No development work was done in 1 year, government could not even provide drinking water: Pankaj Upadhyay जौरा | विधानसभा में जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने राज्यपाल की अभिभाषण में कहा कि , कल राज्यपाल जी का भाषण सुना आज बड़े ही दुखी मन से यहां अपनी बात रख रहा हूं . मैं पहली बार का विधायक हूं और बड़ी उम्मीद लेकर आया था . आपको देखा , प्रहलाद जी को देखा , कैलाश जी को देखा और बरिष्ठ लोगों को देखा तो लगा कि बिजली , पानी , सड़क सभी काम बड़ी आसानी से हो जाएंगे , मैं जो यहाँ पर बोलूंगा वह होगा , लेकिन मैं जहां एक साल पहले खड़ा था आज भी वहीं पर खड़ा हूं . पानी की समस्या की बात करें तो हमने लगातार नलजल योजना की यहां बात की है कैलाश विजयवर्गीय जी ने पिछली बार आश्वासन दिया कि जिले की एक समिति बनाएंगे जिन विधायकों को रखेंगे और वह गांव – गांव जाकर देखेंगे कि क्या स्थिति है . एक साल में कोई भी ऐसी कार्यवाही नहीं हुई ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम करे जा रहे हैं . पूरे विभाग का हर कर्मचारी अपनी मर्जी से काम किये जा रहा है . एक भी नल की टोंटी में से पानी नहीं निकल रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है . एक साल से हम प्रत्येक विधान सभा में इस प्रश्न को लगाते हैं और उत्तर मिल जाता है कार्यवाही जारी है , हो रहा है , होगा लेकिन काम कब होगा यह आज तक पता नहीं चल पाया है . ऐसे ही विकलांग हैं जिनके दोनों पैर खराब होते हैं उनको साठ प्रतिशत का प्रमाणपत्र पकड़ा दिया है और जो विकलांग नही थे , बहरे , अंधे नहीं थे उन लोगो को आपने फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरियां दे दी हैं . आपने 100-100 प्रतिशत के प्रमाण पत्र दे दिये हैं लेकिन जिनके दोनों पैर नहीं हैं आज तक हम उन लोगों को सायकिल नहीं दे पाए . बहुत ही शर्म आती है जब वह लोग हमारे पास में आते हैं कि आप विधायक हो हमको सायिकल तो दिला दो . इस पर मेरा सदन से अनुरोध है कि यह बड़ी ही संवेदनशील बात है कि जिन लोगों के दोनों पैर नहीं हैं और हमें आंखों से दिख रहा है लेकिन हम उन्हें सायकिल नहीं दिला पा रहे हैं . इस पर आप कुछ कार्यवाही करें . खाद मांगने जाते हैं तो डंडे पड़ रहे हैं . किसान अपनी फसल बेचने जाता है तो वह लाईन में लगा रहता है . मेरा आपसे अनुरोध है कि जो खरीदी केन्द्र हैं उनकी संख्या बढ़ाई जाए .अध्यक्ष महोदय , राज्यपाल जी ने जो भाषण दिया पेज नम्बर 9 पर हमने अस्पतालों की बातें सुनीं हमारे जौरा में अस्पताल बने हैं लेकिन उनमें डॉक्टर नहीं हैं . स्टॉफ नहीं है , दवाईयां नहीं है . अभी आपने नये अस्पताल का उद्घाटन किया लेकिन 50 प्रतिशत डॉक्टर भी वहां पर उपलब्ध नहीं हैं . वहां पर तीन माह से महिलाओं की डॉक्टर नहीं हैं . जब डिलेवरी होने आती है तो वह पहले वहां पर आती हैं और फिर मुरैना पहुंचाई जाती हैं . आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गंभीर बात है . अगर तीन माह से वहां पर डॉक्टर नहीं हैं तो कैसे क्या व्यवस्था हो रही होगी यह बहुत ही गंभीर विषय है , लेकिन सरकार लगातार अपनी पीठ थपथपा रही थी और मैं सोच रहा था कि मेरे क्षेत्र का तो कुछ काम ही नहीं हुआ भवन बन गए हैं लेकिन डॉक्टर नहीं हैं . यहां पर अटल एक्सप्रेस वे की घोषणा हुई माननीय अध्यक्ष जी पहले आपने घोषणा की थी कि आप बीहड़ में से इस सड़क को निकालेंगे हमने बहुत स्वागत किया कई उत्साह मने कि बहुत ही बढ़िया काम हो रहा है लेकिन आप उपजाऊ भूमि में से अगर सड़क को निकालेंगे तो यह किसान कहां जाएंगे , जो सीमान्त किसान हैं वह कहां जाएंगे . मेरा आपने अनुरोध है कि हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा यदि हमने इन लोगों को आज बेरोजगार कर दिया तो आने वाले समय में हमें कोई माफ नहीं करेगा . वह जो हजारों एकड़ का बिहड़ पड़ा है आप उस बिहड़ पर सड़क निकालिए आपका स्वागत है . ऐसे ही आपने सोलर प्लांट की योजना ला दी सबने तारीफ की कि बहुत बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . जो पशुवन यहां वहां घूम रहा है वह कहां जाएगा , आपने यदि हमारी पच्चीस हजार बीघा जमीन ले ली और जहां जमीन पर सोलर प्लांट लग जाएगा तो जमीन में से पानी कम जो जाएगा . वहां के किसान कहां जाएंगे इस बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की है . मैं फिर कहना चाहता हूं कि जो हमारा बिहड़ का इलाका है । चंबल के पास का वहां लाखों एकड़ भूमि खाली पड़ी हुई है वह आप इन उद्योगपतियों को दीजिए , अडानी , अम्बानी को हमारी उपजाऊ जमीन देने की पंकज उपाध्याय ने कहा कि लोगों को बिजली नहीं मिल रही हैं , लोग घंटों – दिनों तक खड़े रहते हैं . डीपी जल जाती है तो दो – दो माह तक बिजली नहीं आती है , जब तक रिश्वत नहीं दी जाती है , तब तक डीपी नहीं बदली जाती है , मेरा अनुरोध है कि ये बहुत ही गंभीर विषय है इस पर आपको चिंतन करना होगा . यहां से सबसे ज्यादा लोग सेना में जाते हैं . इतने लोग शहीद हो जाते हैं . उसके बाद भी हम मुरैना जिले एक ट्रेनिंग सेंटर आज तक नहीं बना पाये कि जहां हमारे नए युवा ट्रेनिंग कर सकें , मैं , विगत एक वर्ष में 5 बार इस सदन में , इसकी मांग कर चुका हूं लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है . शहीदों की केवल एक बार तारीफ कर दो , फिर उन्हें भूल जाओ . वहां स्कूल नहीं हैं । हमारे युवाओं के साथ भेदभाव हो रहा है , वे सेना में भर्ती होने के … Read more