15 से 19 दिसम्बर तक चलेगा। समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए जापान, इजराइल फ्रांस और इटली में कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से संयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पंडित स्वपन चौधरी, कोलकाता और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान सानंद न्यास इंदौर को दिया जा रहा है। ग्वालियर में पूर्व रंग के अंतर्गत 14 दिसम्बर को दुर्लभ वाद्यों सुरबहार, विचित्र वीणा, मोहन वीणा, नाल तरंग, आदि की प्रस्तुति ग्वालियर किले, बाड़ी के टॉउन हाल, जय विलास पैलेस और अन्य स्थानों पर होंगी। देश के अनेक ख्याति प्राप्त कलाकार इन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों में भी समारोह के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगोष्ठियां हो रही हैं। ग्वालियर में मुख्य समारोह में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान अलंकरण भी प्रदान किए जाएंगे। अन्य गतिविधियों में दैनिक सांगीतिक सभाएँ, डाक टिकट विमोचन, प्रदर्शनी और लाइव चित्रांकन सत्र हो रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित रीवा, गुना, शिवपुरी और ओरछा में विविध आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के भारत भवन में 4 से 8 दिसम्बर तक संगीत सम्राट तानसेन एवं मूर्धन्य संगीतकारों पर केंद्रित 5 फिल्में तानसेन, मीरा, संत ज्ञानेश्वर, चिंतामणि सूरदास, और ध्रुपद बैजू बावरा, स्वामी हरिदास के प्रदर्शन होंगे। रीवा में 5 दिसम्बर, गुना में 6 दिसम्बर, शिवपुरी और ओरछा … Read more

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित “अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम” में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव 3 दिसम्‍बर को बालाघाट के स्वदेशी मेला व गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को बालाघाट नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे यहां उत्कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित हो रहे रोजगार मेले में शामिल होकर युवाओं को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न कंपनियों में चयनित होने वाले युवाओं को ऑफर लेटर भी प्रदान करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव इस स्वदेशी मेले में विभागीय प्रदर्शनियों का भी अवलोकन भी करेंगे। उनके निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वे स्‍टेट हैंगर भोपाल से 11:40 बजे वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुचेंगे। यहाँ से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से दोपहर 12:20 बजे बालाघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1 बजे बालाघाट पहुँचकर 1:05 बजे से 1:40 बजे तक जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित स्वदेशी मेले में सम्मिलित होंगे। इसके बाद 1:45 पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले के ग्राम डुंगरिया के सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में आयोजित 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यादव डुंगरिया से 2:30 बजे हेलीपेड पहुंचकर डुमना एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जर्मनी यात्रा से वापस लौट आए हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यक्रर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी का आभार जताया, साथ ही कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले सीएम यादव ने जर्मनी ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रदेश की पहुंच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बनाकर 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है। उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। 1959 में हुई थी स्थापना उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहां अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र हैं जो औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। कब कितना निवेश भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। 24 नवंबर को गए थे सीएम यादव बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर थे। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा थी जो प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के उद्देश्य से की गई थी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने यूके और जर्मनी  में उद्योगपतियों से चर्चा की। यूके से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, जर्मन कंपनी भोपाल में 100 करोड़ में एक्सरे निर्माण के लिए औद्योगिक इकाई की स्थापना करेगी। इसके लिल मुख्यमंत्री ने जर्मन कंपनी को भूमि का आवंटन भी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी। मुख्यमंत्री यादव आज शाम पाचं बजे जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरन वे विस्तार से जानकारी देंगे।  

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