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कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

Shivraj Singh Chouhaan; Digvijay Singh; Kamalnath; Sahara Samachaar;

In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

मध्यप्रदेश में बदलेगा चुनावी गणित. JDU नीतीश कुमार ने 10 सीटों पर उतारे अपने उम्मीदवार.

JDU; Nitish Kumar; MP Elections; Sahara Samachaar;

Electoral math in Madhya Pradesh is going to change. JDU’s Nitish Kumar has fielded his candidates on 10 seats. उदित नारायणनई दिल्‍ली, नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के बाहर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस बार मध्य प्रदेश में दो सूचियों में दस उम्मीदवारों की घोषणा की है। जदयू जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उन पर समाजवादी प्रभाव रहा है। वह चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, जदयू को उम्मीद थी कि विपक्ष के ‘इंडिया’ गठबधंन के चलते कांग्रेस के साथ उसका तालमेल हो सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। मध्यप्रदेश जदयू के पूर्व नेता शरद यादव का गृह राज्य है। इस नाते यहां पर कुछ क्षेत्रों में उसकी उपस्थिति भी रही है। हालांकि, वह अब इस स्थिति में नहीं है कि कोई सीट जीत सके, लेकिन भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई में कुछ सीटों के समीकरण प्रभावित कर सकती है। जदयू ने जिन दस सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें- पिछोर, राजनगर, विजय राघवगढ़, थांदला, पेटलावद, नरियावली, गोटेगांव, बहोरीबंद व बालाघाट शामिल हैं। यह सीटें बुंदेलखंड, महाकौशल व झाबुआ क्षेत्र की हैं। यहां पर कांग्रेस को जदयू के कारण कुछ नुकसान हो सकता है, क्योंकि दोनों ही दल भाजपा के खिलाफ लड़ रहे होंगे। मध्य प्रदेश में भाजपा व कांग्रेस के बीच लगभग सीधा मुकाबला होता है। ऐसे में दोनों दल किसी दल के साथ आम तौर पर तालमेल नहीं करते हैं। एनडीए में रहते हुए भी भाजपा ने पिछले चुनावों में जदयू के साथ सीटों का तालमेल नहीं किया था। चूंकि, राज्य में भाजपा व कांग्रेस में एक-एक सीट के लिए कड़ी लड़ाई होने की संभावना है। गठबंधन पर असर नहीं पड़ेगाऐसे में जदयू अगर कुछ सीटों पर कुछ वोट हासिल करती है तो नजदीकी लड़ाई में वहां के नतीजों पर असर पड़ सकता है। जदयू का कहना है कि इंडिया गठबंधन की मजबूती के लिए उसे उम्मीद थी कि कांग्रेस उसके साथ तालमेल करेगी, लेकिन उसने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में जदयू को अपने विस्तार और खासकर राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने के लिए दूसरे राज्यों में आगे बढ़ना ही पड़ेगा। उसका कहना है कि इससे लोकसभा चुनावों के लिए इंडिया गठबंधन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन चुनावों के लिए गठबंधन में सीटों के तालमेल का काम पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा।

हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर रामेश्वर शर्मा ने दाखिल किया नामांकन.

Rameshwar Sharam; Nomination; Bhopal; Huzur; Electons; Sahara Samachaar;

Rameshwar Sharma paid his respects to Lord Hanuman and filled his nomination. उदित नारायणभोपाल । #हुजूर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार की दोपहर अपना नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल किया। इसके पूर्व वे सुबह घर से निकलकर सीधे #चारइमली हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात बंगले से रवाना होने के पूर्व श्री शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता शर्मा ने उन्हें विजय तिलक किया और दही खिलाकर शुभकामनाएं व्यक्त की। इसके बाद वह क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन दाखिल करने हुजूर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शुभ मुहूर्त में हुजूर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर #आशुतोषशर्मा के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आज नामांकन पत्र के दो अलग अलग सेट दाखिल किए। इस दौरान तहसील कार्यालय में उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील वासवानी, रमेश वर्मा, भागीरथ पाटीदार, बालाराम मीणा, रमेश जनयानी, ओमप्रकाश मेवाड़ा, हरिनारायण पटेल, प्रकाश अहिरवार, रघुनाथ सिसोदिया, श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत, धन्नालाल बघेल, सुमारैया जामोद, सरदार बारमेया मौजूद रहे। जनसेवा का सनातन संकल्प सदैव निभाऊंगा : रामेश्वर शर्मा नामांकन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कहा किजब से राजनीति में आया मैंने जन सेवा का सनातन संकल्प लिया है। सनातन संकल्प कभी खाली नहीं जाता। इसे सदैव निभाऊंगा। पिछले 10 वर्षों में भी विधायक रहते हुए मैंने क्षेत्र की सेवा और जनकल्याण में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस बार पुनः विधायक बनकर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के घर-घर में खुशहाली आए, सबको रोजगार मिले और हुजूर विधानसभा सिर्फ भोपाल में ही नहीं अपितु पूरे मध्य प्रदेश में नंबर वन बनकर उभरे इस हेतु कार्य करूंगा।

सीएम शिवराज की बिलमाफी पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा।

Shivraj Singh Chouhan; Surjewala; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Congress’s big revelation on the Chief Minister Shivraj’s Bill forgiveness. सुरजेवाला ने सीएम शिवराज सिंह का किया नया नामकरण “रेडियो गप्पिस्तान” कनेक्शन लोड बिना उपभोक्ता की सहमति और आकलन के किया दोगुना। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को धोखा देने का लगाया बड़ा आरोप। सुरजेवाला के आरोपों पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का पलटवार उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रेडियो गप्पिस्तान है। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का डेटा पेश करते हुए यह आरोप लगाए। रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौगांव में एक किलोवॉट तक के बिजली कनेक्शन का बिल माफ करने का वादा किया था। बिल माफी तो दूर शिवराज ने उल्टा उनके कनेक्शन का लोड बिना उनकी सहमति और बिना किसी आकलन के ही दो किलोवॉट कर दिया। उपभोक्ता की सहमति के बिना लोड किया दोगुनासुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक किलोवॉट तक के जिन कनेक्शन उपभोक्ताओं के बिल माफ होने थे, उनके बिल माफी से पहले ही उनके कनेक्शन का भार बढ़ाकर दो किलोवॉट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ग्राहक इस बिल माफी के दायरे से बाहर हो गए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह गरीब जनता के साथ धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि यह आरोप नहीं है। हम इसके तथ्य भी दे रहे हैं। इसके लिए 21 जिलों के 38 डिविजन के उपभोक्ताओं के डाटा का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का यह कार्य गरीबों के साथ धोखा होने के साथ ही गैरकानूनी भी है। सूरजेवाला ने शिवराज से पूछे पांच सवाल- क्या एक किलोवॉट तक के 20 लाख गरीब उपभोक्ताओं में से एक भी उपभोक्ता की फूटी कौड़ी माफ हुई है। सरकार की घोषणाएं धोखे व झूठ की बुनियाद परक्या एक किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित करने के आदेश जारी करने से पहले षड्यंत्रपूर्वक तरीके से उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन का भार दो किलोवॉट नहीं कर दिया गया। क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को उनके कनेक्शन के भार को बढ़ाने से पहले सूचित किया गया था या उनकी सहमति ली गई थी या उनके लोड का आकलन किया गया था। क्या ये लाखों गरीब परिवार दो किलोवॉट के कनेक्शन के साथ गरीबी रेखा की परिधि से षडयंत्रपूर्वक तरीके से बाहर कर दिए गए हैं। क्या शिवराज सरकार की सारी घोषणाएं ऐसे ही धोखे और झूठ की बुनियाद पर रखी गई हैं। सुरजेवाला के बयान पर आशीष अग्रवाल का पलटवारकांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा की “कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी, अब फर्जी आंकड़े कर रही है” जारी भोपाल। विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच मप्र की राजनीति में हलचल जारी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा गुरूवार को प्रदेश में बिजली को लेकर भाजपा के खिलाफ बयान जारी किया गया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। आशीष अग्रवाल ने सुरजेवाला को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक आकंड़ों से सावधान रहें। क्योंकि रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से परेशान हो गए हैं। कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी अब फर्जी आंकड़े जारी कर रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कपड़ा फाड़ और पुतला कोई विपक्ष दल नहीं फूंक रहा, बल्कि कांग्रेस के नेता ही फूंक रहे हैं। कांग्रेस में गुट या गिरोह चल रहा है

प्रियंका गांधी का कल दमोह दौरा, अजय टंडन के समर्थन में करेगी जनसभा।

Priyanka Gandhi will tour to Damoh tomorrow and hold a public meeting in support of Ajay Tandon. बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका पहला चुनावी दौरा, कल के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर। प्रियंका की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह। दमोह संवाददाता दमोह। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस युद्धस्तर पर जुटी हुई है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं। इसी क्रम में कल 28 अक्टूबर को प्रियंका गांधी दमोह आएंगी। यहां वह कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रियंका गांधी की इस रैली के पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित आसपास के जिलों के भी बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता व आमजन हिस्सा लेंगे। तैयारियों में जुटे नेता-नगरी, कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका गांधी का ये पहला चुनावी दौरा है। इससे पहले वह महाकौशल, मालवा, और विंध्य में जनसभाएं कर चुकीं हैं। प्रियंका गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पार्टी विशेष तैयारियां कर रही है। पार्टी नेताओं ने इस रैली में दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने दमोह से राहुल लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद राहुल लोधी का प्रचार करने दमोह आए थे। इसके बाद यहां से पार्टी को जीत मिली थी। हालांकि, राहुल लोधी पाला बदलकर बीजेपी में चले गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं इस बार भाजपा ने राहुल लोधी को टिकट तक नहीं दिया। भाजपा ने अपने पुराने नेता जयंत मलैया को उम्मीदवार बनाया है। बहरहाल, प्रियंका गांधी की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज विशाल रेली, दाखिल करेंगे नामांकन।

Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath will submit his nomination today for a large rally. संतोष सिंह तोमर भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ आज दोपहर को विशाल रेली निकालकर सैकड़ों समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कमलनाथ अपने राजनैतिक कैरियर में अभी तक दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही उपचुनाव लड़ा था और बीजेपी के कैंडिडेट विवेक बंटी साहू को करीब 25 हजार वोटों से हराया था। जबकी 2019 के पहले तक कमलनाथ लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस बार फिर कमलनाथ दोबारा छिंदवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे है। कमलनाथ की नामांकन रैली उनके निवास शिकारपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी जो छिंदवाड़ा नगर के श्री बड़ी माता मंदिर पहुंचेगी, यहां पर कमलनाथ पूजा अर्चना करेंगे, इसके बाद वे श्याम टॉकीज के प्राचीन राम मंदिर पहुंचेंगे जहां पर पूजा अर्चना कर एक रथ पर सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकलेंगे। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर उनकी रैली शुरू होगी, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उनकी रैली 2 बजे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी जहां पर वे समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मानसरोवर कांपलेक्स में होगी पहली सभा कमलनाथ की नामांकन रैली को लेकर विशेष तैयारियां कांग्रेस के द्वारा की गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे अपनी पहली चुनावी आमसभा मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में लेंगे, इस दौरान उनके साथ सांसद नकुलनाथ और तमाम कांग्रेस के नेता मौजूद रहेंगे। कमलनाथ की नामांकन रैली में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ेंगी इसको लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है।

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के ममाले में सागर ज़िले के राहतगढ़ थाने में दर्ज़ हुई FIR.

Govind Singh Rajput; Sagar; Rahatgarh; FIR; Code of Conduct; BJP;

FIR filed against Madhya Pradesh’s Transport and Revenue Minister Govind Singh Rajput

हरदा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया.

Harda; MP Elections; Kamal Patel; BJP; Surendra Jain;

The former president of Harda Municipal Council has resigned from the BJP’s state executive and primary membership of the BJP. हरदा, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल के बचपन के मित्र  सुरेंद्र जैन ने आज मप्र भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। कमल पटेल और सुरेन्द्र जैन ने साथ साथ राजनीति शुरु की। दोनों मित्र होने के साथ साथ एक दूसरे के गहरे राजदार भी हैं। कमल पटेल को विधायक व मंत्री बनाने सुरेन्द्र जैन ने दिन रात एक किया है। सुरेन्द्र जैन और उनकी पत्नि को अनेक बार नगर पालिका अध्यक्ष बनवाने में कमल पटेल ने हरसंभव मदद की है। हरदा की राजनीति में यह दोनों नेता दो शरीर एक जान माने जाते थे। दोनों सगे भाइयों से ज्यादा खास बनकर रहने वाले यह दोनों नेता अब एक दूसरे की शक्ल भी देखना पसंद नहीं कर रहे हैं। दरअसल इस झगड़े की शुरुआत कमल पटेल के बेटे की सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। सुरेन्द्र जैन ने हरदा से विधानसभा टिकट की दावेदारी की तो कमल पटेल के बेटे ने उन्हें गद्दार और उनके खून में गद्दारी जैसे शब्द लिख दिए। यह बात सुरेन्द्र जैन से ज्यादा उनके बेटे को चुभ गई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। मेरी जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र जैन ने बड़ा दिल रखकर प्रयास किया कि टिकट मिलने के बाद कमल पटेल फोन करेंगे तो वे सभी शिकवे शिकायत भुलाकर हमेशा की तरह उन्हें जिताने में जुट जाएंगे। लेकिन कमल पटेल ने न तो फोन किया और न ही किसी माध्यम के जरिए संपर्क किया। बल्कि संदेश आते रहे कि सुरेन्द्र जैन के बिना चुनाव जीतकर दिखाऊंगा। सुरेन्द्र जैन ने अपने स्वाभिमान के खातिर आखिर भारी मन से भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मुझे लगता है कि सुरेन्द्र जैन का भाजपा छोड़ना कमल पटेल को भारी पड़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

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