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कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे। शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, किरण देव, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।

वनक्षेत्र बारनवापारा के 1222 किसानों को सोलर पम्प से मिली सिंचाई सुविधा

रायपुर आजादी के दशकों बाद भी परंपरागत बिजली से वंचित रहे  बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा क्षेत्र के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में क्रेडा विभाग द्वारा अब तक बारनवापारा क्षेत्र में 1222 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे अब किसान बिना किसी चिंता के सिंचाई सुविधा का लाभ उठाकर लाभकारी खेती कर रहे हैं। सौर सुजला योजना के तहत  बारनवापारा क्षेत्र में 2 हार्स पावर के 03, तीन हार्स पावर के 615 और 5 हार्स पावर के 604 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची थी या जिनके पास सिंचाई के अन्य संसाधन नहीं थे। ग्राम डेबी के किसान नित्यानंद बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा न होने के कारण उनकी सालाना आमदनी मात्र 25 से 30 हजार रुपये थी। लेकिन सोलर पम्प लगने के बाद अब वे धान के साथ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर और बरबटी उगाकर तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह, बंशराम चौहान, बसंत कुमार कैवर्त्य, अमरू राम, धनीराम बिंझवार और गौरी बाई दीवान सहित कई अन्य किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले किसान नदी-नालों से डीजल पम्प के जरिए सिंचाई करते थे, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जाता था। लेकिन सौर सुजला योजना के तहत मात्र 24,800 रुपये में सोलर पम्प मिलने से अब उनकी यह समस्या समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सौर पम्प उपलब्ध करा रही है। तीन हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को मात्र 10,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21,000 रुपये का अंशदान देना होता है, जबकि 5 हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 20,000 रुपये तथा सामान्य वर्ग के कृषक को 25,000 रुपये का अंशदान देना होता है।बलौदाबाजार जिले में अब तक 5198 सौर पम्प लगाए जा चुके हैं। सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और क्रेडा विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सिंचाई के लिए नदी, नाले, कुएं और नलकूप प्राथमिकता से चिन्हांकित किए जाते हैं।छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना किसानों के लिए कम लागत में सिंचाई की बेहतर और स्थायी व्यवस्था है।

जीआईएस में टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी के कारण ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा का व्यापक निवेश जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश की टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी के कारण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल के उद्घाटन अवसर पर कहा कि विगत दशक में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 70 बिलियन डॉलर (5 ट्रिलियन रुपये से अधिक) का निवेश किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस विकास में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31,000 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। रीवा और ओंकारेश्वर: हरित ऊर्जा के नए केंद्र प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने उद्बोधन मे कहा जीआईएस के शुभारंभ पर मध्यप्रदेश का रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्कों में से एक है। इसके साथ ही हाल ही में ओंकारेश्वर में देश के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्लांट का शुभारंभ किया गया है, जिससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश: ऊर्जा सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने वाली पहली नवकरणीय ऊर्जा नीति मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। सांची बना मध्यप्रदेश का पहला सौर शहर पर्यावरण संरक्षण और नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, सांची को राज्य का पहला सौर शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह “नेट ज़ीरो कार्बन” सिद्धांत पर आधारित होगा, जिसमें जितनी ऊर्जा का उपभोग होगा, उतनी ही हरित ऊर्जा का उत्पादन भी किया जाएगा। यह परियोजना देश-दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगी। नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए समर्पित निर्माण क्षेत्र राज्य सरकार नर्मदापुरम जिले में पॉवर और नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए एक समर्पित निर्माण ज़ोन विकसित कर रही है, जिससे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्ष- 2030 तक 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ कार्यरत हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष-2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक का निवेश एवं 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5,21,279 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1,46,592 नौकरियाँ सृजित होंगी। जीआईएस-भोपाल में नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर में अवाडा एनर्जी, एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, एक्सिस एनर्जी वेंचर, एनएसएल रिन्यूएबल पॉवर प्राइवेट लिमिटेड, टोरेंट पॉवर और जिंदल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इस निवेश से राज्य में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश: भारत के ‘नेट ज़ीरो कार्बन’ लक्ष्य में प्रमुख योगदानकर्ता राज्य सरकार की यह पहल भारत के ‘नेट ज़ीरो कार्बन’ लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  

आज अगर बारिश से धुला अफगानिस्तान-ऑस्ट्रेलिया का मैच, तो कौन पहुंचेगा सेमीफाइनल में

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराने के बाद अब अफगानिस्तान की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने पर होंगी. अफगानिस्तान अगर सेमीफाइनल में पहुंच जाती है तो यह लगातार दूसरा मौका होगा, जब अफगानी टीम लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करेगी. हालांकि, उसके लिए यह  इतना आसाना नहीं होने वाला है, क्योंकि उसके सामने ऑस्ट्रेलिया है. क्या है सेमीफाइनल का समीकरण स्टीव स्मिथ की अगुवाई में अगर ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान को हरा दिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि अफगानिस्तान के रास्ते बंद हो जाएंगे. लेकिन अगर अफगानिस्तान ने यह मैच जीत लिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. ग्रुप बी से सेमीफाइनल में जाने वाली टीम दूसरी कौन सी होगी, इसका फैसला दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच मुकाबले पर निर्भर करेगा. अगर अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया, उसके बाद इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया तो ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के तीन-तीन अंक होंगे और जिसका नेट रन रेट बेहतर होगा, वो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा. अगर मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो अगर यह मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो स्थिति और भी मजेदार हो जाएगी. ऑस्ट्रेलिया के चार अंक होंगे और उसका सेमीफाइनल का स्थान पक्का होगा. दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका को ऐसी सूरत में इंग्लैंड के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. अगर दक्षिण अफ्रीका हार जाती है तो उसे यह उम्मीद करनी होगी कि उसकी हार बड़ी ना हो, जिससे अफ्रीकी  टीम का रन रेट, अफगानिस्तान से बेहतर हो. ऐसी सूरत में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. कैसा रहेगा कराची का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 28 फरवरी को बादल छाए रहेंगे. लेकिन बारिश की संभावना नहीं हैं. दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक रहने के पूर्वानुमान जताया गया है. क्वार्टर फाइनल होगा मुकाबला अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को लाहौर में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे, जिसमें दोनों टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए होड़ करेंगी. कई सालों से अफगानिस्तान को विश्व क्रिकेट में उभरती ताकत माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनके प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अब उन्हें महज डार्क हॉर्स के तौर पर नहीं देखा जाता. बुधवार रात इंग्लैंड पर उनकी शानदार जीत ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले सेमीफाइनल के करीब पहुंचा दिया है. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला वैश्विक मंच पर अपनी साख दिखाने का एक और मौका होगा. पिछले साल टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा, जहां उन्होंने पांच बार के विश्व चैंपियन पर अपनी पहली जीत हासिल की थी. ऐसी हैं दोनों टीमें अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, राशिद खान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद अहमद मलिक, इकराम अलीखिल, नांगेयालिया खारोटे, नवीद जादरान. ऑस्ट्रेलिया: मैथ्यू शॉर्ट, ट्रैविस हेड, स्टीवन स्मिथ (कप्तान), मार्नस लाबुशेन, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), एलेक्स कैरी, ग्लेन मैक्सवेल, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, एडम जम्पा, स्पेंसर जॉनसन, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, आरोन हार्डी, सीन एबॉट, तनवीर संघा.

Sugamya Yatra : चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा

भोपाल दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 7 और 8 मार्च 2025 को जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की “सुगम्य यात्रा” का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में “सुगम्य यात्रा” निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे। स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो “यस टू एक्सेस” ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।  

प्रदेश में ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे

भोपाल  भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इससे इंदौर को भी काफी फायदा होने वाला है। एनएचएआइ ने समिट में प्रदेश सरकार से एमओयू किया है। इसके तहत 4900 किमी के प्रोजेक्ट पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर(High Speed Corridor) का भी प्रावधान किया गया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। नए कॉरिडोर के तहत इंदौर से भोपाल के बीच 140 किमी लंबा हाईवे बनाया जाएगा। इसकी लागत 9 हजार 716 करोड़ होगी। यह कॉरिडोर वर्तमान सड़कों से अलग होगा। ये ऐसे क्षेत्रों से निकलेगा, जहां पहले से सड़क नहीं है। इस सड़क के आसपास ओद्यौगिक विकास होगा। इंदौर से भोपाल(Indore Bhopal Jabalpur) के बीच की वर्तमान दूरी में कमी आएगी। इस रोड को वर्तमान में बनाए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे कई गावों को जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। डीपीआर के लिए टेंडर जारी एनएचएआइ ने राज्य शासन से समिट में जो एमओयू साइन(Indore Bhopal Jabalpur high speed corridor) किए हैं, उस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। एमओयू के तहत शुरुआती काम भी शुरू हो चुका है। विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर जारी किए हैं।

बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल आगामी 08 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।  

दीनदयाल रसोई योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके। संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।  

युनूस सरकार की निकली हेकड़ी!, बांग्लादेश में छात्रों ने खुद की बनाई पार्टी, नाहिद इस्लाम संयोजक होंगे

ढाका बांग्लादेश में छात्रों के एक समूह ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है। इन छात्रों के आंदोलन ने पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। नए गणतांत्रिक छात्र संसद या डेमोक्रेटिक स्टूडेंट काउंसिल में शक्तिशाली स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) समूह के प्रमुख आयोजक शामिल हैं। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार के मुताबिक, नई पार्टी का नाम जतिया नागरिक पार्टी (National Citizen Party) रखा गया है और इसे शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके नाहिद इस्लाम को पार्टी का संयोजक और अख्तर हुसैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।   इन लोगों को भी मिलेगी पार्टी में जगह इसके अतिरिक्त, हसनत अब्दुल्ला को मुख्य आयोजक (दक्षिण) के रूप में नामित किया गया है, जबकि सरजिस आलम को उत्तरी क्षेत्र का मुख्य आयोजक और नसीरुद्दीन पटवारी को मुख्य समन्वयक के रूप में नामित किया गया है। ये निर्णय नागोरिक समिति और भेदभाव विरोधी छात्रों की संयुक्त बैठक के दौरान लिए गए, जो आज दोपहर राजधानी के बांग्लामोटर स्थित नागोरिक समिति के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। नाहिद ने पार्टी को लेकर क्या कहा? नाहिद इस्लाम यूनुस सरकार की कैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद थे लेकिन बुधवार को उन्होंने नाटकीय ढंग से इस्तीफा दे दिया। नाहिद इस्लाम ने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”देश के मौजूदा हालात को देखते हुए एक नई पार्टी का उदय जरूरी हो गया है. मैंने जन विद्रोह को मजबूत करने के लिए सड़कों पर बने रहने का फैसला किया है. इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया.” नाहिद इस्लाम ने पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ़ ‘भेदभाव विरोधी’ छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

हटाया गया आपात प्लान, फिर बदली प्रयागराज रेलवे स्टेशन की व्यवस्था, परिवर्तित मार्ग हुआ समाप्त

प्रयागराज महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर महादेव की कृपा ऐसी रही कि यात्रियों को आपात प्लान के कारण डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ा। रेलवे ने आपात प्लान हटा दिया, जिससे यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। यात्री आश्रय स्थल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म तक ले जाया गया। रात आठ बजे तक रेलवे ने 272 ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि रात 12 बजे तक लगभग 300 ट्रेनें चला दी गई। भीड़ को आश्रय स्थल पर रोकने की जगह उन्हें तेजी के साथ गंतव्य तक भेजने के लिए आन डिमांड ट्रेनों के संचालन की योजना कारगर रही। आश्रय स्थल में भीड़ नहीं जुटी तो स्टेशन मार्ग पर भी लगातार आवागमन सुचारू रहा।   कंट्रोल रूम से डीआरएम हिमांशु बड़ोनी लगातार सड़क व स्टेशन पर भीड़ का सजीव प्रसारण देखते रहे। उन्होंने हर रूट पर भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई थी, जिसे क्रियान्वित किया गया। बुधवार रात आठ बजे तक रेलवे ने 141 विशेष ट्रेन और 131 दैनिक ट्रेनों का संचालन किया। शाम के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव तो बढ़ा लेकिन लगातार ट्रेनों के संचालन से स्थिति सामान्य बनी रही। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आश्रय स्थल तक ले जाया जाता रहा। एक-एक लोग को सीट पर बैठाया जाता। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को रात आठ बजे तक प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 13 ,नैनी से 15, सूबेदारगंज पांच, प्रयाग स्टेशन से नौ, रामबाग से छह और झूंसी से 17 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे स्टेशनों पर लगातार होती रही उद्घोषणा वहीं, दूसरी ओर सभी रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा की जाती रही कि उन्हें किस दिशा और किस गंतव्य की ट्रेन कहां मिलेगी। इससे भीड़ सिर्फ प्रयागराज जंक्शन पर ही नहीं जुटी, बल्कि वह अलग-अलग स्टेशनों पर गई। इससे भीड़ प्रबंधन में आसानी रही। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों के लिए खुसरोबाग आश्रय स्थल भी खोल दिया गया था। जिन यात्रियों को आराम करना था वह यहां जाकर बैठे और लेटे रहे। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि खुसरोबाग में यात्रियों की सुविधा व मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन लगाया गया था। जिस पर रामायण धारावाहिक सभी को दिखाया गया।

एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर तलब की फाइल्स, अब दिल्ली में चलेगा तहव्वुर राणा पर केस

नई दिल्ली 2008 में हुए मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा पर दिल्ली में केस चलाया जा सकता है। इस संभावना को बल इस वजह से मिल रहा है, क्योंकि दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट में मौजूद एनआईए अदालत ने मुंबई के ट्रायल कोर्ट से केस रिकॉर्ड तलब किया है। 26/11 हमले को लेकर दिल्ली और मुंबई में केस के रिकॉर्ड मौजूद थे, जिन्हें पहले मुंबई भेजा गया था। क्योंकि दोनों शहरों में इस पर सुनवाई हो रही थी। लेकिन हाल ही में एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई की निचली अदालत से केस रिकॉर्ड यहां तलब करने की अपील की थी। ट्रंप ने किया था प्रत्यर्पण का एलान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद पीएम मोदी दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान दोनों की मुलाकात के बीच तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर चर्चा हुई थी और तब ट्रंप ने एलान किया था कि प्रशासन ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह पाकिस्तानी सेना में बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। 2009 में एफबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण की इजाजत दे दी थी। हेडली ने किया था खुलासा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया था कि उसने 2007 और 2008 के बीच पांच बार भारत की यात्रा की थी और हमलों के लिए मुंबई में संभावित लक्ष्यों की रेकी की थी।     राणा के खिलाफ गवाही देते हुए, हेडली ने कहा था कि उसने पांच साल के वीजा का उपयोग करके भारत का दौरा किया था, जिसे प्राप्त करने में उसके सह-साजिशकर्ता ने उसकी मदद की थी। हेडली ने यह भी खुलासा किया था कि राणा ने पहचान छिपाने के लिए एक इमीग्रेशन कंपनी स्थापित करने में उसकी सहायता की थी।     डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद राणा ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटीशन फाइल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसने मानवीय आधार पर अंतिम अपील दायर की है, जिससे उसके प्रत्यर्पण में कुछ सप्ताह की देरी हो सकती है।  

योगी आदित्यनाथ ने कहा- महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा, विपक्ष पर बरसे

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के समापन के बाद विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का वीडियो दिखाकर प्रयागराज को बदनाम करता रहा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ। 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं, जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके। दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता। हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए। लेकिन, विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे। उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था। पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने महाकुंभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया। भगवान वेद व्यास ने 5,000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है। प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया। लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है, वह अद्भुत है। यहां आने के लिए दुनिया चकित और लालायित है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए। पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने। जो आया, वह अभिभूत होकर गया।

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, आतिशी को मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय विधानसभा सदस्य आतिशी, जो सदन में सरकार के विपक्ष में सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की नेता हैं, को दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने 2001 के ‘विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन एवं भत्ते) अधिनियम, 2001’ की धारा-2 के तहत आतिशी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी शिकस्त मिली। इस हार के बाद आतिशी मुख्यमंत्री पद से हट गईं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को समान वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही अब आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गई हो, उनकी सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, यह पहले से ही तय था कि विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें यह कुर्सी छोड़नी होगी। चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा और पार्टी ने आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के समान वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के हारने के बाद विधानसभा पहुंची आतिशी ही वह नेता थीं, जिसे आम आदमी पार्टी ने सर्वसम्मति से अपने दल का नेता चुना था।  दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रस्ताव को समर्थन दिया था। वहीं, दिल्ली विधानसभा में वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता स्पीकर हैं। करावल नगर से कई बार विधायक रह चुके हैं मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की सियासत में अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार वो मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के आदिल अहमद खान को 17 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट मिला करावल नगर सीट से मोहन सिंह बिष्ट ने पहली बार 1998 में चुनाव जीता था और 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। 2015 के चुनाव में उन्हें कपिल मिश्रा के हाथों शिकस्त मिली थी। तब कपिल मिश्रा ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़े थे। बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद मोहन बिष्ट ने एक बार फिर 2020 में करावल नगर सीट से जीत दर्ज की, जबकि 2025 के चुनाव में उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट मिला और यहां से चुनाव जीते। बीजेपी ने इस बार कपिल मिश्रा को करावल नगर से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार में मंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें मिलीं। राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में बीजेपी 27 सालों के बाद वापसी की है।

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि अग्रिम जमानत से जुड़े दंड प्रक्रिया संहिता और नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के प्रावधान, जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होंगे। इस फैसले के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को जीएसटी या कस्टम कानून के तहत गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, भले ही एफआईआर दर्ज न हुई हो।  इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। यह याचिका 2018 में राधिका अग्रवाल नाम की महिला तरफ से दायर की गई थी।

श्रद्धलुओं ने बदली रामलला की दिनचर्या, 19 घंटे तक दे रहे हैं दर्शन; भोग और आरती का समय भी घटा

अयोध्या महाकुंभ शुरू होने के बाद अयोध्या में आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने बालक राम की दिनचर्या बदल दी। मकर संक्राति से महाशिवरात्रि तक सवा करोड़ लोगों ने दर्शन किए।  महाकुंभ शुरू होने के बाद रिकॉर्ड संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस बीच इतनी भीड़ आ जाएगी इसकी कल्पना मंदिर ट्रस्ट ने भी नहीं की थी।  पिछले एक माह से आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने रामलला की दिनचर्या बदल दी है। मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में सवा करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा है। रामलला प्रतिदिन 19 घंटे भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। रामलला के दरबार में रोजाना साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में 1.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया है। राम मंदिर में निरंतर उमड़ रही भीड़ ने रामलला की पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर रखा है। पुजारियों का कहना है कि रामलला की आरती, राग-भोग के दौरान भी मंदिर बंद नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस समय रामलला को सुबह चार बजे ही जगाया जाता है। इसके बाद उनकी मंगला व श्रृंगार आरती होती है। सुबह पांच बजे से मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। श्रद्धालुओं में दर्शन की ललक इस कदर है कि रात दो बजे से दर्शनपथ पर श्रद्धालु जुटने लगते हैं। दोपहर की आरती के दौरान भी दर्शन चलता रहता है। केवल पांच से 10 मिनट के पर्दा लगाकर रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में कतारबद्ध रहते हैं।   18 से 19 घंटे खुल रहा है मंदिर  पहले दोपहर भोग आरती के लिए मंदिर एक घंटे के लिए बंद किया जाता था। यही स्थिति संध्या आरती के दौरान भी रहती है। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी श्रद्धालुओं की भीड़ को अप्रत्याशित बताते हैं। उनका कहना है कि रामलला को ठीक से विश्राम नहीं मिल पा रहा है, मंदिर 18 से 19 घंटे खोलना पड़ रहा है, यह स्थिति व्यवहारिक नहीं है। महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई राम की नगरी सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज… शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब पांच लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा।  अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिव मंदिरों की ओर निकल पड़ा। हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागेश्वरनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को टेढ़ी बाजार के पीछे से होते हुए करीब चार किलोमीटर तक चलना पड़ा। क्षीरेश्वरनाथ पहुंचने के लिए यह दूरी बढ़कर पांच किलोमीटर हो गई। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में राम मंदिर के दर्शनार्थी भी खूब उमड़े। दर्शनार्थियों ने रामलला के साथ भोलेबाबा की भी पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा।

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