उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक नामांकन फार्म भर सकेंगे, 31 अक्टूबर को होगी की समीक्षा.
Candidates can fill out the application form until October 30, and the review will take place on October 31.
Candidates can fill out the application form until October 30, and the review will take place on October 31.
As soon as the second list of the Congress party comes, there is an uprising across the entire state.
Permission must be obtained before advertising on social media, as per the guidelines issued by the commission.
इंदौर-3 से कांग्रेस ने पिंटू जोशी (दीपक)को उम्मीदवार बनाया है।इनके पिता स्व.महेश जोशी संजय गांधी के करीबी थे।कमलनाथ और महेश जोशी दोनों युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महा.थे।दिग्विजय सरकार में भी महेश जोशी रसूख़दार मंत्री थे।इनके चचेरे भाई अश्विन जोशी भी 3 बार इस सीट से विधायक रहे है। निवाड़ी से कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए भाजपा नेता अमित राय को उम्मीदवार बनाया है अमित राय की माँ निवाड़ी जिपं की अध्यक्ष है।ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस यहां रोशनी यादव पर दांव चल सकती है लेकिन मीरा यादव के सपा से चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने रोशनी को टिकट देना उचित नही समझा। कांग्रेस ने ग्वालियर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था इनका मुकाबला सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से है पिछला उपचुनाव भी ये प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ लड़े थे जहां इन्हें काफी मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।सुनील क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने वाले नेता माने जाते है। खुरई सीट से कांग्रेस पार्टी ने रक्षा राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है रक्षा पिछले कई वर्षों से खुरई में सक्रिय है उनका मुकाबला प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह से है खुरई भाजपा की बेहद मजबूत सीट मानी जाती है,भूपेंद्र सिंह ने यहां भाजपा की जड़े को गांव-गांव में जमाया है। कांग्रेस पार्टी ने खातेगांव से मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले स्व कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया है।दीपक जोशी 2003 से लेकर 2018 तक विधायक रह चुके है।पिछला चुनाव वह हार गए थे।वही खातेगांव से भाजपा ने आशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सीधी से ज्ञान सिंह को उम्मीदवार बनाया है ज्ञान सिंह वर्तमान में सीधी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष है।वह अजय सिंह के बेहद करीबी है वहां भाजपा ने रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायक केदारनाथ टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। कांग्रेस पार्टी ने मुरैना से दिनेश गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया है।पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक राकेश मावई की टिकट काट कर दिनेश गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है है यह सीट गुर्जर बहुल्य है।फिलहाल दिनेश गुर्जर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की परंपरागत सीट रहली से इंजीनियर ज्योति पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।ज्योति वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है कांग्रेस ने यहां ओबीसी कार्ड चला है अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस अभेद किले पर ज्योति सेंध लगाने में कामयाब होती है या नहीं! कांग्रेस पार्टी ने भिंड से चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है जब से वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे तब से वह नेपथ्य में चल रहे थे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एक नया राजनीतिक जीवन दान दिया है अब देखना होगा वह इस अवसर को किस तरह भुनाते हैं। कांग्रेस पार्टी ने रीवा से इंजी.राजेंद्र शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं उनकी छवि साफ सुथरी है ये अच्छे उद्यमी भी है।वही यह सीट भाजपा की मजबूत सीटों में एक है यहां इनका मुकाबला मंत्री राजेंद्र शुक्ला से है जो मजबूत स्थित में है। कांग्रेस ने मैहर से धर्मेश घई को उम्मीदवार बनाया है धर्मेश घई मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके है यह पंजाबी समाज से आते हैं जिनकी संख्या मैहर में बहुत कम है।यह सीट ब्राह्मण-कुर्मी बाहुल्य है इसके बाद भी पार्टी ने इनको उम्मीदवार बनाया है।ये अजय सिंह व प्रवीण कक्कड़ के करीबी है। कांग्रेस ने निधि जैन को सागर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है निधि हाल ही में सागर नगर निगम का चुनाव लड़ी थी जहां उन्हें शिकायत झेलनी पड़ी थी।इनका मुकाबला इनके पति के सगे बड़े भाई शैलेंद्र जैन से होगा जो वर्तमान में सागर के विधायक व भाजपा के उम्मीदवार हैं। देवतलाव से कांग्रेस ने पद्मेश गौतम को उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान विस अध्यक्ष एवं भाजपा उम्मीदवार गिरीश गौतम के सगे भतीजे हैं।इन्होंने हाल ही में हुए पंचायती चुनाव में विस अध्यक्ष के बेटे राहुल गौतम को जिला पंचायत के चुनाव में करारी शिकायत दी थी,यही इनके टिकट पाने का आधार बना। कांग्रेस पार्टी ने सिरमौर की सामान्य सीट से रामगरीब आदिवासी को टिकट देकर बड़ा दांव चला है।रामगरीब आदिवासी कोल समाज के बड़े नेता है।इनका मुकाबला रीवा राजघराने की युवराज दिव्यराज सिह से होगा।कमलनाथ ने राजा के सामने रंक को मैदान में उतार दिया है।ये वही रामगरीब आदिवासी है जो 2008 में में तत्कालीन मंत्री स्व.रमाकांत तिवारी को त्योंथर से चुनाव हरा दिया था।कमलनाथ इनके मुरीद है।कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दांव चला है विन्ध्य में कोल मतदाता कई विधानसभा में निर्णायक है कमलनाथ का यह दांव चल गया तो भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है! कहते है ना जो दौड़ता है उसका भाग्य भी दौड़ता है! इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभय मिश्रा है उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है फौरन वह कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए,दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।आज उनकी जीवटता की चर्चा हर जगह हो रही है।अभय एक लड़ाई तो जीत चुके है लेकिन अभी मुख्य लड़ाई जीतना बाकी है चुनाव में उनके सामने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार केपी त्रिपाठी होंगे जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ देखी जा रही है गांव-गांव उन्होंने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है।अभय के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंदर भी खूब है अब देखना होगा वह उनसे किस प्रकार निपटते हैं!रीवा जिले की यह सबसे हॉट सीट है सेमरिया में एक बार अभय और एक बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी है दोनों विजयी हुए है KP त्रिपाठी भी एक बार ही चुनाव लड़े हैं वह भी विजय हुए है लेकिन इस बार सेमरिया की जनता असली विजेता का चयन करेगी!
मुरैना से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक रुस्तम सिंह के सुपुत्र राकेश रुस्तम सिंह ने थामा बसपा का दामन। सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।भाजपा ने यहां से गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां इस बार क्षत्रिय प्रत्याशी पर दांव चला है।
मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से तालमेल न बन पाने पर समाजवादी पार्टी बेहद खफा है. पार्टी 22 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है. समाजवादी पार्टी का ज्यादा जोर पिछड़े वर्ग और सीधा कहा जाए तो यादव मतदाताओं पर रहता है. एसपी के अलग लड़ने का राज्य के चुनावों पर कितना असर पड़ेगा. क्या यादव वोट बैंक का फायदा अखिलेश यादव उठा सकेंगे. प्रवेश सिंह, नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधान सभा की 230 में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. सिर्फ एक सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की जानी है. पार्टी ने उस सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम के बारे में मन बना रखा है. अब समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की नाराजगी की चर्चा हो रही है. विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए (इंडिया) में कांग्रेस के साथ शामिल अखिलेश ने इस पर खुल कर अपनी नाराजगी जता भी दी है. समाजवादी पार्टी का दावा था कि कांग्रेस उसे मध्य प्रदेश में कम से कम छह सीटें जरूर देगी. इस दावेदारी के पीछे पार्टी की जो भी दलील रही हो, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में उसे एक सीट पर जीत भी मिली थी. ये अलग बात है कि चुनाव के बाद हुए तख्तापलट में उस विधायक ने सत्ताधारी बीजेपी का दामन थाम लिया था. समाजवादी पार्टी की दावेदारी खासतौर से विंध्य और बुंदेलखंड इलाके में रहती है. ये इलाके उत्तर प्रदेश से लगे हैं और समाजवादी पार्टी इस सीमावर्ती इलाके के पिछड़े वोट बैंक पर अपनी दावेदारी करता है. हालांकि ऐसी ही दावेदारी बहुजन समाज पार्टी भी करती रही है. उसके भी दो-चार सीटें मिलती रही है. अगर समाजवादी पार्टी की ताकत की बात की जाय तो उसे सबसे ज्यादा आठ सीटें 2003 के विधान सभा चुनाव में मिली थी. हालांकि ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि उस समय मुलायम सिंह यादव जमीनी नेता समाजवादी पार्टी के थे. उनके साथ अमर सिंह की ताकत भी थी जो मध्य प्रदेश के क्षत्रिय समुदाय को जोड़ रहे थे. इसके अलावा ये वही दौर था जब कांग्रेस के कई नेता दिग्विजय सिंह से नाराज थे और उन्होंने पार्टी छोड़ी भी थी.
संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने अपने 28 प्रत्याशियों की छठवीं सूची जारी कर दी है। इसमें नरसिंहपुर से रिटायर्ड डीआईजी महेश प्रसाद चौधरी को टिकट दिया हैवहीं, इछावर से हरी प्रसाद सिसोदिया, बड़वाह से त्रिलोक राठौर, उज्जैन दक्षिण से मुकेश परमार, नागदा खाचरौद से सीमा गोकुल गोयल, महेश्वर से सुखराम उपाध्याय, कसरावद से केशरी लाल पिपल्दे, आगर से गंगाराम जोगचंद्र, भोपाल उत्तर से महेंद्र वानखेड़े, हुजूर से रणधीर भोजने को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, तेंदूखेड़ा रमा कुशवाह, हरदा से प्रहलाद राठौर, करेरा से शांतीदास फले, नरसिंपहुर से संजय मागर, गाडरवारा से शंकर लाल निनामा, बुरहानपुर से सुनील नायके, गुना से भगवान लाल भण्डारी, मैहर से वीरेंद्र सिंह कुशवाह, दमोह से प्रताप रोहित, बरघाट से किरन मरकाम, बसौदा से चंदा बी, नरेला से मुकेश गौर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से सुरेश उबनारे, सुरखी से सतनाम सिंह दांगी, विदिशा से द्वारिका प्रसाद धाकड़, शमशाबाद से महाराज सिंह, कुरवाई से जानकी प्रसाद और सिरोंज से तोषनी पंथी को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस हो या भाजपा, अमरपाटन, नागौद एवं रैगांव विधानसभा सीटों पर युवाओं के ही दम से जीत सम्भव है।इन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस पार्टी की तरह अपने युवा चेहरों को मौका देगी या बुजुर्गों पर फिर से दांव लगाएगी। संतोष सिंह तोमर, भोपाल /सतना।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आज देर रात कांग्रेस पार्टी ने शेष बचे 88 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते हुए प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपनी स्थिति साफ कर दी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक शेष बचे विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम सामने नहीं आ पाए हैं। सभी भाजपा की अगली सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस का महिला एवं युवा चेहरों पर फोकस। कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिला एवं युवा चेहरों पर ज्यादा फोकस कर रखा है। इसीलिए पार्टी ने इस बार अधिकतर युवा चेहरों और महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। जिसके पीछे पार्टी की मंशा अगली पीढ़ी को तैयार करने की भी दिखाई दे रही है। इसी क्रम में विंध्य क्षेत्र के सतना जिले में कांग्रेस पार्टी ने नागौद विधानसभा क्षेत्र से यूथ कांग्रेस की प्रदेशउपाध्यक्ष डॉ. रश्मी पटैल को मैदान में उतारा है, जबकि चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वर्तमान विधायक एवं युवा नेता नीलांशु चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही रेगांव विधानसभा क्षेत्र से 2020 के उपचुनाव में विजयी रहीं वर्तमान विधायक कल्पना वर्मा को पुनः चुनाव प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा को युवा नेतृत्व की दरकार है। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक विंध्य क्षेत्र के सतना जिले की सात में से चार विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए है। जबकि तीन मुख्य सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होना बांकी है। भाजपा की ओर से अभी तक घोषित चार नामों में से केवल एक रामपुर बाघेलान सीट पर युवा चेहरे के रूप में विक्रम सिंह ( विक्की ) को चुनाव मैदान में उतारा है। युवा नेता विक्रम सिंह की क्षेत्र के युवा वर्ग में बहुत अच्छी पकड़ बताई जाती है। अब बात करते हैं, बांकी बचे उन तीन विधानसभा क्षेत्रों की जहां भाजपा की ओर अभी तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। इसमें से अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां से भाजपा के वर्तमान विधायक व मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रामखेलावन पटैल को पार्टी फिर से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। मंत्री रामखेलावन का नाम उन पर लगते रहे आरोपों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहा है। मंत्री जी पर कभी जातिवादी, अभद्रता तो कभी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों के चलते क्षेत्रीय लोगों में छवी धूमिल हुई है। जिसका नुकसान इस सीट पर भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। जबकि नागौद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह का नाम भाजपा की अगली प्रत्याशी सूची में घोषित हो सकता है। लोगों की मानें तो नागेंद्र सिंह की उम्र करीब 83 वर्ष है, और वृध्दावस्था के चलते विधायक नागेंद्र सिंह अपने क्षेत्र में पहले की तरह सक्रीय नहीं रहते हैं। जिसके कारण क्षेत्र में उनकी पकड़ भी कमजोर हो रही है, जिसका फायदा यहां कांग्रेस उठाती दिख रही है। इसके बाद बात करते हैं बांकी बची रेगांव विधानसभा की जहां से कई युवा महिलाओं व युवा नेताओं ने अपनी दाबेदारी पार्टी नेतृत्व के सामने पेश की है। यहां से प्रतिमा बागरी, रानी बागरी और पुष्पराज बागरी के नाम को पैनल में शामिल किया गया है। युवा चेहरों का विकल्प युवा ही हो सकते हैं। विंध्य क्षेत्र की इन सभी सीटों पर जिस तरह कांग्रेस ने महिला एवं युवा चेहरों पर भरोसा जताया है ठीक उसी तरह भाजपा को भी अब बुजुर्ग और आरोप प्रत्यारोपों से घिरे नेताओं की जगह युवाओं को आगे लाकर अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प भाजपा का युवा नेतृत्व ही बन सकता है। क्योंकि कांग्रेस अपने युवा चेहरों को मैदान में उतारकर चुनांव मैदान में आ गई है। अब भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ताओं के साथ ही युवा वर्ग और नव मतदाताओं की नजर केवल अपने युवा चेहरों पर टिकी है,भाजपा भी अगर नए वा युवा चेहरों को अवसर देगी तो परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के ज्यादा अवसर होंगे। जिससे आने बाले समय मे भाजपा और अधिक शशक्तता व मजबूती मिलेगी,साथ ही युवाओं में एक नई उम्मीद दिखेगी। युवा चेहरों के दम ही अब नैया पर हो सकती है, क्योंकि लोगों को बुजुर्ग या विवादित छवि वाले नेताओं की अपेक्षा अत्यधिक ऊर्जावान युवा चेहरों पर ज्यादा भरोसा है।
पुष्पेंद्र सारदिया, खातेगांव खातेगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से प्रत्याशी बनाए गए दीपक जोशी को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश स्थानीय उम्मीदवार को टिकट नहीं देने से कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिए इस्तीफे कांग्रेस से ओबीसी वर्ग का चेहरा लक्ष्मीनारायण बंदावाला ने भी इस्तीफा दिया स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी पर उपेक्षा के आरोप लगाकर दिए इस्तीफे इस कड़ी में विनोद चावड़ा जो कि जिला महामंत्री है कांग्रेस से उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है साथ ही कांग्रेस से टिकट मांगने वाले लक्ष्मीनारायण अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है साथ ही एक और बड़े चेहरे मुकेश पटेल ब्लॉक कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष उन्होंने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है खातेगांव से भाजपा विधायक और तीसरी बार प्रत्याशी बनाए गए आशीष शर्मा का बयान – पूर्व मंत्री दीपक जोशी का कांग्रेस से टिकट होने पर बोले विधायक आशीष शर्मा…कांग्रेस का टिकट,कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं पर ही खरा नहीं उतरेगा,बहुत सारे कांग्रेस के स्थानीय दावेदार यहाँ से प्रत्याशी बनने की मांग कर रहे थे।कांग्रेस नेतृत्व ने पूरे प्रदेश में सर्वे के आधार पर नहीं बल्कि नेताओं के चहेतों को टिकट देकर उपकृत किया है।ये क्षेत्र भाजपा का परम्परागत गढ़,इस बार भी प्रचंड बहुमत से भाजपा खातेगांव से जीतेगी।पूर्व मंत्री जोशी का पार्टी में विरोध पर बोले आशीष शर्मा-जब कुठाराघात होता है तो विरोध स्वभाविक। दीपक जोशी बाहरी प्रत्याशी है,यहाँ के स्थानीय नहीं। इसलिए जनता भलीभांति जानती है कि कौन उनके सुख दुःख में काम करता है…जीत को लेकर 100 प्रतिशत आश्वत हूँ।साथ ही कहा-2025 तक क्षेत्र के समस्त गाँव के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का काम हम करेंगे।
According to ADR, criminal cases are registered against 93 out of the 230 legislators in Madhya Pradesh
“The Congress has released the second list of candidates in Madhya Pradesh, with 88 candidates’ names.”
“In the Kamal Nath government, justice will be done with lakhs of nursing students; fake nursing colleges will be shut down – Ravi Parmar.”
“The former district president of the BSP has joined the Congress party.” शाहरुख मोटलानी बैतूल, बैतूल जिले के मुलताई से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले ने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिए, जिन्हें महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई। मुलताई विधायक कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री विधायक सुखदेव पांसे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले,कैलाश पवार,फहीम शाह का फूल मालाओं से स्वागत कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। वही उपस्थित सभी कांग्रेसी नेता एवम कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा संबोधित किया गया।
गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। टीकमगढ़. देवेंद्र साहू । गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री और टीकमगढ़ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। हालांकि इससे अधिक जानकारी अभी असम पुलिस की टीम ने नहीं दी है। स्थानीय पुलिस ने पूर्व मंत्री के घर के आसपास कड़े सुरक्षा के बंदोबस्त किए हैं। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम टीकमगढ़ पहुंची। टीकमगढ़ पहुंचने के साथ ही टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लिया और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पहुंची। टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह सहित उनके स्वजनों से पूछताछ कर रही है।कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज का कहना है कि पूर्व मंत्री व उनके स्वजनों से पूछताछ असम पुलिस कोर्ट के एक फ्राड के मामले की जांच के आदेश के बाद कर रही है। पुलिस ने यादवेंद्र सिंह के मकान को छावनी में बदल दिया है। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। देखे पूरी खबर : https://youtu.be/PmJx8FatA6c https://saharasamachaar.com/wp-content/uploads/2023/10/टीकमगढ़-में-दिग्विजय-सिंह-के-खास-एवं-कांग्रेस-के-उम्मीदवार-के-यहां-पुलिस-की-छापेमारी.mp4
Abhay Mishra has resigned from the party’s primary membership and could potentially rejoin the Congress. Manish Trivediभोपाल : कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए रीवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं सेमरिया के पूर्व विधायक अभय मिश्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, अटकलें यह लगायी जा रही है की अभय मिश्रा अपनी वापसी कांग्रेस में कर सकते है.