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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए हैं। अनेक उद्योगपतियों ने विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए रूचि दर्शायी है। आईटी सेक्टर, शिक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, उद्योग, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ और सेमी कंडक्टर के क्षेत्र में निवेश के लिए उद्योगपति आगे आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का मुख्य आधार वहां के उद्योग धंधे हैं। औद्योगिक दृष्टि से कौन कितना अधिक संपन्न है। यह उनकी इंडस्ट्रियल ग्रोथ बताती है, जितने अधिक उद्योग धंधे होंगे उतने अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाहे अमेरिका हो या जर्मनी हो उद्योग धंधे विकास का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में स्थानीय मीडिया से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन आकर अच्छा लगा यहां हमारे कई सारे भारतवंशी मित्रों के साथ मुलाकात हुई, जो कई साल पहले भारत से इंग्लैंड में आकर बस गए थे और यहां विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ निवेश संबंधी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर प्रवासी भारतीय भाई अपनी जड़ों से जुड़ने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूके यात्रा निवेश की दृष्टि से बहुत सार्थक रही है। इसके परिणाम हमें फरवरी-2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी निवेशकों का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत है।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 26/11में शहीद हुए वीरों को याद कर श्रद्धांजलि दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई आतंकी हमले 26/11 की बरसी पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा इंडिया हाउस में आयोजित स्मृति समारोह में देश के इतिहास की सबसे दुखद आतंकी घटना निरूपित किया। उन्होंने 26/11में शहीद हुए वीरों को याद कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अपने मर्मस्पर्शी संबोधन में उस भयावह घटना की पीड़ा और स्मृतियों को बयाँ किया, जिसने न केवल प्रत्यक्ष पीड़ितों को बल्कि पूरे देश को अन्त:मन तक झकझोर दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को भूलने के बजाय उनसे सबक लेना और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने का प्रयास करना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमले में प्राणोत्सर्ग करने वालों शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और एक शांतिपूर्ण भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शहीदों की वीरता को सैल्यूट किया साथ ही उन जिंदगियों की दृढ़ता को भी सराहा जो इस त्रासदी से उबरकर आगे बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिया हाउस में 26/11 दुर्घटना पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में हमले से संबंधित दुर्लभ फोटोग्राफ्स और अन्य जानकारी विजुअली प्रदर्शित की गई, जो उस दुखद घटना की स्याह सच्चाई को बयान कर रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के विदेश दौरे पर इंडिया हाउस का भ्रमण कर उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को और करीब से जाना।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की स्वीकृत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार माना। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर बता दें कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएं 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी के अवसरों के विस्तार से अवगत कराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में निवेशकों और उद्योग जगत के अग्रणी लीडर्स के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स कर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को राज्य की व्यापार अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग और नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक क्षमता और इसके माध्यम से सतत विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी दूरदर्शी सोच साझा की, जिसकी निवेशकों ने सराहना की। मुख्यमंत्री. डॉ. यादव ने कहा “मध्यप्रदेश, निवेशकों के लिए न केवल अवसरों का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा साझेदार है, जो उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।” उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को सुगमता से स्थापित करने और संचालन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अधोसंरचना, कुशल कार्यबल और अन्य संसाधनों पर विशेष जोर दिया।  

मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो

मुख्यमंत्री यूके दौरा देश में सबसे बड़े लैंड बैंक में से एक है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एग्रीकल्चर ग्रोथ और माइनिंग प्रकिया में टॉप पर हम मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो भोपाल दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में हैं औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के ठीक मध्य में स्थित है, इसलिए यहां उद्योग स्थापित करने पर उत्पादों को देश-दुनिया में आसानी से भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है साथ ही यहां अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा है। इसलिए निवेशकों को मध्यप्रदेश सरकार की साफ-सुथरी नीतियों का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करेंगे तो प्रदेश की निवेश संभावनाओं को वैश्विक विस्तार मिलेगा, साथ ही निवेशक के व्यापार को भी वृहद स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। प्रदेश में एवीजीसी नीति हो रही है तैयार अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर प्रेजेन्टेशन देकर बताया कि मध्यप्रदेश में वायब्रेन्ट टेक इको सिस्टम राज्य सरकार आईटी में निवेश के लिये सहायता प्रदान करती है। मध्यप्रदेश की आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम नीति-2023 एवं स्टार्टअप नीति से इन क्षेत्रों में उद्यमियों को कई सुविधाएँ दी जा रही हैं। नीति के अंतर्गत उद्यमियों को पूँजीगत व्यय सहायता एवं गैर वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है। हम एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्टस, गेमिंग और कॉमिक्स) नीति तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में 1200 से अधिक आईटी स्टार्ट अप्स हैं, जिनमें से 2 यूनिकार्न बन गये हैं। राज्य में प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रॉस्ट्रक्चर है। अपर मुख्य सचिव दुबे ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में रेन्टल भुगतान की कीमत बहुत कम है। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग और एक्यूआई स्तर देश के अन्य शहरों की तुलना में बहुत कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी, आईटीएस, ईएसडीएम और डेटा सेन्टर की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रोत्साहन देने की बात कही। एसईटी क्षेत्र में 20 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश करने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट समिति अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की अनुशंसा करती है। भौगोलिक, आर्थिक, प्राकृतिक और अन्य आधारभूत सुविधाओं से समृद्ध मध्यप्रदेश प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंगोली कला में विश्व रिकार्ड बनाने पर प्रदेश की बेटी शिखा को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की बेटी शिखा और उनके कलाकार साथियों द्वारा नीमच में 84 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में महान विभूतियों पर केन्द्रित 100 चित्रों की रंगोली बनाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा ने अद्भुत और अनूठी रंगोली कला का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा और उनके साथियों ने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है, जो मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित करने वाला रचनात्मक कार्य है। ऐसी युवा प्रतिभाओं पर प्रदेशवासियों को गर्व है।  

रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने रेलवे की तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मिली मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का माना आभार रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू, रामनिवास रावत का इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रखा

भोपाल विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत द्वारा दिया गया इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रख लिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय होगा। उसके पहले रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर मौजूदा चार मंत्रियों और 12 से अधिक विधायकों की नजर है। इन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।  हालांकि रावत जनवरी 2025 के पहले सप्ताह तक मंत्री बने रह सकते हैं, क्योंकि कानूनी रूप से रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। तब भी छह महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है, इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। सरकार के पास विभाग बंटवारे के ये तीन विकल्प 1.विदेश से लौटने के बाद सीएम यदि रावत का इस्तीफा मंजूर करते हैं तो वन और पर्यावरण विभाग के बंटवारे को लेकर सरकार दो विकल्प में से किसी एक को अपना सकती है। जानकारों के मुताबिक जो विभाग किसी के पास नहीं होते वे स्वत: राज्य के मुख्यमंत्री के हो जाते हैं, इसी तरह वन व पर्यावरण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे। 2.सीएम चाहें तो ये दोनों विभाग मंत्रिमंडल का विस्तार किए बिना किसी भी मौजूदा मंत्रियों को दे सकते हैं। 3.सरकार चाहे तो किसी नए विधायक को विभाग दे सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए सरकार को राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना देनी होगी। चर्चा… ये मंत्री रावत के विभाग पाने के इच्छुक नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग है। पूर्व में वन व पर्यावरण इन्हीं के पास था। इन्हीं से लेकर रावत को दिया था। राकेश शुक्ला: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है। चर्चा है कि ये बड़ा विभाग चाहते हैं। गौतम टेटवाल, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी मंत्री हैं। कृष्णा गौर: राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौर के पास  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण व विमुक्त घुमन्तु और अद्र्धघुमंतु कल्याण विभाग है। राजधानी में रहने वाली एकमात्र महिला राज्यमंत्री हैं। ‘मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला’ भोपाल. मंत्री रामनिवास रावत के विजयपुर से चुनाव हारने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सोमवार को चर्चा रही कि रावत भाजपा छोड़ सकते है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने अपनी हार के पीछे जनता का फैसला और खुद की किस्मत को बताया। भाजपा छोडऩे के सवाल पर कहा, मुझे नहीं पता ये अफवाह कौन उड़ा रहा है। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं। वहीं इस्तीफे को लेकर कहा कि चुनाव हारते ही मैंने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया था। भितरघात को लेकर इतना ही कहा कि अभी तक सत्ता और संगठन की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। अगर पूछा जाता है तो मैं जरूर रिपोर्ट दूंगा।

CM यादव ने संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा आज ही के दिन 1949 में हमारा संविधान निर्मित हुआ था

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आज ही के दिन 1949 में हमारा संविधान निर्मित हुआ था। संविधान ही हमारी आधारशिला है, जिसने देश की विविधता को एकता में बदलने का अद्भुत कार्य किया। “भारतीय संविधान हमारा गौरव और स्वाभिमान भी है, जो हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से संविधान के आदर्शों का पालन करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने का प्रण लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर ऐसे मध्यप्रदेश और भारत के निर्माण का संकल्प लें, जहां समानता, न्याय और सम्मान हर नागरिक का अधिकार हो”। संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली है मध्यप्रदेश का अम्बेडकर नगर (महू) मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के सभी अनुच्छेदों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म स्थान मध्यप्रदेश के महू में है, जो अब अम्बेडकर नगर के रूप में भी जाना जाता है। संविधान सभा के सदस्य रहे डॉ. सर हरीसिंह गौर का जन्म स्थान सागर में है, जिनकी जयंती 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है। मध्यप्रदेश सरकार, संविधान दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित कर रही है।  

आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर अग्रसर – उन्होंने विश्व में बढ़ाया है भारतवासियों का मान बदलते दौर के भारत में मध्यप्रदेश ने विकास के सभी द्वार खोले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूँ, आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 की भोपाल ग्लोबल इंवेस्टर समिट में किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव, लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का दिल है, देश के सभी अंचलों के लोग यहां बसते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है, मध्यप्रदेश भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिन-दूनी-रात चौगुनी प्रोग्रेस कर रहा है। हेल्थ, टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, गारमेंट्स सहित हर क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधोसंरचना का क्षेत्र हो या अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए लैंड बैंक के मामले में मध्यप्रदेश ने देश के श्रेष्ठतम राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके यात्रा के दौरान लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” और प्रवासी समुदाय के साथ संवाद में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लंदन (यूके) में रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी समुदाय और “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता को दुनिया ने स्वीकारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और उनकी नेतृत्व क्षमता ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। दुनिया के देशों में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की स्वीकार्यता ने भारत और भारतवासियों का गर्व और मान विश्व में बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को प्राप्त मोदी के सशक्त और समर्थ नेतृत्व से भारतवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर डाला प्रकाश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष-2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में कुल 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सभी 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। खनन, टूरिज्म के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं हैं। गारमेंट्स क्षेत्र में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रति माह की दर से इंसेंटिव है, इसी प्रकार आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुविधाएं प्रदान करने और प्रोत्साहन की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है, निवेशक और उद्योग समूह निवेश करें, मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा और हम सब मिलकर देश की प्रगति में सहभागी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की गई, इस क्रम में उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर में कॉन्कलेव आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को फरवरी-2025 में भोपाल में पहली बार होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूं-“आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए”-विकास के मामले में मध्यप्रदेश ने विकास के सारे दरवाजे खोल दिए हैं”। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है कार्यक्रम को लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत और मध्यप्रदेश का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। भारत लंदन में सबसे बड़ा निवेशक है, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी यात्रा सफल और उद्देश्यपूर्ण हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के संस्थापक सदस्य तथा एनआरआई मनीष तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में केवल वहीं के लोग नहीं बसते, बल्कि एमपी एक छोटा भारत है। उन्होंने कहा कि लंदन में मध्यप्रदेश के लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से ही फ्रेंडस ऑफ एमपी का गठन किया। तिवारी ने भोपाल, जबलपुर, कान्हा-किसली सहित प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्यी से परिपूर्ण पर्यटन स्थलों की प्रशंसा की।  

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएँ से करवाया अवगत

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” घोषित किया है। इस पहल के तहत, द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम, “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025”, फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए, राष्ट्रीय और अंतर्राराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे राज्य में सफल क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों और मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु और कोलकाता सहित देश भर के प्रमुख शहरों में संवादात्मक-सत्रों के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी की छह दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य लोकल लीडर और इन्वेस्टर्स के साथ सहयोग को बढ़ावा देते हुए नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में एक उच्च स्तरीय टीम शामिल है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला शामिल है। पहले दिन लंदन पहुंचने पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के रूप में ब्रिटेन से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करना सौभाग्य की बात है। मैं इस यात्रा को प्रभावशाली बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए उच्चायोग टीम को धन्यवाद देता हूं।” दूसरे दिन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, ब्रिटिश संसद के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और किंग्स क्रॉस जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूके यात्रा ब्रिटिश संसद में एक प्रतिष्ठित स्वागत समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हो रही है, जिसमें मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। भारत (व्यापार और निवेश) पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष बैरोनेस वर्मा ने मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का वेस्टमिंस्टर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के बारे में बैरोनेस वर्मा के साथ उपयोगी चर्चा की। इस यात्रा में ऐतिहासिक संसद भवन का व्यापक दौरा शामिल था, जिसमें हाउस ऑफ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स दोनों में विशेष पहुँच थी। यह संसदीय यात्रा दोनों देशों द्वारा साझा किए गए गहरे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है और व्यापार और निवेश में भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक स्वर स्थापित करती है। ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति व्यापक भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत करने में राज्य स्तरीय कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्टमिंस्टर के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर जाकर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “भारत भर में हमारे रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को जबरदस्त सफलता मिली है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, “मैं” अंतर को पाटने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक सुगम मार्ग बनाने के लिए समर्पित हूं। हम अपने दृष्टिकोण को महात्मा गांधी के सभी के लिए एकता और प्रगति के आदर्शों के साथ जोड़ते हैं।” मध्यप्रदेश सरकार ने एक विशिष्ट दोपहर के भोजन की मेजबानी की, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और स्थिरता के लिए राज्य के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने भारत की नवकरणीय ऊर्जा क्रांति में अपने नेतृत्व पर जोर देते हुए हरित ऊर्जा के लिए मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। व्यापार करने में आसानी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है, जो पर्यटन, कृषि-व्यवसाय और कृषि-तकनीक जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी साझा किया “मध्यप्रदेश भारत के विकास में सबसे आगे है, जो कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के साथ सतत विकास को जोड़ता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर के भोजन के बाद लंदन में किंग्स क्रॉस स्टेशन का दौरा किया, जो एक प्रसिद्ध रेलवे हब है, जो अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और आधुनिक परिवहन के लिए जाना जाता है। हैरी पॉटर फिल्मों से प्लेटफ़ॉर्म 9¾ के रूप में प्रसिद्ध यह स्टेशन लंदन सेंट पैनक्रास और यूरोस्टार सहित प्रमुख मार्गों के लिए एक प्रमुख कनेक्शन बिंदु के रूप में कार्य करता है। वर्ष 1852 में निर्मित, किंग्स क्रॉस एक बड़ा ब्रिटिश रेल्वे सेन्टर है जिसका वर्ष 2012 में रेनोवेशन किया गया है। यह स्मार्ट परिवहन और बिल्डिंग टेक्नोलॉजी का उदाहरण है। यह स्टेशन यूरोप के कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस यात्रा में मध्यप्रदेश के लिए संभावित लाभों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में आधुनिक परिवहन नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए प्रेरणा शामिल है। विविध परिवहन प्रणालियों को एकीकृत करने और वाणिज्यिक केंद्र विकसित करने की भी संभावना है। यह यात्रा किंग्स क्रॉस स्टेशन से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश के लिए उन्नत शहरी विकास रणनीतियों को अपनाने के अवसरों को रेखांकित करती है। यू.के. में भारतीय प्रवासियों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ हुआ संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके में भारतीय प्रवासियों और फ्रेन्डस ऑफ एमपी के साथ संवाद कर मध्यप्रदेश में सतत विकास के लिए निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने “फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाले आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्यप्रदेश में भागीदार देश के रूप में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम को हार्दिक निमंत्रण भी दिया। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो निवेश और नवाचार के लिए राज्य की विशाल क्षमता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों, नीति निर्माताओं, भारतीय प्रवासियों के सदस्यों और भारतीय उच्चायोग को भी आमंत्रित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को ब्रिटिश … Read more

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत विनम्र एवं मिलनसार हैं : लॉर्ड रमिन्दर रेंजर मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है : लॉर्ड कुलवीर रेंजर मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूके यात्रा में ब्रिटिश सांसदों से हुई मुलाकात में उम्मीदों से अधिक प्रतिसाद मिल रहा है। सांसदों ने मध्यप्रदेश को एक उभरता हुआ राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व, विनम्रता और मिलनसारिता की मुक्त कँठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटिश सांसदों, निवेशकों और भारतवंशियों को आमंत्रित किया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रमिन्दर रेंजर ने कहा कि भारत जैसे देश के बड़े राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विनम्रता और मिलनसारिता ने हमें अत्यधिक प्रभावित किया है। उन्होंने हमें मध्यप्रदेश में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में बताया। हमनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि वे जिस प्रोजेक्ट के बारे में कहेंगे, हम उसमें निवेश करेंगे। वर्तमान समय में यूरोप और यूएसए की ग्रोथ की अपेक्षा भारत में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ मौजूद है। भारत में इन्वेस्ट किया गया धन सेफ है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रित देश हैं यहाँ रूल ऑफ लॉ होने के साथ ही हॉर्ट ऑफ गवर्नेंस मौजूद है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आयी प्रशासनिक टीम की भी सराहना की। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के एक अन्य सदस्य लॉर्ड कुलवीर रेंजर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई मुलाकात को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मध्यप्रदेश के भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बेसब्री से इंतजार है। मध्यप्रदेश को उन्होंने लंग्स ऑफ इण्डिया के रूप में और अधिक जानने-समझने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, ईको सिस्टम, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा के साथ ही कृषि और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत अवसर उपलब्ध हैं। लॉर्ड कुलवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से अवगत कराया और हमें यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज किया। इस दौरान सांसदों से वार्ता में डॉ. यादव ने कहा, “ब्रिटिश संसद में आज मेरी यात्रा ने एक बार फिर याद दिलाया कि हमारी लोकतांत्रिक परंपरा कितनी समृद्ध है, जैसे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं, “यह साझेदारी इतिहास से भी जुड़ी है और भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।”  प्रधानमंत्री मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंध अब लिविंग-ब्रिज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर भोज के आमंत्रण को स्वीकार कर समय निकालने के लिए ब्रिटिश सांसदों सुबैरोनेस वर्मा, बॉब ब्लैकमैन, लार्ड कुलवीर सिंह रेंजर, वीरेंद्र शर्मा और बैरी गार्डनर को हार्दिक धन्यवाद देते हुए आभार जताया।  यूके यात्रा पर लंदन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ब्रिटिश संसद का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज किया। इस दौरान ब्रिटिश सांसदों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन में भारत-ब्रिटेन की साझेदारी टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और नॉलेज-पार्टनरशिप पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रिटिश सांसदों को बताया कि मध्यप्रदेश भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोहरे अंकों में बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि-व्यवसाय, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-कंपोनेंट, फार्मास्युटिकल और आईटी सेक्टर में निवेश औऱ विकास की विशेष क्षमताएं मौजूद हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथि सांसदों को फरवरी-2025 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि इस संवाद से भारत और ब्रिटेन के बीच एक नई साझेदारी की ऐतिहासिक शुरूआत होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया

लंदन की रेलवे धरोहर किंग क्रॉस से मिलती है प्रेरणाः मुख्यमंत्री डॉ. यादव किंग्स क्रॉस स्टेशन का अध्ययन करने पहुंचा मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘रिलेटेड आर्जेंट’ के टॉम गुडॉल से मुलाकात की और लंदन के शहरी नवीनीकरण, विरासत संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को सतत और समावेशी शहरी विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और सहयोग की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल लंदन के प्रतिष्ठित किंग्स क्रॉस स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्र का दौरा कर रहा है। इस दौरे का उद्देश्य राज्य की अधोसंरचना और शहरी विकास योजनाओं के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त करना है। लगभग 170 साल पुराना किंग्स क्रॉस स्टेशन विक्टोरिया युग की भव्यता और आधुनिक नवाचार के संगम की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किंग्स क्रॉस साइट से मध्यप्रदेश के सस्टेनेबल शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण सीख और प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “यह दौरा केवल रेलवे अवसंरचना का अध्ययन नहीं है। किंग्स क्रॉस यह दर्शाता है कि कैसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी, स्थायी डिज़ाइन और स्मार्ट सिटी समाधान के माध्यम से परिवहन केंद्र व्यापक शहरी पुनर्जागरण को प्रोत्साहित कर सकते हैं।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि प्रतिनिधिमंडल को मिली यह सीख मध्यप्रदेश को विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकसित करने में मदद करेगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए भविष्य के विकास की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह दौरा राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुए किंग्स क्रॉस साइट का बारीकी से अध्ययन किया। प्रतिनिधि मंडल ने वर्ष 1852 में बने ऐतिहासिक बार्लो शेड और आधुनिक ग्लास कॉन्कोर्स के सफल एकीकरण का भी अध्ययन किया और जाना कि कैसे ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए विकास की आधुनिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। यह अध्ययन मध्यप्रदेश के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के प्रयासों के लिए बेहद प्रासंगिक है। किंग्स क्रॉस के परिवहन हब के रूपांतरण से सीख लेते हुए, प्रतिनिधिमंडल यह अध्ययन करेगा कि इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में समेकित परिवहन नेटवर्क कैसे विकसित किए जा सकता हैं। स्टेशन की विशाल यात्री संख्या को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और सार्वजनिक स्थलों पर रिटेल और भोजन जैसी व्यवस्थाओं को किस तरह से समायोजित किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूके दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार सुबह 7:30 बजे संविधान दिवस पर यूके में डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर जायेंगे और संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। इंटरैक्टिव सेशन को यूके में भारत के उच्चायुक्त, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक भी संबोधित करेंगे। सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव आमंत्रितअतिथि उद्योगपतियों के लिए दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ.यादव समानांतर सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। राउंडटेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में शिक्षा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य एवं पेय पदार्थों से संबंधित औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। चर्चा में कुछ उद्योग प्रतिनिधि वर्चुअली भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इंडिया हाउस में 26/11 स्मरणोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे एवं इंडिया हाउस का भी भ्रमण करेंगे। देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. यादवयूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।  

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