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मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के आसार।

As soon as becoming the Chief Minister, signs of significant administrative changes in the state. सचिवालय से सबसे पहले हटाए जाएंगे पीएस रस्तोगी, मुख्य सचिव के लिए तीन नाम का भेजा जाएगा डीओपीटी में पैनल – मंत्रालय स्तर पर सचिव सेक्रेट्री सहित कई अन्य विभागों के अधिकारियों के भी होंगे ट्रांसफर – प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी होंगे तबादले।  *उदित नारायण*  भोपाल। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वल्लभ भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के साथ ही प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया है। इसके पीछे की वजह है कि जनता से जुड़े हुए कामकाज करने वाले अधिकारियों की पूछ परख ज्यादा होगी। मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिना भ्रष्टाचार की जनता से जुड़े हुए काम किए जाएं। सीएम के फरमान के बाद जरूर जल्द ही सर्जरी होगी सबसे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय तक पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी को किसी और विभाग में पदस्थित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में अनुभवी प्रमुख सचिव की पोस्टिंग होगी। जिन्हें कई विभागों में कामकाज का अनुभव रहा है। ऐसे में कई नाम सामने आ रहे हैं। वही मार्च में 2024 मौजूदा मुख्य सचिव वीरा राणा भी रिटायर होगी। इससे पहले सरकार की कोशिश होगी कि तीन सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम का पैनल डीओपीटी भेजा जाएगा। जिससे मध्य प्रदेश में 2 से 3 साल तक फिक्स मुख्य सचिव की पोस्टिंग हो सके। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि दो से तीन विभाग में प्रमुख सचिव के पद खाली हैं अवसरों को प्रमोशन के साथ नई पोस्टिंग भी दी जाएगी मंत्रालय स्तर पर सचिव, डिप्टी सेक्रेटरी भी ट्रांसफर किए जाएंगे। कई सीनियर अधिकारियों की मीटिंग के बाद मंत्रालय में पदस्थ सक्रिय अधिकारियों को फ्रंट में लेकर आया जाएगा।  सबसे पहले नपेंगे बड़े जिले की कलेक्टर – सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन कलेक्टर ने जनता की कई मांगों को लेकर तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव को काफी परेशान किया था मोहन यादव ने इस बात की जानकारी संगठन को भी दी थी लेकिन सीनियर आईएएस अधिकारी के दबाव में कलेक्टर को नहीं हटाया गया अब सरकार के हाथ में कमान मोहन यादव के हाथ में है ऐसे में माना जा रहा है कि एक बड़े जिले के कलेक्टर को भी सबसे पहले हटाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि सीएम बनने के बाद कलेक्टर और सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी तक उनसे मिलने नहीं गए। हालांकि मंत्रालय आने के बाद प्रमुख सचिव औपचारिकता के तौर पर मुलाकात की।  सचिवालय में शिफ्ट होंगे उच्च शिक्षा विभाग के कई ओएसडी – उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मुख्यमंत्री पहले इसी विभाग के मंत्री थे। ऐसे में अपने भरोसेमंद और काबिल ओएसडी को सचिवालय में जगह देंगे। इसके पीछे का कारण है कि कैबिनेट की पहली बैठक में ही उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए कई फैसलों पर अमल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिक्षा से जुड़े हुए कार्यों को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पदस्थ सीएम सचिवालय में किया जाएगा।

राइस मिल में सत्यापन और चैक पोस्ट की निगरानी जैसे कार्यो में जुटा अमला.

Implementation of processes such as verification at the rice mill and monitoring of check posts. Special Correspondent Sahara Samachaar, Balaghat. बालाघाट। इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्यो को लेकर संजीदगी से कार्य किये जा रहे है। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा लगातार समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का असर फील्ड में भी दिखाई देने लगा है। राजस्व अधिकारियों के अलावा सम्बंधित विभागों का अमला खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में सक्रिय है। मंगलवार को कटंगी अनुभाग अंतर्गत सावंगी, नांदलेसरा, टेकारी, बोथवा, चिकमारा, मानेगांव, कटंगी केंद्रों में धान खरीदी कार्य तहसीलदार छवि पंत की निगरानी में प्रारम्भ कराया गया। वही उपार्जन के लिए दिए अन्य निर्देशों के पालन संलग्न है। कई खरीदी केंद्रों पर बड़ी संख्या में किसानों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीगणेश किया गया। वारासिवनी एसडीएम कामिनी ठाकुर ने अश्विन राइस मिल खैरलांजी में धान का भौतिक सत्यापन जैसी गतिविधियों के द्वारा निरीक्षण किया। वही तहसीलदार वंदना कुशराम ने धान के एफएक्यू की जानकारी प्राप्त करते हुए निरीक्षण किया। इस तरह राजस्व विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपार्जन कार्यो की निगरानी में सक्रिय है।

कैमोर पुलिस की ओवरलोडिंग वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही।

Camore police take action against overloaded vehicles with fines. कटनी, थाना कैमोर के द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान 05 ओवरलोड वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर 74,000/- रुपये समन शुल्क वसूल किया। श्री अभिजीत कुमार रंजन पुलिस अधीक्षक कटनी के निर्देशन व श्री मनोज केडिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री के.पी. सिंह अनुविभागीय अधिकारी महोदय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कैमोर सुदेश कुमार समन द्वारा अपने थाना स्टाफ के साथ वाहन चेकिंग के दौरान 05 वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर 74,000/- रुपये समन शुल्क वसूल किया । कार्यवाही का विवरण – दिनांक 12/12/2023 मेहगाँव रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान बॉक्साइट, डस्ट व गिट्टी की ओवरलोडिंग करते 05 अलग अलग डंपरों पर ओवरलोडिंग की चालानी कार्यवाही कर कुल 74000/- रू समान शुल्क वसूल किया गया । उक्त कार्यवाही में – सुदेश कुमार निरीक्षक थाना प्रभारी कैमोर, स उ नि हुकुम सिंह, प्र.आर 206 चंद्रभान विश्वकर्मा, आर 739 विनोद, आर 740 सौरभ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सिंधिया परिवार को कोर्ट से झटका.

The Scindia family faces a setback in court. करोड़ों रुपए की जमीन बेचने पर रोक लगाई भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवार को कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। सिंधिया परिवार एक संपत्ति को अपनी बताकर बिक्री कर रहा था, जिस पर कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है सिंधिया परिवार कई प्रकार के प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में उलझा हुआ है। ऐसी ही एक संपत्ति विवाद में न्यायालय का फैसला सुनाया है। न्यायालय में निर्णय हुआ है कि महल गांव में यशवंत राव राणे की जमीन को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, अपनी संपत्ति बताकर बेच रहे हैं। न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी है। ग्वालियर में रियासत काल में सिंधिया परिवार के शाही महल जयविलास पैलेस का परिसर बहुत विशाल था। इसमें शिकारगाह, हैलीपेड, कृषिभूमि आदि भी थी, लेकिन स्वतंत्रता के पश्चात सिंधिया परिवार ने इसके आसपास की भूमि में पॉश कॉलोनियां विकसित कर जगह बेच दी, जो सिंध विहार, चेतकपुरी, वसंत विहार, चेतकपुरी आदि कॉलोनियां के नाम से जानी जाती हैं। सिंधिया परिवार ने ग्वालियर में चेतकपुरी के सामने महल गांव में सर्वे नंबर 1211/1, 1211/2 एवं 1211/3 की कुल 6 बीघा 4 विस्वा जमीन नारायण बिल्डर एंड डेवलपर को बेचने का सौदा किया तो इसके स्वामित्व को लेकर एक वाद दायर किया गया। यशवंत राव राने के परिवार ने इस जमीन को अपना बताते हुए इसका भूस्वामी बताया और सिंधिया परिवार के विक्रय अनुबंधों को अवैद्य बताते हुए की जा रही बिक्री पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। द्वादशम सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अजय सिंह ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद इस केस में अपना निर्णय सुनाया है। उन्होंने याचिकाकर्ता यशवंत राव राणे को इस जमीन का स्वामी घोषित कर दिया है। इसी के साथ आदेश दिया है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, जमीन का विक्रय नहीं कर सकते हैं। ग्वालियर के जिला कलेक्टर एवं नगर निगम ग्वालियर के कमिश्नर को आदेश का पालन करने के लिए कहा गया है।

पुलिस ने सट्टा पत्ती के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा.

The police apprehended an individual with playing cards in connection with illegal gambling. बिलहरी चौकी क्षेत्र से पुलिस ने एक को व्यक्ति सट्टा पत्ती के साथ पकड़ा हुई कार्यवाहीThe police from the Bilhari Checkpost area apprehended an individual engaged in illegal gambling activities with playing cards and took appropriate action. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katniकटनी, जिले के रीठी तहसील क्षेत्र के बिलहरी चौकी क्षेत्र में बिलहरी पुलिस ने एक व्यक्ति को सट्टा पत्ती के साथ पकड़ा है जहां पुलिस ने कार्यवाही की है बता दे की पुलिस ने कार्यवाही में सट्टा पत्ती सहित कुछ नगदी रुपए भी जप्त किया है, बता दें यह पूरा मामला कटनी जिले के रीठी तहसील क्षेत्र के बिलहरी चौकी क्षेत्र का है जहा पुलिस ने एक व्यक्ति को सट्टा पत्ती के साथ पकड़ा है लगातार बिलहरी पुलिस के द्वारा अवैध काम करने वालो पर कार्यवाही की जा रही है,इसी क्रम में आज बिलहरी पुलिस ने एक व्यक्ति को बिलहरी चौकी क्षेत्र से सट्टा पत्ती के साथ पकड़ा है,

धार जिले के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं.

The challenges for Panchilal Meena, former Congress MLA of Dhar district, have increased. एक महिला ने मेड़ा समेत 6 लोगों पर दर्ज कराया गंभीर केस चुनाव संपन्न होते ही अब आरोपों का दौर भी चल पड़ा है। हालही में सीहोर जिले से एक मुस्िलम महिला द्वारा भाजपा को वोट देने पर पिटाई का मामला सामने आया था। अब धार जिले से भी एक मामला आ गया है। एक महिला ने कांग्रेस नेता एवं धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। भोपाल। मध्य प्रदेश के धरमपुरी के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धामनोद थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला धामनोद की रहने वाली महिला बताई जा रही है। उसने धामनोद थाने में कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित उनके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। उसके आधार पर धामनोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।धामनोद थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि 29 नवंबर को धामनोद के शासकीय अस्पताल से जानकारी मिली थी एक महिला ने पूर्व विधायक पांचीलाल मेडा के नाम से जहर खा लिया। उसका धामनोद के अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस पर धामनोद थाना पुलिस ने महिला के बयान लिए। उसके आधार पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए थे मेड़ाउल्लेखनीय है कि पांचीलाल मेड़ा पूर्व में कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। बीते वर्ष मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मीडिया के सामने वे फूट-फूटकर रोए भी थे। तब भी उनके ये वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। मेडा का आरोप था कि विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की। यही नहीं उन्होंने बीजेपी के एक विधायक पर गला दबाने का आरोप भी लगाया था। उसके बाद कहा था कि उनकी जान को खतरा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने उनकी आंसू पोंछे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया थामेड़ा ने कहा था कि वे सदन में अपने इलाके के आदिवासियों की समस्या को उठाना चाह रहे थे। लेकिन बीजेपी विधायकों ने उनके साथ धक्का मुक्की की। उनका कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है हम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट के बाद अफसरों में सन्नाटा.

In the cycle of positions upheaval occurs, Silence prevails among officers after the post in the IFS Association WhatsApp group is altered. उदित नारायण भोपाल। 1993 बैच के आईएफएस शशि मलिक ने सेवानिवृत के आठ महीने पहले एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप पर अपने भावनाओं को संकलित कर ब्लॉग के रूप में एक पोस्ट किया है। एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट होते ही लोकसेवक बिरादरी में सन्नाटा खींच गया। मलिक ने लिखा है कि पदस्थापना को बदलवाने के फेर में हम ऐसे दुष्चक्र में फंस जाते कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें नहीं मिला पाते है. हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है।नए साल के जुलाई में रिटायर होने वाले शशि मलिक जहां भी सदस्य रहे, वहां सुर्खियों में बने रहे। वर्तमान में वे मुख्यालय के समन्वय शाखा में प्रमुख हैं। यहां का पदभार संभालते ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ कर्मचारी को कार्यालय में गणवेश (वर्दी) पहनकर आने की अनिवार्यता आदेश जारी कर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि मुख्यालय में ही उनके आदेश का माख़ौल उड़ाया जा रहा है। अपने तमाम पदस्थापनाओं के दौरान अनुभवों को समेटते हुए एक ब्लॉग में लिखा कि कई बार हम अपनी वर्तमान पद स्थापना से संतुष्ट नहीं होते है तथा येन-केन-प्रकारेण पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में हमारा कई प्रकार से दोहन किया जाता है। जिसका प्रभाव पुनः हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ता है। इस प्रकार हम एक दुष्चक्र में फंस जाते है जिससे निकलने का हमें कोई भी मार्ग नहीं मिलता है। हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है। इस दुष्वक्र में फंसकर हम न तो स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय ले पाते हैं तथा न ही कर्तव्यों का सम्पादन उचित रूप से कर पाते है, जिसकी हमसे अपेक्षा की जाती है। हम अपने वर्तमान की उस समय से तुलना करें, जब हम इस पवित्र शासकीय सेवा के सदस्य नहीं थे। उस समय हमारी विचारधारा क्या थी, हम क्या सोचते थे ? परन्तु शासकीय सेवा में आते ही हमारे विभिन्न प्रकार के स्वार्थ जाग्रत हो जाते हैं तथा हम उन्ही की पूर्ति में लग जाते है। हमें इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है। जहां भी हमारी पदस्थापना होती है, हमें उसी में पूर्ण रूप से आनंद लेना चाहिए, क्योंकि कई बार इस दुष्चक्र में फंसकर जाने-अनजाने में हम कोई ऐसा कार्य कर जाते हैं कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें न मिला सकेंगे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों होने दी जाए ? हमसे अपेक्षा की जाती है कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य को हम नौकरी समझ कर नही बल्कि एक पवित्र कार्य मानते हुये निष्काम भाव से पूर्ण करे। हमारे कर्तव्य पालन का केवल एक ही तरीका है।

फर्जी दस्तावेज लगाकर 16 साल से नौकरी कर रहे 8 शिक्षक, 15 साल चली जांच.

Eight teachers have been working for 16 years using fake documents; investigation has been ongoing for the past 15 years. मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर Special Correspondent, Sahara Samachaar, Gwalior भोपाल। ग्वालियर में शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिये टीचर के रूप सोलह साल से नौकरी कर रहे, आठ शिक्षकों की जांच मे बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि इन टीचरों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के समय फर्जी मार्कशीट और फर्जी दस्तावेज लगाए थे। पुलिस ने ऐसे आठ शिक्षकों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। इसकी खबर फैलने के बाद न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। 2007-08 में बने थे शिक्षक2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा को पास करने के बाद कुछ शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा था। ग्वालियर के भितरवार इलाके में फरियादी गौरी शंकर राजपूत ने इसकी शिकायत थाने में की थी। जिसमें बताया गया था कि जनपद पंचायत भितरवार में पदस्थ शिक्षा कर्मियों ने फर्जी और कूटरचित अंकसूचियों की संरचना करके शासकीय सेवा प्राप्त कर अनाधिकृत रूप से शासकीय सेवा का लाभ उठाया है। उन्होंने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवत शर्मा, कृष्णा ,पान सिंह यादव, अनिल पाठक, बृजेंद्र सिंह रावत, अरविंद सिंह राणा, सतीश कुमार रजक, केशव सिंह पर फर्जी दस्तावेज लगाकर शासकीय नौकरी पाने का आरोप लगाया था। 2008 से चल रही थी जांच, 15 साल बाद हुई एफआईआरएडिशनल एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा ने बताया कि इस मामले पर विभिन्न बिन्दुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल और साक्ष्य संकलन किया गया और फरियादी द्वारा प्रस्तुत आरोप के दस्तावेज सही पाए जाने पर आठ आरोपियों के खिलाफ थाना भितरवार में धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना करके शासकीय नौकरी पाने की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच का दायरा बढ़ने पर बढ़ सकती है आरोपियों की संख्याअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी जांच जारी है और इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एफआईआर की सूचना से पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग में भूचाल मच गया है। क्योंकि जांच का दायरा बढ़ा तो प्रदेश भर में ऐसे सैकड़ों मामले उजागर हो सकते हैं।

उत्तरप्रदेश जा रहा ट्रक रीवा से गायब, ड्राइवर मलिक के साथ मिलकर 25 लाख रुपए की लहसुन कर दिया पार.

A truck, heading to Uttar Pradesh from Rewa, has gone missing. The driver, along with the owner, reportedly vanished after collectively embezzling 25 lakh rupees. भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा से एक हैरान कर देने वाली करना सामने आई है। यहां बदमाशों ने एक व्यापारी को सुनसान स्थान पर छोड़कर एक ट्रक 25 लख रुपए की लहसुन गायब कर दी है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रक सहित चोरी गया लहसुन बरामद का लिया गया है। जानकारी अनुसार शमशाद अहमद निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश ने शाजापुर से एक ट्रक लहसुन 25 लाख में खरीदा था। लहसुन को नूर मोहम्मद ट्रांसपोर्ट शुजालपुर से वाहन (एमएच 18 बीजी 5235) में लोड कर ड्राइवर और कालिंजर के साथ लेकर गाज़ीपुर जा रहे थे। 4 दिसंबर को क्योंटी पुलिया के पास सुबह 10 बजे पहुंचे तो ड्राइवर ने नहाने व खाना खाने के नाम पर ट्रक को रोक दिया। दोपहर 2:30 बजे उन लोगों ने निकलने का प्रयास किया, तो ट्रक चालू नहीं हुआ। ड्राइवर ने इसकी जानकारी वाहन मालिक विजय पटेल निवासी जमुई को दी तो वह गढ़ पहुंच गया। ऊपर ट्रक मिस्त्री को ढूंढ़ने के बहाने ड्राइवर अवधेश कुमार साकेत और व्यापारी को अपने साथ लेकर चला गया। व्यापारी को उन्होंने कुछ दूर एक सुनसान स्थान पर उतार दिया और चुपके से वहां से निकलकर लहसुन लोड ट्रक को लेकर फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी किसी तरह क्योंटी पुलिया पर पहुंचा तो वहां ट्रक नहीं था। देर समय तक ट्रक को ढूंढता रहा। इसके बाद थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। वाहन को ट्रेस कर पुलिस ने विजय पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर ट्रक बरामद हो गया। आरोपियों ने मऊगंज में किराए का एक कमरा लेकर वहां लहसुन अनलोड किया था, जहां से मंडी में बेचने वाले थे। घटना में ट्रक मालिक व ड्राइवर सहित जीप में सवार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रक में लहसुन लोड कर आरोपी गाजीपुर जा रहे थे। बीच रास्ते में व्यापारी को उतार कर लहसुन लेकर गोल हो गए। शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर ट्रक सहित लहसुन को बरामद कर लिया है। ट्रक मालिक से पूछताछ की जारी है।

क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं?

Does the guardian have the right to obtain the criminal record of a child? राज्य सूचना आयोग में आया ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी लेने का मामला राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कारण बताओ नोटिस किया जारी, तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस किया जारी. तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर को भोपाल किया तलब, प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी ग्वालियर में उमेश नागर ने लगाई थी आरटीआई, राजस्थान के कोटा के रहने वाले हैं उमेश नागर, ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की मांगी थी जानकारी भोपाल। क्या RTI आवेदक को अपने ससुरालवालों के क्रिमिनल रिकार्ड जानने का हक़ है? राजस्थान के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के नाना और उनके परिवार वालों का क्रिमिनल रिकार्ड नहीं देने पर ग्वालियर पुलिस के विरुद्ध मप्र सूचना आयोग में अपील लगाई है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि अपने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को प्राप्त करना न केवल एक पैरंट का अधिकार है बल्कि बच्चे से जुड़ी उसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी है। राजस्थान के कोटा शहर के उमेश नागर ने अपने ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी के लिए ग्वालियर एसपी कार्यालय में RTI लगाई थी। पर ग्वालियर पुलिस ने क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी को व्यक्तिगत जानकारी बताते हुए नागर को जानकारी देने से मना कर दिया। नागर ने सुनवाई के दौरान सूचना आयोग को बताया कि यह जानकारी उनके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि उनकी बेटी की कस्टडी उनके ससुराल वालों के पास है। दरसल कोटा निवासी नागर की शादी ग्वालियर में हुई थी। पर शादी के बाद पारिवारिक मतभेद होने पर उनकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर ग्वालियर में अपने परिवार वालों के साथ रहने लगी। डाइवोर्स और चाइल्ड कस्टडी के लिए भी मामला अदालत में चल रहा है। आयोग ने पूछा अपराध कैसे निजी जानकारी?सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सुनवाई के दौरान ग्वालियर पुलिस से यह पूछा किसी व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड व्यक्तिगत जानकारी कैसे हो सकती है? सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी अपराध समाज के विरुद्ध किया जाता है और समाज में रहने वाले व्यक्तियों को जानने का अधिकार है कि अपराध किनके द्वारा किया जा रहा है ताकि वह अपने आप को सजग और सुरक्षित रख पाए। पुलिस के जानकारी रोकने पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि अगर अपराध को निजी जानकारी की श्रेणी में रखा जाए तो हर अपराधी अपराध करने के बाद यह रहेगा कि उसके द्वारा किया गया अपराध उसका निजी विषय है और इसकी जानकारी किसी को न दी जाए। बच्चे से अलग रहे पिता को क्या जानकारी लेने अधिकार है? सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में लिखा कि ये मामला डाइवोर्स प्रकरण के चलते चाइल्ड कस्टडी और बच्चों के वेलफेयर से जुड़ा हुआ विषय है। पिता को शक है कि उनके ससुराल पक्ष के सदस्यों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है जो कि उनके बच्चे की सुरक्षा के एवं नैसर्गिक विकास के लिए उपयुक्त नहीं है। इस जानकारी को RTI में लेकर वे अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि इस RTI को लेकर सवाल ये उठना है कि अपने बच्चों से अलग रह रहे पिता को क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं? सूचना आयुक्त ने बताया बच्चों की सुरक्षा की जानकारी है अहम सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की व्यवस्था में बच्चों के प्रति दोनों ही पेरेंट्स की सामान जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। वही इस देश का संविधान बच्चों की सुरक्षा एवं उनके नैसर्गिक विकास और उनके अधिकारों की गारंटी देता है। RTI में मांगी जानकारी को पिता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए राहुल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के करीब ढाई सौ से अधिक विभिन्न कानून लागू है जो बच्चों की सुरक्षा और वेलफेयर के लिए बने हुए हैं। आयोग: बच्चों की सुरक्षा की जानकारी में पारदर्शिता जरूरी बच्चों के सुरक्षा से जुड़े मामलों की व्याख्या करते हुए सिंह ने बताया कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत परित सूचना का अधिकार कानून जीवन और स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों से भी सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुरूप अगर कोई बच्चा खतरे में है या उसकी स्वतंत्रता या जीवन को लेकर सवाल है तो इस देश का नागरिक बच्चों से जुड़ी हुई जानकारी को जानने का अधिकार रखता है ताकि संविधान के अनुरूप बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। आयोग के बाद 5 दिन में मिली जानकारीराज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने ग्वालियर एसपी के जानकारी रोकने के आदेश को खारिज कर दिया। आयोग से जानकारी मिलने के आदेश के बाद ग्वालियर पुलिस ने आवेदक को जानकारी प्रेषित भी कर दी है। जानकारी को अवैध तरीके से रोकने के लिए तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस जारी कर भोपाल तलब किया है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

पुलिस आरक्षक का मंदिर में रिश्वत लेने का विडियो वायरल

The viral video depicts a police constable accepting a bribe inside a temple. कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी के न्यायालय परिसर में एक आरक्षक का खुलेआम रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस वर्दी में एक आरक्षक कुछ युवकों से रुपए लेते दिख रहा है। इस दौरान किसी ने यह पूरा वाक्या मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। हालांकि सहारा समाचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत लेने वाला आरक्षक कुठला थाने में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि आरक्षक काफी समय से कुठला थाने से चालानी पेपर लेकर न्यायालय में आ रहा हैं। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि न्यायालय परिसर में आरक्षक युवकों से किस बात के रुपए ले रहा है। इधर वीडियो सामने आने के बाद इस वायरल वीडियो की जांच की भी पुलिस के द्वारा बात की जा रही है। अगर इसमें अवैध तरिके से आरक्षण पैसा लेते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जा सकती है। फिलहाल आरक्षक का पैसे लेते वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्ती से रोक, अवैध परिवहन में 4 वाहन जब्त.

Stringent measures to curb illegal mining, transportation, and storage of minerals, with the seizure of 4 vehicles involved in unauthorized transportation. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार’ बालाघाट बालाघाट। जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की 21 नवम्बर को हुई बैठक तथा कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा 5 दिसम्बर को जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्ती से रोक लगाये जाने के निर्देश दिये गए थे। निर्देश का पालन करते हुये खनिज अधिकारी श्री आर. के. खातरकर, खनिज निरीक्षक श्री सुरेश कुमार कुलस्ते एवं मुकेश वाडिवे द्वारा लालबर्रा क्षेत्र का 6 दिसम्बर बुधवार को औचक निरीक्षण कर बिना अभिवहन पारपत्र (ई.टी.पी.) के खनिज रेत तथा गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 04 वाहनों डम्फर- एमएच-35एजे-3213, ओडी-23-एल-4944, एमपी-22-जेसी-3510 तथा एमपी-28-एच-4427 को जप्त कर थाना लालबर्रा परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। निर्देश के उल्लंघनकर्ता सईद हनीफ खान निवासी बोरी बरघाट, सईद अब्दूल जफ्फार निवासी सिवनी, देवेंद्र लक्ष्मीप्रसाद निवासी बरघाट तथा सुंदरलाल चम्पतलाल अहाने निवासी ओमठ छपारा के विरूद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण कायम किया गया है।

स्लीमनाबाद पुलिस ने अवैध शराब पर की कार्यवाही.

Sleemnabaad police took action against illegal alcohol. Special Correspondent Sahara Samachaar Katniकटनी, पुलिस अधीक्षक कटनी अभिजीत कुमार रंजन के निर्देशन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया द्वारा मुखबिर की सूचना पर एक व्यक्ति को।मोटर सायकिल से अवैध शराब लेकर जाते हुए पकड़ा गया।कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए स्लीमनावाद थाना प्रभारी अखिलेश दहिया ने बताया की मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी द्वारा तत्काल टीम को रवाना किया गया। मौके पर पहुचकर आरोपी विमल चौधरी पिता स्व. विजय चौधरी निवासी तेवरी के कब्जे से 96 पाव देशी प्लेन एवं 48 पाव लाल मसाला कुल 144 पाव मदिरा कीमती 14400 रूपये के साथ गिरफ्तार किया गया। अवैध शऱाब एवं मोटर सायकिल को जप्त कर आरोपी से पूछताछ की गयी जिसके द्वारा बताया गया कि विजय जायसवाल निवासी लखनवारा के द्वारा पैसे देकर शराब बुलवाई गई थी, आरोपी विमल चौधरी निवासी तेवरी एवं विजय जायसवाल निवासी लखनवारा के विरूद्ध धारा 34 (ए) आबकारी एक्ट 109 ताहि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना लिया गया।

रीवा लोकायुक्त टीम ने केंद्रीय विद्यालय के रिश्वतखोर प्राचार्य को 19000/ कि रिश्वत लेते हुए आज धर दबोचा.

Lokayukta team in Rewa today caught the corrupt principal of a central school accepting a bribe of Rs. 19,000. रीवा। रीवा लोकायुक्त पुलिस टीम ने केंद्रीय विद्यालय रीवा के रिश्वतखोर प्राचार्य को रिश्वत कि रकम लेते हुए आज धर दबोचा है, जहाँ लोकायुक्त टीम ने आवेदक सत्य प्रकाश पिता सत्येंद्र कुमार प्रभाकर निवासी पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 कर्मचारी आवास टाइप रीवा उच्च श्रेणी लिपिक (एस एस )केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा कि शिकायत पर कार्यवाई करते हुए विद्यालय के आरोपी प्राचार्य सतपाल सिंह पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा को रिश्वत कि राशि ₹. 19000 लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में पकड़ लिया गया है, लोकायुक्त ने बताया कि..आरोपी प्राचार्य जो अपने ही कार्यालय में पदस्थ एस एस लिपिक से 200000 रुपए के इंटरएक्टिव पैनल क्रय करने के बाद बिल के भुगतान के लिए बिल का 12% कमिशन के रूप में रिश्वत कि मांग कि थी, जिसे आज दिनांक 07.12.2023 को ₹19000 की रिश्वत लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में रंगे हाथ पकड़ा गया है, *ट्रेपकर्ता अधिकारी* प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक, ट्रेप दल के सदस्य प्रवीण सिंह परिहार के साथ निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह सहित 15 सदस्यीय टीम शामिल रही।

पुराने वाहनों पर 15 दिसंबर तक ही लग सकेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट.

High-security number plates can only be affixed on old vehicles until December 15th. भोपाल । एक अप्रैल 2019 से पहले के पुराने वाहनों में हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट(एचएसआरपी)लगवाने के लिए परिवहन विभाग ने अंतिम तिथि 15 दिसंबर रखी है। लोग एसआइएएम पोर्टल पर एचएसआरपी लगवाने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें संबंधित वाहन मालिक, इंजन नंबर, पता व अन्य जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं वाहन-चार पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करने के बाद निर्धारित शुल्क जमा करके संबंधित वाहन कंपनी के नजदीकी शोरूम पर जाकर कागजात दिखा कर एचएसआरपी लगवा सकते हैं। बता दें कि पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगवाने को लेकर वाहन मालिकों में असमंसज है। लोगों जानकारी नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। वाहन डीलरों का भी कहना है कि उनके पास पुराने वाहन मालिक कम ही संख्या में एचएसआरपी लगवाने के लिए शोरूमों पर पहुंच रहे हैं।

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