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सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा को समाज के हर व्यक्ति का अधिकार बताते हुए कहा है कि सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत है और इस पर सरकार को ज्यादा पैसा खर्च करना चाहिए ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिले और इसके स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। श्री गांधी ने कहा “मेरा मानना है कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की आवश्यकता है।”  

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

rahul gandhi meets iit students said responsibility of the govt to provide quality education लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ‘शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च’ उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ ‘शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ भारत को विश्व मंच पर समानता… राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’

निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार से भड़के राहुल गांधी, मनमोहन सिंह का अपमान किया, केजरीवाल ने भी केंद्र को घेरा

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका यहां निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे मनमोहन सिंह का अपमान करार दिया। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसे परंपरा का उल्लंघन बताया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है। एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं। आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना किसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए। डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था ।” सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने लिखा, “ये खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। इसके पूर्व भारत के सभी प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर किया जाता था। सिख समाज से आने वाले, पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त, 10 वर्ष भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह जी के अंतिम संस्कार और समाधि के लिए बीजेपी सरकार 1000 गज़ जमीन भी न दे सकी?” सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। बता दें कि इससे पहले मनमोहन सिंह की तीन बेटियों में से सबसे बड़ी बेटी उपिंदर सिंह ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। देश तथा दुनिया के कई गणमान्य लोगों, राजनीतिज्ञों और आम लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य हस्तियों ने सिंह को निगमबोध घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने भी निगमबोध घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कोर्ट का अब जाति जनगणना पर राहुल गांधी को नोटिस, बढ़ गईं मुश्किलें, गृह युद्ध की कोशिश

बरेली यूपी के बरेली की जिला अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव के दौरान जाति जनगणना वाले उनके बयान को लेकर नोटिस जारी किया है। इस मामले में राहुल को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। सुनवाई सात जनवरी को होनी है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने यह बयान दिया था जिसके खिलाफ वाद दायर किया गया है। याचिकाकर्ता और हिन्‍दूवादी नेता पंकज पाठक का कहना है, ‘हमें लगा कि राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान जो बयान दिया था, वह देश में गृहयुद्ध शुरू करने की कोशिश जैसा था। हमने सबसे पहले उनके खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में केस दायर किया था। उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद हम डिस्ट्रिक्ट जज कोर्ट में गए, वहां हमारी अपील स्वीकार कर ली गई और राहुल गांधी को नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में तारीख 7 जनवरी है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक बयान में सरकार में आने पर जाति जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण कराने की बात कही थी। इस बयान को लेकर तब काफी विरोध हुआ था। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाया। कहा गया कि राहुल, जाति जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर संपत्ति विभाजन की बात कह रहे हैं। जिसकी भागीदारी अधिक होगी अगर उसकी संपत्ति कम है तो कम आबादी वाले जिसकी संपत्ति अधिक है उससे लेकर कम संपत्ति वालों को दे दी जाएगी। आरोप लगा कि राहुल गांधी एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए इस तरह के बयान देते हैं। हिन्‍दूवादी नेता पंकज पाठक ने बरेली कोर्ट में इसे लेकर वाद दायर किया था। इस वाद को सुनवाई के बाद कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था। अब इस पर रिविजन दायर हआ है जिस पर सात जनवरी को सुनवाई होगी। इसी को लेकर राहुल गांधी को नोटिस जारी किया गया है।

राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा- बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे

नई दिल्ली गुरुवार को संसद परिसर में एक बड़ा विवाद हुआ, जिसमें दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सांसदों ने उनके नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया। बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे- राहुल गांधी राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा कि जब वह और उनके साथी संसद के मकर द्वार से अंदर जा रहे थे, तब बीजेपी के सांसदों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे और इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। कुछ लोग गिर भी गए।” राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी संविधान पर हमला कर रही है और अंबेडकर का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा, “मुख्य मुद्दा यह है कि ये लोग संविधान पर हमला कर रहे हैं।” खरगे जी के साथ धक्का-मुक्की की राहुल ने आगे कहा कि मकर द्वार पर बीजेपी के सांसदों ने उन्हें और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं को रोकने की कोशिश की और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि कैमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हो गया है और बीजेपी सांसद उन्हें संसद में जाने से रोक नहीं सकते हैं। राहुल गांधी ने धक्का दिया- प्रताप सारंगी वहीं, बीजेपी सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जिससे वह सांसद गिरकर उनके ऊपर आ गिरा और उनके सिर में चोट लग गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया और बीजेपी के नेता उन्हें देखने पहुंचे। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के साथ भी धक्का-मुक्की हुई थी और यह सब कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। विपक्षी सांसद संसद में निकाल रहे थे प्रोटेस्ट मार्च इस विवाद के बीच, इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रहे थे। यह मार्च बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के खिलाफ निकाला जा रहा था। शाह ने बीआर आंबेडकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे विपक्ष ने आंबेडकर का अपमान करार दिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शाह के इस्तीफे और माफी की मांग की है। विरोध के दौरान इंडिया ब्लॉक के नेता आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक मार्च कर रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने जानबूझकर आंबेडकर का अपमान किया और उनका यह अपराध माफ नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी पूरे तंत्र के जरिए शाह को बचाने में लगी है, जबकि वे माफी मांगने के बजाय धमकियां दे रहे हैं।

एनडीए सांसदों ने लगाया फेक नैरेटिव फैलाने का आरोप, राहुल गांधी ने संसद में वीर सावरकर पर की टिप्पणी

नई दिल्ली। लोकसभा में शनिवार को संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और वीर सावरकर पर निशाना साधते हुए सदन में संविधान मनुस्मृति की प्रतियां लहराईं। उन्होंने सत्ता पक्ष से पूछा कि आपके नेता ने संविधान की जगह मनुस्मृति से देश चलाने की वकालत की थी। इस पर शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और भाजपा के पी.पी. चौधरी ने कांग्रेस पार्टी पर संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया। श्रीकांत शिंदे ने कहा, “राहुल गांधी ने संविधान छोड़कर सभी मुद्दों पर बात की। वह जो हर समय सावरकर जी को गाली देने का काम करते हैं, उन्होंने आज भी वही किया। लेकिन, मैंने उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधा का पत्र उनको दिखाया। उनको यह बात पता नहीं थी कि इंदिरा गांधी के विचार सावरकर के लिए क्या थे। आज उनको पता चला, इसलिए वह तिलमिला उठे। उनको लगा कि यह बात उन्हें पता ही नहीं थी। वह संविधान को हाथ में पकड़ने के नाम पर कोरे कागज लेकर घूम रहे थे। लोगों में फेक नैरेटिव फैलाने का काम उन्होंने लोकसभा चुनाव में किया। वह नैरेटिव सिर्फ लोकसभा चुनावों तक चला। इसके बाद लोगों ने इन्हें हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में उठाकर राज्य के बाहर फेंक दिया।” भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी ने कहा, “कांग्रेस सरकार में जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी से होते हुए मनमोहन सिंह तक सभी ने सरकारों को भंग किया। इंदिरा गांधी के समय सबसे ज्यादा सरकारें भंग हुईं। हर साल करीब तीन सरकार भंग होने का औसत रहा। इससे बड़ा संविधान पर हमला क्या हो सकता है। हमेशा जवाहर लाल नेहरू चाहते थे और कांग्रेस भी चाहती है कि न्यायिक व्यवस्था उनके नीचे रहे। न्यायिक व्यवस्था स्वतंत्र न रहे। सबसे पहले न्यायाधीश कानिया जब रिटायर हुए तो उस समय भी नए सीजेआई बनाने में कांग्रेस सरकार ने वरिष्ठता के पैमाने को दरकिनार कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने संविधान का सबसे ज्यादा मजाक उड़ाया है।

राहुल गांधी ने संसद परिसर में जताया अनोखा विरोध, मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एक अनोखे तरीके से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने संसद परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया। यह घटना तब घटी जब राजनाथ सिंह अपनी कार से संसद परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार रुकी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता उनके पास पहुंचे और उन्हें तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट कर दिया। यह प्रतीकात्मक रूप से उनके विरोध का इजहार था और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में होने वाली चर्चा से बचने का आरोप था, खासकर अडानी समूह के साथ जुड़ी कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम गांधीवादी विचारधारा पर आधारित था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने तिरंगा और गुलाब का फूल संसद में सत्तापक्ष के सांसदों को भेंट कर यह संदेश देने की कोशिश की कि वे अडानी के खिलाफ आरोपों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने संसद को काम न करने देने की कसम खाई है और विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि अडानी मामले पर सदन में चर्चा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और अडानी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 20 नवंबर से संसद के सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने अडानी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा की मांग की, जबकि बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के जॉर्ज सोरोस से संबंध हैं। बीजेपी ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित एक संगठन ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस तरह के आरोपों को लेकर भी सदन में तू-तू, मैं-मैं का माहौल बना हुआ है। संसद में विपक्ष के प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने के साथ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। 10 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन के दलों ने राज्यसभा में धनखड़ को हटाने के लिए एक नोटिस दिया। इन दलों का आरोप है कि उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ ने हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है। हालांकि, विपक्ष के पास राज्यसभा में धनखड़ के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने के लिए जरूरी सदस्य संख्या की कमी है, फिर भी यह कदम एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं।   इन घटनाओं के बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार अडानी मामले पर संसद में चर्चा कराए। उनका कहना है कि यदि इस मामले पर चर्चा नहीं की जाती है, तो यह संसद और लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। विपक्ष का यह मानना है कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा करने की अनुमति दे, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके। राहुल गांधी द्वारा तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट करने की यह घटना न केवल विरोध का प्रतीक बन गई, बल्कि यह देश की राजनीति में एक नई दिशा को भी जन्म देती है। इसने यह भी दिखा दिया कि कैसे विपक्ष अपनी असहमति को शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से व्यक्त कर सकता है, जैसा कि गांधी के समय में हुआ करता था। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच यह सवाल उठाया है कि क्या भारत की संसद में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र की मजबूती का संकेत हैं या यह केवल राजनीतिक दांवपेंच का हिस्सा हैं। 

गुलाबी नगरी में ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में होंगे शामिल, राजस्थान-जयपुर में मोदी से पहले पहुंचे राहुल गांधी

जयपुर. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुबह जयपुर पहुंचे। वे यहां सामोद में आयोजित कांग्रेस के ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में शामिल होने आए हैं। एयरपोर्ट पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राहुल गांधी का स्वागत किया। राजस्थान में इनवेस्टमेंट समिट के उद्घाटन से एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को जयपुर पहुंचे। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निवेश समिट का उद्घाटन करने जयपुर पहुंच रहे हैं। हालांकि राहुल यहां सामोद में आयोजित कांग्रेस के ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में शामिल होने आए हैं। राहुल गांधी सुबह करीब 7 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने उनका भव्य स्वागत किया। अशोक गहलोत ने उन्हें सूत की माला पहनाई और पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने गुलदस्ता भेंट किया। राहुल गांधी का यह 17 दिनों में दूसरा जयपुर दौरा है। इससे पहले वे एक शादी समारोह में शामिल होने जयपुर आए थे। ‘नेतृत्व संगम’ ट्रेनिंग कैंप कांग्रेस का ‘नेतृत्व संगम’ ट्रेनिंग कैंप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इस कैंप का उद्देश्य पार्टी में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और नेताओं को पार्टी की विचारधारा और रणनीतियों से परिचित कराना है। राहुल गांधी इस कैंप में महत्वपूर्ण सत्रों का हिस्सा बनेंगे, जिसमें आगामी चुनावों की रणनीति, युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद शामिल होगा। कैंप में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संवाद और प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जिसमें कांग्रेस के आगामी चुनावी एजेंडे और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा होगी।

मोदी अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच नहीं कर सकते क्योंकि वह खुद जांच के दायरे में आ जाएंगे: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच नहीं कर सकते क्योंकि वह खुद जांच के दायरे में आ जाएंगे। उन्होंने संसद परिसर में अदाणी समूह के मामले को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और अदाणी एक हैं। राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘अदाणी की जांच मोदी नहीं करा सकते, क्योंकि अगर वह जांच कराएंगे तो खुद उनकी जांच होगी।’’ उन्होंने जो टी-शर्ट पहन रखी थी उसके पीछे ‘मोदी-अदाणी एक हैं, अदाणी सेफ हैं’ लिखा हुआ था। रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी और कंपनी के अन्य अधिकारियों पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अभियोग लगाए जाने के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल संयुक्त संसदीय समिति से आरोपों की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में इस मामले को लेकर उद्योगपति गौतम अदाणी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। अदाणी समूह ने सभी आरोपों को आधारहीन बताया है।  

राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी, पर मोदी हैं तो सेफ हैं

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारोबारी गौतम अडानी पर अमेरिका में लगे आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। राहुल गांधी ने कहा कि हम गौतम अडानी के मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे। इस बार तो हमने आरोप नहीं लगाए हैं बल्कि अमेरिका में यह मसला उठा है। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी और मोदी एक हैं तो सेफ हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। मुझे उनके काम करने के तरीके से आपत्ति है। अडानी पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और कीनिया समेत कई देशों में ऐसे ही काम करने का आरोप हैं। यही नहीं राहुल गांधी ने कहा कि सेबी की अध्यक्ष माधवी बुच के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि आप लोगों को जागरूक करता रहूं। यह जरूरी है कि रिटेल निवेशकों को बचाया जाए। इसलिए सेबी की अध्यक्ष पर भी ऐक्शन लिया जाए और उन्हें पद से ही हटा दिया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में बिजली ही इसलिए महंगी हो रही है ताकि गौतम अडानी को अमीर किया जाए। उन्होंने कहा कि हम संसद में मिलकर मसला उठाएंगे। गौतम अडानी ने 2000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उन्होंने अमेरिका और भारत के निवेशकों से झूठ बोला है। एफबीआई का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिका और भारत में क्रिमिनल ऐक्ट किया है। इसके बाद भी अब सीबीआई और ईडी क्यों कुछ नहीं कर रहे हैं। हम तो जानते हैं कि अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। हमारा काम है कि जनता को बताएं कि क्या गलत हो रहा है। हम पहले भी कह चुके हैं कि हमारे पास औजार नहीं हैं, जो विपक्ष के पास होने चाहिए। आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हमसे भाजपा के सवाल पूछे जा रहे हैं। दूसरी तरफ 2000 करोड़ रुपये का घोटाला होने के बाद भी गौतम अडानी के खिलाफ ऐक्शन नहीं हो रहा है। हरियाणा में नेता विपक्ष चुनने पर बोले- एफबीआई जांच कर रही है राहुल गांधी से इस दौरान एक पत्रकार ने हरियाणा चुनाव को लेकर सवाल पूछा तो वह मजाकिया अंदाज में बोले कि आइए इसी पर बात कर लें। उन्होंने कहा कि आप पूछ रहे हैं कि वहां नेता विपक्ष क्यों नहीं चुना गया। इस मामले की एफबीआई जांच कर रही है और जब रिपोर्ट आ जाएगी तो फिर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस पर मीडियाकर्मी ने कहा कि आप मुद्दे को भटका रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं मुद्दे को भटका नहीं रहा बल्कि मजाक कर रहा हूं।

मैं कहना चाहता हूं कि संविधान उनके लिए खाली है क्योंकि उन्हें पता नहीं है कि संविधान के अंदर क्या लिखा है: राहुल गांधी

नंदुरबार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को महाराष्ट्र के नंदुरबार में थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। यहां उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा है कि दो विचारधाराओं और दो सोच की टक्कर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं जनता के बीच जो संविधान दिखाता हूं वह खाली है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान उनके लिए खाली है क्योंकि उन्हें पता नहीं है कि संविधान के अंदर क्या लिखा है। राहुल गांधी ने कहा, मुझे लाल रंग से फर्क नहीं पड़ता है। संविधान के अंदर जो लिखा है इसके लिए मैं जान देने के लिए तैयार हैं। इंडी एलायंस संविधान की रक्षा कर रही है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि संविधान खोखला नहीं है। इसमें बिरसा मुंडा, भगवान बुद्ध, गांधी, फुले की सोच है। इस संविधान में हिंदुस्तान का ज्ञान है, देश की आत्मा है। जब पीएम नरेंद्र मोदी संविधान को खोखला कहते हैं, तो वे बिरसा मुंडा जी, भगवान बुद्ध, गांधी जी, फुले जी, अंबेडकर जी का अपमान करते हैं। संविधान में आपको ‘आदिवासी’ नाम दिया गया है। लेकिन भाजपा-आरएसएस के लोग आपको ‘वनवासी’ कहते हैं। आदिवासी और वनवासी में बहुत बड़ा फर्क है। आदिवासी का मतलब- हिंदुस्तान के पहले मालिक। वनवासी का मतलब- जल, जंगल, जमीन पर आपका कोई अधिकार नहीं है। आपके इसी अधिकार को बचाने के लिए बिरसा मुंडा जी अंग्रेजों से लड़े थे। आज यही सोच लेकर नरेंद्र मोदी और भाजपा के लोग घूम रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि महाराष्ट्र की सरकार यहां के प्रोजेक्ट्स को दूसरे प्रदेश में भेजती है, इस कारण यहां के लोगों को नौकरी करने दूसरे राज्य में जाना पड़ता है। महाराष्ट्र सरकार ने करीब 5 लाख रोजगार छीन लिए। यही कारण है कि यहां के युवा बेरोजगार हैं। लेकिन हमारी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। जो प्रोजेक्ट गुजरात का है, वो उनका रहेगा और जो महाराष्ट्र का है, वो यहां से कहीं और नहीं जाएगा।

राहुल गांधी ने कमला हैरिस को लिखी चिट्ठी, आपका संदेश लोगों को प्रेरित करता रहेगा

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप की जबरदस्त जीत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत दुनियाभर के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप को जीत की बधाई दी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्रंप को जीत की बधाई दी है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव हारने वालीं डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार रहीं कमला हैरिस को पत्र लिखा है। राहुल गांधी की ओर से सात नवंबर को पहले डोनाल्ड ट्रंप को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति बनने के लिए बधाई देता हूं। लोगों ने भविष्य के लिए आपके नजरिए पर भरोसा किया है। भारत और अमेरिका ऐतिहासिक दोस्ती साझा करते हैं, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता से जुड़ी है। हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में दोनों देश आपसी हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेंगे। मुझे यह उम्मीद है कि हम आगे भी भारतीयों और अमेरिकियों के लिए अवसरों का विस्तार करने की दिशा साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में आपके दूसरे कार्यकाल के दौरान आपको शुभकामनाएं देता हूं’। राहुल गांधी ने सात नवंबर को ही कमला हैरिस को पत्र लिखा। इसमें राहुल गांधी ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति कह कर संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं आपको आपके जोशीले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के लिए बधाई देना चाहता हूं। आपका उम्मीद से भरा जोड़ने वाला संदेश लोगों को प्रेरित करता रहेगा। जो बाइडेन प्रशासन के तहत, भारत और अमेरिका ने वैश्विक महत्व के मुद्दों पर सहयोग गहरा किया है। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमारी दिस्ती का मार्गदर्शन करती रहेगी। उपराष्ट्रपति के रूप में, लोगों को एक साथ लाने और साझा आधार खोजने के आपके दृढ़ संकल्प को याद किया जाता रहेगा। मैं आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

राहुल गांधी ने कहा- सभी क्षेत्रवासियों ने मिल कर बहुत प्यार दिया और पूरे हक़ के साथ अपनी समस्याएं बताई

रायबरेली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे। यहां पर राहुल गांधी कलेक्ट्रेट परिसर में बचत भवन में आयोजित दिशा बैठक (जिला विकास समन्वय व अनुश्रवण समिति) में भी शामिल हुए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इसकी जानकारी दी। राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, “रायबरेली से मेरा रिश्ता चाहे जितना भी पुराना हो, हर बार पहुंच कर और भी गहरा हो जाता है। सभी क्षेत्रवासियों ने मिल कर बहुत प्यार दिया और पूरे हक़ के साथ अपनी समस्याएं बताई।” उन्होंने आगे लिखा, “सांसद के रूप में आज रायबरेली की पहली ‘दिशा’ कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पूरे क्षेत्र की परेशानियों और प्रगति कार्यों पर चर्चा की। साथ ही नवनिर्मित शहीद चौक एवं सड़कों का अनावरण भी किया। रायबरेली ने मुझे अपनी आवाज बनाकर सम्मान दिया है। उनकी जरूरतों की पूर्ति, समृद्धि और समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा तत्पर हूं।” बता दें कि राहुल गांधी बैठक में शामिल होने से पहले लखनऊ-रायबरेली सीमा पर बने चुरुवा हनुमान मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने हनुमान जी के दर्शन किए। इसके बाद वह बछरावां पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद सुबह 10:45 बजे वह रायबरेली शहर पहुंचे, जहां उन्होंने फिरोज गांधी डिग्री कालेज चौराहा पर बने शहीद चौक का उद्घाटन किया। इसके बाद इसके बाद कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाई गईं 70.900 किमी की 9 सड़कों का लोकार्पण भी किया। सड़क निर्माण में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक का उपयोग हुआ है।

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

हरियाणा में हार नसीब के बाद अब महारास्ट्र और झारखण्ड में अलर्ट मोड़ में कांग्रेस: राहुल गांधी

नई दिल्ली हरियाणा में जीत सामने देख रही कांग्रेस को अंत में हार नसीब हुई। इस करारी हार को अब तक कांग्रेस हजम नहीं कर पाई है। इस नतीजे की एक वजह ओवर कॉन्फिडेंस भी मानी जा रही है। यही वजह है कि पार्टी अब महाराष्ट्र में हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहती है। सोमवार को महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं के साथ हुई मीटिंग में राहुल गांधी ने अलर्ट भी किया कि आप लोगों को ओवर कॉन्फिडेंस से बचना होगा। उन्होंने कहा कि आप लोग एकजुट होकर काम करें और किसी भी तरह के अति आत्मविश्वास से बचें। चुनाव आयोग आज ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐलान करने वाला है। इसके साथ ही झारखंड के विधानसभा चुनावों का भी शेड्यूल जारी किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर बहुमत से रोकने वाली कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में अच्छे नतीजे लाएगी। खासतौर पर हरियाणा में तो पार्टी को अपने दम पर सत्ता की उम्मीद थी, लेकिन नतीजे ने चौंका दिया। भाजपा लगातार तीसरी बार हरियाणा में जीत गई। अब भाजपा को महाराष्ट्र में जीत का भरोसा जग गया है, जबकि कांग्रेस वहां अब सावधानी के साथ ही चलना चाहती है। अब तक कांग्रेस महाराष्ट्र में इस भरोसे में रही है कि वह पहले नंबर पर रहेगी। बता दें कि महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग भी INDIA अलायंस के लिए एक चैलेंज है। उद्धव ठाकरे गुट सबसे ज्यादा सीटें चाहता है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को देखते हुए वह सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ेगी। हालांकि इस बात पर तीनों के बीच सहमति दिखती है कि वह किसी भी हाल में एक साथ ही चुनाव में उतरेंगे। बता दें कि महाविकास अघाड़ी को लोकसभा चुनाव में अच्छी सफलता मिली थी। राज्य की 48 में से 31 सीटों पर गठबंधन जीता था। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को महज 17 पर ही जीत मिली थी। तभी से राज्य में INDIA अलायंस उत्साहित है, लेकिन हरियाणा के नतीजों ने राहुल गांधी से लेकर पूरी पार्टी को ही अलर्ट कर दिया है। इसी वजह से पूरी कोशिश है कि मतभेद वाले मुद्दों को फिलहाल दूर ही रखा जाए। सीएम फेस घोषित नहीं किया जाएगा। अब तक तीनों दलों के बीच जो बात हुई है, उसके अनुसार कांग्रेस 110 से 115 सीटें लड़ सकती है। वहीं 90 से 95 सीटें उद्धव सेना को मिलने की उम्मीद है। शरद पवार की एनसीपी के खाते में 80 से 85 सीटें जा सकती हैं।

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