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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 263वीं शौर्य दिवस पर किया अपने मराठा पुरखों को याद, सोमनाथ मंदिर व काशी विश्वनाथ पर भी कही बड़ी बात।

Big talk was also said on Somnath temple and Kashi Vishwanath. संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन व स्टील मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पानीपत में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम ” पानीपत शौर्य दिवस ” में शामिल होने पहुँचे। वहाँ पहुँच सर्वप्रथम उन्होंने सर्वप्रथम शौर्य स्मारक तीर्थ धाम, काला अम्ब में सिंधिया व मराठा योद्धाओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।केंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में पानीपत के लोगों को अपना परिवार बताया। उन्होंने कहा इस जगह से उनका भावनात्मक सम्बंध है क्यूँकि केवल मेरे पूर्वज नहीं 60 हज़ार से अधिक मराठा विदेशी आक्रांताओं के ख़िलाफ़ चट्टान की तरह खड़े रहे और प्राण जाए पर वचन ना जाए इस विचार से उन्होंने अपने प्राण की आहुति दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, शिवाजी महाराज ने 12 वर्ष की उम्र में प्रण लिया था ना रुकने ना झुकने का जब तक एक एक विदेशी आक्रांताओं को देश से निकाल ना फेंकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा आज से 400 वर्ष पूर्व शिवाजी महाराज की अपनी नौसेना कोंकण क्षेत्र में बना रखी थी जो फ्रेंच और अंग्रेजो से 10 गुणा अधिक शक्तिशाली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा आज मेरा सीना मराठा होने के नाते गर्व से फूल जाता है और आज़ादी के 75 वर्ष बाद किसी ने शिवाजी महाराज को उचित सम्मान देने का कार्य किया है तो देश के पंत प्रधान नरेंद्र मोदी जी है जिन्होंने भारत के नौसेना के झंडे पर शिवाजी महाराज के मोहर निशान को डालने का कार्य किया है।सांभाजी महाराज और बाज़ीराव पेशवा की वीरता को किया याद केंद्रीय मंत्री ने कहा 1680 में शिवाजी महाराज नहीं रहे तो विदेशी आक्रांताओं को लगा की भारत की रक्षा करने वाला अब कोई बड़ी ताक़त नहीं है लेकिन उसी घर से संभाजी महाराज ने लोहा लिया। संभाजी महाराज ने औरंगज़ेब के विरुद्ध लड़ाई लड़ी, बारम्बार औरंगज़ेब की सेना को परस्त किया। 1690 में औरंगज़ेब ने वीर संभाजी महाराज की हत्या की और नदी में शरीर को डाल दिया लेकिन फिर भी वीर मराठाओं ने युद्ध जारी रखा। संभाजी महाराज के बाद बाज़ीराव पेशवा ने कमान सम्भाली और उन्होंने एक भी युद्ध नहीं हारा। केंद्रीय मंत्री ने कहा मराठाओं ने कभी अपना साम्राज्य नहीं बनाया, कभी देश पर राज करने की नहीं सोची, एक ही कार्य किया वह है देश सेवा । केंद्रीय मंत्री ने कहा महाराष्ट्र के छोटे से गांव कनेरखेड़, उस गांव से संभाजी शिंदे, जनकोजीराव शिंदे, दत्ता जी शिंदे को पेशवा ने पुणे से उत्तर भारत की तरफ़ भेजा। संभाजी महाराज के नेतृत्व में लाहौर में और बाद में पेशेवर में मराठाओं का भगवा ध्वज फहराया। केंद्रीय मंत्री ने कहा यह मराठाओं का अलख था की कोई विदेशी आक्रांता स्वप्न भी ना देख पाए भारत में राज करने की, शिवाजी के यही था हिंदवी स्वराज, भारत माता की भूमि केवल भारतीयों की होनी चाहिए।1755 में दत्ताजी महाराज इसी बगल के बुरारी घाट पर अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ से युद्ध लड़ रहे थे।मराठाओं ने सदैव सिखों का साथ दियाकेंद्रीय मंत्री ने कहा सदैव सीखो का साथ दिया है। अहमद शाह अफ़ग़ानी को पंजाब से धूल चटाने का काम किसी ने किया तो वो मराठा सेना ने किया। पंजाब में अहमद शाह अफ़ग़ानी ने नरसंहार किया तो सिख समाज के साथ मिलकर मराठों ने मिलकर लड़ाई लड़ी है। पानीपत में तीन घंटे 8000 अफ़ग़ानो का वध मराठा सेना ने कियाकेंद्रीय मंत्री मराठाओं को गाथा सुनाते हुए बताया कैसे पानीपत के युद्ध में तीन घंटे के अंदर 8000 अफ़ग़ानों को समाप्त करने का कार्य मराठा सेना ने किया। केंद्रीय मंत्री ने बताया इस युद्ध में सिंधिया के 16 वंशज युद्ध के मैदान में थे। अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ की टुकड़ी के पीछे ऊँट पर छोटे टोप की टुकड़ी लगा दी जो सीधे हमला कर रहे थे। सिंधिया के 16 में 15 वंशज सीधे लड़े और शहीद हुए। एक सिंधिया वंशज महादजी सिंधिया घायल रूप बचे और 11 साल के भीतर एक चिंगारी से ज्वालामुखी के रूप में परिवर्तित होकर अटक से कटक और दिल्ली में भी मराठा का भगवा झंडा दिल्ली के फहराया। काशीविश्वनाथ मंदिर को स्थापित करने का कार्य सिंधियाओ ने कियाकेंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण में कहा की सिंधियाओ ने धार्मिक स्थलों के भी दोबारा स्थापना करने का काम किया। गुजरात के सोमनाथ मंदिर के द्वार विदेशी आक्रांता इल्तुमिश लहोर ले गए तो लाहौर से दरवाज़े को वापस लाने का काम महादजी महाराज ने किया। महादजी के वंशज बैजाबाई महारानी अहिल्या बाई होलकर जी ने वाराणसी के काशीविश्वनाथ मंदिर को पुनर्स्थापना करने का कार्य किया। भारत की संस्कृति को उजागर करने का काम मराठाओं ने किया और आज देश के प्रधानमंत्री एक भारत श्रेष्ठ भारत व वासुदेव कुटुम्बकम, विविधता में एकता की विचार धारा, एवं भारत की केवल आर्थिक शक्ति नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति को विश्व पटल पर उजागर करने का कार्य कर रहे है।

गांव के अंतिम छोर तक पहुंचे जन कल्याणकारी योजनाओं का पहुंचे लाभ

Benefits of public welfare schemes reach the last reaches of the village हरिप्रसाद गोहे आमला । यह विकसित भारत संकल्प यात्रा हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच है। की हम भारत को दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा करे। हमारी सरकार की सोच है, की 2024 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाकर खड़ा करे । विकसित राष्ट्र तब बनेगा जब लोगों के जीवन स्तर में सुधार होंगा  । गांव की रोड़े अच्छी होंगी, लोगों में शिक्षा के प्रति पूर्ण जागृति आ जायेगी। लोग पूर्ण रूप से शिक्षित हो जायेंगे तब हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आ जाएंगे । जिसके लिए सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की है। जिसका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हम सभी लोग विकसित भारत यात्रा के सहभागी बने सभी अपने, अपने स्तर पर अपनी भूमिका निभाए उक्त आसय के विचार जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला गणेश यादव ने ग्राम पंचायत बामला में आयोजि त विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान कहीं । स्वागत बेला के साथ कार्यक्रम का हुआ आगाज शनिवार 13/01/2024 को विकसित भारत संकल्प यात्रा ग्राम बामला पहुंची थी ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव,  अध्यक्ष जनपद पंचायत आमला, जनपद सदस्य सुजीत खाडागरे,नंद किशोर सूर्यवंशी, प्रकाश सूर्यवंशी, संतोष सूर्यवंशी,वहीं समस्त विभाग प्रमुख एवं ग्राम की जनता मौजूद रही । विकास यात्रा रथ का स्वागत एवं मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया । सर्व प्रथम उपस्थित विभाग प्रमुखों ने विभागीय जानकारी उपस्थित लोगों के समक्ष रखी। एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जनता कैसे प्राप्त करे जिस संबंध में विस्तार से बताया । बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति  सरकार की संचालित योजना थीम पर आयोजित सांस्कृतिक गीत नृत्य की प्रस्तुति माध्यमिक शाला बामला की कक्षा 3 एवं 7 की क्षात्राओ ने एक से बढ़कर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया वहीं उपस्थित जन समुदाय ने भी तालिया बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया । कार्यक्रम के प्रभारी नोडल शिक्षक पवन सूर्यवंशी द्वारा सरस्वती पूजन एवं मंच संचालन गोविंद सूर्यवंशी अथिति शिक्षिक एवं पंचायत सचिव खैमराज सूर्यवंशी द्वारा किया गया । सांस्कृतिक कार्यक्रम को त्य्यार करने में सरयाम सर एवं कुरेशी सर का विशेष योगदान रहा । वहीं आंगनवाड़ी द्वारा पोषण आहार पर प्रादर्श सजा स्टाल लगाया । कार्यक्रम में ग्राम सरपंच दीना देशराज उईके, उप सरपंच राहुल यदुवंशी, पंच रूखमणी, राजू यादव, दयावती, जितेंद्र परते , एवं रोजगार सहायक दीपक सूर्यवंशी संजय खादीकर आदि मौजूद रहे।

मल्लिकार्जुन खरगे विपक्षी गठबंधन के अध्यक्ष नियुक्त

Mallikarjun Kharge appointed president of opposition alliance बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल रहे। विपक्षी गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गठबंधन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं बैठक में बिहार सीएम और जदयू के नेता नीतीश कुमार ने संयोजक पद ठुकरा दिया। इसकी पुष्टि बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने भी की है। बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी संयोजक बनने की कोई इच्छा नहीं है बल्कि वह चाहते हैं कि गठबंधन जमीन पर मजबूत बने और बढ़ता रहे। विपक्षी गठबंधन की वर्चुअल बैठक में नीतीश कुमार ने सलाह दी कि कांग्रेस में से किसी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भी टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की बात कही थी। विपक्षी गठबंधन की बैठक में ये नेता हुए शामिलविपक्षी गठबंधन (INDIA Alliance) के शीर्ष नेतृत्व की आज हुई बैठक करीब दो घंटे चली और इस बैठक में गठबंधन को मजबूत करने, सीट बंटवारे के लिए रणनीति बनाने और गठबंधन का संयोजक बनाने पर चर्चा हुई। यह बैठक वर्चुअली हुई, जिसमें 10 पार्टियों के नेता शामिल हुए। बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। हालांकि बैठक से पहले ही विपक्ष को झटका लगा जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और सपा नेता अखिलेश यादव भी विपक्षी गठबंधन की इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, प्रत्येक विधानसभा में 18 से 24 जनवरी के बीच होंगे सम्मेलन ,जीतू पटवारी

Congress busy preparing for Lok Sabha elections, conferences will be held in every assembly between 18th and 24th January, Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अब 18 से 24 जनवरी के बीच प्रत्येक विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेंगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विधानसभा प्रभारियों की आवश्यक बैठक प्रदेश कार्यालय में शनिवार को हुई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा हुई। इसके लिए पहले 18 से 24 जनवरी तक प्रत्येक विधानसभा में सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। इसमें जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाने को कहा गया। इसके जरिए काबिज भाजपा के की जनविरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेगी। कांग्रेस पार्टी लगातार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में आज की पूरी बैठक हुई। विधानसभा प्रभारी जो बनाए गए हैं उनका संगठनात्मक दायित्वों की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को लेकर काम चल रहा है। इसको लेकर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने को कहा गया है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम जुड़वाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के डोनेशन ड्राइव को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। यात्रा प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरेगी। सिंह ने बैठक में कई प्रभारियों के अनुपस्थित रहने पर बताया कि शुक्रवार दोपहर में भी बैठक को लेकर सूचना दी गई, जिससे कई दूर रहने वाले साथी शामिल नहीं हो सकें। अलग-अलग कारणों से प्रभारी नहीं आए। उन सभी ने जानकारी दी है।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

मोहन सरकार के लाउडस्पीकर नियम को शिवराज ने बताया लोगों से उनकी रोजी-रोटी छीनना

शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा, सीहोर ! मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की ओर से राज्य में तेज आवाज वाले उपकरणों पर रोक के बाद से प्रदेश में डीजे मालिक के साथ ही शादी विवाह में बैंड-बाजे का काम करने वाले लोग काफी नाराज है. इन लोग कई बार राज्य सरकार से ये बैन हटाने की मांग कर चुके हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों के आहत भावना पर मरहम लगाने वाला बयान दिया है. शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजे-बैंड वालों से कहा- ‘आप ढोल बजाओ, ताशे बजाओ, आप बैंड बजाओ… कोई रोक नहीं है, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा।‘ यह बात उन्होंने शनिवार शाम सीहोर के भैरुंदा में कही। पूर्व सीएम के इस बयान के बाद बैंड-बाजा संचालकों में खुशी देखने को मिली। भैरुंदा के डीजे, बैंड और ढोल-ताशों के संचालक मप्र सरकार के कोलाहल नियंत्रण नियम को लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बुदनी विधानसभा क्षेत्र के डीजे संचालक भोपाल स्थित 74 बंगला पूर्व सीएम शिवराज से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सरकार के लगाए गए प्रतिबंध से रोजी-रोटी छीनने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन्हें आश्वस्त किया था कि आपके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। डीजे संचालकों के मुताबिक उनकी मांग के बाद पूर्व सीएम ने कलेक्टर से मोबाइल पर बात भी की थी।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों को मिली जगह प्रदेश चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट देंगे लोकसभा कोऑर्डिनेटर भोपाल। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी है इसमें पूर्व मंत्री, विधायक और हारे हुए प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव में सभी कोऑर्डिनेटर को प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से लेकर मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी रहेगी। कोऑर्डिनेटर चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भी देंगे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को मुरैना, भिंड में नितेंद्र राठौर, ग्वालियर विपिन वानखेड़े, गुना लाखन सिंह, सागर रामचंद्र डांगी, टीकमगढ़ फूल सिंह बरैया, दमोह लखन घनघोरिया, खजुराहो संजय यादव, सतना तरुण भनोट, रीवा रजनीश सिंह, सीधी विनय सक्सेना शहडोल डॉक्टर अशोक मस्कोले, बालाघाट संजय शर्मा, छिंदवाड़ा सुनील जायसवाल, होशंगाबाद दीपक जोशी, विदिशा हर्ष यादव, भोपाल प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ सत्यनारायण पटेल, देवास विशाल पटेल, उज्जैन बाबूलाल यादव, मंदसौर दिलीप गुर्जर, रतलाम सचिन यादव, धार रवि जोशी, इंदौर बाला बच्चन, खरगोन रामलाल मालवीय, खंडवा आर के दोगने, बैतूल आरिफ मसूद को लोकसभा वर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मिशन 2024 भाजपा जीतेगी 421 से अधिक सीटे

Mission 2024 BJP will win more than 421 seats उदित नारायण लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया फुलप्रुफ प्लान…मोदी बनेंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा…अबकी बार 40 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ेगी पार्टी -मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण बनेगा भाजपा की मजबूती का आधार -बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटें जीतने की तैयारी -आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करने का लक्ष्य -बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी नई दिल्ली । भारत के राजनीतिक इतिहास में साल 1984 के आम चुनावों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। कांग्रेस ने उस वक्त 523 लोकसभा सीटों में से 414 पर अकेले जीत दर्ज की थी। ये चुनाव प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के करीब दो महीने बाद हुई थी इसलिए कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर भी थी। लेकिन भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 40 साल पुराने इस रिकॉर्ड का तोडऩे की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार 421 सीटें जीतेगी। इस जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास के सबसे बड़े राजनेता बन जाएंगे। गौरतलब है कि तीन राज्यों में भारी जीत के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नारा गढ़ लिया है, अगली बार 400 पार(421 सीटें)। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसके लिए भाजपा ने फुलप्रुफ प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत राज्यवार लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्टी की रणनीति के अनुसार बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटों पर भाजपा को जीतना जरूरी होगा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करनी होगी बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी मोदी मैजिक का जवाब नहीं भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि वर्तमान समय में पीएम मोदी के मैजिक का जवाब नहीं है। मप्र, छग और राजस्थान की जीत ने यह साबित कर दिया है। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के चुनावी मुद्दों का जिस तरह तीन राज्यों में दम निकला है, उसका फायदा हिंदी भाषी अन्य राज्यों में हो सकता है। लोकसभा चुनाव में करीब पांच महीने बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में भाजपा ने परचम लहराया है, उसमें 65 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से अभी भाजपा के पास 61 सीटें हैं। हिंदी भाषी प्रदेश बिहार, यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र, दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 193 सीटें हैं। इन राज्यों में 177 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा के लिए चुनौती है कि इन राज्यों में अपनी सीट न सिर्फ बरकरार रखे बल्कि इसकी संख्या में इजाफा भी करे। हिंदी भाषी राज्यों में जबरदस्त करंट भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार हिंदी भाषी राज्यों में पीएम मोदी के पक्ष में जबरजस्त करंट है। मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण भाजपा की मजबूती का आधार आधार बनेगा। विधानसभा चुनावों के इफेक्ट का आकलन करें तो यूपी और बिहार में ही भाजपा अधिकतम सीटें जीत सकती है। मगर पूर्ण बहुमत के लिए पार्टी को बंगाल, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में भी 2019 का प्रदर्शन दोहराना होगा। 2019 के चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18, महाराष्ट्र में 23 और गुजरात की सभी 26 सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में भी चलेगा मोदी मैजिक पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे मैदान में उतरी है। इस कारण लगातार दो बार पूर्ण बहुमत भी मिला। मगर मोदी लहर के बावजूद कई बड़े राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला। भाजपा कश्मीर से बिहार तक अगर उत्तर भारत की सभी सीटें जीत जाती हैं तो उसे 245 सीटें मिलेंगी। ऐसा चमत्कार भारत की राजनीति में संभव नहीं है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए पार्टी को केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में भी 10-10 सीटों की जरूरत होगी। इसके लिए पार्टी ने रणनीति बना ली है। वर्तमान में इन राज्यों की कुल 118 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ चार सीटें हैं, जो तेलंगाना में मिली थीं। पिछले आम चुनाव में भाजपा ने 28 में 25 सीटें दक्षिण भारत के राज्य में जीती थीं। इस बार पार्टी ने जेडी एस के साथ चुनावी समझौता किया है। समझौते के कारण भाजपा को 4 सीटें जेडी-एस को देनी होगी। यानी उसे उम्दा प्रदर्शन के लिए अपने खाते की सभी 24 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा बिहार में भी महागठबंधन में शामिल आरजेडी और जेडी यू भी दम रखती है। वहां भाजपा के लिए खुद की सीटों का बढ़ाना भी चुनौती है। 2014 के चुनाव में भाजपा अपने दम पर सर्वाधिक 22 सीट ही जीत सकी थी। पूर्वी भारत पर फोकस भाजपा के पास ओडिशा से केवल आठ लोकसभा सांसद हैं, जबकि बीजेडी के पास 20 सीटें हैं। इस पूर्वी राज्य में भी भाजपा के लिए विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सपने पूरे करने के लिए बंगाल में भी भाजपा को अपने पुराने रेकॉर्ड 19 सीटों से आगे बढऩे की जरूरत होगी। आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु में भाजपा का खाता नहीं खुला था। पूर्वोत्तर के राज्यों की कुल 25 लोकसभा सीटों में से अभी तक भाजपा 11 क्षेत्रों में काबिज है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए भाजपा को सभी 25 सीटें जीतनी होंगी। इसके अलावा भाजपा को खुद गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीटों को विपक्ष के हाथों में जाने से बचाना होगा। मिशन 2024 के लिए टारगेट राज्य 2024 में जीत की संभावना उत्तर प्रदेश 74 महाराष्ट्र 40 बिहार 35 आन्ध्र प्रदेश 10 तमिल नाडु 10 पश्चिम बंगाल 30 मध्य प्रदेश 29 कर्नाटक 26 गुजरात 26 राजस्थान 25 उड़ीसा 15 केरल 10 तेलंगाना 8 असम 12 झारखण्ड 12 पंजाब 2 छत्तीसगढ़ 11 हरियाणा 10 दिल्ली 7 जम्मू और कश्मीर 3 उत्तराखण्ड 5 हिमाचल प्रदेश 4 अरुणाचल प्रदेश 2 गोवा 2 त्रिपुरा 2 मणिपुर 1 मेघालय 1 अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह 1 चण्डीगढ़ 1 लद्दाख 1 दादर और नागर हवेली,दमन व दीव … Read more

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा, कांग्रेस ने बताया भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेन्सी है ईडी। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने प्रवर्तन निदेशालय /ईडी को भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेंसी तक बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। दरअसल महादेव सट्टा एप मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में 5 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है. इसमें शुभम सोनी, अनिल अग्रवाल, रोहित गुलाटी, भीम सिंह और असीम दास के नाम शामिल है। ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी शामिल किया गया है। शुभम सोनी के बयान में भूपेश बघेल पर लगाए आरोपों के कारण उनका नाम सामने आया है। शुभम सोनी ने भूपेश बघेल पर 508 करोड़ लेने का आरोप लगाया था। साथ ही शुभम सोनी अब सरकारी गवाह बन गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि ईडी जांच एजेंसी नहीं बल्कि बीजेपी की षड्यंत्रकारी एजेंसी है। असीम दास के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ प्रेसनोट जारी किया गया था, इसके बाद असीम दास ने कोर्ट में अपने बयान में इसका खंडन भी किया है।

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