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विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करने मुख्यमंत्री यूके और जर्मनी की विदेश यात्रा पर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लंदन पहुंचने पर यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव फरवरी में होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में विदेशी निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए आमंत्रित करने के लिए इंग्लैंड और जर्मनी प्रवास पर हैं। अपने 6 दिवसीय विदेशी प्रवास के दौरान वे उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें मध्यप्रदेश आने का न्यौता देंगे। मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों का उच्च स्तरीय दल भी विदेश प्रवास पर है। वैश्विक निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के साथ ही हर प्रकार के उद्योग को आमंत्रण के साथ मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करना है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय निवेश के अवसरों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने का अभूतपूर्व प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी फरवरी माह में भोपाल में आयोजित हो जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर लंदन और बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद और किंग्स क्रॉस तथा पुनर्विकास स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में ‘फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। लगभग 400 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। विश्व पटल पर होगा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह निवेश यात्रा राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह यात्रा निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है, जो प्रदेश में निवेशकों का विश्वास को मजबूती और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के महानगरों से औद्योगिक निवेश को आमंत्रित करने के लिए उन्होंने कलकत्ता, बेंगलोर, मुम्बई और कोयम्बटूर में रोड शो आयोजित कर उद्योगपतियों से मुलाकात की थी। विदेश यात्रा का उद्देश्य भारतीय निवेशकों के साथ ही विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करना भी है। हर युवा के लिए होगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को उनकी शिक्षा और काबिलियत के अनुसार काम देने के उद्देश्य से हर प्रकार के उद्योगों को स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों यथा आई.टी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा और उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ब्रेक-फास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश”, “इंटरैक्टिव सेशन” में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे।  

सीएम मोहन यादव का लंदन पहुँचने पर जोरदार हुआ स्वागत, 30 नवंबर तक रहेगा विदेश दौरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव रविवार को लंदन पहुंचे।  होटल पहुंचने पर यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है सीएम डॉ. यादव यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह विशेष दौरा कार्यक्रम मध्य प्रदेश में निवेश के विशाल अवसरों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा। यह उद्योग जगत के नेताओं से जुड़ने, प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और यह जानने का एक विशेष अवसर है कि मध्य प्रदेश किस तरह विकास और नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव   यूके दौरे के पहले चरण में सीएम डॉ. यादव ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे और सोमवार को संसद चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों का भी दौरा करेंगे। सीएम मोहन यादव  यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय यात्रा के दौरान और यूके और जर्मनी दोनों में उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए औद्योगिक संगठनों और उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।   लंदन में फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” द्वारा आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जिसमें 400 से अधिक भारतीय प्रवासी शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान सीएम यादव 26 नवंबर को नाश्ते पर उद्योगपतियों और यूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी से बातचीत करेंगे। इसके बाद मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा के लिए एक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 120 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। लंच ब्रेक के बाद गोलमेज बैठकों में इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोटिव, अक्षय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।   मंगलवार को सीएम यादव बीआर अंबेडकर हाउस जाएंगे और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 27 नवंबर को सीएम यादव वारविक विश्वविद्यालय जाएंगे, जहां वे डीन, संकाय सदस्यों और वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के शोधकर्ताओं से बातचीत करेंगे। बाद में वे बर्मिंघम एयरपोर्ट से जर्मनी के म्यूनिख जाएंगे। ब्रिटेन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के बाद सीएम यादव 28 और 29 नवंबर को जर्मनी में रहेंगे और म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जर्मनी में सीएम यादव 28 नवंबर की सुबह म्यूनिख में बवेरियन राज्य सरकार के नेताओं और भारत के महावाणिज्यदूत से चर्चा करेंगे। इसके बाद वे एसएफसी एनर्जी जाएंगे और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर एक संवादात्मक सत्र में भाग लेंगे। भारतीय महावाणिज्यदूतावास, सीआईआई, इन्वेस्ट इंडिया और इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सत्र में लगभग 80 प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिसके बाद निवेश मामलों पर चर्चा करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने की बैठकें होंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री स्टटगार्ट में प्राकृतिक इतिहास के राज्य संग्रहालय का दौरा करेंगे। 1791 में स्थापित इस संग्रहालय में प्राचीन जीवाश्मों और डायनासोर के अवशेषों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है, जिसके अभिलेखागार में 11 मिलियन से अधिक वस्तुएँ हैं। इस यात्रा के बाद, सीएम यादव नई दिल्ली लौटने से पहले फ्रैंकफर्ट की यात्रा करेंगे। इस विदेशी दौरे का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करना है। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मुंबई, बेंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चार सफल संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, साथ ही उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन भी आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दौरा प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश पटल पर स्थापित करने के अपने अभियान को नई ऊंचाई देते हुए आज अपने बहुप्रतीक्षित यूके दौरे की शुरुआत की। इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करना, वैश्विक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना और प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को सुबह 10 (GMT) बजे ब्रिटिश संसद के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां उनका स्वागत ब्रिटिश सांसद बैरोनेस (संदीप के वर्मा) करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सांसद बैरोनेस वर्मा के साथ ब्रिटिश संसद का भ्रमण करेंगे। संसद भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्लियामेंट्री स्क्वायर, वेस्टमिंस्टर में प्रतिष्ठित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पहुंच कर उन्हें आदरांजलि समर्पित करेंगे। दोहपर में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सेंट जेम्स कोर्ट, ताज होटल, एडवर्डियन में आयोजित भोज की मेजबानी करेंगे। दोपहर भोज में ब्रिटिश सांसद सुश्री बैरोनेस वर्मा, श्री अशोक वर्मा, लॉर्ड कुलवीर सिंह, श्री बॉब ब्लैकमैन और श्री वीरेंद्र शर्मा के साथ ही ब्रिटिश प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टेबल स्ट्रीट, लंदन स्थित किंग्स क्रॉस साइट का दौरा करेंगे। यहां प्रदेश के प्रशासनिक एवं व्यापार प्रतिनिधियों और फिक्की के डॉ. परम शाह और किंग्स क्रॉस प्रबंधनके सीईओ श्री टॉम गुडॉल के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के संबंध में चर्चा करेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव शाम को टेम्स नदी में क्रूज से नौका विहार करेंगे। शाम 6 बजे बेडफोर्ड-वे, लंदन स्थित रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी भारतीयों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। चर्चा उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेहमानों के लिए आयोजित रात्रि भोज की मेजबानी करेंगे।  

CM ने किया भोपाल में हाईटेक गोशाला का भूमिपूजन, MP में 5 साल में 20% बढ़ाएंगे दूध उत्पादन

 भोपाल गौमाता की सेवा को फलदायी और पुण्यदायी मानने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर सरकार प्रदेश में गौमाता की अच्छे से सेवा के लिए गौशाला की स्थापना कर रही है, मुख्यमंत्री ने आज राजधानी भोपाल के बरखेड़ी डोब में प्रदेश की पहली हाईटेक गौशाला का भूमिपूजन किया, इस गौशाला की क्षमता  10 हजार गायों की देखभाल करने की है। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मौके पर संबोधित करते हुए कहा कि ये एक अनूठा और अद्भुत अवसर है, मैं ग्यारंटी से कह सकता हूँ राजधानी की द्रष्टि से पूरे देश के किसी भी राज्य की राजधानी में कहीं भी 10 हजार गायों की क्षमता वाली गौशाला नहीं होगी, उन्होंने कहा कि हम इन गौशाला में सरकार नगर निगम सबको जोड़ रहे हैं।  लेकिन ये याद रखे कि अब गौमाता को कोई भी कष्ट नहीं होना चाहिए। 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है हाईटेक गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण की योजना है। गौ-शाला लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ ही उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण किया जाएगा। गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी। सीएम यादव ने कहा कि एमपी में देश के उत्पादन का 9 प्रतिशत दूध होता है। अगले 5 साल में इसे बढ़ाकर 20% करेंगे। जिस तरह सरकार गेहूं, धान में बोनस देती है, ठीक उसी तरह दूध खरीदने पर भी बोनस देगी। महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत को लेकर कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने गोमाता को राज माता का दर्जा दिया है। वहां सरकार फिर बन रही है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में गो माता से जुड़े कोर्स शुरू करने की बात भी कहीं। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, लखन पटेल, कृष्णा गौर, स्वामी अच्युतानंद महाराज, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, जिपं अध्यक्ष राम कुंवर गुर्जर, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, भोपाल महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिपं उपाध्यक्ष मोहन जाट, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत मौजूद रहे। सीएम ने की ये घोषणाएं     सूखी सेवनिया शासकीय स्कूल को सीएम राइज बनाया जाएगा।     सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन बनाएंगे। ये पीडब्ल्यूडी बनाएगा।     बरखेड़ी डोम क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र बनाएंगे।     अटल विहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में गोमाता से संबंधित कोर्स शुरू करेंगे। 10 हजार गायों के लिए गोशाला भोपाल से 20 किलोमीटर दूर बरखेड़ी डोब में 10 हजार गोवंश की क्षमता वाली गोशाला बन रही है। यहीं पर चिकित्सा वार्ड भी बनेगा। यहां गोवंश का इलाज भी हो सकेगा। सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम रहेंगे इस गोशाला को हाईटेक बनाया जाएगा। इसमें सीसीटीवी कैमरों सहित वे सभी आवश्यक संसाधन होंगे, जो सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी हैं। इसकी लागत 10 करोड़ रुपए आएगी। गो मूत्र-गोबर से खाद बनाने के लिए लगेगी यूनिट पहले फेज में 2 हजार गायों की क्षमता वाले क्षेत्र का निर्माण तेजी से प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। गोशाला में हरा चारा, भूसा और पशु आहार की सप्लाई के लिए मॉडर्न कन्वेयर बेल्ट सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। लगभग 15 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत गोशाला का निर्माण करेगी। संचालन नगर निगम करेगा। गोशाला में गायों के गोबर और मूत्र से जैविक खाद और अन्य सामग्री तैयार करने के लिए एक यूनिट भी लगाई जाएगी। घायल और बीमार गायों के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा वार्ड का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य में खर्च होंगे 15 करोड़ रुपये लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा, वहीं नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्तपोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौ-शाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 2000 पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा। भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से होगा उपलब्ध इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। गौ-शाला में गायों के गोबर एवं मूत्र आदि से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा। गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

जिसके घर में गाय का कुल, वह घर गोकुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य जारी प्रदेश में इस वर्ष 300 गौ-शालाओं का हुआ पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी गौ-शाला ग्राम सूखी सेवनिया में बनेगा सीएम राइज स्कूल और बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गौ-माता से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कोर्स आरंभ होंगे भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ी डोब में हुआ भूमि-पूजन कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, युवा, किसानों, मजदूर, वरिष्ठ जन के कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधोसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा सहित प्रदेश के समग्र विकास के लिए सक्रिय हैं। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने आभार व्यक्त किया। गौ-वंश को कन्वेयर बेल्ट से मिलेगा आहार और सीसीटीवी से होगी मॉनीटरिंग उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण के लिये शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन किया है।     इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का निर्माण भी किया जाएगा।     गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।     लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा।     गौ-शाला का … Read more

एनआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एनआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में तिरुपति बाला जी के 12वां ब्रह्मोत्सव “पुष्कर महोत्सव” में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पावन पुष्कर महोत्सव में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। आज के अनुष्ठान और पूजन में हमारी भारतीय सनातन संस्कृति के अलौकिक दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कामना की कि भगवान वेंकटेश्वर की कृपा सब पर बनी रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद के स्टेच्यू ऑफ इक्वैलिटी के महंत त्रिदण्डी चिन्ना श्रीमन नारायण रामानुज जीयार स्वामी जी से भेंट की और उनसे आशीर्वाद लिया। स्वामी जी ने भी वैदिक मंत्रोच्चारण से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिषेक किया और मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंस और अर्णव हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। चेयरमैन एनआरआई ग्रुप डॉ. सुबोध सिंह साथ रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहे एनआरआई ग्रुप के प्रबंधन और छात्रों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।  

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश

जन कल्याण और कानून व्यवस्था की स्थिति आदर्श रहे, कलेक्टर, एसपी होंगे जिम्मेदार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाद वितरण कार्य व्यवस्थित हो, कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध उठाएं सख्त कदम जिलों में व्यवस्थाएं देखने खुद मैदान में उतरें वरिष्ठ अधिकारी नरवाई के प्रबंधन के लिए हुई सिवनी जिले के कार्यों की प्रशंसा मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में चाहे विकास का प्रश्न हो, शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों का क्रियान्वयन या कानून-व्यवस्था की बात हो, आदर्श स्थिति बनाए रखने का दायित्व कलेक्टर-एसपी का है। अपने जिले में सभी व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर्स और एसपी जिम्मेदार होंगे। जिन जिलों से अनियमितताओं की शिकायतें आएंगी, वहां बड़े अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जन-कल्याण की दृष्टि से जिलों के पुनर्गठन के लिए राज्य शासन ने आयोग गठित किया है। इसमें कलेक्टर और जन-प्रतिनिधि भी जरूरी सुझाव देकर सहयोग करें। आने वाले समय में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण, आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने जैसे निर्णय क्रियान्वित होंगे। इस दृष्टि से अनेक प्रशासनिक कार्यों का सह संबंध रहेगा। जिला स्तर पर भी जन-कल्याण के साथ प्रशासनिक सुधार प्राथमिक कार्य है। परीक्षाओं को देखते हुए निर्धारित ध्वनि से अधिक कोलाहल यंत्रों पर नियंत्रण, नशे का व्यापार करने वालों पर अंकुश, पराली जलाने पर रोक, किसानों के लिए खाद और उर्वरक के व्यवस्थित वितरण, राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण को मुस्तैदी से किया जाए। खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर, कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर्स ने जिलों में बेस्ट प्रैक्टिसेस की जानकारी दी। धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन की खरीदी, जिलों में हों नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन खरीदी से संबंधित कार्य व्यवस्थित रूप से सम्पन्न किए जाएं। जिन जिलों से अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त होगी, वहां दोषी अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं होना चाहिए। खाद, बीज की समय-सीमा में उपलब्धता और व्यवस्थित वितरण को सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद जिन स्थानों से वितरण की अव्यवस्था संबंधित शिकायतें मिलेंगी, वहां दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले में एक नवाचार किया गया है, जिसमें टोकन वितरण सीएम हेल्पलाइन 181 की मदद से करते हुए अनावश्यक लाइन नहीं लगी और कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ। अतिरिक्त काउंटर बनाकर भी सागर और दमोह जिलों में अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इसी तरह इंदौर जिले में 65 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए पृथक काउंटर बनाया गया। ऐसे सफल प्रयोग अन्य जिलों में भी किए जाएं। ड्रोन का उपयोग प्रोत्साहित किया जाए, नरवाई जलाने पर लगे अंकुश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य में ड्रोन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। ड्रोन के माध्यम से यूरिया के छिड़काव और खाद डालने से सामग्री की बचत भी संभव है। आवश्यकतानुसार किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराने, प्राकृतिक जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक खेती विकास योजना के क्रियान्वयन और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। नरवाई प्रबंधन की रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के चयनित जिलों में सुपर सीडर और हैप्पी सीडर के प्रयोग की रणनीति बनाई गई है। इससे नरवाई के नियंत्रण का कार्य संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के अंतर्गत किसानों को जागरूक बनाने के लिए नरवाई रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को कहा। जीरो टिलेज तकनीक के माध्यम से बोवनी, 40 हजार एकड़ के जीरो टिलेज फार्मिंग के फसल प्रदर्शन और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर द्वारा नरवाई प्रबंधन और बोवनी के कार्य कुछ जिलों में किए जा रहे हैं। इनका अन्य जिलों में विस्तार किया जाए। प्रदेश के 30 जिलों के 400 ग्रामों को नरवाई जलाने से मुक्त ग्राम बनाने के लिए चयनित किया गया है। सिवनी जिले में धारा 144 लगाने, 25 पंचनामें बनाने और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर का उपयोग बढ़ाने का कार्य कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अमले ने मैदान पर जाकर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयोग की सराहना की। नर्मदापुरम कलेक्टर ने बताया कि नरवाई जलाने से रोकने के लिए खेत पाठशालाएं लगाई गईं और किसान जागरूकता रथ चलाए गए। कुछ जिलों में किसानों ने स्वयं नए यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान का लाभ लेते हुए जागरूकता का परिचय दिया है। किसानों और आमजन को राजस्व महाअभियान का लाभ दिलवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक माह अवधि के राजस्व महाअभियान 3.0 का शुभारंभ 15 नवम्बर को हो चुका है। इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों और आमजन को लाभ दिलवाया जाए। पीएम किसान योजना के लिए फार्मर आईडी को दिसम्बर 2024 से अनिवार्य किया जा रहा है। इस नाते कलेक्टर्स इस कार्य को सुनिश्चित करें। खसरा एवं आधार लिंकिंग का कार्य शिविर लगाकर किया जाए। स्वामित्व योजना के समस्त ग्रामों से सबंधित दस्तावेज भी पूर्ण और व्यवस्थित करते हुए राजस्व महाभियान से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। वीडियो कांफ्रेंस एवं बैठक में जानकारी दी गई कि  राजस्व महाअभियान 3.0 प्रदेश में एक लाख से अधिक नामांतरण, 10 हजार से अधिक बँटवारा, लगभग 20 हजार सीमांकन और एक लाख 39 हजार नक्शा बटांकन, करीब 4 हजार अभिलेख दुरूस्ती और लगभग 2 लाख आधार से खसरे लिंक करने का लक्ष्य तय किया गया है। गीता जयंती कार्यक्रम पूरे  प्रदेश में हों मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रदेश में 11 दिसम्बर को गीता जयंती पर अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं, जिनका व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उज्जैन एवं भोपाल में गीता भवन के भूमि पूजन के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की परम्परा से संबंधित विविध आयोजन सम्पन्न होंगे। इसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें गीता संवाद, गीता के सस्वर पाठ की वर्ल्ड रिकार्ड प्रस्तुति के प्रयास भी … Read more

मुख्यमंत्री यादव ने भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2022 और 2023 कैडर के विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2022 और 2023 कैडर के विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने भेंट की। मध्यप्रदेश कैडर सहित अन्य राज्यों के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट की। ये अधिकारी हाल ही में पुलिस अकादमी हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने आवंटित राज्य में लौटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वाले आईपीएस अधिकारियों में वर्ष 2022 बैच के राजस्थान के आयुष जाखर, उत्तर प्रदेश के गौरव पाण्डे, मध्यप्रदेश की सुमिनी शुक्ला, झारखण्ड के राज कृष्णा, पंजाब के सुजावल जग्गा और वर्ष 2023 के बैच की मध्यप्रदेश की सुउर्वशी सेंगर, मध्यप्रदेश के ही विक्रम अहिरवार, सिक्किम के जेनडेन लिंगजेरपा, उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंघारिया, हरियाणा के मनस्वी शर्मा और बिहार के मनीष भारद्वाज शामिल हैं।  

एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेला मात्र मेला न होकर सुशासन आधारित समृद्धशाली राष्ट्र निर्माण का एक यज्ञ है : मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेला नागपुर, कृषि के क्षेत्र में नए ज्ञान, नवाचारों और आधुनिक तकनीक के प्रदर्शन का उदाहरण है। यह मात्र मेला न होकर सुशासन आधारित समृद्धशाली राष्ट्र निर्माण का एक यज्ञ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण कृषि आधारित कार्यों में नए आयाम जुड़ रहे हैं। कृषि के साथ मछलीपालन और पशुपालन के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन पर अमल कर रहा है। इस नाते नागपुर में 23 और 24 नवम्बर को राष्ट्रीय कृषि मेले एग्रोविजन में मध्यप्रदेश से विभिन्न मंत्रीगण हिस्सेदारी करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार 22 नवम्बर को स्वयं एग्रोविजन में भागीदारी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि एग्रोविजन में हिस्सेदारी से मध्यप्रदेश के मंत्रीगण प्रदेश हित में नई जानकारियों और कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों को प्राप्त कर किसान कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जयसवाल और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल एग्रोविजन में हिस्सेदारी के लिए रवाना हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रदेश के कुछ विभागों के अधिकारी भी एग्रोविजन में शामिल होने के लिए नागपुर दौरे पर रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएएफ जवान अशोक कुमार से फोन पर बात कर कुशलक्षेम जाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र निर्वाचन ड्यूटी के दौरान डेंगू से पीड़ित 17वीं बटालियन एसएएफ भिंड के कांस्टेबल अशोक कुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर आश्वस्त किया कि बेहतर उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जवान अशोक कुमार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। महाराष्ट्र के यवतमाल में निर्वाचन ड्यूटी के दौरान जवान अशोक कुमार की तबीयत खराब हो गई थी। उपचार के लिए उन्हें नागपुर के ऑरेंज सिटी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि अशोक कुमार को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चुनाव मैनुअल के अनुसार उनका पूरा उपचार कैशलेस किए जाने के निर्देश दिए हैं।  

वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है, जो सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की करती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो जाने से अब किसान 2 फसलों के स्थान पर 3 फसल लेने लगे है। इससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है और किसान समृद्ध भी हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं में केन-बेतवा लिंक परियोजना एक महत्वाकांक्षी नदी जोड़ों राष्ट्रीय परियोजना है। इसमें केन नदी पर दौधन बांध, आनुषंगिक कार्य एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत बेतवा कछार में बीना काम्पलेक्स, कोटा बैराज तथा लोअरओर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना सम्मिलित है। परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरिगेशन से केन कछार में 4.5 लाख हेक्टेयर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी एवं दतिया जिलों में 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, महोबा और झांसी जिलों में 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना से उत्पन्न होने वाली 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा पर पूरा अधिकार मध्यप्रदेश का होगा। परियोजना के द्वितीय चरण की डीपीआर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा वर्ष 2014 में तैयार की गई। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा बेतवा कछार में अंतिम रूप से प्रस्तावित 3 परियोजनाएं: बीना परिसर से 96 हजार हेक्टेयर, कोटा बैराज से 20 हजार हेक्टेयर तथा लोअर ओर परियोजना से 90 हजार हैक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है। साथ ही परियोजनाओं से 66.7 मिलियन घन मीटर पेयजल एवं मांग आधार पर उद्योगों हेतु जल का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में द्वितीय चरण की परियोजना का कार्य प्रगति पर है। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा 44 करोड़ 605 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को 8 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक परियोजना एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस परियोजना से प्रदेश के 10 जिलों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध परियोजना और नर्मदा घाटी की अन्य प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं से प्रदेश में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। प्रदेश में “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 वृहद् एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन है। प्रदेश में 1320 करोड़ रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32 हजार 125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। नीमच जिले में इस परियोजना से 18 हजार 600 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।  

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

उज्जैन अमेरिका में गौतम अदाणी पर रिश्वत के आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. जिसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के लोग मजाक में लेते हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 550 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद  खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं- मोहन यादव वहीं फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है और सरकार फिल्म देखने में मस्त है. इसपर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं. ‘स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में महत्वपूर्ण कदम’ मोहन यादव ने कहा की जनसंघ के जमाने से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी जो अब जाकर पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज उज्जैन के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म भी जब नहीं हुआ था, तब भी लोग मेडिकल कॉलेज की मांग उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार की वजह से इतने लंबे अंतराल तक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकी.

शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद टॉवर चौक पर भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की नवीन प्रतिमा का अनावरण कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन नगरी की कई विशेषताएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है। बाबा साहेब 20वीं सदी के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने समाज में समता के लिए, सहअस्तित्व के लिए, समान भाव लाने के लिए इस देश के अंदर जो विसंगतियाँ थीं, जो बुराईयाँ थीं, कुरीतियॉ थीं, उनके विरूद्ध आवाज उठाई और संघर्ष किया। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व कई सामाजिक कुरितियों को दूर कर नए विचारों को जन्म दिया। समाज के कमजोर वर्ग को बाबा साहेब ने सशक्त किया और सशक्त कर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उन्होंने संविधान का निर्माण कर सबको समानता का अधिकार दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों की प्रतिमाओं के साथ भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं दीं। महापौर मुकेश टटवाल ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रतिमा का निर्माण 12.50 लाख रूपये की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं एवं प्रतिमा के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज सज्जा भी की गई है।  

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

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