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सीएम योगी ने कहा- राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन पर किए जा रहे दुष्प्रचार और राज्यपाल के अभिभाषण पर किए गए व्यवहार पर विपक्ष को आइना दिखाया। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को पढ़ते हुए कहा कि महाकुंभ में सभी को अपनी दृष्टि के अनुरूप चीजें देखने को मिली है। महाकुंभ दुनिया में अब तक हुए सभी आयोजनों के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुंभ ने प्रदेश में नए पंच तीर्थ को जोड़ा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु अयोध्या, काशी, गोरखपुर, मथुरा दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही वर्ष की शुरुआत में पहले सत्र में उनके द्वारा दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया जाता है। लोकतंत्र संवाद पर आधारित होता है, यह आवश्यक नहीं कि सभी लोग एक-दूसरे से सहमत हों, लेकिन मर्यादा और शालीनता का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा और नारेबाजी का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, उसका सम्मान करना सभी दलों का कर्तव्य है। समाजवादी पार्टी का यह आचरण लोकतंत्र और संविधान, दोनों के विरुद्ध है। एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का साक्षी बन रहा है, तब विपक्ष सिर्फ आलोचना में व्यस्त है। यह कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आस्था और संस्कृति का वह महोत्सव है, जिसने देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुके हैं, जो विश्व के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश आज एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर और प्रयागराज तीर्थाटन के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ ने इन धार्मिक स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में जोड़ दिया है। सीएम योगी ने कहा कि महान कार्यों के प्रति समाज का रवैया तीन चरणों से गुजरता है- उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति। यही हाल राम मंदिर निर्माण और महाकुंभ आयोजन के दौरान भी देखने को मिला। पहले विपक्ष ने तंज कसे, फिर विरोध किया, लेकिन अंततः वे भी इसी आस्था में समर्पित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं संगम में स्नान कर आए और नेता प्रतिपक्ष ने खुद को पहले सनातनी बताया, बाद में समाजवादी। यह उनकी स्वीकृति का प्रमाण है। सीएम योगी ने महाकुंभ की तुलना दुनिया के अन्य धार्मिक आयोजनों से करते हुए कहा कि मक्का में हज के दौरान 1.4 करोड़, वेटिकन सिटी में सालभर में 80 लाख, जबकि अयोध्या धाम में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य तीर्थों में भी करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की सनातन परंपरा केवल धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर बार महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस आयोजन ने हर नकारात्मक प्रचार को ध्वस्त कर दिया। वामपंथी और समाजवादी महाकुंभ को बदनाम करने में जुटे रहे, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उनकी नकारात्मकता को नकार दिया। सनातन संस्कृति की ताकत दुनिया ने देखी। करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सनातन विरोधियों को करारा जवाब दिया। यह वही नया उत्तर प्रदेश है, जिसने आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है और अब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की इस अद्भुत शक्ति का लोहा मान रही है। मुख्यमंत्री योगी ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में वैज्ञानिक डॉ. अजय शुक्ला की लैब और उत्तर प्रदेश व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगाजल स्नान योग्य ही नहीं, बल्कि अल्कलाइन वाटर जितना शुद्ध भी है। वैज्ञानिक परीक्षणों से यह साबित हुआ है कि गंगाजल में स्वयं को शुद्ध बनाए रखने की प्राकृतिक क्षमता है, जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। 17 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में संगम क्षेत्र में क्लोरोफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई। संगम तट पर इसकी मात्रा 780 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर थी, जबकि वाराणसी की ओर जाने वाले घाटों पर यह 280 तक थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जल की शुद्धता के तीन प्रमुख मानक- बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और फीकल कॉलीफॉर्म-संगम क्षेत्र में पूरी तरह संतुलित पाए गए।  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती

नई दिल्ली भौगोलिक दृष्टि से भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है और इसकी तटरेखा बहुत बड़ी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती है। पहला युद्ध है, जिसका सामना सशस्त्र बलों को करना पड़ता है और दूसरा समुद्री डकैती, आतंकवाद, घुसपैठ, तस्करी और अवैध मछली पकड़ने की चुनौतियां हैं। इनके लिए समुद्री सेनाएं, खास तौर पर भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) हमेशा सतर्क रहती हैं। गौरतलब है कि आईसीजी ने कुल 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ भी जब्त किए। रक्षा मंत्री का कहना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए आईसीजी सक्रिय रूप से काम कर रहा है और सामरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें आईसीजी अलंकरण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों को वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए कुल 32 पदक दिए गए। इनमें छह राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा), 11 तटरक्षक पदक (वीरता) और 15 तटरक्षक पदक (सराहनीय सेवा) शामिल हैं। यहां पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों ने राजनाथ सिंह से बातचीत की। पिछले एक साल में आईसीजी ने समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और मानवीय कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 14 नावों और 115 समुद्री लुटेरों को पकड़ना शामिल है। साथ ही लगभग 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए। इसके अलावा, आईसीजी ने विभिन्न बचाव कार्यों के माध्यम से 169 लोगों की जान बचाई और 29 गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। रक्षा मंत्री ने इन उपलब्धियों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आईसीजी के साहस और समर्पण की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमाओं पर सतर्क रहकर आईसीजी न केवल अवैध घुसपैठ को रोकता है, बल्कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में भी मदद करता है। नवीनतम तकनीकी प्रगति के कारण अपरंपरागत खतरों के उभरने पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समुद्री बलों, विशेष रूप से आईसीजी से पारंपरिक खतरों के अलावा साइबर हमलों, डेटा उल्लंघन, सिग्नल जामिंग, रडार व्यवधान और जीपीएस स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदक सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं हैं, बल्कि ये तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए बहादुरी, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने तटीय सुरक्षा, संगठनात्मक दक्षता, मादक पदार्थों की जब्ती, बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास सुनिश्चित करने में जवानों के प्रयासों की सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और सेनाएं सशक्त हों। उन्होंने आईसीजी की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय तटरक्षक बल को 9,676.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 26.50 प्रतिशत अधिक है। यह आईसीजी के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, आईसीजी को मजबूत बनाने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल, छह एयर कुशन वाहन, 22 इंटरसेप्टर बोट्स, छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल और 18 नेक्स्ट जेनरेशन फास्ट पेट्रोल वेसल की खरीद को मंजूरी दी गई है।” रक्षा मंत्री ने डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना की आधारशिला रखने की सराहना करते हुए आईसीजी की तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास आईसीजी को पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर मजबूत करेंगे। उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण किया, जो इस अवसर की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।

मुंबई में मंत्रालय भवन से कूदा युवक, जाली पर गिरा, सुरक्षाकर्मियों ने किया रेस्क्यू

मुंबई मुंबई में एक व्यक्ति द्वारा मंत्रालय भवन से नीचे छलांग लगाने का मामला सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि वह नीचे कूदकर मंत्रालय की सुरक्षा जाली पर जाकर गिरा और उसकी जान बच गई। घटना के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने युवक को तुरंत कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, युवक ने मंत्रालय भवन की ऊपरी मंजिल से कूदने का प्रयास किया, लेकिन वह सुरक्षा जाली पर गिरकर बच गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया और उसके पीछे क्या कारण था। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है और युवक से पूछताछ की जा रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सुरक्षा जाली पर गिरा हुआ है और सुरक्षाकर्मी उसे रेस्क्यू करने में जुटे हुए हैं।

व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुग्ध क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई सहित हर क्षेत्र में सहकारिता का अलग ही महत्व है। सहकारिता के बिना कुछ भी संभव नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दूसरे दिन थीमेटिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि जिस क्षेत्र में भी इन्वेस्टर काम करना चाहते हैं, म.प्र. सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 19 एमओयू होना क्रांतिकारी पहल है। यह सहकारिता और अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने के लिये उपयोगी साबित होंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट-पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की घोषणा कर सहकारिता क्षेत्र में सीपीपीपी के तहत कुल राशि 2305 करोड़ रूपये की राशि में 19 एमओयू किये गये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल देश की सहकारिता को बदलने का काम करेगा। बिना सहकार के रोजमर्रा की जिंदगी नहीं जी सकते। सहकारिता क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का नेटवर्क बहुत बड़ा है। हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने के लिए सहकारिता बड़ा माध्यम है।   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को पूरा करने के लिये सहकारिता को मूल बनाया तो उस ध्येय तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकार से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निवेश विंग डे-टू-डे काम करेगी। वो स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने जुड रहे निवेशकों का धन्यवाद दिया और नये इन्वेस्टर से जुडने का आग्रह किया कि सभी देश और प्रदेश की इकॉनॉमी ग्रोथ में अपना योगदान दें। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ ने कहा कि सहकारिता हमारा संस्कार है। पुराने समय से ही सहकारिता का अपना अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक लाख पैक्स देशभर में है और 30 करोड़ की आबादी सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। इस अमृतकाल में यही वह क्षेत्र है जो बहुत ज्यादा आगे बढ़ सकता है। सहकारिता में पैक्स को कम्प्यूटराईजेशन का काम चल रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं विश्वास करें अगले दो वर्ष में यह समृद्धि के नये कीर्तिमान रचेगी। म.प्र. का नया सीपीपीपी मॉडल को भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग कर आगे बढ़ाया जायेगा। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि जीआईएस में पहली बार सहकारिता क्षेत्र को जोड़ा गया है। हर क्षेत्र में सहकारिता की समितियां है। उन्होंने बातया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ 9 लाख सदस्य है और 16 हजार आउटलेट का नेटवर्क है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि म.प्र. में पैक्स हर जरूरत पूरी करेगी। यह किसानों के लिये भी लाभदायक होगा। कार्यक्रम में बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री राधेश्याम चांडक, रिलायंस के श्री कुमार अभिषेक, प्रतिभा सिन्टेक्स के श्री श्रेयसकर चौधरी, एग्रीविस्टा के श्री राजीव सिंह, वैधनाथ के श्री अनिरूद्ध गौर, भारतीय बीज के श्री जे.पी. सिंह, मेजेस्टिक बासमती के श्री विज्ञान लोधा, आरएम ग्रुप के श्री अनिमेष जैन, मशरूम वर्ल्ड के श्री समीर सागर, वी विन के श्री अभिषेक गुप्ता, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति के श्री प्रदीप द्विवेदी, सावीर बॉयोटेक के श्री संदीप सुदन आदि ने अपने विचार साझा किये।

उद्योगों के विकास से ही बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल दो दिवसीय ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का अभिवादन करते हुए संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय समिट सकारात्मक भावना और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई है। संभागवार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर हमने प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है। जिससे व्यापक संवाद हुआ है, और इसके उत्साहजनक परिणाम एमएसएमई क्षेत्र में देखने को मिले है। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित किए बिना आर्थिक आधार मजबूत नहीं हो सकता। उद्योगों के विकास से ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और प्रदेश समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बहुत विस्तृत है और इससे नई संभावनाओं के द्वार खुले है। उन्होंने प्रदेश के मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लागू की गई नई एमएसएमई नीति में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाहित किया गया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि समिट के अंत में जब आंकड़े आएंगे तब तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एमएसएमई सेक्टर को अभूतपूर्व उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कमिटमेंट कर रही है और जिस पारदर्शिता के साथ नीतियों को लागू कर रही है, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी सरकार और उद्यमी मिलकर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।     सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योग जगत के सभी साथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्यमियों के प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक की हर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई 18 नीतियां लागू की हैं। भूमि आवंटन प्रक्रिया को भी सरल किया गया है ताकि उद्यमियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से और निश्चित समय में मिले। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि सरकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के दो मुख्य लक्ष्यों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि नई नीतियों की आवश्यकता हुई तो सरकार उद्यमियों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर उसे भी लागू करेगी। उन्होंने समिट से प्रदेश के सुनहरे भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि नवाचारों और निवेश से लाखों रोजगार सृजित होंगे, इससे देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। सत्र के आरंभ अवसर पर एमएसएमई सचिव श्रीमती प्रियंका दास द्वारा एमएसएमई और स्टार्ट-अप इको सिस्टम के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार की अपर विकास आयुक्त सुश्री अश्विनी लाल ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से ग्रामीण, शहरी और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए तैयार किया जा रहा है। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने की मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना एसएवी, दुबई की फाउंडर सुश्री पूर्वी मुनोट ने कहा कि एमपी सरकार ने उद्योगों और युवाओं के लिए सकारात्मक परिवेश तैयार किया है। राज्य एआई, ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन के माध्यम से ग्लोबल हब बन रहा है।     इन एंड ब्रेडस्ट्रीट, मुंबई के एमडी व सीईओ श्री अविनाश गुप्ता ने कहा कि नवाचारों से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। एशियाई विकास बैंक की डिप्टी कंट्री डायरेक्टर सुश्री आरती मेहरा ने कृषि, ऑर्गेनिक फार्मिंग और उद्यमियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की प्रशंसा की।     नेशनल एमएसएमई बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील ने एमपी सरकार की 18 नई नीतियों को सराहा और कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होंगी।     सत्र के अंत में स्टार्ट-अप और इको सिस्टम पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आसान नीतियों को दर्शाया गया। सत्र में अन्य उद्योगपति एवं विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर, अद्भुत संयोग का साक्षी बनने उमड़े करोड़ों लोग

प्रयागराज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर पहुंच चुका है। 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का साक्षी बनने के लिए करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े हैं। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में रोज सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाकर शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। यही नहीं, 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे आस्था के इस महाज्वार को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ में अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के सहभागी बन चुके हैं। इसे देखते हुए महाशिवरात्रि पर यह आंकड़ा 66 करोड़ के पार हो जाने की संभावना है। सनातन धर्मावलंबी जितनी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, उतने पूरी दुनिया में आज तक कहीं दूसरी जगह एक साथ एकत्र नहीं देखे गए। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सात बार दो करोड़ के पार जा चुका है। पिछले 10 दिनों से हर दिन सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सात बार दो करोड़ के पार जा चुकी है। महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे। यही नहीं, विभिन्न देशों से प्रयागराज आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की भी इनमें अच्छी खासी तादाद रही है। बात सिर्फ प्रमुख स्नान की हो तो करीब 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दौरान संगम तट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। हर अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में जनसैलाब उमड़ा। प्रत्येक अमृत स्नान के मौके पर ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया। यही नहीं, महाकुंभ में ऐसा 12 बार हो चुका है जब गंगा स्नान करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों की यहां संगम की रेत पर सहभागिता रही। महाकुंभ के इस दिव्य और भव्य आयोजन में महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले टॉप के अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है, जिससे श्रद्धालु निर्बाध रूप से पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।

केजरीवाल और सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का हो सकता है आगाज, PAC के पास जाएगी CAG की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लागू की गई नई शराब नीति पर नियंत्रक एवं मसहालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को काफी समय तक लंबित रहने के बाद मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट में कई तरह की गड़बडियों और इससे सरकारी खजाने को 2000.68 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए प सरब्लिक अकाउंट्स कमिटी (पीएसी) के पास भेजने की बात कही है। माना जा रहा है कि इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का आगाज हो सकता है, जो पहले भी इस मामले में जेल जा चुके हैं। दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इस रिपोर्ट पर अभी विधानसभा में और भी चर्चा होनी है। इसके बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए पीएएसी के पास भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता जल्द ही इस पर 12 सदस्यीय पीएसी का गठन कर सकते हैं, जिसमें भाजपा और ‘आप’ के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। पीएसी की जांच के बाद रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जाएगी और इसके बाद वह इस पर आगे ऐक्शन का आदेश दे सकते हैं। तलब किए जा सकते हैं केजरीवाल और सिसोदिया जानकारों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट पीएसी के पास जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें एक बार फिर इस मामले में सवाल-जवाब का सामना करना पड़ सकता है। पीएसी की ओर से उन्हें तलब किया जा सकता है। पीएसी के पास इस मामले से जुड़े लोगों को तलब करने का अधिकार है। पीएसी की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा तब के जीओएम (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) को भी बुलाया जा सकता है। पीएससी की ओर से संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे स्पीकर को भेजा जाएगा। कमिटी इसमें सिफारिश करेगी कि आगे क्या कार्यवाही की जाए।

महाकुंभ आस्था व विश्वास का संगम है, CM सुक्खू ने परिवार संग लगाई आस्था की डुबकी

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर सपरिवार डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि महाकुंभ आस्था व विश्वास का संगम है और हमारी संस्कृति का परिचायक है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा आज परिवार सहित पवित्र स्नान करने का अवसर मिला है, यह बहुत अच्छा अहसास है। मुख्यमंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति और हिंदुत्व पहले से ही विश्व विख्यात है। यदि इतिहास के पन्नों को पलट कर देखेंगे तो पता लग जाएगा कि हमारी संस्कृति और संस्कार पहले से ही विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के लिए आईजीआई एयरपोर्ट नई दिल्ली से मंगलवार सुबह 10.20 पर उड़ान भरी और वहां पवित्र स्नान किया। मुख्यमंत्री प्रयागराज से देर शाम चंडीगढ़ पहुंचे। सीएम के साथ ही उनके राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू और प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान भी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट सीएम ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि त्रिवेणी सदियों से केवल एक जलधारा नहीं है। यह हमारी आस्था, परंपरा और समरसता का जीवंत प्रतीक है। यहां लहरें पूर्वजों की श्रद्धा, संकल्पों और सनातन मूल्यों की साक्षी हैं। पीढ़ियां बदलीं, समय आगे बढ़ा पर इस पावन संगम ने हर युग में मानवता को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। प्रयाग महत्ता अडिग है, अनंत है। अंत में उन्होंने लिखा है कि जय तीर्थराज प्रयाग। जय मां गंगे। बुधवार को लौटेंगे शिमला मुख्यमंत्री को पहले मंगलवार को शिमला आने का कार्यक्रम था लेकिन उसमें अब फेरबदल हुआ है। इसके तहत मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ से होते हुए वापस शिमला पहुंचेगें। गौर हो कि बीते एक सप्ताह से मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर है। पहले वे निजी दौरे पर मालदीव गए थे और वहां से लौटने के बाद प्रयागराज गए।

बारिश के चलते नहीं होसका ऑस्ट्रेलिया वर्सेस साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला, बांटने पड़े अंक

इस्लामाबाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 7वां मुकाबला बिना गेंद फेंके ही रद्द हो गया है। मंगलवार को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले मुकाबले के लिए टॉस भी नहीं हो सका। दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा है। हालात और खराब होते देख मैच अधिकारियों ने निर्धारित समय से तीन घंटे से कुछ अधिक समय बाद खेल रद्द कर दिया। दोनों टीमों ने ग्रुप बी में अपना पहला मैच जीता था। मैच रद्द होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया को एक-एक अंक मिले जिसका मतलब है कि बुधवार को इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला लगभग नॉकआउट हो गया है जिसमें हारने वाली टीम आईसीसी टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन जाएगी।ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड की टीम को धूल चटाई थी, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ आगाज किया। बारिश के कारण रद्द हुआ मैच ऑस्ट्रेलिया वर्सेस साउथ अफ्रीका मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया है। मैच में टॉस भी नहीं हो सका। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। बारिश ने मूड किया खराब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मुकाबले के शुरू होने के आसार काफी कम लग रहे हैं। रावलपिंडी में लगातार बारिश हो रही है। ओवर्स कम होना हुए शुरू दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार को होने वाला मैच शुरू नहीं हो सका है। लगातार दो घंटे से बारिश हो रही है और इस वजह से ओवर कम होना शुरू हो गए हैं।

12वीं बोर्ड परीक्षा का हुआ आगाज, 39 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बुरहानपुर जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा का आगाज हो गया है। परीक्षा 39 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिनमें से 3 केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। परीक्षा में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए 7 उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं। इस वर्ष कुल 4,983 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 4,392 नियमित और 591 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और परीक्षार्थियों को स्वच्छ परीक्षा माहौल मिले।

इंदौर में लगा गंजों का मेला… बाल उगाने की गारंटी देने वाले से तेल लगवाने जुटे हजारों

इंदौर बाल झड़ने की समस्या और गंजेपन से जूझ रहे हजारों लोग इंदौर में एक साथ इकट्ठे हुए तो हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि बिना बाल वालों की भीड़ ‘जादुई तेल’ के लिए लगी हुई. यह तेल दिल्ली से लगाने के लिए सलमान भाई आए हैं. दावा किया गया कि तेल से बाल उग आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सलमान भाई मौके से भाग निकले. इंदौर के डाकाचाइया इलाके में जादुई तेल लगवाने आए जवान, अधेड़ और बूढ़े लोगों को इतनी बड़ी संख्या में देख हर कोई अचंभित रह गया. दिल्ली से सलमान भाई के आने की खबर सुनकर सुबह 6 बजे से ही तेल लगवाने के लिए हजारों बिना बाल वाले लोग लाइन लगाकर खड़े हुए थे.  मौके पर इतनी भीड़ हो गई थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात करना पड़ा. दरअसल, खुद को दिल्ली निवासी बताने वाला सलमान भाई नाम का शख्स एक खास तेल और दवा लगाकर गंजेपन को दूर करने का दावा करता है. बालों की कमी से परेशान लोग सुबह से लेकर रात तक इस तेल को लगवाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गंजे लोगों को देखकर स्थानीय लोग हंसी नहीं रोक पाए, क्योंकि यह दृश्य कुछ खास था. इंदौर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े रहे. हालांकि, यह पूरी घटना इंदौर में एक मजेदार दृश्य पैदा कर गई, जहां लोग अपनी परेशानी से जादुई तरीके से निजात पाने के लिए इंतजार कर रहे थे. इस मेला ने इलाके में अनोखा माहौल बना दिया. हंसी-मजाक के बीच लोग अपने बाल वापस पाने की उम्मीद में दिन-भर अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सलमान मौके से निकला. लेकिन कुछ लोगों ने सलमान के सहयोगी रईस अहमद को पकड़ लिया. दावा किया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में भी इसी सलमान ने 20 रुपये की दवा और 300 रुपये का तेल देकर तमाम लोगों से बाल उगाने का वादा किया. अब इंदौर के लोगों से भी वादा करके गया है कि वह दोबारा आएगा और तेल लगाकर जाएगा. ‘आजतक’ इस तरह के किसी भ्रामक उत्पाद का समर्थन नहीं करता है. पाठकों को सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल न करें.  

ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया

ग्वालियर  ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु कुंभ स्नान कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं और बहुत से श्रद्धालु ऐसे है, जो किसी कारणवश इस महाकुंभ में श्रद्धा की डुबकी लगाने से वंचित हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खासतौर पर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए अनूठी पहल की है। ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया है। उन्होंने पवित्र जल को टैंकर के जरिए मंगाया गया है। गंगा की पवित्र त्रिवेणी का पवित्र जल घर-घर पहुंचाया जाएगा। त्रिवेणी का पवित्र जल प्रयागराज से विधिवत पूजा अर्चना के बाद ग्वालियर के लिए रवाना किया गया है। तोमर ने बताया कि वह खुद और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस पवित्र गंगाजल को ढाई सौ मिलीलीटर मात्रा में लोगों को उनके घरों तक पहुंचाएंगे। ट्रेनों में महाकुंभ के अंतिम स्नान की भीड़, यात्रियों से खचाखच भरे कोच     इस बीच, ग्वालियर से ही खबर है कि महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए अब ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सोमवार को भी स्टेशन पर कुंभ जाने वाले यात्रियों का जमावड़ा नजर आया।     रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर इन यात्रियों को रवाना किया। ट्रेन के हर कोच यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरे हुए थे। इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने होल्डिंग एरिया बनाकर लाइन में यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया।     इसके अलावा कई यात्री ग्वालियर से झांसी के लिए रवाना हुए, क्योंकि झांसी से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए जा रही हैं। महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान में केवल दो दिन शेष हैं। महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही कुंभ का समापन हो जाएगा।     ट्रेनों के स्लीपर से लेकर एसी कोच तक फुल नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। ग्वालियर से झांसी जाने वाली कई ट्रेनों में तो यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली। स्लीपर और जनरल कोच में यात्री खचाखच भरे हुए थे।     भीड़ के चलते लोगों को टॉयलेट में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि ग्वालियर से रेलवे ने सिर्फ दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। झेलम एक्सप्रेस रही रद, आज पुणे से नहीं आएगी महाकुंभ की विशेष ट्रेनों के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन खासा प्रभावित हो रहा है। सोमवार को जम्मू से पुणे जाने वाली झेलम एक्सप्रेस को रेलवे ने रद कर दिया। वहीं मंगलवार को पुणे से जम्मूतवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस भी रद रहेगी। उधर बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी घंटों की देरी से चल रही है। जिस ट्रेन को रात में ग्वालियर से प्रयागराज होते हुए बनारस के लिए रवाना होना है, वह ट्रेन अगले दिन सुबह जा पा रही है।

यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए, इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया

फ्रांस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उनकी कई मसलों पर बात हुई तो कुछ मामलों में साफ तौर पर असहमति भी दिखी। खासतौर पर यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता दी थी और अब वे उसके बदले में पैसा वापस ले रहे हैं। इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको करेक्ट करता हूं। यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था और अब वह उसे ही वापस ले रहा है।’ मैक्रों के बीच में टोकने और करेक्ट करने के दौरान डोनाल्ड ट्रंप चुप रहे और हामी भरते हे। उनके चेहरे के हावभाव देखने लायक थे और इसी के चलते वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैक्रों ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप की बांह पकड़ ली। उन्होंने कहा, ‘स्पष्ट रूप से कहें तो हमने कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा लगाया। यह लोन, गारंटी के तौर पर था। यूरोप में हमारे पास 230 अरब डॉलर की रूस की एसेट्स हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया है। लेकिन यह लोन के एवज में नहीं है। यह रूसी संपत्ति है और हमसे उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इसलिए फ्रीज है।’ मैक्रों ने कहा कि यह रूस की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन को मिली मदद की रकम वापस करे। हमारी जब अंत में रूस से बात होगी तो हम कहेंगे कि वह लोन की रकम वापस करें। रूस को यह रकम लौटानी ही होगी। ट्रंप ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि यदि आप ऐसा कहते हैं तो सही है। लेकिन मेरी चिंता यह है कि उन देशों को उनका पैसा तो वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी नहीं मिल रही। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिलहाल यूक्रेन के साथ कुछ मिनरल्स को लेकर रेवेन्यू शेयरिंग अग्रीमेंट कर रहा है। इसके तहत यूक्रेन की कोशिश है कि बाइडेन प्रशासन के दौर में यूक्रेन को दी गई मदद का कुछ हिस्सा रिकवर किया जा सके। यह रकम अमेरिकी प्रशासन ने रूस के खिलाफ जंग में हथियार खरीदने के लिए दी थी। ट्रंप का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन के साथ मिनरल्स को लेकर एक समझौता हो सकेगा। इसके तहत 180 अरब डॉलर की मदद जो अमेरिका ने की थी, उसका कुछ हिस्सा रिकवर हो सकेगा। ऐसा लगता है कि हम उस डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के साथ हम अग्रीमेंट के करीब हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर पाक क्रिकेट टीम माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है

नई दिल्ली पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के खेल में गिरावट काफी समय में चली आ रही है। पिछले तीन आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम नॉकआउट स्टेज से बाहर हो गई है। ताजा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2024 का है, जिसकी मेजबानी खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास थी। पाकिस्तान की टीम इस आईसीसी टूर्नामेंट के शुरू होने के 128 घंटे बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में किसी ना किसी पर इस हार का ठीकरा फूटना ही था। यही कारण है कि अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की इस माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है। पीसीबी के शीर्ष अधिकारी अंतरिम मुख्य कोच आकिब जावेद और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए तैयार हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप ए में पाकिस्तान के साथ इंडिया, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम थी। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत से हार मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को हरा दिया तो फिर पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के टॉप 4 में पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो गए। पाकिस्तान को भारत से मिली हार के बाद टीम के पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम की जमकर आलोचना की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी के बाद आकिब जावेद को अंतरिम मुख्य कोच के पद से मुक्त कर दिया जाएगा। पीटीआई से बातचीत में सूत्र ने कहा, “जाहिर है, चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के प्रदर्शन को लेकर आलोचना हो रही है। बोर्ड ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि टीम के पास अलग-अलग मुख्य कोच (लाल और सफेद गेंद वाली टीमों के लिए) होंगे या नहीं, लेकिन एक बात तय है: चैंपियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद अब मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया जाएगा, लेकिन जिस तरह से बोर्ड पिछले साल से कोच और चयनकर्ता बदल रहा है, इन पदों के लिए अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना एक चुनौती होगी।” कोच के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश में पीसीबी पीसीबी अब मुख्य कोच की नौकरी के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने गैरी कर्स्टन के इस्तीफे के बाद आकिब जावेद को व्हाइट-बॉल टीम के लिए अंतरिम मुख्य कोच नियुक्त किया था। यहां तक कि जेसन गिलेस्पी के रेड-बॉल कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद आकिब को ही टेस्ट टीम की कमान दी गई थी। हालांकि, आकिब की कोचिंग में टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। सूत्र ने कहा, “कर्स्टन और गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद पीसीबी को विदेशी कोचों के लिए कोई विकल्प नहीं मिलेगा, इसलिए संभवत: पीसीबी इस पद के लिए पूर्व खिलाड़ियों पर विचार करेगा।”

मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे: फडणवीस

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि वह मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों (पीएस) और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे। कृषि मंत्री और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे के बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि चाहे कोई नाराज हो, लेकिन जिन अफसरों पर भ्रष्टाचार या गलत कामों के आरोप हैं, उन्हें वह अपनी मंजूरी नहीं देंगे। फडणवीस का साफ संदेश गौरतलब है कि माणिकराव कोकाटे ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब मंत्रियों के पीए और ओएसडी की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री तय कर रहे हैं, जिससे उनके पास खुद के फैसले लेने की गुंजाइश नहीं बची है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, “राज्य में मंत्रियों के पीए और विशेष कार्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है। कोकाटे साहब को शायद यह जानकारी नहीं है कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। मैंने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया था कि मंत्री अपने सुझाव भेज सकते हैं, लेकिन अगर उन पर गलत कामों का ठप्पा लगा है, तो मैं मंजूरी नहीं दूंगा।” सीएम फडणवीस ने बताया कि मंत्रियों की ओर से कुल 125 नाम भेजे गए थे, जिनमें से 109 को हरी झंडी दी गई, लेकिन जिन पर संदेह था, उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने साफ कहा, “मैंने बाकी नामों को क्लीयर नहीं किया क्योंकि उन पर आरोप हैं और कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। चाहे कोई नाराज हो या खुश, मैं ऐसे नामों को पास नहीं करूंगा।” साहित्य सम्मेलन पर भी बोले फडणवीस इस बीच, महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष और शिंदे गुट की शिवसेना नेता नीलम गोऱ्हे द्वारा उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणी और फिर संजय राऊत के पलटवार से राजनीति गरमा गई। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐसे राजनीतिक बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “साहित्य सम्मेलन में भी नफरत झलक रही है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उद्धव ठाकरे तक पर कटाक्ष किए गए। लेकिन क्या ऐसे मंच का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना सही है?” फडणवीस ने यह भी कहा कि साहित्य मंचों पर सभी को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर राजनीतिक नेता साहित्य सम्मेलनों में जाते हैं, तो उन्हें अपनी राजनीतिक बयानबाजी पर भी रोक लगानी चाहिए। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राहत की घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की किसान संमान निधि योजना के तहत अब राज्य सरकार अपनी तरफ से 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये देगी। इससे किसानों को कुल 15,000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सकेगी।

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