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हनी सिंह के कंसर्ट का 1 करोड़ का सामान जब्त, पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये की शिकायत करेंगे

इंदौर इंदौर में मशहूर सिंगर हनी सिंह का कॉन्सर्ट विवादों में है। पहले 50 लाख रूपये मनोरंजन कर जमा करने को कहा गया,बाद में पुलिस ने 8 लाख लेकर ही कार्यक्रम करने की अनुमति दे दी। हनी सिंह का कॉन्सर्ट तो हो गया,लेकिन इंदौर के महापौर पुलिस अफसरों से खासा नाराज हैं। इसके लिए वह उचित प्लेटफॉर्म पर शिकायत भी करेंगे। नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव पुलिस प्रशासन से सख्त लहजे में कहा कि हनी सिंह शो के लिए आयोजकों ने जरुरी अनुमतियां नहीं ली थी, फिर आयोजन कैसे हो गया। जिम्मेदारों को आयोजन रोकना चाहिए था, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती है। महापौर ने कहा कि मैंने पत्र लिखकर कहा था कि जब तक निगम को मनोरंजन कर नहीं मिले तब तक आयोजन की अनुमति न दी जाए। फिर भी पुलिस अफसरों ने अनुमति दे दी। यह उचित नहीं है। पुलिस अफसरों की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत के लिए उचित प्लेटफार्म पर उनकी शिकायत करेंगे। क्या है पूरा मामला? इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हनी सिंह शो के आयोजको से 50 नाख रूपए मनोरंजनकर जमा कराने को कहा था। इसके चलते अपर आयुक्त लता अग्रवाल ने नोटिस भी जारी किया था,लेकिन आयोजकों ने करीब आठ लाख रुपए जमा कराकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद निगम की किरकिरी होने पर अपर आयुक्त के निर्देश पर निगम के रिमूवल अमले ने हनी सिंह शो के साउंड सिस्टम से भरा कंटेनर जब्त कर लिया। बताया जाता है कि इस कंटेनर में करीब एक करोड़ का सामान है। अब यदि आयोजकों को सामान चाहिए तो पचास लाख रुपए मनोरंजन कर के जमा कराएं। इस तरह हनी सिंह और निगम के बीच आपस में ठन गई है। निगम अफसरों ने भी मनोरंजन कर को अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। महज डेढ़ घंटे में खत्म हो गया प्रोग्राम तय समय पर हनी सिंह का कार्यक्रम शुरु हुआ और गायक ने अपने मशहूर दस गाने सुनाकर महज डेढ़ घंटे में ही शो खत्म कर रवानगी ले ली। इससे निगम को मनोरंजन कर के 50 लाख रुपए नहीं मिले और दर्शक भी कार्यक्रम जल्द खत्म होने पर नाराज हो गए। ज्ञात रहे कि नगर निगम महापौर ने मनोरंजनकर जमा होने के बाद ही कार्यक्रम की अनुमति देने की बात कही थी। इसके लिए पुलिस कमिश्रर को पत्र भी लिखा था,लेकिन इवेंट के लिए पुलिस और प्रशासन से अनुमति पहले ही ले ली गई थी। हालांकि नगर निगम ने हनी सिंह के कॉन्सर्ट के आयोजकों को मनोरंजन कर जमा करने का नोटिस जारी किया। नगर निगम ने जीएसटी पोर्टल के माध्यम से जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 28 लाख रुपए से अधिक के टिकट बेचे गए हैं। इस राशि का 10 प्रतिशत मनोरंजन कर पहले ही जमा करना जरूरी बताया गया। नियत में खोट- महापौर महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि आयोजकों की नीयत में खोट है। उन्होंने आयोजकों से पोस्ट डेटेड चेक देने का आग्रह किया था,लेकिन आयोजकों ने इसे यह कहते हुए मना कर दिया कि वे चेक लेकर यात्रा नहीं करते। हनी सिंह का कार्यक्रम डेढ़ घंटे में समाप्त होने पर नगर निगम की डिप्टी कमिश्नर लता अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शो खत्म करने में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि टैक्स जमा न होने के कारण शो को बंद किया गया,ऐसा कहना गलत है। इस इवेंट के लिए 7 लाख 85 हजार रुपए का टैक्स पहले ही जमा किया गया था,लेकिन 50 लाख रुपए की टैक्स मांग अभी भी बाकी है। पहले भी हुआ विवाद – शहर में दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम आयोजको ने मनोरंजन कर जमा करने का आश्वासन देने के बाद कार्यक्रम किया और गायब हो गए। इससे निगम को एफआईआर करानी पड़ी। इसके चलते ही इस बार हनी सिंह शो के पहले ही टिकिट बिक्री के आधार पर दस फीसदी मनोरंजन कर जमा कराने का नोटिस आयोजक टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड को दिया गया। इसके चलते उसने 7 लाख 85 हजार रुपए का टैक्स जमा किया। इसे निगम ने अपर्याप्त बताया और आयोजकों को पत्र लिखकर 50 लाख रुपए का टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए।

154 साल की महिला ने ऐसे ली 10 साल के बच्चे की जान

इंडियाना अमेरिका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 150 किलो से ज्यादा वजनी महिला के ऊपर बैठने के कारण 10 साल के बेटे की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबर है कि महिला फॉस्टर यानी बच्चे की पालक मां थी। वहीं, महिला ने भी बच्चे के ऊपर बैठने की बात स्वीकार की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 साल के बच्चे की पहचान डकोटा लिवाई स्टीवन्स के तौर पर हुई है। वह इंडियाना का रहने वाला था। वहीं, महिला की पहचान 48 साल की जेनिफर ली विल्सन बताई जा रही है, जिसका वजन करीब 154 किलो है। वह कथित तौर पर बच्चे पर यह सोचकर बैठ गई थीं कि वह परेशानी में होने का नाटक कर रहा है। विल्सन को 6 साल की जेल हुई है। घटना 25 अप्रैल 2023 की है। तब पुलिस को विल्सन के घर पर स्टीवन मिला था। तब वह बेहोश था। जांच में अधिकारियों को उसकी गर्दन और सीने पर चोट के निशान मिले। लड़के ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, विल्सन ने जांच अधिकारियों को बताया है कि लड़का घर से भाग कर पड़ोसी के पास पहुंच गया था। उसका दावा है कि जब लड़के को वापस लाया गया, तब भी वह बुरा बर्ताव कर रहा था और घर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। महिला ने स्वीकार किया है कि वह लड़के पर करीब 5 मिनट तक बैठी रहीं। उस दौरान उन्हें लगा कि लड़का नाटक कर रहा है, लेकिन जब उसने जवाब नहीं दिया तो महिला ने सीपीआर की कोशिश की और पुलिस को खबर की। महिला ने कोर्ट को बताया है कि वह सिर्फ लड़के को घर छोड़ने से जाने से रोकना चाहती थीं। ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्टीवन की मौत मैकेनिकल एस्फिक्सिया से हुई है और मौत के तरीके को हत्या माना गया है। उसे फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आई थीं।

दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में, दिल्ली अब भी मोस्ट पॉलुटेड कैपिटल, देखें लिस्ट

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहर भारत में ही हैं. चाहे दुनिया का मोस्ट पॉलुटेड सिटी हो या कैपिटल, दोनों यही हैं. जी हां, दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में हैं. मेघालय का बर्नीहाट इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी का शर्मनाक खिताब अब भी दिल्ली के पास ही है. मंगलवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ. स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2024’ के मुताबिक, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है. वहीं, 2024 में भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश रहा. 2023 में भारत इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर था. रिपोर्ट में क्या है रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत में PM2.5 की मात्रा में 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. 2024 में यह औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही, जबकि 2023 में यह 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी. फिर भी, दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से छह भारत में हैं. दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर ऊंचा दर्ज किया गया. यहां सालाना औसत PM2.5 की मात्रा 91.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही. जो कि 2023 के 92.7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के आंकड़े के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित है. दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल 13 भारतीय शहर हैं- बर्नीहाट, दिल्ली, मुल्लांपुर (पंजाब), फरीदाबाद, लोनी, नई दिल्ली, गुरुग्राम, गंगानगर, ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, मुजफ्फरनगर, हनुमानगढ़ और नोएडा. भारत में वायु प्रदूषण गंभीर खतरा कुल मिलाकर, 35 प्रतिशत भारतीय शहरों ने सालाना PM2.5 का स्तर WHO की 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की सीमा से 10 गुना अधिक दर्ज किया. भारत में वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे अनुमानित जीवन प्रत्याशा 5.2 वर्ष कम हो जाती है. पिछले साल प्रकाशित लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ स्टडी के अनुसार, 2009 से 2019 तक हर साल भारत में लगभग 15 लाख मौतें PM2.5 प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हुईं. क्या है पीएम 2.5 PM2.5 हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोन से छोटे सूक्ष्म प्रदूषण कणों को कहते हैं. ये कण फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है. इसके स्रोतों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और लकड़ी या फसल अवशेषों का जलना शामिल है. सौम्या स्वामीनाथन ने क्या सुझाव दिए WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत ने वायु गुणवत्ता डेटा संग्रह में प्रगति की है. लेकिन यहां इसको लेकर पर्याप्त कार्रवाई का अभाव है. उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमारे पास डेटा है, अब हमें एक्शन लेने की जरूरत है. कुछ उपाय आसान हैं जैसे बायोमास को एलपीजी से बदलना. भारत के पास इसके लिए पहले से ही एक योजना है, लेकिन हमें अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी देनी चाहिए. पहला सिलेंडर मुफ्त है, लेकिन सबसे गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को ज्यादा सब्सिडी मिलनी चाहिए. इससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा और बाहरी वायु प्रदूषण कम होगा.’ आईसीएमआर की पूर्व चीफ का सुझाव उन्होंने कहा कि शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार और कुछ खास कारों पर जुर्माना लगाने से मदद मिल सकती है. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि इसके लिए प्रोत्साहन और जुर्माने का मिला-जुला तरीका जरूरी है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की पूर्व महानिदेशक ने कहा कि उत्सर्जन कानूनों का सख्ती से पालन कराना बेहद जरूरी है. उद्योगों और निर्माण स्थलों को नियमों का पालन करना चाहिए और शॉर्टकट अपनाने के बजाय उत्सर्जन में कटौती के लिए उपकरण लगाने चाहिए.  

योगराज ने पूर्व क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक को धो दिया, पाकिस्तान को भारत से सीखने की सलाह दी

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को उनके बेबाक बयान के लिए जाना जाता है। भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है। इसके बाद योगराज सिंह का बयान एक बार फिर चर्चा में है। भारत के चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद उन्होंने अपने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही योगराज ने उन्होंने पाकिस्तान और उनके पूर्व क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक को धो दिया। योगराज सिंह सकलैन पर बरसे सकलैन मुश्ताक ने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से 10 टेस्ट, 10 वनडे और टी20 खेलना चाहिए, फिर पता चलेगा कौन सी टीम अच्छी है। इसपर पलटवार करते हुए योगराज सिंह ने एएनआई से कहा, ‘सकलैन मुश्ताक जी का मैं एक पढ़ रहा था उन्होंने बड़ा बवाल होकर बात की। 10 टेस्ट सीरीज, 10 वनडे खेल तो पता लग जाएगा कौन अच्छा है और कौन बुरा है। अरे तुम किन चक्करों में पड़े हो अच्छे बुरे के। ये अच्छे बुरे नहीं होते, ये खेल होती है। खेल में जीत वाले और हार वाले दोनों को प्यार किया जाता है।’ योगराज सिंह ने आगे कहा- सकलैन मुश्ताक जी चैलेंज रहे हैं तो कहीं और करवा लो। दुबई में करवा लो। मैं सरकार से कहूंगा कि इतना तवा गर्म है, थोड़ा ठंडा कर दो। इन्हें भी पता लगे। भारत से सीखने को कहा योगराज सिंह ने पाकिस्तान से कहा कि वह भारत से सीख ले। उन्होंने बोला- मैं कहता हूं जी 78 साल में नहीं सीखे तो मैं क्या सीखाउंगा। जो लोग अपने लोगों को गालियां देते रहते हैं। अपने देश को गालियां देते रहते हैं। प्लेयर और आवाम के बारे में बुरा भला कहते रहते हैं। उस देश को आप क्या सीखा सकते हैं। जिसे सिर्फ जलना है आपसे। आप जीतो या हारो, उसे नुख्ता चीनी करनी है, वो आदमी कभी तरक्की कर सकता है क्या? हिंदुस्तान कहां से कहां चला गया और पाकिस्तान का क्या हाल है। कुछ सीखो हिंदुस्तान से।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेता दत्तात्रेय होसबोले बोले, देश का नाम भारत है तो इंडिया क्यों कहा जाए?

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि अपने देश को इंडिया नहीं, भारत कहना चाहिए। नोएडा में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में सरकार्यवाह ने देश को दो नामों, भारत और इंडिया के नाम से पुकारे जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को दो नामों से क्यों जाना जा रहा। इसपर प्रश्न उठाना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कहा, ‘पिछले दिनों सरकार ने जी20 सम्मेलन में राष्ट्रपति आवास पर भोज के लिए निमंत्रण में रिपब्लिक ऑफ भारत लिखा। भारत के नाम को इंडिया नहीं कहना चाहिए, वह इंग्लिश में इंडिया है और भारत के वासियों के लिए भारत है, ऐसा हो सकता है दुनिया में कहीं। कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया- भारत का संविधान, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया- भारत का रिजर्व बैंक… प्रश्न उठना चाहिए। इसे ठीक करना ही पड़ेगा। भारत है तो भारत ही कहो।’ आरएसएस के सरकार्यवाह ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि भारत के संबंध में बहुत भ्रामक बातें फैलाई गईं। भारत को कहा गया कि भारत केवल एक कृषि प्रधान देश है, यहां किसी भी प्रकार का उद्योग नहीं है, जबकि यह सत्य नहीं है। 1600 ईस्वी में भारत की विश्व व्यापार में लगभग 23 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी तो यह केवल क्या कृषि की थी, ऐसा नहीं है। अगर हम वैश्विक दृष्टि से देखें तो प्राचीन समय से ही हम किसी भी क्षेत्र में कम नहीं थे। हमने अपने स्वाभिमान को खोया। हमारी शिक्षा पद्धति नष्ट हुईं, जो बाहरी आक्रांता आए उन्होंने हमारे देश का दमन किया। दत्तात्रेय ने कहा कि आज भारत स्वतंत्र है, उसका मस्तिष्क स्वतंत्र है। पहले के दशकों में पढ़ाया जाता था कि भारत का गणित और विज्ञान के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं है। भारत के इतिहास को तोड़ा और मरोड़ा गया है, जबकि भारत का इतिहास समृद्धि से भरा पड़ा है। आज यह महत्वपूर्ण है कि विश्व के बहुत से लोग भारत के बारे में एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मूल परिचय संस्कृति का परिचय है। आचरण के महान आदर्श हैं। उन्होने कहा कि भारत में हमारे जो पूर्वज थे, उन्होंने निश्चय कर लिया था कि किसी भी स्थिति में अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है और अपने विचार को बचा कर रखना है। काल के प्रवाह में भी इस देश की संस्कृति कभी नष्ट नहीं हुई, हमारे देश के मनीषियों ने इसे अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया है।

औरंगजेब की कब्र और शिवाजी के मंदिर के रखरखाव में हर साल कितने पैसे खर्च करती है सरकार: खुलासा

मुंबई देश में इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर मामला गरमाया हुआ है. तमाम राजनीतिक दल इसको लेकर सियासत कर रहे हैं और अब RTI ने जो खुलासा किया है, उसने आग में घी डालने का काम किया. आरटीआई ने कहा है कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासक के लिए सरकार सालभर में करीब 2 लाख रुपये खर्च करती है और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीना ही दिया जाता है. सरकार पर लगा भेदभाव का आरोप RTI के खुलासे के बाद से हिंदू जनजागृति संगठन तमाम तरह के सवाल उठा रहा है. संगठन का कहना है कि आखिर औरंगजेब के लिए लाखों रुपये और छत्रपति शिवाजी के लिए इतने कम रुपये देकर ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है. हिंदू जनजागरण समिति ने इस सहायता को तुरंत बंद किए जाने की मांग की है और कहा है कि छत्रपति शिवाजी के मंदिर को भरपूर सहयोग किया जाना चाहिए. हिंदू जनजागृति संगठन ने मजार और मंदिर में भेदभाव का आरोप लगाया है. औरंगजेब की कब्र के लिए कितने सरकार ने दिए कितने रुपये हिंदू जनजागृति संगठन की मानें तो औरंजेब की कब्र के लिए हर साल केंद्र सरकार की भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा लाखों रुपये देकर सहायता और देखरेख की जा रही है. जानकारी की मानें तो साल 2021-22 में 2,55,160 रुपये और साल 2022-23 में 2,00,636 रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इस तरीके से हिसाब जोड़ा जाए तो अभी तक लगभग 6.50 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है. वहीं महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीने दिए जाते हैं. मंदिर के लिए क्यों दी जा रही इतनी सी रकम हिंदू जनजागृति संगठन का कहना है कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्णं है कि जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर करके हिंदू धर्म, महाराष्ट्र की संस्कृति और स्वराज की रक्षा के लिए काम किया है और अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उनके मंदिर के लिए सिर्फ इतनी सी रकम क्यों दी जा रही है. संगठन ने मांग की है कि औरंगजेब की कब्र को दी जाने वाली सहायता तुरंत रोक दी जाए और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए भरपूर सहायता की जाए.

मार्च में MP में बदला मौसम, तापमान 38 डिग्री, आज कैसा रहेगा वेदर, त्तर-पश्चिम भारत में नए सिस्टम से आएगी पारे में गिरावट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही सूरज की तपिश काफी तेज हो गई है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचने लगा है। सोमवार को इस सीजन का सबसे गर्म स्थान रतलाम रहा। जहां पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। खासतौर पर गुजरात से लगे इलाकों में तो तेज गर्मी पड़ने लगी है। राजधानी भोपाल और इंदौर जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। प्रमुख जिलों का अधिकतम तापमान देखें तो भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 35.6, ग्वालियर में 34.5, जबलपुर में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान देखा जाये तो भोपाल में 21.3, इंदौर में 21.4, ग्वालियर में 15.2, जबलपुर में 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रातें अभी भी हो रही सर्द प्रदेश के पश्चिमी इलाकों के जिले, पूर्वी जिलों की की तुलना में ज्यादा गर्म हैं। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमानों में बढ़त दर्ज हुई है। अधिकतम तापमान में भले ही तेजी आ रही हो, लेकिन रात के तापमान में बड़ी वृद्धि नहीं हुई है। कुछ जिलों की रातें अभी भी ठंडक भरी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी जिलों में दक्षिण पूर्वी हवाएं आ रही हैं। जबकि पूर्वी जिलों उत्तर पूर्वी हवाएं आ रही है। हालांकि ईरान के आसपास ऊपरी हवा में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसका असर देश के उत्तरी इलाकों पर दिखा, लेकिन प्रदेश में इसका कोई अधिक प्रभाव नहीं होगा। दिन में 38, रात में 23 डिग्री से ज्यादा तापमान पिछले 3 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को धार-रतलाम में 38 डिग्री, शिवपुरी-मंडला में 37 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खरगोन में 36 डिग्री, सागर, सिवनी, नर्मदापुरम-टीकमगढ़ में 35.8 डिग्री, खजुराहो में 35.6 डिग्री, दमोह-बैतूल में 35.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.2 डिग्री और खंडवा में 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 35.6 डिग्री, भोपाल में 35.4 डिग्री, ग्वालियर में 34.5 डिग्री और जबलपुर में 34 डिग्री रहा। रविवार-सोमवार की रात की बात करें तो धार में सबसे ज्यादा 23.2 डिग्री रहा था। वहीं, भोपाल, इंदौर में 21 डिग्री से ज्यादा रहा। अब बर्फीली हवा का असर नहीं बर्फीली हवा चलने से प्रदेश में चार दिन तक कड़ाके की ठंड पड़ी। इससे भोपाल समेत कई शहरों में पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। कई शहरों में शीतलहर चली, जबकि रात का पारा 6 डिग्री तक पहुंच गया। राजगढ़, शाजापुर, उमरिया, मंडला, नौगांव और मलाजखंड जैसे छोटे शहर सबसे ठंडे रहे, लेकिन अब पारे में बढ़ोतरी होने लगी है। बर्फीली हवा का असर अब नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की माता कौशल्या व प्रभु श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली का किया प्रार्थना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण व रखरखाव हेतु दिए आवश्यक निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम के समक्ष नमन करते हुए राज्य की प्रगति, जनता की मंगलकामना और सामाजिक समरसता की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित वैद्यराज सुषेण मंदिर और दशरथ दरबार के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या मंदिर परिसर में स्थित जलसेन सरोवर में कछुओं को दाना खिलाया और मंदिर परिसर के रखरखाव व सौंदर्यीकरण हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस अवसर पर माता कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का छायाचित्र भेंट किया।

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदेश में लगभग 14.39 लाख हेक्‍टेयर में तीसरी फसल के रूप में ग्रीष्‍मकालीन मूंग की फसल ली जा रही : मंत्री एदल सिंह कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान ग्रीष्मकालीन मूंग में कीटनाशक एवं खरपतवारनाशक दवाईयों का उपयोग कम करें। प्रदेश में लगभग 14.39 लाख हेक्‍टेयर में तीसरी फसल के रूप में ग्रीष्‍मकालीन मूंग की फसल ली जा रही है, जिसका उत्‍पादन 20.29 लाख मेट्रिक टन एवं औसत उत्‍पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्‍टेयर है। ग्रीष्‍मकलीन मूंग की खेती मुख्‍यत: नर्मदापुरम, जबलपुर एवं भोपाल संभाग में की जाती है। ग्रीष्‍मकालीन मूंग की खेती से किसानों की आय में वृध्दि हुई है, परंतु इसमें कीटनाशक एवं खरपतवारनाशक दवा का उपयोग अधिक किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि फसल को जल्द पकाने के लिये खरपतवारनाशक दवा (पेराक्‍वाट डायक्‍लोराइड) का भी उपयोग अधिक हो रहा है, इन कीटनाशक / खरपतवारनाशक दवा के अंश मूंग फसल में शेष रह जाते हैं, जो कि सेहत के लिए हानिकारक हैं। कृषि मंत्री कंषाना ने सभी किसान भाईयों से अपील है कि ग्रीष्‍मकालीन मूंग की फसल में कीटनाशक/खरपतवारनाशक दवा का उपयोग कम से कम करें, जिससे मानव शरीर पर इसका दुष्‍प्रभाव कम हो।  

धार्मिक संघर्षों से देश को नुकसान होता है, जैसे कि सीरिया और अफगानिस्तान में हुआ ; के.के. मोहम्मद

 भोपाल केके मोहमद, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएआइ) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक रह चुके हैं, अयोध्या में बाबरी मस्जिद स्थल पर की गई खुदाई की जांच प्रोजेक्ट में शामिल थे। उन्होंने अपने शोध और अनुभव के आधार पर पहले भी कहा था कि बाबरी मस्जिद के नीचे एक मंदिर के अवशेष मौजूद थे।  विशेष चर्चा (Exclusive Interview) में उन्होंने कहा कि देशवासियों को मंदिर-मस्जिद जैसे विवादों में कतई नहीं पड़ना चाहिए, वरना देश सीरिया या अफगानिस्तान बन जाएगा, इसका आशय यह है कि वे धार्मिक विवादों को समाप्त कर देश में शांति, सौहार्द्र और विकास को प्राथमिकता देने की वकालत कर रहे हैं।  धार्मिक संघर्षों से देश को नुकसान होता है, जैसे कि सीरिया और अफगानिस्तान में हुआ, जहां धार्मिक और सांप्रदायिक हिंसा ने सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर दिया। भारत को अपने बहुलतावाद और सहिष्णुता की परंपरा को बनाए रखना चाहिए, जिससे सामाजिक स्थिरता बनी रहे। मंदिर और मस्जिद के मुद्दे को ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम समुदायों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए और आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए, ताकि देश का विकास बाधित न हो। केके मोहमद पहले भी इस विवाद पर तथ्यात्मक और संतुलित दृष्टिकोण रखते रहे हैं। अयोध्या में बाबरी मस्जिद के नीचे जो पिलर थे, उनमें कलश रूपी आकृतियां थीं उन्होंने अपनी किताब नरसिंहराव और बाबरी मस्जिद: एक पुरातत्वविद का दृष्टिकोण’’ में इस मुद्दे पर विस्तार से लिखा भी है। उन्होंने कहा – अयोध्या में बाबरी मस्जिद के नीचे जो पिलर थे, उनमें कलश रूपी आकृतियां बनी हुई थीं। यही एक प्रमाण हमें हिंदू मंदिर होने के लिए संकेत कर रहा था। 1976-77 में प्रो. बीबी लाल, जो पद्मश्री, पद्मभूषण हैं, के अंडर में हमारी टीम ने राम मंदिर प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। उस समय मस्जिद के ऊपरी और भीतरी तह तक का परीक्षण किया। हमने देखा कि मस्जिद के जितने पिलर यानी बेस थे, उनकी बनावट देखकर ही समझ में आ गया कि ये मंदिर के हैं, मस्जिद के नहीं। क्योंकि उनमें पूर्ण कलश स्थापित किए हुए थे। ये देखने के बाद खुदाई कार्य शुरू किए। प्रो. लाल जो नेतृत्व कर रहे थे, इस नतीजे पर पहुंचे कि ये मस्जिद नहीं, बल्कि मंदिर का हिस्सा है। लेकिन उस समय इसे सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया, क्योंकि विवाद हो सकता था। विक्रमोत्सव में आज होंगे मुय अतिथि विक्रमोत्सव के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय इतिहास सामगम का शुभारंभ सोमवार सुबह 10.30 बजे पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल, कालिदास अकादमी में होगा। इस समागम में अमेरिका से शोध अध्येता डॉ. श्रैयाहरि तथा नेपाल के राष्ट्रपति के संस्कृति सलाहकार डॉ. लक्ष्मण पंथी शामिल होंगे। उद्घाटन कार्यक्रम के मुय वक्ता अभा इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडे होंगे। मुख्य अतिथि भारतीय पुरातत्वविद पद्मश्री केके मोहमद तथा सारस्वत अतिथि के रूप में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित उपस्थित रहेंगे। तीन दिवसीय इस समागम में भारतीय इतिहास को लेकर गंभीर विचार विमर्श होगा। कार्यक्रम पांच सत्रों में बांटा गया है। मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद हिंदुओं को सौंपे दें– खुदाई से एक मंदिर की नींव का पता चला, जिसमें अष्टमंगला प्रतीकवाद में व्यवस्थित 12 स्तंभ थे। मनुष्यों और जानवरों की टेराकोटा आकृतियों ने पहले से मौजूद मंदिर के अस्तित्व की परिकल्पना करने के लिए हमें प्रेरित किया। आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद हम इस प्रोजेक्ट के लिए डटे रहे। मुसलमानों को मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को खुद ही हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना चाहिए। उनकी जो पवित्र इमारत है, उसे कहीं अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए मुसलमानों को आगे आना चाहिए। इससे सरकार एवं सर्व समाज से भी सहयोग मिल सकेगा। इस स्थानांतरण की प्रक्रिया में पवित्रता एवं समान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

राजगढ़ में विद्युत वितरण कंपनी ने बकायादार पर सख्ती बरतना की शुरू, काटी जाएगी बिजली

भोपाल  एमपी के ब्यावरा में बिजली कंपनी के वसूली अभियान के तहत आगामी गर्मी के दिनों में 100 फीसदी बकाया वाले गांवों के कनेक्शन को फिर से काटा जाएगा। साथ ही जिन गांवों में कम बकाया है या जो लोग जमा कर रहे हैं उन्हें छोड़ बाकियों के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। दोबारा जोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  दरअसल, करोड़ों रुपए की बकाया राशि वसूलने के लिए बिजली कंपनी ने सख्ती की है। गांव, शहरी क्षेत्र के घरेलू, पम्प और व्यवसायिक सभी प्रकार के कनेक्शनों की जांच की जा रही है। कंपनी ने अपने एसई, डीई, जेई को वसूली का जिम्मा दिया है, जिसकी मॉनीटरिंग हर दिन की जा रही है। कई गांवों को दिया गया नोटिस हालांकि बिजली कंपनी की इस सख्ती से कई गांवों निवासरत पढ़ाई करने वाले बच्चों की फजीहत हो गई। कई किसानों की सिंचाई प्रभावित हो गई है। बता दें कि हाल ही में बिजली कंपनी सुठालिया के 130, मलावर के 19 गांवों के अलावा पूरे जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे गांव जहां बिल्कुल ही बिल जमा नहीं किए गए उन्हें काट दिया था। साथ ही कई गांवों को नोटिस दे रखे हैं, उन्हें परीक्षा के सीजन के बाद काटने की तैयारी है। हालांकि वर्तमान में अधिकतर गांवों में बिजली सप्लाई चालू करवाई गई है लेकिन यह अस्थाई व्यवस्था है। फिर से कंपनी सख्ती कर सकती है। हर घर मीटर लगेंगे बिजली कंपनी ने एक और अभियान शुरू किया है, जिसके तहत प्रत्येक घर (कनेक्शन) में मीटर लगना अनिवार्य किया है। यह व्यवस्था शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू रहेगी। इसके अलावा अत्यधिक लोड वाले ट्रांसफॉर्मर भी चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके तहत घरों में लगने वाले अधिक लोड के हीटर, रॉड और अन्य बिजली उपकरणों की भी जांच की जाएगी। या तो उन्हें बंद करना होगा या मीटर पर आने वाली रीडिंग के हिसाब से बिल देना होगा। कोरोना काल में बढ़े हुए बिजली बिलों पर लगने वाला एरियर भी बिजली कंपनी ने माफ नहीं किया है। वहीं, चुनावी सीजन के दौरान भी जो सरचार्ज जुड़कर आ रहा था, उसे माफ करने की बात कंपनी के अफसरों ने कही थी, लेकिन इस संबंध में कोई बात नहीं कर रहा है। जिससे आम उपभोक्ता पर दोहरी मार यहां पड़ी है। जिन पर अत्यधिक भार एरियर और सरचार्ज का है, वे अब मौजूदा बिल के साथ जमा नहीं कर पा रहे हैं। जिससे उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। कंपनी का तर्क है कि कोरोना काल में एरियर को उसी समय के अगले दो- तीन माह में जमा करने को कहा था, चुनावी सीजन का सरचार्ज माफ करने के निर्देश फिलहाल नहीं मिले हैं। 100 % बकाया वाले ही काट रहे 100 फीसदी बकाया वाले गांव ही हमने काटे हैं, जहां की कुछ राशि जमा हैं वहां उन्हीं के कनेक्शन काट रहे हैं जिनके बिल बकाया हैं। जो नियमित बिल जमा कर रहे हैं उन्हें हम परेशान नहीं कर रहे। बकाया बिल तो देना ही होगा। शासन स्तर पर ही वसूली के लिए निर्देश हैं। परीक्षा के दौर है, इसके बाद फिर से बकायादारों पर कार्रवाई यथावत तरीके से शुरू की जाएगी। -एसके खरे, एसई, बिजली, राजगढ़ किसानों के लिए ऑफर, पांच रु. में मिलेगा कनेक्शन ! वसूली की सख्ती के बीच बिजली कंपनी ने किसानों के लिए एक योजना शुरू की है। जिसके तहत महज पांच रुपए में उन्हें परमानेंट कनेक्शन मिल जाएगा। यानी अभी उन्हें राशि जमा करने की जरूरत नहीं होगी, संबंधित लाइनमैन को पांच रुपए देकर दस्तावेज जमा कर कनेक्शन चालू कराया जा सकेगा। इससे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करना होता था, कनेक्शन चार्ज, सुरक्षा निधि, पंजीयन शुल्क भी देना होता था। अब पंजीयन शुल्क करीब 1500 रुपए माफ कर दिए गए हैं। वहीं, सुरक्षा निधि 1200 रुपए प्रति एचपी के हिसाब से अगले माह के बिजली बिल में जुड़कर दी जाएगी। पहले सभी प्रकार के शुल्क जमा करना होते थे, तभी कनेक्शन होता था।  बिल जमा करने की अपील बता दें कि राजगढ़ के 64 गांव पर 5 करोड़ 91 लाख रुपए का बकाया है, इसको लेकर कई बार कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को समझाया गया और बिल जमा करने की अपील भी की गई। लेकिन किसी भी उपभोक्ता द्वारा बिजली का बिल जमा नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब कंपनी ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए गांव के लोगों को बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर पूरे गांव के गांव की बिजली काटी जाएगी। कंपनी की अपील ● यदि उपभोक्ता तत्काल अपने बकाया का भुगतान नहीं करते हैं, तो नियमानुसार ग्राम के समस्त बकायादार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन विच्छेद करने की कार्यवाही की जाएगी। ● इस कार्यवाही को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कंपनी द्वारा प्रशासन एवं पुलिस बल की सहायता ली जाएगी। ● प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान हेतु प्रेरित करें एवं प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दें। ● बकाया उपभोक्ताओं से पुन: अनुरोध किया जाता है कि वे अपने स्वयं के संसाधनों से शीघ्र अति शीघ्र राशि जमा करें. अन्यथा नियमानुसार विद्युत विच्छेद की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ● इस संबंध में यदि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। 64 गांव शामिल डूंगरपुरा, बांकना, मागनियाखेड़ी, टीटोड़ी, जुगलपुरा, लालतलाई, विजयगढ़, फेटापुरा, भैनपुरा, फत्तूखेड़ी, रघुनाथपुरा, दाताग्राम, मालीपुरा, दिलावरी, बगा, ऊंचाखेड़ा, जैतपुरा, चौकी चंदरपुरा, दिलावरा, गंगापाट, नानौरी, जोड़क्या, हिनौती सहित करीब 64 गांव शामिल है। कनेक्शन काटा जाएगा कंपनी के स्पष्ट निर्देश हैं जिन गांव से बिल नहीं आ रहा है, वहां के कनेक्शन काटे जाएं हम ग्रामीणों को अंतिम चेतावनी दे रहे हैं। फिर भी बिल जमा नहीं होता तो पूरे गांव का कनेक्शन काटा जाएगा। -रवि बड़ोले, जेई राजगढ़ ग्रामीण

11 मार्च मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। मिथुन राशि- रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। कर्क राशि- नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। सिंह राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। कन्या राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। तुला राशि- आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि- कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धनु राशि- आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। मकर राशि- निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। कुंभ राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मीन राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को भी विकसित करता है। प्रदेश सरकार युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने और खेल अधोसंरचना को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अंकुर खेल मैदान, भोपाल में शिवाजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और शुभकामनाएँ दीं। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. विपिन तिवारी ने बताया कि शिवाजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन लगातार सात वर्षों से किया जा रहा है और इसे खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और दर्शकों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस प्रतियोगिता में 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें चिकित्सकों और वकीलों की टीम भी शामिल हैं।  

जनसंख्या बढ़ाओ, इनाम पाओ, राज्य के सांसद ने तीसरे बच्चे पैदा होने पर 50 हजार और गाय के इनाम का ऐलान

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के लोकसभा सांसद केलिसेट्टी अप्पला नायडू ने राज्य के लोगों से आबादी बढ़ाने की अपील की है। यही नहीं उन्होंने विवादित ऑफर देते हुए कहा कि यदि कोई महिला तीसरा बच्चा पैदा करती है तो 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा यदि तीसरी संतान बेटा हुआ तो फिर एक गाय दी जाएगी। उन्होंने अपने इस विवादित ऑफर का बचाव भी किया और कहा कि राज्य की आबादी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी में आंध्र प्रदेश की आबादी कम होने का खतरा है। इसके अलावा पूरे देश में ही आबादी को बढ़ाने की जरूरत है। बता दें कि भारत आबादी के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ते हुए सबसे आगे निकल गया है। टीडीपी सांसद के इस बयान को उनकी ही पार्टी के कई लोगों ने क्रांतिकारी बताया है। सांसद का यह बयान उस समय आया है, जब तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के राज्य परिसीमन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा सवाल तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ही उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा सीटों का परिसीमन हुआ तो फिर दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी का अनुपात घट जाएगा। एमके स्टालिन की पार्टी का कहना है कि फिलहाल तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं, जो घटकर 31 या 30 ही रह जाएंगी। इसी तरह केरल के खाते में 20 की बजाय 12 सीटें ही रह सकती हैं। चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके, सिर्फ यूपी और बिहार हैं फायदे में चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके हैं कि आंध्र प्रदेश के लोगों को आबादी बढ़ाने की जरूरत है। उनकी यह मांग भी रही है कि सरकार को परिसीमन को फिलहाल रोक देना चाहिए और 1971 के उस फॉर्मूले को लागू रहने देना चाहिए, जिसके आधार पर फिलहाल राज्यों को सीटों का आवंटन हुआ है। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि दक्षिण भारत के राज्यों में लोग बच्चे पैदा कम कर रहे हैं औऱ इसके चलते बुजुर्ग आबादी बढ़ने का संकट है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वर्किंग एज वाले लोग कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘बढ़ती उम्र के लोगों की अधिक संख्या होने की समस्या दक्षिण भारत में दिखने लगी है। उत्तर भारत में सिर्फ यूपी और बिहार ही इस मामले में बढ़त में हैं। लेकिन हमारे यहां लोग ज्यादा आबादी को कमजोरी मानते हैं। लेकिन आज यह फायदे की चीज हो गई है।’

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