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पाक ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं : सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली/जम्मू भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना ने पश्चिमी सीमा पर लगातार सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि  पाकिस्तान ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं और भारतीय सीमा में मेडिकल केंद्रों और स्कूल परिसरों को जानबूझकर निशाना बनाया। भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का घोर उल्लंघन करार दिया है। केंद्र सरकार ने एक विशेष प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि बीती रात पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जम्मू-कश्मीर और पंजाब के प्रमुख केंद्र जैसे उधमपुर, पठानकोट और बठिंडा शामिल हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। विदेश सचिव ने बताया कि पाकिस्तान की सेना द्वारा की गई यह कार्रवाई उकसावे की श्रेणी में आती है, लेकिन भारत ने संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी प्रकार की तनाववृद्धि नहीं चाहता, जब तक पाकिस्तान भी संयम दिखाए। सरकार के अनुसार, पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया और कुल 26 शहरों को निशाना बनाया गया। अधिकांश हमलों को भारत ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। सेना की अधिकारी कर्नल कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने न केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि श्रीनगर, अवंतीपुरा और उधमपुर में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हमले किए। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने पूरी पश्चिमी सीमा पर सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भारत ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर जवाबी कार्रवाई की। शनिवार सुबह भारत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि फतेह-1 मिसाइल हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने सटीक और निर्णायक स्ट्राइक की, जिससे पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।   सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान की उकसाने वाली कार्रवाई पर भारत ने तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला और रहीमयार खान सहित पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य केंद्रों पर लक्षित हमले किए। उन्होंने बताया कि इन जवाबी कार्रवाइयों में भारत ने विशेष रूप से ध्यान रखा कि आम नागरिकों और संरचनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान सटीक हथियारों और आधुनिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिससे केवल सैन्य ठिकानों को ही लक्ष्य बनाया गया। कर्नल कुरैशी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों की अनदेखी करते हुए अपने सैन्य विमानों को नागरिक एयर रूट्स की आड़ में उड़ाया, जो एक गंभीर उल्लंघन है। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “मैंने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि पाकिस्तान की कार्रवाइयां उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली हैं। जवाब में भारत ने पाकिस्तान की ओर से की गई इन उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों का जिम्मेदाराना और संतुलित तरीके से बचाव किया है और प्रतिक्रिया दी है…”  

ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की हुई पहचान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई निर्णायक कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की पहचान हो गई है। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े थे और भारत के खिलाफ साजिशों में सक्रिय थे। पाकिस्तान से मिली खुफिया जानकारी और सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को मरने के बाद सम्मान मिलना एक वैश्विक मंच पर उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। इन आतंकियों के बारे में जानकारी नीचे दी गई है। 1. मुदस्सर खादियान (लश्कर-ए-तैयबा) मुरीदके स्थित मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान ऑपरेशन की रात में वहीं मौजूद था। वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ढांचे का अहम हिस्सा था। पाकिस्तान में मिली जानकारी के अनुसार, आतंकवादी अबू जुंदाल के अंतिम संस्कार में मुदस्सर भी शामिल था, जहां पाकिस्तानी सेना ने जुंदाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके पर पाक सेना प्रमुख, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल सहित पंजाब पुलिस के आईजी ने श्रद्धांजलि दी। 2. हाफिज़ मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद) जमील, जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा बहनोई था। ऑपरेशन वाले दिन वह बहावलपुर स्थित अपने घर में सो रहा था। वह मरकज सुभानअल्लाह का प्रभारी था और आतंकवादी विचारधारा फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने तथा जैश के लिए फंडिंग इकट्ठा करने में शामिल था। 3. मोहम्मद यूसुफ अजहर (जैश-ए-मोहम्मद) मसूद अजहर का साला और “उस्ताद” के नाम से कुख्यात, यूसुफ जैश के हथियार ट्रेनिंग कार्यक्रमों का नेतृत्व करता था। वह जम्मू के कई आतंकी हमलों और आईसी-814 विमान अपहरण जैसे मामलों में वांछित था। यह आतंकवादी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। 4. खालिद उर्फ अबू आकाश (लश्कर-ए-तैयबा) अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी करने वाला खालिद, जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। ऑपरेशन के समय वह घर में था और वहीं मारा गया। उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के लोग मौजूद थे। 5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद) PoK में जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा हसन, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभा चुका था। उसे जैश की रणनीति और जमीनी ऑपरेशनों का अहम व्यक्ति माना जाता था।

भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह ‘नरम भाषा’ कई सवाल खड़े कर रही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चीन ने एक बार फिर ‘शांति’ और ‘संयम’ की घिसी-पिटी अपील दोहराई है। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले और उसके बाद भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह ‘नरम भाषा’ कई सवाल खड़े कर रही है। चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा,“हम भारत और पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वे क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे तनाव बढ़े।” लेकिन इस अपील के पीछे का सच यह है कि चीन पाकिस्तान का घनिष्ठ सहयोगी रहा है और इन तनावों में उसकी भूमिका ‘मूक समर्थक’ की तरह रही है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, वहीं पाकिस्तान ने दो रात लगातार 26 ड्रोन हमले भारत के सैन्य ठिकानों पर किए, जिन्हें भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया। बावजूद इसके, चीन ने पाकिस्तान की तरफ झुकाव वाला रवैया अपनाया। इस बीच बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने चीन के सरकारी अखबार को कड़ी चेतावनी दी कि वे पाकिस्तानी दावों पर आधारित फर्जी खबरें फैलाने से बाज़ आएं। भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा“ऐसी भ्रामक पोस्ट करने से पहले फैक्ट चेक करें। पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा शेयर की जा रही पुरानी तस्वीरों से सावधान रहें” ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विहार में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रयासों का निरीक्षण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य जीवों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से सटे भोज ताल के जल क्षेत्र में कुछ नन्हे कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कछुओं की प्रजातियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वन विहार के अन्य प्राणियों के रखरखाव और पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एवं वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव और देखभाल में संलग्न स्टॉफ उपस्थित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैटरी चलित वाहन से वन विहार क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।      

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 की क्रांति के वीर सपूतों को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मई 1857 की ऐतिहासिक क्रांति दिवस पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों और देशभक्तों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जब मां भारती की स्वतंत्रता का बिगुल पहली बार फूंका गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि आज उन सभी विभूतियों, सेनानियों और पराक्रमी शूरवीरों को कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 के दिन को भारतीय जनमानस की स्वतंत्रता की चेतना का जागरण दिवस बताते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन की षड्यंत्रकारी नीतियों और राज्य हड़पने की साजिशों के खिलाफ 10 मई 1857 को सशस्त्र क्रांति की ज्वाला धधक उठी थी।

भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भारत और पाक तुरंत युद्धविराम के लिए तैयार हो गए हैं। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात तक चली बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को कॉमन सेंस और महान बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के लिए बधाई।” हालांकि, भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर बातचीत हुई। आज दोपहर पाक डीजीएमओ ने बातचीत की पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सहमति बनी। किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटों में, उप-राष्ट्रपति वेंस और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और असीम मलिक सहित वरिष्ठ भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत की है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल युद्धविराम और तटस्थ स्थल पर व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं। हम शांति का मार्ग चुनने में प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की बुद्धिमत्ता, विवेक की सराहना करते हैं। ट्रंप के अलावा, पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी भारत और पाक के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने का दावा किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ”पाकिस्तान और भारत ने तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमति जताई है। पाकिस्तान ने हमेशा संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।”

MP हाइकोर्ट ने INC और एमपी नर्सिंग काउंसिल के अफसरों को किया तलब

 जबलपुर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुए फर्जीवाड़े मामले में लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच में  जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल के समक्ष हुई, जिसमें इंडियन नर्सिंग काउंसिल की सचिव और एमपी नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार व चेयरमैन को हाई कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के तीन बार आदेश देने के बावजूद इण्डियन नर्सिंग काउंसिल और एमपी नर्सिंग काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारी मान्यता से जुड़े पूरे रिकॉर्ड पेश नहीं कर रहे हैं, आरोप लगाया गया कि वे दोषियों को बचाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट के आदेश की लगातार अवहेलना कर रहे हैं जिस कारण से उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाये। काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारियों को अगली सुनवाई में हाजिर होने के निर्देश हाई कोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना और रिकॉर्ड पेश नहीं कर दोषियों को बचाने का एक प्रयास करना, न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने के समान है इसलिए काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारियों को अगली सुनवाई में हाई कोर्ट के समक्ष पेश होकर इस मामले में स्पष्टीकरण देना होगा कि आख़िर हाई कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया? HC के निर्देश पर गठित कमेटी की भूमिका पर सवाल   याचिकाकर्ता ने एक अन्य आवेदन पेश कर हाई कोर्ट को बताया कि नर्सिंग मामलों हेतु हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी के द्वारा 30 अपात्र कॉलेजों के छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफ़र कर दिया गया है और इसके लिए कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है और ना ही छात्रों को मनपसंद कॉलेजों को चुनने का विकल्प दिया गया । 31 मई तक अंतिम कार्यवाही का प्रतिवेदन हाई कोर्ट में सौंपने के आदेश इस मामले में हाई कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिया है कि सभी अनसुटेबल कॉलेजों के छात्रों को पारदर्शीपूर्ण तरीक़े से छात्रों को विकल्प चुनने का अवसर देते हुए सुटेबल कॉलेजों में ट्रांसफ़र किया जाए साथ ही इस पूरी प्रक्रिया से नोडल अधिकारी को दूर रखा जाये। हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिए हैं कि चूँकि कमेटी को हाई कोर्ट के द्वारा सौंपे गये कार्य संपन्न हो चुके हैं इसलिए अब कमेटी को 31 मई तक अंतिम कार्यवाही का प्रतिवेदन हाई कोर्ट में सौंपना होगा।

कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली

इंदौर बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने मामले में दर्ज निजी परिवाद को खारिज कर दिया है। मामला इंदौर के पीपल्याहाना तालाब को विकसित करने से जुड़ा था, जिसमें इन नेताओं पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। यह था मामला यह मामला 2001-2002 का है, जब कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के महापौर थे, और शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा और उमाशशि शर्मा महापौर परिषद के सदस्य थे। आरोप था कि होलकर घराने की कुछ जमीन का अधिग्रहण कर नवरतनबाग में कीमती जमीन दी गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। मामले में निजी परिवाद दर्ज करने वाले अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने इन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। मामला पहले जिला न्यायालय में चला और फिर हाईकोर्ट पहुंचा, जहां हाईकोर्ट ने पूर्व महापौर उमाशशि शर्मा के खिलाफ आदेश को बरकरार रखा। मामले में अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं इसके बाद परिवादी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। कोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले में किसी भी गलती को नहीं पाया और परिवाद को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कैलाश विजयवर्गीय, शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला और अन्य जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत मिली है। 23 साल पुराने इस मामले में अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकेगी।

वीरेंद्र सहवाग ने बताई रोहित शर्मा के टेस्ट रिटायरमेंट के पीछे की थ्योरी

नई दिल्ली रोहित शर्मा ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। रोहित शर्मा ने महज एक इंस्टा स्टोरी के जरिए रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। हालांकि, वे वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। वे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से पहले ही रिटायर हो चुके हैं। उधर, पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने रोहित शर्मा के इस फैसले की सराहना की, लेकिन उनके रिटायरमेंट के पीछे की थ्योरी भी बताई। सहवाग का मानना है कि सिलेक्टर्स ने उनको ऑफर दिया होगा कि वे खेल सकते हैं, लेकिन बतौर कप्तान नहीं। क्रिकबज पर बात करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “यह अद्भुत है, क्योंकि मैंने भी ऐसी बातें सुनी थीं- जैसे कि वह इंग्लैंड दौरे की तैयारी कैसे कर रहे थे, या ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान जब उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच नहीं खेला था, तो वह कह रहे थे, ‘मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं यहीं हूं। ऐसा दिखावा मत करो कि मैं रिटायर हो गया हूं।’ लेकिन इस दौरान क्या हुआ होगा? जो हुआ होगा वह शायद यह है: जब चयनकर्ताओं ने अपना फैसला लिया- शायद उन्होंने सोचा, ‘हम रोहित शर्मा को टेस्ट कप्तान के रूप में घोषित नहीं करेंगे,’ या शायद, ‘हम उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए खिलाड़ी के रूप में भी नहीं लेंगे’। मुझे यकीन है कि चयनकर्ताओं ने उनसे बात की होगी, उन्हें बताया होगा कि वे क्या सोच रहे थे और फिर उन्हें कुछ विकल्प दिए होंगे। यही कारण है कि टीम की घोषणा से पहले-कुछ और सार्वजनिक होने से पहले-रोहित शर्मा ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी। यह एक अच्छा संकेत है।” सहवाग ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड तोड़ने के लिए रोहित की प्रशंसा की और उन्हें एक एंटरटेनिंग प्लेयर बताया। उन्होंने कहा, “ऐसा कौन है, जो रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी को मिस नहीं करेगा? चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे क्रिकेट हो या टी20 क्रिकेट, उन्होंने हमेशा भरपूर मनोरंजन दिया। प्रशंसकों ने उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ़ उठाया और उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वे लाजवाब हैं। हां, हमेशा यह अहसास होता है कि वह थोड़ा और खेल सकते थे। वह 100 टेस्ट मैच तक पहुंच सकते थे और केवल कुछ ही बेहतरीन खिलाड़ी उस मुकाम तक पहुंच पाए हैं, लेकिन उन्होंने अपना फैसला ले लिया है और यह ठीक है। उनका करियर बिल्कुल शानदार रहा है। उन्हें कोई पछतावा नहीं होना चाहिए। उन्होंने मध्यक्रम में शुरुआत की और ओपनर के तौर पर संन्यास लिया। उनकी उपलब्धियां बहुत हैं। इसलिए मैं कहूंगा-रोहित, आपकी सेवा के लिए धन्यवाद और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।”

देशभर में 2,16,000 लोग एक करोड़ रुपए से अधिक कमाते, प्रदेश में एक करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या 8,666

भोपाल प्रदेश में सालाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या 8,666 है। आयकर विभाग के कर निर्धारण वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के मुताबिक, 37 राज्यों में मप्र में 1 करोड़ से अधिक कमाने वाले करदाताओं की सूची में चौथा स्थान है। करोड़ रुपए से अधिक कमाने वालों में सबसे आगे महाराष्ट्र है। यहां संख्या 1,24,800 है। सबसे पीछे लक्षद्वीप है, जहां सिर्फ एक ही करदाता इस श्रेणी में है। देशभर में 2,16,000 लोग एक करोड़ रुपए से अधिक कमाते हैं। करोड़पति करदाताओं की संख्या, टैक्स जागरूकता का संकेत सीए पंकज शर्मा ने बताया, मप्र से आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करोड़पति करदाताओं की अच्छी संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रदेशवासी कर के प्रति जागरूक हो रहे हैं। आय के अनुसार ईमानदारी से टैक्स दे रहे हैं। व्यापार, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और प्रोफेशनल्स के बढ़ते दायरे ने प्रदेश में उच्च आय वालों की संख्या में इजाफा किया है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को नई गति मिली है। ये टॉप-10 राज्य     महाराष्ट्र- 1,24,800     उत्तर प्रदेश- 24,050     दिल्ली- 20,500     मध्यप्रदेश- 8,666     तमिलनाडु- 6,288     आंध्रप्रदेश- 5,340     गुजरात- 3,540     पं.बंगाल- 3,013     कर्नाटक- 2,816 ये नीचे से पांच     लक्षव्दीप- 1     अ.निकोबार- 08     मिजोरम- 13     सिक्किम- 14     उत्तराखंड- 24

अगर इस सप्ताह में चीजें सही होती हैं तो आईपीएल का 18वां सीजन फिर से शुरू होगा, लेकिन स्थान बदले जायेंगे

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने एक सप्ताह के लिए आईपीएल 2025 को स्थगित कर दिया है। इसके पीछे का कारण भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा सैन्य तनाव है। बीसीसीआई ने अभी के लिए आईपीएल को सस्पेंड किया है, लेकिन बोर्ड एक प्लान पर विचार कर रहा है। अगर इस सप्ताह में चीजें सही होती हैं तो आईपीएल का 18वां सीजन फिर से शुरू होगा, लेकिन इस बार स्थानों में बदलाव किए जाने की संभावना है। बीसीसीआई देश के ईस्टर्न और साउदर्न हिस्से में आईपीएल के बाकी मैचों का आयोजन करा सकती है। मौजूदा हालातों को देखकर ऐसा लगता नहीं है कि आईपीएल 2025 एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगा। अगर शुरू होता है तो फिर बीसीसीआई वेन्यू घटा सकती है, लॉजिस्टिक, टाइम और सिक्योरिटी को देखते हुए आईपील कुछ ही शहरों तक सीमित किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने दावा किया है कि बीसीसीआई एक आकस्मिक योजना पर काम कर रही है। ऐसे मामलों (राष्ट्रीय सुरक्षा) में एक सप्ताह का समय बहुत लंबा समय है। सूत्र ने दावा किया कि अगर लीग फिर से शुरू होती है तो बोर्ड कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में शेष आईपीएल 2025 मैचों की मेजबानी करने पर भी विचार कर रहा है। सूत्र ने कहा, “ऐसे मामलों में एक सप्ताह का समय काफी लंबा होता है। बोर्ड आकस्मिक योजना तैयार कर रहा है, लेकिन शुरुआती संकेत यह हैं कि अगर अगले सप्ताह लीग फिर से शुरू होती है तो बीसीसीआई कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में आईपीएल के बाकी मैच आयोजित करने पर विचार कर रहा है। अगर सीमा पर हालात सामान्य होते हैं, तो बोर्ड मूल स्थानों को भी बरकरार रख सकता है।” बता दें कि आईपीएल 2025 के अभी 12 लीग मुकाबले और 4 प्लेऑफ्स के मैच बाकी हैं, जो देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित होने हैं। धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच खेला जा रहा था, जिसे ब्लैकआउट के कारण रद्द कर दिया गया। धर्मशाला से एक मैच की मेजबानी पहले ही एयरपोर्ट बंद होने के कारण छिन गई थी। पंजाब और मुंबई के मैच को अहमदाबाद शिफ्ट कर दिया गया था।

बुढ़ापे में हर महीने मिलेंगे ₹5000, केंद्र सरकार की कई ऐसी स्कीम हैं जिसने निवेशकों के भविष्य को सुरक्षित रखा

नई दिल्ली केंद्र सरकार की कई ऐसी स्कीम हैं जिसने निवेशकों के भविष्य को सुरक्षित रखा है। इनमें से एक अटल पेंशन योजना (एपीवाई) है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का संचालन पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से किया जाता है। स्कीम के बारे में अटल पेंशन योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी बैंक खाताधारकों के लिए है। यह योजना उन लोगों के लिए आयकरदाता नहीं हैं और चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर योगदान अलग-अलग होता है। योजना में शामिल होने के बाद ग्राहक की ओर से किए गए अंशदान के आधार पर, 60 वर्ष की आयु के बाद ग्राहक को पेंशन मिलेगी। इसके तहत निवेशकों को 1000 रुपये या 2000 रुपये या 3000 रुपये या 4000 रुपये या 5000 रुपये की गारंटीकृत न्यूनतम मासिक पेंशन मिलेगी। ये हैं शर्तें ग्राहक की असामयिक मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु) के मामले में जीवनसाथी, शेष निहित अवधि के लिए, मूल ग्राहक के 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, ग्राहक के अटल पेंशन योजना खाते में अंशदान जारी रख सकता है। भुगतान करने के तरीके, ग्राहक मासिक/ तिमाही/ अर्ध-वार्षिक आधार पर अटल पेंशन योजना में अंशदान कर सकते हैं। योजना से निकासी ग्राहक कुछ शर्तों के अधीन अटल पेंशन योजना से स्वेच्छा से बाहर निकल सकते हैं, जिसमें सरकारी सह-अंशदान और उस पर रिटर्न/ ब्याज की कटौती शामिल है। योजना के अंतर्गत नामांकित कुल ग्राहकों में से लगभग 47% महिलाएं हैं। अटल पेंशन योजना के तहत 29 अप्रैल 2025 तक 7.66 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने सदस्यता ली है। भारत के 8 लीड बैंक सहित कुल 60 स्टेक होल्डर्स के जरिए अटल पेंशन योजना स्कीम को संचालित किया जा रहा है।

रोहित शर्मा का टेस्ट से संन्यास लेना कोई हैरानी नहीं, क्योंकि हिटमैन की फॉर्म और कप्तानी अंत में काम नहीं आई: पूर्व क्रिकेटर

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन को लगता है कि रोहित शर्मा का टेस्ट से संन्यास लेना कोई हैरान कर देने वाली बात नहीं है, क्योंकि हिटमैन की फॉर्म और कप्तानी अंत में काम नहीं आई। रोहित ने इंग्लैंड दौरे के लिए चयन से ठीक पहले इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए टेस्ट से संन्यास की घोषणा की। ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि बीसीसीआई रोहित से आगे निकलने की सोच रहा था और एथरटन ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए इस ओर इशारा किया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि आखिरकार यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि रोहित का फॉर्म गिर रहा था और उनकी कप्तानी में भारत हार रहा था। एथर्टन ने कहा, “क्या यह संन्यास पूरी तरह से उनका अपना फैसला था या उन्हें लग रहा था कि उन्हें बाहर किया जा रहा है या उन्हें बाहर किया जा रहा है क्योंकि रोहित की घोषणा से एक दिन पहले एक रिपोर्ट थी कि चयनकर्ताओं ने आगे बढ़ने का फैसला किया है। तो यह अटकलें हैं, हमें नहीं पता, लेकिन अंततः यह निर्णय आश्चर्यजनक नहीं था क्योंकि यह किसी भी कप्तान के लिए एक खराब संयोजन है, जैसा कि आप जानते हैं, और जैसा कि मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि अगर आप मैच हार रहे हैं, और आपको कोई रन नहीं मिल रहा है, और भारत ने रोहित की कप्तानी में पिछले 6 मैचों में से 5 में हार का सामना किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दो, और उनका फॉर्म वास्तव में खराब हो गया था और निश्चित रूप से, यह किसी भी कप्तान के लिए एक खराब संयोजन है।” उन्होंने आगे कहा, “वह 38 साल के हैं। भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की बहुत अधिक गहराई है। इसलिए, प्रतिभा की उस गहराई और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, इसका मतलब है कि जब फॉर्म या परिणाम आपके खिलाफ जाते हैं तो आप इतने धैर्यवान नहीं होते। और इसलिए इस लिहाज से मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा आश्चर्य की बात थी। लेकिन जब टेस्ट करियर खत्म होता है तो हमेशा दुख होता है। वह एक महत्वपूर्ण क्रिकेटर रहे हैं। रिकॉर्ड या आंकड़े टेस्ट क्रिकेट के मामले में शीर्ष रैंक का सुझाव नहीं देते हैं।”

MP में आज भी आंधी, हल्की बारिश के आसार, 40 से अधिक जिलों में अलर्ट,4 दिन रहेगा असर

भोपाल  मौसम विभाग के अनुमान के बावजूद भोपाल में शुक्रवार, 9 मई को मौसम सामान्य रहा। आज फिर यानी शनिवार,10 मई को इंदौर, भोपाल, उज्जैन-जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहेगा। IND ने इन जिलों में आंधी, हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अब 13 मई तक रहेगा आंधी-बारिश का मौसम। इन जिलों में बदला रहेगा मौमस शनिवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भिंड, दतिया, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, खरगोन जिले शामिल हैं। वहीं, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, कटनी में भी हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर रह सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर रहा, आंधी भी चली इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, श्योपुर, बैतूल, हरदा, अनूपपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खंडवा, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, देवास, खरगोन, पन्ना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली और शहडोल में भी हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। दूसरी ओर, पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 40 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.2 डिग्री, इंदौर में 34 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, सतना, सीधी और रीवा में भी पारा 39 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। इसलिए बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में दो सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 13 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम 10 मई को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की संभावना है। 11 मई को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की संभावना है। 12 मई को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर शामिल हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी भी चल सकती है। 13 मई को भोपाल, विदिशा, रायसेन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज़ आंधी और बारिश होने की संभावना है।

इंग्लैंड दौरे के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ही बनाना चाहिए कप्तान: पूर्व कप्तान अनिल कुंबले

नई दिल्ली रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसे टीम इंडिया का कप्तान बनाया जाए। चयनकर्ता भी इसको लेकर खूब माथा पच्ची कर रहे होंगे। टीम में शुभमन गिल, ऋषभ पंत, केएल राहुल और जसप्रीत बुमराह के रूप में कई दावेदार है, मगर किसे इस लंबे फॉर्मेट की कमान सौंपी जाएगी यह देखने वाली बात होगी। भारत को अगले महीने 5 मैच की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करना है, इस सीरीज के लिए पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने और किसी पर नहीं बल्कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर दांव लगाया है। उनका कहना है कि पहले सिर्फ इस दौरे के लिए बुमराह को कप्तान बनाकर देखो, अगर उनकी फिटनेस ठीक रहती है तो वह आगे भी जारी रख सकते हैं। कुंबले ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, “शायद सिर्फ इस सीरीज के लिए बुमराह को चुना जाए और फिर देखें कि उनकी फ़िटनेस कैसी है।” वह आगे बोले, “मुझे पता है कि तेज गेंदबाज होना आसान नहीं है। उन्हें चोटें लगी हैं, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद वे ब्रेक पर थे और इस आईपीएल में ही वापसी कर रहे हैं। लेकिन मैं फिर भी बुमराह को चुनूंगा।” ऑस्ट्रेलिया में टीम के पिछले मैच में बुमराह को सभी पांच टेस्ट मैचों में शामिल करने के भारत के बेताब प्रयास में तेज गेंदबाज को चोट लग गई थी और वह काफी हद तक क्रिकेट से दूर हो गए थे। ऐसे में कुंबले ने भी माना कि बुमराह के लिए इंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट मैच खेलना संभव नहीं होगा। इसलिए, बुमराह के लिए बेहतर कार्यभार प्रबंधन की बहुत जरूरत है। कुंबले ने कहा, “जब भी ऐसा होता है, उप-कप्तान आकर कार्यभार संभाल लेता है।”बता दें बीसीसीआई आने वाले कुछ दिनों में ही इंग्लैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान कर सकती है, इसी के साथ टीम नए कप्तान को भी चुनेगी। भारत के इंग्लैंड दौरे के आगाज 20 जून से होगा।

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