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पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किये

जबलपुर अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मंगलवार रात को पूरी पुलिस फोर्स को क्राइम ब्रांच से लाइन में ट्रांसफर कर दिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वहीं चारो ओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। इसे लेकर भी एसपी ने मीडिया से बात करते हुए पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। इतने बड़े ट्रांसफर के पीछे उन सभी पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी है। इस कार्रवाई में जो अफसर शामिल हैं उनमें एक एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एसपी को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इसे नजर में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। एसपी उपाध्याय ने बताई वजह एसपी उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रांसफर किए गए पुलिसकर्मी चार साल से क्राइम ब्रांच में तैनात थे और यह फैसला एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल है। हालांकि, अचानक आए इस आदेश से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर उन अफसरों में जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। कई अफसरों पर जबरन वसूली की शिकायतें ट्रांसफर से पुलिस बल में हलचल मच गई है। सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कथित जबरन वसूली और लंबित मामलों की शिकायतें थीं। इस अफसरों में कई ने आम लोगों को भी सताया था जिसके बाद ही यह कदम उठाया गया है।

संभल हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन, हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी

संभल यूपी के संभल में 24 नवंबर को हुई हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और एडिशनल एसपी के साथ पुलिस की तीन अलग-अलग टीमों ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के इलाके में हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी है. पुलिस के इस एक्शन से इलाके में हड़कंप मच गया. दबिश के दौरान पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर से स्मैक की 90 से ज्यादा पुड़िया बरामद की. वहीं, दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए. इस दौरान पुलिस ने एक घर में दबिश के दौरान एक युवक को भी गिरफ्तार किया. दरअसल, शाही जामा मस्जिद में सर्वे को लेकर संभल में हिंसा हुई थी. इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे. उपद्रवियों द्वारा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना के बाद से पुलिस हिंसा में शामिल लोगों पर एक्शन ले रही है. मामले में स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. उनपर लोगों को भड़काने का आरोप है. इस कड़ी में बीते दिन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एडिशनल एसपी ने स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से 50 मीटर की दूरी पर संदिग्ध बाइक सवार लोगों को रोककर चेकिंग की. वहीं, दूसरी तरफ सीओ अनुज चौधरी ने पुलिस टीम के साथ RRF, RAF और पीएसी के जवानों को लेकर दीपा सराय स्थित सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के 13 घरों में ताबड़तोड़ दबिश दी. इस दौरान 2 हिस्ट्रीशीटर बदमाश मुल्ला अशद और मुल्ला आसिम के घर में भी दबिश दी गई. जहां मुल्ला अशद के घर में दबिश के दौरान स्मैक की 93 पुड़िया बरामद हुईं. इसके अलावा दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. पुलिस ने घर से तमंचा मिलने के मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. जबकि, कई घरों में दबिश के दौरान पुलिस ने मौके पर मिले कुछ युवकों को हिरासत में भी ले लिया है. उनसे पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं. इस एक्शन को लेकर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि RAF, RRF और पीएसी के साथ 13 घरों में पुलिस की टीमों के द्वारा दबिश दी गई. इस दौरान पुलिस की टीमों के द्वारा कई घर की तलाशी ली गई, जिसमें तीन घरों के अंदर से संदिग्ध चीज मिली. इसमें एक मुल्ला अशद के घर से 93 पुड़िया स्मैक बरामद हुई जबकि ताजवर और मेहबर के घर से 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. दोनों अवैध तमचों को सील कर दिया गया है. वहीं, दबिश के दौरान जो लोग घर में मौजूद मिले उनको पूछताछ के लिए ले जाया गया है. उन लोगों की जिस तरह की भी संलिप्तता मिलेगी उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी. इसके अलावा चेकिंग के दौरान तीन दर्जन बाइक के चलान किए गए हैं और तीन बाइक को सीज किया गया है. हिंसा में शामिल 39 उपद्रवियों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है.  

ह्वाट्सऐप ग्रुप के जरिए ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी, अब तक 7 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मंडला पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ऐप पर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करता था। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने 16 राज्यों में लगभग 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। घटना का विवरण चौकी अंजनिया, थाना बम्हनी बंजर में एक आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए प्रेरित किया गया। फर्जी ऐप के जरिए आवेदक के पिता के रिटायरमेंट फंड से 17 लाख रुपये बालाजी ट्रांसपोर्ट के नाम पर एक खाते में जमा कराए गए। ऐप पर प्रारंभ में निवेश को बढ़ता दिखाया गया, लेकिन बाद में अकाउंट में पैसा माइनस दिखने लगा। इस धोखाधड़ी का अहसास होने पर आवेदक ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की कार्रवाई मंडला पुलिस की साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और जेमिस/समन्वय पोर्टल का उपयोग कर ठगों की गतिविधियों का पता लगाया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट और मेहसाणा में रवाना हुई। वहां की स्थानीय पुलिस और मुखबिरों की सहायता से टीम ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया: 1. विशाल झाला (27 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 2. लक्ष्मण ठाकौर (47 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 3. नीरव पोपट (43 वर्ष): निवासी अहमदाबाद, गुजरात गिरोह की कार्यप्रणाली गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप पर लोगों को जोड़कर फर्जी ऐप के जरिए आकर्षक मुनाफा दिखाता था। निवेशकों को आईपीओ खरीदने का झांसा देकर उनके बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। ये ठग फर्जी बैंक अकाउंट और चेकबुक का इस्तेमाल करते थे, जिन पर पहले से हस्ताक्षर ले लिए जाते थे। गिरोह बड़े शहरों में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करता था। देशव्यापी नेटवर्क यह गिरोह 16 राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय था।  सफलता में शामिल पुलिस टीम इस जटिल और गंभीर मामले को सुलझाने में चौकी अंजनिया के प्रभारी उपनिरीक्षक लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सउनि. अशोक चौधरी, प्र.आर. भूपेन्द्र धुर्वे, आरक्षक सुनील सिंह, कीर्ति कुमार, विलेन्द्र नायक, अंचल बघेल और साइबर सेल मंडला की विशेष भूमिका रही। पुलिस का संदेश मंडला पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट के लिए धनराशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।किसी भी तरह की धन संबंधी आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचित करें।  

360° परिप्रेक्ष्य के साथ पुलिसकर्मियों को तैयार करने का सफल प्रयास

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी एवं पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस), भौंरी में आयोजित 15 दिवसीय कार्यवाहक निरीक्षक एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक इण्डक्शन सत्र का समापन समारोह पाँच दिसंबर को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) दिनेश चंद्र सागर ने की।       कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक पीटीएस, श्रीमती रश्मि पांडे द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षण सत्र की विभिन्न गतिविधियों और विषय-वस्तु पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवीन कानून, सायबर अपराध, महिला सुरक्षा, किशोर न्याय, विवेचना की सावधानियां, और कार्य में 360° दृष्टिकोण रखने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। सं‍विधान के दायरे में रहते हुए करें उत्कृष्ट कार्य मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र सागर ने अपने संबोधन की शुरुआत संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन करवाते हुए की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संविधान के दायरे में रहते हुए उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी और जनसेवा के प्रति निष्ठा ही सफलता का आधार है।       एडीजी सागर ने रामायण के “विजय रथ” प्रसंग का उल्लेख करते हुए पुलिसकर्मियों में शौर्य, धैर्य, सत्य, शील, बल, विवेक, आत्मनियंत्रण, क्षमा, कृपा और समता जैसे 12 गुणों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य कवियों की कविताओं का उद्धरण देते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य और परिवार पर ध्यान देने की सलाह सागर ने पुलिस की व्यस्त नौकरी में स्वास्थ्य, संतुलित आहार, योग और ध्यान के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने फास्ट फूड से बचने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, पुलिसकर्मियों को अपने परिवार, विशेषकर बच्चों की पढ़ाई में मदद करने और उनके साथ संवाद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अन्य मुख्य अंश इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन निरीक्षक श्रीमती अनीता नागवंशी ने किया, और अंत में सहायक निदेशक (प्रशासन/प्रशिक्षण) नीरज पांडे ने आभार व्यक्त किया।       यह सत्र पुलिसकर्मियों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है।

मध्यप्रदेश में अब पुलिस सिर्फ राज्यपाल को ही देगी सलामी, सीएम-मंत्रियों को नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरा मध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है। सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामी बता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी।

इंदौर पुलिस ने कुख्यात बदमाशों का गिराया भाव, सूचना देने पर मिलेंगे एक रुपए का ईनाम

इंदौर शहर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों पर शिकंजा कसने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। इंदौर के डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) ने फरार अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपए का इनाम घोषित किया है। यह कदम अपराधियों के बढ़ते हौसले को पस्त करने के लिए है और जनता में अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शहर में लगे पोस्टर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर और सूचनाएं जारी कर दी हैं, जिनमें फरार आरोपियों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपराधियों के ठिकानों की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। दो अलग घटनाओं के आरोपी फरार इंदौर जिले के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक आरोपी ने चाकू बाजी की घटना को अंजाम दिया था. घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सौरभ उर्फ बिट्टू को पुलिस कई जगहों पर तलाश भी रही है, लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार फरार चल रहा है. इसी तरह दूसरा घटनाक्रम इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र का है. सदर बाजार पुलिस भी एक तबरेज नाम के आरोपी को पिछले काफी सालों से तलाश रही है, लेकिन वह भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है. जिसके चलते डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है. एक रुपए का ईनाम पुलिस के मुताबिक थाना सदरबाजार के प्रकरण में फरार आरोपी तबरेज पिता जाहिद अली निवासी मकान नं. 5 गली नं. 1 अंडेवाली गली, जुना रिसाला तथा थाना मल्हारगंज के प्रकरण में फरार अपराधी सौरभ उर्फ बिट्टू पिता सुभाष गौड उम्र 24 वर्ष निवासी 25/3 कृष्ण बाग कालोनी की गिरफ्तारी हेतु 1 रुपए (एक रुपए) का ईनाम घोषित किया गया है। प्रतीक के तौर पर यह ईनाम डीसीपी विनोद कुमार मीना का कहना है कि 1 रुपए का इनाम महज एक प्रतीक है। इससे यह संदेश भी दिया जा रहा है कि अपराधियों का हौसला अब कमजोर पड़ चुका है। वही पुलिस का यह कदम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे हास्यप्रद मान रहे हैं, तो कई इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। डीसीपी ने आरोपियों पर रखा 1 रुपए का इनाम आपको बता दें इसमें बड़ी बात यह है कि डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों पर 1 रुपए का इनाम घोषित किया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में डीसीपी विनोद कुमार मीणा का कहना है कि “दोनों ही कुख्यात आरोपी हैं, उन पर अलग-अलग तरह के कई अपरपाधिक प्रकरण दर्ज हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को तलाश भी रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा. डीसीपी ने कहा यदि हम दोनों के खिलाफ हजारों रुपए के इनाम घोषित करते तो क्षेत्र में उनका खौफ बढ़ता.

नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के विरुद्ध अभियान के दूसरे दिन जारी, अनूपपुर पुलिस ने 11 नाबालिग चालकों पर की कार्रवाई

अनूपपुर अनूपपुर जिले में नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा तेज गति और लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाने की शिकायतों के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन, शुक्रवार को, टीआई कोतवाली श्री अरविंद जैन के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।  कार्रवाई का विवरण: टीम ने अमरकंटक रोड स्थित बेथेल मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 11 दोपहिया वाहनों के नाबालिग चालकों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। इनमें शामिल वाहन: 1. स्कूटी (एम.पी. 65 जेड ए 1225) 2. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 0996) 3. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 7303) 4. सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (एम.पी. 65 एन 6744) 5. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 4060) 6. टीवीएस रेडऑन (एम.पी. 18 एम बी 8739) 7. बिना नंबर की नई स्कूटी 8. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 8713) 9. टीवीएस विक्टर (एम.पी. 18 जी 7005) 10. होंडा एक्सब्लेड (एम.पी. 65 एम इ 4771) 11. स्कूटी (एम.पी. 54 एन 7309) इन वाहनों को ज़ब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।  पिछले दिन की कार्रवाई: गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भारत ज्योति स्कूल के पास चेकिंग के दौरान 6 नाबालिग चालकों के वाहन ज़ब्त किए थे।  स्कूल और अभिभावकों को समझाइश: बेथेल मिशन स्कूल के प्रबंधन और प्राचार्य को थाना बुलाकर नोटिस दिया गया है। उनसे कहा गया कि नाबालिग छात्रों को वाहन चलाने से रोकने के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। साथ ही, ज़ब्त वाहनों के 11 नाबालिग चालकों के अभिभावकों को थाना बुलाकर भविष्य में नाबालिगों को वाहन न देने की समझाइश दी गई।  पुलिस अधीक्षक की अपील: पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गैरकानूनी है।  यह अभियान अनूपपुर पुलिस द्वारा सतत जारी रहेगा।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई हेतु पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित

अनूपपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस और खनिज विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अनूपपुर, श्री मोती उर रहमान ने की। बैठक में संचालक खनि प्रशासन श्रीमती आशालता वैद्य, खनिज निरीक्षक श्रीमती ईशा वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इसरार मंसूरी, एसडीओपी अनूपपुर श्री सुमित किरकेट्टा और जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।  बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय  – 1 . संयुक्त कार्रवाई: पुलिस और खनिज विभाग आपसी समन्वय के साथ अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए लगातार संयुक्त कार्रवाई करेंगे। सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अवैध उत्खनन के संभावित घाटों एवं स्थान पर रात्रि में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी भेजी जाएगी  जो ऐसे स्थान पर सतत निगरानी रख कार्रवाई करेंगे। 2. आदतन आरोपियों पर निगरानी: अवैध रेत चोरी और परिवहन में संलिप्त आदतन आरोपियों की जानकारी साझा कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। 3. छत्तीसगढ़ से जारी ISTP के दुरुपयोग  की जांच: ई-खनिज पोर्टल से जारी ISTP (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) के दुरुपयोग की जांच होगी। खासतौर पर छत्तीसगढ़  की ISTP का मध्यप्रदेश में अवैध परिवहन के लिए दुरुपयोग पाए जाने पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। 4. अवैध खदानों पर विशेष निगरानी: जिले में बिना स्वीकृति वाली खदानों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित किया जाएगा ताकि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लग सके। 5. जिला बदर कार्रवाई: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। 6. समन्वित जानकारी: पुलिस द्वारा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के प्रकरण दर्ज करने पर समय पर खनिज विभाग को सूचित किया जाएगा ताकि खनिज विभाग भी आवश्यक कार्रवाई कर सके।    सख्त निर्देश जारी: पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि उनके थाना क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए विशेष टीम गठित की जाए और प्रतिदिन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  बैठक में उपस्थित अधिकारी: थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन, थाना प्रभारी जैतहरी प्रकाश कोल , थाना प्रभारी कोतमा सुंदरेश मरावी, थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिंह, थाना प्रभारी भालूमाड़ा राकेश सिंह , थाना प्रभारी रामनगर अमर वर्मा, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक अमरलाल यादव, और चौकी प्रभारी फुनगा सुमित कौशिक। पुलिस और खनिज विभाग की इस समन्वित कार्रवाई का उद्देश्य जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाना है।

वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही

अवैध कटाई में संलिप्त वन माफियाओं को पकड़ने की मुहिम जारी सागौन के अवैध परिवहन का आरोपी गिरफ्तार वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही भोपाल वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही है। इसी क्रम में वन मण्डलाधिकारी, उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल नवीन गर्ग ने बताया कि उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल के परिक्षेत्र बैतूल सामान्य वन मण्डल में 18 एवं 19 नवम्बर को वन विभाग द्वारा रात्रि गश्त के दौरान खारी बीट में जाँच करने पर सागौन की लकड़ी से भरा अशोक लीलेण्ड मिनी ट्रक जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वाहन की जाँच करने पर वाहन में रामकुमार वल्द पुरुषोत्तम मेहरा के नाम के ड्रायविंग लायसेंस की छायाप्रति प्राप्त हुई। इसके आधार पर वन मण्डलाधिकारी उत्तर बैतूल नवीन गर्ग सामान्य वन मण्डल के निर्देशन में उप वन मण्डलाधिकारी श्रेयस श्रीवास्तव और परिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. बघेल के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर विभिन्न स्थलों पर छापामार कार्रवाई की गयी। छापामार कार्रवाई में वाहन मालिक रामकुमार मेहरा निवासी राहुल नगर मण्डीदीप जिला रायसेन को गिरफ्तार कर बयान दर्ज किये गये। आरोपी रामकुमार मेहरा ने बयान में यह बताया कि उसके द्वारा राजू वाड़ीवा निवासी ग्राम पाठई तहसील शाहपुर के साथ में सागौन कटाई कर परिवहन किया गया। वन विभाग द्वारा पूर्व में 27 अक्टूबर को 3 आरोपियों में राजा पिता राजू वाड़ीवा, शेख अफजल और पाढर के सोनू मुईनुद्दीन की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वन विभाग की टीम द्वारा 22 नवम्बर को आरोपी को न्यायालय द्वारा उसके बयान के आधार पर पूछताछ एवं मौका निरीक्षण के लिये 3 दिवस के लिये फॉरेस्ट रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी रामकुमार मेहरा को 25 नवम्बर को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण की विवेचना में आरोपी द्वारा किये गये अपराध के आधार पर 7 दिसम्बर 2024 तक ज्यूडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

कोर्ट में सजा सुनते ही कठघरे में आ गई पेशाब, फिर बहाना बनाकर फरार हो गया नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी

खंडवा  कोर्ट से बाथरूम का बहाना कर फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे घंटे बाद खुद ही वापस लौट आया। कोतवाली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से ले जाते समय मीडिया ने पूछा तो दुष्कर्मी ने बताया कि मैं यहां तारीख पर आया था। वकील को एक लाख रुपये भी दिए थे, फिर भी जेल हो गई। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि 20 साल की सजा होगी। मेरी पत्नी और बच्चे महाराष्ट्र में अकेले थे। मैं उन्हें लेने गया था, लेकर वापस लौट आया। क्या हुआ था दो दिन पहले, खंडवा पुलिस में मच गया था हड़कंप     नाबालिग से दुष्कर्म आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई, तो वह बाथरूम जाने का बहाना कर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। मामला बीते शुक्रवार दोपहर को जिला न्यायालय परिसर का था।     आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद जमानत पर था। शुक्रवार को मामले में अंतिम सुनवाई थी। फरारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली थी कि उसका परिवार महाराष्ट्र में हैं। पुलिस उसे ढूंढने के लिए महाराष्ट्र पहुंची थी।     हालांकि तब तक आरोपी, वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन सोमवार को वह खुद ही वापस आ गया। इसके साथ ही लापरवाही के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।     आरोपित को कोर्ट लाने ले जाने में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच जारी है। सजा सुनते ही उड़े होश आरोपी हरिराम को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद उसके होश उड़ गए। उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया। एक पुलिसकर्मी उसे लेकर गया और वापस लाया। इस बीच, उसे भागने का मौका नहीं मिला। इस बीच, एक अन्य मामले के आरोपी ने भी पुलिसकर्मी से कहा कि उसे भी बाथरूम जाना है। पुलिसकर्मी हरिराम को वहीं छोड़ दूसरे आरोपी को बाथरूम ले गया। इस दौरान हरिराम कोर्ट रूम के पास से भाग गया। उसके भागने की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया। पुलिस के वायरलेस सेट और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल बज उठे। पिपलौद, कोतवाली, खालवा, पंधाना की पुलिस टीम उसे तलाशने लगी लेकिन वह नहीं मिला नहीं। 48 घंटे बाद अब वह खुद ही वापस लौट आया। अब पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश के मुताबिक जेल भेज दिया है।

सीधी में पुलिस लाइन में एक साथ पांच घरों में चोरों का धावा, दो थाना प्रभारियों सहित पांच घरों में चोरी, नाइट गस्त पर खड़े हुए सवाल

कटनी  जिले के लोग जिस पुलिस महकमें से सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं, आज वो पुलिस महकमे के अधिकारी और कर्मचारी अपने आप को खुद असुरक्षित महसूस कर रहें होंगे। आखिर ऐसा असुरक्षा का भाव उत्पन्न हो भी तो क्यों ना। सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात को चोरों ने पुलिस व्यवस्था को सीधे तौर पर खुलेआम चुनौती देते हुए भारी सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी वाले झिंझरी पुलिस लाइन में एक, दो नहीं बल्कि पांच मकानों के ताले एक के बाद एक चटका कर वहां से लाखों रुपए का माल पार कर दिया। चोरों ने जिन पांच घरों को निशाना बनाया उनमें से दो घर कटनी जिले में पदस्थ रहे पूर्व थाना प्रभारी सहित एक उपनिरीक्षक एवं दो अन्य पुलिस कर्मियों के हैं। इस घटना ने एक बार फिर पूरे जिले को पुलिस व्यवस्था के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। वारदात ने पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग की पोल खोलकर रख दी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद पुलिस लाइन में इस तरह चोरी हो जाना कोई आम बात नहीं है। इस घटना ने जिले में बढ़ते चोरों के हौसले और लचर होती पुलिस व्यवस्था की सारी सच्चाई बयां कर दी है। वारदात से जुड़े तथ्यों के विषय में कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है। इन मकानों को बनाया निशाना विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विगत रात्रि चोरों ने बहोरीबंद थाने में पदस्थ पूर्व थाना प्रभारी अर्चना जाट, महिला थाना प्रभारी मधु पटेल, उप निरीक्षक सतीश पटेल, विकास कुमार प्रजापति, गौरव गिरी, अजीत सिंह के सूने मकान का ताला तोड़कर भारी मात्रा में रूपए पैसे और गहने चोरी किए हैं। बताया जाता है कि बिलहरी चौकी में पदस्थ एक आरक्षक की बाइक भी कर लेकर चंपत हो गए हैं। पांच मकानों से कुल कितना माल चोर लेकर गायब हुए और किस तरह घटना हुई इसके विषय में माधव नगर एवं झिंझरी पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है। साधी चुप्पी पुलिस लाइन में हुई चोरी में कितना माल चोरों ने पार किया इस विषय में अब तक पुलिस के द्वारा कोई जानकारी प्रदान नहीं की जा सकी है। घटना की जानकारी लगते ही माधव नगर थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर एवं झिंझरी चौकी प्रभारी प्रियंका राजपूत डॉग स्कॉट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए कार्यवाही करने में जुटे हुए हैं। नाइट गस्त कटघरे में पुलिस लाइन में हुई चोरी की घटना ने पुलिस के द्वारा की जाने वाली नाइट पेट्रोलिंग की सच्चाई खोल कर रख दी है। आपको बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हर रात अलग-अलग अधिकारियों को विशेष तौर पर नाइट पेट्रोलिंग के लिए टीम के साथ तैनात किया जाता है। गत रात्रि किस तरह नाइट पेट्रोलिंग पुलिस ने की वह तो घटना ने खुद उजागर कर दिया है।

एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची तो उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया

भोपाल भोपाल के एमपी नगर में नकली पुलिसकर्मी पकड़े जाने के बाद अब टीटी नगर पुलिस ने एक नकली महिला एडीशनल एसपी को पकड़ा। एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची थी। यहां पर उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया। बातचीत के दौरान महिला एसआई समझ गई कि युवती नकली वर्दी पहने हुए हैं। उसे तुरंत ही थाने ले जाया गया। युवती के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। टीटी नगर पुलिस ने बताया कि रोजाना की तरह थाने के स्टाफ की महिला एसआई थाने के सामने से न्यू मार्केट के भीतर जाने वाले रास्ते पर तैनात थीं। इसी दौरान मस्जिद के पास की दुकानों के पास उन्होंने एडीशनल एसपी की वर्दी मे एक युवती को देखा। महिला एसआई उनके पास पहुंची तथा सैल्यूट कर बात करना शुरू की। इसी दौरान महिला एसआई की नजर महिला अधिकारी की वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर पड़ी। उसमें नाम के नीचे अंकों में नंबर लिखे हुए थे। इस तरह के नंबर आरक्षक और प्रधान आरक्षक की नेम प्लेट पर होते हैं, जबकि अधिकारियों की नेम प्लेट पर केवल नाम ही होते हैं। शंका होने पर महिला एसआई ने अपने स्टाफ को इशारा किया तथा युवती से बातचीत करना शुरू कर दिया। इस दौरान महिला अधिकारी समझ गई कि वर्दीधारी युवती झूठ बोल रही है। उसे तुरंत ही थाने लाया गया जहां पर पूछताछ करने पर पता चला कि वह नकली वर्दी पहनकर घूम रही थी। पीएससी में नहीं हुआ चयन, घरवालों के तानों से थी परेशान युवती का नाम शिवानी चौहान बताया गया है, वह इंदौर की रहने वाली है। उसने पीएससी की परीक्षा दी थी। जिसमें उसका चयन नहीं हुआ था, लेकिन घर वालों के तानों से परेशान होकर उसने बोल दिया उसका चयन पुलिस सेवा के लिए हो गया। कई महीनों तक जब उसने नौकरी ज्वाइन नहीं की तो घर वालों ने फिर से पूछना शुरू कर दिया। परेशान होकर शुक्रवार को वह अपनी बुआ के लडक़े के साथ भोपाल आई थी। घर वालों को उसने बताया था कि वह पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग देने के लिए जा रही है। भोपाल पहुंचने पर उसने लालघाटी इलाके में बुआ के बेटे से बोला कि अब तुम यहीं रुके मुझे पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग के बाद मीटिंग करना होगी। यहां से वह अकेली चली गई। शाम को जब वह एडीशनल एसपी की वर्दी पहनकर घूम रही थी तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई।  

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें ‘ऑपरेशन मिलाप’ में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।  

टीकमगढ़ पुलिस ने ₹3000 के ईनामी आरोपी को लिया गया पुलिस अभिरक्षा में

टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिह मण्डलोई के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जतारा श्री अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में  फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु अभियान चलाया जा रहा है । अपराध का विवरण पलेरा पुलिस द्वारा फरियादी गुमनाम के द्वारा अपनी नाबालिक लडकी को अज्ञात आरोपी द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने संबंधी रिपोर्ट की गई थी जिस पर थाना पलेरा मे अप.क्र. 323/24 धारा 137(2) वीएनएस का पंजीबद्ध कर अपहता की तलाश की गई। उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक टीकमगढ द्वारा  अज्ञात आरोपी के विरुध्द ₹3000  का ईनाम घोषित किया गया था। कार्यवाही थाना पलेरा की पुलिस टीम द्वारा अपहर्ता को दस्तयाब किया जाकर  माननीय न्यायालय मे कथन कराए गए जिसमें पीडिता ने अपने कथनो मे नवालिग आरोपी द्वारा बुरा काम करने संबंधी कथन दिए । प्रकरण मे धारा 64(1),64(2)(एम), 87 वीएनएस 5/6 पोक्सो एक्ट का ईजाफा करते हुए प्रकरण मे आरोपी नावालिग बालक के नाम का ईजाफा करते हुए आरोपी नावालिग बालक की तलाश की गई जिसे दिनांक 20.11.24 को पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय टीकमगढ पेश किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी थाना पलेरा निरीक्षक मनीष मिश्रा, उपनिरी. एन.डी. कौदर, प्रआर 296 ग्यासी यादव, प्रआर 132 रमाशंकर कुशवाहा, आर 678 लक्ष्मण पटेल, आर. 702 अजय अहिरवार, आर 463 प्रवेन्द्र पटेल, आर. 334 अनूप अनुरागी, आर. 478 नरेन्द्र पटेल, मआर. 651 नीतू विश्वकर्मा, मआर. 749 मोनिका मुबेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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