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किसानों के पक्ष में शिवराज का बयान, भारतीय मसालों के लिए नया व्यापारिक अवसर होगा तैयार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है। विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।  अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा। अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।

सागर के रुद्राक्ष धाम में रामकथा में शामिल हुए शिवराज सिंह, भूपेंद्र सिंह को बताया सौभाग्यशाली

सागर  कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है. हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है. भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है. प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है. ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया. कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है. मानस जी में ही लिखा है कि “भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है. कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती.” दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया. पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे. वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है. इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया. राम कथा सुनने सागर पहुंचे शिवराज सिंह श्रीराम कथा को सुनने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर पहुंचे. जहां विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया और देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इसके बाद वे सड़क मार्ग से होते हुए रुद्राक्ष धाम पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने प्रेमभूषण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लिया और भगवान के दर्शन कर कथा में शामिल हुए. ‘सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनने में है’ मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,”सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है. मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है. शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म. मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए.” ‘बड़े सौभाग्यशाली हैं भूपेंद्र सिंह’ मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है. आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं.” उन्होंने कहा कि “दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं. ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं.” ‘रुद्राक्ष धाम के कण-कण में शिव हैं’ खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा, “पिछले 7 दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण और दक्षिणमुखी हनुमान के दर्शन और श्रीरामकथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया. रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है. यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था. ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है. 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं.” 

शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, ‘रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।’ इसके आगे शिवराज ने कहा, ‘मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।’ MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’ बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं। बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।

मंत्री चौहान ने “लैब टू लैंड” को मजबूत करने की घोषणा, वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन खेतों में जाना होगा

नई दिल्ली   केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “लैब टू लैंड” पहल को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से खेतों में जाकर किसानों के साथ संवाद करना होगा. यह कदम किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचने के लिए उठाया गया है. इसके साथ ही, कृषि मंत्री ने स्वयं भी सप्ताह में दो दिन किसानों के बीच जाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निश्चित समय के लिए खेतों में जाएं और किसानों की चुनौतियों का जमीनी स्तर पर आकलन करें. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बात कही. उन्होंने कहा की “असली काम खेतों में ही होता है. यदि वैज्ञानिक और अधिकारी केवल प्रयोगशालाओं या कार्यालयों में बैठे रहेंगे, तो हम किसानों की वास्तविक जरूरतों को नहीं समझ पाएंगे. ज्ञान, अनुसंधान और क्षमता के बीच जो अंतर है, उसे हमें पाटना होगा.” यह बयान उन्होंने हाल ही में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के संदर्भ में दिया. इस अभियान के तहत, 29 मई से 12 जून 2025 तक देश भर में 2170 वैज्ञानिक टीमों ने 65,000 से अधिक गांवों में 1.08 करोड़ किसानों से मुलाकात की. इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी दी गई. चौहान ने इस अभियान को “लैब टू लैंड” दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर खेतों तक ले जाना है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) वैज्ञानिकों को अब नियमित रूप से किसानों के खेतों में जाना होगा ताकि वे स्थानीय मिट्टी, जलवायु, और फसलों की जरूरतों के आधार पर अनुकूलित सलाह दे सकें. चौहान ने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगी, बल्कि वैज्ञानिकों को भी किसानों की व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराएगी. चौहान ने खुद के बारे में भी बोलते हुए कहा कि वह स्वयं सप्ताह में दो दिन खेतों में बिताएंगे. उन्होंने हाल ही में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. पिछले दिनों दिल्ली के तीगीपुर गांव में एक “किसान चौपाल” में भी उन्होंने कहा,था कि “किसानों की मेहनत और उत्पादन को समझने के लिए हमें उनके बीच जाना होगा. केवल मंत्रालय में बैठकर स्थिति का सही आकलन नहीं हो सकता.” मंत्री ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को भी खेतों में जाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि नीतियां अब कार्यालयों में नहीं, बल्कि खेतों से निकलेंगी. यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाएं और नीतियां किसानों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित हों. चौहान ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद को “विकसित भारत 2047” के लिए आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि, “हमारा मंत्र है ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’. वैज्ञानिक, अधिकारी, और किसान मिलकर भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे.

मंत्री शिवराज ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से पदयात्रा की शुरुआत, ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ

 विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र में लाडकुई से भदकुई तक ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ शुरू की. इस दौरान उन्होंने मंच से ‘टाइगर अभी जिंदा है’ बोलकर लोगों में उत्साह भर दिया. अपनी पदयात्राओं के लिए ‘पांव पांव वाले भैया’ के नाम से मशहूर चौहान ने सीहोर में किसानों और ग्रामीणों से विकास पर जोर देने की अपील की. किसानों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”देश का विकास गांवों से होगा. साफ-सफाई, जल प्रबंधन, आंगनबाड़ी, स्कूल, महिलाओं का स्वावलंबन और रोजगार को प्राथमिकता दें.” मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे जोड़ा, ”मेरी पदयात्रा देखकर लोग प्रेरित होंगे कि अगर मंत्री चल रहा है, तो हमें भी गांव के लिए कुछ करना चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि वह रोजाना 20-25 किमी पैदल चलेंगे और सप्ताह में दो-तीन दिन यात्रा करेंगे, जिसका विस्तार बाद में अन्य लोकसभा क्षेत्रों में होगा. चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही सीहोर में मिट्टी की उर्वरता का आकलन करेगी, जिसके आधार पर किसानों को कृषि सलाह दी जाएगी. यात्रा में अधिकारी और नागरिक शामिल होंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे. उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने का संकल्प जताया. शिवराज की पदयात्रा में ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से रविवार को पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा में शामिल। शिवराज बोले- खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं शिवराज ने कहा- मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के जाने-माने साइंटिस्ट भी साथ आए हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां आए हैं। ये किसानों से चर्चा करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे हो, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं। तो कार्यक्रम कोई ऐसा कर्मकांड नहीं कि बस आंधी नहीं तूफान है, शिवराज सिंह चौहान है। इसमें हम किसानों, आदिवासी भाइयों-बहनों, नौजवानों, पीएम आवास के हितग्राहियों से गंभीर चर्चा करने वाले हैं। जिलाधीश सहित प्रशासन के सारे मित्र बैठकर सोचेंगे कि क्या बेहतर कर सकते हैं। शिवराज 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। शिवराज बोले-विकसित गांव बनाने होंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित भारत बनाना है। इसके लिए विकसित गांव बनाने होंगे। स्थानीय लोगों को इसमें सहभागिता करनी पड़ेगी। गांव में सफाई, जल व्यवस्था, आंगनवाड़ी, स्कूल, महिला स्वावलंबन, बेहतर रोजगार को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा मैं पैदल चलूंगा तो आपके मन में भी भाव उठेगा कि मंत्री होकर पैदल चल रहा है, हमें भी अपने गांव के लिए कुछ करना होगा। यात्रा सफल तो बाकी से भी पैदल निकलने कहूंगा शिवराज ने कहा कि दिन न रात पैदल चला चल शिवराज…. अगर यह यात्रा सफल होती है तो बाकी लोगों को भी पैदल निकलने कहूंगा। उन्होंने कहा कि यात्रा में प्रशासन और नागरिक शामिल रहेंगे। सभी साथ मिलकर सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने पर विचार करेंगे। जल्द ही वैज्ञानिकों की एक टीम सीहोर जिले में आएगी, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता की जांच करेगी। इसके आधार पर किसानों को खेती संबंधी सलाह दी जाएगी।  

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को खुलकर समर्थन दिया

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को खुलकर समर्थन दिया है. उनका तर्क है कि बार-बार चुनाव होने से न केवल सरकार के कामकाज में बाधा आती है, बल्कि इसका खर्च भी आसमान छू रहा है. उन्होंने बताया कि 1952 में चुनावों पर 9,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया. चौहान के मुताबिक अगर राज्यों के विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव भी जोड़ लिए जाएं, तो यह खर्च 7 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है. चौहान ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि सितंबर 2023 से लेकर जून 2024 तक आचार संहिता लागू रहने के कारण कोई बड़ा काम नहीं हो सका. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अधिकारियों का ध्यान भी चुनावी ड्यूटी में लगा रहता है जिससे योजनाओं की रफ्तार धीमी हो जाती है. ऐसे में एक बार में सभी चुनाव कराना ही बेहतर विकल्प है. कांग्रेस की आशंकाएं: लोकतंत्र पर खतरा? कांग्रेस पार्टी इस विचार का खुलकर विरोध करती रही है. पार्टी का मानना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में संघीय ढांचे के खिलाफ है. कांग्रेस का तर्क है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता पर चोट पहुंचेगी और केंद्र सरकार को अतिरिक्त राजनीतिक लाभ मिल सकता है. पार्टी यह भी कहती है कि हर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियाँ अलग होती हैं, ऐसे में एक साथ चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है. क्षेत्रीय दलों की राय: सत्ता के केंद्रीकरण का खतरा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम मोर्चा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और अन्य क्षेत्रीय दल भी इस प्रस्ताव पर सवाल उठा चुके हैं. टीएमसी की ओर से कहा गया है कि यह प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र की विविधता को समाप्त करने की दिशा में एक कदम है. वाम मोर्चा इसे चुनावी ‘केंद्रवाद’ करार देता है, जिससे क्षेत्रीय मुद्दे गौण हो जाएंगे. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राजद ने किया विरोध राजद के नेता भी मानते हैं कि यह एक राजनीतिक चाल है जिसका उद्देश्य विपक्षी दलों को कमजोर करना और केंद्र की सत्ता को मजबूत करना है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने भी कहा है कि इससे राज्यों की राजनीति दब जाएगी और केवल राष्ट्रीय मुद्दे ही चुनाव में हावी रहेंगे, जिससे स्थानीय जनता की समस्याएं अनसुनी रह जाएंगी. भाजपा की रणनीति और नेता शिवराज सिंह चौहान का बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान का बयान इस दिशा में पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाता है. भाजपा लगातार इस विषय को उठाती रही है और अब इसे एक प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार इस विचार का समर्थन किया है. सहम‍ति होना मुश्किल, राजनेताओं ने बना दी कठिन राह शिवराज सिंह चौहान का बयान भाजपा के भीतर इस मुद्दे को लेकर एकता और दृढ़ता को दर्शाता है, जबकि विपक्षी दल इससे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए खतरा मानते हैं. जहां सरकार इसे खर्च और प्रशासनिक कुशलता के नजरिए से देख रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ने वाला कदम मानता है.  

गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने की सराहना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बताया क्रांतिकारी कदम: मुख्यमंत्री साय गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री  साय ‘अमृत सरोवर’ योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार  और जलसंरक्षण की दिशा में मिलेंगे ठोस परिणाम: स्थानीय आजीविका से जोड़ने केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय रायपुर   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव श्री आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार श्री नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री चौहान अजा 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने चौहान का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि  गरीब, किसान एवं गांव के कल्याण के लिए आपका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणादायी है। आपके अनुभव और मार्गदर्शन से डबल इंजन सरकार का संकल्प और सशक्त होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री चौहान कल 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देंगे तथा आवास निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र प्रदान करेंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान राज्य में नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाएंगे। इसके साथ ही वे उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित भी करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वनमंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

चना-मसूर, उड़द और अरहर की खरीदी में ना किसानो को भुगतान में देरी :केंद्रीय मंत्री शिवराज

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के कृषि क्षेत्र की प्रगति के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से चना, मसूर, उड़द और अरहर की खरीद के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। शिवराज ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाना चाहिए, जिससे कि किसानों को उनकी उपज खरीद का भुगतान होने में देरी न हो। वहीं यह भी बताया गया कि देश में चावल और गेहूं का वास्तविक स्टॉक बफर मानक के मुकाबले काफी ज्यादा है। सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने इस बात पर संतोष के साथ ही प्रसन्नता व्यक्त की कि चावल-गेहूं का वास्तविक स्टॉक, बफर मानक के मुकाबले ज्यादा है। चावल का वास्तविक स्टॉक 135.80 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 389.05 एल.एम.टी है। गेहूं का वास्तविक स्टॉक 74.60 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 177.08 एल.एम.टी. है। इस प्रकार, चावल व गेहूं का वास्तविक स्टॉक 210.40 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 566.13 एल.एम.टी. है। गेहूं के लिए ये राज्य प्रमुख गेहूं के लिए प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व बिहार हैं। कटाई की स्थिति 2 मई 2025 तक इस प्रकार है… मप्र 100%, उप्र 94%, राजस्थान 100%, गुजरात 100%, हरियाणा 100%, पंजाब 97% एवं बिहार 96% गेहूं की कटाई पहले ही हो चुकी है। सभी राज्यों में फसल लगभग परिपक्वता चरण पार कर चुकी है, इसलिए लू या उच्च तापमान, यदि कोई हो, तो कटाई की प्रक्रिया को तेज कर देगा। इस प्रकार, दूसरे अग्रिम अनुमान ओलावृष्टि/लू की हालिया घटनाओं से प्रभावित होने की संभावना नहीं है। अधिकारियों को दिए अहम निर्देश शिवराज सिंह चौहान ने चना, मसूर, उड़द व अरहर की खरीद के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इस संबंध में राज्यों को विशेष जोर देने को कहा, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। एमएसपी पर खरीद व किसानों को होने वाले भुगतान के बीच के समय अंतराल को और कम करने की बात कहते हुए निर्देशित किया कि उपज खरीद के बाद किसानों को जल्द से जल्द भुगतान हो सके, इसके लिए ओर सुद्ढ़ व्यवस्था होना चाहिए। अफसर बोले- इन फसलों की उपज में हुई प्रगति केंद्रीय मंत्री को बैठक में आला अधिकारियों ने बताया कि धान, दलहन, श्री अन्न-मोटे अनाज व तिलहन की उपज में प्रगति हुई है। ग्रीष्मकालीन बुआई के मौसम में 2 मई तक धान की बुआई में पिछले वर्ष की तुलना में 3.44 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। धान की बुआई वर्ष 2023-24 के 28.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 32.02 लाख हेक्टेयर हो गई है, वहीं दलहन की बुआई में भी 2.20 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। दलहन की बुआई वर्ष 2023-24 के 18.47 लाख हेक्टेयर की तुलना में वर्ष 2024-25 में 20.67 हो गई है। मूंग व उड़द के रकबे में भी 2 मई 2025 तक क्रमशः 1.70 लाख हेक्टेयर और 0.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को रबी मौसम के लिए प्रमुख उत्पादक राज्यों में प्याज, आलू और टमाटर की बुआई की स्थिति की भी जानकारी दी। इसमें बताया गया कि 2023-24 की तुलना में 2024-25 में प्याज व आलू की बुआई में वृद्धि हुई है। प्याज की बुआई में 2.82 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो 2023-24 के 9.76 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 12.58 लाख हेक्टेयर हो गई है। वहीं आलू के बुआई क्षेत्रफल में भी 0.47 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आलू बुआई का क्षेत्रफल समान अवधि में 19.56 से बढ़कर 20.03 हो गया है। मौसम और जलाशयों की स्थिति बेहतर बैठक में बताया गया कि चालू सीजन में टमाटर और प्याज की बुआई सुचारू रूप से चल रही है। तीनों फसलों के लिए बुआई का समय अभी भी उपलब्ध है। मौजूदा अच्छी बाजार कीमतों को देखते हुए सामान्य क्षेत्र हासिल करने की उम्मीद है। वहीं मीटिंग में बताया गया कि देश में मौसम और जलाशयों की स्थिति बेहतर है। पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति अच्छी है। 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के संग्रहण का 117% और पिछले दस वर्षों के औसत संग्रहण का 114% है।

13 तारीख को फिर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आने वाले

अंबिकापुर  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister) 13 मई को अंबिकापुर आएंगे। वे पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को अंबिकापुर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। तैयारियों पर मंत्रीद्वय ने संतुष्टि जताई। इसके बाद वे संभागीय स्तरीय बैठक में भाजपा कार्यालय संकल्प भवन में शामिल हुए। शिवराज सिंह चौहान के सरगुजा प्रवास के दौरान 3 लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। गृहमंत्री ने भाजपा कार्यालय में मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं की संभाग स्तरीय बैठक ली। विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख 26 हजार आवासों की स्वीकृति केंद्र से प्राप्त हुई है। ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हमें तीन लाख से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति मिलने की पूर्ण संभावना है। अधिकारियों को तैयारी पूरी करने के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा और ओपी चौधरी के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायकों ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। जिला पंचायत कार्यालय में बैठक की। मंत्रियों ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। इस दौरान कलेक्टर विलास भोसकर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम हेतु स्थानीय पीजी कॉलेज मैदान को स्थल के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल तक पहुंच मार्ग, मंच व्यवस्था सहित सभी तैयारियों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने पार्किंग, ट्रैफिक रूट, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के संबंध जानकारी दी।

अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है:मंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि “अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के तौर पर इस समय जो हमारी ड्यूटी है, उसकी पूरी तैयारी है. उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि 2023-24 में जो कुल खाद्यान्न का उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. वो अब तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. देश में गेंहू, धान, दलहन और तिलहन समेत सब्जी तरकारी भी पर्याप्त मात्रा में है. कृषि मंत्री शिवराज का बयान, चिंता नहीं भंडार भरे हैं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि विभाग के तौर पर हमारी जवाबदारी देश में खाद्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की इन परिस्थितियों में क्या ड्यूटी है. हमारी उसको लेकर पूरी तैयारी है. जवान भी तैयार हैं, किसान और वैज्ञानिक भी तैयार हैं. शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने आंकड़ें देकर बताया कि आज की स्थिति में देश में तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है. 2023-24 में कुल खाद्न्न उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. जो 2025-26 में बढ़कर तीन हजार 474 दशमलव 42 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. इसी तरह तरह से चावल की भी कोई कमी नहीं है. 2023-24 में एक हजार 378.25 मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल एक हजार चार सौ 64.02 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. वही गेहूं पिछले वर्ष 1132 लाख मीटिक टन था, जो अब बढ़कर 1154 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. शिवराज ने कहा कि विपरीत मौसम में भी अन्नदाता ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है. इसी तरह से तिलहन में 428.98 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह से बागवानी फसलें 3621 लाख मीट्रिक टन हुई हैं. मुख्य सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन, टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है.” सीमा पर जवान तैनात खेत में किसान तैयार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है. एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात हैं. पाकिस्तान के हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है. दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है. शिवराज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने नारा दिया था. जय जवान जय किसान. फिर अटलजी ने जोड़ा जय जवान जय विज्ञान, पीएम मोदी ने जोड़ा जय जवान जय अनुसंधान. पूरा देश मां भारती की सेवा करने में तत्पर है. भंडार भरे हुए हैं. कृषि विभाग की बैठक में तय हुआ कि 14 मई को कृषि मंत्रालय के सभी अधिकारी कर्मचारी ब्लड डोनेट करेंगे.

साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है, सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा: शिवराज सिंह

भोपाल / लखनऊ साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है. एक राष्ट्र-एक चुनाव होने से विकास कार्यों को पंख लगेंगे और सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन का जो सपना देखा है, उसे हम सब को मिल कर साकार करना है. ये बातें एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय संयोजक एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को लखनऊ में कही. शिवराज सिंह  पहली बार लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव पर आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रखे. गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव, देश की आवश्यकता है. साल के 12 महीने चुनाव होते रहते हैं. हर प्रदेश के मुख्यमंत्री व मंत्री चुनाव प्रचार करते हैं, इससे विकास कार्य थम जाते हैं. हर महीने आचार संहिता लगने से जनकल्याणकारी योजनाएं भी प्रभावित होती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इस योजना पर काम करना शुरू किया था. अब समय आ गया है कि हम सभी उनके इस सपने को साकार करें. कार्यक्रम संयोजक एवं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन, देश के लिए बहुत आवश्यक है. एक राष्ट्र एक चुनाव कराने से न केवल देश पर चुनाव कराने का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि जब एक साथ चुनाव होंगे तो नवगठित सरकार को पांच वर्ष तक निरंतर विकास कार्य करने का पर्याप्त समय मिलेगा. डिप्टी सीएम ने पहलगाम हमले में मारे गए सभी नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने हुए कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों एवं उनके आकाओं को कतई बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ हमारी फोर्स लगातार कार्रवाई कर रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के लिए बहुत जरूरी है. लगातार चुनाव चलते हैं, इससे देश के संसाधनों और समय की हानि होती है. न्यायमूर्ति (अ.प्र.) रंगनाथ पाण्डेय ने कहा कि आचार संहिता से विकास की गति भी प्रभावित होती है. वन नेशन वन इलेक्शन, देश की जरूरत है. हम सभी को इस अभियान की महत्ता समझनी चाहिए. कार्यक्रम में एक राष्ट्र एक चुनाव पर डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित किया गया. अत्याधुनिक एआई तकनीकि द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उद्बोधन भी हुआ.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा “देश में किसानों की मेहनत को सम्मान देने केंद्र सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत

विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  विदिशा जिले के बेस नगर स्थित अपने फार्म हाउस में जाकर अपनी किसान आईडी (Farmer ID) बनवाई. उन्होंने इसे किसानों की “डिजिटल पहचान” बताते हुए सभी किसानों से अपील की कि वे भी जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवाएं और डिजिटल कृषि मिशन का लाभ उठाएं. डिजिटल क्रांति की ओर कृषि क्षेत्र का कदम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “देश में किसानों की मेहनत को सम्मान देने और उन्हें समुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की है. इसके तहत एग्री स्टैक (Agri Stack) प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसके अंतर्गत किसानों की एक समेकित रजिस्ट्री बनाई जा रही है.” क्या है किसान ID? किसान ID एक डिजिटल पहचान है, जिसमें किसान के व्यक्तिगत विवरण, ज़मीन से संबंधित जानकारी, बोई गई फसलें, मृदा स्वास्थ्य, पशुधन, मत्स्य पालन आदि की विस्तृत जानकारी शामिल होगी. अब तक जुड़ चुके हैं साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा किसान देश भर में अब तक 5.5 करोड़ से अधिक किसानों की ID बन चुकी है. वहीं मध्य प्रदेश में अब तक 78 लाख किसानों की ID तैयार की जा चुकी है. राज्य सरकार इसे जल्द ही 100% तक पहुंचाने के प्रयास में जुटी है. किसानों का डेटा सुरक्षित केंद्रीय कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसान रजिस्ट्री में दर्ज जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी. किसान की अनुमति के बिना कोई भी डेटा साझा नहीं किया जाएगा. साथ ही किसान जब चाहें इसे अपनी सहमति वापस भी ले सकते हैं. डिजिटल सेवा सभी किसानों के लिए हालांकि स्मार्टफोन और इंटरनेट अब गांवों तक पहुंच चुके हैं, फिर भी जिन किसानों के पास यह सुविधा नहीं है, उनके लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं. किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि सखियों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद से किसान ID बनाई जा सकती है. इसके अलावा, राज्य सरकार विशेष शिविरों का भी आयोजन कर रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, “मैं सभी किसानों से अनुरोध करता हूं कि वे समय रहते अपनी किसान ID बनवाएं और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं. यह डिजिटल परिवर्तन किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत है.”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्नौद में एक करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और 10 करोड़ 53 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया

कन्नौद   केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्नौद में हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास के स्वीकृति पत्र वितरित किए और कई विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक करोड़ 46 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और 10 करोड़ 53 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राहियों को दिए प्रमाणपत्र प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत पात्र हितग्राहियों और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम कन्नौद में आयोजित हुआ। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक करोड़ 46 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 10 करोड़ 53 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खातेगांव विधानसभा क्षेत्र में मां रेवा उद्यम सिंचाई योजना सहित अन्य योजनाओं से पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं से विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई के लिए और घर-घर पानी मिलेगा। गांवों में पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या पानी है। हम सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। किसानों को पानी उपलब्ध करवा रहे हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गांव-गांव जल जीवन मिशन अभियान के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। ग्रामों में टंकी बनाकर पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे नल के माध्यम से घर में पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस बात का ध्यान रखें की जल जीवन मिशन में कार्य अच्छी गुणवत्ता का हो मेरे लिए जनता की सेवा ही भगवान की पूजा है। केंद्र सरकार किसानों को आगे बढ़ने का काम कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। किसानों से एमएसपी पर फसल खरीदी जा रही है। किसानों की आईडी बनाई जा रही है, जिसमें परिवार, पशु, फसल, कृषि संबंधित सभी जानकारियां होगी। उन्होंने कहा कि रिमोट सेंसिंग से फसल का नुकसान का आकंलन किया जाएगा। डिजिटल कृषि स्ट्रक्चर बनाया जा रहा है।

सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ कानून को दिखाया समर्थन

सुल्तानपुर वक्फ कानून का कहीं विरोध हो रहा है तो कई जगह मुस्लिम समुदाय के लोग इसका समर्थन करते भी नजर आ रहे हैं. इस बीच रविवार को मध्य प्रदेश के सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ कानून का समर्थन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे. मुसलमानों ने शिवराज सिंह चौहान का फूल बरसाकर स्वागत किया. सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पास होने पर स्वागत किया. इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. जबलपुर में मुसलमानों ने मनाईं खुशियां इसके अलावा जबलपुर में भी मुस्लिम समाज ने वक्फ बिल का स्वागत किया और मिठाइयां बांटीं. वरिष्ठ बीजेपी नेता जमा खान ने जबलपुर के औमती चौक पर मुस्लिम समाज के सैकड़ों धर्मावलंबियों के साथ वक्फ बिल के पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की खबरों के बीच खुशी में मिठाई बांटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. पीएम मोदी का दिया धन्यवाद इस बिल को राष्ट्रहित में बताते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. कार्यक्रम में मौजूद एस के मुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की दशा और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने इसे समुदाय के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह बिल निश्चित रूप से मुस्लिम समाज के विकास में योगदान देगा. ‘मुसलमानों का सुधरेगा भविष्य’ इस दौरान जमा खान ने कहा कि वक्फ बिल मुसलमानों का भविष्य सुधारेगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 70 सालों से कुछ लोग वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कर लाभ उठाते रहे हैं. यह संपत्तियां गरीबों, मजदूरों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए थीं, न कि नेताओं और उनके रिश्तेदारों के लिए.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज का खातेगांव दौरा, धमाके में जान गंवाने वाले पंकज सांकलिया के घर जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की

 खातेगांव केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को खातेगांव क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कई परिवारों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।मंत्री चौहान सबसे पहले कन्नौद में भाजपा के दिवंगत नेता रामप्रसाद यादव के घर पहुंचे। इसके बाद खातेगांव में भाजपा के दिवंगत नेता शंभुकुमार बाकलीवाल के परिजनों से मिले और अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि यह घटना बहुत ही दुखद है, उसमें दो परिवार संदलपुर के पूरी तरह तबाह हो गए। एक परिवार में तो केवल एक बेटी बची है नैना और कोई बचा नहीं है। केवल उसकी दादी है और इस परिवार में तो उसे मूल परिवार से कोई नहीं बचा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का आभारी हूं की परिवारों की चिंता की जा रही है। शिवराज ने कहा कि वे बच्ची नैना की शिक्षा दीक्षा की पूरी व्यवस्था करेंगे। नैना को हर महीने ₹5000 वाला आशीर्वाद योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। बच्ची की डिजिटल कान्वेंट स्कूल में निशुल्क उसकी पढ़ाई होगी। इसके बाद गुजरात पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले पंकज सांकलिया के घर जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की। फिर वे संदलपुर में इसी हादसे में मारे गए 9 लोगों में से दो परिवारों से मिलने गए। कार्यक्रम के अनुसार, संदलपुर के बाद उन्हें सलकनपुर जाना था। इस दौरे में खातेगांव विधायक आशीष शर्मा भी उनके साथ रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि जो पैसा खाते में आने वाला है उसको फिक्स डिपॉजिट करेंगे, और फिक्स डिपाजिट जो राशि है जब नैना बड़ी होगी तो बाढ़ के 75 लाख रुपया हो जाएगी, पढ़ाई की व्यवस्था भी हो रही। भविष्य में नैना समाज के आशीर्वाद से पढ़ लिखकर आगे बढ़े इसके पूरा प्रबंध किया गया है। मैं दुर्घटना में जो दिवंगत हुए हैं, भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें। भोपाल से देवास जा रहे शिवराज सिंह चौहान के काफिले में शामिल गाड़ी पलटी, 3 जवान घायल, हुआ बड़ा हादसा भोपाल से देवास जा रहे केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले में शामिल पुलिस की गाड़ी आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम बेदाखेड़ी के पास हादसे का शिकार हो गई है। काफिले में शामिल गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटने से उसमें सवार 3 पुलिस जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को भोपाल से देवास जिले के खातेगांव संदलपुर जा रहे थे। उनका काफिला जैसे ही आष्टा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेदाखेड़ी के पास पहुंचा तो काफिले में शामिल एक फॉलो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एएसआई एसपी सिमोलिया, नीरज शुक्ला और आकाश अटल शामिल हैं। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत सीहोर जिला अस्पताल में किया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर मचा हड़कंप जैसे ही गाड़ी पलटी, काफिले में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत ही घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात ये रही कि हादसे के समय शिवराज सिंह दूसरी गाड़ी में सवार थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस और प्रशासन सतर्क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और काफिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिल गेट्स, सोशल मीडिया अकाउंट एक्स और इंस्टाग्राम पर शेयर कीं तस्वीरें

भोपाल/ नई दिल्ली  केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister Shivraj Singh Chauhan) ने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर तथा गेट्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक बिल गेट्स (Bill Gates) से मुलाकात की। वे दिल्ली में कृषि भवन (Krishi Bhawan Delhi) में आयोजित एक बैठक में शामिल हुए। बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। चौहान ने भारत और गेट्स फाउंडेशन के बीच साझेदारी को गहरा करने की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका पूरा फोकस डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और जलवायु अनुकूलित कृषि तकनीकों के क्षेत्रों पर रहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा आजीविका मिशन महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बन गया है, जिसने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। बिल गेट्स ने की कृषि अनुसंधान की तारीफ बिल गेट्स ने इस दौरान भारत में हो रहे कृषि अनुसंधान की सराहना की। प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पूरी दुनिया को बहुत फायदा हो सकता है। उन्होंने भारत की नेतृत्व क्षमता और नवाचार को वैश्विक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। शिवराज सिंह चौहान ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत पर चलते हुए वैश्विक कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने आशा जताई कि गेट्स फाउंडेशन और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर हम नवाचार, तकनीक और समावेशी विकास को बढ़ावा देकर भूखरहित, सशक्त और आत्मनिर्भर विश्व का निर्माण करेंगे। बैठक में कृषि पैदावार बढ़ाने, डिजिटल कृषि विस्तार प्रणाली, प्रिसीजन एग्रीकल्चर, पोषण सुरक्षा, समावेशी आजीविका कार्यक्रम, उन्नत पशु वैक्सीन, कृषि और ग्रामीण विकास में वैश्विक सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को सहयोग करने के प्रति आश्वस्त किया। शिवराज सिंह चौहान ने किया ट्वीट, इंस्टा पर शेयर किया वीडियो बता दें कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल गेट्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स और इंस्टाग्राम पर भी भी शेयर किया। इस पोस्ट में शिवराज ने लिखा कि…     बिल गेट्स फाउंडेशन द्वारा विश्व के कई देशों में कृषि और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है।     आज डिजिटल कृषि में सहयोग, ICAR के साथ अनुसंधान एवं विकास में सहयोग की संभावनाएँ, ग्रामीण विकास में सहयोग के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी सहित… pic.twitter.com/YpgaetiOC6     — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 17, 2025 ‘आज कृषि भवन, नई दिल्ली में गेट्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक श्री बिल गेट्स से मुलाकात की। हमने कृषि, खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। भारत और गेट्स फाउंडेशन के बीच साझेदारी को गहरा करने की असीम संभावनाएं हैं, विशेषकर डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी एवं जलवायु अनुकूलित कृषि तकनीकों के क्षेत्र में। हम नवाचार, तकनीक और समावेशी विकास को बढ़ावा देकर भूखरहित, सशक्त और आत्मनिर्भर विश्व के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

शिवराज सिंह के बेटों के रिसेप्शन, शामिल होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी

भोपाल एमपी के पूर्व सीएम, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) इन दिनों एक बार फिर अपने दोनों बेटों कार्तिकेय सिंह और कुणाल सिंह के रिसेप्शन (Reception) की तैयारियां कर रहे हैं। चौंकिए मत, क्योंकि बेटों पर फिदा शिवराज सिंह ने अपने बेटों के लिए एक दो नहीं बल्कि, कई रिसेप्शन पार्टी रखी हैं। इस बार तीसरी बार रिसेप्शन का आयोजन किया जा रहा है, फर्क केवल ये कि इस बार दोनों बेटों का अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ रिसेप्शन होने जा रहा है।  बता दें कि पहले शिवराज ने अपने छोटे बेटे कुणाल सिंह (Kunal Singh Chouhan)की शादी की रस्में भोपाल के होटल ताज में निभाईं। फिर भोपाल के ही नीलबड़ इलाके के वाना ग्रीन होटल में शादी का रिसेप्शन आयोजित किया गया। जिसमें देश-प्रदेश की तमाम शख्सियतें, राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। इसके बाद बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह (Kartikey Singh Chouhan) का विवाह जोधपुर में संपन्न हुआ, जिनके रिसेप्शन का आयोजन राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में ही किया गया। इस समारोह में VVIP समेत 10 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। 18 को होगा सम्मिलित रिसेप्शन शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों कार्तिकेय और कुणाल का अब एक सम्मिलित रिसेप्शन आयोजित किया जा रहा है। इस रिसेप्शन में सबसे खास मेहमान होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी। 18 मार्च को आयोजित होने जा रहे इस रिसेप्शन में भी कई वर और वधु पक्ष के साथ ही कई VVIP को आमंत्रण दिया गया है।

कार्तिकेय का विवाह समारोह आज जोधपुर में होगा,उम्मेद पैलेस में भव्य शादी की तैयारी, बॉलीवुड गीतों पर परिवार ने मनाया जश्न

भोपाल /जोधपुर राजस्थान के जोधपुर में गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के पुत्र कार्तिकेय विवाह बंधन में बंधेंगे। यह भव्य समारोह जोधपुर के उम्मेद पैलेस में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कार्तिकेय लिबर्टी शू कंपनी के निदेशक अनुपम बंसल की बेटी अमानत के साथ सात फेरे लेंगे। इस शुभ अवसर पर देश-प्रदेश की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होंगी। परिवार के करीबी लोग और उद्योग जगत के कई दिग्गज भी इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। संगीत और मेहंदी समारोह में झूमे परिवार के सदस्य बुधवार को शादी से पहले मेहंदी और संगीत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्तिकेय और अमानत ने पारिवारिक सदस्यों के साथ जमकर डांस किया। महिलाओं और रिश्तेदारों ने अपने हाथों में मेहंदी रचाई और पूरे माहौल को हर्षोल्लास से भर दिया। शाम को उम्मेद भवन में आयोजित संगीत कार्यक्रम में भी दूल्हा-दुल्हन समेत परिजनों ने बॉलीवुड गीतों पर थिरकते हुए जश्न मनाया। मशहूर संगीतकारों और डांस ट्रूप्स ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से इस आयोजन को और खास बना दिया। विवाह समारोह में शामिल होंगी कई राजनैतिक हस्तियां गुरुवार को होने वाले विवाह समारोह में देश और प्रदेश की कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी। इनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, जनरल वीके सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सहित अन्य कई मंत्री और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। उद्योगपतियों और फिल्मी दुनिया से जुड़ी कई हस्तियों के भी इस समारोह में शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और होटल के आसपास वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इससे पहले बुधवार रात को मेहंदी की रस्म हुई। इस दौरान शिवराज ने वर-वधु से कहा कि आप अर्थपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण जीवन जिएं। जीना उसका जीना है, जो औरों के लिए जिएं। वहीं, संगीत समारोह में दूल्हा-दुल्हन ने शिवराज को रामचरित मानस गिफ्ट में दी तो शिवराज भावुक हो गए। वहीं, बुधवार रात को संगीत प्रोग्राम हुआ। इसमें कार्तिकेय और उनकी होने वाली पत्नी ने…मेरे माहिये जिन्ना सोहणा गाने पर थिरके। शिवराज सिंह भी पत्नी साधना सिंह के साथ पुरानी बॉलीवुड गानों …चांद सा रोशन चेहरा और तुमको मेरी उम्र लग जाए पर डांस किया। इसके बाद साधना सिंह ने अपनी दोनों बहुओं के साथ मेरे घर आई एक नन्ही परी..गाने पर डांस किया। संगीत में शिवराज सिंह चौहान ने भी पत्नी साधना सिंह के साथ डांस किया था। एक कार्यक्रम में शिवराज का उनके समधी अनुपम बंसल ने मुंह मीठा कराया, तो मेहंदी के लिए दूल्हा-दुल्हन राजसी ठाट वाली बग्घी से लॉन में पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे की शादी कल जोधपुर में होगी

भोपाल बेटे की शादी की तैयारी का जायजा लेने और कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले के समापन समारोह में शिरकत करने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को जोधपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी अमानत से हो रही है। अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के अनुपम बंसल की बेटी है। शादी की सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है। 6 मार्च को उम्मेद भवन पैलेस में कार्तिकेय और अमानत सात फेरे लेंगे। शिवराज ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। शादी में मेहमानों को राजस्थानी जायके का स्वाद मिलेगा। मेन्यू में मारवाड़ी केर सांगरी की सब्जी, गुलाब जामुन की सब्जी और जोधपुर का फेमस मिर्ची बड़ा खास तौर पर शामिल किया गया है। उम्मेद भवन पैलेस में 6 मार्च को कार्तिकेय और अमानत बंसल सात फेरे लेंगे। कार्तिकेय शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं, जबकि अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी हैं। मेहमानों के ठहरने के लिए पैलेस सहित जोधपुर के चार होटल बुक किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 66वां जन्मदिन है। उन्होंने इस मौके पर उम्मेद पैलेस में पौधारोपण किया। कार्तिकेय और अमानत की 6 मार्च को शादी है। उम्मेद पैलेस में आज मेहंदी की रस्म होगी। रात को संगीत का प्रोग्राम होगा। मंत्री अपनी पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय (दूल्हा), छोटे बेटे कुणाल, छोटी बहू रिद्धि और कुछ रिश्तेदारों के साथ मंगलवार को ही जोधपुर पहुंच गए थे। आज भी मेहमानों का आना जारी रहेगा। दोपहर में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर आएंगे। एयरपोर्ट पर आई जोधपुरी लस्सी एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों का स्वागत कलाकारों ने स्वर लहरियों से किया गया। मेहमानों का एयरपोर्ट पर लस्सी और काजू कतली से मुंह मीठा करवाया गया। एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों के लिए रेड कारपेट बिछाया गया। चार्टर विमान से आएंगे मेहमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में मंगलवार से शुरू हो गए। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जोधपुर पहुंचे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो एयरपोर्ट पर करीब 12 चार्टर विमान उतरेंगे। शादी को लेकर क्या बोले पिता-पुत्र     शिवराज सिंह-“बेटियों को हमेशा बेटों से बढ़कर माना है। अब हमारे घर में भी बेटी आ रही है। उसके स्वागत में सभी लगे हुए हैं।”     दूल्हे कार्तिकेय-“सांस्कृतिक नगरी में नए जीवन की शुरुआत करने की खुशी है। शादी की तैयारियों का सारा जिम्मा परिवार ने संभाला है।” देर रात इंदौर पहुंची बारात का स्वागत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े पुत्र कार्तिकेय की बारात देर रात इंदौर पहुंची। बसों से आई बारात का स्वागत करने बड़ी संख्या में भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंगलवार सुबह बारात इंदौर एयरपोर्ट से जोधपुर के लिए रवाना हो गई, जहां 6 मार्च को उम्मेद पैलेस में शादी का आयोजन होगा। मेहमानों को मिलेगा राजस्थानी जायका, जानें शादी में क्या होगा खास… मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी समारोह से जुड़े सूत्रों के अनुसार- केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान इस पूरे आयोजन को बहुत ही सादगीपूर्ण रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े वेंडर्स को भी इस बारे में बताया था। इस कारण शादी का खाना पूरी तरह शाकाहारी होगा। उसमें भी खासतौर पर राजस्थान के देसी पकवानों को शामिल किया गया है। हाई प्रोफाइल मेहमानों को मारवाड़ी व्यंजनों को परोसा जाएगा। जानकारों की मानें तो मेन्यू में केर सांगरी, गट्टे की सब्ज़ी, कचौरी और मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी। गुलाब जामुन, राजभोग व चक्की की सब्जी और चपाती के साथ बाजरे का सोगरा भी परोसा जाएगा। हल्दी सहित वर निकासी की रस्म संपन्न कार्तिकेय और अमानत की शादी के फंक्शन भोपाल में 2 मार्च से शुरू हो गए हैं। हल्दी की रस्म अदा की गई थी। 3 मार्च की शाम को वर निकासी के अवसर पर गणेश अंबिका पूजन संपन्न हुआ। एयरपोर्ट पर उतरेंगे एक दर्जन चार्टर विमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में आज से शुरू हो जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ आज जोधपुर आएंगे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों में जोधपुर एयरपोर्ट पर ही करीब 12 चार्टर विमान भी उतरेंगे। देश की राजनीतिक हस्तियां होंगी शामिल विवाह समारोह में देशभर से करीब 300 से ज्यादा VVIP मेहमानों के जोधपुर आने की उम्मीद है। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गजेंद्रसिंह शेखावत, जनरल वीके सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सहित देश व प्रदेश के कई अन्य मंत्री भी शादी समारोह में शिरकत करेंगे। मेहमानों के रुकने के लिए पैलेस सहित चार होटल बुक रिश्तेदारों और अन्य VVIP के लिए उम्मेद भवन पैलेस में इंतजाम किया गया है। इसके अलावा होटल आईटीसी वेलकम, रेडिसन और अजीत भवन में भी बुकिंग की जा चुकी है। पिछले साल हुई थी सगाई अमानत बंसल ने लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी की पढ़ाई की है। दोनों की सगाई पिछले साल 17 अक्टूबर को दिल्ली में हुई थी।

Shivraj Singh Chouhan के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की शादी की रस्में हुई शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की शादी की रस्में चल रही हैं। कार्तिकेय की हल्दी की रस्म हो चुकी है। शादी 6 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होगी। इस दौरान कार्तिकेय की मां साधना चौहान भावुक हुईं। बंसल परिवार ने बारात का निमंत्रण पहले ही दे दिया है। महिलाओं ने लगाई कार्तिकेय को हल्दी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी की रस्में शुरू हो गई हैं। घर पर हल्दी की रस्म धूमधाम से मनाई गई। परिवार की महिलाओं ने कार्तिकेय को हल्दी लगाई और आशीर्वाद दिया। कार्तिकेय की बुआ ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधा। शादी के लिए खास मंडप भी तैयार किया गया है। सनातन परंपरा का हो रहा पालन शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी की रस्में सनातन परंपरा के अनुसार चल रही हैं। हल्दी की रस्म घर पर हर्षोल्लास के साथ पूरी हुई। परिवार की सभी महिलाओं ने मिलकर कार्तिकेय को हल्दी लगाई। इस दौरान उन्होंने ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद भी दिया। हल्दी लगाने के बाद कार्तिकेय की बुआ ने उन्हें रक्षा सूत्र, कंगन और डोरा बांधकर आशीर्वाद दिया। शादी के लिए बना है खास मंडप शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कार्तिकेय की शादी के लिए खास मंडप बनाया गया है। इस मंडप में ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, इंद्र, गणेश, अंबिका और वरुण देवताओं की स्थापना की गई है। मंडप में तोरण, द्वारश्री और कलश भी रखे गए हैं। ये सारी रस्में आचार्य विष्णु राजोरिया ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरी कराईं। मान्यता है कि शादी के मंडप में सभी देवी-देवता मौजूद रहते हैं। वे सभी रस्मों का ध्यान रखते हैं और शुभकामनाएं देते हैं। भावुक हुई साधना सिंह कार्तिकेय की हल्दी रस्म में मां साधना खूब भावुक हुई। जैसे ही तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है…प्यारी-प्यारी है मां…..गाना गाया गया तो शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह खुद को रोक नहीं पाई। वे कार्तिकेय और कुणाल से गले लगकर खूब रोई। लग्न लेकर पहुंचा बंसल परिवार बंसल परिवार ने कार्तिकेय के विवाह के लिए लग्न लेकर परिवार को निमंत्रण दिया है। कार्तिकेय के माता-पिता ने सनातन परंपराओं के साथ गणेश पूजन, गौरी पूजन और सत्यनारायण कथा का आयोजन किया। जल्द ही परिवार, बंसल परिवार में बारात लेकर जाएगा। अमानत, कार्तिकेय की दुल्हन और परिवार की बड़ी बहू बनेंगी। साथ दिखे परिवार के सभी सदस्य हल्दी की रस्म के बाद कार्तिकेय को तेल और हल्दी लगाई गई। यह रस्म परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर पूरी की। तेल और हल्दी लगाने के पीछे कार्तिकेय की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और समृद्धि की कामना की गई। 6 मार्च को जोधपुर में शादी कार्तिकेय सिंह चौहान की शादी राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली अमानत बंसल से 6 मार्च को जोधपुर में होने जा रही है। शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं और हल्दी की रस्म की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं। बंसल परिवार ने लग्न देकर चौहान परिवार को निमंत्रण दिया है। चौहान परिवार ने भी सभी रस्में पूरी की हैं।

कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान विवाह के बंधन में बधने वाले हैं. इससे पहले कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया. प्री-वेडिंग शूट का वीडियो खुद अमानत के पिता अनुपम बंसल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. कार्तिकेय सिंह चौहान का रिश्ता बिजनेसमैन अनुपम बंसल की बेटी अमानत बंसल से तय हुआ है. राजस्थान के रहने वाले अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल फेमस शूज कंपनी Liberty के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं. छोटे भाई, पिता, मंगेतर और मां के साथ कार्तिकेय चौहान. अमानत ने हाल ही में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में M.Sc की पढ़ाई पूरी की है. बात करें कार्तिकेय की तो वह पिता की तरह ही राजनीति में सक्रिय हैं. बताया जाता है कि शिवराज सिंह के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी हैं. वह अपने पिता के लिए 2013 से चुनाव प्रचार करते आ रहे हैं.   शिवराज के घर में शुरू हुईं विवाह की रस्में. शिवराज सिंह चौहान के परिवार में पत्नी साधना सिंह और 2 बेटे हैं. बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय और छोटे बेटे का नाम कुणाल है. कुणाल राजनीति से दूर रहते हैं और विदिशा में मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी का कामकाज देखते हैं. कुछ दिनों ही पहले ही कुणाल सिंह चौहान का विवाह समारोह संपन्न हुआ है. कुणाल का विवाह भोपाल के रहने वाले डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से हुआ है. रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है. शिवराज सिंह चौहान 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ‘मामा’ के नाम से मशहूर 65 वर्षीय नेता मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं. शिवराज सिंह 2005 से 2018 तक और फिर 2020 से 2023 तक MP के सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बनाया था. इसके अलावा, वे 5 बार संसद सदस्य रहने के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संसदीय बोर्ड और बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रह चुके हैं. इस बार के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उनके नेतृत्व में जीत दर्ज की. हालांकि, इस बार उनकी जगह मोहन यादव को पार्टी ने MP का मुख्यमंत्री बनाया.     

शिवराज सिंह चौहान के बेटे कुणाल और रिद्धि की शादी, सामने आई खूबसूरत तस्वीर

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान जैन परिवार की बेटी रिद्धि के साथ शादी के बंधन में बंधे. इसकी रिशेप्शन पार्टी भोपाल (Bhopal) के नीलबड़ इलाके के वाना ग्रीन होटल में शुक्रवार (14 फरवरी) को आयोजित हुई. इस समारोह में देश भर के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली. इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता भोपाल पहुंचे. उनके साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत मध्य प्रदेश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए. बता दें कुणाल सिंह की पत्नी रिद्धि जैन जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती हैं. रिद्धि के पिता संदीप जैन भी बड़े डॉक्टर हैं. कुणाल और रिद्धि भोपाल में एक ही स्कूल में पढ़े हैं. शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा? वहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बेटे और बहु की तस्वीरें भी शेयर करते हुए कहा, “इष्टदेव की कृपा, पूर्वजों के आशीर्वाद और सभी स्नेहीजनों की मंगलकामनाओं से आज बेटे कुणाल और रिद्धि का आशीर्वाद समारोह सानंद संपन्न हुआ. रिद्धि बहू नहीं, बेटी बनकर घर आ रही है. अपने परिवार में उसका स्वागत करते हुए दिल गर्व और खुशी से भर गया है.” उन्होंने आगे लिखा, “आप सभी आत्मीयजनों का आभार, जिन्होंने अपनी उपस्थिति, प्यार व आशीर्वाद से इस विशेष दिन को और यादगार बना दिया. यह दिन हमेशा हमारी यादों में बसेगा और आपकी शुभकामनाएं कुणाल एवं रिद्धि के नए जीवन की आधारशिला बनेंगी. नए सफर की इस खूबसूरत शुरुआत पर कुणाल और रिद्धि को अनगिनत शुभकामनाएं और अनंत आशीर्वाद.” सीएम मोहन यादव ने दीं शुभकामनाएं वहीं सीएम मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें शेयर करते कहा, “शिवराज सिंह जी के सुपुत्र के वैवाहिक समारोह में सम्मिलित होकर नवदंपति कुणाल और रिद्धि को शुभकामनाएं दी. आप दोनों का दाम्पत्य जीवन सुख, समृद्धि और प्रेम से परिपूर्ण रहे, ऐसी मंगलकामनाएं हैं.” शादी में गड़करी समेत कई नेता पहुंचे राज्यपाल मंगू भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सीएम डॉ. मोहन यादव, पूर्व सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री, विधायक और सांसद आशीर्वाद समारोह में शामिल हुए। पंडित धीरेंद्र शास्त्री समेत कई साधु-संत भी नवयुगल को आशीर्वाद देने पहुंचे। बारात में नाचे शिवराज और साधना कुणाल की बारात में मां साधना सिंह, पिता शिवराज सिंह और भाई कार्तिकेय ने भी जमकर नृत्य किया। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बारात में नाचते दिखे।   18 मार्च को दिल्ली में समारोह इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्य के मुख्यमंत्री, और अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का दिल्ली में 18 मार्च को आयोजित रिसेप्शन कार्यक्रम में स्वागत किया जाएगा। यह भी बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय का विवाह छह मार्च को जोधपुर में होगा और भोपाल में 12 मार्च को रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद, 18 मार्च को दिल्ली में दोनों बेटों के लिए एक साथ स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा।    रिद्धि जैन का परिवार कई दशकों से भोपाल में रह रहा है और राजधानी के सबसे संस्कारित और सम्मानित परिवारों में माना जाता है। परिजन बताते हैं कि कुणाल सिंह को रिद्धि की खूबसूरती ने लुभाया। हाईप्रोफाइल फैमिली की होने के बावजूद रिद्धि शुरु से सादगी पसंद रहीं हैं जिससे शिवराज सिंह चौहान खासे प्रभावित हैं। यही वजह है कि बेटे कुणाल चौहान की रिद्धि से शादी की बात पर वे तुरंत सहमत हो गए। कुणाल सिंह चौहान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय चौहान है। 14 जून को जन्मे कुणाल सिंह चौहान 28 वर्ष के हैं। बड़े भाई कार्तिकेय जहां राजनीति में सक्रिय हैं और पिता का कामकाज संभालते हैं वहीं कुणाल को राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं है। कुणालसिंह पारिवारिक खेती-बाड़ी संभालते हैं और उनका अपना डेयरी का भी बिजनेस है। कुणाल सिंह चौहान की रिद्धि जैन से शादी पिछले साल 21 मई को तय हुई थी। इस कार्यक्रम को बहुत गोपनीय रखा गया। कार्यक्रम के फोटो वायरल होने के पहले, दो दिनों तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लग सकी थी। शादी तय होने के बाद कुणाल सिंह चौहान की छोटी सी प्रेम कहानी Shivraj Singh Chouhan Son Love Story सामने आई थी। कुणाल और रिद्धि जैन Riddhi Jain अमेरिका के एक ही स्कूल में पढ़े। स्कूल में ही दोनों के बीच प्रेम का अंकुर फूट गया था और फिर ये नजदीकियां कभी कम नहीं हुईं। कुणाल, रिद्धि की खूबसूरती पर फिदा हो गए थे। भोपाल लौटने पर दोनों की शादी की चर्चा होने लगी थी। कुणाल सिंह और रिद्धि जैन ने अपनी प्रेम कहानी को सुखद मोड़ देकर शादी करने का फैसला लिया। दोनों परिवारों ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी।

माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं सगाई के शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की गुरुवार को सगाई सेरेमनी हुई है। इसे लेकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आने वाली बहु को लेकर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि- रिद्धि हमारे घर में बहू बनकर नहीं, बल्कि बेटी के रूप में आ रही है।  शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, ‘घर में सौभाग्य का उदय हुआ है, कुणाल और रिद्धि की सगाई सानंद संपन्न हुई है। हमारे घर रिद्धि बहू बनकर नहीं, बेटी के रूप में आ रही है।’ शिवराज ने अपने बेटे कुणाल का बचपन याद करते हुए लिखा- ‘माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं इस शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए हैं। कुणाल की बचपन की यादें आज एक-एक कर सामने आ रही हैं। शांत, सौम्य, सुशील, शिष्ट, शालीन और सुंदर होने के साथ-साथ कुणाल बचपन में बेहद चुलबुले भी थे।’ कुणाल और रिद्धि एक-दूजे के लिए बने शिवराज ने आगे लिखा- ‘कुणाल और रिद्धि सच में एक-दूसरे के लिए बने हैं। हमारी अनंत शुभकामनाएं हैं कि वो दोनों एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जियें, न सिर्फ अपने लिए, बल्कि औरों के लिए भी। यही सीख हमने हमेशा दी है और हमें विश्वास है कि, कुणाल और रिद्धि इसी राह पर चलते रहेंगे। हमारी बेटी रिद्धि का हमारे परिवार में हार्दिक स्वागत है। ढेर सारा प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।’ 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे रिद्धी और कुणाल आपको बता दें कि, आज यानी 14 फरवरी को कुणाल और रिद्धि शादी के बंधन में बंध जाएंगे। भोपाल के जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से कुणाल की शादी हो रही है। रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है। बता दें कि कुणाल और रिद्धि एक साथ पढ़े हैं।

शिवराज सिंह चौहान बेटे की हल्दी की रस्म में जमकर नाचे, 14 फरवरी को शादी

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहीं हैं। वायरल वीडियो में शिवराज सिंह का खुशनुमा अंदाज आपके गालों को गुदगुदा देगा। छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की शादी की रस्मों में शिवराज सिंह और उनकी पत्नी साधना सिंह(Sadhna Singh Chouhan) बेहद खुश नजर आ रहे है। बॉलीवुड के प्यार भरे गाने पर दोनों के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है। साथी ही केंद्रीय मंत्री अपनी पत्नी के लिए गाना गाते हुए भी नजर आ रहे हैं। गाने के बोल थे, ‘जनम-जनम का साथ है हमारा-तुम्हारा ।’ यहां देखिए पूर्व सीएम के वायरल डांस और तस्वीरों की झलकियां। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की जल्द शादी होने वाली है। छोटे बेटे कुणाल वेलेंटाइन डे 14 फरवरी को सात फेरे लेंगे। वहीं, बड़े बेटे कार्तिकेय 6 मार्च को शादी करेंगे। बुधवार को कुणाल के मंडप लगाने की रस्म के साथ हल्दी रस्म भी निभाई गई। हल्दी में जमकर किया डांस शिवराज सिंह चौहान ने हल्दी की रस्म में साधना सिंह के साथ डांस की किया। डांस के फोटो भी शिवराज सिंह चौहान ने शेयर किए हैं। इसके साथ ही शादी में निभाई जाने वाली कई रस्मों को भी निभाया है। क्या लिखा शिवराज सिंह चौहान ने शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- “आज बेटे कुणाल के विवाह अवसर पर सनातन परंपरा अनुसार विधिपूर्वक मंडप की स्थापना की गई। मैंने, धर्मपत्नी साधना और बेटे कुणाल के साथ षोडशोपचार विधि से वेद मंत्रों के साथ पूजन किया। श्री गणेश, अंबिका और वरुण पूजन के साथ मंडपांग देवता की पूजा-अर्चना की। साथ ही, मंडप रक्षा हेतु त्रिसूत्रीकरण कुणाल के फूफा जी द्वारा संपन्न कराया गया।” कौन हैं शिवराज सिंह की बहू केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल की शादी वैलेंटाइन डे को भोपाल में होगी। कुणाल की जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से सगाई हुई थी। कुणाल और रिद्धि एक साथ पढ़े हैं। कहा जा रहा है कि यह दोनों की लव मैरिज है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय डेस्टिनेशन वेडिंग करेंगे। उनकी शादी 5-6 मार्च को उदयपुर में अमानत बंसल से होगी।

आज बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे, आप उन्हें आशीर्वाद दे : शिवराज सिंह चौहान

रायसेन  पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटों की शादी की रस्में रायसेन के जैत में शुरू हो चुकी हैं। जैत में प्रीति भोज का आयोजन हुआ। इस दौरान नर्मदा मैया के पूजन, और सुहाग की रस्में हुई। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा मन आनंद और प्रसन्नता से भरा हुआ है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र और विदिशा रायसेन संसदीय क्षेत्र की जनता ने जितना प्रेम मुझे दिया। उतना ही मेरी धर्मपत्नी साधना सिंह और मेरे दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल चौहान को भी दिया है। आज जब दोनों बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं। आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सभी ने स्नेह की वर्षा की। दोनों की जिंदगी की हो रही नई शुरुआत उन्होंने कहा कि आज जब दोनों बेटे जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सबने स्नेह की वर्षा की। उन्होंने लिखा कि मेरा और आपका रिश्ता अटूट है । इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन जी ने उपस्थित होकर हमारा मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार! गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहन के छोटे बेटे कुणाल की शादी 16 फरवरी को है। उनकी शादी भोपाल के रहने वाले संदीप जैन की बेटी ऋद्धि के साथ हो रही है। 16 फरवरी को भोपाल में शादी है। इससे पहले परिवार में समारोह चल रहा है। 12 मार्च को बड़े बेटे कार्तिकेय के लिए भोपाल में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया है। मेरा और आपका रिश्ता अटूट है- शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन ने उपस्थित होकर हमारा मान सम्मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे। इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार। मेरे घर बंगले के दरवाजे जनसेवा के लिए हमेशा खुले हैं। इस पावन अवसर पर नरेंद्र सिंह चौहान मास्टर, सुरजीत सिंह चौहान, महेश पटेल, अरविंद चौहान, रोहित चौहान,लक्ष्मण पटेल एडवोकेट,पूर्व जिपं अध्यक्ष भंवर लाल पटेल रायसेन मिट्ठू लाल धाकड़ लखपत सिंह धाकड़ सहित किरार पटेल धाकड़ चौहान समाजजन आदि विशेष रूप से शामिल हुए।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल लाए धन-धान्य थीम पर आधारित वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ किया

नई दिल्ली/ भोपाल केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल लाए धन-धान्य थीम पर आधारित वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है, जल है तो जीवन है। हम माटी से पैदा हुए और माटी में ही मिलते हैं। माटी हमारा अस्तित्व है, हमारा आधार है इसलिए मैं आह्वान करता हूँ, अपने लिए और अपनों के लिए पानी और मिट्टी बचाएं।   क्या है वॉटरशेड यात्रा?     वॉटरशेड यात्रा अभियान के तहत 805 परियोजनाओं में लगभग 60 से 90 दिनों तक वाटरशेड यात्रा वैन चलेगी।     ये यात्रा 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 6 हजार 673 ग्राम पंचायतों के 13 हजार 587 गांवों तक जाएगी।     एक हजार 509 ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी और 1 हजार 640 प्रभात फेरियां भी आयोजित की जाएंगी।     दो हजार 43 स्थानों पर भूमिपूजन और 1 हजार 999 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा।     एक हजार 196 स्थानों पर श्रमदान और 557 स्थानों पर बागवानी वृक्षारोपण किया जाएगा।   कृषि मंत्री ने और क्या कहा? केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विजनरी सोच के कारण भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग मिट्टी और जल संरक्षण के लिए पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वॉटरशेड विकास घटक की योजना को क्रियान्वित कर रहा है। इस वॉटरशेड के अंतर्गत चेक डेम, बोरी बंधान, मेढ़ बंधान, खेत तालाब जैसी कई संरचनाएं बनाई जाएंगी। ये संरचनाएं पानी भी बचाएंगे और माटी के क्षरण को भी रोकेंगे, सतही जल भी बहकर नहीं जायेगा और भूजल स्तर भी बढ़ेगा। भरा हुआ सतही जल आसपास के बड़े इलाके में भूजल स्तर बढ़ा देगा। माटी में नमी बनेगी, माटी की जल धारण क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम इस योजना के साथ जुड़ें, ये काम अकेले सरकार नहीं कर सकती है, सरकार के साथ समाज का सहयोग भी बेहद जरूरी है। हर गांव, किसानों, पंचायतों, जनप्रतिनिधि, माता, बहनों, NGO, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को जोड़ना है। इसके लिए हमने वॉटरशेड यात्रा निकालने का संकल्प लिया है। चौहान ने कहा कि ये महज यात्रा नहीं बल्कि धरती को बचाने की यात्रा है।   यात्रा के दौरान क्या-क्या होगा? केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि इस विशेष अभियान को जनता का आंदोलन बनाएं, जन-जन इसमें जुड़ जाए। हम जनता के सहयोग से जल संरचनाएं बनायें, माटी के संरक्षण की योजनाएँ बनाएं। इस वाटरशेड यात्रा के दौरान पानी और माटी बचाने के लिए जनजागरण अभियान चलेगा और वॉटरशेड के अंतर्गत पूर्ण किये गए कामों का लोकार्पण भी होगा और नए कामों का भूमिपूजन भी होगा। इसके साथ ही वॉटरशेड महोत्सव भी मनाया जाएगा। इतना ही नहीं वॉटरशेड पंचायत उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी करेगी। ये वॉटरशेड यात्रा देशभर में जलसंचयन और भूमि संरक्षण को बढ़ावा देगी। ये यात्रा पानी और माटी बचाने के लिए ग्रामीण जनता को एक मंच भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आगामी 2 वर्षों के लिए जनभागीदारी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जा रहा है अगर जनभागीदारी से हम बेहतर जल संरचना बनाते हैं, भूमि के क्षरण को रोकते हैं तो श्रेष्ठ काम करने वाली परियोजनाओं को अतिरिक्त 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए 70 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है। हर साल 177 परियोजनाएं इससे लाभान्वित होंगी।   कुएं भी सूख गए, नदियों की धार खत्म हो गई केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जल और मिट्टी दोनों ठीक दशा में न रहें, तो हमारी जिंदगी की दशा क्या होगी..? हमारी आने वाली पीढ़ियों का क्या होगा..? हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूरदर्शी हैं, वो आने वाले 50 साल, 100 साल की सोचते हैं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोचते हैं। बिगड़ते हुए पर्यावरण के कारण भूजल का स्तर क्या रह गया है..? कई जगह पानी हजार से डेढ़ हजार फीट के नीचे चला गया है। कुछ सालो पहले नदियां बहती थी, कुएं में ऊपर तक पानी रहता था। आज कुएं भी सूख गए हैं और नदियों की धार भी खत्म हो गई। आने वाले कल में हमारी पीढ़ियाँ कैसे जीवित रहेंगी, इस बारे में हम सभी को सोचना पड़ेगा। पानी आज विश्व का सबसे बड़ा मुद्दा है। हमें पानी बचाना है, भूजल स्तर को ठीक करना है। उन्होंने कहा कि घाटों का क्षरण हो रहा है, कई जगह जमीन बंजर हो रही है, उपजाऊ माटी बह रही है। ऐसा होता रहा तो क्या कृषि की उपज होती रहेगी..? हमें पानी भी बचाना है, माटी भी बचाना है और हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी बचाना है।

बुधनी उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत तो हासिल की, लेकिन कांग्रेस के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन ने बीजेपी की चिंता बढ़ाई

सीहोर  बुधनी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामाकांत भार्गव ने जीत तो हासिल की, लेकिन कांग्रेस के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। 23 नवंबर 2024 को हुए इस चुनाव में भाजपा को मात्र नौ प्रतिशत वोटों से जीत मिली, जबकि कुछ महीने पहले ही हुए विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को लगभग 70% वोट मिले थे। इस बार भाजपा को 52% और कांग्रेस को 43% वोट मिले। कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी और भाजपा के वोट शेयर में गिरावट ने भाजपा के लिए चिंता का विषय पैदा कर दिया है। खासकर 136 पोलिंग बूथ पर मिली हार और 98 बूथ पर बेहद कम अंतर से जीत ने भाजपा के लिए आत्ममंथन की स्थिति पैदा कर दी है। 20 साल बाद ऐसी टक्कर बुधनी विधानसभा में लगभग 20 साल बाद इतना रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। रामाकांत भार्गव ने जीत तो हासिल की, लेकिन दोनों दलों के लिए यह चुनाव सीख देने वाला रहा। पिछले दो विधानसभा चुनावों के नतीजों पर गौर करें तो कांग्रेस ने भले ही चुनाव हारा हो, लेकिन उसके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। बीजेपी का प्रदर्शन गिरा भाजपा के प्रदर्शन में गिरावट साफ दिखी। 2018 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 43 पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा था। 2023 के विधानसभा चुनाव में यह संख्या घटकर 16 रह गई थी। लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा को 136 पोलिंग बूथ पर हार मिली। 16 से 136 तक पहुंचने वाली हार के आंकड़ों ने भाजपा के लिए आत्ममंथन की स्थिति पैदा कर दी है। 98 बूथों पर कांटे की टक्कर इस उपचुनाव में 98 पोलिंग बूथ ऐसे रहे, जहां दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर रही। इन बूथों पर जीत और हार का अंतर 50 वोटों से भी कम रहा। भाजपा 50 ऐसे बूथों पर जीती, जहां जीत का अंतर 50 से कम था। कांग्रेस 48 ऐसे बूथों पर जीती, जहां जीत का अंतर 50 से कम था। इन बूथों पर जीत-हार का अंतर 2 से लेकर 49 वोटों तक रहा। कई बूथ ऐसे रहे, जहां जीत का अंतर सिर्फ 2, 7, 9 और 10 वोटों का रहा। डोबा और महागांव बूथ पर भाजपा सिर्फ 2 वोटों से जीती। नारायणपुर में 13 वोट, ग्वाडिया में 6 वोट, जोशीपुरा में 10 वोट, बुधनी के पांच बूथों पर 30, 49, 6, 18, 35 वोटों से जीत मिली। किरार समाज पर भारी बारेला वोट इस चुनाव में बारेला समाज के वोट किरार समाज के वोटों पर भारी पड़े। कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल किरार समाज से आते हैं। विधानसभा क्षेत्र में किरार समाज के लगभग 23,000 वोट हैं। ऐसा माना जा रहा था कि किरार वोट बैंक कांग्रेस के पक्ष में जाएगा। लेकिन राजकुमार पटेल को अपने समाज का पूरा समर्थन नहीं मिला। बारेला समाज के वोट भाजपा की तरफ चले गए। भाजपा प्रत्याशी को 38 पोलिंग बूथ पर बारेला समाज के 12,000 से ज्यादा वोट मिले। 16 अन्य बूथों पर बारेला समाज के 4,000 से ज्यादा वोट भाजपा को मिले। कुल मिलाकर भाजपा को बारेला समाज के 16,000 से ज्यादा वोट मिले, जो उसकी जीत की बड़ी वजह बने। किरार समाज में भी भाजपा ने सेंध लगाई। इस वजह से राजकुमार पटेल अपने गृह क्षेत्र से बड़ी बढ़त नहीं बना पाए। कांग्रेस का भी यही हाल कांग्रेस को 48 पोलिंग बूथ पर 50 से भी कम वोटों से जीत मिली। कई बूथ ऐसे थे जहां जीत का अंतर सिर्फ 1, 2, 5, 7 और 11 वोटों का रहा। तीन बूथों पर 1 वोट और एक बूथ पर 2 वोटों से कांग्रेस जीती। सलकनपुर में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से देवीलोक का निर्माण हो रहा है। लेकिन सलकनपुर पंचायत के मतदाताओं ने भाजपा को 1 वोट से हरा दिया। यह भाजपा के लिए चिंता का विषय है। रमाकांत भार्गव ने जिस गांव को गोद लिया, उसमें जीत बसंतपुर गांव में बारेला, बंजारा, गोंड और अन्य समाज के लोग रहते हैं। रमाकांत भार्गव ने सांसद रहते हुए इस गांव को गोद लिया था, लेकिन अपने कार्यकाल में एक बार भी गांव नहीं गए। पिछले साल ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था। लेकिन फिर भी बसंतपुर के मतदाताओं ने रमाकांत भार्गव को 540 वोट देकर 349 वोटों से जीत दिलाई। राजकुमार पटेल को यहां सिर्फ 191 वोट मिले। गांव में कुल 796 वोट पड़े थे।

मराठी भाषा में शिवराज ने खुद को महाराष्ट्र का दामाद बताया, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

भोपाल अपने राजनीतिक कार्यों के साथ-साथ अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद, केंद्रीय कृषि मंत्री और महाराष्ट्र चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान का एक बार फिर भरे मंच पर अपने भांजे-भांजियों के प्रति प्रेम भाव देखने को मिला है। एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान भरे मंच से अपने भांजे-भांजियों को ‘आई लव यू’ कहते नजर आए हैं।  दरअसल, महाराष्ट्र की सावनेर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे ही मंच पर पहुंचे भीड़ में मौजूद युवाओं ने ‘मामा-मामा…’ आवाजें लगानी शुरु कर दीं। कुछ ही सेकंडों में मानों पूरी सभा स्थली से सिर्फ एक ही आवाज सुनाई देने लगी। फिर क्या था ‘मामा’ भी खुद को रोक नहीं पाए और आवाज लगाते हुए कहा, ‘मैरे भांजे-भांजियों आईलव यू..’। इसके आगे मराठी भाषा में शिवराज ने खुद को महाराष्ट्र का दामाद भी बताया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी खासा वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल मंच से संबोधन करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई सौगातें भी दीं। उन्होंने कहा कि प्याज, टमाटर और आलू के दाम गिरते हैं तो किसान को नुकसान होता है, इसलिए आईसीएआर लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर मॉडल रेट तय करेगा। बाजार रेट से अंतर पर नुकसान केन्द्र और राज्य सरकार 50-50 फीसद वहन करेंगे। शिवराज महाराष्ट्र में मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। शिवराज ने कहा, प्याज के एक्सपोर्ट से प्रतिबंध हटाया गया है, एक्सपोर्ट शुल्क 40 फीसद से घटाकर 20 फीसद किया गया है, जिससे प्याज के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पाम ऑयल मलेशिया, इंडोनेशिया से जीरो पर्सेंट ड्यूटी पर आयात किए जाते थे, इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27.5 फीसद की गई है, ताकि किसान को सोयाबीन के ठीक दाम मिल सके। केंद्रीय मंत्री की इस घोषणा से मध्य प्रदेश के किसानों को भी लाभ होगा।

शिवराज ने कहा प्याज के एक्सपोर्ट से प्रतिबंध हटाया, शुल्क 40% से घटाकर 20% किया गया

भोपाल केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्याज, टमाटर और आलू के दाम गिरते हैं तो किसान को नुकसान होता है, इसलिए आईसीएआर लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर मॉडल रेट तय करेगा। बाजार रेट से अंतर पर नुकसान केन्द्र और राज्य सरकार 50-50% वहन करेंगे। शिवराज महाराष्ट्र में मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।  शिवराज ने कहा कि प्याज के एक्सपोर्ट से प्रतिबंध हटाया गया है, एक्सपोर्ट शुल्क 40% से घटाकर 20% किया गया है। जिससे प्याज के दामों में वृद्धि हुई है। पाम ऑयल मलेशिया, इंडोनेशिया से जीरो पर्सेंट ड्यूटी पर आयात किए जाते थे, इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27.5% की गई है। ताकि किसान को सोयाबीन के ठीक दाम मिल सके। केंद्र ने महाराष्ट्र सरकार को दी अनुमति, MSP पर सोयाबीन खरीदें सोयाबीन की एमएसपी है 4892 रुपए, केन्द्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को अनुमति दी है कि, वह एमएसपी पर सोयाबीन खरीदें। सोयाबीन में नमी की सीमा को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। एमपी के किसानों को भी होगा फायदा केंद्रीय मंत्री के इस ऐलान के बाद मध्य प्रदेश के किसानों को भी राहत मिल गई है।

जहां अधिक फायदा मिले वहां फसल बेचे किसान, आने-जाने का खर्च देगी सरकारः शिवराज सिंह

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि किसान भाइयों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। उनके मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। किसानों के मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि शिवराज विजयपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए थे। विजयपुर मंडी प्रांगण में आयोजित चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बड़ा एलान किया है। महिला आरक्षण पर भी बोले शिवराज केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों को शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का हमारा जो संकल्प था, उस पर अमल किया गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्रदेश पर लगातार बरस रहा है। विजयपुर में भी जनता को यह विश्वास है कि विकास होगा तो भाजपा की सरकार ही करेगी। कांग्रेस पर निशाना बीजेपी नेता ने मंच से कांग्रेस पर निशाना भी साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गई हैं।     कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। शिवराज ने आगे कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वादे किए थे। विपक्षी दलों ने एक भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने आप लोगों से 344 वादे किए थे, लेकिन वो एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। वहीं, बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करती है। कांग्रेस फुस्सी बम उन्होंने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गईं। कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया। रेहटी में किया रोड शो केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बुधनी विधानसभा के रेहटी में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में रोड शो कर जनता का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, विजयपाल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय उपस्थित रहे।  

इंडी गठबंधन झूठ का पुलिंदा है, पिछली बार जेएमएम और कांग्रेस ने 461 वादे किए थे, एक भी पूरा नहीं किया

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के झारखंड राज्य के प्रभारी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन झूठ का पुलिंदा है। पिछली बार जेएमएम और कांग्रेस ने 461 वादे किए थे जिनमें से एक भी पूरा नहीं किया। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान लोक गायिका शारदा सिन्हा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “शारदा सिन्हा ऐसी गायिका थीं, जिनके बिना छठ महापर्व की कल्पना नहीं की जा सकती। छठ महापर्व और उनके गीत एक दूसरे के पर्याय थे। छठ के दिन ही उन्होंने देवलोक गमन किया। छठ मैया अपने चरणों में स्थान दें। उनकी दिवंगत आत्मा को शांति दें, यही कामना है।” देश में हो रहे विधानसभा के चुनाव और उपचुनावों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा, “झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव है तो कई स्थानों पर उपचुनाव है। अब तो मैं आजकल झारखंडी हो गया हूं। इंडी गठबंधन की गारंटी झूठ का पुलिंदा है क्योंकि जेएमएम और कांग्रेस ने पिछली बार भी गारंटी दी थी। उन्होंने कहा था ‘हम पांच लाख सरकारी नौकरियां देंगे’, जो नहीं दी, उन्होंने कहा था कि हर महिला को 2000 रुपये हर महीना चूल्हा खर्च देंगे, जो नहीं दिया। चुनाव से सिर्फ दो माह पहले 1000 रुपये देने की एक योजना ले आए। बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, नहीं दिया। इन्होंने समर्थन मूल्य पर बोनस देने और धान खरीदेंगे कहा था जो नहीं किया। जेएमएम ने 117 वादे किए थे और 344 वादे कांग्रेस ने किए थे। एक भी वादा पूरा नहीं किया और नए वादे लेकर आ गए। इनकी गारंटी फुस्सी बम है जो फूटता नहीं और जनता को भरोसा नहीं है।” भाजपा की गारंटी का जिक्र करते केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि भाजपा जो कहती है वह करती है। हमने जो कहा था उसे छत्तीसगढ़ में देख लीजिए, उड़ीसा मे देख लीजिए । भाजपा और हमारे नेता नरेंद्र मोदी गारंटी को पूरा करने गारंटी है । इंडी गठबंधन की गारंटी पर कोई भरोसा नहीं कर रहा। सबको पता है यह झूठ बोलते हैं। मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, “विजयपुर और बुधनी का सवाल है तो मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा की सरकार प्रदेश के विकास और जनकल्याण को नई ऊंचाई तक ले जा रही हैं और जनकल्याण का इतिहास रच रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं- बेटियों को 35 प्रतिशत आरक्षण किया गया है जो हमारे संकल्प पर अमल है। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ऐसी एक नहीं अनेक चीज हो रही है। मध्य प्रदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लगातार बरस रहा है। इसलिए मध्य प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है। सरकार के कामों से जनता प्रसन्न है और बुधनी तथा विजयपुर में जनता को विश्वास है कि विकास होगा।”  

शिवराज सिंह चौहान ने छठ महापर्व पर दिवंगत शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छठ महापर्व पर दिवंगत लोकगायिका डॉ. शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड और महाराष्ट्र में आगामी चुनावों, इंडिया गठबंधन, और मध्यप्रदेश उपचुनावों को लेकर कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. शारदा सिन्हा के गीतों के बिना छठ महापर्व की कल्पना अधूरी है। छठ पर्व और उनके गीत एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। छठ के दिन ही उनके देवलोक गमन ने इस पर्व को भावुक बना दिया है।उन्होंने डॉ. शारदा सिन्हा के लोकगीतों की महत्ता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन दिनों मैं झारखंडी बन गया हूं केंद्रीय मंत्री ने झारखंड और महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इन दिनों मैं झारखंडी बन गया हूं। झारखंड और महाराष्ट्र की जनता को इंडिया गठबंधन के झूठे वादों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की गारंटी झूठ का पुलिंदा है, जिसने 5 लाख सरकारी नौकरियों और बेरोजगारी भत्ते का वादा किया था, जो अब तक अधूरा है। उन्होंने कहा कि जनता को अब इन पर भरोसा नहीं है। भाजपा सरकारों ने अपने हर वादे को निभाया शिवराज सिंह ने भाजपा सरकारों की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमने हर वादे को निभाया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरी ईमानदारी से पूरा किया है। जनता हमारे साथ है क्योंकि हमने उनके विश्वास को कभी टूटने नहीं दिया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि राहुल विदेशों में जाकर कहते हैं कि समय आने पर आरक्षण समाप्त कर देंगे। ऐसे में उनकी बातों पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?  उन्होंने इंडिया गठबंधन को जनता को भ्रमित करने वाला बताया। मध्य प्रदेश में जनता का भरोसा हमारे साथ मध्यप्रदेश में बुधनी और विजयपुर के उपचुनावों पर शिवराज ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जा रही है। हमने महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया है और जनता का भरोसा हमारे साथ है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लिए जनता भगवान के समान है और भाजपा जनता की सेवा को सर्वोपरि मानती है।

शिवराज आखिरी बार 2006 में खुद के लिए वोट मांगने बुदनी आए थे, अब भार्गव के लिए आएंगे

बुधनी बुधनी विधानसभा में वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा मौका पहली बार देखने को मिलेगा, जिसमें शिवराज सिंह चौहान स्वयं भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए नजर आएंगे। इस अवधि में उन्होंने विधानसभा चुनाव में कभी भी वोट नहीं मांगे थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण उन्हें मैदान में उतरना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि अपने खास सखा के लिए वह बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पहले दौरे कार्यक्रम के मुताबिक वह सात नवम्बर को पिपलानी, छिदगांव काछी व रेहटी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ ही आम मतदाताओं से रूबरू होंगे। बुधनी में विधानसभा का उपचुनाव होना है, जिसमें भाजपा की ओर से रमाकांत भार्गव प्रत्याशी हैं। 2006 से लेकर 2023 तक हुए सभी चुनावों में शिवराज सिंह चौहान भाजपा की ओर से प्रत्याशी रहे हैं। 2006 में हुए उपचुनाव के दौरान उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा करते हुए वोट मांगे गए थे। लेकिन उसके बाद हुए आम चुनावों में वह अपने लिए कभी भी बुधनी की जनता के पास वोट मांगने नहीं आए थे। विपक्षी दल से कोई भी नेता चुनाव मैदान में उतरा हो या फिर किसी भी बड़े स्टार प्रचारक की सभा हुई हो उसके बावजूद भी उन्होंने विधानसभा की और अपना रुख नहीं किया था। उनका पूरा चुनाव क्षेत्र के कार्यकर्ता और जनता के हवाले ही रहता था। इसके बावजूद भी हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर लगातार बढ़ता ही रहा। लेकिन आगामी 13 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान को भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने गांव-गांव दस्तक देना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बावजूद भी उन्हें बुधनी में अपना समय देना पड़ रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच पुरजोर विरोध है, जिसे थामने के लिए शिवराज सिंह चौहान मैदान में उतर रहे हैं। उनके द्वारा लगातार भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व नेताओं से सतत संपर्क बनाकर चुनाव में जुटने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बुधनी में कांग्रेस की काट है शिवराज बुधनी विधानसभा में कांग्रेस की काट शिवराज सिंह चौहान हैं, जिन्होंने कांग्रेस के गढ़ को नेस्तनाबूद किया था। उसके बाद से लेकर अभी तक कभी भी कांग्रेस इस विधानसभा पर जीत का परचम नहीं लहरा सकी है। वर्ष 1990 में अपनी राजनीति का आगाज करने के बाद पहला चुनाव उन्होंने 24,000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां लगातार जारी रहा। लेकिन इस बार शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा से प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस इस मौके को गंवाना नहीं चाहती। शिवराज सिंह चौहान की जन्म और कर्म स्थली कहलाने वाली बुधनी सीट को कांग्रेस के हाथों में नहीं जाने देना चाहते। जिसके कारण वह पुरजोर प्रयास करते हुए भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव (जिन्हें उनका सबसे खास सखा माना जाता है) के पक्ष में मैदान में उतरने वाले हैं। जनता का मूड, शिवराज के लिए सभी एक, लेकिन भार्गव के लिए चुनौती बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता का मूड  शिवराज सिंह चौहान के लिए तो हमेशा एक ही रहा है। लेकिन भाजपा के द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के लिए आम जनता चुनौती साबित हो रही है। भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं के बीच ही पुरजोर विरोध होना पार्टी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भाजपा के द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यकर्ता सम्मेलन( दीपावली मिलन समारोह) में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति नेताओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। इसके पीछे बड़ा कारण कुछ समय पूर्व टिकट वितरण से उपजा विरोध है। हालांकि भाजपा संगठन ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। गौरतलब है कि 1990 में राजनीति का आगाज करने के बाद शिवराज सिंह ने पहला चुनाव 24000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां यहां लगातार जारी रहा। वहीं कांग्रेस भी इस बार बुदनी विधानसभा सीट का जीतकर शिवराज सिंह चौहान का किला भेदने की तैयारी में जुट गई है।

PM नरेंद्र मोदी ने सरकार में शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ाया, अब चौहान देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे

भोपाल / नई दिल्ली NDA सरकार में कृषि मंत्री की भूमिका निभा रहे शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत वह देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी ने एक नई टीम गठित की है, जिसकी कमान चौहान को दी गई है। हाल ही में इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सचिव स्तर के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।टीम का क्या होगा काम हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्री बनने से पहले मध्य प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे चौहान की अगुवाई में गठित समूह हर महीने समीक्षा बैठक करेगा। यह मीटिंग प्रधानमंत्री कार्यालय में होगी, जहां सभी सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में शामिल रहे अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी ने चौहान को घोषणा किए गए सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति देखने की शक्तियां दे दी हैं। इसके तहत केंद्रीय मंत्री साल 2014 यानी पहली एनडीए सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक घोषित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। हालांकि, सरकार ने इस समूह को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।शिवराज सिंह चौहान को ये जिम्मा खबर है कि चौहान प्रधानमंत्री को पोर्टल पर प्रकाशित सभी योजनाओं, वो परियोजनाएं जिनकी आधारशिला पीएम मोदी की तरफ से रखी गई है, बजट में की गई घोषणाओं, ऐसे कानून जिनपर नियम बनाए जाने बाकी हैं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। अगर किसी प्रोजेक्ट में देरी नजर आती है या वहां मंत्री स्तर पर किसी समर्थन की जरूरत होती है, तो इस संबंध में चौहान संबंधित सचिवों से संपर्क साधेंगे। पहली बैठक हुई खबर है कि 18 अक्टूबर को पीएम कार्यालय में इस समूह की पहली बैठक हो चुकी है, जहां सरकार के सभी सचिव शामिल हुए थे। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी सरकारी योजनाओं के लागू होने में हो रही देरी को लेकर चिंतित हैं और बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बैठकों में इस संबंध में सचिवों और PMO के अधिकारियों को बता भी चुके हैं।

बीजेपी बुधनी सीट पर शिवराज सिंह की लोकप्रियता को भुनाने मामा के करीबी पर दांव लगा सकती है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार शिवराज सिंह चौहान फिर से चर्चा में हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की राजनीति को छोड़कर केंद्र की राजनीति में एक्टिव हैं। मोदी कैबिनेट में वह कृषि और ग्रामीण पंचायत जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि इन सबसे बीच मध्य प्रदेश में एक बार फिर से उन्हें सियासी चेहरा बनाने की तैयारी चल रही है। दरअसल, बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। बुधनी विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। बुधनी विधानसभा सीट से शिवराज सिंह चौहान लगातार पांच बार विधायक रहे हैं। 2006 के बाद यह पहला मौका है जब बुधनी विधानसभा सीट पर विधानसभा के चुनाव हो रहे हों और शिवराज सिंह चौहान उम्मीदवार नहीं हों। ऐसे में बीजेपी इस सीट पर शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए किसी ऐसे उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है जो शिवराज का करीबी माना जाता हो। बुधनी में तीसरी बार हो रहे हैं उपचुनाव बुधनी विधानसभा सीट पर तीसरी बार उपचुनाव हो रहे हैं। इससे पहले हुए दो उपचुनावों में बीजेपी की जीत हुई थी। तीनों उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान से कनेक्शन है। बुधनी विधानसभा सीट पर पहली बार 1992 में हुआ था। 1990 में शिवराज सिंह चौहान इस सीट से विधायक बने थे। 1992 में लोकसभा के चुनाव हुए थे। विदिशा सीट से अटल बिहारी वाजपेयी ने चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। अटल बिहारी वाजपेयी दो सीटों से चुनाव जीते थे बाद में उन्होंने विदिशा की सीट से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा का टिकट दिया था। लोकसभा जीतने के बाद शिवराज ने बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इस चुनाव में बीजेपी के मोहनलाल शिशिर चुनाव जीते थे। इसके बाद बुधनी विधानसभा सीट पर 2006 में उपचुनाव हुए थे। तब बीजेपी विधायक ने शिवराज सिंह चौहान के लिए यह सीट खाली की थी। बीजेपी ने उन्हें राज्य का सीएम बनाया था। सीएम बनने के बाद शिवराज इस उपचुनाव में जीते उसके बाद पांच विधानसभा चुनावों में लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे। अब एक बार फिर इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। क्या बेटे को मिल सकता है टिकट? 2023 के विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। अब बीजेपी के सामने चुनौती है कि बीजेपी इस रेकॉर्ड को बरकरार रखे। ऐसे में उनके बेटे कार्तिकेय के भी चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं। इस सीट पर उम्मीदवार कोई भी हो प्रतिष्ठा शिवराज सिंह चौहान की ही दांव पर लगी होगी। ऐसे में बीजेपी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए एक नेता को टिकट दे सकती है जिससे जनता के बीच यह मैसेज जाए कि शिवराज सिंह चौहान की टिकट बंटवारे में उपेक्षा नहीं हुई है। शिवराज सिंह चौहान के मैदान में नहीं होने से कांग्रेस भी अपनी सियासी रणनीति को धार देने में जुटी है। बीजेपी का गढ़ है यह सीट शिवराज सिंह चौहान के कारण बुधनी विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 1998 में जीत मिली थी। तब कांग्रेस के देवेन्द्र पटेल में चुनाव जीता था। उसके बाद से कांग्रेस यहां से चुनाव नहीं जीत पाई है। इस बार कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए विशेष रणनीति बना रही है।  

Shivraj Singh Chouhan के बेटे की गई सगाई, साझा की पहली तस्वीरें

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की सगाई गुरुवार को अमानत बंसल के साथ दिल्ली में संपन्न हुई है। जानकारी आ रही है कि सगाई में दोनों परिवार के करीब 50-60 लोग शामिल थे। बता दें कि, शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कुणाल और कार्तिकेय की शादी में शामिल होने का न्योता दिया। पीएम मोदी से की थी मुलाकात पीएम मोदी से शिवराज सिंह चौहान ने सपरिवार मुलाकात की थी। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की थी। इस दौरान एक्स पर उन्होंने लिखा था कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। दरअसल, अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के मालिक हैं। वहीं अमानत की मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्रेन्योर ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं। कार्तिकेय चौहान की होने वाली पत्नी अमानत ने हाल में ही लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई कंप्लीट की है। चार महीने पहले हुई थी छोटे बेटे की सगाई शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की सगाई चार महीने पहले हुई थी। राजधानी भोपाल में कुणाल की सगाई डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन के साथ हुई थी। रिद्धि और कुणाल ने साथ में ही पढ़ाई की है।

शिवराज के घर जल्द बजेगी शहनाई, पीएम मोदी केंद्रीय मंत्री के बेटों की शादी में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी जल्द ही होने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्होंने शादी का न्योता दिया है। शादी में आमंत्रित करने शिवराज अपनी पत्नी साधना सिंह और दोनों बेटे कार्तिकेय-कुणाल के साथ पहुंचे थे। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल की जल्द ही शादी होने वाली है। शिवराज सिंह चौहान के बड़े समधी अनुपम आर बंसल देश की जानी-मानी कंपनी लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा भी वे कई कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे समधी भोपाल के बड़े डॉक्टर हैं। शादी का न्योता देने की जानकारी खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। तस्वीरों में शिवराज पीएम मोदी को फूलों का गुलदस्ता और गणेश प्रतिमा भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा परिवार साथ है। शिवराज ने जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। कौन हैं कार्तिकेय और अमानत? कार्तिकेय चौहान पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। कार्तिकेय को पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। 2013 से कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिता शिवराज के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया था। इसकी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में कार्तिकेय खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, शिवराज सिंह की होने वाली बड़ी बहू अमानत बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक और कारोबारी अनुपम आर बंसल की बेटी हैं। अमानत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, उन्होंने मनोवैज्ञानिक शोध में एमएससी किया है। बताया जाता है कि अमानत को शास्त्रीय नृत्य का भी बहुत शौक है। अमानत की मां रुचिता बंसल ‘इजहार’ नाम की एक संस्था चलाती है। कौन हैं कुणाल और रिद्धी? कुणाल चौहान शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। कुणाल का राजनीति से कोई नाता नहीं है, उनका पूरा फोकस अपने कारोबार पर ही रहता है। वे मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। उनकी डेयरी से दूध, घी, पनीर, लस्सी, दही और पानी भी भोपाल व आसपास के जिलों में सप्लाई किया जााता है। इससे पहले कुणाल ने भोपाल में फूलों की दुकान भी खोली थी। शिवराज की छोटी बहू रिद्धी जैन परिवार से आती हैं। उनके पिता संदीप जैन हैं, जो भोपाल में बड़े डॉक्टर हैं। रिद्धी के दादा इंदरमल जैन भी डॉक्टर हैं। डॉ. इंदरमल जैन का निवास भोपाल के 74 बंगले के पास निषाद कॉलोनी में है। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कुणाल और रिद्धी एक दूसरे से मिले थे। दोनों करीब दो साल से दोस्त रहे, इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों का रोका कार्यक्रम हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, लेकिन जैन परिवार की ओर से रोका कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दी गईं, जिससे यह जानकारी सामने आ गई।  

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे

नवरात्रि पर बेटियों-बहनों के सम्मान का संकल्प लें : शिवराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आवास पर कन्या भोज का आयोजन किया केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भोपाल स्थित आवास पर नवरात्रि की अष्टमी-नवमी के अवसर पर कन्या भोज का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौहान ने कहा, “संपूर्ण देश नौ दिन तक श्रद्धा और भक्ति के भाव में डूबा था। हमने देवी मां की पूजा की और आज मां से यही प्रार्थना है कि वह सब पर कृपा और आशीर्वाद की वर्षा सदैव करती रहें।” केंद्रीय कृषि मंत्री ने दुर्गा सप्तशती का उल्लेख करते हुए कहा, “माता कहती हैं कि समस्त बेटियां, स्त्रियां मेरा ही अंश है और इसलिए संपूर्ण देशवासियों से मेरी प्रार्थना है कि बेटी का आदर करें, सम्मान करें।” बीते कुछ दिनों में मासूम बालिकाओं से लेकर महिलाओं के साथ हुई घटनाओं पर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा, “कुछ घटनाएं आहत करती हैं, मन को उद्वेलित करती हैं और पूरा समाज शर्मसार हो जाता है। आज संकल्प लेने का समय है कि हम मन, वचन और कर्म से बेटियों की पूजा करेंगे, उनका आदर करेंगे, बहनों का सम्मान करेंगे, समाज में उनका उचित स्थान देंगे।” कृषि मंत्री चौहान ने अपने आवास पर आयोजित कन्या भोज का जिक्र करते हुए कहा, “आज जब बेटियों के साथ आरती की, देवी मां की पूजा की, बेटियों की आरती उतारी, उस समय मुझे और धर्मपत्नी साधना को लग रहा था जैसे हम साक्षात देवी मां की आरती कर रहे हों और बेटियों को भोजन कराया तो लग रहा था जैसे साक्षात मां ही भोजन कर रहीं हो।”    

उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे- शिवराज

भोपाल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को दो बड़े फैसले लिए हैं। भारत  की कुल खाद्य तेल की आवश्यकता  2022-23 में 29.2 मिलियन टन थी, लेकिन हमारे यहां ऑइल सीड से खाद्य तेल का उत्पादन 12.7 बिलियन ही हो पाता है। बाकी की मांग पूरा करने के लिए हमको विदेशों पर या आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। इसको लेकर फैसला किया गया है कि आयात पर निर्भरता खत्म करके हम खाद्य तेलों में कैसे आत्मनिर्भर बने। इसलिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तिहलन बनाया गया है। शिवराज ने कहा कि 10 हजार 103 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से हमारे यहां अभी जो ऑइल सीड्स हैं उनका उत्पादन काफी कम है और इसलिए सरकार उन्नत बीज किसानों को देगी। आईसीएमआर यह बीज बनाएगा। पहले ब्रीडर सीड्स बनाएंगे। उसे फाउंडेशन सीड फिर सरटीफाइड सीड बनाकर किसानों को फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरे देश में इसके लिए 600 कलस्टर बनाए जाएंगे। 347 जिले के 21 राज्यों में जहां भी ऑइल सीड्स का उत्पादन होता है उन राज्यों को विशेष रूप से लिया गया है, किसानों को इन कलस्टर में फ्री में बीज, उनको ट्रैनिंग, नई टेक्नोलॉजी कैसे खेती करे जिससे ज्यादा उत्पादन हो और वो जो उत्पादित करेंगे उसकी 100 % खरीदी की जाएगी, ऐसी सुविधाएं इस मिशन के अंतर्गत किसानों को दी जाएगी । बीच भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी हर साल 10 लाख हेक्टर पूरे देश में खेती की जाएगी। 7 साल में 70 लाख हेक्टर एरिया इस योजना के अंतर्गत दिया जाएगा, उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे, 100 हमारे बीज केंद्र बनेंगे, बीजों को सुरक्षित रखने के लिए 50 बीज भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी और राज्यों पर हम ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जहाँ केवल एक फसल लेते हैं खरीफ की, इंटरक्रॉपिंग का भी उपयोग करेंगे, अलग-अलग फसलों के बीच में ये बीज, फसलें लगाई जा सकती हैं और पूरी खरीद किसानों से करेंगे, एक ये बड़ा फैसला कल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार प्याज, दाल और चावल का बफर स्टॉक बना रही है। इनके दाम बढ़ने पर सरकार सस्ते में में उपलब्ध कराएगी।   किसान सम्मान निधि की राशि होगी कल ट्रांसफर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र से किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की राशि ट्रांसफर करेंगे। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि के तहत 20 हजार करोड़ रुपए की राशि खातों में डाली जाएगी। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने दो नई योजनाएं पीएम-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नत योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि योजनाओं में एक लाख हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रदेश सरकारें योजनाओं को अपने अनुसार चुन सकेगी। शिवराज ने कहा कि उनकी सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम देने के साथ प्राकृतिक खेती पर फोकस कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। यह सूरजमुखी, मूंगफली और सायाबीन पर लागू है। इससे दाम बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। सोयाबीन के दाम  500 रुपए बढ़ गए है। रिमोर्ट डिजिटल से फसल नुकसान का आकलन शिवराज ने बताया कि केंद्र ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत रिमोर्ट डजिटल से फसल के नुकसान का आकलन किया जाएगा। इस तकनीक से आकड़ों में हेरफेर नहीं हो सकेगी। फसल की बुआई पर डिजिटल फोटो अपडेट होंगे। इसके लिए ड्रोन के साथ पांच बैटरी उपलब्ध कराई जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा में भाजपा सरकार बना रही है। दोनों जगह भाजपा के पक्ष में माहौल बना है।  

इस विधानसभा सत्र की खास बात यह है कि 18 साल तक सत्र में नजर आने वाले शिवराज सिंह चौहान इस सत्र में नजर नहीं आ रहे हैं

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से जारी है. इस विधानसभा सत्र की खास बात यह है कि 18 साल तक सत्र में नजर आने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) इस सत्र में नजर नहीं आ रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा संसदीय सीट से चुनाव जीतने के बाद 18 जून को विधायकी पद से इस्तीफा दे दिया है. शिवराज सिंह चौहान अब केंद्र में कृषि मंत्री हैं. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद रहते वर्ष 2005 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए थे. उनके सीएम बनने के बाद वर्ष 2006 में सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़कर विधायक बने थे. वर्ष 2006 के बाद से ही लगातार शिवराज सिंह चौहान बुदनी विधानसभा सीट से विधायक चुनते आ रहे थे. इस दौरान वह विधानसभा सत्र की कार्यवाही में मौजूद रहते थे, लेकिन अब शिवराज सिंह चौहान ने 18 जून को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है, नतीजतन 18 साल बाद अब विधानसभा में शिवराज सिंह चौहान नजर नहीं आ रहे हैं. विदिशा सीट से चुने गए सांसद शिवराज सिंह मालूम हो कि 6 महीने पहले संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत मिली और 163 सीटों पर काबिज हुई. हालांकि चुनाव बाद प्रदेश में सीएम का चेहरा बदल गया. शिवराज सिंह चौहान के स्थान पर डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाया गया. इधर हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को विदिशा संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया. शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा से रिकार्ड 8 लाख मतों से जीत दर्ज की. शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में कृषि मंत्री बनाया गया है. सांसद बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने 18 जून को विधायकी पद से इस्तीफा दे दिया है. जारी है विधानसभा का मानसून सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में विधायकों ने 4287 सवाल पूछे हैं. विधानसभा के मानसून सत्र में तारांकित प्रश्न 2108 पूछे गए हैं, जबकि अतारंकित प्रश्न 2179. इस तरह कुल 4287 प्रश्न पूछे गए हैं. इनमें 2386 ऑनलाइन और 1901 ऑफलाइन प्रश्न पूछे गए हैं. यह विधानसभा सत्र काफी हंगामेदार हो रहा है. विपक्षी पार्षद नर्सिंग घोटाले को लेकर सवाल जवाब कर रहे हैं.

शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा विधानसभा सचिवालय ने किया मंजूर, जल्द होगा बुधनी सीट पर उपचुनाव

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli.

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र में पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले दिनों विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद विधानसभा सचिवालय की मंजूरी के बाद बुधनी विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दिया गया है. विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. उनके इस्तीफे के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव होना है. आपको बता दें बुधनी से शिवराज सिंह चौहान विधायक चुने गए थे. इसके बाद हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में वे विदिशा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. मोदी कैबिनेट में उन्हें कृषि मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. दो दिन पहले ही उन्होंने विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने के बाद क्या बोले थे शिवराज? शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले विधानसभा से इस्तीफा देते हुए कहा था कि, ‘आज मैं बहुत भावुक हूं. मैंने मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्यता से त्याग-पत्र दिया है. मैं बुधनी से विधायक था. बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता मेरे रोम-रोम में रमती है. मेरी हर सांस में बसती है. मैंने बुधनी से ही अपने सार्वजनिक जीवन का प्रारंभ किया था. बचपन से ही आंदोलन और फिर जनता का प्यार लगातार मिलता चला गया.’ “इसी बुधनी विधानसभा क्षेत्र से मैं छह बार विधायक रहा, सांसद के चुनाव में भी छह बार इस जनता ने भारी बहुमत से मुझे जिताया. पिछला विधानसभा का चुनाव मैंने  रिकॉर्ड 1 लाख 5 हजार वोटों से जीता था और अभी लोकसभा में इसी जनता ने मुझे 1 लाख 46 हजार वोटों से जिताया.” “बुधनी की जनता की सेवा मैंने पूरे मन से की है, क्योंकि जनता की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है, और इस जनता ने भी मुझे भरपूर प्यार दिया है, आशीर्वाद दिया है.जनता के इस प्यार पर मेरा पूरा जीवन न्यौछावर है और अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ मैं जनता की सेवा में लगा रहूंगा. अपने प्राणों से प्रिय जनता को बारंबार प्रणाम!” आपको बता दें कि इसके पहले छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने लोकसभा चुनाव के समय अपने स्थान से त्यागपत्र दिया था. यहां 10 जुलाई को उपचुनाव कराया जा रहा है.

प्रदेश पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा से दिया इस्तीफा,जनता से की भावुक अपील

 भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद अब हर किसी की नजर संभावित उम्मीदवार और आगामी उपचुनाव पर है।राज्य में अभी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। वह बुधनी से भी वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए थे। कोई भी व्यक्ति एक सदन का ही सदस्य रह सकता है। लिहाजा उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के बाद उपचुनाव होना तय हो गया है। सवाल यही है कि उपचुनाव में भाजपा यहां से किसे अपना उम्मीदवार बनाती है। कई नेता इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र विदिशा संसदीय क्षेत्र के तहत आता है और दोनों ही भाजपा के गढ़ माने जाते हैं। इससे पहले राज्य के छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब वहां भी 10 जुलाई को मतदान होना है । भाजपा ने कमलेश शाह को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया तो वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। कांग्रेस ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। भाजपा ने अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के प्रचार के लिए 35 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने अमरवाड़ा के लिए दो प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इसके अलावा बुधनी के लिए भी दो प्रभारी नियुक्त किये जा चुके हैं। कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में उपचुनावों का दौर शुरू हो रहा है। अमरवाड़ा में चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है तो वहीं आने वाले दिनों में बुधनी विधानसभा क्षेत्र का भी चुनावी कार्यक्रम घोषित हो सकता है। इसके अलावा विजयपुर और बीना से कांग्रेस विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। फिलहाल उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके इस्तीफा देने के बाद वहां भी चुनाव होने तय हैं। शिवराज ने कहा कि उन्होंने पिछला विधानसभा का चुनाव मैंने रिकॉर्ड 1 लाख 5 हजार वोटों से जीता था और अभी लोकसभा में बुधनी की जनता ने मुझे 1 लाख 46 हजार वोटों से जिताया। बुधनी की जनता की सेवा मैंने पूरे मन से की है, क्योंकि जनता की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है और इस जनता ने भी मुझे भरपूर प्यार दिया है, आशीर्वाद दिया है। जनता के इस प्यार पर मेरा पूरा जीवन न्यौछावर है और अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ मैं जनता की सेवा में लगा रहूंगा। विज्ञापन अपने प्राणों से प्रिय जनता को बारंबार प्रणाम! बता दें शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद बुधनी सीट पर उपचुनाव होना तय हो गया है। ऐसे में अब चर्चा है कि बुधनी सीट पर शिवराज का उत्तराधिकारी कौन होगा? शिवराज के बड़े बेटे कार्तिकेय का नाम भी चर्चा है। शिवराज के दो बेटों में कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। इसके अलावा विदिशा से पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव का नाम भी चर्चा है। भार्गव का टिकट काटकर ही शिवराज को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में भार्गव को भी बुधनी से विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

शिवराज ने अपने आने वाले 100 दिन के काम को लेकर अधिकारियों को खास दिशा निर्देश दिए

Congress showed strength on Amarwada seat, Nakul Nath reached the fields during campaigning.

 नईदिल्ली शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्रालय का प्रभार संभालते ही एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. शिवराज ने अपने आने वाले 100 दिन के काम को लेकर अधिकारियों को खास दिशा निर्देश दिए हैं. शिवराज ने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें 100 दिनों की कृषि कार्य योजना के संबंध में प्लान तैयार कर लिया गया.     इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि वे अपना पूरा फोकस किसानों की उन्नति के लिए करें, ताकि देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी की संकल्पना के मुताबिक तेजी से काम किया जा सके. साथ ही कृषि क्षेत्र की मजबूती को लेकर शिवराज ने निर्देश दिए. शिवराज ने अफसरों को दिए दिशा-निर्देश! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के दुख दर्द को कम करने के लिए सशक्त कदम उठाने के भी निशा निर्देश दिए हैं. कृषि मंत्री शिवराज ने बैठक में कहा कि किसान भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण खाद बीज की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जानी चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि इस संबंध में उन्हें कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए. चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कृषि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ना चाहिए, साथ ही हम अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा दुनिया के अन्य देशों की भी जरूरत अनुसार गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद निर्यात कर सके ऐसी ठोस कार्ययोजना पर अमल करना चाहिए. शिवराज ने अधिकारियों को साफ कहा कि अपना पूरा फोकस किसान कल्याण पर करें. गौरतलब है कि 18 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान को अब केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल चुकी है. कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही सियासी पंडित उम्मीद लगा रहे हैं कि शिवराज कृषि क्षेत्र के उद्धार के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. साथ ही किसानों की समस्याओं को भी सुलझाएंगे. फिलहाल तो शिवराज फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं.

शिवराज के मंत्रालयों का बजट प्रदेश के लगभग बराबर, मोदी का सिंधिया पर भी भरोसा बढ़ा

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कैबिनेट का भी गठन हो गया. उनके मंत्रिमंडल में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर को भी जगह मिली है. शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं ग्रामीण विकास, ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग, वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, दुर्गादास उईके को जनजातीय और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है. इन सभी विभागों का बजट 5 लाख करोड़ रुपये है. इन पांच लाख करोड़ रुपये के बजट में से भी अकेले शिवराज सिंह चौहान को 3.07 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है. गौरतलब है कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले भी मध्य प्रदेश के पास ही था. शिवराज से पहले यह विभाग मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के पास था. तोमर ने प्रदेश से पांच मंत्री बनने पर खुशी जताई है. 10 जून की रात ग्वालियर आए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश को पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले हैं. पांचो मंत्रालय को मिलाकर 5 लाख करोड़ का बजट है.  यह मध्य प्रदेश के लिए अच्छी बात है. किस विभाग का कितना बजट बता दें, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग मिला है. उनके विभाग का बजट 1.42 लाख करोड़ रुपये है. वीरेंद्र कुमार खटीक के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का बजट 14 हजार 225 करोड़ रुपये है. दुर्गादास उईके जनजातीय मामलों के मंत्री बनाए गए हैं. उनके विभाग का बजट 13 हजार करोड़ रुपये है. इसी तरह सावित्री ठाकुर के महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 26 हजार 92 करोड़ रुपये है. केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कही ये बात मंत्रालय मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के करोड़ों गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे वह सशक्त हो रहे हैं. आज प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत 3 करोड़ अतिरिक्त आवास के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनने वाले इन आवास में शौचालय, बिजली कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी बनियादी सुविधाएं होंगी. इस जनकल्याणकारी निर्णय हेतु प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन.’ शिवराज भाजपा के टॉप 10 नेताओं में शामिल केंद्रीय मंत्री चौहान की बड़ी जीत, प्रदेश में भाजपा के क्लीन स्वीप वाले नीतीजे और शिवराज सिंह की छवि ने पार्टी में उनका कद और बढ़ा कर दिया है। पीएम मोदी और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिवराज सिंह मंच पर सबसे पहली पंक्ती में नजर आए। इतना ही नहीं पीएम मोदी के बाद वे छठे नंबर की कुर्सी पर बैठे थे और इसी नंबर पर ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद बैठे थे। ऐसे में यह साफ है कि भाजपा में उनका कद काफी बड़ा हो गया है। यह तस्वीर शपथ ग्रहण समारोह की है। पहली पंक्ति की पहली कुर्सी पर नरेंद्र मोदी बैठे हुए थे, दूसरी पर राजनाथ सिंह, तीसरी पर अमित शाह, चौथी पर नितिन गड़करी, पांचवीं पर जेपी नड्डा को जगह दी थी। इसके बाद छठवें नंबर की कुर्सी पर शिवराज सिंह बैठे हैं। अन्य नेता उनके बाद बैठे हुए हैं। इसका साफ संदेश है कि शिवराज पार्टी के टॉप छह नेताओं में शामिल हो गए हैं। शिवराज को कृषि मंत्रालय मिलेगा यह पहले से तय था प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषिमंत्रालय दिया जाएगा यह लगभग पहले से ही तय था। हालांकि, गठबंधन पार्टियों की ओर से भी इस मंत्रालय की मांग की थी, लेकिन भाजपा अपनी बात मनवाने में कामयाब रही। इसके अलावा एक अतरिक्त ग्रामीण विकास मंत्रालय देकर शिवराज की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गई है। देश के किसानों का दर्द बांटेंगे मामा मप्र के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई बढ़े काम किए हैं, जिसका उन्हें फायदा मिला है। उनके कार्यकाल में प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिला है। उनकी इसी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार में उन्हें इस अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिवराज के पास माजूद दूसरा मंत्रालय ग्रामीण विकास भी अहम हैं। इन दोनों विभागों का बजट करीब 3.07 लाख करोड़ है। ऐसे में यह साफ है कि मध्य प्रदेश में मामा के नाम से चर्चित शिवराज अब देश के किसानों के भाई बनकर उनका दर्द बांटेंगे और उनकी समस्याओं को हल करेंगे।  

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने-अपने मंत्रालय का कार्य संभाल लिया, डॉ. एल मुरुगन ने भी चार्ज लिया

भोपाल / नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया। शिवराज सिंह को कृषि मंत्रालय के साथ ग्रामीण विकास विभाग मिला है। तमिलनाडु के डॉ. एल मुरुगन मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं, उन्हें भी केंद्र पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में इस बार मध्यप्रदेश से पांच मंत्रियों को मौका मिला है। डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक को फिर से सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री बनाया गया है। दुर्गादास उईके को जनजातीय कार्य विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया है। सावित्री ठाकुर महिला बाल विकास विभाग में राज्यमंत्री बनाई गई हैं। शिवराज ने पीएम से कहा धन्यवाद शिवराज सिंह चौहान सोशल मीडिया ‘X’ पर अपनी पोस्ट में कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने के लिए प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी को घन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा- हमारी सरकार देशभर के किसान भाई-बहनों के कल्याण से जुड़े प्रत्येक संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं अपने पूरे सामर्थ्य से किसानों के हर सपने को पूरा करने के लिए परिश्रम करूंगा। देश का प्रत्येक किसान परिवार खुशहाल हो और प्रत्येक गांव तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हो, यही मेरा प्रयत्न रहेगा। अधिकारियों की बैठक लेंगे शिवराज शिवराज कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद अफसरों के साथ बैठक करेंगे। केंद्र सरकार के ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स और स्कीम्स के बारे में जानकारी लेंगे। मंत्रालयों के काम काज की समीक्षा के बाद ही शिवराज भोपाल आएंगे।   चार दिन दिल्ली में ही रहेंगे शिवराज केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अगले चार दिन तक दिल्ली में ही रहेंगे। शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद अफसरों के साथ केंद्र सरकार के ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स और स्कीम्स के बारे में जानकारी लेंगे। मंत्रालयों के काम काज की समीक्षा के बाद ही वे भोपाल आएंगे। मुरुगन ने संभाला कार्यभार तमिलनाडु के डॉ. एल मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। मुरुगन को केंद्र सरकार में दूसरी बार मौका मिला है। मुरुगन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है। टीकमगढ़ सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक को फिर से सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री बनाया है। दुर्गादास उईके को जनजातीय कार्य विभाग में राज्यमंत्री बनाया है। सावित्री ठाकुर महिला बाल विकास विभाग में राज्यमंत्री बनाई गई हैं। रात में ही जा पहुंचे थे मंत्रालय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि वह हर स्तर से अपना सब कुछ करके दूरसंचार विभाग को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे. उन्होंने इसके लिए न केवल अपने दिमाग में एक खाका खींचा है बल्कि उन्होंने अपनी पूरी टीम को इस काम के लिए लगा दिया है. इस विभाग में क्या-क्या परेशानियां है और किन परेशानियों का हल किस तरह से निकाला जा सकता है. इस दिशा में वे अभी से काम पर लग गए हैं. वे रात में ही अपने मंत्रालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ मंत्रालय से संबंधित ब्रीफिंग ली थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया जिनके ऊपर कोई  भ्रष्टाचार का दाग नहीं है और वह बेदाग छवि के नेताओं के रूप में अपनी पहचान रखते हैं. इसके अलावा उनके बेहतर मैनेजमेंट और राजनीतिक सोच के साथ उनकी कठिन परिश्रम की खूबी को पहचानते हुए नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है. एक नई शुरुआत, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पबद्ध : सिंधिया मंत्री पद मिलने के बाद सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि एक नई शुरुआत! माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी के नेतृत्व में मुझे आज संचार मंत्रालय एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस नई जिम्मेदारी एवं मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार एवं धन्यवाद. साथ ही सभी सम्मानित कार्यकर्ताओं एवं समस्त देशवासियों का भी धन्यवाद जिन्होंने सदैव मुझे अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया है. मेरा संकल्प है कि हम प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में संचार क्षेत्र के विस्तार को और व्यापक करेंगे तथा इसकी सरलता और सुलभता भी सुनिश्चित करेंगे. साथ ही देश के गौरव “उत्तर पूर्वी क्षेत्र” में प्रगति की जो एक नई बयार चली है हम उसे और आगे लेकर जाएंगे तथा इस क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करेंगे. देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध है. जय हिंद.     एक नई शुरुआत! 🇮🇳     माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में मुझे आज संचार मंत्रालय एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई जिम्मेदारी एवं मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार एवं धन्यवाद। साथ ही सभी… चौथी बार मंत्री बने केंद्रीय मंत्री सिंधिया केंद्र में चौथी बार मंत्री बने हैं. इससे पहले वह दो बार मनमोहन सिंह सरकार में राज्य मंत्री और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा मोदी सरकार में नागरिक एवं उड्‌डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अब वह 2024 में दूरसंचार मंत्रालय में मंत्री हैं.

शिवराज मेरे भाई, उनके CM रहने के लिए कहीं से चुनाव लड़ने को तैयार: उमा भारती

भोपाल . मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं. मंगलवार को मध्यप्रदेश की राजनीति में कभी एक दूसरे के घोर विरोधी रहे शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती एक दूसरे की तारीफ के पुल बांधते नजर आए. इतना ही नहीं, रायसेन की सभा के बाद मध्यप्रदेश में उमा भारती के सक्रिय राजनीति में दोबारा आने की भी अटकलें अब तेज हो गई हैं. रायसेन में आयोजित आम सभा में उमा भारती ने स्वयं चुनाव लड़ने की इच्छा जताई. उन्होंने चुनावी सभा में कहा कि शिवराज सिंह उनके भाई हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए अगर कहीं से मुझे चुनाव लड़ना पड़ा तो मैं इसके लिए तैयार हूं. दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उमा भारती की खूब तारीफ की. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के कार्यकाल के समय पंचज्ज (जल, जमीन, जंगल) योजना को दोबारा शुरू करने का भी ऐलान किया. उन्होंने उमा भारती के त्याग, तपस्या और बलिदान की जमकर तारीफ की. यह चुनावी सभा सांची विधानसभा में आने वाले उपचुनाव को लेकर आयोजित की गई थी. इस सभा में मध्यप्रदेश की भविष्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इसका भी एक इशारा देखने को मिल गया. अब जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी की राजनीति में प्रदेश में सक्रिय हैं, ऐसे में शिवराज सिंह अपने वर्चस्व को बचाने के लिए उमा भारती की मदद लेते दिख रहे हैं. मंगलवार को प्रदेश में उन्होंने दो सभा एक साथ की और दोनों ही जगह उन्होंने एक दूसरे की कार्ययोजनाओं की जमकर प्रशंसा की. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उमा भारती को चुनाव लड़ाए जाने के सवाल को टाल गए लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आरोप पर उन्होंने तीखा कटाक्ष किया. ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन सिंह दांगी के कोरोना से मौत के मामले में कमलनाथ के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इस तरह की गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने रायसेन जिले में 292 करोड़ के विकास कार्यों के शिलान्यास और भूमि पूजन भी किए. इस दौरान उनके साथ हाल ही में कोरोना को मात देकर घर लौटे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, रामपाल सिंह सहित क्षेत्रीय सांसद उमाशंकर भार्गव भी मौजूद रहे. कार्यक्रम से पहले तेज बारिश ने आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. इस बिगड़े मौसम के दौरान मुख्यमंत्री को अपना हेलीकॉप्टर लैंड कराना पड़ा जिसका जिक्र मुख्यमंत्री ने खुद मंच से किया.

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