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अब श्रद्धालु घर बैठे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का कर सकेंगे अभिषेक और पूजन

खंडवा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन-पूजन के लिए प्रोटोकाल का नया सिस्टम लागू होगा। विशेष दर्शन करवाने के लिए वालेंटियर का नाम, नंबर की जानकारी मिलेगी। मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट में अन्य सेवाएं और सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। घर बैठे भी ऑनलाइन दर्शन और अभिषेक की सुविधा मिलेगी। निर्धारित शुल्क जमा कर श्रद्धालु घर में स्क्रीन पर अभिषेक भी देख सकेंगे। ओंकारेश्वर में सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और मंदिर में आम तथा खास दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा मंथन किया जा रहा है। मंगलवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अधिकारियों के साथ तीर्थनगरी और मंदिर का दौरा किया। इस दौरान विभिन्न कार्यों के लिए जमीन की उपलब्धता, जगह का चयन, भीड़ नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा पर चर्चा की गई। नगर परिषद से तीर्थनगरी में स्वच्छता के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनेगी। विशेष दर्शन के लिए मिलेगा पास मंदिर में वीआईपी दर्शन की आड़ में कतिपय पंडित और दलाल श्रद्धालुओं से अवैध वसूली और विवादों को देखते हुए इसे पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने पर चर्चा की गई। अब विशेष दर्शन के लिए अलग से पास या रिस्ट बेल्ट कलर अनुसार दिए जाएंगे। इससे टिकट लेकर दर्शन करने वालों की अलग पहचान हो सकेगी। वहीं, प्रोटोकाल के तहत दर्शन करवाने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की सेवा को और विस्तारित किया जाएगा। घाटों पर बनेगें पुलिस सहायता केंद्र ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान हादसे रोकने के लिए आवश्यक चेतावनी के बोर्ड की संख्या बढ़ाने के साथ ही हर घाट पर पुलिस सहायता केंद्र बनाया जाएगा। रैंप को बनाया जाएगा सुविधाजनक ओंकारेश्वर मंदिर के समक्ष रैंप निर्माण हुआ था लेकिन इसका लाभ श्रद्धालुओं को नहीं मिल पा रहा है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए इसे मंदिर के प्रत्येक मंजिल से जोड़ा जाएगा। पांच दिन में होगा नए इंजन का ट्रायल नर्मदा में प्रदूषण रोकने के लिए नावों में डीजल इंजन की जगह बैटरी व सोलर वाले इंजन का ट्रायल चल रहा है। सामने आई दिक्कतों को दूर कर स्थानीय जरूरत के अनुसार इंजन तैयार करवाया जा रहा है। इसका दूसरा ट्रायल चार-पांच दिन में हो जाएगा। इसके बाद डीजल इंजन को प्रतिबंधित किया जाएगा। पालीथिन और सिंगल यूज आयटम पर प्रतिबंध को लेकर व्यवसायियों से भी चर्चा की गई। वेबसाइट का विस्तार किया जाएगा     श्रद्धालुओं को आनलाइन सेवाएं मिल सकें, इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट का विस्तार किया जाएगा। सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित कार्यो की समीक्षा और इन्हें समय-सीमा में पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाई है। – ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा।  

नाशिक के अवैध दरगाह पर चला बुलडोजर

नाशिक  नाशिक के अवैध दरगाह पर बुलडोजर चल गया है। आज सुबह-सुबह प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर दरदगाह के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन ने काफी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। इस दौरान दरगाह की तरफ जाने वाली सड़कों को सील कर दिया गया था। दरगाह के आसपास तीनों तरफ के सड़क पर पुलिस तैनात की गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति या गाड़ी को अंदर आने नहीं दिया गया। पुलिस वैन लगाकर सड़क को बैरिकेड किया गया। दरगाह कमेटी का कहना है कि पीर बाबा की यह दरगाह 350 साल पुरानी है। वहीं सकल हिंदू समाज ने इसे ध्वस्त कर यहां हनुमान मंदिर बनाए जाने की मांग की है। बता दें कि महाराष्ट्र के नासिक में अवैध दरगाह निर्माण हटाने को लेकर मंगलवार की रात इसको लेकर बवाल हो गया था। शहर के काटे गली इलाके में रात के समय पथराव की घटना हुई थी। इसमें 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 57 संदिग्ध बाइकों जब्त की गई हैं। पुलिस ने 15 लोगों को अरेस्ट किया है। बताया जाता है कि दरगाह को लेकर फैली अफवाह के चलते भीड़ भड़क गई, जिसके बाद बिजली कट होने का फायदा उठाकर भीड़ ने पथराव कर दिया। जिस वक्त बवाल हुआ तब भीड़ की संख्या 400 से ज्यादा थी और रात में 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का उपयोग किया. जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। बताया जा रहा है कि नगर निगम के नोटिस के बाद एक टीम दरगाह पर हुए अवैध निर्माण को हटाने पहुंची थी। इसी बीच अफवाह फैल गई कि दरगाह की ढहाया जा रहा है। इसी पर भीड़ उग्र हो गई और पथराव कर दिया। भीड़ द्वारा की गई पथराव की घटना में 2 सहायक पुलिस आयुक्त समेत 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव करने वाली भीड़ में से 15 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। क्या है पूरा मामला ? नगर निगम ने नाशिक के काठे गली सिग्नल क्षेत्र में सातपीर दरगाह को नोटिस जारी किया था। निगम ने 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई की बात कही थी। नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सातपीर दरगाह अनधिकृत है। निगम की ओर से दरगाह की दीवार पर यह नोटिस लगा दिया गया था। इसके बाद भी मुस्लिम पत्र मानने को राजी नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका सातपीर दरगाह ट्रस्ट की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह दरगाह अनधिकृत है। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर सभी अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे।

कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत

रायपुर : कौशल विकास ही स्थायी रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है, अब हमारा लक्ष्य है – लोगों को सम्मानजनक आजीविका देना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को दिया जा चुका है कौशल प्रशिक्षण आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है , 62 अन्य है प्रशिक्षणरत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर कार्यक्रम में बस्तर में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार की दूरदृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जब हम सांसद थे, तब देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ – और आज यह विभाग देश के युवाओं के भविष्य निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में चल रहे कौशल विकास प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्किलिंग केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है — भाषा प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार, हस्तशिल्प, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों में कौशल विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। शांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती है – यहां के युवाओं को रोजगार देना। और यह कार्य हम पूर्ण निष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कौशल विकास पर ध्यान देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे बस्तर का युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने हुनर की पहचान बना सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए संभाग में युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कौशल विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम कौशल विकास योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना और नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। इन रोजगार प्रशिक्षण में विशेषकर नक्सल प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का प्रस्ताव शामिल है। बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत है। पोर्टल के माध्यम से इनका पूर्णता आनलाइन क्रियान्वयन किया जाता है। सभी जिलों में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा है। वर्तमान में 64 व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) है । योजना के अंतर्गत अब तक 90, 273 युवा प्रशिक्षित हो चुके है। प्रशिक्षित युवाओं में से 39,137 युवा नियोजित है।  32 कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है जिसमे आगामी समय में 4,915 युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कार्ययोजना शामिल है। वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार 456 नियोक्ताओं के माध्यम से 4 हजार 915 युवाओं को प्रशिक्षण,  5 हजार 875 रोजगार के अवसर प्रदान किया जाना है। इसके लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी फाउंडेशन, MSDC इंटरनेशनल  और नीति आयोग जैसी संस्थाओं से अनुबंध किया गया है। बस्तर संभाग में पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 64% लक्ष्य पूर्ण किया गया तथा पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 6 हजार 123 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप  के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही इन ग्रामों में 5 हजार 598 युवाओं का रोजगार प्रशिक्षण के लिए सर्वे किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि  62 प्रशिक्षणरत है। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास विभाग के सचिव भारती दासन, कौशल विकास विभाग के संचालक विजय दयाराम के., बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।

टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की “ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025” का हुआ आयोजन

स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व के भरण पोषण में सामर्थ्यवान बनेगा भारत : मंत्री परमार सभी की संकल्पशक्ति और सहभागिता से पुनः विश्वगुरु बनेगा भारत- मंत्री परमार टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की “ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025” का हुआ आयोजन भोपाल स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष@2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरे देश का संकल्प है। विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनाने के लिए, सभी को सहभागिता करने की आवश्यकता है! हम सभी को अपना योगदान देना होगा। भारत की गौरवशाली सभ्यता, विरासत, ज्ञान परम्परा एवं भाषाओं से प्रेरणा लेकर हम सभी को राष्ट्र के पुनर्निर्माण में सहभागिता करनी होगी। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 में जब भारत विश्वगुरु भारत बनेगा, तब हमारा विकसित भारत ऊर्जा एवं खाद्यान्न में आत्मनिर्भर होकर विश्व के अन्य देशों के भरण पोषण में भी सामर्थ्यवान बनेगा। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल स्थित “टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस” के सभागृह में आयोजित “ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025” के अवसर पर कही। मंत्री परमार ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि एवं मेडल प्रदान कर, उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी प्रेषित की। परमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारत की समृद्ध विरासत, ज्ञान परम्परा और संकल्पना के संदर्भ में प्रकाश डालते हुए अभिप्रेरित किया। मंत्री परमार ने कहा कि भारत अपनी ज्ञान परम्परा के आधार पर विश्वमंच पर सिरमौर था। भारत के पुरातन ज्ञान को पुनः विश्वमंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टिकोण के साथ, प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए हमें हमारे पूर्वजों की गौरवशाली ज्ञान परम्परा पर गर्व का भाव जागृत कर, उनके बनाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में इंजीनियरिंग सहित समस्त विषयों में भारत का पुरातन ज्ञान विद्यमान है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने हमें हीन भावना से मुक्त होकर स्वाभिमान को जागृत करने का अवसर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा में भारतीय दृष्टि के समावेश का अवसर दिया है। इसके परिप्रेक्ष्य में हर विद्या हर क्षेत्र में भारत केंद्रित शिक्षा का समावेश हो रहा है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, जल स्त्रोतों एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के भाव से, शोध एवं अनुसंधान के आधार पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज में परम्परा के रूप में स्थापित की। कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी संस्कृति और सभ्यता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष@2047 तक भारत, सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। साथ ही वर्ष@2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों का भरण पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्व मंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। हम सभी की संकल्पशक्ति और सहभागिता से भारत पुनः “विश्वगुरु” बनेगा।  

ईडी ने राहुल-सोनिया गांधी और सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, 25 अप्रैल को सुनवाई

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी और ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर ईडी के आरोपपत्र में सुमन दुबे और अन्य के नाम भी शामिल हैं। अदालत ने मामले में संज्ञान पर बहस के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले ईडी ने इस मामले से जुड़ी संपत्तियों पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। राज्यसभा सांसद एवं दिग्गज कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे बदले की राजनीति बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करना कानून के शासन का मुखौटा पहनकर सरकार प्रायोजित अपराध है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा बदले की राजनीति और धमकी के अलावा कुछ नहीं है। कांग्रेस और उसका नेतृत्व चुप नहीं रहेगा।” राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिग्गज कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “मोदी सरकार की एजेंसी ईडी द्वारा कांग्रेस पार्टी और नेशनल हेराल्ड की 661 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कब्जे में लेने की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है। भाजपा सरकार की मंशा है कि ऐसे प्रयासों से वह धीरे-धीरे कांग्रेस को आर्थिक रूप से अक्षम बना दे। लोकसभा चुनाव से पहले आयकर विभाग के जरिए कांग्रेस के बैंक खातों को सील कर ऐसा प्रयास किया गया था। पहले आईटी और अब ईडी की यह कार्रवाई निंदनीय है।” उन्होंने लिखा, “नेशनल हेराल्ड केस को अब पांच साल से भी अधिक का समय हो गया है। ईडी कांग्रेस के खिलाफ तो गैर-कानूनी रूप से कार्रवाई कर रही है, वहीं भाजपा को मिले इलेक्टोरल बॉन्ड्स में साफ तौर पर कंपनियों से अवैध वसूली के सबूत मिले, परंतु ईडी ने किसी भाजपा नेता को एक नोटिस तक नहीं दिया। इसी प्रकार रॉबर्ट वाड्रा को बार-बार पूछताछ के लिए बुलाकर मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। कांग्रेस एक जन आंदोलन की पार्टी है। ऐसी कार्रवाइयों से भाजपा सरकार और ईडी हमारे मनोबल को नहीं तोड़ सकती।” उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने की थी। इस समाचार पत्र को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता था। वर्ष 2008 में वित्तीय संकट के बाद इसे बंद करना पड़ा, जहां से इस विवाद की शुरुआत हुई। साल 2010 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएल) नाम की कंपनी बनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने साल 2012 में आरोप लगाया कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपए में हासिल किया और उन्होंने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। मामला अदालत में भी गया और बाद में ईडी ने इसकी जांच शुरू की।

वेस्टर्न बायपास बनने से साडा को मिलेगा लाभ, व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी

ग्वालियर आगरा-इंदौर रूट पर रायरू निरावली से काउंटर मैग्नेट सिटी होते हुए शिवपुरी हाइवे के पनिहार तक 28.8 किलोमीटर में वेस्टर्न बायपास(Western Bypass) बनाने की तैयारी कर ली गई है। वेस्टर्न बायपास बनने से वाहन चालकों का 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। अभी यह 1.25 घंटे में तय होता है। साथ ही बायपास पर एक साथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना एनएचएआई(NHAI) ने बायपास के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। 1347.6 करोड़ की लागत से तैयार होने जा रहे 28.8 किलोमीटर लंबे इस बायपास का कार्य हिजवेज कंपनी को दिया गया है। बायपास(Western Bypass) के लिए 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। अक्टूबर से इसका कार्य शुरू हो जाएगा। कंपनी को यह कार्य दो साल में पूरा करना होगा। दो जिलों के 15 गांवों से होकर गुजरेगा बायपास ग्वालियर : बरौआ नूराबाद, निरावली, गजीपुरा, जिनावली, बिलपुरा, जिगसौली, कुलैथ, सोजना, परपटे का पुरा व तिघरा, पनिहार व रामपुर। मुरैना : बानमोर कलां, बानमोर खुर्द, जयपुर उर्फ नयागांव। दो फ्लाई ओवर व एक आरओबी भी बनेगा बानमोर से पनिहार तक बन रहे वेस्टर्न बायपास पर सात छोटे पुल, 18 अंडर पास, दो फ्लाई ओवर और एक आरओबी बनाया जाएगा। दोनों फ्लाई ओवर 60-60 मीटर के होंगे। यह लाई ओवर बानमोर और नूराबाद में बनाए जाएंगे। बायपास पर एकसाथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। यह होगा वाहन चालकों को फायदा वेस्टर्न बायपास बनने से आगरा-इंदौर रूट पर हर दिन गुजरने वाले 12 से 15 हजार छोटे-बड़े वाहन चालकों को फायदा मिलेगा। अभी तक वाहन चालकों को बेला की बाबड़ी से शिवपुरी लिंक रोड होकर सिकरौदा तिराहा होते हुए झांसी बायपास से रायरू अथवा बानमोर पहुंचने में लगभग 60 किलोमीटर का सफर करना होता है। वहीं वेस्टर्न बायपास के बनने से यह सफर 28.8 किमी में ही पूरा हो जाएगा। इससे वाहन चालकों को 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। साडा को मिलेगा लाभ: व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी वेस्टर्न बायपास बनने से काउंटर मैग्नेट सिटी में बसाहट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि बायपास का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा इसी एरिया से गुजर रहा है। इससे साडा और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय व व्यवसायिक प्रोजेक्ट आएंगे और बसाहट के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां बढेंगी। क्योंकि यहां पर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रीज, स्कूल, कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के लिए भी जगह आरक्षित की जाएगी। ये संभावनाएं कुलैथ, जिगसौली, सोजना, पनिहार, जिनावली, गजीपुरा क्षेत्र में भी देखी जा रही हैं। साडा के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। प्रोजेक्ट में यह तैयार     रायरू के निरावली से शुरू होगा बायपास, जो पनिहार तक बनाया जाएगा।     बायपास का लंबा हिस्सा सोन चिरैया अभयारण क्षेत्र से भी गुजरेगा। वाइल्ड लाइफ विभाग ने इस क्षेत्र में एनिमल अंडरपास व लाई ओवर बनाने पर ही एनओसी दी है।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में एनिमल अंडरपास लाई ओवर (पशुओं की आवाजाही) के लिए अलग से रास्ते होंगे।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में कुल 154 हेक्टेयर जमीन का उपयोग होगा, इसमें वाइल्ड लाइफ की 41 और वन विभाग की करीब तीन हेक्टेयर जमीन है। जबकि 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन शामिल है।  

ग्वालियर को भविष्य में जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा, प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी मिलेगा

ग्वालियर  एमपी के ग्वालियर में चंबल नदी और कोतवाल बांध से ग्वालियर तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। इससे ग्वालियर शहर की जनता को 30 वर्ष तक भरपूर मात्रा में पानी मिलेगा। भविष्य में जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।  नगर निगम ने 24 मार्च-2024 को चंबल से पानी लाने के लिए 458.68 करोड़ रुपए का ठेका इनविराड प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया है और कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य कंपनी को 24 महीने में पूरा करना है। चंबल से ग्वालियर को प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी मिलेगा, जो शहर की बढ़ती आबादी की पानी की जरूरत को पूरा करेगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 90 एमएलडी पानी रोज ● चंबल नदी का पानी मुरैना नगर निगम के इंटेकवेल के माध्यम से देवरी गांव में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर आएगा। यहां से गुजर रही पाइप लाइन से निगम पानी संपवेल पर लेगा। ● देवरी गांव से चंबल का 90 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी प्रतिदिन भेजा जाएगा। कोतवाल बांध से 60 एमएलडी पानी के लिए लाइन डाली जाएगी, जो देवरी से आ रही लाइन से जुड़ेगी। यहां डाली जाएगी पाइप लाइन मुरैना : मुरैना शहर के अंदर 7.50 किमी के दायरे में डक्ट बनाकर पाइप लाइन डाली जा रही। यहां पूर्व में ही ड्राइंग व डिजाइन तैयार किए जा चुके हैं। नूराबाद : सर्विस रोड पर दो किमी खुदाई कर डक्ट बनाई जाएगी। बानमोर : बानमोर से गुजर रहे हाईवे के पास ही 3.50 किलोमीटर की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। नोट : प्रोजेक्ट में 43 किमी लाइन। चंबल वाटर प्रोजेक्ट- कब क्या हुआ 06 अक्टूबर-2023 को महाराज बाड़ा पर तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और 16 दिसंबर 2024 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने जीवाजी विवि के कैंपस में भूमिपूजन किया। 24 दिसंबर-2024 के वर्क ऑर्डर जारी हुए। 06 फरवरी-2025 से कार्य शुरू हुआ। 24 महीने में प्रोजेक्ट का काम पूरा करना होगा।

देश की एक-तिहाई आबादी के सामने तोंद बड़ी समस्या, बढ़ता पेट डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज और कई गंभीर बीमारियों की घंटी

नई दिल्ली भारत में ‘पॉट बेली’ यानी  कटोरेनुमा तोंद को लोग बहुत सीरियस नहीं लेते. पुराने जमाने में बढ़ी तोंद को रईसी और खाते-पीते घर की निशानी मान लिया जाता था. लेकिन आज मेट्रो स‍िटीज में रह रहे परिवारों के सामने तोंद एक बड़ी समस्या बन चुका है. लैंसेट की नई स्टडी के मुताब‍िक आज भारत उस मुकाम पर खड़ा है, जहां पेट का मोटापा सिर्फ अच्छा द‍िखने की चिंता तक सीमित नहीं रह गया है. अब ये तोंद डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज और कई गंभीर बीमारियों की घंटी है. The Lancet की ताजा स्टडी बताती है कि 2021 में भारत में 180 मिलियन लोग मोटापे से जूझ रहे थे और 2050 तक यह संख्या 450 मिलियन तक पहुंच सकती है. इसको आसान भाषा में कहें तो देश की एक-तिहाई आबादी के सामने तोंद बड़ी समस्या बनने वाली है. कैसे बढ़ रही तोंद की समस्या, देखें आंकड़े नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के अनुसार भारत में 40% महिलाएं और 12% पुरुष abdominal obesity यानी पेट की चर्बी से प्रभावित हैं. वहीं 30 से 49 साल की महिलाओं में तो हर दो में से एक महिला इस स्थिति में है. भारतीय मानकों के अनुसार पुरुषों में 90cm (35 इंच) से ज्यादा और महिलाओं में 80cm (31 इंच) से ज्यादा कमर होना abdominal obesity की पहचान है. खास बात ये है कि ये समस्या शहरी आबादी में ज़्यादा पाई जा रही है. तोंद क्यों खतरनाक है? बेली फैट दिखने में चाहे जितना हल्का लगे लेकिन इसका असर शरीर के सबसे संवेदनशील सिस्टम्स पर होता है. जानिए- बढ़ी हुई तोंद का असर कैसे शरीर को बीमार कर रहा है. 1. इंसुलिन रेजिस्टेंस: पेट की चर्बी शरीर की इंसुलिन को पहचानने और इस्तेमाल करने की क्षमता को बिगाड़ती है. इससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. 2. हार्ट डिजीज: चर्बी जब लीवर और पैंक्रियाज जैसे अंगों में जमती है तो मेटाबॉलिज्म गड़बड़ाता है और कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ता है. 3. कमज़ोर जोड़ और थकान: हमारा भारी शरीर खासतौर पर पेट, घुटनों और पीठ पर दबाव बढ़ाता है. इससे शरीर में तमाम तरह के दर्द रहते हैं. South Asians के लिए ज्यादा अलार्मिंंग South Asians यानी हम भारतीय और हमारे दूसरे पड़ोसी देशों के लोग वेस्टर्न लोगों के मुकाबले कम BMI पर भी ज़्यादा फैट रखते हैं. यानी वो दिखने में पतले हो सकते हैं लेकिन अंदर से मोटे. इसे TOFI (Thin Outside, Fat Inside) भी कहा जाता है. नई गाइडलाइन में हैं मोटापे की दो स्टेज Indian Obesity Commission ने मोटापे की नई क्लासिफिकेशन दी है. इसमें स्टेज वन में ऐसे लोग आते हैं जिनका हाई BMI लेकिन बेली फैट नहीं है. न कोई बड़ी मेडिकल कंडीशन है. वहीं दूसरी स्टेज में पेट की चर्बी के साथ ही डायबिटीज या दिल की बीमारी जैसे लक्षण नजर आते हैं. ये हाई रिस्क ग्रुप है. वो 4 आदतें जो पेट बढ़ा रहीं – प्रोसेस्ड और इंस्टेंट फूड – दिनभर बैठकर काम करना – नींद की कमी और तनाव – फिजिकल एक्टिविटी में गिरावट क्या है समाधान डाइट कंट्रोल: तला-भुना, चीनी, मैदा कम करें और फाइबर, फल और सब्ज़ी ज़्यादा लें. एक्सरसाइज़: भारतीयों को 250–300 मिनट प्रति हफ्ते की एक्सरसाइज़ की ज़रूरत है (वेस्ट में ये 150 मिनट होती है). नए मेडिकेशन: सेमाग्लूटाइड, टिर्जेपाटाइड जैसे वजन घटाने वाली दवाएं अब मौजूद हैं. डॉक्टर की सलाह से ही इसे ले सकते हैं. Early detection: समय समय पर कमर की माप ज़रूर लें. अपने वजन को मॉनीटर करने से ज्यादा जरूरी ये है. ‘बड़े पेट’ से फैलती बीमारी, क्या कहते हैं एक्सपर्ट छत्रपति शाहू महाराज मेड‍िकल यून‍िवर्स‍िटी लखनऊ के मेड‍िस‍िन डिपार्टमेंट के वर‍िष्ठ प्रोफेसर और डायबिटीज रोग व‍िशेषज्ञ डॉ कौसर उस्मान कहते हैं कि तोंद सिर्फ एक फैट डिपॉजिट नहीं है, ये मेटाबॉलिक डिजीज का पहला लक्षण है. कई लोग नॉर्मल वज़न के बावजूद बीमार हो सकते हैं अगर उनकी कमर का घेरा ज़्यादा है. इसलिए बचपन से ही बच्चों को सही खानपान की आदत डालनी चाहिए. ये स‍िर्फ लुक्स की बात नहीं है, ये जिंदगी और मौत के बीच की डील है. समय रहते तोंद पर काबू नहीं पाया तो देश को डायबिटीज और हार्ट डिजीज की सुनामी झेलनी पड़ेगी.  

चौरागढ़ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सौगात, नहीं चढ़नी पड़ेंगी 1360 सीढ़ियां, घंटों की यात्रा मिनटों में होगी पूरी

पचमढ़ी हिल स्टेशन पचमढ़ी के चौरागढ़ मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं का सफर जल्द आसान होने वाला है. चौरागढ़ के लिए घंटों की यात्रा मिनटों में पूरी करने के लिए 400 करोड़ की लागत से रोपवे बनाया जाएगा. रोपवे बनने से श्रद्धालुओं को 1360 सीढ़ियां पैदल चढ़नी नहीं पड़ेंगी. शिवरात्रि सहित आम दिनों में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए चौरागढ़ आते हैं. खासतौर पर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. लेकिन ऊंची पहाड़ी चढ़ने के कारण कई भक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नितिन गडकरी ने दी मंजूरी नर्मदापुरम-नरसिंहपुर क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया “केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नर्मदापुरम जिले में पचमढ़ी के चौरागढ़ महादेव मंदिर जाने के लिए 400 करोड़ की लागत से रोपवे एवं वाहन पार्किंग को मंजूरी दे दी है. पर्यटन का विकास हमारी प्राथमिकता है.” सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने रोपवे निर्माण के लिए स्वीकृति देने पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है. सांसद ने बताया कि इसके अलावा पिपरिया से सटे अनहोनी वन क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट में बदलने की योजना पर भी काम किया जाएगा. इन विकास कार्यों से पचमढ़ी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलेगी. शिवरात्रि पर आते हैं एक लाख से अधिक श्रद्धालु पचमढ़ी नगर से करीब 12 किमी दूर सतपुड़ा के घने जंगल के बीच चौरागढ़ पर्वत है. यहां शिवरात्रि पर 6 दिनों तक का विशाल मेला लगता है, जिसमें प्रतिदिन 50 से 80 हजार तक श्रद्धालु आते हैं. शिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख पार कर जाती है. आम दिनों में भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं. त्रिशूल चढ़ाने का खास महत्व चौरागढ़ मंदिर में त्रिशूल चढ़ाने का खास महत्व है. मान्यता है कि चोरा बाबा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें दर्शन दिए थे. उस समय भगवान शिव अपना त्रिशूल इसी स्थान पर छोड़ कर चले गए थे. इसी मान्यता के तहत भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर त्रिशूल चढ़ाते हैं. एक किवदंती ये भी प्रचलित है कि भगवान महादेव ने भस्मासुर से बचने के लिए इसी पहाड़ी में शरण ली थी. लंबे समय से की जा रही थी मांग स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से पचमढ़ी-चौरागढ़ रोपवे निर्माण की मांग की जा रही थी. करीब 10 वर्ष पूर्व रोपवे लगाने का सर्वे भी हुआ था लेकिन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में रोपवे निर्माण की अनुमति नहीं मिलने से मामला ठंडा पड़ गया था.

वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे

 ग्वालियर  हाई स्पीड ट्रेन शताब्दी, राजधानी और गतिमान के बाद अब वंदे भारत एक्सप्रेस(Vande Bharat Express) की स्प्रिंग का निर्माण भी रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) में किया जाएगा। इसके लिए इलाहाबाद मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है कि इस साल वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे। देशभर में चलने वाली ट्रेनों के लिए स्प्रिंग का निर्माण करने वाले केवल दो कारखाने हैं, इनमें एक ग्वालियर के सिथौली में है और दूसरा आईसीएफ चैन्नई में है। सिथौली(Sithauli) के रेल स्प्रिंग कारखाने में वर्षों से आईसीएफ (इंटीग्रल) और एलएचबी (लिंके- हॉफमैन ब्रुश) कोच की स्प्रिंग का निर्माण किया जा रहा है। इंडियन रेलवे लगातार स्प्रिंग की मांग बढ़ाता जा रहा है, इससे इस साल कारखाने का टारगेट भी पहली बार एक लाख स्प्रिंग से ऊपर चला गया है। हर साल बढ़ रही स्प्रिंग की डिमांड रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) की शुरूआत 1989 में हुई थी। इसके बाद 1990 में स्प्रिंग बनना शुरू हो गई थी।यहां मांग के हिसाब से स्प्रिंगों का निर्माण किया जाता है और हर साल इसकी संया में इजाफा होता जा रहा है। इस साल पहली बार टारगेट एक लाख को पार कर गया है। फैक्ट्री में सबसे ज्यादा एलएचबी कोच की स्प्रिंग बनाई जाती हैं। स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही तीन शिट में काम 45 लोगों को और मिला रोजगार 35 साल में पहली बार स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही दो की जगह तीन शिट में काम शुरू किया गया है। फैक्ट्री में 275 लोगों का स्टाफ है। तीसरी शिट शुरू होने से लगभग 45 लोगों को और रोजगार मिला है। यहां एक दिन में 450 से 500 स्प्रिंग बनाई जा रही हैं। जल्द ही हर दिन 600 स्प्रिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है। तीन हजार स्प्रिंग से शुरू हुआ था कारखाना सिथौली स्प्रिंग कारखाने में 1990 में स्प्रिंग का निर्माण शुरू हुआ था। पहले साल तीन हजार स्प्रिंग बनाई गईं। उसके बाद पांच हजार स्प्रिंग तैयार हुईं। मांग बढ़ते ही हर साल लक्ष्य बढ़ता गया और अब यह आंकड़ा एक लाख पार हो गया है। 50 मशीनों पर बनतीं स्प्रिंग स्प्रिंग कारखाने में करीब 50 मशीनें लगी हुई हैं। इन मशीनों पर एक बार में दो से तीन कर्मचारी डिमांड के हिसाब से काम करते हैं। काम बढऩे पर कर्मचारी इसे आपस में बांट लेते हैं। भविष्य में और भी मशीनें आने की संभावना हैं, जिससे काम और बढ़ेगा। सिथौली स्प्रिंग कारखाना में इस साल टारगेट एक लाख पार हो गया है। संभवत: इस साल से वंदे भारत की स्प्रिंग भी यहां बनाई जाएगी।– मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल

16 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज ठीक-ठाक कमाई होगी। आपको अपने काम से जुड़े जरूरी डिसीजन लेने पड़ सकते हैं। फिट रहने के लिए और अपने शेप को मेंटेन करने के लिए आज साग-सब्जी खाने पर फोकस रखें। स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ: आज आप घर पर डिनर या टाइम स्पेंड करने के लिए किसी को इन्वाइट भी कर सकते हैं। आज अपनी हेल्थ को बेटर बनाए रखने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। आज धन-लाभ होने के चांस ज्यादा है। मिथुन: अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज पैसों की कोई कमी महसूस नहीं होगी। करियर के मामले में कोई भी एक्शन लेने से पहले अपने सीनियर्स को इन्फॉर्म जरूर करें आज। कोई गुड न्यूज आपके फैमिली मेंबर्स को खुशी दे सकती है। कर्क: घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ भी कुछ टाइम स्पेंड करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के लिए आज प्रॉपर्टी की डील धन-लाभ का कारण भी बन सकती है। कुछ लोगों को सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सिंह: बिना एफर्ट डाले आप खुद को फिट नहीं रख सकते हैं। पैसे कमाने के लिए नए मौके नजर आ सकते हैं। कुछ लोग अपने सीनियर्स के फेवरेट बन सकते हैं, जिससे उनको करियर में अच्छी पोजीशन भी हासिल हो सकती है। कन्या: आज आप अपनी नॉर्मल एक्सरसाइज रूटीन से ब्रेक लेने की इच्छा महसूस कर सकते हैं। पैसों के मामले में आपको एफर्ट्स बढ़ाने पड़ेंगे। वहीं, वर्कप्लेस पर आज आप अच्छी तरह से अपने टाइम को मैनेज करने में कामयाब रहेंगे। तुला: वर्कप्लेस पर आज आप अपनी स्किल्स के साथ सिचुएशन को पलट सकते हैं। संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। स्टूडेंट्स को अपने क्लासमेट के साथ टीम के रूप में काम करना चाहिए। वृश्चिक: अगर आप काम के प्रेशर से थक चुके हैं तो वेकेशन प्लान करने का सही समय है। प्रॉपर्टी से जुड़े पेंडिंग काम पूरे हो सकते हैं। वहीं, शिक्षा के मामले में स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस आज उतना हाई नहीं रहेगा। धनु: घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहने वाला है। धार्मिक स्थल पर समय बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने शेप को बेहतर बनाने के लिए आपको रेग्युलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। धन के मामले में आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मकर: आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत है। आज काम से जुड़े जरूरी टास्क कंप्लीट करते समय थोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन दिन खत्म होने से पहले आप डेडलाइन पूरी कर लेंगे। कुंभ: आज सिंगल्स को नई जगह एक्सप्लोर करने और नए लोगों से मिलने की सलाह दी जाती है। वहीं, संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को गुड न्यूज मिल सकती है। पैसों के मामले में आज आपकी सिचुएशन स्टेबल रहने वाली है। मीन: आज सेहत के मामले में आपका दिन शानदार रहने वाला है। पैसों की सिचुएशन भी अच्छी रहेगी क्योंकि प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं। आपका कोई करीबी आज आपको गिफ्ट दे सकता है या डेट पर ले जा सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती से भारत की बल्ले-बल्ले, पाकिस्तान की बढ़ जाएगी टेंशन?

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता का पहला दौर समाप्त हो चुका है। दोनों पक्षों ने कहा है कि जल्द ही वार्ता के दूसरे दौर की तारीख व स्थल भी तय किया जाएगा। इस बीच ईरान के आयातुल्लाह अली खामनेई ने भी वार्ता को अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में भारत भी इन सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। इस महीने के अंत में ब्रिक्स संगठन के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अर्घची के साथ मुलाकात भी संभव है। यही नहीं अगर सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई, 2025 में होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (ब्राजील) में पीएम नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान के साथ बैठक कराने को लेकर भी दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संपर्क है। ईरान को लेकर कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं ट्रंप सूत्रों ने बताया कि, “ट्रंप प्रशासन ने दोबारा सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद चाबहार को लेकर भारत की विकास सहायता पर भी परोक्ष तौर पर पाबंदी लगाने का संकेत दिया था। यह चिंता की बात थी क्योंकि पूर्व की बाइडन सरकार ने जब ईरान पर प्रतिबंध लगाया था तो चाबहार को उससे अलग रखा था। ऐसे में भारत को इस बात की आशंका थी कि ईरान को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की शुरूआत ने माहौल बदल दिया है।” ईरान के दक्षिणी पश्चिमी तट पर स्थित चाबहार पोर्ट भारत की अभी तक की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। इसके जरिए भारत ना सिर्फ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चीन की तरफ से निर्मित ग्वादर बंदरगाह को चुनौती पेश करने की मंशा रखता है बल्कि भारतीय उत्पादों को मध्य एशियाई व यूरोपीय बाजार में भेजने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहता है। ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर भारत की बातचीत जारी वर्ष 2016 में भारत और ईरान के बीच तब 8 अरब डॉलर के निवेश को लेकर समझौता हुआ था। मई, 2024 में भारत व ईरान के बीच चाबहार पोर्ट पर एक और टर्मिनल के निर्माण के लिए समझौता हुआ था। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इसकी प्रगति बहुत उल्लेखनीय नहीं है। भारत की तेल कंपनियों के सूत्रों ने भी बताया है कि ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत जारी है। वैसे यह तभी संभव होगा जब अमेरिकी सरकार की तरफ से ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाये जाए। ऐसा पूर्व में जुलाई, 2015 में बराक ओबामा की सरकार ने किया था। तब भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंध हटने के तकरीबन एक हफ्ते के भीतर ही पहला तेल सौदा कर लिया था। इस बार प्रतिबंध बहुत लंबा खींच गया है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के पेट्रोलियम सेक्टर में कोई खास संपर्क नहीं है। अब वह संपर्क फिर से स्थापित किया जा रहा है। कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था तेल कंपनियों के सूत्रों का कहना है कि “जिस तरह से वैश्विक हालात अनिश्चित व अस्थिरत हैं उसमें भारत ईरान जैसे एक पुराने भरोसेमंद तेल आपूर्तिकर्ता देश के साथ निश्चित तौर पर कारोबार बढ़ाना चाहेगा।” कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था। वर्ष 2018-19 में भारत ने ईरान से 12 अरब डॉलर मूल्य के कच्चे तेल की खरीद की थी। अमेरिकी प्रतिबंध ने ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने की सोच रहे भारतीय कंपनियों के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है। अमेरिका व ईरान के बीच संबंधों में सुधार भारतीय कंपनियों को फिर से अपनी निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका दे सकता है।

व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा, ‘टैक्स छूट भी कर देंगे खत्म’

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक और धमकी दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अगर उसने व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा। इससे पहले, ट्रंप ने यूनिवर्सिटी को मिलने वाली 2.2 बिलियन डॉलर की फंडिंग को रोक दिया था, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को नियंत्रण में लाने के प्लान का विरोध किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘शायद हार्वर्ड को अपनी टैक्स छूट वाली स्थिति खो देनी चाहिए और इसे एक पॉलिटिकल यूनिट की तरह टैक्स के दायरे में लाना चाहिए। अगर यह राजनीतिक, वैचारिक और आतंकवादी प्रेरित/समर्थन करने वाली ‘बीमारी’ को बढ़ावा देता रहा?’ उन्होंने कहा कि याद रखें, टैक्स छूट की स्थिति पूरी तरह से सार्वजनिक हित में कार्य करने पर निर्भर है! यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब विश्वविद्यालय ने सोमवार को कहा था कि वह परिसर में आंदोलन संबंधी सक्रियता को सीमित करने की ट्रंप प्रशासन की मांगों का पालन नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को हार्वर्ड को लिखे पत्र में व्यापाक सरकारी और नेतृत्व सुधारों की मांग रखी, जिसके तहत हार्वर्ड को योग्यता-आधारित प्रवेश और नियुक्ति नीतियां बनानी होंगी। इसमें चेहरे पर पहने जाने वाले मास्क पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। यह मांग फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए की गई प्रतीत होती है। यूनिवर्सिटी का क्या है बयान हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने अपने पत्र में कहा, ‘ये मांगें विश्वविद्यालय के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। टाइटल 6 के तहत सरकार के अधिकार की सीमाओं को पार करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को (चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो) यह निर्देश नहीं देना चाहिए कि निजी विश्वविद्यालय क्या पढ़ा सकते हैं, किसे एडमिशन दे सकते हैं और किसे नियुक्त कर सकते हैं। साथ ही, अध्ययन और जांच के किन क्षेत्रों को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने यहूदी-विरोधी भावना को दूर करने के लिए कई सुधार किए हैं।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जारी किया पूरा शेड्यूल, भारत तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज़ के लिए करेगा दौरा

नई दिल्ली भारत 17 से 31 अगस्त तक मीरपुर और चटगांव में तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सफ़ेद गेंद की सीरीज़ के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मंगलवार को कार्यक्रम की घोषणा की। भारतीय टीम 17 अगस्त को मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज के पहले मैच से पूर्व 13 अगस्त को ढाका पहुचेगी। दूसरा वनडे 20 अगस्त को मीरपुर में खेला जाएगा। तीसरा और अंतिम वनडे चटगांव में खेला जाएगा, जहां 26 अगस्त को तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच भी खेला जाएगा। दूसरे और तीसरे टी20 के लिए मैच मीरपुर में ही खेले जाएंगे। यह 2014 के बाद से भारत का बांग्लादेश का पहला सफेद गेंद वाला दौरा होगा। इसके अलावा टी20 सीरीज पहली बार होगी जब बांग्लादेश अपने घर में द्विपक्षीय सीरीज में भारत की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच सबसे हालिया टी20आई सीरीज 2024 में हुई थी, जब बांग्लादेश ने भारत का दौरा किया था और मेजबान टीम ने 3-0 से आसान जीत हासिल की थी। आगामी सीरीज़ के बारे में बात करते हुए BCB के मुख्य कार्यकारी निजाम उद्दीन चौधरी ने दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों में से एक की मेजबानी करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। चौधरी के हवाले से कहा, ‘यह सीरीज हमारे घरेलू कैलेंडर में सबसे रोमांचक और सबसे प्रतीक्षित आयोजनों में से एक होने वाली है। भारत ने सभी प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेंचमार्क स्थापित किया है और दोनों देशों के लाखों क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले का आनंद जरूर लेंगे। बांग्लादेश और भारत ने हाल के वर्षों में कुछ बहुत ही प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं, और मुझे विश्वास है कि यह एक और कड़ी टक्कर वाली और मनोरंजक सीरीज होगी।’ भारत के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम वनडे सीरीज : पहला वनडे – 17 अगस्त, मीरपुर दूसरा वनडे – 20 अगस्त, मीरपुर तीसरा वनडे – 23 अगस्त, चटगांव टी20आई सीरीज : पहला टी20 – 26 अगस्त, चटगांव दूसरा टी20 – 29 अगस्त, मीरपुर तीसरा टी20 – 31 अगस्त, मीरपुर

सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं?, ‘दंगाइयों का इलाज ही डंडा है

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं? सीएम योगी ने मंगलवार को हरदोई में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि याद कीजिए 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को, हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था, इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है। बिना डंडे के मानेंगे नहीं। आप देख रहे होंगे कि बंगाल जल रहा है, वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं, लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं, लेकिन सेकुलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे रखी है। सीएम योगी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है, राज्य सरकार मौन है, इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए और मैं वहां के न्यायालय को इस बात के लिए धन्यवाद दूंगा कि जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। उन्होंने विपक्षी दलों की चुप्पी पर कहा कि सब लोग मौन हैं, मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मौन हैं, टीएमसी मौन है, वे धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं, बांग्लादेश के अंदर जो हुआ था, उसका समर्थन कर रहे हैं, अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो उन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए, क्यों भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं? सीएम योगी ने जिक्र किया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं, जिन्होंने वक्फ कानून को लाकर गरीबों की जमीनों पर डकैती पर लगाम लगाने का काम किया है, अब जो जमीन वापस आएगी, उस पर अस्पताल, गरीबों के लिए घर, ऊंची इमारतें, स्कूल और विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। निवेश के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। लेकिन, किसी को भी जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए ये लोग चिंतित हैं क्योंकि जमीन के नाम पर लूट बंद होने वाली है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी परेशान हैं कि अब उनके गुर्गे खाली हो जाएंगे, जो पहले जनता को लूटते थे, इनको अब भय है कि इनके द्वारा पाले गए गुर्गे ‘भस्मासुर’ बन जाएंगे और इन्हें ही ना लूटना शुरू कर दें। इसलिए, ये अब वक्फ के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

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