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मप्र को मिले 14 नए आईएफएस, इनमें 5 प्रदेश के मूल निवासी.

Madhya Pradesh has been allocated 14 new Indian Forest Service (IFS) officers, out of which 5 officers are originally from the state. राज्य के चयनित 8 नए आईएफएस को दूसरे प्रदेश का कैडर आवंटित भोपाल। केंद्रीय कार्मिक विभाग ने 2023 बैच के लिए सिलेक्टेड 140 आईएफएस में से 13 को मध्य प्रदेश के लिए आवंटित किया है। इनमें से 5 आईएफएस प्रदेश के मूल निवासी हैं। इस सूची में 14 आईएफएस अधिकारी मध्य प्रदेश से चयनित हुए हैं, जिसमें से 8 आईएफएस अफसर को दूसरे राज्य के कैडर आवंटित किए गए हैं। *प्रदेश के लिए आवंटित आईएफएस 13 आईएफएस अजय गुप्ता, प्रज्जवल चौरसिया, आकाश साहू, अलकापुरी गोस्वामी, चंचल पवार, शोभित जोशी, हर सिमरन सिंह चीमा, अपूर्व, बिहारजसवंत सिंह मीना, रमेश चंद्र मीना, राजस्थानकृष्णा प्रसाथ, विशाल कुमार, कुमार साहू, जयप्रकाश, यश ढोबले, उदयन सुबुद्धि, गौरव शर्मा, तन्मय कौशिक, अथर्व तिवारी, आकांक्षा जैन, चंद्र प्रकाश अग्रवाल, असम मेघालय और उपमा जैन.

बरगी अनुभाग के सीएसपी सुनील नेमा का नहीं छूट रहा थानेदारी से मोह.

Bargi subdivision CSP Sunil Nema is not relieved from the police station due to attachment. थाने के स्टाफ से करवा रहे खुलेआम वसूली, नहीं मिलने पर थाने में कर देते हैं बंद होटल संचालकों, ठेकेदारों और चरगंवा सड़क बनी उनके लिए कमाऊपूत, साहब की मनमानी से तिलवारा थाना का स्टाफ परेशान संतोष तोमर भोपाल। सीएसपी नेमा अपराध पर कंट्रोल करने की बजाय तिलवारा थाने की थानेदारी में खर्च कर रहे ज्यादा ऊर्जा भोपाल। पुलिस विभाग में जमावट से जबलपुर क्षेत्र के बरगी अनुभाग में पदस्थापना पाने में सफल रहे एक सीएसपी सुनील नेमा की मनमानी के खूब चर्चे हैं। उनका कार्यालय के नीचे तल में स्थित तिलवारा थाना से मोह नहीं छूट रहा है। इन दिनों वे थाना से पर्याप्त वसूली नहीं मिलने से वे खासे परेशान हैं। यही वजह है कि वसूली को लेकर वे पुलिस वालों पर अप्रत्यक्ष रूप से रोब झाड़ रहे हैं। दबाव में आकर कुछ पुलिस कर्मी उनके इस विशेष वसूली अभियान को अंजाम देने में लगे हैं। उनके इस कारनामे से पूरा स्टाफ परेशान होना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार थानांतर्गत क्षेत्र में जब से सीएसपी पदस्थ हुए हैं, तभी से यहां उनकी तानाशाही और मनमानी के नए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। कहा तो ये जा रहा है कि वे क्षेत्र के कई होटल संचालकों को बुलाकर उनसे खूब शुभ-लाभ कर रहे हैं। उन्हें दक्षिणा पर ही भरोसा है। बताया जा रहा है कि बरगी क्षेत्र में लंबे समय से पदस्थ सीएसपी सुनील नेमा अपराध पर कंट्रोल और लोगों को न्याय दिलाने की अपने वे तिलवारा थाने की थानेदारी करने में ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे हैं। वे अपनी कुर्सी का रोब दिखाते हुए रेत, गिट्टी और मुरूम खदान खोदने में लगे हैं। इसके अलावा ठेकेदारों को खुलेआम धमकी भी दे रहे हैं कि यदि उनका हिस्सा नहीं दिया तो ठेकेदारी निकल जाएगी। उनकी जेसीबी जब्त कर कई गुना वसूली करने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, सीएसपी सुनील नेमा की हरकतों से टीआई भी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं। उनकी ही जी हुजूरी में उनका दिन निकल रहा है। साहब के रोब के कारण स्टाफ में काना-फूसी चलती रहती है, हालांकि वे अपने दर्द किसी को बंया नहीं करते हैं। सबसे बड़ा कमाई का उनका अड्डा चरगंवा रोड बना हुआ है। वे कभी भी इस रोड पर ट्रकों की लाइन लगाकर चेकिंग के नाम पर वसूली करने पहुंच जाते हैं। पांच सितारा होटल में करते हैं नाश्तासीएसपी सुनील नेमा को महंगे से महंगे होटलों में खाना और नाश्ता करने का शौंक है। वे प्रतिदिन अपने बेटे के साथ पास के ही एक पांच सितारा होटल में जिम करने जाते हैं। वहीं बेटे के साथ वेज-नॉनवेज खाना का भी आनंद उठाते हैं। वहीं उनके ऑफिस के सामने एक ढाबा संचालित है। जिसको वसूली में देरी होने पर कभी भी थाने में बुलाकर बैठा िलया जाता है। बता दें, यह खबर अपुष्ट सूत्रों पर आधारित है।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

अवैध उत्खनन का खेल, गरीबों के नहीं बन रहे आशयाने कंपनी हो रही मालामाल, खुलेआम शासन के राजस्व पर लूट, नियम कायदे सिर्फ कागज़ों में, अधिकारी मौन.

The game of illegal excavation is in progress, and companies are amassing wealth while the poor are unable to secure dwellings. There is blatant looting of public revenue under the guise of open governance, rules and regulations exist only on paper, and officials maintain silence. Special Correspondent, Sahara Samachaar Katni. कटनी। नियम कानून को रौदकर जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगाम लगा पाने में संबंधित विभाग लगातार नाकामयाब साबित हो रहा है। कहने को विष्टा रेत कंपनी का ठेका समाप्त होने के बाद धनलक्ष्मी नामक रेत कंपनी ने जिले की सभी खदानें ले ली। स्वीकृत खदानों में से सिर्फ चार खदानें ऐसी हैं जहां पर वर्तमान में विभाग ने उत्खनन की स्वीकृति प्रदान कर रखी है। कागजों में स्वीकृत चार खदानों के अलावा कई ऐसी खदानें वर्तमान में हैं जहां से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से हो रहा है। रेत कंपनी जिस अंदाज में बगैर अनुमति रेत का अवैध उत्खनन कर रही है उससे यह कहना गलत नहीं होगा की कंपनी को संबंधित विभाग का संरक्षण प्राप्त है। गत रात्री रेत का अवैध उत्खनन कर जा रहे एक ट्रक को ग्रामीणों ने रोक कर जब दस्तावेजों की जांच की तो जो बातें सामने आई वह बेहद चौंकाने वाली हैं। ग्रामीणों के दस्तावेज पूछने पर यह सिद्ध हुआ कि स्वीकृत खदान की टीपी लेकर गाड़ी किसी दूसरी खदान से अवैध उत्खनन कर देर रात निकल रही थी। उक्त घटना के बाद काफी देर तक गांव में हंगामे की स्थिति निर्मित रही बाद में किसी अधिकारी की मध्यस्थता के बाद ट्रक आगे की ओर रवाना हुआ। यह था मामलासूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक हाईवा क्रमांक MP 20 ZE 5577 गत रविवार की देर रात बड़वारा थाना क्षेत्र के ग्राम लदहर से रेत लोड कर के जा रहा था। ट्रक का पीछा करते हुए ग्रामीणों ने ट्रक को ग्राम सकरीगढ़ में रोक लिया। रेत से लदे ट्रक के चालक से जब ग्रामीणों ने दस्तावेज के संबंध में पूछताछ की तो चालक ने जो दस्तावेज उन्हें दिखाएं उसमें टीपी जजागढ़ रेत खदान की मौजूद थी। जजागढ़ की टीपी के जरिए रेत कंपनी का उक्त ट्रक लदहर से रेत लोड करके जा रहा था। लदहर रेत खदान से अभी तक कंपनी को रेत उत्खनन की स्वीकृति नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि बगैर स्वीकृति के ही उक्त खदान में धड़ल्ले से रेत के उत्खनन का खेल दिन-रात चल रहा है। बेखौफ चल रहा उत्खननरेत के अवैध उत्खनन को लेकर दो दिन पहले ही जिले के समीप वर्ती जिले शहडोल में रेत माफियाओं ने पटवारी को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। शहडोल की ही तरह कटनी में भी रेत माफिया गहरे तक अपनी जड़े जमा चुके हैं। पिछले रिकॉर्ड को अगर याद करें तो कटनी में भी मारपीट, गोलीबारी जैसी घटनाएं रेत माफियाओं के द्वारा घटित की जा चुकी हैं। पुरानी कंपनी की तर्ज पर नई कंपनी भी रेत की अवैध उत्खनन में अपने हाथ जमाने लगी है। महज चार खदानों की स्वीकृत होने के बावजूद कंपनी कई अन्य खदानों से रेत का उत्खनन कर स्वीकृत खदान की टीपी के जरिए सप्लाई कर रही है। वर्तमान समय में रेत के दाम आसमान छू रहे हैं। अवैध रूप से निकाली जा रही रेत पर कंपनी को किसी प्रकार का टैक्स तो देना नहीं पड़ेगा, लेकिन मिली भगत करके कंपनी व संबंधित जिम्मेदार लोग मोटा मुनाफा कमाने में जुट गए हैं। रेत का अवैध उत्खनन कर कंपनी जहां एक तरफ शासन को टैक्स का चूना लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता की जेब पर डाका डालकर अपनी तिजोरी भर रही है जिम्मेदार कार्यवाही नहीं कर रहे यह एक सोचनीय विषय है

जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की लापरवाही का सिलसिला जारी, कार्यवाही के नाम पर रस्म अदायगी, प्रसूता की हुई मौत.

The saga of doctors’ negligence continues at the district hospital, with formalities being carried out in the name of disciplinary action, leading to the unfortunate death of a pregnant woman. Special Correspondent – Sahara Samachaar Katni. कटनी। जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय बिगड़ती जा रही हैं ऐसे डॉक्टर है जो स्वयं के क्लीनिक चला रहे हैं जिला अस्पताल में दो दिन बाद फिर एक बार डॉ की लापरवाही से प्रसूता की मौत लागतार डॉक्टरों की लापरवाही से प्रस्तुओ की मौत होने का सिलसिला थम ही नही रहा है। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ जांच का अस्वाशन देकर परिजनों को शांत करा दिया जाता है लेकिन आज तक किसी पर ठोस कार्यबाही नही होने के कारण लापरबाही का रवैया अपनाते हुए डॉक्टर अपने प्राइवेट डिस्पेंसरी में लगे रहते है जानकारी के अनुसार बताया गया है कि विजयराघवगढ़ से आयी प्रसूता की इलाज दौरान मौत विजयराघवगढ़ से आई शालिनी तिवारी पति राजू तिवारी 28 वर्ष कारितलाई निवाशी कल विजयराघवगढ़ में कल शाम 8 बजे स्वास्थ केन्द्र में प्रसव हुआ जिसमें लड़का हुआ था महिला की हालत गम्भीर होने के कारण जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया था जहाँ पर महिला को किसी भी डॉक्टर ने नही देखा रात में डॉक्टर सुनीता वर्मा को अस्पताल से कॉल गया था आधे घण्टे करते करते सुबह 5 बजा दिया, फिर परिजनों को कही ओर ले जाने की सलाह स्टाफ द्वारा दी गयी। जहाँ परिजन शारदा हॉस्पिटल ले गए लेकिन से भी बोल दिया गया था कि जबलपुर ले जाओ लेकिन महिला की मौत हो गयी परिजनों द्वारा डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया कि इलाज में बेपरवाही की गई जिससे प्रसूता की मौत हो गयी गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ही चौधरी परिवार की एक महिला ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था जिससे उसके परिवारजनो ने लापरवाही का आरोप लगाया था.

रेत माफिया ने पटवारी को फिर ट्रैक्टर से कुचला.

The sand mafia then ran over the revenue officer with a tractor. Special Correspondent शहडोल/ब्यौहारी, शहडोल जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर ब्यौहारी के ग्राम गोपालपुर बुढ़वा में रेत माफिया ने पटवारी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। घटना को बीते शुक्रवार की रात को उस समय अंजाम दिया गया जब पटवारी अवैध रेत परिवहन होने की सूचना पाकर दल के साथ उसे रोकने गए थे। तभी ट्रैक्टर ड्राइवर से पटवारी प्रसन्ना सिंह की कहासुनी हुई। पटवारी ने रेत के अवैध परिवहन का विरोध किया जिससे गुस्साए ड्राइवर ने उन्हें कुचलकर मार डाला और फरार हो गया। बता दें बुढ़वा से लगे गोपालपुर, सथनी आदि ग्रामों में रेत का सालों से अवैध परिवहन हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार उसे रोकने का अनुरोध किया लेकिन कुछ नहीं हुआ। थाना देवलोंद की पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। बताते हैं कि घटना स्थल पर अन्य लोग भी थे जो भाग गए।

किस्त चुकाने के बाद भी फाइनेंस कंपनी ने महिलाओं से ले रही पैसे, महिलाओं ने लगाई गुहार.

Even after repaying the installment, the financial company is taking money from women, and women have raised objections. Special Correspondent कटनी । आधा दर्जन से अधिक महिलाएं स्मॉल फाइनेंस बैंक से परेशान होकर माधवनगर थाना प्रभारी के पास जा पहुंची। जहां उन्होंने बताया कि उनके द्वारा 2018 में फिनो स्मॉल फाइनेंस बैंक से 9 लोगों ने समूह बनाकर 25 हजार से लेकर 35 हजार रुपए का लोन लिया था, जिसकी साप्ताहिक किस्त 2 हजार रुपए एजेंट आकर ले जाते थे। इस तरह 2020 में पूरा पैसा चुक गया, लेकिन शासन से मिल रही राशि लाडली बहना की 1250 रुपए और मजदूरी का पैसा भी बैंक द्वारा लगातार काटा जा रहा था। जिसकी शिकायत लेकर बैंक पहुंचे तो उन्होंने कर्ज होना बताया है जबकि हमारे द्वारा पूरा पैसा चुका दिया गया है, इसी की शिकायत लेकर बुधवार को माधवनगर थाना प्रभारी मनोज गुप्ता से न्याय दिलाने की गुहार लगाने आए थे, जिन्होंने जांच करने की बात कही है। आपको बता दें कि सभी महिलाएं स्लिमानाबाद थाना क्षेत्र के सरस्वाही ग्राम की बताई गई है, जो शिकायत करने थाने पहुंची थीं। गोमती बाई ने बताया कि उसने भी 35 हजार का लोन लिया, जो लगातार किस्त देती गई लेकिन सालभर के अन्दर ही उसके पति की मौत हो गई। लेकिन अब बैंक वाले उन्हें धमकी दे रहे हैं। पैसे तो देने ही होंगे फिलहाल मामले की शिकायत मिलते ही माधवनगर थाना प्रभारी मनोज गुप्ता ने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही 2 पुलिसकर्मियों को तत्काल फिनो स्मॉल फाइनेंस बैंक भेजते हुए जांच के निर्देश जारी किए हैं।

शासकीय राशि का गमन एवं अनियमियता पर सरपंच से होगी वसूली, जिला पंचायत सीईओ ने आरसीसी के तहत वसूली हेतु तहसीलदार को दिए निर्देश.

Recovery of government funds and irregularities will be done through the Sarpanch, as directed by the District Panchayat CEO under the RCC, instructions given to the Tehsildar for the collection process. Special Correspondent कटनी । विकासखंड बहोरीबंद की ग्राम पंचायत डिहुटा के तत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर और अन्य चार के द्वारा सुदूर सड़क के निर्माण में वित्तीय अनियमितता कर, शासकीय धन का गबन और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाए जाने के फलस्वरुप पांच अनावेदकों तत्कालीन सचिव, जीआरएस, उपयंत्रियो से 1,32,639 रुपए की वसूली निर्धारित की गई थी। अंगद सिंह को छोड़कर इन चार ने जमा की राशितत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर को छोड़कर जागेश्वर विश्वकर्मा तत्कालीन सचिव, मुस्ताक मोहम्मद ग्राम रोजगार सहायक, एस के पांडे और एम के कौशल तत्कालीन उपयंत्री द्वारा प्रकरण सुनवाई के दौरान वसूली योग्य अधिरोपित राशि जमा कर दी थी। इसलिए हुई कार्रवाई क्योंकि पेशी में तत्कालीन सरपंच अनुपस्थित रहे और न ही दिया जवाबआपको बता दें कि प्रकरण में सुनवाई हेतु विहित प्राधिकारी एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने ग्राम पंचायत डिहुंटा के तत्कालीन सरपंच (प्रधान) अंगद सिंह ठाकुर को वित्तीय अनियमितता को लेकर निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर जवाब देने हेतु लेख किया था। किंतु श्री ठाकुर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे और जवाब प्रस्तुत नही किया। आरसीसी के तहत होगी वसूली और 6 साल के लिए निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित जिला पंचायत के सीईओ एवं विहित प्राधिकारी श्री गेमावत ने तत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर के विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित करते हुए अधिरोपित वसूली योग्य राशि 36844 रुपए , भू राजस्व की भांति वसूल करने के निर्देश तहसीलदार बहोरीबंद को दिए हैं तथा कार्रवाई प्रारंभ होने की जाने से 6 वर्ष की कालावधि के लिए किसी पंचायत (या ग्राम निर्माण समिति तथा ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति) का सदस्य होने के लिए निर्वाचन से निर्हरित घोषित किया है। शिकायतकर्ता प्रकाश चंद्र गुप्ता द्वारा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम पंचायत डिहुंटा में सुदूर सड़क निर्माण शांति नगर में बीच नहर की पुलिया से मुख्य नहर तक के निर्माण में फर्जी भुगतान की शिकायत की गई थी। शिकायत का परीक्षण,अनुश्रवण एवं जनपद पंचायत सीईओ बहोरीबंद से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शासकीय धन का गबन और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाया जाना परिलक्षित हुआ। तत्पश्चात आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की जाकर उक्त कार्यवाही हुई।

उज्जैन लोकायुक्त ने लाइनमैन और मीटर रीडर पांच हजार की घूस लेते पकड़ा.

Lokayukta of Ujjain caught a lineman and a meter reader taking a bribe of five thousand rupees. Manish Trivedi – Sahara Samachaarआगर-मालवा:- उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने आगर-मालवा लाइन मैन और मीटर रीडर पांच हजार की घूस लेते दबोचा. बिजली कंपनी के लाइनमैन और मीटर रीडर को 5 हजार की रिश्वत के प्रकरण में लोकायुक्त ने दबोचा. दरबारसिंह सौंधिया निवासी बरखेड़ा ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि उनकी कृषि भूमि पर मोटर चलाने के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए दो महीने पहले आवेदन दिया था, लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। गुराडिय़ा उपकेंद्र के लाइनमैन रामधीन अहिरवार और मीटर रीडर करण सिंह गुर्जर ने 11000 रुपए मांगे। लाइनमैन की मौजूदगी में गुर्जर ने जैसे ही 5000 लिए लोकायुक्त ने दोनों को पकड़ लिया।

लोकायुक्त ने ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हांथो पकड़ा, कार्यपालन यंत्री।

Lokayukta caught the contractor red-handed taking a bribe of 15 thousand rupees, the Executive Engineer. Manish Trivedi ग्वालियर:- पीडब्ल्यूडी का कार्यपालन यंत्री ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया। लोकायुक्त ने मंगलवार को मेला मैदान में घूसखोर को दबोच लिया. तीन दिन पहले कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता ठेकेदार से 55 हजार रुपए ऐंठ चुका था। रिश्वत की दूसरी किस्त वसूलने के लिए उसने ठेेकेदार को मेला मैदान में बुलाया। ठेकेदार पैसों के साथ लोकायुक्त टीम को भी लेकर पहुंचा। ठेकेदार महेंद्र सिंह बैस ने बताया भिंड में कलेक्टर बंगले पर बिजली का काम किया है। इसका 4 लाख 20 हजार रुपए का बिल बना। अभी जो काम चल रहा है उसका बिल 2 लाख 72 हजार रुपए है। इन बिलों को कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता को पास करना था। उसके बदले गुप्ता 70 हजार रुपया घूस मांगी। पैसा नहीं दिया तो उसने ठेकेदार का बिल रोक दिया। पहली किस्त में 55 हजार रुपए देकर ठेकेदार ने कहा कि अब तो बिल पास कर दो, लेकिन गुप्ता पूरी रकम वसूले बिना बिल पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं था।

कलेक्टर ने किया नेहरू नगर, रंगमहल, बागसेवनिया, दानिश एवं बिट्टन मार्केट चौराहों का निरीक्षण.

Collector inspected Nehru Nagar, Rangmahal, Bagsevaniya, Danish, and Bittan markets yesterday. ट्रैफिक जाम एवं अव्यवस्था से निजात पाने इन चौराहों का होगा चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण, चौराहों के अवैध अतिक्रमण हटाये जायेंगे। फ्री लेफ्ट टर्न का चलाया जायेगा अभियान, नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी को प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के दिये निर्देश. साकिब कबीरभोपाल: कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार की सुबह नेहरू नगर चौराहा, रंगमहल चौराहा, बागसेवनिया चौराहा, दानिश चौराहा एवं बिट्टन मार्केट चौराहा का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त फ़्रेंक नोबल ए, एडीएम श्री हरेन्द्र नारायण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह ने निरीक्षण के बाद कहा कि इन चौराहों पर आये दिन ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है जिससे उत्पन्न अव्यवस्था के चलते कई बार हादसे भी देखे गये है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिये चौराहों का चौड़ीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने एवं जाम की समस्या से निजात पाने के लिये यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन चौराहों का सौंदर्यीकरण भी होगा। उन्होंने चौराहों के चौड़ीकरण में डिवाइडर एवं फ्री लेफ्ट टर्न को सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिये जिससे ट्रैफिक का मूवमेंट व्यवस्थित रहे और जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही चौराहों पर स्थित अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जायेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित विभागों नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी को चौराहों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिये की जाने वाली प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये

नातीराजा के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज, 12 अन्य कांग्रेस समर्थक भी बनाए गए आरोपी

Case has been registered against an attempted murder of Nati Raja, with 12 other Congress supporters also accused. Udit Narayanभोपाल। छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा के ड्राइवर सलमान की मौत के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित 21 लोगों के खिलाफ हत्या एवं हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब भाजपा के दबाव में नातीराजा सिह एक दर्जँन लोगों के खिलाफ भी धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हो गया।घटना मतदान के पूर्व की रात की थी। जैसे ही मतदान निबटा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह राजनगर पहुंच गए और भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे दिया। पुलिस अधीक्षक छतरपुर के आश्वासन के बाद दिग्विजय ने रात पर चला अपना धरना तो समाप्त कर दिया लेकिन यह दांव नातीराजा के लिए उलटा पड़ गया। अगले ही दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पूरी भाजपा सक्रिय हो गई। पुलिस महानिदेशक और निर्वाचन आयोग को शिकायत कर अरविंद पटैरिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया गया। भाजपा ने कहा कि सलमान की मौत के लिए नातीराजा ही जवाबदार हैं। नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने नातीराजा सहित कांग्रेस के अन्य 12 समर्थकों के खिलाफ भी पुलिस ने हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया। वीडी शर्मा ने आज छतरपुर में भाजपा के तमाम नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा और दाेषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिवपुरी में मतदान के बाद देर रात दो गुटों में खूनी संघर्ष, इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़।

Bloody clash between two groups late night after voting in Shivpuri, three people died during treatment. शिवपुरी में मतदान के बाद पुरानी रंजिश के चलते हुआ पथराव, आगजनी और गोलीकांड। दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग हुए घायल, एक महिला सहित तीन की इलाज के दौरान मौत। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / शिवपुरी। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के चकरामपुर गांव में 17 नवंबर को मतदान के बाद दो गुटों में रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। पथराव, आगजनी और गोलीकांड में दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए पहले नरवर फिर ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान शनिवार को ग्वालियर में एक महिला और दो युवकों की मौत हो गई। हिंसा के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ गांव में मौजूद हैं। योगेंद्र उर्फ गोला पुत्र मुन्ना भदौरिया का गांव के ही दिनेश कुशवाह से दो माह पहले विवाद हो गया था। तभी से दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही थी। 17 नवंबर को वोटिंग के बाद रात में दोनों परिवारों के युवकों में रंजिश को लेकर विवाद हो गया। इसके कुछ देर बाद ही दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों गुटों ने लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में कुशवाह समाज के एक युवक को गोली लग गई। इस खूनी संघर्ष के दौरान हुई आगजनी में एक बोलेरो कार भी जलकर राख हो गई। खूनी संघर्ष में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशा देवी उम्र 55 वर्ष, भाई लक्ष्मण और हिमांशु सेंगर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त मुन्ना भदौरिया के दो बेटे राजेंद्र भदौरिया और भोला भदौरिया घायल हुए थे। सभी घायलों को पहले नरवर के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से सभी घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। इस झगडे़ में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशादेवी और आशादेवी के भतीजे हिमांशु सेंगर और लक्ष्मण भदौरिया की ग्वालियर में मौत हो चुकी है। कुशवाह परिवार के सदस्यों का उपचार भी ग्वालियर के अस्पताल में जारी है। करैरा एसडीओपी शिवनारायण मुकाती ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों पर बलवा सहित हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। एक पक्ष के तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने अब हत्या की धारा बढ़ाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

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