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17 वर्षीय युवक चार पैरों के साथ जी रहा था, दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी कर दिया नया जीवन

नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के सर्जन एक अभूतपूर्व सर्जिकल केस में सफल रहे हैं। उन्होंने उन्नाव (उत्तर प्रदेश) के 17 वर्षीय युवक से उसके परजीवी जुड़वां भाई के अवशेषों को निकालने में सफलता हासिल की। इस युवक के शरीर में एक अविकसित जुड़वां भाई था, जिसकी एक जोड़ी पैर और अविकसित पुरुष जननांग युवक के धड़ से बाहर निकले हुए थे। यह जन्मजात समस्या थी, जिससे युवक को 17 वर्षों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। जटिल सर्जरी युवक के शरीर में जुड़वां भाई के अविकसित अवशेष होने के कारण उसकी जीवनशैली में कई कठिनाइयां थीं। इसके कारण युवक को शारीरिक और मानसिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था और उसकी पढ़ाई भी आठवीं कक्षा में ही छूट गई थी। ऐसे मामलों में सर्जरी एक कठिन चुनौती होती है, क्योंकि इसमें नसों का जाल और अंगों को अलग करने की प्रक्रिया बहुत जटिल होती है। इस मामले में, एम्स के सर्जनों को छाती की दीवार, आंतों और किडनी के पास के टिशूज को अलग करना था। इस विशेष सर्जरी में युवक के अविकसित अंग न केवल बाहर निकले थे, बल्कि उनमें स्पर्श और दर्द का अहसास भी होता थाऔर समय के साथ यह अंग बढ़ते जा रहे थे। इनमें अविकसित पुरुष जननांग भी शामिल थे, जो युवक के लिए एक मानसिक चुनौती बन गए थे। सफल ऑपरेशन एम्स के डॉक्टरों की एक टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को आठ फरवरी 2024 को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह सर्जरी विशेष रूप से महत्वपूर्ण और दुर्लभ मानी जा रही है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के केवल 40 मामले ही सामने आए हैं। इस प्रकार के ऑपरेशन में एक जुड़वां भाई विकसित हो जाता है, जबकि दूसरा अविकसित रहता है और शरीर में अलग तरह की जटिलताएं पैदा करता है। अब, युवक को एक नया जीवन मिला है और वह शारीरिक और मानसिक रूप से पहले से अधिक स्वतंत्र महसूस कर रहा है। उसे अब न केवल अपनी जिंदगी में एक नया मौका मिला है, बल्कि उसकी आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है।  

अमेरिकी संघीय अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार पन्नू ने याचिका की प्रति अजीत डोभाल को सौंपी

अमेरिका सिख कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश से जुड़े मामले में एक नया खुलासा हुआ है। अमेरिकी संघीय अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार, पन्नू ने अपनी याचिका की प्रति भारत के शीर्ष खुफिया अधिकारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंप दी है। पन्नू की याचिका में आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार, अजीत डोभाल और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए हायर किया था। यह साजिश उस वक्त विफल हो गई जब गुप्ता द्वारा हायर किया गया शूटर असल में एक अंडरकवर अमेरिकी एजेंट निकला। याचिका में यह भी कहा गया कि यह “मर्डर फॉर हायर” साजिश भारत सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा थी, जिसमें सिख कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। इनमें वे लोग शामिल हैं जो पंजाब में सिखों के आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग कर रहे हैं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित उत्पीड़न की आलोचना कर रहे हैं और भारत में मानवाधिकार हनन के मामलों को उजागर कर रहे हैं। डोभाल को समन देने के लिए निजी जांचकर्ताओं की मदद अदालत में पेश किए गए नए दस्तावेजों के मुताबिक, पन्नू ने दो कानूनी एजेंसियों और एक निजी जांचकर्ता की मदद से अमेरिका में डोभाल के दौरे के दौरान उन्हें समन सौंपने की व्यवस्था की। अमेरिकी अदालत में दायर घोषणाओं के अनुसार, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने समन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, हालांकि इसे उस स्थान पर भी भिजवाया गया जहां डोभाल ठहरे हुए थे। इसके बावजूद, अमेरिकी अदालत के 12 फरवरी 2025 के आदेश के तहत, डोभाल को वैकल्पिक माध्यमों से समन जारी किया गया। दस्तावेजों में कहा गया है, “पन्नू सम्मानपूर्वक अदालत को सूचित करते हैं कि प्रतिवादी (डोभाल) को समन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।”   डोभाल को 21 दिनों के भीतर देना होगा जवाब अगर समन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो अजीत डोभाल को 21 दिनों के भीतर अमेरिकी अदालत में पन्नू के मुकदमे का जवाब देना होगा। पन्नू ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर, डोभाल और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची, सिर्फ इसलिए कि उसने अपने राजनीतिक विचार व्यक्त किए।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे अमेरिकी न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और मुझे यकीन है कि सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रेप्रेशन) में शामिल अपराधियों को आपराधिक और दीवानी अदालत में न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।” पन्नू के वकील का बयान पन्नू के वकील मैथ्यू बोर्डन (BraunHagey & Borden, LLP) ने कहा, “हमने अजीत डोभाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वह इस मामले में एक प्रमुख प्रतिवादी हैं और अब अपनी संलिप्तता को छिपा नहीं सकते। हम उनसे सबूत जुटाने और अपने मुवक्किल के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।”  

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिये निर्देश अंडरग्राउंड केबिल बिछाने में खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत करें

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने एमपीईबी के अधिकारियों से कहा कि बिजली की अंडरग्राउंड केबिल बिछाने में खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत करें। श्रीमती गौर ने कल्पना नगर, शिव नगर फेस-1 और फेस-2 वार्ड 73 के पार्षद राजू राठौर की शिकायत पर निर्देश दिये। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि खोदी गई सड़कों की मरम्मत को एक सप्ताह में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वह स्वयं क्षेत्र में भ्रमण कर दिये गये निर्देशों के अनुक्रम में की गई कार्यवाही का जायजा लेगी। श्रीमती गौर ने कहा कि भविष्य में सड़क निर्माण ऐजेंसी, नगर निगम और एमपीईबी के अधिकारी समन्वय बनाकर रखें जिससे ऐसी स्थिति नहीं बने। सड़क बनने के पहले केबिल बिछाने का कार्य किया जाये।  

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कीर्तिमानों की सूची, जानें पहले नंबर पर कौन सा देश काबिज

मुंबई क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट का अपना-अपना अलग अंदाज है, लेकिन क्रिकेट प्रेमी तीनों ही फॉर्मेट को पसंद करते हैं। हालांकि, तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग टीमें टॉप स्थान पर हो सकती हैं। इस समय आईसीसी की टॉप टीमों में वनडे और टी20 में भारत का नाम शामिल है, जबकि टेस्ट में इस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम कब्जा जमाए हुए है। इस समय आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी खेली जा रही है, जो वनडे फॉर्मेट में आयोजित हो रही है। वनडे फॉर्मेट का हमेशा से ही अलग जलवा रहा है। वनडे वर्ल्ड कप का बेसब्री से फैंस इंतजार करते हैं। दरअसल, वनडे मैचों में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जो टूटे हैं। कई महान बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों का अंबार लगाया है। कई ऐसी टीमें भी हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों के मामले में रिकॉर्ड बनाया है। पाकिस्तान की टीम ने लगाए कुल 229 शतक पाकिस्तान की टीम में कई बड़े खिलाड़ी रहे हैं। आज के समय में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी हैं। एक समय पर शाहिद अफरीदी, मोहम्मद यूनुस और मिस्बाह-उल-हक जैसे खिलाड़ी भी इस टीम का हिस्सा थे। लेकिन पाकिस्तान में अब तक सईद अनवर का रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ सका है। पाकिस्तान की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 229 शतक लगाए हैं। पाकिस्तान की ओर से सईद अनवर ने सबसे ज्यादा 20 शतक लगाए, जबकि बाबर आजम ने 19 शतक लगाए हैं। बाबर आजम जल्द ही सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने लगाए कुल 252 शतक वहीं, दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है, जिसने पाकिस्तान से ज्यादा शतक बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 252 शतक लगाए हैं। ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट हमेशा से ही शानदार रहा है। सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफियां भी ऑस्ट्रेलिया के पास ही हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम है, जिन्होंने 30 वनडे शतक बनाए। इसके बाद मैथ्यू हेडन का नाम आता है, जिन्होंने 18 शतक जोड़े हैं। भारत की टीम ने लगाए कुल 323 शतक दुनिया में वनडे क्रिकेट की सबसे सफल टीम भारतीय टीम रही है। भारतीय खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट में कुल 323 शतक लगाए हैं। भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर का नाम हमेशा से लिया जाता है, लेकिन अब इस रिकॉर्ड को विराट कोहली ने तोड़ दिया है। भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे शतक विराट कोहली ने लगाए हैं। विराट कोहली अब तक 51 शतक लगा चुके हैं, जबकि इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए 50 वनडे शतक लगाए थे। यानी कुल मिलाकर सचिन और विराट ने मिलकर ही 100 शतक जड़ दिए हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने महाशिवरात्रि के अगले दिन पर बोरेश्वर महादेव का लिया आशीर्वाद

देपालपुर कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते महाशिवरात्रि पर नहीं पहुंच पाए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दूसरे दिन बाबा बोरेश्वर महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव हर साल महाशिवरात्रि पर बोरेश्वर महादेव पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी दंगवाड़ा स्थित ऐतिहासिक प्राचीन बोरेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ा। हजारों भक्त शिवरात्रि पर यहां महादेव के दर्शन करने पहुंचे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण शिवरात्रि के दिन मंदिर नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने परंपरा निभाते हुए दूसरे दिन सपत्नीक मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। पर्व को देखते हुए हर साल की तरह इस बार भी मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थी, जिससे भक्तों को दर्शन में कोई परेशानी न हो। बाबा बोरेश्वर महादेव का यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। जानकारी रवि रावल मन्दिर समिति ने जानकारी दी।

ममता बनर्जी और अन्य नेताओं का मजाक बनाने के आरोप में कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला,आरोपी को HC से राहत

कोलकाता ममता बनर्जी का मजाक बनाने के आरोपी एक शख्स को राहत देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मुकदमा ही खारिज कर दिया है। बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम और अन्य नेताओं का मजाक बनाने के आरोप में कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला है कि केस चलाया जाए। जस्टिस अजय कुमार गुप्ता ने केस की सुनवाई करते हुए कहा, ‘केस डायरी और उपलब्ध सबूतों की विस्तार से जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई मामला नहीं बनता। बिना किसी सबूत के ही चार्जशीट भर दाखिल कर देने से केस आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। यही नहीं यदि केस चलाया भी जाए तो इस बात की संभावना बहुत कम है कि आरोपी के खिलाफ कोई चीज साबित हो सकेगी। इसके अलावा ऐसा करना आरोपी के खिलाफ पूर्वाग्रह रखना और उसका उत्पीड़न करने जैसा होगा।’ अदालत ने कहा कि जब कोई सबूत ही नहीं है और केस चलने लायक नहीं है तो फिर मामले की आगे सुनवाई क्यों की जाए। बेहतर होगा कि केस को ही खत्म कर दिया जाए। दरअसल आरोपी के खिलाफ ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं का मजाक उड़ाने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसी के खिलाफ आरोपी ने सेक्शन 482 के तहत अदालत का रुख किया था और कहा था कि मेरे खिलाफ दर्ज केस को खत्म किया जाए। आरोपी का कहना था कि उसने यूट्यूब पर कोई बात कही थी और उसी के आधार पर साजिश रचते हुए कुछ लोगों ने उन्हें फंसा दिया। आरोपी ने कहा कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि किसी का अपमान किया जाए। उस पर इस आरोप में केस दर्ज हुआ था कि उसकी टिप्पणी से सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा है। आरोपी ने कहा कि मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं। मेरा उस कृत्य में कोई रोल ही नहीं है, जिसके आधार पर मेरे ऊपर केस दर्ज किया गया है। आरोपी ने कहा कि मेरा उत्पीड़न करने के उद्देश्य से फर्जी केस दायर किया गया है। इस पर बेंच ने सहमति जताई और कहा कि यदि इस केस को आगे बढ़ाया गया तो यह याची का उत्पीड़न होगा। यही नहीं आरोपी आरोपी का कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के ही अधिकारी ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मेरे ऊपर आरोप लगाया कि मैंने सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जबकि ऐसा कुछ भी मेरी ओर से कहा भी नहीं गया था।

जबलपुर में दर्दनाक हादसा, पिकअप अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, 3 की मौत 27 घायल

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई.

सीहोर जिले में औषधि अधिनियमों के उल्लंघन पर तीन स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त और एक का निलंबित किया

सीहोर सीहोर जिले में संचालित कई मेडिकल स्टोर्स पर सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई दुकानों पर लाइसेंसधारी के बजाय अप्रशिक्षित व्यक्ति दवाइयां बेच रहे हैं, जबकि कुछ स्टोर बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, प्रतिबंधित और कालातीत दवाओं की बिक्री भी बेधड़क की जा रही है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में हुआ खुलासा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में मेडिकल दुकानों की जांच की। जांच में औषधि सामग्री अधिनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अमलाहा के मेसर्स विराज मेडिकल स्टोर, आष्टा के मेसर्स मेक्स मेडिकल स्टोर और बुधनी तहसील के बकतरा स्थित मेसर्स श्रीजी मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं, आष्टा के कुमार मोहल्ला स्थित मेसर्स पूर्णिमा मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित किया गया है। बिना लाइसेंस और अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा संचालन जिले में कई मेडिकल स्टोर्स बिना लाइसेंस के चल रहे हैं, जिन पर अप्रशिक्षित व्यक्ति दवाइयां बेचते हैं। इन दुकानों पर फार्मासिस्ट के लाइसेंस को किराए पर लेकर संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, कुछ मेडिकल स्टोर्स पर प्राइवेट डॉक्टर अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं और मुफ्त जांच के नाम पर लोगों को आकर्षित करके महंगी दवाइयां और टेस्ट लिख रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। लगातार कार्रवाई का आश्वासन औषधि निरीक्षक किरण कुमार मंगरे ने बताया कि जिले में औषधि अधिनियमों का प्रभावी पालन कराने के लिए मेडिकल स्टोर्स की निरंतर जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी यदि संबंधित स्टोर्स दवाइयों की बिक्री करते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

तिलकरत्ने दिलशान ने विराट कोहली की तारीफ करते हुए रोहित शर्मा को दी सलाह, इस पैटर्न में बदलाव नहीं करना चाहिए

नई दिल्ली श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर तिलकरत्ने दिलशान ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा है कि रोहित शर्मा मौजूदा फॉर्म और अटैकिंग अप्रोच शानदार है। तिलकरत्ने दिलशान ने भी माना है कि इसका फायदा टीम इंडिया को मिल रहा है। वे वर्ल्ड कप 2023 के बाद से ही ओपनर के तौर पर व्हाइट बॉल क्रिकेट में आक्रामक होकर खेलते हैं और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दो मैचों में भी ऐसा ही दिखा है और दोनों मैच भारत ने जीते हैं। दिलशान ने विराट कोहली की फॉर्म में वापसी की भी तारीफ की। तिलकरत्ने दिलशान ने रोहित शर्मा की मौजूदा फॉर्म और अटैकिंग अप्रोच की तारीफ करते हुए पीटीआई से बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि रोहित शर्मा ने पूरे साल इसी पैटर्न में खेला है और उन्हें इसमें बदलाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने इसी पैटर्न में खेलते हुए टीम इंडिया के लिए कई मैच जीते हैं। मेरे साथ भी ऐसा हुआ है; कभी-कभी हमारे करियर में बुरे दौर आते हैं और उस समय हमें थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत होती है। वह सही समय पर फॉर्म में आ जाएंगे।” तिलकरत्ने दिलशान ने विराट कोहली की फॉर्म में लौटने की भी सराहना की। श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने दावा किया कि विराट आने वाले सालों में खेल पर अपना दबदबा बनाए रख सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी खबर है कि वह (विराट कोहली) थोड़े खराब दौर के बाद फॉर्म में वापस आ गए हैं, वह दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं, वह बहुत आगे जा सकते हैं और आसानी से कुछ साल खेल सकते हैं। वह अभी भी शानदार लय में हैं।” विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी मैच में दमदार शतक जड़ा। वे काफी समय से लय में नहीं थे।

पं धीरेंद्र शास्त्री को युवक ने दी गंदी गालियां, हिंदू संगठनों ने आदिल की गिरफ्तारी की मांग की

ग्‍वालियर स्‍थानीय पनिहार के रहने वाले एक युवक आदिल ने एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर दिया है, जिससे बबवाल मचा हुआ है. इस वीडियो में उसने बागेश्‍वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री को लेकर गलत शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी आदिल, जो कि ग्वालियर जिले के पनिहार का रहने वाला है, ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया जिसमें उसने यह अपशब्द कहे. ग्वालियर के एएसपी निरंजन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आया है. जांच के बाद इसमें कठोर एक्‍शन लिया जाएगा. पुलिस ने वीडियो देखा है और इसमें केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. इस वीडियो के वायरल होते ही कई हिंदूवादी संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने वीडियो अपलोड करने वाले आदिल के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की है. आदिल ने जिस फर्जी अकाउंट से वीडियो अपलोड किया था वह आदिल हुसैन नाम से बना हुआ था. इस अकाउंट में उसने खुद को कैलिफोर्निया, अमेरिका का रहने वाला बताया है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का पासआउट भी बताया है. हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वीडियो के वायरल होते ही मचा बवाल, हिंदू संगठनों ने की है ये मांग बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद बवाल मच गया. फेसबुक पर वीडियो अपलोड होने के बाद ग्वालियर में हिंदू संगठनों ने हंगामा कर दिया. हिंदू संगठनों का आरोप है कि ग्वालियर के पनिहार गांव के रहने वाले एक मुस्लिम युवक आदिल खान ने धीरेंद्र शास्त्री को गाली गलौज करते हुए वीडियो अपलोड किया है. हिंदू संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की. जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी ने इस वीडियो की जांच कर FIR करने के निर्देश दिए. बताया जा रहा है कि पनिहार गांव के रहने वाले आदिल खान ने फर्जी सोशल अकाउंट बनाया जिसमें उसने खुद को अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर का नागरिक बताया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पास आउट बताया है. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ वीडियो अपलोड होते ही पनिहार इलाके के लोगों ने आदिल खान को पहचान लिया और फिर थाने में जाकर हंगामा कर दिया. चर्चा में बागेश्वर धाम, इसी बीच वायरल हुआ वीडियो     बता दें कि हाल ही में बागेश्वरधाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। बुधवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु भी बागेश्वरधाम पहुंचीं। इसके बाद से बागेश्वरधाम आम लोगों के बीच चर्चा में है। अब यह वीडियो सामने आ गया।     इस वीडियो पर लोगों ने आक्रोश जताया है। यह वीडियो बुधवार दोपहर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें युवक द्वारा पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जा रहे हैं।     इस युवक का नाम अज्जू खान पुत्र बुच्हे खान निवासी पनिहार बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने पर हिंदू संगठन पनिहार थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए युवक पर कार्रवाई की मांग की।     एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस जेंडेन लिंगजर्पा को मामले की जांच सौंपी है। कार्रवाई की जा रही है।  

महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के जनसैलाब में कमी, कड़ी सुरक्षा और खास इंतजाम, 4.52 लाख भक्त ही पहुंचे

उज्जैन महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा कम समय में दर्शन हो, इसलिए चाक-चौबंद व्यवस्थाए की गईं। प्रातः चलित भस्मार्ती में लगभग 20 हजार दर्शनार्थियों ने दर्शन किए। बुधवार रात 10 बजे तक भक्तों का आंकड़ा 4 लाख से अधिक हो गया था। देर रात तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला जारी था। महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन हेतु पट गुरुवार 27 फरवरी की शयन आरती तक खुले रहेंगे।महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख ही रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 2.83 लाख कम है। दो सालों की बात करें तो हर बार महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। रंगोली से अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर के केशव शर्मा और ग्रुप द्वारा मंदिर प्रांगण के शिखर दर्शन पर रंगोली से श्री महाकालेश्वर भगवान अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया गया। इसका मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अवलोकन किया व उनके कार्य की सराहना की। गर्म मीठे दूध का भोग लगाया बुधवार शाम को बाबा महाकाल को होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समय गर्म मीठे दूध का भोग लगाया गया। रात्रि में कोटितीर्थ कुंड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरांत आरती की गई। भीड़ की कमी के लिए ये दो बड़े तर्क माने जा रहे 1. उत्तरप्रदेश में आयोजित कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर अंतिम स्नान पर्व के चलते भीड़ वहां के लिए भी डायवर्ट हुई, जिसका असर यहां रहा। 2. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर ही रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन रखा, यहां भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु जाना बताए, इसके चलते भी उज्जैन कम श्रद्धालु पहुंचे। (जैसा कि मंदिर के आईटी सेल प्रभारी गिरीश तिवारी ने तर्क दिया।) वाहन पार्किंग भी कई जगह खाली ट्रैफिक पुलिस को हर बार 10 से ज्यादा पार्किंग स्थान पर इंतजाम करना होते हैं और वह भी कम पड़ जाते हैं। इस बार अधिकांश पार्किंग खाली रही। सिर्फ हरिफाटक व कर्कराज पार्किंग भरी लेकिन वे भी पूरी तरह से फुल नहीं हो पा रही थी। कर्कराज पार्किंग की क्षमता 800 से 900 वाहनों की है लेकिन यहां 500 से 600 वाहन के लगभग ही भरते रहे। ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि ये सही है कि कई पार्किंग खाली रही। ये दो कारण भी कम श्रद्धालु आने के 1. दर्शन के लिए नृसिंह घाट मार्ग से लंबे जिगजैग का सफर तय करना पड़ा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर श्रद्धालु भीड़ में चलने से परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं व बच्चे। भीड़ कम हाेने के बावजूद भी बेवजह होल्डअप में लाेगाें काे लंबा चक्कर लगवाया। 2. वीआईपी से कई बार आपाधापी मची। आम लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। वे जद्दोजहद के बाद भगवान की झलक पाने पहुंचते हैं तो कर्मचारी धकेल देते हैं। वीआईपी के लिए गर्भगृह की देहरी से दर्शन महाशिवरात्रि पर गर्भगृह की देहरी से वीआईपी के दर्शन कराए जा रहे थे। आम जनता धक्के खा रही थी। वीआईपी के साथ 10-12 लोग गर्भगृह की देहरी के सामने खड़े हो रहे थे। इससे बैरिकेड्स से दर्शन करने वालों को दर्शन में परेशानी आ रही थी। इससे श्रद्धालुओं ने गुस्सा जाहिर किया। वीआईपी के अलावा पंडे-पुजारी भी खड़े हो रहे, इससे श्रद्धालुओं को महाकाल की एक झलक पाना मुश्किल रहा । शाम को एक वीआईपी करीब पांच मिनट तक गर्भगृह की देहरी पर भीड़ के साथ खड़े रहे। नंदी हॉल प्रभारी ने उन्हें हटाया। रात भर चलेगा महाभिषेक होगा पूजन अर्चन रात्रि 11 बजे से संपूर्ण रात्रि को श्री महाकालेश्वर का महाभिषेक व पूजन चलेगा। अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जाएगा। इसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा, जिसमें चावल, खडा मूंग, तिल, मसूर, गेहूं, जव, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा। भगवान श्री महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जाएगा। भगवान पर न्योछावर नेग स्वरूप चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र अर्पित की जाएगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जाएगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किए जाएंगे। लगभग प्रात 6 बजे सेहरा आरती होगी। शिव धारण करेंगे सवा मन का पुष्प मुकुट श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष में एक ही बार भगवान महाकाल को सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कराया जाता है और साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर लगातार भगवान शिव के दर्शन दर्शनार्थियों के लिए 44 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहते हैं। महाशिवरात्रि पर एक ऐसा अवसर आता है जिस पर श्री महाकालेश्वर भगवान के पट मंगल नहीं होते हैं। इस पर्व पर भगवान महाकाल सवा मन का फूलों से सजा मुकुट (सेहरा) धारण करते हैं। कल 12 बजे भस्मार्ती, 44 घंटे बाद बंद होंगे पट सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी। भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। 27 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होंगे।

मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि “यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।” यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल में कहा है कि देश के विकास में 3टी- टैक्सटाइल, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी की विशेष भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि भारत में टैक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस में पहली बार आईटी एवं टैक्नोलॉजी समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के डिजिटल भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में राज्य को टेक्नोलॉजी के नये केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समिट में दुनिया के टेक लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशको, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स आदि ने भाग लिया। राज्य को आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे प्रदेश में 1.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन रोजगारों में युवाओं की भागीदारी सर्वाधिक रहेगी। टेक कंपनियों जैसे डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, थोलोन्स, एलसीना, श्रीटेक, केन्स टेक्नोलॉजी और बियॉन्ड स्टूडियोज आदि ने राज्य में निवेश किया है। ग्लोबल टेक कंपनियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाई, जिनमें आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बारक्लेज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये इन कंपनियों से एमओयू भी किये गये। इससे टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये पहली बार 6 विभागीय समिट का आयोजन किया गया। आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट में उद्यमियों एवं स्टार्ट-अप के लिये 4 विशेष सत्र आयोजित किये गये। इस समिट में सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के साथ उद्योगों के विशेषज्ञों ने सीधे संवाद किया, राज्य की नीतियों पर चर्चा की और निवेश के नये अवसरों की रूपरेखा तय की। समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिलाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, इनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते विषयों पर राज्य की सम्भावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करने के लिये विशेष कदम उठाये हैं। जीआईएस- भोपाल में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की नवीन पॉलिसी को भी लॉन्च किया। प्रदेश को आईटी क्षेत्र निवेश अनुकूल बनाने के लिये मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गेमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति- 2025, जीसीसी नीति- 2025, सेमी कंडक्टर नीति- 2025 और ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति- 2025 को लॉन्च किया गया। इन नीतियों में आईटी एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र निवेश आकर्षित करने के लिये वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रावधान किये गये हैं। भविष्य की संभावनाओं का ध्यान रखते हुये इन नीतियों को व्यापक और दूरदर्शी बनाया गया। आईटी उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा राज्य की नीतियों की सराहना विभागीय समिट के दौरान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इनमें एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जीआईएस- भोपाल ने निवेश आकर्षित करने साथ ही विचार मंथन, नीति निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान किया। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये आईटी क्षेत्र मध्यप्रदेश को निवेश, नवाचार और अवसरों की नई ऊंचाईयों तक ले जायेगा।  

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