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80 दिन में होंगे 210 प्रश्नपत्र, राजस्थान-लोक सेवा आयोग 31 भर्तियों के लिए करवाएगा 162 परीक्षाएं

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2025 के जनवरी से दिसंबर माह तक आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया गया है। कार्यक्रमानुसार जनवरी से दिसंबर माह तक 31 भर्तियों के अन्तर्गत कुल 162 परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें आयोग द्वारा 210 प्रश्नपत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 80 दिवसों में किया जाएगा। आयोग की परीक्षाओं के संदर्भ में विगत समय से अभ्यर्थियों की अपेक्षा रही है कि संघ लोक सेवा आयोग की भांति राजस्थान लोक सेवा द्वारा भी भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी हेतु समुचित समय मिल सके। इसीके दृष्टिगत आयोग द्वारा परीक्षा की प्रस्तावित परीक्षा दिनांक विज्ञापन के साथ अथवा कुछ समय के बाद ही जारी करते हुए नियत कार्यक्रमानुसार परीक्षाओं के आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोग द्वारा वर्ष 2025 में प्रस्तावित परीक्षाओं के कार्यक्रम में 10 भर्ती परीक्षाओं की पूर्व में प्रस्तावित दिनांक में संशोधन एवं 7 अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा तिथि को सम्मिलित किया गया है। उक्त सभी परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।                        आयोग द्वारा घोषित आगामी परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा दिनांकः- क्रंसं  परीक्षा का नाम                                                                    प्रस्तावित परीक्षा दिनांक 1      असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024                   19/01/2025 2      राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    2/02/2025 3      लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16/2/2025 4      आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024    23/3/2025 5      एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    20/04/2025 6      पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024     4 से 6 मई 2025 7     असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर, जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024                                                                                    7/5/2025 8    सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    12 से 16 मई 2025 9    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25     12 से 16 मई 2025 10    पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    17 /05/ 2025 11    असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024                        1 /06/ 2025 12    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल एजुकेशन) परीक्षा: वि.सं 23/2024-25        23 जून सेे 6 जुलाई 2025 13    लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024                       23 जून सेे 6 जुलाई 2025 14    टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024                  7/07/2025 15    बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                  7/07/2025 16    जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024 8/07/2025 17    असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024             8/07/2025 18    असिस्टेंट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                                        9/07/2025 19    रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                    10/07/2025 20    डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                     13/07/2025 21    असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024               29/07/2025 22    ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024              29/07/2025 23    वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024                 30 जुलाई सेे                                                                                                            1 अगस्त 2025 24    एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      17/08/2025 25    सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                7 से 12 सितंबर 2025 26    प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                            13/09/2025 27    सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024                      28/09/2025 28    सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग)         प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                        12/10/2025 29    एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट परीक्षा-2024                                                    12 से 19 अक्टूबर 2025 30    सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      09/11/2025 31    असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024              1 से 12 दिसंबर,                                                                                                             15 से 19 दिसंबर एवं                                                                                                             22 से 24 दिसंबर 2025

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले व्यक्तित्व थे अटल जी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुलेंगे अटल ज्ञान केन्द्र, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने अटल जन्म शताब्दी दिवस कार्यक्रम में की घोषणा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर अटल ज्ञान केन्द्र शुरू करने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। इन केन्द्रों के लिए स्थानीय युवक-युवती का अटल प्रेरक के रूप में चयन किया जायेगा। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। अटल ज्ञान केन्द्रों पर खुलेंगी लाइब्रेरी— उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के स्व-अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आमजन में पढ़ने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों पर लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों पर कैरियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आमजन को सुगमता से मिल सकेगा योजनाओं का लाभ— श्री शर्मा ने कहा कि पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अटल प्रेरक कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि ई-मित्र की तर्ज पर इन केन्द्रों पर भी कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन के अतिरिक्त जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, मूल निवास एवं राशन कार्ड इत्यादि जन-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर आमजन के कार्य सुलभ एवं सुगम रूप से सम्पादित हो सकेंगे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार इन केन्द्रों के विकास पर लगभग 500 करोड़ रुपये का व्यय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्री वाजपेयी की स्मृति में राज्य सरकार ने 26 दिसम्बर को प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर अटल जन सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय भी किया है। साथ ही, हमारी सरकार ने ई-गवर्नेंस अवार्ड का नाम बदलकर अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड और राजकीय विद्यालयों के कंप्यूटर कक्ष का नामकरण अटल कंप्यूटर कक्ष करने का निर्णय भी किया है।

5.47 लाख लोगों ने अब तक लिया लाभ, राजस्थान-मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर में मौके पर जांच और उपचार

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शुरू किए गए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आमजन भरपूर लाभ ले रहे हैं। चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में 15 दिसम्बर से आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में मात्र 5 आयोजन दिवस में अब तक 5 लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श लिया है। अभियान के तहत प्रथम चरण में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर विशेष स्वास्थ्य जांच व उपचार के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक 1402 शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें 2 लाख 21 हजार से अधिक व्यक्तियों की डायबिटीज और ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, 1 लाख 23 हजार से अधिक व्यक्तियों की ओरल, 54 हजार की ब्रेस्ट एवं 25 हजार से अधिक की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग में 3 हजार से अधिक व्यक्तियों में कैंसर रोग की संभावना पाई गई है। इसी प्रकार करीब 63 हजार की ईएनटी जांच की गई एवं 20 हजार से अधिक महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। करीब 39 हजार व्यक्तियों की टीबी जांच की गई, जिनमें से 529 टीबी पॉजिटिव पाए गए। शिविर में लगभग 4 लाख 42 ​हजार रोगियों को नि:शुल्क दवा योजना से लाभान्वित किया गया। 3 लाख 20 हजार का एलोपैथी से उपचार— श्रीमती राठौड़ ने बताया कि शिविरों के दौरान 3 लाख 20 हजार लोगों को एलोपैथी पद्धति से एवं 83 हजार से अधिक को आयुष पद्धति से उपचारित किया गया। करीब 10 हजार को टेलीकंसलटेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। साथ ही, 850 रोगियों को एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार हेतु भेजा गया। करीब 11 हजार लोगों को उपचार के लिए रेफरल शिविर हेतु रेफर किया गया। शिविर में अब तक 50 हजार लोगों की आभा आईडी बनाई गई। इसी प्रकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 966 सैम्पल जांच हेतु लिए गए और 100 फूड लाइसेंस जारी किए गए। 31 जनवरी तक 3463 शिविर आयोजित होंगे— निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि आयोजित किए जा रहे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन को सामान्य बीमारियों की जांच-उपचार सेवाओं सहित कैंसर, टीबी जैसे घातक रोगों की हैल्थ स्क्रीनिंग, काउंसलिंग व आवश्यकतानुसार रेफरल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 31 जनवरी 2025 तक प्रदेशभर में कुल 3463 शिविर आयोजित करना निर्धारित है, जिनमें पीएचसी, सीएचसी स्तर पर कुल 3061 शिविर, 352 पंचायत समिति मुख्यालय पर और शेष 50 शिविर जिला चिकित्सालयों में रेफरल शिविर के रूप में आयोजित किए जाएंगे। 37 प्रकार की जांचें उपलब्ध— अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील परमार ने बताया कि आरोग्य शिविरों में 37 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों और जिला चिकित्सालय स्तर पर उपलब्ध दवाइयां, आवश्यक सर्जरी वाले रोगियों के लिए एम्बूलेंस के माध्यम से रेफर सेवाएं, दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड बनाने के साथ ही टेलीकंसलटेंसी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा उपचार-परामर्श इत्यादि सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जा रही है। साथ ही, आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने की दृष्टि से मौके पर ही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है तथा रजिस्टेशन एवं लाइसेंस आदि कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बैठक में दिए निर्देश, राजस्थान-पर्यटन की व्यापक ब्रांडिंग की जाये

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में बुधवार को पर्यटन भवन में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन सचिव पर्यटन विभाग श्री रवि जैन एवं पर्यटन आयुक्त श्री विजयपाल सिंह भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत पर्यटन के क्षेत्र में हुए एमओयू को सौ फीसदी धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन विभाग संकल्पित होकर कार्य करें।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस हेतु प्रगति की शासन सचिव श्री रवि जैन हर सप्ताह समीक्षा करेंगे तथा वे स्वयं प्रत्येक महीने समीक्षा करेंगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मेरा मानना है कि राजस्थान को एक समग्र ब्रांड के रूप प्रचारित – प्रसारित किया जाए। हमें पूरे राजस्थान को एक ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसी प्रकार जयपुर तथा राज्य के अन्य जिलों को पर्यटन ब्रांड बनाने के लिए प्रचार- प्रसार किया जाए। उन्होंने एआर वीआर, फिल्म के लिए निर्देश दिए कि ये फिल्म राजस्थान के लिए आकर्षण और कौतुहल जगाने वाली होनी चाहिए। फिल्म ऐसी हो जिससे स्मारकों को देखने के लिए जिज्ञासा और कौतुहल जगाए ताकि पर्यटक उस पर्यटन स्मारकों को देखने के लिए लालयित होकर वहां तक पहुंचे। इस हेतु फिल्म निर्माण में बेहतर, सर्वश्रेष्ठ कार्यों का चुनाव होना चाहिए। इसी प्रकार ऐप भी ऐसा विकसित हो जो स्मारकों को देखने के लिए वहां तक पहुंचने के लिए प्रेरित और गाइड करें। बैठक में सोशल मीडिया पर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया इन्फेलुन्सर मीट कराने पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने 7-9 मार्च, 2025 को जयपुर में आयोजित होने वाले 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी (आईफ़ा) पुरस्कार समारोह के आयोजन, पर्यटन विभाग की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, नई पर्यटन नीति आदि पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने महाराणा प्रताप पेनोरमा विकास करने, मोनूमेंट्स साइटस पर लाइट एन्ड साउंड शो करवाने, मोनूमेंट्स अडॉप्ट करने आदि विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। दिया कुमारी ने राजस्थान राज्य के संग्रहालयों के विकास लिए केंद्रीय योजनाओं में मिल रहें आर्थिक सहयोग प्राप्त करने सहित केंद्र की पर्यटन विकास की योजनाओं का राज्य में बेहतर क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जयपुर परकोटा में लाइटिंग, सफाई आदि को सुव्यवस्थित किये जाने, चारदिवारी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के निस्तारण पर भी चर्चा कर निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि साइनेज सुंदर और सूचनाओं से सुसज्जित हो। बैठक में जयपुर और राज्य के अन्य जिलों में राजस्थान दिवस के आयोजन हेतु भी चर्चा की गई।

35 लाख किसानों को फसली ऋण देने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री भजनलाल, राजस्थान-सहकार से समृद्धि अभियान का हुआ राज्य स्तरीय समारोह

जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी पर देश भर में 10 हजार नवगठित एम-पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। साथ ही, इन नवगठित पैक्स के बहुउद्देशीय बनने से ग्रामीण स्तर पर संसाधनों की सुगम उपलब्धता संभव हो सकेगी एवं ग्रामीणों को त्वरित सुविधाएं भी मिल सकेंगी।  शाह नई दिल्ली में सहकार से समृद्धि अभियान कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा आरआईसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। इस अभियान के तहत देश भर में 10 हजार नवगठित एम-पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया। चयनित समितियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर श्री शाह ने राजस्थान के अलवर जिले से घेवर पैक्स के अध्यक्ष श्री रमेश चंद शर्मा को पंजीकरण का प्रमाण पत्र वितरित किया। वाजपेयी को सहकारिता को मुख्यधारा में लाने का श्रेय— शाह ने कहा कि भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनता की आवाज बनकर हम सबका मार्गदर्शन किया। उन्होंने देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र, कारगिल विजय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और भाषाओं को जीवंतता देने के लिए संगठित प्रयास जैसे अनेक काम किए जिससे देश को नई दिशा मिली। उनका पूरा जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अटल जी ने सहकारिता को मुख्य धारा में लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और आगामी पांच साल में 2 लाख नए पैक्स बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। हमारा विश्वास है कि पांच वर्ष से पहले ही हम 2 लाख पैक्स बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। नई एसओपी जारी, 15 हजार गांवों में खुल सकेंगे पैक्स— केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज पैक्स के कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल का अनावरण किया गया है। पैक्स को 32 प्रकार की नई गतिविधियों से जोड़ा गया है जिससे यह बहु-आयामी बन सकें। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय पैक्स के लिक्विडेशन के लिए भी एसओपी जारी की गई है। जिसके माध्यम से 15 हजार गांवों में नए पैक्स खोलने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इन पैक्स में आधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया है जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लगातार ऐसे नवाचार किए जा रहे हैं जिससे सहकारिता जमीनी स्तर पर सशक्त बने और ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिले। सहकार से समृद्धि लाने के लिए राज्य सरकार समर्पित— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि श्री वाजपेयी की जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य पर हम सुशासन दिवस बना रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से हमें यह सिखाया है कि सुशासन का अर्थ आमजन को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने से है और सहकारिता उसका सबसे बड़ा माध्यम है। श्री वाजपेयी जी ने ही किसानों को ऋण उपलब्धता में सुगमता के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का नवाचार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं व आमजन को जागरूक और सशक्त किया जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार तत्पर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री की पहल पर सहकार से समृद्धि अभियान शुरू किया है जिसके माध्यम से बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों, डेयरी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकार आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश में नए को-ऑपरेटिव कोड ला रही है। इन नए कोड को अमलीजामा पहनाने के लिए समिति भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिला और किसान परिश्रम और त्याग कर सहकारिता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारी सरकार भी सहकारिता में काम करने वालों की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर है। 8 हजार समितियां कर रही किसानों की सेवा— उन्होंने कहा कि राजस्थान में करीब 8000 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि इन समितियों में अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि सहकारिता से समृद्धि अभियान के तहत प्रदेश में डेयरी समितियों एवं इनके सदस्यों को सहकारी बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से हमारी सरकार बिना ब्याज फसली ऋण उपलब्ध करवा रही है। इस वर्ष हमने 35 लाख किसानों को 23 हजार करोड़ रूपये के फसली ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

गत वर्ष की तुलना में आई 2.54 प्रतिशत कमी, राजस्थान-नवंबर में वस्तुओं का 401.32 रहा थोक मूल्य सूचकांक

जयपुर। राज्य का माह नवंबर, 2024 को सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक आधार वर्ष (1999-2000) पर गत माह की तुलना में 0.82 प्रतिशत की कमी के साथ 401.32 रहा। माह नवंबर, 2024 में प्राथमिक वस्तु समूह सूचकांक 457.69 एवं ईधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह सूचकांक 568.11 तथा विनिर्मित उत्पाद समूह सूचकांक 308.62 अंक रहा है। राज्य के मासिक सामान्य थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति नवंबर, 2024 में गत वर्ष नवम्बर माह की तुलना में 2.54 प्रतिशत रही है। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री विनेश सिंघवी ने बताया कि माह नवंबर, 2024 में प्राथमिक वस्तु समूह का सूचकांक गत माह की तुलना में 2.04 प्रतिशत की कमी के साथ 457.69 रहा है। प्राथमिक वस्तु समूह के सूचकांक में कमी का मुख्य कारण इसके अंतर्गत कृषि उप समूह सूचकांक में 2.19 प्रतिशत एवं खनिज उप समूह सूचकांक में 0.95 प्रतिशत की कमी दर्ज होना रहा है। उन्होंने बताया कि आलोच्य माह में प्राथमिक वस्तु समूह में कृषि मद समूह के सूचकांक के अन्तर्गत दालों में 3.85 प्रतिशत, फलों में 52.71 प्रतिशत, सब्जियों में 10.13 प्रतिशत, रेशा में 0.20 प्रतिशत, तिलहन में 1.58 प्रतिशत एवं अन्य अखाद्य पदार्थ में 5.75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। खनिज उप समूह सूचकांक के अंतर्गत आलोच्य माह में 0.95 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। जिसमें मुख्यतः जिप्सम में 2.08 प्रतिशत, चूना पत्थर  में 0.49 प्रतिशत एवं चांदी में 19.51 प्रतिशत की कमी दर्ज रही है। ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह का सूचकांक माह नवंबर, 2024 के दौरान 568.11 अंक रहा है। ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह सूचकांक की वर्ष दर वर्ष मुद्रास्फीति दर में गत वर्ष की तुलना में 2.26 प्रतिशत की कमी पाई गई। विनिर्मित उत्पाद समूह का सूचकांक माह नवंबर, 2024 में 308.62 अंक रहा, जिसमें गत माह की तुलना में 0.06 प्रतिशत की कमी पाई गई। समीक्षाधीन अवधि के दौरान केमिकल उप समूह सूचकांक में 1.32 प्रतिशत की कमी पाई गई जबकि खाद्य उत्पाद उप समूह के सूचकांक में 0.33 प्रतिशत, लकड़ी और लकड़ी उत्पाद उप समूह के सूचकांक में 0.36 प्रतिशत, बुनियादी कीमती और अलौह धातुएं उप समूह के सूचकांक में 0.05 प्रतिशत एवं सामान्य प्रयोजन मशीनरी उप समूह में 0.04 प्रतिशत वृद्धि रही हैं। विनिर्मित उत्पाद समूह सूचकांक की वर्ष दर वर्ष मुद्रास्फीति की दर गत वर्ष की तुलना में 1.52 प्रतिशत दर्ज की गई।

दस्तावेजों का 1 जनवरी से होगा सत्यापन, राजस्थान में सहायक सांख्यिकी अधिकारी की जल्द होगी सीधी भर्ती

जयपुर। सहायक सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2024 के तहत राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा 14 पदों की सीधी भर्ती हेतु 56 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन हेतु सूचीबद्ध किया गया है। उक्त पदों हेतु सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की 01 जनवरी से 03 जनवरी 2025 तक पात्रता की जांच एवं दस्तावेज सत्यापन किया जायेगा। उक्त पदों हेतु सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की 01 जनवरी से 03 जनवरी 2025 तक पात्रता की जांच एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्य कृषि विभाग द्वारा कॉन्फ्रेन्स हॉल, प्रथम तल, पंत कृृषि भवन, जयपुर में किया जायेगा। अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन 07 जनवरी 2025 को किया जायेगा। अभ्यर्थी पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांकवार एवं रोल नम्बरवार विस्तृृत सूचना कृषि विभाग की वेबसाइट https://agriculture.rajasthan.gov.in – Employee Corener – Recruitment Related – Docoument Verification  पर प्राप्त कर सकते हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बोले-‘मध्यस्थता लोक जीवन की महत्त्वपूर्ण व्यवस्था’, राजस्थान-ई-दाखिल में देश में तीसरे स्थान पर

जयपुर। खाद्य ,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मध्यस्थता व्यवस्था एवं कंज्यूमर केयर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। गोदारा ने कहा कि मध्यस्थता व्यवस्था उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा नवाचार है। यह लोक जीवन में समस्या सुलझाने की सदियों पुरानी व क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली कारगर व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोई विवाद हो तो मध्यस्थ व्यक्ति पर विश्वास करना आवश्यक है, इसमें समाधान अवश्य निकलता है। श्री गोदारा ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की न्यायपालिका का बहुत बड़ा योगदान है, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में न्यायपालिका ने महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। अगली बार प्रयास किये जाय कि जिला फोरम के रोचक निर्णयों को प्रेरणा स्वरूप लोगों को बताए जाएं ,इससे लोगों में उत्साह बढ़ेगा ।न्यायपालिका के  निर्णयों से 15 – 20 वर्षों में सबसे बड़ा परिवर्तन गुणवत्ता बढ़ोतरी में आया है। इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता का सामान मिलने लगा है। इसी के आधार पर भारत की अर्थव्यवस्था 12वीं नंबर से पांचवें नंबर पर आई है, इसी की बदौलत भारत आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ई- केवाईसी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार करवाई जा रही है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को 31 दिसंबर, 2024 तक करवानी है अन्यथा सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा। जिला उपभोक्ता संरक्षण मंचों में अध्यक्ष व सदस्यों के लिए नया परिवर्तन किया गया है। इसमें मार्च तक 87 सदस्यों की नियुक्तियां की जाएगी। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जागरूकता के लिए उचित मूल्य की प्रत्येक दुकान पर हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा प्रचार किया जाएगा जिससे गांव—ढाणी में बैठा व्यक्ति भी लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जागो ग्राहक जागो अभियान को और अधिक सफल बनाएंगे। साथ ही, विभाग के अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। न्यायाधिपति श्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी विवाद का निस्तारण मुख्यतः दो प्रकार से होता है, प्रथम निर्णय से तथा द्वितीय समझौतावादी प्रक्रिया से। आज के समय में समझौतावादी प्रक्रिया को अपनाना समाज के हित में महत्वपूर्ण है। इसमें एक तटस्थ व्यक्ति दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत व समझौते के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने में मदद करता है। मध्यस्थता वह कला है जिसमें समझौता नहीं समाधान खोजा जाता है। मध्यस्थता से समय की बचत होती है, आर्थिक दृष्टि से लाभकारी भी है। इससे रिश्तों की रक्षा, गोपनीयता व निष्पक्षता बनी रहती है। न्यायाधिपति एवं राजस्थान राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कच्छावा ने कहा कि उपभोक्ता मामलों में तीव्र गति से सुनवाई हो रही है। लोग न्याय की अभिलाषा से आते हैं। उन्हें शीघ्रता से न्याय नहीं मिल पाता। इसके लिए मध्यस्थता व्यवस्था के माध्यम से  प्रकरणों का निस्तारण किए जाने के प्रयास किए जाएं। राज्य – जिला विधिक प्राधिकरणों में मध्यस्थता अब विधिक प्रक्रिया के माध्यम से की जा रही है। वरिष्ठ न्यायाधीश श्री हरि ओम अत्रि ने कहा कि मध्यस्थता व्यवस्था के लिए विस्तृत नीति तैयार की गई है। उपभोक्ता विषयों के लिए राज्य- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मिडिएशन सेंटर शुरू किए गए हैं। यह अपेक्षा करते हैं कि राज्य प्रतितोष आयोग एवं जिला प्रतितोष मंच से प्राप्त प्रकरणों में मध्यस्थता के माध्यम से उच्च सेवाएं प्रदान करेंगे। जिससे लंबित प्रकरणों की संख्या कम हो सके। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उपभोक्ता जागृति का संदेश दिया गया एवं ”मिडीएशन ईज ऑफ़ लिविंग -ईज ऑफ़ जस्टिस” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में उल्लेखनीय एवं उपलब्धि पूर्ण कार्यों के लिए सुश्री रुखसार, सुश्री भावना दयाल, श्री मनीष भटनागर, श्रीमती जय श्री शर्मा एवं श्री देवेंद्र मोहन माथुर को प्रशस्ति पत्र के साथ शाल ओढ़ाकर एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया। रजिस्ट्रार श्री अशोक शर्मा ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विभाग की निदेशक श्रीमती पूनम प्रसाद सागर ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गन्ना क्रय मूल्य में की वृद्धि हजारों किसानों की आय में होगी बढ़ोत्तरी

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गन्ना क्रय मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की है। इस वृद्धि से श्रीगंगानगर के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों की आय में 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के कृषक हितैषी निर्णय के अनुसार अब गन्ना की अगेती किस्म को 401 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के कृषक हितैषी निर्णय के अनुसार अब गन्ना की मध्य किस्म को 391 रुपये एवं पछेती किस्म को 386 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। वर्तमान वर्ष 2024-25 में श्रीगंगानगर जिले के 3 हजार 170 किसानों द्वारा लगभग 19 हजार 4 बीघा क्षेत्र में गन्ने की बिजाई की गई है। राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड इन किसानों का लगभग 20 लाख क्विंटल गन्ना  खरीदेगा। इससे किसानों को लगभग 80 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान अपेक्षित है।

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले आदर्श व्यक्तित्व थे वाजपेयी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल जी के जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी।

28 दिसंबर से होगी परीक्षा शुरू, राजस्थान-पीएससी ने वरिष्ठ शिक्षक भर्ती के लिए जारी किए प्रवेश पत्र

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) आज 25 दिसंबर को वरिष्ठ शिक्षक (संस्कृत शिक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक एडमिट कार्ड 2024 आधिकारिक वेबसाइट (rpsc.rajasthan.gov.in) के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि जैसे अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक एडमिट कार्ड 2024 परीक्षा के दिन के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज है। उम्मीदवारों को उनके हॉल टिकट के बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ अध्यापक के लिए लिखित परीक्षा 28, 29, 30 और 31 दिसंबर 2024 को होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 से शाम 5 बजे तक। सामाजिक विज्ञान, हिंदी के पेपर 28 दिसंबर को होंगे, सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान 29 दिसंबर को आयोजित होंगे, गणित और संस्कृत 30 दिसंबर को होंगे और अंग्रेजी 31 दिसंबर 2024 को होगी।             परीक्षा शेड्यूल विषय                     परीक्षा तिथि         पेपर का समय सामाजिक विज्ञान     28 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक हिन्दी                     28 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक जीके और शिक्षा मनोविज्ञान                 29 दिसंबर     सुबह 9:30 से 11:30 तक विज्ञान                       29 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक अंक शास्त्र                 30 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक संस्कृत                       30 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक अंग्रेजी                        31 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक परीक्षार्थियों को पहचान के लिए परीक्षा हॉल में अपना मुख्य आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लाना होगा। यदि आधार कार्ड पर लगी फोटो पुरानी है या साफ नहीं है, तो वे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वोटर आईडी जैसे अन्य पहचान पत्र ला सकते हैं।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने ब्लड टेस्टिंग मशीन एवं ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का किया उद्घाटन, राजस्थान-किशनगढ़बास में 14 करोड़ से बना कृषि महाविद्यालय

जयपुर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में 14 करोड़ रुपये की लागत से बने कृषि महाविद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री ने किसानों और छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और क्षेत्र में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने की बात कही। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव सहित उपस्थित अतिथि गणों ने कृषि आधारित ‘अरोरा पुस्तिका’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष जीवनभर कुछ न कुछ देते हैं और हमें इन्हें संरक्षित करने के लिए प्रेरित होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया। निवेश नीति और किसानों के विकास पर जोर— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निवेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अभी भी बहुत काम किया जाना है। उन्होंने उड़ीसा के काले चावल की बढ़ती मांग और इसके उदाहरण से किसानों को फसलों के विविधीकरण पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि भारत में खाद्यान्न तेल आज भी बड़ी मात्रा में आयात किया जा रहा है। उन्होंने देश को खाद्यान्न तेल में आत्मनिर्भर बनाने का आवाह्न किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक रोजगार उत्पन्न किया जा सके। उन्होंने फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देते हुए माइक्रो इरिगेशन तथा कम पानी में बेहतर पैदावार प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोबनेर के कुलपति बलराज सिंह और कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एमपी यादव की सराहना की। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में गार्डन, सड़क, सोलर प्लांट सहित अन्य विकास कार्यों को करवाने की बात भी कही। राज्य वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के जीवन स्तर को सुधारने हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि भूमि की उर्वरक क्षमता को जांचने हेतु सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच सुविधा दी जा रही है ताकि किसान मृदा अनुसार उपज बोकर अधिक पैदावार प्राप्त कर सके। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने खैरथल स्थित सेटेलाइट अस्पताल में 8.5 लाख की ब्लड टेस्टिंग मशीन और 77 लाख की लागत से बनी ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का भी उद्घाटन किया। यह कदम स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा। इस दौरान उन्होंने सेटेलाइट हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया तथा वार्ड में उपस्थित मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। इस अवसर पर तिजारा विधायक श्री महंत बालकनाथ, किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया, श्री कर्ण नरेन्द्र यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री बलराज सिंह, कलेक्टर श्री किशोर कुमार, खैरथल एसपी मनीष चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्रियों एवं मध्यप्रदेश के सीएम से की मुलाकात, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे नई दिल्ली

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली के दो दिवसीय प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों श्री अमित शाह एवं श्री पीयूष गोयल तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। शर्मा ने सर्वप्रथम सोमवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजस्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार मुलाकात की। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के मध्य राजस्थान में विभिन्न विकास परियोजनाओं, उद्योग क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं एवं राज्य के समग्र आर्थिक विकास पर विस्तार से बातचीत हुई। इसी क्रम में श्री शर्मा मंगलवार को ही नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिले। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, पारस्परिक सहयोग एवं आर्थिक संबंधों के विषय में विस्तृत चर्चा की गई।

सुशासन सप्ताह में हुए कार्यक्रम, राजस्थान-कलक्ट्रेट में अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली शपथ

जयपुर। सुशासन सप्ताह के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित तहसील चौक में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान जिला परिषद सीईओ श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्रीमती कुंतल बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) श्रीमती सुमन पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री देवेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (उत्तर) श्री मुकेश कुमार मूंड, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शेर सिंह लुहाड़िया सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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