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400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

भोपाल   कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है। अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। 400 जवान हुए शामिल वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे। इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है। गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

कंधा टकराने पर बढ़ा विवाद, युवक की हत्या के चार आरोपी घंटों में गिरफ्तार

बीयर की बोतल से हमला कर युवक की हत्या   कंधा टकराने की बात को लेकर हुआ था विवाद   चंद्र घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए चारों आरोपी  इंदौर जिले के विजयनगर थाना क्षेत्र में मामूली बात को लेकर चार लड़कों ने एक युवक की बीयर की बोतल मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि इलाके में रहने वाले गोलू चंद्रवंशी का कंधा टकराने की बात को लेकर एक युवक से विवाद हो गया था।इसके बाद उक्त युवक ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बीयर की बोतल से गोलू चंद्रवंशी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गोलू को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।पुलिस ने इस मामले में अखिलेश वासरे, अमोघ रैदास, आकाश कदम और वरुण श्रीनिवास को तत्काल घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस की टीम को देख यह चारों बदमाश नाले में कूद गए थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोट आई है।आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ऑपरेशन मुस्कान में सफलता, 27 नाबालिगों को सुरक्षित बरामद किया गया

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलताएं   राजस्थान-उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग बालक-बालिकाएं सुरक्षित बरामद  भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 5 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआ पुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।इसी प्रकार सीहोर जिले में 4 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटी एवं भैरूंदा पुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। तीन साल की बच्ची समेत तीन नाबालिग दस्तयाब सीधी जिले की थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब किया गया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   बारह सौ किलोमीटर दूर मिली नाबालिग कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। इसी प्रकार उमरिया जिले के थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाब किया। इसी प्रकार मंदसौर जिले के थाना दलौदा पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इधर दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 1-1 अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है।

नए रंग-रूप में 24 थाने, न्याय सेवा सदन बनाकर बालाघाट पुलिस ने गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की योजना

बालाघाट पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बालाघाट पुलिस ने अनूठी पहल की है। ये पहल बदलाव की है, जिसमें बालाघाट के सभी 24 पुलिस थानों को नए रंग-स्वरूप में परिवर्तित किया गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि इस पहल का यही उद्देश्य है कि चाहे वह महिला हो, युवती हो या अन्य कोई भी व्यक्ति, वह बिना डरे थाने में जाकर अपनी शिकायत कर सके। पुलिस स्टाफ उसके साथ अच्छा व्यवहार करे, थाने सुंदर और व्यवस्थित हों। फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का बेहतर संधारण और डिजिटलाइजेशन हो। आइएसओ प्रमाणित किया गया जिले के सभी 24 थानों, छह एसडीओपी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस लाइन बालाघाट को आइएसओ प्रमाणित किया गया है। 32 पुलिस संस्थानों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए प्रमाण पत्र खास बात है कि सभी थाने उन्नयन, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। ये अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आइएसओ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। जिले के सभी थानों और एसडीओपी कार्यालयों को महज चार महीने में नए स्वरूप में तैयार किया गया है। पहले अव्यवस्था का आलम रहता था इन संस्थानों में पहले अव्यवस्था का आलम रहता था। फाइलें धूल खाती थीं। कंप्यूटर कक्ष, मुंशी कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, विवेचक कक्ष, मालखाना आदि में फाइल सहित अन्य सामग्री अव्यवस्थित ढंग से रखी होती थीं, लेकिन अब इन्हें व्यवस्थित किया गया है। हर कक्ष की रंगाई-पोताई के साथ फाइलों के संधारण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा प्रस्ताव बालाघाट पुलिस ने एक-साथ 32 पुलिस संस्थानों के आइएसओ प्रमाणीकरण की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्ताव भेजा है। बालाघाट पुलिस ने थानों के उन्नयन के लिए पांच बिंदुओं पर काम किया है। इन्हीं बिंदुओं पर आइएसओ प्रमाणीकरण हुआ है। थानों में इन पांच बिंदुओं पर किया काम 1. सैनेटाइजेशन: थाना परिसर में गंदगी को दूर किया गया। गार्डन तैयार कर परिसर में सुंदर और स्वच्छ बनाया गया। पुलिस ने सिर्फ थानों की अस्वच्छता को दूर नहीं किया बल्कि अव्यवस्थित दस्तावेज, फाइल, पुराने रिकार्ड को व्यवस्थित किया गया। 2. डिजिटाइजेशन: पुलिस ने सभी दस्तावेजों, फाइलों को फिजिकल सुरक्षित रखने के साथ इन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया है। ताकि कोई दस्तावेज भौतिक रूप से गुम भी हो, तो वह डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध हो और कार्रवाई में बाधा न आए। 3. आधारभूत संरचना: फरियादी के थाने पहुंचने पर उसे रिस्पेशन डेस्क उपलब्ध कराई गई है। फरियादी के लिए डे आफिसर को तैनात किया गया है। क्योंकि हर बार थाना प्रभारी थाने में हो ये संभव नहीं होता। डे आफिसर उस शिकायत पर निश्चित समय पर कार्रवाई करेगा। 4. समीक्षा बैठक कक्ष: थाना परिसर में रोज की कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए पृथक कक्ष तैयार किया गया है। इस कक्ष में थाना प्रभारी अपने सभी विवेचकों के साथ बैठक लेंगे। जनता के साथ शांति समिति जैसी बैठकें भी कर सकेंगे। एसपी बैठक की निगरानी करेंगे। 5. साइबर सारथी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने प्रत्येक थाने में साइबर सारथी के रूप में सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ होगा, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये स्टाफ फंड फ्रिजिंग करेगा और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेगा।  

भोपाल को मिलेगा नया पुलिस थाना, कजली खेड़ा से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार

भोपाल  राजधानी भोपाल के नगरीय क्षेत्र में एक और थाना बहुत जल्दी बढ़ने वाला है। दरअसल राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर कोलार के ग्रामीण क्षेत्र कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को उन्नयन कर थाना बनाने की मंजूरी प्रदान कर चुक है। लेकिन थाना अभी तक संचालित नहीं हो सका है। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल, एडीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह के साथ कोलार थाने का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखीं।  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने एक-दो दिन में कजलीखेड़ा थाने को व्यवस्थाएं कर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि कोलार थाना क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा है और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल होने के कारण काम का बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुलिस की तुरंत उपस्थिति के लिए कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू किया जाए।  उल्लेखनीय है कि कजलीखेड़ा पहले पुलिस सहायता केंद्र था। वर्तमान में वह चौकी है। और वहां उप निरीक्षक केशांत शार्मा पदस्थ हैं। पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी सहित 13 पुलिसकर्मियों को फिलहाल कोलार थाने से ही कजलीखेड़ा में पदस्थ किया जा रहा है। संभावना है कि बाद में नया थाना प्रभारी भी लाइन से भेजा जाए। पुलिस सूत्रों की मानें तो औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फरवरी माह के अंत तक कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू होने की संभावना है।  यह पुलिसकर्मी नए थाने में होंगे पदस्थ कोलार थाने से अलग होकर कजलीखेड़ा थाने में उप निरीक्षक सहित 13 पुलिसकर्मी पदस्थ किए जा रहे हैं। वर्तमान कजलीखेड़ा चौकी प्रभारी केशांत शर्मा को ही फिलहाल थाने की कमान सौंपी जा रही है। केशांत शर्मा के साथ एएसआई ⁠एएसआई रूपेश नर्रे, संतोष कुमार, ⁠प्रधान आरक्षक देवकीनंदन, सन्तोष यादव, रंजीत, महेश परमार के साथ आरक्षक रविन्द्र तोमर, रविन्द्र मालवीय, राजेश जाटव, ⁠प्रदीप यदुवंशी, ⁠जितेंद्र गुर्जर और ⁠महिला आरक्षक राधिका को नए थाने में पदस्थ करने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।

मध्य प्रदेश: 60 जवानों को प्रमोशन, बालाघाट में बन रहा अमर जवान ज्योति स्मारक

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बालाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ों में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले 60 जवानों को नियमों से हटकर पदोन्नति प्रदान की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री यादव ने बालाघाट जिले में आईएसओ मानकों के अनुसार विकसित किए गए 32 थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों का रिमोट से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हॉक फोर्स और पुलिस कर्मियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट नाम में ही शक्ति निहित है। अपने दृढ़ संकल्प से इस जिले ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलवाद जैसी हिमालयी चुनौती का भी अंत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और राज्य में लाल सलाम को अंतिम विदाई दी। मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने में हॉक फोर्स के बहादुर जवानों की भूमिका वाकई सराहनीय है। बालाघाट कभी नक्सलियों के खून-खराबे का अड्डा हुआ करता था, लेकिन सुरक्षा बलों की बहादुरी, पुलिस के दृढ़ संकल्प और जनता के भरोसे ने मिलकर इस क्षेत्र को नक्सली आतंक की जंजीरों से मुक्त कराया। राज्य सरकार अमर जवान ज्योति के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था कर रही है कि नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का मौका कभी न मिले। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल-खिड़की सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि आदिवासी समुदायों को वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शिविरों का आयोजन किया गया है। बालाघाट में अमर जवान ज्योति बनेगा मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित करते हुए महाकौशल क्षेत्र के बालाघाट में कृषि मंत्रिमंडल की बैठक की घोषणा की। बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान की स्मृति के रूप में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता के लिए पुलिसकर्मियों को बधाई दी।

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार   थाने में दर्ज आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड, लंबित प्रकरणों की जानकारी और बीटचार्ज का लिया जायजा  भोपाल  राजधानी भोपाल के नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार लगातार थानों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोमवार रात गोविंदपुरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में दर्ज अपराधों की जानकारी और लंबित मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने बीटचार्ट और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही थाने की स्वच्छता और आगंतुकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। दरअसल नए पुलिस आयुक्त संजय कुमार की कार्य प्रणाली अन्य अधिकारियों से कुछ हटकर है। वह कार्यालय से दिशा निर्देश देने से ज्यादा जरूरी फील्ड में उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसी के चलते पुलिस आयुक्त लगातार अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त अपराधियों से सख्ती से निपटने और आमजनों से सद्व्यवहार करने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों के निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार आरोपी कट्टे के साथ गिरफ्तार

अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार आरोपी कट्टे के साथ गिरफ्तार भोपाल  राजधानी की टीटी नगर पुलिस ने अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को कट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार महीने से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक स्मार्ट सिटी स्थित लाड़ली लक्ष्मी पार्क के पास हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर संदेही को दबोच लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम सनी अहिरवार उर्फ सरकार (26) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी करोंद हाल पता चार खंबा शौचालय के पास चार इमली बताया। तलाशी लेने पर उसके पास कट्टा और कारतूस रखा मिला। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ निशातपुरा में पहले से मारपीट, अड़ीबाजी और आर्म्स एक्ट पांच अपराध दर्ज हैं।

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा   रात पौने दो बजे तीन बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम  पुलिस मिले महत्वपूर्ण सुराग, जल्द होगा मामले का खुलासा  भोपाल राजधानी के निशातपुरा इलाके में बाइक सवार एक युवक के साथ तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसकी बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और सोने-चांदी की तीन अंगूठियां लूट ली। घटना रात करीब पौने दो बजे उस वक्त हुई, जब युवक अपने साथी हलवाई को छोड़कर घर लौट रहा था।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हर्ष वर्मा (32) गुर्जरपुरा इतवारा में रहता है और शादी पाटिर्यों में लगने वाले कैटरिंग में खाना बनाने का काम करता है। बुधवार-गुरुवार की रात वह जेल रोड इलाके में एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए पहुंचा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने साथ काम करने वाले हलवाई को अस्सी फीट रोड शिवनगर स्थित उसके घर छोडऩे गया था। रात करीब पौने दो बजे वह हलवाई को छोडऩे के बाद बाइक से अपने घर के लिए लौट रहा था। करोंद स्थित शिव मंदिर के पास अचानक तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और जमकर मारपीट कर दी। उसके बाद बदमाशों ने हर्ष की बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और हाथ की उंगलियों में पहने एक सोने और दो चांदी की अंगूठियां उतरवा ली। उसके बाद तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। पुलिस ने बीती देर रात तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया।   तीनों बदमाशों का सुराग मिला खुलासा जल्द  मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार शाम तक तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है।

अनूपपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ से अपहृत नाबालिग को आरोपी के कब्जे से मुक्त किया, परिजनों को सौंपा

छत्तीसगढ से अपहृत कर लाई नाबालिग बालिका को कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से मुक्त कराकर परिजनों और छत्तीसगढ पुलिस को सौंपा  अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी श्री सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा छत्तीसगढ के जिला सूरजपुर से अपहृत कर लाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया जाकर परिजनो को सूचना देकर छत्तीसगढ पुलिस और परिवारजन को सौंपा गया। उक्त नाबालिग बालिका की दिनांक 31.01.2026 को अपने घर से अचानक लापता हो जाने पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ में धारा 137(2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध है। दिनांक 04.02.2026 दिन बुधवार को टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन को सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर नगर में एक नाबालिग बालिका के साथ संदिग्ध व्यक्ति किराये का कमरा लेने का प्रयास कर रहा है। जो उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया। टी. आई  कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक कमलेश तिवारी, आरक्षक अब्दुल कलीम, महिला आरक्षक अंकिता सोनी की टीम के द्वारा उक्त नाबालिग बालिका को आरोपी नवयुवक बबलू देवांगन पिता प्राचन देवांगन उम्र 19 साल निवासी सूरजपुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ के कब्जे से पकड़ा जाकर सुरक्षित थाना लाया गया। कोतवाली पुलिस के द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ से सहायक उपनिरीक्षक मानिकदास एवं नाबालिग बालिका के परिजन उपस्थित आये जिन्हें उनकी बच्ची सकुशल सौंपी जाकर पकडे गए आरोपी को भी छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द किया गया।          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की सजगता और ततपरतापूर्वक पूर्वक की गई कार्रवाई से उक्त नाबालिक बालिका अपने घर सुरक्षित पहुंच सकी।  जिसके परिवारजन द्वारा कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया गया है

किया जुलूस, जानें आरोप पुलिस ने स्कूटी से छह किमी पीछा कर सपा नेता को पकड़ा, इलाके में जुलूस, क्या हैं आरोप?

 कानपुर कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र में कई आरोपों में घिसे सपा नेता आमिर जैदी को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर फरार होने लगा, लेकिन इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से करीब छह किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ने के बाद सपा नेता का जुलूस भी निकाला। पुलिस के अनुसार एक युवती ने आमिर पर दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में पिता के निधन के बाद आमिर जैदी ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद वह लगातार उसके साथ गलत कार्य करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष सितंबर में जब परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाने लगा। पीड़िता के अनुसार, मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजने शुरू कर दिए। अक्टूबर में युवती की सगाई होने के बाद आरोपी ने उसके मंगेतर, ननद सहित अन्य परिजनों को भी धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंगेतर को कानपुर की गल्लामंडी बुलाकर जान से मारने की धमकी भी दी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आमिर रात में बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर उसे जहांगीराबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस के मुताबिक, आमिर जैदी पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने, मारपीट, जुआ सहित अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। विधायक सरोज कुरील ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी अपराधमुक्त समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 8 से 10 जून तक होगी लिखित परीक्षा प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार सिपाही भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8 जून (सोमवार), 9 जून (मंगलवार) और 10 जून (बुधवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा तीनों दिनों में दो-दो पालियों में कराई जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। सिपाही भर्ती परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड एवं दिशा-निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बना योगी सरकार का फैसला उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्तमान सिपाही भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2024 में प्रदेश में कांस्टेबल के कुल 60,244 पदों पर भर्तियां की गई थीं। यह प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित सभी पदों में से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखते हुए उन्हें नियुक्ति प्रदान की गई है।

महिला भर्ती रैली का ऐलान: बेटियों के लिए सुनहरा मौका, तारीख और प्रक्रिया पूरी तरह से जानें

रायपुर छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा में कदम रखने का बड़ा अवसर सामने आया है। भारतीय सेना भर्ती कार्यालय, जबलपुर (मध्य प्रदेश) द्वारा महिला सेना पुलिस पद के लिए 23 फरवरी 2026 को पुलिस ग्राउंड, झिंझरी, कटनी में भव्य भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की चयनित महिला अभ्यर्थी भाग लेंगी। कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में सफल अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका महिला सेना पुलिस भर्ती के लिए 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में सफल महिला उम्मीदवार ही रैली में शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग लेंगी। 24 फरवरी को होगी चिकित्सकीय जांच शारीरिक दक्षता और दस्तावेज़ सत्यापन में सफल उम्मीदवारों की चिकित्सकीय जांच 24 फरवरी 2026 को सेना अस्पताल, जबलपुर में कराई जाएगी। स्वस्थ पाए जाने पर ही अंतिम चयन सुनिश्चित होगा। साथ लाने होंगे ये दस्तावेज अभ्यर्थियों को रैली में एडमिट कार्ड, सभी मूल शैक्षणिक और पहचान दस्तावेज, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य है। प्रवेश पत्र उम्मीदवारों के पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भेजे जा चुके हैं और यह भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in  पर भी उपलब्ध हैं।  देश सेवा, अनुशासन और सम्मान के क्षेत्र में करियर का मौका महिला सेना पुलिस भर्ती रैली छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा और सम्मान का सुनहरा अवसर है। बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों की भागीदारी से यह आयोजन राज्य स्तर पर विशेष महत्व रखता है।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl

राजधानी भोपाल में देर रात पुलिस विभाग में फिर तबादले, इस बार कई थाना प्रभारी इधर से उधर, देखें लिस्ट

भोपाल  राजधानी के छह थाना प्रभारियों की पदस्थापना में बीती रात फेरबदल किया गया है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के बाद जारी किया गया है। डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी द्वारा  देर रात जारी किए आदेश के तहत कार्यवाहक निरीक्षक अनुराग लाल को अपराध शाखा से थाना प्रभारी अशोका गार्डन और कार्यवाहक निरीक्षक शिल्पा कौरव को थाना प्रभारी स्टेशन बजरिया तैनात किया गया है। इसी प्रकार चूनाभट्टी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्दर कौर सिंधू को थाना अपराध शाखा और यातायात में पदस्थ निरीक्षक धर्मेंद्र मौर्य को थाना प्रभारी चूनाभट्टी बनाया गया है। इधर मिसरोद थाना प्रभारी मनीषराज सिंह भदौरिया को रक्षित केंद्र भेजा गया है, जबकि रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक संदीप पवार को मिसरोद का थाना प्रभारी पदस्थ किया गया है। कौन कहां भेजा गया? जानें प्रमुख तबादले     अनुराग लाल को अशोका गार्डन थाना का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।     शिल्पा कौरव को बजारिया थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।     भूपेंद्र कोर सिंधु को अपराध शाखा में स्थानांतरित किया गया है।     धर्मेंद्र मौर्य को चुना भट्टी थाना का प्रभार सौंपा गया है।     संदीप पवार को मिसरोद थाना का प्रभारी बनाया गया है।     वहीं, मनीष भदौरिया, जो अब तक मिसरोद थाना प्रभारी थे, उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने गत दिवस ऐसे पुलिस कर्मचारियों, जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित हैं तथा जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है, उन्हें पुलिस थानों, क्राइम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत आधा दर्जन थाना प्रभारियों का फेरबदल किया गया है।  

थाने में आपके साथ कैसा बर्ताव हुआ, पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं, समस्या को ठीक से सुना या नहीं, क्यूआर से फीडबैक देना होगा

भोपाल  अब हर एफआइआर के बाद शिकायतकर्ताओं को थाने में पुलिसकर्मियों के व्यवहार के संबंध में फीडबैक भी देना होगा। बताना होगा कि थाने में उनके साथ कैसा बर्ताव किया गया। पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं। समस्या को ठीक से सुना या नहीं। इसके लिए थानों में क्यूआर कोड(QR Code) लगाए जा रहे हैं। इसको स्कैन करने के बाद शिकायतकर्ता ऑनलाइन फीडबैक भर सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। भोपाल कमिश्नर को जारी पत्र के अनुसार थाने के किसी खुले स्थान पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। जिसे स्कैन कर लोग सेवाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। फीड बैक के आधार पर कमियों को दूर करेंगे। क्यूआर कोड को गूगल या एनआइसी के माध्यम से फॉर्म को जनरेट किया जाएगा। इसकी लिंक कमिश्नर की ई-मेल आईडी से लिंक होगी। यह जानकारी देनी होगी ● नाम और मोबाइल नंबर ● अपराध नियंत्रण की स्थिति ● क्षेत्र में यातायात व्यवस्था ● सामाजिक गतिविधियों के दौरान पुलिस व्यवस्था ● आपदा के समय सहयोग ● पुलिसकर्मियों का व्यवहार ● पुलिसकर्मियों की कार्य दक्षता ● पुलिसकर्मियों की कार्यदक्षता ● थाना भवन की साफ सफाई ● थाना भवन में उपलब्ध संसाधन ● आगंतुकों की बैठने की व्यवस्था क्यों जरूरी है पुलिस कार्यशैली का फीडबैक?  पिछले समय में पुलिस के रवैये को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं, जैसे-     पुलिस कर्मचारियों का अमर्यादित व्यवहार।     पुराने मामलों की धीमी या लापरवाही भरी जांच।     झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायतें।     थानों में सुविधाओं की कमी। इन समस्याओं से निपटने और पुलिसिंग को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए फीडबैक सिस्टम की शुरुआत की गई है। इससे जनता की राय के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। QR कोड स्कैन कर दें फीडबैक हर थाने के बाहर QR कोड लगाए जाएंगे जिन्हें आप अपने मोबाइल से स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आप निम्नलिखित जानकारियां भरेंगे-     आपका नाम और मोबाइल नंबर     थाने में आने का कारण     पुलिस का व्यवहार कैसा था     थाने की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं कैसी थीं     आपके मामले की प्रगति या लंबित स्थिति     आपके मामले की प्रगति क्या है?     क्या आपको पुलिस से संतोषजनक सेवा मिली?     कोई सुझाव या शिकायत जो आप साझा करना चाहते हैं? यह फीडबैक जिला स्तर पर एसपी और प्रदेश स्तर पर पुलिस मुख्यालय द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। फील्ड अफसरों की तबादला सूची में जनता की भूमिका  न सिर्फ फीडबैक, बल्कि जनता की राय को फील्ड अफसरों के तबादले के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय अब तबादला सूची तैयार करते समय इस फीडबैक को गंभीरता से लेगा, जिससे बेहतर और जवाबदेह पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह व्यवस्था पुलिस कर्मियों की कार्यशैली को सुधारने में सहायक होगी और गलतफहमियों से बचाएगी। देवास में पायलट प्रोजेक्ट: ऐसे हुई शुरुआत मध्य प्रदेश पुलिस ने इस पहल का पायलट प्रोजेक्ट देवास जिले से शुरू किया है। यहां के सभी 21 थानों में QR कोड लगाए गए हैं। जनता इन कोड्स से फीडबैक देकर सीधे एसपी तक अपनी शिकायत और राय भेज रही है। इसके अलावा, वल्लभ भवन भोपाल से कॉलर फीडबैक सर्वे भी चलाया जा रहा है, जिसमें जनता आठ सवालों के माध्यम से पुलिस की कार्यशैली का आकलन करती है। हर थानों में लगवाएंगे क्यूआर कोड क्यूआर कोड हर थानों में लगवाएंगे। इसके आधार पर कमियों को भी दूर किया जाएगा। कोशिश होगी लोगों की हर संभव मदद हो। थानों में लोगों को अच्छा वातावरण मिले यह हमारी प्राथमिकता में है।- हरिनारायण चारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश देवास में इस व्यवस्था को पहले लागू किया गया था। अब मुख्यालय से पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय ने क्यूआर स्कैन कोड बनाया है। इसका फॉर्मेट सभी को दिया गया है।– पवन श्रीवास्तव, एडीजी, पुलिस मुख्यालय

भोपाल में देर रात पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले, 699 पुलिसकर्मी किए इधर से उधर, देखें लिस्ट

भोपाल  पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले 37 थानों में 5 साल से अधिक समय से जमे 699 पुलिसकर्मियों का देर रात तबादला कर दिया गया है, जिसमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं। ऐसा एक ही थाने और संभाग में लंबे समय से जमे होने की वजह से सामने आ रही शिकायतों के चलते किया गया है, ताकि थानों में नए पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जा सके। 37 थानों पर हुई कार्रवाई भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अधीन आने वाले 37 थानों में यह कार्रवाई की गई है। देर रात 699 पुलिस कर्मियों की तबादला सूची जारी की गई। इसमें ऐसे पुलिसकर्मी जो एक ही संभाग में अथवा एक ही थाने में 5 साल और इससे अधिक समय से थे, उन्हें इधर से उधर किया गया है। ट्रांसफर हुए पुलिसकर्मियों में शहर के 30 उप निरीक्षक, 56 सहायक उप निरीक्षक, 313 प्रधान आरक्षक और 301 आरक्षक शामिल हैं। एक ही थाने में जमे थे पुलिसकर्मी पुलिस विभाग में हुए इस ट्रांसफर को लेकर कहा जा रहा है कि एक ही थाने में लंबे से जमे होने की वजह से कई शिकायतें सामने आ रही थी जिसके चलते इस पर संज्ञान लिया गया। जिन पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर किए गए है उनमें ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल है जिनका पहले भी इन थानों से ट्रांसफर हो चुका था, लेकिन बाद में फिर से ये उसी थाने में पदस्थ हो गए थे। ऐसी समस्या प्रदेश भर में सामने आई जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, कि लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर कर नए पुलिसकर्मियों को थानों में पदस्थ किया जाए।

नोएडा में रीलबाज़ों को झटका, 53 हजार रुपये का कटा चालान

ग्रेटर नोएडा  दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक प्रेमी जोड़े का अतरंगी स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में कपल बाइक पर रोमांस करता नजर आ रहा है. इस दौरान दोनों ने ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाईं. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने तगड़ा एक्शन लिया है.  वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक तेज रफ्तार बाइक चला रहा है और युवती उसे आगे से कसकर गले लगाए बैठी है. इतना ही नहीं, दोनों ने हेलमेट तक नहीं पहना हुआ है. यह वीडियो एक्सप्रेसवे से गुजर रही एक कार में बैठे राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में बाइक का नंबर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.  वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी और ट्रैफिक पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की.  वहीं, वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बाइक के मालिक पर ₹53,500 का भारी-भरकम चालान ठोंक दिया है. नोएडा पुलिस अब वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान करने में जुटी हुई है.  गौरतलब है कि बाइक पर बैठे इस कपल ने न केवल अश्लीलता के हद पार की, बल्कि ट्रैफिक नियमों की भी खुलकर धज्जियां उड़ाईं. और तो और हाइवे पर अपनी और दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाला. अगर बाइक का संतुलन बिगड़ता तो बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल, नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने इस ‘इश्कबाज’ के घर 53,500 का चालान भेज दिया है.  अपोजिट साइड मुंह करके बाइक पर बैठी लड़की इस कपल की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में युवक बिना हेलमेट पहने बाइक चला रहा है। बाइक में युवक के आगे, सामने की तरह से उसकी गर्लफ्रेंड बैठी थी। जो युवक को कसकर गले लगाए हुए है। गर्लफ्रेंड अपने पैर बाइक के पीछे सीट पर रखे हुए है। वह दोनों हाथों से युवक को पकड़कर बैठी है। रोमांसबाजी के इस सीन को एक्सप्रेस वे से गुजरने वाली हर गाड़ी में बैठा शख्स देख रहा था। तभी पीछे से कार में आ रहे लोगों ने इन्हें देखते ही इनका वीडियो बनाया। फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से जुर्माने की कार्रवाई की। कई लोगों ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया, जिसके बाद ये सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। ‘हमारे गांव में मिलना छोड़ो देखना भी नसीब नहीं होता’ गर्लफ्रेंड को गोद में बैठाकर एक्सप्रेस-वे पर बाइक से फर्राटा भर रहे युवक का वीडियो देखकर X यूजर हिमांशु नीमा ने लिखा- नोएडा पुलिस ने इस ‘इशकजादे’ का 53500 रुपए का चालान व्हीकल एक्ट में काटकर ‘प्रेम पत्र’ घर भिजवा दिया है। एक और X यूजर शिवराज यादव ने लिखा- ये कौन लोग हैं जो खुलेआम आशिकी कर लेते हैं? हमारे गांव में तो सिर्फ एक दीवार का फासला होता है, लेकिन बीच में पूरा मोहल्ला होता है। मिलना छोड़ो, देखना भी नसीब नहीं होता। X यूजर महिमा यादव ने लिखा- धाकड़ के बाद रोड पर इश्कबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि, नोएडा पुलिस ने इस इश्कबाज के घर 53000+ का चालान घर भेजा है। इतने में तो थाइलैंड ट्रिप की वापसी हो जाती। पुलिस ने काटा 53,500 रुपए का चालान नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे पर कपल के इस वीडियो को लेकर तत्काल कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि बाइक चलाने वाले युवक ने तमाम ट्रैफिक रूल्स तोड़े हैं। जिसमें बिना हेलमेट, एक्सप्रेस वे पर खतरनाक तरीके से बाइक चलाना और आने-जाने वाले लोगों की यातायात सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है। पुलिस ने बाइक मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए 53,500 का चालान जारी किया है। यह राशि कई नियमों का उल्लंघन करने पर लगाई गई है। जोकि बाइक पर सवार कपल को काफी भारी पड़ गया। …………………  

डिंडौरी में घर में मां और दो बच्चों के शव फंदे से लटके मिले, पुलिस मामले की जांच कर रही

डिंडौरी  मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले से दुखद खबर सामने आई है। जहां एक घर में मां और दो बच्चों के शव फंदे पर लटके मिलने से कोहराम मच गया। हैरानी बात यह है कि जब परिवार के मुखिया यानि पिता घर लौटे तो बच्चों को हाथ-पैर रस्से से बंधे हुए थे। इस दर्दनाक दृश्य ने हर किसी को झकझोर दिया। डिंडौरी जिले के मेहदवानी थाना क्षेत्र शाकिंग घटना दरअसल, यह दर्दनाक घटना डिंडौरी जिले के मेहदवानी थाना क्षेत्र के कुम्हारिन टोला से शुक्रवार देर रात सामने आई है। जब राजेंद्र प्रतापति नाम का युवक शाम को काम से घर लौटा और दरवाजा खोला तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गईं। क्योंकि उसके सामने पत्नी मधु प्रजापति (35), बेटी शिवानी (12) और बेटा आदित्य (10) फंदे पर लटके थे। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और घर सील कर जांच शुरू कर दी। यह मामला हत्या है या आत्महत्या? मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी मौके सुनील पटेल ने बताया की शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। वहीं एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वाड को जांच के लिए बुलाया गया है। साथ ही जांच होने तक घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला हत्या है या आत्महत्या, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद ही कुछ क्लियर होगा। बताया जा रहा है कि महिला को शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अपनी समोसा-मंगौड़े की दुकान पर देखा गया था। उसके बाद यह घटना घटित हो गई।  मामले की जानकारी मिलते ही मेहदवानी पुलिस थाना स्टाफ व शहपुरा एसडीओपी मुकेश अविन्द्रा मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गयी है. सभी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीँ, पति से पूछताछ करने पर पता चला कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. उसे नींद नहीं आती थी हाथ पैर में दर्द रहता था. काफी इलाज करवाने के बाद भी ठीक नहीं हो रही थी. जिस वजह से पति ने गुस्से में छोड़ने की भी बात कही थी. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. पूरे घर को सील कर दिया गया है. एफएसएल की टीम व डॉग स्क्वाड की टीम को मौके पर बुलाया गया है. जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जायेगा.  क्या इस वजह से महिला और दो बच्चों की मौत? शुरूआती जांच में सामने आया है कि मृतक महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वहीं इस मामले में महिला के पति का कहना है कि वह कहती थी कि कुछ दिन से ठीक से नींद नहीं आ रही है। हाथ-पैर भी दर्द करते हैं। मैंने इलाज कराया…लेकिन वो कहती थी कि उसे कोई आराम नहीं है। वह अक्सर बीमार बनी रहती ती। लेकिन सवाल यह है कि उसने बच्चों को क्यों मारा…या इसके पीछे कोई दूसरा एंगल है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

लंबे समय से जमे पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे, पुलिसकर्मियों की थानों में पोस्टिंग को लेकर PHQ का आदेश

भोपाल  लंबे समय से एक ही थानों में जमे आरक्षक से उपनिरीक्षक तक के कर्मचारियों के तबादले की कार्रवाई शुरू हो गई। उनका रिकॉर्ड निकालकर समीक्षा की जाएगी। हर जिले से 16 जून तक प्रतिवेदन भेजना होगा। उसके बाद लंबे समय से जमे ये पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्त (इंदौर/भोपाल) और जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए थानों में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों के तबादले सुनिश्चित करने को कहा है। जारी आदेश के अनुसार, किसी भी आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक स्तर के कर्मचारी को एक थाने में अधिकतम 4 वर्ष (और विशेष परिस्थिति में 5 वर्ष) से अधिक नहीं रखा जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी कर्मचारी को पदावधि पूर्ण होने के बाद दोबारा उसी थाने में उसी पद पर पदस्थ नहीं किया जाए। यदि किसी को अलग पद पर फिर उसी थाने में लाना हो, तो कम से कम 3 वर्षों का अंतराल जरूरी होगा। इसके अलावा एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर किसी कर्मचारी की कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अटैचमेंट की अवधि भी सेवाकाल में शामिल मानी जाएगी।

कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ करोड़ों की ठगी करने वाला इनामी आरोपी कल्याण यादव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया

ग्वालियर ग्वालियर कृषि उपज मंडी ग्वालियर में किसानों के साथ सात करोड़ की ठगी करने वाला इनामी आरोपी कल्याण यादव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उस पर दस हजार रुपये का इनाम रखा गया था। आरोपी को पुलिस ने रजिस्ट्रार दफ्तर से पकड़ा। ग्वालियर की लक्ष्मी गंज मंडी में किसानों के साथ धान की फसल की खरीदकर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कल्याण सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया आरोपी की संस्था ने मंडी कर्मचारियों की सांठ गांठ से 7 करोड़ से अधिक की ठगी की थी। जिस पर मंडी सचिव आलोक कुमार वर्मा ने जनकगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। सभी आरोपियों पर चार जून को एसएसपी धर्मवीर सिंह ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था आरोपी कल्याण सिंह कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री लाखन सिंह का रिश्ते में भांजा बताया गया है। वर्तमान मंडी सचिव ने मंडी व्यापारियों से किसानों ने धान की खरीद कर उसकी राशि हड़पने की शिकायत पुलिस से की थी, जिसको लेकर दुर्गा देवी ट्रेडिंग कंपनी की कल्याण सिंह यादव, जय गुरुदेव ट्रेडिंग कंपनी के नरेश रावत, द्वारकाधीश ट्रेडिंग कंपनी के भूपेंद्र सिंह एवं मंडी कर्मचारी कदम सिंह जाटव, महेश कौशल, अमित गुप्ता, सूची गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस पर से पुलिस द्वारा कल्याण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।

विदिशा पुलिस का बड़ा कारनामा, 527 गुम मोबाइल बरामद, लौटाई लोगो के चेहरे पर मुस्कान

विदिशा  विदिशा पुलिस को मिशन मोबाइल रिकवरी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 40 दिनों के इस अभियान के तहत 527 खोए या चोरी गए लोगों के मोबाइल बरामद किए हैं। रिकवर किए गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपए बताई जा रही है।  विदिशा एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में सायबर सेल ने EMEI नंबर और CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की। बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड से तक मिले हैं। फरवरी में भी 310 मोबाइल लौटा चुकी पुलिस इससे पहले फरवरी 2025 में भी पुलिस द्वारा 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। फरवरी में भी लौटा चुके 310 मोबाइल इससे पहले फरवरी 2025 में पुलिस ने 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। एसपी बोले- गुम मोबाइल की तुरंत शिकायत करें एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाना जाकर शिकायत करें या फिर सायबर हेल्पलाइन 7587637635 पर संपर्क करें। इसके अलावा www.ceir.gov.in पोर्टल पर IMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। मोबाइल गुम होते ही दर्ज करें शिकायत एसपी रोहित काशवानी के अनुसार, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि, मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत करें या सायबर हेल्पलाइन नंबर 7587637635 पर संपर्क करें। साथ ही, ceir.gov.in पोर्टल पर EMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें। मोबाइल गुम हुआ तो ये करें     मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें।     पास के थाने में शिकायत दर्ज करें।     CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।     सायबर हेल्पलाइन से मदद लें।

अहमदपुर थाना अंतर्गत एक नाबालिग की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ

सीहोर  जिले के अहमदपुर थाना अंतर्गत एक नाबालिग की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ है। नाबालिग से दो युवकों के द्वारा दुष्कृत्य के बाद उसे जहर खिलाने का आरोप लगा है। पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को थाने के सामने शव रखकर बैरासिया दोहरा रोड पर चक्काजाम किया। पानी भरने गई थी पीड़िता जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद अहमदपुर थाने के सामने मृतक का शव रख कर मृतक पीड़िता के परिजनों ने प्रदर्शन कर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन रात्रि तक जारी रहा। मृतक पीड़िता के पिता का आरोप है कि सोमवार की रात उनकी दो बेटियां ग्राम मगरदी में रात करीब दस बजे पानी भरने के लिए गई थीं। जहां जगपाल और कुलदीप उर्फ कान्हा सोलंकी ने मेरी बड़ी बेटी को पकड़ लिया और एक शटर वाली दुकान में अंदर बंद कर उसके साथ दुष्कृत्य किया। इलाज के दौरान हो गई मौत पिता ने बताया कि छोटी बेटी मेरे पास आई और बोली कि बड़ी बहन को जगपाल और कान्हा ने पकड़ लिया है। जब तक मैं मौके पर पहुंचा तब तक दोनों ने उसे जहर की गोलियां खिला दीं थीं। इलाज के दौरान में मेरी बेटी की मौत हो गई। पीड़िता के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर दी जानकारी मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि हमीदिया अस्पताल भोपाल से सूचना प्राप्त हुई। थाना अहमदपुर के अंतर्गत रहने वाली एक बालिका की जहर खाने से हुई मृत्यु के संबंध में मर्ग कायम किया गया है। परिजनों द्वारा बताया गया कि ग्राम के ही एक लड़के के साथ बालिका को आपत्तिजनक स्थिति में पिता (बच्ची के पिता) द्वारा देखा गया था। बच्ची की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होने के चलते विवेचना के दौरान परिजनों के कथन के आधार पर बीएनएस की धारा 64, 66, 123 एवं पोक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस का कहना- मुख्य आरोपी गिरफ्तार ग्रामीणों द्वारा बच्ची के शव को थाने के सामने रखकर कार्यवाही करने की मांग की गई जिस पर पुलिस द्वारा समझाइए दी गई कि आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है जिसे परिजनों द्वारा अंततः मानकर बच्ची का शव थाने से लेकर घर चले गए। प्रकरण के मुख्य आरोपी कान्हा उर्फ़ कुलदीप सोलंकी उम्र 26 साल को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि, मामला दर्ज करने के बाद धरपकड़ में एक आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी फरार है। हलांकि, उसकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस मामले की जांच कर रही है।

MP में पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए मंगलवार को 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया. गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन अधिकारियों को एडिशनल एसपी और डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नत कर नई नियुक्तियाँ दी गई हैं. प्रमुख रूप से, 2013 बैच के सहायक सेनानी संजय कौल को डिप्टी कमांडेंट बनाकर 14वीं बटालियन SAF ग्वालियर में तैनात किया गया है. वहीं, नीरज कुमार ठाकुर को 25वीं बटालियन भोपाल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भोपाल मुख्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारियों को AIG स्तर पर पदोन्नति दी गई है, जिनमें रवि कुमार द्विवेदी, अलरिज बिसेंट सिंह, विपिन शिल्पी और स्वाति मुराब वाडेकर शामिल हैं. विशेष शाखा, SAF, RAPTC, हॉक फोर्स, हाईकोर्ट सुरक्षा, और जिला इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. गीता डोंगरे चौहान को एएसपी पीटीसी इंदौर, नरेश बाबू अन्नोटिया को एएसपी ट्रैफिक इंदौर और दीपक नायक को एडिशनल डीसीपी सुरक्षा भोपाल नियुक्त किया गया है. गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पुलिस विभाग में संतुलन बनेगा इसके अलावा, रणजीत सिंह राठौर, सुभाष शर्मा, वेदांत प्रकाश शर्मा, सूरजमल राजोरिया, अजय प्रिय आनंद और निहित उपाध्याय सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग बटालियनों और इकाइयों में डिप्टी कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया है. गृह विभाग की इस कार्यवाही को पुलिस महकमे के भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दीपक नायक, अमित कुमार, नदीम को भोपाल में मिली जिम्‍मेदारी दीपक नायक, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा भोपाल में नियुक्त किया गया है. अमित कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (स्टाफ ऑफिसर), पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. नदीम उल्लाह खान, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल को उप सेनानी, सुरक्षा वाहिनी, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. सुरेश कुमार दामले, एसडीओपी बरेली, जिला रायसेन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल नियुक्त किया गया है. नरेश बाबू, गीता डोंगरे को इंदौर में मिली नई जिम्‍मेदारी नरेश बाबू अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक जोन 1, नगरीय पुलिस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस उपयुक्त ट्रैफिक, इंदौर में पदस्थ किया गया है. गीता डोंगरे चौहान, उप पुलिस अधीक्षक पीटीएस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इंदौर में पदोन्नति दी गई है. अजय प्रिय आनंद बालाघाट तो निहित उपाध्याय पहुंचे छिंदवाड़ा अजय प्रिय आनंद, सहायक सेनानी 23वीं बटालियन भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ किया गया है. निहित उपाध्याय, सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा में नियुक्त किया गया है. रविंद्र कुमार बोयट, एसडीओपी मूंदी, नर्मदा नगर जिला खंडवा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आगर मालवा में पदस्थ किया गया है सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी पोहरी, जिला शिवपुरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला दमोह में तैनाती मिली है. ज्योति उमठ, नगर पुलिस अधीक्षक गुना को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन में पदोन्नत किया गया है. भावना मरावी, एसडीओपी गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर में पदस्थ किया गया है.

एनकाउंटर में खत्म हुआ खौफ का दौर, ढेर हुआ 1 लाख का इनामी बदमाश

गोंडा उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. एनकाउंटर में पुलिस ने 1 लाख के इनामी बदमाश सोनू उर्फ भुर्रे पासी को मार गिराया गया है. अधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बदमाश की घेराबंदी की. लेकिन खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान एक गोली SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी. हालांकि, इस हमले में वह बाल-बाल बच गए. वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोनू उर्फ भुर्रे ढेर हो गया. आपको बता दें कि भुर्रे ने 24 अप्रैल को चोरी की एक घटना में एक शख्स की हत्या की थी. उसके खिलाफ 40 से अधिक केस दर्ज थे. इसमें हत्या, अपहरण और लूट जैसे मामले शामिल थे. भुर्रे एक शातिर किस्म का अपराधी था, जिसने कई वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस काफी टाइम से उसे तलाश रही थी. बीती रात पुलिस/एसओजी टीम से उसकी मुठभेड़ हो गई जिसमें वह मारा गया. जानकारी के मुताबिक, 24 अप्रैल को गोंडा के बेगमगंज में चोरी की वारदात के दौरान एक शख्स की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस सोनू की सरगर्मी से तलाश कर रही थी. बीती रात सोनू से पुलिस की मुठभेड़ बेगमगंज थाना क्षेत्र में हुई. गोली लगते ही सोनू जमीन पर गिर गया, जिसपर पुलिस उसे अस्पताल ले गई, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किया है. एनकाउंटर के दौरान जिन SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी है, उनका नाम है नरेंद्र राय है. बदमाश की गोली से नरेंद्र राय बाल-बाल बच गए. बाकी पुलिसकर्मी भी सुरक्षित हैं. फिलहाल, सोनू उर्फ भुर्रे के परिजनों को सूचित कर दिया गया है. अब पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जाएगी, फिर शव परिजनों को सौंपा जाएगा.  

एमपी पुलिस हेडक्वॉर्टर्स में 400 लिपिक पदों पर होगी भर्ती, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में सात वर्षों के अंतराल के बाद लिपिकीय संवर्ग में 400 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को भेजा गया है, जिससे यह भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सके। इससे पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। पदों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों की वापसी अभी इन रिक्त पदों पर जिला पुलिस बल के जनरल ड्यूटी वाले पुलिसकर्मियों को पदस्थ कर काम लिया जा रहा है। भर्ती के बाद इन पुलिसकर्मियों को वापस उनके जिलों में भेजा जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। कंप्यूटर दक्षता की आवश्यकता इन पदों के लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी होना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लिपिकीय कार्यों के लिए दक्ष कर्मचारी मिल सकेंगे, जो कार्यालयीन कार्यों को प्रभावी ढंग से कर सकें। पदस्थापना और प्रशिक्षण की प्रक्रिया भर्ती के बाद चयनित कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में आवश्यकतानुसार पदस्थ किया जाएगा। उन्हें उनके कार्यों में दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने कार्यों को पूरी निष्ठा और क्षमता से कर सकें। भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। चयनित कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद, जिला पुलिस बल के जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय में लगाया गया है, उन्हें वापस जिलों में भेज दिया जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। भविष्य में नियमित भर्ती की योजना पुलिस मुख्यालय ने भविष्य में लिपिकीय संवर्ग में नियमित भर्ती की योजना बनाई है, ताकि कार्यालयीन कार्यों में दक्षता बनी रहे और पुलिस बल की कार्यकुशलता में वृद्धि हो। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस बल की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।

बरमान डयूटी पर जा रही थी, ममता तिवारी ने घायल व्यक्ति की जान बचाई, घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया

नरसिंहपुर  यातायात पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बरमान डयूटी पर जा रही थी, ममता तिवारी ने घायल व्यक्ति की जान बचाई। यातायात थाना प्रभारी ने अपनी गाड़ी से घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। नेशनल हाईवे पर आने वाले ग्राम कठोतिया के टाटा मोटर्स के समीप सड़क पर खून से लथपथ घायल पड़ा व्यक्ति को वर्दीधारियों ने अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश कर उसकी जान बचाई। बता दें कि बरमान डयूटी पर जा रही यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी जब बरमान जा रही थी, इस दौरान रास्ते में नेशनल हाईवे पर एक व्यक्ति घायल अवस्था में खून से लथपथ सड़क के किनारे पड़ा हुआ दिखाई दिया। यहां से काफी लोग निकल रहे थे और कुछ खड़े होकर देख रहे थें। लेकिन किसी ने सहायता करने का प्रयास नहीं किया। मौके पर पहुंची महिला अधिकारी ममता तिवारी ने तुरंत अपनी गाड़ी से घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी ने बताया कि उस व्यक्ति के सिर में काफी चोटें थीं, तथा वह अचेत हालत में सड़क पर पड़ा था। संभवतः किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से वह घायल हुआ हैं। होश में नहीं होने के कारण घायल, व्यक्ति का सही नाम-पता नहीं चल सका। बहरहाल खाकी वर्दी धारियों की इस मानवता के कारण समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाने दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा हैं। पुलिस की इस मानवता की उपस्थितजनों से सराहना की।

छत्तीसगढ़ में हाईकोर्ट ने भी भी पोस्टपोन किया समर वेकेशन, रेलवे स्टेशन में चेकिंग तेज, ट्रेनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई

रायपुर भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच देशभर में अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग विभागों को अलर्ट पर रखा है। पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टी को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बिना परमिशिन कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ें। इसके साथ ही बताया गया है कि पुलिसकर्मियों को सिर्फ अति इमरजेंसी होने पर ही छुट्टियां मिलेंगी। क्या लिखा है लेटर में छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी लेटर में यह लिखा गया है कि वर्तमान परिस्थियों में जहां अतिरिक्त अलर्ट जारी करने की आवश्यकता होती है, ऐसे में सभी पुलिस इकाई प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि इकाई के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अति आवश्यक परिस्थितियों में अवकाश एवं अनिवार्य शासकीय कार्यों के अतिरिक्त मुख्यालय छोड़ने की अनुमित प्रदाय नहीं किया जावे। साथ ही सभी इकाई प्रमुख यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अधिकतम बल पूर्ण तैयारी के साथ ईकाई स्तर पर उपलब्ध रखा जाये। हाईकोर्ट ने भी भी पोस्टपोन किया समर वेकेशन वहीं, दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी समर वेकेशन को पोस्टपोन कर दिया है। पहले गर्मी की छुट्टियां 10 मई से शुरू होनी थीं। अब इसे 2 जून से बढ़ाकर 28 जून कर दिया गया है। हालांकि बार एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध किया है। रेलवे स्टेशन में चेकिंग तेज हालात को देखते हुए रेलवे ने भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है। यात्रियों के समान की चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए अलर्ट भी जारी किया जा रहा है। ट्रेनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई बिलासपुर जोन के सभी रेल मंडल से जुड़े स्टेशनों पर यात्रियों को लगातार मेगाफोन के जरिए आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर जानकारी देने की घोषणा की जा रही है। वहीं, प्लेटफार्म के साथ ही ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

उज्जैन में युवतियों के साथ हैवानियत के आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला

उज्जैन उज्जैन के बिछड़ौद में नाबालिग लड़कियों को फंसा उनके साथ गंदी साजिश करने वाले आरोपियों का पुलिस ने गुरूवार को जुलूस निकाला। इस दौरान वहां भारी सुरक्षा बल मौजूद था। बता दें कि बिछड़ौद के लोगों की मांग थी कि जिन आरोपियों ने उनकी बहन बेटियों को झांसे में ले दोस्ती की और उनके अश्लील वीडियो बनाए उनका गांव में जुलूस निकाला जाए। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से 9 लड़कियों के 16 अश्लील वीडियो और फोटो मिले हैं। फिलहाल पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। 9 लड़कियों के 16 वीडियो फोटो आए सामने बता दे कि, आरोपी(Ujjain Love Jihad) इकरार, उजैर पठान, राजा रंगरेज, जुबेर मंसूरी, जुनेद मंसूरी, फेज खान को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके गिरोह में और कितने युवक शामिल हैं। साथ ही एक-एक आरोपी के मोबाइल डेटा सहित उनका सोशल प्लेटफार्म प्रोफाइल खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरह गांव व आसपास की अन्य लड़कियों को भी टॉरगेट किया हो। अब तक 7 आरोपियों के मोबाइल से गांव की 9 लड़कियों के 16 वीडियो और अश्लील फोटो मिले हैं। इसमें एक महिला का वीडियो भी सामने आया है। वहीं चार लड़कियों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज हो सकी। पुलिस ने किया था शॉर्ट एनकाउंटर बुधवार तड़के 4 बजे लव जिहाद मामले में आरोपा फरमान मंसूरी ने बहाने से पुलिस आरक्षक की राइफल छीनकर दो फायर कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पुलिस शॉर्ट एनकाउंटर कर उसके पैर के नीचले हिस्से में गोली मारी और उसे पकड़ लिया।

मध्यप्रदेश के पुलिस अफसर-अधिकारी अब सांसद-विधायकों को सैल्यूट करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को सांसदों और विधायकों को सैल्यूट करने का फरमान जारी किया गया है. यह आदेश डीजीपी कैलाश मकवाना की ओर से जारी किया गया है. डीजीपी की ओर से सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश जारी करते हुए लिखा गया है कि ‘माननीय संसद सदस्यों एवं विधायकों के शासकीय कार्यक्रम/सामान्य भेंट के दौरान उनका अभिवादन वर्दीधारी अधिकारी/कर्मचारी सेल्यूट के माध्यम से करें. डीजीपी ने आगे लिखा है कि माननीय संसद सदस्यों एवं विधायकों द्वारा प्रेषित पत्रों का उत्तर अपने हस्ताक्षर से समय सीमा में प्रेषित करें और जब कभी कोई माननीय संसद सदस्य या विधायक किसी अधिकारी से उनके कार्यालय में मिलने आये तो उनसे सर्वोच्च प्राथमिकता से मिले और मिलने के प्रयोजन का विधिसम्मत निराकरण करें. विधायकों और सांसदों से करें शिष्ट व्यवहार अपने आदेश में डीजीपी ने आगे लिखा है कि माननीय संसद सदस्यों एवं विधायकों द्वारा जब भी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को दूरभाष पर जन समस्या को लेकर संपर्क किया जाता है, तब वे उन्हें ध्यानपूर्वक सुने और शिष्टतापूर्वक विधिसम्मत जवाब दें. पहले भी जारी हुए हैं ये आदेश यह पहली बार नहीं है, जब मध्य प्रदेश में इस तरह का आदेश दिया गया है. इससे पहले 23 जनवरी 2004, 18 मई 2007, 22 मार्च 2011, 24 अक्टूबर 2017, 19 जुलाई 2019, 11 दिसंबर 2019, 12 नवंबर 2021 और 4 अप्रैल 2022 को जारी किया जा चुका है. चार महीने पहले ये सर्कुलर जारी हुआ चार महीने पहले, पूर्व DGP सुधीर सक्सेना के रिटायरमेंट से पहले स्पेशल डीजी शैलेष सिंह ने एक सर्कुलर जारी किया था. इसमें 2007 के सर्कुलर का जिक्र करते हुए कहा गया था कि मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य पुलिस अधिकारियों को सलामी परेड देने की परंपरा खत्म कर दी गई है. अब केवल राज्यपाल को ही सलामी दी जा सकती है. यह पत्र सभी रेंज आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया था, जिसके कारण पूर्व डीजीपी की विदाई बिना सलामी परेड के हुई.  

शराब माफिया ने रायसेन में किया आबकारी टीम पर हमला, महिला अफसर और ड्राइवर को आई चोटें

रायसेन  एक तरफ जहां सरकार मध्य प्रदेश में शराब की अवैध बिक्री पर नकेल कसने के तमाम दावे कर रही है। यहां तक की धार्मिक क्षेत्रों के आसपास लीगल शराब कारोबार तक को बंद करा रही है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के शराब माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। आलम ये है कि, ये बेखौफ शराब माफिया अब आबकारी विभाग की टीम पर भी हमला करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसकी ताजा बानगी रायसेन जिले में देखने को मिली, जहां अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर इन शराब माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न सिर्फ सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की, बल्कि पथराव किया, जिसमें टीम के कुछ सदस्य गंबीर घायल हुए हैं।  बता दें कि जिला मुख्यालय के पास ग्राम पठारी में बुधवार को अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफिया ने हमला कर दिया। आबकारी टीम ने शराब माफिया महिला की दुकान से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त कर ली थी। महिला शराब माफिया को जब मेहसूस हुआ कि, वो बुरी तरह फंस चुकी है तो उसने कार्रवाई के बीच मौका पाकर योजना बद्ध तरीके से उसके साथियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर हमला और पथराव कर दिया। सहायक आबकारी अधिकारी भोपाल रेफर शराब माफियाओं के हमले में आबकारी अधिकारी सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर को गंभीर चौटें आई हैं। महिला अधिकारी की हालत देखते हुए उन्हें रायसेन जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है। महिला समेत 5 गिरफ्तार,11 पर केस दर्ज वहीं, दूसरी तरफ मामले में कारर्वाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने एक महिला सामेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं, जबकि आबकारी टीम पर हमला करने वाले 11 आरोपियों के खिलाफ बलवा, पथराव आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस मामले को लेकर एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि, एसडीओ सरिता चंदेल आबकारी टीम के साथ छापा मारने पहुंची थीं। ग्राम पठारी में रहने वाली मुख्य आरोपी काशीबाई के ठिकाने से टीम ने 75 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान काशीबाई को जब ये स्पष्ट हो गया कि, अब वो नहीं बच सकेंगी तो उसने अपने साथियों, परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर पथराव शुरु कर दिया। आरोप है कि, इस दौरान आबकारी टीम के साथ मारपीट भी की गई। हमले में सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। फिलहाल, मामले के सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अबतक दो आरोपियों के अपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं, अन्य के भी खंगाले जा रहे हैं।

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले का मुख्य ठेकेदार गिरफ्तार, इंदौर जिले में बनाया था ठिकाना

हरदा  गुजरात के बनासकाठा इलाके में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में नया खुलासा हुआ है. पुलिस ने 22 मजदूरों की मौत के जिम्मेदार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. गुजरात पुलिस ने मजदूरों को गुजरात भेजने वाले ठेकेदार हरीश मेघवानी को इंदौर से पकड़ा है. आरोपी हरीश नियमित रूप से हरदा जिले से मजदूर भेजकर आर्थिक लाभ कमाता था. आरोपी हरीश गुजरात की पटाखा फैक्ट्री मालिक के संपर्क में लगातार था. पुलिस लगातार उसका लोकेशन ट्रेस कर रही थी. इसके बाद पुलिस आरोपी हरीश की कॉल डिटेल खंगालने लगा. इसके बाद गुजरात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. घटना में हरदा और देवास के 21 मजदूरों की मौत हुई थी. ब्लास्ट में हरदा जिले के 11 और देवास जिले के 10 मजदूरों की जान चली गई थी. आरोपी को लेकर गुजरात रवाना हुई पुलिस गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्य ठेकेदार इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य ठेकेदार हरीश रामचंद्र मेघवानी को गुजरात से आई एलसीबी टीम ने गिरफ्तार किया. बता दें कि एलसीबी की इस कार्रवाई को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था. ट्रेजर टाउनशिप से मुख्य ठेकेदार हरीश रामचंद्र मेघवानी अब पुलिस की गिरफ्त में है. गुजरात पुलिस आरोपी ठेकेदार को  लेकर इंदौर से लेकर रवाना हो गई है. हरीश ने ही गोदाम के लिए स्थल को उपयुक्त बताया था। हरीश बिजलपुर क्षेत्र के ट्रेजर टाउन टाउनशिप में रहता था। हरीश पटाखा फैक्टरी के लिए मजदूर उपलब्ध कराता था और आर्थिक लाभ कमाता था। वह इंदौर में रहता था और देवास और हरदा जिले में जिन मजदूरों को पटाखे बनाने का अनुभव था, उन्हें वह गुजरात भेजता था। आपको बता दे कि गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के कारण 21 लोग जान गंवा चुके है और कुछ घायल भी है। इस मामले में पुलिस फैक्टरी मालिक खूबचंद मोहनानी और उसके बेटे दीपक को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके पास पटाखे बेचने का लाइसेंस था, लेकिन उन्होंने अवैध फैक्टरी खोलकर पटाखों का निर्माण शुरू कर दिया था।  

स्कूल संचालक अखिलेश मेबन को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार किया, भगवान श्रीराम पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

जबलपुर.  भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले अखिलेश मेबिन को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी अखिलेश मेबन विजय नगर स्थित जॉय स्कूल का संचालक है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मेबिन काफी वक्त से फरार चल रहा था. लगातार उसकी गिरफ्तारी को लेकर मांग की जा रही थी. अब केरल में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे जबलपुर लेकर आएगी. फिर आगे की पूछताछ की जाएगी. मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर मेबिन की गिरफ्तारी हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अखिलेश मेबन अपने एक दोस्त से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान उसका लोकेशन ट्रेस हो गया. बताया जा रहा है कि जबलपुर पुलिस आरोपी अखिलेश मेबन को केरल से जबलपुर लेकर रवाना हो गई है. लगातार उठ रही थी गिरफ्तारी की मांग इससे पहले जबलपुर पुलिस को मेबन के बांधवगढ़ में होने की सूचना मिली थी. इतना ही नहीं उसके नागपुर भागने का भी इनपुट मिल रहा था. इसके बाद पुलिस की एक दर्जन टीमें अलग-अलग जगहों पर गिरफ्तारी के लिए रवाना हुी थी. बताया जाता है कि अपने रसूख के दम पर फरारी काटने में आरोपी मेबन माहिर है. आरोपी मेबन ने कुछ दिन पहले अपने WhatsApp स्टेटस पर हिंदुओं और प्रभु श्री राम को लेकर अपशब्द थे. जॉय स्कूल के मालिक के व्हाट्सएप पर लगाए गए स्टेटस को लेकर जमकर आक्रोश भड़का था. मेबन की गिरफ्तारी को लेकर संत समाज, हिन्दू संगठन, कांग्रेस से लेकर कई संगठनों ने सड़कों पर उतरकर पुलिस को ज्ञापन देते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी.  

पुलिस पर फिर हमला…सागर में वारंटियों को पकड़ने गई Police पर खुद आरोपियों ने फेंके पत्थर, दो कर्मी घायल

सागर मध्य प्रदेश के सागर से एक बड़ी खबर है. यहां वारंटियों को पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम पर हमला हुआ है. खुद वारंटियों और उनके परिजनों ने मिलकर पुलिस टीम पर पथराव किया है. इस घटना में दो पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं. मामला जिले के सुरखी का है. इस घटना के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है. लगातार मामले आ रहे सामने प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक के बाद एक सामने रही घटनाओं ने खुद पुलिस विभाग का सिर दर्द बढ़ा दिया है. मऊगंज के बाद अब सागर से पुलिस टीम पर हमले का एक मामला सामने आया है. गुरुवार की शाम को वारंटियों को पकडऩे गई पुलिस टीम पर पथराव हो गया, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया.एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा खुद सुरखी पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. सुरखी थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव निवासी एक ही परिवार के कुछ लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुए थे. थाना के प्रधान आरक्षक प्यारेलाल व आरक्षक वीरेंद्र आरोपियों को पकड़ने के लिए महुआखेड़ा गांव गए थे, जहां आरोपियों और उनके परिजनों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. एक हिरासत में पथराव में प्रधान आरक्षक प्यारेलाल को सिर पर चोट आई है. तो वहीं आरक्षक ब्रजेंद्र को सिर व हाथ में चोट आई है. रात करीब 10 बजे घायल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने उनकी एमएलसी की. अनुविभागीय अधिकारी रहली सहित सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे. जहां आरोपियों की तलाश की तो वह भाग निकले. वहीं एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है. जिससे पूछताछ की जा रही है.

सिवनी में मवेशी तस्करी से जुड़े मामले में कान्हीवाड़ा टीआई को किया लाइन अटैच

सिवनी  लापरवाही को लेकर मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कान्हीवाड़ा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे को लाइन अटैच किया है। बताया जा रहा है कि कथित कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। मामला मवेशी तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा है। ठाकरे की जगह भोपाल क्राइम ब्रांच में रहे प्रीतम सिंह तिलगाम को पदस्थ किया गया है। ज्ञात हो कि इससे पहले जिले के बंडोल व कुरई थाना प्रभारी को भी लाइन अटैच किया गया था। कुरई से पुलिस लाइन बुलाए गए नगर निरीक्षक लक्ष्मण सिंह झारिया को घंसौर की कमान दी गई है। वहीं छपारा थाना का प्रभार खेमेंद्र जैतवार को दिया गया है। क्या है वायरल ऑडियो में? सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि किसी तरह से इस वायरल ऑडियो क्लिप की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन वायरल ऑडियो में भाजयुमो नेता मयूर दुबे और थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे के बीच जो कथित बातचीत हुई है, उसमें दुबे कथित रूप से कह रहे हैं कि “जितने अपने दुश्मन हैं ना जो हिंदुत्व की आड़ में गलत काम करते हैं उनको लपेटने के लिये सबको मिलकर एक कहानी बनाएं अपन उसमें अंडरग्राउंड रूप से आपकी सहायता लगेगी… बताओ ना… कुछ नहीं है… जो गौ तस्कर रहते हैं बाहर प्रदेशों के वो चाहिये अपने को… ठीक है ना… पैसे देंगे, अपन सब खर्चा करेंगे उनको 4-5 नंबरों पर पैसे डालना है और व्हाट्सऐप मैसेज करना है… तुम्हारे पर्सनल नंबर पर डाल रहा हूं… अब कहीं गाड़ी रूकना नहीं चाहिये… हां… हां… ये एडवांस है बाकी पैसा कैश देंगे… बाद में इन लोगों को घसीटकर पीटेंगे, जिन्होंने आपके खिलाफ शिकायत की या मेरे खिलाफ सिंडिकेट बनाया.” दूसरी क्लिप भी वायरल एक और ऑडियो में थाना प्रभारी कथित तौर पर कथित भाजयुमो नेता से यह कहते सुने गए हैं कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और सहयोगी संगठनों के शीर्ष नेताओं को सिवनी के कुछ लोगों, खासकर माधव दुबे और दीपक यादव, की कथित गलत गतिविधियों की जानकारी दी है. हम एक बार फिर यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन यदि क्लिप सही साबित होती है तो यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है. भाजयुमो और हिंदू संगठनों (विशेषकर गौ रक्षक ब्रिगेड) के बीच आंतरिक टकराव, अंतरराज्यीय गौ तस्करों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच कथित गठजोड़, इसके अलावा कुछ पुलिस अधिकारियों की RSS और VHP के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच. ये ऐसे सवाल हैं जो इस मामले की वजह से उठ सकते हैं. सिवनी क्यों है अहम? महाराष्ट्र सीमा से लगे सिवनी जिले को मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से महाराष्ट्र और हैदराबाद के लिए हो रही गौ तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है.     MP पुलिस मुख्यालय द्वारा जून 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2024 के बीच राज्यभर में गौ तस्करी और अवैध वध के 500 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जिनमें सबसे ज्यादा 55 केस सिवनी में दर्ज हुए.     यहां 99 लोगों की गिरफ्तारी, 1301 पशुओं की बरामदगी और 38 वाहनों की जब्ती हुई.     राज्य पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, लगभग 70% मामलों में पशुओं को यूपी और राजस्थान से नागपुर और हैदराबाद ले जाया जाता है, जिसमें सिवनी जैसे जिले ट्रांजिट पॉइंट होते हैं. केवल 30% मामलों में स्थानीय तस्कर शामिल होते हैं. पहले भी हो चुकी है सिवनी में हिंसा और प्रशासनिक कार्रवाई मई 2022 में सिवनी के कुरई क्षेत्र में गौ मांस मिलने पर दो गोंड आदिवासियों की कथित तौर पर गौ रक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. जून 2024 में, सिवनी के धनोरा और काकरतला के जंगलों में 54 गौवंशों के शव मिले थे, जिनके सिर और अंग काटे गए थे. इस घटना ने जिले में भारी तनाव फैला दिया था और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बाद कलेक्टर और एसपी को हटाया गया था. जानिए SP ने क्या कहा? अब वायरल ऑडियो से एक बार फिर सिवनी सुर्खियों में है. पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि क्लिप की जांच के आदेश दिए गए हैं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया गया है। सवाल यह है कि क्या सिवनी में पुलिस और तस्करों का गठजोड़ हिंदुत्व की राजनीति करने वालों को निशाना बना रहा है या यह सिर्फ सत्ता संघर्ष की एक और कड़ी है? जवाब जांच के बाद सामने आएगा.  

मध्यप्रदेश में न्याय व्यवस्था में तेजी लाने पुलिस, चिकित्सा, न्यायालय, अभियोजन एवं जेल के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा

देवास  मध्यप्रदेश में न्याय व्यवस्था में तेजी लाने के साथ ही पारदर्शी बनाने की पहल की गई है. इस काम में पुलिस विभाग के साथ ही चिकित्सा, न्यायालय, अभियोजन एवं जेल के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ये सारे विभाग सूचनाओं तथा दस्तावेजों का आदान-प्रदान करेंगे. डीजीपी कैलाश मकवाना ने ये पहल शुरू की है. इसके लिए देवास जिले को पायलट डिस्ट्रिक्ट के रूप में चयनित किया गया है. संबंधित विभाग मिलकर प्रक्रिया को सरल बनाएंगे इस अभियान का उद्देश्य एफआईआर से लेकर अंतिम निर्णय तक के मार्ग में आने वाली समस्त प्रक्रियाओं को सभी विभागों के समन्वय से सरल करना है. संबंधित विभागों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से जोड़कर न्याय व्यवस्था को तेज किया जाएगा. इसी संबंध में देवास में कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव एस. कालगांवकर, एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर के मुख्य आतिथ्य में कार्यशाला में इसी बात पर मंथन किया गया. संबंधित विभागीय अफसरों को ट्रेनिंग बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत देवास प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहां अधिकतम विवेचकों को टेबलेट प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी कार्यप्रणाली अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं दक्ष बनेगी. इस डिजिटल एकीकरण के तहत समन एवं वारंट, बेल एप्लीकेशन मोड्यूल में तेजी लाई जाएगी. इसके लिए विभागीय अफसरों को ट्रेनिंग दी जा रही है. योजना के तहत पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, एफएसएल अधिकारियों, अभियोजन अधिवक्ताओं और विवेचकों को इस बारे में ट्रेनिंग देने की योजना तैयार की गई है. देवास में आयोजित इस कार्यशाला में देवास के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार मिश्रा, एडीजी उज्जैन उमेश जोगा, डीआईजी उज्जैन नवनीत भसीन, कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह आदि मौजूद रहे. समन और वारंट भी ऑनलाइन होंगे तामील देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब न्याय व्यवस्था के सभी स्तंभ एक साझा डिजिटल मंच पर आपस में जुड़ेंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता, गति और सुगमता आएगी. पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीकरण के बाद एमएलसी, एफएसएल रिपोर्ट का आदान प्रदान करना है. साथ ही न्यायालय द्वारा जारी समस्त समन और वारंट भी ऑनलाइन तामील किए जाएंगे.

सरकारी नौकरी करने वाली 8 युवतियों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठ जालसाज हुआ फरार

सोनभद्र  उत्तर प्रदेश के सोनभद्र रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में एक जालसाज का मामला प्रकाश में आया है। सरकारी नौकरी करने वाली युवतियों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। यह जालसाज शादी डॉट कॉम जैसी मेट्रोमोनियल वेबसाइट्स का उपयोग करके युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। शुक्रवार दोपहर बाद इस जालसाज की शिकायत लेकर दो महिला शिक्षिका सहित एक अन्य महिला सदर कोतवाली पहुंची। सभी महिलाओं ने एक ही व्यक्ति को अपना पति बताया है। संतकबीर नगर निवासी एक शिक्षिका की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है। इस मामले मे शिक्षिका सरिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि राजन गहलोत ने उसके साथ शादी की और फिर उसके नाम पर लाखो रुपये का लोन निकलवा लिया। सरकारी नौकरी वाली 8 महिलाओं से शादी शिक्षिका ने बताया कि वह अम्बेडकर नगर में अध्यापक पद पर कार्यरत है। वह अपनी मां के साथ रहकर नौकरी कर रही थी। यह जालसाज शादी डॉट कॉम जैसी मेट्रोमोनियल वेबसाइट्स का उपयोग करके हमारे संपर्क में आया था। काफी पता करने पर जानकारी हुई कि युवक ने 7-8 सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं से शादी करके उनसे करोड़ों रुपए ऐंठ लिए हैं। इस मामले में थाने में आई दो अन्य महिलाओं ने भी राजन गहलोत पर शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला का कहना है कि वर्तमान में राजन गहलोत मुसहीं कम्पोजिट विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका के साथ रह रहा है। महिला शिक्षिक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी एडिशनल एसपी कालू सिंह ने बताया कि संतकबीर नगर निवासी एक महिला की तहरीर पर सहिजन गांव निवासी राजन गहलोत के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

छतरपुर पुलिस ने कुख्यात आरोपित का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर उसे गिरफ्तार कर लिया

छतरपुर  कुख्यात आरोपित का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जब पुलिस आरोपित लक्खू राजपूत को पकड़ने गई तो उसने तीन राउंड पुलिस पर फायर कर दिए। घटना हनुखेड़ा के जंगल की है। जहां पुलिस ने जबावी करवाई में पांच राउंड फायर किए। आरोपित के पैर में गोली लगी है। पुलिस की गोली लगते ही वह जमीन पर ही गया। आरोपित को इलाज के लिए पुलिस ने जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जहां उसे भर्ती हत्या गया है। उक्त आरोपित पर हत्या के प्रयास सहित 21 मामले दर्ज हैं। आरोपित 15 दिन पहले जेल से जमानत पर आया था। आरोपित ने दो दिन पहले लड़की की गोली मारकर हत्या थी। जिसने गौरिहार थाना इलाके की घटना को अंजाम दिया था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए नईदुनिया के साथ।

छतरपुर के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वरधाम में नवीन चौकी खोलने को भी सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में आठ नए थाने और एक नवीन चौकी खोलने को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश सरकार के आदेश जारी होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने भोपाल पुलिस आयुक्त सहित संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आदेश के परिपालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने पत्र जारी कर दिया है। राजधानी भोपाल में कोलार थाना क्षेत्र के कजलीखेड़ा, उज्जैन के महाकाल लोक और तपोभूमि में नए थाने खोले जाएंगे। इसके साथ ही छतरपुर के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वरधाम में नवीन चौकी खोलने को भी सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही खरगोन के जैतापुर में नया थाना खोलने के साथ देवास जिले की कमलापुर, सीधी जिले की मडवास तथा सेमरिया और सतना जिले की रैगांव पुलिस चौकी को उन्नयन कर थाना बनाया जाएगा। भोपाल के कोलार क्षेत्र में कॉलोनियों की संख्या में बेतहासा वृद्धि होने के कारण कोलार थाना क्षेत्र बहुत बढ़ गया था। ऐसे में अपराधों पर नियंत्रण के लिए कजलीखेड़ा में नया थाना खोलने की मांग लंबे समय से हो रही थी। इसी तरह उज्जैन में महाकाल महालोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। आए दिन महाकालेश्वर के दर्शन करने वीवीआईपी आते रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से महाकाल नाम से वहां नया थाना खोला जा रहा है।  

मंदसौर में 18 महीने पहले हत्या, अब जिंदा लौटी महिला, मर्डर में 4 लोग काट रहे जेल

मंदसौर के मंदसौर में करीब डेढ़ साल पहले मृत घोषित की गई दो बच्चों की मां अचानक फिर से प्रकट होने से उसका परिवार और पुलिस दोनों ही हैरान हैं। महिला की कथित ‘हत्या’ के लिए चार लोग पहले से ही जेल में हैं। पुलिस को अब इस एक हत्या और इस महिला के गुम होने की गुत्थी सुलझानी है। वहीं यह भी पता लगाना होगा कि वह महिला कौन थी जिसकी पहचान परिवार ने कर अंतिम संस्कार किया था? द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में महिला के परिवार ने पुलिस को मंदसौर राजस्थान बॉर्डर के करीब गांधी सागर से महिला के लापता होने की सूचना दी थी। कुछ दिन बाद झाबुआ जिले के थांदला में मंदसौर से 150 किमी दूर मुंबई-दिल्ली हाईवे के किनारे एक महिला का क्षत-विक्षत शव मिला था। थांदला थाना प्रभारी बृजेश मालवीय ने गुरुवार को बताया कि मृतक महिला का चेहरा और सिर भारी पत्थर से कुचला हुआ था। महिला की पहचान करने के लिए पुलिस ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने के साथ ही क्राइम ट्रैकिंग सिस्टम सीसीटीएनएस पर अपलोड की थी। एसएचओ मालवीय ने कहा, ”हमें गांधी सागर से एक कॉल आया। कुछ परिवार के सदस्य आए और महिला के टखने पर टैटू और धागे से उसकी पहचान अपनी बेटी के रूप में की। उन्होंने यह भी बयान दिया कि उनकी बेटी शाहरुख नाम के एक व्यक्ति के साथ भाग गई थी। उनके बयानों के आधार पर शाहरुख और उसके साथियों को हिरासत में लेकर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।” इसके बाद उस शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया और थांदला पुलिस ने चार संदिग्धों शाहरुख, इमरान, सोनू और एजाज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था, जो गांधी सागर से 30 किलोमीटर दूर भानपुरा के रहने वाले हैं। मालवीय ने कहा, ”हमारे पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत थे कि उन्होंने अपराध किया है, इसलिए चार्जशीट पेश की गई। मामला अब अदालत में है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।” कुछ दिन पहले जब महिला घर लौटी तो उसका परिवार हैरान रह गया। उसके दो बच्चे, जो यह मानते थे कि उनकी मां मर चुकी है, खुशी से झूम उठे। उसका परिवार तुरंत उसे पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेजों के साथ गांधी सागर थाने ले गया। गांधी सागर थाना प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने पुष्टि की कि जिस महिला को मृत माना जा रहा था, वह कुछ दिन पहले उनके पास आई थी और उसने बताया कि वह जीवित है। पुलिस ने ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान की पुष्टि कराई है। महिला के पिता ने कहा, ”हमारी बेटी लापता थी। पुलिस ने हमें एक शव दिखाया, जिसके बारे में हमें लगा कि वह उसी का है। हमने कभी नहीं सोचा था कि वह जिंदा होगी और वापस लौटेगी।” पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले 18 महीनों में क्या हुआ था और किसके शव का अंतिम संस्कार परिवार द्वारा किया गया था। महिला ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ अपनी मर्जी से भानपुरा गई थी, लेकिन दो दिन बाद ही उसने कथित तौर पर उसे शाहरुख नाम के एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया। उसने पुलिस को बताया कि वह 18 महीने तक कोटा में दूसरे शाहरुख के साथ रही और हमेशा भागने का मौका तलाशती रही। कुछ दिन पहले वह किसी तरह से वहां से निकलकर घर पहुंची। उसने बताया, ”मैंने अपने गांव पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली। मेरे पास फोन नहीं था और मुझे कहीं जाने की इजाजत नहीं थी, इसलिए मैं इस दौरान अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पाई।” गांधी सागर थाना प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने कहा, “हमने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और थांदला थाना के अधिकारियों को इस घटनाक्रम के बारे में सूचित कर दिया है। मामले की दोबारा जांच या आगे की जांच थांदला पुलिस द्वारा की जाएगी।”

इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने हाथ की सफाई दिखाते 40 लोगों को किया गया गिरफ्तार

इंदौर रंगपंचमी के अवसर पर निकली पारंपरिक गेर में इस बार कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने सादी वर्दी में तैनात रहकर 40 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया, जिनमें दिल्ली और हरियाणा से आई चेन कटिंग गैंग की 14 महिलाएं भी शामिल थीं। चेन कटिंग गैंग का पर्दाफाश गेर के दौरान सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने के लिए क्राइम ब्रांच की विशेष टीम तैनात थी। इस दौरान एक चेन लुटेरे सोनू (32) पिता तेजसिंह पंवार, निवासी मेघपुर (फरीदाबाद, हरियाणा) को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसके पास से चेन काटने का औजार और महू से आए व्यापारी मोहनलाल रूनवाल (65) की साढ़े चार तोला वजनी सोने की चेन बरामद की है। जांच में पता चला कि आरोपी 17 मार्च को हरियाणा से उज्जैन पहुंचा था और फिर वहां से बुधवार सुबह इंदौर आकर गेर में शामिल हुआ। पुलिस अब गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। छेड़छाड़ और हुड़दंग करने वाले भी पकड़े गए गेर में महिलाओं से छेड़छाड़, भद्दे कमेंट करने, गलत हरकत करने और जूते-चप्पल उछालने वाले 8 बदमाशों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अभिषेक जाटव (21) उज्जैनी, दीपांशु चौहान (23) खंडवा नाका, प्रकाश प्रजापत (44) गणेश नगर, उमंग डाकचे (19) खजराना खेड़ी, नरेंद्र कुशवाह (46) श्रीकृष्ण पैराडाइज, मनीष तंमाड़े (32) भागीरथपुरा, ऋषि रावल (38) नंदलालपुरा और प्रशांत नाथ (26) जवाहर मार्ग के रूप में हुई। महिला-पुरुषों से बदसलूकी करने वाले 5 और गिरफ्तार इसके अलावा गेर में परिवार के साथ आए लोगों से बदसलूकी करने के आरोप में दीपक (21) हरिनगर (हरियाणा), पवन (22) दिल्ली, अमरजीत (18) फरीदाबाद, सोनू (32) वेगपुर (फरीदाबाद) और ओमवीर को भी गिरफ्तार कर थाने भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस बार सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती गई थी, जिसके चलते कई बदमाशों को समय रहते पकड़ा जा सका। पुलिस अब इन गिरोहों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

अवैध नशे पर Police का बड़ा एक्शन, पुलिस ने कंटेनर से 500 किलो गांजा किया जब्त

 कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त करते हुए कंटेनर ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है. फिलहाल पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है. दावा किया जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक कंटेनर ट्रक से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और उसके चालक को गिरफ्तार किया है. चालक प्रतिबंधित पदार्थ की अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल था. कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रक को सोमवार रात कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिलासपुर-अंबिकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुतार्रा-रापाखर्रा पुल के पास रोका गया. ट्रक ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रहा था. ट्रक की जांच के दौरान अंदर पैकेट में रखा 500 किलोग्राम गांजा (भांग) मिला, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. अधिकारी ने बताया कि चालक की पहचान दिल्ली के रहने वाले राहुल गुप्ता के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है. आपको बता दें कि इससे पहले भी छत्तसीगढ़ पुलिस ने राज्य के एक जिले से गांजा की जब्ती की थी. ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही थी खेप, पुलिस ने की घेराबंदी कटघोरा पुलिस को सूचना मिली कि एक माजदा वाहन में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और सुतर्रा रापाखर्रा पुल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। ओडिशा से उत्तर प्रदेश गांजे की तस्करी की जा रही थी। चेकिंग में भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कंटेनर के अंदर भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले। जब इन पैकेटों को खोला गया तो उनमें से गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, पूरे 500 किलो गांजे की तस्करी की जा रही थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। अंतरराज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका पुलिस ने इस मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जो ओडिशा से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में गांजा सप्लाई करता है। ड्राइवर ने अभी तक किसी का नाम बताया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस जल्द करेगी बड़ा खुलासा फिलहाल, पुलिस ने जब्त गांजे की सही मात्रा और उसकी कीमत का आकलन करने के लिए जांच जारी रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटे में इस मामले में बड़ा खुलासा किया जा सकता है।  

इंदौर में होली ड्यूटी पर तैनात TI के सीने में उठा दर्द, अस्पताल ले जाने से पहले मौत

भोपाल/इंदौर मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां होली के दिन ड्यूटी पर तैनात थाना प्रभारी संजय पाठक की अचानक मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान टीआई संजय पाठक के सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि यहां आने से पहले ही हार्ट अटैक के कारण इनकी मौत हो चुकी है। पाठक की ड्यूटी शुक्रवार को बेटमा में लगाई गई थी। वे आईजी ऑफिस में पदस्थ थे। वे मूल रूप से भोपाल के रहने वाले थे। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस का होली मिलन समारोह निरस्त थाना प्रभारी संजय पाठक की अचानक निधन के बाद शनिवार को डीआरपी लाइन में होने वाला होली मिलन समारोह निरस्त कर दिया गया। इंदौर के कई थानों में रहे पदस्थ संजय पाठक 1988 बैच के अफसर थे। उनके पिता भेल संयंत्र में रहे हैं। वे इंदौर में साउथ तुकोगंज में रहते थे परिवार में दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सुरभि पाठक नेशनल शूटर है। वह इंडियन टीम में भी रह चुकी हैं। पत्नी हाउस वाइफ है। संजय पाठक जूडो कराटे में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। इंदौर के कई थानों में उन्होंने ड्यूटी की है। डीजीपी मकवाना ने जताया दुख टीआई की मौत के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा-इंदौर ग्रामीण जोन में होली की ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी संजय पाठक को हार्ट अटैक आया था। दुर्भाग्य से उनका देहवासन हो गया। विनम्र श्रद्धांजलि। इंदौर के कई थानों में रहे पदस्थ संजय पाठक 1988 बैच के अफसर थे। उनके पिता भेल संयंत्र में रहे हैं। वे इंदौर में साउथ तुकोगंज में रहते थे परिवार में दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सुरभि पाठक नेशनल शूटर है। वह इंडियन टीम में भी रह चुकी हैं। पत्नी हाउस वाइफ है। संजय पाठक जूडो कराटे में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। इंदौर के कई थानों में उन्होंने ड्यूटी की है। डीजीपी मकवाना ने जताया दुख टीआई की मौत के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा-इंदौर ग्रामीण जोन में होली की ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी संजय पाठक को हार्ट अटैक आया था। दुर्भाग्य से उनका देहवासन हो गया। विनम्र श्रद्धांजलि।

मुरैना में पशु चारे की बोरियों में छिपाकर तस्करी, ट्रक से 6.20 करोड़ का गांजा बरामद

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दिल्ली जा रहे एक ट्रक से 6.2 करोड़ रुपये मूल्य का कम से कम 30 क्विंटल गांजा जब्त किया गया और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने पीटीआई को बताया कि महाराष्ट्र से आ रहे वाहन को गुरुवार देर रात मुरैना के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सवितापुर के पास रोका गया। जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की कीमत 6.2 करोड़ रुपये उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नासिक (महाराष्ट्र) से एक ट्रक में गांजे की एक बड़ी खेप गुप्त रूप से राष्ट्रीय राजधानी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंधित पदार्थ चारे की बोरियों के नीचे छिपाकर दिल्ली लाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की कीमत 6.2 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि ट्रक पर छत्तीसगढ़ का पंजीकरण नंबर है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले ट्रक चालक सौरभ ने बताया, “उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले ट्रक चालक सामू यादव को हिरासत में लिया गया और बाद में शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके काम करने के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।” पूछताछ में आरोपी सहयोग नहीं कर रहा था। एसपी ने बताया कि सुबह उसने बताया कि वह ओडिशा से खेप लेकर आ रहा है, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने जांचकर्ताओं को बताया कि प्रतिबंधित दवा नासिक से लाई जा रही थी। उन्होंने बताया, “आरोपी कल रात से ही अलग-अलग बयान दे रहा है। इसलिए हमने उससे पूछताछ के लिए एक विशेष टीम बनाई है, क्योंकि हमें संदेह है कि इस अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट में कुछ शक्तिशाली लोग शामिल हैं।” हैदराबाद में गांजा युक्त आइसक्रीम और मिठाई जब्त तेलंगाना आबकारी एवं निषेध अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान गांजा युक्त आइसक्रीम, कुल्फी और मिठाई बेचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को हैदराबाद में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच जारी आबकारी अधीक्षक एन अंजी रेड्डी ने बताया कि विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापे मारे गए, जिसके बाद गांजा युक्त सामान तैयार करने में शामिल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने आरोपियों के पास से गांजा युक्त आइसक्रीम, कुल्फी, बर्फी और चांदी की परत चढ़ी गेंदें जब्त कीं। उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।  

राजधनी में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक योजना, जिसमें फ्लैग मार्च, बैरियर चेकिंग और सोशल मीडिया पर निगरानी शामिल

 भोपाल इंदौर के महू कस्बे में हुई हिंसा के बाद मध्यप्रदेश पुलिस हाई अलर्ट पर है. खासकर राजधानी भोपाल में आगामी होली के त्योहार और जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है. शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है, जिसमें फ्लैग मार्च, बैरियर चेकिंग और सोशल मीडिया पर निगरानी शामिल है.   मंगलवार को भोपाल पुलिस ने पुराने शहर में लंबा फ्लैग मार्च निकाला, जिसमें मोती मस्जिद, सदर मंजिल, काजी कैंप समेत 25 से ज्यादा संवेदनशील इलाकों को कवर किया गया. यह फ्लैग मार्च असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने के लिए निकाला गया. पुराना भोपाल ऐसा क्षेत्र है, जहां सबसे ज्यादा मस्जिदें हैं और जुमे की नमाज के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है. साथ ही, होली के दौरान भी यहीं बड़ी संख्या में लोग जुलूस निकालते और रंग खेलते हैं. जुलूस और नमाज के लिए खास इंतजामात पुलिस ने होली के जुलूस और जुमे की नमाज के समय को मैनेज करने के लिए खास रणनीति बनाई है. कई जगहों पर जुलूस का रूट और मस्जिदें एक ही क्षेत्र में पड़ते हैं. ऐसे में पुलिस दोनों समुदायों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेगी. मस्जिदों और अंदरूनी इलाकों के आसपास भी फ्लैग मार्च निकाला गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके. 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात शहर भर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1000 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. संवेदनशील इलाकों में बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही है. इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखने का फैसला किया है. भड़काऊ पोस्ट या अफवाहों को रोकने के लिए साइबर सेल 24 घंटे सक्रिय रहेगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. पुलिस की अपील भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. होली और जुमे की नमाज के दौरान आपसी भाईचारे का परिचय देने की सलाह दी गई है. पुलिस का कहना है कि किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाएगा. महू की घटना के बाद पूरे मध्यप्रदेश में पुलिस की यह सतर्कता शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है. भोपाल में तैयारियां पूरी हैं और पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. महू में क्या हुआ था? बता दें कि ICC चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए महू में एक रैली निकाली जा रही थी. इस दौरान कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बढ़कर दो पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने तक पहुंच गई. झड़पों से कस्बे के कई इलाकों में दहशत फैल गई. बाद में कुछ लोगों ने कई मोटरसाइकिल को आग लगा दी, जिससे तनाव और बढ़ गया था.  

देवास में चैंपियंस ट्रॉफी में जीत की खुशी का जश्न मनाने के दौरान हुड़दंग मचाने वाले युवकों पर पुलिस ने कार्रवाई की, विधायक ने एसपी से की मुलाकात

देवास भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की खुशी में हुड़दंग करने वाले युवकों के खिलाफ देवास पुलिस ने सख्त कार्रवाई की. पुलिस ने हुड़दंगियों का मुंडन करवाया और फिर जुलूस निकाला. इसके चलते युवक अपना मुंह छिपाते नजर आए. ICC चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल मैच में न्यूजीलैंड पर भारत की जीत के बाद रविवार रात देवास शहर के एबी रोड़ स्थित सयाजी द्वार पर भारी भीड़ जमा हो गई थी. जीत की खुशी में उत्साहित लोग बम-पटाखे फोड़ने लगे. इससे राहगीर और वाहन चालक घबरा गए. कई वाहन चालक बड़ी मुश्किल से बचकर निकले. जब मौके पर मौजूद सिटी कोतवाली टीआई अजय सिंह गुर्जर ने लापरवाहीपूर्वक इधर-उधर एक-दूसरे पर पटाखे फेंक रहे युवकों को समझाने की कोशिश की तो नाराज़ युवकों ने टीआई के साथ अभद्रता की थी. उग्र युवकों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ करने का भी प्रयास किया था. टीआई ने किसी तरह अपना वाहन उग्र भीड़ से बाहर निकाला. वहीं, इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने एक बेकसूर मोमोज दुकान संचालक की पिटाई कर दी थी. वहीं, पुलिस की पिटाई से घायल हुए एक युवक के परिवार ने एसपी पुनीत गेहलोद को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की. मारपीट का CCTV फ़ुटेज भी वायरल हुआ. सोमवार को पुलिस ने जीत के जश्न में हुड़दंग करने वाले युवकों को वीडियो देखकर चिन्हित किया. सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और देर शाम उनका मुंडन कर एमजी रोड पर जुलूस निकाला. जुलूस के दौरान युवक अपना चेहरा छुपाते नजर आए. सीएसपी दीशेष अग्रवाल के मुताबिक, रविवार रात शहर के बीचो-बीच स्थित सयाजी द्वार पर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब किया. वीडियो के आधार पर 10 लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ शांति भंग करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया. फुटेज में दिखने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी. वहीं, चौपाटी स्थित मोमोज दुकानदार अखिलेश यादव से मारपीट के मामले में आरक्षक मन्नूलाल वर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया है. मारपीट में घायल युवक इंदौर रेफर कर दिया गया था. उसकी हालत स्थिर है. बता दें कि पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर लगातार जारी है. कोई जीत का जश्न मना रहे युवकों पर पुलिसिया कार्रवाई को गलत करार दे रहा है तो कोई हुड़दंगियों पर कार्रवाई करने वाली पुलिस की तारीफ़ कर रहा है.

महू में देर रात को उपद्रव के बादआज शांति कायम, बाजार में अधिकतर दुकानें बंद

 महू दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारत की जीत के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में बड़ा बवाल हो गया। महू में निकाले जा रहे विजयी जुलूस पर रविवार देर रात पथराव और आगजनी की गई। स्थिति को संभालने के बाद पुलिस ने जीत के जश्न में नफरत घोलने वालों पर ऐक्शन तेज कर दिया है। पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। महू में देर रात को उपद्रव के बाद सोमवार को शांति कायम है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार स्थित पर नजर बनाए हुए है। हिंदू संगठनों के लोग बाजार भी बंद कराने निकले। हालांकि, सोमवार को महू में बाजार में अधिकतर दुकानें बंद रहती हैं। लेकिन कुछ दुकानें जो खुली थीं उन्हें हिंदूवादी कार्यकर्ता बंद कराते दिखे। घटना वाले इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान में जुटी है। डीएम आशीष सिंह ने अब तक की स्थिति पर मीडिया से बाचती की और स्थिति को नियंत्रण में बताया। डीएम ने कहा, ‘कल की जो घटना हुई थी जैसी ही इसकी सूचना मिली पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला। पहले चरण में हमारा प्रयास था कि शांति पूरी तरह से स्थापित हो उसमें हम लोग सफल रहे। हम लोगों ने तुरंत पुलिस को मूव कराके यह सुनिश्चत किया कि जो घटनाएं हो रही थीं, आगजनी पथराव की, उनको तत्काल रोक लिया जाए। इसके बाद जांच शुरू की कि कौन लोग इसमें शामिल थे, किस तरह से घटना की शुरुआत हुई। एफआईआर के आधार पर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ लोगों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। कुछ और एफआईआर दर्ज किया जा सकता है। अभी पूरी तरह से शांति स्थापित है। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हो। एक भी जिम्मेदार व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। जहां तक बंद आदि की बात है, इसकी आवश्यकता नहीं है। शांति स्थापित हो चुका है।’ चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद देशभर की तरह महू में भी लोग सड़कों पर निकलकर जश्न मनाने लगे। लोग नारेबाजी करते हुए जश्न मना रहे थे। महू की जामा मस्जिद के पास जश्न के बीच अचानक एक पक्ष ने पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में टकराव हो गया। पथराव के बीच कुछ वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं। उपद्रवियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। देर रात स्थिति को काबू कर लिया गया। घटना में घायल हुए कुछ लोगों को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुरैना में हरेंद्र मौर्यकी मौत के मामले में आया नया मोड़, मारपीट के एक वीडियो वायरल

मुरैना मुरैना में रहने वाले हरेंद्र मौर्य ने बीते शनिवार की रात अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. रविवार सुबह परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. लेकिन घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. दरअसल, वायरल वीडियो में शहर की गांधी कॉलोनी में रहने वाले हरेंद्र मौर्य को उनकी पत्नी और बेटियां बेरहमी से डंडे से पीटती दिख रही हैं. हरेंद्र मौर्य पलंग पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां उनकी पत्नी रचना मौर्य उनके पैर पकड़े हुए हैं. उनकी एक बेटी हाथ पकड़े हुए है, जबकि दूसरी बेटी डंडे से बेरहमी से पिटाई कर रही है. पास बैठे हरेंद्र के छोटे बेटे ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बड़ी बहन ने उसे भी डंडे का डर दिखाकर चुप करा दिया. इस चौंकाने वाले वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का रुख बदल दिया है. मृतक का पोस्टमॉर्टम अब ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के बोर्ड से कराया जाएगा. CSP मुरैना दीपाली चंदोलिया ने बताया, “गांधी कॉलोनी निवासी हरेंद्र मौर्य की आत्महत्या की सूचना मिली थी. मौके पर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. लेकिन वायरल वीडियो ने मामले को उलट दिया. इसमें मृतक के परिजन (पत्नी, दो बेटियां और मां) उसकी मारपीट करते दिख रहे हैं. वीडियो के आधार पर सभी से पूछताछ की जा रही है और शव का पोस्टमॉर्टम ग्वालियर मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है.” पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या मारपीट के कारण ही हरेंद्र ने यह कदम उठाया? इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और सोशल मीडिया पर वीडियो की चर्चा हो रही है.

गाड़ी चलाते समय बजाया हूटर तो चलेगा डंडा! पुलिस मुख्यालय ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर लाल, पीली, नीली फ्लैश लाइट, हूटर और VIP स्टीकर लगाकर रौब झाड़ने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलों के SP को निर्देश जारी किए हैं. 1 मार्च से 15 मार्च तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कदम अनधिकृत वाहनों की बढ़ती संख्या और अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है. पुलिस मुख्यालय का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में कहा, “प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर और गलत नंबर प्लेट के मामले बढ़ रहे हैं. कार्यवाही न होने से ऐसे चालकों को प्रोत्साहन मिल रहा है.” पत्र में एक हालिया घटना का जिक्र है, जहां एक जिले में VIP भ्रमण के दौरान ऐसा वाहन पकड़ा गया और उसके खिलाफ BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया. सभी जिलों से इसी तरह की कार्रवाई की अपेक्षा की गई है. रिपोर्ट 18 मार्च तक ईमेल  cell02_ptri@mppolice.gov.in या aig_ptri@mppolice.gov.in  पर मांगी गई है. अभियान का दायरा1 से 15 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में चार मुख्य बिंदुओं पर फोकस होगा:   – हूटर का दुरुपयोग   – फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती) का अनधिकृत इस्तेमाल   – VIP स्टीकर का गलत प्रयोग   – गलत नंबर प्लेट वाले वाहन दिग्विजय की मांग से शुरुआत इस अभियान की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हालिया पत्र भी है. कुछ समय पहले उन्होंने DGP को पत्र लिखकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना था कि यह चलन न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों में भय और भ्रम भी पैदा करता है. अब पुलिस मुख्यालय के निर्देश से यह मांग कार्रवाई में बदल रही है. सड़क पर बढ़ेगा शिकंजा यह अभियान निजी वाहनों के जरिए रौब दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पुलिस का कहना है कि यह कदम अवैध गतिविधियों को हतोत्साहित करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा हूटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय ने जताई नाराजगी पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया कि कुछ दिन पहले VIP विजिट के दौरान एक ऐसा अनाधिकृत वाहन भी पकड़ा गया था, लेकिन उसके बाद भी मध्य प्रदेश के सड़कों पर अनवरत रूप से हूटर समेत प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग निजी वाहन चालकों द्वारा धडल्ले से किया जा रहा है. मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर अनाधिकृत सामग्री के उपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं गौरतलब है. प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, वाहन पर फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर व गलत नम्बर प्लेट के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उन्हें प्रोत्साहन मिल रहा है. जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है

उप्र पुलिस जवानों ने पेश की कर्तव्यनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल, बिछड़ों को अपनों से मिलाया; खोने वालों को कीमती सामान लौटाए

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जहां एक ओर आस्था का महासमुद्र उमड़ा, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग के जवानों ने सेवा, सुरक्षा और ईमानदारी की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 15 देशों और 20 से अधिक राज्यों के श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया। जवानों ने न केवल लाखों रुपए की नकदी, आईफोन, गहने और अन्य कीमती सामान खोने वालों को वापस लौटाया, बल्कि बीमारों को तत्काल चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई। इसके अलावा, पुलिस ने बुजुर्गों और दिव्यांगों को संगम स्नान में मदद की। इस सेवा भाव की चर्चा रूस, अमेरिका और जर्मनी समेत तमाम देशों तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे मेले में खोया-पाया केंद्र बनाए और विशेष खोज अभियान चलाया। इस अभियान के प्रभारी आईजी पीएसी पूर्वी जोन डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने कहा “हमारे जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की। इस अभियान से यूपी पुलिस की ईमानदारी और सेवाभाव की गूंज सात समंदर पार तक पहुंच गई है।” केस 1: 17 फरवरी को जयपुर के पुष्पेंद्र सिंह शेखावत अपने परिवार के साथ महाकुंभ में आए थे। उनका पर्स, जिसमें 69,000 रुपए नकद, दो आईफोन, सोने की चेन, दो अंगूठियां और एटीएम कार्ड थे, खो गया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी प्रयागराज के अरविंद कुमार सिंह ने अरैल घाट पर यह पर्स खोजा और श्रद्धालु से संपर्क कर वापस सौंप दिया। केस 2: छत्तीसगढ़ की राजकुमारी यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के आरक्षी प्रशांत कुमार और रवींद्र सिंह ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें समय पर इलाज मिला। केस 3:29 जनवरी को रूस की रीता अपने साथियों के साथ संगम स्नान के लिए जा रही थी। रात में वह अपने समूह से बिछड़कर पाल बस्ती मवैया पहुंच गई।33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी अमरदीप ने उन्हें खोजकर उनके साथियों से मिलाया। केस 4: 15 जनवरी को जर्मनी से आए श्रद्धालु नवाबगंज जाना चाहते थे, लेकिन रास्ता भटक गए।28वीं वाहिनी पीएसी इटावा के आरक्षी राजू सिंह ने उन्हें सुरक्षित नवाबगंज तक पहुंचाया। केस 5: बंगलुरु की शोभा संगम स्नान के दौरान घायल हो गईं। 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी सुरजीत यादव ने उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और प्राथमिक चिकित्सा दिलवाई। केस 6: 24 जनवरी को संगम मार्ग पर विवेक भारती को कार चलाते समय मिर्गी का दौरा पड़ा। 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद के आरक्षी गुरदीप और कपिल कुमार ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, परिवार को सूचित किया और ठीक होने पर घर भेजा।

पत्थरबाजों को ट्रैक करने रतलाम पुलिस का हाईटेक प्लान, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ड्रोन से निगरानी

रतलाम  एमपी के रतलाम-झाबुआ क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए अब रतलाम पुलिस नाइट विजन ड्रोन का सहारा ले रही है. 8 लेन पर पत्थरबाजी कर भाग जाने वाले बदमाशों को अब नाइट विजन ड्रोन की मदद से ट्रैक किया जा सकेगा और धरपकड़ भी की जाएगी. इससे पूर्व पुलिस ने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर और रेंडम पेट्रोलिंग कर स्थानीय ग्रामीणों से पत्थरबाजी रुकवाने में मदद करने की अपील भी की थी. जिसका कुछ असर भी देखने को मिला था. लेकिन बीते दिनों फिर से पत्थर बाजी की घटनाएं हुई हैं. एसपी ने ड्रोन उड़ाकर की टेस्टिंग वहीं, अब पुलिस पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों को टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. रतलाम एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ पत्थरबाजी वाले क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर इसका परीक्षण भी किया है. वहीं, हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ 90 किलोमीटर के इस हिस्से में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी. बीते कुछ महीनों में पत्थर बाजी की करीब दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग भी इस क्षेत्र में बढ़ाई गई है. एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भेजा दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब से आवागमन शुरू हुआ है, तब से ही झाबुआ के थांदला, रतलाम के शिवगढ़, रावटी और औद्योगिक थाना क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं की कई शिकायत दर्ज हुई हैं. कई मामलों में तो राहगीर शिकायत किए बिना ही आगे रवाना हो जाते हैं. जिसकी वजह से पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बदनाम होने लगा है. रतलाम पुलिस प्रशासन ने करीब 90 किलोमीटर के इस हिस्से पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है. ड्रोन से ट्रैक होंगे पत्थरबाज वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही नाइट विजन कैमरों से निगरानी भी करेगी. एनएचएआई के साथ मिलकर पुलिस ड्रोन उड़ाकर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को ट्रैक करेगी. पूर्व में अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वाले बदमाश भाग जाया करते थे, जिन्हें ढूंढना और पकड़ना मुश्किल होता था. लेकिन अब हाई क्वालिटी के नाइट विजन ड्रोन के फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले और 8 लेन पर चोरी, तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर पकड़ा जा सकेगा. सामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि, ”एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ऐसा करने वाले और सामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा.” बहरहाल रतलाम पुलिस अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. जिससे यहां से रात में गुजरने वाले यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे.

बंधुआ मजदूर: बुरहानपुर के 17 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक, पुलिस ने मुक्त कराया

 बुरहानपुर रहानपुर के बंभाड़ा गांव से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए 17 लोगों को बंधक बना लिया गया था। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर शाहपुर थाना पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन सभी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने उस्मानाबाद के कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी को मुक्त कराया। बचाव अभियान में एएसआई महेंद्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक शहाबुद्दीन के अलावा जन साहब संस्था के लीगल को-ऑर्डिनेटर सीएस परमार, राज्य समन्वयक यास्मीन खान और एफओ देव भोरे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीआई ने बताया कि हर साल बुरहानपुर जिले से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं, जहां कई बार उन्हें बंधक बना लिया जाता है। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर मजदूरों की मदद करता है। इस मामले में भी सभी मुक्त कराए गए लोगों को सुरक्षित उनके गांव बंभाड़ा पहुंचा दिया गया है।

दलित दूल्हे की घुड़चढी को रस्म पूरा करने एसपी ने पुलिसकर्मियों की फौज उतारी

अहमदाबाद  गुजरात के बनासकांठा जिले में दलित वकील मुकेश परेचा ने घोड़ी पर बैठकर अपनी शादी की बारात निकाली। इलाके में किसी दलित परिवार में घुड़चढ़ी का यह पहला मौका था। इस बारात की सुरक्षा के लिए 145 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बाद में वडगाम के विधायक जिग्नेश मेवाणी के साथ पुलिस अफसरों ने दूल्हे की गाड़ी ड्राइव की। हालांकि घोड़ी के उतरकर कार पर चढ़ने के दौरान किसी ने उनकी कार पर पत्थर फेंका। दूल्हे परेचा ने कहा कि वह एक-दो दिन में इसकी शिकायत देंगे। शादी में घुड़चढ़ी के लिए मांगी थी सुरक्षा बनासकांठा ज़िले के पालनपुर तहसील के गडलवाड़ा गांव में गुरुवार को एक अनोखी शादी देखने को मिली। यह शादी आम शादियों से बिल्कुल अलग थी। दूल्हे मुकेश परेचा अपनी शादी में घुड़चढ़ी की रस्म करना चाहते थे। इलाके के दबंगों ने दलितों की घुड़चढ़ी पर रोक लगा रखी थी। परेचा ने इस रस्म के लिए स्थानीय विधायक जिग्नेश मेवाणी और पुलिस से सुरक्षा मांगी। उन्होंने 22 जनवरी को बनासकांठा ज़िले के पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन दिया। आवेदन में परेचा ने बताया कि उनके गांव में दलित कभी घुड़चढ़ी या वरघोड़ा नहीं निकालते हैं। मैं पहला व्यक्ति हूं जो वरघोड़ा निकालूंगा, जिसमें किसी अनहोनी की पूरी संभावना है। आपसे निवेदन है कि हमें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। इंस्पेक्टर ने खुद चलाई दूल्हे की कार पुलिस ने उनकी बरात की सुरक्षा के लिए 145 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई। खुद जिग्नेश मेवाणी भी पुलिस अफसरों के साथ बारात में शामिल हुए। बनासकांठा ज़िला अदालत में वकालत करने वाले परेचा ने कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच उनकी बारात निकली। जब वह घोड़े पर सवार थे, तब कुछ नहीं हुआ। लेकिन जब वह घोड़े से उतरे और अपनी कार में बैठे तो किसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक दिया। फिर पुलिस इंस्पेक्टर के. एम. वसावा ने खुद स्टेयरिंग थाम लिया। उनके साथ कार में वडगाम के विधायक जिग्नेश मेवाणी भी मौजूद थे।

पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगाया

भोपाल पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगा है। ये तीनों में एक सूबेदार, एक सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर है। सभी लेखा शाखा में काम करते थे। इन्होंने वित्तीय वर्ष 2022, 2023 और 2024 में खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को बीमार बताकर यह धोखाधड़ी की। संचालक ट्रेजरी की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ, जिसमें इनके खातों में असामान्य रूप से उच्च भुगतान की ओर इशारा किया गया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ऐसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब संचालक ट्रेजरी ने पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा। इस पत्र में बताया गया कि तीन पुलिसकर्मियों के खातों में मेडिकल बिल के मद में काफी ज्यादा रकम ट्रांसफर हुई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की लेखा शाखा ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि सूबेदार नीरज कुमार, सब-इंस्पेक्टर हरिहर सोनी और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हर्ष वानखेड़े ने फर्जी मेडिकल बिल बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है। अलग-अलग बीमारियों के नाम पर मेडिकल बिल लगाए तीनों आरोपियों ने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग बीमारियां बताकर मेडिकल बिल जमा किए थे। यह बिल असामान्य रूप से ज्यादा थे, जिससे शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि इन्होंने ‘प्रो-लॉन्ग सर्टिफिकेट’ का भी गलत इस्तेमाल किया। यह सर्टिफिकेट गंभीर बीमारियों के लिए सिविल सर्जन द्वारा जारी किया जाता है। लेकिन जांच दल ने जब सिविल सर्जन से पुष्टि की, तो पता चला कि उन्होंने इन तीनों को केवल दो ही सर्टिफिकेट जारी किए थे। इससे यह संदेह और गहरा हो गया कि बाकी सभी सर्टिफिकेट फर्जी हैं। एडीजी अनिल कुमार ने बताया कि संचालक ट्रेजरी से पत्र मिलने के बाद गोपनीय जांच शुरू की गई थी। जांच शुरू होने से पहले ही तीनों आरोपियों को लेखा शाखा से हटा दिया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 8 जनवरी को तीनों को निलंबित कर दिया गया। तीनों के खिलाफ जहांगीराबाद थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 318, 319, 336, 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में 14 साल तक की सजा का प्रावधान है। वानखेड़े ने किए 35 लाख गबन जांच में यह भी पता चला है कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग रकम का गबन किया है। हर्ष वानखेड़े के खाते में लगभग 35 लाख रुपए, हरिहर सोनी के खाते में लगभग 24 लाख रुपए और नीरज कुमार के खाते में लगभग 17 लाख रुपए का भुगतान हुआ है। यह कुल मिलाकर लगभग 76 लाख रुपए होता है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। एसीपी जहांगीराबाद सुरभि मीणा ने बताया कि लेखा शाखा की रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल हैं। इस मामले में सिविल सर्जन से भी पूछताछ की जा सकती है।

पुलिस ने कर्नाटक के कॉफी बागान में बंधक बनाए गए 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया

 अशोकनगर कर्नाटक के कॉफी बागान में बंधक बनाकर रखे गए मध्यप्रदेश के 12 मजदूरों को पुलिस ने मुक्त करवा लिया है. सभी मजदूर मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से कॉफी बागान में काम करने गए थे. दरअसल, अशोकनगर एसपी विनीत जैन को 30 जनवरी को मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस की एक टीम कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में गई थी. टीम के सदस्यों ने सबसे पहले कॉफी बागान में बंधक बनाए गए मजदूरों को ढूंढा. अशोकनगर थाने के प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि मजदूरों के स्थान का पता लगाने के बाद पुलिस ने चिकमंगलूर जिले के जयापुरा थाने से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस की मदद से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया और मध्यप्रदेश वापस लाया गया. वहीं, ठेकेदार अफसर अली को बाद में पकड़ लिया गया और अशोकनगर लाया गया. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कॉफी बागान मैनेजमेंट से 90 हजार रुपये का एडवांस लेकर ठेकेदार अली अशोकनगर से मजदूरों को कर्नाटक ले गया था. लेकिन वह वहां से भाग निकला था. एसपी ने बताया कि ये लोग कुछ हद तक बंधुआ मजदूरों की तरह काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कुछ और लोग भी इसी तरह से वहां काम कर रहे हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है. मजदूरों को कर्नाटक लेकर गया ठेकेदार फरार जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्र टकनेरी से कई मजदूरों को ठेकेदार अफसर अली मजदूरी के लिए कर्नाटक लेकर गया। वह उनको कर्नाटक के घने जंगलों में कॉफी के फल को तोड़ने के काम के लिए लेकर गया था। ठेकेदार करीब 2 महीने पहले उनको लेकर गया था। उनको वहां छोड़कर ठेकेदार फरार हो गया। वहां काम करने गए मजदूरों ने अपने घर पर ऐसी बात बताई की परिजन हैरान परेशान हो गए। साथ ही पुलिस में शिकायत करने पहुंच गए। पुलिस के पास पहुंचे परिजन मजदूरों के परिजन में से एक मनकुंवर बाई ने पुलिस में शिकायत की गई। उसने बताया कि उनके परिवार और आसपास के रहने वाले कई मजदूर कर्नाटक में फंसे हुए हैं। उन्हें घर नहीं आने दिया जा रहा। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत सुन मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन एसपी विनीत कुमार जैन ने तुरंत एक्शन लेते हुए निर्देश दिए। जिस पर थाना कोतवाली प्रभारी मनीष शर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाकर जांच शुरू की गई। उनकी तरफ से कॉफी कंपनी के लोगों से मामले को लेकर चर्चा की गई। साथ ही वहां के मैनेजर को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद कंपनी ने मजदूरों को वहां से छोड़ा। वहां से छूटते ही बुधवार की सुबह मजदूर शहर लौटे और एसपी से मुलाकात की। मजदूरों के छूटने में महाराज सिंधिया ने की मदद बंधक से आजाद होकर आई मजदूर इंदर बाई ने बताया कि उन्होंने वहां फंसे होने की सूचना बीजेपी नेता उपेंद्र पाराशर को बताई थी। जिसके बाद उन्होंने मामले को क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संज्ञान में लाया। इसके बाद एसपी को शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां फंसे मजदूरों को यहां लाने की कार्रवाई शुरू की थी। बाउंड्री वॉल के अंदर बने थे मजदूरों के मकान कर्नाटक से लौटे मजदूर मोतीलाल ने बताया कि उन्हें वहां पर घने जंगल के बीच एक बाउंड्री वॉल के अंदर रखा जाता था। साथ ही मजदूरी के लिए पहाड़ी इलाके में ले जाया जाता था। बाहर जाने के लिए भी अनुमति लेना पड़ता था। राशन लेने के लिए भी एक ही व्यक्ति जंगल से कुछ ही दूरी पर स्थित बाजार से आता था। उसके लिए भी एक ही मजदूर को भेजा जाता था जो सभी मजदूरों का राशन लेकर आता था। छोड़ने आए व्यक्ति ने जो बताया कर देगा हैरान कर्नाटक से मजदूरों को लेकर आए राम सिंह ने बताया कि वह भी यहां से मजदूरों को 380 रुपए रोज में लेकर जाते हैं। हालांकि फंसे हुए मजदूरों का ठेकेदार अफसर अली वहां से एडवांस पैसा लेकर भाग आया। मजदूरों लेकर आए व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने मेरी पत्नी और बच्चे को भी वही रोका है और कंपनी के लोगों ने मुझे इन मजदूरों को यहां छोड़ने के लिए कहा है। अब इन्हें छोड़ कर वापस भी जाना है। वहीं मजदूरों ने अभी भी वहां अन्य 70 मजदूरो के फंसे होने की बात भी बताई। एसपी ने बताया कि जिले के टकनेरी ग्राम के कुछ मजदूर पिछले दो माह पहले कर्नाटक के चिकमगलूर जिले के अन्नापुरई में काम करने के लिए गए थे। जहां उन्हें पैसे के लेनदेन के कारण रोक लिया गया। इसके बाद उनके परिजनों ने शिकायत की तो लगभग एक दर्जन मजदूर घर लौट आए। जिनमें इंदर बाई आदिवासी, मोटीलाल आदिवासी, जानकी बाई, सिमरन आदिवासी, गीता आदिवासी, कृष्ण, मोतीलाल, कल्लू, रामसिंह सहित अन्य मजदूर शामिल हैं।  

बाराबंकी में पुलिस पर बदमाश ने चला दी गोली, मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में लगी गोली, 5 गिरफ्तार

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी जिले में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं. इस दौरान पुलिस की गोली से तीन बदमाश घायल हो गए. वहीं, दो को दौड़ाकर पकड़ लिया गया. इस तरह कुल 5 बदमाश पकड़े गए हैं. घटना जिले के अलग-अलग थानों की है. फिलहाल, घायल बदमाशों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.    आपको बता दें कि पहली पुलिस मुठभेड़ में कैब ड्राइवर को बंधक बनाकर कार लूट की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. इन पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था. मामले में पीड़ित उमाशंकर यादव ने बताया कि वो थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में रैपिडो टैक्सी में अपनी स्विफ्ट डिजायर कार चलाते हैं.  5 फरवरी की दोपहर को अहिमामऊ चौराहा के पास खड़ा था, तभी एक राइड मिली जिसमें दो व्यक्तियों द्वारा गाड़ी में बैठकर रेलवे स्टेशन बाराबंकी चलने की बात कही गई. लेकिन रास्ते में उन्होंने कार व अन्य समान लूट लिया. जिसके बाद उमाशंकर ने फौरन पुलिस को इनफॉर्म किया तो पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी. बुधवार रात थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के सूत मिल रोड के पास 3 बदमाश मोटरसाइकिल से आते हुए दिखाई दिए. पुलिस टीम द्वारा बदमाशों को रोकने का प्रयास किया गया तो पुलिस टीम को देखकर गिरफ्तारी से बचने हेतु बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई. पुलिस ने भी जवाबी कार्यवाही करते हुए फायरिंग की जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. घायल/गिरफ्तार अभियुक्त का नाम विजय कुमार रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है. वह लखनऊ का रहने वाला है. वहीं, दूसरी घटना थाना बड्डूपुर क्षेत्रान्तर्गत बुजुर्ग दंपति से हुई लूट की घटना से संबंधित है. इस मामले में फरार अभियुक्त को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा थाना सतरिख, जैदपुर, सफदरगंज, फतेहपुर क्षेत्रान्तर्गत अनाज के गोदामों से चोरी की घटना करने वाले 3 अभियुक्तों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है. इस बाबत पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस और बदमाशों से मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है. उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है. वहीं, 2 गिरफ्तार हुए हैं. तीनों घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.  

विवाह के 30 साल बाद पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस, चार दिन के सदमे के बाद उठाया ये कदम

भोपाल  शादी के 30 साल बाद एक पत्नी अपने पति के खिलाफ थाने पहुंची तो दुखी पति ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। अवधपुरी में रहने वाली पत्नी ने 26 जनवरी को महिला थाने में पति के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था। चार दिन तक सदमे में रहने के बाद पति ने शुक्रवार को जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद उसका बेटा अस्पताल लेकर पहुंचा। कुछ देर इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। अवधपुरी पुलिस ने मर्ग कायम कर खुदकुशी के कारणों की जांच शुरू की है। दंपती की बेटी की शादी हो चुकी है अवधपुरी थाना प्रभारी के अनुसार 52 वर्षीय राजीव गिरी मूलत: रायसेन जिले के बरेली के रहने वाले थे। वर्तमान में वह सौम्य स्टेट कॉलोनी में रहते थे। वह पूर्व में राजीव सिविल ठेकेदार थे, फिलहाल खेती करते थे। करीब 30 साल पहले राजीव की जानकी गिरी से शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अविवाहित है और प्राइवेट नौकरी करता है। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसके बाद जानकी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से की थी, जिस पर प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया था। पत्नी ने पुलिस से कहा केस खत्म करने का दबाव बना रहा है पति शुक्रवार को राजीव गिरी के जहर खाने के बाद उनका बेटा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। जबकि उनकी पत्नी जानकी पति की खैर मनाने की बजाए थाने पहुंच गई। पति वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा था, जबकि पत्नी पुलिस से कह रही थी कि उसका पति केस वापस लेने का दबाव बना रहा है, उस पर कार्रवाई की जाए। हालांकि पुलिस ने वह कार्रवाई नहीं की और फिर कुछ देर बाद राजीव गिरी ने दम तोड़ दिया।

मध्यप्रदेश में 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी मिली, 8 साल बाद एसआई की भर्ती होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार खत्म हुआ। सरकार ने 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 7500 सिपाही (Constable), 500 सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) और 500 ऑफिस स्टाफ (Office Staff) शामिल हैं। मध्यप्रदेश में 8 साल बाद एसआई पदों पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने गृह विभाग (Home Department) को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। सिपाही के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू प्रदेश में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं। इनमें से 7500 पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑफिस स्टाफ के 500 पद पिछले 8 वर्षों से रिक्त थे। इनमें स्टेनो (Steno) और एएसआई (ASI) पद शामिल हैं। 30 जनवरी को शासन ने इन पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। राज्य शासन ने 30 जनवरी को ऑफिस स्टाफ की भर्ती की अनुमति भी जारी कर दी। 7500 सिपाहियों की भर्ती को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पद संभालने के बाद समीक्षा में पाया कि मप्र पुलिस के पास वर्तमान बल सिर्फ एक लाख है, जबकि 25 हजार पद रिक्त हैं। हर साल 500-700 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे यह संख्या बढ़ती जा रही है। गृह विभाग ने एसआई पदों की भर्ती लिए नियमों में संशोधन किया है। इनमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 वर्ष की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। 7500 पद पर सिपाही भर्ती होंगे: मप्र के सभी जिलों में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं, जिनमें से 7,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में एक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लिखित परीक्षा के परिणाम लंबित हैं। एसआई-सूबेदार के 500 पद: मप्र में आठ साल पहले एसआई-सूबेदार पदों पर भर्ती हुई थी। वर्तमान में 1200 से ज्यादा पद रिक्त हैं। भर्ती नियमों में संशोधन लंबित था, लेकिन अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऑफिस स्टाफ के 500 पद: स्टेनो और एएसआई (एम) पदों पर पिछले आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस मुख्यालय ने 1 जनवरी को प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद 30 जनवरी को शासन ने मंजूरी दी। अब 100 स्टेनो और 400 एएसआई (एम) पदों पर भर्ती होगी। रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती मप्र पुलिस में रिक्त पदों की संख्या काफी ज्यादा है। शासन इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दे रहा है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कैलाश मकवाणा, डीजीपी

पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर सलमान लाला 25.83 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार

उज्जैन मोस्ट वांटेड मादक पदार्थ का तस्कर सलमान पिता शैरूलाला को पुलिस ने चंबल नदी के पुलिया ग्राम बनावाड़ा से गिरफ्तार किया। वह उज्जैन पुलिस का मोस्ट वांटेड आरोपी था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 15 से अधिक अपराध पंजीबद्ध हैं। सलमान फर्जी पासपोर्ट के माध्यम से पत्नी बच्चों को लेकर दुबई फरार हो गया था। वीजा की अवधि खत्म होने पर वह नेपाल के रास्ते इंडिया और फिर नागदा पहुंचा था। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया सलमान पिता शैरूलाल निवासी राजीव नगर नागदा कुख्यात अपराधी है। वह 25.83 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ पकड़ाया है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 25 लाख रुपए है। सलमान 2 साल से फरार था। फरारी के दौरान वह दुबई में रहा। पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि सलमान एमडीएमए ड्रग्स लेकर खाचरौद, चांपाखेड़ा, होते हुए ताल-आलोट की ओर क्रय विक्रय के लिए जाने की फिराक में खड़ा है। सूचना पर तत्काल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम को रवाना किया। पुलिस ने उसे ग्राम बनवाड़ा में सफेद रंग की स्कोडा कार के साथ देखा तो वह पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। सलमान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। सलमान के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न थानों में फिरौती मांगने, प्राणघातक हमले, अवैध हथियार रखने जैसे दर्जनों अपराध पंजीबद्ध हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक जोन उज्जैन द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर थाना नागदा के अपराध पर 20 हजार इनाम व राजस्थान पुलिस द्वारा 40 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई थी। सलमान की गिरफ्तारी पर कुल 60 हजार रुपए इनाम था। फर्जी पासपोर्ट पर दुबई की यात्रा आरोपी ने स्वयं को थांदला के वार्ड क्रमांक 13 का निवासी बताकर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करते हुए थांदला जिला झाबुआ से अपना अपनी पत्नी का व बच्चों का फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी बनवाया। इन फर्जी पासपोर्ट का उपचयोग कर उसने कई बार दुबई की यात्रा की और वहां शिफ्ट होने की योहना बना रहा था। पुलिस उसके दस्तावेजों की जांच कर रही है। उज्जैन व राजस्थान पुलिस सलमान की लंबे समय से तलाश कर रही थी। पुलिस को संदेह है कि वह अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में था। आरोपी नेपाल के मार्ग से फरार होकर किसी अन्य देश में शरण लेने की फिराक में था।

नववर्ष मनाने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने जारी की एडवाइजरी

नववर्ष मनाने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने जारी की एडवाइजरी शरारती तत्वों एवं हुड़दंग बाजियों पर पुलिस की रहेगी नजर अनूपपुर  जिले भर में नववर्ष 2025 हर्ष्षोल्लास के साथ शांति पूर्ण तरीके से मनाए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक मोतीउर्र रहमान एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मन्सूरी ने आमजनों के लिए निर्देश जारी किए है।  जश्न मनाने के लिए आमजनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसके लिए एसपी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मन्सूरी द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चौकस बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। पुलिस अधीक्षक मोतीउर्र रहमान ने कई बिन्दुओं पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस दौरान नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए है, जिनमें सभी आयोजकों के निर्धारित समय तक आयोजित कार्यक्रम स्वयं बंद करने, सभी आयोजक डीजे एवं लाउडस्पीकर का उपयोग सुप्रीम कोट एवं शासन द्वारा जारी गाइडलाईन के अनुसार सुनिश्चित करने, नववर्ष की पूर्व संध्या पर पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर चेकिंग एवं पेट्रोलिंग कर नशे में वाहन चलाने वाले, तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले चालको के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही किए जाने, शरारती तत्वों द्वारा शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गो पर की जाने वाली हुड़दंग बाजी और गतिविधियों को नियंत्रित करे के उद्देश्य से भीड़भाड़ इलाके में चौकस बढ़ाए जाने, नववर्ष के उपलक्ष्य पर जिला अंतर्गत संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढ़ाबों पर निगरानी रखने के साथ असामाजिक तत्वों की प्रत्येक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने, किसी भी आयोजन के संबंध में पूर्व से संबंधित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त कर निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही नववर्ष के उपलक्ष्य में अफवाहों पर ध्यान न देने और यदि कोई अफवाह फैलती है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने संबंधी निर्देश जारी किए है। उन्होने बताया है कि पुलिस सोशल मीडिया पर पैन नजर बनी हुई है। नववर्ष की आड़ में असामजिक गतिविधियों को अंजाम देने वालो के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। एसपी मोतीउर्र रहमान ने अपील की है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आयोजनकर्ता कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का सहयोग करे अगर किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो कार्यवाही की जाएगी।

नए साल के जश्न के मद्देनजर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रमुख मार्गों पर पुलिस के चैकिंग पाइंट लगाए जाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में न्यू ईयर पार्टी को लेकर पुलिस ने चैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं, खासतौर पर राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रमुख मार्गों पर पुलिस के चैकिंग पाइंट लगाए जाएंगे, इसके अलावा शाम 6 बजे के बाद से ओवर स्पीड, ब्रीथ एनालाइजर और बॉडी कैमरों से भी नजर रखी जाएगी. अगर कोई ओवर स्पीड़िंग और शराब के नशे में वाहन चलाता मिलता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी. जबकि न्यू ईयर पार्टी को लेकर आयोजन स्थलों और पिकनिक स्पॉट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत अलर्ट रहे. भोपाल-इंदौर में पार्टी की तैयारियां राजधानी भोपाल समेत इंदौर और अन्य सभी शहरों में नए साल के स्वागत के लिए पार्टी के इंतजाम किए गए हैं, पिकनिक स्पॉट समेत अन्य सभी जगहों पर नाइट पार्टी के इंतजाम भी किए गए हैं, यही वजह है कि डीजीपी ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं. भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि शहर में 50 प्रमुख पाइंट पर पुलिस तैनात रहेगी और चैंकिंग भी तेज रहेगी. क्योंकि सभी आयोजन स्थलों पर रात दस बजे तक ही पार्टी की अनुमति दी गई है. वहीं भोपाल के सैर सपाटा, बोट क्लब और बड़ा तालाब के किनारे पर रात दस बजे के बाद भीड़ जमा नहीं होने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं सार्वजनिक स्थलों पर भी धूमधड़ाके को लेकर सख्त मनाही की गई है. इंदौर में भी पुलिस अलर्ट वहीं इंदौर में भी पुलिस अलर्ट पर रहेगी, यहां भी प्रशासन ने रात 10 तक की ही अनुमति दी है, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं बढ़ने की बात कही गई है. जबकि इंदौर के सभी नाइट क्लब और रेस्तरा में भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इसके अलावा अवैध शराब को लेकर भी पुलिस ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा शहरों में होटल-ढाबे और रेस्ट्रां भी अपने तय समय पर ही बंद होंगे, वहीं शहरों में अतिरिक्त पुलिसबल भी तैनात किया जाएगा. इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर भी चैकिंग की जाएगी. लाउड स्पीकर का शोर नहीं होगा मध्य प्रदेश में पुलिस ने लाउड स्पीकर को लेकर भी गाइडलाइन जारी है. रात दस बजे के बाद लाउड स्पीकर नहीं बजाने की अनुमति दी गई है. वहीं आयोजकों को कुछ निर्देश भी दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यक्रम स्थल पर अनुमानित लोगों की संख्या होनी चाहिए. कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगेंगे, जबकि धारधार हथियार रखने पर भी पाबंदी रहेगी. इस तरह एमपी में सभी जगहों पर पुलिस की निगरानी रहेगी. 

महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की बारीकियों से समझने MP पुलिस इन दिनों प्रयागराज में

 उज्जैन उज्जैन में 2028 में लगने वाले कुम्भ की तैयारियों के लिए मध्य प्रदेश पुलिस इन दिनों महाकुम्भ 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के मॉडल का अध्ययन कर रही है। एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रयागराज का दो दिनों का दौरा किया। महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण समेत अन्य व्यवस्थाओं को बारीकियों से समझने के लिए दोनों प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक हुई। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मध्य प्रदेश पुलिस ने महाकुम्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल, साइबर क्राइम से निपटने की प्रणाली आदि की जानकारी ली। उज्जैन के पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करके उत्तर प्रदेश पुलिस की तैयारियों को देखा तथा समझा। अन्य प्रदेशों को भी यूपी पुलिस का मॉडल अपनाना चाहिए : तरुण कौशिक मध्य प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक (एटीएस) तरुण कौशिक ने कहा कि अन्य प्रदेशों की पुलिस को उत्तर प्रदेश पुलिस के मॉडल को अपनाना चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस उज्जैन कुम्भ के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय बनाकर काम करेगी। कौशिक ने उत्तर प्रदेश पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी सभी स्तर के पुलिस कर्मियों के रहने, खान-पान और उनकी छोटी से छोटी जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं, जो सीखने लायक है। राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन जोन) उमेश जोगा, पुलिस उपमहानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन और पुलिस उपाधीक्षक (उज्जैन) भारत सिंह यादव को कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, कृत्रिम मेधा का विभिन्न तरह से इस्तेमाल, साइबर अपराध के खतरों से बचाव, जल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था आदि कई तरह की जानकारी दी गईं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस से आए हुए अधिकारियों को आईसीसीसी और कुम्भ मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण भी कराया गया।

कमिश्नरेट प्रयागराज में अब 44 की जगह 57 पुलिस थाने, 13 अस्थायी थाना, 23 चौकियां बनाई गईं

महाकुंभनगर  महाकुंभ मेला क्षेत्र के बाहरी इलाके यानी आउटर कार्डन में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मजबूत घेरा बनाया जा रहा है। इसी के तहत कमिश्नरेट प्रयागराज में अब 13 अस्थायी पुलिस थाना और 23 चौकियां स्थापित की गई हैं। नए अस्थायी थाना बनने से कमिश्नरेट में 44 की जगह 57 थाने होंगे। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को आठ जोन व 18 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और अन्य मार्गो से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से मेला क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए नए अस्थायी थाने और चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, बम निरोधक दस्ता और अन्य फोर्स भी तैनात रहेगी। तैनात की जा रही 10 हजार पुलिस फोर्स प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस के शहरी और ग्राणीण क्षेत्रों में लगभग 10 हजार पुलिस फोर्स तैनात की जा रही है। महाकुंभ मेले में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। स्नानार्थियों को सुरक्षा और सुगमता से मेले तक पहुंचाने के साथ ही उन्हें सकुशल घर वापसी का फूल प्रूफ प्लान तैयार किया गया है। रिजर्व पर रखा गया पुलिस फोर्स महाकुंभ के सात चक्रीय सुरक्षा घेरे में कमिश्नरेट पुलिस की भी अहम भूमिका है, जो आउटर कार्डन पर काम करेगी। इसी के तहत अवस्थापना सुविधाओं एवं जनशक्ति में वृद्धि करते हुए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी पुलिस थाने और चौकियां स्थापित की हैं। पीएसी, एनडीआरएफ, सीपीएमएफ, बीडीडीएस, एएस चेक टीम मुस्तैद रहेगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस फोर्स को रिजर्व में भी रखा जाएगा। प्रमुख मार्गों पर थाना और चौकी कुंभ मेला क्षेत्र की तरफ जाने और वापसी के विभिन्न मार्गों को चिह्नित किया गया है। इन्हीं मार्गों पर प्रमुख रूप से अस्थायी थाने और चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पुलिस बल की तैनाती की जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। जोन में एडिशनल एसपी और सेक्टर में डिप्टी एसपी को प्रभारी बनाया गया है। जोन–08 सेक्टर–18 अस्थायी थाने -13 स्थायी थाने -44 अस्थायी चौकियां -23 सीएपीएफ-21 कंपनी, पीएसी-5 कंपनी एनडीआरएफ -4 टीम एएस चेक -12 टीम बीडीडीएस –4 टीम

गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई का विशेष अभियान शुरू किया

गुरुग्राम  बिना पुलिस को सूचना दिए गुरुग्राम में विदेशियों को फ्लैट किराये पर दिए जा रहे हैं। पुलिस जांच में पहले इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत, वेरिफिकेशन के बिना रहने वाले किरायेदारों और मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को चेक किया जा रहा है। झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, होटलों में विशेष रूप से चेकिंग की जा रही है। अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। यदि किसी ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखा होता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी से अपील कर रही है कि किरायेदारों, घरों में काम करने वालों, होटल में काम करने वालों का वेरिफिकेशन जरूर कराएं। रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रहीवहीं सरकार को शक है कि मुस्लिम बाहुल्य मेवात (नूंह) में रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। मेवात में कुछ लोग इन रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दे रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी सरकार के आगे शिकायत की कि यह रोहिंग्या देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इनके बारे में पूरी जानकारी के बगैर इन्हें रोकना मुमकिन नहीं। ऐसे में इन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए और तब तक पूरी सख्ती बरती जानी चाहिए। हरियाणा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 600 से 700 परिवार रोहिंग्या मुसलमानों के हैं। अकेले मेवात में करीब दो हजार रोहिंग्या रहते हैं।

बुरहानपुर : केरपानी में धर्मांतरण करने का आरोप, 10 पर केस दर्ज

बुरहानपुर मध्य प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बवाल सामने आया है। यहां के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम केरपनी में धर्मांतरण की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां रहने वाले एक आदिवासी के घर, एक बड़ा पांडाल लगाकर ईसाई धर्म की प्रार्थना कराई जा रही थी। इसके साथ ही आदिवासियों को हिन्दू धर्म का नहीं होने और ईसाई धर्म अपनाने का लालच देते हुए ईसाई धर्म अपनाने से बीमारियों के ठीक होने का लालच दिया जा रहा था। इस मामले की सूचना लगते ही धार्मिक संगठन बजरंग दल से जुड़े कुछ युवा और गांव के कई लोग वहां पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर नेपानगर थाना पुलिस भी पहुंची। जहां बजरंग दल के सदस्यों ने गांव में धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए, वहीं पंडाल में मौजूद ईसाई धर्म के लोगों ने अपने साथ मारपीट होने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि इस बीच सभी को नेपानगर थाना लाया गया। जहां एक शिकायती आवेदन मिलने पर खंडवा, बुराहनपुर और नागपुर जिलों के 10 लोगों के खिलाफ, धर्म परिवर्तन कराने से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है, और अब इस मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में ग्राम गोलखेड़ा के बलिराम किराड़े ने धर्मांतरण किये जाने का आरोप लगाते हुए, उनपर कार्यवाई करने का एक आवेदन भी नेपानगर पुलिस को सौंपा है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि, उन्हें जानकारी मिली थी कि, ग्राम केरपनी के शांतिलाल बडोले के घर इसाई धर्म की प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा है। यहां पर बीमार लोग इसाई धर्म की प्रार्थना करते हैं, और वे हिन्दू धर्म छोड़कर इसाई धर्म अपनाते हैं, तो उनकी बीमारी ठीक हो जाती है। अपनी पेट दर्द की बीमारी के चलते उन्होंने वहां जाकर देखा तो, एक बड़े पंडाल में लोगो की भीड़ थी और माइक पर इसाई धर्म के गीत गाये जा रहे थे। साथ ही वहां ईसाई धर्म अपनाने के फायदे बताये जा रहे थे, और कुछ बाहरी लोग ईसाई धर्म परिवर्तन करने का लालच दे रहे थे। आरोप है कि बलिराम को भी हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने का लालच दिया था। साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों का कहना था कि आदिवासी हिन्दू धर्म मे नहीं आते हैं। जिसे देख उन्होंने अपने साथियों के साथ धर्मातरण करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का आवेदन दिया है । 10 लोगों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज फरियादी बलिराम की शिकायत पर थाना नेपानगर में आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन करने से जुड़ा एक मामला धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया है। जिसमें शांतिलाल पिता भायटा, निवासी ग्राम केरपानी, प्यारसिंग पिता सालम, निवासी माजरोद कला खकनार, काशीराम पिता रगला, निवासी फेलवाडी खकनार, गुड़िया पिता जागसिंग पंवार, निवासी उसारनी खकनार, सुखलाल पिता इसमल सोलंकी, निवासी उसारनी खकनार, नरसिंग पिता सिलदार बारेला, निवासी साईंराम कालोनी रामनगर खडवा, शेलेश पिता याकूव गायकवाड, निवासी खकनार, सुगंधी बाई पति ववन गायकवाड, निवासी रेस्ट हाउस के सामने खकनार, एंजेला पति शेलेश गायकवाड़, निवासी शिर्डीपुरम खकनार, डेनियल पिता डेविड पलसपगा, निवासी स्मृतिनगर वाडी थाना वाडी जिला नागपुर को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल पयारी नंबर 1, जिला अनूपपुर में आयोजित हुआ ट्रेफिक अवेयरनेस कार्यक्रम

अनूपपुर       आम जन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाकर  नियमों की अनभिज्ञता के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से स्कूल/कालेज के छात्र-छात्राओं के बीच यातायात पुलिस द्वारा अधिक से अधिक ट्रेफिक अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी क्रम मे आज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पयारी नंबर 1, जिला अनूपपुर मे छात्र-छात्राओं के बीच ट्रेफिक अवेयरनेस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें यातायात प्रभारी  ज्योति दुबे द्वारा बच्चो को ट्रैफिक सिग्नल, रोड साइन ,रोड मार्किंग ,सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति एवं कारण, सड़क पर पैदल चलते समय सावधानियां ,राइट ऑफ वे, गुड सेमोरिटन योजना, पीड़ित प्रतिकर योजना, लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया आदि के विषय में विस्तार से बताया गया। बच्चों ने ट्रैफिक रूल्स के विषय में विभिन्न प्रश्न पूछे  जिसका प्रति उत्तर ट्रैफिक प्रभारी द्वारा दिया गया । कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय के प्रिंसिपल मनोज तिवारी, थाना यातायात से आरक्षक योगेंद्र सिंह आरक्षक गणेश यादव भी कार्यक्रम उपस्थित रहे।

रीवा में दोस्त के साथ घूमने गई युवती को, निर्वस्त्र कर बनाया था वीडियो, तीन आरोपी गिरफ्तार

रीवा  शहर में पिकनिक स्पॉट पर युवक-युवती को निर्वस्त्र कर पीटकर रुपए छीनने वाले तीन बदमाशों को सिरमौर पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अभी भी फरार है। सोमवार सुबह उन्हें सिरमौर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उस दिन वे नशे में थे और कपल को पत्थर के पीछे देखकर उनकी नीयत डोल गई। 5 हजार मिलने पर उन्हें और लालच आ गया। इसलिए उन्होंने लड़की का बिना कपड़ों वाला वीडियो बना लिया। सिरमौर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने कहा- उस दिन वे नशे में थे और कपल को पत्थर के पीछे देखकर उनकी नीयत डोल गई। 5 हजार मिलने पर उन्हें और लालच आ गया। इसलिए उन्होंने लड़की का बिना कपड़ों वाला वीडियो बना लिया। उन्हें छोड़ने के बाद उनसे और रुपयों की डिमांड की। फोन पर लगातार उन्हें डराया-धमकया। उनका वीडियो वायरल कर बदनाम करने का कहा। ज्यादा रुपए नहीं मिले वीडियो वायरल कर दिया। बता दें कि आरोपियों के खिलाफ (354,354-क,354-1,392,341,506,66-ई,67-ए) की धाराओं में केस दर्ज किया किया है। यह है पूरा घटनाक्रम पुलिस ने बताया कि पीड़िता करीब 6 माह पूर्व अपने दोस्त के साथ पूर्वा वाटरफॉल घूमने गई थी। जहां एकांत में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तीन बदमाश आ पहुंचे। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने हमारे साथ बदतमीजी शुरू कर दी, फिर हमें कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया। चट्टान के पीछे ले जाकर जबरन हमारे कपड़े उतरवाए। वे लगातार वीडियो बना रहे थे। एसपी विवेक सिंह ने बताया कि मामले में शारदा पिता राममिलन केवट निवासी ग्राम दुलहरा, मुकेश पिता शिवनंदन केवट निवासी ग्राम दुलहरा, संजय विश्वकर्मा पिता संतोष विश्वकर्मा निवासी ग्राम क्योटी को गिरफ्तार कर लिया है। नीरू विश्वकर्मा फरार है। यह है पूरा घटनाक्रम पीड़िता ने  बताया कि करीब 8 मार्च को मैं क्योंटी वॉटरफॉल अपने दोस्त के साथ घूमने गई थी। हम दोनों एकांत में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तीन बदमाश आ पहुंचे। उन्होंने हमारे साथ बदतमीजी शुरू कर दी, फिर हमें कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया। चट्टान के पीछे ले जाकर जबरन हमारे कपड़े उतरवाए। वे लगातार वीडियो बना रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मैं आप सबके पांव पकड़ती हूं। मेरा वीडियो मत बनाओ। लेकिन वे लगातार अभद्रता करते रहे। मारपीट करने के साथ ही लगातार जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। मैंने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए वह ले लीजिए। लेकिन मुझे छोड़ दीजिए, पर उन्हें हमारे ऊपर बिल्कुल भी तरस नहीं आया। घटना के बाद से पूरा परिवार मानसिक तौर पर परेशान है और तनाव में जी रहा है। जबकि पीड़िता डरी-सहमी हुई है। युवक बोला-अश्लील वीडियो बनाकर पैसे मांगे पीड़ित युवक ने बताया कि आरोपियों ने मेरी दोस्त और मेरा अश्लील वीडियो बनाया। हमने उनके पैर पकड़ लिए। लेकिन उन्हें बिल्कुल भी रहम नहीं आया। वे बार-बार कह रहे थे कि पैसे निकालो, पैसे निकालो। उन्होंने हम दोनों को नग्न कर वीडियो बनाया। शर्मिंदगी की वजह से हम अपना मुंह छिपाते रहे। हमने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए हमसे ले लो। लेकिन हमे जिंदा छोड़ दो। इस तरह का काम हमारे साथ ना करो। लेकिन डर की वजह से उनकी हर बात हमें माननी पड़ी। हम मजबूर हो गए थे। हम भागने की कोशिश भी करते तो वह हमें पकड़कर और टॉर्चर कर सकते थे। पीड़ित युवक ने कहा कि हमारे पास लगभग 5 हजार रुपए थे। वह हमने उन्हें दे दिए। लेकिन वे कहने लगे कि और पैसे लेकर आओ, नहीं तो तुम्हें पूरी दुनिया में इतना बदनाम कर देंगे कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। घर-परिवार में भी उठना बैठना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद हमने उन्हें इस उम्मीद से पैसे दिए, शायद वो हमारी मजबूरी को समझ जाएं। शायद वह हमारे दर्द को समझ पाएं। लेकिन उन्हें हमें बदनाम करने के अलावा कुछ सूझा ही नहीं। जरा भी दया नहीं आई। हमारे साथ इस तरह का गलत काम किया। जिसे हम शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। वीडियो वायरल कर जिंदगी नर्क बना दी पीड़ित ने कहा कि अगर हमें मालूम होता कि हमारे साथ कुछ ऐसा होने वाला है। तो हम बिल्कुल भी उस जगह पर नहीं जाते। बदनामी के डर से हमने पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन आरोपियों ने हमारा वीडियो वायरल कर ही दिया। हमारी जिंदगी नर्क बना दी। उन्होंने तो हमारी इज्जत नीलाम कर दी। अब पुलिस को उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए ताकि दोबारा किसी के साथ इस तरह का हादसा ना हो पाए। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वे अपना ज्यादातर समय नशा और हुल्लड़बाजी में बिताते थे। वे कपल्स या फिर ऐसे किसी व्यक्ति की तलाश में रहते थे, जिसे वे अपना शिकार बना सकें। उस दिन हमारे एक साथी ने हमें आकर बताया कि चट्टान के पीछे दो लड़के-लड़की बैठे हैं। हम चारों इकट्ठा हो गए। तय कर लिया कि इनसे हर तरह का लाभ लेने की कोशिश करेंगे। हमने उनके साथ बदतमीजी भी की। नग्न अवस्था में लड़की का वीडियो बनाया। हमारे एक साथी ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश भी की। पुलिस बोली-तीन गिरफ्तार,एक फरार एडिशनल एसपी अनिल सोनकर ने बताया कि मामले में शारदा पिता राममिलन केवट नि ग्राम दुलहरा, मुकेश पिता शिवनन्दन केवट नि ग्राम दुलहरा, संजय विश्वकर्मा पिता संतोष विश्वकर्मा नि ग्राम क्योटी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि नीरू साकेत फरार है।

भोपाल में दो समुदायों के बीच झड़प-पथराव, छह लोग घायल, भारी पुलिस बल तैनात

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके की पुरानी गल्ला मंडी में मंगलवार को दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों ओर से जमकर पथराव किया गया। भीड़ में कुछ लोग तलवारें और डंडे लेकर घूम रहे थे। इस घटना में लगभग छह लोग घायल बताए जा रहे हैं। एक महिला को भीड़ ने डंडे से बुरी तरह पीटा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। थाना प्रभारी आशीष उपाध्याय ने बताया कि विवाद की वजह दो दिन पहले हुए युवकों के बीच मारपीट से जुड़ी है। उसी को लेकर मंगलवार सुबह एक पक्ष के लोग इकट्ठा हुए और दूसरे पक्ष के घरों पर पथराव करना शुरू कर दिया। यह देखकर दूसरे पक्ष के लोग भी डंडों और तलवारों के साथ बाहर निकल आए। घटना की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। भारी पुलिस बल तैनात कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। वहीं दोनों पक्षों से कुल छह लोग घायल हुए। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बवाल की वजह पुराना मामला यह पूरा बवाल दो दिन पहले हुई एक मारपीट की घटना से जुड़ा है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी आशीष उपाध्याय के अनुसार, दो दिन पहले कुछ युवकों के बीच मारपीट हुई थी। उसी मामले को लेकर मंगलवार सुबह एक पक्ष के लोग इकट्ठा हुए और दूसरे पक्ष के घरों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे इलाके में दहशत फैल गई। पथराव की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

लखनऊ में बैंक लॉकर लूटने वाले दो बदमाश एनकाउंटर में ढेर, एक किसान पथ पर, दूसरा गाजीपुर में मारा गया

लखनऊ लखनऊ के इंडियन ओवरसीज बैंक में सेंध लगाकर लॉकर लूटने वाले दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। इनमें से एक सोबिंद कुमार (29) सोमवार देर रात लखनऊ के चिनहट इलाके में पुलिस एनकांउटर में मारा गया। दूसरे आरोपी सनी दयाल (28) को मंगलवार तड़के गाजीपुर के गहमर में एनकाउंटर में पुलिस ने ढेर कर दिया। इससे पहले पुलिस इस वारदात से जुड़े तीन आरोपियों को अरेस्‍ट कर चुकी थी। बैंक लूट के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। सोबिंद कुमार बिहार के मुंगेर का रहने वाला था। ये सभी लखनऊ से बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे। मारे गए बदमाशों से कैश और जूलरी बरामद की गई है। रविवार को हुई थी वारदात रविवार को चोरों ने बैंक में लूट को अंजाम दिया था। लुटेरे 2 दीवार तोड़कर बैंक में घुसे थे और 42 लॉकर तोड़कर उसका माल उड़ा ले गए थे। पहला एनकाउंटर सोमवार सुबह हुआ, जहां एक आरोपी घायल हुआ था लेकिन बाकी फरार हो गए। इसके बाद दूसरी मुठभेड़ सोमवार रात को हुई। इसमें बैंक लूट कांड का एक आरोपी सोबिंद कुमार घायल हुआ। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। कुल 7 बदमाश थे शामिल अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, वारदात में 7 बदमाश शामिल थे। इनमें से तीन अरेस्‍ट हो चुके हैं। इनकी पहचान अरविंद कुमार, बलराम कुमार और कैलाश बिंद के रूप हुई। अरविंद कुमार एनकाउंटर में पैर में गोली लगने से घायल है। इनके अलावा 4 बदमाश फरार थे। दो अभी भी फरार इन चार फरार बदमाशों में से दो सोबिंद कुमार और सनी दयाल अब पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। मिथुन कुमार और विपिन कुमार वर्मा अभी फरार चल रहे हैं। इन्‍हें पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। इस तरह हुआ पहला एनकाउंटर सोमवार रात सूचना मिलने पर पुलिस दल ने चिनहट क्षेत्र के लौलाई गांव में किसान पथ के पास दो गाड़‍ियों को रोका था। पुलिस दल जब उनमें से एक के पास पहुंचा, तो उसमें सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुंगेर निवासी अरविंद कुमार के पैर में गोली लग गई। उसके दो अन्य साथियों-बलराम और कैलाश को भी गिरफ्तार किया गया है। दूसरा एनकाउंटर दूसरी गाड़ी में सवार चार बदमाश मौका पाकर भाग गए, जिनकी तलाश जारी थी। इन्हीं के साथ दूसरा एनकाउंटर हुआ। इसमें सोबिंद कुमार घायल हुआ था। बाद में अस्‍पताल में इसकी मौत हो गई। ऐसे हुआ तीसरा एनकाउंटर तीसरा एनकाउंटर गाजीपुर में हुआ। बॉर्डर से लगे होने के कारण, यहां से फरार बदमाश बिहार जाने की फिराक में थे। यहीं पर बिहार के मुंगेर के रहने वाले अपराधी सनी दयाल को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

यूपी पुलिस को सुबह-सुबह मिली बड़ी सफलता, 42 लॉकर तोड़कर लूट को अंजाम देने वाला आरोपी गिरफ्तार

 लखनऊ लखनऊ बैंक लूट में शामिल आरोपियों का एनकाउंटर हुआ है. पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. पुलिस ने मौके से कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. तीनों बदमाश बीते दिन हुए बैंक लूट की वारदात में शामिल बताए जा रहे हैं. लखनऊ पुलिस के मुताबिक, ये एनकाउंटर चिनहट इलाके में जलसेतु के पास हुआ है. इस एनकाउंटर में अरविंद कुमार नाम का एक बदमाश घायल हो गया, जबकि दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए बदमाश राजधानी में ओवर सीज बैंक लॉकर लूट की वारदात में शामिल थे. घायल बदमाश अरविंद बिहार का निवासी है. डीसीपी ईस्ट जोन शशांक सिंह ने बताया कि पुलिस ने बदमाशों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक ऑपरेशन चलाया. इस दौरान पुलिस ने बदमाशों को जब रोका तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें एक बदमाश को गोली लग गई. दो और बदमाशों को भी गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई है. मालूम हो कि लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में अयोध्या हाइवे किनारे इंडियन ओवरसीज बैंक में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब बैंक मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी कि बैंक में चोरी हो गई है. बताया गया बदमाशों ने बैंक के लॉकर रूम को गैस कटर से काटा और फिर 90 लॉकरों में से करीब 42 लॉकर काट दिए. इस दौरान चोर लॉकर्स में रखे गए करोड़ों के जेवरात चोरी कर ले गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस के अलावा वह ग्राहक भी छुट्टी वाले दिन बैंक पहुंचे जिन्होंने अपने जिंदगी भर की कमाई से बनाए गए गहने और पुश्तैनी जेवरात बैंक के लॉकर में रखे थे. मिली जानकारी के अनुसार, बदमाश बैंक में पीछे से घुसे थे. बैंक में पीछे जाने के लिए एक सुनसान गली और उस गली में ऊंची दीवार के बाद एक जर्जर दीवार को तोड़कर बदमाश अंदर गए. अंदर करीब 40 मीटर चलने के बाद बैंक की 9 इंच की दो दीवारों को तोड़ा और फिर लॉकर रूम में पहुंचे. गैस कटर की सहायता से लॉकर रूम को काटा गया और फिर हर एक लॉकर के कुंडे को काटकर रखे जेवरात व अन्य कीमती सामान चोरी कर लिए. वारदात में चार लोग शामिल बताए गए, जिनमें तीन को अरेस्ट कर लिया गया है.  

मेट्रो स्टेशन के पास कार में अश्लील हरकत कर रहे एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया

नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने  रात थाना सेक्टर-49 इलाके में स्थित सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के पास कार में अश्लील हरकत कर रहे एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी कार को भी सीज कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस को बुधवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक कार खड़ी है, जिसमें एक महिला और पुरुष अश्लील हरकतें कर रहे हैं. इस घटना से वहां से गुजरने वाली महिलाओं को असहजता का सामना करना पड़ रहा था. सूचना मिलते ही थाना सेक्टर 49 पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आदमी बरौला गांव का निवासी है, जबकि 31 साल की महिला मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली है. वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के एक गांव में रह रही है. फिलहाल नोएडा पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही, मोटर वाहन अधिनियम के तहत उनकी कार को सीज कर दिया गया है. बता दें कि ये कोई अपने तरह का पहला मामला नहीं है बल्कि पहले भी कई जगह ऐसे मामले आते रहे है. खासकर मेट्रो ट्रेन के अंदर कई बार कपल को इसी तरह से अश्लीलता करने से रोका गया और बवाल भी हुए. इसके अलावा कई वीडियो भी वायरल हुए.  

पुलिस उप महानिरीक्षक शहडोल रेंज शहडोल द्वारा किया गया वार्षिक निरीक्षण

पुलिस उप महानिरीक्षक शहडोल रेंज शहडोल द्वारा किया गया वार्षिक निरीक्षण परेड एवं बलवा ड्रिल का हुआ आयोजन पुलिस सम्मेलन में  अधिकारी/ कर्मचारियों की सुनी समस्याएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र ,  यातायात एवं एस.डी. ओ. पी.कार्यालय का किया निरीक्षण समस्त थाना प्रभारी /चौकी प्रभारी एवं थाना चौकी का उपलब्ध बल हुआ शामिल अनूपपुर                     आज रक्षित केंद्र अनूपपुर में  पुलिस महानिरीक्षक शहडोल रेंज शहडोल महोदया सुसविता सोहने की वार्षिक निरीक्षण परेड एवं पुलिस सम्मेलन  कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें डीआईजी महोदया द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया, जिसमें सभी अधिकारी कर्मचारियों के टर्नआउट चेक किए, ड्रिल अभ्यास करवाया गया, बलवा परेड का आयोजन हुआ , पुलिस वाहनों का निरीक्षण किया गया।  अच्छा प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया।  पुलिस सम्मेलन में अधिकारी कर्मचारियों द्वारा रखी गई समस्याओ को सुना उनके निराकरण के निर्देश दिए। सम्मेलन में सम्मिलित सभी अधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डीआईजी महोदय द्वारा कहा गया कि हमें अपना व्यवहार एवं आचरण हमेशा अच्छा रखना चाहिए, हमारा आचरण ऐसा हो की लोग उसका अनुकरण करें। गरीब अमीर के प्रति सम व्यवहार रखना चाहिए। सभी धर्मो के प्रति समान रूप से सम्मान का भाव रखना चाहिए । अपना टर्न आउट हमेशा अच्छा रखें । अनुशासन का विशेष ध्यान रखें । महिला पुलिस अधिकारी/कर्मचारी फील्ड की ड्युटियों से परहेज न करें कार्य की व्यवसायिक दक्षता हमेशा बनी रहनी चाहिए। सभी थानों में गुजारिश रजिस्टर होना चाहिए ,जिसमें तैनात कर्मचारियों की समस्याओं को अंकित करना चाहिए। पुलिस आवासों की मरम्मत एवं साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। हमें अपनी कार्यशैली से  आम पब्लिक में पुलिस के प्रति विश्वास कायम रखना है। पुलिस सम्मेलन के पश्चात डी आई जी महोदया द्वारा रक्षित केंद्र अनूपपुर ,ट्रैफिक थाना, एस डी ओ पी कार्यालय का निरीक्षण किया गया, रिकार्ड का रख रखाव एवं संधारण  कार्यालय की साफ सफाई आदि को चेक किया गया। *अनूपपुर पुलिस*

एसडीएम का ड्राइवर डेढ़ लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों लोकायुक्त ने धरा

 जबलपुर शहपुरा भिटौनी के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) का ड्राइवर लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया। एसडीएम नदीमा शीरी का ड्राइवर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा। आरोपी का मूल पद चपरासी है। लोकायुक्त दल ने भृत्य के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। अपर कलेक्टर ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उधर, एसडीएम की भूमिका को संदिग्ध मानकर तत्काल प्रभाव से शाहपुरा तहसील से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया है। लोकायुक्त ने भी एसडीएम की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। मामला रफा-दफा करने के लिए मांगे थे 3 लाख     लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि शहपुरा तहसील में पदस्थ चपरासी सुनील कुमार पटेल को डेढ़ लाख रुपयों की रिश्वत लेते हुए टीम ने पकड़ा है। इसकी शिकायत शहपुरा भिटौनी के खमदेही गांव के संग्राम सिंह ने की थी।     खामदेही के मुख्य मार्ग से लगी संग्राम के रिश्तेदार की एक एकड़ जमीन है। इस जमीन पर गांव के किसान बासमती धान का भंडारण करते हैं। 28 अक्टूबर को शहपुरा तहसीलदार ने मौके पर निरीक्षण कर पंचनामा बनाया था।     इस पर एसडीएम ने आवेदक को कारण बताओ नोटिस दिया था। नोटिस मिलने पर मामले को रफा-दफा करवाने के लिए एसडीएम के चपरासी सुनील से बातचीत की गई थी तो उसने तीन लाख रुपयों की रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने फैलाया जाल, ऐसे फंसा शिकार लोकायुक्त दल के उप पुलिस अधीक्षक दिलीप झरवडे, निरीक्षक कमल सिंह उईके, निरीक्षक नरेश बेहरा ने शिकायत के सत्यापन के लिए कॉल रिकॉर्ड की और मंगलवार को रिश्वत की आधी राशि देने के लिए धनवंतरी नगर तय किया गया था। शहपुरा तहसीली में एसडीएम के भृत्य पद पर पदस्थ है। वह चपरासी के साथ एसडीएम का ड्राइवर भी बना हुआ है। जानकारी मिली है कि वह लोगों के मामले को रफा-दफा करवाने का भी काम करता था।

बंदूक की नोक पर किया युवक का अपहरण, मांगी 10 लाख की फिरौती, 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बरेली में 13 साल के बच्चे का अपहरण का मामला सामने आया है। यहां सतलापुर थाना क्षेत्र के मारुती नगर में ट्यूशन से पढ़कर घर लौट रहे 13 साल के एक छात्र का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन कर परिजनों से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की। इस दौरान बच्चे के पिता से कहा कि अगर जल्द से जल्द पैसों का इंतजाम नहीं हुआ था, सुबह तक बेटे की लाश मिलेगी। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को दबोचा है। जानकारी के मुताबिक 13 साल का कक्षा 7वीं का छात्र नवनीत धाकड़ बरेली के मारुति नगर में मंगलवार की शाम 6:00 बजे के लगभग ट्यूशन पढ़कर घर आ रहा था। इस दौरान कार से आए आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने छात्र को बुलाया फिर जबरदस्ती बंदूक की नोक पर वाहन में बैठाकर फरार हो गए। इसके बाद छात्र के पिता को फोन कर एक घंटे के अदंर 10 लाख रुपए की मांग कर दी। इधर फोन आने के बाद घबराए पिता ने तत्काल  इसकी सूचना सतलापुर थाना पुलिस को दी। जिसके बाद थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी प्लानिंग के तहत पैसों का इंतजाम कर आरोपियों के बताए पते के अनुसार बच्चें के परिजनों को मौके पर भेजा। जैसे ही आरोपी वहां आए पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। घटना का मुख्य आरोपी शिवम साहू और शुभम साहू सहित दो अन्य आरोपी को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बच्चे को भी सही सलामत बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

छतरपुर पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान 2 स्थाई वारंटी सहित कुल 24 आरोपियों को किया गिरफ्तार

छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा फरार स्थाई व गिरफ्तार वारंटी, इनामी आरोपी फरार वांछित आरोपियों की निरंतर गिरफ्तारी की जा रही है। अवैध मादक पदार्थ संग्रह विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। रात्रि गश्त के दौरान गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को भी चेक किया जा रहा है। विगत रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान जिले के नगरीय एवं ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत कार्यवाही की गई। 2 स्थाई वारंटी, गिरफ्तार वारंटी एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए, 26 आरोपियों से नोटिस तामील किए गए। स्थाई वारंटी- थाना गढ़ी मलहरा के वर्ष 2023 के मारपीट के प्रकरण के आरोपी राम सिंह यादव निवासी पिड़पा  थाना सटई के वर्ष 2023 खनिज चोरी प्रकरण के आरोपी राम रतन विश्वकर्मा निवासी झमटुली थाना बमीठा गिरफ्तार वारंटी  थाना सिविल लाइन के वर्ष 2020 के लूट के प्रकरण का आरोपी अरविंद पिता दुर्जन सिंह निवासी बिनौरा एवं वर्ष 2019 की लड़ाई झगड़ा के प्रकरण के आरोपी हीरालाल रजक निवासी रामगढ़ को गिरफ्तार किया गया। थाना मातगुवां के वर्ष 2020 के सड़क दुर्घटना के प्रकरण के वारंटी जितेंद्र राजपूत निवासी ग्राम सिजारीगंज थाना पिपट  थाना किशनगढ़ के वर्ष 2021 के पशु क्रूरता निवारण अधिनियम प्रकरण के आरोपी हनुमत गौंड़ निवासी चपनर टपरिया थाना किशनगढ़  थाना ओरछा रोड पुलिस ने गिरफ्तार बारंटी वर्ष 2023 के मारपीट के प्रकरण के वारंटी लखन पिता भग्गू कुशवाहा निवासी ग्राम कैंडी एवं वर्ष 2023 के बलवा के प्रकरण के वारंटी जीतेन्द्र पटेल निवासी ग्राम कालापानी, वर्ष 2022 के जुआ एक्ट में वारंटी शिवम पिता हरबल परिहार निवासी तिंदनी थाना नौगांव  थाना हरपालपुर पुलिस पुलिस ने गैर इरादतन हत्या प्रकरण के वारंटी भूरा पिता रघुकुल अहिरवार निवासी परेठा, लीलाधर पिता हीरा लाल निवासी सौरा को गिरफ्तार किया। थाना ओरछा रोड पुलिस ने मारपीट एवं एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण के आरोपी राजेन्द्र सिंह पिता केशर सिंह बघेल निवासी ग्राम बनपुरा को गिरफ्तार किया। अवैध शराब विक्रेता,संग्रह,परिवहन व सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उक्त सभी वारंटी, आरोपी को न्यायालय पेश किया गया, एवं अन्य आरोपियों को न्यायालय उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया।

पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए

इंदौर रात्रि गश्त और क्षेत्र में भ्रमण का बोलकर होटल या अपने ठिकानों पर जाने वाले पुलिसकर्मियों की निगरानी शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के निर्देश दिए है। जोन-2 के छह वाहनों पर इसका ट्रायल चल रहा है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक जीपीएस का उद्देश्य गश्त को ज्यादा प्रभावी बनाना है। कईं बार पुलिसकर्मी क्षेत्र में भ्रमण करने में लापरवाही करते है। एक स्थान पर घंटों खड़ी रहती है गाड़ी कईं बार एक ही स्थान पर घंटों तक गाड़ी खड़ी रहती है। जीपीएस से डेशबोर्ड पर गाड़ी की लोकेशन देखी जाएगी। गश्त करने वाला पुलिस अधिकारी कहां-कहां गया इसकी पूरी रिपोर्ट अफसरों को मिलेगी। गाड़ी कितने किलोमीटर और कितने समय चली इसका ब्योरा भी मिलेगा। गश्त करने का दावा किया जाता है इससे गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने में सुविधा होगी। डीसीपी के मुताबिक कईं बार वारदात होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा विधिवत गश्त करने का दावा किया जाता है। जीपीएस के माध्यम से फ्लैश बैक में जाकर गश्त करने वाले वाहन की लोकेशन निकाल सकते हैं। 6 वाहनों पर प्रयोग शुरू ट्रायल के तौर पर छह वाहनों पर प्रयोग शुरू किया है। इस दौरान कुछ वाहन दूसरे थाना क्षेत्र में जाना पाए गए है। पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि वो गश्त के दौरान मुलजिमों को ढूंढने गए थे। पुलिसकर्मियों पर एआई से निगरानी कर रहे डीसीपी डीसीपी के मुताबिक इसके पूर्व जोन-2 में एआई के माध्यम से पुलिसकर्मियों की निगरानी की जा रही है। रात्रि गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों से फोटो सहित लोकेशन ली जाती है। इससे पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित होती है। गश्त में गलत लोकेशन देने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया जाता है।

इंदौर में एक हजार से अधिक साइलेंसर को सड़क पर बिछाया, फिर चलाया रोड रोलर

 इंदौर  पिछले कुछ माह से यातायात प्रबंधन द्वारा मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज करने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक दो हजार से अधिक मोडिफाइड साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं। बुधवार को यातायात प्रबंधन द्वारा होलकर कॉलेज से लगे सर्विस रोड पर रोड रोलर से एक हजार साइलेंसर नष्ट किए गए। कई वाहन चालक बुलेट (दोपहिया) में मोडिफाइड साइलेंसर लगा लेते है और तेज आवाज निकलते हुए गुजरते हैं, जिससे अन्य वाहन चालक परेशान होते हैं। 143 साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं यातायात प्रबंधन पिछले कुछ माह से बुलेट में लगे मोडिफाइड साइलेंसर को जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है। अब तक दो हजार 143 साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं। बुधवार सुबह होलकर साइंस कालेज से लगे लेकर सर्विस रोड पर यातायात प्रबंधन टीम ने कतार में एक हजार से अधिक साइलेंसर बिछाए और फिर रोड रोलर से सभी साइलेंसर को जब्त कर दिया गया। पटाखे जैसी आवाज निकलती है यातायात प्रबंधन एडीसीपी अरविंद तिवारी ने बताया कि कई वाहन चालक अपने वाहन में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं, जिसके बाद पटाखे जैसी तेज आवाज निकालते हैं, जिससे आसपास से निकल रही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को खासी परेशानी होती है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। पिछले माह करीब 350 साइलेंसर नष्ट किए थे। बुधवार को एक हजार से अधिक साइलेंसर नष्ट किए हैं। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। दुकानों पर नहीं हो रही कार्रवाई इधर, प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे आटो पार्ट्स की दुकानों पर दो से 12 हजार रुपये में अलग-अलग तरह के मोडिफाइड साइलेंसर बिना किसी रोकटोक के बिक रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बता दें कि पिछले वर्ष ही मई माह में यातायात पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाई की थी। अलग-अलग आटो पार्ट्स की दुकानों पर कार्रवाई करते हुए मोडिफाइड साइलेंसर को जब्त किए थे। दो दुकानदारों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यातायात एडीसीपी तिवारी ने बताया कि ऐसी दुकानों की सूची तैयार की जा रही है। लगातार हो रही कार्रवाई यातायात प्रबंधन पुलिस अलग-अलग टीम बनाकर अपने-अपने जोन के मुख्य मार्गों, चौराहों पर तेज/कर्कश ध्वनि निकालने वाले मोडिफाइड साइलेंसर वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग कर कार्रवाई की जा रही है। इसमें साइलेंसर जब्ती के साथ ही वाहन चालक पर आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है।

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किये

जबलपुर अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मंगलवार रात को पूरी पुलिस फोर्स को क्राइम ब्रांच से लाइन में ट्रांसफर कर दिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वहीं चारो ओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। इसे लेकर भी एसपी ने मीडिया से बात करते हुए पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। इतने बड़े ट्रांसफर के पीछे उन सभी पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी है। इस कार्रवाई में जो अफसर शामिल हैं उनमें एक एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एसपी को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इसे नजर में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। एसपी उपाध्याय ने बताई वजह एसपी उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रांसफर किए गए पुलिसकर्मी चार साल से क्राइम ब्रांच में तैनात थे और यह फैसला एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल है। हालांकि, अचानक आए इस आदेश से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर उन अफसरों में जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। कई अफसरों पर जबरन वसूली की शिकायतें ट्रांसफर से पुलिस बल में हलचल मच गई है। सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कथित जबरन वसूली और लंबित मामलों की शिकायतें थीं। इस अफसरों में कई ने आम लोगों को भी सताया था जिसके बाद ही यह कदम उठाया गया है।

संभल हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन, हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी

संभल यूपी के संभल में 24 नवंबर को हुई हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और एडिशनल एसपी के साथ पुलिस की तीन अलग-अलग टीमों ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के इलाके में हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी है. पुलिस के इस एक्शन से इलाके में हड़कंप मच गया. दबिश के दौरान पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर से स्मैक की 90 से ज्यादा पुड़िया बरामद की. वहीं, दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए. इस दौरान पुलिस ने एक घर में दबिश के दौरान एक युवक को भी गिरफ्तार किया. दरअसल, शाही जामा मस्जिद में सर्वे को लेकर संभल में हिंसा हुई थी. इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे. उपद्रवियों द्वारा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना के बाद से पुलिस हिंसा में शामिल लोगों पर एक्शन ले रही है. मामले में स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. उनपर लोगों को भड़काने का आरोप है. इस कड़ी में बीते दिन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एडिशनल एसपी ने स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से 50 मीटर की दूरी पर संदिग्ध बाइक सवार लोगों को रोककर चेकिंग की. वहीं, दूसरी तरफ सीओ अनुज चौधरी ने पुलिस टीम के साथ RRF, RAF और पीएसी के जवानों को लेकर दीपा सराय स्थित सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के 13 घरों में ताबड़तोड़ दबिश दी. इस दौरान 2 हिस्ट्रीशीटर बदमाश मुल्ला अशद और मुल्ला आसिम के घर में भी दबिश दी गई. जहां मुल्ला अशद के घर में दबिश के दौरान स्मैक की 93 पुड़िया बरामद हुईं. इसके अलावा दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. पुलिस ने घर से तमंचा मिलने के मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. जबकि, कई घरों में दबिश के दौरान पुलिस ने मौके पर मिले कुछ युवकों को हिरासत में भी ले लिया है. उनसे पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं. इस एक्शन को लेकर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि RAF, RRF और पीएसी के साथ 13 घरों में पुलिस की टीमों के द्वारा दबिश दी गई. इस दौरान पुलिस की टीमों के द्वारा कई घर की तलाशी ली गई, जिसमें तीन घरों के अंदर से संदिग्ध चीज मिली. इसमें एक मुल्ला अशद के घर से 93 पुड़िया स्मैक बरामद हुई जबकि ताजवर और मेहबर के घर से 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. दोनों अवैध तमचों को सील कर दिया गया है. वहीं, दबिश के दौरान जो लोग घर में मौजूद मिले उनको पूछताछ के लिए ले जाया गया है. उन लोगों की जिस तरह की भी संलिप्तता मिलेगी उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी. इसके अलावा चेकिंग के दौरान तीन दर्जन बाइक के चलान किए गए हैं और तीन बाइक को सीज किया गया है. हिंसा में शामिल 39 उपद्रवियों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है.  

ह्वाट्सऐप ग्रुप के जरिए ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी, अब तक 7 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मंडला पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ऐप पर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करता था। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने 16 राज्यों में लगभग 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। घटना का विवरण चौकी अंजनिया, थाना बम्हनी बंजर में एक आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए प्रेरित किया गया। फर्जी ऐप के जरिए आवेदक के पिता के रिटायरमेंट फंड से 17 लाख रुपये बालाजी ट्रांसपोर्ट के नाम पर एक खाते में जमा कराए गए। ऐप पर प्रारंभ में निवेश को बढ़ता दिखाया गया, लेकिन बाद में अकाउंट में पैसा माइनस दिखने लगा। इस धोखाधड़ी का अहसास होने पर आवेदक ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की कार्रवाई मंडला पुलिस की साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और जेमिस/समन्वय पोर्टल का उपयोग कर ठगों की गतिविधियों का पता लगाया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट और मेहसाणा में रवाना हुई। वहां की स्थानीय पुलिस और मुखबिरों की सहायता से टीम ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया: 1. विशाल झाला (27 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 2. लक्ष्मण ठाकौर (47 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 3. नीरव पोपट (43 वर्ष): निवासी अहमदाबाद, गुजरात गिरोह की कार्यप्रणाली गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप पर लोगों को जोड़कर फर्जी ऐप के जरिए आकर्षक मुनाफा दिखाता था। निवेशकों को आईपीओ खरीदने का झांसा देकर उनके बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। ये ठग फर्जी बैंक अकाउंट और चेकबुक का इस्तेमाल करते थे, जिन पर पहले से हस्ताक्षर ले लिए जाते थे। गिरोह बड़े शहरों में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करता था। देशव्यापी नेटवर्क यह गिरोह 16 राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय था।  सफलता में शामिल पुलिस टीम इस जटिल और गंभीर मामले को सुलझाने में चौकी अंजनिया के प्रभारी उपनिरीक्षक लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सउनि. अशोक चौधरी, प्र.आर. भूपेन्द्र धुर्वे, आरक्षक सुनील सिंह, कीर्ति कुमार, विलेन्द्र नायक, अंचल बघेल और साइबर सेल मंडला की विशेष भूमिका रही। पुलिस का संदेश मंडला पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट के लिए धनराशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।किसी भी तरह की धन संबंधी आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचित करें।  

360° परिप्रेक्ष्य के साथ पुलिसकर्मियों को तैयार करने का सफल प्रयास

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी एवं पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस), भौंरी में आयोजित 15 दिवसीय कार्यवाहक निरीक्षक एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक इण्डक्शन सत्र का समापन समारोह पाँच दिसंबर को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) दिनेश चंद्र सागर ने की।       कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक पीटीएस, श्रीमती रश्मि पांडे द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षण सत्र की विभिन्न गतिविधियों और विषय-वस्तु पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवीन कानून, सायबर अपराध, महिला सुरक्षा, किशोर न्याय, विवेचना की सावधानियां, और कार्य में 360° दृष्टिकोण रखने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। सं‍विधान के दायरे में रहते हुए करें उत्कृष्ट कार्य मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र सागर ने अपने संबोधन की शुरुआत संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन करवाते हुए की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संविधान के दायरे में रहते हुए उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी और जनसेवा के प्रति निष्ठा ही सफलता का आधार है।       एडीजी सागर ने रामायण के “विजय रथ” प्रसंग का उल्लेख करते हुए पुलिसकर्मियों में शौर्य, धैर्य, सत्य, शील, बल, विवेक, आत्मनियंत्रण, क्षमा, कृपा और समता जैसे 12 गुणों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य कवियों की कविताओं का उद्धरण देते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य और परिवार पर ध्यान देने की सलाह सागर ने पुलिस की व्यस्त नौकरी में स्वास्थ्य, संतुलित आहार, योग और ध्यान के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने फास्ट फूड से बचने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, पुलिसकर्मियों को अपने परिवार, विशेषकर बच्चों की पढ़ाई में मदद करने और उनके साथ संवाद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अन्य मुख्य अंश इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन निरीक्षक श्रीमती अनीता नागवंशी ने किया, और अंत में सहायक निदेशक (प्रशासन/प्रशिक्षण) नीरज पांडे ने आभार व्यक्त किया।       यह सत्र पुलिसकर्मियों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है।

मध्यप्रदेश में अब पुलिस सिर्फ राज्यपाल को ही देगी सलामी, सीएम-मंत्रियों को नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरा मध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है। सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामी बता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी।

इंदौर पुलिस ने कुख्यात बदमाशों का गिराया भाव, सूचना देने पर मिलेंगे एक रुपए का ईनाम

इंदौर शहर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों पर शिकंजा कसने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। इंदौर के डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) ने फरार अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपए का इनाम घोषित किया है। यह कदम अपराधियों के बढ़ते हौसले को पस्त करने के लिए है और जनता में अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शहर में लगे पोस्टर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर और सूचनाएं जारी कर दी हैं, जिनमें फरार आरोपियों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपराधियों के ठिकानों की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। दो अलग घटनाओं के आरोपी फरार इंदौर जिले के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक आरोपी ने चाकू बाजी की घटना को अंजाम दिया था. घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सौरभ उर्फ बिट्टू को पुलिस कई जगहों पर तलाश भी रही है, लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार फरार चल रहा है. इसी तरह दूसरा घटनाक्रम इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र का है. सदर बाजार पुलिस भी एक तबरेज नाम के आरोपी को पिछले काफी सालों से तलाश रही है, लेकिन वह भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है. जिसके चलते डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है. एक रुपए का ईनाम पुलिस के मुताबिक थाना सदरबाजार के प्रकरण में फरार आरोपी तबरेज पिता जाहिद अली निवासी मकान नं. 5 गली नं. 1 अंडेवाली गली, जुना रिसाला तथा थाना मल्हारगंज के प्रकरण में फरार अपराधी सौरभ उर्फ बिट्टू पिता सुभाष गौड उम्र 24 वर्ष निवासी 25/3 कृष्ण बाग कालोनी की गिरफ्तारी हेतु 1 रुपए (एक रुपए) का ईनाम घोषित किया गया है। प्रतीक के तौर पर यह ईनाम डीसीपी विनोद कुमार मीना का कहना है कि 1 रुपए का इनाम महज एक प्रतीक है। इससे यह संदेश भी दिया जा रहा है कि अपराधियों का हौसला अब कमजोर पड़ चुका है। वही पुलिस का यह कदम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे हास्यप्रद मान रहे हैं, तो कई इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। डीसीपी ने आरोपियों पर रखा 1 रुपए का इनाम आपको बता दें इसमें बड़ी बात यह है कि डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों पर 1 रुपए का इनाम घोषित किया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में डीसीपी विनोद कुमार मीणा का कहना है कि “दोनों ही कुख्यात आरोपी हैं, उन पर अलग-अलग तरह के कई अपरपाधिक प्रकरण दर्ज हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को तलाश भी रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा. डीसीपी ने कहा यदि हम दोनों के खिलाफ हजारों रुपए के इनाम घोषित करते तो क्षेत्र में उनका खौफ बढ़ता.

नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के विरुद्ध अभियान के दूसरे दिन जारी, अनूपपुर पुलिस ने 11 नाबालिग चालकों पर की कार्रवाई

अनूपपुर अनूपपुर जिले में नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा तेज गति और लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाने की शिकायतों के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन, शुक्रवार को, टीआई कोतवाली श्री अरविंद जैन के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।  कार्रवाई का विवरण: टीम ने अमरकंटक रोड स्थित बेथेल मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 11 दोपहिया वाहनों के नाबालिग चालकों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। इनमें शामिल वाहन: 1. स्कूटी (एम.पी. 65 जेड ए 1225) 2. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 0996) 3. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 7303) 4. सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (एम.पी. 65 एन 6744) 5. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 4060) 6. टीवीएस रेडऑन (एम.पी. 18 एम बी 8739) 7. बिना नंबर की नई स्कूटी 8. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 8713) 9. टीवीएस विक्टर (एम.पी. 18 जी 7005) 10. होंडा एक्सब्लेड (एम.पी. 65 एम इ 4771) 11. स्कूटी (एम.पी. 54 एन 7309) इन वाहनों को ज़ब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।  पिछले दिन की कार्रवाई: गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भारत ज्योति स्कूल के पास चेकिंग के दौरान 6 नाबालिग चालकों के वाहन ज़ब्त किए थे।  स्कूल और अभिभावकों को समझाइश: बेथेल मिशन स्कूल के प्रबंधन और प्राचार्य को थाना बुलाकर नोटिस दिया गया है। उनसे कहा गया कि नाबालिग छात्रों को वाहन चलाने से रोकने के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। साथ ही, ज़ब्त वाहनों के 11 नाबालिग चालकों के अभिभावकों को थाना बुलाकर भविष्य में नाबालिगों को वाहन न देने की समझाइश दी गई।  पुलिस अधीक्षक की अपील: पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गैरकानूनी है।  यह अभियान अनूपपुर पुलिस द्वारा सतत जारी रहेगा।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई हेतु पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित

अनूपपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस और खनिज विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अनूपपुर, श्री मोती उर रहमान ने की। बैठक में संचालक खनि प्रशासन श्रीमती आशालता वैद्य, खनिज निरीक्षक श्रीमती ईशा वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इसरार मंसूरी, एसडीओपी अनूपपुर श्री सुमित किरकेट्टा और जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।  बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय  – 1 . संयुक्त कार्रवाई: पुलिस और खनिज विभाग आपसी समन्वय के साथ अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए लगातार संयुक्त कार्रवाई करेंगे। सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अवैध उत्खनन के संभावित घाटों एवं स्थान पर रात्रि में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी भेजी जाएगी  जो ऐसे स्थान पर सतत निगरानी रख कार्रवाई करेंगे। 2. आदतन आरोपियों पर निगरानी: अवैध रेत चोरी और परिवहन में संलिप्त आदतन आरोपियों की जानकारी साझा कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। 3. छत्तीसगढ़ से जारी ISTP के दुरुपयोग  की जांच: ई-खनिज पोर्टल से जारी ISTP (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) के दुरुपयोग की जांच होगी। खासतौर पर छत्तीसगढ़  की ISTP का मध्यप्रदेश में अवैध परिवहन के लिए दुरुपयोग पाए जाने पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। 4. अवैध खदानों पर विशेष निगरानी: जिले में बिना स्वीकृति वाली खदानों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित किया जाएगा ताकि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लग सके। 5. जिला बदर कार्रवाई: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। 6. समन्वित जानकारी: पुलिस द्वारा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के प्रकरण दर्ज करने पर समय पर खनिज विभाग को सूचित किया जाएगा ताकि खनिज विभाग भी आवश्यक कार्रवाई कर सके।    सख्त निर्देश जारी: पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि उनके थाना क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए विशेष टीम गठित की जाए और प्रतिदिन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  बैठक में उपस्थित अधिकारी: थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन, थाना प्रभारी जैतहरी प्रकाश कोल , थाना प्रभारी कोतमा सुंदरेश मरावी, थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिंह, थाना प्रभारी भालूमाड़ा राकेश सिंह , थाना प्रभारी रामनगर अमर वर्मा, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक अमरलाल यादव, और चौकी प्रभारी फुनगा सुमित कौशिक। पुलिस और खनिज विभाग की इस समन्वित कार्रवाई का उद्देश्य जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाना है।

वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही

अवैध कटाई में संलिप्त वन माफियाओं को पकड़ने की मुहिम जारी सागौन के अवैध परिवहन का आरोपी गिरफ्तार वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही भोपाल वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही है। इसी क्रम में वन मण्डलाधिकारी, उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल नवीन गर्ग ने बताया कि उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल के परिक्षेत्र बैतूल सामान्य वन मण्डल में 18 एवं 19 नवम्बर को वन विभाग द्वारा रात्रि गश्त के दौरान खारी बीट में जाँच करने पर सागौन की लकड़ी से भरा अशोक लीलेण्ड मिनी ट्रक जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वाहन की जाँच करने पर वाहन में रामकुमार वल्द पुरुषोत्तम मेहरा के नाम के ड्रायविंग लायसेंस की छायाप्रति प्राप्त हुई। इसके आधार पर वन मण्डलाधिकारी उत्तर बैतूल नवीन गर्ग सामान्य वन मण्डल के निर्देशन में उप वन मण्डलाधिकारी श्रेयस श्रीवास्तव और परिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. बघेल के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर विभिन्न स्थलों पर छापामार कार्रवाई की गयी। छापामार कार्रवाई में वाहन मालिक रामकुमार मेहरा निवासी राहुल नगर मण्डीदीप जिला रायसेन को गिरफ्तार कर बयान दर्ज किये गये। आरोपी रामकुमार मेहरा ने बयान में यह बताया कि उसके द्वारा राजू वाड़ीवा निवासी ग्राम पाठई तहसील शाहपुर के साथ में सागौन कटाई कर परिवहन किया गया। वन विभाग द्वारा पूर्व में 27 अक्टूबर को 3 आरोपियों में राजा पिता राजू वाड़ीवा, शेख अफजल और पाढर के सोनू मुईनुद्दीन की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वन विभाग की टीम द्वारा 22 नवम्बर को आरोपी को न्यायालय द्वारा उसके बयान के आधार पर पूछताछ एवं मौका निरीक्षण के लिये 3 दिवस के लिये फॉरेस्ट रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी रामकुमार मेहरा को 25 नवम्बर को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण की विवेचना में आरोपी द्वारा किये गये अपराध के आधार पर 7 दिसम्बर 2024 तक ज्यूडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

कोर्ट में सजा सुनते ही कठघरे में आ गई पेशाब, फिर बहाना बनाकर फरार हो गया नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी

खंडवा  कोर्ट से बाथरूम का बहाना कर फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे घंटे बाद खुद ही वापस लौट आया। कोतवाली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से ले जाते समय मीडिया ने पूछा तो दुष्कर्मी ने बताया कि मैं यहां तारीख पर आया था। वकील को एक लाख रुपये भी दिए थे, फिर भी जेल हो गई। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि 20 साल की सजा होगी। मेरी पत्नी और बच्चे महाराष्ट्र में अकेले थे। मैं उन्हें लेने गया था, लेकर वापस लौट आया। क्या हुआ था दो दिन पहले, खंडवा पुलिस में मच गया था हड़कंप     नाबालिग से दुष्कर्म आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई, तो वह बाथरूम जाने का बहाना कर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। मामला बीते शुक्रवार दोपहर को जिला न्यायालय परिसर का था।     आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद जमानत पर था। शुक्रवार को मामले में अंतिम सुनवाई थी। फरारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली थी कि उसका परिवार महाराष्ट्र में हैं। पुलिस उसे ढूंढने के लिए महाराष्ट्र पहुंची थी।     हालांकि तब तक आरोपी, वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन सोमवार को वह खुद ही वापस आ गया। इसके साथ ही लापरवाही के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।     आरोपित को कोर्ट लाने ले जाने में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच जारी है। सजा सुनते ही उड़े होश आरोपी हरिराम को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद उसके होश उड़ गए। उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया। एक पुलिसकर्मी उसे लेकर गया और वापस लाया। इस बीच, उसे भागने का मौका नहीं मिला। इस बीच, एक अन्य मामले के आरोपी ने भी पुलिसकर्मी से कहा कि उसे भी बाथरूम जाना है। पुलिसकर्मी हरिराम को वहीं छोड़ दूसरे आरोपी को बाथरूम ले गया। इस दौरान हरिराम कोर्ट रूम के पास से भाग गया। उसके भागने की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया। पुलिस के वायरलेस सेट और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल बज उठे। पिपलौद, कोतवाली, खालवा, पंधाना की पुलिस टीम उसे तलाशने लगी लेकिन वह नहीं मिला नहीं। 48 घंटे बाद अब वह खुद ही वापस लौट आया। अब पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश के मुताबिक जेल भेज दिया है।

सीधी में पुलिस लाइन में एक साथ पांच घरों में चोरों का धावा, दो थाना प्रभारियों सहित पांच घरों में चोरी, नाइट गस्त पर खड़े हुए सवाल

कटनी  जिले के लोग जिस पुलिस महकमें से सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं, आज वो पुलिस महकमे के अधिकारी और कर्मचारी अपने आप को खुद असुरक्षित महसूस कर रहें होंगे। आखिर ऐसा असुरक्षा का भाव उत्पन्न हो भी तो क्यों ना। सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात को चोरों ने पुलिस व्यवस्था को सीधे तौर पर खुलेआम चुनौती देते हुए भारी सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी वाले झिंझरी पुलिस लाइन में एक, दो नहीं बल्कि पांच मकानों के ताले एक के बाद एक चटका कर वहां से लाखों रुपए का माल पार कर दिया। चोरों ने जिन पांच घरों को निशाना बनाया उनमें से दो घर कटनी जिले में पदस्थ रहे पूर्व थाना प्रभारी सहित एक उपनिरीक्षक एवं दो अन्य पुलिस कर्मियों के हैं। इस घटना ने एक बार फिर पूरे जिले को पुलिस व्यवस्था के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। वारदात ने पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग की पोल खोलकर रख दी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद पुलिस लाइन में इस तरह चोरी हो जाना कोई आम बात नहीं है। इस घटना ने जिले में बढ़ते चोरों के हौसले और लचर होती पुलिस व्यवस्था की सारी सच्चाई बयां कर दी है। वारदात से जुड़े तथ्यों के विषय में कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है। इन मकानों को बनाया निशाना विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विगत रात्रि चोरों ने बहोरीबंद थाने में पदस्थ पूर्व थाना प्रभारी अर्चना जाट, महिला थाना प्रभारी मधु पटेल, उप निरीक्षक सतीश पटेल, विकास कुमार प्रजापति, गौरव गिरी, अजीत सिंह के सूने मकान का ताला तोड़कर भारी मात्रा में रूपए पैसे और गहने चोरी किए हैं। बताया जाता है कि बिलहरी चौकी में पदस्थ एक आरक्षक की बाइक भी कर लेकर चंपत हो गए हैं। पांच मकानों से कुल कितना माल चोर लेकर गायब हुए और किस तरह घटना हुई इसके विषय में माधव नगर एवं झिंझरी पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है। साधी चुप्पी पुलिस लाइन में हुई चोरी में कितना माल चोरों ने पार किया इस विषय में अब तक पुलिस के द्वारा कोई जानकारी प्रदान नहीं की जा सकी है। घटना की जानकारी लगते ही माधव नगर थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर एवं झिंझरी चौकी प्रभारी प्रियंका राजपूत डॉग स्कॉट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए कार्यवाही करने में जुटे हुए हैं। नाइट गस्त कटघरे में पुलिस लाइन में हुई चोरी की घटना ने पुलिस के द्वारा की जाने वाली नाइट पेट्रोलिंग की सच्चाई खोल कर रख दी है। आपको बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हर रात अलग-अलग अधिकारियों को विशेष तौर पर नाइट पेट्रोलिंग के लिए टीम के साथ तैनात किया जाता है। गत रात्रि किस तरह नाइट पेट्रोलिंग पुलिस ने की वह तो घटना ने खुद उजागर कर दिया है।

एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची तो उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया

भोपाल भोपाल के एमपी नगर में नकली पुलिसकर्मी पकड़े जाने के बाद अब टीटी नगर पुलिस ने एक नकली महिला एडीशनल एसपी को पकड़ा। एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची थी। यहां पर उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया। बातचीत के दौरान महिला एसआई समझ गई कि युवती नकली वर्दी पहने हुए हैं। उसे तुरंत ही थाने ले जाया गया। युवती के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। टीटी नगर पुलिस ने बताया कि रोजाना की तरह थाने के स्टाफ की महिला एसआई थाने के सामने से न्यू मार्केट के भीतर जाने वाले रास्ते पर तैनात थीं। इसी दौरान मस्जिद के पास की दुकानों के पास उन्होंने एडीशनल एसपी की वर्दी मे एक युवती को देखा। महिला एसआई उनके पास पहुंची तथा सैल्यूट कर बात करना शुरू की। इसी दौरान महिला एसआई की नजर महिला अधिकारी की वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर पड़ी। उसमें नाम के नीचे अंकों में नंबर लिखे हुए थे। इस तरह के नंबर आरक्षक और प्रधान आरक्षक की नेम प्लेट पर होते हैं, जबकि अधिकारियों की नेम प्लेट पर केवल नाम ही होते हैं। शंका होने पर महिला एसआई ने अपने स्टाफ को इशारा किया तथा युवती से बातचीत करना शुरू कर दिया। इस दौरान महिला अधिकारी समझ गई कि वर्दीधारी युवती झूठ बोल रही है। उसे तुरंत ही थाने लाया गया जहां पर पूछताछ करने पर पता चला कि वह नकली वर्दी पहनकर घूम रही थी। पीएससी में नहीं हुआ चयन, घरवालों के तानों से थी परेशान युवती का नाम शिवानी चौहान बताया गया है, वह इंदौर की रहने वाली है। उसने पीएससी की परीक्षा दी थी। जिसमें उसका चयन नहीं हुआ था, लेकिन घर वालों के तानों से परेशान होकर उसने बोल दिया उसका चयन पुलिस सेवा के लिए हो गया। कई महीनों तक जब उसने नौकरी ज्वाइन नहीं की तो घर वालों ने फिर से पूछना शुरू कर दिया। परेशान होकर शुक्रवार को वह अपनी बुआ के लडक़े के साथ भोपाल आई थी। घर वालों को उसने बताया था कि वह पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग देने के लिए जा रही है। भोपाल पहुंचने पर उसने लालघाटी इलाके में बुआ के बेटे से बोला कि अब तुम यहीं रुके मुझे पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग के बाद मीटिंग करना होगी। यहां से वह अकेली चली गई। शाम को जब वह एडीशनल एसपी की वर्दी पहनकर घूम रही थी तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई।  

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें ‘ऑपरेशन मिलाप’ में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।  

टीकमगढ़ पुलिस ने ₹3000 के ईनामी आरोपी को लिया गया पुलिस अभिरक्षा में

टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिह मण्डलोई के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जतारा श्री अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में  फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु अभियान चलाया जा रहा है । अपराध का विवरण पलेरा पुलिस द्वारा फरियादी गुमनाम के द्वारा अपनी नाबालिक लडकी को अज्ञात आरोपी द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने संबंधी रिपोर्ट की गई थी जिस पर थाना पलेरा मे अप.क्र. 323/24 धारा 137(2) वीएनएस का पंजीबद्ध कर अपहता की तलाश की गई। उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक टीकमगढ द्वारा  अज्ञात आरोपी के विरुध्द ₹3000  का ईनाम घोषित किया गया था। कार्यवाही थाना पलेरा की पुलिस टीम द्वारा अपहर्ता को दस्तयाब किया जाकर  माननीय न्यायालय मे कथन कराए गए जिसमें पीडिता ने अपने कथनो मे नवालिग आरोपी द्वारा बुरा काम करने संबंधी कथन दिए । प्रकरण मे धारा 64(1),64(2)(एम), 87 वीएनएस 5/6 पोक्सो एक्ट का ईजाफा करते हुए प्रकरण मे आरोपी नावालिग बालक के नाम का ईजाफा करते हुए आरोपी नावालिग बालक की तलाश की गई जिसे दिनांक 20.11.24 को पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय टीकमगढ पेश किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी थाना पलेरा निरीक्षक मनीष मिश्रा, उपनिरी. एन.डी. कौदर, प्रआर 296 ग्यासी यादव, प्रआर 132 रमाशंकर कुशवाहा, आर 678 लक्ष्मण पटेल, आर. 702 अजय अहिरवार, आर 463 प्रवेन्द्र पटेल, आर. 334 अनूप अनुरागी, आर. 478 नरेन्द्र पटेल, मआर. 651 नीतू विश्वकर्मा, मआर. 749 मोनिका मुबेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस फोर्स के जवान को हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले के कुंडुल वन क्षेत्र में माओवादी तलाशी अभियान के दौरान हॉक फोर्स का एक जवान घायल हो गया था। जवान की खोपड़ी में गोली लगी थी। अब उसको हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा। सर्जरी से जा सकती है जान दरअसल, जब हॉक फोर्स और ज्वॉइंट पुलिस फोर्स पर माओवादियों की भारी गोलीबारी हुई तो एक गोली शिवकुमार शर्मा के लग गई। उन्हें तुरंत उस क्षेत्र से निकाला गया और महाराष्ट्र के गोंदिया में एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर जवान की खोपड़ी की सूजन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने गोली न निकालने की सलाह दी है क्योंकि किसी भी सर्जिकल ट्रीटमेंट से उनकी जान को खतरा हो सकता है। बेहोश पहुंचे थे अस्पताल डॉक्टरों ने कहा, जब शर्मा अस्पताल पहुंचे तो वह बेहोश थे। हॉक फोर्स के कमांडेंट सियाज केएम ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया, ‘गोली गंभीर क्षेत्र में लगी है और इसे निकालने का प्रयास करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। हम उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।’ सीएम मोहन यादव भी रख रहे नजर बालाघाट के एसपी नागेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें ठीक होने में कुछ महीने लगेंगे। सीएम मोहन यादव ने शर्मा की स्थिति के बारे में अपडेट प्राप्त करने के लिए डॉक्टरों से बात की और जवान और उनके परिवार को सभी आवश्यक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य जवान के चिकित्सा खर्च को वहन करेगा। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुई थी कार्रवाई खुफिया रिपोर्टों के बाद बीएनएस डिवीजन में माओवादियों की मौजूदगी का संकेत मिलने के बाद हुई मुठभेड़ में शर्मा घायल हो गए थे। हॉक फोर्स की टीम ने सोनगुड्डा चौकी के पास तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, उनका 12 से 15 हथियारबंद माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हमले के बाद, इसमें शामिल माओवादियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

जब असली पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी पुलिसवाला, नकली वर्दी, थाने के बाहर तस्वीरें और वसूली…

भोपाल. बिहार के जमुई की तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी नकली पुलिस अधिकारी गिरफ्तार हुआ है. आरोपी दुकानदारों और ड्राइवरों से वसूली करता पाया गया. पुलिस की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने बताया कि आरोपी नकली पुलिसवाला बनकर भोपाल कोर्ट के पास रंगदारी कर रहा था. उससे तंग आकर दुकानदारों ने एमपी नगर थाने में उसकी शिकायत की. पुलिस ने इस शिकायत पर कार्रवाई की तो आरोपी का पूरा राज खुल गया. पुलिस को आरोपी के पास से कई तरह की वर्दियां भी मिली हैं. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शख्स का नाम आनंद सेन है. वह भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में रहता है. आनंद मूल रूप से दतिया जिले का रहने वाला है. उस पर किसी को शक न हो इसलिए वह छोटे दुकानदारों और ड्राइवरों को निशाने पर लेता था. उसे लगता था कि ये लोग उसके रोब में आ जाएंगे और शिकायत नहीं करेंगे. इस तरह वह कई दिनों से लोगों से रुपये ऐंठ रहा था. इस बीच 18 नवंबर को कुछ लोगों ने एमपी नगर थाने में युवक की शिकायत की. लोगों ने बताया कि कोर्ट चौराहे पर एक शख्स संदिग्ध लग रहा है. वह पुलिस की वर्दी में अवैध वसूली कर रहा है. वसूली करता मिला आरोपी ये शिकायत मिलते ही एमपी नगर थाने की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने जब आरोपी आनंद से पूछताछ करनी शुरू की तो वह उस पर ही रौब झाड़ने लगा. उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जब उससे विभाग से जुड़े सवाल किए तो वह घबरा गया. उसने पूछताछ में स्वीकार कर लिया कि वह नकली पुलिसवाला है. उसने बताया कि वह पैसे कमाने की लालच में ये काम करने लगा. इस पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई. पुलिस उसके बैंक खातों की जांच कर रही है. फर्जी आईपीएस बनकर घूम रहा था बिहार का शख्स गौरतलब है कि इसी साल 20 सितंबर को जमुई जिले की सिकंदरा पुलिस ने फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार किया था. उसका नाम मिथिलेश था. पुलिस की पूछताछ में मिथिलेश ने बताया था कि उसने दो लाख रुपये देकर पुलिस की नौकरी हासिल की थी. उसने बताया था कि खैरा के किसी मनोज सिंह ने उसे पुलिस में नौकरी देकर वर्दी पहनाई थी.

छतरपुर पुलिस ने फरार इनामी बदमाश एवं फरार वारंटी को तलाश कर गिरफ्तार किया जा रहा

छतरपुर माह सितंबर में थाना गुलगंज क्षेत्र के बिजावर रोड बक्सवाहा हार से भैंसे चोरी संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोपियों से संबंधित जानकारी एकत्र की गई। आरोपी फरार हो गए थे जिनकी तलाश हर संभावित स्थानों में की जा रही थी। थाना गुलगंज पुलिस ने पशु चोरी के अपराध में फरार 4 आरोपी 1. प्रकाश यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 2. पुष्पेंद्र यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 3. रज्जू यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 4. भज्जू राजपूत निवासी ग्राम भारतपुरा थाना बिजावर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रकाश यादव एवं पुष्पेंद्र यादव के विरुद्ध पूर्व से मारपीट संबंधी चार-चार अपराध दर्ज हैं। आरोपियों को न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया गया। उक्त  कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गुलगंज उनि. गुरूदत्त शेषा , उनि डीपी व्यास, प्रआर. कैलाश राजपूत ,प्रआऱ प्रवेश तिवारी , रूपेश, राजाराम , आर. भरत कुमार बेदी , आर. सतीष , कृष्ण प्रताप सिंह , मुकेश, राहुल, शीलेन्द्र, कैलाश, घनश्याम, अवनीश की भूमिका रही।

छत्रपाल यादव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महोबा एवं बसंत राजपूत चरखारी विधानसभा अध्यक्ष समाजवादी पार्टी चरखारी भी जुआ खेलते पकड़े

छतरपुर पुलिस द्वारा समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत जुआ एवं सट्टा के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है।रात्रि में खजुराहो के एक होटल में जुंवे के संचालन होने की सूचना प्राप्त हुई। अनुभाग नौगांव व खजुराहो से संयुक्त पुलिस टीम गठित की गई। राजपत्रित पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भेष बदलकर खजुराहो के सारांश होटल में विधिवत भ्रमण किया, होटल के हॉल में जुआ चल रहा था, पुलिस बल द्वारा घेराव कर सभी जुआरियों को पकड़ा गया। जुआ के फड़ व हार जीत का दाव लगाकर खेल रहे जुंवारियो के पास से 20 लाख रुपए नगद राशि एवं ताश की गड्डियां बरामद की गई। साथ ही आरोपियों के पास से प्रयुक्त वाहन दो टोयोटा इनोवा, ह्युंडई अल्काजार, वेन्यू एवं 13 मोबाइल फोन एप्पल, सैमसंग वनप्लस इत्यादि कंपनियां के बरामद किए गए। 20 लाख रुपए नगद राशि, चार लग्जरी वाहन, 13 मोबाइल फोन कुल संपत्ति करीब एक करोड रुपए से अधिक जप्त कर जुआ खेल रहे उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर, औरैया, हमीरपुर, महोबा सहित छतरपुर जिले के 18 जुंवारी फारुख खान उर्फ वीरू पठान पिता जमालुद्दीन निवासी विद्याधर कॉलोनी खजुराहो जिला छतरपुर,  अरविंद गुप्ता पिता धर्मराज निवासी पदरी सुमेरपुर जिला हमीरपुर,  सत्येंद्र सिंह पिता सुखदेव निवासी पचखुरा जिला हमीरपुर, मुकेश रजक पिता किशनलाल निवासी गढ़ी मलहरा जिला छतरपुर, सत्यम शर्मा पिता रामबाबू निवासी सिकंदरा जिला कानपुर,पूरन कुमार पांडे पिता माता प्रसाद निवासी औरैया,शैलेंद्र पुरोहित पिता हरनारायण निवासी महोबा, हरिशंकर चौरसिया पिता बृज गोपाल निवासी सत्तिपुरा मोहल्ला महोबा,मोहम्मद हलीम पिता अब्दुल कयूम निवासी बारीगढ़ जिला छतरपुर, दुर्ग विजय यादव पिता प्रदुम्न यादव निवासी यशोदा नगर महोबा, जगदीश वर्मा पिता कैलाश चंद्र निवासी श्रीनगर जिला महोबा, पिंकू पिता जफर हुसैन निवासी चितेपुरा चरखारी जिला महोबा, मोहम्मद नसीम पिता नूर मोहम्मद मंजूर नगर खजुराहो,छत्रपाल यादव पिता स्वामीदीन यादव निवासी गांधीनगर महोबा,पवन कुमार पिता राम मनोहर निवासी भरुआ सुमेरपुर जिला हमीरपुर,बालकरण पिता ब्रह्मा प्रसाद वर्मा निवासी मवईजार जिला हमीरपुर,हर्षवर्धन गुप्ता पिता महेश निवासी श्रीनगर जिला महोबा,बसंत कुमार लोधी पिता मैयादीन निवासी चरखारी जिला महोबा को अभिरक्षा में लेकर थाना खजुराहो में जुआ अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही की जा रही है। विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी नौगांव श्री चंचलेश मरकाम के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हरपालपुर निरीक्षक पुष्पक शर्मा, थाना प्रभारी खजुराहो उप निरीक्षक अतुल दीक्षित, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप, प्रधान आरक्षक राकेश आरक्षक कमल सिंह सेंगर, धीरेंद्र राजावत, सूरज यादव, शैलेश सिंह, पुष्पेंद्र राजावत, अनिल, रंधौर यादव, संदीप, सोनू यादव, जयराम, सौरभ तिवारी एवं अनुभाग नौगांव व खजुराहो से गठित पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।

बैढ़न नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्यवाही, एक गिरफ्तार, 5 लाख रूपये की हिरोइन बरामद

सिंगरौली पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता, जिला सिंगरौली द्वारा अवैध मादक पदार्थ के परिवहन एवं बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री शिव कुमार वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री पी.एस. परस्ते के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी. अशोक सिंह परिहार एवं उनकी गठित टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थ हिरोइन / स्मैक के तस्कर पर प्रभावी कार्यवाही की गई। संक्षिप्त विवरण –  थाना बैढ़न में दिनांक 13.11.2024 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी थाना बैढ़न जिला सिंगरौली का अवैध मादक पदार्थ हेरोइन / स्मैक बिक्री रखा है मुखबिर की सूचना विश्वसनीय होने की वजह से तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश पर तत्काल टीम गठित कर रेड कार्यवाही की गई आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष बलियरी के कब्जे से 48 ग्राम मादक पदार्थ हिरोइन कीमती करीबन 500000 रूपये की बरामद होने पर धारा 8/21,22 एनडीपीएस एक्ट मे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी के विरूध्द पूर्व मे भी मादक पदार्थों के बिक्री के कई प्रकरण पंजीबध्द है। आरोपी से अबैध मादक पदार्थ हिरोईन की खरीद फरोख्त करने वाले ब्यक्तियों के संबंध मे जानकारी प्राप्त कर विवेचना की जा रही है। सराहनीय भूमिका – निरी. अशोक सिंह परिहार, उनि अभिषेक पाण्डेय, सउनि अरविन्द द्विवेदी, सउनि पप्पू सिंह, प्र.आर. धर्मेन्द्र रावत, राजेश सिंह, जितेन्द्र सेंगर आर. अभिमन्यू उपाध्याय प्रियंका गुप्ता, बंदना तिवारी का सराहनीय योगदान रहा।

उत्तर प्रदेश ATS में तैनात महिला के साथ दबंगों ने की छेड़छाड़, पहले कपड़े फाड़े फिर जान से मारने की दी धमकी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में महिला सिपाही के साथ छेड़खानी और मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है. आरोप है कि इलाके के कुछ दबंगों ने सिपाही के घर में घुसकर उसके और पति के साथ बुरी तरह मारपीट की है. यहां तक कि सिपाही का कपड़ा तक फाड़ डाला है. इसके बाद उन दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला सिपाही और उसका पति यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) में तैनात हैं. 11 नवंबर को इलाके का एक दबंग अंकित यादव अपने कुछ साथियों के साथ उनके घर में घुस गया. महिला को गाली देते हुए मारपीट करने लगा. बीच-बचाव करने आए पति को भी उन्होंने जमकर पीटा. इसके बाद आरोपी ने सिपाही के साथ छेड़खानी करते हुए कपड़े फाड़ डाले. इसी बीच कॉलोनी के लोगों के आने के बाद वो लोग घर से बाहर निकले. इस बीच पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करने की कोशिश भी की, लेकिन दबंग उनके दरवाजे पर बैठे रहे. उन्हें जान से मारने की धमकी देते रहे. उनके जाने के बाद पीड़ित कृष्णानगर थाने पहुंचे. उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2), 352, 351 (2), 191 (2), 74 और 332 (सी) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही है. बताते चलें कि इसी साल अप्रैल में लखनऊ में ही एक महिला सिपाही के साथ छेड़खानी की घटना सामने आई थी. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले लोगों ने उनकी जबरदस्त पिटाई भी की थी. आरोपी युवक महिला सिपाही का ड्यूटी से घर लौटते समय पीछा कर रहे थे और अश्लील इशारे कर रहे थे. विरोध करने पर महिला सिपाही को धमकाते हुए भाग रहे थे. लेकिन शोर मचाने पर राहगीरों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया. इसके बाद उनकी जबरदस्त धुनाई कर दी. लखनऊ के बाजार खाला थाना थाने में तैनात महिला सिपाही रात में सिविल ड्रेस में स्कूटी से राजाजीपुरम स्थित अपने घर जा रही थी. इस दौरान एमआईएस चौराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने उस पर अश्लील कमेंट पास करना शुरू कर दिया. महिला द्वारा खुद को सिपाही बताने के बाद भी उन्होंने अपनी हरकत जारी रखी और धमकाते हुए भागने लगे. महिला सिपाही ने भी शोर मचाते हुए उनका पीछा शुरू कर दिया.  

मातगुंवा पुलिस ने 4 किलो गांजा व मोटरसाइकिल समेत, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

 मातगुंवा पुलिस ने 4 किलो गांजा व मोटरसाइकिल समेत, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार  आरोपी राम अवतार विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व से थाना सुनवानी जिला पन्ना में अवैध गांजा का अपराध दर्ज छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अवैध मादक पदार्थ जप्त कर आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है, अवैध मादक पदार्थ गांजा की विधिवत विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जा रही है। थाना मातगुंवा पुलिस को रात्रि रोड पेट्रोलिंग के दौरान मातगुंवा बिजावर रोड से अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी की सूचना प्राप्त हुई। थाना मातगुंवा पुलिस त्वरित कार्यवाही करते बिजावर मातगुंवा रोड ग्राम कूड़न के पास पहुंची, पुलिस टीम को देखकर संदेही ने मोटरसाइकिल लौटाने का प्रयास किया। संदेह के आधार पर रोककर चेक किया गया। बैग की तलाशी लेने पर अवैध मादक पदार्थ गांजा भरा मिला। अवैध मादक पदार्थ गांजा मात्रा करीब 4 किलोग्राम कीमत करीब 60 हज़ार रुपए एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल कीमत करीब 1 लाख 25 हज़ार रुपये जप्त कर दोनों आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया। अवैध मादक पदार्थ बेचने हेतु तस्करी कर रहे दो आरोपी 1. राम अवतार विश्वकर्मा पिता रामदीन विश्वकर्मा 2. भैयन चौधरी पिता सुमेरा चौधरी दोनों निवासी ग्राम शिरशी पटना थाना सुनवानी जिला पन्ना के विरुद्ध थाना मातगुंवा में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पूछताछ पर अन्य आरोपियों के संलिप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई है। आरोपी राम अवतार विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व से थाना सुनवानी जिला पन्ना में अवैध गांजा का अपराध दर्ज है। अभियुक्तों को न्यायालय पेश किया जा रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश व विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बिजावर श्री शशांक जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र रैकवार सहायक उप निरीक्षक धनीराम तिवारी प्रधान आरक्षक राममिलन, मुकेश कुशवाहा, आरक्षक कुलदीप, राजेंद्र, पंकज एवं सतीश की मुख्य भूमिका रही।

पुराने मामले को लेकर गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडे सहित लात से आदिवासी युवक से मारपीट

सीधी सीधी जिले में अपराधी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं ऐसे में एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जहां एक आदिवासी व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। सीधी जिले के जमोड़ी थाना का यह मामला बताया गया है जहां इसके ट्रेडर्स के मालिक ने मारपीट की है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है। प्रदीप कुमार सिंह गोंड़ ने बताया कि 7 नवबर को शाम करीब 4:30 बजे मैं बिहारी जायसवाल के दुकान में सामान लेने जा रहा था। उसी दौरान बिहारी जायसवाल का छोटा लड़का सोनू जायसवाल सामान लेने के बारे में बात ही कर रहा था कि उसी समय उसका बड़ा लड़का भूपेन्द्र आया और पुराने मामले को लेकर मुझे गाली-गलौज करने लगा। साथ ही लाठी-डंडे सहित लात से मारपीट की। हल्ला करने के बाद कुछ लोग आए इसके बाद बचाव हुआ है। शनिवार के दिन वीडियो वायरल हो रहा है। घायल ने बताया की मेरे शरीर में कई चोटें आई हैं। इस मामले में भूपेन्द्र जायसवाल जान से खत्म करने की धमकी भी दे रहा है। इसकी शिकायत के लिए मैंने 8 नवंबर को जमोड़ी थाने में आवेदन दिया है। इस संबंध में नगर निरीक्षक जमोड़ी विशाल शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध हो गया है। जिस मामले में शीघ्र ही गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हरिजन एक्ट सहित अन्य धारााएं लगा दी गई हैं।

गर्लफ्रेंडवश में रहेगी, आर्थिक तंगी भी होगी दूर… तांत्रिक के जाल में उलझकर इवेंट मैनेजर ने गवाई जान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने एक इवेंट मैनेजर ने खुदकुशी की थी। वह रिटायर्ड डीएसपी का नाती था। इस मामले में पुलिस ने एक ढोंगी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तांत्रिक के संपर्क में इवेंट मैनेजर लगातार था। तांत्रिक ने इवेंट मैनेजर की परेशानी का फायदा उठाया है। साथ ही उससे तंत्र क्रिया के नाम पर रुपए भी हड़पे हैं। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। समस्या का समाधान करने का किया दावा दरअसल, 20 वर्षीय समर प्रताप सिंह भोपाल में रहकर इवेंट मैनेजर का काम करता था। गर्लफ्रेंड से युवक का ब्रेकअप हो गया था। इसकी वजह से वह परेशान रहने लगा। कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात एक कथित तांत्रिक आशुतोष शुक्ला से हुई थी। उसने समर से दावा किया था कि हम बड़ी-बड़ी समस्याओं का समाधान कर देते हैं। समर ने तांत्रिक का नंबर लिया। कुछ दिनों बाद उसने अपने ब्रेकअप और समस्याओं का जिक्र किया। वश में रहेगी गर्लफ्रेंड इस पर तांत्रिक ने कहा कि चिंता करने की बात नहीं है। बस कुछ तंत्र क्रिया करना होगा। इससे तुम्हारी गर्लफ्रेंड वश में रहेगी। साथ ही सारी समस्याओं का समाधान भी हो जाएगा। इवेंट मैनेजर तांत्रिक के झांसे में आ गया। तांत्रिक ने श्मशान में तंत्र क्रिया करने के लिए उससे रुपए लिए। बताया जा रहा है कि हजारों रुपए तांत्रिक ने उससे हड़प लिए लेकिन समर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद उसने तांत्रिक से पैसे की मांग करने लगा। इसी बात को लेकर तांत्रिक ने मृतक को समर को परेशान करने लगा। समर से भी उसने तंत्र क्रियाएं करवाई थीं। परेशान समर ने तांत्रिक आशुतोष को मैसेज भी किया था कि तुमने मुझे परेशान कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने तांत्रिक आशुतोष के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं, गिरफ्तार तांत्रिक आशुतोष महज 12वीं तक पढ़ा है। उसे तंत्र मंत्र नहीं आता है। रीवा से भोपाल वह रोजगार की तलाश में आया था। यहां आकर कुछ मंत्र सीखा और तंत्र-मंत्र की प्रक्रियाएं शुरू कर दी।

इंदौर में पुलिस ने निकाला बदमाशों का जुलूस, ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है’

 इंदौर इंदौर में धक्का लगने पर सनसनीखेज घटना हो गयी. नाबालिग ने साथियों के साथ मिलकर युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया. चाकू के हमले में युवक बुरी तरह जख्मी हो गया. वारदात एमजी रोड थाना क्षेत्र स्थित अलका टॉकीज के सामने की है. फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद बदमाशों का सड़कों पर जुलूस निकाला गया. एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिसोदिया ने बताया कि घटना रविवार रात की है. नाबालिग अलका टॉकीज के सामने खड़ा था. फरियादी सोहेल अली भी सूरज कश्यप के साथ चाय पीने आया था. चाय पीने के दौरान सूरज कश्यप से धक्का लगने की बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया. नाबालिग ने मौके पर साथियों को बुला लिया. दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी. नाबालिग ने साथियों के साथ मिलकर सूरज कश्यप के पेट में चाकू मार दिया. धक्का लगने पर चाकूबाजी की घटना चाकू से सूरज कश्यप के पेट में गंभीर चोट आयी है. घायल अवस्था में सोहेल अली के दोस्त को अस्पताल भेजा गया. सोहेल अली ने चाकूबाजी की घटना खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. नाबालिग समेत राजू ठाकुर, रोशन मुनावत, यश, गोयल, विशाल पाल और अतुल मिश्रा पर चाकूबाजी, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने बदमाशों का निकाला जुलूस घटना के दूसरे दिन  (सोमवार) पुलिस ने पकड़े गये बदमाशों का जुलूस निकाला. पुलिस पैदल बदमाशों को मौका ए वारदात पर ले गयी. रास्ते में आरोपी जोर- जोर से चिल्लाते दिखे, “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है.” पुलिस की सार्वजनिक कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप है. बदमाशों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई देख लोगों ने राहत की सांस ली है.

मोहाली में हथियारों की नोक पर लूटपाट करने वाले छह गिरफ्तार, नौ दिन में लूटीं दो कारें पुलिस ने की बरामद

मोहाली हाईवे पर कार चालकों को सेक्स का लालच देकर सुनसान ले जाती और अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ लूटपाट कर लेती थी। मोहाली पुलिस ने इस तरह से करीब 20 कार चालकों को लूटने वाली कश्मीर की शमा खान को उसके 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर थार, आईफोन, सोने का ब्रेसलेट और अन्य सामान जब्त किए है। ये सामान महिला ने पंजाब के गोबिंदगढ़ के कारोबारी से लूटे थे। इन्होंने एक अन्य पीड़ित से आई-20 कार लूटी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। मोहाली पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया कि आरोपियों की पहचान बठिंडा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, जसपाल सिंह, सोहाना के विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ सैक्टर-35 के अंगदजोत सिंह और उनकी साथी शमा खान के रूप में हुई है। मूलरूप से कश्मीर की रहने वाली आरोपी शमा खान मोहाली के मटौर में रहती थी। वह लिफ्ट मांगने के बाहने राहगीरों को रोकती थी और बाद में उन्हें सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों को बुला लेती थी। उसके साथी साजिश में फंसे राहगीर से मारपीट कर उसे लूट लेते थे। एक वारदात को आरोपियों ने 26 अक्तूबर व दूसरी को 3 नवम्बर को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दोनों वारदातों में लूटी गई एक थार, एक आई-20 कार, एक ​​स्विफ्ट डिजायर, एक .315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। डी.आई.जी. निलांबरी जगदाले ने बताया कि 3 नवम्बर की सुबह 4 बजे गोबिंदगढ़ का करने वाला कारोबारी दीपक अग्रवाल महिला मित्र के साथ थार में जा रहा था। जैसे ही वह सैक्टर-77 में लाइट प्वाइंट राधा स्वामी डेरा ब्यास के समीप पहुंचा तो एक मारुति कार थार के आगे आकर रुकी। उसमेें से 3-4 युवक उतरे और मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपी उसकी थार, आईफोन और सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गए थे। इस वारदात को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। एयरपोर्ट रोड पर लूटी थी आई-20 कार डी.आई.जी. ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपियों ने अपनी महिला साथी की मदद लेकर इससे पहले एयरपोर्ट रोड पर एक आई-20 कार लूटी थी। महिला ने पहले कार चालक को लुभा कर उसे सुनसान एरिया में रोका था। वहां योजना के तहत पहले से तैयार बैठे उसके साथियों ने पीड़ित को घेर कर उसकी कार लूट ली थी। इस मामले को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जब कोई जाल में फंस जाता तो शमा खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के बहाने सुनसान जगह ले जाती। उसके साथी वहां पहले से मौजूद होते थे। आरोपी विक्रम सिंह को सोहाना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 10वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। वह 9वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी अंगदजोत सिंह को चंडीगढ़ सेक्टर-36 से गिरफ्तार किया है, जो बीए पास है। आरोपी महिमा खान उर्फ खुशी को मटौर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनपढ़ है और अविवाहित है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुशी मटौर में किराये पर रहती थी।   फेज-3बी2 में बनाई थी लूटपाट की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया है कि अर्शदीप और गुरप्रीत सिंह दोनों बठिंडा के रहने वाले हैं। तीसरा साथी जसपाल भी मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है लेकिन यहां बहन के पास रहता था। अर्शदीप और गुरप्रीत दोनों जसपाल से मिलने आते थे। जसपाल ने आगे विक्रम से उनकी दोस्ती करवाई थी। चारों फेज-3बी2 की मार्केट में अंगद से मिलने आते थे। वहीं उनके संपर्क में खुशी आई। सभी ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई। इन वारदातों को दिया था अंजाम उक्त गिरोह ने 26 अक्टूबर अलसुबह पहली वारदात को अंजाम दिया था। टीडीआई सिटी सेक्टर-111 के रहने वाले बलजिंदर सिंह से आरोपियों ने उसकी आई-20 कार लूटी थी। बलजिंदर सिंह सुबह 11 बजे अपनी आई-20 कार में मोहाली क्लब अपनी ड्यूटी पर गया था और अलसुबह 4 बजे वह सेक्टर-86/79 कोर्ट कॉम्पलैक्स को जाती सडक़ पर अपनी गाड़ी रोककर बाथरूम करने लगा तो वहां एक स्विफ्ट गाड़ी आई जिसमें एक खुशी (उक्त आरोपी) उतरी और उसने खरड़ जाने का रास्ता पूछा। उसी दौरान कार से दो और व्यक्ति उतरे और उन्होंने बलजिंदर से उसकी कार की चाबी छीन ली और उसकी आई-20 गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में सोहाना थाने में अज्ञात के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी वारदात को आरोपियों ने 3 नवंबर को अंजाम दिया। आरोपियों ने मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले दीपक अग्रवाल पर हमला कर उसकी थार कार छीन ली थी। दीपक अग्रवाल अपनी महिला मित्र पूजा के साथ थार में सवार था। वह दोनों अपने दोस्त मोहित सेठी के पास मोहाली आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से लखनौर की तरफ जा रही सडक़ पर पहुंचे तो करीब सवा 3 बजे उनकी गाड़ी को मारूति जेन कार ने आकर घेर लिया। कार में चार व्यक्ति सवार थे और दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां आकर रूके। उन लोगों ने दीपक की थार का साइड वाला शीशा तोड़ा और उसे बाहर निकालकर उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। उन्होंने उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट, मोबाइल फोन और 12 हजार कैश निकाला और उसकी थार गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सोहाना थाने में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत दोनों मामलों में नामजद कर लिया है।

पांढुर्णा में 14 साल के बच्चे को थर्ड डिग्री टॉर्चर, उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा, सुंघाया मिर्च का धुआं

पांढुर्णा  पांढुर्णा जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग दो नाबालिग बच्चों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं. ये मामला मोहगांव का बताया जा रहा है. जहां घड़ी चोरी के आरोप में मासूम को रस्सी से उल्टा लटकाकर बेरहमी से मारा जाता है. इतना ही नहीं एक नाबालिग को उल्टा लटकाकर मिर्ची का धुआं भी दिया जाता है. नाबालिगों को सजा देने का वीडियो 1 नवंबर का है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद 3 लोगों को हिरासत में लिया है. वायरल वीडियो से हुआ खुलासा मामले का खुलासा तब हुआ जब रविवार को सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित बच्चे के पिता ने उस वीडियो को देखा. वीडियो में कुछ लोग बेटे को उल्टा लटकाकर पीटते दिखाई दे रहे थे. बच्चे से पूछने पर उसने अपने पिता को पूरी आपबीती सुनाई. पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा, ”1 नवंबर की दोपहर में गांव के लड़के ने मुझे दुकान पर बुलाया था. मैं अपने 12 साल के दोस्त के साथ वहां पहुंचा. यहां दो लड़के मिले. दोनों ने हम पर घड़ी चोरी का आरोप लगाया. जब हमने चोरी करने से मना किया तो रस्सी से पैर बांधे और टीन शेड से उल्टा लटकाकर बुरी तरह से पिटाई की.” आग में मिर्ची डालकर धुआं सुंघाया पीड़ित बच्चे ने बताया कि आरोपियों ने उल्टा लटका कर सिर्फ मारपीट ही नहीं की बल्कि अंगार में मिर्च डालकर तीखा धुआं भी सुंघाया. जिसे स्थानीय भाषा में मिर्च की धूनी देना बोलते हैं. ऐसा करने से दम घुटता है. मासूम के साथ हो रही बेरहमी को कई लोग देख भी रहे थे, लेकिन वह वीडियो बनाने में और हंसने में व्यस्त थे. किसी ने इन आरोपियों को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई. वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया पांढुर्णा एसपी सुंदर सिंह कनेश ने बताया, ” वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित बच्चों के पिता ने मोहगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. वीडियो के आधार पर 3 लोगों पर मामला दर्जकर हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. ये भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चों के साथ ऐसी हरकत करने में और कौन-कौन शामिल था.”  

महिला मित्र के साथ माता टेकरी आए युवक से मारपीट, युवती के भाई को गिरफ्तार

इंदौर इंदौर से मुस्लिम महिला दोस्त के साथ देवास माता टेकरी से दर्शन कर लौट रहे युवक के साथ लड़की के भाई सहित अन्य लड़कों ने जमकर मारपीट की। उसे पहले शिप्रा ब्रिज के पास रोका। यहां मारपीट कर उसे नकाब पहनाकर देवास तरफ ले गए।  युवक विवेक लोधवाल द्वारा देवास की औद्योगिक थाना पुलिस को की गई शिकायत बताया गया कि वो बाइक से अपनी दोस्त अलीशा खान के साथ देवास में माता टेकरी के दर्शन के लिए गया था। वापस लौटते वक्त क्षिप्रा ब्रिज पर अलीशा के भाई साहिल खान और उसके दोस्त सैफ अली ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों उससे आईडी कार्ड मांगने लगे। इस पर विवेक ने बताया कि उसके पास आईडी कार्ड नहीं है। इसके बाद वो दोनों नाम पूछने लगा, जब युवक ने अपना नाम विवेक बताया तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके मुंह पर एक काला कपड़ा भी ढंक दिया। बाइक पर बैठाकर दूसरी जगह ले गए इसके बाद विवेक को बाइक पर बैठाकर दूसरी जगह ले गए। वहां अरबाज और आसिफ भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर उसके साथ जमकर मारपीट की और धमकी दी कि अगली बार अलीशा के साथ दिखा तो जान से मार देंगे। मारपीट के बाद आरोपित विवेक को वापस क्षिप्रा ब्रिज पर छोड़ गए। विवेक ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिवार को दी। अलीशा कहां गई उसे नहीं पता विवेक द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार घटना के वक्त अलीशा अपनी मां को फोन कर भाई से बात करवा रही थी, लेकिन साहिल ने उसका फोन छीन लिया। घटना के बाद अलीशा को वो कहां ले गए उसे नहीं पता है। जानकारी के मुताबिक अलीशा के विवेक के साथ घूमने पर उसका भाई बहुत नाराज हो गया था। इसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर विवेक को जमकर पीटा। इससे विवेक की पीठ पर लाल निशान उभर आए। उन्होंने धमकी दी कि अगली बार बहन के साथ मत दिखना वरना मार दिया जाएगा। मकान में ताला लगाकर तीन आरोपित फरार देवास के औद्योगिक थाना टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया घटना के बाद फरियादी युवक इंदौर चला गया था, बाद में रात में थाने आया। जांच में पता चला है कि युवक का अपहरण करने के बाद उसे देवास के मल्हार क्षेत्र में लाया गया था, यहां भी मारपीट की गई। आरोपित साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन अन्य आरोपितों के मकान में ताला लगा है, ये परिवार सहित फरार हो गए हैं, इनकी तलाश में टीम लगी है।

आगरा से आया 9 क्विंटल मावा भोपाल पुलिस ने किया जब्त, लिए 4 सैंपल

भोपाल  आगरा से भोपाल आए नौ क्विंटल मावा बाजार में आपूर्ति करने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही बजरिया पुलिस ने गुरुवार को जब्त किया है। जब चालक उचित जानकारी नहीं दे पाया तो पुलिस ने खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग को इसकी जानकार दी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मावा जब्त किया। मावे के चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि बजरिया पुलिस द्वारा गुरुवार सुबह वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर एक लोडिंग वाहन में 23 मावा की डलिया रखी हुई मिली। पुलिस टीम ने वाहन चालक से पूछताछ की तो वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। पुलिस की सूचना पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और वाहन चालक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम नारायण सोनी बताया और जानकार दी कि यह मावा आगरा स्टेशन से भोपाल के लिए दीवान सिंह ने बुक करवाया था। टीम ने खाद्य कारोबारी का इंतजार किया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में कारोबारी की अनुपस्थित के कारण 23 डलिया लगभग नौ क्विंटल मावा जब्त किया गया है। जिसकी कीमत लगभग दो लाख रुपये है। मावा के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। टीम द्वारा मावा भेजने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। दीपावली में बढ़ जाती खपत, मिलावट की आशंका दीपावली से पहले शहर में मावा और पनीर की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों से आने वाले मावा में मिलावट की आशंका होती है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान मिलने वाले संदेही मावा को जब्त कर नमूने लिए जा रहे हैं।

दिल्ली की युवती का शव रोहतक में एक खेत में मिलने से गांव में सनसनी मची

रोहतक करवा चौथ के दिन जब दिल्ली के नांगलोई की रहने वाली 20 साल की सोनी घर से निकली, तो उसके परिवार ने सोचा नहीं था कि यह आखिरी बार होगा, जब वे उसे देख पा रहे हैं. चार दिन बाद सोनी का शव हरियाणा के रोहतक जिले के मदीना गांव के खेतों में दफन मिला है. कई महीनों से चले आ रहे प्रेम संबंधों का अंत इतना दर्दनाक होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था. खेत में 4 फीट नीचे दबी मिली लड़की की लाश कहानी है बारहवीं क्लास में पढ़ने वाली सोनी की, जिसके लाश दिल्ली पुलिस को खेत में 4 फीट नीचे दबी मिली. खेत में लाश मिलने से गांव में सनसनी मच गई. खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और ग्रामीण शव को देखने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े. गला दबा कर की थी हत्या दिल्ली के नांगलोई की रहने वाली 20 साल की सोनी 20 अक्टूबर को यानी करवा चौथ के दिन घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाना नांगलोई में दर्ज करवाई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जब सलीम नाम के एक युवक से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसने सोनी की गला दबा कर हत्या कर दी है. साथ ही दो दोस्तों के साथ मिलकर उसने उसे गांव मदीना के खेतों में उसे दफना दिया है. 4 माह की प्रेग्नेंट थी मृत सोनी ये सुनते ही पुलिस ने सलीम और उसके साथी पंकज को गिरफ्तार किया और रोहतक के बहु अकबरपुर थाना पुलिस के साथ खेतो में पहुंची. यहां पुलिस ने देखा कि तीन आरोपियों ने सोनी के शव को तीन चार फीट का गड्ढा खोद कर खेत में दबाया हुआ था. दिल्ली पुलिस ने एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दो आरोपियों और युवती के परिजनों की मदद से शव को बाहर निकाला. हत्या के पीछे बड़ी बात यह सामने आई युवती सोनी का सलीम के साथ कई महीने से प्रेम चल रहा था. इसी बीच उनके बीच शारीरिक संबंध बने और युवती गर्भवती हो गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती तीन- चार महीने की प्रेग्नेंट थी. रोहतक पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर दिल्ली पुलिस हमारे पास आई थी. उन्होंने बताया कि एक लड़की की हत्या कर उसका शव यहां मदीना के खेतो में दफनाया गया है. दिल्ली पुलिस ने FSL की टीम और ड्यूटी मेजिस्ट्रेट की निगरानी में शव को बाहर निकाला. दिल्ली पुलिस दो आरोपियों को भी साथ लाई थी. हमने सिर्फ दिल्ली पुलिस की मदद की. दिल्ली पुलिस इस मामले में कार्यवाही कर रही है और शव को रोहतक पीजीआई में पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है.    

अनूपपुर जैतहरी एवं चचाई में ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों की गई आकस्मिक चेकिंग

अनूपपुर जैतहरी एवं चचाई में ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों की गई आकस्मिक चेकिंग  3 स्कूलों के 13 वाहन चालकों को किया गया चेक, कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते नहीं पाया गया ड्रिंक एंड ड्राइव पर अंकुश लगाने हेतु चलाया जा रहा है अभियान अनूपपुर अनूपपुर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा अनूपपुर, चचाई, एवं जैतहरी क्षेत्र मे स्थित  प्राइवेट स्कूल के स्कूली वाहन चालकों को चेक करने हेतु अभियान चलाया गया। जिसमे महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर, बाल भारती पब्लिक स्कूल जैतहरी, एवं आरसी स्कूल चचाई सहित कुल 03 स्कूल के 13 स्कूली वाहन चालकों को  ब्रीथ एनालाइजर से चेक किया।                 *वाहन चालकों को दी गई समझाइश* आकस्मिक चेकिंग के दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित वाहन चलाने के संबंध में समझाएं देते हुए बताया गया कि वाहन हमेशा निर्धारित गति में चलाएं, नशे की हालत में वाहन ना चलाएं, ओवरटेक करने से बचे ,यदि आवश्यक की हो तो हमेशा दाहिने तरफ से ओवरटेक करें, ब्रेकिंग डिस्टेंस का ध्यान रखें, बच्चों को  वाहन से उतारते समय सावधानी रखते हुए वाहन को रोड के बाएं साइड खड़ा करे उसके  बाद उन्हें उतरने दे।क्षमता से अधिक बच्चे ना बिठाये, बच्चों के अभिभावक बहुत विश्वास के साथ आपकी गाड़ी में उन्हें स्कूल भेजते हैं ।कृपया सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाते हुए उन्हें घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाए। सावधानी से ही सुरक्षा है. वाहन चालकों को बताया गया कि सावधानी और सतर्कता से सड़क दुर्घटना को घटित होने से रोका जा सकता है ।चेकिंग में  सउनि. आनंद तिवारी, प्रआर. रामधनी तिवारी, आर. गणेश यादव उपस्थित रहे शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है* इससे बचे स्वयं की एवं अन्य व्यक्तियों के जीवन को संकट में ना डालें। यातायात पुलिस अनूपपुर

स्मलिंग कर लाई जा रही नशीली कफ सीरप की बड़ी खेप अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने की जब्त

अनूपपुर    पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा अनूपपुर जिले में नशे में प्रयुक्त होने वाले कोडीनयुक्त कफ सीरप के स्मलिंग एवं अवैध व्यापार में लगे अपराधियों  की पतासाजी कराई गई एवं एस.पी. महोदय द्वारा एकत्र की गई सूचनाओं के आधार पर बुधवार की रात्रि में सतना जिले से एक कार में बड़ी मात्रा में नशे में प्रयुक्त होने वाली कोडिन युक्त कफ सीरप अनूपपुर में खपाये जाने हेतु लाये जाने की सूचना पर कोतवाली पुलिस द्वारा आने जाने वाले रास्तों पर चेकिंग एवं घेराबंदी की गई जो देर रात करीब 04.00 बजे पुलिस की चेकिंग एवं घेराबंदी को देखते हुए नेशनल हाईवे  – 43 से गुजर रही कार भागते वक्त ग्राम बिजौडी में एक मकान से टकराकर छतिग्रस्त हो गई जो पीछा करते हुए पहुंची कोतवाली पुलिस ने छतिग्रस्त कार मारूती एक्सप्रेसो MP65ZA7445 से ले जाई जा रही कुल 271 नग शीशी जिसमें प्रत्येक शीशी 100 ML अवैध मादक पदार्थ कोडीनयुक्त ONREX कप सीरप का लेबल लगा हुआ | कुल 108400 रूपये एवं 350,000 कीमती कार मौके पर से जप्त की गई। सतना जिले से लाई जा रही उक्त नशे की सामाग्री को लाने वालो की पतासाजी कर मौके से फरार हुए अविनाश विक्टर पिता अनिल विक्टर उम्र 37 साल निवासी वार्ड न. 09 न्यायालय के सामने अनूपपुर एवं  नशा कारोबार में शामिल अंकित द्विवेदी पिता राजीव द्विवेदी उम्र 29 साल निवासी अमरकंटक तिराहा के पास वार्ड न. 13 अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में मौके पर से फरार हुए आरोपी कोमल उर्फ दरोगा राठौर निवासी ग्राम बर्री अनूपपुर एवं रविशंकर पाण्डेय निवासी अनूपपुर की तलाश पतासाजी हेतु पुलिस टीम लगाई गई है। उक्त आरोपियों के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 464/24 धारा 8बी, 21,22 नारकोटिक ड्रग्स एण्ड साइक्रोटोपिक सब्सटानसिस एक्ट तथा 5/13 म.प्र. ड्रग कन्ट्रोल एक्ट पंजीबद्ध किया जाकर नशे के कारोबार में लिप्त आरोपियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है।  पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा की गई आरोपियों से पूछताछ       बुधवार की शाम पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा थाना कोतवाली पहुंचकर प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों अविनाश विक्टर एवं अंकित द्विवेदी से गहन पूछताछ की गई एवं स्मलिंग कर अनूपपुर जिले में अवैध कफ सीरप की खेप लाने वाले अपराधियों, अवैध कफ सीरप को जिले में बेचने वाले एवं जिले में कफ सीरप का नशा करने वालो के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है। कफ सिरप का नशा करने वालों को चिन्हित कर  कफ सिरप  नशा मुक्ति के लिए कार्य किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।  नशा तस्करो को पकड़ने में उल्लेखनीय भूमिका      नशे के कारोबार के विरूद्ध अनूपपुर जिले में उक्त बड़ी कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के सक्रिय एवं सतत् निर्देशन में  टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन, उपनिरीक्षक अजय तेकाम, सहायक उपनिरीक्षक आशीष सिहं, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिहं राठौर, आरक्षक प्रवीण भगत, राजेश बड़ोले, गुपाल यादव, अनूप पुषाम, प्रकाश तिवारी, सायबर सेल अनूपपुर से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार, आरक्षक पंकज मिश्रा, राजेन्द्र केवट की उल्लेखनीय भूमिका रही।

झाबुआ में ब्राउन शुगर बेचने वाले दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

झाबुआ मेघनगर में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ाए जाने के बाद अब झाबुआ से पुलिस ने एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी इस तस्कर के पास से 30 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी कीमत तीन लाख रुपए है। गौरतलब है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दो दिन पहले इंदौर में बयान दिया था कि प्रदेश में राजस्थान के प्रतापगढ़ से ड्रग्स आ रही है। उनके पास सौदागरों की लिस्ट है। तीन लाख की ड्रग लेकर डिलीवरी देने जा रहा था एसडीओपी रूपरेखा यादव और टीआई आरसी भास्करे ने बताया, मंगलवार रात थांदला की ओर से आ रहे बाइक सवार को रोका। चालक शाहिद गुलशेर खान निवासी कोठड़ी, जिला प्रतापगढ़ के पास से 3 लाख रु. की 30 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। वह इसे काला उर्फ निक्की मारू निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी को देने जा रहा था। उसे भी गिरफ्तार किया है। बदमाश पर 30 से ज्यादा अपराध हैं दर्ज इंदौर डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा के अनुसार अर्जुन पिता ग्यारसीलाल मीणा निवासी मंदसौर को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ 30 से ज्यादा केस दर्ज हैं। टीआई चंद्रकांत पटेल के अनुसार विजय नगर पुलिस ने 22 अगस्त को यश उर्फ नन्नू को 12.9 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर अर्जुन को मंदसौर से गिरफ्तार किया है। वह प्रतापगढ़ से ड्रग्स लाकर इंदौर में बेचता था।  

भाजपा नेता ने पुलिस वाले को जड़ा थप्पड़ तो खाकी ने ऐसे निकाली नेतागिरी की सारी हेकड़ी

मैहर मैहर जिले में दशहरा जुलूस के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के आरोप में एक भाजपा पदाधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अरुण चौरसिया के रूप में हुई है, जो भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष है। उसकी पत्नी मैहर नगर परिषद में पार्षद है। पुलिस ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को हुई इस घटना का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया था। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने जहां सरकार पर निशाना साधा, वहीं जिले के एक भाजपा नेता ने कहा कि गिरफ्तार पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मैहर थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने बताया कि रविवार को पुलिस कॉन्स्टेबल गुड्डू यादव एक ऑटोरिक्शा के चालक को ढूंढ रहा था, क्योंकि सिनेमा हॉल के पास सड़क पर खड़े ऑटोरिक्शा के के कारण यातायात को प्रभावित कर रहा था। अधिकारी ने बताया कि अरुण चौरसिया ने अपने दो साथियों के साथ पुलिस कॉन्स्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट की और वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। उन्होंने बताया कि इस घटना का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संज्ञान में आया, जिसके बाद अरुण चौरसिया और दो अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (सरकारी कर्मचारी को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन से रोकना) और धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके दो साथियों की तलाश जारी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस चौरसिया को उसके घर से स्थानीय थाने ले जाती दिख रही है। नेता विपक्ष ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मध्य प्रदेश में क्या चल रहा है? पुलिसकर्मियों को क्यों पीटा जा रहा है? देखिए कैसे मैहर में जुलूस के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौरसिया एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर रहे हैं।” “इससे पहले जबलपुर और उज्जैन में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थीं, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार पार्टी के आधार पर कार्रवाई करती है। मैहर में 24 घंटे बाद कार्रवाई की गई, लेकिन जबलपुर और उज्जैन के बारे में क्या?” सिंघार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, जिनके पास राज्य के गृह विभाग का प्रभार भी है। मैहर जिले के भाजपा प्रवक्ता सावन जायसवाल ने कहा कि चौरसिया की पत्नी पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा कि चौरसिया मंडल उपाध्यक्ष के पद पर हैं और हालिया घटनाक्रम के बाद पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उनके भाग्य के बारे में उचित निर्णय लेंगे।

भोपाल में16 साल तक बंधक बनाकर रखी गई महिला की मौत, पिता की शिकायत के बाद किया था रेस्क्यू

भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित बरखेड़ी इलाके में ससुराल में 16 साल से बंधक महिला ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के पिता के आवेदन पर पुलिस ने विगत 05 अक्टूबर को उसे बेहद कृशकाय अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा था। महिला के मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 40 साल की उम्र में महिला का वजन 25 किलो रह गया था। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थी और यहां तक कि बोल भी नहीं पा रही थी। महिला को रस्सी से बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा रेस्क्यू के दौरान महिला को गोदी में उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने महिला के पति पर प्रकरण दर्ज किया था। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला के मायके वाले लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर ने महिला को मानसिक रोगी बताया पति और ससुर का कहना है कि पीड़िता मानसिक रोगी थी, उसका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मिलने क्यों देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि सूचना मिली थी कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी का पता लगाने दो दिन पहले बहन रानू से मिलने गई। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजन मात्र 25 किलो रह गया था। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

गोवा में युवती को कहा क्या रेट है, सलाखों के पीछे पहुंचे युवक

लखनऊ गोवा घूमने गए उत्तर प्रदेश के दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक स्थानीय युवती के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इधर, घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर कानून और व्यवस्था बिगड़ने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि कलन्गूट गांव से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप हैं कि दोनों ने एक स्थानीय युवती से पूछा कि उसका दाम क्या है और क्या वह ‘उपलब्ध’ है। युवकों की पहचान 30 वर्षीय प्रेम पांडेय और कृष्णा सिंह के तौर पर हुई है। प्रेम उत्तर प्रदेश के लाल गंज जिले और सिंह आगरा का रहने वाला है। इनके खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। नॉर्थ गोवा एसपी अक्षत कौशल ने बताया, ‘हमें शिकायत मिली थी और शिकायत के आधार पर हमने FIR दर्ज कर ली है। घटना शनिवार रात की है और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है। और गिरफ्तारियों की भी संभावनाएं हैं।’ खास बात है कि इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें नजर आ रहा है कि दो युवक एक युवती के पास पहुंचते हैं और होटल साथ चलने के लिए कहते हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने कहा, ‘जब स्थानीय महिलाएं ही सुरक्षित नहीं है, तो भाजपा सरकार गोवा आने वाले पर्यटकों को क्या सुरक्षा देगी? दो साल पहले कलन्गूट और बागा के करीब 500 लोगों ने वेश्यावृत्ति और दादागिरी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। स्थानीय महिलाओं ने तब शाम के समय बाहर निकलने में डर की बात कही थी। अब यह हकीकत हो गई है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे खुद के ही गोवा में हमारी बेटियां और बहने सुरक्षित नहीं हैं। गोवा अपनी सुंदरता, विरासत और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। भाजपा गोवा को वेश्यावृत्ति, दादागिरी और अपराध के गढ़ के रूप में बदल रही है।’

महंगे शौक पूरा करने दो बदमाशों ने वाहन चोरी की वारदात को दिय अंजाम, पुलिस के चढ़ा हत्थे

इंदौर महंगे मोबाइल और लग्जरी लाइफ का शौक पूरा करने के लिए दो बदमाशों ने वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया. राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने चोइथराम अस्पताल के पास से दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से देसी तमंचा बरामद किया है. इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं. इंदौर के पुलिस उपायुक्त विनोद कुमार मीणा ने बताया कि अस्पताल सहित कई सार्वजनिक स्थानों से लगातार वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था. इसी बीच राजेंद्र नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि चोइथराम अस्पताल के बाहर दो संदिग्ध लड़के खड़े हैं, जिनकी गतिविधियां आपत्तिजनक है. इसके बाद राजेंद्र नगर थाना प्रभारी नीरज बिरथरे के नेतृत्व में एक दल मौके पर पहुंचकर संजय और संतोष नामक दो लड़कों को हियासत में लिया और उनकी तलाश ली. दोनों के पास से देसी कट्टा बरामद किया गया. इसके बाद थाने लाकर दोनों से जानकारी ली गई तो उन्होंने मोटरसाइकिल चोरी की वारदात कबूल की. आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिल बरामद की गई है. आरोपियों के खिलाफ अवैध हथियार रखने और वाहन चोरी करने की कार्रवाई की गई है. दोनों आरोपी मूल रूप से धार जिले के रहने वाले हैं लेकिन काफी समय से इंदौर में ही रह रहे हैं. डकैती का पुराना अपराध भी मिला आरोपी संजय अलावा और संतोष सेंगर इंदौर के तेजपुर गड़बड़ी मल्टी और रॉबर्ट चौराहा के पास झुग्गी झोपड़ी इलाके में रहते हैं. आरोपी संतोष का डकैती का पुराना अपराध भी दर्ज है. इसके अलावा संजय के अपराधों की जानकारी भी ली जा रही है. उन्होंने पुलिस को बताया कि वे नशा करने और महंगे मोबाइल सहित अन्य लग्जरी शौक रखते हैं जिसके चलते वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देते थे.

पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों पर मेहरबान मोहन यादव सरकार, नए साल से मिलेगा बड़ा लाभ..

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, अफसर और कर्मचारियों को वेतन के साथ अब तक का सबसे बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। इसमें मृत्यु होने पर 10 लख रुपए और दुर्घटना में मौत होने पर नॉमिनी को एक करोड रुपए तक का बीमा मिलेगा। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई, कन्या विवाह पर भी पुलिस अफसर हो और जवानों को बीमा का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कई सालों से सरकार से मांग भी कर रहे थे। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अफसर और कर्मचारियों ग्रुप टर्म इंश्योरेंस का एमओयू साइन किया है। इस एमओयू के बाद सैलरी अकाउंट के जरिए अब तक का सबसे बड़ा बीमा का लाभ पुलिस में रहते हुए इन्हें मिल सकेगा। यह एमओयू 3 साल के लिए साइन किया गया है।इसमें पुलिस वेतन पैकेज में इन सभी का बीमा कवर होगा। इस एमओयू की जानकारी पुलिस मुख्यालय ने पुलिस की सभी इकाइयों को हाल ही में भेजी है। इसमें बताया गया है कि पुलिस सैलरी पैकेज में अब सामान की मृत्यु होने पर 10 लाख रुपए, व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु होने पर एक करोड रुपए, इसके साथ व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु पर, कन्या विवाह पर, एक कन्या के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं इस मद में बाल शिक्षा का लाभ भी दिया जाएगा। जिसमें बेटे के लिए 8 लाख और बेटी के लिए 10 लाख रुपए का बीमा कवर होगा। वहीं दुर्घटना में स्थाई पूर्ण दिव्यांगता हुई तो 1 करोड़ रुपए और आशिक दिव्यंका के लिए 80 लख रुपए तक मिल सकेंगे। अभी साढ़े सात लाख का मिलता है बीमा अभी पुलिस अफसर रोड कर्मचारियों को सामान्य मृत्यु पर साढ़े सात लाख रुपए का बीमा मिलता है। वही व्यक्ति का दुर्घटना में 75 लाख रुपए का बीमा है। इसके साथ ही दुर्घटना मृत्यु बीमा पर अन्य सुविधाओं में कन्या विवाह के लिए 6 लाख और शिक्षा सहायता के लिए ₹6 लाख ही मिलते हैं। हवाई दुर्घटना पर एक करोड रुपए अभी मिलते हैं जबकि नए एमओयू के बाद अब हवाई दुर्घटना में मृत्यु होने पर नॉमिनी को एक करोड़ 60 लाख रुपए भी का बीमा मिलेगा। बताया गया है कि अब सामान्य मृत्यु होने पर 10 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु होने पर 1 करोड़ रुपए दए जाएंगे। इसी तरह दुर्घटना में स्थाई पूर्ण दिव्यांगता होने पर एक करोड़ रुपए और आंशिक दिव्यांगता होने पर 80 लाख तक का बीमा कवर का लाभ दिया जाएगा। इतना ही नहीं दुर्घटना मृत्यु पर कन्या विवाह पर एक कन्या के लिए 5 लाख रुपए की सहायता मिलेगी। बाल शिक्षा का भी लाभ दिया जाएगा, बेटे के लिए 8 लाख रुपए की मदद मिलेगी और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए की मदद दी जाएगी, यह बीमा कवर के अंतर्गत होगा।  

प्रदेश पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण एवं विक्रय में लिप्त अपराधियों पर नकेल कसने के लिये निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही

मध्यप्रदेश एटीएस ने अवैध हथियार के कारोबार से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य को किया गिरफ्तार अवैध शस्त्र निर्माण एवं विक्रय में संलिप्त आरोपी से 2 पिस्टल तथा सैकड़ों बैरल बरामद प्रदेश पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण एवं विक्रय में लिप्त अपराधियों पर नकेल कसने के लिये निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश में शांति एवं कानून व्यवस्था के सशक्तिकरण और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को दिए गये निर्देशों के परिपालन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में लूट, चोरी, नकबजनी, अवैध हथियारों के निर्माण एवं विक्रय जैसी घटनाओं में लिप्त अपराधियों पर नकेल कसने के लिये निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में 07 अक्टूबर, 2024 को मध्यप्रदेश एटीएस ने आगरा-मुम्बई रोड, इंदौर से अवैध शस्त्र निर्माण एवं विक्रय करने वाले बड़वानी जिले के पलसूद निवासी संदिग्ध नेपाल सिंह पिता वल्लम सिंह टकराना उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम उन्डीखोदरी पलसूद तहसील राजपुर को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से 2 देशी पिस्टल मय मैग्जीन तथा 200 से अधिक बैरल एवं शटर नली बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को बताया कि, उक्त पिस्टल व बैरल विक्रय करने की नीयत से सूरत (गुजरात) से मंगवाई थी। आरोपी नेपाल सिंह, सिकलीगर समुदाय से है तथा अवैध हथियार निर्माण एवं अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोहों से जुड़ा हुआ है। एटीएस, मध्यप्रदेश द्वारा मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच करते हुए उक्त नेटवर्क से जुड़े कुरियर का काम करने वाले, लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करने वाले तथा बैरल एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस संबंध में थाना एसटीएफ/एटीएस, भोपाल में अप0नं0 34/2024 धारा 25 (1) (क) आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी नेपाल सिंह से पूछताछ तथा अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। साथ ही अवैध आर्म्स निर्माण कारोबार के अन्तर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों तथा ऐसे संगठित गिरोहों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, अवैध हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, कल-पुर्जे, बैरल आदि उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों, राज्य एवं राज्य के बाहर क्रय/विक्रय करने वाले संगठित आपराधिक गिरोह की भी गहनता से जाँच की जाएगी। हथियार में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है बैरल किसी भी हथियार में बैरल उसका महत्वपूर्ण भाग होता है। बैरल की गुणवत्ता से ही हथियार की मारक क्षमता निर्धारित होती है। उच्च गुणवत्ता की बैरल से हथियार ज्यादा असरदार होते हैं। निम्न क्वालिटी की बैरल से फटने तथा उपयोगकर्ता के चोटिल होने की आशंका बनी रहती है तथा हथियार जल्दी खराब भी हो जाता है। वहीं अच्छी क्वालिटी की बैरल की क्षमता अधिक होने से हथियार को बिना किसी खतरे के लम्बे समय तक उपयोग में लाया जा सकता है। पूर्व में की गई कार्यवाही एटीएस द्वारा की गई जांच में पता चला था कि प्रदेश के धार, बड़वानी, खरगौन एवं बुरहानपुर जिलों में निवासरत सिकलीगरों द्वारा अवैध हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली उच्च क्वालिटी की बैरल, अन्य कलपुर्जे एवं रॉ मटेरियल अन्य राज्यों से लगातार मंगाया जाकर भारी मात्रा में अवैध हथियारों का निर्माण एवं विक्रय किया जा रहा है। उक्त जानकारी ज्ञात होने पर मार्च, 2024 में भी एटीएस, मध्यप्रदेश द्वारा अवैध हथियार कारोबारियों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए खरगौन की अवैध आर्म्स फैक्ट्री पर दबिश देकर अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े सिकलीगर समुदाय के 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर 800 से अधिक उच्च क्वालिटी की बैरल एवं अन्य सामग्री खरगौन एवं सूरत (गुजरात) से जप्त कर अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया गया था। मध्यप्रदेश एटीएस द्वारा की गई उक्त कार्यवाही के उपरांत प्रदेश में बाहरी राज्यों से बैरल एवं रॉ मटेरियल की सप्लाई में बाधा उत्पन्न हुई है तथा प्रदेश में अवैध हथियार निर्माण के कारोबार में कमी परिलक्षित हुई है। एटीएस मध्यप्रदेश द्वारा अवैध हथियार कारोबार से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों पर लगातार निगाह रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे अंतर्राज्यीय आतंकी/उग्रवादी संगठन तथा गिरोह, जो इन अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर किसी आतंकी एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधि को कारित कर सकते हैं, उन पर भी एटीएस, मध्यप्रदेश द्वारा सतत् प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इस वर्ष 22 अवैध हथियार निर्माण कारखाने किए नेस्तनाबूद मध्यप्रदेश पुलिस, अवैध हथियार कारोबार से जुड़े लोगों पर लगातार कार्यवाही कर प्रदेश में अवैध हथियारों के अन्तर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के धार, बड़वानी, खरगौन एवं बुरहानपुर जिलों के सिकलीगरों के अवैध हथियारों बनाने वाले सक्रिय डेरों में मध्य प्रदेश पुलिस के द्वारा लगातार ऑपरेशन प्रहार चलाया जा रहा है। इस वर्ष जनवरी से अभी तक इन जिलों में 22 अवैध हथियार निर्माण के कारखानों को नेस्तनाबूद किया गया है और भारी मात्रा में अवैध शस्त्र निर्माण सामग्री एवं उपकरण जैसे कनास, ग्राइंडर आदि जब्त किए हैं। इसी के साथ इन जिलों में 498 अवैध पिस्टल एवं कट्टे, 98 कारतूस बरामद कर 72 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।  

अनूपपुर पुलिस ने नाबालिग को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार किया

अनूपपुर 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के परिजनो द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि रात्रि में अचानक बालिका घर से बिना बताये चली गई है,  जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 419/24 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की गई।          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देशन में कोतवाली पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा घटना दिनांक को अनूपपुर नगर के सी.सी.टी.वी. फुटेज एवं मोबाईल काल डिटेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर उक्त बालिका को दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश के सिलवासा से दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नाबालिग बालिका की मोबाईल पर खेले जाने वाले आनलाईन फ्री फायर गेम एवं सोशल मीडिया इन्स्टांग्राम में नैनेश्वर हीरे (21 वर्ष) निवासी गोरेगांव मुम्बई (महाराष्ट्र) से परिचय होने के बाद दोस्ती हो गई जिसने नाबालिग बालिका को शादी करने का बहकावा देकर ट्रेन से कल्याण स्टेशन बुलवा लिया एवं गोरेगांव मुम्बई में अपने घर में रुकवाकर शादी का झांसा देकर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म किया। नाबालिग बालिका को अपने घर में ठहराने में आरोपी नैनेश्वर हीरे के पिता महेन्द्र हीरे ने भी सहयोग किया और पुलिस के पकड़े जाने के डर से नैनेश्वर हीरे ने उक्त नाबालिग बालिका को गोरेगांव मुम्बई, महाराष्ट्र से दमन एवं दीव केन्द्र शासित प्रदेश में सिलवासा में अपने परिचित राजू पवार के घर पर रुकवा दिया जो पुलिस द्वारा प्रकरण में धारा 64 (1), 64 (2) (एम),65(1) ,142,87,96,3(5) भारतीय न्याय संहिता 3,4,5 (एल),  6 पाक्सो एक्ट जोड़ा जाकर उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली अनूपपुर लाया जाकर माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा तत्परता पूर्वक नाबालिग बालिका की पता साजी कर दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपे जाने के लिए टी. आई. कोतवाली अरविन्द जैन, उपनिरीक्षक सरित लकड़ा, सहायक, उपनिरीक्षक आर एन तिवारी, आरक्षक मोहन जामरा एवं महिला आरक्षक कविता विकल को पुरूष्कृत किये जाने की घोषणा की गई है।  गिरफ्तार आरोपियो के नाम 1. नैनेश्वर हीरे पिता महेन्द्र हीरे उम्र 21 सात निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र 2. महेन्द्र हीरे पिता देवीदास हीरे उम्र 52 साल निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र 3. राजू पंवार पिता गोकुल पंवार उम्र करीब 40 साल निवासी सिलवासा दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश  पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है कि माता पिता एवं पालको को चाहिए कि वह नाबालिग बालक एवं बालिकाओ को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम, वाटसअप एवं विभिन्न आनलाईन इंटरनेट आधारित गेम के उपयोग के दौरान आवश्यक रूप से निगरानी रखे जिससे कि नाबालिग बालक बालिकाओं को इस प्रकार के अपराधों का शिकार होने से बचाया जा सके।

दुष्कर्म मामले में समझौते से इनकार पर दादा-चाचा को मारी गोली, पहाड़ी पर म्मिला आरोपी का शव

छतरपुर छतरपुर में सोमवार को दुष्कर्म पीड़िता समेत उसके परिवार के तीन लोगों को गोली मारने वाला आरोपी आज एक पहाड़ी पर मृत अवस्था में मिला। जानकारी मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस सहित एसपी अगम जैन मौके पर पहुंचे हैं। राजीनामा करने का दबाव बना रहा था आरोपी बता दें कि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात भोला अहिरवार गांव पहुंचा था। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे अवैध ह​थियार लेकर पीड़ित लड़की के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। वो केस में राजीनामे का दबाव बना रहा था, तभी पीड़िता के दादा (65) ने भोला को रोकने की कोशिश की। इससे भोला का गुस्सा भड़क उठा और उसने दादा के सीने में गोली मार दी, जिससे दादा की मौके पर ही मौत हो गई। घर से भागते समय चाचा को भी गोली मारी इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के पेट में कट्टे से गोली मारी और मौके से भाग निकला। जैसे ही आरोपी घर से बाहर निकला, उसे पीड़िता का चाचा (23) मिल गया। भोला ने उसे भी एक गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। घायलों को परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी, वहीं दूसरे व्यक्ति को इलाज के लिए रेफर किया गया है। नाबालिग लड़की का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। युवक की बाइक छीनकर आरोपी हुआ था फरार हत्या की वारदात के बाद आरोपी रास्ते में एक युवक की बाइक छीनकर फरार हो गया था। अतरार के रहने वाले गोविंद कुशवाहा ने सोमवार शाम को आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि वह छतरपुर से अपने गांव जा रहा था। पीतांबरा मंदिर के पास भोला अहिरवार मिला। उसने मुझे रोककर लिफ्ट मांगी। मैंने मना किया तो आरोपी ने मेरी कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया। आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण मैंने उसे बाइक दे दी। पुलिस पर रिपोर्ट के नाम पर 5000 रुपए लेने का आरोप पीड़िता की छोटी बहन ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को जब हम थाने में रिपोर्ट कराने गए थे, तब एक टीआई मैडम ने रिपोर्ट लिखने के नाम पर हमसे 10 हजार रुपए मांगे। मुझे बुलाकर कहा कि हम फ्री में काम नहीं करेंगे। इसके बाद मैडम ने सिविल ड्रेसे में एक पुलिसवाले को भेजा। उसे मैंने अपने हाथों से 5 हजार रुपए दिए थे। फिर पुलिस वाले घर पर भी पैसे मांगने के लिए आए थे। वे कह रहे थे कि 70 हजार रुपए दो और अपराधी का पता बताओ, नहीं तो रिपोर्ट वापस ले लो। हम राजीनामा करवा देंगे। उस समय पुलिस कार्रवाई करती तो ये घटना नहीं होती।  

प्रतापगढ़ : खेत में बेहोश मिली नाबालिग लड़की, गले में दुपट्टे से लगाया गया था फंदा

यूपी : देवरिया में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए छेड़छाड़ के दो आरोपी मुजफ्फरनगर में पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ शातिर बदमाश, लूट चोरी के कई मुकदमे थे दर्ज प्रतापगढ़ : खेत में बेहोश मिली नाबालिग लड़की, गले में दुपट्टे से लगाया गया था फंदा देवरिया/प्रतापगढ़/मुजफ्फरनगर देवरिया में दो स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पैर में गोली लगी है। जबकि दो अन्य भागने में कामयाब रहे। पूरे मामले को लेकर एसएसपी देवरिया दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया, “4 अक्टूबर को तरकुलवा थाना क्षेत्र में स्कूली छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटना घटित हुई थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। इस संबंध में अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ थाना तरकुलवा में मुकदमा दर्ज कराया गया था और तलाश की जा रही थी।” उन्होंने आगे कहा कि विवेचना के क्रम में इन अभियुक्तों की पहचान की गई। इनके कहीं जाने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद हमारी टीमें सक्रिय हुईं, जब इनकी घेराबंदी की गई, तो अभियुक्तों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में दो अभियुक्तों के पैरों में गोली लगी है। इनको गिरफ्तार करके सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया है। एसएसपी ने बताया कि अभियुक्त मूल रूप से थाना तरकुलवा क्षेत्र के रहने वाले हैं। जिनकी पहचान रितिक यादव और धीरज पटेल के रूप में हुई है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी प्रकार के कानून व्यवस्था की कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि मुठभेड़ में घायल आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दरअसल, 4 अक्टूबर को तरकुलवा थानाक्षेत्र के नारायणपुर कस्बे में बाइक सवार चार युवकों ने दिनदहाड़े दो स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ की थी। पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पुलिस मामले की जांच कर रही थी, इसी दौरान आरोपियों के बारे में कुछ इनपुट मिला जिसके आधार पर ही पुलिस ने घेराबंदी की। अभियुक्तों के पास से अवैध असलहा भी प्राप्त हुआ है। पुलिस अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है। मुजफ्फरनगर में पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ शातिर बदमाश, लूट चोरी के कई मुकदमे थे दर्ज उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के थाना मीरापुर क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ हुई। यह दो बदमाश बाइक पर सवार थे। एक बदमाश के पैर में पुलिस की गोली लगी है, जबकि दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार पुलिस गंग नहर पटरी पर चेकिंग कर रही थी। तभी बाइक सवार दो संदिग्ध लोगों को पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने लगे और पुलिस टीम द्वारा उनका पीछा किया गया। इस दौरान उनकी बाइक का संतुलन भी खराब हुआ और इन्होंने पुलिस पर फायरिंग भी की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली मारकर उसको घायल कर दिया है। घायल बदमाश शातिर लुटेरा बताया जा रहा है और उसकी पहचान जुनैद निवासी मेरठ के तौर पर हुई है। इस बदमाश का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। घायल बदमाश को इलाज के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सीओ जानसठ मुजफ्फरनगर यतेंद्र नागर ने बताया, “एसएसपी के आदेश के क्रम में शाम 5 बजे से चेकिंग अभियान था। उसी के क्रम में संभलहेड़ा नहर से जाने वाली नहर पटरी पर चेकिंग की जा रही थी। दो संदिग्ध व्यक्ति एक मोटरसाइकिल पर आते हुए दिखाई दिए और उनको जब रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने खुद को घिरा पाकर नहर पटरी से अंदर जंगल की तरफ अपनी मोटरसाइकिल दौड़ाई। बाइक असंतुलित होकर गिरने के बाद उन्होंने जान से मारने की नियत से पुलिस पार्टी पर फायर किया। इसके जवाब में पुलिस द्वारा डिफेंस में की गई फायरिंग में एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है जिसको तत्काल उपचार के लिए सीएचसी भेज दिया गया है।” उन्होंने आगे बताया, “गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जुनैद है जो इस्लाम नगर थाना लिसाड़ी गेट मेरठ का रहने वाला है और इस पर 16 मुकदमे अभी तक ज्ञात हुए हैं। पूछताछ पर यह भी बात प्रकाश में आई है कि इसके द्वारा थाना बहसूमा से आज ही यह मोटरसाइकिल चोरी की गई है जो इससे बरामद की गई है। थाना मीरापुर पर एक मोबाइल स्नेचिंग मामले में भी यह आरोपी है। इसकी तलाशी में वह मोबाइल बरामद किया गया है। इसके अलावा इसके पास से एक तमंचा 315 बोर, जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद हुई है। अन्य थाना से भी इसके आपराधिक इतिहास की जानकारी कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।” घायल बदमाश जुनैद के खिलाफ लूट चोरी के मुकदमे कई थानों में दर्ज होने बताए जा रहे हैं। प्रतापगढ़ : खेत में बेहोश मिली नाबालिग लड़की, गले में दुपट्टे से लगाया गया था फंदा  प्रतापगढ़ में लीलापुर थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की खेतों में बेहोश स्थिति में मिली, जिसके गले में दुपट्टे से फंदा लगाया गया था और उसकी नाक से खून बह रहा था। माना जा रहा है कि दबंगों द्वारा इस नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया। 16 साल की लड़की का हाथ रस्सी से बांधने के बाद उसके गले में दुपट्टा कसकर उसकी हत्या की कोशिश की गई। एसपी अनिल कुमार ने इस मामले में जल्द खुलासे का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, यह लड़की खेत में बेहोशी की हालत में जब ग्रामीणों को मिली तो उसको तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया है। लड़की की नाक से खून निकल रहा है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना पर रात में ही एसपी अनिल कुमार मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। उनका कहना है कि तहरीर मिलने पर और जांच पड़ताल के बाद कार्यवाही की जाएगी। एसपी ने कहा, “यह मामला थाना लीलापुर गांव है। सूचना के अनुसार बच्ची के गले में दुप्पटे से फंदा लगाया हुआ था। इसके बाद लड़की … Read more

भिंड में 12 दिन पहले हुई महिला की हत्या में पुलिस को बड़ी कामयाबी, पति ही हत्यारा निकला

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड में 12 दिन पहले हुई महिला की हत्या के मामले में पति ही हत्यारा निकला है। दरअसल मामला देहात थाना अंतर्गत ग्राम सिमराव का है,जहां पर 25 सितंबर को फरियादी उदयभान सिंह तोमर निवासी ग्राम सिमराव ने थाना देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी सोनी राजावत बिना बताए कहीं चली गई हैं। पुलिस द्वारा गंभीरता से मामले को लिया गया मृतका के परिजनों से बात की गई लड़की के परिजनों ने बताया कि लड़की के ससुराल वाले आए दिन लड़की के साथ दहेज के लिए मारपीट और गाली गलौज करते हैं यह मृतका के मायके पक्ष वालों ने पुलिस को पूछताछ में बताया था। तभी पुलिस को संदेह हुआ और मृतक महिला के घर वालों से पूछताछ की गई। जिसमें महिला का शव कुंवारी नदी के किनारे कछार में कीचड़ में मिला। वहीं गले का मंगलसूत्र जो था वह भी झाड़ से छुपा दिया गया था। पुलिस ने मृतका के पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, आरोपियों से अभी पुलिस पूछताछ कर रही है।  

इंदौर में त्योहारी सीजन आते ही ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ी, 33 हजार के चालान कटे

इंदौर इंदौर में त्योहारी सीजन आते ही ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है। फुटपाथ पर लगी दुकानें और शाम को 7 बजे के बाद खरीदारी करने के लिए उमड़ती भीड़ से शहर के कई प्रमुख मार्ग जाम हो रहे हैं। इसी व्यवस्था को सुधारने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह एवं नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने टीमें बनाई हैं। दोनों के निर्देश पर इंदौर में यातायात सुगम बनाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। फुटपाथ खाली करवाए गए इसी क्रम में रविवार को देर रात जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमों के द्वारा कार्रवाई की गई। इसमें झोन क्रमांक 02 में आने वाले मच्छी बाजार, कड़ावघाट इंदौर के (दोनों तरफ) सड़क एवं फुटपाथों पर पार्किंग वाहनों एवं अस्थायी रूप से अतिक्रमण के विरुद्ध चालानी कार्यवाही करते हुए 33 हजार रुपए अर्थदण्ड की वसूली की गई। कार्यवाही के दौरान लोगों को समझाइश दी गई की गाड़ियां अपने परिसर में पार्क करें तथा फुटपाथ खाली रखें। संयुक्त कार्यवाही में एसडीएम राकेश परमार, जोनल अधिकारी विनोद अग्रवाल, रिमूवल प्रभारी राजेंद्र यादव सहित निगम की टीम उपस्थित रही। स्वच्छता के लिए भी समझाइश दी इसी क्रम में जिला प्रशासन की टीम द्वारा बापट चौराहे से ज्ञानसिंग परिहार मार्ग तक यातायात व्यवस्था के लिए भी कार्रवाई की गई। राजस्व, नगर निगम और पुलिस के अमले द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए यातायात बाधित करने वाले वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। इस दौरान स्वच्छता नहीं रखने वाले कुछ दुकानदारों पर भी कार्रवाई करते हुए 15 हजार रुपए की चालानी कार्यवाही की गई। करीब 35 दुकानदारों को चेतावनी दी गई और क्षेत्र में यातायात सुगमता के लिए नो पार्किंग जोन व रोड किनारे वाहन पार्किंग नहीं करने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। कार्रवाई में संयुक्त कलेक्टर रोशनी वर्धमान, एसीपी यातायात, एएसआई ट्रैफिक पुलिस स्टाफ, जोनल अधिकारी व अन्य स्टाफ मौजूद थे। 

जिले में महिलाओं एवं बच्चियों के सषक्तिकरण हेतु विषेष जागरूकता अभियान ’’मैं हूं अभिमन्यु’’ संचालित किये जाने हेतु बैठक संपन्न

अनूपपुर     महिलाओं एवं बच्चियों के प्रति समाज में सकारात्मक अलख जगाने व इस हेतु समाज को जागरूक करने के लिये पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेष में जिला स्तर पर दिनांक 03 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक एक विषेष जागरूकता अभियान ’’मैं हूॅं अभिमन्यु’’ प्रारम्भ किया गया है । इस अभियान के अंतर्गत जिलों के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा । ’’मैं हूॅं अभिमन्यू’’ अभियान का उद्देष्य     ’’मैं हूॅं अभिमन्यु’’ अभियान का मुख्य उद्देष्य महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर नियंत्रण करना, लड़के/लड़कियों को समाज में समान अवसर प्रदान करना, समाज के हर स्तर पर व्याप्त लिंगभेद को समाप्त करना, बाल्यकाल से ही पुरूषों में लैंगिक समानता एवं एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना, षिक्षा के माध्यम से विभिन्न अपराधों की जानकारी देकर उनके दुष्परिणामों से अवगत कराना एवं आज के पुरूष को सभ्य समाज के निर्माण हेतु उनको संवेदनषील बनाकर रूढ़िवादी धारणाओं एवं पूर्वाग्रहों के चक्रव्यूह को तोड़ते हुए महिलाओं के विकास व सह-अस्तित्व का सहभागी बनाना है । आज दिनांक 04 अक्टूबर 2024 को पुलिस मुख्यालय के निर्देषानुसार सुश्री सविता सोहाने, पुलिस उप महानिरीक्षक, शहडोल रेंज, श्रीमती किरणलता केरकेट्टा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल के द्वारा सोन सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर अनूपपुर में ’’मैं हूॅं अभिमन्यु’’ अभियान का शुभारम्भ किये जाने हेतु बैठक ली गई । बैठक में उपस्थित महिला अधिकारियों/कर्मचारियों को अभियान के उद्देष्य से अवगत कराते हुए उक्त अभियान के अंतर्गत दिनांक 03.10.24 से 12.10.24 तक जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये के संबन्ध में बताया गया । अभियान के अंतर्गत जिले के मुख्य संस्थानों में मैराथन दौड़, ’’मैं हूॅं अभिमन्यु’’ अभियान के संबन्ध में तैयार किये गये पोस्टर्स, नुक्कड़ नाटक की स्क्रिप्ट, प्रष्नावली एवं जागरूकता हेतु लघु फिल्म दिखाकर जागरूकता कार्यक्रम जिले में संचालित किये जाने के संबन्ध में बताया गया ।     अभियान के शुभारम्भ अवसर पर सुश्री सविता सोहाने, शहडोल रेंज शहडोल, श्रीमती किरणलता केरकेट्टा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा), भोपाल, श्री मोती उर रहमान, पुलिस अधीक्षक, जिला अनूपपुर, श्री इसरार मन्सूरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर, श्री सुमित केरकेट्टा, एस.डी.ओ.(पुलिस) अनूपपुर, महिला थाना प्रभारी उनि वीरेन्द्र तिवारी, जिले की महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी एवं महिला बाल विकास विभाग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, सहायिका, उपस्थित रहीं ।

किरण करकेट्टा ने “मैं भी हूं अभिमन्यु” अभियान का शुभारंभ किया, पूरे जिले में आगामी 9 अक्टूबर तक जारी रहेगा

शहडोल  मध्य प्रदेश की शहडोल पुलिस द्वारा महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसका शुभारंभ शहडोल रेंज डीआईजी सविता सुहाने और एआईजी पुलिस मुख्यालय भोपाल किरण करकेट्टा द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में “मैं भी हूं अभिमन्यु” अभियान का शुभारंभ किया गया जोकि पूरे जिले में आगामी 9 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों में लैंगिक समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना है। अभियान का उद्देश्य इसके अलावा, इसका उद्देश्य महिलाओं के प्रति विशेष सम्मान, महिला अपराधों के प्रति संवेदनशील बनाना, शिक्षा के माध्यम से विभिन्न अपराधों की जानकारी देना, उनके दुष्परिणाम से अवगत कराना, समय-समय पर बच्चों को क्रियाकलापों का आकलन करना, दुष्परिणाम से अवगत कराना, प्रारंभिक अवस्था में प्रत्येक महिला के प्रति सम्मान और आदर की दृष्टिकोण रखते हुए प्रोत्साहित करना, युवा वर्ग को महिला अधिकारियों के प्रति अवगत करना, महिलाओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता, वर्तमान में तकनीक के माध्यम से समाज में अश्लीलता को दूर करना है। इन लोगों की सहभागिता इस अभियान को स्कूल, कॉलेज के छात्र-शिक्षक, झुग्गी बस्ती, मजदूर वर्ग, कंडक्टर/ड्राइवर, सरकारी संस्थाएं के लिए लक्षित किया गया है। साथ ही, वाद-विवाद प्रतियोगिता, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, स्लोगन, समूह चर्चा, लघु फिल्म का प्रदर्शन और मैराथन दौड़ का आयोजन भी किया जाएगा। इसके तहत, प्रतिभागियों को टी-शर्ट वितरित किया जाएगा। बता दें कि इस अभियान में स्कूल और शिक्षा विभाग, खेल और युवा कल्याण विभाग, संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास परिवहन विभाग, महिला और बाल विकास विभाग सहित एनजीओ शामिल है।

आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही

इंदौर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। इसमें गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की सहायता ली जाएगी। आयुक्त राकेश गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़े निकलवाए हैं। इनके आधार पर इंटेलिजेंस से आत्महत्या करने वालों की उम्र, स्थान, कारण का विश्लेषण करवाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमित सिंह के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। देशभर के छात्र-छात्राएं कालेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने आते हैं। कई बार पढ़ाई और स्वजन के दबाव में भी बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। पिछली घटनाओं में देखा गया कि कई लोगों ने आत्महत्या के पूर्व गूगल सर्च इंजन से जानकारी जुटाई थी। लिहाजा गूगल से करार किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति तनाव, आत्महत्या की मंशा व्यक्त करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और उससे जुड़े फोटो-वीडियो सर्च करेगा, गूगल तुरंत पुलिस को खबर करेगा। साइबर एक्सपर्ट मोबाइल नंबर और फोन के आधार पर उस व्यक्ति तक पहुंच सकेंगे। एडी. सीपी के मुताबिक, पुलिस मनोचिकित्सकों और काउंसलर से भी संपर्क में रहेगी। डॉक्टर से ऐसे लोगों का ब्योरा साझा करेगी, जो लगातार अवसाद में चल रहे हैं, उनके अंदर बार-बार आत्महत्या का भाव आता है। ऐसे लोगों को स्वजन और काउंसलर की मदद से समझाया जाएगा। अकेला छोड़ने पर हुईं घटनाएं एडी. सीपी अमित सिंह के मुताबिक, पिछली कुछ घटनाओं में देखा गया कि अवसाद का उपचार कर रहे कुछ लोगों ने अकेला छोड़ते ही आत्महत्या कर ली। एक युवती का उपचार कर रहे डॉक्टर ने दवाओं के साथ-साथ अकेला न छोड़ने के बारे में भी लिखा था। खरगोन के एक एएसआई ने भी अकेले में आत्महत्या कर ली थी। जबकि वह आत्महत्या के एक मामले की जांच करने गया था। ऐसे में डॉक्टर से अवसाद के मरीजों का डेटा लेकर काउंसलिंग की जाएगी। मेटा से मिलता है साइबर सेल को अलर्ट मेटा (फेसबुक) से पुलिस को अलर्ट मिलता है। जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में मैसेज, फोटो और वीडियो साझा करता है तो मेटा साइबर सेल को अलर्ट कर देता है। पुलिस अब गूगल की सहायता लेकर घटनाएं रोकेगी।

छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेता पर 5 करोड़ की ठगी का आरोप, 16 लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज

छिंदवाड़ा  फिल्मों में पैसा इन्वेस्ट करने वाली कंपनी में पैसा डबल करने का झांसा देकर कांग्रेस नेता ने 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। फिलहाल 16 लोगों की शिकायत पर 23 लाख रुपए की धोखाधड़ी को शामिल किया गया है। मामले की जांच जारी है। एसपी को सौंपी थी जांच गौरतलब है कि सितंबर 2023 में 5 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया था। 574 लोगों ने सिंगापुर की जोयटरोप कंपनी का काम करने वाले खैरीभुताई निवासी परेश सक्सेना के खिलाफ शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। 16 लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज इस मामले में एक साल बाद 30 सितंबर 2024 को धरमटेकड़ी चौकी पुलिस ने 23 लाख 20 हजार 120 रुपए की ठगी का शिकार हुए 16 लोगों की शिकायत पर परेश सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया है। बताया जाता है कि जांच के बाद अन्य पीड़ितों की शिकायत और ठगी की रकम को भी जोड़ा जाएगा। यह था मामला पीड़ितों का आरोप है कि सिंगापुर की जिस जोयटरोप कंपनी में पैसा डबल करने का झांसा दिया गया था, आरोपी उस कंपनी में खुद को टीम लीडर बताता था। कंपनी के डायरेक्टर से सीधे संपर्क होने का झांसा देकर यह रकम ठगी गई थी। फेसबुक, यूट्यूब में इसके चैनल होने और फिल्मों में फायनेंस करने का भी झांसा दिया गया था। सरपंच, पूर्व सरपंच और नेताओं समेत 574 लोगों का लगा पैसा ऑनलाइन एप में ग्राम खैरी भुताई, चन्हिया कला, चन्हिया खुर्द, बोहनाखैरी, सारना, पांजरा, बनगांव, जमुनिया, पिपरिया बीरसा, माचागोरा, चांद, चौरई और छिंदवाड़ा के कुल 574 लोगों के एप में रुपए लगे थे। इनमें दो दर्जन से ज्यादा पूर्व सरपंच और सरपंच शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा व कांग्रेस से जुड़े नेताओं की बड़ी रकम भी एप में दोगुनी करने के लिए लगाई गई थी। सरपंचों व नेताओं का 1 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक का दांव लगा था। ठगी का शिकार हुए लोगों में प्रदेश के अन्य शहरों के लोग भी शामिल हैं।

ऑनलाइन गेम में सेल्समैन ने लगाया पैसा, तो ‘कंगाल’ हो गया सुनार! पुलिस ने किया खुलासा

  छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले में ज्वेलरी शोरूम में काम करने वाले एक सेल्समैन को ऑनलाइन गेम की लत इस कदर लगी कि उसने शोरूम से सात लाख के जेवर चुरा लिए. इसके बाद उसे गिरवी रखकर उससे ऑनलाइन गेम खेला. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है. पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने पहले भी शोरूम से जेवर चुराए थे. आरोपी सेल्समैन प्रदीप डोंगरे 26 सितंबर की देर रात तक कामठी वाले गोल्ड शोरूम से घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी ने कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इस मामले में पुलिस ने जब शोरूम संचालक से पूछताछ की तो पता चला कि आज सेल्समैन प्रदीप डोंगरे शोरूम नहीं आया था. इसके बाद जब पुलिस ने और छानबीन करते हुए प्रदीप डोंगरे के जिम्मे रहने वाली ज्वेलरी की काउंटिंग करवाई तो इसमें सोने के कड़े, सिक्के, पेंडेंट कम पाए गए. इसके बाद पुलिस ने साइबर टीम की मदद से आरोपी की लोकेशन तलाशी और 30 सितंबर को भारता देव पार्क से उसे पकड़ा. आरोपी ने युवक ने पूछताछ में कुबूल किया कि ऑनलाइन गेम की वजह से उसने शोरूम से जेवर चुराए और निजी लोन कंपनी में गिरवी रखकर गेम खेला. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पूरा सामान जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. क्या है पूरा मामला? पुलिस के मुताबिक, युवक को पिछले डेढ़ महीने से ऑनलाइन गेमिंग की लत लगी थी. लत लगने के कुछ दिन बाद जब उसे छोटा-मोटा फायदा हुआ, तो उसने ज्यादा कमाई के चक्कर में शोरूम से ज्वेलरी चुराई और उसे गिरवी रखकर पैसे उठाए. इसके बाद फिर फायदा होने पर गिरवी रखी ज्वेलरी छुड़वा भी ली, लेकिन इसके बाद फिर वह ऑनलाइन गेम की लत में पैसे गंवाने लगा, तब वह शोरूम से चोरी करके ज्वेलरी गिरवी रखने लगा. पुलिस अधीक्षक एसपी मनीष खत्री ने बताया, आरोपी के पास से पांच सोने के कड़े, दो सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, एक सोने का पेंडेंट, एक सोने का सिक्का जब्त किया गया.

6 नाबालिगों को दिल्ली से लेकर आई डिण्डौरी पुलिस, बेनकाब की मिस्ट्री तो हुआ बड़ा खुलासा

 डिंडोरी  डिंडोरी जिले से अपनेजीवन यापन के लिए महिला पुरुष और नाबालिक बच्चे भी काम की तलाश में अपने जिले से अन्य बड़े महानगरों और शहरों में दो वक्त की रोटी की तलाश में बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे है। चुकी जिले में कोई भी न फेक्ट्री है ना ही कोई ऐसा कारोबार जिससे जिले के अंचलों से ग्रामीण जिले में ही रहकर और अपने व अपने परिवार का पालन पोषण और जरूरतों को पूरा कर सके जिसके चलते उन्हें जिले से बाहर पलायन करना पड़ रहा है।इनमें ज्यादातर ऐसे नाबालिक बालक बालिका भी शामिल हैं जिन्हे अपनी जरूरत अनुसार सुविधा,व्यवस्था और आमदनी जिले में नही मिल पा रही है या उनके परिजन इतने सक्षम नहीं है। यही वजह है की कई बार काम की तलाश में जिले से बाहर पलायन कर चुके लोग किसी बड़ी समस्या घटना,दुर्घटना या साजिश का शिकार हो जाते हैं। ताजा मामला डिंडोरी जिला के अमरपुर चौकी क्षेत्र का सामने आया है जहां जिला मुख्यालय के पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ सिंह मरकाम ने पत्रकारों को जानकारी दी है की बालिका का अपहरण का केस दर्ज था उसी मामले में आरोपी और अपहरण की गई बालिका की दस्तयाबी के लिए एसपी वाहनी सिंह ने अमरपुर चौकी प्रभारी अतुल हरदहा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पुलिस को सूचना मिली की बालिका दिल्ली में है जिसे दस्तयाब करने अमरपुर पुलिस टीम दिल्ली रवाना होती है उनके साथ एनजीओ टीम जन साहस भी शामिल रही। इसी दौरान दिल्ली में अमरपुर पुलिस को जानकारी मिलती है की डिंडोरी और मंडला जिले की ऐसी 6 नाबालिक बच्चियां और है जिन्हे घर वापस आने में समस्या आ रही है। लोकेशन की जानकारी लगते ही अमरपुर पुलिस टीम और जन साहस टीम के संयुक्त प्रयास से दिल्ली से 6 नाबालिक बच्चियों को लोकेशन से बरामद किया गया जिसमे 5 बच्चियां अमरपुर चौकी क्षेत्र की ओर 1 बच्ची मंडला जिले की बताई गई। सभी नाबालिक बच्चियों को लेकर अमरपुर पुलिस टीम सकुशल डिंडोरी वापस लौटी जहा उनके परिजनों को सूचित कर डिंडोरी पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर बच्चियों को उन्हें सौपा गया। इस दौरान दिल्ली से सफलता हासिल करने पर अमरपुर पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की एसपी डिंडोरी ने घोषणा की है।

मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई, यमराज को भी दिखया रेड सिग्नल!

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस वाले कानून व्यवस्था को संभालने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में कई घटनाओं में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई है। फिर चाहे वो किसी विधायक को हार्ट अटैक आने पर CPR देना हो, या सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग की जान बचाना हो, एमपी पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की है। यहां तक की मौका आने पर उन्होंने सांप तक को सीपीआर देकर नया जीवनदान दिया है। आईए जानते हैं वो बड़ी पांच घटनाएं जहां पुलिस कर्मी देव दूत बनकर यमराज के पास से बचा लाए लोगों की जान विधायक को दिया नया जीवन सितंबर 2024 में राऊ विधानसभा से बीजेपी विधायक मधु वर्मा को हार्ट अटैक आ गया था। उनके पीएसओ अरुण भदौरिया ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए उन्हें CPR दिया और अस्पताल पहुंचाया। समय पर मदद मिलने की वजह से उनकी जान बच गई। इसके बाद लोगों ने अरुण भदौरिया की जमकर तारीफ की। सीएम मोहन ने भी उन्हे सराहा। चलती एक्टिवा पर बच्ची के पापा को आ गया था अटैक अगस्त 2024 में इंदौर में भी ऐसी ही एक घटना घटी। एक शख्स को चलती एक्टिवा पर अटैक आ गया। उनकी 14 साल की बेटी ने लोगों से मदद की गुहार लगाई। तभी वहां से गुजर रहे एक कॉन्स्टेबल ने युवक को CPR देकर उसकी जान बचाई। पुलिस वाले अंकल ने साहस के साथ बच्ची के पापा को नया जीवन दिया। आरपीएफ जवान नहीं होता तो हो जाती अनहोनी नवंबर 2023 में जबलपुर में विधानसभा चुनाव के दौरान एक मतदान कर्मी को दिल का दौरा पड़ गया। आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उसे CPR दिया और उसकी जान बचाई। यदि आरपीएफ के जवान समय पर मदद के लिए नहीं आते तो शायद बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई लेडी सूबेदार साल 2022 में ग्वालियर में एक महिला ट्रैफिक सूबेदार ने सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग को CPR देकर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद सूबेदार सोनम पाराशर ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती भी करवाया था। सांप को सीपीआर देकर दिया जीवन दान अक्टूबर 2023 में नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद कस्बे में पुलिस कांस्टेबल अतुल शर्मा ने एक सांप को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। सांप पाइप लाइन में फंसकर बेहोश हो गया था। अतुल शर्मा 2008 से काम कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। काबिले तारीफ है ये जज्बा इसे लेकर एक प्रशंसक ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि ज़रूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। पुलिसकर्मियों का यह जज़्बा काबिले तारीफ है।

दुल्हन के परिवार को धमकी मिली कि बारात आई ताे दूल्हा नहीं बचेगा, फिर पुलिस ने संभला मोर्चा

मुरैना  शहर में हुई एक शादी के माहौल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को दुल्हन का प्रेमी बताते हुए धमकी दे डाली, कि बारात आई तो दूल्हा जिंदा नहीं बचेगा। इसके बाद हुआ यह, कि पुलिस सुरक्षा के बीच पूरी शादी हुई। यह हैरत अंगेज घटनाक्रम सोमवार-मंगलवार की रात का है। मिली जानकारी के अनुसार दत्तपुरा क्षेत्र की एक युवती की शादी कैलारस के युवक से होने वाली थी। शादी का समारोह माधौपुरा की पुलिया के पास स्थित एक आलीशान मैरिज गार्डन में था। रात 10 बजे के करीब बारात आनी थी, इसी दौरान दुल्हन व उसके परिवार को धमकी मिली कि बारात आई ताे दूल्हा नहीं बचेगा। धमकी देने वाले ने खुद काे दुल्हन का प्रेमी बताया। दुल्हन के डरे-सहमे परिवार ने तत्काल सूचना कोतवाली थाने में दी। इसके बाद पुलिस के छह जवान दूल्हे व दुल्हन की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए। घोड़ी पर बैठकर जब दूल्हे की बारात निकली तब पुलिसकर्मी दूल्हे के पास ही तैनात रहे। थाने में शिकायत दर्ज नहीं, मनचले की तलाश शुरू जब मंडप में फेरे और शादी के बाद विदाई हुई तब भी पुलिसकर्मी दूल्हा-दुल्हन की सुरक्षा में तैनात रहे। शादी में किसी भी तरह का व्यवधान पैदा नहीं हुआ। दुल्हन के स्वजन ने इस संबंध में थाने में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, लेकिन पुलिस धमकी देने वाले मनचले की तलाश में जुट गई है।

जल्द MP पुलिस दो दर्जन बम-शूट खरीदेगी, 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अपने सुरक्षा दस्ते को और मजबूत करने जा रही है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी है। उज्जैन की सड़कों को चौड़ी करने और संवारने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के बजट में 500 करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं सुरक्षा चाकचौबंद रखने के लिए दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय खरीद रहा है। एक बम-शूट की वर्तमान कीमत करीब 18 लाख बताई जा रही है। खरीदी का आर्डर देने से पहले शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय में इंटेलीजेंस यूनिट ने बम शूट को पहनाकर बम डिस्पोजल दस्ते से ट्रायल किया है। आने वाले महीनों में सभी दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय को डिलीवर कर दिए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय की इंटेलीजेंस यूनिट वर्ष 2016 में उज्जैन में हुए सिंहस्थ के लिए 17 बम शूट खरीदे थे। उनके अलावा दो दर्जन फिर से खरीदे जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ने बूम-शूट बनाने वाली कंपनियों से ट्रायल करने के बाद खरीदी को अंतिम रूप देने जा रहा है। जिस कंपनी से पुलिस मुख्यालय खरीदी करने जा रहा है, वह सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के बम डिस्पोजल दस्ते को बम-शूट की सप्लाई कर चुकी है। पीएम की सुरक्षा में एनएसजी कमांडो यही शूट पहनते हैं पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री और अति वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कमांडो यही बम-शूट पहनते हैं, जिसकी खरीदी पुलिस मुख्यालय करने जा रहा है। करीब 50 किलोग्राम वजनी बम-शूट में जहरीली गैस रोकने से लेकर हर उच्च तकनीक से लैस है। बम-शूट में हेलमेट के ऊपर पंखा, कैमरा, ऑक्सीजन, पाईप लगी है। यह बम-शूट पुलिस के वॉकी-टॉकी से भी कनेक्ट रहेगा, जिससे बिना हाथ का इस्तेमाल किए बम-शूट पहनने वाले सुरक्षा दस्ते पुलिस अधिकारियों से संपर्क में रहें। कितना विस्फोटक कर सकते हैं डिफ्यूट पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय जिस बम-शूट की खरीदी करने जा रहा है, वह लगभग 5 से 10 किलोग्राम आरडीएम्स को डिफ्यूट करने की दृष्टि से बनाया गया है। इस बम-शूट को पहनकर सुरक्षा बल पांच से दस किलोग्राम आरडीएक्स को डिफ्यूज कर सकते हैं।

इटावा में 3 कैदियों ने मिलकर पुलिस को दिया चकमा, चलती ट्रेन से हथकड़ी समेत कूदकर हुए फरार

इटावा जनपद इटावा के इकदिल रेलवे स्टेशन के पास से चलती हुई ट्रेन से कूदकर तीन शातिर बदमाश भाग गए. इनको महाराष्ट्र पुलिसकर्मी रिमांड पर अपने साथ मुंबई ले जा रहे थे. यह घटना सुबह लगभग 5 और 6 बजे के बीच की है, जब इकदिल क्षेत्र के पास गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस रेलगाड़ी वहां से गुजर रही थी, तभी तीसरे डिब्बे में यह शातिर मुल्जिम बैठे हुए थे. उसी समय इनको ले जाने वाले महाराष्ट्र पुलिस के चार जवान झपकी आने पर सो गए. इतने में मौके का फायदा उठाकर फिल्मी स्टाइल में यह तीनों शातिर बदमाश चलती हुई ट्रेन से कूद कर भाग गए. इनके भागने के बाद हड़कंप मच गया. पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना इटावा जीआरपी पुलिस को दी. इटावा पुलिस सक्रिय हो गई और उनकी तलाश में जुट गई है. राजकीय रेलवे पुलिस इटावा के थाना प्रभारी शैलेश निगम के अनुसार गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन से फरार होने के मामले में धारा 224 के तहत तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. यह मुकदमा नालासोपारा थाने के सबइंस्पेक्टर हर्षल की ओर से दर्ज कराया गया है. भागने वाले अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए इटावा पुलिस की टीमें लगाई गई हैं. खोजबीन में लगी टीमें इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि इटावा के इलाके से गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन से तीन अपराधी पुलिस की हिरासत से चकमा देकर भाग गए, इन तीनों के खिलाफ 420,467,468, 445,471 एवं 34 आईपीसी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दायर था. तीनों अपराधी जिनके नाम रिहान, अनीस और कलीम हैं. यह लोग ट्रेन से चकमा देकर भाग गए हैं. जिसके संबंध में जीआरपी में मामला दर्ज किया गया है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टीमें बनाई गई हैं, जिससे इनको गिरफ्तार किया जा सके. उन्होंने कहा कि ये रेलवे का मामला है. जीआरपी में 224 आईपीसी का अभियोग दर्ज किया गया है. अपराधियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं.  

आगरा में 55 पुलिसकर्मी सस्पेंड, सामने आई ये वजह, DCP बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्त

Clean chit to Bhole Baba in SIT report? Officers and organizers responsible

आगरा  उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस कमिश्नरेट में बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिन में 55 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पहले दिन 7 दारोगा समेत 30 पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार और पासपोर्ट वेरिफिकेशन में देरी या पासपोर्ट का सत्यापन करने में लापवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया। दूसरे दिन 25 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी। दो दिन में 55 पुलिसकर्मियों के निलंबन की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। दूसरे दिन निलंबित 23 पुलिसकर्मी पश्चिमी जोन और दो पुलिसकर्मी पूर्वी जोन के हैं। पासपोर्ट और चरित्र प्रमाणपत्र की रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में यह कार्रवाई की गई। डीसीपी ने शुक्रवार को कहा कि अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगरा में डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने 23 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया।वहीं डीसीपी पूर्वी अतुल कुमार शर्मा ने प्रशिक्षु महिला दरोगा सहित दो पुलिस कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की। सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें थीं। इनमें ज्यादातर वे पुलिस कर्मी हैं, जिनकी फीड बैक सेल से रिपोर्ट विपरीत आई थी। कुछ ऐसे भी हैंस जिनके खिलाफ जनता ने सीधे शिकायतें की थीं। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप में कार्रवाई हुई। बीट पुलिस ऑफिसर स्कीम डीसीपी सिटी सूरज राय ने शुक्रवार को बताया कि आगरा में बीट पुलिस ऑफिसर स्कीम लागू है। पहले ही कहा गया था कि पासपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य रिपोर्ट के बदले किसी प्रकार की कोई डिमांड नहीं जाएगी, बल्कि लोगों का पूरी सुविधा के साथ काम किया जाएगा। 16 पुलिसकर्मियों पर फीडबैक के आधार पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही मुकदमे की जांच में लापरवाही बरतने, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता की रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई गई है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने आदेश जारी कर कहा कि पुलिस की छवि को धूमिल कर व जनमानस से लाभ लेने के चलते इन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। दरअसल पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड़ की फीड बैक सेल ने इन पुलिसकर्मियों की पहचान की गई थी, जिसके विरुद्ध कार्रवाई हुई है। जब ये पुलिसकर्मी बीट पुलिस ऑफिसर बनाए गए थे तो इनको आम जनता को लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। उन्हें पासपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य की रिपोर्ट के बदले घूस न लेने की कड़ी चेतावनी दी गई थी, लेकिन फीड बैक में इन पुलिसकर्मियों की विपरीत रिपोर्ट आई। पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप डीसीपी सिटी के आदेश को तत्काल तामील कराने को कहा गया है। पुलिस कर्मियों पर पासपोर्ट रिपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य रिपोर्ट के बदले आम लोगों से लाभ लेने और पुलिस की छवि को धूमिल करने का आरोप है कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं रहेगी,जांच के बाद दंड भी मिलेगा। चरित्र पंजिका में एंट्री होगी। खास बात यह है कि कार्रवाई किसी बड़ी रिश्वत में नहीं बल्कि अधिकतर मामलों में पासपोर्ट और चरित्र प्रमाण पत्रों के वेरीफिकेशन में हज़ार दो हज़ार के लेनदेन में हुई है।

संसद की सुरक्षा में भारी चूक : दो घटनाएं, 4 गिरफ्तार, लोकसभा में धुआं ही धुआं.

Serious lapses in Parliament security: Two incidents, 4 arrested, chaos in the Lok Sabha दिल्ली: संसद पर हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद पड़े और पीली गैस का स्प्रे करने लगे. इसके बाद इनमें से एक शख्स लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगा. इन आरोपियों के सदन में कूदने के बाद वहां मौजूद सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सदन के अंदर ही पकड़ लिया. इस घटना को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि घटना की जांच हो रही है. दोनों आरोपी पकड़े गए हैं और इनके पास से सभी तरह की सामग्री को जब्त कर लिया गया है. वहीं, संसद के बाहर नारेबाजी कर रही एक महिला और शख्स को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, बाद में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दर्शक दीर्घा अगले आदेश तक के लिए बंद इस घटना के बाद दर्शक दीर्घा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. दरअसल, दोनों युवकों ने दर्शक दीर्घा के जरिए ही घटना को अंजाम दिया. दो गुट में आए थे आरोपी बता दें कि आरोपी शख्स ने सदन के अंदर फ्लोरोसेंट गैस का छिड़काव भी किया. खास बात ये है कि हमला करने वाले लोग दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे. एक ग्रुप संसद के अंदर गया जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुका रहा. दिल्ली पुलिस ने बाहर मौजूद आरोपियों को पकड़ा लिया है जबकि अंदर घुसे शख्स को संसद भवन के अंदर ही पकड़ लिया गया है. संसद के अंदर जो 2 लोग पकड़े हैं ,उनमें एक नाम सागर शर्मा है और दूसरे का नाम मनोरंजन डी है. ये दोनों कर्नाटक के हैं. बीजेपी सांसद ने कही ये बात बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अचानक दो लड़के विजिटर्स गैलरी से नीचे कूद गए, उन्होंने पीले रंग की गैस भी छोड़ी. यह सिक्योरिटी लैप्स का मामला है. लोकसभा की सिक्योरिटी ब्रीच हुई है. हालांकि सांसदों ने तुरंत उन लड़कों को पकड़ लिया. “20 साल के थे दो युवक” वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में टिन के डिब्बे थे, जिनसे पीला धुआं निकल रहा था. उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने नारे लगाए. यह धुआं जहरीला हो सकता था.संसद हमले की बरसी के दिन यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है !

पुलिस आरक्षक का मंदिर में रिश्वत लेने का विडियो वायरल

The viral video depicts a police constable accepting a bribe inside a temple. कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी के न्यायालय परिसर में एक आरक्षक का खुलेआम रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस वर्दी में एक आरक्षक कुछ युवकों से रुपए लेते दिख रहा है। इस दौरान किसी ने यह पूरा वाक्या मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। हालांकि सहारा समाचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत लेने वाला आरक्षक कुठला थाने में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि आरक्षक काफी समय से कुठला थाने से चालानी पेपर लेकर न्यायालय में आ रहा हैं। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि न्यायालय परिसर में आरक्षक युवकों से किस बात के रुपए ले रहा है। इधर वीडियो सामने आने के बाद इस वायरल वीडियो की जांच की भी पुलिस के द्वारा बात की जा रही है। अगर इसमें अवैध तरिके से आरक्षण पैसा लेते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जा सकती है। फिलहाल आरक्षक का पैसे लेते वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

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