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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान निजी न्यूज चैनल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में एक निजी न्यूज चैनल की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें सिंगरौली की सुप्रज्ञा जायसवाल भी शामिल है जिसने आज घोषित हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में शत प्रतिशत 500 अंकों के साथ मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। देश एकजुट है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पहलगाम की घटना के बाद पूरे राष्ट्र के नागरिक एकजुट हैं और शत्रु से बदला लेने की बात पर सहमत हैं। सिंहस्थ :2028 होगा सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला सिंहस्थ अब तक का सबसे भव्य सिंहस्थ होगा। इसके लिए आवश्यक कार्यों को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश में उद्योगों और कृषि क्षेत्र का विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के साथ ही किसानों को नए कृषि यंत्रों और कृषि अनुसंधान का लाभ दिलवाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। हाल ही में मंदसौर में संपन्न किसान मेला किसानों को नए कृषि उपकरणों और तकनीक की जानकारी देने की दृष्टि से उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि आगामी 26 मई को नरसिंहपुर में इस तरह का आयोजन होगा।  

बलूचिस्तान में BLA ने पाक आर्मी के ट्रक को IED ब्‍लास्‍ट कर उड़ाया, 6 जवानों की मौत, आसिम मुनीर रह गए शॉक्‍ड

बलूचिस्तान अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना के वाहन पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना की फ्रंटियर कोर (एफसी) के छह जवान मारे गए हैं। जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। किस इलाके में हुआ वाहन में विस्फोट जानकारी के मुताबिक, आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट प्रांत के बोलान इलाके में आमिर पोस्ट और अली खान बेस के बीच हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमाका आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए किया गया है, जिसमें फ्रंटियर कोर के काफिले को निशाना गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बलूचिस्तान में हिंसा का ग्राफ फिर से तेजी से ऊपर जा रहा है। पिछले हफ्ते ही 30 से 40 हथियारबंद हमलावरों ने बलूचिस्तान से गुजरने वाले एक अहम हाईवे को जाम कर दिया था और एक पुलिस की वैन को निशाना बनाते हुए उसमें सवार 5 पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया था। इन घटनाओं ने पूरे सूबे में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह की चपेट में है। यहां सक्रिय उग्रवादी गुट लगातार सुरक्षा बलों पर हमले करते रहते हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बलूच जनता को उनके ही जमीनी और प्राकृतिक संसाधनों से दूर कर रही है और उनके अधिकारों को कुचल रही है। गौरतलब है कि बलूच लिबरेशन आर्मी बलूचिस्तान में सबसे सक्रिय और संगठित विद्रोही संगठन माना जाता है। हमले में कौन-कौन मारे गए स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में पाकिस्तानी सेना के मेजर (स्पेशल ऑपरेशंस कमांड) तारिक इमरान, नायक आसिफ, सुबेदार फारूक, नायक मशकूर, सिपाही वाजिद, सिपाही काशिफ की मौत हुई है। वहीं, सिपाही जीशान, सिपाही शादमान, नायक ओवैस, सिपाही जैनुल्लाह, सिपाही तय्यब घायल हुए हैं।   सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। 

देश में बढ़ रहे इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल, इतने साल में बढ़कर 12 करोड़ के पार पहुंच जाएंगे EV

मुंबई भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या में तेजी से वृद्धि होने जा रही है। देश की सड़कों पर 2032 तक 123 मिलियन ईवी होने का अनुमान है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन (सीईएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है। ईवी को अपनाया जाना भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है और साथ ही 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी पेनिट्रेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगभग बारह गुना बढ़ गई है रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत की संचयी ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) लगभग बारह गुना बढ़ गए हैं, जो 2019 में 0.35 मिलियन से बढ़कर 2024 में 4.4 मिलियन हो गए हैं। इस तेज वृद्धि को सहायक सरकारी नीतियों, जैसे कि एफएएमई-2 योजना से बढ़ावा मिला है। यह योजना पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजी सब्सिडी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों का प्रतिनिधित्व लगभग 6 प्रतिशत था, जबकि इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम था। अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा, “अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं कि भारत के संचयी इंस्टॉल्ड ईवी चार्जिंग पॉइंट, पब्लिक और कैप्टिव, को लगभग 12 से 28 गुना बढ़ाने की जरूरत होगी, जो 2024 में लगभग 76,000 से बढ़कर 2032 तक 0.9 मिलियन और 2.1 मिलियन के बीच हो जाएगा।” सेन ने कहा कि इंस्टॉल्ड चार्जिंग क्षमता को भी 17 गुना से अधिक बढ़ाना होगा, जो ईवी अपनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग के स्तर पर निर्भर करते हुए 1.3 गीगावाट से बढ़कर 23 गीगावाट हो जाएगी। सीईएस के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा कि 2032 तक, आईईएसए और सीईएस का अनुमान है कि भारत का ऑन-रोड ईवी स्टॉक लगभग 49 मिलियन (सबसे खराब स्थिति), 60 मिलियन (बिजनेस-एज-यूजुअल) या 123 मिलियन (एनईवी परिदृश्य) तक पहुंच सकता है। अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सड़कों पर लगभग 2,20,000 पर्सनल इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर (ई4डब्ल्यू) थे, जिनमें से अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे। उसी वर्ष तक भारत में अनुमानित 3,20,000 निजी टाइप-2 एसी चार्जर थे, जिनमें से 70 प्रतिशत 3.3 किलोवाट इकाइयां, 28 प्रतिशत 7.4 किलोवाट इकाइयां और शेष 11-22 किलोवाट इकाइयां उच्च क्षमता के रूप में वर्गीकृत थीं।

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग ने सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए 54 नगर पालिकाओं और 124 नगर पंचायतों के साथ किया मंथन

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगर सुराज संगम में आज भी प्रशिक्षण की कमान खुद संभाली और नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पीपीटी (Power Point Text) के जरिए शहरों के विकास एवं जनसुविधाएं विकसित करने का रोडमैप समझाया। उन्होंने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के साथ ही मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और अभियंताओं से संवाद कर अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की। साव ने डेढ़ घंटे के अपने प्रेजेंटेशन में अटल विश्वास पत्र के प्रमुख बिंदुओं, नगरीय निकायों की चुनौतियों, नागरिकों की अपेक्षाओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा, शहरी वानिकी, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, कर संग्रहण और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि आप लोग शहर के प्रथम नागरिक हैं, आपका शहर आपका घर है। शहरवासियों को अपना परिजन मानते हुए उनकी चिंता करें, उनकी बेहतरी के लिए काम करें। शहर का विकास, साफ-सफाई और जन सुविधाएं विकसित करना आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यशाला में सहभागिता कर रहे सभी लोगों से पूरे मनोयोग से कार्यशाला में मौजूद रहने को कहा। यहां सिखाई जा रही बातों को एकाग्रता और तन्मयता से आत्मसात करने को कहा। साव ने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके निकाय उभरते हुए शहर हैं। उन्हें विकास के पथ पर दौड़ाना है। सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास से ही शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि आप लोग अपने शहरों में ऐसा काम करें जो यादगार हो, शहर को नई दिशा देने वाला हो, नागरिकों की सुख-सुविधाएं बढ़ाने वाला हो, शहर को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने वाला हो। साव ने शहरों के प्रत्येक घर में रोज पर्याप्त जल की आपूर्ति को बड़ी चुनौती बताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कड़ाई से अमल करने को कहा। साव ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहर को सुविधापूर्ण बनाने देश-विदेश में स्थानीय स्वशासनों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने पार्षदों के लिए भी संभागीय स्तर पर इस तरह के प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के आयोजन की बात कही। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने ’’नगर सुराज संगम’’ में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को केंद्र व राज्य सरकार तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं की जानकारी देने इसका आयोजन किया गया है। इस दौरान नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और उनके महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी। यह संगम दोनों तरफ से संवाद का मंच है। इस मंच के माध्यम से आप लोग नगरीय प्रशासन और विकास से जुड़ी अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं। इस कार्यशाला का आप लोग पूरा लाभ उठाएं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर. एक्का और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यशाला में मौजूद थे।

केन्द्र और राज्य के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये

पीएम जनमन भोपाल जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के जरिये जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन को सहज और सुगम बनाने के लिये लगभग 1100 किमी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में चिन्हित 1295 बसाहटों के लिये 1800 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश भर में जनजातीय वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिये प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिये कार्य योजना बनाकर काम किये जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय संवर्ग के उत्पाद के लिये चलाई जा रही योजनाओं के लिये त्रैमासिक स्तर पर राशि स्वीकृत की जा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 630 बसाहटों वाले क्षेत्रों में 1187 किमी की सड़कों के निर्माण लिये प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 194 बसाहटों पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जायेगी। गांव-गांव तक सड़क मंत्री डॉ. शाह ने बताया किगांव-गांव तक सड़क योजना का लाभ घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 110.29 किमी सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इसमें सर्वाधिक 23.49 किमी की सड़क बालाघाट जिले में पूर्ण की गई है। दूसरे नंबर पर मंडला जिले में 21.37 किमी सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय संवर्ग के उत्थान और विकास के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों को मुर्तरूप दिया जा रहा है। इसके लिये जनजातीय कार्य विभाग दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में सड़कों की सुगमता से सामान्य जन का जीवन एवं काम-धंधे, व्यापार-व्यवसाय सुगम एवं सुलभ हो सकेगा।  

दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त, हर जिले में पांच जगहों पर होगी Mock Drill, तय हुआ समय

पूर्वी दिल्ली कल शाम को दिल्ली के हर जिले में पांच जगहों पर मॉक ड्रिल होगी। युद्ध सायरन बजेगा। इसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, पुलिस और अन्य विभाग हिस्सा लेंगे। पूर्वी जिले में शाम चार बजे गीता कॉलोनी स्थित स्कोप मीनार, कोंडली मार्केट, आइपी एक्सटेंशन, एनएसयूआइटी में मॉक ड्रिल होगी। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय के मॉक ड्रिल के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी डीसीपी को तैयारियों के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने राष्ट्रीय राजधानी में गश्त को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त एक सूत्र ने बताया, “हमने शहर में दिन और रात की गश्त बढ़ा दी है। हमने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया है। शहर में सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है। डीसीपी अपने जिलों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। वे सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) और स्टेशन हाउस अधिकारियों (एसएचओ) के साथ बैठकें कर रहे हैं।” मॉक ड्रिल क्या होती है? मॉक ड्रिल एक तरह का व्यायाम है जो आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। आमतौर पर मॉक ड्रिल प्राकृतिक आपदाओं, आग, आतंकवादी हमलों और अन्य संकटों से बचने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आने वाले खतरे के बारे में सचेत रखना और जागरूकता बढ़ाना है। मॉक ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन रेडियो संचार लिंक, आम लोगों के लिए रक्षा प्रशिक्षण, क्रैश ब्लैकआउट उपाय जैसे अभ्यास शामिल हैं।

श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि की सेवाएं लगातार उपलब्ध हो रही

कटड़ा वर्तमान में मौसम पूरी तरह से मेहरबान है और श्रद्धालु सुहावने मौसम के बीच लगातार अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। मंगलवार को दिनभर मौसम सुहावना बना रहा हालांकि दिन में अधिकांश समय मौसम साफ रहा लगातार ठंडी हवाएं चलती रही फिलहाल मां वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि की सेवाएं लगातार उपलब्ध हो रही हैं दूसरी और भवन मार्ग पर चलने वाली बैटरी कार सेवा के साथ ही मां वैष्णो देवी भवन (Maa Vaishno Devi Bhawan) तथा भैरव घाटी के मध्य चलने वाली रोपवे केवल कार सेवा भी लगातार उपलब्ध हो रही है। कटड़ा के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध परंतु मंगलवार को कटड़ा से चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा बीच-बीच में स्थगित रही जिसकी मुख्य वजह श्रद्धालुओं की कमी। श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा में अपना पंजीकरण करवा कर आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त परिवार के साथ लगातार भवन की ओर रवाना होते रहे। श्रद्धालुओं की मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह से सुखमय बनी रहे जिसको लेकर भवन परिसर के साथ ही सभी मार्गों पर यहां तक की आधार शिविर कटड़ा तथा आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। भारत-पाक तनाव के बीच श्रद्धालुओं में कमी पुलिस के साथ ही सुरक्षा बल आदि लगातार चौकसी बरत रहे हैं। भारत तथा पाकिस्तान के बीच बने हालात के मध्य नजर वर्तमान में मां वैष्णो की यात्रा में कमी लगातार जारी है, लेकिन वर्तमान में जो भी श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। श्रद्धालु श्रद्धा के साथ अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। बिना किसी भय के यात्रा करें श्रद्धालु वहीं, श्राइन बोर्ड के साथ ही होटल उद्योग को संपर्क कर रहे श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया जा रहा है की मां वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर किसी भी तरह की परेशानी नहीं है हालात पूरी तरह से सुखद बने हुए हैं लिहाजा वह बिना किसी भय के मां वैष्णो देवी की यात्रा करें। बीते 5 मई को 14319 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी तो वहीं 6 मई यानी कि मंगलवार शाम 5:00 बजे तक करीब 11500 श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हो चुके थे और लगातार श्रद्धालुओं का आना जारी है।

व्यवस्था के सरलीकरण और पारदर्षिता की दिषा में खान विभाग का बढ़ता कदम

जयपुर राज्य के खान विभाग ने खानों के माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाओं  के ऑनलाईन अनुमोदन की प्रक्रिया शुरु कर दी है। प्रमुख सचिव माइन्स, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य सरकार ने माइनिंग सेक्टर में सरलीकरण और पारदर्षी व्यवस्था की दिषा में एक कदम और बढ़ाते हुए पिछले दिनों एक मई से माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाओं का ऑनलाईन अनुमोदन का निर्णय किया था। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन अनुमोदन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है और जयपुर, ब्यावर, सिरोहीए बारांए बांसवाड़ा, और चुरु में लाइमस्टोन बर्निंंग, मेसेनरी स्टोन, ग्रेनाइट, लाइमस्टोन क्रषर और क्वार्टज.फेल्सपार के माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाएं अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई है।   श्री टी. रविकान्त ने बताया कि नई व्यवस्था से करीब 30 हजार अप्रधान खनिज लीजधारक और क्वारी लाइसेंसधारक लाभान्वित हो सकेंगे। अब उन्हें योजनाओं के अनुमोदन के लिए खनिज विभाग के कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अप्रधान खनिजों के माइनिंग लीजधारकों व क्वारी लाइसेंसधारकों को माइनिंग प्लान व माइनिंग स्कीम का अनुमोदन करवाना होता है। नियमानुसार विभाग द्वारा 90 दिवस में अनुमोदन की कार्रवाई पूरी करनी होती है पर अनुमोदन में इससे अधिक समय भी लग जाता है। निदेषक माइन्स श्री दीपक तंवर ने बताया कि लीजधारक द्वारा माइनिंग प्लान व माइनिंग योजना के अनुमोदन के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जाएगा। अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन होने से कार्य में पारदर्षिताए समयवद्धता के साथ ही लीजधारक के समय की बचत व अनावष्यक असुविधा से राहत मिल सकेगी। ऑनलाईन व्यवस्था होने से लीजधारक अनुमोदन प्रक्रिया की प्रगति से भी अवगत हो सकेंगे और तय समयसीमा में ही अनुमोदन कार्रवाई पूरी हो सकेगी। अतिरिक्त निदेषक विजिलेंस व प्रभारी श्री पीआर आमेटा ने बताया कि एसीपी श्री जयेष द्वारा विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के संबंध में वर्चुअली प्रषिक्षण दिया गया है। माइनिंग इंजीनियर श्री मनीष वर्मा द्वारा अधिकारियों को और अधिक जानकारी दी जाएगी ताकि कि ऑनलाईन आवेदन से लेकर अनुमोदन तक का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से निष्पादित कर सके। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण बनाना होगा, भंडारण और बिक्री पर भी प्रतिबंध

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण और शिकायत तंत्र बनाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) की धारा पांच के तहत यह निर्देश जारी किए हैं, ताकि जुर्माना लगाया जा सके और अन्य राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए। जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हमने दिल्ली तथा एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान तीन अप्रैल को आदेश जारी कर निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर व्यक्ति एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता और सड़कों-गलियों में काम करने वाले लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान, 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी: मूडीज

नई दिल्ली मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, “वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।” रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। इसमें कहा गया है, “निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।” मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। मूडीज ने कहा, “उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।” आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में कहा, “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।” आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है।

पीएम मोदी ने अपने मित्र एंथनी अल्बानीज से बात की और उन्हें उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी। साथ ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया के 32वें प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक पुनर्निर्वाचन पर बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एंथनी अल्बानीज को टैग करते हुए लिखा, ”अपने मित्र एंथनी अल्बानीज से बात की और उन्हें उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। हम भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज करने के लिए नए जोश के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।” इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अपने पांच वर्षों में सीएसपी ने विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग विकसित होते देखा है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में भारतीय मूल के प्रवासियों की भूमिका पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और एक स्वतंत्र, खुले, स्थिर, नियम-आधारित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री अल्बानीज को वार्षिक शिखर सम्मेलन और इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन सहित यहां आने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। इससे पहले पीएम मोदी ने एंथनी अल्बानीज को ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री निर्वाचित होने पर बधाई दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा था, ”एंथनी अल्बानीज ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के रूप में आपकी शानदार जीत और पुनः निर्वाचित होने पर बधाई। यह जोरदार जनादेश आपके नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई लोगों के स्थायी विश्वास को दर्शाता है। मैं भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं।”

पति से प्रताड़ित होकर महिला ने अपने दोनों बच्चों के साथ एसपी ऑफिस में चल रही जनसुनवाई के दौरान खाया जहर

जबलपुर एसपी ऑफिस में चल रही जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। महिला को तत्काल पुलिस की डायल 100 में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है। दरअसल जहर खाकर आत्महत्या करने वाली द्रोपती विश्वकर्मा अपने दो छोटे छोटे बच्चों के साथ जबलपुर के अधारताल थाना अंतर्गत पन्नी मोहल्ले में रहती है और अपने पति से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया है। 12 साल पहले हुई थी शादी महिला का कहना है कि उसका पति उसे 3 महीने पहले छोड़कर गोटेगांव चला गया है, जो उसे ना खाना खर्च दे रहे हैं ना ही उसे औरत मानने को तैयार है। महिला की शादी रमेश विश्वकर्मा से 12 साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही आरोपी पति महिला के साथ दारू पीकर मारपीट कर रहा है। बीते 30 मार्च को भी उसने महिला के साथ जमकर मारपीट की और उसे छोड़कर चला गया। उसके बाद आज तक न तो उससे मिलने आया ना अपने बच्चों को देखने आया और ना ही उनका खाना खर्चा भेज रहा है। महिला के पति का कहना है कि वह दूसरी शादी करेगा उसे जो करना कर ले। इसी बात से परेशान होकर महिला ने जहर खा लिया।

प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को मिलेगा अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे: श्रीमती अमरौतीन साहू पीएम आवास योजना की हितग्राही अमरौतीन साहू के अतिथि बने मुख्यमंत्री प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को मिलेगा अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़िया अंदाज में परिवारजनों ने अपने मुखिया का किया स्वागत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने प्रदेशभर का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत सहसपुर में पीएम आवास योजना की लाभार्थी श्रीमती अमरौतीन साहू के घर अतिथि बनकर पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साहित अमरौतीन साहू ने कहा ’’मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे।’’ छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और हर गरीब के पक्के मकान का सपना साकार हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी का जीवन स्तर अच्छा और गरिमापूर्ण हो, इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री ने सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का बड़ा संकल्प लिया है और पूरे प्रदेश में इस पर तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों और बच्चों के साथ बड़ी आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से किया जाए। श्रीमती अमरौतीन साहू ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है।

RIL, टाटा की LIC के 15 लाख करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो में एंट्री, ICICI Bank और आईटी स्टॉक बाहर

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में मार्च तिमाही के दौरान जहां भारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों द्वारा जबरदस्‍त बिकवाली देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कुछ शेयरों में जबरदस्‍त खरीदारी की है. LIC ने मार्च तिमाही के दौरान 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे, जिसे भारतीय बाजार को काफी सहारा मिला है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पोर्टफोलियो में फिलहाल कुल 351 शेयर शामिल हैं. मार्च तिमाही में एलआईसी ने 105 शेयरों में अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ाई, जिनमें 13 नए स्‍टॉक शामिल हैं. वहीं कंपनी ने 86 शेयरों में हिस्‍सेदारी घटाई और 15 कंपनियों से पूरी तरह से या 1 फीसदी से कम हिस्‍सेदारी के कारण उसे अपने लिस्‍ट से हटा दिया है. रिलायंस और हीरोमोटोकॉर्प में बड़ा निवेश भारतीय जीवन बीमा ने हीरो मोटोकॉर्प में सबसे ज्‍यादा निवेश किया है. बीमा कंपनी ने मार्च तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प में 4,968 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए अपनी हिस्‍सेदारी को 5.53 फीसदी से बढ़ाकर 11.84 फीसदी कर दी है. वहीं रिलायंस इंडस्‍ट्रीज में उसने मार्च तिमाही के दौरान 3675 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे कंपनी में उसकी हिस्‍सेदारी 6.52 फीसदी से बढ़कर 6.74 प्रतिशत पर पहुंच गई. इन शेयरों में भी एलआईसी का दांव रिलायंस के अलावा, एलआईसी ने लॉर्सन एंड टुब्रो (L&T) में 2,975 करोड़ रुपये, एशियन पेंट्स में 2,466 करोड़ रुपये, हिंदुस्‍तान यूनिलीवर में 2,361 करोड़ रुपये, मारुति सुजुकी में 1,493 करोड़ रुपये, SBI में 1652 करोड़ रुपये, पतंजलि फूड्स में 1,638 करोड़ रुपये, TATA Motors में 1578 करोड़ रुपये, बजाज ऑटो में 1983 करोड़ रुपये, HCL टेक में 1441 करोड़ रुपये और इंद्रप्रस्‍त गैस में 1333 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा, इसने भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, नेस्‍ले इंडिया, LTI माइंडट्री, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज और आईटीसी में अपनी हिस्‍सेदारी 1000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाई. मार्च तिमाही में कंपनी ने 13 नए शेयरों में भी निवेश किया. इसमें सबसे ज्‍यादा निवेश IRFC में किया गया, जिसमें बीमा कंपनी ने 1815 करोड़ रुपये में 1.05 प्रतिशत हिस्‍सेदारी खरीदी. इसके बाद जिंदल स्‍टेनलेस और KPIT Tech का स्‍थान है, जिनमें उसने करीब 640 करोड़ रुपये और 485 करोड़ रपये का निवेश किया. इन नए शेयरों में भी लगाया दांव बाकी नए शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, JTL इंडस्ट्रीज, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स, क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, एवलॉन टेक्नोलॉजीज, जय कॉर्प, बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग और प्रवेग शामिल हैं. आईटीसी लिमिटेड से अलग होने के बाद बीमा कंपनी को आईटीसी होटल्स के 3,325 करोड़ रुपये के एक्‍स्‍ट्रा शेयर खरीदे हैं. कितना है LIC का कुल पोर्टफोलियो मार्च तिमाही के अंत में LIC का कुल पोर्टफोलियो 15.18 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो पिछली तिमाही के 15.88 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है.  

गृह मंत्रालय ने कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद सुरक्षा प्राप्त कर रहे 19 पूर्व राज्य मंत्रियों की वापस ली सुरक्षा

नई दिल्ली गृह मंत्रालय (एमएचए) ने दिल्ली पुलिस को 19 पूर्व राज्य मंत्रियों (एमओएस) से सुरक्षा वापस लेने का निर्देश दिया है, जो कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद इसे प्राप्त कर रहे हैं. हालांकि, केंद्र ने यह भी निर्देश दिया है कि भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की सुरक्षा छह महीने के लिए बढ़ा दी जाए. दिल्ली पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्रियों और सांसदों की एक सूची के साथ गृह मंत्रालय से संपर्क किया था, जिन्हें अपने कार्यकाल/कार्यकाल पूरा होने के बाद भी सुरक्षा कवर मिला हुआ है. यह पिछले साल दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई द्वारा किए गए ऑडिट के बाद किया गया था. अधिकारी ने कहा, “ऑडिट से पता चला है कि कई वरिष्ठ राजनेता अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा कवर का लाभ उठा रहे थे. कई मामलों में, लंबे समय से सुरक्षा समीक्षा नहीं की गई थी.” ऑडिट के बाद, कई व्यक्तियों के लिए सुरक्षा कवर वापस ले लिया गया. हालांकि, समीक्षा में पाया गया कि कई पूर्व राज्य मंत्रियों को अब पद पर नहीं रहने के बावजूद सुरक्षा मिल रही है. अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोगों की सूची गृह मंत्रालय को भेजी गई है. संचार में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, उनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में पूर्व राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, पूर्व पंचायती राज मंत्री बीरेंद्र सिंह, संचार मंत्रालय में पूर्व राज्य मंत्री देवुसिंह जेसिंगभाई चौहान, जनजातीय मामलों के पूर्व राज्य मंत्री जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोर और विदेश मामलों के पूर्व राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रियों के अलावा गृह मंत्रालय की सूची में कुछ संसद सदस्यों और वरिष्ठ न्यायाधीशों के नाम भी शामिल हैं. हालांकि, कुछ न्यायाधीशों को दी गई सुरक्षा बरकरार रखी गई है. मौजूदा नियमों के तहत, पद या खतरे के आधार पर दी गई सुरक्षा की समीक्षा किसी व्यक्ति के कार्यकाल पूरा होने पर की जाती है. अधिकारी ने कहा, “यह पाया गया कि ये समीक्षाएं लंबे समय से नहीं की गई थीं. मूल्यांकन पूरा करने के बाद, दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में गृह मंत्रालय को अपनी सिफारिशें भेजीं. गृह मंत्रालय की ओर से अंतिम निर्णय कुछ सप्ताह पहले आया.” अधिकारी ने आगे कहा कि नियमों के अनुसार, पूर्व राज्य मंत्रियों के आवास पर अभी भी तीन निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) और चार पुलिसकर्मी तैनात हैं. अधिकारी ने कहा, “पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह और राज्य मंत्री अजय भट्ट के नाम भी गृह मंत्रालय को भेजे गए थे, लेकिन उनकी सुरक्षा बरकरार रखी गई है. इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने स्मृति ईरानी की सुरक्षा को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है.” किसी भी व्यक्ति को दी जाने वाली सुरक्षा का स्तर खुफिया एजेंसियों, जैसे कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (आर एंड एडब्ल्यू) से प्राप्त इनपुट के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया जाता है. कुछ व्यक्ति सरकार में अपने पदों के आधार पर सुरक्षा कवर के हकदार होते हैं.

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