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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी, आज से दिल्ली का बजट सत्र शुरू

नई दिल्ली दिल्ली बजट पेश किए जाने से पहले खीर सेरेमनी हुई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भगवान राम को भोग लगाया. इस तरह की सेरेमनी पहली बार हुई है. इसके बाद कल यानी 25 मार्च को दिल्ली का बजट पेश होना है. इसके अलावा, जिन लोगों ने बजट के सुझाव दिए हैं, उन्हें खीर दिया जाएगा. एक तरफ दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली बजट के लिए “खीर समारोह” कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ AAP विधायक दिल्ली विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिल्ली सरकार से पूछ रहे हैं कि महिला लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रति माह कब मिलेंगे? दिल्ली का बजट कैसे तय होता है? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी. आज यानी सोमवार से दिल्ली का बजट सत्र शुरू होगा जो 28 मार्च तक चलेगा. सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बजट की रूपरेखा बताई है. उन्होंने इस बजट को ‘विकसित दिल्ली बजट’ करार दिया और बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, प्रदूषण और जलभराव की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर दिल्ली का बजट कैसे तय होता है, केंद्र से इसके लिए कितनी मदद मिलती है और दिल्ली की आमदनी के सोर्स क्या हैं? दिल्ली एक केंद्रीय शासित क्षेत्र है, जिसका प्रशासन केंद्र और राज्य दोनों द्वारा साझा किया जाता है. दिल्ली के बजट को राज्य सरकार द्वारा तैयार किया जाता है, लेकिन इस पर केंद्र सरकार का भी प्रभाव होता है. यह दिल्ली सरकार के खर्चों और आमदनी से संबंधित होता है. इसमें मुख्य रूप से राज्य के विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए धन आवंटित किया जाता है. केंद्र से कितनी मदद मिलती है? दिल्ली को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं पर निर्भर करती है. केंद्र से प्राप्त होने वाली मदद का मुख्य स्रोत केंद्रीय योजनाएं और फंडिंग होती हैं. केंद्र सरकार के कई प्रमुख योजनाओं, जैसे स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिल्ली को मदद मिलती है.  

मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना

प्रदेश में हो रहा है तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल निर्देशन में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से हो रहे है। विकास के कीर्तिमान स्थापित हुये हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जामसांवली सहित प्रदेश में 13 अलग-अलग लोक के निर्माण कार्य से धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। हनुमान लोक का प्रथम चरण का कार्य मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है और द्वितीय चरण में शीघ्र ही हनुमान लोक के विकास के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रत्येक वर्ग के कल्याण के कदम उठाए गए हैं। पांढुर्णा में सभी विकास कार्य होंगे, जिससे जिले में औद्योगिक विकास होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पडवा (नये विक्रम संवत) की शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि नये साल में पांढ़ुर्णा के विकास को प्राथमिकता से किया जाएगा। । मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को पांढुर्ना में चमत्कारिक हनुमानजी के मंदिर परिसर जामसांवली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वर्गों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध सरकार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार विकास हो रहे हैं और सभी वर्गों के कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीबों के लिये सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। इस बार किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी जायेगी। साथ ही धान उत्पादन पर भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार देने का लक्ष्य है। लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं जो रुकी थीं, वे सभी हो रही हैं। इसी प्रकार गरीबों के हित लिये भी लगातार कार्य किये जा रहे हैं। चमत्कारिक हनुमानजी का किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जामसांवली में चमत्कारिक हनुमानजी का पूजन-अर्चन कर प्रदेश के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कन्या-पूजन कर सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक कमलेश शाह, पूर्व विधायक नाना भाउ मोहोड़, कलेक्टर अजय देव शर्मा, एसपी सुंदर सिंह कनेश, मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पं. रमेश दुबे, संतोष जैन, नरेन्द्र परमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी और आम जन उपस्थित थे।  

अभी लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने और नए नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं: महिला एवं बाल विकास मंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना को लेकर नई बहस शुरु हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा है कि अभी योजना की राशि बढ़ाने और नए नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बयान के बाद राज्य में हलचल मच गई है। साल 2023 में शुरू हुई इस योजना ने पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचाया था। अब मंत्री के इस बयान से कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। गेम चेंजर कहलाती है लाडली बहना योजना साल 2023 में मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना शुरू हुई थी। इस योजना का असर चुनावों में देखने को मिला। माना गया कि इस योजना से आधी आबादी यानी महिला वोटरों को साधा जा सकता है। इसके बाद देश के कई राज्यों में भी ऐसी योजनाएं शुरू हुईं या चुनावी वादों में शामिल की गईं। दिल्ली विधानसभा चुनाव इसका ताजा उदाहरण है। लेकिन जिस मध्य प्रदेश से यह योजना पूरे देश में फैली, वहीं से अब इस योजना को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विधानसभा में मंत्री ने दिया जवाब विधानसभा में एक सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि अभी लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने और नई लाडली बहनों के नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दरअसल, 2023 में मध्य प्रदेश में सीएम का चेहरा बदला। तब कांग्रेस ने योजना के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में भी लाडली बहना योजना बिना किसी परेशानी के चल रही है। हर महीने हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में 1250 रुपए की राशि डाली जा रही है। सीएम ने मंच से किया था ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में देवास में कहा था कि वे इस योजना की राशि को 3 हजार रुपए प्रति महीना तक ले जाएंगे। लेकिन अब लाडली बहना योजना को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उससे योजना एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस विधायक ने पूछा था सवाल विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि वर्तमान में लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। कांग्रेस के सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में लाडली बहना योजना को लेकर लिखित सवाल पूछे थे। महिला विकास मंत्री ने दिए जवाब सरकार की तरफ से जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि जांच के बाद 35 महिलाओं को अपात्र पाया गया। इसलिए उनके नाम योजना से काटे गए हैं। 15748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद योजना से काटे गए हैं। 60 साल की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम नियमानुसार पोर्टल से अपने आप हट गए हैं। इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी योजना शुरू करते समय ही दे दी गई थी। राशि बढ़ाने का कोई विचार नहीं वहीं, योजना की राशि बढ़ाने को लेकर जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाडली बहना योजना के तहत राशि को 3000 रुपए तक करने का वर्तमान में विभाग स्तर पर कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि लाडली बहना योजना में नए हितग्राही जोड़ने का वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कांग्रेस ने बताया जनता के साथ धोखा हालांकि, इस जवाब को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और लाखों महिलाओं के साथ धोखा बताया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लाड़ली बहनों के साथ धोखा किया गया है। उन्हें 3 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है और यह बात खुद मंत्री ने स्वीकार की है। इसके अलावा लंबे समय से लाडली बहना के रजिस्ट्रेशन बंद हैं, जिससे पात्र होने के बाद भी महिलाओं के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। इससे साफ होता है कि योजना का सहारा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए लिया गया था।

बिना टिकट यात्री और स्टॉल्स पर ठोका ₹79,600 का जुर्माना, रेलवे मजिस्ट्रेट की सख्त कार्रवाई

भोपाल भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व रेलवे मजिस्ट्रेट श्री अनुराग खरे ने किया, जिनके साथ डीसीटीआई श्री फांसी चाको, 5 टिकट चेकिंग स्टाफ और 12 आरपीएफ स्टाफ उपस्थित रहे। इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर और वहां स्थित स्टॉल्स का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यात्रियों के टिकटों की गहन जांच की गई, जिसमें 32 मामलों में बिना टिकट यात्रा करने पर कुल ₹13,990 का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा स्टॉल्स एवं स्टेशन परिसर में विभिन्न अनियमितताओं के तहत 78 मामलों में कार्रवाई कर कुल ₹65,610 का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार, इस विशेष अभियान में कुल ₹79,600 का जुर्माना वसूला गया। रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा इस कार्रवाई के तहत प्रमुख रूप से निम्न प्रकार के मामलों में जुर्माना लगाया गया धारा 137 के तहत बिना टिकट यात्रा करने, धारा 144 के तहत अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचने, धारा 141 के तहत अवैध रूप से चेन पुलिंग करने, धारा 145 के तहत स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने, धारा 147 के तहत बिना प्लेटफार्म टिकट के स्टेशन परिसर में पाए जाने, धारा 155 के तहत विकलांग कोच में अवैध रूप से यात्रा करने, धारा 159 के तहत नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई की गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस तरह के विशेष जांच अभियान समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि रेलवे परिसर को सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान रेलवे नियमों का पालन करें और बिना टिकट यात्रा एवं अवैध गतिविधियों से बचें। रेल प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखे जाएंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 3 महीने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य जल को संरक्षित रखना और उसका संवर्धन करना मुख्य है. इसी अभियान के तहत सरकार जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग भी करने जा रही है ताकि सरकार के पास डिजिटल डाटाबेस उपलब्ध हो सके. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. इस जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कैबिनेट में भी मंजूरी हो चुकी है. यह अभियान पिछले साल भी चलाया गया था. डिजिटल डाटाबेस किया जाएगा तैयार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक कदम उठाने जाना है. इसी कड़ी में सरकार डिजिटल मैपिंग भी करवा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुताबिक प्रदेश के सभी 55 जिलों की जल संरक्षण का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा. लोगों को मिलेगा काफी लाभ इस अभियान के जरिए जल संरचनाओं में जल भराव की स्थिति और दो भिन्न ऋतु की सेटेलाइट के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की जाएगी ताकि प्री और पोस्ट मानसून का डाटा तैयार किया जा सके. सरकार का दावा है कि डिजिटल मैपिंग के बाद पेयजल और अन्य सिंचाई संबंधी जल की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे. इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा. जल संरचनाओं का किया जाएगा वर्गीकरण मध्य प्रदेश में चलाए जाने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत समस्त जल संरचनाओं जैसे नदी, तालाब, बावड़ी, पोखर आदि का वर्गीकरण किया जाएगा. इसके अलावा ऐतिहासिक महत्व की जल संरचना जैसे बड़े जलाशय, खेत तालाब, रिचार्ज टैंक, स्टोरेज टैंक आदि का अलग से वर्गीकरण किया जाएगा. इसका भी डाटाबेस सरकार तैयार करेगी. जल संरचनाओं की लोकेशन भी हाईटेक होगी सरकार डिजिटल मैपिंग के जरिए जल संरचनाओं के नाम, उनका अधिपत्य आदि की जानकारी जिओ टेगिंग के माध्यम से उनकी लोकेशन भी सुनिश्चित करेगी. सरकार के पास पूरा हाईटेक डाटा तैयार होगा इसके कई लाभ भविष्य में मिलने के दावे किए जा रहे हैं.

11 माह में गंदगी फ़ैलाने वालों से 35 लाख 49 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 19502 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 35 लाख 49 हजार 245 रूपये जुर्माना वसूला गया। अकेले फरवरी माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1024 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 2 लाख 3 हजार 400 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है। रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे। 

ग्वालियर शहर में आवारा श्वानों के वैक्सीनेशन के लिये संचालित एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे: कलेक्टर

ग्वालियर ग्वालियर शहर में आवारा श्वानों के वैक्सीनेशन के लिये संचालित एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे। इसके साथ ही नगर निगम विशेष दल गठित कर शहर भर में आवारा श्वानों के टीकाकरण का विशेष अभियान चलाएँ। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने ग्वालियर नगर निगम द्वारा बिरलानगर पुल के नीचे संचालित एबीसी सेंटर का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, अपर आयुक्त श्री मुनीष सिकरवार, एबीसी सेंटर के संचालन में लगी एजेंसी के पदाधिकारी एवं निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।  कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि ग्वालियर शहर में श्वानों के काटने की कई घटनायें सामने आई हैं। इनको देखते हुए एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे। सेंटर में प्रतिदिन क्षमता के अनुरूप श्वानों को लाकर उनके वैक्सीनेशन एवं अन्य कार्य को किया जाए। सेंटर में आने वाले सभी श्वानों को मेडीकल उपचार के साथ-साथ निर्धारित रोस्टर के अनुरूप भोजन भी उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा है कि एबीसी सेंटर के साथ-साथ शहर भर में आवारा श्वानों के टीकाकरण के लिये निगम विशेष अभियान चलाए। इसके लिये टीमों की संख्या बढ़ाकर शहर के सभी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन का कार्य किया जाए। वैक्सीनेशन के कार्य को ट्रेंड स्टाफ के माध्यम से ही किया जाए, यह भी सुनिश्चित हो। एबीसी सेंटर के कर्मचारियों के साथ-साथ निगम का अमला भी इस कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

ग्वालियर जिले के प्रवास पर आज रहेंगे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल

ग्वालियर केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 24 मार्च को ग्वालियर जिले के प्रवास पर रहेंगे। श्री सिंधिया इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया 24 मार्च को प्रात: 10.30 बजे विजयाराजे शासकीय कन्या महाविद्यालय मुरार के वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे और विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से कल्याणी – छीमक होते हुए अपरान्ह 1.15 बजे भितरवार पहुँचेंगे और वहाँ पर भितरवार व डबरा क्षेत्र के विद्युत उपकेन्द्र और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। श्री सिंधिया इस कार्यक्रम के बाद सड़क मार्ग द्वारा ग्वालियर में कोटेश्वर पैलेस गार्डन पहुँचकर होली मिलन समारोह में शामिल होंगे।  केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया 24 मार्च को ग्वालियर में रात्रि विश्राम करेंगे और 25 मार्च को दोपहर 12.20 बजे राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल से वायुमार्ग द्वारा नई दिल्ली के लिये प्रस्थान करेंगे।

संभल जाओ नहीं तो हो जाएगा सब बर्बाद! इन गलतियों के कारण महिलाओं पर ज्यादा अटैक कर रहा कैंसर

नई दिल्ली भारत के प्रमुख चिकित्सा पैनल ने खुलासा किया है कि निदान के बाद पाच में से तीन लोग कैंसर से मर जाते हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले दशक में कैंसर की घटनाओं में वृद्धि हुई है, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति ज्यादा खराब है।  चिंता की बात तो यह है कि दुनियाभर में कैंसर से हो रही मौतों के 10% से ज्यादा मामले सिर्फ भारत में ही आ रहे हैं। दुनिया में हर मिनट में एक महिला की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो रही है. डब्ल्यूएचओ ने इसके लिए कई कारण भी बताए हैं, इसमें अनहेल्दी खानपान, बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती उम्र समेत कई समस्याएं शामिल हैं. ब्रेस्ट कैंसर की ज्यादा शिकार हो रही महिलाएं रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में कैंसर के नए केस में करीब 30% मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं, इसके बाद गर्भाशय कैंसर के करीब 19% मामले हैं.। पुरुषों में सबसे ज्यादा माउथ कैंसर पाया गया है, जिससे 16% नए मामले दर्ज किए गए। रिसर्च टीम ने अलग-अलग एज ग्रुप में कैंसर बढ़ने के लेवल में भी बदलाव पाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर की सबसे ज्यादा बीमारी वृद्धावस्था में देखी गई है, इनमें 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोग हैं। इसके बाद 15 से 49  साल की उम्र वालों में कैंसर के मामले पाए गए । खुलकर बात करने से बचती हैं महिलाएं हमारा समाज अभी भी स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के बारे में नियमित रूप से बात करने में सहज नहीं है।  महिलाएं अभी भी इसे वर्जित मानती हैं और किसी भी स्त्री रोग संबंधी समस्या के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने में झिझकती हैं, जिससे उपचार में देरी होती है। कभी-कभी उनके लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके शरीर में क्या सामान्य है और क्या असामान्य। महिलाओं में कैंसर की स्क्रीनिंग कम होती है, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है। देर से पहचान होने के कारण कैंसर के मामलों की संख्या और मृत्यु दर बढ़ जाती है।   महिलाओं को कैंसर अधिक क्यों होता है? स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) और ओवेरियन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, जागरूकता की कमी, और जेनेटिक कारण शामिल हैं। महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन** के उतार-चढ़ाव से स्तन और ओवरी से जुड़े कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।  रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद कैंसर का खतरा अधिक होता है।   जिन महिलाओं के परिवार में स्तन या सर्वाइकल कैंसर का इतिहास रहा हो, उनमें इसकी संभावना बढ़ जाती है।   स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा भारत में हर 8 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने की संभावना रहती है। भारत में हर साल 1 लाख से अधिक महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है। इन दोनों प्रकार के कैंसरों की दर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों (फेफड़े, लीवर, मुँह के कैंसर) की तुलना में अधिक होती है।  स्तन कैंसर की सेल्फ-चेकिंग, पैप स्मीयर टेस्ट, और नियमित हेल्थ चेकअप** की कमी के कारण महिलाओं को देर से डायग्नोस किया जाता है।   देरी से मां बनना भी खतरनाक  जो महिलाएं  30-35 की उम्र के बाद मां बनती हैं, उनमें स्तन और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।  ब्रेस्टफीडिंग न करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। पुरुषों के मुकाबले कम प्रतिशत में सही, लेकिन जो महिलाएं शराब या तंबाकू का सेवन करती हैं, उनमें कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में धूम्रपान से फेफड़ों का कैंसर और गले का कैंसर बढ़ रहा है।   घरेलू और कॉस्मेटिक उत्पादों में मौजूदकेमिकल्स (BPA, पैराबेन्स, फॉर्मल्डिहाइड) से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।  पानी और खाने में मौजूद कीटनाशक (Pesticides) और भारी धातुएं महिलाओं के प्रजनन अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।      कैंसर से बचाव के लिए क्या करें? -40 वर्ष की उम्र के बाद स्तन कैंसर की जांच के लिए हर साल मैमोग्राफी करवाएं। -सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए 21 साल के बाद हर 3-5 साल में पैप स्मीयर टेस्ट कराएं।   – हरी सब्जियां, फल, होल ग्रेन्स और एंटीऑक्सीडेंट युक्त फूड्स खाएं।   – रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज या योग करें और वजन को नियंत्रण में रखें।   – मेडिटेशन, योग और रिलैक्सेशन तकनीकों से मानसिक शांति पाएं।   -एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine)सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद कर सकती है।   इन बातों से अनजान हें महिलाएं जब 45 वर्षीय महिला गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से पीड़ित होती है, तो उसके कैंसर की प्रक्रिया कई साल पहले ही शुरू हो चुकी होती है। इसलिए गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण की सिफारिश 9-14 वर्ष की बहुत कम उम्र में की जाती है (यानी एचपीवी वायरस के संपर्क में आने से पहले)।मो टापा अब एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के लिए प्रमुख परिवर्तनीय जोखिम कारक के रूप में तंबाकू चबाने के समान है। एंडोमेट्रियल कैंसर के लगभग 50% मामले मोटापे के कारण होते हैं। और दुखद बात यह है कि ऐसी अधिकांश महिलाएँ अभी भी 30 वर्ष की आयु में हैं, इस प्रकार वे अपना गर्भाशय और आगे गर्भधारण करने की क्षमता खो देती हैं। लगभग 99.9% गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर विभिन्न प्रकार के HPV वायरस के कारण होता है, जिनमें सबसे आम HPV 16 और 18 प्रकार हैं। दस में से आठ महिलाएँ अपने जीवन में किसी न किसी समय HPV वायरस से संक्रमित होती हैं।

प्रदेश में नवीन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही: मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नवीन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और जल संसाधन के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। हर खेत तक पानी पहुंचाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना को जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सीबीआईपी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एंड पॉवर) अवॉर्ड्स- 2024 में ‘सर्वश्रेष्ठ समन्वित जल संसाधन प्रबंधन’ (बेस्ट आईडब्लूआरएम) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके लिए विभागीय अमला तथा क्षेत्र के किसान बधाई के पात्र हैं। पुरस्कार नई दिल्ली में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एंड पॉवर के ज्यूरी सदस्य श्री ए.के. दिनकर, श्री घनश्याम प्रसाद एवं डॉ. एम.के. सिन्हा द्वारा गत दिवस दिया गया है। इसे मुख्य अभियंता एवं परियोजना निदेशक श्री जीपी सिलावट, अधीक्षण यंत्री एवं परियोजना प्रशासक श्री विकास राजोरिया, परियोजना निदेशक श्री शुभंकर बिस्वास ने प्राप्त किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश की अभिनव जल प्रबंधन प्रणाली और सतत कृषि विकास में योगदान को मान्यता प्रदान करता है। यह सम्मान राज्य सरकार की दूरदर्शी जल प्रबंधन नीतियों और कुशल कार्यान्वयन का परिणाम है। पुरस्कार जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के विस्तार को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना की सबसे बड़ी खासियत ‘रिजर्वायर से सीधे खेत तक’ (रिजर्वायर टू फॉर्म) पानी पहुंचाने की नवीनतम तकनीक है। इस तकनीक में पारंपरिक नहरों के बजाय प्रेशराइज्ड पाइप लाइन नेटवर्क का उपयोग किया जाता है, जिससे पानी बिना किसी रिसाव और वाष्पीकरण के सीधे खेतों तक पहुँचता है। पाइप लाइन आधारित सिंचाई प्रणाली से जलाशय से निकलने वाला पानी बिना खुली नहरों के सीधे किसानों तक पाइपों के माध्यम से पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय न के बराबर होता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि भू-जल स्तर संतुलन, पर्यावरणीय संतुलन, जलभराव, मिट्टी कटाव और जैव विविधता संरक्षण के साथ ही जल प्रबंधन में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना ने मध्यप्रदेश को जल प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना दिया है। इस पुरस्कार से यह सिद्ध होता है कि नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जल संसाधनों का उपयोग किया जाए, तो जल संरक्षण और सतत कृषि विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह परियोजना अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बनेगी और जल संसाधन प्रबंधन में मध्यप्रदेश की भूमिका को और सशक्त बनाएगी। वे नवाचार जिनके चलते मिला पुरस्कार ऊर्जा दक्षता : पानी को खेतों तक पहुँचाने के लिए प्राकृतिक ढलान और पम्पिंग सिस्टम का उपयोग किया, इससे कम ऊर्जा खपत के साथ किसानों को सिंचाई में अतिरिक्त लागत नहीं लगती। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का समावेश : खेतों में ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक को बढ़ावा दिया, जिससे किसान कम पानी में अधिक उत्पादन कर सकते हैं। जलभराव और मिट्टी कटाव रोकथाम : पारंपरिक नहरों में होने वाले जलभराव और मिट्टी के कटाव की समस्या इस प्रणाली में समाप्त हो गई, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहता। हर मौसम में जल उपलब्धता : यह प्रणाली रबी और खरीफ दोनों सीजन में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, जिससे किसान अधिक आत्मनिर्भर बनते हैं। “आईडब्लूआरएम सिद्धांतों का सफल क्रियान्वयन परियोजना में जल संसाधनों के समुचित और समग्र प्रबंधन का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। आईडब्लूआरएम के तहत जल की उपलब्धता, कुशल उपयोग और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की गई है। पारंपरिक नहरों की जगह प्रेशराइज्ड पाइप लाइनों से जल सप्लाई की। सभी जल उपभोक्ताओं को परियोजना से कृषि, पीने के पानी का समान वितरण किया। साथ ही उद्योगों के लिए भी जल आरक्षित किया गया। किसानों को आधुनिक कृषि और जल प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई, ताकि वे जल का बेहतर उपयोग कर अधिक उत्पादकता हासिल कर सकें।  

आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है, पेंशन फंड रेगुलेटरी स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद काम की खबर है। अगले महीने 1 अप्रैल से नई स्कीम लागू होने जा रही है। यह स्कीम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) है। आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है। बता दें कि केंद्र द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक नई पेंशन योजना है। अब बीते दिन गुरुवार को पेंशन फंड रेगुलेटरी और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी कर दी। पीएफआरडीए ने बयान में कहा कि यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। बता दें कि इसके लागू होने से लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। क्या है स्कीम की डिटेल यूपीएस का उद्देश्य सरकार की राजकोषीय नीति और कर्मचारी लाभों के बीच संतुलन बनाना है। इस योजना के तहत रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। इनमें कम से कम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए प्रति माह ₹10,000 की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन शामिल है। हालांकि, ओपीएस के तहत, जबकि कोई विशिष्ट न्यूनतम पेंशन राशि अनिवार्य नहीं थी, सेवानिवृत्त लोगों को आम तौर पर उनके अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता था। यह स्कीम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी, जिसमें कर्मचारी NPS और UPS में से एक को चुन सकते हैं। फैमिली पेंशन का लाभ इसके अलावा फैमिली पेंशन के तहत केंद्रीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को कर्मचारी की पेंशन का 60% मिलेगा। योजना में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10% योगदान देंगे। वहीं, सरकार का योगदान 18.5% होगा। बता दें कि NPS में सरकार 14% का योगदान देगी। यह योजना NPS में शामिल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू है, जो इसे चुनते हैं। वहीं, न्यूनतम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारी निश्चित न्यूनतम पेंशन के हकदार होंगे। नामांकन कैसे करें? – पात्र कर्मचारी 1 अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए पोर्टल (https://npscra.nsdl.co.in) के जरिए अपना नामांकन और दावा फॉर्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। – वैकल्पिक रूप से वे फिजिकली जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं। – सरकार ने पहले 24 जनवरी, 2025 को एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नए पेंशन ढांचे के रूप में यूपीएस को अधिसूचित किया था।

राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा- संस्कृति के सरंक्षण और संवर्धन में शिक्षक समाज का महत्वपूर्ण योगदान है

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि शिक्षक समाज का संस्कृति के सरंक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है । शिक्षकों के प्रयास से एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण हो, जिसमें राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो और जो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बने। राज्य मंत्री श्रीमती गौर महारानी लक्ष्मी बाई कन्या महाविद्यालय भोपाल में मध्यप्रदेश शिक्षण संघ द्वारा आयोजित दायित्व बोध/ शपथ समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षक संघ बीते 55 वर्षों से पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षक हित और छात्र हित में सतत कार्यरत है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, डॉ. छत्रवीर सिंह राठौर, श्री राजीव शर्मा, नागेश पांडे सहित मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के नगर, महानगर विकासखंड, तहसील और जिलों से आए हुए सभी निर्विरोध निर्वाचित सामान्य पदाधिकारी मौजूद रहे।  

24 मार्च 2025, सोमवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तनाव बढ़ा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहने वाली है। करियर में तरक्की के सुनहरे मौकों का भरपूर लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। वृषभ राशि– पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी।। व्यापार में विस्तार होगा। अपने बजट पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। वाहन सावधानी से चलाएं। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। मिथुन राशि- बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करें। धन बचत करें। फालतू के खर्चों को कम कर दें। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में देरी होगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। कर्क राशि- व्यापार में मुनाफा होगा। घर में किसी फंक्शन या इवेंट के सेलिब्रेशन के चलते खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप प्रेमी के साथ कुछ स्पेशल प्लान बना सकते हैं। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। सिंह राशि- प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आय के कई स्त्रोतों से पैसे आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ऑफिस मीटिंग में इनोवेटिव आइडियाज के साथ शामिल हों। इससे तरक्की के कई मौके मिलेंगे। कन्या राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। प्रेमी की बातों को ध्यान से सुनें और धैर्य बनाए रखें। तुला राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। प्रॉपर्टी को लेकर वाद-विवाद संभव है। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। हेल्दी डाइट लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। वृश्चिक राशि- ज्यादा पैसे खर्च करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नौकरीपेशा वालों के लिए शुभ दिन है। प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगा,लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। धनु राशि- आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। जिसका असर आपके लाइफस्टाइल पर हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिजनों के साथ आनंददायक जीवन गुजारेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। मकर राशि- स्वास्थ्य में सुधार आएगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। अपने करियर पर फोकस करें। दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहें। प्रेमी से अपने दिल की बात शेयर करने में संकोच न करें। कुंभ राशि- खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें और सोच-समझकर धन खर्च करें। मीन राशि- आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। कुछ जातक दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें।

सीएम फडणवीस बोले- नागपुर हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करेंगे, सभी इलाकों से हटा कर्फ्यू

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने नागपुर के सभी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया है। रविवार दोपहर 3 बजे से कोतवाली, तहसील, गणेशपेठ और यशोधरा नगर में भी प्रतिबंधों में ढील दी गई। पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। इससे पहले शनिवार को पाचपावली, शांतिनगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामवाड़ा में कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया था। वहीं, कोतवाली, तहसील और गणेशपेठ में शनिवार रात 7 से 10 बजे तक अस्थायी राहत दी गई थी। हिंसा का नुकसान उपद्रवियों से वसूला जाएगा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि 17 मार्च को हुई हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करवाई जाएगी। उन्होंने कहा, “जो लोग शहर की अमन-चैन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनसे इसकी कीमत वसूली जाएगी। अगर वे भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियां नीलाम की जाएंगी और जरूरत पड़ी तो बुलडोज़र का भी इस्तेमाल होगा।” गिरफ्तारियां और जांच जारी नागपुर हिंसा मामले में अब तक कुल 99 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस ने Minorities Democratic Party के कार्यवाहक अध्यक्ष हमीद इंजीनियर को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस बात की पुष्टि डीसीपी लोहित मातानी ने की। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी फहीम खान ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसके बाद नागपुर कोर्ट ने उनके मेडिकल परीक्षण का आदेश दिया। उनकी मजिस्ट्रेट कस्टडी रिमांड (MCR) दर्ज कर ली गई है, जबकि पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) को लेकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने कहा, “अब तक 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और कानून अपना काम करेगा।”

डाटा चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया, तीन महीने से जेल में हैं कंट्री हेड, परिवार ने सरकार से मांगी मदद

नई दिल्ली आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कतर स्थित कंट्री हेड अमित गुप्ता को इस साल 1 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में वह जेल में हैं। जानकारी के अनुसार अमित गुप्ता पर डेटा चोरी का आरोप लगाया गया है। इसी मामले की जांच के संबंध में उनको हिरासत में लिया गया है। दरअसल, अमित गुप्ता कतर में आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कंट्री हेड हैं। स्थानी सुरक्षा एजेंसियों ने उनके खिलाफ डाटा चोरी का आरोप लगाया है। 1 जनवरी से ही वह जेल में बंद हैं। उनका परिवार उनकी रिहाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। वहीं, इस मामले में टेक महिंद्रा का बयान भी सामने आया है। कंपनी ने कहा कि कर्मचारी के परिवार से साथ संपर्क लगातार बनाए हुए हैं। तीन महीने से जेल में हैं कंट्री हेड जानकारी दें कि अमित गुप्ता मूल रूप से गुजरात के वडोदरा के रहने वाले हैं। वह आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कतर कंट्री हेड हैं। जनवरी में स्थानीय अधिकारियों ने उनके ऊपर डाटा चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इसके बाद उनका पूरा परिवार उनकी रिहाई के लिए तमाम प्रयास कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कतर में भारतीय दूतावास अमित गुप्ता के परिवार और कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी समस्या के निवारण में लगा है। टेक महिंद्रा ने क्या कहा? बता दें कि इस मामले में टेक महिंद्रा का बयान सामने आया है। टेक महिंद्रा के प्रवक्ता ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए बताया कि वह परिवार के साथ निकट संपर्क में हैं। परिवार को कंपनी की ओर से आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों देशों के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं और इसके साथ उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। कंपनी ने कहा कर्मचारी की भलाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमित के परिवार ने क्या कहा? अमित गुप्ता साल 2013 में वडोजरा से कतर की राजधानी दोहा चले गए थे। वहां पर उन्हें इसी साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को हिरासत में ले लिया गया था। उनकी मां पुष्पा गुप्ता ने इस संबंध में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद करीब 48 घंटों तक हिरासत में बैठाए गए रखा था। बाद उनको एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। अब उन्हें तीन महीनों से वहीं पर रखा गया है। वहीं, पूछे जाने पर कि हिरासत में लेने की वजह क्या है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी में किसी ने कुछ किया होगा, जिस कारण उनको (अमित गुप्ता) को इसलिए गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि वे कंपनी के कंट्री हेड हैं। केवल पांच मिनट कॉल करने की अनुमति बता दें कि अमित गुप्ता की मां ने एक साक्षात्कार में बताया कि हर बुधवार को उनके पास बेटे का कॉल आता है। यही उनके बेटे से संपर्क स्थापित करने का एकमात्र साधन है। उन्होंने बताया कि वह हाल के दिनों में ही दोहा गए थे। जहां पर वे करीब एक महीने तक रहे। वहीं, भारतीय राजदूत के हस्तक्षेप के बाद अमित गुप्ता से उनकी मां की मुलाकात हो सकी। अमित ने अपने परिवार को बताया कि वह किस दौर से गुजर रहे हैं। अमित के परिवार की मदद के लिए वडोदरा के सांसद हेमंग जोशी आगे आए और उन्होंने अमित की मां और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह सरकार से समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे। सरकार का क्या कहना है? ध्यान देने वाली बात है कि इस मामले में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कतर में भारतीय दूतावास अमित गुप्ता के परिवार की मदद कर रहा है। सूत्रों की मानें तो कतर में हमारा दूतावास एक भारतीय नागरिक अमित गुप्ता को कतर के अधिकारियों द्वारा चल रही जांच के सिलसिले में हिरासत में लिए जाने के बारे में जानता है। यह मिशन नियमित आधार पर परिवार, अमित गुप्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील और कतर के अधिकारियों के संपर्क में है। हमारा दूतावास इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है और मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

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