LATEST NEWS

सुशासन तिहार को लेकर लोगों में उत्साह, आज से 11 अप्रैल तक लिए जाएंगे आवेदन

  8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ आज 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।   जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

मैच के बाद दोनों भाइयों ने एक दूसरे को किस किया, गले लगाया, पांड्या ब्रदर्स के ब्रोमांस की ये तस्वीरें कितनी प्यारी हैं

नई दिल्ली दो सगे भाई। दो अलग-अलग टीमें। एक दूसरे के खिलाफ मैच। दोनों ही अपने फन के माहिर। बात हो रही है पांड्या ब्रदर्स की। हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम आरसीबी का मैच। एक मुंबई का कप्तान तो दूसरा आरसीबी का ट्रंप कार्ड। दोनों ने अपनी-अपनी टीमों से शानदार प्रदर्शन किया लेकिन जीतना तो किसी एक को ही था। क्रुणाल की टीम जीत गई। जीत की खुशी थी लेकिन भाई की हार का रंज भी। वो भी तब जब उसने जानदार खेल दिखाई हो। क्रुणाल में शब्दों में ये दर्द दिखा। मैच के बाद दोनों भाइयों ने एक दूसरे को किस किया, गले लगाया। पांड्या ब्रदर्स के ब्रोमांस की ये तस्वीरें कितनी प्यारी हैं। आरसीबी पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 221 रनों का स्कोर खड़ा करती है। हार्दिक पांड्या ने शानदार गेंदबाजी कर 2 विकेट भी चटखाया। जब बैटिंग की बारी आई तो गेंद के बाद बल्ले से भी कमाल किया। सिर्फ 280 के स्ट्राइक रेट से 15 गेंदों में 42 रन ठोक डाले। इस दौरान 3 चौके और 4 छक्के जड़े। लेकिन हार्दिक पांड्या के आउट होते ही मुंबई की जीत की उम्मीदें भी धूमिल हो गई। रोमांचक मुकाबले में आरसीबी ने उसे 12 रनों से शिकस्त दी। मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन ही बना सकी। आरसीबी की तरफ से क्रुणाल पांड्या ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। आखिरी ओवर में मुंबई को जीत के लिए 19 रनों की जरूरत थी और अभी 4 विकेट हाथ में थे। लेकिन क्रुणाल पांड्या ने उस ओवर में 3 विकेट लेकर 10 साल बाद मुंबई में मुंबई इंडियंस के खिलाफ आरसीबी की जीत की इबारत लिख दी। क्रुणाल पांड्या को टीम की जीत और उसमें अपने अहम योगदान की खुशी तो थी लेकिन हार्दिक पांड्या के लिए उन्हें बुरा भी लगा। मैच के बाद क्रुणाल पांड्या के शब्दों में ये दर्द छलका भी। भाई से लिए छलका क्रुणाल पांड्या का दर्द क्रुणाल पांड्या ने ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर से बातचीत में भाई हार्दिक के लिए कहा, ‘हमारे बीच तगड़ा बॉन्ड है। हम जानते थे कि आखिर में कोई एक ही (पांड्या) जीतेगा। लेकिन हम दोनों का एक दूसरे के लिए जो प्यार और स्नेह है वह बहुत ही नेचुरल है। उसने अच्छी बैटिंग की। हम जीते, और मैं भी जीत चाहता था, वह भी जीत चाहता था। मुझे उसके लिए बुरा लग रहा है।’ मैदान पर दो भाइयों की प्रतिद्वंद्विता की दिखी झलक मैदान पर दोनों भाई की प्रतिद्वंद्विता देखिए। हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई 222 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही है। आरसीबी की तरफ से क्रुणाल पांड्या गेंदबाजी के लिए आए हैं। स्ट्राइक पर तिलक वर्मा हैं और नॉन स्ट्राइक एंड पर खड़े हैं हार्दिक पांड्या। क्रुणाल की पहली गेंद पर तिलक सिंगल लेते हैं और स्ट्राइक पर आते हैं हार्दिक पांड्या। क्रुणाल ओवर की दूसरी गेंद डालते हैं और विश्वंसक मूड में खेल रहे हार्दिक उस पर छक्का जड़ देते हैं। अगली गेंद और फिर वही अंजाम। हार्दिक ने भाई की गेंद पर फिर छक्का जड़ा। कॉमेंट्री बॉक्स में नवजोत सिंह सिद्धू और जतिन सप्रू का दो भाइयों की प्रतिद्वंद्विता पर अंदाजे-बयां भी देखिए। जानदार, शानदार, जबरदस्त…।

जयपुर : नाहरगढ़ में हुए हिट एंड रन मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई

जयपुर  राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ क्षेत्र में सोमवार देर रात हुए हिट एंड रन मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मंगलवार सुबह शास्त्री नगर निवासी 48 वर्षीय वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले सोमवार को लालदास का बाड़ा निवासी अवधेश पारीक (35 वर्ष) और शास्त्री नगर निवासी ममता कंवर (50 वर्ष) की मौत हो चुकी थी। फिलहाल, जयपुर हिट एंड रन हादसे में घायल कई लोग अस्पताल में इलाजरत हैं। जयपुर में हो रहा प्रदर्शन, छोटी चौपड़ पर पुलिस बल तैनात आरोपी चालक उस्मान खान की पहचान हो गई है और जानकारी के अनुसार वह विश्वकर्मा इलाके में लोहे की फैक्ट्री संचालित करता है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। इधर, छोटी चौपड़ पर इस घटना को लेकर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है और विरोध प्रदर्शन जारी है। देर रादत से ही पूरे इलाके में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। प्रदर्शन को देखते हुए छोटी चौपड़ पर भी भारी पुलिस मौजूद है। हाजी उस्मान खान? जिसने जयपुर की सड़कों पर 3 लोगों को रौंदा; कांग्रेस ने उठाया बड़ा कदम राजधानी जयपुर में नशे में धुत कांग्रेस नेता और फैक्ट्री चालक ने सोमवार रात तेज रफ्तार में एसयूवी कार दौड़ाते हुए पैदल चलते और गाड़ी सवार 9 लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में एक महिला समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर घायल हैं। कांग्रेस नेता उस्मान खान ने शहर के भीड़भाड़ इलाके में 7 किलोमीटर तक तेज रफ्तार में एसयूवी को दौड़ाया, जिससे कोहराम मच गया।  गौरतलब है कि कल रात तेज रफ्तार से एसयूवी कार दौड़ाने वाले ने 62 साल के नाहरी का नाका निवासी उस्मान खान बिजनेस के साथ जयपुर जिले की राजनीति में 20 सालों से सक्रिय हैं। उस्मान खान वार्ड 135 से पार्षद के लिए कांग्रेस से टिकट की मांग रहे थे। उस्मान खान विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में एडेक्यूएट इलेक्ट्रो मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से फैक्ट्री चलाते हैं, वो इस कंपनी के CEO हैं। उनकी कंपनी हॉस्पिटल बेड्स, चेयर, एंबुलेंस स्ट्रेचर आदि बनाती है। उस्मान खान को बीते दिनों 6वीं बार जयपुर शहर कांग्रेस में नियुक्ति मिली थी। हालांकि इस मामले के बाद जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने उस्मान खान को बर्खास्त कर दिया है। उनको तुरंत प्रभाव से जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। कड़ी से कड़ी सजा मिले- आरआर तिवाड़ी इस मामले को लेकर जयपुर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने कहा कि अपराध करने वाला चाहे किसी भी पार्टी का हो। कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उस्मान खान ने बड़ा अपराध किया है, ऐसे में बिना राजीतिक भेदभाव के कानूनी कार्रवाई की जाएं और सख्त सजा मिले। ताकि लोगों को ये पता रहे कि आप गाड़ी कैसे चला रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि जयपुर कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन देखकर मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग करेंगे।     जयपुर में एक कार चालक द्वारा तेज़ रफ़्तार में कई लोगों को कुचलने की घटना अत्यंत दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है, दुर्घटना में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।      अपराधी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए- डोटासरा वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि ‘जयपुर में एक कार चालक द्वारा तेज़ रफ़्तार में कई लोगों को कुचलने की घटना अत्यंत दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है, दुर्घटना में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। नशे की हालत में ऐसे कुकृत्य करने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है।’ पूरा घटनाक्रम… जयपुर परकोटा में नाहरगढ़ थाने के सामने से आधा किमी दूर तक तेज रफ्तार कार ने 9 लोगों को कुचला, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। कार ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों व कई दोपहिया वाहनों को भी चपेट में ले लिया। इससे बाजार में अफरातफरी मच गई। बाद में कार चालक वाहन छोड़कर भाग गया। घटना के बाद मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए और गलियों में तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाने की बात को लेकर आक्रोशित हो गए। पुलिस कार को थाने ला रही थी, तभी भीड़ ने कार में तोड़-फोड़ कर दी। भीड़ को उग्र होते देख आस-पास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया। अशोक गहलोत, सचिन पायलट ने जताई संवेदना, की कड़ी कार्रवाई की मांग राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘जयपुर में देर रात हुई दिल दहला देने वाली घटना में एक बेकाबू कार ने कई लोगों को कुचल दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।’ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “मैं इस हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनके परिजनों को हिम्मत देने की कामना करता हूं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”  

ब्रह्माकुमारीज की प्रधान राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी का 101 साल की आयु में निधन

सिरोही/आबूरोड  ब्रह्माकुमारीज की प्रमुख 101 वर्षीय राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी नहीं रहीं। उन्होंने अहमदाबाद के जाइडिस अस्पताल में रात 1ः20 बजे अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को शांतिवन लाया जा रहा है, जहां मुख्यालय शांतिवन के कॉन्फ्रेंस हाल में अंतिम दर्शनार्थ रखा जाएगा। 10 अप्रैल को सुबह 10 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। वो मात्र 13 वर्ष की आयु में ही ब्रह्माकुमारीज से जुड़ीं और पूरा जीवन समाज कल्याण में समर्पित कर दिया। 101 वर्ष की आयु में भी दादी की दिनचर्या ब्रह्ममुहूर्त में 3ः30 बजे से शुरू हो जाती थी। सबसे पहले वह परमपिता शिव परमात्मा का ध्यान करतीं। राजयोग मेडिटेशन उनकी दिनचर्या में शामिल रहा। रतनमोहिनी का जन्म 25 मार्च 1925 को सिंध हैदराबाद के एक साधारण परिवार में हुआ। माता-पिता ने नाम रखा लक्ष्मी। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि कल यही बेटी अध्यात्म और नारी शक्ति का जगमग सितारा बनकर सारे जग को रोशन करेगी। बचपन से अध्यात्म के प्रति लगन और परमात्मा को पाने की चाह में मात्र 13 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी ने विश्व शांति और नारी सशक्तिकरण की मुहिम में खुद को झोंक दिया। दादी वर्ष 1937 में ब्रह्माकुमारीज की स्थापना से लेकर आज तक 87 वर्ष की यात्रा की साक्षी रही हैं। पिछले 40 से अधिक वर्ष से आप संगठन के ही युवा प्रभाग की अध्यक्षा की भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकेन नेतृत्व में युवा प्रभाग द्वारा देशभर में अनेक राष्ट्रीय युवा पदयात्रा, साइकिल यात्रा और अन्य अभियान चलाए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने व्यक्त किया शोक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दादीजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और अनुयायियों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। 13 वर्ष की आयु में ब्रह्माकुमारी से जुड़ीं दादी रतनमोहिनी का जन्म 25 मार्च 1925 को सिंध (हैदराबाद) के एक सामान्य परिवार में हुआ था। माता-पिता ने उनका नाम लक्ष्मी रखा। बचपन से ही अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि थी। मात्र 13 वर्ष की आयु में वे ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ गईं और पूरी तरह समाज कल्याण और विश्व शांति के कार्यों में स्वयं को समर्पित कर दिया। संस्था के 87 वर्षों की यात्रा की साक्षी दादीजी 1937 में ब्रह्माकुमारीज की स्थापना से लेकर अब तक संस्था की 87 वर्षों की यात्रा की साक्षी रही हैं। वे ब्रह्मा बाबा के 1969 में अव्यक्त होने तक 32 वर्षों तक उनके साथ साये की तरह रहीं। उनका समर्पण, सेवा और नेतृत्व संस्था के लिए प्रेरणास्रोत रहा। युवा प्रभाग की रहीं अध्यक्षा पिछले चार दशकों से दादी रतनमोहिनी ब्रह्माकुमारीज के युवा प्रभाग की अध्यक्षा रहीं। उनके मार्गदर्शन में देशभर में अनेक युवा जागरूकता अभियान, साइकिल यात्राएं और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनका उद्देश्य युवाओं को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करना रहा। अनुशासित और साधनापूर्ण जीवन 101 वर्ष की आयु में भी दादी की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित रही। वे प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में 3:30 बजे उठतीं और राजयोग साधना में लीन हो जाती थीं। उनका जीवन ईश्वर-भक्ति, सेवा और सादगी का प्रतीक था। आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के निधन से आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर है। उनका देहावसान ब्रह्माकुमारी परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। दादी रतनमोहिनी में बचपन से ही भक्तिभाव के संस्कार रहे। छोटी सी उम्र होने के बाद भी आप अन्य बच्चों की तरह खेलने-कूदने के स्थान पर ईश्वर की आराधना में अपना ज्यादा वक्त गुजारती थीं। स्वभाव धीर-गंभीर था। पढ़ाई में भी होशियार होने के साथ प्रतिभा संपन्न रहीं हैं। दादीजी ने वर्ष 1937 से लेकर ब्रह्मा बाबा के अ‌व्यक्त होने (वर्ष 1969) तक साये की तरह साथ रहीं। इन 32 साल में आप बाबा के हर पल साथ रहीं। बाबा का कहना और दादी का करना यह विशेषता शुरू से ही थी। बहनों की ट्रेनिंग और नियुक्ति की कमान वर्ष 1996 में ब्रह्माकुमारीज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि अब विधिवत बेटियों को ब्रह्माकुमारी बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया और तत्कालीन मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि ने आपको ट्रेनिंग प्रोग्राम की हैड नियुक्त किया। तब से लेकर आज तक बहनों की नियुक्ति और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी दादीजी के हाथों में रही। दादी के नेतृत्व में अब तक 6000 सेवाकेंद्रों की नींव रखी गई है। युवा प्रभाग की संभाली कमान युवा प्रभाग द्वारा दादीजी के नेतृत्व में 2006 में निकाली गई स्वर्णिम भारत युवा पदयात्रा ने ब्रह्माकुमारीज के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। 20 अगस्त 2006 को मुंबई से यात्रा का शुभारंभ किया गया और 29 अगस्त 2006 का तीनसुकिया असम में समापन किया गया। स्वर्णिम भारत युवा पदयात्रा द्वारा पूरे देश में 30 हजार किलोमीटर का सफर तय किया गया। इसमें पांच लाख ब्रह्माकुमार भाई-बहनों ने भाग लिया। सवा करोड़ लोगों को शांति, प्रेम, एकता, सौहार्द्र, विश्व बंधुत्व, अध्यात्म, व्यसनमुक्ति और राजयोग ध्यान का संदेश दिया गया। भारत एकता युवा पदयात्रा दादी के ही नेतृत्व में 1985 में भारत एकता युवा पदयात्रा निकाली गई। इससे 12550 किलोमीटर की दूरी तय की गई। यात्रा का शुभारंभ तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने किया था। कन्याकुमारी से दिल्ली (3300 किलोमीटर) की सबसे लंबी यात्रा रही। भारी बारिश और तूफार के दौरान भी राजयोगी भाई-बहनों के कदम नहीं रुके और रेगिस्तान, जल, जंगल, पर्वत का लांघते हुए मिशन पूरा किया। 24 अक्टूबर 1985 को दिल्ली में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। दादी के निर्देशन में करीब 70 हजार किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्राएं निकाली गईं। 1985 में दादी ने की 13 पैदल यात्राएं वर्ष 2006 में निकाली गई युवा पदयात्रा ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जहां नाम दर्ज कराया, वहीं सभी यात्रियों ने 30 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा तय की। दादी ने 13 मेगा पैदल यात्राएं की हैं। अगस्त 1989 में देश के 67 स्थानों पर एकसाथ अखिल भारतीय नैतिक जागृति अभियान चलाया चलाया गया। अभियान में सैकड़ों स्कूल-कॉलेजों, युवा क्लब और सामाजिक सेवा संस्थानों में प्रदर्शनियां, व्याख्यान, सेमिनार और रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों ने भाग … Read more

रोहित शर्मा ने 9 गेंदों में 17 रन जरूर बनाए, रवि शास्त्री और इयान बिशप ने कहा-इन पारियों से कुछ नहीं होगा

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में रोहित शर्मा अब तक फीके रहे हैं। एक मैच में चोट के कारण वे बाहर बैठे, जबकि चार मैचों में खेले। इन मैचों में उनका स्कोर 0, 8, 13 और 17 है। आरसीबी के खिलाफ उन्होंने 9 गेंदों में 17 रन जरूर बनाए, लेकिन दूसरे ही ओवर में पवेलियन लौट गए। मुंबई इंडियंस भी पांच में से चार मुकाबले हार चुकी है। इसके लिए एमआई के पूर्व कप्तान की आलोचना हो रही है। पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री और वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर इयान बिशप ने रोहित शर्मा को एक बड़ी सलाह दी है। लेफ्ट आर्म पेसर्स का शिकार हो रहे रोहित शर्मा को कमेंट्री करते हुए इयान बिशप ने कहा, “उन्हें (मुंबई इंडियंस को) रोहित शर्मा से और अधिक की जरूरत है, ना कि केवल शुरुआत में 12-15 रन की छोटी शुरुआत मिले।” दूसरी ओर रवि शास्त्री ने कहा, “आदर्श रूप से, आप निरंतरता चाहते हैं। जो टीमें लंबा सफर तय करती हैं, उनमें आमतौर पर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अच्छा होता है। आपको रोहित शर्मा से 400 रन का सीजन चाहिए। 15 और 20 रन को 40 और 60 रन में बदलना चाहिए।” चार पारियों में रोहित शर्मा सिर्फ 38 रन बना सके हैं। यहां तक कि पिछले पांच आईपीएल सीजन में रोहित शर्मा सिर्फ एक बार 400 या इससे ज्यादा रन बना पाए हैं। पिछले साल उन्होंने 400 से ज्यादा रन सीजन में बनाए थे, लेकिन इस तरह की शुरुआत से लग नहीं रहा कि रोहित शर्मा उस आंकड़े तक पहुंच पाएंगे। हालांकि, अभी भी मुंबई इंडियंस के 9 लीग मैच बाकी हैं। अगर रोहित शर्मा का बल्ला आने वाले मैचों में नहीं चलता है तो टीम के लिए मुश्किलें हो सकती हैं। हालांकि, हेड कोच महेला जयवर्धने ने रोहित शर्मा को डिफेंड किया है। आरसीबी के खिलाफ मैच से पहले जयवर्धने ने कहा था, “अगर आप मुझे हर दो पारियों में किसी के प्रदर्शन को देखने के लिए कह रहे हैं, तो यह थोड़ा अनुचित है। उनकी आखिरी पारी की मेरी याददाश्त चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली पारी थी। इसलिए हमें अनुभवी खिलाड़ियों का समर्थन करना होगा और उन्हें टीम में शामिल करना होगा। हमने हमेशा, मुंबई के रूप में, हमारे लिए प्रदर्शन करने के लिए कोर ग्रुप का समर्थन किया है, इसलिए हम ऐसा करने जा रहे हैं। हम अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना जारी रखेंगे ताकि वे हमारे लिए परिणाम प्राप्त कर सकें।”

सुप्रीम कोर्ट ने OBC वर्ग के 27 फीसदी रिजर्वेशन के खिलाफ स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे समय से ओबीसी को आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। इस पर अब बड़ी खबर सामने आई है। एमपी ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लागू रहेगा सुप्रीम कोर्ट ने एमपी हाई कोर्ट के फैसले को सही माना है। साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लगाई स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। दरअसल, साल 2019 में कमलनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था। विधानसभा में इसका विधेयक पास हो गया। 2 सितंबर 2021 के दिन सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का सर्कुलर जारी कर दिया। हालांकि इसके साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने निरस्त की चुनौती वाली याचिका यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से लगाई याचिका में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 28 जनवरी 2025 को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद इस संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की। इस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। उन्होंने याचिका खारिज करते हुए कहा कि 27 फीसदी ओबीसी को आरक्षण लागू होने में मध्य प्रदेश में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ इस मामले में हाईकोर्ट भी यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को दो याचिकाएं खारिज की थीं। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में लगी एसएलपी खारिज कराने के लिए ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना पक्ष दमदारी से रखा। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज होने के साथ ही एमपी में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है। आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ की याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पक्ष प्रस्तुत करने कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं हुआ। इससे सरकार द्वारा मामले को जानबूझकर लटकाने की कोशिश करने की आशंका उत्पन्न हुई। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने न केवल याचिका को खारिज कर दिया बल्कि ये भी साफ कर दिया है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने मामले की सुनवाई की। एडवोकेट वरुण ठाकुर एवं एडवोकेट रामकरण ने ओबीसी महासभा की ओर से पक्ष रखा। ओबीसी महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में यह केस लड़ने के लिए समुदाय ये एक-एक रुपए एकत्रित किए थे। ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण एमपी में कांग्रेस की तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। 2019 में लिए गए इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई थी जिसे खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में यह एसएलपी यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन द्वारा दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एमपी हाईकोर्ट के आदेश को उचित बताते हुए स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण में कोई न्यायिक अड़चन नहीं हैं। गौरतलब है कि फरवरी माह में ही एमपी हाईकोर्ट जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ और न्यायाधीश विवेक जैन की युगलपीठ ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के कानून का पालन करने का आदेश दिया था। पीठ ने यह भी कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। वायरल हुआ पूर्व सीएम कमलनाथ का बयान मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए यह स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर कोई रोक नहीं हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में 2019 में मैंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया था। उसके बाद से बनी भाजपा की सरकार असंवैधानिक रूप से षडयंत्र रचकर लगातार ओबीसी को आरक्षण से वंचित कर रही है। पहले माननीय मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने वाले क़ानून पर कोई रोक नहीं है। बीजेपी को अब मध्य प्रदेश के ओबीसी समाज से माफी मांगनी चाहिए और तत्काल प्रभाव से प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देना चाहिए।

जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान सफलतापूर्वक जारी हैं। यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक कदम है। इसमें हर नागरिक को जोड़ने का उद्देश्य है, जिससे हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें। यह अभियान जल संरचनाओं के सतत संरक्षण और भविष्य की जल आवश्यकतों की पूर्ति के लिये एक सशक्त कदम है। राज्य में अभियान अन्तर्गत स्थनीय जनप्रतिनिधियों, आमजनों, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल बचाव के लिये विभिन्न गतिविधियाँ की जा रही हैं। जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं : केंद्रीय मंत्री उईके बैतूल जिले में जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जनभागीदारी से एक प्रेरणादायी पहल की गई। बैतूल के जयप्रकाश वार्ड स्थित माचना नदी के दामादैयात घाट पर एक वृहद नदी स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें इस विशेष अभियान में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद डी.डी. उइके सहित जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।  इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री उईके ने जल संकट की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। शाहपुर में लगाये गये सार्वजनिक प्याऊ जल गंगा संवर्धन अभियान एवं ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए नगर परिषद शाहपुर द्वारा नगर के प्रमुख स्थानों नाचनखेड़ा फाटा, बस स्टैंड क्षेत्र, बम्भाडा फाटा आदि स्थानों पर सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इस सुनियोजित व्यवस्था से राहगीरों, नगरवासियों, व्यवसायियों को शीतल पेयजल की सुविधा मिल रही है। शहडोल में सेल्फी लेकर दिया गया जल संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश जल को सहेजने एवं संरक्षण हेतु जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत शहडोल में जल के सरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देने हेतु सेल्फी पॉइंट बनाया गया है जिसमें आमजन सेल्फी लेकर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन का संदेश दे रहे हैं। मुरैना के बड़वारी ताला ब का किया सफाई कार्य मुरैना जिले में ग्राम पंचायत बड़वारी के तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। यह कार्य तालाब की बंड पर जल गंगा संवर्धन में साफ-सफाई और मशीन के द्वारा मिट्टी हटाने का कार्य जन सहयोग से किया गया। देवास में स्टॉप डैम मरम्मत एवं तालाब गहरीकरण कार्य जल गंगा संवर्द्धन अभियान से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास जिले के बागली विकासखंड की ग्राम पंचायत बरखेड़ा सोमा में स्टॉप डैम की मरम्मत का कार्य जनसहभागिता से किया गया। साथ ही जनपद पंचायत टोंकखुर्द की ग्राम पंचायत देवली में तालाब गहरीकरण का कार्य किया गया। अभियान के अंतर्गत जिले के तालाबों, नदियों, नालों, कुएं बावड़ियों सहित अन्य जल संरचनाओं की साफ-सफाई की जा रही है। इसके साथ ही इनके गहरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। अभियान में पौध-रोपण और रोपे गये पौधों के स्थल की साफ-सफाई की जा रही है। उज्जैन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत क्षीरसागर में सफाई की गई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शनिवार को सप्त सागरों में एक सागर क्षीरसागर कुंड पर कुंड की सफाई अभियान का कार्य नगर निगम द्वारा प्रारंभ किया गया जिसमें उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सदस्य गण एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। धार में जल संरक्षण को लेकर महिला संगोष्ठी और स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित धार जिले के तिरला विकासखंड के प्रेम नगर ग्राम में महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल उपयोग की सतत विधियों के प्रति जागरूक करना था। संगोष्ठी में महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और जल बचाने की शपथ ली। इसके साथ ही, प्रेम नगर के मॉडल स्कूल में छात्र-छात्राओं को भी जल संरक्षण पर जागरूक किया गया।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 59.75 करोड़ रूपए के 22 कार्यों का शिलान्यास, 3.64 करोड़ रूपए की लागत के पांच कार्यों का लोकार्पण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 63 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने जिला मुख्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में 59.75 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का भूमिपूजन और 3.64 करोड़ रुपये के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें जय स्तंभ चौक के सौंदर्यीकरण, छात्रावासों के निर्माण, सामुदायिक भवन, कम्पोस्ट सेंटर और आरआर सेंटर जैसी जनोपयोगी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए कार्यों में नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और पंचायत एवं ग्रामीण सड़क विकास विभाग से जुड़े 22 महत्वपूर्ण विकास कार्य सम्मिलित हैं। इनमें बीटी रोड, सीसी रोड, नालियों और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, सामुदायिक भवन, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट विस्तार, तालाब और पार्क उन्नयन, छात्रावास भवन और सड़क निर्माण कार्य प्रमुख हैं। जय स्तंभ चौक सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के जय स्तंभ चौक में 23 लाख 86 हजार की लागत से कराये गए सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। भारत के स्वतंत्रता दिवस कीे यादगार के रूप में स्थापित जय स्तंभ चौक का उन्नयन कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जय स्तंभ चौक वर्षों तक आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देता रहेगा, राष्ट्रसेवा हेतु सभी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं जशपुर जिले के समग्र विकास और नागरिकों की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि वर्तमान में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति और औषधीय वनस्पतियों से जुड़े सदियों पूराने ज्ञान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। झाबुआ जिले में पारम्परिक औषधीय ज्ञान को संरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल की गई है। “डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार” कार्यशाला का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि झाबुआ की धरती पर लोक ज्ञान का अपार भंडार है। इस कार्यशाला में 75 से अधिक पारम्परिक जड़ी-बूटी विशेषज्ञों को एकत्रित किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जिले के सभी विकासखंडों से एकत्रितहुएइन विशेषज्ञों ने इस अंचल में पाये जाने वाले जड़ी बूटियों का परम्परागत ज्ञान साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह परम्परागत ज्ञान विलूप्त न हो जाये और आने वाली पीढ़ियों तक इसके हस्तांतरण के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पूरी दुनिया ने कोरोना काल में आयुर्वेद की शक्ति को पहचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया है और देश भर में आयुर्वेद का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इसी से परम्परागत ज्ञान को लिपीबद्ध करने से इसको संरक्षित किया जा सकेगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि भविष्य में सभी जानकारियों का सुव्यवस्थित संकलन कर हिन्दी और अंग्रेजी में दस्तावेज तैयार किये जायेगें। इसमें जड़ी बूटियों के नाम, स्त्रोत, प्रयोग विधि, मात्रा, उपलब्धता और उपचार की प्रक्रिया को विस्तार से दर्ज किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री नेहा मीणा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पिछले 6 माह में जिले के सभी विकासखंडों में जड़ी बुटी विशेषज्ञों का सर्वेक्षण कर 157 विशेषज्ञों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास केवल जानकारी का संग्रह नहीं बल्कि परम्परिक चिकित्सा पद्धति के दस्तावेजीकरण की एक सशक्त शुरूआत है।

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।  

मुख्यमंत्री 2 छात्रावासों का भी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण, अन्य मंत्रिगण भी होंगे वर्चुअल शामिल

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर के विकास में नए अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहे नवनिर्मित आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) को मंगलवार 8 अप्रैल को जनता को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस आरओबी का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। चंद्रबदनी नाका से न्यू कलेक्ट्रेट मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग क्रमांक-418 पर विवेकानंद नीडम के समीप लगभग 42 करोड 80 लाख रूपए की लागत से यह आरओबी बनकर तैयार हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी एवं सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह तथा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी शामिल होंगे। मंगलवार 8 अप्रैल को अपरान्ह 3.30 बजे यहाँ नाका चंद्रबदनी की ओर संभाग आयुक्त कार्यालय के समीप आरओबी का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। लोकार्पण कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, महापौर श्रीमती डॉ. शोभा सिकरवार, विधायक डॉ. सतीश सिकरवार व नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग और रेलवे द्वारा लगभग 937 मीटर लम्बाई और 76 मीटर स्पान में 42 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से इस आरओबी का निर्माण किया गया है। रेलवे द्वारा आरओबी के 37 मीटर भाग का निर्माण किया गया है। इस आरओबी के प्रारंभ हो जाने से एजी ऑफिस ब्रिज पर यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही लश्कर कम्पू से लेकर अन्य बस्तियों के निवासियों को कलेक्ट्रेट व न्यू सिटी सेंटर की बस्तियों एवं हाईवे तक जाने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही जाम से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री 2 छात्रावासों का भी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव आरओबी के साथ-साथ लगभग 7 करोड 87 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन ठाटीपुर व अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन सिरोल का भी वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। ये दोनों छात्रावास 50 – 50 सीटर हैं और प्रत्येक छात्रावास का निर्माण 3 करोड 93 लाख 38 हजार रूपए की लागत से किया गया है।  

15 जिलों के आबकारी अधिकारियों के होंगे तबादले

भोपाल प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 15 जिलों के जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) हटाए जा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़़ा ने ऐसे जिलों की सूची मांगी थी, जहां डीईओ का प्रदर्शन खराब है। इनमें छिंदवाड़ा, विदिशा, बड़वानी और राजगढ़ के डीईओ का प्रदर्शन(परफारमेंस) खराब बताया जा रहा है। ये जिले राजस्व लक्ष्य में पिछड़ गए हैं। वहीं नर्मदापुरम, छतरपुर, झाबुआ, टीकमगढ़ और खंडवा जिले में एक ही जिला आबकारी अधिकारी के पदस्थ रहते तीन साल से अधिक हो गया है। वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव ने ऐसे जिलों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही इनके तबादले किए जा सकते हैं।     विभाग में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां कनिष्ठ अधिकारी, जैसे कि सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ), जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।     इस स्थिति को देखते हुए आबकारी महकमे में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।     इसमें शिवपुरी, नरसिंहपुर, आलीराजपुर, सहित कई जिले शामिल हैं, जहां नए अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक हो गई है।  

विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा खेतों में काम करने वाले किसानों को आगाह किया

भोपाल मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा खेतों में काम करने वाले किसानों को आगाह किया है कि वे अपनी फसलों और घास की ढेरियां हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं। कंपनी ने कहा है कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए आमजन भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करें एवं बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बना कर ही अपनी फसलों को रखें। कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें तथा सुरक्षित दूरी बनायें रखें। यदि आँधी तूफान में खंबे, तार टूटे हों तो इसकी सूचना तत्काल शिकायत कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912, उपाय एप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में दें। जमीन पर पड़े तारों को छूने या स्पर्श करने की गलती न करें। साथ ही पार करने का प्रयास न करें। पान टपरों तथा ऐसी दुकानों जिनमें लोहे की चादर का इस्तेमाल होता है, में वायरिंग को सुरक्षित ढंग से पी.वी.सी. पाईप के द्वारा ही कराई जाए। किसी प्रकार की कटी-फटी लूज वायरिंग से जान-माल का खतरा हो सकता है। बारिश के दौरान विद्युत खम्बे /स्टे के पास पानी भराव वाले स्थान से निकलने की जल्दी न करें। सावधानी बरतें क्योंकि बारिश के दौरान करंट लीकेज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बच्चों और मवेशियों का विशेष ध्यान रखें। अपने मवेशी को बिजली के खम्बे, स्टे वायर इत्यादि से न बांधें। कपड़े सुखाने के लिये जी.आई. तार अथवा रस्सी, सर्विस लाईन के पाईप या बिजली के खम्बों से कभी न बांधें। इसमें करंट आने की संभावना बनी रहती है। घर की दीवार, उपकरण, नल आदि में लीकेज करंट आने पर प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से तत्काल ठीक कराएं। खेतों में लोहे के कटीले तारों की फेंसिंग को आपस में शार्ट कर कई स्थानों पर अर्थिंग कराएं। इन तारों में असावधानीवश करंट आने की संभावना बनी रहती है। इससे जान-माल के नु‍कसान का खतरा रहता है।  मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू विद्युत उपकरणों, वायरिंग, स्विच इत्यादि को स्वयं सुधारने के बजाय किसी प्रशिक्षित एवं अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की सेवाएं लें। मानव जीवन अमूल्य है। बिजली के स्विच/सॉकिट/बिजली उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें। विद्युत पोल से ही कनेक्शन लें, बीच तारों में कटिया डालकर विद्युत का उपयोग न करें, यह दण्डनीय अपराध है।  शादी, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त भार के लिये अस्थायी कनेक्शन लें तथा उचित क्षमता की उच्च गुणवत्ता की केबिल का ही उपयोग करें। कटे-फटे तारों का उपयोग कतई न करें। स्वीकृत भार से अधिक लोड का उपयोग न करें। उचित क्षमता के एम.सी.सी.बी/कट-आउट लगाने के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का ही उपयोग करें। वर्ष में एक बार अपने परिसर की वायरिंग, फिटिंग, अर्थिंग अनुभवी एवं दक्ष इलेक्ट्रीशियन से अवश्य चैक कराएं।  विद्युत लाईन के नीचे एवं ट्रांसफार्मर्स के नजदीक भवन निर्माण/ दुकान/ बैनर/ ईट भट्टा न लगाएँ। विद्युत लाईन के नीचे कोई स्थाई-अस्थाई निर्माण न करें। फसल इत्यादि का संग्रहण न करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर ही निर्माण करें। किसान भाई खेतों में कटाई एवं गहाई की जा रही फसलों को बिजली के तारों के नीचे, बिजली के खम्बों एवं स्थापित ट्रांसफार्मर/ स्टे तारों के पास एकत्रित न करें। खेतों में विद्युत उपयोग के लिये कटी-फटी डोरी का उपयोग न करें।  

मोटापे से त्रस्त चीनी, एक्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं बीमारियों के मरीजों में जबरदस्त वृद्धि

बीजिंग  चीन में तेजी से एक बीमारी पांव पसार रही है। अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया तो 2030 तक पूरे चीन की 65 प्रतिशत आबादी इस बीमारी से पीड़ित होगी। यह खुलासा चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने किया है। इस बीमारी का नाम मोटापा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बीमारी से पहले देश में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों के मरीजों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। ऐसे में आबादी में मोटापे की समस्या भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है। एक्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग पिछले साल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) और अन्य सरकारी विभागों ने इस समस्या से निपटने के लिए तीन साल की योजना शुरू की, जिसमें आहार और व्यायाम संबंधी सिफारिशें शामिल हैं। पिछले महीने इसने देश भर के अस्पतालों में “वेट मैनेजमेंट क्लीनिक” शुरू करने की योजना की घोषणा करके अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया। चीन में इस प्रयास के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। अमेरिका-भारत से ज्यादा मोटे व्यक्ति चीन में पिछले महीने द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2021 तक चीन में अधिक वजन वाले या मोटे वयस्कों की संख्या 400 मिलियन के आंकड़े को पार कर गई थी – जबकि भारत में यह 180 मिलियन या संयुक्त राज्य अमेरिका में 172 मिलियन थी। अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या बढ़कर 630 मिलियन हो जाएगी। अध्ययन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिसके अनुसार बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) – किसी व्यक्ति के वजन को उसकी ऊंचाई के वर्ग से भाग देने पर मिलने वाला मान – 30 से अधिक होने पर उसे मोटापे से ग्रस्त माना जाता है। 2030 तक चीन की 65 फीसदी आबादी पर खतरा हालांकि, चीनी सरकार के पास मोटापे की अपनी परिभाषा है, जो 24 से अधिक बीएमआई को अधिक वजन और 28 से अधिक रीडिंग को मोटापे के रूप में वर्गीकृत करती है। एनएचसी ने चेतावनी दी कि एक आधिकारिक अध्ययन ने भविष्यवाणी की थी कि 2030 तक 65 प्रतिशत चीनी वयस्क अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होंगे। अध्ययन ने यह भी गणना की कि तब तक अधिक वजन और मोटे रोगियों के इलाज पर 418 बिलियन युआन (यूएस $ 57 बिलियन) खर्च होंगे, जो वार्षिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बजट के 22 प्रतिशत के बराबर है, जबकि 2022 में यह 8 प्रतिशत होगा। लोगों के वजन को कम करने का प्लान बना रहा चीन पिछले महीने राष्ट्रीय विधायिका और शीर्ष राजनीतिक सलाहकार निकाय की बैठक के दौरान, संक्रामक रोग विशेषज्ञ झांग वेनहोंग ने कहा कि स्वास्थ्य प्रणाली “बड़े पेट वालों को लक्षित करेगी।” उन्होंने कहा, “हम लोगों को वजन कम करने में मदद करना चाहते हैं।” लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि जीवनशैली में बदलाव करना एक चुनौती है। शंघाई में बैंक कर्मचारी 33 वर्षीय वांग शियाओनी ने कहा कि जब वह तनावग्रस्त और दुखी महसूस करती थी तो वह अक्सर ज़्यादा खाती-पीती थी और अक्सर उसके पास व्यायाम करने का समय नहीं होता था।

रूपनिया डेम में एक व्यक्ति का शव ठिकाने लगाने जा रहे तीन व्यक्तियों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया तथा उनकी पिटाई की

रतलाम  जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम मोरिया के समीप रूपनिया डेम में एक व्यक्ति का शव ठिकाने लगाने जा रहे तीन व्यक्तियों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया तथा उनकी पिटाई की। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी व जवान मौके पर पहुंचे तथा तीनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। मृतक की पहचान 32 वीं बटालियन के प्रधान आरक्षक गुलाबसिंह पंवार निवासी ग्राम डाबड़िया राजपूत थाना तराना जिला उज्जैन के रूप में हुई है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है।     जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम मोरिया के समीप रूपनिया डैम में कुछ व्यक्ति कार में एक व्यक्ति का शव लेकर उसे ठिकाने लगाने पहुंचे थे।     तभी गांव के चौकीदार ने उन्हें देख लिया तो आरोपित कार लेकर वहां से भागे। वे कार लेकर पास के गांव रणायरा गुर्जर होकर जा रहे थे तभी रास्ते में कार खराब होकर रूक गई।     इसी बीच आरोपित कार से उतरे तथा कार छोड़कर भागने लगे। ग्रामीण उन्हें भागता देख कार के पास पहुंचे तो उसमें एक व्यक्ति का शव था।     सूचना मिलने पर जावरा ग्रामीण एसडीओपी संदीप मालवीय, एसआई शिवेंद्र कुमार व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा तीनों को हिरासत में ले लिया। जीप के सामने आकर ग्रामीणों को सौंपने की मांग     पुलिस आरोपितों को बैठाकर जीप से ले जाने लगी तो ग्रामीण जीप के सामने आकर आरोपितों को उन्हें सौंपने की मांग करने लगे।     एक एसआई पुलिस जीप के बौनट पर बैठकर गुस्ताएं ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास करने लगे।     वे ग्रामीणों को आरोपितों को पकड़ने के लिए धन्यवाद देते हुए कहने लगे कि आपके सहयोग से ही आरोपित पकड़ में आए है।     आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पर ग्रामीण शांत हुए तथा पुलिस आरोपितों को जीप से रिंगनोद थाने पर ले गई। पूछताछ की जा रही है     प्रारंभिक पूछताछ में एक आरोपित द्वारा किसी महिला पर बुरी नजर रखने की बात को लेकर घटना सामने आई है। हत्या किस स्थान पर की गई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक के स्वजन को सूचना दी गई है। शव जावरा के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। आरोपितों तों से पूछताछ की जा रही है-संदीप मालवीय, एसडीओपी जावरा  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet