LATEST NEWS

पाकिस्तान के खिलाफ एक और ऐक्शन, सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार ने सिंधु जल संधि रद्द करने का ऐलान कर दिया था। अब इस फैसले को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। पीटीआई के हवाले से खबर मिली है कि सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया है। अब झेलम नदी के ऊपर बने किशन गंगा बांध के माध्यम से ऐसा ही एक और उपाय करने की योजना बनाई जा रही है। जम्मू के रामबन में स्थित बगलिहार बांध और उत्तरी कश्मीर में स्थित किशन गंगा बांध इन नदियों पर भारत को पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में रखते हैं। भारत सरकार इन बांधों के जरिए विद्युत उत्पादन करती है और इसके साथ ही यही बांध भारत को इन नदियों में पानी रोकने और छोड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि बगलीहार बांध भारत और पाकिस्तान के बीच में लंबे समय तक विवाद का कारण रहा है। पाकिस्तान ने इस बांध के निर्माण के समय विश्व बैंक से मध्यस्थता की मांग की थी। इसके अलावा पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी खासकर झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव के कारण आपत्ति है। भारत से पाकिस्तान की तरफ बहनें वाली यह नदियां दोनों देशों की जीवन रेखाएँ मानी जाती हैं क्योंकि इनके मैदानों में रहने वाले लोग खेती के लिए पूरी तरह से इन नदियों पर ही निर्भर हैं। भारत भी शुरुआत से ही इस बात को समझकर पाकिस्तान को ज्यादा मात्रा में ही पानी उपलब्ध करवाता रहा है। सिंधु जल संधि में भी नदियों पर ज्यादा नियंत्रण होने के बाद भी भारत ने पाकिस्तान को पानी देने की बात मानी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के सब्र का बांध टूट गया और सरकार ने सिंधु जल संधि को निरस्त कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से कई नेताओं ने उल्टी-सीधी बयानबाजी करना शुरू कर दिया है। हालांकि भारत की तरफ से किसी नेता ने ऐसा बयान नहीं दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत की तरफ से तीखी और कूटनीतिक स्ट्राइक ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया। पूरा पाकिस्तान इस खौफ में है कि भारत कभी भी हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने पिछले महीने ही घोषणा कर दी थी कि पहलगाम में निर्दोष लोगों का नरसंहार करने वाले आतंकवादियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।

शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत करने का किया एलान

नई दिल्ली ज्‍योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत करने का एलान किया है। शंकराचार्य ने कहा कि आज से राहुल गांधी को हिंदू धर्म का न माना जाए। दरअसल, राहुल गांधी ने संसद में मनुस्‍मृति को लेकर बयान दिया था। इस पर शंकराचार्य ने राहुल गांधी से स्‍पष्‍टीकरण मांगा था। इस संबंध में उन्‍हें पत्र भी भेजा गया था लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी राहुल गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने उन्‍हें हिंदू धर्म से ब‍हिष्‍कृत करने की सार्वजनिक घोषणा की है। उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में हिंदू धर्म का अपमान किया है। उन्‍होंने कहा है कि आपकी मनुस्‍मृति को मैं नहीं मानता। मैं संविधान को मानता हूं। जबकि वास्‍तविकता यह है कि हर हिंदू और सनातन धर्मी मनुस्‍मृति से संबंधित है। शंकराचार्य ने बताया कि उन्‍हें रिमाइंडर भी भेजा गया था। अब तीन महीने बीत गए हैं। बहुत से लोग यह भी कह रहे हैं कि उन्‍हें हिंदू धर्म से क्‍या बहिष्‍कृत करेंगे, वह तो हिंदू हैं ही नहीं। तीन महीने की अवधि में उन्‍होंने अपनी ओर से इस बारे में स्थिति स्‍पष्‍ट करने के लिए कुछ भी नहीं किया। तब हम लोगों ने यह निष्‍कर्ष निकाला कि राहुल गांधी मनुस्‍मृति में अश्रद्धा रखते हैं। वह मनुस्‍मृति के बारे में संसद में खड़े होकर गलतबयानी कर रहे हैं। जबकि मनुस्‍मृति में बलात्‍कारी को संरक्षित करने की बात नहीं लिखी है। यह बात आप मनु स्‍मृति को बदमान करने के लिए कह रहे हैं। हर हिंदू चाहे वाहे सहमत हो या नहीं हो वो मनु स्‍मृति को अपना धर्मग्रंथ तो मानता ही है। आप मनु स्‍मृति को अपना ग्रंथ नहीं कह रह रहे हो इसका मतलब आप हिंदू नहीं हो। शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कहा कि तय हो गया है कि राहुल गांधी हिंदू धर्म के विरुद्ध काम कर रहे हैं। जनता के सामने यह स्‍पष्‍ट किया जाता है कि संभवत: वह हिंदू नहीं हैं। इसलिए आज से उन्‍हें हिंदू न माना जाए। हिंदू पुरोहित पंडित हिंदू विधि से उनकी पूजा न कराएं। हिंदू मंदिरों में उनके प्रवेश को प्रतिबंध‍ित किया जाए। सभी हिंदू सनातनी धार्मिक कार्यों से उनको वंचित किया जाए। शंकराचार्य ने कहा कि तीन महीने का समय बीतने पर भी राहुल गांधी ने अपने वक्‍तव्‍य के बारे में न तो क्षमा मांगी और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया, इसलिए राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की सार्वजनिक घोषणा करते हैं और उन्हें हिन्दू न मानने की घोषणा करते हैं, कोई भी उनकी पूजा न कराए। शंकराचार्य ने कहा कि सभी धर्मों में, यहां तक कि कानून में भी जो अपराधी होता है उसको किसी क्षेत्र विशेष से बाहर करने का नियम है। अपने उसी अधिकार का प्रयोग करते हुए धर्म रक्षा की दृष्टि से राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत किया जाता है।

पीएम मोदी के दौरे के आसपास श्रीनगर में हो सकता था हमला, आतंकियों की थी नजर, क्यों बदलना पड़ गया प्लान?

नई दिल्ली पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। वहीं पाकिस्तान का आतंकी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया। कश्मीर में चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती और हाई लेवल इंटेलिजेंस के बावजूद आतंकियों ने 26 मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य एजेंसियों ने स्थानीय सुरक्षाअधिकारियों को आतंकी हमले को लेकर पहले ही अलर्ट किया था। मामले के जानकार लोगों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने बताया था कि 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के आसपास श्रीनगर में हमला हो सकता है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आसपास के पर्यटन स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसमें दाचीगाम नेशनल पार्ट भी शामिल था। इसकी दूरी श्रीनगर से करीब 22 किलोमीटर है। हालांकि बाद में खराब मौसम की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा कैंसल हो गया। इसके बाद ही 22 अप्रैल को श्रीनगर से मात्र 90 किलोमीटर दूर आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। उन्होंने धार्मिक पहचान पूछने के बाद लोगों की हत्या कर दी। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, खुफिया जानकारियों के बाद लोकेशन का पता लगाना सबसे कठिन काम होता है। आर्मी और सिविलियन सिक्योरिटी अधिकारियों को अलर्ट किया गया था। वहीं यह बात भी बताई गई थी कि आतंकी पर्यटकों को निशआना बना सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि श्रीनगर के आसपास पर्यटन स्थल पर आतंकी हमला कर सकते हैं। खुफिया जानकारी के बाद डीजीपी नलिन प्रभात चार दिनों तक श्रीनगर में ही रुके रहे। वह श्रीनगर के आसपास के इलाकों की पूरी खबर ले रहे थे। 22 अप्रैल को प्रभात जम्मू पहुंचे ही थे कि उधर पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी खुफिया रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया था कि पहलगाम में आतंकी हमला कर सकते हैं। यह बात स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा कैंसल होने के बाद आतंकी दूसरे मौके की तलाश में थे। वे लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना चाहते थे। पहलगाम का बैसरन पर्यटकों के लिए हमेशा ही खुला रहता है। यह केवल अमरनाथ यात्रा के दौरान बंद किया जाता था। हालांकि किसी इनपुट में बैसरन को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई और ना ही आशंका जताई गई। एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों में एक स्थानीय शख्स भी था जो कि पर्यटकों को लेकर एक तरफ गया। इसके बाद विदेशी आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की। इस स्थान की एंट्री एक ही जगह से थी। वहीं टिकट के जरिए एंट्री दी जाती थी। इस बात का पूरा अंदेशा था कि इस इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद भी स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों से चूक हूई। 

देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण, जल गंगा संवर्धन अभियान हुआ लोकव्यापी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये समाज के सहयोग से उपलब्ध जल संरचनाओं जैसे तालाब, पुराने कुंआ, और नदियों में श्रमदान के द्वारा स्वच्छता कार्य किये जा रहे हैं। झाबुआ में मंत्री सुश्री भूरिया ने किया उदयपुरिया तालाब के जीर्णोद्धार का शुभारंभ झाबुआ का उदयपुरिया तालाब का निर्माण वर्ष 1987 हुआ था। इसकी ऊंचाई 10 मी एवं क्षमता 0.29 एमसीएम है। इस तालाब से वर्तमान में लगभग 45 हैक्क्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उद‌यपुरिया तालाब के गहरीकरण एवं कैचमेण्ट क्षेत्र की साफ-सफाई के काम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जोर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में यह हमारा दायित्व है कि प्रकृति संरक्षण के सामुदायिक प्रयास किये जाएं। जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में शासन-प्रशासन के साथ जन‌भागीदारी आवश्य‌क है। कलेक्टर नेहा मीणा ने बताया कि विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये गये कार्यों से जिले में सिंचाई के लिये पानी की उपलब्धता बनी रही, जिससे इस वर्ष गेहूँ का रकबा 86 हजार हेक्टेयर से 1.04 लाख हैक्टेयर से अधिक हो गया। देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण देवास जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास के नामनपुर गांव में जनसहयोग से तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। गहरीकरण से बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा, जिससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान जन अभियान बन रहा है। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। इनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। देवास के सिरोंज गांव में क्षिप्रा नदी और घाटों की सफाई की जा रही है। अभियान के लिए श्रमदान कर रहे ग्रामीणों ने क्षिप्रा नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया। बुरहानपुर में पीपलपानी के देवल बैराज से निकाली गई गाद जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम पीपलपानी के देवल बैराज से गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है। जन सहयोग से हो बैराज के गहरीकरण से आने-वाले दिनों में क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बुरहानपुर के देवल बैराज का निर्माण वर्ष 2020 में किया गया। इसकी कुल जल ग्रहण क्षमता 2.70 एमसीएस है और  इससे 190 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। बैराज से गाद की सफाई हो जाने पर उसमें वर्षा के जल का भराव होगा और इससे क्षेत्र में भूजल समृद्धि आयेगी। अलीराजपुर में बन रहे अमृत सरोवर, मंत्री श्री चौहान ने किया भूमि-पूजन जिले के कट्ठीवाड़ा जनपद के ग्राम अकोला में 22 लाख 67 हजार रुपये से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने किया।  मंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संचालित ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत अकोला में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 18 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत 840 खेत तालाबों का निर्माण एवं प्राचीन कुओं बावड़ियों और जलाशयों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इससे हमारे क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार होगा और पानी से संबंधित समस्याओं से निजात मिलेगी। खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। जबलपुर में प्राचीन गढ़ा बावड़ी का हो रहा पुनरुद्धार जबलपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से समाज को इन कामों में जोड़ा जा रहा है। जन सहयोग से पानी सहेजने के लिए नदियों में बोरी बंधान और हैंडपंपों के पास सोक-पिट्स का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्था और रचना बाल कल्याण समिति के संयोजन से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद निर्देशन में गढ़ा बावली के पुनरुद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु पहुंचे, आज भक्तों को देंगे दर्शन, खुलेंगे भगवान बद्रीनाथ के पट

नई दिल्ली भगवान बद्रीनाथ के पट आज खुलेंगे। भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु एक दिन पहले ही वहां पहुंच गए हैं। कहते हैं कि 6 माह के बाद भी पट खुलने के बाद भी एक ज्योति जलती रहती है। बता दें कि बद्रीनाथ जहां भगवान विष्णु विराजमान हैं, जहां दर्शन भर से व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। ब्रदीनाथ ही वह स्थान है जहां दर्शन करने से व्यक्ति जन्म मरण के चक्र से मुक्ति पा सकता है। बद्रीनाथ चार प्रमुख धाम में से एक है। बद्रीनाथ को लेकर कहावत भी है कि “जो जाए बद्री, वो न आए ओदरी”, इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है। भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे भगवान विष्णु के नहीं बल्कि मां लक्ष्मी के नाम पर पड़ा है। मान्यताओं और कथाओं के अनुसार, एक बाद भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे अधिक बर्फबारी होने के कारण वह बर्फ से पूरी तरह ढक चुके थे। उनकी यह दशा देखकर मां लक्ष्मी का हृदय द्रवित हो उठा वह बहुत परेशान हो गई। फिर माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के पास जाकर एक बेर वृक्ष का रूप ले लिया( जिसका नाम बदरी था) और सारी बर्फ उस वृक्ष के ऊपर गिरे लगी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर है भगवान विष्णु की प्रतिमा मंदिर से गायब हो गई थी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर यानी 3।3 फीट है। जब हिंदू और बौद्ध धर्म में संघर्ष चल रहा था इस समय मूर्ति की रक्षा के लिए इसे मंदिर के समीप स्थित नारद कुंड में छिपा दिया गया था। इसके बाद 8वीं सदी में शंकराचार्य को नारद कुंड से मूर्ति प्राप्त हुई थी। उन्होंने इसे एक गुफा में स्थापित कर दिया लेकिन, कहा जाता है कि वहां से फिर मूर्ति अचानक गायब हो गई थी। कलियुग में बद्रीनाथ की महिमा पुराण की मानें तो जल प्रलय और सूखा पड़ने के बाद गंगा लुप्त हो जाएगी। इसके बाद बद्रीनाथ के दर्शन नहीं हो पाएंगे। कहते तो ये भी हैं कि इस दिन नर नारायण पर्वत भी आपस में मिल जाएंगे तब बद्रीनाथ जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यह भी कहते हैं कि सिर्फ बद्रीनाथ ही नहीं केदारनाथ मंदिर भी पूरी तरह से लुप्त हो जाएगा। इसके बाद कई वर्षों बाद भविष्य बद्री नाम का नया तीर्थस्थल स्थापित होगा। जहां भक्त जन पूजा कर पाएंगे।

NIA को मिला अहम सुराग हमले के समय पहलगाम में प्रतिबंधित हुवावे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब NIA कर रही है। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। हमले के समय पहलगाम इलाके में एक प्रतिबंधित हुवावे (Huawei) सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था। हुवावे एक चीनी कंपनी है। इस पर भारत में रोक है। शक है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से तस्करी करके लाया गया था। चीनी टेलीकॉम कंपनी पर है रोक दरअसल भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनियां हुवावे और ZTE (झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट) को 5G नेटवर्क के लिए उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। हालांकि इन पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है। लेकिन भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने हुवावे और ZTE को 5G रोलआउट से बाहर कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां भारत सरकार की ओर से तय किए गए ‘विश्वसनीय स्रोत’ की शर्त को पूरा नहीं करती हैं। सुरक्षा कारणों से भारतीय टेलीकॉम कंपनियां यूरोपीय उपकरण इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं। अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई 2022 में अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। FBI और MI5 के प्रमुखों ने आरोप लगाया था कि चीन आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, जो कनाडा के साथ फाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन के सदस्य हैं, उन्होंने भी हुवावे को अपने 5G नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है। पहलगाम अटैक की एनआईए कर रही हर एंगल से जांच पहलगाम हमला हाल के समय में कश्मीर में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है। इसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। एनआईए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें सैटेलाइट फोन को ट्रैक करना भी शामिल है। इसके लिए पश्चिमी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने क्या दी है चेतावनी? TRF ने कहा है कि 85,000 से ज्यादा डोमिसाइल गैर-स्थानीय लोगों को जारी किए गए हैं। इससे भारतीय कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IOJK) में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का रास्ता खुल गया है। ये गैर-स्थानीय लोग पर्यटक बनकर आते हैं। डोमिसाइल प्राप्त करते हैं और फिर ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वे जमीन के मालिक हों। नतीजतन हिंसा उन लोगों के खिलाफ निर्देशित की जाएगी जो अवैध रूप से बसने की कोशिश कर रहे हैं। TRF का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है, इसलिए वे हिंसा करेंगे। तीन संदिग्धों के स्केच जारी चश्मदीदों ने बताया है कि हमले में पांच से ज्यादा हमलावर शामिल थे। NIA इन बयानों की जांच कर रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। NIA की टीमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुराग ढूंढ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स भी जांच के दायरे में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे और प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। NIA ने कहा है कि वह आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीमें हमले की जगह पर सबूत ढूंढ रही हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी एनआईए NIA ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए इस मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी।

साबरकांठा में भीषण सड़क हादसा, जीप, बस और बाइक की जबरदस्त टक्कर, 6 लोगों की मौत

साबरकांठा गुजरात के साबरकांठा में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में एक बच्ची समेत छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, दुर्घटना में 9 लोग घायल हो गए। दरअसल, राज्य परिवहन बस, जीप और एक मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना हिंगटिया गांव के पास गटी। पुलिस ने जानकारी दी कि मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे। मारे जाने वाले ज्यादातर लोग जीप में सवार थे। टक्कर के बाद जीप के परखच्चे उड़ गए। घायलों का जिला मुख्यालय हिम्मतनगर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने आगे बताया कि मृतकों में से अधिकांश साबरकांठा जिले के पुरुष थे।

विधायक अर्चना चिटनिस पंचायत भवन में गंदगी देख भड़कीं, उन्होंने खुद पूरे भवन में झाड़ू और पोंछा लगाया

बुरहानपुर शनिवार को बोरसल पंचायत में बैठक लेने पहुंचीं भाजपा विधायक अर्चना चिटनिस भवन में पसरी गंदगी देखकर भड़क गईं। उन्होंने खुद पूरे भवन में झाड़ू और पोंछा लगाया। इसके बाद बैठक ली। उन्होंने पंचायत सचिव व अन्य कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। लापरवाही करने वालों को चेतावनी दी है, दोबारा पंचायत भवन साफ सुथरा मिलना चाहिए। पंचायत कार्यालय में गंदगी के ढेर देखकर चिटनिस ने सवाल किया कि सफाई कब से नहीं की गई है।     दरअसल विधायक अर्चना चिटनिस शनिवार को जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों व संरचनाओं के संरक्षण, जीर्णोद्धार और जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्याें का निरीक्षण करने पहुंची थीं।     इस दौरान उनका अधिकारियों के साथ ग्राम बोरसल प्रवास हुआ था। विधायक को झाड़ू पोंछा करते देख कुछ देर के लिए अधिकारी, कर्मचारी भी हतप्रभ रह गए थे।     बाद में उन्होंने शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, जनपद सदस्य देवानंद पाटिल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्गेश भूमरकर, उप सरपंच विनोद शिंदे, नगीन जायसवाल, मोहन पाटिल आदि की उपस्थिति में जल संरक्षण की समीक्षा बैठक ली।  

भारत के CRPF जवान को पाकिस्तानी महिला से शादी करना पड़ा भारी, नौकरी से बर्खास्त

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। मुनीर अहमद का यह काम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाया गया। जवान की आखिरी तैनाती देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में थी। आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई’ को बताया कि उसे उन नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिसके तहत जांच की जरूरत नहीं होती। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा, “मुनीर अहमद को पाकिस्तानी नागरिक से अपनी शादी को छिपाने और जानबूझकर उसके वीजा की वैधता से परे उसे शरण देने के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।” पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए कूटनीतिक उपायों के तहत भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहने के बाद अहमद की मीनल खान के साथ शादी का पता चला था। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। दोनों ने पिछले साल 24 मई को एक वीडियो कॉल के जरिए शादी की थी। सीआरपीएफ की जांच में पाया गया कि जवान ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शादी और उसके भारत में रहने की सूचना नहीं दी थी। आतंकी हमले के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने अल्पकालिक वीजा वाले पाकिस्तानी नागरिकों के साथ-साथ भारत में इस्लामाबाद के शीर्ष सैन्य अधिकारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। अन्य ऐक्शन में सैन्य राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित करना, अटारी-वाघा सीमा को बंद करना, सिंधु जल संधि को रोकना, पाकिस्तानी जहाजों को भारत में प्रवेश करने से रोकना और सभी पाकिस्तानी आयातों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने बैठक में साइबर सिक्योरिटी के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया

जयपुर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की अध्यक्षता में योजना भवन में शनिवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में साइबर सिक्योरिटी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में तकनीकी उन्नति, मानव संसाधन और प्रक्रियाओं के विकास पर चर्चा की गई। पीपल, प्रोसेस, टेक्नोलॉजी का त्रि-आयामी दृष्टिकोण आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने बैठक में साइबर सिक्योरिटी के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी केवल सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए तीन प्रमुख तत्वों—पीपल (लोग), प्रोसेस (प्रक्रियाएं) और टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) का समन्वय जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल तकनीक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना होगा ताकि विदेशी निर्भरता कम हो। प्रशिक्षित कार्मिक: साइबर सिक्योरिटी की रीढ़ कर्नल राठौड़ ने बैठक में मानव संसाधन के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए संरचित और असंरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर दिन प्रशिक्षण, जागरूकता का विस्तार और ग्रूमिंग होनी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किए जाएंगे, जिससे सर्टिफाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता को और निखारा जा सके। इससे न केवल कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि उनकी पेशेवर मूल्यवृद्धि भी होगी। साथ ही कार्य संस्कृति में सुधार होगा, जो दीर्घकालिक रूप से विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। राजस्थान का विजन: देश में सर्वश्रेष्ठ होगा आईटी विभाग आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को देश का सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत, मजबूत भारत है। हम नई सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का आईटी विभाग राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बने। इस दिशा में विभाग ने एक निश्चित समयावधि में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना बनाई है। कर्नल राठौड़ ने भामाशाह डेटा सेंटर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वर्तमान में देश के अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और उन्नत है। यह डेटा सेंटर न केवल तकनीकी रूप से सक्षम है, बल्कि साइबर खतरों से डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बैठक में प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल निधीश भटनागर ने साइबर सिक्योरिटी के संबंध में प्रजेंटेशन के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी हर दिन चालाक बनते जा रहे हैं। ऐसे में आईटी प्रोफेशन से जुड़े हर व्यक्ति को भी हर दिन अपडेट और सतर्क रहने की आवश्यकता है। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ ही, ऊर्जा, जयपुर विकास प्राधिकरण, सहकारिता, भूजल संसाधन, परिवहन, आबकारी विभागों के अलावा आरजीएचएस और आईएफएमएस परियोजना आदि से जुड़े विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।

भारतीय महिला हॉकी टीम जोरदार संघर्ष करते हुए ऑस्ट्रेलिया से 2-3 से हारी

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम ने शनिवार को पर्थ हॉकी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया दौरे के अपने चौथे मैच में जोरदार संघर्ष किया, लेकिन अंततः ऑस्ट्रेलिया से 2-3 से हार गई।भारत के लिए नवनीत कौर (35′) और लालरेमसियामी (59′) ने गोल किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने ग्रेस स्टीवर्ट (2′), जेड स्मिथ (36′) और ग्रेटा हेस (42′) के गोल की बदौलत करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। पहले क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया ने पहला गोल करके 1-0 की बढ़त हासिल की। ​​दूसरे मिनट में ही सफलता मिल गई, जब ग्रेस स्टीवर्ट ने गोल किया। भारत ने क्वार्टर के बाकी बचे समय में स्कोर बराबर करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका। दूसरे क्वार्टर में भारत ने शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर का सफलतापूर्वक बचाव किया और इस अवधि के अंत में एक और सेट-पीस खतरे का सामना किया, जिससे हाफटाइम तक अंतर एक गोल तक सीमित रहा। भारत ने तीसरे क्वार्टर में मुकाबले में वापसी की, जब नवनीत ने 35वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को सफलतापूर्वक गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। यह राहत कुछ समय के लिए ही रही, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने तुरंत जवाब दिया और 36वें मिनट में जेड स्मिथ के फील्ड गोल ने उन्हें बढ़त दिला दी। ऑस्ट्रेलिया ने दो और पेनल्टी कॉर्नर जीते, इससे पहले ग्रेटा हेस के 42वें मिनट के गोल ने उनकी बढ़त को फिर से बढ़ाया। भारत ने अंतिम क्वार्टर में अंतर कम किया, जब लालरेमसियामी ने खेल के अंत में गोल किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय आक्रमण को रोककर जीत हासिल की। कप्तान सलीमा टेटे और उप-कप्तान नवनीत कौर की अगुआई वाली भारत की 26 सदस्यीय टीम ने अब तक दो बार ऑस्ट्रेलियाई सीनियर टीम के साथ खेला है, और जोशीले प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें पर्थ में मेजबान टीम से हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई सीनियर टीम के खिलाफ मैच से पहले भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ भी दो दोस्ताना मैच खेले, लेकिन दृढ़ निश्चयी प्रदर्शन के बावजूद जीत दर्ज नहीं कर पाई। अगले साल होने वाले विश्व कप और इस साल के अंत में यूरोप में होने वाले एफआईएच हॉकी प्रो लीग पर नजर रखते हुए भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर नए संयोजन और रणनीतियां आजमा रही है। हालांकि भारत ने अभी तक दौरे पर जीत दर्ज नहीं की है, लेकिन रविवार को होने वाला अंतिम मैच इस कमी को पूरा करने का एक बड़ा मौका है।

ऑस्ट्रेलिया चुनाव में गरीब मां के बेटे एंथनी अल्बनीज का कमाल, दूसरी बार बने ऑस्ट्रेलिया के पीएम

कैनबरा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ 21 वर्षों में लगातार दो बार तीन साल का कार्यकाल जीतने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। विपक्षी नेता पीटर डटन अपनी संसदीय सीट से हार गए हैं। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में अल्बनीज ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जीत के बाद पोस्ट किया है। ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विपक्षी नेता पीटर डटन के बीच टक्कर थी। एंथनी अल्बनीज की जीत के बाद पीटर डटन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। डटन ने अल्बनीज को फोन पर बधाई दी। जीत के बाद अल्बनीज ने कहा कि ये उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने निष्पक्षता, आकांक्षा और अवसर के लिए वोट दिया है। अल्बनीज ने कहा कि वह कल से ही अपने काम पर जुट जाएंगे। गरीब परिवार से निकलकर चमके लेबर पार्टी के नेता अल्बनीज खुद को एक आधुनिक नेता के रूप में पेश करते हैं। उन्होंने हालिया वर्षों में ऑस्ट्रेलिया राजनीति में स्थिरता लाने की कोशिश की है। दरअसल साल 2007 में हावर्ड के बाद ऑस्ट्रेलिया में छह प्रधानमंत्री बदले हैं। ऐसे में अल्बनीज का लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल करना और खास हो जाता है। अल्बनीज ने ना सिर्फ अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया बल्कि दूसरे टर्म के लिए चुनाव भी जीता है। एंथनी अल्बनीज बीते 30 सालों से सांसद हैं और साल 2022 से ऑस्ट्रलिया के प्रधानमंत्री हैं लेकिन यह जीत उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन में बड़ी उपलब्धि है। इसकी एक वजह ये है कि वह बेहद साधारण परिवार से आते हैं। सिडनी में एंथनी को उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर पाला पोसा है। उनकी मां पेंशन पर निर्भर थीं और वे सरकारी घर में रहते थे। गरीबी में पले एंथनी आज वह ऑस्ट्रेलिया की राजनीति के सबसे अहम चेहरे हैं। अल्बनीज ने चुनाव प्रचार के दौरान भी कई दफा ये कहा कि वह गरीबी और संघर्ष को समझते हैं।

आज तहव्वुर राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए, NIA की पूछताछ जारी

मुंबई 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। तहव्वुर राणा को कानूनी सहायता में मदद देने वाले वकील पीयूष सक्सेना ने इस बारे में अधिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल के अदालती आदेश का पूरी तरह पालन किया, जिसमें उन्हें अपनी आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल जमा करने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों अदालत ने एनआईए को राणा के आवाज और हस्तलेखन के नमूने एकत्र करने की इजाजत दी थी। विशेष एनआईए जज चंदर जीत सिंह ने 28 अप्रैल को राणा की हिरासत को 12 दिनों के लिए बढ़ाया था, उन्होंने 30 अप्रैल को एनआईए की ओर से दायर आवेदन पर यह आदेश पारित किया। 26/11 आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड मुंबई के ताज होटल सहित कई ठिकानों पर 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों ने विश्व भर में लोगों को दहला दिया था, जिसमें विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे। राण इन हमलों का एक मुख्य आरोपी है। अमेरिका के साथ प्रत्यपर्ण समझौते के अंतर्गत वहां से 10 अप्रैल को भारत लाया गया। तब से वह एनआईए की हिरासत में है। तहव्वुर पाकिस्तानी मूल और कनाडा का नागरिक है। उस पर 26/11 हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए मुंबई में हमले की जगहों की रेकी करने का आरोप है। आरोप है कि वह अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ हमले की साजिश में शामिल था।

मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के दुधाखेडा में 400 करोड़ रुपए से अधिक लागत के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्र की आस्था के केंद्र दुधाखेड़ी माता मंदिर परिसर को देवी लोक के रूप में भव्य रूप से विकसित किया जाएगा। इसके विकास कार्यों और सौन्दर्यीकरण के लिए प्रत्येक कार्य होगा मुख्यमंत्री ने दुधाखेड़ी माता मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना तथा दर्शन किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराना हमारी सरकार का संकल्प है। इसके लिए प्रदेश में विशाल पैमाने पर औद्योगिकरण तथा सिंचाई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मंदसौर जिले के ग्राम दुधाखेड़ी में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहाँ 400 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक विकास हो रहा है। यह क्षेत्र अब देश में चहूंओर से जुड़ रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे तथा अन्य मार्गों के निर्माण से गरोठ भानपुरा क्षेत्र देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ रहा है। उज्जैन-गरोठ मार्ग निर्माण से हमारी सरकार ने उज्जैन से इस क्षेत्र के हजारों साल पुराने संबंध को और पक्का करने का कार्य किया है। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहे हैं क्षेत्र में अब चीते दौड़ते हुए दिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है। यहां पर भानपुरा शंकराचार्य जी की पीठ स्थापित है मुख्यमंत्री द्वारा शंकराचार्य श्री सत्यमित्रानंद जी महाराज के कार्यों का जिक्र करते हुए धर्म तथा राष्ट्र के लिए विभिन्न शंकराचार्य के कार्यों तथा भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। गीता भवन बनाये जा रहे हैं। गरोठ भानपुरा में भी गीता भवन बनाया जाएंगे। कामधेनु योजना से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे निरंतर इस क्षेत्र में आते रहेंगे तथा विकास की सौगात मिलती रहेगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहां कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व रूप से सिंचाई क्षमता वृद्धि में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के 50 लाख हैक्टेयर भूमि के रकबे में सिंचाई उपलब्ध करा दी गई है। आगामी 2 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर तथा 5 वर्षों में प्रदेश का 100 लाख हैकटेयर रकबा सिंचित कर दिया जाएगा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो के सपने को साकार करने की दिशा मे हमारी सरकार द्वारा काम किया जा रहा है। इस दिशा में पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका लाभ पूरे मालवा क्षेत्र को मिलेगा। इस परियोजना से प्रदेश का 6 लाख हेक्टर से अधिक रकबा सिंचित हो सकेगा। शत प्रतिशत सिंचित रकबे के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोकार्पित की गई। शामगढ़-सुवासरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना, ताखा जी सिंचाई परियोजनाओ के साथ ही अन्य परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना भी शामिल है। सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन-गरोठ मार्ग का निर्माण कराकर ऐतिहासिक कार्य किया गया है। प्रदेश शासन द्वारा गांधी सागर, नीमच जावद तथा मल्हारगढ़ आदि परियोजनाओं के निर्माण से सिंचाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास की ओर आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास किया जा रहा है। गांधी सागर क्षेत्र में चीता छोड़ने से लेकर हिंगलाजगढ़ माता मंदिर जैसे स्थान पर्यटन के नक्शे में सम्मिलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दुधाखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में 223 करोड़ 26 लाख रुपए लागत से निर्मित शामगढ़-सुवासरा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना विस्तारीकरण, 60 करोड़ 3 लाख रुपए लागत की ताखाजी सूक्ष्म मध्यम सिंचाई परियोजना, 2 करोड़ 48 लाख रुपए लागत से शामगढ़ बोलिया मार्ग कंधारी नदी पर पुल निर्माण तथा 7 करोड़ 71 लाख रुपए लागत से निर्मित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन गरोठ तथा तहसील कार्यालय भवन निर्माण का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 102 करोड़ 64 लाख रुपए लागत के गरोठ बोलिया मार्ग टू-लेन निर्माण और 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाला गरोठ शामगढ़ मार्ग से दादावाड़ी से हिंगोरिया मार्ग का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से आमसभा में उपस्थित नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा वृहद पुष्प हार से आत्मीय अभिनंदन किया गया। दुधाखेड़ी माता मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गांधी सागर डैम का छायाचित्र भेंट किया।  

हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा: फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की बात कर रहा है। इसी बीच, जेकेएनसी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा। बहुत हो गया, आखिर कब तक छाती पीटते रहेंगे?” उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है और सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, यह प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं। महबूबा मुफ्ती के एक बयान पर जब फारूक अब्दुल्ला से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उनका निशाना प्रधानमंत्री पर होता है। मैं ऐसी कोई बात नहीं करूंगा। आज पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है और उम्मीद है कि वह ऐसा कदम उठाएंगे जिससे आतंकवाद का अंत हो सके।” पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “उनसे कहिए कि थोड़ा इंतजार करें, सब्र रखने में ही सब कुछ होगा। इससे ही सब कुछ ठीक होगा।” दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए फिर से सबूत मांगा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में “कहां हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक?” उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई। हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार को इंसाफ चाहिए। बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet