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भारत ने श्रीनगर में सेना ने एक्टिव किया एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों मुल्क जंग के मुहाने पर खड़े हैं और सेनाएं लामबंद हैं. बीती रात दोनों देशों की तरफ से मिसाइल हमले हुए हैं. भारत ने पाकिस्तान के चार एयरबेस को निशाना बनाया है. इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान ने श्रीनगर सहित कई सरहदी इलाकों में सेना का जमावड़ा शुरू कर दिया है. वहीं, सूत्रों ने बताया है कि श्रीनगर और आस-पास के इलाकों में पाकिस्तान के साथ भारी मुठभेड़ चल रही है. सेना ने इलाके में सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को एक्टिव कर दिया है. जम्मू में गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. अखनूर में ब्लैकआउट पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में रात से ही ब्लैकआउट का ऐलान किया गया है. डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, जम्मू के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तानी चौकियों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को नष्ट कर दिया है, जहां से ट्यूब लॉन्च ड्रोन भी लॉन्च किए जा रहे थे. दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 26 जगहों पर ड्रोन देखे गए हैं, इनमें संदिग्ध सशस्त्र ड्रोन शामिल हैं. इन जगहों में बारामूला, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कुआरबेट और लाखी नाला शामिल हैं. एक सशस्त्र ड्रोन ने फिरोजपुर में एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया, जिसके बाद एक स्थानीय परिवार के सदस्य घायल हो गए. घायलों को मेडिकल सहायता दी गई है और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की तलाशी ली गई है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारतीय सशस्त्र बल बड़े स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं और ऐसे सभी हवाई खतरों को काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया जा रहा है और उनसे निपटा जा रहा है. स्थिति पर कड़ी और निरंतर निगरानी रखी जा रही है और जहां भी जरूरी हो, त्वरित कार्रवाई की जा रही है. नागरिकों, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में, को घर के अंदर रहने, जरूरी आवाजाही को सीमित करने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जा रही है. इंडियन एयर डिफेंस यूनिट्स ने नष्ट किए पाकिस्तान के ड्रोन, इंडियन आर्मी ने बताया भारत-पाकिस्तान के बीच मची तनातनी के बीच इंडियन आर्मी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ताजा अपडेट दिया है. भारतीय सेना ने कहा बताया कि पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों और अन्य हथियारों के साथ हमारी पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले जारी हैं. ऐसी ही एक घटना में, आज सुबह करीब 5 बजे, अमृतसर के खासा कैंट के ऊपर कई दुश्मन के हथियारबंद ड्रोन उड़ते देखे गए. हमारी एयर डिफेंस यूनिट्स द्वारा दुश्मन के ड्रोन को तुरंत ही नष्ट कर दिया गया. इंडियन आर्मी ने कहा कि भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करने और नागरिकों को खतरे में डालने का पाकिस्तान की कोशिश अस्वीकार्य है. भारतीय सेना दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर देगी. भारत-पाक तनाव के चले लखनऊ पुलिस की छुट्टियां रद्द भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए लखनऊ में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. छुट्टी पर गए पुलिस कर्मियों को तत्काल अवकाश रद्द कर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए गए हैं. छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को व्हाट्सएप पर छुट्टी रद्द करने का आदेश भेजा जा रहा है. जॉइंट सीपी लॉ एंडर ऑर्डर ने छुट्टी रद्द करने का आदेश जारी किया है. पंजाब के कई शहरों में अलर्ट, सुनी गईं सायरन की आवाजें भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का बुरा असर पंजाब में बड़े स्तर पर पड़ा है क्योंकि यह सीमावर्ती राज्य है. अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं. J-K: रामबन में खोले गए चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के कई गेट पाकिस्तान की ओर से बीते दो दिनों से भारत के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है. दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. शनिवार सुबह को जम्मू-कश्मीर के रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट डैम के कई गेट खोल दिए गए हैं. PAK की गोलीबारी में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर की गई जान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर (ADDC) राज कुमार थप्पा की जान चली गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थप्पा के निधन को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट किया है. मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. श्रीनगर में सेना ने एक्टिव की एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है. इस बीच भारतीय सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. यह जानकारी रक्षा सूत्रों की ओर की तरफ से आई है. भारत के हमलों से खौफजदा होकर पाकिस्तान श्रीनगर समेत सरहदी इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर रहा है. जम्मू शहर में पाकिस्तानी गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है आगे : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। साथ ही फसलों के उत्पादन में रिकार्ड बनाया। प्रदेश को लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान पर, खाद्यान उत्पादन में द्वितीय स्थान पर एवं तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। तृतीय फसली क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है। नरवाई जलाने को हतोत्साहित करने कुछ प्रतिबंध भी लगाये गये है। इसमें नरवाई जलाने की घटना वाले कृषकों को आगामी एक वर्ष के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रूपये का भुगतान नहीं किये जाने साथ ही आगामी एक वर्ष के लिए उनकी उपज का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं करना भी शामिल है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में कृषि उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतर्गत कई कार्यक्रम किये जा रहे है, जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। खरीफ 2024 के धान उत्पादक कृषकों को जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया है, उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। चार हजार रूपये प्रति हैक्टेयर की दर से प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जायेगा, जिसमें एक कृषक को अधिकतम दस हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में प्रदाय की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा रबी 2024-25 में उपार्जित गेहूँ पर 175 रुपए प्रति क्विटंल प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में लगभग 83.50 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1770 करोड़ रुपए उनके खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से 24 फरवरी, 2025 को जमा किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 81 लाख से अधिक किसानों को 1624 करोड़ रुपए उनके बैंक खाते में सिंगल क्लिक से जमा किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार भारत सरकार की सपोर्ट प्राइस स्कीम में सोयाबीन का उपार्जन किया गया, जिसमें 2 लाख 12 हजार 568 कृषकों से 6.22 लाख मीट्रिक मात्रा का उपार्जन किया गया, जिसके न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि 3043.04 करोड़ रुपए है। श्रीअन्न के उत्पादन को बढावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मोटा अनाज) प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इसमें किसानों को 3900 रुपए प्रति हैक्टेयर डी.बी.टी. के माध्यम से उनके बैंक खाते में देय होंगे। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ही फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सॉयल हेल्थ कार्ड और सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि का लाभ भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल के नुकसान का समय पर आंकलन एवं राहत राशि का वितरण किसानों को समय पर मध्यप्रदेश में मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन और दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनसीआईपी पोर्टल के साथ अपने भूमि रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक एकीकृत करने एवं इस पोर्टल को और अधिक किसान अनुकूल बनाने के लिए ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ प्रदान किया गया है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने हेतु शासन द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत प्रदेश में 89 दीदिओं को स्वाबलंबी बनाया गया है। इनके माध्यम से 4200 हैक्टेयर में तरल उर्वरक का छिड़काव तथा राशि रूपये 21.22 लाख की शुद्ध आय प्राप्त की। इस वर्ष 2025-26 में 1066 दीदियों को इसका लाभ दिया जा रहा है। कृषकों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिये शासन द्वारा कई कदम उठाये गये हैं, जिसमें प्रदेश स्तर पर 46,800 से अधिक नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र अनुदान पर वितरित करते हुए 412 करोड़ रूपये की अनुदान राशि जारी की गई है। प्रदेश में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, रिलायंस एवं गेल कंपनी द्वारा स्थापित किये जा रहे सीबीजी प्लांट में फसल अवशेष से कम्प्रेस बायो गैस निर्माण की जायेगी, इसके लिये राज्य सरकार ने नरवाई प्रबंधन से संबंधित हाईटेक हब केन्द्र स्थापना पर हितग्राही को अधिकतम 97.50 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदाय किये जाने के लिये विभागीय कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक तथा कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण देश की प्रतिष्ठित निर्माता कंपनी के सहयोग से दिया जाता है। विभागीय केन्द्रों के माध्यम से वर्ष 2024-25 तक 7361 प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें से 1939 प्रशिक्षणार्थियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ। कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से किसान ड्रोन पायलट प्रशिक्षण एवं ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में 50 प्रतिशत शुल्क का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जा रहा है। कुल 412 युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण तथा 33 प्रशिक्षणार्थियों को ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया । कृषकों को सस्ती दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने एवं ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाये जाने के लिये शासन के जन संकल्प पत्र-2023 के अनुपालन में हर वर्ष 1000 कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। पूरे देश में इस योजना की पहल मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2012 में की गई तथा अब तक 4730 कस्टम हायरिंग केन्द्र प्रदेश स्तर पर स्थापित होकर कृषकों को लाभ दे रहे है। 

सेना में ज्यादा से ज्यादा पहुंचे अग्निवीर, अब थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे, भर्ती प्रक्रिया में बदले नियम

ग्वालियर सेना की भर्ती प्रक्रिया में अब ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक अग्निवीर मिल सकें। इसके लिए दो साल पहले लिखित परीक्षा पहले कराने का प्रयोग हुआ, ताकि उसे उत्तीर्ण करने वालों को ही शारीरिक दक्षता निकालने का मौका मिल सके। पहले शारीरिक दक्षता निकालने करने के बाद लिखित परीक्षा में बैठने वालों को उत्तीर्ण न होने की स्थिति में बेहद अफसोस होता था। इस नियम के बाद अब इस बार दौड़ का समय 30 सेकंड तक बढ़ा दिया गया है। अब अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने के लिए छह मिनट 15 सेकंड का समय मिलेगा, जो पहले पांच मिनट 45 सेकंड तक था। हालांकि जैसे-जैसे दौड़ का समय पांच मिनट 30 सेकंड से ऊपर जाएगा, वैसे-वैसे प्राप्तांक कम होंगे। थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे पहले पांच मिनट 30 सेकंड से लेकर पांच मिनट 45 सेकंड तक की समयावधि में 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही क्वालिफाई माना जाता था। इसके बाद जो छह मिनट या इससे थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे। उन्हें भी बाहर नहीं किया जाएगा। पहले सिर्फ दौड़ इस अवधि में पूरी न करने पर कई अच्छे शारीरिक शौष्ठव वाले और अच्छे बौद्धिक स्तर वाले नवयुवक भी बाहर हो जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब 6.15 मिनट तक 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को भी बाहर नहीं किया जाएगा। बस इनके अंक कम हो जाएंगे, जिन्हें वे आगे के चरणों में बढ़ाकर चयन पा सकते हैं।   चयन प्रतिशत बढ़ेगा इस नियम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब चयन प्रतिशत बढ़ जाएगा। जब दौड़ में अधिक संख्या में अभ्यर्थी चयनित हो जाएंगे तो सिर्फ 5.30 मिनट से लेकर 5.45 मिनट में दौड़ न पूरी करने की वजह से ही अभ्यर्थी बाहर नहीं होंगे। अब शारीरिक परीक्षा में समूह ग्रुप बनाए जाएंगे, खासकर दौड़ और पुलअप में। इसमें दौड़ पूरी करने के समय और पुलअप की संख्या के आधार पर समूहों में बांटा जाएगा।

13 मई को आयोजित होने वाले मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे

रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अम्बिकापुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आगामी 13 मई को आयोजित होने वाले “मोर आवास मोर अधिकार“ कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।     उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कुर्सी, टेबल, पंखा, कूलर, पेयजल, वीआईपी दीर्घा, साउंड सिस्टम और बिजली आपूर्ति, विभिन्न विभागीय स्टॉल, ग्रीन रूम, मंच, पार्किंग जैसी अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय पर और व्यवस्थित ढंग से पूरी की करने को कहा, ताकि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।     गृह मंत्री शर्मा ने कहा कि, यह कार्यक्रम गरीबों को उनका आवासीय अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आमजन, विशेष रूप से गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। ’मोर आवास मोर अधिकार’ उसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।     गौरतलब है कि मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा है और आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, बैठने की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।     इस दौरान अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

युद्ध के हालात के चलते पूरे ग्वालियर जिले में हाई अलर्ट, प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी

ग्वालियर भारत पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात के चलते पूरे देश में अलर्ट है, शहर के कई हवाई अड्डे बंद कर दिए गये हैं उड़ानें रद्द कर दी गई है, गृह मंत्रालय के निर्देश पर मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास किया जा चुका है, इन सबके बीच बीती रात पाकिस्तानी हरकत के बाद जिस तरह भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है उसने तनाव को और बढ़ा दिया है, इसी को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है ग्वालियर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने 7 मई को हुए मॉकड्रिल और ब्लैकआउट की 8 मई को दिन में समीक्षा की थी और उसमें आये फीड बैक के आधार पर उसमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन कल 8 मई की रात जो घटनाक्रम हुआ उसको देखते हुए दोनों अधिकारी देर रात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंच गए और रात को अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें, केंद्र सरकार से मिल रहे निर्देशों के तहत तैयार रहें कलेक्टर ने कहा हमें ब्लैकआउट में जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से पूरे जिले में सायरन लगवाये जा रहे हैं, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन स्थिति में हमें जिन जिन रिसोर्सेस की जरुरत पड़ सकती है उसकी लिस्ट बने और उसकी व्यवस्था करें। कंट्रोल रूम स्थापित, आपात स्थिति में कर सकते हैं कॉल हालात को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने मोती महल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया है, इस कंट्रोल रूम में शहर के नागरिक किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0751 -2646606 है। कंट्रोल रूम ने 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल व्यवस्था ठीक बनी रहे, इसके लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा 24 घंटे 7 दिन शिकायत दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें शहर के नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम का नम्बर 0751-2438355 है। सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कलेक्टर रुचिका चौहान ने हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किये हैं इसके तहत सोशल मीडिया यूजर ऑपरेशन सिंदूर या फिर देश की सेनाओं या फिर राष्ट्रहित से जुड़ी कोई भी भ्रामक सूचना ना तो पोस्ट करेगा और ना ही शेयर करेगा, उन्होंने कहा है जब तक कोई भी सूचना पुष्ट ना हो उसे सर्कुलेट न करें, संकटकाल में राष्ट्र का साथ दें। शहर में सायरन लगना शुरू, टेस्टिंग भी कलेक्टर के आदेश के बाद आज ग्वालियर जिले में अलग अलग स्थानों पर सायरन स्थापित होना शुरू हो गए हैं,इसी के साथ उसकी टेस्टिंग भी की जा रही है, सायरन की आवाज जनता तक पहुंचे इसके लिए साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है माइक लगाये जा आरहे हैं कलेक्ट्रेट पर इसकी टेस्टिंग भी की गई।

इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना , ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा

इंदौर  जब मध्य प्रदेश के इंदौर का नाम आता है तो यहां का पोहा याद आ जाता है. मगर, इस बार पोहा नहीं बल्कि इंदौरी ड्रोन खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. भारत की तरफ से शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है. भारत ने पाकिस्‍तान के हमलों का ऐसा जवाब दिया है कि वहां लोग अब तक खौफ में हैं. पाकिस्‍तान के हर वार की काट भारत के पास मौजूद है. पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमान जब हमले करने के लिए भारत की ओर बढ़े, तो हमारे बॉर्डर पर तैनात मिसाइलों ने उन्‍हें ढेर कर दिया. इस बीच, इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना किए गए हैं. ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. हालांकि, पहले से ही इंदौर में बने ड्रोन का भारत-पाकिस्तान वॉर में देश की सेना इस्तेमाल कर रही है. यहां के 2 युवा इंजीनियरों की टीम दिन रात युद्ध स्तर पर ड्रोन बनाने में जुटी हुई है. बता दें, 1971 युद्ध के 54 साल बाद युद्ध में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा हैं. सबसे ज्यादा हमले ड्रोन से किए जा रहे हैं. ऐसे में देशभर के युवा अपनी सेना के लिए ड्रोन तैयार करने में जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक युवा इंजीनियरों अभिषेक शर्मा और रोशनी शुक्ला की टीम ने नभ रक्षक 1.O , नभ रक्षक 2.O थर्मल ड्रोन और नभ रक्षक 5.O ड्रोन तैयार किए हैं. अगर इनकी खासियत के बारे में बात करें तो एक हजार फीट की ऊंचाई से भी घने अंधेरे में भी ये ड्रोन दुश्मनों को ढूंढ लेने में कारगर हैं. 5 किलो वजन उठाकर ये ड्रोन 120 किलो मीटर की रफ्तार से 10 किलो मीटर का सफर बड़ी आसानी से कर सकती हैं. इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत है, रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं. जम्मू कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के बॉर्डर पर सर्विलांस के लिए इन ड्रोनों का आर्मी इस्तेमाल कर रही है.

केंद्र सरकार का फैसला, सेना प्रमुख को अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया

नई दिल्ली भारत सरकार देश की सुरक्षा और पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए कई बड़े फैसले ले रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख को बड़ा अधिकार दिया है। जिसके तहत उन्हें अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सेना प्रमुख को अधिकार दिया गया है कि वे प्रादेशिक सेना के हर अफसर और सैनिक को तैनात कर सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नियमित सेना की मदद की जा सके या उसकी ताकत बढ़ाई जा सके। तीन साल तक लागू रहेगा आदेश रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने 6 मई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश 10 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा और 9 फरवरी 2028 तक लागू रहेगा। इसका मतलब है कि अगले तीन सालों तक सेना प्रमुख के पास टीए को किसी भी जरूरी मिशन के लिए तैनात करने का पूरा अधिकार रहेगा। प्रादेशिक सेना: 75 सालों की सेवा प्रादेशिक सेना, जिसे 9 अक्तूबर 1949 को स्थापित किया गया था, ने पिछले साल अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह बल न सिर्फ युद्ध के समय देश की सेवा करता है, बल्कि आपदा राहत, पर्यावरण सुरक्षा और मानवीय मदद में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। टीए पूरी तरह से नियमित सेना के साथ जुड़ा हुआ है और इसके जवानों को उनकी बहादुरी और सेवा के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। देश में 14 बटालियन होंगी तैनात सरकार की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा 32 टीए इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को तैनात करने का आदेश दिया गया है। इन्हें देश के कई सैन्य कमानों में भेजा जाएगा।     साउथर्न कमांड     ईस्टर्न कमांड     वेस्टर्न कमांड     सेंट्रल कमांड     नॉर्दर्न कमांड     साउथ वेस्टर्न कमांड     अंडमान और निकोबार कमांड     आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) बजट की उपलब्धता पर निर्भर होगी तैनाती अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि इन बटालियनों की तैनाती तभी होगी जब बजट में इसके लिए पैसे उपलब्ध होंगे या फिर आंतरिक बचत से पैसे की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, जिन यूनिट्स को रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य मंत्रालय की मांग पर तैनात किया जाएगा, उसका खर्च संबंधित मंत्रालय ही उठाएगा।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की मुलाकात, समर्थन के लिए जताया आभार

रांची/नई दिल्ली द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ पर रूस में आयोजित समारोह में भारत की ओर से भाग ले रहे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुतिन से मुलाकात और विजय दिवस समारोह की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अपनी रूस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 80वें विजय दिवस की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित भोज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।” रक्षा राज्य मंत्री सेठ, जो कि रांची से भाजपा के सांसद भी हैं, गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को पहुंचे थे। भारत के राजदूत विनय कुमार और रूस रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल ओलेग मोलेसेव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए। सेठ की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर इन संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। भारत और रूस भविष्य में भी नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलती स्थिति में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। इसके पहले संजय सेठ द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानी सैनिकों की समाधि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मास्को में आयोजित विजय दिवस परेड में पहले भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाग लेने वाले थे। माना जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित की।

पाकिस्तान की हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों में से आधे विमानों को ग्वादर के पास किया स्थानांतरित

इस्लामाबाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की  हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों  में से आधे विमानों को अरब सागर तट पर स्थित ग्वादर के पास पासनाई एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम पाकिस्तान की ओर से उठाया गया एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम  द्वारा इन विमानों की पहचान और नष्ट होने से बचना है।   पाकिस्तान का कदम और भारत का रिएक्शन पाकिस्तान की हवाइसेना  ने अपनी उन्नत F-16 विमानों की तैनाती को बदलते हुए उन्हें  ग्वादर के पास ब लोचिस्तान के पासनी एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम  भारत के S-400 सिस्टम से बचने के लिए एक सुरक्षा उपाय  के तौर पर देखा जा रहा है। S-400 को बेहद प्रभावशाली एयर डिफेंस सिस्टम  माना जाता है, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूरी से ही नष्ट करने  में सक्षम है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत के पास S-400  जैसे सिस्टम हैं, तो इन विमानों को  भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आसानी से टारगेट  किया जा सकता है। S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम भारत के पास हाल ही में आया है और यह दुनिया के सबसे बेहद शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। इसके माध्यम से भारत अपनी सीमाओं में आने वाले विमानों, मिसाइलों और अन्य खतरे को दूर से ही नष्ट कर सकता है। ऐसे में, पाकिस्तान ने अपनी  F-16 लड़ाकू विमानों  को  पाकिस्तान के अन्य सुरक्षित स्थानों पर  शिफ्ट कर दिया है ताकि इन विमानों को भारतीय  S-400 सिस्टम के दायरे से बाहर  रखा जा सके।   पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति ग्वादर  के पास स्थित पासनाई एयरफील्ड पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस  है। यह तटवर्ती क्षेत्र में स्थित है, जो पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते से अपने विमानों की सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, यह पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF)  के  F-16 विमानों को  सुरक्षित स्थान पर  स्थित करके संभावित खतरे से बचने का एक कुशल तरीका  प्रदान करता है। पाकिस्तान द्वारा F-16 विमानों की तैनाती को बदलने के पीछे  रणनीतिक उद्देश्य है । इन महंगे और शक्तिशाली विमानों की सुरक्षा करना। पाकिस्तान का यह कदम  S-400 प्रणाली के खतरे से बचने  के लिए किया गया है, जिससे यह सिद्ध होता है कि पाकिस्तान  भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीरता से ले रहा है।  चीन की चिंता और प्रतिक्रिया इस बीच चीन  ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर  चिंता जताई है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की  अपील की है । चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने सैन्य गतविधियों में संयम  बरतना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और अधिक बिगड़ने से बच सके। पाकिस्तान का यह कदम यह दर्शाता है कि भारत की सैन्य ताकत और  S-400 सिस्टम से पाकिस्तान  भयभीत है।    

सभी राज्यों को भेजी स्पेशल चिट्ठी, पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है। भारतीय सेना ने आज सुबह तड़के पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान बॉर्डर से लगे कई चेक पोस्टों पर भीषण गोलीबारी का सिलसिला जारी है, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया है। इस माहौल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष चिट्ठी भेजी है, जिसमें उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी गई है। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि सभी प्रशासन को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करना होगा ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। पाकिस्तान ने बीती रात भारत के कई शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला किया था, लेकिन भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट्स और दर्जनों मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा। इसके बाद, भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के कई शहरों में जवाबी कार्रवाई की और वहां भारी तबाही मचाई। इस समय, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय सेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया है, और गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देश देशभर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

विराट कोहली ने इस मुश्किल समय में भारतीय सेना का साथ दिया है, उन्होंने सेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ की है

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, भारत के क्रिकेट आइकन विराट कोहली ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए समर्थन का एक मजबूत संदेश दिया है। सीमा पर मिसाइल हमलों, हवाई हमले की चेतावनी और बढ़ी हुई सैन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका असर आईपीएल 2025 पर भी पड़ा है। आईपीएल को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया। विराट कोहली के पोस्ट ने जीता दिल विराट कोहली ने भारतीय सेना के समर्थन में एक इंस्टा पोस्ट किया है। विराट कोहली ने एक इंस्टा पोस्ट में लिखा, ‘हम अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता से खड़े हैं, जो इन कठिन समय में हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं। हम अपने नायकों की अटूट बहादुरी और हमारे महान राष्ट्र के लिए उनके और उनके परिवारों द्वारा किए गए बलिदानों के लिए हमेशा ऋणी रहेंगे।’ पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट, पंजाब और राजस्थान के कई शहरों पर हमला किया। इसके बाद कोहली का यह पोस्ट आया है। हालांकि, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के हमलों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। सुरक्षा कारणों से आईपीएल 2025 को भी एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है। आईपीएल को किया गया सस्पेंड भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। आईपीएल 2025 को बीच में ही रोकना पड़ा। विराट कोहली ने इस मुश्किल समय में भारतीय सेना का साथ दिया है। उन्होंने सेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ की है। पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हमला किया। इसमें जम्मू, पठानकोट, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। भारतीय सेना ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे पहले, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच धर्मशाला में खेला जा रहा मैच बीच में ही रोक दिया गया। खिलाड़ियों को मैदान से बाहर निकाला गया। क्योंकि जम्मू और पठानकोट में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई थी। आईपीएल पर कोई अपडेट नहीं बीसीसीआई सरकार के अधिकारियों से बात कर रही है। अभी भी कई लीग मैच और नॉकआउट मुकाबले बाकी हैं। आईपीएल को एक हफ्ते के लिए निलंबित करने से कई लोग सोच रहे हैं कि क्या बाकी मैच दोबारा होंगे या किसी सुरक्षित जगह पर खेले जाएंगे। यह सब हालात ठीक होने पर ही पता चलेगा। विराट कोहली के साथ-साथ रोहित शर्मा ने भी भारतीय सेना की तारीफ की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और देश का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना पर गर्व है।

ग्रीन एनर्जी पर ध्यान दें अन्यथा बच्चों को बैग की जगह ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ेगा : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल हम सबका का कर्त्तव्य है कि भावी पीढ़ी की सुरक्षा और उनको सुरक्षित वातावरण देने के लिये क्लीन एनर्जी – ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करें। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों को स्कूल बैग की जगह ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह विचार भोपाल में आयोजित चौथे नेशनल सस्टेनेबल एनर्जी एनोवेशन कॉन्क्लेव में व्यक्त किये। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह कॉन्क्लेव न केवल ऊर्जा क्षेत्र के नवाचारों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि एक स्थायी और सुरक्षित भविष्य की दिशा में हमारे प्रयासों को नई गति देगा। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह कॉन्क्लेव ऊर्जा के समाधान पर विचार विमर्श के लिये एक अच्छा अवसर है। बढ़ती ऊर्जा मांग और जलवायु चुनौतियों के बीच ऐसे प्रयास सुरक्षित भविष्य के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ऊर्जा सशक्तिकरण के लिये तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में निकलने वाले निष्कर्षों का क्रियान्वयन हर स्तर पर होना चाहिए, तभी यह सार्थक होगा। डिजिटल हो रहीं ऊर्जा प्रणालियों की साइबर सुरक्षा महत्वपूर्ण ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जैसे-जैसे ऊर्जा प्रणालियां डिजिटल हो रही हैं, वैसे-वैसे इनकी साइबर सुरक्षा भी जरूरी हो गयी है। कॉन्क्लेव में ऊर्जा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। ऊर्जा मंत्री ने इस दौरान लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश उत्तरोत्तर विकास कर रहा है। ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर स्थापित किये गये फ्लोटिंग सोलर प्लांट सहित रीवा और नीमच में वृहद स्तर के सोलर प्लांट बनाये गये हैं। पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि यह कॉन्क्लेव एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने के लिये महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि जो नवाचार जनहित के हैं, उन्हें स्वीकार करने और नई टेक्नोलॉजी से कैसे लाभ प्राप्त किया जाये, इस पर गहन विमर्श होना चाहिए। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है भारत केन्द्रीय अतिरिक्त सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री सुदीप जैन ने कहा कि भारत हमेशा सस्टेनेबिलिटी पर जोर देता है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ग्लोबल लीडर है। श्री जैन ने कहा कि वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि हर घर की छत पर सोलर पैनल होना चाहिए। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिये “पीएम सूर्य घर” योजना शुरू की गई है। पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी हम अग्रणी हैं। लगभग 18 गीगावॉट इसका उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सोलर पॉवर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। सबसे बड़े सोलर एवं सोलर फ्लोटिंग प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किये गये हैं। एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया ने कॉन्क्लेव के उद्देश्यों की जानकारी दी।  

पाकिस्तान के निशाने पर मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित

नई दिल्ली/जालंधर वीरवार देर रात पाकिस्तान ने पंजाब के कई ज़िलों में एक बार फिर ड्रोन हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली की मुस्तैदी के चलते ये मंसूबे नाकाम हो गए। पंजाब के जालंधर, पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला और अन्य सीमावर्ती इलाकों में अचानक धमाकों की आवाज़ों ने लोगों को चौकन्ना कर दिया। इन हमलों का मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, जालंधर के सुरानुसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन से करीब 50 धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। आसपास के गांवों हीरापुर और पट्टकड कलां में भी धमाके महसूस किए गए। सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने समय रहते एक ड्रोन को मार गिराया और बाकी ड्रोन को ट्रैक कर निष्क्रिय कर दिया गया। वहीं कपूरथला और फिरोजपुर में भी कई धमाकों की पुष्टि हुई है। इन हमलों के चलते जालंधर, चंडीगढ़ और पंजाब के छह सीमावर्ती ज़िलों — पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का — में ऐहतियातन ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। जालंधर में व्रज कोर का मुख्यालय और आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने स्थित हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। इससे पहले बुधवार रात अमृतसर के विभिन्न गांवों — दुधाला, जेठूवाल, पंढेर और मखणविंडी — पर रॉकेट हमले किए गए थे, जिन्हें वायुसेना की डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। घटनास्थलों से कई रॉकेट के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। सौभाग्य से इन हमलों में किसी प्रकार की जनहानि या भारी नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ से उनकी नींद टूट गई और वह तुरंत अपने परिजनों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। पुलिस और सेना की टीमों ने रातभर तलाशी अभियान चलाया और क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर जांच शुरू कर दी है। यह घटनाएं एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकतों को उजागर करती हैं, लेकिन भारतीय सेना की तत्परता ने एक बड़ा खतरा टाल दिया। सुरक्षा एजेंसियां अब इन हमलों के पीछे की रणनीति और संभावित खतरे की तह तक जाने में जुट गई हैं।

सरकार ने शहर के प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए

अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार ने शहर के यातायात को सुव्यवस्थित करने और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अयोध्या में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किया है. इस प्रणाली के तहत प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे वास्तविक समय की निगरानी और यातायात उल्लंघन के लिए चालान स्वचालित रूप से जारी करना संभव हो गया है. गुरुवार को एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 47 करोड़ रुपये की आईटीएमएस परियोजना 2022 में शुरू की गई थी, जिसके पहले चरण का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. अब तक अयोध्या में 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जा चुकी हैं, साथ ही यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. आईटीएमएस के तहत लगाए गए कैमरे लाल बत्ती कूदने या बिना हेलमेट के वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों को रिकॉर्ड करते हैं, जिसके आधार पर डिजिटल चालान अपने आप जेनरेट हो जाते हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के तहत कुल 36,555 चालान जारी किए गए हैं, जिसने मंदिर नगरी में सड़क अनुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यातायात प्रबंधन के अलावा, आईटीएमएस कैमरों ने पूरे शहर में निगरानी और सुरक्षा को मजबूत किया है.   न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि एकत्र किए गए डेटा से पुलिस को अपराध नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में मदद मिल रही है. इस साल की शुरुआत में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान चालान अभियान शुरू हुआ और अब तक कुल 3.66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. शहर के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इसमें से 12.35 लाख रुपये पहले ही वसूले जा चुके हैं. जबकि सभी 20 चयनित चौराहों पर लाइटें लगाई गई हैं, वर्तमान में केवल 14 स्थानों पर ही संचालन सक्रिय है. चल रहे निर्माण कार्य के कारण, शहादतगंज बाईपास, शांति चौक, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमान गुफा और देवकाली बाईपास पर सिग्नल अस्थायी रूप से काम नहीं कर रहे हैं. अयोध्या नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने कहा कि आईटीएमएस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद की है, इसके लागू होने के बाद से अब तक कोई घटना सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा, “तीर्थयात्री और आगंतुक अब सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली का लाभ उठा रहे हैं. पहले ट्रैफिक जाम के लिए जाने जाने वाले क्षेत्र अब काफी हद तक जाम से मुक्त हैं.”  

पाक SC का हैरान करने वाला फैसला, भारत से जंग के बीच आसिम मुनीर को मिली बेतहाशा ताकत

इस्लामाबाद भारत से जारी जंग के बीच पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सेना और कुख्यात आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को बेतहाशा ताकत दे दी है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आम नागरिकों के लिए चिंतानजक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि आम नागरिकों पर भी मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकते हैं, जिसकी सजा मृत्युदंड तक होती है। इस तरह जनरल आसिम मुनीर के हाथ में यह पावर आ गई है कि वह देश और सेना के लिए खतरा बताकर किसी भी नागरिक के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट में केस चलवा सकते हैं। ऐसी स्थिति पाकिस्तान के आम नागरिकों और खासतौर पर विपक्षियों के लिए बड़ी चिंताजनक है। पाकिस्तान की अदालत ने 7 मई को फैसला सुनाया, जिसमें पुराने निर्णय को पलट दिया गया। पहले अदालत ने अपने एक फैसले में कहा था कि मिलिट्री कोर्ट में नागरिकों के खिलाफ केस चलना असंवैधानिक है, लेकिन अब उस निर्णय को पलट दिया गया है। इससे सीधे तौर पर जनरल आसिम मुनीर मजबूत हो गए हैं। पहले ही आसिम मुनीर राजनीतिक नेतृत्व के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत हैं और वही सारे अहम निर्णय ले रहे हैं। दरअसल यह फैसला 9 मई, 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामलों को लेकर है। अब इमरान खान के समर्थकों पर मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकेगा और उन्हें खौफनाक सजाएं भी दी जा सकती हैं। भारत से तनाव के बीच यह अहम फैसला आया है, जब सेना के खिलाफ कोई टिप्पणी भी नहीं कर सकता। इस वक्त पाकिस्तान में सेना के खिलाफ बोलने से उसे देशविरोधी करार दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत से ऐसा फैसला दिलाने के लिए जानबूझकर यह वक्त चुना गया। बता दें कि 9 मई की हिंसा के मामले में इमरान खान के करीब 1000 समर्थकों को अरेस्ट किया गया था। यही नहीं पीटीआई का कहना था कि उसके सैकड़ों समर्थकों को बिना किसी सबूत के ही जेलों में डाल रखा है। दरअसल अक्तूबर 2023 में अदालत ने फैसला दिया था कि मिलिट्री कोर्ट्स में नागरिकों के खिलाफ फैसला देना गलत है। फिर इस फैसले पर कई अपीलें दायर हुई थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना फैसला ही पलट दिया।

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