LATEST NEWS

एमपी में गर्मी के तेवर हुए तीखे, 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, होली के बाद बढ़ेगी और गर्मी

भोपाल  हवाओं का रुख लगातार उत्तरी बना रहने से मध्‍य प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। बुधवार को प्रदेश में दिन का सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। रात का सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म है। यहां दिन का तापमान 38 डिग्री पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी पारा 37 डिग्री के पार है। ऐसा ही मौसम आज गुरुवार को भी बना रहेगा। होली के बाद गर्मी और असर दिखाने लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान साफ होने से सूरज की धूप सीधे जमीन पर आ रही है। इस कारण दिन गर्म हो गए हैं। बुधवार को खजुराहो में 39.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.1 डिग्री, रतलाम-मंडला में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, सतना में 38.2 डिग्री, शिवपुरी, सागर-नौगांव में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, शाजापुर में 37.6 डिग्री, बैतूल में 37.5 डिग्री और रीवा में पारा 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इधर, रात का तापमान भी बढ़ा है। मंगलवार-बुधवार की रात में धार में पारा 23.2 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रीवा, सिवनी में तापमान 20 डिग्री से ज्यादा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अब गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। होली के बाद असर और बढ़ जाएगा। हालांकि, मार्च में उत्तर-भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होते हैं। जिनका असर से पारे में गिरावट भी होती है। मार्च के तीसरे सप्ताह में बारिश होने की संभावना है। आगे ऐसा रहेगा मौसम पहले सप्ताह में ओले-बारिश, बादल और ठंड-गर्मी का दौर रहा। अब तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।     दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक होगा जबकि गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान सामान्य 15-17 डिग्री तक रहेगा। वहीं, अधिकतम तापमान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सामान्य से बढ़े रहेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में यह सामान्य 31-34 डिग्री सेल्सियस पर बना रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छाए रहेंगे।     तीसरा सप्ताह: रात में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान इंदौर संभाग में सामान्य से 3-4 डिग्री बढ़कर 20-23 डिग्री तक जबकि शेष सभी संभागों में 19-21 डिग्री तक जाएगा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक 34-38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के मिलने के कारण पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान रीवा और शहडोल संभागों में 22-24 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक 23-26 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। जबलपुर संभाग में 37-40 डिग्री जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-5 डिग्री बढ़कर 38-42 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान रहेगा। दक्षिण-पूर्वी हवाओं के आने से जबलपुर, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मार्च के आखिरी दिनों में ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के साथ राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल और हरदा जिलों में 3-4 दिन तक लू भी चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

राज्यपाल डेका को मुख्यमंत्री साय ने दी होली की शुभकामनाएं

  रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भेंट कर होली की शुभकामनाएं दीॅ और राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। श्री डेका ने भी उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल डेका को मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा पहनाकर सम्मानित किया।

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए

वाराणसी वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने होली पर डीजे की तेज आवाज पर भी सख्त नियंत्रण की बात कही. बता दें कि योगी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकरों को हटाने की मुहिम लगातार जारी है. अप्रैल 2022 से यूपी में व्यापक अभियान चलाकर लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं. लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, वाराणसी, गोरखपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह कार्रवाई की गई थी. DJ और तेज ध्वनि पर सख्ती : न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक सीएम योगी ने वाराणसी में बैठक के दौरान होली जैसे त्योहारों पर डीजे के तेज शोर पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे. होली पर विशेष सुरक्षा के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान होली और होलिका दहन को लेकर विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शोभायात्राओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए. सीएम योगी ने बेहतर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के भी निर्देश दिए हैं, ताकि होलिकोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आम जनता, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने को कहा है. गौ तस्करों पर नजर: सीएम ने गौ तस्करों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है. इसकी जवाबदेही तय करने पर भी मुख्यमंत्री का जोर रहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ तस्करी पर पूर्णतया प्रतिबंध है. इसमें जो भी संलिप्त पाया जाय, वह तस्कर हो, वाहन स्वामी या फिर पुलिस प्रशासन का ही व्यक्ति, उस पर कठोर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया को गौ-तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपदवार समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय करने को निर्देशित किया. उन्होंने राजस्व से संबंधित वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से एक ही पटल पर जमे एवं शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को हटाया जाए. सीएम हेल्प लाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.   अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थाना-स्तर पर टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और फुट पेट्रोलिंग को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस बूथों और पिंक बूथों पर हर समय पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने होलिका दहन, होली के जुलूस की तैयारियों, महाकुंभ के सफल आयोजन और तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और होली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया.  

पुलिस अफसर की 21 साल की गर्लफ्रेंड, जीती थी लग्जरी लाइफ; पास में मिला नेकलेस, गुच्ची का बैग और महंगी कारें

 छतरपुर मध्यप्रदेश के छतरपुर में बहुचर्चित टीआई अरविंद सुसाइड केस में पुलिस को बड़ा इनपुट हाथ लगा है. पुलिस के मुताबिक टीआई की कथित गर्लफ्रेंड आशी अपने दोस्त सोनू परमार के साथ मिलकर उन्हें रेप केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे. इसी धमकी के साथ ये दोनों टीआई को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूल कर रहे थे. पुलिस ने आशी और सोनू परमार को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन दोनों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस ने आशी राजा परमार एवं सोनू सिंह परमार के खिलाफ धारा 308 एवं 108 BNS के तहत मामला दर्ज किया है. एडिशनल एसपी विदिता डागर के मुताबिक दोनों आरोपी टीआई को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे. इनकी धमकी की वजह से टीआई परेशान हो चुके थे और 6 मार्च की शाम को उन्होंने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया था. उधर, आशी की मां ने इस मामले में अपनी बेटी का बचाव किया है. कहा कि उनकी बेटी को फंसाया गया है. टीआई कुजूर एक साल से उनकी बेटी आशी को मुखबिर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. इसके लिए वह हर महीने उनकी बेटी को 30 से 50 हजार रुपए भी दिया करते थे. आशी की मां का जवाब: मेरी बेटी को फंसाया गया इस मामले में आशी की मां सविता परमार ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया है. सविता ने कहा, “मेरी बेटी को झूठा फंसाया जा रहा है. टीआई अरविंद कुजूर पिछले एक साल से आशी को अपनी गोपनीय टीम में मुखबिर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. उन्हें हर महीने 30 से 50 हजार रुपये दिए जाते थे. मां ने स्वीकार किया कि टीआई कुजूर ने आशी के जन्मदिन और अन्य मौकों पर सोने का हार, अंगूठियां और कार के लिए पैसे भी दिए थे. मेरी बेटी ने कोई ब्लैकमेलिंग नहीं की.” सविता ने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी को इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है. क्या है पूरा मामला? 6 मार्च की शाम छतरपुर के पेप्टेक टाउन इलाके में अपने निजी बंगले पर टीआई अरविंद कुजूर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस की प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेलिंग को आत्महत्या का कारण माना गया. इस मामले में आशी और उसके दोस्त सोनू पर संदेह के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया. जांच में यह भी सामने आया कि आशी और सोनू ने मिलकर कुजूर को रेप केस में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके चलते वे मानसिक तनाव में थे. आगे की कार्रवाई पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से रिमांड की मांग की गई है. एडिशनल एसपी विदिता डागर ने कहा कि इस मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. उधर, इस घटना ने छतरपुर में हड़कंप मचा दिया है और लोग इस चर्चित मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. बहरहाल, यह कांड मध्य प्रदेश में पुलिस महकमे के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर एक तेज-तर्रार पुलिस इंस्पेक्टर कैसे इस हद तक मानसिक दबाव में आ गया कि उसने अपनी जान ले ली. जांच के नतीजे इस रहस्य से पर्दा उठाने में अहम होंगे. सोनू परमार के प्यार में थी आशी यहां तक कि बेटी के जन्मदिन एवं अन्य अवसर पर टीआई ने सोने का नेकलेस, अंगूठियां आदि भी गिफ्ट की थीं. बता दें कि छह मार्च को जब टीआई ने सुसाइड किया तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. मामले की जांच हुई तो पता चला कि 48 वर्षीय टीआई की एक 21 साल की गर्लफ्रेंड भी है. पुलिस ने इस गर्लफ्रेंड की डिटेल खंगाली तो पता चला कि वह सोनू परमार नामक युवक के प्यार में थी और टीआई अरविंद कुजूर के भी संपर्क में थी. घटना के बाद आशी और उसका प्रेमी सोनू फरार हो गए थे, हालांकि पुलिस ने मंगलवार को इन्हें अरेस्ट कर लिया. जरूरी पूछताछ के बाद इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने इन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया है. सामने आई ये कहानी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक टीआई अरविंद कुजूर अपनी गर्लफ्रेंड आशी राजा से शादी करना चाहते थे, जबकि आशी राजा सोनू परमार को पसंद करती थी. वह टीआई के दायरे से बाहर निकलना चाहती थी, जब यह संभव नहीं हो पाया तो वह अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर टीआई को ब्लैकमेल करने लगी थी. पुलिस के मुताबिक अरविंद कुजूर ने आशी को पुलिस लाइन के पास ही एक किराए का घर भी दिलाया था और इसका किराया खुद देते थे. इस मामले में पुलिस ने 15 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है.  

केंद्रीय बजट 2024-25 में शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का दूसरा चरण शुरू, 31 मार्च तक कर सकते हैं अप्लाई

इंदौर केंद्रीय बजट 2024-25 में शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के अंतर्गत 21 से 24 वर्ष की आयु के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान की जानी है। यह योजना 12 महीने की अवधि के लिए विभिन्न उद्योगों में वास्तविक जीवन के कारोबारी माहौल से रूबरू कराएगी। इस योजना को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा (आईसीएलएस) कैडर के अधिकारियों ने कार्यान्वित किया है। अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य भारत को ‘विश्व की कौशल राजधानी’ बनाना है।   आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हुई योजना के पायलट चरण को लेकर आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में भारत के 730 से अधिक जिलों में शीर्ष कंपनियों में एक लाख से भी अधिक इंटर्नशिप के अवसर युवाओं को प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन आवेदक अधिकतम तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकता है। कोई भी उम्मीदवार भारत में कहीं भी किसी भी इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र है। क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद में आने वाले चार राज्यों में शीर्ष कंपनियों ने 25 हजार 338 इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए हैं। 5220 इंटर्नशिप के अवसर अकेले मध्य प्रदेश में ही कुल पांच हजार 220 इंटर्नशिप अवसर हैं, जो देश की शीर्ष कंपनियों द्वारा अलग-अलग जिलों में पेश किए जा रहे हैं। पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, जुबिलेंट फुडवर्क्स लिमिटेड और एनएचडीसी लिमिटेड जैसी अग्रणी कंपनियां इस दौर में मध्य प्रदेश में इंटर्नशिप के प्रस्ताव रख रही हैं।

विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से बस्तर को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के  कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (KVNP) को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में प्राकृतिक श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ये छत्तीसगढ़ के लिये बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ये हर्ष का विषय है कि यूनेस्को द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है । कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह स्थानीय जनजातीय संस्कृति और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देता है। इस सूची में शामिल होने से बस्तर क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी एवं पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा । यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है । उल्लखेनीय है कि यह उद्यान तीन महत्वपूर्ण मापदंडों—प्राकृतिक सौंदर्य, भूवैज्ञानिक विशेषताएँ, और जैव विविधता पर खरा उतरता है।  कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन द्वारा उद्यान को  यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था,  जिसे यूनेस्को द्वारा अपने अस्थाई सूची में चयन किया गया है। कांगेर घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संरचनाएँ कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपने मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, हरी-भरी घाटियों, गहरी खाइयों और झरनों के लिए प्रसिद्ध है। तीरथगढ़ जलप्रपात, जो कांगेर नदी से निकलता है, 150 फीट की ऊंचाई से गिरता हुआ एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। कांगेर नदी अपने स्वच्छ जल और अनूठी चट्टानी संरचनाओं के कारण महत्वपूर्ण पर्यटन  स्थल है। इसके अलावा, कोटमसर, कैलाश, दंडक और ऐसी १५ से अधिक गुफाएँ अपने अद्वितीय प्राकृतिक स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश और विदेश के पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। भूवैज्ञानिक विशेषताएँ और जैव विविधता यह उद्यान अपनी भूवैज्ञानिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की कार्स्ट संरचनाएँ, चूना पत्थर की गुफाएँ, जल संरचनाएँ और चट्टानी परतें वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन का एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिक परिवर्तन देखे जाते हैं।  चूना पत्थर की गुफाएँ पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है |  जैवविविधता से भरपूर यह उद्यान में विभिन्न वनस्पति, वन्यजीव और विशेष प्रजाति के प्रजातीय पाए जाते है| 963 प्रकार की वनस्पतियाँ, जिनमें 120 फ़ैमिली  और 574 प्रजातियाँ शामिल हैं। यहाँ दुर्लभ ऑर्किड की 30 प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं। 49 स्तनपायी, 210 पक्षी, 37 सरीसृप, 16 उभयचर, 57 मछलियाँ और 141 तितली प्रजातियाँ है । बस्तर हिल मैना (छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी), ट्रैवणकोर वुल्फ स्नेक, ग्रीन पिट वाइपर, मोंटेन ट्रिंकेट स्नेक जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ है । बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करता है। यहाँ गोंड और धुरवा जनजातियाँ रहती हैं, जो अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों, नृत्य, लोकगीतों और त्योहारों के लिए प्रसिद्ध हैं। इस क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों द्वारा हस्तशिल्प कला जैसे  बांस शिल्प कलाकृतियाँ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।  यहाँ के आदिवासी समुदाय प्रकृति से गहराई से जुड़े हुए हैं और जंगलों से जुड़ी अनेक कहानियाँ और मान्यताएँ पीढ़ियों से चली आ रही हैं। इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन गतिविधियों में  जंगल सफारी, बर्ड वॉचिंग, ट्रेकिंग ,कयाकिंग बम्बू राफ्टिंग , कैम्पिंग , होमस्टे , गुफा भ्रमण और फोटोग्राफी के  बेहतरीन अवसर मिलते हैं, जिससे यह रोमांचक पर्यटन स्थल बनता है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक गुफाएँ, वन्यजीव, और सांस्कृतिक विरासत इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान  के विशेषता को देखते हुए इसे यूनेस्को ने अस्थायी सूची में शामिल किया गया है । उद्यान को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया जाने से बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी। इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं। ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया। समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला। राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया। वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया

मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 12 मार्च 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –     मंत्रिपरिषद ने राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 के स्थान पर छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।     छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 विधानसभा के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को फिल्म ‘‘छावा‘‘ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में फिल्म छावा के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना तैयार करने के लिए राज्य जल सूचना केन्द्र (SWIC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की सहमति प्रदान की गई। रायपुर          स्टेट वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा सहित जल संसाधन संबंधी विभिन्न सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण और भंडारण करेगा।     SWIC, NWIC  द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफार्म की सहायता से जल संसाधन प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे नीति निर्माण, रणनीतिक निर्णय, मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के जल संसाधन विभाग के 09 बॉधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रूपए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।     यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी। इस कार्यक्रम को सुफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले फेलो को आईआईएम रायपुर द्वारा एमबीए के डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर चयनित फेलो को दो वर्ष की कुछ अवधि में आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र में शामिल होना होगा तथा शेष अवधि में जिला/विभाग में राज्य की योजनाओं एवं कार्यक्रम हेतु कार्य करके जिला/विभाग को सहयोग प्रदान करना होगा। इस कार्यक्रम में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा साथ ही फेलो को प्रति माह स्टाईपेंड भी प्रदान किया जाएगा।     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मतांतरण की आशंका के कारण विदिशा में 18 यात्रियों को ट्रेन से उतारा, पातालकोट एक्सप्रेस से जा रहे थे पंजाब

विदिशा राजकीय रेलवे पुलिस ने पातालकोट एक्सप्रेस से पंजाब जा रहे 18 यात्रियों को जबरन उतार लिया। इन यात्रियों की अगुवाई 40 वर्षीय सहजनाथ कर रहा था। यह कार्रवाई मतांतरण के संदेह में की गई है। इस बारे में बजरंग दल ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार को छिंदवाड़ा से पंजाब जा रही पातालकोट एक्सप्रेस से छिंदवाड़ा के ही 18 लोग फिरोजपुर जा रहे थे। उन्हें वहां चर्च की प्रार्थना सभा में शामिल होना था। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने यात्रियों की अगुवाई कर रहे सहजनाथ की तस्वीर के साथ मतांतरण की शिकायत की थी। सूचना मिलते ही एसडीएम पहुंचे इस पर कार्रवाई करते हुए जीआरपी ने गंजबसौदा में एस-3 और एस-4 कोच से सहजनाथ सहित 11 यात्रियों को उतार लिया। शेष सात लोगों को बीना स्टेशन पर उतारा गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम विजय राय और एसडीओपी मनोज मिश्रा मौके पर पहुंचे। बजरंग दल की सूचना पर रोका गया जीआरपी एसआई बलवंत सिंह ने बताया कि बजरंग दल से जुड़े लालसिंह खटीक की सूचना पर इन यात्रियों को रोका गया। इनके सामान की तलाशी में ईसाई धर्म से जुड़ा साहित्य मिला है। उतारे गए लोगों ने बताया कि वे चर्च घूमने जा रहे थे और पूर्व में भी कई बार वहां गए हैं। सहजनाथ ने बताया कि वह इन 18 लोगों को चर्च की प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए ले जा रहा था।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों अन्नदाता किसानों युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 19 हजार 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रेष्ठ स्टार शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण सड़कों का विस्तार हर घर जल का लक्ष्य रोजगार के अवसर और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 4 हजार 400 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वैकल्पिक सकारात्मक उपयोग की ओर हम आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए 4 हजार 50 करोड रुपए का बजट का प्रावधान है, पी.एम.जन-मन आवास योजना जिसमें कि हम देश में नंबर वन है और उनके लिए 1100 करोड़ और पीएम जन-मन सड़क योजना के लिए 1 हजार 56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अति पिछड़ी जनजाति समूह बैग भारिया, और सहरिया के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है और उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह बजट सहायक होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री पोषण निर्माण के लिए 960 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड़ और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी तथा जमीन के अंदर जल भराव की योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 274 करोड रुपए इस बजट में आवंटित किए गए हैं। मंत्री पटेल ने पशुपालन मछली पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को लेकर कहा कि हम उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन दूसरे चरण में जो औद्योगिककरण है, प्रोसेसिंग करके हम वैल्यू एडिशन के आधार पर दूसरे आयाम भी हासिल करेंगे, जो हमारे अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा और रोजगार का सृजन भी करेगा। इसके लिए भी 100 करोड रुपए का प्रावधान सराहनीय है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए सुव्यवस्थित ई पंचायत के लायक व्यवस्थित भवन दे सके, संसाधन दे सकें उसकी तरफ हम अग्रसर हैं। अटल ग्राम सेवा सदन के माध्यम से, अटल सामुदायिक भवनों के माध्यम से गतिविधियों का वो केंद्र बने और प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करेगा, जिसके लिए 6 हजार 7 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करता हूं। हमने स्टांप ड्यूटी का सदुपयोग किया है इस क्रम में पंचायत का वित्तीय सामर्थ बढ़ाने की दृष्टि से ग्राम स्वराज अभियान में कुल 238 करोड़ तथा अतिरिक्त स्तंभ शुल्क वसूली अनुदान में 2 हजार 41 करोड़ का प्रावधान सरकार के दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह राशि बढ़ोतरी हमें काम करने में और सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री पटेल ने कहा कि संबल गरीब आदमी के लिए आपदा में सबसे बड़ा सहारा है और हमारी सरकार इस लक्ष्य के लिए समर्पित है इसलिए संबल योजना के अंतर्गत 700 करोड रुपए की यह राशि उन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है।  

होली पर बच्चों को खूब भा रहे रंगीन गुब्बारे और पिचकारियां, इस बार होली पर पटाखों की धूम रहने वाली है

ग्वालियर दीपावली पर पटाखों की धूम होती है, लेकिन पहली बार होली पर पटाखे छोड़े जाएंगे। जी, हां। इस बार होली पर पटाखों की धूम रहने वाली है। बाजार में रंगों से भरे पटाखे लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इन पटाखों से रंगों की बारिश होगी। बाजार में हर दुकान पर यह पटाखे उपलब्ध हैं। बच्चों को यह पटाखे खूब भा रहे हैं। अनार : बाजार में रंगों से भरे अनार उपलब्ध हैं। इन्हें जलाने के बाद अंदर से रोशनी नहीं बल्कि रंग निकलेंगे। एक कलर के अनार, तीन कलर के अनार और सतरंगी अनार बाजार में उपलब्ध हैं। यह ऐसा पटाखा है, जिसे बच्चे भी चला सकते हैं। छोटा, मीडियम और बड़े साइज में यह उपलब्ध हैं। एक अनार के पैकेट की कीमत 120 रुपए से लेकर 550 रुपए तक है। सतरंग की अनार में सात रंग एक साथ निकलेंगे। यह काफी ऊंचाई तक गुलाल की बारिश करेगा। स्काय शाट : रंगों से भरा स्काय शाट भी बाजार में उपलब्ध है। यह आकाश में जाकर गुलाल की बारिश करेगा। यह भी लोगों की पसंद बना हुआ है। टू शाट से लेकर 12 शाट तक बाजार में उपलब्ध हैं। रंगों से भरे गुबारे… होली पर गीले रंग से भरे गुब्बारे अक्सर एक-दूसरे पर फोड़ते देखे होंगे, लेकिन इस बार रंगों से भरे गुब्बारे बाजार में है। यह सूखा रंग होग, इसमें हर्बल रंग भरा हुआ है। यह हानिकारक नहीं है। इसलिए सूखे रंगों से भरे गुब्बारे बाजार में उपलब्ध हैं। पुष्पा और हथौड़े वाली पिचकारी बाजार में कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारी से लेकर पुष्पा फिल्म वाली कुल्हाड़ी और हथौड़े वाली पिचकारी खूब भा रही है। बच्चे इलेक्ट्रिक गन वाली पिचकारी पसंद कर रहे हैं। बाजार में 50 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक कीमत वाली पिचकारी उपलब्ध है।

मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त, वन्यजीव संरक्षण में आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही है

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को इंडिगो विमान कंपनी ने इंदौर से रायपुर और जबलपुर के लिए सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान 30 मार्च से जबलपुर से दोपहर में इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। वहीं इंदौर से सुबह रायपुर के लिए उड़ान शुरू होगी और दोपहर में लौटेगी। रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया गया है। इससे इंदौर से रायपुर होकर विशाखापटनम तक यात्री जा सकेंगे। जबलपुर के लिए अब सुबह के अलावा दोपहर में भी उड़ान उपलब्ध रहेगी। अभी इंडिगो की एक फ्लाइट इंदौर से रायपुर के लिए अभी इंडिगो कंपनी की एक उड़ान है। यह रायपुर से सुबह 10.25 बजे रवाना होती है और सुबह 11.50 बजे इंदौर पहुंचती है। वापसी में इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होकर शाम 6.20 बजे रायपुर पहुंचती है। अब इंडिगो ने अपनी दूसरी उड़ान 30 मार्च से शुरू करने की घोषणा की है। समर शेड्यूल की शुरुआत के साथ यह उड़ान इंदौर से रायपुर जाकर वापस इंदौर लौटेगी। इंदौर-रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया जा रहा है। इससे रायपुर और विशाखापटनम तक इंदौर के यात्रियों को उड़ान की सुविधा मिलेगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के एमपीसीजी अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि इस उड़ान के शुरू होने से इंदौर से सुबह जाने वाले यात्रियों को खासा फायदा होगा। इंदौर रायपुर के बीच में सीधी ट्रेन की सुविधा भी अधिक नहीं है। वहीं पहले से संचालित उड़ान शाम को इंदौर से जाती थी। इस वजह से यात्रियों को परेशानी होती थी। इस उड़ान के शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को फायदा होगा। यह उड़ान 31 मार्च से विशाखापटनम तक जाएगी। ऐसे में यात्री रायपुर होकर विशाखापटनम तक 3.45 घंटे में पहुंच सकेंगे। जबलपुर के लिए हो जाएगी दो उड़ान ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के सचिव अमित नवलानी ने बताया कि अभी इंदौर और जबलपुर के लिए यह दूसरी उड़ान होगी। अभी इंदौर से सुबह उड़ान रवाना होती है और रात्रि को इंदौर वापस आती है। अब दोपहर में सीधी उड़ान की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी। 30 तारीख से शुरू होने वाली उड़ान दोपहर में जबलपुर से इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। इससे यात्रियों को अतिरिक्त उड़ान का विकल्प मिलेगा। ये रहेगा शेड्यूल इंदौर-रायपुर-विशाखापटनम : 6ई 7295 उड़ान सुबह 6.35 बजे इंदौर से रवाना होगी और सुबह 8.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से 8.50 बजे उड़ान रवाना होकर 10.20 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी। विशाखापटन-रायपुर-इंदौर : 6ई 7296 उड़ान विशाखापटनम से सुबह 11 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर दोपहर 2.45 बजे इंदौर पहुंचेगी। जबलुपर-इंदौर : 6ई 7327 उड़ान जबलपुर से 12.10 बजे रवाना होगी और 1.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर-जबलपुर : 6ई 7328 उड़ान दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और 3.20 बजे जबलपुर पहुंचेगी।  

मध्य प्रदेश में मेडिकल की सीटों में बढ़ोतरी, खुलेंगे 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी, जिससे छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे। प्रदेश में नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की बात भी की गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया है। नई योजनाओं के जरिए आयुष, सिकल सेल उन्मूलन और एम्बुलेंस सेवाओं को भी विस्तार दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें राज्य के 17 मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में एमबीबीएस के लिए 2575 सीटें और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम के लिए 1337 सीटें उपलब्ध हैं। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके चलते 400 नई एमबीबीएस और 252 नई पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। सरकार जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत भी नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया में है। 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज सह चिकित्सालय खोले जाएंगे। साथ ही, पन्ना, गुना, भिंड, श्योपुर और शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम और मुरैना में आयुष महाविद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। बढ़ा स्वास्थ्य बजट प्रदेश में स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2992 करोड़ रूपए अधिक है। इससे सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नई भर्तियां भी संभव होंगी। इस बजट में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, सरकारी वाहनों को 15 साल की उम्र पूरी होने पर स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत हटाया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।

मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा, बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। बड़े स्तर पर चल रही सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कों और राजमार्गों का निर्माण ही नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन को सरल और समृद्ध बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे है। केन्द्र द्वारा लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में स्थायी आधारभूत संरचना विकसित होगी।  आज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश किया है। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बजट पेश किया गया। इस बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान मिला है। जिसके तहत एमपी के गांव-शहर और तहसीलों में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कितना मिला बजट -ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) के अंतर्गत 1450 करोड़ रुपए का प्रावधान -मध्यप्रदेश सड़क विकास कार्यक्रम (ए.डी.बी.) के अंतर्गत 1315 करोड़ रुपए का प्रावधान -केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1150 करोड़ रुपए का प्रावधान -वृहद पुलों का निर्माण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़कों का सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -अनुरक्षण और मरम्मत – साधारण मरम्मत के अंतर्गत 836 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन्यूटी के अंतर्गत 825 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़क एवं सेतु हेतु संधारण कार्य के अंतर्गत 525 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गो तथा अन्य का नवीनीकरण, उन्नतीकरण एवं डामरीकरण के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान संभागीय कार्यालय स्थापना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -नवीन ग्रामीण एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एफ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों का अनुरक्षण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन.डी.बी. से वित्त पोषण (पुल निर्माण) के अंतर्गत 150 करोड़ का प्रावधान

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet