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मोदी का दावा- भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी करेगा

नई दिल्ली भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ (वेव्स) की मेजबानी करेगा, जो देश की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच होगा, सहयोग को बढ़ावा देगा और विश्व स्तरीय मनोरंजन सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘वेव्स’ के बारे में विस्तार से बात की। ‘वेव्स’ की तुलना दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच जैसे वैश्विक आयोजनों से करते हुए मोदी ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों के साथ-साथ दुनिया भर से रचनात्मक लोग 5 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में एकत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक मनोरंजन सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” प्रधानमंत्री ने ‘वेव्स’ की तैयारियों में युवा रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो भारत के रचनात्मक समुदाय की गतिशील भावना को दर्शाता है। उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और रचना क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया। मोदी ने कहा, ‘‘चाहे आप एक युवा रचनाकार हों या एक स्थापित कलाकार, बॉलीवुड या क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े हों, टीवी उद्योग के पेशेवर हों, एनीमेशन, गेमिंग के विशेषज्ञ हों या मनोरंजन प्रौद्योगिकी के प्रर्वतक हों, मैं आपको वेव्स शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।” प्रधानमंत्री ने मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के सभी हितधारकों से ‘वेव्स’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”  

साल के आखिरी ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- महाकुंभ में AI करेगा कमाल, डिजिटल व्यवस्था का होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस नक्सली क्षेत्र में डर का माहौल रहता था वहां अब ”बस्तर ओलंपिक” जैसे खेल कुंभ का आयोजन हो रहा है जो खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर देश मे बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 117वीं कड़ी में रविवार को कहा कि देश में ऐसे अनोखे खेल कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं जो हमारे देश में बदलाव और युवा साथियों के जोश एवं जज्बे के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज कुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर ‘महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा’ का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा ‘हमारे बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है। जी हाँ, पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी ये जानकार अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है – ”वन भैंसा” और ”पहाड़ी मैना”। इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूल मंत्र है–”करसाय ता बस्तर बरसाए ता बस्तर” यानि ”खेलेगा बस्तर–जीतेगा बस्तर”। पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं– हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है। एथलेटिक, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वालीबाल –हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।” PM मोदी ने प्रतिभाओं की कहानी सुनाई और कहा ‘कारी कश्यप जी की कहानी मुझे बहुत प्रेरित करती है। एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है। वे कहती हैं–बस्तर ओलंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नहीं है। भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं–अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना जी की कहानी तो नए भारत की प्रेरक कथा है। एक समय नक्सली प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को ”बस्तर यूथ आईकॉन” चुना गया है। उनका मानना है–बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।’ उन्होंने कहा ”बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है। यह एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है। जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। खेलेगा भारत–जीतेगा भारत के साथ अपने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की कहानियां साझा करें। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। याद रखिए, खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि ये खिलाड़ी की स्प्रिट से समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है। तो खूब खेलिए-खूब खिलिए।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर ‘महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा’ का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा ‘अगले महीने 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। इस समय वहां संगम तट पर जबरदस्त तैयारियाँ चल रही हैं। मुझे याद है अभी कुछ दिन पहले जब मैं प्रयागराज गया था तो हेलिकॉप्टर से पूरा कुंभ क्षेत्र देखकर दिल प्रसन्न हो गया था। इतना विशाल, इतना सुंदर, इतनी भव्यता। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है, कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएँ, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं भेदभाव नहीं दिखता, कोई बड़ा नहीं होता, कोई छोटा नहीं होता। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है। इस बार का महाकुंभ भी एकता के महाकुंभ के मंत्र को सशक्त करेगा। मैं आप सबसे कहूँगा जब हम कुंभ में शामिल हों तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। हम समाज में विभाजन और विद्वेष के भाव को नष्ट करने का संकल्प भी लें। कम शब्दों में कहूँ-महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश। और अगर दूसरे तरीके से कहना है तो मैं कहूँगा…गंगा की अविरल धारा, न बँटे समाज हमारा।”  

‘संविधान निर्माताओं ने जो संविधान सौंपा, वह समय की हर कसौटी पर खरा उतरा’, पीएम मोदी ने की ‘मन की बात’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा पीएम मोदी ने संविधान पर भी बात की। ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है, वो समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए दिशा दिखाने वाली रोशनी है, हमारा मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में संविधान पढ़ सकते हैं, संविधान के बारे में प्रश्न भी पूछ सकते हैं। ‘मन की बात’ के श्रोताओं से, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से, कॉलेज में जाने वाले युवाओं से, मेरा आग्रह है, इस वेबसाइट पर जरूर जाकर देखें, इसका हिस्सा बनें। महाकुंभ की विशेषताएं बताईं पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है। कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार कुंभ आयोजन में एआई चैटबॉट का प्रयोग होगा। इसके माध्यम से 11 भारतीय भाषाओं में कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस चैटबॉट से कोई भी टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी तरह की मदद मांग सकता है। बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज का जिक्र किया प्रधानमंत्री ने कहा कि  KTB यानि कृष, तृष और बाल्टीबॉय। आपको शायद पता होगा बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज और उसका नाम है KTB- भारत हैं हम और अब इसका दूसरा सीजन भी आ गया है। ये तीन एनिमेशन कैरेक्टर हमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन नायक-नायिकाओं के बारे में बताते हैं जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती। हाल ही में इसका सीजन-2 बड़े ही खास अंदाज में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिव ऑफ इंडिया, गोवा में लॉन्च हुआ। राज कपूर और रफी साहब को किया याद पीएम मोदी ने कहा कि 2024 में हम फिल्म जगत की कई महान हस्तियों की 100वीं जयंती मना रहे हैं। इन विभूतियों ने भारतीय सिनेमा को विश्व-स्तर पर पहचान दिलाई। राज कपूर ने फिल्मों के माध्यम से दुनिया को भारत की सॉफ्ट पावर से परिचित कराया। रफी साहब की आवाज में वो जादू था, जो हर दिल को छू लेता था। उनकी आवाज अद्भुत थी। भक्ति गीत हों या रोमाटिंग गानें, दर्द भरे गाने हों, हर भाव को उन्होंने अपनी आवाज से जीवंत कर दिया। एक कलाकार के रूप में उनकी महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज भी युवा-पीढ़ी उनके गानों को उतनी ही शिद्दत से सुनती है। यही तो है टाइमलेस आर्ट की पहचान। अक्किनेनी नागेश्वर राव और तपन सिन्हा को सराहा उन्होंने कहा कि अक्किनेनी नागेश्वर राव गारू ने तेलुगु सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी फिल्मों ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बखूबी प्रस्तुत किया। तपन सिन्हा की फिल्मों ने समाज को एक नई दृष्टि दी। उनकी फिल्मों में सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश रहता था। हमारी पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए इन हस्तियों का जीवन प्रेरणा जैसा है। वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट अगले साल पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल हमारे देश में पहली बार वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट यानि WAVES summit का आयोजन होने वाला है। आप सभी ने दावोस के बारे में सुना होगा, जहां दुनिया के अर्थजगत के महारथी जुटते हैं। उसी तरह वेव्स समिट में दुनिया भर के मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गज, क्रिएटिव वर्ल्ड के लोग भारत आएंगे। यह समिट भारत को ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन का हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय संस्कृति की वैश्विक धाक के तीन उदाहरण बताए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्ते पहले मिस्र के करीब 23 हजार छात्रों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहां उन्हें भारत की संस्कृति और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को बताने वाली पेंटिंग्स तैयार करनी थी। मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी युवाओं की सराहना करता हूं। उनकी क्रिएटिविटी की जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका का एक देश है पराग्वे। वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या एक हजार से ज्यादा नहीं होगी। पराग्वे में एक अद्भुत प्रयास हो रहा है। वहां भारतीय दूतावास में एरीका ह्युबर फ्री आयुर्वेद परामर्श देती हैं। आयुर्वेद की सलाह लेने के लिए आज उनके पास स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है और हर हिन्दुस्तानी को इसका गर्व है। दुनियाभर के देशों में इसे सीखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने के आखिर में फिजी में भारत सरकार के सहयोग से तमिल टीचिंग प्रोगाम शुरू हुआ। बीते 80 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब फिजी में तमिल के ट्रेंड टीचर्स इस भाषा को सिखा रहे हैं।

मोदी ने आज रोजगार मेले में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रोजगार मेले में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों तथा संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। वह इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। यह युवाओं को राष्ट्र निर्माण और आत्म-सशक्तिकरण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा। रोजगार मेला देश भर में 45 स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए समय समय पर भर्तियां की जा रही हैं। देश भर से चयनित नए कर्मचारी गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में तैनात किये जायेंगे।  

कुवैत की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी कुवैत की दो दिन की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और आपसी लाभ की भविष्य की साझीदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी। श्री मोदी ने रवानगी के पूर्व अपने वक्तव्य में कहा, “आज, मैं कुवैत राज्य के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं। हम कुवैत के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध को गहराई से महत्व देते हैं। हम न केवल मजबूत व्यापार और ऊर्जा भागीदार हैं, बल्कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में भी हमारे साझा हित हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा,”मैं कुवैत के अमीर, क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री के साथ अपनी बैठकों के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लोगों और क्षेत्र के लाभ के लिए भविष्य की साझेदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर होगा।” उन्होंने कहा,”मैं कुवैत में भारतीय प्रवासियों से मिलने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं, जिन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने में बहुत योगदान दिया है। मैं खाड़ी क्षेत्र के एक प्रमुख खेल आयोजन, अरेबियन गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में मुझे विशेष रूप से आमंत्रित करने के लिए कुवैत के नेतृत्व के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं। मैं एथलेटिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय एकता के इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हूं। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत और कुवैत के लोगों के बीच विशेष संबंधों और दोस्ती के बंधन को और मजबूत करेगी।”  

PM मोदी अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन के बीच उतरे, गिनाए आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस के 4 ‘पाप’

नई दिल्ली भारत रत्न बाबासाहब भीमराव आंबेडकर मामले में जारी राजनीतिक हलचल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एंट्री हो गई है। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ किए कांग्रेस के ‘4 पाप’ भी गिनाए हैं। साथ ही कहा है कि ‘एक पार्टी’ ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए भाषण का वीडियो भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘संसद में गृहमंत्री अमित शाह जी ने डॉक्टर आंबेडकर को अपमानित करने और एससी एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास का खुलासा किया। यह साफ है कि उनकी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से वो स्तब्ध हो गए हैं। यही वजह है कि वो अब नौटंकी पर उतर आए हैं। दुखद है, लेकिन लोग सच जानते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम जो भी हैं उसकी वजह डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर हैं। हमारी सरकार ने बीते एक दशक में डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए बगैर थके मेहनत की है। कोई भी सेक्टर ले लें, फिर चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, एससी एसटी एक्ट को मजबूत करना हो। हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना और कई कार्यक्रम शुरू किए। इन सभी ने गरीब और हाशिए पर मौजूद लोगों के जीवन को छुआ है।’ कांग्रेस के ‘पाप’ पीएम मोदी ने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस को ‘पाप’ याद दिलाए हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्हें चुनाव में एक नहीं दो बार हराया गया। पंडित नेहरू उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना रहे थे। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार कर दिया। उनकी तस्वीर को संसद में सम्मानीय जगह लगाने से इनकार कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस और उसके सड़े हुए तंत्र को लगता है कि उनका झूठ कई सालों के गलत काम और खासतौर से डॉक्टर आंबेडकर के किए अपमान को छिपा सकता है, तो वो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘भारत के लोगों ने कई बार देखा है कि कैसे एक वंशवाद से चलने वाले एक पार्टी ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने और एससी एसटी समुदायों का अपमान करने का हरसंभव प्रयास किया।’ विपक्ष का प्रदर्शन संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शाह के भाषण को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार पर आंबेडकर के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी ने गृहमंत्री के भाषण का पूरा वीडियो शेयर किया और कांग्रेस पर एडिटेड क्लिप पोस्ट करने के आरोप लगाए हैं।

किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं: मोदी

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि भाजपा की नीति विवाद की नहीं संवाद की है और वह व्यवधान में नहीं समाधान में विश्वास रखती है। मोदी राजस्थान सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर यहां दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने ऊर्जा, सड़क व रेलवे से जुड़ी 46,300 करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के कार्यान्वयन में गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विलंब की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा,‘‘ईआरसीपी को कांग्रेस ने कितना लटकाया, ये भी कांग्रेस की नीयत का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ये किसानों के नाम पर बातें बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन किसानों के लिए न खुद कुछ करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं।’’ मोदी ने कहा,‘‘भाजपा की नीति विवाद की नहीं, संवाद की है। हम विरोध में नहीं, सहयोग में विश्वास करते हैं। हम व्यवधान में नहीं, समाधान पर यकीन करते है। इसलिए हमारी सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को स्वीकृत भी किया और इसका विस्तार भी किया है।’’ उन्होंने कहा कि जैसे ही मध्य प्रदेश व राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी तो पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना एमपीकेसी लिंक परियोजना पर समझौता हो गया। मोदी ने कहा कि बीते एक वर्ष में राजस्थान के विकास को नई गति, नई दिशा देने में मुख्यमंत्री भजनलाल जी और उनकी पूरी टीम ने बहुत परिश्रम किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सुशासन का प्रतीक बन रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा जो भी संकल्प लेती हैं वो पूरा करने का ईमानदारी से प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा,‘‘आज देश के लोग कह रहे हैं कि भाजपा सुशासन की गारंटी है। तभी तो एक के बाद एक राज्यों में आज भाजपा को इतना भारी जनसमर्थन मिल रहा है।’’ उन्होंने कहा,‘‘21वीं सदी के भारत के लिए नारी का सशक्त होना बहुत जरूरी है। नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए हम अनेक नई योजनाएं बना रहे हैं।’’ मोदी खुली छत वाले वाहन में सवार होकर सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ वाहन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने उपस्थित जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।  

फडणवीस के मंत्रिमंडल में पीएम मोदी के विजन की झलक, 19 नए चेहरों को शामिल कर दिए बड़ा संदेश

मुंबई महाराष्ट्र में आज देवेंद्र फडणवीस की सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया है। बीते दिन ही नागपुर में हुए शपथ ग्रहण समारोह में 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। वही जानकारी के अनुसार, गृह विभाग बीजेपी के पास रहेगा, जबकि शिक्षा, सिंचाई और राजस्व विभाग भी बीजेपी को सौंपे गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे की योजनाओं पर चर्चा की और बताया कि मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। मंत्रियों के विभागों पर बनी सहमति शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि छह राज्य मंत्रियों समेत सभी 39 मंत्रियों के विभाग अगले दो दिनों में तय कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभागों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। कुल 39 मंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया है। इसमें 19 बीजेपी, 11 शिवसेना और 9 विधायक मंत्री बने। आशा के अनुरुप फडणवीस अपनी दूसरे कार्यकाल की टीम में तमाद न चेहरों को बाहर करने के कामयाब रहे है, जिनकी छवि ठीक नहीं मानी जा रही थी। फडणवीस द्वारा मंत्रिमंडल में 19 फ्रेश चेहरों को शामिल करने के फैसले को पीएम मोदी के हलिया संबोधन से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान पर बहस के दौरान 11 संकल्प का जिक्र किया था। इसमें करप्शन रोकने का मुद्दा भी शामिल था। महाराष्ट्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर दौड़ाएं तो फडणवीस ने शिवसेना और एनसीपी के दागी नेताओं की छुट्टी कर दी। उन्होंने बीजेपी से कई नए चेहरों को मौका दिया है। भारी पड़े भ्रष्टाचार के आरोप! महायुति सरकार में 25 मंत्रियों में 12 को जगह नहीं मिली है। इनमें कई बड़े नाम हैं। सबसे चौंकाने वाला नाम छगन भुजबल का है। इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल है। शिवसेना के खेमे में देखें तो अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत और दीपक केसरकर मंत्री नहीं बन पाए, हालांकि संजय राठोड जगह पानेमें सफल रहे। ऐसा माना जा रहा है फडणवीस इन नेताओं के ऊपर लगे आरोपों के साथ इनके काम से खुश नहीं थे। इससे पहले चुनावों में जब अजित पवार ने जब नवाब मलिक को टिकट दिया था तो उन्होंने दूरी बनाते हुए साफ कर दिया था बीजेपी प्रचार नहीं करेगी। फडणवीस ने कुल 12 मंत्रियों को ड्रॉप किया है। मंत्रियों के काम का होगा ऑडिट फडणवीस ने मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ साफ कर दिया है कि सभी मंत्रियों के प्रदर्शन का ऑडिट किया जाएगा। इसी के बाद वे सभी कन्टीन्यू कर पाएंगे। ऐसे में फडणवीस ने मंत्रियों पर बेहतर परफॉर्म करने का दबाव बढ़ा दिया है। यह ऑडिट 2.5 साल पूरे होने पर होगा। यह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही फॉर्मूला है। जिसे फडणवीस ने लागू किया है। पीएम मोदी गुजरात में बतौर सीएम और अब पीएम के तौर पर अपनी टीम में परफॉरमेंस पर फोकस किए हुए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में जिस तरह से कई बड़े नेताओं की छुट्‌टी हुई है उसके बाद चर्चा है कि फडणवीस ने सफाई शुरू कर दी है। कैसी है फडणवीस की नई टीम? महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री फडणवीस की टीम में दो डिप्टी सीएम के अलावा 36 मंत्री हैं। इनमें 19 नए चेहरे हैं। जो पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें सात विधायक बीजेपी, छह शिवसेना और पांच एनसीपी से हैं। फडणवीस ने साफ किया है कि ढाई साल के काम के आंकलन के बाद आगे मंत्री रहने पर फैसला होगा। ऐसे में फडणवीस की टीम में अब 2027 से पहले बदलाव की उम्मीद नहीं है। राजनीतिक हलकों में प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार जिस तरीके से फडणवीस ने अपनी टीम में बड़बोले और दागी नेताओं से दूरी बनाई है। उससे उन्होंने संदेश दिए हैं कि साफ टीम लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। विधानसभा सत्र की तैयारियां विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले हुए इस विस्तार में फडणवीस, अजित पवार, और एकनाथ शिंदे ने साझा रूप से प्रेस से बातचीत की। फडणवीस ने बताया कि सत्र में 20 बिल पेश किए जाएंगे, जो राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण होंगे। विपक्ष का बहिष्कार और EVM पर विवाद विपक्षी दलों ने सत्र के पहले दिन की हाई टी पार्टी का बहिष्कार किया। विपक्ष ने EVM के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस पर फडणवीस ने जवाब दिया कि EVM का मतलब है “हर वोट महाराष्ट्र के लिए”। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता के हित में काम कर रही है और अगले चुनावों में बड़ी जीत हासिल करेगी। डिप्टी सीएम शिंदे का बयान डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों के लिए रोटेशनल फॉर्मूला पर कहा कि हर मंत्री को ढाई साल का कार्यकाल मिलेगा। उन्होंने साफ किया, “या तो अच्छा काम करें, या फिर पद छोड़ दें।” इस नियम के तहत अधिक विधायकों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा और पार्टी में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में संविधान पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि हमारा संविधान भारत की एकता का आधार है। इसको बनाने में समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व था। उन्होंने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बात का इसलिए जिक्र कर रहा, क्योंकि इस परिवार ने 55 साल तक देश पर राज किया। इसी वजह से जानने का अधिकार है कि क्या-क्या हुआ। पीएम मोदी ने कहा, ‘’इस परिवार के कुविचार, कुनीति आदि की परंपरा लगातार चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 से 1952 तक देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। अस्थायी व्यवस्था थी और चुनाव नहीं हुए थे। 1952 से पहले राज्यसभा का भी कोई गठन नहीं हुआ था और जनता का भी कोई आदेश नहीं था, लेकिन इसके बाद भी 1951 अध्यादेश लाकर संविधान को बदल दिया और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर दिया।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहुत ही जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत कदम रख रहा है। 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो देश को विकसित भारत बनाकर रहेंगे। इस संकल्प से सिद्धि के लिए सबसे बड़ी जरूरत है, वह है भारत की एकता। संविधान के निर्माण कार्य में देश के बड़े बड़े दिग्गज, साहित्यकार, स्वंत्रतासेनानी थे। कई फील्ड के प्रोफेशल्स थे। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है। भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। हमारी सरकार के निर्णयों में लगातार भारत की एकता को मजबूती देने का प्रयास किया जाता रहा है, अनुच्छेद 370 एकता में रुकावट बना हुआ था और इसलिए हमने जमीन में गाड़ दिया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि संविधान निर्माताओं के दिमाग में एकता की भावना थी, लेकिन आजादी के बाद देश की एकता के मूल भाव पर प्रहार हुआ और गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोग विविधता में एकता की जगह विरोधाभास खोजते रहे। पीएम मोदी ने कहा कि हमने संविधान की एकता की भावना के अनुरूप नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को बहुत बल दिया है और अब गरीब परिवार के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं।

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक’ चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है।

तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी रचनाओं का संग्रह जारी किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी संपूर्ण रचनाओं का संग्रह जारी किया। इस संग्रह का शीर्षक ‘कालवरिसैयिल् भरतियार् पडैप्पुगळ्’ है और यह कालानुक्रमिक क्रम में 21 खंडों में महाकवि भरतियार की संपूर्ण संग्रहित रचनाएं हैं। इसे सीनी विश्वनाथन ने संकलित किया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कवि सुब्रह्मण्य भारती को मां भारती की सेवा के लिए समर्पित एक गहन विचारक के रूप में याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के भविष्य के लिए उनके दूरदर्शी विचारों की सराहना की। साथ ही युवा और महिला सशक्तिकरण, विज्ञान एवं नवाचार में विश्वास और संचार के माध्यम से राष्ट्र के एकीकरण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “…मैं इस महान कवि को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विरासत को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज का दिन भारत की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक विरासत और उसके स्वतंत्रता संग्राम की यादों के साथ-साथ तमिलनाडु के गौरव का भी महत्वपूर्ण अवसर है। महाकवि सुब्रह्मण्य भारती की रचनाओं का प्रकाशन उनके प्रति एक उल्लेखनीय श्रद्धांजलि है।” उन्होंने कहा कि महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के कार्यों का, उनकी रचनाओं का प्रकाशन एक बहुत बड़ा सेवायज्ञ और बहुत बड़ी साधना है। और आज उसकी पूर्णाहुति हो रही है। हमारे देश में शब्दों को केवल अभिव्यक्ति ही नहीं माना गया है। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं, जो “शब्द ब्रह्म” की बात करती है, शब्द के असीम सामर्थ्य की बात करती है। हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी सिर्फ उनके विचार नहीं बल्कि उनके चिंतन, अनुभव और साधना का निचोड़ हैं। सुब्रह्मण्य भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, मेधा और बहु-आयामी व्यक्तित्व हर किसी को हैरान करता है। पीएम मोदी ने कहा, “वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो समझते थे कि भविष्य में क्या छिपा है। उस समय भी जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा था, उन्होंने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की। उन्हें विज्ञान और नवाचार में भी विश्वास था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई उपकरण होना चाहिए जिससे हम कांची में बैठकर काशी में क्या हो रहा है, यह देख सकें और हम आज इसे जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती ऐसे महान मनीषी थे, जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे। उनका विजन बहुत व्यापक था। उन्होंने हर उस दिशा में काम किया, जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी। भरतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं हैं, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी।

पीएम मोदी ने कुवैत का निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक किया स्वीकार, जल्द ही जा सकते ही इस ‘ऐतिहासिक’ यात्रा पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए जल्द ही कुवैत की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। पिछले हफ्ते कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुवैत नेतृत्व की ओर से प्रधानमंत्री को ‘शीघ्रतम अवसर मिलने पर’ देश की यात्रा करने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया था। कुवैत एकमात्र जीसीसी सदस्य देश है जहां पीएम मोदी ने 2014 में पदभार संभालने के बाद से अब तक दौरा नहीं किया है। कोविड महामारी के कारण 2022 में प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर में, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात की थी। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। पिछले सप्ताह, भारत की यात्रा पर आए कुवैत के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया था कि कुवैत की जीसीसी की वर्तमान अध्यक्षता के अंतर्गत भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की देखभाल के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे, महाकुम्भ से जुड़ी परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने और परियोजनाओं का लोकार्पण करने 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी सात हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही संगम तट पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए जा रहे है। सीएम योगी करेंगे समीक्षा बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विमान से एयर रूट रिहर्सल किया गया। उधर, पांच दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी दूसरी बार प्रयागराज पहुंच रहे हैं।11 दिसंबर को वह महाकुंभ से जुड़े कार्यों की एक बार फिर से समीक्षा और निरीक्षण करेंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट कॉरिडोर पहुंचेंगे, जहां 13 को प्रधानमंत्री को भी जाना है। जोर-शोर से चल रही तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमेटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। पीएम की जनसभा के लिए संगम तट पर भव्य पंडाल तैयार हो गया है। साथ ही इसका ले-आउट भी फाइनल हो गया है। विशाल पंडाल में करीब 40 ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें वीआईपी समेत अलग-अलग करीब 20 हजार व्यक्तियों के लिए व्यवस्था की जा रही है, हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से दो लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

‘चुनौतियों से टकराने का नाम है राजस्थान’, ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पीएम मोदी शामिल

 जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन किया।राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजस्थान की विकास यात्रा में आज एक और अहम दिन है। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में प्रतिनिधी और निवेशक यहां पधारे हैं। यहां उद्योग जगत के भी अनेक साथी मौजूद हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आप सभी का अभिनंदन है। मैं राजस्थान की भाजपा सरकार को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई दूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज दुनिया का हर एक्सपर्ट, हर इन्वेस्टर भारत को लेकर बहुत ही उत्साहित है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए भारत ने जो विकास किया है, वो हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। आजादी के बाद, सात दशक में भारत, दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया था, जबकि पिछले 10 वर्ष में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। पीएम मोदी ने कहा डेमोक्रेटिक रहते हुए मानवता का कल्याण, भारत का मूल चरित्र है। आज भारत की जनता अपने डेमोक्रेटिक हक के माध्यम से भारत में स्थिर सरकार के लिए वोट कर रही है। भारत के इस पुरातन संस्कार को हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है। आने वाले अनेक वर्षों तक भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में रहने वाला है। भारत में युवाओं का सबसे बड़ा पुल होने के साथ ही सबसे बड़ा स्किल्ड युवा वर्ग भी होगा। इसके लिए सरकार एक के बाद एक कई फैसले ले रही है।

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