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CM यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने PM मोदी का आभार माना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।  

सीएम ने कहा- जर्मन कंपनी मप्र में निवेश को तैयार, खुलेंगे रोजगार के द्वार, अचारपुरा, भोपाल में लगेगा औद्योगिक संयंत्र, 6.72 एकड़ जमीन आवंटित

भोपाल  जर्मनी से मध्य प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव विवभन्न औद्योगिक सेक्टरों के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआइ, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मन की कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड मप्र में 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए भोपाल के अचारपुरा में कंपनी को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों से चर्चा के तुरंत बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटन पत्र जारी किया। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पावर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जर्मनी के म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रयोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जर्मनी और इग्लैंड की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूं कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। जर्मन कंपनियों ने मप्र में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इससे रोजगार और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए जर्मन आगे बढ़ रहे हैं। जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। जर्मनी और इंग्लैंड को मानव संसाधन उपलब्ध कराएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी और इंग्लैंड आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं। उन्हें आवश्यकता है तो दक्ष मानव संसाधन की। हमारे पास दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा हैं। दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्यबल बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गई इन्वेस्ट मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने म्यूनिख के समीप ब्रुंथल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा किया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिक को मध्य प्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की।

सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया। मध्यप्रदेश सरकार और जर्मनी के शोधकर्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एमओयू से सतपुड़ा क्षेत्र में पाए गए ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर संयुक्त शोध किया जा सकेगा। इससे भारतीय और जर्मन शोधकर्ता प्राचीन डाइनोसॉर और उनके समकालीन प्रजातियों के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद करेंगे। यह शोध विशेष रूप से उन पारिस्थितिकीय स्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिनमें ये प्रजातियाँ पाई जाती थीं। एमओयू हो जाने से अब सतपुड़ा क्षेत्र में नई खुदाई की जाएगी, जिससे ट्राइएसिक कॉन्टिनेंटल पर्यावरण और जलवायु के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इस सहयोग का उद्देश्य जीवाश्मों की खुदाई, संरक्षण और प्रदर्शनी की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इसे मध्यप्रदेश के राज्य संग्रहालय के माध्यम से प्रदर्शित और प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही वैश्विक शोधकर्ताओं के लिए इन जीवाश्मों पर अनुसंधान भी किया जाएगा। स्टटगार्ट स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री अधिकारिक रूप से 1791 में स्थापित किया गया था। यह जर्मनी के सबसे पुराने प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियमों में से एक है। इसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोरों के अवशेषों का विशाल संग्रह है। इसमें लगभग ग्यारह मिलियन से अधिक वस्तुएं भी संग्रहित हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि मध्यप्रदेश की पहुँच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बना कर 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है और उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कम्पनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहाँ अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र है जो, औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं।  

निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जर्मनी की क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के उद्योग और व्यवसाय वैश्विक स्तर पर बनाएंगे विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को कर रही है प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी में राउंड टेबल मीटिंग को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भौगोलिक स्थिति के कारण मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने से उत्तर- दक्षिण, पूर्व- पश्चिम चारों दिशाओं में आने-जाने का केंद्र बिंदु है। यहाँ से दक्षिण एशिया सहित महाद्वीप के कई स्थानों तक आवागमन सुगम और सरल है। जर्मनी के लैप ग्रुप का मध्यप्रदेश को अपने व्यवसाय का केंद्र बनाना इस बात का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि लैप ग्रुप ने जर्मनी से बाहर अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए बेंगलुरु के बाद मध्यप्रदेश का चयन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी भ्रमण के दूसरे दिन स्टटगार्ट स्थित लैप ग्रुप की फैक्ट्री के भ्रमण के बाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति उद्योग व्यवसाय के विस्तार के लिए उपयुक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। क्षेत्रीय स्तर पर जारी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से प्रदेश में उद्योग स्थापना का बेहतर माहौल बना है। इससे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर से भी बड़े निवेशक बेहतर भविष्य के लिए आश्वस्त होते हुए मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के परिणामस्वरूप उद्योग व्यवसाय को लाभ मिलना सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के साथ प्रदेश में उद्योग- व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कई विकल्प हैं। इनमें निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी और भारत के औद्योगिक और व्यावसायिक रिश्तों को प्रगाढ़ किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे उद्योग समूह और निवेशकों को फरवरी- 2025 में प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का निमंत्रण देने जर्मनी आये हैं। हमारे लिए जर्मनी से संबंधों का विशेष महत्व है। जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश में जारी निवेश प्रोत्साहन गतिविधियां, व्यापार- व्यवसाय को परस्पर प्रोत्साहित करेंगी। मध्यप्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक और खनिज संपदा होने के साथ बेहतर अधोसंरचना, दक्ष मैनपॉवर, उद्योग मित्र नीतियां और नवाचार के लिए तत्पर प्रशासनिक व्यवस्था विद्यमान है। निवेश प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार अपनी नीतियों में बदलाव या सुधार के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर है। जर्मनी की क्षमताओं ने सदैव सभी को प्रभावित किया है। जर्मनी ने कठिन दौर के बावजूद जीने की राह बनाई और विश्व में सशक्त रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मैक्समूलर द्वारा वेदों का अनुवाद, जर्मन विद्वानों द्वारा पुरातत्व और संस्कृति का अध्ययन जर्मनी को भारतीयता के साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी की इन क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश का उद्योग और व्यावसायिक जगत, वैश्विक स्तर पर विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा। संसाधन और श्रम के मितव्ययी उपयोग पर आधारित जर्मन तकनीक से प्रदेश को होगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल उन्नयन के अवसर और उनके लिए रोजगार के मौके सृजित कर प्रदेश को प्रगति पथ पर अग्रसर करना जर्मनी यात्रा का उद्देश्य है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से युवा अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश की बेहतरी के लिए भी योगदान देने में सक्षम होंगे। यह संतोष का विषय है कि जर्मनी के एक प्रभावी साझेदार बनने की सभी संभावनाएं विद्यमान हैं। कई निवेशकों और उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए रूचि प्रकट की है। लैप ग्रुप ने अपनी गतिविधियों को प्रदेश में क्रियान्वित करना आरंभ कर दिया है, जो अन्य जर्मन समूहों के लिए श्रेष्ठ उदाहरण है। ग्रीन एनर्जी, एमएसएमई, भारी उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी अच्छी संभावनाएं हैं। संसाधन और श्रम का मितव्ययी उपयोग जर्मन तकनीक की विशेषता है, इससे मध्यप्रदेश को बहुत सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर संसाधन और मैनपॉवर उपलब्ध है। निश्चित ही जर्मनी के साथ परस्पर साझेदारी से मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप फैक्ट्री पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप की फैक्ट्री पहुंचने पर ग्रुप की लीडरशिप टीम द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। लैप ग्रुप के अध्यक्ष एंड्रियास लैप, मैथियास लैप और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य ह्युबर्टस ब्रियर ने ग्रुप की गतिविधियों की जानकारी दी।  

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूके, जर्मनी यात्रा हमारे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए खोलेगी नए अवसरों के द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के टेक्नों-फ्रेंड युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।  

भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी की यात्रा पर है। डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन औद्योगिक विकास की नई लहर भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर है। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के लिए किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने यूके में उद्योगपतियों से चर्चा की। वहां से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री जर्मनी पहुंचे है। जहां पर प्रदेश में निवेश को लेकर उद्योगपतियों से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी।     

MP-जर्मनी औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलेंगे- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशकों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित किया जाएगा। जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। जर्मनी और मध्य प्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। मध्य प्रदेश में जर्मन विशेषज्ञ आएंगे, साथ ही टेक्नोलाजी भी उपलब्ध करवाएंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। मीडिया विभाग के मंत्री से हुई मुलाकात यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलर प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात के दौरान कही। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनाटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री एवं औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है मुख्यमंत्री जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्य प्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलाजी को सीखते हुए मध्य प्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट मुख्यमंत्री ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनीतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसे दूर करने के लिए मध्य प्रदेश में लैंग्वेज इंस्टीट्यूट खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बने और मध्य प्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलाजी का सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी के टेक्निकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पालीटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। उन्होंने भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाइयां आती हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।

मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं, प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पुरुषार्थ और परमार्थ का संगम है जर्मनी, इससे जुड़कर उद्योग के नये मार्ग होंगे प्रशस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये उपलब्ध है स्वर्णिम अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस : 2025 के लिए किया जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और जर्मनी के आपसी संबंध हमेशा से बेहतर रहे हैं। पुरुषार्थ और परमार्थ से परिपूर्ण जर्मनी ने भारत के साथ हमेशा उद्योग मैत्री का रवैया रखा है। उन्होंने जर्मनी के निवेशकों को उन्नत तकनीकी के साथ मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आये निवेशकों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हमनें निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। हम उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। विशेष रूप से उद्योग और व्यवसाय जगत में भी हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। हमने इन संबंधों को निभाया भी है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। मेरी यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यहां मैं एक स्पष्ट उद्देश्य से आया हूँ। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं। साझेदारी केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश एक सम्पूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए स्वर्णिम अवसर भी उपल्बध हैं। जब मध्यप्रदेश की क्षमताओं की बात की जाती है, तो आंकड़े स्वयं बोलते हैं। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। हमारी विकास दर दोहरे अंक में है। लेकिन यह तो शुरूआत है। हम एक पॉवर सरप्लस स्टेट हैं। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश में बिजली देने के लिए वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में मध्यप्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। हमारी यूएसपी है मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जर्मनी के उद्योगपति जर्मनी ही नहीं, विश्व के कई देशों में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है। लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। उद्योग स्थापना की महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ 30 दिन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना में आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। मेहमान नहीं, परिवार बनकर आयें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर मेहमान की बजाये परिवार बनकर आये हैं। सभी को सुखद औद्योगिक माहौल मिलेगा। भारत के भावी आर्थिक लक्ष्यों का भी हृदय प्रदेश है मध्यप्रदेश ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। सिन्हा ने जर्मनी के निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश का आव्हान कर उन्हें आश्वस्त करते हुए बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से देश भर के पोर्ट्रस तक सुगम पहुंच इसे देश की सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती है। सिन्हा ने मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए मध्यप्रदेश सरकार की इंडस्ट्री फ्रैंडली नीतियों की तारीफ की। उन्होंने जर्मन निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि, नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि निवेशकों के लिए भी विकास के नए द्वार खोल सकता है। जर्मन निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन डॉ. टोबियास रोसेन्थाल, चेयरमेन, बेयरलोशर ने कहा कि जर्मन निवेशकों के लिये मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। डॉ. रोसेन्थाल ने जर्मन निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश निवेश के लिये आइडियल डेस्टिनेशन है, क्योंकि यहाँ अच्छे व कुशल मानव संसाधन, उपयुक्त इन्फ्रॉस्ट्रक्चर असिस्टेंस और प्रदेश सरकार की ओर … Read more

मध्यप्रदेश में जर्मन निवेश का नया अध्याय प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जर्मनी के दौरे का दूसरा दिन

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान, प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए संभावनाओं की तलाश करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री 29 नवंबर की शाम म्यूनिख से सड़क मार्ग द्वारा स्टटगार्ट के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री यहां लैप ग्रुप फैसिलिटी के आंद्रियास लैप, मैथियास लैप, हुबर्टस ब्रेयर के साथ लैप स्टटगार्ट फैक्ट्री का दौरा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर राउंड टेबल बैठक में चुनिंदा उद्योग समूहों के सीईओ से चर्चा करेंगे। दोपहर के भोजन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टटगार्ट के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का दौरा करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्टटगार्ट का प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय जर्मनी के सबसे बड़े प्राकृतिक इतिहास संग्रहालयों में से एक है, जिसमें जीवाश्म, विशेष रूप से डायनासोर और क्षेत्र में पाए गए प्राचीन जीवों के अवशेष संरक्षित हैं। संग्रहलाय के अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रैंकफर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे। डॉ. यादव एयर इंडिया की फ्लाइट से फ्रैंकफर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होगे।  

इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रसन्नता है कि 60 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन लंदन के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप का लिया जाएगा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वार्विक विश्वविद्यालय पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री ने डबल्यूएमपी ग्रुप के विषय-विशेषज्ञों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके दौरे के समापन पर कहा है कि इंग्लैंड का दौरा हमारे लिए कई अर्थों में बहुत महत्वपूर्ण रहा है। सभी प्रकार के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आए। आज बदलते दौर में मध्यप्रदेश में जो संभावनाएं हैं, उनको देखते हुये बड़े पैमाने पर नए निवेशकों ने रुचि दिखाई है, मुझे इस बात का संतोष है कि हमें 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुये हैं। इसमें सभी प्रकार के सेक्टर जैसे चिकित्सा, उद्योग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर शामिल है। एग्रीकल्चर में भी लोगों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वार्विक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप के भ्रमण में कहा कि विश्वविद्यालयों और अकादमिक संस्थानों द्वारा किए जाने वाले शोध और अध्ययन की सार्थकता तभी है, जब वे समाज हित में हों। विश्व के कई देशों में शिक्षा के क्षेत्र में इस दिशा में पहल हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी नई शिक्षा नीति के माध्यम से इस ओर कदम बढ़ाए हैं। आने वाली चुनौतियों का सामना करने में विद्यार्थियों को सक्षम और समर्थ बनाना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को लंदन की वार्विक यूनिवर्सिटी पहुंचे और विशेष-विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह भट्टाचार्य जी के द्वारा स्थापित किया हुआ कैम्पस है, इसमें 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहाँ रिसर्च की मूल कल्पना है कि रिसर्च के साथ में इनोवशन भी करें, जिसका लाभ उद्योगों के साथ समाज को भी मिले। इससे हम बदलते दौर में स्वयं के विकास के साथ मानवता की सेवा भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोटिव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य जारी है, अभी भी अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि संभावनाएँ तलाशी जायेंगी कि मध्यप्रदेश के युवा यूके के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप में आकर दक्षता अर्जित करें और ग्रुप के विशेषज्ञ भी मध्यप्रदेश आकर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से डबल्यूएमपी ग्रुप को संबद्ध करने की दिशा में भी पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके में वे अपने देश के अन्य प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों से भी मिले। उनसे आत्मीय संवाद हुआ। इस कैम्पस में पूरी दुनिया से विद्यार्थी पढ़ने के लिये आ रहे हैं। इस मॉडल को हम मध्यप्रदेश में भी लागू कर सकते हैं। इसके लिये यहाँ के विश्वविद्यालयों का मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करायें। हम प्रयास करेंगे कि हमारे इंडस्ट्री के कैम्पस में भी ऐसे रिसर्च सेन्टर बने, जिनका लाभ सभी को मिले। विश्वविद्यालय और औद्योगिक समूह समन्वित रूप से करें शोध को प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई औद्योगिक समूह शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में कार्य करते हुए उपयुक्त समूहों से समन्वय कर अपने परिसरों में शोध केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जारी बेस्ट प्रैक्टिसेज का मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमजी और मध्यप्रदेश का परस्पर संपर्क और विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों का आवागमन बना रहेगा। दुनिया में अच्छाइयों को बांटते रहने से ही सबका होगा भला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में आया हूं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय सरस्वती देवी के समान हैं। इनका लाभ समूची मानवता को मिलना चाहिए। वर्तमान यांत्रिक युग में यंत्र का अपना महत्व है, परंतु यंत्र के पीछे तंत्र और तंत्र के पीछे मंत्र है। मन की सात्विकता यंत्रों को नियंत्रित करती है। मानव मात्र के कल्याण का संस्कार ही हमारा मूल भाव होना चाहिए। वैश्विक रूप से हम बहुत छोटी दुनिया में जी रहे हैं, ऐसे में यदि सभी देश अपनी अच्छाइयों को बांटते रहेंगे तो सबका भला होगा। वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, इंजीनियरिग में नवाचारों को प्रोत्साहित करने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, पब्लिक- प्राइवेट सेक्टर के मध्य परस्पर सहयोग से विज्ञान – इंजीनियरिंग में नवाचार को प्रोत्साहित करने और अकादमिक गतिविधियों को विस्तार देने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा भविष्य के युवा नेतृत्व को सशक्त करने और नवाचार एवं शिक्षा के क्षेत्र को विस्तार देने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण को व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डबल्यूएमपी पहुंचने पर डीन द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रुप की ओर से स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप के प्रो. रॉबिन क्लार्क को चंदेरी का अंगवस्त्रम भेंट कर उनका अभिवादन किया। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन करेंगे प्रदेश में नये केंद्र निर्मित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन यात्रा के दौरान भगवान स्वामी नारायण मंदिर जाने और स्वामी नारायण सम्प्रदाय तथा इस्कॉन के सदस्यों से भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विभिन्न लोकों का निर्माण हो रहा है। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन भी मध्यप्रदेश में अपने नये केंद्र निर्मित करेंगे। उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देव स्थानों की स्थापना से मंदिर संस्कृति और आध्यात्मिक संस्कारों का विस्तार होगा और प्रदेशवासियों को इन सम्प्रदायों से जुड़कर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज म्यूनिख में भारत के कौंसुलेट जर्नल द्वारा होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में ब्रीफिंग की जायेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 से 30 नवम्बर को जर्मनी की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव म्यूनिख एवं स्टूटगार्ट में कई कार्यक्रमों में शामिल होकर प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए संभावनाओं से जर्मनी के उद्योगपतियों को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर की देर शाम यू.के. (बर्मिंघम) से जर्मनी के म्यूनिख के लिये रवाना हुए । मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 नवम्बर को म्यूनिख में भारत के कौंसुलेट जर्नल द्वारा होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में ब्रीफिंग की जायेगी। इसके बाद बवेरिया राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन के बवेरिया राज्य के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास और संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एसएफसी एनर्जी के प्रमुख संस्थान का दौरा करेंगे। साथ ही बैरलोचर ग्रुप के डॉ. टोबियास रोसेंथल द्वारा अर्बन टर्बन रेस्टोरेंट में आयोजित लंच में जर्मनी के उद्योग प्रतिनिधियों से अनौपचारिक संवाद करेंगे। लंच ब्रेक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में म्यूनिख सीआईआई, इन्वेस्ट इंडिया और भारत के कौंसुलेट जनरल, इंडो-जर्मन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से आयोजित इंटरैक्टिव सेशन में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर चर्चा कर वन-ऑन-वन मीटिंग करेंगे। इसमें प्रमुख जर्मन कंपनियों के साथ निवेश और उद्योग संबंधों को बढ़ावा देने पर फोकस किया जाएगा। शाम को मुख्यमंत्री डॉ. यादव होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में प्रवासी भारतीय प्रतिनिधियों और “फ्रेंडस ऑफ एमपी” के साथ संवाद करेंगे। इसमें लगभग 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में भारत के कौंसुलेट जनरल द्वारा आयोजित डिनर में शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश में निवेश बढ़ाने उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लंदन के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेक्टर केंद्रित राउंड-टेबल मीटिंग कर निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वन-ऑन-वन बैठकों में प्रत्येक निवेशक की परियोजना और आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहतर अवसर और नीतिगत समर्थन का भरोसा दिलाया। राउंड-टेबल चर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडोरामा ग्रुप, एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप, सायनकॉननोड, हाइब्रिड एयर व्हीकल्स लिमिटेड, क्लिनीसप्लाईज, औरोरा एनर्जी रिसर्च, एल्सेवियर, वीडिलीवर, कैपरो, वेबसाइट, द मोंटकैल्म लग्ज़री होटल्स, फाइला अर्थ, एम्पर्जिया लिमिटेड, अयाना कंसल्टिंग, पैंजिया डेटा लिमिटेड, इनवर्जी, बीईएम ग्रुप लिमिटेड, डैक्स फर्स्ट, रैनसैट ग्रुप, कोगो इकोटेक सॉल्यूशंस, एम्पैटी.एआई, मनी फॉर बिजनेस लिमिटेड, डीएएम हेल्थकेयर लिमिटेड और हेलियन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और संभावित सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अनुकूल व्यावसायिक माहौल और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंड-टेबल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन परिचर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल राज्य को एक वैश्विक निवेश स्थल बनाने और उद्योगपतियों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में परिणामोन्मुखी साबित होगी। साथ ही ये बैठकें औद्योगिक विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाओं को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।  

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