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5 साल बाद मिलेंगे नए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी

New Deputy Collector, DSP will meet after 5 years भोपाल। प्रदेश में पांच साल के इंतजार के बाद डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार अधिकारी मिलने जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों की गुरुवार को बैठक की है। हालांकि अभी ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी। साल 2019 व 2020 के राज्य सेवा परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को दी जाएगी। इनकी संख्या 650 से ज्यादा है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह ही यह ज्वाइनिंग दे दी जाएगी, क्योंकि 10 से 15 जनवरी तक सीएम की मंशा के अनुसार महिला सशक्तीकरण और युवा उर्जा केंद्रित कार्यक्रमों के आयोजन हो रहे हैं। इसी के तहत यह आयोजन कर युवाओं को ज्वाइनिंग लैटर दिए जाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों इन नए चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिए जाने हैं। इसके लिए ही सभी विभागों की बैठक हुई है। ताकि इसमें उनकी तैयारियों को देखा जा सके और यह तैयारी और औपचारिकता कब तक पूरी हो जाएगी, इसके बाद तारीख तय कर भोपाल स्तर पर आयोजन कर एक साथ सभी चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिया जा सके। मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि सीएम के प्लान के अनुसार ही कार्यक्रम तय किया जाएगा। बहरहाल, अभी तारीख तय नहीं हुई है। 2019,2020 के चयनितों की भी नियुक्ति रूकी थीसाल 2020 के चयनितों का रिजल्ट तो साल 2023 में ही आ चुका था, लेकिन साल 2019 की परीक्षा में आए कानूनी विवाद के चलते उनका रिजल्ट रूका हुआ था। बाद में वरिष्ठता को लेकर विवाद नहीं हो, इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 2020 में चयनितों की भी नियुक्ति रोकी हुई थी। लेकिन अब दोनों बैच के चयनितों को एक साथ ज्वाइनिंग दी जा रही है। इन सभी विभागों के साथ हुई बैठकमप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मप्र शासन के तहत सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक), गृह, वित्त, वाणिज्यिक कर, श्रम, नगरीय प्रशासन व आवास, जनसपंर्क, जनजातीय कार्य, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, स्कूल शिक्षा, औद्योगिक नीति और निवेश विभाग, राजस्व, पंचायत और ग्रामीण वाकस, जेल विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है।650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे- मप्र शासन को इन दोनों भर्तियों से 650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे। साल 2019 में 571 पद और 2020 में 260 पद थे। हालांकि 87-13 फीसदी के फामूर्ले के चलते केवल 87 फीसदी पदों पर ही अंतिम रिजल्ट जारी हुआ है। इन 87 फीसदी पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

मोहन सरकार के लाउडस्पीकर नियम को शिवराज ने बताया लोगों से उनकी रोजी-रोटी छीनना

शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा, सीहोर ! मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की ओर से राज्य में तेज आवाज वाले उपकरणों पर रोक के बाद से प्रदेश में डीजे मालिक के साथ ही शादी विवाह में बैंड-बाजे का काम करने वाले लोग काफी नाराज है. इन लोग कई बार राज्य सरकार से ये बैन हटाने की मांग कर चुके हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों के आहत भावना पर मरहम लगाने वाला बयान दिया है. शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजे-बैंड वालों से कहा- ‘आप ढोल बजाओ, ताशे बजाओ, आप बैंड बजाओ… कोई रोक नहीं है, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा।‘ यह बात उन्होंने शनिवार शाम सीहोर के भैरुंदा में कही। पूर्व सीएम के इस बयान के बाद बैंड-बाजा संचालकों में खुशी देखने को मिली। भैरुंदा के डीजे, बैंड और ढोल-ताशों के संचालक मप्र सरकार के कोलाहल नियंत्रण नियम को लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बुदनी विधानसभा क्षेत्र के डीजे संचालक भोपाल स्थित 74 बंगला पूर्व सीएम शिवराज से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सरकार के लगाए गए प्रतिबंध से रोजी-रोटी छीनने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन्हें आश्वस्त किया था कि आपके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। डीजे संचालकों के मुताबिक उनकी मांग के बाद पूर्व सीएम ने कलेक्टर से मोबाइल पर बात भी की थी।

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की बैठक रविवार को

Congress social media team meeting on Sunday पीसीसी चीफ करेंगे सभी लोकसभा, विधानसभा और जिला प्रभारियों से संवाद भोपाल ! लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब सोशल मीडिया पर फोकस करेगी। सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस बीजेपी के संकल्प पत्र को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी और उसे पूरे नहीं करने पर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस अपनी रणनीति के जरिए सोशल मीडिया से संगठन को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सोशल मीडिया प्रभारियों की बैठक रविवार को बुलाई है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव बारोलिया ने कहा है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक 7 जनवरी 2024, रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में बुलाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश, लोकसभा, ज़िला एवं विधानसभा स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विशेष तौर पर शामिल होंगे व सोशल मीडिया विभाग की आगामी कार्ययोजना पर आप सभी से चर्चा करेंगे। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करारी हार से उबरने के लिए सभी को साथ लेने की कोशिश कर रही है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात करने का काम कर रहे हैं। साथ ही संभागीय दौरे कर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। इन बैठकों में पार्टी जनता के जनादेश के स्वीकार करने के साथ आगामी चुनाव में पूरी ताकत से बीजेपी को घेरने का काम करने के लिए कहा जा रहा है ताकि जनता के बीच खोए हुए विश्वास को हासिल किया जा सके। खासतौर पर जनहित के मामलों के त्वरित और गंभीरता से उठाने के लिए पार्टी संगठन तत्पर है और सोशल मीडिया की भूमिका इसमें सबसे अधिक है क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से ही सरकार की कमजोरियों की जानकारी मिलेंगी और उसे जनता के पास तक पहुंचाया जा सकेगा।

जम्बो नहीं, छोटी होगी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी, 15 जनवरी के बाद घोषणा

Not jumbo, Congress state executive will be small, announcement after January 15 भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी टीम को लेकर गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चर्चा की। पार्टी आलाकमान चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस की जड़ता खत्म हो और हार से उबर कर वह मैदान में दिखाई पड़े। इसके लिए ही युवा जीतू पटवारी के हाथों प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। उनकी मदद के लिए नेता प्रतिपक्ष भी युवा आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को बनाया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कसरत हो रही है। तय किया है कि यह जम्बों नहीं छोटी होगी और इसमें जमीन से जुड़े सक्रिय नेताओं को ही जगह दी जाएगी। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी नेताओं से बात कर कार्यकारिणी को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की हरी झंडी के बाद यह माहे के दूसरे पखवाड़े अर्थात 15 जनवरी के बाद कभी भी घोषित की जा सकती है। जितेंद्र सिंह ने भोपाल के अपने पहले दौरे के दौरान ही कांग्रेस की भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। युवा होंगे ज्यादा, वरिष्ठों को भी मिलेगी जगहजानकारी के अनुसार नेतृत्व के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में कांग्रेस की कार्यकािरणी में भी युवा नेताओं को ज्यादा जगह मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसमें वरिष्ठ नहीं होंगे, कार्यकारिणी में कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जाएगी। दरअसल, कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठों और युवाओं के बीच उसी तरह संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है जिस तरह भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में किया है। जितेंद्र सिंह के पास पहुंचने लगे नामकांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के पास कार्यकारिणी मे शामिल होने वाले दावेदारेां के नाम पहुंचने लगे हैं। खबर है कि प्रदश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा संभावित पदािधकारियों की सूची जितेंद्र के पास ही भेजी जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र द्वारा कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी कैम्प सहित अजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद आदि नेताओं से भी कहा है कि वे ऐसे नेताओं के नाम भेजें जो सक्रिय होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। इन नेताओं द्वारा सुझाए नामों में से कुछ को जगह दी जाएगी। तीन पदों में होंगे जीतू के भरोसे के नेताकार्यकारिणी में सभी नेताओं के समर्थकों को जगह दी जाएगी ताकि असंतोष पैदा न हो लेकिन तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीतू पटवारी अपने भरोसे के नेताओं को ही रखेंगे। यह पद संगठन प्रभारी महामंत्री, कोषाध्यक्ष और प्रभारी प्रशासन के हैं। कुणाल चौधरी सहित इन पदों पर रखे जाने वाले नेता लगभग तय बताए जा रहे हैं। अनुशासन समिति का प्रमुख भी जीतू की ही पसंद का हाे सकता है। बहरहाल, कार्यकारिणी के लिए नेताओं के नाम छांटने का काम जारी है। यह जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक घोषित कर दी जाएगी।

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल – लोकसभा चुनाव के पहले जनवरी में ही टीम बनाने की चुनौती, बुजुर्गों से सिर्फ पटवारी लेंगे मार्गदर्शन भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश नेतृत्व की कमान जीतू पटवारी को मिलने के बाद अब उनकी टीम को लेकर कई तरह की चचार्एं हैं। उनकी टीम में बिलकुल नए चेहरों के सामने आने की संभावना है और इनमें वे चेहरे होने की संभावना जताई जा रही है जो युवा के साथ तकनीकी रूप से समृद्ध होंगे।मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिलने के बाद बुजुर्ग नेताओं को मुख्य धारा से अलग करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष जहां युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को कमान सौंपी तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी बुआ से विधानसभा में सरकार को घेरने के गुर सीखने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार को कमान दी है। उनके साथ विधानसभा में उप नेता की जिम्मेदारी भी अपने पिता से सरकार को सदन के भीतर घेरने की बारीकियां सीख चुके दो बार के विधायक हेमंत कटारे को हाईकमान ने आगे बढ़ाया है। अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी नई टीम बनाने के लिए कवायद कर रहे हैं और उनका कहना है कि जल्द ही पूरी पीसीसी बदली हुई नजर आएगी। पटवारी की टीम में तकनीक, हुनरमंद युवा नजर आएंगे – बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी अपने जैसे ऊजार्वान युवाओं की टीम को लेकर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी करेंगे और इसके बाद प्रदेश में टीम के साथ मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इसके लिए उनकी टीम में तकनीक के जानकारों के साथ संगठन को चलाने वाले हुनरमंद युवाओं की टीम नजर आएगी। कहा जा रहा है कि पूर्व सांसद स्व. बालकवि बैरागी के पुत्र गोर्की बैरागी की पटवारी की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई देगी। वे कंप्यूटर की तकनीक में पारंगत हैं और उनके इस अनुभव को पटवारी लोकसभा चुनाव में विशेष तौर पर लाभ लेंगे। उन्हें संगठन प्रभारी जैसे किसी महत्वपूर्ण पद पर पीसीसी में लाया जा सकता है। इसी तरह अरुण यादव की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके गौरव रघुवंशी को भी पटवारी की टीम में अहम भूमिका में देखा जा सका है। पटवारी के विश्वस्थ साथियों में शामिल पूर्व विधायक और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी भी पीसीसी की नई टीम में प्रमुख भूमिका में दिखाई।

मोदी जी के नेतृत्व में श्रीराम का मंदिर निर्माण हुआ और ग़रीब का घर भी – रामेश्वर शर्मा 

Under the leadership of Modi ji, Shri Ram’s temple was built and also the house of the poor – Rameshwar Sharma विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए विधायक रामेश्वर शर्मा  भोपाल। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्षों एवं बलिदान के बाद अयोध्या जी में प्रभु श्रीराम का भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ साथ काशी और बाबा महाकाल की नगरी को तो संवारा ही साथ ही उन्होंने भारत के करोड़ों ग़रीब परिवारों के पीएम आवास बनाकर उनका भी कल्याण किया। यह बात विधायक रामेश्वर शर्मा ने कही ज्ञात हो विधायक रामेश्वर शर्मा बुधवार को बंगरसिया, झागरिया एवं कोलार के वार्ड 80 व 81 में पहुँची विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार नागरिक के द्वार द्वार जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दे रही है। नहीं तो पहले की सरकारों के द्वार पर नागरिकों को जाना पड़ता था। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा नागरिकों के जीवन में ख़ुशहाली लाने की नागरिकों के जीवन को बदलने की यात्रा है। इस यात्रा से जुडकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ लें।श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर है। विकास और सुशासन के साथ मोहन सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।   विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर भारी उत्साह मोदी जी के साथ सेल्फ़ी ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र  विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हुजूर विधानसभा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है । यात्रा में लोग विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवेदन देकर योजना का लाभ ले रहें है तो दूसरी ओर युवा और बच्चे मोदी जी के साथ सेल्फ़ी बूथ पर उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे है। विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन के माध्यम से दबाई छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसके प्रति विशेषकर युवाओं में उत्साह, उमंग एवं उत्सुकता को साफ़ देखा जा रहा है।

पूर्व सीएम शिवराज ने अपने आवास का नाम,मामा का घर, रखा

Former CM Shivraj named his residence as maternal uncle’s house. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि पता बदल गया है, लेकिन मामा का घर तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूंगा। भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक हफ्ता पूर्व श्यामला हिल्स पर बने मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर शहर में लिंक रोड क्रमांक एक पर स्थित B-8, 74 बंगला में परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं। अब यही उनका नया पता है।यहां आने के बाद भी शिवराज की सक्रियता लगातार बरकरार है। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेशवासियों के मन में अपनी ‘मामा’ की जो छवि बनाई है, उसे वह बरकरार रखना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने नए आवास को नाम दिया है- ‘मामा का घर’। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखते हुए खुद इस बात की सूचना दी। मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है।पता बदल गया है, लेकिन “मामा का घर” तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। मेरी जिंदगी बेटा-बेटियों, बहनों के लिएगौरतलब है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज जनता और खासकर लाड़ली बहनों व भांजी-भांजियों के बीच जाकर कह रहे हैं कि पद तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन आप लोगों ने जो मुझे ‘भैया’ और ‘मामा’ का पद दिया है, उसे कोई नहीं छीन सकता। मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा। मेरी जिंदगी आपके लिए है, जनता-जनार्दन के लिए है, बेटा-बेटियों के लिए है, मेरी बहनों के लिए है।

रामलला की वास्तविक मूर्ति कहां है, दिग्विजय सिंह

रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी। रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। सरकार को इस पर सवाल खड़ा करना चाहिए था।

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