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आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा शुक्रवार को होगी कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कलेक्टर-कमिश्नर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से सभी संभागों के कमिश्नर , पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस आयुक्त , सभी जिलों के कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री इंदौर सिम्बायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज किताबी ज्ञान भले ही पूरा हुआ हो परंतु दीक्षांत के बाद स्वाध्याय, मनन और चिंतन सतत् जारी रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मंत्र दिया कि “यही समय है – सही समय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर में सिबायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारत में बहुत से उल्लेखनीय काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारी नई पीढ़ी तकनीकी रूप से दक्ष बने और देश के विकास और समग्र मानव समाज के कल्याण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इज़राइल का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के बल पर ही इज़राइल ने अनेक चुनौतियों से पार पाया है। हमें भी अपनी क्षमता और तकनीकी दक्षता को शिखर तक ले जाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नैतिकता सदा ही सर्वोपरि है। शिक्षा के साथ संस्कारों की दीक्षा भी ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और जीवन में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शिखर हैं किन्तु सिम्बायोसिस समूह जिन्होंने तकनीकी दक्षता और तकनीकी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित किया है, यह और भी महत्वपूर्ण योगदान हो जाता है। उन्होंने प्रो. चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका को छोड़कर भारत में शिक्षा को अपना जीवन समर्पित किया है। प्रारंभ में सिम्बायोसिस तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. मजूमदार ने स्वागत भाषण दिया और कुलगुरु डॉ. विनीत नायर ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।  दीक्षांत समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, डॉ. भारत शरण सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।  

उज्जैन में 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार शाम को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियिम 1951 के अंतर्गत “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार भगवान श्रीकृष्ण से संबंध क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया जायेगा। न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं संरचनाओं का प्रबंधन, सांदिपनि गुरुकुल की स्थापना के लिए परामर्श, सुझाव, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, पुस्तकालय, संग्रहालय की स्थापना आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित न्यास में कुल 28 सदस्य होंगे। इसमे 23 पदेन न्यासी सदस्य तथा 5 ख्याति प्राप्त विद्वत सदस्य, अशासकीय न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित होंगे। अशासकीय न्यासी सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होगा। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का मुख्यालय भोपाल होगा। इसके लिये 6 पद सृजित किये जायेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिये शासन अथवा अन्य स्त्रोतों से अनुदान एवं दान प्राप्त कर सकता है। न्यास के संचालन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये शोध-सर्वेक्षण एवं विकास कार्य के लिये आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जा सकेगा। न्यास के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विलेख तैयार किया जायेगा। विलेख मे न्यास के अधिकार, कार्यकारी समिति, सदस्यों, कार्यकारी समिति के अधिकार, न्यासी सचिव के अधिकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अधिकार, न्यास के लेखे एवं अंकेक्षण एवं न्यास के कार्यक्षेत्र एवं सीमा से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन होगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों में मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहाँ-जहाँ पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रुप में विकसित तथा संरक्षित करना और हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा के महत्व को समझने के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों का प्रलेखन (डाक्युमेंटेशन), अभिलेखन (रिकॉर्डिंग), छायांकन, फिल्मांकन तथा चित्राकंन आदि करना शामिल है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत अवस्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं उनमें स्थित जल संरचनाओं, वन सम्पदा, उद्यान आदि की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन किया जायेगा। इन धार्मिक तीर्थ स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके साथ ही उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श, सुझाव एवं अन्य कार्यवाही की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की अवधारणा के अनुरुप शिक्षा, संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन की विरासत का विकास किया जायेगा। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में आने वाले श्रीकृष्ण पाथेय के चिन्हांकित स्थलों के अवलोकन, पुरान्वेषण तथा धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, इतिहास आदि की दृष्टि से रचनात्मक विकास हेतु परामर्श, सुझाव एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जायेगी। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों के साथ भावनात्मक एवं अनुभवात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएँ परिकल्पित करना तथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित करना इसके उद्देश्यों में शामिल होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन के सर्व संबंधित विभागों के समन्वय से श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास तथा विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना का विकास किया जायेगा। साथ ही जन-सामान्य को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध करते हुए पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं तथा सभी वर्ग के विद्यार्थियों की जानकारी के लिए पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा सूचना केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा पौराणिक काल से वर्तमान समय तक भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु स्वरुप स्थापित करने में अपना योगदान प्रदान करने वाले अनेक-अनेक तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टा ऋषियों, संतों, मनीषियों, चिंतकों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के अवदान का रेखाकंन एवं वाणियों का ध्वन्यांकन तथा फिल्मांकन कराया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरक कथाओं और चित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन एवं शिल्पकला की विधा के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से समन्वय, सहयोग तथा सम्पर्क स्थापित कर वित्तीय एवं अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जायेगा। साथ ही साथ श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत सभागारों, सामुदायिक केन्द्रों (कम्युनिटी सेंटर) और धर्मशालाओं का निर्माण एवं व्यवस्थापन कार्य किया जायेगा। चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल (वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा 27 जनवरी, 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर स्टॉफ नर्स के पद पर चयनित 209 अभ्यार्थियों को विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। उज्जैन मे 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-उन्हेल (लंबाई 23.71 कि.मी.) 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 कि.मी. लंबी होगी एवं 127 करोड़ 63 लाख रूपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी।  

तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां

देश में नए उद्योगों और निवेश संवर्धन प्रयासों से सवा तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ यादव 24 से 29 नवंबर तक निवेश बढ़ाने करेंगे जर्मनी और यूके का दौरा तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां साबरमती रिपोर्ट के माध्यम से आया है सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योग और निवेश संवर्धन प्रयासों से बड़ी संख्या (सवा तीन लाख) में लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2024 में प्रदेश के विभिन्न संभागों में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के कई नगरों में हुए इंटरैक्टिव सेशन के फलस्वरुप उद्योगों के विकास का वातावरण बना है। प्रदेश में करीब 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ रहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग वर्ष होगा। इस नाते इस वर्ष प्रदेश में संपन्न औद्योगिक विकास गतिविधियों का विशेष महत्व रहा। द साबरमती रिपोर्ट से आया सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज “द साबरमती रिपोर्ट” की स्क्रीनिंग भोपाल में हो रही है। फिल्म से गुजरात के गोधरा में वर्ष 2002 में हुई घटना का सच सामने आया है। इस घटना का गलत प्रेजेंटेशन से भी हुआ था। आज अनेक जनप्रतिनिधि इस फिल्म को देखेंगे। मध्यप्रदेश शासन ने इस फिल्म को टैक्स फ्री किया है। तानसेन समारोह का देश भर में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 15 से 19 दिसंबर को ग्वालियर के साथ ही प्रदेश में रीवा ,जबलपुर, गुना, दतिया, शिवपुरी, खंडवा और ओरछा में तानसेन समारोह की गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी। इस वर्ष प्रदेश के बाहर 4 स्थान जयपुर, बनारस, बड़ौदा और खैरागढ़ में भी तानसेन समारोह की गतिविधियां होंगी। तानसेन समारोह का देश व्यापी विस्तार हुआ है। गुजरात दौरा सार्थक रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज अहमदाबाद में गुजरात सरकार के सीएम डैशबोर्ड और अन्य बेस्ट प्रैक्टिसेज ऊर्जा क्षेत्र ,नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका गुजरात दौरा सार्थक रहा। चिंतन बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिंतन बैठक भी आयोजित की जाएगी। प्रदेश में चिंतन बैठक के आयोजन की तिथियां शीघ्र निर्धारित की जा रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म के कलाकारों ने मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश को बताया फिल्म जगत का प्रमुख केंद्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” इतिहास  के काले अध्याय को सामने लाती है। यह फिल्म वर्ष 2002 में  गुजरात के गोधरा में हुई घटना की सत्यता को सामने लाती है। फिल्म वास्तविक तथ्यों पर फिल्माई गई है। फिल्म, उन 59 कारसेवकों के बलिदान की जानकारी देती है जिसे उस दौर में गलत बताया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्म को मध्यप्रदेश शासन द्वारा करमुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थान हैं। प्रदेश सरकार की नीतियां भी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने वाली हैं। फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” के निर्माता साधुवाद के पात्र हैं जिन्होंने इस फिल्म का निर्माण कर आज की पीढ़ी को 22 वर्ष पुरानी घटना की सच्चाई बताने का कार्य किया है। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का सराहनीय निर्णय लिया है। फिल्म के निर्माता  अंशुल मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को समर्थन दिया है। इसके लिए फिल्म की पूरी यूनिट उनकी आभारी हैं। फिल्म के नायक विक्रांत मैसी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की जानकारी होना चाहिए। सुएकता कपूर ने इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय को सामने लाने का कार्य किया है। फिल्म की नायिका सुराशि खन्ना ने कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल, खजुराहो, पचमढ़ी और कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं। मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश का फिल्म जगत में अहम स्थान बन रहा है। फिल्म प्रदर्शन देखने के लिए प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री सांसद, विधायक और नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को किया पुरस्कृत

भोपाल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को “मध्यप्रदेश दिवस” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले में विभिन्न विभागों से शामिल स्व-सहायता समूह, उद्यमियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 2 स्व-सहायता समूहों को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिले। प्रथम स्थान पर धार के मांडव का रेवा स्व-सहायता समूह रहा, जिन्हें बाग प्रिंट के लिए पुरस्कार मिला। वहीं संत रविदास स्व-सहायता समूह उज्जैन को बांस से बनी हुई सामग्री एवं कलात्मक खिलौने गुड़िया के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनके अनुभव भी सुने। स्व-सहायता समूह की दीदीयों ने डॉ. यादव को समूहों के उत्पाद भी भेंट किए। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सविता ठाकुर, मध्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री चेतन कॉश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुक्त भरत यादव व मिशन संचालक एवं अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी है।  

नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने और नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर में गुजरात सीएम डैशबोर्ड की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने तथा उसके संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के बाद उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-गवर्नेंस एप्लीकेशन, वेब सर्विसेज, कॉल सेंटर, ग्राम और तालुका स्तर से डाटा कलेक्शन, डाटा इंटीग्रेशन, डाटा वैलिडेशन, परफॉर्मेंस मेजरमेंट, फीडबैक सिस्टम और फीडबैक के आधार पर हितग्राही संतुष्टि से अवगत होने के लिए स्थापित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक उल्लेखनीय है कि गुजरात सीएम डैशबोर्ड एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन में सहायक है। यह डैशबोर्ड राज्य के प्रशासन को पारदर्शी, प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। डैशबोर्ड पर योजनाओं की निगरानी और उनकी प्रगति का आंकलन किया जाता है, इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजनाएं समय पर और प्रभावी तरीके से लागू हो रही हैं। डैशबोर्ड पर विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को ट्रैक भी किया जाता है, यह संकेतक राज्य के विकास और प्रशासन की गति को मापने में सहायक हैं। डैशबोर्ड पारदर्शिता को भी बढ़ावा देने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक है। डैशबोर्ड स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण व अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार और बेहतर प्रदर्शन में भी सहायक है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी का किया अवलोकन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी)एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, यह भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार आकार ले रही गिफ्ट सिटी ‍निवेशकों को बेहतर अवसर प्रदान करने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। इसके माध्यम से भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक मानकों से तालमेल रखते हुए मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में प्रभावी रूप से गतिविधियों का संचालन करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के गांधी नगर में साबरमती नदी के किनारे स्थित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, भारत का फाइनेंशियल गेट-वे और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र ‘गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी’ (गिफ्ट सिटी) का अवलोकन कर अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिफ्ट सिटी में स्वच्छता के लिए की गई व्यवस्था के संबंध में विशेष रूप से जानकारी प्राप्त करते हुए ऑटोमेटेड गारबेज एंड वेस्ट कलेक्शन सिस्टम और वेस्ट टनल का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि गांधी नगर, गुजरात में स्थित गिफ्ट सिटी का पूरा नाम गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सिटी है। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने उद्देश्य से विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित गिफ्ट सिटी को वर्ष 2007 में भारत सरकार द्वारा मंजूरी दी गई। यहां प्रमुख वित्तीय सेवाओं, जैसे बैंकिंग, बीमा, वित्तीय बाजार और तकनीकी सेवाओं के लिए आदर्श वातावरण उपलब्ध है। गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार की स्थापना की गई है, जहाँ वैश्विक निवेशक अपनी व्यापारिक गतिविधियाँ और निवेश कर सकते हैं। अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी तकनीक और हरित ऊर्जा प्रणालियों से युक्त गिफ्ट सिटी में उच्च गुणवत्ता वाले कार्यालय, आवासीय परिसर, होटल और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  

सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराएंगी मुस्कान, CM ने की चार लाख रुपये देने की घोषणा

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने अशोक नगर जिले की निवासी पर्वतारोही (Mountaineer) मुस्कान रघुवंशी (Muskaan Raghuvanshi) को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए 4 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए हैं. मुस्कान अशोक नगर जिले के ग्राम महाना के निवासी रामकृष्ण रघुवंशी की बेटी हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को को कम उम्र में फतह कर विश्व रिकार्ड बनाने वाली मुस्कान के साहसिक कार्य के लिए बधाई देते हुए आगामी पर्वतारोहण कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह बेटी नई सफलताएं प्राप्त करेगी. ये हैं मुस्कान की उपलब्धियां अशोकनगर की लाडली बिटिया मुस्कान रघुवंशी ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल से यात्रा पूरी कर न सिर्फ इतिहास रचा है बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है. 23 वर्ष आयु की मुस्कान भोपाल के रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय से बीपीएड का पाठ्यक्रम कर रही हैं. उन्होंने जब आस्ट्रेलिया के पर्वत की चोटी को छुआ था तो अपने आयु वर्ग में सबसे कम उम्र की पर्वातारोही थीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 अगस्त 2024 को चंदेरी प्रवास के दौरान मुस्कान को उनके द्वारा बनाए गए रिकार्ड के लिए बधाई दी थी. मुस्कान शीघ्र ही दक्षिण अफ्रीका के तंजानिया में माउंट माउंट किलिमंजारो (Mount Kilimanjaro) की चोटी पर पहुंचने के लिए रवाना होने वाली हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात प्रवास के दौरान मंगलवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री निवास अहमदाबाद में गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। अहमदाबाद में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल और गुजरात के वरिष्ठ मंत्री गण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में दोनों राज्यों में जन कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।  

प्रदेश में कृषि के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है- CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह वर्ष पर्याप्‍त वर्षा एवं अनुकूल मौसम के कारण किसानों के लिए अच्‍छा रहा है, जिसके फलस्‍वरूप खरीफ फसल भी अच्‍छी रही है एवं रबी की बोवाई भी तेजी से हो रही है। प्रदेश में कृषि के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। अंतर्राष्‍ट्रीय कारणों से उर्वरक आपूर्ति में चुनौतियों के बाद भी खरीफ में किसानों को पर्याप्‍त उर्वरक उपलब्‍ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। किसानों को रबी में निरंतर उर्वरक उपलब्‍ध कराया जा रहा है। निरंतर की जा रही है उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की जा रही निरंतर उर्वरक उपलब्‍धता की समीक्षा एवं व्‍यक्तिगत प्रयासों के फलस्‍वरूप प्रदेश में डीएपी और एनपीके की 31 रेक एवं यूरिया की 20 रेक ट्रांजिट में है। डीएपी और एनपीके प्रतिदिन औसतन 11 हजार 500 मीट्रिक टन एवं यूरिया प्रतिदिन औसतन 16 हजार मीट्रिक टन प्राप्‍त हो रहे है। रबी 2024-25 के शेष अंतराल के लिये पर्याप्‍त उर्वरक व्‍यवस्‍था सुनिश्चित कराई जा रहा है। इसके लिए केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, दिल्ली से निरंतर समन्‍वय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2024 में 17.58 लाख मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था जो खरीफ-2023 में 15.54 लाख मीट्रिक टन था। इस वर्ष खरीफ में 2.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया का अधिक विक्रय हुआ है। खरीफ-2024 में डीएपी और एनपीके 10.47 लाख मीट्रिक टन किसानों को विक्रय किया गया, जो विगत खरीफ-2023 में 10.56 लाख मीट्रिक टन था। इस प्रकार प्रदेश में खरीफ-2024 में उर्वरकों की पर्याप्‍त उपलब्‍धता रही है। रबी फसल मौसम में किसानों को कृषि कार्य के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। अंतर्राष्‍ट्रीय कारणों से विशेषकर डीएपी उर्वरक आपूर्ति में चुनौतियों बनी हुई हैं। रबी 2024-25 में 1 अक्‍टूबर से अभी तक 7.3 लाख मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ है, जबकि विगत वर्ष 1 अक्‍टूबर से 18 नवम्‍बर 2023 तक 7.4 लाख मीट्रिक टन यूरिया का‍विक्रय हुआ था। रबी 2024-25 में 1 अक्‍टूबर से अभी तक 6.1 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हुआ है, जबकि विगत वर्ष 1 अक्‍टूबर से 18 नवम्‍बर 2023 तक 6.3 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का‍विक्रय हुआ था। 254 अतिरिक्त नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्र स्‍वीकृत मार्कफेड के नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने हेतु 254 अतिरिक्‍त नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्र स्‍वीकृत किये गये हैं। कलेक्‍टर की अनुशंसा पर 160 विक्रय केन्‍द्र प्रारंभ भी किये जा चुके हैं। उर्वरकों के अधिक मूल्‍य पर विक्रय एवं कालाबाजारी के प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए 40 प्रकरणों में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर वन्य-जीव जंगली हाथी के रहवास, प्रबंधन एवं मानव-वन्य-जीव द्वंद के उपायों के अध्ययन के लिये भ्रमण पर जायेंगे वन अधिकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में वन्य-जीव जंगली हाथी के रहवास, प्रबंधन एवं मानव-वन्य-जीव द्वंद के उपायों के संबंध में वन अधिकारियों का अध्ययन दल कर्नाटक एवं तमिलनाडु जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक व्ही.एन. अम्बाडे ने इसके लिये निर्देश जारी कर दिये हैं। अम्बाडे ने बताया कि यह अध्ययन दल 30 नवम्बर तक अध्ययन करेगा। अध्ययन दल द्वारा मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन रणनीतियाँ, प्रभावी अवरोध, बंदी प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता और एआई के उपयोग विषय पर अध्ययन करेगा। अम्बाडे ने क्षेत्र संचालक, संजय टाइगर रिजर्व, बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व और वन मण्डलाधिकारी उत्तर शहडोल, उमरिया, पश्चिम मण्डला, पूर्व मण्डला, सीधी, दक्षिण शहडोल, कटनी और अनूपपुर वन मण्डल को इस संबंध में आदेश जारी किये हैं। अम्बाडे ने बताया कि राज्य वन अधिकारियों के 2 बैच इस अध्ययन दौरे पर जायेंगे, जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य शामिल होंगे। दोनों बेचों के लिये एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एल. कृष्णमूर्ति समन्वयक होंगे। प्रथम अध्ययन दल 23 नवम्बर तक अध्ययन करेगा, जिसमें टीम प्रभारी आईएफएस अमित कुमार दुबे एवं फील्ड डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व के नेतृत्व में उप संचालक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, डीएफओ शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग के साथ एक-एक रेंज अधिकारी कान्हा, बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग, पशु चिकित्सक संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी प्रथम बैच में शामिल रहेंगे। दूसरा अध्ययन दल 25 से 30 नवम्बर तक अध्ययन करेगा। इसमें टीम प्रभारी डॉ. अनुपम सहाय आईएफएस एवं फील्ड डायरेक्टर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व टीम में डिप्टी डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व बफर, डीएफओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एडीजी संजय टाइगर रिजर्व, एसडीओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एक-एक रेंज अधिकारी संजय टाइगर रिजर्व, शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग और पशु चिकित्सक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व शामिल रहेंगे।  

उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, शिक्षाविद अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही है। राज्य सरकार चिकित्सा सेवा और चिकित्सा शिक्षा के लिए गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में चिकित्सा सेवा और आयुष के माध्यम से स्वास्थ्य और चिकित्सा को समग्रता में देखते हुए नई अवधारणा पर कार्य हो रहा है। इसके चलते उज्जैन में बनने वाली मेडिसिटी में न केवल मेडिकल कॉलेज रहेगा अपितु नर्सिंग, पैरामेडिकल, अनुसंधान सुविधा, चिकित्सक-विशेषज्ञ और स्टॉफ के आवास सहित संपूर्ण व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं इस कैंपस का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन में मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 20 साल में मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाएं हैं। वर्ष 2004-05 में प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे, वर्तमान में प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 8 निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ अवधि में लगभग 15 करोड़ की आबादी उज्जैन में होगी। सामान्य समय में भी लगभग 5 से 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष उज्जैन पधार रहे हैं। अतः यहां मेडिसिटी का बनना उपयोगी और महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आकार ले रही मेडिसिटी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

मोहन सरकार के प्लान से झूम उठेंगे बेरोजगार युवा, पांच साल में मिलेंगी ढाई लाख नौकरियां,कैडर वार भरे जाएंगे पद

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार युवाओं को सौगात देने जा रही है। नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए सरकारी खुशखबरी है। अगले पांच सालों में सरकार ने सभी विभागों में रिक्त पड़े ढाई लाख पदों पर भर्ती का फैसला किया है। ये भर्तियां सरकार सीधी भर्ती प्रक्रिया से करेगी। अपने संकल्प को दोहराते हुए मोहन सरकार ने यह घोषणा की है। इसके लिए सरकार हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करेगी, जिसमें अलग-अलग पदों पर भर्ती की समय-सीमा तय होगी। बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिली वहीं, सरकार के इस फैसले से उन युवाओं को फायदा होगा जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला 22 नवंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए उस आदेश को वित्त विभाग द्वारा 31 अक्टूबर 2024 से रद्द करने के बाद लिया गया है, जिसमें विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। चल रहीं नियुक्तियां प्रभावित नहीं हालांकि, वित्त विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या नियुक्तियां हो चुकी हैं, वे इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी। जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में जिन पदों पर 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन्हें भी रद्द नहीं माना जाएगा। आने वाले सालों में होने वाली भर्ती को लेकर वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2022 को जारी आदेश में 31 अक्टूबर 2024 से प्रभाव शून्य घोषित कर दिया है। जिसमें पदों की भर्ती के लिए आदेश जारी किए गए थे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। ये भर्तियां नहीं होंगी निरस्त वित्त विभाग ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि, 16 नवंबर 2022 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में निकाली गई भर्तियों में से ऐसे रिक्त पदों पर जिन विभागों ने 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां कर दी हैं, वह निरस्त नहीं मानी जाएंगी। इसके साथ ही सीधी भर्ती के जिन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कार्यवाही संबंधी पत्र कर्मचारी चयन मंडल और एमपी पीएससी या अन्य भर्ती संस्था को भेजे गए हैं या नियुक्ति की जा चुकी है पर कार्यभार ग्रहण करना शेष है तथा परीक्षा परिणाम के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शेष है। ऐसी भर्ती भी निरस्त नहीं मानी जाएगी। 5 प्रतिशत पद ही सीधी भर्ती से भरने का आदेश स्थगित वित्त विभाग के निर्देशों में कहा है कि 3 जनवरी 2013 और 13 अगस्त 2021 को जारी निर्देशों में संवर्ग में स्वीकृत पदों के आधार पर 5 प्रतिशत पदों को ही सीधी भर्ती से भरने के लिए निर्णय लिया है। 18 नवंबर को जारी सर्कुलर में पूर्व में तय लिमिट की प्रभावशीलता को वर्ष 2028-29 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। MPPSC के भर्ती के लिए भेजे पत्र इसके अलावा, जिन पदों पर कर्मचारी चयन मंडल या MPPSC को भर्ती के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं या नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, पर उम्मीदवारों ने अभी तक जॉइन नहीं किया है, उन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। ’50 पद रिक्त तो यह फॉर्मूला लागू होगा’ वहीं, जिन संवर्गों में 51 से 200 पद रिक्त हैं, वहां रिक्त पदों की संख्या के आधार पर भर्ती की जाएगी। अगर 33% से कम पद रिक्त हैं, तो उन्हें एक ही बार में भरा जाएगा। अगर 33% से ज्यादा लेकिन 66% से कम पद रिक्त हैं, तो 8% पदों को 2024-25 में, 46% पदों को 2025-26 में और 46% पदों को 2026-27 में भरा जाएगा। ऐसे भरे जाएंगे पद ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनमें पदों की पूर्ति तीन चरणों में की जाएगी। यानी सीधी भर्ती के यदि कुल पदों में से रिक्त पद 33 प्रतिशत से कम है तो एक बार में भरे जाएंगे। यदि 33 प्रतिशत से अधिक अथवा 66 प्रतिशत से कम हैं तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 66 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद रिक्त पद 66 प्रतिशत से अधिक हैं तो वर्षवार चार वर्ष में प्रथम वर्ष आठ प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 30 प्रतिशत भरे जाएंगे। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है, वहां गणना के अनुसार रिक्त पद 25 प्रतिशत से कम होने पर एक बार में भरे जाएंगे। 25 प्रतिशत से अधिक व 50 प्रतिशत से कम है तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 50 प्रतिशत से अधिक व 75 प्रतिशत से कम होने पर प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। 75 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वर्षवार पांच वर्ष में 2024-25 में 8 प्रतिशत, 2025-26 में 23 प्रतिशत, 2026-27 में 23 प्रतिशत, 2027-28 में 23 प्रतिशत और पांचवें वर्ष 2028-29 में 23 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। – वाहन चालकों की नहीं होगी सीधी भर्ती, आउटसोर्स पर रखे जाएंगे मप्र में वाहनों चालकों की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इसकी जगह वाहन चालक आउटसोर्स पर रखे जाएंगे। विशिष्ट विभाग जहां वाहन चालकों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अति आवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत कर भर्ती की स्वीकृति ले सकेंगे। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इनकी जगह आउटसोर्स पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखें जाएंगे।

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