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आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

पटवारी भर्ती पर जीतू ने उठाए सवाल, ट्वीट भी किया

Jitu raised questions on Patwari recruitment, also tweeted भोपाल। मध्य प्रदेश एम्प्लाई सिलेक्शन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की जांच रिपोर्ट इसी माह सबमिट होने जा रही है। कमेटी को सभी जरूर दस्तावेज बोर्ड से मिल चुके हैं और कमेटी इसका अंतिम तौर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस रिपोर्ट पर दस लाख उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। इस पर अब जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने 22 नवंबर 2022, ईएसबी की ओर से ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन का जिक्र भी ट्वीट में किया है।पटवारी ने कहा कि छात्रों ने 5 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 तक फॉर्म भरा। लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। 15 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक प्रदेश के 78 केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा हुई। 9,78, 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 30 जून को रिजल्ट जारी हुआ। 8,600 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ।

वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ेगी पार्किंग, डेढ़ वर्ष बाद फिर निगम वसूलेगा शुल्क

Parking will be heavy on the pockets of drivers, after one and a half years the corporation will again charge the fee. भोपाल ! 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। राजधानी में एक बार फिर वाहन चालकों की जेब पर पार्किंग शुल्क भारी पड़ने वाला है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर जारी करने जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां प्रीमियम पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर जोर होगा, वहीं शुल्क में भी 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ाेत्तरी होगी। बता दें कि बीते 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। इसके बदले नए वाहनों से एकमुश्त शुल्क की वसूली की जा रही थी। लेकिन आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के द्वारा याचिका लगाने के बाद कोर्ट ने एक मुश्त वसूली पर रोक लगा दी थी। तब न तो नगर निगम पार्किंग की वसूली कर पा रहा था और न ही आरटीओ द्वारा एक मुश्त शुल्क की वसूली हो रही थी। ऐसे में नगर निगम को हर वर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा था। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क की वसूली का प्रस्ताव महापौर परिषद में पारित हो गया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे। न्यूमार्केट के बाद अन्य स्थानों पर भी बनेगी प्रीमियम पार्किंग निगम अलग-अलग पैकेज में पेड पार्किंग टेंडर जारी करेगा। 35 से अधिक आन और आफ स्ट्रीट पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर शुल्क देना पड़ेगा। नए पार्किंग टेंडर्स में शहर में प्रीमियम पार्किंग की संख्या में छह से सात गुना इजाफा भी किया गया है। यानी न्यू मार्केट के बाद अब प्रीमियम पार्किंग दस नंबर, एमपी नगर सहित अन्य कई क्षेत्रों में भी नजर आएंगी। जहां सामान्य पार्किंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पार्किंग शुल्क चुकाना होगा। 13 पैकेज में 35 पार्किंग स्थलों का होगा ठेका निगम ने नए सिरे से पार्किंग ठेके देने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 13 पैकेज बनाकर 35 स्थानों पर पेड पार्किंग शुरू की जाएंगी। एक पैकेज में एक से छह पार्किंग शामिल की गई हैं। साथ ही पैकेज में एक ही जगह को प्रीमियम और सामान्य पेड पार्किंग में बांटा गया है। न्यू मार्केट प्रीमियम पार्किंग को आधार बना शहर में शुरू की जाने वाली अन्य प्रीमियम पार्किंग की फीस तय की गई है। वर्तमान में प्रीमियम पार्किंग में 30 रुपए घंटा पार्किंग शुल्क होता है, जो एक घंटा से ज्यादा होने पर 50 रुपए हो जाता है। पार्किंग स्थलों पर बढ़ गई चोरी और अव्यवस्था नगर निगम द्वारा आफ स्ट्रीट और आन स्ट्रीट पार्किंग मुफ्त करने के बाद से पार्किंग स्थल अव्यवस्था के शिकार होते जा रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यहां वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। आइएसबीटी, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत एक दर्जन पार्किंग स्थलों से 100 से ज्यादा दो पहिया वाहनों के चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन अब तक नगर निगम न तो यहां सीसीटीवी लगा पाया और न ही यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। “ इनका कहना है नगर निगम जल्द ही पेड पार्किंग टेंडर जारी करने जा रहा है। जिससे पार्किंग स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा सके और वाहनों की सुरक्षा भी हो। – मालती राय, महापौर

भाजपा एक ऐसी पार्टी, जिसमें कोई कार्यकर्ता कब पीएम-सीएम बन जाए कोई नहीं जानता

BJP is such a party in which no one knows when a worker will become PM-CM. अशोक काल से है मप्र और बिहार का गहरा रिश्ता भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को मंच पर पहुचंते ही अपने उद्बोधन की शुरुआत मप्र और बिहार के हजारों वर्षों के पुराने रिश्ते से की। इस मौके पर पटना में श्री कृष्ण चेतना विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह में भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार में किस बात की कमी है। कोई ऐसा राज्य ऐसा नहीं जहां बिहार के आईएएस-आईपीएस नहीं हैं। एकमात्र राज्य बिहार है, जिसे यह सौभाग्य मिला है। बिहार हर क्षेत्र के अंदर अपनी पहचान बनाई हुई है। सभी क्षेत्रों में बिहार के लोगों की अपनी पहचान है। आपातकाल के समय बिहार ही आगे आया और लोकतंत्र को बचाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार और आगे जा सकता था। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि एक समय था जब देश में पांच बीमारू राज्य थे, लेकिन चार राज्य विकास की दृष्टि से बहुत आगे निकल गए, लेकिन बिहार वहीं ठहरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार में संभावनाओं की कमी नहीं है। आपातकाल के दौरान बिहार ने दिया संघर्ष के शंखनाद का उदाहरणमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। यहां के कार्यकर्ताओं को ऐसा प्रशिक्षण, शिक्षण मिलता है जहां राष्ट्रभक्त के रूप में लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया जाता है। यादव ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां छोटे छोटे कार्यकर्ता भी कब पीएम और सीएम बन जाए कोई नहीं जानता। उन्होंने बिहार की तारीफ करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2000-3000 साल पहले यह प्रदेश ही लोकतंत्र का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। यही नहीं आपातकाल के दौरान भी बिहार ने संघर्ष का शंखनाद कर देश में उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके पिता मिल मजदूर रहे हैंमुख्यमंत्री ने पटना प्रवास के दौरान इस्कॉन मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के समक्ष नमन किया। इस मौके पर डॉ. यादव ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपने पिता और परिवार के सदस्यों के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता मिल मजदूर रहे हैं। उन्होंने अनेक कठिनाइयों के बीच जीवन जीया। आर्थिक दिक्कतों के बावजूद परिवार से मिले संस्कार महत्व रखते हैं। कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हों, व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। अपने आराध्य का स्मरण अवश्य करना चाहिए। निरंतर कर्म से व्यक्ति को पहचान और प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिनाइयों के बीच जीवन बिताया।

आमजन के जीवन में बदलाव लाने और नई पीढ़ी को संस्कारित करना मप्र सरकार की प्राथमिकता

It is the priority of Madhya Pradesh government to bring change in the lives of common people and to educate the new generation. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचें थे। वहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चूंकि भगवान श्रीकृष्ण के प्रबल अनुयायी हैं और बिहार में यादव समाज की संख्या अच्छी खासी है। पटना में मुख्यमंत्री श्री कृष्ण चेतना विचार मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रसंगों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की पहल के साथ ही नई शिक्षा नीति में सनातन संस्कृति का समावेश हमारा संकल्प है। मप्र में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। इस पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना के गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता हैमुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता की जन्मस्थली बिहार आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। ऐसी पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूं। यह भगवान महावीर स्वामी की धरती है, जिससे बिहार की पहचान है। साथ ही सम्राट अशोक की भी धरती है। सम्राट अशोक का मप्र उज्जैन से खासतौर पर अलग तरह का रिश्ता रहा है। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता है। आज के इस दौर में लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की भूमिका बहुत बड़ी है। हमें प्रदेश और देश की सेवा के साथ-साथ भारत का मान दुनिया में बढ़े उस दिशा में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यही तो हम हजारों से साल से करते आए हैं और यही हमारा कर्तव्य भी है। परमात्मा ने हमें जहां जिस जगह जन्म दिया है एक अनूठा संयोग हमारे साथ जुड़ता है।

कमलनाथ ने कांग्रेस की सेवा अपने यौवनकाल की शुरुआत से ही की थी, कांग्रेस

Kamal Nathji had served Congress since the beginning of his youth. भोपाल: विधान सभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कमलनाथ की वजह से हम एमपी में चुनाव हार गए हैं। साथ ही उनपर बीजेपी से सांठ गांठ के आरोप लगाए थे। आलोक शर्मा ने यह भी कहा था कि कमलनाथ के घर ईडी और सीबीआई क्यों नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा था कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी बात रखूंगा। उनके इस बयान पर दो सप्ताह तक पार्टी चुप रही थी। यह मामला जब तूल पकड़ने लगा तो कांग्रेस पार्टी एक्टिव हुई है। इंदिरा गांधी के वक्त से ही वे भारत के नवनिर्माण अभियान के साथ जुड़े हैं। संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधीजी के साथ वे कंधे से कंधे मिलाकर डटे हुए हैं।जब भाजपा सरकारी एजेंसियों के साथ संपूर्ण विपक्ष को खत्म करने पर आमादा है, तब कमलनाथ ही हैं, जिनके निर्विवाद नेतृत्व में सभी कांग्रेस जनों ने मिलकर 2018 में मध्य प्रदेश से भाजपा के किले को ढहाकर कांग्रेस की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया। अब भी कई लोग कमलनाथ जैसे कांग्रेस के आधारभूत स्तंभों के खिलाफ भाजपाई षड़यंत्र के शिकार हो जाते हैं। AICC ने ऐसे ही षड़यंत्र के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कमलनाथजी की निष्ठा का सम्मान किया है। जब भाजपा अपनी सारी सरकारी एजेंसियों के कंधों पर हथियार रखकर संपूर्ण विपक्ष को उखाड़ने और खत्म करने पर आमादा हो, तब भी कमलनाथ अपने तजुर्बों के साथ पार्टी वर्करों के साथ खड़े हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते ने आईएएस अनय द्विवेदी पर लगाया जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप

Union Minister of State Kulaste accused IAS Anay Dwivedi of insulting him with caste based words. भोपाल। केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी से नाराज हैं। उन्होंने द्विवेदी के व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत दर्ज कराई है। कुलस्ते का आरोप है कि द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उनके एक रिश्तेदार अधिकारी को जाति सूचक प्रताड़ित किया है।प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मुखर हो रही है। पहले शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल, उसके बाद देवास में सोनकच्छ की तहसीलदार और अब एक आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। अनय द्विवेदी वर्तमान में पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी जबलपुर में एमडी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते का आरोप है कि उनके बहनोई अशोक धुर्वे, जो पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी में अधिकारी हैं, को अनय द्विवेदी ने जाति सूचक शब्द कहे और अपमानित किया।कुलस्ते का कहना है कि द्विवेदी ने अशोक धुर्वे के लिये यहां तक कहा कि अब तो फग्गन सिंह चुनाव हार गए हैं, इन्हें यहां से हटा दो। अनय द्विवेदी के इस व्यवहार से मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते काफी नाराज हैं और उन्होने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। इतना ही नहीं, कुलस्ते ने तो यहां तक कहा है कि हमारे आदिवासी वर्ग के भाइयों के समर्थन के चलते सरकार बनी है और खुद केंद्र सरकार उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग ठीक नहीं। फग्गन ने यह भी कहा कि द्विवेदी जैसे अधिकारियों की जगह फील्ड में नहीं बल्कि दफ्तर में होनी चाहिए। अब इस मामले में सरकार क्या कार्रवाई करेगी, यह देखने वाली बात है। लेकिन यह बात तो सही है कि मोहन यादव की सरकार बनने के साथ-साथ अब अधिकारियों की बदमिजाजी की शिकायतें भी तेजी के साथ सार्वजनिक हो रही है और सरकार की उनपर की जा रही कार्रवाई से अब अधिकारी भी संयमित भाषा पर जोर दे रहे हैं।

राम मंदिर आंदोलन में पंढरी डोंगरे का रहा अमिट योगदान,

हरिप्रसाद गोहे आमला। आज जहाँ पूरे देश ही नही बल्कि समूचे विश्व मे रामलला के मंदिर में विराजमान होने वाले आयोजन की तैयारी के जश्न में लोग डूबे हुए है । वही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े उन लाखों लोगों के सपने भी आज पूरे हो रहे है । उन्ही सौभाग्य साली लोगो मे आमला के कार सेवक पंढरी डोंगरे भी है । रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का सोचकर ही पंढरी डोंगरे के झुर्रियों से भरे चेहरे में खुशियों की लालिमा अलग ही चहक उठती है। आमला विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बाबरबोह के निवासी पंढरी डोंगरे राम मंदिर आंदोलन से जुड़े थे और उस समय उनकी उम्र 42 वर्ष की थी जोश और जुनून के साथ अपने ग्राम के दो साथी शंकर पवार और रमेश के साथ जय श्री राम के नारे के साथ दो जून की रोटी बांधकर निकल पड़े। 27 अक्टूबर 1990 की सुबह गांव से अयोध्या के लिये कूच किये मुलताई स्टेशन पर मुलताई के विधायक मनीराम बारंगे पहले से ही अपने कुल 44 लोगो के साथ उपस्थित थे पंढरी डोंगरे भी अपने दोनो साथियों के साथ उनके साथ चल पड़े कुल 47 कार सेवक रवाना हुए। दक्षिण एक्सप्रेस से दल रवाना हुआ ! बैतूल पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओ ने सेब अंगूर आदि फलों के बक्से इनके साथ रखवा दिए ताकि भोजन पानी की कोई कमी न रहे वैसे रास्ते मे पड़ने वाले स्टेशनों पर भी लोग खाने पीने की वस्तुएं देते जा रहे थे। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर कारसेवकों को रोक दिया गया क्योंकि उस समय वहां मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी की सरकार कार सेवकों पर सख्त थी । इनके दल को झांसी में ही उतार लिया गया। और इन्हें जबरजस्ती ट्रेन में बैठाकर वापस इटारसी रवाना कर दिया गया। इटारसी पहुंचकर घर वापस जाने का तो मन नही था क्योंकि मन मे तो राम जी का कार्य का जोश था सो पुरे दल ने सोचा कि पुनः अयोध्या की ओर चलते है ऐसा सोचकर उ प्र जाने वाली ट्रेन में फिर से सवार हो गए इस बार झांसी की ओर का मार्ग न चुनकर सतना से जाने वाला मार्ग चुना ओर सतना वाली ट्रेन में बैठ गए। अगले दिन सतना उतर कर फिर दूसरे रास्ते से उ प्र की ओर चलने की सोची यहां से उ प्र का क्षेत्र आगे से शुरू हो जाता है। फिर से उ प्र सरकार उन्हें पकड़कर वापस न लौटा दे इसलिये आगे दल ने पैदल ही चलने का मन बनाया और सतना से पैदल ही चल निकले। उ प्र की सीमा में 17 किलोमीटर प्रवेश करते ही मिर्जापुर कस्बे में पहुंचे यहाँ एक हैंडपंप  पर सभी ने हाथ मुंह धोया और जो कुछ था उससे पेट भरा वहां पर एक घर के तीसरे मंजिल पर से एक महिला उन्हें देख रही थी उसने उन्हें रुकने का इशारा किया और उनके पास आई कहने लगी कि आप लोग रुको मेरे पति भाजपा के अध्यक्ष है मैं तुम सबके रुकने का प्रबंध करती हु तब तक मेरे पति आ जाएंगे। लेकिन सभी ने महिला को धन्यवाद देकर पैदल आगे की ओर बढ़ने का मन बनाया। मुख्य मार्ग से आगे बढ़ रहे थे कि रास्ते पर पुलिस न रोक लिया हम लोग भी उत्साह में थे तो जय श्री राम का नारा लगाते हुए आगे बढ़ने लगे पुलिस ने हल्का सा बल प्रयोग किया तो हम और जोश में आ गए और वहीं मजिस्ट्रेट की जीप उत्साही कार सेवकों ने पलट दी।तब तो पुलिस और गुस्से में आ गई और अधिक पुलिस बल बुलाकर हम सभी को गिरप्तार कर लिया हम सभी पर भा द वि की धारा 107, 116,151 के तहत धारा लगाई गई। फिर पुलिस बस बुलाकर रात में ही अज्ञात जगह की ओर रवाना कर दिया। 31 अक्टूबर 1990 की सुबह जब हमारी बस रुकी तो हम उ प्र के जौनपुर जिले में पहुंचे थे यहां से हमे जिला जेल ले जाया गया वहां पर बहुत से कार सेवक पहले से ही गिरफ्तार थे। उन कारसेवकों का नेतृत्व म प्र के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे थे। वहां हम सभी शिवराज सिंह चौहान के साथ रहे सुबह शाम हम सभी साथ बैठते और आगे क्या करना है उसकी चर्चा करते।शिवराज जी ने जेलर से कहकर वहाँ एक टी वी की व्यवस्था भी करवा दी थी कि देश का समाचार भी मिलता रहे।जेल में भी खूब उपद्रव चलता रहा जय श्री राम के नारे गूंजते थे अंततः 7 नवम्बर 1990 को हम सब को रिहा कर दिया गया और यह कह कर की वापस अपने घर चले जाओ। जेल में रहने का प्रमाण पत्र भी जेलर ने दिया। हमे बसों में भरकर काशी पहुंचा दिया गया। यहाँ जय श्री राम का नारा लगाते हुए हमें फिर उ प्र की पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़कर थाने लाया गया।वहाँ पुलिस अधिकारी बहुत सख्त था उसने कहा कि इनको जेल भेज दो। ऐसा कहकर वो थाने से चले गए। किस्मत से वहाँ थाने में एक शर्मा सब इंस्पेक्टर पदस्थ थे जो मूलतः होशंगाबाद म प्र के रहने वाले थे। उन्होंने हमें समझाया कि तुम अपने आप को कार सेवक मत बताना कहना कि हम गंगा स्नान के लिये काशी आये है नही तो तुम सभी को तीन माह के लिये जेल भेज दिया जाएगा। हमने उसकी बात मानी और हम सभी को रिहा कर दिया गया। भारी मन से हम सभी काशी से इलाहाबाद,मैहर होते हुए आमला पहुंचे। अयोध्या तक तो नही पहुंच सके किंतु मन मे रामकाज का जो जज्बा था वो बरकरार रहा। आज 75 वर्ष की उम्र में रामलला का भव्य मंदिर बनते देख रहे है तो मन को प्रसन्नता हो रही है ऐसा लग रहा है कि हमारी यात्रा अब पूर्ण हुई है।22 जनवरी हमारे जीवन का सबसे सुखद दिन होगा।(जैसा पंढरी डोंगरे ने बताया वैसा ही उल्लेख है)

पूर्व सीएम भारती ने ली विदा

Former CM Bharti took leave भोपाल। पूर्व सीएम उमा भारती ने माता बेटी बाई सोशल फाउंडेशन के कार्यक्रम में अयोध्या के घटनाक्रम सुनाए और भावुक हो गईं। उन्होंने राम मंदिर और कार सेवा के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि समर्थकों से अंतिम बार मिल रही हूं। शायद यह मेरी आपसे विदाई है। 17 से 21 जनवरी के बीच कभी भी अयोध्या जाऊंगी। इसके बाद अपने गांव में रहूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि शायद सबसे अब मैं अंतिम बार विदा ले रही हूं। उन्होंने अब तक साथ देने वालों का सम्मान भी किया। पूर्व सीएम ने कहा कि आजकल सीएम की पत्नी आए जाए तो कलेक्टर, आईजी, डीआईजी सलामी की मुद्दा में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम मोहन यादव से कहा कि बंगले में तोड़फोड़ व नवीनीकरण पर भारी भरकम खर्चा कराते हैं। पत्नी के कहने पर डिजाइन सोफे लाते हैं। उमा भारती ने कार सेवा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1992 में ही मथुरा और काशी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हमने आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह को भुला दिया है। उन दिनों देवराहा बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि विवादित ढांचे की एक-एक ईंट लोग ले जाएंगे। उनकी बात सच साबित हुई। पूर्व सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक बार तो आडवाणी जी ने मंदिर के लिए मरने की इच्छा तक जता दी थी। असली लड़ाई अब शुरू होगीपूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस को आस्था की अवहेलना भारी पड़ी। जिनको गोली चलाने भेजा था, वो लोग अब रामलला की आरती उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई अब शुरू होगी। राम मंदिर के बाद अब देश को राम राज्य की ओर ले जाएंगे। देश राममय हो गया है। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में महिला, बच्चों की सुरक्षा हो, पढ़ाई स्वस्थ हो, हर व्यवस्था अच्छी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को राम राज्य की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य लाना तो सबको साथ आना होगा। किसी एक प्रयास से रामराज्य नहीं आएगा। पाक अधिकृत कश्मीर से शुरू करें राहुल यात्राराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रण को अस्वीकार करने पर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि यह कांग्रेस का अशोभनीय कृत्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जिन नेताओं को आमंत्रण मिला है, उनहें जाना चाहिए था। राम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहिए। राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर पूर्व सीएम ने कहा कि भारत टूटा कब था, जो राहुल गांधी उसे जोड़ने चले हैं। राहुल को पाक अधिकृत कश्मीर से यात्रा शुरू करनी चाहिए। भाजपा तो भारत को जोड़ रही है। न मैं भाजपा की प्रवक्ता ना शिवराज कीपूर्व सीएम शिवराज के होर्डिंग से फोटो गायब होने वाले बयान पर उमा भारती ने कहा कि यह शिवराज की सहज भाव अभिव्यक्ति है। न भाजपा ने उनका अपमान किया ना शिवराज ने भाजपा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वो बिल्कुल सही है। न भाजपा कुछ गलत कर रही है न शिवराज कुछ गलत कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ना मैं भाजपा और ना शिवराज की प्रवक्ता हूं। उन्होंने कहा कि जब तक मैं भाजपा से बाहर नहीं हुइ थी। तब तक मेरा सम्मान था, मंत्री-विधायक ट्रेन के आगे लेट जाते थे। भाजपा से निकलने के बाद ही मेरे साथ गलत किया गया था।

460 स्थानों पर युवा कांग्रेस शुरू करेगी ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान

Youth Congress will start ‘Justice Do, Employment Do’ campaign at 460 places. भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश में 460 स्थानों पर नवमतदाता सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है तो युवा कांग्रेस भी इसके मुकाबले की तैयारी में जुट गया है। युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में इसी माह से ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पोस्टकार्ड बांटेंगे। इसके माध्यम से वह लोगों से संपर्क कर बेरोजगारी के मुद्दे को उठाएंग अभियान में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों से बात करेंगे। यह सभी विषय पोस्टकार्ड में भी उल्लेखित रहेंगे। इसके लिए हर जिले में अलग से टीम बनाई जाएगी, जिसमें जिले कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे। संपर्क के दौरान प्रदेश में 15 माह की कमल नाथ सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त युवा कांग्रेस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाएगा।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, झाडू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

Food and Civil Supplies Minister reached Bhuteshwar Temple भोपाल। सागर के प्राचीन भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर परिसर में साफ-सफाई एवं झाड़ू लगाते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता के लिए अभियान चलाया है, जिसका असर पूरे देश सहित छोटे-छोटे गांव में भी दिख रहा है। 22 जनवरी को प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, जिसको लेकर हम सब अपने-अपने आसपास क्षेत्र के मंदिरों में भी साफ-सफाई करें, जिससे 22 जनवरी को रामलला के स्वागत में मंदिर, शहर, हर घर-आंगन साफ और स्वच्छ रहे। प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव हमें इस तरह मनाना है कि हर घर अयोध्या धाम बन जाये। उन्होंने शहरवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि 22 जनवरी को सभी शहरवासी अपने घर में दीवाली जैसा उत्सव मनायें। मंत्री श्री राजपूत द्वारा सीताराम रसोई में भोजन प्रसादी वितरण कर सभी को भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर नगर निगम महापौर संगीता तिवारी उपस्थित थीं।

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