वायनाड, अमेठी या रायबरेली…, राहुल गांधी की केरल यात्रा से पहले राजनीति गर्म
politics heats up before Rahul Gandhi’s visit to Kerala
politics heats up before Rahul Gandhi’s visit to Kerala
Veerappa Moily demands from the party to make Rahul Gandhi the Leader of Opposition
Akhilesh said to Ujjwal Raman Singh on winning Allahabad parliamentary seat
Modi-Yogi magic failed in UP, ‘Kamal’ could not even get 10 votes at these booths लोकसभा चुनाव में इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र की अगर कैंट विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को गठबंधन से सपा प्रत्याशी के समक्ष हार का सामना करना पड़ा है। बात किठौर विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा मात्र 2180 मतों से हार गई थी। मेरठ। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली किठौर विधानसभा क्षेत्र राजनीति चर्चाओं में हमेशा रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा यहां 16,737 मतों से गठबंधन से सपा के प्रत्याशी से पीछे रही। जबकि अभी दो साल पहले 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां सपा प्रत्याशी से भाजपा बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 2,180 मतों से हार गई थी। अब मात्र दो साल में ही भाजपा ने यहां करीब 14 हजार मत गवाएं हैं। भाजपा प्रत्याशी को 16737 मत मिले है। कई बूथों पर भाजपा को 10 से भी कम मत मिलेलोकसभा चुनाव में इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र की अगर कैंट विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को गठबंधन से सपा प्रत्याशी के समक्ष हार का सामना करना पड़ा है। बात किठौर विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा मात्र 2,180 मतों से हार गई थी। लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां सिसौली गांव में जनसभा कर माहौल बनाने का खूब प्रयास किया, लेकिन बेअसर रहा। इस विधान सभा क्षेत्र के तमाम गांवों में सपा का पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) ने भी खूब रंग जमाया। यही परिणाम रहा कि मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्ग बहुल गांवों में गठबंधन प्रत्याशी के लिए खूब वोट हुआ। 109 बूथों पर सैकड़ा भी नहीं लगा सकी भाजपाकिठौर विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान की समीक्षा करते तो सामने आता है कि विस क्षेत्र के कुल 395 बूथों में से 109 बूथों पर भाजपा को 100 से कम वोट मिले। जबकि गठबंधन से सपा प्रत्याशी इस विधानसभा क्षेत्र में मात्र 63 बूथों पर सैंकड़ा नहीं लगा सकी। इस विधानसभा में सबसे खराब स्थिति बसपा की रहीं। यहां बसपा प्रत्याशी को 322 बूथों पर 100 से कम वोट प्राप्त हुए। मात्र 73 ही ऐसे बूथ थे जहां बसपा को 100 से अधिक मत प्राप्त हो सके।
BJP government stuck in numbers game in Haryana assembly
Rahul and Congress overshadow BJP and Narendra Modi on Google Search too
Nitish and Tejaswi are coming to Delhi on the same flight
Modi-Shah talked to Chandrababu Naidu, started worrying about going to I.N.D.I.A.
‘Who can be a better PM than Nitish Kumar’, JDU MLC Khalid Anwar’s statement चुनाव नतीजों के बीच जेडीयू के एमएलसी खालिद अनवर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से बेहतर पीएम कौन हो सकता है. जेडीयू बिहार में बीजेपी की सहयोगी है.
Rahul Gandhi ahead from Rae Bareli seat by 3 lakh 98 thousand votes
Shivraj registers historic victory, defeats Congress candidate by 8 lakh votes
BJP’s compulsion, alliance is necessary: Modi’s guarantee extended करीब दो महीने चले लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha election 2024) के लिए आज नतीजों का दिन है। संसद के निचले सदन लोकसभा की कुल 543 में से 542 सीटों पर मतगणना जारी है। बहुमत के लिए 272 सांसदों का जीतना जरूरी है। सूरत लोकसभा सीट पर भाजपा पहले ही जीत दर्ज कर चुकी है, क्योंकि यहां भाजपा प्रत्याशी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं था। अब तक के रुझानों और नतीजों से यह साफ है कि भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने जा रहा है। नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन पहला मौका होगा, जब मोदी को गठबंधन की सरकार चलाना है। नई सरकार गठन की कवायद शुरू कर दी गई है।
NOTA made record in Indore, figure crossed 1 lakh 85 thousand मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर अलग ही नतीजे देखने को मिल रहे हैं। यहां नोटा को करीब दो लाख वोट मिले हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। 2019 के लोकसभा चुनाव में देश में नोटा को मतदाताओं ने 65 लाख 22 हजार 772 मत दिए थे, जो देश में डाले गए कुल वैध मतों का 1.06 प्रतिशत थे। देश में नोटा का प्रयोग करने में बिहार अग्रणी था। बिहार में आठ लाख 16 हजार 950 मतदाताओं ने नोटा में वोट दिया था। 2014 के लोकसभा के मुकाबले प्रदेश और देश में नोटा ने कम मत प्राप्त किए हैं, इससे स्पष्ट होता है कि मतदाता पसंद के उम्मीदवार को मत देना पसंद कर रहा है। वैसे वह कहीं भी मत दे पर अपने मत का उपयोग करना चाहिए। मतदान करना हमारा मौलिक अधिकार है। इंदौर में एक लाख 70 हजार से अधिक वोट मिल गए हैं। नोटा का सबसे अधिक वोट का रिकार्ड बिहार की गोपालगंज सीट का है। यहां पर नोटा को 51 हजार 660 वोट मिले थे। दूसरे क्रम पर पश्चिम चंपारण में 45,609 वोट नोटा को मिले थे।
BJP’s dominance in MP: Shivraj ahead by more than 4 lakh votes in Vidisha मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों में से भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल, सागर की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस का है। इन सीटों में से भी गुना, राजगढ़ और विदिशा सबसे हॉट सीट हैं। गुना से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजगढ़ से दिग्विजय सिंह और विदिशा सीट से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्गज चुनाव मैदान में हैं। अब तक के रुझानों के मुताबिक विदिशा सीट पर शिवराज बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। सिंधिया भी गुना में भाजपा का परचम लहराने जा रहे हैं। दूसरी तरफ, दिग्विजय सिंह अपने गढ़ में पिछड़ गए हैं। उनके राजनीतिक करियर के लिए यह परिणाम एक प्रकार से निर्णायक हो सकता है। यहां देखें भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल सीटों के परिणाम का हर लेटेस्ट अपडेट।